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दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 2,000 रन पूरे किए

विशाखापत्तनम  दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने भारत के खिलाफ विशाखापत्तनम में सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले में करियर में एक खास उपलब्धि हासिल की। बावुमा ने वनडे करियर में अपने 2,000 रन पूरे कर लिए। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले दक्षिण अफ्रीका के 22वें बल्लेबाज हैं। विशाखापत्तनम वनडे में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे टेंबा बावुमा ने 67 गेंद पर 5 चौकों की मदद से 48 रन की पारी खेली। पारी के दौरान 13वां रन बनाते ही बावुमा के वनडे में 2,000 रन पूरे हो गए। बावुमा के 55 मैचों की 53 पारियों में 5 शतक और 8 अर्धशतक की मदद से 2,035 रन हो गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के लिए वनडे में सबसे ज्यादा रन जैक कैलिस के नाम है। 1996 से 2014 के बीच 323 मैचों की 309 पारियों में 53 बार नाबाद रहते हुए 17 शतक और 86 अर्धशतक की मदद से कैलिस ने 11,550 रन बनाए हैं। दूसरे नंबर पर पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स हैं। एबी के नाम 223 मैचों में 25 शतक और 52 अर्धशतक की मदद से 9,427 रन बनाए। टेंबा बावुमा के पास बतौर कप्तान भारत में सीरीज जीतकर इतिहास दोहराने का मौका है। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत में सिर्फ 1 ही बार वनडे सीरीज जीती है। 2015-16 में 5 वनडे मैचों की सीरीज दक्षिण अफ्रीका ने 2-3 से जीती थी। उस सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स थे। बावुमा के पास डिविलियर्स के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए भारत में वनडे सीरीज जीतने वाले दूसरे दक्षिण अफ्रीकी कप्तान बनने का मौका है। वनडे सीरीज से पहले 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई थी। टेंबा बावुमा की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज 0-2 से जीती थी। 2000 के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब दक्षिण अफ्रीका ने भारत का टेस्ट सीरीज में सूपड़ा साफ किया। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका से तीसरे वनडे में भारतीय टीम को सावधान रहना होगा।

IND vs SA तीसरा वनडे: साउथ अफ्रीका ने दिए 271 रन, प्रसिद्ध–कुलदीप की जोड़ी ने मचाया तहलका

