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शास्त्री की ऐतिहासिक प्लेइंग-5 में रोहित नहीं! पूर्व कोच की पसंद ने छेड़ी नई बहस

नई दिल्ली भारत ने क्रिकेट को कई लीजेंड खिलाड़ी दिए हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने दशकों के हिसाब से वर्ल्ड क्रिकेट पर राज किया है। ऐसे में जब किसी से भारत के टॉप-5 खिलाड़ियों का चयन करने को कह दिया जाए तो यह उनसे लिए लगभग नामुमकिन सा काम होगा। मगर इस नामुमकिन काम को रवि शास्त्री ने संभव करके दिखाया है। उन्होंने हाल ही में भारत के टॉप-5 ऑल टाइम खिलाड़ियों का चयन किया है। हालांकि इस दौरान उन्होंने कई खिलाड़ियों को इस लिस्ट में जगह ना देकर उनके फैंस को निराश किया है।   रवि शास्त्री ने स्टिक टू क्रिकेट पर माइकल वॉन के सवाल का जवाब देते हुए कहा, “पक्का गावस्कर, हम शुरू करेंगे, 70s, कपिल, सचिन, विराट, पक्का। मैं उस दौर के सबसे प्रभावशाली खिलाड़ियों को देख रहा हूं। मुश्किल है। बिशन बेदी भी होते, लेकिन, MS फिर से, MS आएंगे, और फिर बुमराह अभी भी यहां हैं। बुमराह जवान हैं। बुमराह के पास अभी भी क्रिकेट है। मैं उन लोगों की बात कर रहा हूं जिन्होंने लगभग अपना क्रिकेट खत्म कर लिया है। तो ये पांच होंगे।” शास्त्री ने अपने ऑल टाइम 5 भारतीय क्रिकेटर चुनते हुए कहा, “यह सनी, कपिल होंगे, तो मैं 70 के दशक में सनी, 80 के दशक में कपिल, 90 के दशक में सचिन फिर धोनी, विराट को चुन रहा हूं।” वहां मौजूद एलिस्टर कुक ने रवि शास्त्री से पूछा, ‘नंबर वन कौन है? गावस्कर, गॉडफादर?’ रवि शास्त्री ने जवाब में कहा, “मैं कहूंगा बैटिंग में। कपिल, वाह, शानदार क्रिकेटर। और मैं पूरे पैकेज को देखूं तो नंबर वन तेंदुलकर होंगे। उम्मीदों की वजह से, लंबे समय तक खेलने की वजह से, 24 साल तक गेम खेलने की वजह से, 24 साल तक गेम में, और उन्होंने 100-100 रन बनाए, उन्होंने हर दशक के पेस अटैक का सामना किया है।” रवि शास्त्री के ऑल टाइम टॉप-5 भारतीय क्रिकेटर- – सचिन तेंदुलकर। – विराट कोहली। – एमएस धोनी। – सुनील गावस्कर। – कपिल देव। रवि शास्त्री ने इस लिस्ट में कई दिग्गज खिलाड़ियों को जगह ना देकर उनके फैंस से पंगा लिया है। शास्त्री ने रोहित शर्मा को भी इस लिस्ट में शामिल नहीं किया है, जिनकी कप्तानी में भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप और 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी।  

वर्ल्ड कप से ठीक पहले बदला कोलंबो का रूप, स्टेडियम में पूरी हुई सालों से लंबित बड़ी सुविधा

कोलंबो T20 World Cup 2026 की शुरुआत 7 फरवरी से होने वाली है। भारत और श्रीलंका मिलकर इसकी मेजबानी कर रहे हैं। भारत के पांच और श्रीलंका के तीन स्टेडियमों में मैच खेले जाएंगे। कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम के अलावा एसएससी यानी सिंहली स्पोर्ट्स क्लब और पल्लेकेले को इसके लिए चुना गया है। आपको बता दें, प्रेमदासा स्टेडियम और कैंडी के पल्लेकेले स्टेडियम में फ्लडलाइट्स थे, लेकिन एसएससी में नहीं थे। इस स्टेडियम में भी फ्लडलाइट्स इंस्टॉल हो गए हैं।   यह स्टेडियम श्रीलंका का पांचवा ऐसा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बन गया है, जिसमें अब डे-नाइट मैच आयोजित किए जा सकते हैं। इस मैदान पर सात फरवरी को पाकिस्तान और न्यूजीलैंड के बीच टी20 विश्व कप का पहला मैच खेला जाएगा। एसएससी इस तरह से कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम, कैंडी के पल्लेकेले स्टेडियम, दांबुला के रंगिरि दांबुला स्टेडियम और हंबनटोटा के महिंदा राजपक्षे स्टेडियम की सूची में शामिल हो गया है, जहां अब अंतरराष्ट्रीय दिन रात्रि मैचों का आयोजन किया जा सकता है। एसएससी ने 1982 में श्रीलंका में खेले गए पहले एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी की थी। यहां श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी) का मुख्यालय भी है। श्रीलंका क्रिकेट के कोषाध्यक्ष सुजीवा गोदालियाड्डा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘नया लाइटिंग सिस्टम अत्याधुनिक एलईडी तकनीक पर आधारित है और इसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और प्रसारण की जरूरत के अनुरूप तैयार किया गया है।’’ फ्लडलाइट्स चालू होने के बाद श्रीलंका की टीम के पूर्व महान बल्लेबाज और कप्तान सनत जयसूर्या ने कुछ शॉट्स भी पिच पर खड़े होकर लगाए। वह इस समय टीम के कोच भी हैं। भारत की बात करें तो मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद और चेन्नई में टी20 विश्व कप के मैच होंगे। श्रीलंका के तीन मैदानों पर मैच खेले जाएंगे। वहीं, इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मैच कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में खेला जाएगा। पाकिस्तान की टीम अपने सभी मुकाबले श्रीलंका में ही खेलेगी, जबकि श्रीलंका की टीम भी अपने यहां सारे लीग मैच खेलेगी। हालांकि, सुपर 8 के मैचों के लिए श्रीलंका को भारत आना पड़ सकता है। आयरलैंड की टीम भी अपने सारे लीग मैच श्रीलंका में ही खेलने वाली है। टूर्नामेंट 7 फरवरी से 8 मार्च तक चलने वाला है, जिससे बांग्लादेश बाहर हो चुका है। उसकी जगह स्कॉटलैंड की टीम खेलने वाली है।  

