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सऊदी अरब जाने वाले यात्रियों को झटका, एअर इंडिया और एक्सप्रेस की फ्लाइट्स पर लगी रोक

 नई दिल्ली एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस ने मौजूदा हालात देखते हुए जेद्दा, रियाद और दम्माम के लिए 24 अक्टूबर तक अपनी सभी उड़ानें अस्थायी रूप से रद्द कर दी हैं. एयरलाइंस ने प्रभावित यात्रियों के लिए टिकट की तारीख में बदलाव और पूरा रिफंड लेने का विकल्प दिया है।  एयरलाइंस के मुताबिक, बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के यात्री अपनी यात्रा की तारीख बदल सकते हैं. एयरलाइंस ने कहा कि जिन भी यात्रियों के पास 15 अक्टूबर या उससे पहले की कन्फर्म बुकिंग हैं और जिनकी यात्रा की तारीख 9 से 25 अक्टूबर के बीच है. वे 10 नवंबर तक बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा की तारीख एक बार बदल सकते हैं।  एयरलाइंस ने यात्रियों को दिए विकल्प एयरलाइंस ने यात्रियों को दूसरे स्टेशन से यात्रा का विकल्प भी दिया है. यात्री अपनी सहूलियत को ध्यान में रखते हुए संबंधित एयरलाइन की सेवा के आधार पर GCC क्षेत्र के किसी दूसरे स्टेशन से अपनी यात्रा दोबारा बुक कर सकते हैं।   एअर इंडिया ने बताया कि उसके यात्री दुबई या दोहा से आने-जाने के लिए अपनी बुकिंग बदल सकते हैं. एअर इंडिया ने बताया कि उसके यात्री दुबई या दोहा से आने-जाने के लिए अपनी बुकिंग बदल सकते हैं. वहीं, एयर इंडिया एक्सप्रेस के यात्री अबू धाबी, अल ऐन, बहरीन, दोहा, दुबई, कुवैत, मस्कट, रास अल खैमाह, सलालाह या शारजाह से आने-जाने के लिए अपनी बुकिंग बदल सकते हैं. एयरलाइंस के मुताबिक, जिन यात्रियों की उड़ानें रद्द हुई हैं, अगर वे यात्रा नहीं करना चाहते हैं तो वे टिकट का पूरा रिफंड भी ले सकते हैं।  एयरलाइंस ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब हूतियों की ओर से सऊदी अरब पर हमले जारी हैं. इससे पहले ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की. ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने शुक्रवार को सऊदी अरब की सभी गैर-जरूरी यात्राओं ये बचने की सलाह दी। 

छत्तीसगढ़ के छात्रों के लिए खुशखबरी, 35 सरकारी स्कूलों में शुरू होगी फ्री NEET-JEE कोचिंग

अंबिकापुर  छत्तीसगढ़ का सरगुजा जिला राज्य में एक अनूठी मिसाल कायम करते हुए सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को आसान बनाने जा रहा है. जिले में आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए नीट और जेईई की मुफ्त लाइव ऑनलाइन कोचिंग व्यवस्था शुरू की जा रही है।  ऐसी अत्याधुनिक शिक्षण सुविधा प्रदान करने वाला सरगुजा प्रदेश का पहला जिला बन गया है, जिससे निजी संस्थानों की महंगी फीस और बड़े शहरों में रहने के भारी-भरकम खर्च से राहत मिलेगी।  इस महत्वपूर्ण योजना का विधिवत शुभारंभ अंबिकापुर कलेक्ट्रेट के कॉन्फ्रेंस हॉल में पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल द्वारा 17 अक्टूबर को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में किया जाएगा.  इसके क्रियान्वयन के लिए जिले के प्रत्येक विकासखंड से पांच-पांच यानी कुल 35 शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों का चयन किया गया है. इन सभी चयनित परिसरों में एक साथ लाइव कक्षाएं प्रसारित की जाएंगी, जिससे विशेषज्ञ शिक्षकों का मार्गदर्शन सीधे बच्चों को उनके ही विद्यालय में प्राप्त हो सकेगा।  यह जनहितैषी पहल जिला खनिज न्यास निधि (DMFT) और स्कूल शिक्षा विभाग के संयुक्त प्रयासों से आकार ले सकी है।  सरगुजा अंचल में विशेषकर आदिवासी और ग्रामीण परिवेश से आने वाले होनहार छात्र-छात्राओं की बहुलता है, जो अकसर संसाधनों की कमी के चलते राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पिछड़ जाते थे. अब इस नई व्यवस्था के जरिए प्रशासन का लक्ष्य प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को डॉक्टर और इंजीनियर बनने का समान अवसर देकर उनके सपनों को नई उड़ान देना है।   