नई दिल्ली  आज भारत और साउथ अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीमें विशाखापट्टनम के मैदान पर आमने-सामने हैं। साउथ अफ्रीका ने भारत को 271 रनों का टारगेट दिया है। भारत ने टॉस जीतने के बाद 47.5 ओवर में मेहमान टीम को 270 पर ढेर कर दिया। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और स्पिनर कुलदीप यादव ने 'चौका' लगाया। प्रसिद्ध ने 66 रन देकर चार विकेट चटकाए जबकि कुलदीप ने 41 रन खर्च करने के बाद चार शिकार किए। अर्शदीप सिंह और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट हासिल किया।   साउथ अफ्रीका के लिए विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक ने शतक ठोका। उन्होंने 89 गेंदों में 106 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और छह सिक्स हैं। उन्होंने कप्तान टेम्बा बावुमा (67 गेंदों में 48) के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 और मैथ्यू ब्रीट्जके (23 गेंदों में 24) के संग तीसरे विकेट के लिए 54 रनों की पार्टनरशिप की। डेवाल्ड ब्रेविस ने 29 और मार्को जानसेन ने 17 रनों का योगदान दिया। केशव मराहाज 20 रन बनाकर नाबाद रहे। साउथ अफ्रीका के पांच खिलाड़ी दहाई अंक में नहीं पहुंचे। ओपनर रयन रिकेल्टन का खात नहीं खुला। पिछले मैच के 'शतकवीर' एडेन मार्करम के बल्ले से सिर्फ एक रन निकला। साउथ अफ्रीकी की टीम हुई ढेर साउथ अफ्रीका की ओर से आउट होने वाले आखिरी प्लेयर ओटनील बार्टमैन (3) रहे। उन्हें प्रसिद्ध ने 48वें ओवर की पांचवीं गेंद पर बोल्ड किया। महराज 20 रन बनाकर नाबाद लौटे। लुंगी एनगिडी हुए एलबीडब्ल्यू साउथ अफ्रीका का नौवां विकेट लुंगी एनगिडी की तौर पर गिरा है। उन्हें कुलदीप ने 45वें ओवर में एलबीडब्ल्यू किया। एनगिडी ने 10 गेंदों में 1 रन बनाया। कुलदीप के स्पेल का आखिरी ओवर मेडन रहा। महाराज 12 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। बॉश बने कुलदीप का शिकार साउथ अफ्रीका का आठवां विकेट कॉर्बिन बॉश के रूप में गिरा है। उन्हें कुलदीप ने 43वें ओवर में कॉट एंड बोल्ड किया। पिछले दो मैचों अच्छी बल्लेबाजी करने वाली बॉश ने 12 गेंदों में सिर्फ 9 रन बनाए। महाराज 7 रन बनाकर क्रीज पर हैं। उनका साथ देने लुंगी एनगिडी आए हैं। कुलदीप ने भी दिया डबल झटका स्पिनर कुलदीप यादव ने भी डबल झटका दिया है। उन्होंने 39वें ओवर की पहली गेंद पर डेवाल्ड ब्रेविस और तीसरी गेंद पर मार्को जानसेन का शिकार किया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ब्रेविस ने 29 गेंदों में 29 रन बनाए, जिसमें दो चौके और एक छक्का है। जानसेन ने 15 गेंदों में दो चौको के जरिए 17 रन जुटाए। केशव महाराज 2 और कॉर्बिन बॉश 2 रन बनाकर क्रीज पर हैं। क्विंटन डिकॉक हुए आउट साउथ अफ्रीका की आधी टीम ढेर हो गई है। प्रसिद्ध के जाल में बड़ी मछली फंसी है। उन्होंने 33वें ओवर में 'शतकवीर' क्विंटन डिकॉक को बोल्ड किया। डिकॉक ने 89 गेंदों में 8 चौकों औ 6 छक्कों की मदद से 106 रनों की पारी खेली। ब्रेविस (13)* का साथ देने के लिए मार्को जानसेन आए हैं। डिकॉक ने लगाया शतक डिकॉक ने 80 गेंदों में शतक जड़ा है। यह उनके वनडे करियर की 23वें सेंचुरी है। डिकॉक ने हर्षित के 30वें ओवर में छक्का लगाकर यह आंकड़ा छुआ। उन्होंने भारत के खिलाफ सातवां शतक जमाया है। डिकॉक 101 और डेवाल्ड ब्रेविस 4 रन बनाकर क्रीज पर हैं।

सुपर लीग मैचों का वेन्यू बदला: अब पुणे में होंगे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मुकाबले, जानें क्यों लिया गया फैसला

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई को सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी 2025 के सुपर लीग फेज के मैचों को शिफ्ट करना पड़ा है। इंदौर में इन मैचों का आयोजन होना था, लेकिन अब ये मैच पुणे में आयोजित होंगे। बीसीसीआई ने जानकारी दी है कि ‘लॉजिस्टिक कारणों’ के चलते सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के फाइनल सहित सुपर लीग चरण के मैचों को पुणे में आयोजित करना पड़ेगा। बीसीसीआई सचिव सचिव देवजीत सैकिया ने शुक्रवार को पीटीआई को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय टी20 चैंपियनशिप का ग्रुप लीग चरण अभी हैदराबाद, लखनऊ, अहमदाबाद और कोलकाता में चल रहा है। सुपर लीग चरण और फाइनल का आयोजन इंदौर में होना था, लेकिन अब नॉकआउट मैचों को पुणे में शेड्यूल किया जा रहा है। सुपर लीग फेज के मैच 12 दिसंबर से शुरू होंगे, जबकि टूर्नामेंट का फाइनल 18 दिसंबर को पुणे में खेला जाएगा। बीसीसीआई सचिव सैकिया ने कहा, ‘‘हां, हमने सुपर लीग चरण के मैचों का स्थल इंदौर से पुणे स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।’’ जानकारी मिली है कि यह कदम मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के अनुरोध पर उठाया गया जिसने उस समय होटल कमरों की कमी का हवाला दिया, क्योंकि आठ टीम के बड़े सहयोगी सदस्यों और ब्रॉडकास्ट क्रू को एक साथ आवास देना मुश्किल हो रहा था। भारी संख्या में कमरे चाहिए थे, जो उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही उस समय कुछ शादी समारोहों और डॉक्टरों के सम्मेलन (13 से 16 दिसंबर) के कारण पांच सितारा होटलों में पर्याप्त कमरे उपलब्ध नहीं थे। सुपर लीग में आठ टीमें शामिल होंगी (प्रत्येक एलीट ग्रुप से शीर्ष दो) जिन्हें दो समूहों में बांटा गया है और शीर्ष दो टीमें फाइनल में आमने-सामने होंगी। पुणे में कुल 13 मैच खेले जाएंगे, जिसमें 12 सुपर लीग मैच और एक फाइनल होगा। ये मैच दो स्थल गहुंजे स्टेडियम और पुराने एमसीए मैदान हैं।  