एलिसा हीली की जगह सोफी मोलिनेक्स बनी टीम की नई कप्तान, भारत सीरीज से करेंगी नेतृत्व

मेलबर्न  क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के अनुसार, सोफी मोलिनेक्स को ऑस्ट्रेलिया महिला क्रिकेट टीम का नया कप्तान नियुक्त कर दिया गया है. वो टीम में एलिसा हीली की जगह लेंगी, जो मार्च में क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से रिटायर हो रही हैं. एलिसा हीली भारत के खिलाफ टेस्ट और ODI सीरीज में आखिरी बार ऑस्ट्रेलियाई महिला टीम को लीड करेंगी. जबकि सोफी मोलिनेक्स टेस्ट और ODI में एलिसा हीली के साथ वाइस-कैप्टन होंगी. हालांकि 28 साल की लेफ्ट-आर्म स्पिनर सोफी मोलिनेक्स भारत के खिलाफ टी20 सीरीज में कप्तानी में डेब्यू करेंगी. जो 15 फरवरी से शुरू हो रही है. इसके अलावा ऑलराउंडर एशले गार्डनर और ताहलिया मैकग्रा को सभी फॉर्मेट में उप-कप्तान बनाया गया है. सोफी मोलिनेक्स का क्रिकेट सफर मार्च 2018 में इंटरनेशनल डेब्यू करने वाली मोलिनेक्स ऑस्ट्रेलिया की व्हाइट-बॉल क्रिकेट की सफलता में अहम रही हैं. वह 2018 और 2020 में ICC महिला T20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीमों का हिस्सा थीं. पिछले आठ सालों में, उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए तीन टेस्ट, 17 वनडे और 38 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं. मोलिनेक्स ने क्या कहा? कप्तान बनाए जाने के बाद मोलिनेक्स ने कहा, 'ऑस्ट्रेलियाई कप्तान बनना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है और मुझे इस पर बहुत गर्व है, खासकर एलिसा के बाद, जिन्होंने इस टीम और खेल पर बहुत बड़ा प्रभाव डाला है. हमारे पास एक बहुत मजबूत ग्रुप है जिसमें कई नेचुरल लीडर हैं, साथ ही बहुत सारी रोमांचक प्रतिभाएं भी आ रही हैं, और मैं उनके साथ काम करने के लिए बहुत उत्सुक हूं क्योंकि हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं और खुद को अगले लेवल पर ले जा रहे हैं, साथ ही उस पहचान को भी बनाए रख रहे हैं जो इस टीम को इतना खास बनाती है.' भारतीय महिला टीम का ऑस्ट्रेलिया दौरा  भारतीय महिला टीम ऑस्ट्रेलिया दौरे पर 3 टी20, 3 ODI और 1 टेस्ट मैच खेलेगी. दोनों टीमों के बीच पहले तीन मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी, जो 15, 19 और 21 फरवरी को होंगे, उसके बाद तीन ODI मैच होंगे. जो 24, 27 फरवरी और 1 मार्च को खेले जाएंगे. दौरे के आखिर में 6 मार्च से एकमात्र टेस्ट मैच पर्थ में खेला जाएगा. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के नेशनल सिलेक्शन पैनल ने इस सीरीज के तीनों फॉर्मेट के लिए टीम की घोषणा भी कर दी है. ऑस्ट्रेलिया टी20 टीम सोफी मोलिनेक्स (कप्तान), एशले गार्डनर (उप-कप्तान), ताहलिया मैकग्रा (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, किम गार्थ, ग्रेस हैरिस, फोबे लिचफील्ड, बेथ मूनी, एलिसे पेरी, मेगन शट, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम. ऑस्ट्रेलिया ODI टीम एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनेक्स (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फोबे लिचफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम. ऑस्ट्रेलिया टेस्ट टीम एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनेक्स (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, एशले गार्डनर, किम गार्थ, लूसी हैमिल्टन, अलाना किंग, फोबे लिचफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिसे पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम.

