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शादी को लेकर पहली बार खुलकर बोलीं मंधाना, पलाश संग रिश्ते पर किया अहम एलान

नई दिल्ली  भारतीय महिला टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने पलाश मुछाल के साथ शादी टलने के बाद चुप्पी तोड़ी है। मंधाना ने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लंबा बयान जारी किया और इस बात की जानकारी दे दी है कि पलाश मुछाल के साथ उनकी शादी रद्द हो गई है। मालूम हो कि मंधाना और पलाश मुछाल की शादी 23 नवंबर को होने वाली थी, लेकिन उसी दिन इसे टाल दिया गया था। अब मंधाना ने बयान जारी कर स्पष्ट कर दिया है शादी रद्द कर दी गई है। मंधाना ने निजता का सम्मान करने का आग्रह किया मंधाना ने रविवार को इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा, पिछले कुछ सप्ताह से मेरे जीवन को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं और मुझे लगता है कि इस समय मेरे लिए खुलकर बोलना जरूरी है। मैं बहुत निजी इंसान हूं और मैं इसे इसी तरह रखना चाहती हूं, लेकिन मुझे यह स्पष्ट करना होगा कि शादी रद्द कर दी गई है। मैं इस मामले को यहीं समाप्त करना चाहती हूं और आप सभी से भी यही करने की विनती करती हूं। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इस समय दोनों परिवारों की निजता का सम्मान करें और हमें अपनी गति से आगे बढ़ने का समय दें।   मंधाना बोलीं- भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित मंधाना ने लिखा, मेरा मानना है कि हम सभी के पीछे एक बड़ा उद्देश्य है और मेरे लिए वह उद्देश्य हमेशा अपने देश का सर्वोच्च स्तर पर प्रतिनिधित्व करना रहा है। मैं उम्मीद करती हूं कि मैं भारत के लिए यथासंभव लंबे समय तक खेलती रहूं और ट्रॉफियां जीतती रहूं और मेरा ध्यान हमेशा इसी पर रहेगा। आप सभी के समर्थन के लिए धन्यवाद। अब आगे बढ़ने का समय है। पलाश की भी आई प्रतिक्रिया मंधाना के बाद पलाश मुछाल ने भी इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि उन्होंने निजी रिश्तों से दूर रहने का फैसला किया है। पलाश ने लिखा, मैंने अपनी जिंदगी में आगे बढ़ने और निजी रिश्तों से दूर रहने का फैसला किया है। मेरे लिए यह देखना बहुत मुश्किल रहा है कि लोग मेरे लिए सबसे पवित्र चीज के बारे में बेबुनियाद अफवाहों पर इतनी आसानी से प्रतिक्रिया देते हैं। यह मेरे जीवन का सबसे कठिन दौर है और मैं अपने विश्वासों पर अडिग रहकर इससे निपटूंगा। मैं सचमुच उम्मीद करता हूं कि हम एक समाज के रूप में, किसी के बारे में बिना पुष्टि की गई अफवाहों के आधार पर राय बनाने से पहले रुकना सीखें, जिनके स्रोत कभी पहचाने नहीं जाते। हमारे शब्द हमें ऐसे जख्म दे सकते हैं जिन्हें हम कभी समझ नहीं पाएंगे। पलाश ने आगे लिखा, जब हम इन बातों के बारे में सोचते हैं, तो दुनिया में कई लोग गंभीर परिणामों का सामना कर रहे होते हैं। मेरी टीम झूठी और अपमानजनक स्टोरी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी। इस कठिन समय में मेरे साथ खड़े रहने वाले सभी लोगों का धन्यवाद। अचानक टली थी शादी मंधाना और संगीतकार पलाश की शादी के दिन मंधाना के पिता श्रीनिवास मंधाना गंभीर रूप से बीमार पड़ गए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। शादी से ठीक पहले मंधाना के मैनेजर ने इस बात की जानकारी दी थी कि मंधाना के पिता की तबीयत बिगड़ने के कारण शादी अनिश्चितकाल के लिए टाली गई है। इसके अगले ही दिन पलाश भी बीमार हो गए थे। इसके बाद से ही पलाश और मंधाना के रिश्तों को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थी। अब मंधाना ने स्पष्ट किया है कि शादी रद्द हो गई है।  