T20 सीरीज में साउथ अफ्रीका की परेशानी बढ़ी, 2 मुख्य खिलाड़ी हुए बाहर, नई गेंदबाज की एंट्री

 नई दिल्ली साउथ अफ्रीकी टीम को 9 दिसंबर (मंगलवार) से भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी है. टी20 सीरीज से पहले साउथ अफ्रीका की टेंशन खिलाड़ियों की इंजरी ने बढ़ा दी है. बल्लेबाज टोनी डी जोरजी और तेज गेंदबाज क्वेना म्फाका आगामी टी20 सीरीज में भाग नहीं ले पाएंगे. टोनी डी जोरजी को भारत के खिलाफ रायपुर वनडे में बल्लेबाजी करते समय दाईं जांघ के हिस्से में दर्द हुआ और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था. टोनी डी जोरजी की चोट ज्यादा गंभीर है और वह घर वापस लौटेंगे. उनकी जगह किसी नए खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया है. युवा तेज गेंदबाज क्वेना मफाका भी अपनी लेफ्ट हैमस्ट्रिंग की चोट से पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं. इसलिए वो भी टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं उनकी जगह फास्ट बॉलर लुथो सिपामला (Lutho Sipamla) को टीम में शामिल किया गया है. उधर टोनी डी जोरजी के अलावा नांद्र बर्गर भारत के खिलाफ 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में सेलेक्शन के लिए अनुपलब्ध थे. रायपुर वनडे के दौरान बर्गर को गेंदबाजी करते समय दाईं जांघ में दर्द महूसस हुआ. शुक्रवार को दोनों खिलाड़ियों की स्कैन रिपोर्ट आई थी, जिसमें चोट की पुष्टि हुई. इसलिए दोनों को तीसरे ODI से बाहर कर दिया गया. भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए साउथ अफ्रीकी टीम:एडेन मार्करम (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डिकॉक, डोनोवन फरेरा, रीजा हेंड्रिक्स, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, डेविड मिलर, लुंगी एंगिडी, एनरिक नॉर्किया, लुथो सिपामला और ट्रिस्टन स्टब्स. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 9 दिसंबर को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला जाएगा, जो दोनों टीमों के लिए लय बनाने का मौका होगा. इसके बाद दोनों टीम्स के बीच 11 दिसंबर को दूसरा टी20 मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) में आयोजित किया जाना है. तीसरा मुकाबला 14 दिसंबर को धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर होगा, जो हमेशा खिलाड़ियों और फैन्स दोनों को रोमांचित करता है. सीरीज का चौथा मैच 17 दिसंबर को लखनऊ में खेला जाएगा, जहां पिच और हालात दोनों टीमों की रणनीति में बड़ा रोल निभाएंगे. इसके बाद 19 दिसंबर को अहमदाबाद में अंतिम टी20 मुकाबला होगा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारत का स्क्वॉड : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर) , संजू सैमसन (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर.

जस्टिन ग्रीव्स की ऐतिहासिक पारी: डबल सेंचुरी से उड़ाए कीवियों के होश, 531 रन का लक्ष्य

