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ODI स्क्वॉड का ऐलान, लेकिन वर्ल्ड कप चैंपियन खिलाड़ी को नहीं मिली जगह; फैसले पर उठे सवाल

सिडनी  क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश के खिलाफ आगामी वनडे सीरीज के लिए स्क्वॉड का ऐलान कर दिया है। जोश इंग्लिस पाकिस्तान के बाद बांग्लादेश दौरे पर भी ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान रहेंगे, क्योंकि मिचेल मार्श अभी भी चोट से परेशान है। मार्श टखने की चोट के कारण समय पर ठीक नहीं हो पाए, लेकिन वे T20I की तैयारी के लिए ढाका में ग्रुप के साथ जुड़ेंगे। वहीं वर्ल्ड कप विनिंग टीम का हिस्सा रहें ट्रैविस हेड को पहले बांग्लादेश के खिलाफ वनडे और टी20 टीम के लिए चुना गया था, मगर नेशनल सिलेक्टर टोनी डोडेमेड के अनुसार उन्हें दोनों सीरीज के लिए पर्सनल लीव दे दी गई है। ओलिवर पीक और मैट शॉर्ट को बांग्लादेश ODI के लिए रखा गया है, जिन्हें पहले सिर्फ पाकिस्तान ODI के लिए चुना गया था। टॉड मर्फी को भी शामिल किया गया है। वह तनवीर संघा की जगह लेंगे, जो लेग स्पिनर हैं, उन्हें लाहौर में दूसरे ODI के दौरान हैमस्ट्रिंग में चोट लग गई थी। बेन ड्वारशुइस और जेवियर बार्टलेट भी टीम में शामिल हुए हैं, जो राइली मेरेडिथ और बिली स्टैनलेक की जगह लेंगे। मेरेडिथ T20I में वापसी करेंगे। मिचेल स्टार्क और जोश हेजलवुड के पहले से ही बाहर होने से, ODI टीम में हमेशा की तरह अनुभव की कमी है, लेकिन इंग्लिस को उम्मीद है कि इससे नए सदस्यों के लिए मौके बनेंगे। पीक और शॉर्ट, दोनों को शुरू में सिर्फ पाकिस्तान ODIs के लिए चुना गया था, अब मार्श और हेड की गैरमौजूदगी में बांग्लादेश की राजधानी में होने वाले तीन ODIs के लिए दोनों ही रहेंगे। शॉर्ट ने पाकिस्तान में बल्ले (पहले ODI में अर्धशतक) और गेंद (आखिरी दो ODIs में अपनी ऑफ़-स्पिन से चार विकेट) दोनों से प्रभावित करने के बाद अपनी जगह बनाए रखी है। फिर भी, ऑस्ट्रेलिया के दो सबसे सीनियर ODI बल्लेबाज़ों की गैरमौजूदगी का सबसे ज़्यादा फ़ायदा पीक को हो सकता है। 19 साल के पूर्व U19 वर्ल्ड कप कप्तान को लंबे समय से ऑस्ट्रेलिया के हाल के सबसे होनहार बल्लेबाज़ों में से एक माना जाता था, लेकिन पाकिस्तान में उनका इंटरनेशनल डेब्यू ज़्यादातर उम्मीदों से ज़्यादा तेजी से हुआ। ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश के बीच पहला वनडे मंगलवार 9 जून को ढाका में खेला जाएगा। इसके बाद के मैच 11 और 14 तारीख को उसी जगह पर खेले जाएंगे। T20Is 17 जून से शुरू होंगे। बांग्लादेश ODIs के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम जोश इंग्लिस (कप्तान), ज़ेवियर बार्टलेट, एलेक्स कैरी, कूपर कोनोली, बेन ड्वारशुइस, नाथन एलिस, कैमरून ग्रीन, मैथ्यू कुहनेमन, मार्नस लाबुशेन, टॉड मर्फी, ओलिवर पीक, मैथ्यू रेनशॉ, लियाम स्कॉट, मैट शॉर्ट, एडम जैंपा बांग्लादेश T20Is के लिए ऑस्ट्रेलिया टीम मिशेल मार्श (कप्तान), ज़ेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, टिम डेविड, जोएल डेविस, नाथन एलिस, कैमरून ग्रीन, एरॉन हार्डी, जोश इंग्लिस, स्पेंसर जॉनसन, मैथ्यू कुहनेमन, रिले मेरेडिथ, जोश फिलिप, मैथ्यू रेनशॉ, एडम ज़म्पा

