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इतिहास का सबसे बड़ा टूर्नामेंट FIFA 2026, 11 जून से मेक्सिको सिटी में शुरुआत

नई दिल्ली फुटबॉल के सबसे बड़े टूर्नामेंट FIFA World Cup 2026 का इंतजार अब कुछ ही महीनों का रह गया है. इस बार वर्ल्ड कप का इतिहास बदलने जा रहा है, क्योंकि पहली बार 32 नहीं, बल्कि 48 टीमें ट्रॉफी की जंग लड़ेंगी. कनाडा, मेक्सिको और अमेरिका पहली बार संयुक्त रूप से टूर्नामेंट की मेजबानी कर रहे हैं. कुल 39 दिनों तक चलने वाले इस विश्व कप में 104 मुकाबले खेले जाएंगे, जो इसे अब तक का सबसे बड़ा और सबसे लंबा विश्व कप बनाते हैं. कब और कहां होगा उद्घाटन मुकाबला? टूर्नामेंट की शुरुआत 11 जून 2026 को मेक्सिको सिटी में स्थित Mexico City Stadium (नया नाम) में दोपहर 3 बजे (स्थानीय समय) होगी. मेक्सिको की टीम अपने घरेलू दर्शकों के सामने पहला मैच खेलेगी, इसलिए ओपनर बेहद खास होगा. फाइनल कहां खेला जाएगा? फाइनल 19 जुलाई 2026 को New York–New Jersey Stadium में होगा, जिसे आमतौर पर MetLife Stadium के नाम से जाना जाता है. फीफा ने सभी स्टेडियमों के नाम बदल दिए हैं ताकि गैर-स्पॉन्सर ब्रांड्स को प्रमोशन का मौका न मिले. ग्रुप स्टेज: 12 ग्रुप और 48 टीमें वर्ल्ड कप 2026 में 12 ग्रुप (A से L तक) होंगे, हर ग्रुप में 4 टीमें होंगी. सभी टीम अपने ग्रुप में 3-3 मैच खेलेंगी. कुछ महत्वपूर्ण ग्रुप इस प्रकार हैं: ग्रुप A:  मेक्सिको, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका, डेनमार्क / मैसिडोनिया / चेकिया / आयरलैंड ग्रुप B: कनाडा, स्विट्जरलैंड, कतर, इटली / नॉर्दर्न आयरलैंड / वेल्स / बोस्निया ग्रुप C: ब्राजील, मोरक्को, स्कॉटलैंड, हैती ग्रुप D: USA (अमेरिका), ऑस्ट्रेलिया, पराग्वे, तुर्किये / रोमानिया / स्लोवाकिया / कोसोवो ग्रुप E: जर्मनी, इक्वाडोर, आइवरी कोस्ट (कोट डी'वोआर), कुरासाओ ग्रुप F: नीदरलैंड्स, जापान, ट्यूनीशिया, यूक्रेन / स्वीडन / पोलैंड / अल्बानिया ग्रुप G: बेल्जियम, ईरान, मिस्र, न्यूजीलैंड ग्रुप H: स्पेन, उरुग्वे, सऊदी अरब, केप वर्डे ग्रुप I: फ्रांस, सेनेगल, नॉर्वे, इराक / बोलिविया / सूरीनाम ग्रुप J: अर्जेंटीना, ऑस्ट्रिया, अल्जीरिया, जॉर्डन ग्रुप K: पुर्तगाल, कोलंबिया, उज्बेकिस्तान, DRC (डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कॉन्गो) / जमैका / न्यू कैलेडोनिया ग्रुप L: इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा इस बार केप वर्डे, क्युरासाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान पहली बार विश्व कप खेलेंगे. टूर्नामेंट का पूरा शेड्यूल  ग्रुप स्टेज: 11 जून – 27 जून राउंड ऑफ 32: 28 जून – 3 जुलाई राउंड ऑफ 16: 4 – 7 जुलाई क्वार्टरफाइनल: 9 – 11 जुलाई सेमीफाइनल: 14 – 15 जुलाई थर्ड-प्लेस मैच: 18 जुलाई फाइनल: 19 जुलाई पिछले वर्ल्ड कप की तुलना में इस बार एक अतिरिक्त नॉकआउट राउंड जोड़ा गया है.राउंड ऑफ 32, जिससे प्रतियोगिता और कठिन होगी.