सबालेंका का जलवा, स्वितोलिना को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में प्रवेश

मेलबर्न  वर्ल्ड नंबर-1 एरिना सबालेंका ने ऑस्ट्रेलियन ओपन में फिर कमाल किया. बेलारूस की इस स्टार खिलाड़ी ने यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना के खिलाफ आक्रामक खेल दिखाते हुए सीधे सेटों में जीत दर्ज की और गुरुवार, 29 जनवरी को लगातार चौथी बार ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में जगह बना ली. सबालेंका ने यह मुकाबला महज 1 घंटे 16 मिनट में खत्म कर दिया. उन्होंने रॉड लेवर एरीना में 6-2, 6-3 से जीत हासिल कर फाइनल का टिकट कटाया. हालांकि, मैच की शुरुआत बिल्कुल सहज नहीं रही. दोनों खिलाड़ियों ने मैच से पहले होने वाली सामान्य औपचारिकताओं को नजरअंदाज किया. सबालेंका जहां बॉल किड के साथ प्री-मैच फोटो के लिए आईं, वहीं स्वितोलिना ने इसमें हिस्सा नहीं लिया. इसके पीछे यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध और बेलारूस की रूस को मिल रही भूमिका को बड़ी वजह माना जा रहा है. इसी कारण यूक्रेनी और बेलारूसी खिलाड़ियों के बीच ऐसे मुकाबलों में तनाव साफ नजर आता है. सबालेंका की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और उन्होंने दो अनफोर्स्ड एरर किए. हालांकि, उन्होंने जल्दी ही वापसी करते हुए अपने पहले सर्विस गेम में ही दो ब्रेक प्वाइंट हासिल कर लिए. पहले सेट के चौथे गेम में तनाव एक बार फिर बढ़ गया, जब चेयर अंपायर ने एक रैली के दौरान सबालेंका की आवाज को बाधा मानते हुए पहला पॉइंट स्वितोलिना को दे दिया. सबालेंका ने इस फैसले के खिलाफ वीडियो रिव्यू भी लिया, लेकिन फैसला नहीं बदला. हालांकि, इस फैसले ने सबालेंका को और आक्रामक बना दिया. उन्होंने स्वितोलिना की गलती का फायदा उठाते हुए पहला ब्रेक हासिल किया और फिर बढ़त बना ली. स्वितोलिना ने हार नहीं मानी और पहले सेट में दो सेट प्वाइंट बचाए, लेकिन अंत में सबालेंका ने पहला सेट अपने नाम कर लिया. सरे सेट में भी दिखा दबदबा दूसरे सेट की शुरुआत में सबालेंका फिर थोड़ी संघर्ष करती दिखीं. स्वितोलिना ने उनके खराब बैकहैंड का फायदा उठाते हुए मैच का पहला ब्रेक हासिल किया. लेकिन सबालेंका यहां भी नहीं रुकीं. उन्होंने अपने खेल का स्तर ऊंचा किया और तुरंत ब्रेक वापस ले लिया. इसके बाद मुकाबला पूरी तरह उनके नियंत्रण में आ गया. अपनी जबरदस्त ताकत और आक्रामकता के दम पर सबालेंका ने लगातार तीन गेम जीते. स्वितोलिना ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन सबालेंका ने मजबूत मानसिकता दिखाते हुए एक शानदार फोरहैंड के साथ मैच खत्म कर दिया. सबालेंका ने रचा इतिहास स्वितोलिना पर जीत के साथ ही सबालेंका ओपन एरा में ऑस्ट्रेलियन ओपन के लगातार चार सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाली तीसरी खिलाड़ी बन गई हैं. इस खास सूची में उनसे पहले ऑस्ट्रेलिया की एवोन गुलागोंग शामिल हैं, जिन्होंने 1971 से 1977 के बीच लगातार सात फाइनल खेले थे, और स्विट्जरलैंड की दिग्गज मार्टिना हिंगिस, जो 1997 से 2002 तक लगातार छह फाइनल में पहुंची थीं.

