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कोहली का नाबाद 139 रन का तूफान, भारत ने वेस्टइंडीज को रौंदा

 तिरुवनतंपुरम भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए आठ विकेट से जीत दर्ज की और तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। वेस्टइंडीज ने 295 रन बनाए थे, लेकिन विराट कोहली और शुभमन गिल के शतकों ने भारत के लिए लक्ष्य आसान कर दिया। कोहली ने नाबाद 139 और गिल ने 113 रन की पारी खेली। 8 विकेट से जीता भारत भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे में शानदार जीत दर्ज की। तिरुवनंतपुरम में खेले गए मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। विराट कोहली 139 और गायकवाड़ 13 रन बनाकर नाबाद रहे। विराट कोहली ने 42वें ओवर की तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार दो छक्के जड़कर भारत को जीत दिला दी। भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंद बाकी रहते 296 रन का लक्ष्य हासिल कर लिया। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में सात विकेट पर 295 रन बनाए। जस्टिन ग्रीव्स ने 101 और जॉन कैंपबेल ने 62 रन बनाए। भारत के लिए कुलदीप यादव ने चार विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 42 ओवर में दो विकेट पर 296 रन बनाकर मैच जीत लिया। कप्तान शुभमन गिल ने 113 रन की शानदार पारी खेली। वहीं विराट कोहली ने नाबाद 139 रन बनाए। कोहली ने अपनी पारी में 10 चौके और नौ छक्के लगाए। रोहित शर्मा ने भी 32 रन बनाए। विराट कोहली ने तिरुवनंतपुरम ओडीआई में तूफानी शतकीय पारी खेल रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी. आइए उन रिकॉर्ड्स और कीर्तिमानों पर एक नजर डालें… 1. विराट कोहली वनडे इंटरनेशनल में सबसे तेज 15 हजार रन बनाने वाले बल्लेबाज चुके हैं. कोहली ने मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर को पछाड़ दिया. कोहली ने 303 पारियों और 15950 गेंदों में ये उपलब्धि हासिल की. वहीं सचिन ने 15 हजार ओडीआई रन पूरा करने के लिए 377 पारियां और 17528 गेंदें ली थी।  15 हजार ODI रनों का सफर: सचिन vs कोहली उम्र: 34 साल 66 दिन vs 37 साल 326 दिन पारी: 377 vs 303 गेंदें: 17528 vs 15950 डेब्यू से कुल दिन: 6402 बनाम 6614 2. विराट कोहली वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार रनों का आंकड़ा छूने वाले सिर्फ दूसरे बल्लेबाज हैं. सचिन तेंदुलकर और कोहली के अलावा कोई भी बल्लेबाज वनडे इंटरनेशनल में 15 हजार रनों का आंकड़ा छू नहीं सका. सचिन ने 463 ओडीआई मैच खेलकर 18426 रन बनाए. वहीं कोहली के नाम पर 315 ओडीआई मैचों में 15080 रन दर्ज हैं।  3. श्रीलंका के बाद वेस्टइंडीज ऐसी दूसरी टीम है, जिसके खिलाफ विराट कोहली ने ओडीआई क्रिकेट में 10 शतक जड़े हैं. कोहली ने इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में 10वां शतक लगाया था. कोहली किसी एक टीम के खिलाफ वनडे इंटरनेशनल में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं।  किसी टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा ODI शतक 10 विराट कोहली बनाम श्रीलंका  10 विराट कोहली बनाम वेस्टइंडीज 9 सचिन तेंदुलकर बनाम ऑस्ट्रेलिया 9 रोहित शर्मा बनाम ऑस्ट्रेलिया  8 विराट कोहली बनाम ऑस्ट्रेलिया 8 सचिन तेंदुलकर बनाम श्रीलंका 4. विराट कोहली ने इस मैच में 74 गेंदों पर शतक लगाया, जो वनडे इंटरनेशनल में गेंदों के आधार पर उनका तीसरा सबसे तेज शतक रहा. कोहली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 52 और 61 गेंदों पर ओडीआई शतक लगा चुके हैं।  विराट कोहली के सबसे तेज ODI शतक (गेंदों के आधार पर) 52 बनाम ऑस्ट्रेलिया जयपुर 2013 61 बनाम ऑस्ट्रेलिया, नागपुर 2013 74 बनाम वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम 2026  76 बनाम श्रीलंका, होबार्ट 2012 76 बनाम श्रीलंका, कोलंबो 2017 80 बनाम श्रीलंका, गुवाहाटी 2023 5. विराट कोहली अब लिस्ट-ए क्रिकेट में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर पहुंच गए हैं. सचिन ने भी लिस्ट-ए क्रिकेट में 60 शतक ठोके थे. सचिन और कोहली के बाद इंग्लैंड के ग्राहम गूच (44 शतक) का नंबर आता है।  लिस्ट-ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक 60 सचिन तेंदुलकर (538 पारी) / विराट कोहली (338 पारी) 44 ग्राहम गूच (601 40 ग्रीम हिक (630) 39 कुमार संगकारा (501) 6. भारत में इंटरनेशनल क्रिकेट में विराट कोहली का ये 42वां शतक (260 पारी में) रहा. कोहली अब घर पर इंटरनेशनल क्रिकेट में सर्वाधिक शतक जड़ने के मामले में सचिन तेंदुलकर की बराबरी पर पहुंच गए हैं. सचिन ने भी 313 इनिंग्स खेलकर 42 शतक लगाए थे।  7. विराट कोहली ने ओडीआई क्रिकेट में एक खास मामले में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग को पछाड़ दिया. पोंटिंग ऑस्ट्रेलिया की उन 111 जीतों का हिस्सा रहे, जिसमें टीम ने टारगेट का पीछा किया. वहीं कोहली अब भारत के लिए ओडीआई रनचेज में 112 जीतों के साथ तीसरे स्थान पर आ गए हैं।  रन चेज करते हुए सबसे ज्यादा जीत में शामिल (ODI) 127 सचिन तेंदुलकर 116 महेंद्र सिंह धोनी 112 विराट कोहली 111 रिकी पोंटिंग 110 जैक्स कैलिस/ रोहित शर्मा 8. विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ के गेंदों की जमकर धुनाई की. कोहली ने जोसेफ के खिलाफ इस मैच में कुल 53 रन बटोरे. किसी ओडीआई मैच में कोहली द्वारा एक गेंदबाज के विरुद्ध बनाए गए ये दूसरे सबसे ज्यादा रन रहे।  ODI मैच में एक बॉलर के खिलाफ कोहली के सर्वाधिक रन 54 बनाम ट्रेंट बोल्ट, मोहाली 2016 53 बनाम अल्जारी जोसेफ, तिरुवनंतपुरम 2026 45 बनाम विश्व फर्नांडो, कोलंबो (RPS) 2017 45 बनाम लाहिरू कुमारा, तिरुवनंतपुरम 2023 45 बनाम प्रेनालेन सुब्रायेन, रांची 2025 9. विराट कोहली ने पहली बार किसी ओडीआई मैच में 9 छक्के लगाए हैं. इससे पहले उन्होंने साल 2023 में इसी मैदान पर श्रीलंका के खिलाफ ओडीआई मैच में 8 छक्के लगाए थे।  ODI पारी में कोहली के सबसे ज्यादा छक्के 9 बनाम वेस्टइंडीज, तिरुवनंतपुरम 2026  8 बनाम श्रीलंका, तिरुवनंतपुरम 2023 7 बनाम ऑस्ट्रेलिया, जयपुर 2013 7 बनाम साउथ अफ्रीका, रांची 2025 10. विराट कोहली घरेलू वनडे ओडीआई में 7000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज हैं. कोहली के नाम अब घरेलू ओडीआई मैचों 7006 रन हो गए हैं. घर पर ओडीआई मैचों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में कोहली के बाद सचिन तेंदुलकर का नंबर आता है. सचिन ने अपने 23 साल के करियर के दौरान भारत में … Read more

