samacharsecretary.com

95% मैपिंग पूरी, अब BLO से बदसलूकी पर होगी कड़ी कार्रवाई; प्रशासन ने जारी किए सख्त निर्देश

चंडीगढ़ पंजाब में एसआईआर शुरू हो चुका है। बीएलओ को फील्ड में किसी प्रकार की कोई परेशानी पेश न आए, इसके लिए सभी इलेक्टरोल रजिस्ट्रेशन अफसरों (एसडीएम व एडीसी) को हिदायतें जारी कर दी गई हैं। सभी ईआरओ रोजाना अपने-अपने क्षेत्रों के बीएलओ के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करेंगे। इसके लिए मुख्य निर्वाचन कार्यालय की ओर से विशेष लिंक तैयार किया जा रहा है, जो सभी एआरओ को उपलब्ध करवाया जाएगा।  इसी लिंक के माध्यम से सभी बीएलओ की एक माह रोजाना वर्चुअल बैठकें होंगी और उनसे फीडबैक जुटाया जाएगा। दरअसल, प्री मैपिंग के दौरान फील्ड से बीएलओ की कई शिकायतें आई थीं, जिसमें उन्होंने अपने साथ लोगों द्वारा दुर्व्यवहार करने की बात कही थी। एसआईआर के दौरान ऐसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा खासी गंभीर हैं। मित्रा ने कहा, बीएलओ की सुरक्षा की जिम्मेदारी बहुत जरूरी है क्योंकि इस पूरी प्रक्रिया में बीएलओ की रीढ़ हैं। वे एसआईआर में एक बड़ी भूमिका निभा रहे हैं। लिहाजा सभी ईआरओ को निर्देश दिए जा चुके हैं कि वे रोजाना वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बीएलओ के साथ जुड़ेंगे। उनकी समस्याओं भी इसी दौरान चर्चा होगी। फील्ड से यदि किसी भी बीएलओ के साथ दुर्व्यवहार की घटनाएं सामने आती हैं तो सभी ईआरओ बनती कार्रवाई करने के लिए सक्षम होंगे।   मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 86.02 प्रतिशत प्री-मैपिंग हो गई है। कोशिश की जा रही है कि हाउस-टू-हाउस एन्यूमरेशन फॉर्म भरवाने के दौरान भी बीएलओ संबंधित क्षेत्र के बीएलएओ के साथ मिलकर अनमैप्ड लोगों की भी मैपिंग कर लें। यह प्रतिशत और बढ़ सकता है। मानसा में सबसे अधिक, मोहाली में सबसे कम मैपिंग मानसा जिले में सबसे अधिक 95.07 प्रतिशत मैपिंग हो चुकी है, जो सबसे ज्यादा है जबकि मोहाली जिले में सबसे कम 69.05 प्रतिशत मैपिंग हुई है। सीईओ अनिंदिता मित्रा बताती हैं कि दरअसल, साल 2003 (पंजाब में एसआईआर हुआ था) के बाद मोहाली में व्यापक स्तर पर बदलाव हुआ है। कई रिहायशी इलाके नए जुड़े हैं, कई हाईराइज भवन बने हैं, बहुत से लोग बाहर से आकर यहां बसे हैं, यह भी प्री-मैपिंग कम रहने की एक बड़ी वजह है लेकिन एसआईआर के दौरान यह सब कवर अप हो जाएगा। इसके अलावा लुधियाना में 77.17 प्रतिशत, जालंधर में 82.94, कपूरथला में 83.10, पटियाला में 85.05, फरीदकोट में 85.49, रूपनगर में 85.55, पठानकोट में 86.06, गुरदासपुर में 86.94, फिरोजपुर में 87.61, फतेहगढ़ साहिब में 88.16, फाजिल्का में 88.52, अमृतसर में 88.61, बठिंडा में 88.88, होशियारपुर में 89.69, संगरूर में 89.89, शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) में 90.08, मोगा में 90.47, मलेरकोटला में 91.33, बरनाला में 92.24, श्री मुक्तसर साहिब में 92.79, तरनतारन में 93.03 व मानसा में 95.07 प्रतिशत प्री-मैपिंग हो चुकी है। पहले दिन 24,453 बीएलओ ने घरों में वितरित किए फॉर्म पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के तहत पहले दिन 24,453 बीएलओ ने घर-घर दौरे शुरू कर दिए हैं। 24 जुलाई तक यह दौरा जारी रहेगा, जिसके तहत पंजाब भर के 2,14,61,043 मतदाताओं तक पहुंच बनाई जाएगी। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे गणना फॉर्म वितरित करने और भरने में सहायता के लिए अपने घरों का दौरा करने वाले बीएलओ का सहयोग करें।  उन्होंने लोगों से अनुरोध है कि वे अपनी एक ताजा रंगीन फोटो तैयार रखें, फॉर्म भरकर, उस पर हस्ताक्षर करें और बीएलओ को सौंप दें व विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया पूरी होने तक दूसरी प्रति अपने पास सुरक्षित रखें।  मित्रा ने मतदाताओं को विश्वास दिलाते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में घबराने की आवश्यकता नहीं है। यदि कोई घर बंद पाया जाता है तो बीएलओ फॉर्म को दरवाजे के नीचे से अंदर पहुंचा देगा और संबंधित घर के अगले दौरे की तारीख के बारे में दीवार पर स्टिकर चिपका दिया जाएगा। बीएलओ फॉर्म एकत्र करने के लिए तीन बार घर-घर जाएंगे। यदि मतदाता घर पर उपस्थित नहीं है, तो परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य, संबंधित व्यक्ति से अपना रिश्ता बताकर उसके फॉर्म पर हस्ताक्षर करके फॉर्म वापस बीएलओ को दे सकता है।   