टीम इंडिया के बल्लेबाजों का कमाल, 40 T20 में केवल 4 बार ऑलआउट हुई टीम

नई दिल्ली T20I इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय दबदबा कितना है, इसकी अगर एक झलक आपको देखनी है तो आप इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड तीसरे टी20 मैच का स्कोरकार्ड उठाकर देख लीजिए। अगर आंकड़ों पर जाएं तो आपको हैरानी होगी कि T20 World Cup 2024 के बाद से भारतीय टीम ने 29 जनवरी 2026 तक 40 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं, लेकिन सिर्फ 4 बार ही भारतीय टीम को कोई सामने वाली टीम ऑलआउट कर पाई है। तीन बार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में और एक बार शुभमन गिल की कप्तानी में ऐसा हुआ है। टी20 वर्ल्ड कप 2024 तक भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा थे। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने उस विश्व कप को जीता था, लेकिन वह इस फॉर्मेट में रोहित शर्मा का आखिरी मैच था। इसके बाद नया पर्मानेंट कैप्टन हमें सूर्यकुमार यादव के रूप में देखने को मिला। हालांकि, जिम्बाब्वे के दौरे पर कप्तान के तौर पर शुभमन गिल गए थे, जहां उनको एक मैच में हार मिली थी और पूरी टीम उस मैच में ऑलआउट हो गई थी। भारतीय टीम उस मैच में 102 रनों पर ढेर हो गई थी। इसके बाद 2025 में दो बार भारतीय टीम टी20 इंटरनेशनल मैच में ऑलआउट हुई, जहां ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें एमसीजी में 125 रन पर समेट दिया था और मुल्लानपुर में 162 रन पर साउथ अफ्रीका ने भारतीय टीम के सभी बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था। अब 2026 में टीम इंडिया ने एक मैच में सभी विकेट खोए। इस बार न्यूजीलैंड भारत के सामने थी। वाइजैग में 165 रन पर भारतीय टीम ने सभी विकेट खोए। भारत ने पिछले 40 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 30 मुकाबले जीते हैं। 2 टाई रहे हैं और 2 बेनतीजा रहे हैं। सिर्फ 6 मैच टीम इंडिया इस अवधि में हारी है। जीत प्रतिशत भारत का बाकी टीमों के मुकाबले बेहतरीन है, जिसने 30 या इससे ज्यादा मैच खेले हैं।

नौटंकी जारी है… स्क्वॉड घोषित, अब T20 वर्ल्ड कप की टिकट बुक कर चर्चा में पाकिस्तान

इस्लामाबाद पाकिस्तान ने आगामी टी20 विश्व कप के लिए कुछ दिन पहले ही टीम का ऐलान किया है। सलमान आगा अली के नेतृत्व में पाकिस्तान की टीम आगामी टूर्नामेंट के लिए तैयारी भी कर रही है। इस बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कोलंबो के लिए फ्लाइट की टिकट भी बुक करवा ली है लेकिन टूर्नामेंट में उनकी भागीदारी पर अंतिम फैसला अभी भी लंबित है, क्योंकि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष मोहसिन नकवी सरकार की मंजूरी मिलने का इंतजार कर रहे हैं। मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ के साथ बैठक के बाद कहा था कि सभी विकल्प खुले हैं और फैसला शुक्रवार या अगले सोमवार तक लिया जाएगा।   बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर भारत में टी20 विश्व कप के मैच खेलने से इनकार कर दिया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने बांग्लादेश के स्थान पर स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर दिया था जिसका पाकिस्तान विरोध कर रहा है। लगातार विरोध के बावजूद पाकिस्तान की टीम टी20 विश्व कप के लिए स्क्वॉड का ऐलान करने के बाद अब श्रीलंका जाने के लिए टिकट भी बुक करवा चुकी है। टी20 विश्व कप 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका में संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। पाकिस्तान के सभी मैच श्रीलंका के मैदानों पर निर्धारित हैं, जिसमें भारत के खिलाफ हाई-वोल्टेज मुकाबला 15 फरवरी को कोलंबो में होना है। पाकिस्तान की टीम गुरुवार से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज खेल रही है, जिसके बाद पाकिस्तान अगर अनुमति मिलती है तो श्रीलंका के लिए रवाना होगी। इस सीरीज को पाकिस्तान के टी20 विश्व कप की तैयारी के अंतिम चरण के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन यह देखना बाकी है कि क्या राष्ट्रीय टीम को भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में सात फरवरी से शुरू होने वाले टूर्नामेंट में भाग लेने के लिए सरकार की मंजूरी मिलेगी या नहीं। अगले महीने होने वाले टी20 विश्व कप में पाकिस्तान की भागीदारी को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।  

गिरना अब आसान नहीं! 40 T20I में केवल 4 बार सिमटी टीम इंडिया, बल्लेबाजों की ऐतिहासिक निरंतरता