2027 वर्ल्ड कप को लेकर विराट कोहली का लक्ष्य साफ, बोले- फाइनल में टीम को जिताना चाहता हूं

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली का सपना वनडे विश्व कप 2027 जीतना है। वह 2027 विश्व कप के फाइनल में लक्ष्य का पीछा करते हुए मैच विजयी पारी खेलना और भारत को चैंपियन बनाना चाहते हैं। जियोस्टार से बातचीत के दौरान कोहली ने कहा, 'मैं हमेशा से ऐसा व्यक्ति रहा हूं, जो हर गेम में वह खिलाड़ी बनना चाहता है जो गेम जिताए। मैं ऐसा ही बना हूं। यह मुझसे कभी दूर नहीं जाएगा। इसलिए, मेरा लक्ष्य टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा गेम जीतना है। मेरा सपना है कि फाइनल में स्कोर चेज करते हुए मैच जिताने वाली पारी खेलूं। अगर ऐसा होता है, तो बहुत अच्छा होगा। विश्व कप का खिताब जीतना सबसे ज्यादा जरूरी है।' कोहली ने जोर देकर कहा कि ट्रॉफी जीतने के लिए मैदान में उतरना सबसे संतोषजनक बात होगी, लेकिन बड़ा लक्ष्य हमेशा बड़ा ही रहता है। अगर मुझे ऐसा करने का मौका मिलता है, तो एक व्यक्ति के तौर पर बीच में रहकर, एक बल्लेबाज के तौर पर इससे ज्यादा संतोषजनक कुछ नहीं होता। आप खुद को टीम को मुश्किल से निकालते हुए देखते हैं। यही आपको इस लेवल पर कॉम्पिटिशन करने के लिए प्रेरित करता है। मैं उस प्रतियोगी सोच को जाने नहीं देना चाहता। 2023 की हार का दुख अभी भी कायम वनडे विश्व कप 2023 के फाइनल में मिली हार को याद करते हुए कोहली ने कहा, 'उस हार का दुख है। कई दिनों तक समझना बहुत मुश्किल था। 2025 में आईपीएल जीतने से पहले, मुझे 2016 के फाइनल की यादें आती थीं। वर्ल्ड कप फाइनल के बारे में भी मुझे ऐसा ही लगता है। मैं 54 रन पर खेल रहा था और मैंने खुद को एक बड़ी सेंचुरी के लिए तैयार किया था। अगर मैं 140-150 रन बना लेता, तो हम वह गेम जीतने की स्थिति में होते।' 2023 में माहौल बढ़िया था कोहली ने कहा, 'पूरा वर्ल्ड कप बहुत बढ़िया था। माहौल जबरदस्त था। टीम के अंदर, आप भाईचारा देख सकते थे। हर कोई एक-दूसरे के लिए खेलकर खुश था। हार्दिक जैसे खिलाड़ी को जल्दी खोने के बाद भी, हमने कभी इस बारे में बात नहीं की कि आगे क्या होगा, हालांकि वह जो लाता है, उसके हिसाब से यह एक बड़ा नुकसान था। लेकिन शमी आया, और आप जानते हैं कि वह क्या कर सकता है। इसलिए, सभी को लग रहा था कि यह हमारा वर्ल्ड कप है। पूरी तरह से एक अलग ऊर्जा थी, लेकिन जब खेल इस तरह बदल जाता है, तो इसे समझना बहुत मुश्किल होता है।' मैं सबसे बेहतर बल्लेबाज नहीं- कोहली क्रिकेट का सबसे बेहतरीन बल्लेबाज माने जाने के सवाल पर कोहली ने कहा, 'मैं खुद को अब तक का सबसे अच्छा बल्लेबाज नहीं मानता। खेल के अलग-अलग समय पर अलग-अलग खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कुछ कमाल की चीजें की हैं, लेकिन हो सकता है कि उन्होंने उस तरह के नंबर जमा न किए हों, और कुछ के नंबर मुझसे कहीं बेहतर हैं। मुझे लगता है कि हर किसी का मुख्य लक्ष्य असर डालना होता है। मैं इतने लंबे समय तक खेलने के लिए खुशकिस्मत रहा हूं। जब आप अच्छा करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं, तो अक्सर अच्छा प्रदर्शन करते हैं। मैं देश के लिए खेलने के लिए उत्साहित हूं, जो एक बड़ा सम्मान है।'