फिटनेस पहले! केक ऑफर ठुकराते हुए बोले रोहित शर्मा – ‘फिर से मोटा नहीं होना’

विशाखापत्तनम  भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा अपनी फिटनेस पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। रोहित भारत के लिए अब सिर्फ वनडे प्रारूप में ही खेलते हैं क्योंकि उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट से संन्यास ले लिया है। रोहित ने जब से टेस्ट क्रिकेट खेलना छोड़ा है, उन्होंने फिटनेस को लेकर सतर्कता बरती है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि रोहित अब तक 10 किलो वजन घटा चुके हैं। रोहित अपनी फिटनेस को लेकर कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में जीत के बाद उन्होंने केक खाने से भी मना कर दिया।    यशस्वी ने काटा केक  दरअसल, विशाखापत्तनम वनडे में भारत को मिली जीत के बाद जब टीम के सदस्य होटल पहुंचे तो वहां जीत का जश्न मनाने के लिए केक का इंतेजाम किया गया था। कोहली ने यशस्वी जायसवाल को केक काटने कहा। यशस्वी ने तीसरे वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाया था। यशस्वी ने केक काटने के बाद कोहली को खिलाया जिसके बाद वह केक खिलाने रोहित की तरफ बढ़े। रोहित ने हंसकर मना किया और बोले- 'नहीं यार, वापस मोटा हो जाऊंगा।' इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।     यशस्वी, रोहित-कोहली के दम पर भारत ने जीती सीरीज भारतीय टीम ने यशस्वी जायसवाल के शतक और रोहित शर्मा तथा विराट कोहली के अर्धशतकों की मदद से दक्षिण अफ्रीका को तीसरे वनडे मैच में नौ विकेट से हराया। भारत ने इसके साथ ही तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए क्विंटन डिकॉक के 106 रनों की बदौलत 47.5 ओवर में 270 रन बनाए थे। भारत ने शीर्ष तीन बल्लेबाजों की शानदार बल्लेबाजी के दम पर 61 गेंद शेष रहते 39.5 ओवर में एक विकेट पर 271 रन बनाकर मैच तथा सीरीज अपने नाम की। रोहित के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20000 रन पूरे  लक्ष्य का पीछा करते हुए यशस्वी और रोहित ने भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई और दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 155 रनों की साझेदारी की। रोहित ने इस दौरान अपने वनडे करियर का 61वां अर्धशतक लगाया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20000 रन भी पूरे किए। रोहित 75 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद मैदान पर विराट कोहली उतरे, जिनका बल्ला इस सीरीज में जमकर चला। कोहली और यशस्वी ने गियर बदलते हुए आक्रमक अंदाज में बल्लेबाजी की। यशस्वी ने अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाया और भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कोहली ने लगातार चौथे मैच में 50+ स्कोर बनाया। कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे में अर्धशतकीय पारी खेली थी। यशस्वी ने 121 गेंदों पर 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 116 रन और कोहली ने 45 गेंदों पर छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 65 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से एकमात्र सफलता केशव महाराज को मिली।  