नई दिल्ली T20I इंटरनेशनल क्रिकेट में भारतीय दबदबा कितना है, इसकी अगर एक झलक आपको देखनी है तो आप इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड तीसरे टी20 मैच का स्कोरकार्ड उठाकर देख लीजिए। अगर आंकड़ों पर जाएं तो आपको हैरानी होगी कि T20 World Cup 2024 के बाद से भारतीय टीम ने 29 जनवरी 2026 तक 40 टी20 इंटरनेशनल मैच खेल लिए हैं, लेकिन सिर्फ 4 बार ही भारतीय टीम को कोई सामने वाली टीम ऑलआउट कर पाई है। तीन बार सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में और एक बार शुभमन गिल की कप्तानी में ऐसा हुआ है।   टी20 वर्ल्ड कप 2024 तक भारतीय टीम के कप्तान रोहित शर्मा थे। रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत ने उस विश्व कप को जीता था, लेकिन वह इस फॉर्मेट में रोहित शर्मा का आखिरी मैच था। इसके बाद नया पर्मानेंट कैप्टन हमें सूर्यकुमार यादव के रूप में देखने को मिला। हालांकि, जिम्बाब्वे के दौरे पर कप्तान के तौर पर शुभमन गिल गए थे, जहां उनको एक मैच में हार मिली थी और पूरी टीम उस मैच में ऑलआउट हो गई थी। भारतीय टीम उस मैच में 102 रनों पर ढेर हो गई थी। इसके बाद 2025 में दो बार भारतीय टीम टी20 इंटरनेशनल मैच में ऑलआउट हुई, जहां ऑस्ट्रेलिया ने उन्हें एमसीजी में 125 रन पर समेट दिया था और मुल्लानपुर में 162 रन पर साउथ अफ्रीका ने भारतीय टीम के सभी बल्लेबाजों को पवेलियन भेज दिया था। अब 2026 में टीम इंडिया ने एक मैच में सभी विकेट खोए। इस बार न्यूजीलैंड भारत के सामने थी। वाइजैग में 165 रन पर भारतीय टीम ने सभी विकेट खोए। भारत ने पिछले 40 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 30 मुकाबले जीते हैं। 2 टाई रहे हैं और 2 बेनतीजा रहे हैं। सिर्फ 6 मैच टीम इंडिया इस अवधि में हारी है। जीत प्रतिशत भारत का बाकी टीमों के मुकाबले बेहतरीन है, जिसने 30 या इससे ज्यादा मैच खेले हैं।  

वर्ल्ड कप से पहले फिक्सिंग का खुलासा, ICC की सख्ती, USA के आरोन जोंस निलंबित

नई दिल्ली इंटरनेशनल  क्रिकेट परिषद (ICC) ने अमेरिका (USA) के टी20 वर्ल्ड कप 2024 में शामिल बैटर आरोन जोंस (Aaron Jones match fixing) को मैच फिक्सिंग से जुड़े मामलों में दोषी पाया है. ICC और क्रिकेट वेस्टइंडीज (CWI) ने संयुक्त रूप से जोंस पर एंटी-करप्शन कोड के पांच उल्लंघनों का आरोप लगाया है, जिसके बाद उन्हें सभी तरह की क्रिकेट गतिविधियों से तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया. 31 वर्षीय जोंस अमेरिका के लिए 6 साल के इंटरनेशनल करियर में 100 मैच खेल चुके हैं, जिसमें 52 वनडे और 48 टी20 इंटरनेशनल शामिल हैं. इसके अलावा वह मेजर लीग क्रिकेट में सिएटल ऑर्कास और कैरेबियन प्रीमियर लीग में सेंट लूसिया किंग्स का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं.  तीन आरोप 2023-24 के Barbados Bim10 टूर्नामेंट से जुड़े हैं, जो CWI के एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) के दायरे में आता है. वहीं दो आरोप इंटरनेशनल मैचों से जुड़े होने के कारण ICC ने भी कार्रवाई की है. जोंस पर मैच फिक्सिंग, फिक्सिंग की कोशिश, संदिग्ध संपर्कों की जानकारी छुपाने और एंटी-करप्शन जांच में सहयोग न करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं. ICC के मुताबिक, उन्होंने जांच के दौरान अहम जानकारियां छुपाईं और सबूतों से छेड़छाड़ भी की. ICC ने अपने बयान में कहा- यह मामला एक व्यापक जांच का हिस्सा है और आने वाले समय में अन्य खिलाड़ियों पर भी आरोप लग सकते हैं. जोंस को 28 जनवरी के बाद 14 दिनों के भीतर इन आरोपों पर जवाब देना होगा. वह USA की टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारी टीम का हिस्सा थे, लेकिन निलंबन के चलते अब किसी भी चयन के लिए अयोग्य हो गए हैं. टी20 वर्ल्ड कप में खेलने के लिए तैयार एक क्रिकेटर पर ICC और CWI ने मैच फिक्सिंग के पांच मामलों में दोषी पाया है. Bim10 टूर्नामेंट और इंटरनेशनल मैचों से जुड़े आरोपों के बाद उन्हें तुरंत सस्पेंड कर दिया गया. वह टी20 वर्ल्ड कप 2026 की तैयारियों का हिस्सा थे, लेकिन अब चयन से बाहर हो गए हैं. कौन हैं आरोन जोंस  2019 में 31 साल के आरोन ने इंटरनेशनल डेब्यू किया. वह USA और वेस्ट इंडीज में आयोज‍ित हुए 2024 T20 वर्ल्ड कप में कनाडा के खिलाफ 40 गेंदों पर मैच जिताने वाली 94 रन की पारी खेली. वहीं उन्होंने उसी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ मशहूर 26 गेंदों पर नाबाद 36 रन बनाए. जोंस  CPL, MLC और BPL जैसी T20 फ्रेंचाइजी लीग में भी खेल चुके हैं, उन्होंने अप्रैल 2025 के बाद से कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है. वहीं 2024 टी20 वर्ल्ड कप में उन्होंने अमेर‍िका की क्रिकेट टीम की कमान भी संभाली थी.   क्रिकइंफो के मुताब‍िक- आरोन जोंस का क्रिकेट सफर बेहद दिलचस्प रहा है. उन्होंने वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ियों शाई होप और जेसन होल्डर के साथ क्रिकेट खेलते हुए परवरिश पाई, जबकि निकोलस पूरन और रोवमैन पॉवेल जैसे खिलाड़ियों के खिलाफ मुकाबले खेले. साल 2017 में जोंस ने बारबाडोस के लिए अपना फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और पहले ही मैच में अर्धशतक जड़कर अपनी प्रतिभा का संकेत दे दिया. हालांकि 2018 में न्यूयॉर्क में जन्मे जोंस ने बड़ा फैसला लेते हुए अमेरिका की ओर से खेलने का विकल्प चुना. इसके बाद वह तेजी से USA टीम की रीढ़ बन गए. 2019 में नामीबिया के खिलाफ WCL डिवीजन-2 मुकाबले में लगाया गया उनका पहला लिस्ट-ए शतक अमेरिका को वनडे स्टेटस दिलाने में अहम साबित हुआ. तीन साल बाद उन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ 87 गेंदों में नाबाद 123 रन बनाकर अपना पहला वनडे शतक पूरा किया. लेकिन उनकी सबसे यादगार पारी 2024 टी20 वर्ल्ड कप में आई, जब उन्होंने कनाडा के खिलाफ सिर्फ 40 गेंदों में नाबाद 94 रन ठोककर USA को ऐतिहासिक जीत दिलाई. इसके कुछ महीनों बाद जोंस ने सेंट लूसिया किंग्स को उनका पहला CPL खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई. गयाना की मुश्किल पिच पर कम स्कोर का पीछा करते हुए उन्होंने 31 गेंदों में नाबाद 48 रन बनाए और टीम को खिताबी जीत दिलाई.