0-2 की शर्मनाक हार के बाद PCB का बड़ा एक्शन, यूनुस खान बन सकते हैं नए टेस्ट कोच

नई दिल्ली बांग्लादेश के खिलाफ हालिया टेस्ट सीरीज में 0-2 की शर्मनाक हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में भूचाल ला दिया है. जिस टीम के खिलाफ जीत की उम्मीद की जा रही थी, उसी के हाथों क्लीन स्वीप होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अब बड़े बदलावों की तैयारी में जुट गया है़. हालात ऐसे हैं कि टेस्ट कप्तान शान मसूद और मुख्य कोच सरफराज अहमद दोनों की कुर्सी खतरे में बताई जा रही है. पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पीसीबी अध्यक्ष मोहसिन नकवी इस हार से बेहद नाराज हैं और टेस्ट टीम में व्यापक बदलाव चाहते हैं. बोर्ड अब सिर्फ खिलाड़ियों के प्रदर्शन की समीक्षा नहीं कर रहा, बल्कि टीम की पूरी नेतृत्व व्यवस्था में बदलाव पर विचार कर रहा है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने पूर्व कप्तान यूनुस खान और मोहम्मद हफीज से संपर्क किया है. दोनों से राष्ट्रीय टीम में अहम जिम्मेदारियां संभालने को लेकर बातचीत की गई है. सूत्रों के मुताबिक पीसीबी के भीतर यह प्रस्ताव रखा गया है कि सरफराज अहमद को टेस्ट टीम के मुख्य कोच पद से हटाकर फिर से अंडर-19 और पाकिस्तान 'ए' टीम की जिम्मेदारी दी जाए. सरफराज को बांग्लादेश दौरे से ठीक पहले टेस्ट टीम का कोच बनाया गया था, लेकिन टीम का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सका. एक सूत्र ने बताया, 'यूनुस खान और मोहम्मद हफीज दोनों की पीसीबी अधिकारियों से बातचीत हुई है. हालांकि अभी अंतिम फैसला नहीं लिया गया है. …तो ये दिग्गज बनेगा नया टेस्ट कोच! पाकिस्तान के सबसे सफल टेस्ट बल्लेबाजों में शामिल यूनुस खान को टेस्ट टीम का अगला कोच बनाने की तैयारी है. हालांकि बताया जा रहा है कि उन्होंने पीसीबी के सामने कुछ स्पष्ट शर्तें रखी हैं और जब तक उन पर सहमति नहीं बनती, कोई आधिकारिक घोषणा नहीं होगी. पीसीबी का मानना है कि टीम को फिर से मजबूत टेस्ट यूनिट बनाने के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिसके पास अनुभव भी हो और खिलाड़ियों पर प्रभाव भी. सिर्फ कोच सरफराज अहमद ही नहीं, कप्तान शान मसूद का भविष्य भी अधर में लटका हुआ है. बांग्लादेश के खिलाफ मिली हार के बाद उनकी कप्तानी पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों का कहना है कि मसूद ने आगामी वेस्टइंडीज और इंग्लैंड सीरीज तक खुद को मौका देने की अपील की है, लेकिन बोर्ड के भीतर बदलाव की मांग लगातार मजबूत होती जा रही है. ऐसे में उनकी कप्तानी पर फैसला जल्द लिया जा सकता है. पूर्व कप्तान मोहम्मद हफीज को मुख्य चयनकर्ता और इंटरनेशनल क्रिकेट डिपार्टमेंट का प्रमुख बनाने पर भी विचार किया जा रहा है. हालांकि पीसीबी के कुछ अधिकारी इस फैसले को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं. दरअसल, हफीज पिछले कुछ महीनों में टीम और बोर्ड की नीतियों पर खुलकर सवाल उठाते रहे हैं. ऐसे में उनके बोर्ड से जुड़ने पर नई बहस छिड़ सकती है. बोर्ड ने इस बीच राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में 49 खिलाड़ियों के लिए रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल कैम्प का भी ऐलान किया है. पीसीबी का कहना है कि यह कैम्प आने वाली अंतरराष्ट्रीय और घरेलू चुनौतियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. खिलाड़ियों को फिटनेस, तकनीक और मानसिक मजबूती पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा. साथ ही कोचों और मेडिकल स्टाफ के साथ व्यक्तिगत सत्र भी आयोजित किए जाएंगे.

अफगानिस्तान पर कहर बनकर टूटा भारत, मुल्लांपुर टेस्ट ने तोड़े 8 साल पुराने रिकॉर्ड

 मुल्लांपुर भारत और अफगानिस्तान के बीच मुल्लांपुर में खेला गया एकमात्र टेस्ट मैच भारतीय क्रिकेट इतिहास के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है। टीम इंडिया ने अपनी पहली पारी में 564 रनों का विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद अफगानिस्तान को दोनों पारियों में बैक-टू-बैक बेहद सस्ते में समेट दिया। इस ऐतिहासिक और घातक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में रनों के लिहाज से अपनी अब तक की सबसे बड़ी जीत दर्ज की है। आइए नजर डालते हैं टेस्ट क्रिकेट में भारत की पारियों के अंतर से मिली 5 सबसे बड़ी जीतों पर। पारी और 300 रनों से जीत (बनाम अफगानिस्तान, मुल्लांपुर, 2026) भारतीय टेस्ट इतिहास की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक जीत मुल्लांपुर के महाराजा यादवेंद्र सिंह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में अफगानिस्तान के खिलाफ आई है। पहली पारी में 8 विकेट पर 564 रन बनाकर पारी घोषित करने के बाद, भारतीय गेंदबाजों ने अफगानिस्तान की पहली पारी को 152 रन और दूसरी पारी को महज 112 रन पर ढेर कर दिया। अपनी ही कप्तानी के डेब्यू मैच में शुभमन गिल की अगुवाई वाली इस टीम ने विपक्षी टीम को फॉलोऑन देते हुए एक पारी और 300 रनों के अविश्वसनीय अंतर से धूल चटाई जो भारत की टेस्ट इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी जीत है। पारी और 272 रनों से जीत (बनाम वेस्टइंडीज, राजकोट, 2018) इस ऐतिहासिक मैच से पहले रनों के मामले में भारत की सबसे बड़ी टेस्ट जीत का रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के खिलाफ था। साल 2018 में राजकोट के मैदान पर खेले गए इस मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजों ने कैरेबियाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। भारत ने इस मैच को एक पारी और 272 रनों के विशाल अंतर से अपने नाम किया था जिसे अब मुल्लांपुर टेस्ट के शानदार प्रदर्शन ने दूसरे स्थान पर धकेल दिया है। पारी और 262 रनों से जीत (बनाम अफगानिस्तान, बेंगलुरु, 2018) अफगानिस्तान की टीम के खिलाफ भारत का दबदबा नया नहीं है। इससे पहले साल 2018 में जब अफगानी टीम अपना ऐतिहासिक डेब्यू टेस्ट मैच खेलने बेंगलुरु आई थी तब भी भारतीय टीम ने उन्हें संभलने का कोई मौका नहीं दिया था। एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए उस मैच को भारत ने महज दो दिनों के भीतर एक पारी और 262 रनों के बड़े अंतर से जीतकर अपने नाम किया था। पारी और 239 रनों से जीत (बनाम बांग्लादेश, मीरपुर, 2007) भारतीय टीम की चौथी सबसे बड़ी टेस्ट जीत पड़ोसी देश बांग्लादेश के खिलाफ आई थी। साल 2007 में मीरपुर के शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय टीम ने खेल के हर विभाग में दमदार प्रदर्शन किया था। राहुल द्रविड़ की कप्तानी में खेलते हुए भारतीय टीम ने बांग्लादेशी सरजमीं पर मेजबान टीम को एक पारी और 239 रनों के करारे अंतर से शिकस्त दी थी। पारी और 239 रनों से जीत (बनाम श्रीलंका, नागपुर, 2017) जीत के इसी अंतर (पारी और 239 रन) के साथ भारतीय टीम ने साल 2017 में श्रीलंका को भी पटखनी दी थी। नागपुर में खेले गए इस टेस्ट मैच में विराट कोहली के दोहरे शतक और गेंदबाजों के सामूहिक प्रदर्शन की बदौलत भारत ने श्रीलंकाई टीम को पूरी तरह बैकफुट पर धकेल दिया था। यह जीत आज भी रनों के लिहाज से संयुक्त रूप से भारत की पांचवीं सबसे बड़ी टेस्ट जीत के रूप में दर्ज है।  