अमित पासी का तूफानी डेब्यू — 44 गेंदों में शतक लगाकर रचा नया इतिहास

सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2025 के आखिरी लीग मैच में बड़ौदा के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज अमित पासी ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने घरेलू टी20 क्रिकेट को नया इतिहास दे दिया। 26 वर्षीय पासी ने अपने T20 डेब्यू पर मात्र 44 गेंदों में शतक जड़कर पुरुषों के टी20 डेब्यू में सबसे ज्यादा रन बनाने के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की। उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने बड़ौदा को सर्विसेज पर रोमांचक जीत दिलाई। पासी न केवल डेब्यू पर शतक लगाने वाले चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों में शामिल हुए बल्कि टीम को 220 रन के विशाल स्कोर तक पहुंचाने में भी मुख्य भूमिका निभाई। बड़ौदा के लिए ओपनिंग करने उतरे अमित पासी शुरुआत से ही आक्रामक अंदाज में दिखे। उन्होंने 55 गेंदों पर 114 रन की शानदार पारी खेलते हुए 10 चौके और 9 छक्के लगाए। इस पारी ने उन्हें पाकिस्तान के बिलाल आसिफ के बराबर ला खड़ा किया, जिन्होंने 2015 में 48 गेंदों पर 114 रन बनाकर पुरुषों के T20 डेब्यू का विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया था। पासी अब इस रिकॉर्ड के संयुक्त मालिक बन चुके हैं। भारतीय क्रिकेट में हुआ दुर्लभ कमाल अमित पासी T20 डेब्यू में शतक लगाने वाले भारत के केवल तीसरे बल्लेबाज बने हैं। उनसे पहले शिवम भांबरी (पंजाब) और अक्षत रेड्डी (हैदराबाद) ने ऐसा किया है। ये दोनों खिलाड़ी भी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के ही मंच पर शतक जड़ चुके हैं। पासी का नाम अब इस एलीट सूची में शामिल हो गया है, जो घरेलू टी20 क्रिकेट के भविष्य को नई दिशा देता है। जितेश शर्मा की जगह मौका मिला और पासी ने किया कमाल भारतीय टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका दौरे पर गए विकेटकीपर जितेश शर्मा की गैरमौजूदगी में अमित पासी को अवसर मिला। मौके का फायदा उठाते हुए उन्होंने ना केवल टीम की पारी को संभाला, बल्कि उसे विस्फोटक अंदाज़ में आगे भी बढ़ाया। दो महत्वपूर्ण साझेदारियां बनीं जीत की नींव पासी की पारी सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं थी, बल्कि टीम के लिए मैच का टर्निंग पॉइंट भी साबित हुई। उन्होंने दो अहम साझेदारियां कीं जिसमें शिवालिक शर्मा के साथ तीसरे विकेट के लिए 60 रन की साझेदारी और कप्तान विष्णु सोलंकी के साथ मात्र 32 गेंदों में 75 रन की ताबड़तोड़ साझेदारी शामिल थी। इन पार्टनरशिप्स की बदौलत बड़ौदा ने 20 ओवर में 220/5 का विशाल स्कोर खड़ा किया, जो बाद में निर्णायक साबित हुआ। लक्ष्य का पीछा करते हुए सर्विसेज़ ने शुरुआत दमदार की। कुंवर पाठक – 51 रन रवि चौहान – 51 रन मोहित अहलावत – 41 रन इन तीन बल्लेबाजों ने मुकाबले को रोमांचक बनाए रखा। हालांकि, नियमित अंतराल पर गिरते विकेटों ने सर्विसेज़ को अंत तक रोक दिया और वे 207/8 तक ही पहुंच सके। इस तरह बड़ौदा ने 13 रन से मुकाबला अपने नाम कर लिया। बड़ौदा जीत के बावजूद बाहर, अन्य टीमें रेस में इस जीत के बावजूद बड़ौदा सुपर लीग में प्रवेश नहीं कर सका। एलीट ग्रुप C में पंजाब-गुजरात और बंगाल-हरियाणा मुकाबलों के विजेताओं पर ही आगे बढ़ने की आस टिकी है। वहीं हरियाणा ने गुजरात के खिलाफ अंकित कुमार और निशांत सिंधु की उम्दा बल्लेबाजी से 191 रन का प्रतिस्पर्धी लक्ष्य खड़ा किया।  

भारत ने Junior Women’s Hockey World Cup में वेल्स को 3-1 से हराया, प्लेऑफ में जगह बनाई