CM की समीक्षा बैठक में सख्ती, शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पर तहसीलदार निलंबित

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों, उनके निराकरण, शिकायतकर्ताओं से लिए जा रहे फीडबैक तथा विभागवार और जिलेवार प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला कलेक्टरों से जिलों में शिकायतों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। सीएम का सख्त संदेश मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन-प्रशासन में बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी पूरी निष्ठा और मेहनत के साथ काम कर रहे हैं। उनके प्रयासों के कारण योजनाएं धरातल तक पहुंच रही हैं और लोगों की समस्याओं का समाधान हो रहा है। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ मामलों में लापरवाही या नागरिकों की समस्याओं के प्रति गंभीरता की कमी पूरे प्रशासन की छवि को प्रभावित करती है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी को यह समझना होगा कि जनता की समस्या का समाधान करना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अच्छा काम करने वालों को प्रोत्साहन मिले और शिकायतों के निराकरण में अनावश्यक देरी अथवा लापरवाही की स्थिति में जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए। एक अधिकारी सस्पेंड समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार ने सीएम हेल्पलाइन में आई शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। जिसके बाद तहसीलदार प्रमोद चंद्रवंशी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। प्रमोद चंद्रवंशी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। सीएम की समीक्षा बैठक के तुरंत बाद राजस्व एवं आपदा विभाग के अवर सचिव धनंजय नेताम ने तहसीलदार के निलंबन का निर्देश जारी किया। लेटर में लिखा है कि निलंबन की अवधि के दौरान उनका मुख्यालय कबीरधाम निर्धारित किया जाता है। इसके साथ ही उन्हें नियमानुसार भत्ते मिलते रहेंगें। 88.85 प्रतिशत का हो चुका निराकरण समीक्षा बैठक में बताया गया कि 9 जून से 15 अक्टूबर 2026 तक सीएम हेल्पलाइन पर कुल 2 लाख 31 हजार 850 शिकायतें दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 लाख 5 हजार 996 शिकायतों का निराकरण किया जा चुका है। शेष 25 हजार 854 शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। इस प्रकार अब तक प्राप्त कुल शिकायतों में से 88.85 प्रतिशत का निराकरण किया जा चुका है। हेल्पलाइन पर प्रतिदिन औसतन 1500 से 2000 शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। मुख्यमंत्री साय ने हेल्पलाइन के शुरुआती परिणामों को उत्साहजनक बताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में शिकायतों का निराकरण अधिकारियों और कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। पिछली समीक्षा में दिए गए निर्देशों पर भी अच्छा कार्य हुआ है। इस व्यवस्था को निरंतर बेहतर बनाते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों का निराकरण केवल आंकड़ों तक सीमित न रहे, बल्कि नागरिक को वास्तविक रूप से राहत मिले और वह समाधान से संतुष्ट हो।

CM भगवंत मान का भरोसा, पंजाब में बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करेगी सरकार