18 साल की अनाहत सिंह का कमाल, एशियन गेम्स स्क्वैश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनीं

नागोया  भारत की 18 वर्षीय स्कॉश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने रविवार को विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इसी के साथ जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, भारत की पहली विमेंस सिंगल्स सिल्वर मेडलिस्ट बनीं। हालांकि, उन्हें फाइनल में मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के हाथों 4-11, 4-11, 7-11 से हार का सामना करना पड़ा। इस हार के साथ अनाहत ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने का पहला मौका भी चूक गईं, क्योंकि सिंगल्स इवेंट के विजेता को 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए कोटा मिलना तय था, जहां स्कॉश पहली बार शामिल हो रहा है। मलेशिया की खिलाड़ी से हारीं अनाहत नागोया किंजो फुतो एरिना में प्रतिभाशाली भारतीय खिलाड़ी का मुकाबला मलेशिया की कहीं ज्यादा अनुभवी खिलाड़ी से था। अनाहत को अपनी प्रतिद्वंद्वी के शानदार खेल का मुकाबला करने में मुश्किल हुई और उन्होंने पहला गेम 4-11 से गंवा दिया। इसके बाद मलेशियाई खिलाड़ी ने अपने मजबूत अटैक और डिफेंस से अगले दो गेम पर भी अपना दबदबा बनाए रखा। अनाहत को कोई खास मौका नहीं मिला और वह दूसरा गेम भी 4-11 के अंतर से हार गईं, जबकि मौजूदा चैंपियन ने शानदार खेल दिखाते हुए तीसरा गेम 11-7 से जीता। सेमीफाइनल में किया था कमाल अनाहत ने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर 6 सतोमी वातानाबे को दो गेम से पिछड़ने के बाद हराया था, जिसके साथ वह एशियन गेम्स के विमेंस सिंगल्स स्कॉश फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय बनी थीं। इससे पहले, भारत के अभय सिंह को भी सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था। मलेशिया के मौजूदा चैंपियन ईन यो एनजी ने शानदार खेल दिखाते हुए मेंस सिंगल्स स्कॉश फाइनल में भारतीय खिलाड़ी को 11-9, 11-5, 11-5 से मात दी। अभय ने जीता सिल्वर मेडल रविवार को यह स्कॉश में भारत का दूसरा पदक रहा। अभय, सौरव घोषाल के बाद इस इवेंट में सिल्वर मेडल जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। हालांकि, फाइनल में हारने की वजह से अभय एलए 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गए।