टीम इंडिया की शानदार जीत! मुल्लांपुर टेस्ट में अफगानिस्तान तीसरे दिन ही हुआ ढेर

 मुल्लांपुर मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला गया. इस मुकाबले को भारतीय टीम ने पारी और 300 रनों से जीता. मुकाबला तीसरे दिन के तीसरे सत्र में ही समाप्त हो गया।  भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. इसके बाद अफगानी टीम अपनी पहली पारी में 152 रनों पर ढेर हो गई और उसे फॉलोऑन खेलना पड़ रहा है. पहली पारी के आधार पर भारत को 412 रनों की बड़ी लीड मिली. फिर अफगानिस्तान की दूसरी पारी 112 रनों पर ही सिमट गई. मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था।  फॉलोऑन खेलते हुए भी अफगानी टीम की शुरुआत कुछ ठीक नहीं रही. अब्दुल मलिक सिर्फ 8 रनों के निजी स्कोर पर मोहम्मद सिराज का शिकार बने. यहां से अफगानिस्तान ने लगाातार अंतराल में विकेट खोए. सेदिकुल्लाह अटल ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए. वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज (24 रन) और रहमत शाह (13 रन) भी दोहरे अंकों तक पहुंचने में सफल रहे. वॉशिंगटन सुंदर ने चार और कुलदीप यादव ने तीन सफलताएं हासिल कीं।  अफगानिस्तान की दूसरी पारी का स्कोरकार्ड बल्लेबाज विकेट रन सेदिकुल्लाह अटल कॉट प्रसिद्ध कृष्णा, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 42 अब्दुल मलिक LBW मोहम्मद सिराज 8 रहमानुल्लाह गुरबाज कॉट प्रसिद्ध कृष्णा, बोल्ड कुलदीप यादव 24 रहमत शाह कॉट मानव सुथार, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 13 हशमतुल्लाह शाहिदी कॉट शुभमन गिल, बोल्ड  वॉशिंगटन सुंदर 5 अफसर जजई LBW मानव सुथार 8 अजमतुल्लाह उमरजई कॉट कुलदीप यादव, बोल्ड वॉशिंगटन सुंदर 4 नांगेयालिया खरोटी कॉट मानव सुथार, बोल्ड कुलदीप यादव 6 जियाउर रहमान शरीफी नाबाद 4* मोहम्मद सलीम सफी कॉट साई सुदर्शन, बोल्ड कुलदीप यादव 0 विकेट पतन: 42-1 (अब्दुल मलिक, 13.1 ओवर), 74-2 (रहमानुल्लाह गुरबाज, 19.1 ओवर), 87-3 (रहमत शाह, 22.6 ओवर), 93-4 (हशमतुल्लाह शाहिदी, 26.3 ओवर), 98-5 (सेदिकुल्लाह अटल, 28.6 ओवर) मानव सुथार ने झटके 6 विकेट पहली पारी में अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे दिन के ही खेल में अफगानिस्तान ने पांच विकेट गंवा दिए. अब्दुल मलिक (16 रन), रहमानुल्लाह गुरबाज (17 रन) और अफसर जजई (3 रन) के विकेट स्पिनर मानव सुथार ने झटके. सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17 रन) और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20 रन) को पवेलियन रवाना कर दिया. रहमत शाह ने शानदार बैटिंग कर अफगानी इनिंग्स को संभालने का प्रयास किया। तीसरे दिन के खेल में भारतीय टीम को प्रसिद्ध कृष्णा ने जल्द ही कामयाबी दिलाई और उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई (0 रन) को बोल्ड किया. रहमत शाह की शानदार बैटिंग जारी रही और वो भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 50 या उससे ज्यादा की इनिंग्स खेलने वाले पहले अफगानी बल्लेबाज बने. शराफुद्दीन अशरफ (11 रन) ने रहमत का साथ देने की कोशिश की, लेकिन मानव सुथार ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया। इसके बाद मानव सुथार ने रहमत शाह को बोल्ड कर अपने पांच विकेट पूरे किए. रहमत ने 9 चौके और एक छक्के की मदद से 135 बॉल पर 60 रन बनाए. मानव सुथार यही नहीं रुके और मोहम्मद सलीम सफी (0 रन) को आउट कर अपना छठा विकेट लिया. जियाउर रहमान शरीफी (6 रन) आउट होने वाले आखिरी बैटर रहे, जिनका विकेट वॉशिंगटन सुंदर ने लिया. भारत की ओर से स्पिनर मानव सुथार ने अपनी डेब्यू इनिंग्स में 6 विकेट झटके ।   डेब्यू टेस्ट मैच में कमाल: छह विकेट लेने वाले 10वें भारतीय बने मानव सुथार भारत में प्रतिभाओं की कमी नहीं है। बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज मानव सुथार ने अपने डेब्यू टेस्ट मैच में ही चमक बिखेरी और वह फाइव विकेट हॉल पूरा करने में सफल रहे। मुल्लांपुर में अफगानिस्तान के खिलाफ खेले जा रहे एकमात्र टेस्ट मैच के तीसरे दिन सुथार ने यह उपलब्धि अपने नाम दर्ज की। मानव सुथार की अगुआई में गेंदबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने अफगानिस्तान की पहली पारी 152 रन पर ढेर कर दी है। भारत ने पहली पारी आठ विकेट पर 564 रन पर घोषित की थी। इस तरह भारत को 412 रनों की बड़ी बढ़त हासिल हुई है। भारत ने अफगानिस्तान को फॉलोआन देने का फैसला किया है जिसके बाद टीम दूसरी पारी में खेलने उतरी।   भारत की पहली पारी में दमदार बल्लेबाजी भारत ने पहली पारी में दमदार बल्लेबाजी की थी। भारत की ओर से कप्तान शुभमन गिल और केएल राहुल ने शतक लगाए थे। वहीं, साई सुदर्शन, ऋषभ पंत और वाशिंगटन सुंदर ने अर्धशतक लगाए थे। अफगानिस्तान की टीम भारत को आॅलआउट नहीं कर सकी थी और टीम इंडिया ने दूसरे दिन चायकाल से पहले पारी घोषित करने का फैसला किया था। अफगान के रहमत ने 60 रन की पारी खेली अफगानिस्तान की पहली पारी तीसरे दिन पहले सत्र में ही ढेर हो गई। अफगानिस्तान के लिए सिर्फ रहमत शाह ने 60 रन की पारी खेली। अन्य बल्लेबाज फ्लॉप रहे। भारत की ओर से डेब्यू कर रहे मानव सुथार ने छह विकेट झटके। वहीं, प्रसिद्ध कृष्णा को तीन और वाशिंगटन सुंदर को एक विकेट मिला। भारतीय गेंदबाज का दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मानव ने अफगानिस्तान के खिलाफ पहली पारी में 33 रन देकर छह विकेट लिए जो किसी भारतीय गेंदबाज का टेस्ट डेब्यू पर पहली पारी में दूसरा सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। यह रिकॉर्ड नरेंद्र हिरवानी के नाम है जिन्होंने 1988 में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने टेस्ट डेब्यू की पहली पारी में 61 रन देकर आठ विकेट लिए थे। वहीं, 1967 में आबिद अली ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू टेस्ट की पहली पारी में 55 रन देकर छह विकेट और दिलीप जोशी ने 1979 में आॅस्ट्रेलिया के खिलाफ 103 रन देकर छह विकेट लिए थे। सुथार 10वें भारतीय हैं जिन्होंने टेस्ट डेब्यू पर फाइव विकेट हॉल पूरा किया है, जबकि सातवें भारतीय स्पिनर हैं जो पहले ही टेस्ट में यह कीर्तिमान अपने नाम कर सके हैं। गेंद और बल्ले दोनों से दिया योगदान अफगानिस्तान के खिलाफ अपने डेब्यू टेस्ट मैच में युवा स्पिन आलराउंडर मानव सुथार ने शानदार प्रदर्शन कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने गेंदबाजी में बेहद किफायती और प्रभावी स्पेल डाला। वहीं, बल्लेबाजी में भी मानव ने उपयोगी योगदान देते हुए 41 गेंदों पर 28 … Read more