नई दिल्ली  न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की टेस्ट सीरीज का पहला मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। वेस्टइंडीज की टीम ने न्यूजीलैंड के होश उड़ा दिए। खासकर जस्टिन ग्रीव्स ने जिस तरह की पारी खेली, उससे कीवी टीम के इस मैच को जीतने के चांस खत्म हो गए। जस्टिन ग्रीव्स ने चौथी पारी में दोहरा शतक जड़ा और न्यूजीलैंड के खिलाफ अपनी टीम को हार को टाल दिया। न्यूजीलैंड ने वेस्टइंडीज के सामने 531 रनों का टारगेट रखा था, जिसके जवाब में 457 रनों तक वेस्टइंडीज की टीम पहुंच गई, लेकिन मैच में समय बाकी नहीं रहा। ऐसे में मैच को ड्रॉ घोषित कर दिया गया। इस मुकाबले की बात करें तो न्यूजीलैंड की टीम ने केन विलियमसन के अर्धशतक के दम पर 231 रन बनाए थे। इसके जवाब में वेस्टइंडीज की टीम 167 रनों पर ढेर हो गई थी। तेजनारायण चंद्रपॉल और शाई होप ने अर्धशतक जड़े थे। इस तरह न्यूजीलैंड को 64 रनों की बढ़त मिली थी। इसके बाद न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी में 466 रन 8 विकेट खोकर बनाए और पारी घोषित कर दी थी। इस तरह वेस्टइंडीज के सामने 531 रनों का टारगेट था, जो वाकई में बहुत विशाल था, क्योंकि इतनी बड़ी रन चेज आज तक किसी ने नहीं की। वेस्टइंडीज को मैच बचाने के लिए 160 से ज्यादा ओवर सर्वाइव करने थे, जो एक बड़ा चैलेंज था। कीवी टीम के लिए दूसरी पारी में रचिन रविंद्र ने 176 और कप्तान टॉम लैथम ने 145 रन बनाए थे। इनके अलावा कोई अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी नहीं खेल पाया था। वहीं, मैच की चौथी और वेस्टइंडीज की दूसरी पारी में शीर्ष स्कोरर जस्टिन ग्रीव्स थे, जिन्होंने 388 गेंदों में 202 रनों की पारी खेली, जबकि 140 रन शाई होप के बल्ले से भी निकले। 58 रन केमार रोच ने भी बनाए। इन्हीं दो बल्लेबाजों ने आखिर में वेस्टइंडीज की हार को टाला। अन्यथा स्कोर 277 पर 6 हो गया था। रोच और ग्रीव्स के बीच 180 रनों की साझेदारी हुई, जिससे न्यूजीलैंड के लिए इस टेस्ट को जीतना असंभव हो गया। आखिर में दोनों टीमें ड्रॉ के लिए सहमत हो गईं और मैच ड्रॉ पर खत्म हो गया, क्योंकि कुछ ही ओवर का खेल बाकी रह गया था। रन काफी ज्यादा बचे थे।  

वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप में हलचल: वेस्टइंडीज–न्यूजीलैंड की एंट्री, बदल गई पॉइंट्स टेबल

नई दिल्ली  आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 के चक्र में न्यूजीलैंड की टीम ने भी एक मुकाबला खेल लिया है। अब इस नए साइकिल में हर एक टीम ने कम से कम एक-एक मैच खेल लिया है। डब्ल्यूटीसी के तहत आखिरी मैच न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया। इस मैच के बाद दोनों टीमों का खाता खुल गया है। हालांकि, कोई भी टीम मुकाबला नहीं जीती है, लेकिन मैच ड्रॉ हुआ है तो कुछ-कुछ अंक और कुछ-कुछ जीत प्रतिशत दोनों के खाते में गया है, जिसका फायदा उनको आगे चलकर हो सकता है। न्यूजीलैंड की टीम ने अभी एक ही मैच खेला है, जो कि ड्रॉ रहा है, फिर भी टीम सातवें पायदान पर है, जबकि वेस्टइंडीज की टीम 6 में से 5 मैच हार चुकी है और एक मैच ड्रॉ रहा है। कैरेबियाई टीम नौवें पायदान पर है। 8वें पायदान पर बांग्लादेश है, जिसने 2 में से एक मैच जीता है और एक मैच ड्रॉ रहा है। इंग्लैंड की टीम पॉइंट्स टेबल में छठे नंबर पर है। इंग्लैंड ने 6 मुकाबले खेले हैं। इनमें से 2 ही मैच जीते हैं, जबकि 3 मुकाबलों में हार झेली है। एक मैच ड्रॉ पर समाप्त हुआ है। इंग्लैंड का जीत प्रतिशत 36.11 है। 33.33 जीत प्रतिशत 33.33 है। सबसे आखिरी पायदान पर विराजमान वेस्टइंडीज का जीत प्रतिशत 5.56 फीसदी है। 16.67 फीसदी जीत प्रतिशत बांग्लादेश का है। वहीं, अगर WTC 2025-27 की पॉइंट्स टेबल में टॉप टीम की बात करें तो ये ऑस्ट्रेलिया है, जिसने अभी तक सभी 4 मुकाबलों में जीत हासिल की है। जीत प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया का 100 फीसदी है। अन्य किसी टीम का जीत प्रतिशत ऑस्ट्रेलिया के बराबर नहीं है। हालांकि, साउथ अफ्रीका ने 75 फीसदी मैच जीते हैं, जो चार में से 3 मैच जीती है और दूसरे नंबर पर है। तीसरे नंबर पर 66.67 फीसदी के साथ श्रीलंका है, जबकि चौथे पायदान पर पाकिस्तान की टीम है, जो 2 में से एक मैच जीत चुकी है। भारत ने 9 में से चार मैच जीते हैं और टीम पांचवें नंबर पर है। जीत प्रतिशत भारतीय टीम का 48.15 है।

