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राज पंचक के इन 5 दिनों में भूलकर भी न करें ये गलतियां वरना होगा नुकसान

अप्रैल 2026 का महीना ज्योतिष की नजर से बेहद खास और थोड़ा सतर्क रहने वाला माना जा रहा है. इस दौरान एक ऐसा संयोग बन रहा है, जब वरुथिनी एकादशी और राज पंचक एक साथ पड़ रहे हैं. मान्यता है कि ऐसे समय में ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव तेज हो जाता है, जिससे जीवन के कई क्षेत्रों पर असर देखने को मिल सकता है. इसलिए इन दिनों में कुछ काम सोच-समझकर करने की सलाह दी जाती है. कब शुरू हो रहा है राज पंचक? पंचांग के अनुसार, राज पंचक की शुरुआत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को सुबह 3:44 बजे से होगी. इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा.यह पंचक 17 अप्रैल दोपहर 12:02 बजे तक रहेगा.यानी करीब 5 दिनों तक यह समय प्रभावी रहेगा. क्यों माना जाता है यह समय खास? ज्योतिष के अनुसार, पंचक के दौरान चंद्रमा लगातार 5 नक्षत्रों धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती से गुजरता है.हर नक्षत्र का अलग प्रभाव होता है, इसलिए इस दौरान जीवन में उतार-चढ़ाव महसूस हो सकते हैं.     धनिष्ठा नक्षत्र: इस समय आग से जुड़ी चीजों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.     शतभिषा नक्षत्र: रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, इसलिए संयम जरूरी है.     पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र: सेहत को लेकर सतर्क रहना बेहतर होता है.     उत्तराभाद्रपद नक्षत्र: पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसले लें.     रेवती नक्षत्र: खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट संभालकर चलें. क्या करें और क्या नहीं? इन 5 दिनों में बड़े और नए काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है.खासकर घर निर्माण, बड़ी खरीदारी या निवेश जैसे फैसले टालना बेहतर माना जाता है.वहीं, पूजा-पाठ, ध्यान और दान जैसे काम करना शुभ माना जाता है. वरुथिनी एकादशी का महत्व इसी दौरान वरुथिनी एकादशी भी पड़ रही है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है.इस दिन व्रत और पूजा करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मकता कम होती है.

डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल और विशेष कार्गो रूट से उद्योगों को सीधा लाभ, सप्लाई चेन होगी मजबूत