हरियाणा में बावरिया गैंग पर पुलिस का बड़ा एक्शन, दो सगे भाई एनकाउंटर में ढेर

कैथल. चीका एरिया में कुछ दिन पहले करीब एक करोड़ की चोरी करने के मामले में फरार चल रहे दो बदमाशों को मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया है। बदमाशों की पहचान मोड़ मंडी भठिंडा पंजाब निवासी सोहन और धर्मबीर के रूप में हुई है। दोनों बदमाश सगे भाई हैं और दोनों को पैरों में गोलियां लगी हैं। बताया जा रहा है कि पकड़े गए बदमाश बावरिया गैंग से जुड़े हुए हैं और रेल लूट तक कि वारदात कर चुके हैं। दोनों बदमाशों के ऊपर पांच हजार रुपये का इनाम था। देर रात स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट टीम को सूचना मिली थी कि बदमाश एक गाड़ी में पूंडरी एरिया में आये हुए हैं। सूचना के बाद इंस्पेक्टर सुनील, एएसआई तरसेम, हरीश, अनिल और बुट्टा सिंह की टीम पहुंची। टीम ने रात करीब दो बजे गाड़ी को देख लिया और बदमाशों ने गाड़ी को भगा लिया। इसके बाद बदमाशों की गाड़ी बैलेन्स खराब होने से पेड से भीड़ गई। गाड़ी से उतरते ही बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। एक गोली गाड़ी के शीशे को पार हुए एक पुलिस कर्मचारी की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। एक गोली इंपेक्टर सुनील की जैकेट में भी लगी। दोनों तरफ से करीब 20 राउंड फायरिंग हुई है। दो गोलियां बदमाशों के पैरों में लगी। दोनों को नागरिक अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया है। बता दें कि कैथल पुलिस इससे भी मुठभेड़ में 9 बदमाशों को पकड़ चुकी है। एसपी कैथल मनप्रीत सिंह ने सभी क्राइम टीमों को बदमाशों पर कार्रवाई की निर्देश दिए हुए हैं।