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में बिजली की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी, क्योंकि केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई बैठक के बाद केंद्र ने राज्य को बिजली और कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि पंजाब इस वर्ष केंद्रीय पूल में 180 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) चावल का योगदान देगा. उन्होंने कहा कि देश के अन्न भंडार में राज्य के इस योगदान को लगातार जारी रखने के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति अनिवार्य है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शाहपुर कंडी बांध के संबंध में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) द्वारा बार-बार जारी किए जा रहे नोटिसों पर भी चिंता जताई और बताया कि कोयले की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार कोल इंडिया और झारखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है।  इस बैठक के कुछ महत्वपूर्ण पहलुओं को साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज मैंने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसके दौरान पंजाब को बिजली और कोयले की निर्बाध आपूर्ति से संबंधित मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई. हमने केंद्र को अवगत कराया कि पंजाब देश के अन्न भंडार में 180 लाख मीट्रिक टन चावल का योगदान देता है और इस योगदान को बनाए रखने के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति बेहद जरूरी है. मुझे खुशी है कि केंद्रीय मंत्री ने हमारी लगभग सभी मांगें स्वीकार कर ली हैं और बिजली तथा कोयले की निर्बाध आपूर्ति का भरोसा दिया है. हमने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है कि पंजाब देश के अन्न भंडार में अपना बहुमूल्य योगदान जारी रखेगा. इंकलाब जिंदाबाद।  बैठक के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “बैठक के दौरान पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) से संबंधित कई मुद्दों, विशेष रूप से कोयले की आपूर्ति और बिजली के संबंध में विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया. हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पंजाब को कोयले या बिजली की किसी प्रकार की कमी का सामना न करना पड़े और बिजली उत्पादन बिना किसी रुकावट के जारी रहे. पंजाब केंद्रीय पूल में 180 लाख मीट्रिक टन चावल की आपूर्ति करता है और इतनी बड़ी मात्रा में अनाज उत्पादन के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति अत्यंत जरूरी है।  मुख्यमंत्री ने कहा, “हम पछवाड़ा कोयला खदानों से कोयले की आपूर्ति के संबंध में कोल इंडिया और झारखंड सरकार के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. हमारी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि कोयले की आपूर्ति में कोई बाधा न आए, ताकि पंजाब बिना किसी रुकावट के बिजली उत्पादन जारी रख सके. मुझे संतोष है कि केंद्रीय बिजली मंत्री ने हमें बिजली और कोयले की पर्याप्त तथा निरंतर आपूर्ति का भरोसा दिया है. हमने भी केंद्र को आश्वासन दिया है कि देश की खाद्यान्न संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए पंजाब हमेशा अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा.” उन्होंने कहा कि बैठक के दौरान राष्ट्रीय स्तर पर लागू की जा रही केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं से संबंधित मुद्दे भी उठाए गए।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैंने केंद्रीय बिजली मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पंजाब में रणजीत सागर और शाहपुर कंडी बांध परियोजनाओं का दौरा करने के लिए आमंत्रित किया है. बांध का निर्माण पूरा होने के बाद राज्य को पर्यावरण संबंधी प्राधिकरणों या राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की ओर से बार-बार नोटिस जारी होने की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा. हमें चल रही परियोजना के संबंध में लगभग हर वर्ष एक या दो नोटिस मिलते रहते हैं, जिससे अनावश्यक परेशानियां पैदा होती हैं.” मुख्यमंत्री ने कहा, “देश के जलविद्युत उत्पादन में पंजाब का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है. हमने केंद्रीय बिजली मंत्री के साथ इन मुद्दों पर चर्चा की है, क्योंकि हमारी जलविद्युत परियोजनाओं का सुचारू संचालन और पूरा होना राज्य के साथ-साथ देश के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है।  बरगाड़ी और बहिबल कलां की घटनाओं के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जब ये घटनाएं हुई थीं, उस समय पिछली सरकारें सत्ता में थीं. इसके बाद आई कांग्रेस सरकार ने भी इन मामलों को इतना कमजोर कर दिया था कि अब हमें इन्हें दोबारा तैयार करना पड़ रहा है. आने वाले दिनों में हम नए गवाहों को शामिल करके और नई रणनीति अपनाते हुए अदालत में चालान पेश करेंगे, ताकि इन मामलों को मजबूत किया जा सके।  महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के निमंत्रण मिलने के बावजूद विदेश यात्रा की अनुमति के संबंध में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा, “पेरिस में एक फूड फेस्टिवल आयोजित किया जा रहा है, जहां पंजाब का प्रतिनिधित्व करने के लिए मार्कफेड की ओर से एक स्टॉल लगाया जा रहा है. मुझे इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए फ्रांस सरकार की ओर से भी निमंत्रण मिला है. इसके अलावा, मुझे जापान में तीन दिनों तक महिला और पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल तथा फाइनल मुकाबले देखने के लिए आमंत्रित किया गया था।  उन्होंने कहा, “यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पंजाब के हितों के लिए की जाने वाली यात्राओं की अनुमति नहीं दी जा रही है, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर ऐसे देशों की यात्राएं करते रहते हैं, जिनके नाम शायद हमने पहले कभी सुने भी नहीं होते. एक मुख्यमंत्री, जो राज्य का प्रतिनिधित्व करने, निवेश आकर्षित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने का प्रयास कर रहा हो, उसे लोगों की भलाई के लिए ऐसी यात्राएं करने की अनुमति मिलनी चाहिए।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैंने अब अदालत का रुख किया है और उम्मीद है कि कल अनुमति मिल जाएगी. हम केवल पंजाब की बेहतरी के लिए यात्राएं करना चाहते हैं, ताकि निवेशकों को राज्य की ओर आकर्षित किया जा सके और उन्हें यहां कारोबार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा सके. इससे पंजाब के लोगों, विशेष रूप से हमारे युवा लड़कों और लड़कियों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।  मानसा में हुई दुखद घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इसके लिए जिम्मेदार प्रत्येक व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इसमें शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. इस घटना की साजिश रचने में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को कानून के कटघरे में लाया … Read more