कार्गो हब बनाएगा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को ग्लोबल ट्रेड गेटवे, लॉजिस्टिक्स सेक्टर को मिलेगी नई रफ्तार डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल और विशेष कार्गो रूट से उद्योगों को सीधा लाभ, सप्लाई चेन होगी मजबूत 20 लाख से 80 लाख मीट्रिक टन तक कार्गो क्षमता विस्तार का लक्ष्य मल्टी मोडल कार्गो हब से निर्यात-आयात को मिलेगा बड़ा बूस्ट इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए गेमचेंजर बनेगा एयरपोर्ट जेवर  उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब केवल यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह देश के सबसे बड़े कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में भी उभरने जा रहा है। एयरपोर्ट के पास निर्मित डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल, मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी और विशेष कार्गो रूट इस क्षेत्र को ग्लोबल ट्रेड गेटवे बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल यह परियोजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की क्षमता रखती है। डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल से बढ़ेगी क्षमता एयरपोर्ट परिसर में एक अत्याधुनिक डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल विकसित किया गया है, जिसकी प्रारंभिक क्षमता लगभग 20 लाख मीट्रिक टन निर्धारित की गई है। भविष्य में इसे बढ़ाकर 80 लाख मीट्रिक टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अतिरिक्त, शुरुआती चरण में लगभग 2.5 लाख टन प्रति वर्ष कार्गो संचालन की क्षमता विकसित की गई है, जिसे आगे बढ़ाकर करीब 15 लाख टन प्रति वर्ष तक विस्तारित किया जाएगा। लगभग 80 हजार वर्गमीटर में फैले इस कार्गो क्षेत्र को आधुनिक तकनीक और विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया जा रहा है, ताकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की लॉजिस्टिक्स सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। मल्टी मॉडल कार्गो हब का हो रहा विकास नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को एक मल्टी मॉडल कार्गो हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां वायु मार्ग, सड़क और संभावित रेल कनेक्टिविटी के माध्यम से माल परिवहन को आसान बनाया जाएगा। डेडिकेटेड कार्गो रूट का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिससे औद्योगिक इकाइयों से सीधे एयरपोर्ट तक माल की तेज और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी। उद्योगों को मिलेगा सीधा लाभ यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स, मैन्युफैक्चरिंग, ई-कॉमर्स, वेयरहाउसिंग और फार्मा सेक्टर को इस कार्गो हब से सीधा लाभ मिलेगा। यमुना एक्सप्रेसवे के आसपास स्थापित उद्योगों के उत्पाद अब तेजी से अंतर्राष्ट्रीय बाजार तक पहुंच सकेंगे, जिससे निर्यात को नई गति मिलेगी और उत्पादन लागत में भी कमी आएगी। सप्लाई चेन होगी मजबूत, समय और लागत में कमी डेडिकेटेड कार्गो टर्मिनल और विशेष रूट के कारण लॉजिस्टिक्स प्रक्रिया अधिक सुगम और समयबद्ध हो जाएगी। इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और उद्योगों को समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इस तरह की सुविधाओं से उत्तर प्रदेश “जस्ट-इन-टाइम” सप्लाई मॉडल की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा, जिससे वैश्विक कंपनियों का भरोसा भी बढ़ेगा। ग्लोबल ट्रेड गेटवे के रूप में उभरता उत्तर प्रदेश नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का यह कार्गो हब उत्तर प्रदेश को ‘लैंडलॉक्ड’ स्थिति से बाहर निकालते हुए सीधे वैश्विक व्यापार नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे न केवल निर्यात-आयात को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि राज्य को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स और ट्रेड हब के रूप में स्थापित करने में भी मदद मिलेगी।

चोट के बाद आईपीएल 2026 में चेन्नई के कप्तान की जोरदार वापसी

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 का तीसरा मुकाबला चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच खेला जाएगा। CSK रुतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में मैदान पर उतरेगी। IPL 2025 में ये खिलाड़ी सिर्फ 5 मुकाबले ही खेल पाया था। वह चोटिल होने के कारणे टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। ऐसे में गायकवाड़ इस संस्करण पहले मैच से ही जोरदार प्रदर्शन करना चाहेंगे। आइए RR के खिलाफ उनके आंकड़े जान लेते हैं। RR के खिलाफ ऐसे रहे हैं रुतुराज के आंकड़े रुतुराज RR के खिलाफ 8 पारियों में 2 बार नाबाद रहते हुए 273 रन बनाए हैं। इस दौरान उनकी औसत 45.5 और स्ट्राइक रेट 133.82 की रही है। उनके बल्ले से 1 शतक और 1 अर्धशतक निकला है। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 101* रन रहा है। रुतुराज ने अपने IPL करियर का पहला शतक इसी टीम के खिलाफ लगाया था। उनके अलावा सिर्फ शेन वॉटसन और मुरली विजय CSK की ओर से RR के खिलाफ शतक जड़ पाए हैं। कमाल की औसत से रन बनाते हैं रुतुराज CSK के लिए डेब्यू के बाद रुतुराज ने 71 मुकाबले खेले हैं। उन्होंने पहला मैच 2020 में खेला था। उनके बल्ले से 40.35 की औसत से 2,502 रन निकले हैं। IPL में 2,000 से ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में इस खिलाड़ी से बेहतर औसत सिर्फ केएल राहुल (46.21) और डेविड वार्नर (40.52) का है। रुतुराज ने 137.47 की स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की है। वह 22 बार 50+ का स्कोर बना चुके हैं। उन्होंने 2 शतक भी लगाया है। RR के खिलाफ हाल की पारियों में ऐसा रहा रुतुराज का प्रदर्शन रुतुराज ने RR के खिलाफ 8 पारियों में 4 बार 40 रन का आंकड़ा पार किया है, लेकिन बाकी पारियों में वह 11 रन से पहले ही आउट हो गए। RR के खिलाफ उनकी हालिया पारियां 47* 42 और 63 की रही है।  