 नई दिल्ली भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम ने एफआईएच जूनियर महिला हॉकी विश्व कप में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए वेल्स को 3-1 से मात दी। यह मुकाबला 9-16 क्वालिफिकेशन मैच के रूप में खेला गया। भारत की ओर से हीना बानो (14’), सुनलिता टोप्पो (24’) और इशिका (31’) ने गोल किए, जबकि वेल्स के लिए एलोइज़ मोएट (52’) ने एकमात्र गोल किया। Junior Women's Hockey World Cup 2025 में भारत की जीत भारत ने मैच की शुरुआत से ही अटैक करके दबाव बनाया और पहले 30 सेकेंड में ही पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया। हालांकि शुरुआती बढ़त नहीं मिल सकी। वेल्स को पेनल्टी स्ट्रोक से गोल करने का मौका मिला, लेकिन भारतीय गोलकीपर निधि ने शानदार बचाव किया। पहले क्वार्टर के आखिरी मिनट में साक्षी राणा के शानदार मूव पर हीना बानो ने गेंद को गोल में पहुँचाकर भारत को 1-0 से आगे कर दिया। हाफ टाइम तक 2-0 की बढ़त दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही भारत को फिर पेनल्टी कॉर्नर मिला और टीम लगातार मौके बनाती रही। सुनलिता टोप्पो ने 24वें मिनट में पास मिलने पर गोल कर स्कोर 2-0 कर दिया। पहले हाफ में भारत ने 14 बार सर्कल में घुसकर अटैक किया और  लीड हासिल की। तीसरे क्वार्टर में 3-0 की बढ़त दूसरे हाफ की शुरुआत में ही इशिका ने रिबाउंड पर गोल दागकर टीम की बढ़त 3-0 कर दी। कप्तान ज्योति सिंह की अगुवाई में भारत ने खेल की रफ्तार को पूरी तरह नियंत्रित रखा और वेल्स की डिफेंस पर दबाव बनाए रखा। वेल्स की वापसी की कोशिश नाकाम आखिरी क्वार्टर में वेल्स ने एक मौका बनाया और एलोइज़ मोएट (52’) ने गोल कर अंतर 3-1 कर दिया। लेकिन भारत की डिफेंस ने फिर कोई मौका नहीं दिया और टीम ने मैच अपने नाम किया। भारत का अगला मैच भारत अब 9 दिसंबर को उरुग्वे के खिलाफ खेलेगा।   

फेयरवेल सीरीज में शाकिब अल हसन की वापसी, रिटायरमेंट का फैसला बदलकर खेलेंगे तीनों फॉर्मेट

ढाका     बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाकिब अल हसन काफी समय से इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर हैं. शाकिब ने बांग्लादेश के लिए अपना आखिरी मुकाबला पिछले साल अक्टूबर में भारत के खिलाफ कानपुर में खेला, जो एक टेस्ट मैच था. भारत दौरे की समाप्ति के बाद शाकिब ने टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से संन्यास की घोषणा कर दी थी, लेकिन उन्होंने वनडे इंटरनेशनल खेलते रहने की इच्छा जताई थी. इसी बीच शाकिब अल हसन विवादों एवं कानूनी मुद्दों में फंस गए थे, जिसके बाद वो बांग्लादेश के लिए मैदान पर उतर नहीं पाए. अब शाकिब ने यू-टर्न लेते हुए टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट क्रिकेट भी खेलने की इच्छा जताई है. यानी उन्होंने रिटायरमेंट के अपने फैसले को बदल दिया है. शाकिब चाहते हैं कि वो ओडीआई, टी20 इंटरनेशनल और टेस्ट तीनों फॉर्मेट में बांग्लादेश के लिए आखिरी फेयरवेल सीरीज खेलें और अपने करियर का शानदार ढंग से समाप्त करें. शाकिब ने ये भी बताया कि वो बांग्लादेश में होम फैन्स के सामने अपने करियर की अंतिम सीरीज खेलने की इच्छा रखते हैं. बियर्ड बिफोर विकेट पॉडकास्ट में मोईन अली से बातचीत करते हुए शाकिब अल हसन ने बताया कि उन्होंने तीनों फॉर्मेट से अधिकारिक रूप से रिटायरमेंट नहीं ली है. वे खुद को फिट रख रहे हैं, ताकि चयन के लिए उपलब्ध रह सकें और आखिरी सीरीज खेल सकें. शाकिब ने कहा, 'मेरी इच्छा है कि बांग्लादेश लौटकर ओडीआई, टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल की पूरी सीरीज खेलूं और इसके बाद रिटायर हो जाऊं. मैं इसे किसी भी क्रम में खेल सकता हूं, लेकिन पूरी सीरीज खेलकर ही विदाई लेना चाहता हूं. यही मेरी इच्छा है.' शाकिब को बांग्लादेश वापस लौटने की उम्मीद शाकिब अल हसन कहते हैं, 'मुझे उम्मीद है कि बांग्लादेश लौटूंगा. इसीलिए मैं खेल रहा हूं. मैं घरेलू दर्शकों के सामने संन्यास लेना चाहता हूं और मुझे लगता है कि ऐसा होगा. यही एकमात्र कारण है कि मैं खेल रहा हूं. मैं फिट रहना चाहता हूं कि, ताकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए उपलब्ध रह सकूं.' बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि वो शाकिब अल हसन को किसी भी तरह की सुरक्षा की गारंटी नहीं दे सकता. यही वजह है कि शाकिब लगभग एक साल से अपने देश नहीं लौट पाए हैं. पिछले साल शाकिब साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर फेयरवेल टेस्ट खेलना चाहते थे, लेकिन सुरक्षा चिंताओं और गिरफ्तारी की आशंका के कारण उन्होंने बांग्लादेश वापसी का जोखिम नहीं लिया. वर्तमान हालात को देखते हुए भी उनके जल्द बांग्लादेश लौटने की संभावना बेहद कम है. शानदार रहा है शाकिब का करियर 38 वर्षीय शाकिब अल हसन ने बांग्लादेशी टीम के लिए बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन किया है. उन्होंने अब तक 71 टेस्ट खेले हैं, जिसमें 37.78 की औसत से 4609 रन बनाए और 246 विकेट अपने नाम किए. शाकिब का वनडे रिकॉर्ड भी बेहद दमदार है, जहां उन्होंने 247 मैचों में 7570 रन बनाए और 317 विकेट हासिल किए. टी20 इंटरनेशनल में शाकिब ने 129 मुकाबले खेले, जिसमें 2551 रन जोड़े और 149 विकेट झटके. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में भी शाकिब का अनुभव लंबा रहा है.उन्होंने आईपीएल में 71 मैच खेलकर 793 रन बनाए और 63 विकेट चटकाए.