सुसाइड केस में हाईकोर्ट का फैसला, 2009 के मामले में तीन अपीलकर्ताओं की सजा रद्द

बिलासपुर   छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने वर्ष 2009 के एक आत्महत्या उकसाने के मामले में तीन जीवित अपीलकर्ताओं की सजा को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया है. अदालत ने अपने महत्वपूर्ण फैसले में माना कि अभियोजन पक्ष यह साबित करने में विफल रहा कि अभियुक्तों की मंशा मृतक को आत्महत्या के लिए उकसाने की थी।  न्यायमूर्ति नरेश कुमार चंद्रवंशी की एकल पीठ ने निचली अदालत के अप्रैल 2013 के उस फैसले के खिलाफ दायर अपील को स्वीकार किया, जिसमें अभियुक्तों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और धारा 34 के तहत 10 साल के कठोर कारावास और ₹500 के जुर्माने की सजा सुनाई गई थी।  यह मामला अंबिकापुर का है, जहाँ 18 अप्रैल 2009 को एक महिला ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, घटना से ठीक पांच दिन पहले (13 अप्रैल 2009 को) महिला और उसके होने वाले पति के साथ अभियुक्तों (जो महिला के दूर के रिश्तेदार थे) ने मारपीट की थी, क्योंकि उन्हें दोनों के एक साथ होने पर आपत्ति थी।  अपीलकर्ताओं ने उच्च न्यायालय में तर्क दिया कि केवल मारपीट की घटना से उकसावे का अपराध सिद्ध नहीं होता और कथित सुसाइड नोट से जुड़ी हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट को भी अदालत में कानूनी रूप से साबित नहीं किया गया था।  मामले की सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय ने माना कि साक्ष्यों से मारपीट की घटना तो साबित होती है, लेकिन भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत अपराध गठित करने के लिए आवश्यक आपराधिक मंशा (इरादा) साबित नहीं हुई।  अदालत ने टिप्पणी की कि घटना आत्महत्या से लगभग पांच दिन पहले हुई थी और रिकॉर्ड पर ऐसा कुछ नहीं लाया गया है जिससे यह पता चले कि अभियुक्तों ने महिला को खुदकुशी के लिए उकसाने के मकसद से मारपीट की थी।  सभी साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने निचली अदालत के 2013 के सजा के आदेश को निरस्त कर दिया और अपीलकर्ताओं को बरी कर दिया. साथ ही, अदालत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 481 के प्रावधानों के तहत उनके जमानत मुकले (बेल बॉन्ड) को छह महीने की अवधि के लिए प्रभावी रखने का निर्देश दिया है।   