हेयर फॉल रोकने और लंबे घने बालों के लिए आजमाएं ऑइलिंग का यह पुराना नुस्खा

अगर बाल जड़ से मजबूत न हों, तो हेयर फॉल प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है। बालों को जड़ों से मजबूत बनाने के लिए आपको एक हफ्ते में सिर्फ दो बार इस टिप को फॉलो करना है। महज कुछ ही हफ्तों के अंदर आपको खुद-ब-खुद पॉजिटिव असर महसूस होने लगेगा। पुराने जमाने से इस टिप को हेयर हेल्थ के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद माना जाता रहा है। दरअसल, आपको बता दें कि हम जिस टिप की बात कर रहे हैं, वो तेल लगाना यानी ऑइलिंग है। बालों के लिए फायदेमंद आदत  क्या आप अपने बालों को लंबा, घना और मजबूत बनाना चाहते हैं? अगर हां, तो तेल लगाने की आदत को फॉलो करना शुरू कर दीजिए। एक हफ्ते में 2 बार तेल जरूर लगाएं। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए रात में तेल लगाइए और रात भर तेल को लगे रहने दीजिए। और फिर अगली सुबह हेयर वॉश कर लीजिए। गौर करने वाली बात  अगर आपके पास कम समय है, तो एक घंटे के लिए ही सही, हेयर वॉश से पहले अपनी स्कैल्प पर और अपने बालों पर तेल जरूर लगाएं। अब सवाल ये उठता है कि आपको कौन सा तेल लगाना चाहिए। आप नारियल का तेल, बादाम का तेल, अरंडी का तेल यानी कैस्टर ऑइल या फिर भृंगराज तेल में से किसी भी एक तेल का इस्तेमाल कर सकते हैं। तेल को लगाने से पहले हल्का गुनगुना कर लीजिए और तेल लगाते समय मसाज जरूर कीजिए। मिलेंगे फायदे ही फायदे  आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तेल लगाने की आदत आपकी हेयर हेल्थ को काफी हद तक सुधार सकती है। बालों की जड़ों को मजबूत बनाने के लिए इस आदत को फॉलो किया जा सकता है। बालों में मौजूद पोषण की कमी, रूखापन, डैंड्रफ जैसी समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए तेल लगाने की सलाह दी जाती है। सिल्की और शाइनी बालों के लिए भी शैंपू से पहले तेल अप्लाई किया जा सकता है। डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें

बजरंग बली की कृपा पाने के लिए हनुमान जयंती पर जरूर करें इन 7 मंत्रों का पाठ

 हनुमान जन्मोत्सव हर वर्ष चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में हनुमान जन्मोत्सव 2 अप्रैल के दिन है। इस दिन राम जी के परम भक्त बजरंग बली की पूजा के साथ ही कुछ मंत्रों का जप भी आपको अवश्य करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से आपको हनुमान जी की कृपा तो प्राप्त होती ही है साथ ही बल-बुद्धि और ज्ञान भी आपको प्राप्त होता है। इसके साथ ही पारिवारिक और सामजिक जीवन में भी आप सुखद फल प्राप्त करते हैं। आइए जान लेते हैं इन मंत्रों के बारे में। हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जप 1. 'ॐ नमो भगवते हनुमते नम:' हनुमान जी के इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शांति और पारिवारिक जीवन में सुख की प्राप्ति होती है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन कम-से-कम 108 बार इस मंत्र का जप आपको करना चाहिए। 2. 'महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये' इस मंत्र को मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना जाता है। इसका जप आपको एकांत स्थान पर बैठकर करना चाहिए और मंत्र जप करने के बाद हनुमान जी से अपनी मनोकामना कहनी चाहिए। 3. 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः, हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' ये हनुमान जी का मूल मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से आपको बल की प्राप्ति होती है। मानसिक विकास और शारीरिक बल प्राप्त करने के लिए आपको हनुमान जयंती के दिन इस मंत्र का जप करना चाहिए। 4. 'ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा' अगर आप शारीरिक, मानसिक या किसी भी तरह के कष्ट का सामना कर रहे हैं तो आपको हनुमान जन्मोत्सव के दिन इस मंत्र का जप करना चाहिए। यह हनुमान जी का कष्ट निवारण मंत्र है जिसका जप करने से आपको आपके जीवन की दुख-विपादाएं टल जाती हैं। 5. 'ऊँ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा' अगर आप आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, पैसा आपके हाथ में नहीं रुकता तो हनुमान जयंती के दिन इस मंत्र का जप आपको करना चाहिए। धन प्राप्ति के लिए इस मंत्र को बेहद शुभ माना जाता है। 6. 'ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्' बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के लिए इस मंत्र का जप करना बेहद लाभदायक माना जाता है। कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप आपको करना चाहिए। विद्यार्थियों को इस मंत्र का जप करने से शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियां प्राप्त होती हैं। 7. 'ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' अगर किसी भी तरह का भय आपको परेशान कर रहा है तो इस मंत्र का जप करने से आपको भय से मुक्ति मिल सकती है। हनुमान जयंती के साथ ही प्रतिदिन भी आप इस मंत्र का जप कर सकते हैं।