रिश्ता खत्म होने के बाद स्मृति मंधाना-पलाश मुच्छल ने एक-दूसरे को अनफॉलो किया, पुरानी पोस्टें हटाईं

इंदौर  टीम इंडिया की स्टार बैटर स्मृति मंधाना और म्यूजिक कम्पोजर पलाश मुच्छल ने हाल ही में अपनी शादी टूटने की खबर की पुष्टि कर दी. दोनों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को अनफॉलो भी कर दिया है और साफ कहा है कि वो अपनी-अपनी जिंदगी में मूव ऑन कर रहे हैं. इसके बाद एक्स-कपल ने अपने-अपने इंस्टाग्राम अकाउंट्स से पुराने प्रपोजल और अप्रीसिएशन पोस्ट भी डिलीट कर दिए हैं.  जब पलाश ने किया था प्रपोज कभी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था पलाश का वो वीडियो, जिसमें वो स्मृति को बड़े ही प्यार से प्रपोज करते दिख रहे थे. डीवाई पाटिल स्टेडियम में पलाश स्मृति को आंख पर पट्टी बांधकर ले गए थे, और घुटनों पर बैठकर प्रपोज किया था. वहीं स्मृति ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए हां कहा था. फैंस को लगता था कि दोनों हमेशा साथ रहेंगे, लेकिन जिंदगी कभी-कभी अलग मोड़ ले आती है. ये वीडियो पोस्ट पलाश ने अपने क्लेरिफिकेशन के बाद हटा दिया. हालांकि स्मृति को बर्थडे विश करने का पोस्ट अब भी उनके अकाउंट पर मौजूद है.  इसके अलावा टीम इंडिया की वर्ल्ड कप में जीत से गदगद पलाश ने 'गर्लफ्रेंड' और टीम इंडिया की वाइस कैप्टन के लिए एक अप्रीसिएशन पोस्ट किया था. उन्होंने स्मृति पर गर्व जताया था, ये पोस्ट भी पलाश ने डिलीट कर दिया है.  स्मृति का रोमांटिक बर्थडे पोस्ट स्मृति के अकाउंट पर भी एक समय दिल से भरे कई रोमांटिक पोस्ट मौजूद थे, जहां उन्होंने अपने इमोशन्स डालकर पलाश को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी थीं. उस पोस्ट में उनके बीच की गर्मजोशी और प्यार साफ दिखाई देता था. स्मृति ने लिखा था- हैप्पी बर्थडे माय बॉय.  रिश्ते में अनबन की खबर आने के बाद स्मृति ने सबसे पहले शादी की सभी पोस्ट डिलीट की थीं. लेकिन अब अपने क्लेरिफिकेशन के बाद इन पोस्ट को भी डिलीट कर दिया है. स्मृति ने सोशल मीडिया से पलाश की सारी यादें मिटा दी हैं. क्यों टूट गया रिश्ता? हालांकि दोनों ने ब्रेकअप की वजह खुलकर नहीं बताई, लेकिन इतना तय है कि अब वो अलग राहें चुन चुके हैं. दोनों ने कहा कि वो अपनी निजी जिंदगी की इज्जत चाहते हैं और उम्मीद करते हैं कि लोग उनके फैसले को समझेंगे. 