रोहित शर्मा का 2027 वर्ल्ड कप पर बड़ा बयान, बोले- अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा ने 2027 वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपने भविष्य पर बड़ा संकेत दिया है. टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके रोहित फिलहाल वनडे क्रिकेट में भारत के लिए खेलते हैं. वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज से पहले रोहित ने साफ किया कि उनके लिए क्रिकेट में अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है. जियोस्टार से बातचीत में रोहित शर्मा ने कहा कि उनके दिमाग में यह विचार कभी नहीं आया कि उनका काम पूरा हो चुका है. उन्होंने कहा, 'यह विचार मेरे दिमाग में कभी नहीं आएगा कि जो काम मुझे करना था, वह खत्म हो गया है.' रोहित ने आगे कहा कि जब तक वह क्रिकेट खेल रहे हैं, तब तक उनके सामने कुछ न कुछ हासिल करने के लिए जरूर रहेगा. उन्होंने 2027 वर्ल्ड कप को लेकर अपनी उत्सुकता जाहिर करते हुए कहा, 'जब तक आप खेल रहे हैं, आगे देखने के लिए हमेशा कुछ न कुछ होता है. मैं वर्ल्ड कप का इंतजार कर रहा हूं और देख रहा हूं कि मेरे लिए आगे क्या है.' रोहित ने यह भी बताया कि ICC टूर्नामेंट सामान्य सीरीज से अलग चुनौती पेश करते हैं. अलग-अलग विरोधी टीमों और अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने के लिए तैयारी और सोच में बदलाव करना पड़ता है. 2023 में ट्रॉफी से चूक गए थे रोहित रोहित शर्मा की कप्तानी में भारत 2023 वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल तक पहुंचा था, लेकिन अहमदाबाद में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार के बाद टीम का खिताब जीतने का सपना टूट गया था. रोहित अब 2027 वर्ल्ड कप में इस अधूरे लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश करते नजर आ सकते हैं. 2027 वनडे वर्ल्ड कप अक्टूबर-नवंबर में साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाना है. रोहित ने टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट से दूरी बना ली है, लेकिन वनडे में उनका सफर अभी जारी है. विराट कोहली भी 2027 वर्ल्ड कप को अपना आखिरी विश्व कप बता चुके हैं. ऐसे में रोहित और कोहली की जोड़ी एक बार फिर भारत के लिए वनडे क्रिकेट के सबसे बड़े मंच पर धमाल मचाते नजर आ सकती है.

फैंस के लिए बड़ी खबर, विराट कोहली ने बताया कब खेलेंगे अपना आखिरी वनडे वर्ल्ड कप

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज विराट कोहली ने फैन्स को एक दिल तोड़ने वाली बात कही है. विराट कोहली अपने भविष्य और 2027 के वनडे वर्ल्ड कप को लेकर बड़ा खुलासा किया है. वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज से ठीक पहले विराट कोहली ने साफ कर दिया है कि साउथ अफ्रीका में होने वाला 2027 का आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप भारत के लिए उनका आखिरी वनडे वर्ल्ड कप होगा. जियोस्टार को दिए गए एक इंटरव्यू में कोहली ने 50 ओवर के वर्ल्ड कप की चुनौती के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि मेरे लिए यह भारत की तरफ से खेलने का आखिरी वर्ल्ड कप होने जा रहा है. और यही मेरी सबसे बड़ी प्रेरणा है… यानी मैदान पर अपनी तरफ से सबकुछ झोंक देना, अपना शत-प्रतिशत निचोड़ लेना. कोहली ने 50-ओवर के फॉर्मेट की इंटेंसिटी पर बात करते हुए समझाया कि एक बड़े टूर्नामेंट में लगातार 10 मैचों तक उस शारीरिक और मानसिक स्तर को बनाए रखना बेहद थका देने वाला होता है, खासकर जब आप विदेशी परिस्थितियों में खेल रहे हों. दमदार रहा है कोहली का रिकॉर्ड विराट कोहली का वर्ल्ड कप इतिहास शानदार गवाह रहा है. उन्होंने वर्ल्ड कप के 37 मुकाबलों में लगभग 59.83 की शानदार औसत से 1,795 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 12 अर्धशतक शामिल हैं. वहीं, उनके कुल वनडे करियर की बात करें तो उन्होंने 302 पारियों में 14,941 रन बनाए हैं, जिसमें 54 शतक दर्ज हैं. दूसरी ओर पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी अपने भविष्य और वर्ल्ड कप को लेकर बात की. रोहित ने कहा कि उनके दिमाग में कभी यह विचार नहीं आता कि उनका क्रिकेटिंग बिजनेस खत्म हो गया है. जब तक आप खेल रहे हैं, तब तक आपके सामने हमेशा कोई न कोई नई चुनौती होती है. भारत और वेस्टइंडीज के बीच रविवार से शुरू हो रही तीन मैचों की इस रोमांचक वनडे सीरीज के साथ ही साल 2027 के उस ऐतिहासिक विश्व कप का सफर भी शुरू हो रहा है, जिसके लिए अब इन दोनों दिग्गजों का जोश सातवें आसमान पर है.