अंबाला की सुशीला देवी ने रिटायरमेंट के बाद खेल के मैदान में जीता गोल्ड और सिल्वर

हरियाणा हरियाणा को खेलों की जननी कहा जाता है और यहां की मिट्टी से निकले खिलाड़ी दुनिया भर में प्रदेश का नाम रोशन करते हैं. इसी परंपरा को अंबाला शहर के बलदेव नगर की रहने वाली 65 साल की सुशीला देवी आगे बढ़ा रही हैं. उन्होंने हाल ही में चंडीगढ़ में हुए ‘5वें खेलों मास्टर नेशनल गेम 2026’ में अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया है. सुशीला देवी ने इस उम्र में एक या दो नहीं, बल्कि तीन अलग-अलग मेडल जीतकर यह संदेश दिया है कि फिटनेस और खेल के लिए उम्र कभी बाधा नहीं बनती. तीन अलग-अलग खेलों में दिखाया दम सुशीला देवी ने बताया कि चंडीगढ़ में आयोजित इस नेशनल प्रतियोगिता में देशभर से 35 साल से ज्यादा उम्र के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था. 65 साल के आयु वर्ग में खेलते हुए सुशीला देवी ने जैवलिन थ्रो (भाला फेंक) और डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीता. वहीं, शॉट पुट (गोला फेंक) में उन्होंने अपनी ताकत दिखाते हुए गोल्ड मेडल झटका. सुशीला देवी बताती हैं कि खेलों के प्रति उनका यह लगाव बचपन से ही है, जो नौकरी के दौरान भी बना रहा. नौकरी के साथ भी जारी रखा खेलों का सफर सुशीला देवी पहले यमुनानगर के एक अस्पताल में सीनियर ऑफिसर के पद पर तैनात थीं. व्यस्त शेड्यूल के बावजूद वह समय निकालकर खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेती रहती थीं. उनके परिवार में दो बेटियां हैं, जिनमें से एक की शादी हो चुकी है. सुशीला देवी गर्व से बताती हैं कि जब वह मेडल जीतकर घर लौटती हैं, तो उनका नाती सबसे ज्यादा खुश होता है. उनके पति भी उन्हें हमेशा मैदान में उतरने और बेहतर करने के लिए प्रेरित करते रहते हैं. कैबिनेट मंत्री ने दी बधाई सुशीला देवी की इस उपलब्धि पर हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने भी उन्हें बधाई दी है. अपनी सफलता से उत्साहित सुशीला देवी ने अन्य महिलाओं को संदेश देते हुए कहा कि महिलाओं को अपनी फिटनेस और पहचान के लिए खेलों से जरूर जुड़ना चाहिए. वह खुद रोजाना घर के पास के मैदान में 2 से 3 घंटे कड़ी प्रैक्टिस करती हैं. इससे पहले वह अजमेर में हुई नेशनल प्रतियोगिता में भी मेडल जीत चुकी हैं. पासपोर्ट की कमी से रह गई विदेश जाने की हसरत सुशीला देवी ने बताया कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व करना चाहती थीं, लेकिन पासपोर्ट न बना होने के कारण वह विदेश में होने वाले गेम्स में हिस्सा नहीं ले पाईं. हालांकि, उनकी हिम्मत अभी भी कम नहीं हुई है. वह लगातार प्रैक्टिस कर रही हैं और उनका लक्ष्य अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा फहराना है.