इंडिया ए की मजबूत पकड़, जुरेल 141; श्रीलंका ए ने 17 रन पर गंवाया पहला विकेट*

गाले  इंडिया ए वर्सेस श्रीलंका ए दो मैच की अनौपचारिक टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला गाले में खेला जा रहा है। भारत ए बनाम श्रीलंका ए लाइव स्कोर नीचे देखें। दूसरे दिन की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। शेख राशीद 63 रन बनाकर आउट हुए। बारिश से प्रभावित दूसरे दिन कप्तान ध्रुव जुरेल ने शतक लगाया है। साई सुदर्शन और जुरेल के शतकों की बदौलत इंडिया ए ने पहली पारी में 111.4 ओवर में 6 विकेट खोकर 452 रन बनाकर पारी घोषित की। ध्रुव जुरेल 215 गेंद में 141 रन बनाकर नाबाद लौटे। श्रीलंका ने निरोशन डिकवेल का विकेट गंवा दिया है। उन्होंने 13 गेंद में 10 रन बनाए। मैच के पहले दिन भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग करते हुए 4 विकेट के नुकसान पर 333 रन बनाए। साई सुदर्शन ने पारी का आगाज करते हुए शानदार शतक जड़ा। उन्होंने 19 चौकों की मदद से 132 रनों की शानदार पारी खेली। देवदत्त पडिक्कल (12) और रुतुराज गायकवाड़ (22) के फेल होने पर एक समय पर भारतीय पारी लड़खड़ाती हुई नजर आई थी। मगर फिर कप्तान ध्रुव जुरेल ने शेख रशीद के साथ मिलकर पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाज फिफ्टी जड़ी और पांचवें विकेट के लिए उनके बीच 116 रनों की पार्टरनशिप भी की। भारत की नजरें मैच के दूसरे दिन स्कोर को 500 के पार पहुंचाने पर होगी। वहीं ध्रुव जुरेल भी शतक जड़ना चाहेंगे। टीम इंडिया इस अनौपचारिक टेस्ट सीरीज से पहले ट्रॉई सीरीज जीतकर आ रही है। यह ट्राई सीरीज भारत, श्रीलंका और अफगानिस्तान के बीच हुई थी। भारत और श्रीलंका की टीम फाइनल तक पहुंची थी, जहां वैभव सूर्यवंशी की 29 गेंदों पर 94 रनों की धुआंधार पारी के दम पर टीम इंडिया ने जीत दर्ज की थी। इस टेस्ट सीरीज में जरूर इंडिया ए को वैभव सूर्यवंशी की कमी खेलेगी क्योंकि वह इस समय सीनियर टीम के साथ आयरलैंड दौरे पर है। आज आयरलैंड के खिलाफ पहले टी20 में उनके डेब्यू की उम्मीद है। इंडिया ए वर्सेस श्रीलंका ए अनौपचारिक टेस्ट सीरीज का लाइव प्रसारण भारत में नहीं हो रहा है। IND A vs SL A लाइव स्कोर के लिए लाइवहिंदुस्तान के साथ बने रहें। इंडिया ए वर्सेस श्रीलंका ए प्लेइंग XI- इंडिया ए- साई सुदर्शन, आयुष पांडे, देवदत्त पडिक्कल, ऋतुराज गायकवाड़, ध्रुव जुरेल (कप्तान) (विकेट कीपर), शेख रशीद, हर्ष दुबे, सारांश जैन, अंशुल कंबोज, यश ठाकुर, औकिब नबी डार श्रीलंका ए- पवनथा वीरसिंघे, निरोशन डिकवेला (विकेट कीपर), नुवानिदु फर्नांडो, एशेन बंडारा, सहान अराचिगे (कप्तान), रविन्दु फर्नांडो, अंजला बंडारा, कविन्दु पथिरत्ने, दुलाज समुदिता, चमिका गुणसेकरा, दिलुम सुदीरा

बेअदबी केसों में अब संवेदनशील होगी पुलिस की भाषा, PBI की 22 पवित्र शब्दों वाली नई गाइडलाइन जारी