भारत ने जापान को 2-0 से दी मात, एशियन गेम्स हॉकी के सेमीफाइनल में एंट्री

 नई दिल्ली भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में जापान को 2-0 से हराकर सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम इंडिया एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीतने की प्रबल दावेदार है। शनिवार को खेले गए मुकाबले में हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में भारत ने जापान को 2-0 से तो हराया, लेकिन प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। अभिषेक और हरमनप्रीत सिंह के गोलों की बदौलत भारत ने जीत तो हासिल कर ली, लेकिन सच कहें तो उनका प्रदर्शन देखने लायक नहीं था। उन्होंने कई मौके गंवा दिए। कुछ पेनल्टी कॉर्नर के मौकों पर तो वे बुनियादी चीजें भी ठीक से नहीं कर पाए। यकीन करना मुश्किल है। खैर, अब यह तथ्य है कि इस जीत के साथ भारत एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में पहुंच गया है, हालांकि, उसे आगे मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। विश्व कप के बाद भारत की दमदार वापसी बता दें कि भारत के लिए इस साल की शुरुआत बेहद निराशाजनक रही थी। एफआईएच हॉकी विश्व कप में भारतीय पुरुष हॉकी टीम 8वें स्थान पर रही थी। इस अभियान के बाद टीम इंडिया ने सही समय पर अपनी लय वापस पा ली है। एशियन गेम्स में उन्होंने अब तक चार मैचों में चार जीत दर्ज की हैं और वर्तमान में 12 अंकों के साथ पूल ए तालिका में जापान से आगे शीर्ष पर हैं। भारत ने अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया (13-1), श्रीलंका (16-1) और दक्षिण कोरिया (8-2) पर शानदार जीत के साथ की। यह प्रदर्शन एशियन गेम्स में भारतीय टीम के दबदबे को दिखाता है। आज के मैच का ऐसा रहा हाल पूल ए में आज खेले गए मुकाबले की बात करें तो भारत के लिए पहले क्वार्टर में के आखिरी मिनटों में अभिषेक ने गोल करके एक शून्य से टीम इंडिया को बढ़त दिला दी। हालांकि, दूसरे क्वार्टर में किसी भी टीम ने कोई गोल नहीं किया। हाफ टाइम तक भारत 1-0 से आगे रहा। लेकिन इसके बाद तीसरे क्वार्टर में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने मैच के 40वें मिनट में गोल कर दिया। भारत 2-0 से आगे हो गया। हालांकि, इसके बाद चौथे क्वार्टर में कोई गोल नहीं हो सका। भारत के पास गोल करने के बहुत से मौके आए, लेकिन टीम इंडिया के खिलाड़ी चूक गए। भारत के लिए यह प्रदर्शन जीत में जरूर तब्दील हुआ लेकिन आगे आने वाले बड़े मुकाबलों में जिनमें फाइनल और सेमीफाइनल हैं, यह प्रदर्शन आईडियल बिल्कुल नहीं है। भारत बनाम जापान फुल टाइम स्कोर भारत -2 जापान- 0 भारत ने जापान को 2-0 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया।

भारत ने रचा इतिहास, ईरान को 40-34 से हराकर कबड्डी में जीता स्वर्ण पदक

नई दिल्ली  भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल जीत लिया है। ईरान के खिलाफ हुए फाइनल में भारत को 40-34 से जीत मिली। उम्मीद के मुताबिक दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले हाफ में ईरान के पास 18-17 की बढ़त थी। इसके बाद दूसरे हाफ ने टीम इंडिया ने दमदार वापसी की और गोल्ड मेडल अपने नाम किया। सुनील कुमार टीम के कप्तान एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष कबड्डी टीम की कप्तानी सुनील कुमार कर रहे हैं। 29 साल के सुनील हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले हैं। वह 2022 एशियन गेम्स में भी टीम का हिस्सा थे। वह मुख्य रूप से डिफेंडर के रूप में खेलते हैं। सुनील नॉर्थ ईस्टर्न रेलवे के प्रिंसिपल चीफ कमर्शियल मैनेजर के ऑफिस में जूनियर क्लर्क के तौर पर काम करते हैं। पीकेएल में सुनील का दमदार रिकॉर्ड प्रो कबड्डी लीग में सुनील यू मुंबा के लिए खेलते हैं और टीम के कप्तान भी हैं। सुनील प्रो कबड्डी लीग के इतिहास के तीसरे सबसे सफल डिफेंडर हैं। 179 मैचों में उनके 442 टैकल पॉइंट्स हैं। उन्होंने 35 सुपर टैकल किए हैं तो 27 मैचों में हाई 5 भी किया है। 2015 और 2016 में जूनियर नेशनल जीतने के बाद सुनील को पीकेएल सीजन 4 के लिए पटना पाइरेट्स ने चुना। इसके बाद में वे जयपुर पिंक पैंथर्स में चले गए। 2022 उनकी कप्तानी में जयपुर की फ्रेंचाइजी चैंपियन बनी। सुनील कुमार के कबड्डी का सफर उनके गांव से ही शुरू हुआ था। उनके चाचा के लड़के कबड्डी के खिलाड़ी थे। उन्हें देखकर ही सुनील ने इस खेल में कदम रखा था।