निर्णायक जंग की शुरुआत: टॉस भारत के नाम, पहले गेंदबाज़ी कर बनाएगा जीत का रास्ता

विशाखापट्टनम आज भारत और साउथ अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला खेला जाएगा। दोनों टीमें दोपहर डेढ़ बजे से विशाखापट्टनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीडीसीए क्रिकेट स्टेडियम में टकराएंगी। टॉस एक बजे होगा। जो टीम भी विशाखपट्टनम में जीत दर्ज करेगी, उसका सीरीज पर कब्जा होगा। भारत ने पहले मैच में 17 रन जबकि मेहमान टीम दूसरे वनडे में चार विकेट से जीत हासिल की थी। दोनों मैच हाई स्कोरिंग रहे थे। ऐसे में एक बार फिर बल्लेबाजों का बोलबाला देखने को मिल सकता है।   भारत को फिर से स्टार क्रिकेटर विराट कोहली से दमदार पारी की आस होगी। उन्होंने पिछले दोनों मुकाबलों में शतक ठोका। कोहली शनिवार को सेंचुरी की हैट्रिक लगाने की फिराक में होंगे। रोहित शर्मा से भी अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी, जिन्हें रांची में अर्धशतक जमाया लेकिन रायपुर में सस्ते में पवेलियन लौटे। रायपुर में शतक जड़ने वाले ऋतुराज गायकवाड़ दोबारा धमाल माचने की कोशिश में होंगे। कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है भारत के कुछ युवा खिलाड़ी अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं और ऐसे में उन पर दबाव होगा। यशस्वी जायसवाल अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए उत्सुक होंगे। टॉस की भूमिका होगी अहम भारतीय गेंदबाज भी अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। अब भारत को उम्मीद होगी कि उनके युवा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा अच्छा प्रदर्शन करेंगे और प्रभावशाली अर्शदीप सिंह का पूरा साथ देंगे। वहीं, टेम्बा बावुमा की नेतृत्व वाली साउथ अफ्रीका टीम सीरीज जीतने के लिए पूरा जोर लगाएगी। हालांकि, साउथ अफ्रीका तेज गेंदबाज नांद्रे बर्गर और बल्लेबाज टोनी डी जॉर्जी की फिटनेस को लेकर चिंतित है। टॉस एक बार फिर अहम भूमिका निभाने वाला है, क्योंकि सूरज डूबने के बाद ओस पड़ने की उम्मीद है। भारतीय टीम ने वनडे में पिछले 20 मैच से टॉस नहीं जीता है, जिसका खामियाजा दूसरे वनडे में भुगतना पड़ा। भारत का स्क्वॉड केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर), रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, ध्रुव जुरेल, वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, ऋतुराज गायकवाड़। साउथ अफ्रीका का स्क्वॉड टेम्बा बावुमा (कप्तान), क्विंटन डिकॉक, टोनी डी जॉर्जी, रुबिन हरमन, केशव महाराज, मार्को यानसन, एडेन मार्क्रम, लुंगी एनगिडी, रयान रिकेलटन, प्रेनेलन सुब्रायन, ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, मैथ्यू ब्रीट्जके, डेवाल्ड ब्रेविस, नांद्रे बर्गर।  

6 दिसंबर को जन्मे 5 भारतीय क्रिकेटर: जडेजा, बुमराह और श्रेयस के रिकॉर्ड्स से होंगे हैरान

  नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट टीम के लिए 6 दिसंबर (आज) का दिन बेहद स्पेशल है. सही मायनों में यह किसी त्योहार से भी कम नहीं हैं. क्योंकि एक ही तारीख पर टीम इंडिया को पांच बेमिसाल सितारे मिले हैं इनमें से 3 खिलाड़ी टीम इंडिया के अहम अंग हैं.  वहीं एक को हाल में मौका मिला था, लेकिन वो यादगार प्रदर्शन नहीं कर पाया. वहीं एक द‍िग्गज इंटरनेशनल क्रिकेट को अलविदा कह चुका और टीम इंड‍िया का सेलेक्टर है. 6 दिसंबर को जन्मदिन वाले इन पांच खिलाड़ियों में रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर, करुण नायर और आरपी सिंह के नाम शामिल हैं. रवींद्र जडेजा: टीम इंडिया के ऑलराउंडर रवींद्र जडेजा आज 37 साल के हो गए. 6 दिसंबर 1988 को सौराष्ट्र में जन्मे रवींद्र जडेजा ने अपने इंटरनेशनल करियर की शुरुआत 2009 में श्रीलंका के खिलाफ की थी. जडेजा अब तक 206 वनडे, 74 टी20 और 89 टेस्ट मैच खेल चुके हैं. वनडे इंटरनेशनल में जडेजा ने 2862 रन बनाए हैं, जिसमें 13 अर्धशतक शामिल रहे. बाएं हाथ के स्पिनर जडेजा ने वनडे इंटरनेशनल में 231 विकेट चटकाए हैं और 33 रन देकर 5 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा है. टी20 इंटरनेशनल की बात करें तो जडेजा के नाम पर 515 रन बनाने के अलावा 54 विकेट दर्ज हैं. जडेजा ने टी20 वर्ल्ड कप 2024 के बाद संन्यास ले लिया था. टेस्ट मैचों में जडेजा ने 348 विकेट झटके हैं और उनका बेस्ट बॉलिंग प्रदर्शन 42 रन देकर 7 विकेट रहा है. टेस्ट क्रिकेट में जडेजा की हाल‍िया बैट‍िंंग शानदार रही है,  उन्होंने 4095 रन बनाए हैं. रवींद्र जडेजा ने हाल में टेस्ट क्रिकेट में 4000+ टेस्ट रन और 300+ विकेट का डबल हासिल किया है. जडेजा से पहले इयान बॉथम, कपिल देव और डेनियल विटोरी ही ये डबल बना सके थे. फ‍िलहाल जडेजा अभी अफ्रीका के साथ आज (6 द‍िसंबर) को वाइजैग वनडे में खेलने उतरेंगे.  जसप्रीत बुमराह: दाएं हाथ के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह आज 32 साल के हो गए. 6 दिसंबर 1993 को अहमदाबाद में जन्मे बुमराह भारत के लिए तीनों फॉर्मेट (टेस्ट, वनडे और टी20) में शिरकत करते हैं. बुमराह अब साउथ अफ्रीका संग टी20 सीरीज खेलते दिखेंगे. जसप्रीत बुमराह अबतक भारत के लिए 89 वनडे, 80 टी20 और 52 टेस्ट मैच खेल चुके हैं. वनडे इंटरनेशनल मैचों में बुमराह 149 विकेट ले चुके हैं. वहीं टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 99 विकेट अपने नाम किए हैं. इसके साथ ही टेस्ट मैचों में बुमराह के नाम पर 19.79 के एवरेज से 149 विकेट दर्ज हैं. सितंबर 2019 में जसप्रीत बुमराह ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट में हैट्रिक बनाई थी. वह क्रिकेट के सबसे बड़े फॉर्मेंट में हैट्रिक लेने वाले हरभजन सिंह और इरफान पठान के बाद तीसरे भारतीय बॉलर हैं. श्रेयस अय्यर: मुंबई का यह बल्लेबाज आज 31 साल का हो गया. श्रेयस अय्यर ने अब तक भारत के लिए 51 टी20, 73 वनडे और 14 टेस्ट मैच खेले हैं. टी20 इंटरनेशनल में श्रेयस ने 30.66 की औसत से 1104 रन बनाए हैं जिसमें 8 अर्धशतक शामिल रहे. वनडे इंटरनेशनल की बात करें तो श्रेयस अय्यर ने 47.81 की औसत से 2917  रन बनाए हैं. इस दौरान उनके बल्ले से दो शतक और 13 अर्धशतक निकले. टेस्ट क्रिकेट में श्रेयस के नाम पर 36.86 के एवरेज से 811 रन दर्ज हैं. श्रेयस हाल में ऑस्ट्रेल‍िया में हुई वनडे सीरीज के दौरान स‍िडनी में एलेक्स कैरी का कैच लेते हुए इंजर्ड हो गए थे, उन्होंने र‍िहैब शुरू कर दिया है.   करुण नायर: जोधपुर में जन्मे करुण नायर मूलत: कर्नाटक के हैं. 34 साल के हो गए करुण नायर टेस्ट क्रिकेट में वीरेंद्र सहवाग के बाद तिहरा शतक जमाने वाले दूसरे भारतीय क्रिकेटर हैं. उनको हाल में इंग्लैंड दौरे पर गई टीम में मौका मिला था, लेकिन वह खुद को ज्यादा साब‍ित नहीं कर पाए. करुण ने एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी में 4 मैचों में 25 प्लस के औसत से महज 205 रन बनाए्.  उन्होंने अपने करियर के तीसरे ही टेस्ट मैच में तिहरा शतक जड़ा था. नायर के नाम 10 टेस्ट मैचों में 43.15 की औसत से 579 रन दर्ज हैं. इसके अलावा उन्होंने दो वनडे इंटरनेशनल में भी शिरकत किया है, जिसमें उन्होंने कुल 46 रन बनाए हैं. करुण नायर आईपीएल 2025 में द‍िल्ली कैप‍िटल्स का हिस्सा थे. जहां उन्होंने 8 मैैचों में 198 रन जड़े थे.  आरपी सिंह: रायबरेली में जन्मे आरपी सिंह आज 40 साल के हो गए. उत्तर प्रदेश के इस तेज गेंदबाज ने धमाकेदार अंदाज में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी. आरपी को 2006 में पाकिस्तान के खिलाफ फैसलाबाद टेस्ट में डेब्यू का मौका मिला. वह अपने पहले ही मैच में 'मैन ऑफ द' मैच रहे. 2007 में पहले टी-20 वर्ल्ड कप में भारत को चैम्पियन बनाने में आरपी की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी. आरपी ने 14 टेस्ट मैचों में 40 विकेट चटकाए. पारी में उनकी सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी- 5/59 रही. इसके अलावा 58 वनडे में उन्होंने 69 और 10 टी20 इंटरनेशनल में उन्होंने 15 विकेट झटके. स‍ितंबर 2018 में उन्होंने क्रिकेट को अलव‍िदा कहा था. रिटायरमेंट के बाद से आरपी सिंह कमेंट्री जगत में नाम कमाया. वहीं अब वो भारतीय टीम के सेलेक्टर भी हैं. 