7 छक्कों की बरसात फिर भी हार, वाइजैग T20 में न्यूजीलैंड ने भारत को हराया, सूर्या का एक्सपेरिमेंट पड़ा भारी

 विशाखापत्तनम भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का चौथा मुकाबला 28 जनवरी (बुधवार) को व‍िशाखापत्तनम (वाइजैग) के डॉ. वाईएस राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया. न्यूजीलैंड ने इस मैच में 50 रनों से जीत हासिल की. न्यूजीलैंड ने भारत को जीत के लिए 216 रनों का टारगेट दिया था, लेकिन उसकी पूरी टीम 18.4 ओवरों में 165 रनों पर सिमट गई. भारत के लिए शिवम दुबे ने 7 छक्के और तीन चौके की मदद से 23 बॉल पर 65 रन बनाए, लेकिन ये इनिंग्स टीम को जीत दिलाने के लिए काफी नहीं थी. भारतीय टीम टी20 सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है. 21 जनवरी दोनों टीमों के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला नागपुर में खेला गया था, जिसमें टीम इंडिया ने 48 रनों से जीत हासिल की थी. इसके बाद रायुपर टी20 में भारत को 7 विकेट से जीत मिली. फिर गुवाहाटी में खेले गए मैच को भारतीय टीम ने 8 विकेट से जीत लिया था. अब न्यूजीलैंड ने ये मैच जीतकर स्कोर 1-3 कर दिया है. टी20 सीरीज का पांचवां एवं आखिरी मुकाबला 31 जनवरी को तिरुवनंतपुरम में खेला जाना है. शिवम दुबे ने वाइजैग T20 में किया धुआं-धुआं, बने कई कीर्तिमान  भारत और न्यूजीलैंड के बीच 28 जनवरी (बुधवार) को विशाखापत्तनम (वाइजैग) में खेले गए टी20 इंटरनेशनल मुकाबले में शिवम दुबे का जलवा देखने को मिला. भारतीय ऑलराउंडर शिवम ने इस मैच में महज 23 गेंदों पर 65 रन बनाए, जिसमें सात छक्के और तीन चौके शामिल रहे. शिवम ने इस दौरान सिर्फ 15 गेंदों पर अर्धशतक पूरा कर लिया. यह टी20 इंटरनेशनल में किसी भारतीय बल्लेबाज का तीसरा सबसे तेज अर्धशतक रहा. इस मामले में युवराज सिंह और अभिषेक शर्मा ही शिवम दुबे से आगे हैं. युवराज ने साल 2007 के टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के खिलाफ 12 गेंदों पर अर्धशतक जड़ दिया था. वहीं अभिषेक ने न्यूजीलैंड के खिलाफ मौजूदा सीरीज के दौरान ही गुवााहटी में 14 बॉल पर पचासा जड़ने में कामयाब रहे थे. टी20I में भारत के लिए सबसे तेज अर्धशतक (गेंदों के आधार पर): 12- युवराज सिंह बनाम इंग्लैंड, डरबन 2007 14- अभिषेक शर्मा बनाम न्यूजीलैंड, गुवाहाटी 2026 15- शिवम दुबे बनाम न्यूजीलैंड, विशाखापत्तनम 2026 16- हार्दिक पंड्या बनाम साउथ अफ्रीका, अहमदाबाद 2025 17- अभिषेक शर्मा बनाम इंग्लैंड, वानखेड़े, 2025   शिवम दुबे ने अपनी तूफानी पारी के दौरान न्यूजीलैंड के स्पिनर ईश सोढ़ी की जमकर खबर ली. सोढ़ी के एक ओवर में 29 रन बनाए, जिसमें 28 रन शिवम के बल्ले से निकले. वहीं एक रन वाइ़ड के चलते आया.