‘शांत, लेकिन घातक’ अवतार में यशस्वी जायसवाल, वनडे तरकश में फिट बैठा नया तीर

नई दिल्ली  सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ यहां तीसरे और अंतिम वनडे मैच में संयम और आक्रमण की नई मिसाल पेश करके भारत की वनडे टीम के तरकश में एक और तीर जोड़ दिया। जायसवाल ने पहले ओवर में ही मार्को यानसन की ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद को छोड़कर दिखाया कि वह किसी तरह का बेमतलब का जोखिम उठाना नहीं चाह रहे हैं। जायसवाल ने इस गेंद पर कट करने की कोशिश नहीं की और उसे क्विंटन डिकॉक के पास जाने दिया।   दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में यह एक महत्वपूर्ण क्षण था, जिसमें भारत ने नौ विकेट से जीत हासिल की। यह जायसवाल की बदली हुई मानसिकता का पहला संकेत था। उन्होंने स्पष्ट संकेत दिया कि वह अपने आक्रामक तेवरों पर लगाम लगाए रखेंगे मुख्य सलामी बल्लेबाज तथा टीम के नियमित कप्तान शुभमन गिल के चोटिल होने के कारण उन्हें जो मौका मिला है, उसका पूरा फायदा उठाएंगे। जायसवाल ने रांची और रायपुर में खेले गए पहले दो वनडे में शुरू से ही गेंदबाजों पर हावी होने की कोशिश की, लेकिन इसमें नाकाम रहे और जल्दी आउट हो गए। हालांकि, वाइजैग में उन्होंने गेंदबाजों पर हावी होने के लिए किसी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई और धैर्य से काम लिया। ऐसा लग रहा था कि अब उन्हें वनडे क्रिकेट की लय बेहतर समझ आ गई है। भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने भी इस पर बात की। गंभीर ने मैच के बाद कहा, ‘‘जब आप लाल गेंद वाले क्रिकेट से सफेद गेंद वाले क्रिकेट में आते हैं तो आपको लगता है कि आपको आक्रामक बल्लेबाजी करनी होगी, लेकिन आपको आक्रामक होकर खेलने की जरूरत नहीं है, क्योंकि अगर आप वनडे प्रारूप को 30 ओवर और 20 ओवर में बांट दें, तो काम बहुत आसान हो जाएगा।’’ उन्होंने आगे कहा, ‘‘अगर आप वनडे में पहले 30 ओवर धैर्य के साथ खेलते हैं और जायसवाल में जो क्षमता है उसे देखते हुए अगर वह 30 ओवर तक बल्लेबाजी करता है तो वह शतक लगा सकता है। इसके बाद भी आपके पास 20 ओवर बचे होते हैं जिन्हें आप टी20 मैच की तरह खेल सकते हैं। जायसवाल का वनडे में यह केवल चौथा मैच था और जैसे ही उन्हें समझ आ जाएगा कि वनडे क्रिकेट में उन्हें किस गति से बल्लेबाजी करनी है तो वह अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने में सफल रहेंगे।’’ जायसवाल के पहले वनडे शतक ने गंभीर के विचार को पुष्ट किया। इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने अपने पहले 50 रन 75 गेंद में बनाए, लेकिन अगले 50 रन उन्होंने केवल 35 गेंद में ठोक दिए थे। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इस दौरान अपना स्वाभाविक खेल खेला। अगले कुछ महीनों में जायसवाल के लिए धैर्य सबसे बड़ा सहयोगी होगा, क्योंकि उन्हें नहीं पता होगा कि वनडे में अगला मैच कब खेलेंगे। कप्तान गिल जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए फिट हैं। उसके बाद भारत जुलाई 2026 में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली सीरीज के दौरान वनडे मैच खेलेगा। गिल और केएल राहुल के चोटिल होने की स्थिति में ही जायसवाल इन मैच में खेल पाएंगे। कब खेलेंगे यशस्वी? गिल और संभवतः श्रेयस अय्यर भी अगले महीने न्यूजीलैंड के खिलाफ एकदिवसीय सीरीज के लिए वापसी करेंगे, जबकि जायसवाल वर्तमान में राष्ट्रीय टीम की टी20 से जुड़ी योजना में शामिल नहीं हैं। इसलिए उन्हें शायद इंतजार ही करना होगा, लेकिन गंभीर भविष्य में बड़े टूर्नामेंटों के लिए खिलाड़ियों का एक मजबूत पूल बनाने की व्यापक योजना पर विचार कर रहे हैं। गंभीर ने कहा, ‘‘हम जब भी संभव होगा हम उन्हें मौका देने की कोशिश करेंगे। हमें अब भी खिलाड़ियों का एक पूल तैयार करना है। हम 2027 में होने वाले विश्व कप से पहले लगभग 20 से 25 खिलाड़ियों को तैयार करना चाहते हैं। निश्चित तौर पर जब कप्तान और उप कप्तान की वापसी होगी तो उनको प्राथमिकता दी जाएगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जायसवाल ने अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन महत्वपूर्ण बात यह है कि उन्हें खुद को प्रेरित रखना होगा क्योंकि जब भी उन्हें मौका मिले, उसके लिए तैयार रहना होगा और उसका पूरा फायदा उठाना होगा। हम जानते हैं कि वह कितने बेजोड़ खिलाड़ी हैं और टेस्ट क्रिकेट में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है।’’  