चंडीगढ़. पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से जुड़े बेअदबी मामलों की जांच अब केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि जांच की भाषा और दस्तावेजों में भी धार्मिक मर्यादा और श्रद्धा स्पष्ट रूप से दिखाई देगी। पंजाब ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन (पीबीआइ) ने बेअदबी से जुड़े मामलों की जांच के लिए 22 सम्मानजनक धार्मिक शब्दों की सूची जारी करते हुए राज्य के सभी पुलिस कमिश्नरों, रेंज अधिकारियों और जिला पुलिस प्रमुखों को विस्तृत दिशा-निर्देश भेजे हैं। पीबीआइ की ओर से जारी इस सर्कुलर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बेअदबी जैसे अत्यंत संवेदनशील मामलों में पुलिस की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली भाषा किसी भी रूप में धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाए। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि केस डायरी, एफआइआर, चार्जशीट और जांच से जुड़े सभी आधिकारिक दस्तावेजों में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी तथा उनसे संबंधित वस्तुओं और प्रक्रियाओं का उल्लेख केवल निर्धारित सम्मानजनक शब्दों से ही किया जाए। पंजाबी में उच्चारित शब्द ही लिखे जाएं पीबीआइ निदेशक एलके यादव की ओर से जारी सर्कुलर में कहा है कि जांच में “क्लीनिकल और आब्जेक्टिव लैंग्वेज” का प्रयोग किया जाए, ताकि तथ्यों को निष्पक्ष तरीके से दर्ज किया जा सके, लेकिन साथ ही धार्मिक गरिमा भी अक्षुण्ण बनी रहे। सर्कुलर में यह भी कहा गया है कि जांच के दौरान ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे पवित्र सामग्री का दोबारा अनादर होने का जोखिम पैदा हो। पीबीआइ की ओर से जारी सूची में जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी, पावन स्वरूप, पावन अंग, रुमाला साहिब, चौर साहिब, पालकी साहिब, पीढ़ा साहिब, चंदोआ साहिब, सैंची साहिब, गुटका साहिब, नितनेम, प्रकाश स्थान, सुखासन, थड़ा साहिब, ग्रंथी सिंह, सेवक/सेवादार, बिरध अवस्था, चाले पाना/पहुंच कर्मा और आनंद कारज जैसे शब्द शामिल हैं। इन शब्दों को अंग्रेजी दस्तावेजों में भी ठीक उसी तरह लिखा जाएगा जैसे पंजाबी में उच्चारित किए जाते हैं, ताकि मूल धार्मिक संदर्भ और सम्मान बना रहे। मर्यादा का पूर्ण पालन करना जरूरी उदाहरण के तौर पर रुमाला साहिब को श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी पर आदरपूर्वक ओढ़ाए जाने वाले सजावटी वस्त्र के रूप में परिभाषित किया गया है। चौर साहिब को श्रद्धा स्वरूप किया जाने वाला चंवर बताया गया है, जबकि पालकी साहिब वह पवित्र स्थान है जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप स्थापित किया जाता है। इसी तरह बिरध अवस्था का उपयोग उस स्थिति के लिए होगा जब पावन स्वरूप समय और उपयोग के कारण पुराना हो जाए। सर्कुलर का एक अहम हिस्सा यह भी है कि बेअदबी मामलों की जांच के दौरान पुलिस को धार्मिक संस्थाओं के साथ समन्वय बनाकर काम करना होगा। यदि घटनास्थल से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी या उसके किसी अंग की बरामदगी होती है तो पुलिस संबंधित धार्मिक अधिकारियों, विशेषकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर कार्रवाई करेगी। सर्कुलर में साफ कहा गया है कि एसजीपीसी द्वारा निर्धारित धार्मिक प्रोटोकाल और सिख रहत मर्यादा का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए। घटनास्थल पर मौजूद पवित्र सामग्री को अत्यंत सम्मान और गरिमा के साथ संभालना अनिवार्य होगा। पहले भी SOP हो चुकी है जारी गौरतलब है कि यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब पंजाब सरकार पहले ही बेअदबी मामलों को लेकर सख्त कानूनी ढांचा तैयार कर चुकी है। अप्रैल में पीबीआइ ने बेअदबी मामलों की जांच के लिए एक विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) जारी किया था। इसमें हाई रेजोल्यूशन फोटोग्राफी, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, इलेक्ट्रॉनिक फुटप्रिंट की जांच और साजिश की कड़ियों को जोड़ने जैसे आधुनिक जांच मानक शामिल किए गए। साथ ही जांच एजेंसियों को 60 से 90 दिनों के भीतर चालान अदालत में पेश करने की समयसीमा भी दी गई। 20 अप्रैल को लागू किया गया था एक्ट इसके अलावा पंजाब सरकार ने 20 अप्रैल को जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2025 को लागू किया था। इस कानून के तहत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी से जुड़े अपराधों के लिए न्यूनतम सात साल से लेकर 20 साल तक की सजा का प्रावधान है। साथ ही दोषी पर दो लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि जांच में यह साबित होता है कि बेअदबी सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी या इसके पीछे शांति भंग करने अथवा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की मंशा थी, तो सजा 10 साल से लेकर उम्रकैद तक हो सकती है। ऐसे मामलों में पांच लाख रुपये से 25 लाख रुपये तक जुर्माने का भी प्रावधान रखा गया है। हालांकि इस कानून की कुछ धाराओं को लेकर धार्मिक संस्थाओं ने आपत्ति भी जताई है। एसजीपीसी और अकाल तख्त ने विशेष रूप से “कस्टोडियन” शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इस शब्द की व्यापक व्याख्या से ग्रंथियों, प्रबंधकों, गुरुद्वारा कमेटियों और सेवादारों पर अनजाने में भी आपराधिक जिम्मेदारी आ सकती है, जबकि कई बार मर्यादा का उल्लंघन जानबूझकर नहीं होता। रिकॉर्ड मेंटेनेंस और पावन स्वरूपों की ट्रैकिंग संबंधी कुछ प्रावधानों पर भी सिख संस्थाओं ने चिंता जताई है।