बड़ा अपडेट: CM विजिट से पहले ROB पर लोड टेस्टिंग, ट्रैफिक जाम से जल्द मिलेगी राहत

बांदीकुई. अलवर-बांदीकुई मार्ग पर धोली गुमटी स्थित ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य को गति देने के प्रयास तेज हो गए हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग ने शनिवार शाम एक बार फिर लोड टेस्टिंग शुरू की, जिससे लंबे समय से लंबित इस परियोजना के जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रस्तावित दौरे को लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग अब ओवरब्रिज के कार्य को पूरा करने में जुटा हुआ है। बता दें कि बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा आरओबी को जल्द से जल्द चालू कराने के लिए लंबे समय से प्रयासरत हैं। विभाग ने टोटल स्टेशन मशीन से 25-25 टन के चार ट्रकों को ओवरब्रिज पर खड़ा कर लोड डाला है। ट्रकों को 24 घंटे तक खड़ा रखा जाएगा, इसके बाद हटाकर अगले 24 घंटे तक ब्रिज की स्थिति का आकलन किया जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आरओबी को चालू करने पर निर्णय लिया जाएगा। सुरक्षा पर फोकस, फिर क्यों हुई टेस्टिंग गौरतलब है कि जून 2025 में भी नमो टेक कंसल्टेंसी द्वारा ब्रिज की जांच की जा चुकी है। इसके बावजूद दोबारा टेस्टिंग को लेकर विभागीय अधिकारी खुलकर कुछ नहीं कह रहे, लेकिन सूत्रों के अनुसार सुरक्षा के लिहाज से कोई जोखिम नहीं लेने की नीति के तहत यह कदम उठाया गया है। यह आरओबी वर्ष 2015-16 में स्वीकृत हुआ था और 2019 तक पूरा होना था, लेकिन अब तक निर्माण अधूरा है। करीब 28 करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुआ प्रोजेक्ट बढ़कर 34 करोड़ तक पहुंच गया है। लगभग 980 मीटर लंबाई के इस ब्रिज के अधूरे रहने से लोगों को वर्षों से परेशानी झेलनी पड़ रही है। मुख्यमंत्री के दौरे से पहले तेज हुई हलचल मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे और संभावित उद्घाटन को देखते हुए विभागीय अधिकारी काम पूरा करने में जुटे हैं। सहायक अभियंता विनोद कुमार मीणा और नितेश सैनी ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और बताया कि अब विभिन्न प्वाइंट बनाकर टेस्टिंग की जा रही है। विधायक के प्रयास, जल्द उद्घाटन की उम्मीद विधायक भागचंद टांकड़ा लंबे समय से आरओबी चालू कराने के प्रयास में लगे हैं। उन्होंने उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी और विभागीय अधिकारियों के साथ कई बैठकों में इस मुद्दे को उठाया है। उनके अनुसार मुख्यमंत्री के आगमन पर विकास कार्यों के लोकार्पण की तैयारी है, जिसमें इस आरओबी को भी शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

ठाकुर दिलीप सिंह पर भगोड़ा नोटिस, CBI कोर्ट से 8 अप्रैल तक का समय; भैणी साहिब गद्दी विवाद और मर्डर केस में शामिल