Rohit-Virat की वापसी पर ब्रेक! 2027 वर्ल्ड कप को लेकर फैंस की बढ़ी बेचैनी

नई दिल्ली  दिसंबर की कड़कड़ाती सर्दी नए साल के आगमन का संकेत दे रही है। क्रिकेट दुनिया भी 2025 को अलविदा कहने की तैयारी में है। इसी बीच भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े सितारे रोहित शर्मा और विराट कोहली ने साल का समापन अपने बल्ले से शानदार अंदाज में किया। अब यह दिग्गज जोड़ी नए साल में ही दोबारा एक्शन में दिखाई देगी। Ro-Ko ने दमदार अंदाज में किया साल का अंत 6 दिसंबर को साउथ अफ्रीका के खिलाफ निर्णायक वनडे में दोनों दिग्गजों ने अर्धशतक जड़कर भारत को सीरीज जिताने में अहम योगदान दिया। तीन मैचों की सीरीज में कोहली ने 302 रन और रोहित ने 146 रन बनाए। विराट को उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।   उतार-चढ़ाव भरा साल, मगर बल्ले ने दिया जवाब हालांकि 2025 रोहित और विराट के लिए आसान नहीं रहा। आलोचनाओं, दबाव और कई मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद दोनों ने खुद को संभाले रखा और अपने खेल में किसी तरह की गिरावट नहीं आने दी। रोहित तो 2027 विश्व कप की तैयारी में अपना वजन कम कर फिटनेस पर भी खास मेहनत कर रहे हैं। 2027 वनडे वर्ल्ड कप, लक्ष्य अभी भी बरकरार दोनों ही वरिष्ठ खिलाड़ी 2027 वनडे विश्व कप खेलना चाहते हैं। चूंकि वे अब सिर्फ वनडे क्रिकेट ही खेल रहे हैं, इसलिए अगली बार वे जनवरी में मैदान पर दिखेंगे। न्यूजीलैंड टीम भारत दौरे पर आ रही है, जहां 11 जनवरी से तीन वनडे और पाँच टी20 मैच खेले जाएंगे। लेकिन विश्व कप की जगह अब भी पक्की नहीं साल के अंत तक आते-आते रोहित और विराट को यह भरोसा नहीं मिला कि वे 2027 विश्व कप टीम का हिस्सा होंगे। दोनों को 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेना पड़ा। भले ही उन्होंने ओवरलोड को कारण बताया, लेकिन फैंस मानते हैं कि मैनेजमेंट का भरोसा कम होने की वजह से उन्होंने यह फैसला लिया। इंग्लैंड टेस्ट सीरीज से पहले ही दोनों ने रेड बॉल फॉर्मेट को अलविदा कहा और इसके बाद शुभमन गिल को टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया। रोहित से वनडे कप्तानी भी गई रोहित का सपना था कि 2027 में वे अपनी कप्तानी में विश्व कप जिताएं। लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे से पहले चयन समिति ने वनडे कप्तानी भी उनसे लेकर गिल को सौंप दी। यह फैसला हैरान करने वाला इसलिए भी था क्योंकि इसी साल रोहित की कप्तानी में भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी और 2023 विश्व कप का फाइनल भी खेला था। ड्रेसिंग रूम में भी सबकुछ ठीक नहीं टीम के भीतर माहौल भी इस साल कुछ खुशनुमा नहीं रहा। रोहित और हेड कोच गौतम गंभीर के रिश्ते तो ठीक-ठाक बताए जाते हैं, लेकिन विराट और गंभीर के बीच दूरियां साफ नजर आ रही हैं। दोनों सिर्फ औपचारिक बातचीत तक सीमित हो गए हैं। गंभीर युवा खिलाड़ियों को ज्यादा मौके दे रहे हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी उन्होंने कहा कि विश्व कप में अभी दो साल हैं, इसलिए नया टैलेंट तैयार करने पर फोकस रहेगा। साल का अंत, फॉर्म शानदार लेकिन भविष्य अनिश्चित रोहित और विराट ने बल्ले से अपने इरादे साफ कर दिए हैं। फॉर्म बेहतरीन है, अनुभव बेमिसाल है, लेकिन 2027 विश्व कप उनके करियर का अगला बड़ा अध्याय होगा या नहीं इस पर फैसला अभी भी आने वाले समय की गोद में है।