मुल्लांपुर टेस्ट: भारत की अफगानिस्तान पर बड़ी जीत

मुल्लांपुर मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) के महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारत और अफगानिस्तान के बीच टेस्ट मैच खेला गया. इस मुकाबले को भारतीय टीम ने पारी और 300 रनों से जीता. मुकाबला तीसरे दिन के तीसरे सत्र में ही समाप्त हो गया. भारतीय टीम ने इस मुकाबले में अपनी पहली पारी 8 विकेट पर 564 रन बनाकर घोषित की. इसके बाद अफगानी टीम अपनी पहली पारी में 152 रनों पर ढेर हो गई और उसे फॉलोऑन खेलना पड़ रहा है. पहली पारी के आधार पर भारत को 412 रनों की बड़ी लीड मिली. फिर अफगानिस्तान की दूसरी पारी 112 रनों पर ही सिमट गई. मुकाबले में टॉस भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीता था और पहले बैटिंग करने का निर्णय लिया था. फॉलोऑन खेलते हुए भी अफगानी टीम की शुरुआत कुछ ठीक नहीं रही. अब्दुल मलिक सिर्फ 8 रनों के निजी स्कोर पर मोहम्मद सिराज का शिकार बने. यहां से अफगानिस्तान ने लगाातार अंतराल में विकेट खोए. सलामी बल्लेबाज सेदिकुल्लाह अटल ने सबसे ज्यादा 42 रन बनाए. वहीं रहमानुल्लाह गुरबाज (24 रन) और रहमत शाह (13 रन) भी दोहरे अंकों तक पहुंचने में सफल रहे. वॉशिंगटन सुंदर ने चार और कुलदीप यादव ने तीन सफलताएं हासिल कीं. मानव सुथार ने झटके 6 विकेट पहली पारी में अफगानी टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. दूसरे दिन के ही खेल में अफगानिस्तान ने पांच विकेट गंवा दिए. अब्दुल मलिक (16 रन), रहमानुल्लाह गुरबाज (17 रन) और अफसर जजई (3 रन) के विकेट स्पिनर मानव सुथार ने झटके. सुथार का ये डेब्यू मुकाबला है. वहीं तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने सेदिकुल्लाह अटल (17 रन) और कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी (20 रन) को पवेलियन रवाना कर दिया. रहमत शाह ने शानदार बैटिंग कर अफगानी इनिंग्स को संभालने का प्रयास किया. तीसरे दिन के खेल में भारतीय टीम को प्रसिद्ध कृष्णा ने जल्द ही कामयाबी दिलाई और उन्होंने अजमतुल्लाह उमरजई (0 रन) को बोल्ड किया. रहमत शाह की शानदार बैटिंग जारी रही और वो भारत के खिलाफ टेस्ट मैच में 50 या उससे ज्यादा की इनिंग्स खेलने वाले पहले अफगानी बल्लेबाज बने. शराफुद्दीन अशरफ (11 रन) ने रहमत का साथ देने की कोशिश की, लेकिन मानव सुथार ने उनकी इनिंग्स पर ब्रेक लगा दिया. इसके बाद मानव सुथार ने रहमत शाह को बोल्ड कर अपने पांच विकेट पूरे किए. रहमत ने 9 चौके और एक छक्के की मदद से 135 बॉल पर 60 रन बनाए. मानव सुथार यही नहीं रुके और मोहम्मद सलीम सफी (0 रन) को आउट कर अपना छठा विकेट लिया. जियाउर रहमान शरीफी (6 रन) आउट होने वाले आखिरी बैटर रहे, जिनका विकेट वॉशिंगटन सुंदर ने लिया. भारत की ओर से स्पिनर मानव सुथार ने अपनी डेब्यू इनिंग्स में 6 विकेट झटके. भारत की पहली पारी में शुभमन-राहुल के शतक भारतीय टीम के लिए पहली पारी में कप्तन शुभमन गिल और सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने शतक जड़े. शुभमन ने 15 चौके और एक छक्के की सहायता से 177 गेंदों पर 126 रन बनाए. शुभमन के टेस्ट करियर की ये 11वीं सेंचुरी रही. वहीं केएल राहुल ने 11 चौके की मदद से 165 बॉल पर 100 रनों का योगदान दिया. राहुल के टेस्ट करियर का ये 12वां शतक रहा. साई सुदर्शन (81), ऋषभ पंत (81 रन) और वॉशिंगटन सुंदर (नाबाद 52 रन) भी अर्धशतक जड़ने में कामयाब रहे. अफगानिस्तान की ओर से तेज गेंदबाज मोहम्मद सलीम सफी ने सबसे ज्यादा 6 विकेट झटके. मुकाबले में भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, मानव सुथार, मोहम्मद सिराज, कुलदीप यादव और प्रसिद्ध कृष्णा. मुकाबले में अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन: अब्दुल मलिक, सेदिकुल्लाह अटल, रहमानुल्लाह गुरबाज, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अफसर जजई (विकेटकीपर), अजमतुल्लाह उमरजई, शराफुद्दीन अशरफ, नांगेयालिया खरोटी, जियाउर रहमान शरीफी और मोहम्मद सलीम सफी.