मानसून हेल्थ अलर्ट: बारिश में बढ़ते संक्रमण से बचने के लिए अपनाएं ये जरूरी सावधानियां

 देश के कई हिस्सों में मानसून की एंट्री के साथ लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने लगी है. बारिश का मौसम जहां ठंडक और सुकून लेकर आता है, वहीं यह कई स्वास्थ्य समस्याओं का कारण भी बन सकता है. मौसम में अचानक बदलाव होने पर वायरल इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम, बुखार, एलर्जी और पेट से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ जाता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मानसून के दौरान बढ़ी हुई नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में खानपान और साफ-सफाई को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी हो जाता है. साफ पानी पीना है सबसे जरूरी बारिश के मौसम में पानी दूषित होने की संभावना बढ़ जाती है. इसलिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी पीना चाहिए. इससे पेट के संक्रमण और जलजनित बीमारियों का खतरा कम हो सकता है. बाहर का खाना खाने से बचें मानसून में खुले में रखी खाने की चीजें जल्दी खराब हो सकती हैं. कटे हुए फल, चाट-पकौड़ी और अन्य स्ट्रीट फूड संक्रमण का कारण बन सकते हैं. घर का ताजा और स्वच्छ भोजन बेहतर विकल्प माना जाता है. हाथों की सफाई पर दें ध्यान खाना खाने से पहले और बाहर से घर लौटने के बाद हाथों को साबुन से अच्छी तरह धोना चाहिए. यह आदत कई प्रकार के संक्रमण से बचाने में मदद करती है. भीगने के बाद तुरंत बदलें कपड़े बारिश में भीगने के बाद लंबे समय तक गीले कपड़े पहनकर रहने से सर्दी-जुकाम और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए घर पहुंचते ही सूखे कपड़े पहन लेना चाहिए. इम्यूनिटी मजबूत रखें मौसमी फल, हरी सब्जियां, विटामिन-सी से भरपूर खाद्य पदार्थ और ड्राई फ्रूट्स शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. इसके अलावा पर्याप्त नींद और नियमित पानी पीना भी जरूरी है. मच्छरों से करें बचाव बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या बढ़ जाती है. डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों से बचने के लिए मच्छरदानी, रिपेलेंट और पूरे कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए. छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर आप मानसून के मौसम में खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं.