धैलाधार रन चाहिए: निर्णायक मुकाबले में रोहित–कोहली पर फैंस की निगाह, जायसवाल और गेंदबाजों पर भी भरोसा

नई दिल्ली  भारत के कुछ युवा खिलाड़ी अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं और ऐसे में उन पर दबाव होगा। दक्षिण अफ्रीका टेस्ट श्रृंखला जीतने के बाद अब वनडे श्रृंखला जीतने में भी कसर नहीं छोड़ेगा और ऐसे में भारतीय टीम को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने की जरूरत है। भारत अगर इस मैच में जीत हासिल करता है तो पिछले कुछ समय से टीम को लेकर चल रही अटकलें पर भी विराम लग जाएगा। इसके लिए कोहली और रोहित को फिर से अपना महत्वपूर्ण योगदान देना होगा। इसमें कोई संदेह नहीं कि इन दोनों का वनडे क्रिकेट में कोई सानी नहीं है और उन्हें इस तरह के दबाव वाले मैच में खेलने का अच्छा अनुभव है। इसलिए भारत की जीत में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होगी। रोहित और कोहली अपनी करियर के अवसान पर हैं और वह इसमें एक और गौरवशाली अध्याय जोड़ने की कोशिश करेंगे। कोहली ने अपनी पिछली तीन पारियों में दो शतक और एक अर्धशतक लगाया है, जबकि रोहित ने अपनी पिछली चार पारियों में एक शतक और दो अर्धशतक लगाए हैं। उन्हें कुछ युवा बल्लेबाजों का अच्छा सहयोग मिल रहा है जैसा कि पिछले मैच में रुतुराज गायकवाड़ ने अपना योगदान दिया था। उन्होंने अपना पहला वनडे शतक लगाया था। लेकिन यशस्वी जायसवाल को अभी भी इस श्रृंखला में सलामी बल्लेबाज के रूप में अपनी क्षमता का भरपूर प्रदर्शन करना बाकी है। यह प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी अच्छी शुरुआत को बड़े स्कोर में बदलने के लिए उत्सुक होगा। जायसवाल को बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों के खिलाफ जूझना पड़ रहा है फिर चाहे वह वेस्टइंडीज के जेडन सील्स हों या इस श्रृंखला में मार्को यानसन और नांद्रे बर्गर। वह अपने करियर में 30 बार बाएं हाथ के गेंदबाजों का शिकार बने हैं। जायसवाल और टीम प्रबंधन इससे अनजान नहीं रह सकते और इसमें सुधार करने का काम शायद पहले ही शुरू हो चुका है। लेकिन अगर वह सुधार नहीं कर पाए तो टीम को अन्य विकल्पों पर विचार करने के लिए बाध्य होना पड़ सकता है। टीम के पास गायकवाड़ के रूप में एक अदद सलामी बल्लेबाज मौजूद है। एसीए-वीडीसीए स्टेडियम की पिच अक्सर बल्लेबाजों के अनुकूल होती है और भारत का यहां शानदार रिकॉर्ड रहा है। उसने यहां 2005 से 10 एकदिवसीय मैचों में से सात में जीत हासिल की है लेकिन यहां खेले गए पिछले मैच में उसे ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था। भारत वॉशिंगटन सुंदर को विश्राम देकर उनकी जगह तिलक वर्मा को मध्यक्रम की बल्लेबाजी को मजबूत करने के लिए अंतिम एकादश में शामिल करने पर भी गंभीरता से विचार करेगा। ऋषभ पंत भी एक विकल्प हो सकते हैं लेकिन तिलक स्पिन गेंदबाजी भी कर लेते हैं और वह बेहतरीन क्षेत्ररक्षक के भी हैं। कप्तान केएल राहुल ने अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन इस श्रृंखला में ओस के कारण टॉस की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो गई है। भारत वनडे में पिछले 20 मैच से टॉस नहीं जीत पाया है जिसका खामियाजा उसे रायपुर में दूसरे वनडे में भुगतना पड़ा। भारतीय गेंदबाज भी अभी तक अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं। अब भारत को उम्मीद होगी कि उनके युवा तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और हर्षित राणा अच्छा प्रदर्शन करेंगे और प्रभावशाली अर्शदीप सिंह का पूरा साथ देंगे। दूसरी ओर दक्षिण अफ्रीका श्रृंखला जीतने के लिए प्रतिबद्ध है। लेकिन वह तेज गेंदबाज बर्गर और बल्लेबाज टोनी डी जॉर्जी की फिटनेस को लेकर चिंतित है। यह देखना होगा कि ये दोनों खिलाड़ी इस मैच के लिए पूरी तरह फिट हो पाते हैं या नहीं। टीम इस प्रकार हैं: भारत: केएल राहुल (कप्तान/विकेट कीपर), रोहित शर्मा, यशस्वी जायसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत (विकेट कीपर), वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, रुतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, ध्रुव जुरेल। दक्षिण अफ्रीका: तेम्बा बावुमा (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, मैथ्यू ब्रीट्ज़के, डेवाल्ड ब्रेविस, नांद्रे बर्गर, क्विंटन डी कॉक, टोनी डी जॉर्जी, रुबिन हरमन, केशव महाराज, मार्को यानसन, एडेन मार्क्रम, लुंगी एनगिडी, रयान रिकेलटन, प्रेनेलन सुब्रायन। समय: मैच दोपहर 1.30 बजे शुरू होगा।  