कबड्डी में फिर भारत का दबदबा! ईरान को पटखनी देकर 9वीं बार जीता एशियन गेम्स गोल्ड

नागोया भारत की पुरुष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया. भारतीय टीम ने फाइनल में ईरान को हराकर 9वीं बार एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल अपने नाम किया. कांटे के मुकाबले में भारत ने ईरान को फाइनल में 40-34 से हराया. इससे पहले भारत की महिला टीम ने भी गोल्ड मेडल अपने नाम किया. भारत के लिए एशियन गेम्स में आज दिन शानदार रहा. मेंस और विमेंस कबड्डी में भारत ने दो गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास कायम किया. भारत के इस एशियाई खेलों में 4 गोल्ड सहित कुल 28 पदक हो गए हैं और मेडल टैली में भारत 12वें से 10वें नंबर पर पहुंच गया है।  भारतीय खिलाड़ियों ने दूसरे हाफ में जोरदार वापसी की. ईरान के खिलाफ पहले हाफ में पिछड़ने के बाद भारत ने आक्रामक खेल दिखाया. और ईरान की टीम को ऑलआउट कर बढ़त बनाई. मैच खत्म होने में जब 10 मिनट बचा था तब भारत ने ईरान पर पांच अंकों की बढ़त बना रखी थी.  ईरानी खेमा भारत की वापसी से दबाव में आ गया. भारत ने इसके बाद बढ़त को मजबूत किया. शानदार लय को बरकरार रखते हुए भारत  लगातार ईरान पर दबाव बढ़ाते रखा।  खिताबी मुकाबले के पहले हाफ में दोनों टीमों के बीच जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिली. मैच की शुरुआत में ईरान ने आक्रामक खेल दिखाते हुए दबाव बनाया, लेकिन भारतीय टीम ने शानदार वापसी की. भारत ने मुश्किल समय में बेहतरीन सुपर टैकल के दम पर अंक जुटाए और ईरान पर बढ़त बनाई. हालांकि, ईरानी खिलाड़ियों ने पलटवार करते हुए भारत को ऑलआउट कर दिया और 14-13 की बढ़त हासिल कर ली. इसके बाद भारत ने वापसी के प्रयास जारी रखे, लेकिन पहला हाफ खत्म होने तक ईरान 18-17 से मामूली बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।  मैच के आखिरी मिनटों में ईरान ने स्कोर को बराबर करने के प्रयास में कई गलतियां की, जिसका भरपूर फायदा भारतीय टीम को मिला। भारत ने अंत में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में ईरान को 40-34 से हराते हुए लगातार दूसरी बार गोल्ड मेडल अपने नाम किया। पिछले एशियन गेम्स में भी भारतीय पुरुष टीम ईरान को ही हराकर चैंपियन बनी थी। इससे पहले, महिला कबड्डी टीम ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। फाइनल में देश की बेटियों ने ईरान को कड़े मुकाबले में 37-34 से शिकस्त दी। भारतीय टीम ने की धमाकेदार वापसी और जीत लिया गोल्ड मेडल यहां से फिर भारतीय खिलाड़ियों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और बचे समय में ईरान पर दबदबा बनाए रखा और आखिर में भारत ने ईरान को 40-34 के अंतर से हराकर एशियन गेम्स में अपना 9वां गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की, भारतीय खिलाड़ी जीत के साथ जश्न मनाने लगे. एक बार फिर भारतीय पुरूष कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल का इतिहास जीतकर ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया. दर्शक झूम रहे थे. भारत को अबतक एशियन गेम्स में यह चौथा गोल्ड मेडल मिला है।  एशियन गेम्स में भारत की कबड्डी टीम का दबदबा एशियाई गेम्स में भारत कबड्डी का पावरहाउस रहा है. 1990 में जब से कबड्डी को मेडल वाला खेल बनाया गया है, तब से भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने इस खेल में अपना दबदबा बनाए रखा है और कुल मिलाकर 12 गोल्ड मेडल, 1 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज मेडल जीते हैं. पुरुष कबड्डी टीम ने अबतक 9 में से 8 गोल्ड मेडल जीतने में सफलता हासिल की है. ऐसा कर उन्होंने खुद को एशिया की सबसे मजबूत कबड्डी टीम के तौर पर स्थापित किया. हालांकि 2018 में टीम गोल्ड मेडल नहीं जीत पाई, लेकिन उन्होंने वापसी करते हुए हांगझोऊ एशियाई गेम्स में फिर से खिताब अपने नाम किया था।  भारत ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को हराकर फाइनल का टिकट कटाया था  भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 66-28 के बड़े अंतर से करारी शिकस्त दी थी. मैच की शुरुआत से ही भारतीय खिलाड़ियों ने अपना दबदबा बनाना शुरू कर दिया था. शुरुआती पांच मिनट के भीतर ही भारत ने 7-1 की बढ़त बना ली थी. हालांकि, इसके बाद थाईलैंड के स्टार खिलाड़ी धीरादत चाईसित ने कुछ समय के लिए भारतीय टीम को चुनौती दी. धीरादत ने एक शानदार रेड में तीन अंक हासिल कर भारत को ऑल-आउट कर दिया और अंतर को 14-23 तक ला दिया. धीरादत की इस जुझारू कोशिश के बावजूद भारतीय टीम ने अपनी लय नहीं खोई. हाफ-टाइम तक भारत ने 37-18 से बढ़त बनाए रखी. मैच का दूसरा हाफ पूरी तरह से भारत के नाम रहा. मुकाबले में 11 मिनट शेष रहते ही भारत ने 50 अंकों का आंकड़ा पार कर लिया. थाईलैंड को वापसी का कोई मौका न देते हुए भारत ने मुकाबला 66-28 से अपने नाम कर लिया। 