गंभीर की कड़ी चेतावनी: स्प्लिट कोचिंग की चर्चा करने वालों पर कसा तंज

 नई दिल्ली टीम इंडिया के हेड कोच गौतम गंभीर ने शनिवार को सोशल मीडिया पर चल रही स्पिलिट कोचिंग की थ्योरीज पर कड़ी आपत्ति जताई। कोच गंभीर ने उन बातों को 'हैरान करने वाला' बताया। यहां तक कि इस तरह की राय देने वालों से गौतम गंभीर ने 'अपने दायरे में रहने' को कहा। साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत की हालिया 0-2 टेस्ट सीरीज हार के बाद एक IPL टीम के मालिक सहित कुछ प्रभावशाली क्रिकेट हस्तियों ने BCCI से रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल फॉर्मेट के लिए अलग-अलग कोच नियुक्त करने पर विचार करने को कहा था। तमाम लोगों द्वारा साझा किए गए स्पिलट कैप्टेंसी के विचार से गौतम गंभीर खफा दिखे। गौतम गंभीर ने तीन मैचों की वनडे सीरीज को 2-1 से जीतने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "देखिए, बहुत सारी बातें हुईं, क्योंकि नतीजे हमारे फेवर में नहीं रहे (टेस्ट सीरीज में), लेकिन सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि किसी भी मीडिया या जर्नलिस्ट ने एक बार भी यह नहीं लिखा कि हमारा पहला टेस्ट मैच (कोलकाता में) कप्तान (शुभमन गिल) के बिना खेला गया था, जिसने दोनों पारियों में बैटिंग नहीं की (गर्दन की चोट की वजह से)।" गंभीर ने आगे कहा कि ऐसे ओपिनियन मेकर्स को ऐसी बातें कहने से बचना चाहिए जिनका ऑन-फील्ड क्रिकेट मामलों से कोई सीधा कनेक्शन न हो। गंभीर ने कहा, "कुछ लोगों ने ऐसी बातें भी कहीं, जिनका क्रिकेट से कोई लेना-देना नहीं था। एक IPL टीम के मालिक (दिल्ली कैपिटल्स के पार्थ जिंदल ने X पर) ने भी स्प्लिट कोचिंग के बारे में लिखा। तो यह हैरानी की बात है। लोगों का अपने दायरे में रहना बहुत जरूरी है, क्योंकि अगर हम किसी के दायरे में नहीं जाते, तो उन्हें भी हमारे दायरे में आने का कोई हक नहीं है।" गौतम गंभीर ने आगे पत्रकारों को भी नहीं बख्शा और कहा, "मैं प्रेस कॉन्फ्रेंस में बहाने नहीं बनाता। इसका मतलब यह नहीं है कि आप दुनिया या देश के सामने फैक्ट्स न दिखाएं। जब आप एक ट्रांजिशन से गुजरते हैं और जब आप अपने कप्तान को खो देते हैं, जो ऐसी टीम (SA) के खिलाफ रेड-बॉल क्रिकेट में आपका मेन बैट्समैन भी है।"  