लुधियाना  नामधारी संप्रदाय के सतगुरु जगजीत सिंह की मौत के बाद उत्तराधिकार विवाद में ठाकुर दिलीप सिंह अब फंसते नजर आ रहे हैं। सीबीआई स्पेशल कोर्ट मोहाली ने ठाकुर दिलीप सिंह को भगोड़ा (PO) घोषित करने के लिए पब्लिक नोटिस जारी कर दिया है। यह आदेश 9 साल से चल रही जांच और आरोपी के लगातार गायब रहने के बाद आया है। कोर्ट ने ठाकुर दिलीप सिंह के पीओ घोषित करने के लिए बाकायदा पब्लिक नोटिस भी पब्लिश करवा दिए हैं। आरोपी को 8 अप्रैल तक कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। अगर ठाकुर दिलीप सिंह कोर्ट में तय तिथि तक पेश नहीं हुए तो उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा। ठाकुर दिलीप सिंह के खिलाफ तीन अलग-अलग थानों में केस दर्ज थे। माता चंद कौर की हत्या, सतगुरु उदय सिंह व माता चंद कौर के दामाद जगतार सिंह पर हमले की साजिश और नामधारी अवतार सिंह की हत्या में ठाकुर दिलीप सिंह का नाम आया। 2017 में ये तीनों मामले मर्ज करके सीबीआई को भेज दिए गए। सीबीआई ने चंडीगढ़ में मामला दर्ज करके इसकी जांच शुरू की, लेकिन ठाकुर दिलीप सिंह इस मामले में कोर्ट के सामने पेश नहीं हुए। जिसकी वजह से कोर्ट ने पीओ नोटिस जारी किया है। भगोड़ा घोषित हुए तो CBI और पुलिस दिलीप सिंह की संपत्तियों को कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए उनकी तलाश तेज की जाएगी। ठाकुर दिलीप सिंह कौन हैं? ठाकुर दिलीप सिंह नामधारी संप्रदाय के दिवंगत सतगुरु जगजीत सिंह के बड़े भतीजे हैं। 5 अगस्त 1953 को भैणी साहिब (लुधियाना) में महाराज बीर सिंह के घर जन्मे दिलीप सिंह सिरसा स्थित अपने डेरे से नामधारी संगत के एक हिस्से का नेतृत्व करते हैं। 2012 में सतगुरु जगजीत सिंह की मौत के बाद उत्तराधिकार का विवाद भड़का। माता चंद कौर ने छोटे भाई उदय सिंह का समर्थन किया, जबकि दिलीप सिंह खुद गद्दी पर दावा कर रहे थे। इस विवाद ने संप्रदाय को दो गुटों में बांट दिया। श्री भैणी साहिब में उत्तराधिकार को लेकर उपजे विवाद में सीबीआई की जांच…     2012 में सतगुरु जगजीत सिंह की मौत: 2012 में श्री भैणी साहिब के प्रमुख सतगुरु जगजीत सिंह की मौत हुई। मौत से पहले उन्होंने सार्वजनिक तौर पर किसी को उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया। उनकी मौत के साथ ही उत्तराधिकार विवाद शुरू हुआ। ठाकुर उदय सिंह व ठाकुर दिलीप सिंह दावेदार थे।     सतगुरु उदय सिंह बने प्रमुख: ठाकुर उदय सिंह को श्री भैणी साहिब में नामधारी संप्रदाय की कमान सौंपी गई। उन्हें सतगुरु जगजीत सिंह की जगह सतगुरु बनाया गया। वहीं से ठाकुर दिलीप सिंह ने इस फैसले का विरोध करना शुरू किया।     जालंधर में टिफिन बम ब्लास्ट की साजिश: CBI जांच के अनासार ठाकुर दिलीप सिंह पर दिसंबर 2015 में एक खौफनाक आपराधिक षड्यंत्र रचने का आरोप है। साजिश यह थी कि जालंधर के फेमस 'हरिबल्लभ संगीत सम्मेलन' (25 दिसंबर 2015) के दौरान नामधारी संप्रदाय के वर्तमान प्रमुख सतगुरु उदय सिंह और माता चंद कौर के दामाद जगतार सिंह को टिफिन बम धमाके में मार दिया जाए। जांच एजेंसी का दावा है कि इस हमले का मास्टरमाइंड दिलीप सिंह ही थे। इस मामले की एफआईआर जालंधर में दर्ज की गई।     माता चंद कौर हत्याकांड: यह संप्रदाय के इतिहास का सबसे हाई-प्रोफाइल मर्डर केस रहा। 4 अप्रैल 2016 को नामधारी संप्रदाय के मुख्यालय भैणी साहिब (लुधियाना) के भीतर माता चंद कौर की दो अज्ञात हमलावरों ने गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। माता चंद कौर ने ठाकुर उदय सिंह को सतगुरु बनाने की घोषणा की थी, जिससे ठाकुर दिलीप सिंह गुट नाराज था। इस मामले की एफआईआर थाना कुमकलां लुधियााना में दर्ज की गई।     नामधारी अवतार सिंह की हत्या: माता चंद कौर की हत्या के बाद नामधारी समुदाय के अवतार सिंह की हत्या अज्ञात हमलावरों ने 2017 में की। इस हत्या में भी ठाकुर दिलीप सिंह का नाम सामने आया। इस मामले की एफआईआर साहनेवाल थाने में दर्ज की गई।     पुलिस जांच नहीं कर पाई तो सीबीआई को दिया केस: पुलिस जब इन तीनों मामलों को हल नहीं कर पाई तो राज्य सरकार ने इसे सीबीआई जांच के लिए भेज दिया। तीनों केस नामधारी समुदाय से संबंधित थे और उनका कनेक्शन दिलीप सिंह से बताया। सीबीआई ने तीनों केसों को मर्ज करके 2017 में एक नई एफआईआर दर्ज की और उसके बाद जांच शुरू की। जांच के बाद सीबीआई ने कई अहम खुलासे किए। सीबीआई जांच में यह बात सामने आई कि इन घटनाओं से सतगुरु उदय सिंह व उनके समर्थकों को डराना था।     मामले में निकाल थाइलैंड कनेक्शन: पंजाब पुलिस ने अमृतसर के पास से कुछ संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने कबूला कि उन्हें सिरसा गुट (दिलीप सिंह) से निर्देश मिले थे। बाद में CBI ने इस साजिश की अंतरराष्ट्रीय कड़ियों (थाइलैंड कनेक्शन) की जांच शुरू की।     ड्राइवर की गिरफ्तारी से खुला था राज: इस मामले में दिलीप सिंह का पूर्व ड्राइवर पलविंदर सिंह उर्फ डिंपल मुख्य कड़ी साबित हुआ। डिंपल को साल 2018 में बैंकॉक (थाइलैंड) से गिरफ्तार कर भारत लाया गया था। उसके बयानों के आधार पर ही साजिश की कड़ियां जुड़ीं। अन्य आरोपियों में जगमोहन सिंह, हरदीप सिंह और हरभेज सिंह शामिल हैं।