इंग्लैंड दौरे से पहले वैभव सूर्यवंशी को लेकर हाइप, टिकट बिक्री तक पर असर की चर्चा

नई दिल्ली वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट का वह नाम बन चुके हैं, जिन्हें इस साल 'must-watch show' कहा जा रहा है. कमेंट्री में साफ कहा गया- इंग्लैंड दौरे से पहले ही उनके इर्द-गिर्द मीडिया फ्रेंजी तय है और इसका असर सीधे स्टेडियम की टिकट बिक्री तक दिख सकता है. इंग्लैंड के क्रिकेट पंडितों से लेकर पूर्व खिलाड़ियों तक… हर कोई मान रहा है कि यह किशोर बल्लेबाज सिर्फ रन नहीं बनाता, बल्कि मैच का पूरा माहौल बदल देता है. IPL प्रदर्शन के बाद उन्हें भारत की टी20 टीम में शामिल किया गया है और अब चर्चा इस बात की है कि जैसे ही वह इंग्लैंड दौरे पर उतरेंगे, वहां मीडिया और दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ सकती है. एक कमेंट्री चर्चा में यहां तक कहा गया- 'ECB खुश होगा, क्योंकि इससे टिकट और बिकेंगे.' दरअसल, 15 साल के भारतीय बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी अब सिर्फ क्रिकेटर नहीं, बल्कि एक चलता-फिरता इवेंट बन चुके हैं. इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर एलिजाबेथ अमोन और मार्क बुचर की बातें सुनकर साफ है- दौरा नहीं, अब 'शो' शुरू होने वाला है. मार्क बुचर ने तो सीधे टिकटिंग विभाग को ही मैसेज भेज दिया- 'ECB खुश होगा… ये लड़का स्टेडियम भरवा देगा!' मतलब क्रिकेट कम, और ‘वैभव इफेक्ट’ ज्यादा. और यह कहना भी मुश्किल नहीं कि इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड (England and Wales Cricket Board) अब चुपचाप कैलेंडर पर इस सीरीज को गोल कर चुका होगा- जहां क्रिकेट भी होगा और हाइप भी.     'नेट्स में भी बॉलर पूछते हैं- भाई, डालूं कहां?' लियाम लिविंगस्टोन जैसे खिलाड़ियों की बात मानें तो वैभव नेट्स में भी वही करते हैं जो मैच में करते हैं- सीधा हमला. और पैट कमिंस का हाल तो और मजेदार है- 'समझ ही नहीं आता, इसे गेंद डालूं कहां!' मतलब बॉलर का प्लान नहीं, अब वैभव का मूड तय करता है मैच. आंकड़े नहीं, यह क्रिकेट का अलार्म है – 237+ की स्ट्राइक रेट पूरे IPL टूर्नामेंट में – सबसे ज्यादा रन – सबसे ज्यादा छक्कों की बरसात और ये सब किसी अनुभवी स्टार ने नहीं… 15 साल के बच्चे ने किया है. एलिजाबेथ अमोन का रिएक्शन भी सीधा था- '237 स्ट्राइक रेट? यह क्रिकेट नहीं, तबाही है.' 'डिफेंस? वो तो शायद डिक्शनरी में देखा होगा!' उनके बचपन के कोच मनीष ओझा का खुलासा और भी दिलचस्प है-  'मैंने उसे कभी डिफेंस की प्रैक्टिस करते नहीं देखा.' यानी किताबें शायद कहती हों तकनीक, लेकिन वैभव की किताब में सिर्फ एक ही चैप्टर है- अटैक, अटैक और अटैक. इंग्लैंड में असली टेस्ट: स्विंग या शो? अब कहानी सिर्फ टैलेंट की नहीं, टेम्परामेंट की है. इंग्लैंड की स्विंग, ओवरकास्ट आसमान और सख्त विकेट या फिर वैभव का वही पुराना अंदाज? एक बात तय है- स्टेडियम में लोग मैच देखने कम, और 15 साल के उस लड़के का तूफान देखने ज्यादा आएंगे. वैभव को लेकर जो सबसे बड़ी बात निकलकर आती है, वह सिर्फ उनका रन या स्ट्राइक रेट नहीं है, बल्कि उनका इम्पैक्ट फैक्टर है. कमेंट्री में कहा गया है कि वह ऐसे बल्लेबाज हैं जो मैच के साथ-साथ पूरा माहौल बदल देते हैं. वह गेंदबाजों के लिए अनिश्चितता, दर्शकों के लिए रोमांच और आयोजकों के लिए बड़ा कमर्शियल आकर्षण हैं. इसी वजह से इंग्लैंड जैसे बड़े मंच पर उनके संभावित प्रदर्शन को सिर्फ क्रिकेटिंग टैलेंट नहीं, बल्कि 'स्टेडियम-ड्रिवन इकोनॉमी' से भी जोड़ा जा रहा है. आसान शब्दों में- वैभव अब सिर्फ खेल नहीं, बल्कि भीड़ खींचने वाला एक बड़ा फैक्टर बन चुके हैं. भारत का इंग्लैंड दौरा (टी20) • 1 जुलाई: पहला टी20, चेस्टर ले स्ट्रीट • 4 जुलाई: दूसरा टी20, मैनचेस्टर • 7 जुलाई: तीसरा टी20, नॉटिंघम • 9 जुलाई: चौथा टी20, ब्रिस्टल • 11 जुलाई: पांचवां टी20, साउथम्प्टन