वो भारत की पारी का 12वां ओवर था. उस ओवर में सोढ़ी का गेंदबाजी आंकड़ा- 2, 4, Wd, 6, 4, 6, 6  रहा. भारत और न्यूजीलैंड के बीच किसी टी20I मैच के दौरान एक ओवर में बनाए गए ये दूसरे सबसे ज्यादा रन रहे. साल 2020 में शिवम दुबे ने माउंट माउंगानुई टी20 मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ एक ओवर में 34 रन लुटाए थे. शिवम का वो अनचाहा रिकॉर्ड अब भी नहीं टूटा है. टी20I मैच में एक ओवर में बनाए गए सर्वाधिक रन (भारत vs न्यूजीलैंड) 34 रन (गेंदबाज-शिवम दुबे, माउंट माउंगानुई, 2020) 29 रन (गेंदबाज-ईश सोढ़ी, विशाखापत्तनम, 2026) शिवम दुबे अब भारत की ओर से किसी टी20 इंटरनेशनल मैच के दौरान एक ओवर में सबसे ज्यादा बनाने वाले बैटर्स की लिस्ट में संयुक्त रूप से तीसरे नंबर पर आ चुके हैं. शिवम दुबे ने ईश सोढ़ी के ओवर में बल्ले से कुल 28 रन बनाए. शिवम ने रोहित शर्मा की बराबरी कर ली है, जिन्होंने साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप के दौरान मिचेल स्टार्क के एक ओवर में 28 रन बनाए थे. युवराज सिंह (36 रन) और संजू सैमसन (30 रन) ही केवल शिवम से आगे हैं.   एक ओवर में सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय बैटर (टी20 अंतरराष्ट्रीय): 36- युवराज सिंह (गेंदबाज- स्टुअर्ट ब्रॉड, डरबन, 2007) 30- संजू सैमसन (गेंदबाज- रिशाद हुसैन, हैदराबाद, 2024) 28- रोहित शर्मा (गेंदबाज- मिचेल स्टार्क, ग्रोस आइलेट, 2024) 28- शिवम दुबे (गेंदबाज- ईश सोढ़ी, विशाखापत्तनम, 2026) शिवम दुबे ने इस मैच में 282.60 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए. 50 ज्यदा की टी20I इनिंग्स में किसी भारतीय बैटर का ये तीसरा सर्वाधिक स्ट्राइक रेट रहा. इस मामले में युवराज सिंह (362.50) और अभिषेक शर्मा (340.00) ही इस मामले में शिवम से आगे हैं. टी20I पारी में भारत के लिए उच्चतम स्ट्राइक रेट (50+ रन) 362.50- युवराज सिंह (16 गेंदों पर 58 रन) बनाम इंग्लैंड, डरबन, 2007 340.00- अभिषेक शर्मा (20 गेंदों पर 68* रन) बनाम न्यूजीलैंड, गुवाहाटी 282.60- शिवम दुबे (23 गेंदों पर 65 रन) बनाम न्यूजीलैंड, विशाखापत्तनम, 2026 सिर्फ शिवम दुबे ही चल पाए… चेज में भारतीय टीम की शुरुआत काफी खराब रही. उसने 9 रनों के स्कोर तक अभिषेक शर्मा और कप्तान सूर्यकुमार यादव के विकेट गंवा दिए. अभिषेक (0 रन) पहली ही गेंद पर मैट हेनरी का शिकार बने. वहीं सूर्यकुमार (8 रन) को जैकब डफी ने कॉट एंड बोल्ड किया. संजू सैसमन की खराब फॉर्म जारी रही और वो 24 रन बनाकर कप्तान मिचेल सेंटनर की गेंद पर बोल्ड हो गए. हार्दिक पंड्या से तूफानी बैटिंग की आस थी, लेकिन वो 2 रन ही बना सके. रिंकू सिंह लय में दिख रहे थे, लेकिन वो अपनी इनिंग्स को काफी बड़ा नहीं कर पाए. रिंकू ने 3 चौके और दो छक्के की मदद से 30 बॉल पर 39 रन बनाए. रिंकू सिंह के आउट होने के समय भारत का स्कोर 82/5 था. इसके बाद शिवम दुबे की आक्रामक बैटिंग देखने को मिली. शिवम ने 6 छक्के और दो चौके की मदद से सिर्फ 15 गेंदों पर फिफ्टी जड़ दी. शिवम दुबे अर्धशतक जड़ने के बाद ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक पाए और वो रनआउट हो गए. यहां से भारत के लिए जीत हासिल करना मुश्किल था और ऐसा हुआ भी. हर्षित राणा (9 रन), अर्शदीप सिंह (0 रन), जसप्रीत बुमराह (4 रन) और कुलदीप यादव (1 रन) आउट होने वाले आखिरी चार बल्लेबाज रहे. कीवी कप्तान मिचेल सेंटनर ने तीन खिलाड़ियों को आउट किया वाइजैग T20 में एक्पेर‍िमेंट पड़ा टीम इंड‍िया पर भारी न्यूजीलैंड ने भारत को बुधवार को वाइजैग (व‍िशाखापत्तनम) खेले गए चौथे टी20 इंटरनेशनल मुकाबले … Read more