बैरिकेड तोड़कर फरार ट्रक चालक ने मचाया कहर, मोहला-मानपुर में मासूम की गई जान

मोहला-मानपुर-अंबागढ़. छत्तीसगढ़ के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी से हिट एंड रन की बेहद हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. तेज रफ्तार ट्रक ने गुंडरदेही गांव के पास शुक्रवार सुबह मासूम को रौंद दिया. हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने जब ट्रक को पकड़ने की कोशिश तो, चालक बैरिकेड्स तोड़कर महाराष्ट्र बॉर्डर की ओर भाग निकला. इस दौरान पुलिसकर्मी बाल-बाल बच गए. जानकारी के मुताबिक, गुंडरदेही में सड़क किनारे खेल रहे बच्चे को तेज रफ्तार ट्रक ने रौंद दिया। दर्दनाक हादसे में मासूम की मौत हो गई. मृतक के परिजनों की सूचना पर पुलिस एक्टिव हुई और ट्रक चालक को पकड़ने के प्रयास शरू कर दिए. मोहला और मानपुर थाना के पास ट्रक को पकड़ने के लिए बैरिकेड्स लगाए गए थे. मौके पर कई पुलिसकर्मी भी मौजूद थे. आरोपी चालक घटनास्थल के बाद काफी रफ्तार में ट्रक दौड़ा रहा था. मोहला में पुलिसकर्मियों के रुकवाने पर भी चालक ट्रक को बिना रोके बेरिकेड तोड़ते हुए आगे निकल गया. घटना की सूचना के बाद मानपुर थाना के बाहर भी बेरिकेडिंग की गई थी. जब ट्रक पास में पहुंची तो पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन आरोपी चालक ने दोबारा बेरिकेडिंग तोड़ दो और भाग निकला. हालांकि पुलिस लगातार आरोपी पीछा करती रही. वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे उतर आई. आखिरकार चालक को कोरकोट्टी गांव के पास पकड़ गया. वह फिलहाल पुलिस की हिरासत में है. आरोपी को पकड़कर पुलिस थाना लेकर आ रही है. चालक नशे में था या नहीं इसकी जांच की जा रही है. पूछताछ के बाद आरोपी चालक के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई की जाएगी. इधर गुंडरदेही में हादसे से ग्रामीणों में रोष व्यापत है. मौके पर चक्काजाम की स्थिति बन गई है. मोहला-मानपुर। जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। गुंडरदेही गांव के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने एक मासूम बच्चे को कुचल दिया। हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल पीछा शुरू कर दिया।

Punjab News: सिख विधायकों और मंत्रियों की श्री अकाल तख्त पर पेशी पर सस्पेंस, 29 जून से पहले कमेटी का अहम निर्णय