दीपिका का ओलंपिक मिशन शुरू, लॉस एंजिल्स के लिए जोरदार प्रैक्टिस जारी

नई दिल्ली देश की शीर्ष महिला तीरंदाज तीरंदाज दीपिका कुमारी ने कहा है कि उनका लक्ष्य आगामी लॉस एंजिल्स ओलंपिक में बेहतर प्रदर्शन करना है। दीपिका ने कहा कि वह इसी को देखते हुए दबाव वाले हालातों से निपटने के लिए मानसिक मजबूती बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं। चार बार की ओलंपियन दीपिका के अनुसार लॉस एंजिलिस ओलंपिक में उनके लिए पदक जीतने का अंतिम अवसर होगा। ऐसे में वह अपनी ओर से कोई कमी नहीं रखेंगी। इसी वह इस बार नहीं तो अभी नहीं की मानसिकता के साथ उतरेंगी।  दीपिका ने कहा कि अभी निकट भविष्य में उनका संन्यास का कोई इरादा नहीं है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है अब तक की सभी प्रतियोगिताओं से मुझे अच्छा अनुभव मिला है। दीपिका ने बताया कि उनकी वर्तमान ट्रेनिंग में मानसिक और तकनीकी दोनों पहलुओं को बेहतर करने पर काम हो रहा है। इस तीरंदाज ने कहा, ‘मैं अपने खेल के मानसिक और तकनीकी दोनों पहलुओं पर काम कर रही हूं और यह प्रीमियर लीग मुझे और बेहतर बनाने में मदद कर रही है। दर्शकों के सामने खेलने से दबाव तो आता है, लेकिन यही दबाव खिलाड़ियों को बेहतर बनाने में मदद करता है। उन्होंने कहा, ‘मैं हर तकनीक में महारत हासिल करने की कोशिश कर रही हूं, जिससे दबाव में भी अच्छा प्रदर्शन किया जा सके।