बारिश ने जापान और ओमान का खेल बिगाड़ा, भारत समेत 8 टीमें क्वार्टर फाइनल में

आइची नागोया आइची नागोया एशियन गेम्स 2026 में मेन्स क्रिकेट टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल की तस्वीर साफ हो गई है. 26 सितंबर (शनिवार) को ग्रुप-ए का मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ने के बाद नेपाल और अफगानिस्तान ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, जबकि मेजबान जापान का सफर समाप्त हो गया. वहीं ग्रुप बी से मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग ने अगले दौर में प्रवेश किया. ग्रुप-ए के आखिरी मुकाबले में नेपाल और जापान आमने-सामने थे. निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में आयोजित इस मैच में नेपाल ने टॉस हारकर पहले पहले बल्लेबाजी करते हुए 15 ओवर में 149/4 का मजबूत स्कोर खड़ा किया. संदीप जोरा और लोकेश बम ने अर्धशतक लगाकर टीम को अच्छी स्थिति में पहुंचाया, लेकिन इसके बाद बारिश शुरू हो गई. लगातार बारिश के कारण जापान की पारी शुरू नहीं हो सकी और मुकाबला बिना किसी नतीजे के समाप्त हुआ. इस नतीजे का सीधा फायदा नेपाल और अफगानिस्तान को मिला. नेपाल ने इससे पहले अफगानिस्तान को हराकर ग्रुप-ए में बड़ा उलटफेर किया था. वहीं जापान के लिए यह मुकाबला टूर्नामेंट में बने रहने का आखिरी मौका था, लेकिन बारिश ने उसकी उम्मीदें खत्म कर दीं. ग्रुप-बी में भी बारिश के कारण मलेशिया और ओमान के बीच मुकाबला एक भी गेंद फेंके बिना रद्द हो गया. इस नतीजे के बाद मलेशिया और हॉन्ग कॉन्ग ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली, जबकि ओमान का अभियान समाप्त हो गया. प्रारंभिक दौर के मुकाबले खत्म होने के साथ ही क्वार्टर फाइनल का पूरा शेड्यूल सामने आ गया है. भारत का सामना 28 सितंबर (सोमवार) को सुबह 10 बजे से अफगानिस्तान के खिलाफ होगा. इसी दिन भारतीय समयानुसार सुबह 5.30 बजे से पाकिस्तान और हॉन्ग कॉन्ग की टक्कर होगी. वहीं तीसरे क्वार्टर फाइनल में श्रीलंका की भिड़ंत नेपाल से होगी, जबकि चौथे क्वार्टर फाइनल में बांग्लादेश के सामने मलेशिया की चुनौती होगी. ये दोनों मुकाबले 29 सितंबर (मंगलवार) को खेले जाएंगे. क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के शेड्यूल 28 सितंबर- पाकिस्तान बनाम हॉन्ग कॉन्ग, सुबह 5.30 बजे 28 सितंबर- भारत बनाम अफगानिस्तान, सुबह 10.00 बजे 29 सितंबर- श्रीलंका बनाम नेपाल, सुबह 5.30 बजे 29 सितंबर- बांग्लादेश बनाम मलेशिया, सुबह 10.00 बजे इस तरह ग्रुप मुकाबलों के बाद अब टूर्नामेंट में सीधे नॉकआउट मुकाबलों का दौर शुरू होगा, जहां एक हार टीम को गोल्ड मेडल की दौड़ से बाहर कर देगी. सेमीफाइनल मुकाबले 1 अक्टूबर को खेले जाएंगे. फिर 3 अक्टूबर को गोल्ड मेडल और ब्रॉन्ज मेडल मैच होंगे. सभी मुकाबले कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में ही खेले जाएंगे.