RSS रैलियों पर रोक को लेकर मद्रास हाईकोर्ट सख्त, राज्य सरकार को लगाई फटकार

चेन्नई  मद्रास हाई कोर्ट ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) को तमिलनाडु में रैलियां करने की इजाजत देने का आदेश जारी किया है. अदालत ने इस तरह के आयोजनों के लिए कुछ निर्देश भी जारी किए हैं, जिसमें यह बताया गया है कि रैलियों के दौरान क्या करने की अनुमति है और क्या करने की मनाही है. कोर्ट ने यह आदेश भी दिया कि यदि आरएसएस पुलिस द्वारा लगाई गई शर्तों का उल्लंघन करता है, तो पुलिस को उचित कार्रवाई करने का पूरा अधिकार है।  आरएसएस ने अपने स्थापना के 100 वर्ष (शताब्दी वर्ष) पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे भारत में रैलियां निकालने का फैसला किया है. इसी के तहत तमिलनाडु में, संगठन ने आगामी 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को 128 जगहों पर रैलियां आयोजित करने के लिए पुलिस से अनुमति मांगी थी. चूंकि उनकी इस मांग पर पुलिस द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया गया, इसलिए आरएसएस के राज्य सचिव जगदीशन ने मद्रास हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की।  न्यायमूर्ति लक्ष्मी नारायणन की बेंच में इस मामले पर दोबारा सुनवाई हुई. याचिकाकर्ता का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील ने दलील दी, "हमने चेन्नई में 400 और बाकी के अन्य जिलों में 100-100 प्रतिभागियों के साथ रैली निकालने की अनुमति मांगी थी. इसके बावजूद, पुलिस ने अलग-अलग कारणों का हवाला देते हुए हमें अनुमति देने से इनकार कर दिया।  पुलिस का पक्ष रखते हुए एडवोकेट जनरल विजय नारायण ने कहा, "अदालत के पिछले निर्देश के बाद भी, केवल 93 जगहों के लिए ही आवेदन जमा किए गए हैं. इनमें से 16 जगहों के लिए शामिल होने वाले लोगों की संख्या और 38 जगहों के लिए इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या की जानकारी दी गई है. बाकी के जिलों के लिए अभी तक कोई आवेदन नहीं दिया गया है. इसके अलावा, जिन जगहों के लिए अनुमति मांगी गई है, उनमें से कुछ भारी ट्रैफिक वाले इलाके हैं, जिससे अनुमति देने में मुश्किलें आ रही हैं।  इन दलीलों को सुनने के बाद, सुनवाई कर रहे जज ने टिप्पणी की कि रैलियों की अनुमति न देकर सरकार एक तरह से आरएसएस (RSS) को परोक्ष रूप से प्रचार दे रही है. इसके साथ ही, कोर्ट ने आरएसएस को 25 अक्टूबर और 1 नवंबर को रैलियां व बैठकें आयोजित करने की अनुमति दे दी। 