15 अप्रैल तक नहीं पहुंचीं नई किताबें, बिहार के स्कूलों में पुरानी किताबों से ही पढ़ाई जारी

पटना. जिले के सरकारी स्कूलों में वार्षिक परीक्षा के बाद आगे की कक्षा में प्रोमोट होने वाले स्कूली बच्चों को पुरानी किताबें स्कूल में जमा करने के लिए कहा गया है। जिला शिक्षा कार्यालय के अनुसार, पुरानी जमा लेने के बाद नई किताबों को मिलाकर बच्चों को वितरित किया जाएगा। पुरानी किताबों की उपलब्धता नहीं होने की स्थिति में ही बच्चों को नई किताबें दी जाएंगी। जिले में कक्षा एक से आठवीं की करीब 50 हजार पुरानी किताबें वापस होने की उम्मीद है। बहुत पुरानी और फटे हुए किताब वितरित नहीं की जाएगी। उनकी जगह नई किताबें दी जाएंगी। सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 9वीं तक की नई किताबें पहुंचनी शुरू हो गई है। पहले चरण में नया सत्र शुरू होने से पहले चार लाख 25 हजार किताबें स्कूलों तक पहुंचाने का लक्ष्य है। जिले के प्राथमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों की ओर से 7,25,189 नई किताबों की मांग की गई है। विभागीय आदेश के अनुसार, बच्चों को किताबें उपलब्ध कराने के बाद स्कूलों के निरीक्षण करने वाले अधिकारी यह भी जांच करेंगे नई किताबें उपलब्ध कराई गई हैं या नहीं। इसकी की रिपोर्ट विभाग को देंगे। 15 अप्रैल तक पहुंचाने का लक्ष्य मांग की गई किताबों को 15 अप्रैल तक स्कूलों में पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हालांकि, स्कूलों में एक अप्रैल से नए सत्र की पढ़ाई प्रारंभ होगी। प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया गया कि जब तक नई किताबें नहीं पहुंच पातीं, तब तक वे पुरानी से ही बच्चों को पढ़ाया जाएगा। जिले में कक्षा एक से आठवीं तक वर्गवार नामांकित बच्चे कक्षा     बच्चों की संख्या     किताबों की संख्या     प्रति बच्चा किताबें (औसत) कक्षा 1     46,732     41,568     0.89 कक्षा 2     60,260     50,056     0.83 कक्षा 3     68,380     59,649     0.87 कक्षा 4     76,868     66,779     0.87 कक्षा 5     79,229     67,567     0.85 कक्षा 6     67,402     57,699     0.86 कक्षा 7     64,417     53,817     0.84 कक्षा 8     64,335     52,144     0.81 कुल     5,27,623     4,49,279     0.85 कुल छात्र: 5,27,623 कुल किताबें: 4,49,279