मोहम्मद रिजवान के फोन की फॉरेंसिक जांच, कोर्ट ने जांच पर रोक लगाने से किया इनकार

नई दिल्ली पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज मोहम्मद रिजवान फिक्सिंग के आरोपों में फंस गए हैं। उनके खिलाफ लगे आरोपों की जांच की जा रही है। कोर्ट ने जांच पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। उनका फोन जब्त कर लिया गया है और इसका सटीक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। न तो कोई लिखित नोटिस दिया गया है। 30 अगस्त को लॉर्ड्स टेस्ट खत्म होने के बाद रिजवान को आधी रात लगभग 1 बजे लंदन के उनके होटल के कमरे में जगाया गया। पीसीबी के भ्रष्टाचार विरोधी अधिकारी कर्नल अख्तर ने उन्हें नीचे आने के लिए कहा और साथ ही उन्हें अपना हैंडसेट लाने का विशेष निर्देश दिया। आधी रात को पाकिस्तान की जांच एजेंसी एफआईए का एक सदस्य भी वहां मौजूद था। जब रिजवान नीचे आए तो टीम के एक अधिकारी ने उन्हें एफआईए के अधिकारी से मिलवाया और सहयोग करने की सलाह दी। रिजवान से सट्टेबाजी और ऑनलाइन जुए से संबंधित कई सवाल पूछे गए और उनके लगातार विरोध के बावजूद उनका फोन जब्त कर लिया गया। उन्हें यह नहीं बताया गया कि उन पर क्या आरोप हैं, किस घटना की जांच की जा रही है, उन पर क्या करने का संदेह है, या किस अधिकार के तहत उनका फोन जब्त किया जा रहा है। रिजवान ने कोर्ट को क्या बताया रिजवान ने अदालत में अपनी अपील में लिखा, 'इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच 27 अगस्त से 30 अगस्त तक हुए लॉर्ड्स टेस्ट मैच के तुरंत बाद रिजवान को रात 1 बजे उस होटल की लॉबी में बुलाया गया, जहां पूरी टीम ठहरी हुई थी। वहां, कथित तौर पर किसी सरकारी एजेंसी का एक अधिकारी मौजूद था। इस बारे में उन्हें कुछ नहीं बताया गया था, लेकिन उनसे अधिकारी ने पूछताछ की और बिना कराण बताए उनका फोन जब्त कर लिया। रिजवान ने इस आश्वासन पर अपना फोन सौंपा था कि डिवाइस की पूरी तरह से जांच की जाएगी और अगले 3 घंटों के भीतर उसे वापस कर दिया जाएगा। आश्वासन के बावजूद, फोन आज तक वापस नहीं किया गया है। फोन अब एनसीसीआईए के कब्जे में है, जो उसके मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने रिजवान को धमकाया लाहौर उच्च न्यायालय में दायर याचिका में रिजवान ने धमकी, ब्लैकमेल और उत्पीड़न का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा, "कानूनी अधिकार के बिना फोन जब्त करना और उसे अनिश्चित काल तक अपने पास रखना, अपराध या उल्लंघन किए गए प्रावधान का उल्लेख किए बिना अस्पष्ट नोटिस जारी करना, अप्रासंगिक प्रश्नावली देना, शिकायत या सामग्री का खुलासा करने से इनकार करना यह दर्शाता है कि विवादित नोटिस और विवादित जांच वैधानिक शक्ति का वास्तविक प्रयोग नहीं है, बल्कि याचिकाकर्ता को परेशान करने, डराने और ब्लैकमेल करने का एक दिखावटी और दुर्भावनापूर्ण प्रयास है।" रिजवान को मीडिया से बात करने से रोका पीसीबी ने रिजवान को दो बार मीडिया से बात करने से रोक दिया है। एक सूत्र के अनुसार, रिजवान का कहना है कि वह किसी व्यक्ति, पीसीबी, एफआईए, एनसीसीआईए या पाकिस्तान के खिलाफ कोई शिकायत नहीं कर रहे हैं। उनका यह भी दावा है कि उनके मामले में भ्रष्टाचार का कोई सबूत नहीं है। पीसीबी के हालिया बयान में कहा, 'पीसीबी ऐसे मामलों को अपनी मानक प्रक्रियाओं के अनुसार संभालता है। यह प्रक्रिया पीसीबी के नियमों के तहत संचालित की जा रही है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि सभी संबंधित व्यक्तियों को उचित ध्यान दिया जाए। इस स्तर पर, कुछ प्लेटफार्मों पर प्रसारित हो रही अटकलबाजी वाली रिपोर्टों और अपुष्ट दावों, विशेष रूप से शत्रुतापूर्ण बाहरी स्रोतों से आने वाले दावों को विश्वसनीय नहीं माना जाना चाहिए।' कोर्ट ने क्या कहा? फोन जब्त होने के बाद, रिजवान और उनके साथी खिलाड़ी इमाम-उल-हक को अगली उपलब्ध उड़ान से पाकिस्तान लौटने के लिए कहा गया। पाकिस्तान पहुंचने पर उन्हें एनसीसीआई में तलब किया गया। उनसे उनकी संपत्ति, बैंक खातों और अन्य वित्तीय मामलों से संबंधित जानकारी देने को कहा गया, लेकिन उनका मोबाइल लौटाने की कोई बात नहीं हुई है, जिसकी अब फोरेंसिक जांच चल रही है। कोर्ट ने इस मामले में कहा कि इस स्तर पर न्यायालय सावधानी बरतते हुए सक्षम एजेंसी को जांच आगे बढ़ाने की अनुमति देना उचित समझता है। कोर्ट ने यह भी कहा कि समन नोटिस किसी गलत कार्य का आरोप नहीं है। बल्कि यह जानकारी जुटाने की एक प्रक्रियात्मक प्रक्रिया है। रिजवान की याचिका खारिज करते हुए न्यायालय ने एनसीसीआईए को चेतावनी दी कि वह रिजवान को किसी भी प्रकार की परेशानी या अनावश्यक असुविधा न पहुंचाए और एजेंसी को निर्देश दिया कि वह जांच पूरी तरह से कानून के अनुसार करे। क्या खत्म होगा करियर? रिजवान ने 47 टेस्ट, 103 वनडे और 106 टी20 मैचों सहित 256 अंतरराष्ट्रीय मैचों में अपने देश का प्रतिनिधित्व किया है। वह खुलकर अपनी बात रख रहे हैं और आरोपों से छुटकारा चाहते हैं। इमाम उल हक की स्थिति भी ऐसी ही है। रिजवान को प्रेसिडेंट ट्रॉफी ग्रेड 1 फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट में खेलने की अनुमति नहीं दी गई है, जिसमें ब्रिटेन दौरे से लौटे अधिकांश खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। उन्हें सुई नॉर्दर्न गैस पाइपलाइन्स लिमिटेड का उप-कप्तान बनाया गया था। उनके समर्थकों का कहना है कि उन्हें अपनी आजीविका कमाने से नहीं रोका जा सकता, लेकिन फिलहाल पाकिस्तान में बहुत कम लोग उनका समर्थन करते नजर आ रहे हैं। 34 साल के रिजवान के लिए यहां से वापसी करना मुश्किल होगा। क्योंकि, आईसीसी में अपील कर उन्होंने क्रिकेट बोर्ड से रिश्ते खराब कर लिए हैं। हालांकि, 30 साल के इमाम के पास वापसी करने का मौका रहेगा। उन्होंने पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है और जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।