सात समंदर पार से आया दूल्हा, छत्तीसगढ़ की लड़की से की लव मैरिज

जांजगीर-चांपा  वो कहते हैं न अगर प्यार सच्चा हो तो दूरियां मायने नहीं रखतीं। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले की बेटी ने इसे सच साबित कर दिखाया है। जिले के पामगढ़ विकासखंड के ग्राम भुईगांव की रहने वाली क्रिस्टीना नथेनियल ने नीदरलैंड के युवक क्रिस्टीयान एंड्रियश वरबूम से लव मैरिज की है। विवाह का प्रमाण पत्र जारी होने के बाद यह अनोखी शादी पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। कौन हैं दूल्हा-दुल्हन? विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार दूल्हे का नाम क्रिस्टीयान एंड्रियश वरबूम है, जिनकी उम्र 32 वर्ष है और वे नीदरलैंड के निवासी हैं। उनके पिता का नाम विलेम डीर्क वरबूम है। वहीं दुल्हन क्रिस्टीना नथेनियल हैं, जिनकी उम्र 25 वर्ष है। वे जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड के ग्राम भुईगांव की रहने वाली हैं। उनके पिता का नाम हनोल नथेनियल है। जिला कलेक्टर कार्यालय में पूरी हुई शादी की रस्म दोनों ने जांजगीर-चांपा जिला कलेक्टर कार्यालय में पहुंचकर विवाह की औपचारिकताएं पूरी कीं। विवाह अधिकारी प्रमोद गुप्ता के समक्ष तीन गवाहों की मौजूदगी में धारा-5 के तहत घोषणा की गई, जिसके बाद विवाह संपन्न हुआ। जिला विवाह अधिकारी ने विवाह प्रमाण पत्र जारी करते हुए इस विवाह को वैध घोषित किया। कार्यालय में दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। नीदरलैंड में नौकरी के दौरान शुरू हुई प्रेम कहानी जानकारी के अनुसार ग्राम भुईगांव की रहने वाली क्रिस्टीना नीदरलैंड में नौकरी करती हैं। वहीं उनकी मुलाकात क्रिस्टीयान एंड्रियश वरबूम से हुई थी। मुलाकात के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई और समय के साथ यह रिश्ता प्यार में बदल गया। एक-दूसरे को बेहतर तरीके से जानने के बाद दोनों ने जीवनसाथी बनने का फैसला किया। इस फैसले में दोनों परिवारों का भी पूरा समर्थन मिला और अब यह शादी पूरे जिले में मिसाल बन गई है। गांव में चर्चा, नए जीवन की शुरुआत भुईगांव जैसे छोटे से गांव की बेटी का नीदरलैंड के युवक से विवाह स्थानीय लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। इस रिश्ते में एक ओर छत्तीसगढ़ का ग्रामीण परिवेश है, तो दूसरी ओर यूरोप के नीदरलैंड की पृष्ठभूमि। भाषा, रहन-सहन और पारिवारिक परंपराओं में अंतर के बावजूद दोनों ने साथ जीवन बिताने का फैसला किया है। विवाह के बाद दोनों किस देश में रहेंगे और अपने वैवाहिक जीवन की शुरुआत कहां से करेंगे, यह भी फिलहाल स्पष्ट नहीं है। सीमाओं से परे रिश्ते की नई कहानी आज अंतरराष्ट्रीय संपर्क और संवाद के बढ़ते अवसरों के बीच अलग-अलग देशों के लोगों के बीच रिश्ते जुड़ना असामान्य नहीं रहा है। ऐसे विवाह में एक-दूसरे की संस्कृति, पारिवारिक परंपराओं और जीवनशैली को समझना भी महत्वपूर्ण होता है। भुईगांव की क्रिस्टीना और नीदरलैंड के क्रिस्टीयान का विवाह इसी वजह से चर्चा में है। अब दोनों के सामने आपसी समझ, विश्वास और सम्मान के साथ साझा भविष्य संवारने का नया अध्याय है।