फीफा वर्ल्ड कप 2026 का बड़ा ऐलान: अर्जेंटीना बनाम अल्जीरिया ओपनिंग मैच, एमबापे–हालैंड आमने-सामने

नई दिल्ली  फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 11 जून से हो रही है। इस बार विश्व कप में 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं। वॉशिंगटन डीसी के कैनेडी सेंटर में फीफा वर्ल्ड कप ड्रॉ का आयोजन हुआ। इस दौरान 12 ग्रुप में कौन-कौन सी टीमें होंगी और मैचों के शेड्यूल का निर्धारण किया गया। ड्रॉ के दौरान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी उपस्थित थे। उन्हें फीफा पीस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।  विश्व कप का पहला मुकाबला मेक्सिको और साउथ अफ्रीका के बीच ऐतिहासिक एस्टाडियो अज्टेका में खेला जाएगा। वहीं फीफा विश्व कप 2022 की विजेता अर्जेंटीना विश्व कप 2026 के अपने पहले मैच में अल्जीरिया से भिड़ेगी। बता दें कि दोनों टीमों को ऑस्ट्रिया और जॉर्डन के साथ ग्रुप 'जे' में रखा गया है। मौजूदा फुटबॉल वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना और प्रमुख दावेदार स्पेन और इंग्लैंड को 2026 वर्ल्ड कप के लिए आसान ग्रुप मिले। वहीं, फ्रांस को मुश्किल ग्रुप मिला। फुटबॉल के दो सबसे बड़े सुपरस्टार किलियन एमबापे (फ्रांस) और एर्लिंग हालैंड (नॉर्वे) की टीम एक ही ग्रुप का हिस्सा है। यूरोपीय चैंपियन स्पेन ग्रुप एच में केप वर्डे के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। 2026 का टूर्नामेंट अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में 11 जून से 19 जुलाई तक खेला जाएगा। इस बार 16 नई टीमें जुड़ रही हैं, जिससे टीमों की कुल संख्या 48 हो गई है। कतर में खेले गए पिछले विश्व कप में टीमों की संख्या 32 थी। पिछली बार 64 मैच हुए थे। इस बार कुल 104 मैच खेले जाएंगे। ज्यादातर मैच अमेरिका में होंगे। फाइनल न्यूयॉर्क के मेटलाइफ स्टेडियम में होगा। विश्व कप के सभी 12 ग्रुप ग्रुप ए: मेक्सिको, साउथ अफ्रीका, साउथ कोरिया, यूईएफए प्लेऑफ डी ग्रुप बी: कनाडा, यूईएफए प्लेऑफ ए, कतर, स्विट्जरलैंड ग्रुप सी: ब्राजील, मोरक्को, हैती, स्कॉटलैंड ग्रुप डी: यूएसए, पैराग्वे, ऑस्ट्रेलिया, यूईएफए प्लेऑफ सी ग्रुप ई: जर्मनी, कुराओ, आइवरी कोस्ट, इक्वाडोर ग्रुप एफ: नीदरलैंड, जापान, यूईएफए प्लेऑफ बी, ट्यूनीशिया ग्रुप जी: बेल्जियम, मिस्र, ईरान, न्यूजीलैंड ग्रुप एच: स्पेन, केप वर्डे, सऊदी अरब, उरुग्वे ग्रुप आई: फ्रांस, सेनेगल, फीफा प्लेऑफ 2, नॉर्वे ग्रुप जे: अर्जेंटीना, अल्जीरिया, ऑस्ट्रिया, जॉर्डन ग्रुप के: पुर्तगाल, फीफा प्लेऑफ 1, उज्बेकिस्तान, कोलंबिया ग्रुप एल: इंग्लैंड, क्रोएशिया, घाना, पनामा