विराट कोहली रच सकते हैं नया इतिहास, इस महान खिलाड़ी ने जताया शतकों के शतक का भरोसा

नई दिल्ली भारत के पूर्व महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने रन मशीन विराट कोहली को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी की है। सुनील गावस्कर ने दावा किया है कि विराट कोहली भी सचिन तेंदुलकर के शतकों के शतक वाले विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर सकते हैं। सुनील गावस्कर का ये भी दावा है कि विराट कोहली वर्ल्ड कप 2027 के बाद भी खेल सकते हैं। विराट इस समय सिर्फ वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्टिव हैं और हाल ही में समाप्त हुई साउथ अफ्रीका के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे, जिसमें उन्होंने दो शतक और एक नाबाद अर्धशतक जड़ा। विराट कोहली 84 शतक इंटरनेशनल क्रिकेट में जड़ चुके हैं। वे पहले से ही एक फॉर्मेट में सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले बल्लेबाज हैं और सुनील गावस्कर ने जियोहॉस्टार पर कहा, "क्यों नहीं? अगर वह तीन साल और खेलते हैं तो उसे यहां से 16 शतक और चाहिए।" कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज में 302 रन बनाए। 3 मैचों की वनडे सीरीज में पहली बार उन्होंने 300 या इससे ज्यादा रन बनाए। गावस्कर ने मुकाबले के बाद कहा, "जिस तरह से वह बैटिंग कर रहा है, उसने तीन मैचों की सीरीज में दो शतक बनाए हैं। आगे चलकर, अगर वह न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में दो और शतक बनाता है, तो वह 86 तक पहुंच जाएगा। इसलिए उसके 100 तक पहुंचने के चांस बहुत ज्यादा हैं, बहुत अच्छे हैं। जिस तरह से वह बैटिंग कर रहा है, वह खुद को एन्जॉय कर रहा है। जिस तरह से उन्होंने आज (शनिवार) बैटिंग की, यह जानते हुए कि मैच लगभग भारत की मुट्ठी में था—उन्हें पता था कि ओपनर्स ने अच्छी नींव रख दी है और उनके बाद अच्छे फॉर्म वाले बैट्समैन आने वाले हैं।" क्या वर्ल्ड कप तक हो जाएंगे 100 शतक? टीम इंडिया को वर्ल्ड कप 2027 तक करीब 35 वनडे मैच खेलने हैं। इस दौरान 16 शतक लगाना बहुत मुश्किल है। अगर वे वर्ल्ड कप के बाद खेलते हैं तो निश्चित तौर पर 100 शतकों तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, एक बात तय है कि वे 90 से ज्यादा शतक आसानी से लगा सकते हैं। वे इस समय 36 साल के हैं और करियर के अंतिम पड़ाव पर भी दमदार बल्लेबाजी कर रहे हैं। पिछले 10 पारियों में 3 शतक वे जड़ चुके हैं।  

एशेज 2025 में कंगारुओं का दबदबा: डे-नाइट टेस्ट 8 विकेट से जीता, सीरीज पर मजबूत पकड़