दो ऑस्ट्रेलियाई भाइयों और अमेरिकी दोस्त की हत्या, तीन दोषियों को 158 साल की सजा

मैक्सिको मैक्सिको में दो ऑस्ट्रेलियाई भाइयों और उनके अमेरिकी दोस्त की हत्या के मामले में तीन दोषियों को 158 साल और नौ महीने की जेल की सजा सुनाई गई है. बाजा कैलिफोर्निया के तटीय शहर एनसेनाडा की अदालत ने तीनों को हत्या, हिंसा के साथ लूट और हिंसा के साथ वाहन चोरी का दोषी माना है।  यह मामला ऑस्ट्रेलिया के कैलम रॉबिन्सन और जेक रॉबिन्सन और उनके अमेरिकी दोस्त कार्टर रेड रोड की हत्या से जुड़ा है. शुक्रवार को तीनों को सजा सुनाई गई, जबकि इससे एक हफ्ते पहले ही उन्हें दोषी ठहराया गया था. मई 2024 में तीनों के शव मिले थे. इस मामले में कम से कम चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।  अदालत ने जीसस गेरार्डो गार्सिया उर्फ एल केकास, इरिनियो फ्रांसिस्को एन और एंजेल जीसस एन को 158 साल और नौ महीने जेल की सजा सुनाई. बाजा कैलिफोर्निया सर्फर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष एंटोनियो ओटानेज ने फैसले का स्वागत करते हुए कहा, “इंसाफ हुआ है.” हालांकि, उन्होंने माना कि इस हत्याकांड के बाद इलाके में पर्यटकों, खासकर सर्फिंग करने वालों की संख्या में बड़ी गिरावट आई है।  सर्फिंग ट्रिप पर गए थे तीनों दोस्त कैलम, जेक और कार्टर अप्रैल 2024 के आखिर में सर्फिंग के लिए मैक्सिको गए थे. उन्होंने बाजा कैलिफोर्निया के पुंटा सैन जोस समुद्र तट को चुना था, जो एनसेनाडा शहर से करीब 80 किलोमीटर दूर है. तीनों ने 27 अप्रैल 2024 की रात समुद्र तट पर डेरा लगाया था।  आरोप है कि तड़के हमलावरों ने उनका सामना किया और गोली मारकर तीनों की हत्या कर दी. इसके बाद शवों को 15 मीटर से ज्यादा गहरे कुएं में फेंक दिया गया. कई दिनों तक तलाश चलने के बाद 3 मई को तीनों के शव बरामद हुए।  टायर चुराने के लिए किया था हमला बाजा कैलिफोर्निया अभियोजक कार्यालय ने 5 मई 2024 को गार्सिया की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी. अधिकारियों ने उसे तीनों विदेशियों की हत्या में संदिग्ध हमलावर बताया था. राज्य अधिकारियों के मुताबिक, एनसेनाडा में उसके खिलाफ नशीले पदार्थों की कथित बिक्री, अवैध रूप से घर में घुसने, घरेलू हिंसा और वाहन चोरी से जुड़े मामले भी थे।  गार्सिया की पूर्व साथी एरी गिसेल सिल्वा राया और उसके दो कथित साथियों इरिनियो फ्रांसिस्को एन तथा एंजेल जीसस एन को भी गिरफ्तार किया गया था. सिल्वा राया के पास एक पीड़ित का मोबाइल फोन मिला था. उसने संक्षिप्त सुनवाई की प्रक्रिया अपनाई और नवंबर में उसे हिंसा के साथ गंभीर लूट तथा वाहन चोरी के मामले में 20 साल जेल की सजा सुनाई गई।  सरकारी वकील मारिया एलेना एंड्राडे के मुताबिक, हमलावर तीनों दोस्तों की पिकअप गाड़ी के टायर चुराना चाहते थे. जब उन्होंने विरोध किया, तो हमलावरों ने गोली चला दी. अभियोजन पक्ष के अनुसार, पहले विरोध करने वाले व्यक्ति की हत्या की गई और फिर बाकी दोनों दोस्तों को भी मार दिया गया। 

ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा केस में बड़ी कार्रवाई, जमीन-दुकान और बैंक FD जब्त करने का आदेश