SAFF फाइनल 2026: भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर खिताब अपने नाम किया

नई दिल्ली  भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने साउथ एशियन फुटबॉल फेडरेशन (SAFF) में शानदार प्रदर्शन किया। टीम ने फाइनल में बांग्लादेश को हराया और खिताब पर कब्जा जमाया। भारत ने सात सालों से चले आ रहे सूखे को इसी के साथ समाप्त कर दिया। टीम इंडिया फाइनल में पहुंच रही थी लेकिन खिताबी जंग में उन्हें लगातार निराशा मिल रही थी लेकिन इस मुकाबले में भारत ने अंतिम बाधा को भी पार कर लिया। भारत ने इससे पहले साल 2019 में इस ट्रॉफी पर कब्जा जमाया था लेकिन उसके बाद टीम इंडिया खिताब नहीं जीत सकी थी। हालांकि, भारत ने अब इस सूखे को समाप्त कर दिया है और चैंपियन बनी है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी महिला टीम के चैंपियन बनने पर खुशी जताई है और उन्हें बधाई दी है। मैच में भारत का दबदबा भारत ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार फॉर्म दिखाई। टीम ने सभी मैच जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल खाया। फाइनल में भी भारत की टीम शुरू से ही आक्रामक रही। बांग्लादेश पिछले दो टूर्नामेंट (2022 और 2024) की चैंपियन थी, लेकिन इस बार उसे खिताब बचाने का मौका नहीं मिला। प्यारी जक्सा का शानदार खेल पहले हाफ के अंत में भारत को बढ़त मिली। प्यारी जक्सा ने पेनल्टी एरिया में अच्छा फुटवर्क दिखाया और शॉट मारा। बांग्लादेश की डिफेंडर पर लगे डिफ्लेक्शन के बाद गेंद गोलकीपर के ऊपर से जाल में चली गई लेकिन बांग्लादेश ने हार नहीं मानी। स्टॉपेज टाइम में रितु पूर्णा चकमा ने लेफ्ट साइड से कमजोर शॉट मारकर स्कोर बराबर कर दिया। यह टूर्नामेंट में भारत का पहला और आखिरी गोल था। दूसरे हाफ की शुरुआत में ही भारत ने फिर बढ़त बना ली। प्यारी जक्सा ने दाहिनी तरफ से क्रॉस किया, जिसे संफिदा नोंग्रुम ने हेडर से गोल में बदल दिया। गेंद पोस्ट से लगकर अंदर गई। मैच के 82वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी लिंडा कोम सेरतो ने डिफेंस की गलती का फायदा उठाया और गोल करके स्कोर 3-1 कर दिया। इस जीत के साथ भारत ने खिताब पर कब्जा जमाया। सात साल का इंतजार खत्म 2019 के बाद भारत दो टूर्नामेंट में फाइनल तक नहीं पहुंच पाया था। इस बार घरेलू मैदान पर टीम ने पूरा जोर लगाया और पुराना गौरव वापस हासिल किया। मनीषा कल्याण समेत कई खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया। यह जीत भारतीय महिला फुटबॉल के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे टीम का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगे आने वाले बड़े टूर्नामेंट के लिए तैयारियां मजबूत होंगी।  

चार घंटे के थ्रिलर में ज्वेरेव की जीत: पांच सेटों के संघर्ष के बाद मिला फ्रेंच ओपन खिताब