ब्रिस्बेन पिंक बॉल डे-नाइट टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क और माइकल नेसर ने इंग्लैंड की बल्लेबाज़ी पूरी तरह तहस-नहस कर दी। स्टार्क ने मैच में कुल 8 विकेट झटके, जबकि नेसर ने 6 बड़े झटके देकर इंग्लैंड को दोनों पारियों में उभरने नहीं दिया। दोनों गेंदबाज़ों की सटीक लाइन, स्विंग और गति के आगे इंग्लैंड के बल्लेबाज टिक ही नहीं पाए और लगातार दबाव में जूझते रहे। रूट का शतक भी इंग्लैंड को नहीं बचा पाया इंग्लैंड की पहली पारी की जान रहे जो रूट ने 138 रन की बेहतरीन पारी खेली। 206 गेंदों में 15 चौकों और एक छक्के से सजी उनकी यह पारी इंग्लैंड को सम्मानजनक स्कोर तक ले गई। लेकिन रूट के अलावा कोई भी बल्लेबाज बड़ा योगदान नहीं दे सका। मिचेल स्टार्क ने 6 विकेट निकालकर इंग्लैंड को 334 रन पर रोक दिया और मैच पर ऑस्ट्रेलिया की पकड़ मजबूत कर दी। रूट का शतक शानदार था, लेकिन टीम को मुश्किल स्थिति से निकालने में नाकाम रहा। ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में बल्लेबाज़ों का जलवा ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाज़ी में पूरी तरह दबदबा दिखाया और 511 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। जेक वेदराल्ड ने 72, लाबुशेन ने 65, स्टीव स्मिथ ने 61 और एलेक्स कैरी ने 63 रन की शानदार पारियां खेलीं। इन सबके अलावा मिचेल स्टार्क ने भी 141 गेंदों में संघर्षपूर्ण 77 रन बनाकर इंग्लैंड को पूरी तरह मैच से बाहर कर दिया। इंग्लैंड की ओर से सिर्फ ब्राइडन कार्स ही थोड़ी सफलता हासिल कर पाए, जिन्होंने 4 विकेट लिए लेकिन 152 रन भी लुटाए। इंग्लैंड की दूसरी पारी फिर ताश के पत्तों की तरह बिखरी दूसरी पारी में इंग्लैंड एक बार फिर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों के सामने टिक नहीं पाया। टीम 241 रन पर सिमट गई। कप्तान बेन स्टोक्स ने 50 और विल जैक्स ने 41 रन बनाकर कुछ देर संघर्ष जरूर किया, लेकिन माइकल नेसर की घातक गेंदबाज़ी ने सारा खेल ख़त्म कर दिया। नेसर ने 5 विकेट लेकर इंग्लैंड की उम्मीदों पर पानी फेर दिया, और ऑस्ट्रेलिया के सामने सिर्फ 65 रन का बेहद आसान लक्ष्य छोड़ा। 65 रन का छोटा लक्ष्य — ऑस्ट्रेलिया की आसान जीत लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल करने में कोई देरी नहीं की। ट्रैविस हेड ने तेज 22 रन बनाए, जबकि स्टीव स्मिथ ने सिर्फ 9 गेंदों में 23 रन ठोककर मैच खत्म कर दिया। स्मिथ ने अपनी पारी में दो चौके और दो छक्के जमाए। जेक वेदराल्ड भी 17* पर नाबाद लौटे। ऑस्ट्रेलिया ने 69/2 बनाकर 8 विकेट से मैच जीत लिया और एशेज सीरीज में 2–0 की मजबूत बढ़त बना ली।  

सीरीज जीत के बाद गंभीर ने दिया स्पष्ट संदेश— ‘अनुभव जरूरी है, पर युवा जोश ही भविष्य है’

विशाखापट्टनम  साउथ अफ्रीका के खिलाफ टीम इंडिया ने 3 मैचों की वनडे सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया। इसके बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने विराट कोहली और रोहित शर्मा की जमकर प्रशंसा की। गंभीर ने रोहित और विराट के बारे में बात करते हुए कहा कि इन दोनों सीनियर खिलाड़ियों का अनुभव टीम के लिए काफी मायने रखता है, लेकिन इसके साथ ही युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन भी इस सीरीज में अविश्वसनीय रहा है। कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल में समाप्त हुई वनडे सीरीज में दो शतक और एक अर्धशतक लगाया, जबकि रोहित शर्मा ने दो अर्धशतक जमाकर भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। विराट कोहली के बल्ले से 300 से ज्यादा रन निकले, जबकि 146 रन रोहित शर्मा ने भी बनाए। यशस्वी जायसवाल ने 3 मैचों में एक शतक के साथ कुल 156 रन बनाए। गंभीर ने उम्मीद जताई कि दोनों दिग्गज खिलाड़ी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखेंगे। उन्होंने तीसरे और अंतिम वनडे में भारत की नौ विकेट से जीत के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘वे बेहतरीन खिलाड़ी हैं। मैंने कई बार कहा है कि वे विश्वस्तरीय खिलाड़ी हैं। वे इस प्रारूप के बेहतरीन खिलाड़ी हैं और ड्रेसिंग रूम में उनका अनुभव वास्तव में बहुत मायने रखता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वे वही कर रहे हैं जो वे करते रहे हैं। वे भारतीय क्रिकेट के लिए इतने लंबे समय से ऐसा प्रदर्शन करते आ रहे हैं। उम्मीद है कि वे आगे भी इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखेंगे।’’ सीनियर तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को विश्राम दिए जाने तथा शुभमन गिल और हार्दिक पंड्या की चोट के कारण अनुपस्थिति ने भारत को कुछ युवा खिलाड़ियों के कौशल को परखने का मौका दिया। गंभीर हर्षित राणा के गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में उभरने से विशेष रूप से प्रसन्न थे। उन्होंने कहा, ‘‘हम हर्षित जैसे खिलाड़ी को इस तरह से तैयार करने की कोशिश कर रहे हैं जो वास्तव में नंबर आठ पर बल्लेबाजी करते हुए अपना योगदान दे सके। हमें इसी तरह संतुलन बनाना होगा, क्योंकि दो साल बाद (2027 वनडे विश्व कप के लिए) दक्षिण अफ्रीका दौरे पर हमें तीन अच्छे तेज गेंदबाजों की भी ज़रूरत होगी। अगर वह एक गेंदबाजी ऑलराउंडर के रूप में खुद को स्थापित करता है तो यह हमारे लिए अच्छा होगा।’’ गंभीर भी तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन से प्रभावित दिखे। उन्होंने कहा, ‘‘इस श्रृंखला में अर्शदीप, प्रसिद्ध और हर्षित का प्रदर्शन अविश्वसनीय रहा। इन तीनों के पास विशेषकर 50 ओवर के प्रारूप में बहुत अनुभव नहीं है। उन्होंने मुश्किल से 15 से भी कम वनडे खेले हैं लेकिन उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया।’’  