क्रिकेटर और निजी जीवन की चर्चाएँ: ब्रेट ली की पत्नी को लेकर सोशल मीडिया में उथल-पुथल

मेलबर्न  क्रिकेट के मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली का लंबे समय तक दबदबा रहा. लंबे रनअप, स्मूद एक्शन के साथ तूफानी रफ्तार ब्रेट ली की गेंदबाजी में डेडली कॉम्बिनेशन था. पिच चाहे जैसी भी हो ब्रेट ली के हाथ में गेंद आते ही वह आग उगलने लगती थी, लेकिन क्रिकेट के मैदान का ये हीरो अपनी पर्सनल लाइफ में काफी उतार-चढ़ाव से गुजरे. खास तौर से पहली शादी टूटने के बाद तो वह सदमें थे. उनकी लाइफ में ये सब तब हुआ था जब वह अपने करियर के पीक पर थे. हालांकि, अच्छी बात ये थी कि ब्रेट ली ने कभी जाहिर नहीं होने दिया कि उनकी पर्सलन में क्या चल रहा है. क्रिकेट फैंस को शायद ही पता होगा कि ब्रेट ली की पहली शादी सिर्फ तीन साल में ही टूट गई थी और उनकी शादी टूटने की वजह थी क्रिकेट से उनका प्यार. जिस खेल ने ब्रेट ली को दौलत और शोहरत दिलाई उसी खेल के कारण उनकी पहली वाइफ एलिजाबेथ कैंप ने उन्हें धोखा दिया. क्यों हुआ था ब्रेट ली का तलाक? ब्रेट ली की पहली शादी क्यों टूटी इसे लेकर अलग-अलग कहानियां है. ऑस्ट्रेलियाई मीडिया के मुताबिक ब्रेट ली की पहली वाइफ एलिजाबेथ की एक रग्बी प्लेयर से अफेयर था, जिसके कारण उनका तलाक हुआ. तलाक के पीछे की वजह चाहे जो भी, लेकिन ये बात सच है कि ब्रेट ली और उनकी वाइफ के बीच क्रिकेट को लेकर ही मतभेद हुआ था. क्योंकि ब्रेट ली ने जब एलिजाबेथ से साल 2006 में शादी की थी तो वह अपने करियर पर शिखर पर थे. उस दौर में ऑस्ट्रेलिया विश्व क्रिकेट पर राज करती थी, जिसमें ब्रेट ली की भी अहम भूमिका थी. माना जाता है कि इंटरनेशनल टूर और मैचों के कारण ब्रेट ली लगातार कई महीने घर से दूर रहते थे. इसी दूरी ने ब्रेट ली और एलिजाबेथ के रिश्ते में तनाव पैदा कर दिया था. ब्रेट ली के लगातार दौरों की वजह से एलिजाबेथ को अपने करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने में काफी मुश्किल हो रही थी. शादी के बाद उनका एक प्यारा सा बच्चा भी हुआ, जिसके कारण एलिजाबेथ अकेली पड़ गईं थी. 2014 में ब्रेट ली ने की दूसरी शादी ब्रेट ली और एलिजाबेथ के बेटे का नाम प्रेस्टन है. तलाक के बाद दोनों ने मिलकर उसकी परवरिश करने का फैसला लिया था. कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि ब्रेट ली का क्रिकेट के प्रति प्यार और एलिजाबेथ को समय नहीं देने के कारण दोनों के बीच वैचारिक मतभेद बढ़ गए थे. इस वजह से दोनों ने अलग होने का फैसला किया. तलाक के बाद ब्रेट ली लगभग पांच साल तक सिंगल रहे और साल 2014 में उन्होंने लाना एंडरसन से दूसरी रचाई.