 पेरिस  जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने वर्षों की निराशा को पीछे छोड़ते हुए आखिरकार अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब जीत लिया। ज्वेरेव ने रविवार को फ्रेंच ओपन पुरुष सिंगल्स के फाइनल में इटली के फ्लावियो कोबोली को चार घंटे और 16 मिनट तक पांच सेट चले संघर्षपूर्ण मुकाबले में 6-1, 4-6, 6-4, 6-7 (5), 6-1 से हराकर रोलां गैरो का खिताब अपने नाम किया। 29 वर्षीय ज्वेरेव के करियर का यह सबसे बड़ा क्षण रहा। इससे पहले वह तीन बार ग्रैंडस्लैम फाइनल में हार चुके थे, जिसमें 2024 का फ्रेंच ओपन फाइनल भी शामिल था। इस जीत के साथ वह पिछले 30 वर्षों में ग्रैंडस्लैम सिंगल्स खिताब जीतने वाले पहले जर्मन पुरुष खिलाड़ी बन गए। उनसे पहले 1996 में बोरिस बेकर ने आस्ट्रेलियन ओपन जीता था। एलेक्जेंडर ज्वेरेव ने पहले ही सेट में बनाया दबाव फिलिप चैट्रियर कोर्ट पर खेले गए फाइनल में ज्वेरेव ने शानदार शुरुआत की। उन्होंने पहले सेट में कोबोली को पूरी तरह दबाव में रखते हुए 6-1 से जीत दर्ज की। हालांकि 10वीं वरीयता प्राप्त कोबोली ने दूसरे सेट में जोरदार वापसी की। सातवें गेम में सर्विस ब्रेक हासिल कर उन्होंने सेट 6-4 से जीत लिया और मुकाबला बराबरी पर ला दिया। तीसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली, लेकिन कोबोली की एक अनफोर्स्ड गलती ने ज्वेरेव को सेट प्वाइंट दे दिया, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाकर 6-4 से सेट अपने नाम किया। चौथे सेट में ज्वेरेव एक समय मजबूत स्थिति में थे, लेकिन दबाव के क्षणों में उनकी लय बिगड़ गई। टाईब्रेक में कोबोली ने आक्रामक खेल दिखाते हुए सेट जीत लिया और मुकाबले को निर्णायक पांचवें सेट तक खींच दिया। एलेक्जेंडर ज्वेरेव की सूझबूझ आई काम निर्णायक सेट में ज्वेरेव का अनुभव और मानसिक मजबूती काम आई। उन्होंने शुरुआत से ही मैच पर नियंत्रण बना लिया और कोबोली को कोई मौका नहीं दिया। 6-1 से सेट जीतकर उन्होंने अपने करियर का बहुप्रतीक्षित पहला ग्रैंडस्लैम खिताब हासिल कर लिया। यह जीत कई मायनों में ऐतिहासिक रही। ज्वेरेव ने अपने 125वें ग्रैंडस्लैम मैच जीत के बाद पहला मेजर खिताब जीता। इससे पहले किसी खिलाड़ी ने अपने पहले ग्रैंडस्लैम खिताब के लिए इतनी अधिक जीत का इंतजार नहीं किया था। टूर्नामेंट में इस बार कई बड़े उलटफेर हुए। कई दिग्गज पहले ही हो गए थे बहर कार्लोस अलकराज की अनुपस्थिति में विश्व नंबर एक जानिक सिनर, 24 बार के ग्रैंडस्लैम विजेता नोवाक जोकोविक दूसरे सप्ताह से पहले ही बाहर हो गए थे, जिसके बाद ज्वेरेव पर खिताब जीतने का दबाव और उम्मीद दोनों बढ़ गई थीं। आखिरकार उन्होंने उस चुनौती को स्वीकार किया और अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली। फ्रेंच ओपन 2026 का यह खिताब न केवल ज्वेरेव के लिए, बल्कि जर्मन टेनिस के लिए भी एक नई शुरुआत माना जा रहा है।  