दो दशक की ईमानदारी बनी ढाल और एक झटके में दर्जनों ज्वेलर्स को लगा करोड़ों का चूना

हरियाणा किसी बड़ी वारदात या चोरी को अंजाम देने के लिए कोई कितने साल तक प्लानिंग कर सकता है? एक-दो साल? जी नहीं, हरियाणा के पानीपत से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक बंगाली कारीगर ने शहर के सर्राफा व्यापारियों (ज्वेलर्स) का विश्वास जीतने के लिए पूरे 25 साल लगा दिए. साल 2001 से शहर में काम कर रहे इस कारीगर ने जैसे ही व्यापारियों का पूरा भरोसा जीता, वह दर्जनों ज्वेलर्स के करोड़ों रुपये के गहने लेकर रातों-रात फरार हो गया. 25 साल से बना रहा था मास्टरप्लान पानीपत के ज्वेलर्स कभी सपने में भी नहीं सोच सकते थे कि जो व्यक्ति उनके बीच 25 साल (साल 2001 से) से रह रहा है, वह असल में विश्वास नहीं जीत रहा था, बल्कि एक बहुत बड़ी डकैती की प्लानिंग कर रहा था. आरोपी कारीगर का नाम मोहिदुल मलिक है, जो मूल रूप से पश्चिम बंगाल का रहने वाला है. वह पिछले 25 साल से पानीपत में रहकर ज्वेलरी रिपेयरिंग (गहने सुधारने) का काम कर रहा था. इतने लंबे समय तक ईमानदारी से काम करने के कारण बाजार के दर्जनों ज्वेलर्स उस पर आंख मूंदकर भरोसा करने लगे थे.   रिपेयरिंग के नाम पर इकट्ठा किए करोड़ों के जेवर ठगी का शिकार हुए पीड़ित ज्वेलर सचिन वर्मा ने बताया कि मोहिदुल मलिक ने हाल ही के दिनों में एक सोची-समझी साजिश के तहत काम किया. पिछले कुछ दिनों से मोहिदुल अलग-अलग ज्वेलर्स से रिपेयरिंग के लिए आने वाले गहनों को सिर्फ इकट्ठा कर रहा था और वापस नहीं लौटा रहा था. जब उसके पास करोड़ों रुपये का गोल्ड (सोना) जमा हो गया, तो वह एक दिन अचानक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ शहर छोड़कर फरार हो गया. व्यापारियों को अब भी यकीन नहीं हो रहा है कि 25 साल पुराना कारीगर उनके साथ इतनी बड़ी धोखाधड़ी कर सकता है. पुलिस जांच में जुटी, आरोपी की तलाश तेज ठगी का अहसास होने के बाद ज्वेलर्स ने तुरंत पुलिस का दरवाजा खटखटाया है. डीएसपी सतीश वत्स ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि बाजार के कई सर्राफा व्यापारियों ने कारीगर के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस के मुताबिक, अभी तक यह स्पष्ट रूप से कन्फर्म नहीं हो पाया है कि आरोपी कुल कितनी कीमत के गहने लेकर फरार हुआ है, लेकिन अनुमान करोड़ों में है. पुलिस ने आरोपी बंगाली कारीगर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें तलाश में जुट गई हैं.