क्या अब दिग्गजों के लिए बदलेगा नियम? रोहित और कोहली को लेकर पूर्व कोच का बड़ा बयान

विशाखापट्टनम भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाजी कोच संजय बांगर ने विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। संजय बांगर का मानना ​​है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा का पिछले कुछ वर्षों में प्रदर्शन को देखते हुए उनके साथ अलग तरह का व्यवहार किया जाना चाहिए। संजय बांगर ने ये भी कहा है कि रोहित और विराट के वनडे टीम में जगह को लेकर कभी भी बहस नहीं होनी चाहिए।   राष्ट्रीय चयन समिति के सदस्य और मुख्य कोच गौतम गंभीर इस सीनियर जोड़ी के 2027 विश्व कप तक फॉर्म और फिटनेस बरकरार रखने को लेकर भले ही संशय में हो सकते हैं, लेकिन दोनों बल्लेबाजों ने पिछले छह वनडे मैचों में तीन शतक (कोहली के दो) और पांच अर्धशतक (रोहित के तीन) लगाकर बतला दिया है कि उनका कोई सानी नहीं है। बांगर ने जिओस्टार से कहा, ‘‘मुझे नहीं लगता कि टीम में विराट कोहली और रोहित शर्मा की जगह को लेकर सवाल उठाए जाने चाहिए। उनके इतने वर्षों में टीम को दिए गए योगदान पर गौर करना चाहिए।’’ कोहली और रोहित अब केवल वनडे प्रारूप में ही खेलते हैं। भारत पिछले कुछ समय से इस प्रारूप में बहुत कम मैच खेल रहा है और बांगर का मानना है कि उन्हें लय हासिल करने में कुछ समय लग सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘वे दो प्रारूपों से संन्यास ले चुके हैं, इसलिए ज़ाहिर है कि उन्हें लय हासिल करने में कुछ समय लग सकता है लेकिन वे ऐसा कई बार कर चुके हैं। उन्हें किसी युवा खिलाड़ी जितने मैच खेलने की जरूरत नहीं है। एक बार वे जब अपनी लय हासिल कर लेते हैं और पूरी तरह फिट तथा रन बनाने के लिए भूखे हैं तो आप इस तरह के खिलाड़ियों को टीम में चाहते हैं। आपको उनके साथ अलग तरह से व्यवहार करना होगा और उन्हें अपना नैसर्गिक खेल खेलने की छूट देनी होगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘‘जब वे लय में होते हैं तो आपको अंतर साफ नजर आता है। उनकी उपस्थिति मात्र से ड्रेसिंग रूम का माहौल बदल जाता है। टेस्ट श्रृंखला में हार के बाद उन्होंने निश्चित तौर पर युवा खिलाड़ियों से बात की होगी। उन्होंने खिलाड़ियों को पुरानी बातों को पीछे छोड़कर स्वच्छंद होकर खेलने के लिए प्रेरित किया होगा जिससे पूरी टीम का आत्मविश्वास बढ़ा।’’