चंडीगढ़  मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब में पेश होने को लेकर अंतिम फैसला विधानसभा की कमेटी करेगी। कमेटी जो निर्देश देगी उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति उनका सिर हमेशा झुका है और भविष्य में भी झुका रहेगा। श्री अकाल तख्त साहिब ने ‘दि जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट, 2026’ के संबंध में पंजाब के सभी सिख विधायकों और कैबिनेट मंत्रियों को 29 जून सुबह 11 बजे सचिवालय में तलब किया है। वहीं गैर सिख विधायकों से लिखित स्पष्टीकरण और गैर सिख मंत्रियों से 29 जून से पहले अपनी राय लिखित रूप में देने को कहा गया है। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां को भी अलग से बुलावा भेजा गया है। सूत्रों के अनुसार बुलावे के बाद श्री अकाल तख्त सचिवालय की ओर से विधायकों और मंत्रियों से फोन पर भी संपर्क किया गया है ताकि उन्हें भेजे गए आधिकारिक पत्रों की जानकारी दी जा सके। मुख्यमंत्री मान ने कहा कि जब भी उन्हें पहले श्री अकाल तख्त साहिब बुलाया गया, वह एक विनम्र सिख के रूप में वहां पहुंचे। भविष्य में भी बुलावा आने पर बिना किसी हिचकिचाहट के उपस्थित होंगे। उन्होंने कहा कि वह श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को कभी चुनौती नहीं दे सकते। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार विधानसभा से जुड़े मामले में संस्थागत प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और कमेटी के निर्णय के अनुसार ही आगे कदम उठाया जाएगा।  सियासी लाभ के लिए जारी कराए जा रहे आदेश मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक ताकतें धार्मिक संस्थाओं का इस्तेमाल अपने सियासी हितों के लिए कर रही हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें धार्मिक रूप से बदनाम करने और राजनीतिक लाभ लेने के उद्देश्य से उनके खिलाफ आदेश जारी करवाए जा रहे हैं। मान ने कहा कि राजनीतिक आकाओं के इशारे पर धार्मिक पदों पर बैठे लोगों से घोषणाएं करवाई जा रही हैं और अब उन्हें निशाना बनाने के लिए रोज नए आदेश जारी किए जा रहे हैं। 

CM विष्णु देव साय के सुशासन में बदली गरीब परिवार की जिंदगी, PM आवास योजना से मिला पक्का घर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन में साकार हो रहे गरीबों के सपने, प्रधानमंत्री आवास योजना से अमृतलाल के परिवार को मिला सम्मानपूर्ण जीवन कच्चे घर की परेशानियों से मिली मुक्ति, पक्के आवास ने बदली पूरे परिवार की तस्वीर और तकदीर रायपुर,   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशा के अनुरूप प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से हजारों परिवारों के पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पंडरीपानी निवासी अमृतलाल का परिवार इसका प्रेरणादायी उदाहरण है। वर्षों तक कच्चे मिट्टी के मकान में कठिन परिस्थितियों में जीवन बिताने वाला यह परिवार आज प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत बने मजबूत एवं सुरक्षित पक्के घर में सम्मान और खुशहाली के साथ जीवन व्यतीत कर रहा है। बीते 24 जून को पंडरीपानी में आयोजित विशेष ग्राम सभा के दौरान कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने अमृतलाल के नए आवास का अवलोकन किया। उन्होंने परिवार को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमृतलाल ने बताया कि पहले उनका परिवार कच्चे मिट्टी के मकान में रहता था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकता था, दीवारों में सीलन आ जाती थी और पूरे परिवार को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और सुरक्षित जीवन जीना भी चुनौती बना रहता था। आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि स्वयं पक्का मकान बनवा सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृत होने के बाद उनका वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। योजना की सहायता से उन्हें मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्का घर मिला। अब बारिश और अन्य मौसम संबंधी परेशानियों से पूरी तरह राहत मिल गई है। स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिलने से परिवार की जीवनशैली में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिला है और पूरे परिवार में नई ऊर्जा एवं आत्मविश्वास का संचार हुआ है। अमृतलाल ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में गरीबों तक योजनाओं का लाभ प्रभावी ढंग से पहुंच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके परिवार को केवल पक्का घर ही नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य का भरोसा भी दिया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की सराहना की। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रत्येक पात्र परिवार तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाकर उन्हें सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी संकल्प को साकार करते हुए प्रदेश के हजारों परिवारों के जीवन में खुशहाली और नई उम्मीद का आधार बन रही है।

आईएएस और एचसीएस अधिकारियों को नालों की जांच की जिम्मेदारी, हरियाणा में जलभराव रोकने की तैयारी