 रायपुर  ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा एप (Online Satta) के जरिये सट्टा संचालित करने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। इस मामले में मुख्य आरोपित बाबू उर्फ गुलशन खेमानी की करीब 1.42 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क करने का आदेश न्यायालय ने दिया है। कुर्क की गई संपत्तियों में छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र स्थित जमीन, व्यावसायिक दुकान और बैंक में जमा राशि शामिल है। यह कार्रवाई गंज थाना पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट (एसीसीयू) की वित्तीय जांच के आधार पर की गई है। कॉल सेंटर और फर्जी खातों से चलता था सट्टा पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल 2026 को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित करने वाले गिरोह का राजफाश किया गया था। मामले में मुख्य आरोपित समेत 29 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि गिरोह कॉल सेंटर, मोबाइल नंबरों और विभिन्न बैंक खातों के माध्यम से सट्टे का संचालन करता था। सट्टे से मिलने वाली रकम दूसरे लोगों के बैंक खातों में जमा कराई जाती थी और फिर अपने खातों में स्थानांतरित की जाती थी। इसके बदले सहयोगियों को कमीशन दिया जाता था। इस प्रकरण में पहले ही करीब 1.20 करोड़ रुपये मूल्य की सामग्री और वाहन जब्त किए गए थे। छत्तीसगढ़ से महाराष्ट्र तक फैली है संपत्ति वित्तीय जांच में आरोपित से जुड़ी संपत्तियों की पहचान के बाद पुलिस ने कोर्ट में कुर्की का आवेदन प्रस्तुत किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने 16 अक्टूबर को इस पर आदेश पारित किया। आदेश के अनुसार कुर्क संपत्तियों में महासमुंद के ग्राम अरंड में 1.78 लाख रुपये की कृषि भूमि, रायपुर के देवपुरी में 23 लाख रुपये का भूखंड, जोरा पारा में 2.50 लाख रुपये का भूखंड, महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ में 74 लाख रुपये की व्यावसायिक दुकान और बैंक आफ इंडिया के एफडी खाते में दर्ज 40.50 लाख रुपये की राशि शामिल है। पुलिस अब अन्य जुड़ी संपत्तियों की भी जांच कर रही है।

अनिल अग्रवाल का बड़ा ऐलान, वेदांता कर्मचारियों को मिलेगी 10% एक्स्ट्रा सैलरी

कोरबा  वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने त्योहारों से पहले समूह के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। उन्होंने समूह के करीब एक लाख कर्मचारियों को वार्षिक वेतन का 10 प्रतिशत अतिरिक्त चेयरमैन ग्रांट के रूप में देने की घोषणा की है। इस संबंध में कर्मचारियों के नाम जारी पत्र में उन्होंने महंगाई के बीच आर्थिक संबल देने की बात कही है। बालको और वेदांता पावर प्लांट के हजारों कर्मचारियों को फायदा कोरबा स्थित भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड बालको में करीब 860 नियमित कर्मचारी और 5,300 ठेका श्रमिक कार्यरत हैं। वहीं, सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित वेदांता पावर प्लांट में करीब 400 ठेका कर्मचारी कार्यरत हैं। चेयरमैन की इस घोषणा से इन सभी कर्मचारियों सहित समूह के एक लाख कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। त्योहारों से पहले मिले इस अतिरिक्त ग्रांट से कर्मचारियों में खुशी का माहौल है। उत्पादन क्षमता दोगुनी करने का लक्ष्य वर्तमान में बालको में सालाना करीब पांच लाख टन एल्युमिनियम उत्पादन होता है। कंपनी ने उत्पादन क्षमता बढ़ाकर 10 लाख टन सालाना करने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए संयंत्र के विस्तार का काम जारी है। उत्पादन बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। सरकारी राजस्व में बड़ा योगदान कंपनी ने पिछले एक दशक में राज्य और केंद्र सरकार के राजस्व में करीब 29,000 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। वेदांता समूह लगातार क्षेत्र के विकास और कर्मचारियों के कल्याण के लिए काम कर रहा है।