‘क्या मुझे खेलना बंद कर देना चाहिए?’ हरमनप्रीत कौर ने सवाल से पलट दिया माहौल

लंदन आईसीसी विमेंस टी20 विश्व कप 2026 के आगाज से पहले भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर सुर्खियों में आ गई हैं. लंदन में आयोजित 'कैप्टन्स कार्निवल' कार्यक्रम के दौरान एक रिपोर्टर ने उनसे ऐसा सवाल पूछ लिया, जिसकी शायद उन्हें उम्मीद नहीं थी. हरमनप्रीत ने जिस अंदाज में जवाब दिया, उसने रिपोर्टर की बोलती बंद कर दी. 37 वर्षीय हरमनप्रीत कौर से जब पूछा गया कि क्या यह उनका आखिरी टी20 विश्व कप होगा, तो भारतीय कप्तान ने जवाब देने के बजाय ऐसा सवाल दागा कि माहौल ही बदल गया. उनका जवाब सुनकर कई लोगों को महेंद्र सिंह धोनी की याद आ गई, जो अपने करियर के दौरान ऐसे सवालों का जवाब बेहद चतुराई और सादगी से दिया करते थे. टी20 विश्व कप से पहले आयोजित कार्यक्रम में एक रिपोर्टर ने हरमनप्रीत कौर से पूछा, 'क्या यह आपका आखिरी टी20 विश्व कप होगा?' इस पर हरमनप्रीत कौर ने मुस्कुराते हुए कहा, 'क्यों?' रिपोर्टर ने जवाब दिया, 'बस पूछ रहा था.' इसके बाद भारतीय कप्तान ने पलटकर पूछा, 'क्या आपको लगता है कि मुझे खेलना बंद कर देना चाहिए?' रिपोर्टर ने तुरंत कहा, 'बिल्कुल नहीं.' इस पर हरमनप्रीत कौर ने मुस्कुराते हुए कहा, 'तो फिर आप यह सवाल क्यों पूछ रहे हैं?' इस जवाब के बाद कार्यक्रम में मौजूद लोग भी मुस्कुराने लगे और रिपोर्टर के पास कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं बचा. हरमनप्रीत कौर का यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. कई प्रशंसकों ने इसे 'धोनी स्टाइल रिप्लाई' बताया है. महेंद्र सिंह धोनी भी अपने करियर में रिटायरमेंट से जुड़े सवालों का जवाब अक्सर इसी अंदाज में देते थे- कम शब्द, लेकिन सीधा असर. हरमनप्रीत ने अपने जवाब से साफ कर दिया कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान क्रिकेट पर है, न कि संन्यास पर. पिछले साल भारतीय महिला टीम ने हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में वनडे विश्व कप खिताब जीता था. इसके बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह अपने करियर का सबसे बड़ा सपना पूरा करने के बाद संन्यास का ऐलान कर सकती हैं. लेकिन हरमनप्रीत ने तब भी साफ कर दिया था कि उनका क्रिकेट छोड़ने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने कहा था कि जब तक वह टीम के लिए योगदान दे सकती हैं, तब तक खेलती रहेंगी. 2009 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखने वाली हरमनप्रीत कौर आज भारतीय महिला क्रिकेट की पहचान बन चुकी हैं.  वह भारत की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं और वनडे व टी20 दोनों फॉर्मेट में 4000 से अधिक रन बना चुकी हैं, उनकी कप्तानी में भारतीय महिला टीम ने कई ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं और वह आज भी टीम की सबसे अहम खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं. विमेंस टी20 विश्व कप 2026 में भारत अपने अभियान की शुरुआत 14 जून को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ करेगा. भारतीय टीम को ग्रुप-ए में रखा गया है, जहां ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका, पाकिस्तान, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स जैसी टीमें मौजूद हैं.

श्रेयस अय्यर का बड़ा बयान चर्चा में, कप्तानी मिलते ही दिखाई अलग पहचान बनाने की चाह

 मुंबई भारतीय टी20 टीम के नए कप्तान श्रेयस अय्यर ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं. श्रेयस ने कहा है कि वह कप्तानी की चुनौती का स्वागत करते हैं, लेकिन इसके लिए अपनी पहचान नहीं बदलेंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वह किसी की परछाई बनकर टीम का नेतृत्व नहीं करना चाहते, बल्कि अपने अंदाज में टीम इंडिया को आगे बढ़ाना चाहते हैं।  मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान श्रेयस अय्यर ने कप्तानी को लेकर खुलकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की कमान संभालना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है, लेकिन वह खुद को बदलने में विश्वास नहीं रखते. अय्यर ने कहा, 'मुझे कप्तान की जिम्मेदारी मिली है और यह मेरे लिए एक शानदार चुनौती है. लेकिन इसके लिए मुझे अपने व्यक्तित्व में बदलाव की जरूरत नहीं है. मैं वही इंसान रहूंगा जो पहले था. मैं किसी और जैसा बनने की कोशिश नहीं करूंगा और न ही किसी की परछाई में रहना चाहता हूं।  उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब भारतीय क्रिकेट में कप्तानों की तुलना अक्सर उनके पूर्ववर्तियों से की जाती है, ऐसे में अय्यर ने साफ संकेत दिया है कि वह अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं. श्रेयस अय्यर का सफर आसान नहीं रहा है. दिसंबर 2023 में आखिरी टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने के बाद वह लंबे समय तक टीम से बाहर रहे, टी20 विश्व कप और एशिया कप जैसी बड़ी प्रतियोगिताओं में भी उन्हें मौका नहीं मिला. जब चयनकर्ता दूसरी दिशाओं में देख रहे थे, तब अय्यर ने मैदान पर जवाब दिया. घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाए और आईपीएल में अपनी कप्तानी से सभी को प्रभावित किया।  कप्तानी में जलवा दिखा चुके श्रेयस श्रेयस अय्यर की वापसी की सबसे बड़ी वजह उनका शानदार आईपीएल रिकॉर्ड रहा. उन्होंने 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चैम्पियन बनाया. इसके बाद 2025 में पंजाब किंग्स (PBKS) को फाइनल तक पहुंचाया और 2026 में भी अपने नेतृत्व कौशल का शानदार प्रदर्शन किया. एक कप्तान के रूप में उनकी सबसे बड़ी ताकत दबाव में शांत रहना और खिलाड़ियों से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन निकलवाना मानी जाती है. यही गुण उन्हें भारतीय टीम की कप्तानी तक लेकर आए।  दिलचस्प बात यह है कि गौतम गंभीर और श्रेयस अय्यर की जोड़ी एक बार फिर साथ काम करेगी. आईपीएल 2024 में दोनों ने कोलकाता नाइट राइडर्स को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी. हालांकि उस समय टीम की सफलता का बड़ा श्रेय गंभीर को मिला, जबकि अय्यर की कप्तानी को उतनी चर्चा नहीं मिली. अब दोनों भारतीय टीम में कोच और कप्तान की भूमिका में साथ होंगे. यही वजह है कि अय्यर का 'किसी की परछाई में नहीं रहना चाहता' वाला बयान काफी चर्चा में है. इसे उनकी स्वतंत्र सोच और अपनी पहचान बनाने की इच्छा के रूप में देखा जा रहा है।  भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) अब अगले टी20 विश्व कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 को ध्यान में रखकर नई टीम तैयार कर रहा है. सूर्यकुमार यादव के बाद कप्तानी की जिम्मेदारी श्रेयस अय्यर को सौंपना इसी बदलाव का हिस्सा माना जा रहा है. श्रेयस के सामने सिर्फ मैच जीतने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि एक ऐसी टीम तैयार करने की जिम्मेदारी भी होगी जो आने वाले वर्षों में भारत को आईसीसी ट्रॉफियां दिला सके।