चंडीगढ़  हरियाणा में मानसून की तैयारियों तथा जमीनी स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिये मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने आईएएस एवं एचसीएस अधिकारियों को नालों का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान प्री-मानसून डी-सिल्टिंग (गाद निकासी) कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की जाएगी। सभी 87 शहरी स्थानीय निकायों में चल रहे नालों के सफाई कार्यों की समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने नगर निगम आयुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्देश दिए कि अगले तीन दिन के भीतर वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों से अपने क्षेत्रों में जल निकासी अवसंरचना का मौके पर जाकर निरीक्षण कराया जाए। विशेष निगरानी अभियान के तहत प्रत्येक आईएएस और एचसीएस अधिकारी को अपने अधिकार क्षेत्र में कम से कम पांच किलोमीटर लंबाई के नालों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारियों को निरीक्षण से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट, फोटोग्राफ तथा स्थलीय अवलोकन सहित शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आनलाइन पोर्टल पर अपलोड करनी होगी, ताकि कार्यों की वास्तविक समय में निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। मुख्य सचिव ने कहा कि मानसून की तैयारियां केवल कार्यालय में बैठकों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। वरिष्ठ अधिकारियों को स्वयं मौके पर जाकर डी-सिल्टिंग कार्यों की गुणवत्ता का सत्यापन करना होगा। संवेदनशील स्थानों की पहचान करनी होगी। कमियों का पता लगाना होगा तथा आवश्यकतानुसार तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नाले का निरीक्षण सुनिश्चित कर सभी रुकावटें दूर की जाएं। लंबित कार्यों को मानसून शुरू होने से पहले पूरा किया जाए, ताकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों के जोखिम को न्यूनतम किया जा सके। बैठक में शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा और पंचकूला महानगर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मकरंद पांडुरंग ने भी अपनी बात रखी।

जमशेदपुर-कोलकाता फ्लाइट सेवा स्थगित, वीजीएफ खत्म और ईंधन महंगा होने से फैसला

  जमशेदपुर जमशेदपुर और कोलकाता के बीच संचालित होने वाली इंडिया वन एयर की सीधी उड़ान सेवाएं वर्तमान में अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गयी हैं. इससे गुरुवार को जमशेदपुर और कोलकाता के बीच हवाई कनेक्टिविटी को बड़ा झटका लगा. इंडिया वन एयर ने इस फैसले के पीछे मुख्य कारणों के तौर पर पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा ‘वायबिलिटी गैप फंडिंग’(वीजीएफ) सपोर्ट खत्म होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का हवाला दिया. इससे गुरुवार को यात्रियों को भारी परेशानी हुई. वीजीएफ सपोर्ट खत्म एयरलाइंस के मुताबिक, ये रूट केंद्र सरकार की उड़ान-आरसीएस स्कीम के तहत चल रहा था. इस स्कीम में 3 साल तक चुने हुए रूट्स पर वित्तीय मदद मिलती है. तीन साल पूरे होने के बाद एयरलाइन को बिना मदद के चलाना था. वेस्ट बंगाल सरकार ने वीजीएफ को आगे नहीं बढ़ाया, जिससे रूट चलाना मुश्किल हो गया. इंटरनेशनल मार्केट में क्रूड ऑयल के दाम बढ़ने से एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) महंगा हो गया. कम यात्रियों वाले रीजनल रूट पर ये खर्च उठाना एयरलाइन के लिए संभव नहीं रहा. पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें किसे होगा नुकसान बताया जाता है कि इस सीधी फ्लाइट पर बिजनेस ट्रैवलर्स, स्टूडेंट्स, मरीज और टूरिस्ट सबसे ज्यादा निर्भर थे. ये सर्विस झारखंड के इंडस्ट्रियल शहर जमशेदपुर को पूर्वी भारत के बड़े कमर्शियल हब कोलकाता से जोड़ती थी. इस रोजाना चलने वाली फ्लाइट को फरवरी 2023 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने शुरू किया था. इसे झारखंड के एविएशन मैप के लिए बड़ा कदम माना गया था.