ताकत, संतुलन और सम्मान: सैनिकों के खेल से ओलंपिक तक वेटलिफ्टिंग की कहानी

नई दिल्ली। वेटलिफ्टिंग ताकत, सहनशक्ति और संतुलन का खेल है, जिसमें स्नैच के अलावा, क्लीन एंड जर्क दो मुख्य तकनीकों के रूप में शामिल हैं। इस खेल के लिए आत्मविश्वास और मानसिक दृढ़ता के साथ शरीर की मांसपेशियों को विकसित करना जरूरी है। ओलंपिक में वेटलिफ्टिंग बेहद लोकप्रिय खेल है। एक दौर था, जब मनुष्य किसी कार्य को अंजाम देने के लिए भार को उठाकर यहां से वहां जाता था, लेकिन बाद में इसे शख्स के बलवान होने से जोड़कर देखा जाने लगा। धीरे-धीरे लोग एक-दूसरे से अधिक वजन उठाकर खुद को ज्यादा बलशाली साबित करने की होड़ में लग गए। यहीं से इस खेल का इजाद भी हुआ। ग्रीस, चीन, मिस्र और मेसोपोटामिया में योद्धा और सैनिक अपनी ताकत परखने के लिए भारी पत्थर या वस्तुएं उठाते थे, जिसने इस खेल की नींव रखी। धीरे-धीरे अन्य देशों में पहलवान शौक के साथ वेटलिफ्टिंग के खेल में हिस्सा लेने लगे। आलम ये रहा कि 19वीं शताब्दी के अंत तक वेटलिफ्टिंग एक अंतरराष्ट्रीय खेल के रूप में अपनी पहचान बना चुका था। 1896 एथेंस ओलंपिक में इस खेल को शामिल किया गया। हालांकि, यह 1900, 1908 और 1912 के संस्करणों का हिस्सा नहीं रहा। इन तीन संस्करणों को छोड़कर, वेटलिफ्टिंग का खेल प्रत्येक ओलंपिक का हिस्सा रहा है। साल 1935 में भारतीय भारोत्तोलन महासंघ की स्थापना हुई, जिसके बाद भारत ने 1936 बर्लिन ओलंपिक में पहली बार इस इवेंट में हिस्सा लिया। 2000 सिडनी ओलंपिक में इस खेल में महिलाओं ने भी हिस्सा लेना शुरू किया। इसी ओलंपिक में कर्णम मल्लेश्वरी ने महिलाओं के 54 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। इसके बाद मीराबाई चानू ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में 49 किलोग्राम भार वर्ग में देश को सिल्वर मेडल दिलाया। वेटलिफ्टिंग के खेल में वेटलिफ्टर्स अलग-अलग बॉडीवेट कैटेगरी में प्रतिस्पर्धा करते हैं। ओलंपिक में इसके दो चरण होते हैं: 'स्नैच' और 'क्लीन एंड जर्क'। वेटलिफ्टर को दोनों कैटेगरी में तीन-तीन मौके दिए जाते हैं, जिसमें उसके सर्वश्रेष्ठ प्रयास को ही जोड़ा जाता है। दोनों कैटेगरी के वजन को जोड़कर विजेता घोषित किया जाता है। 'स्नैच' में वेटलिफ्टर बारबेल को उठाते हुए इसे अपने सिर के ऊपर सिंगुलर मोशन में लिफ्ट करता है, जबकि 'क्लीन एंड जर्क' में वेटलिफ्टर पहले बारबेल को उठाकर इसे अपनी छाती तक लेकर जाता है। उसे इसी पोजीशन पर कुछ देर रुकना होता है। इसके बाद वह अपनी बाहों और पैरों को फैलाकर बारबेल को सिर के ऊपर लेकर जाता है। इस दौरान उसकी कोहली बिल्कुल सीधी रहनी जरूरी है। बजर बजने तक वेटलिफ्टर को बारबेल सिर से ऊपर रखना होता है। भारत में सीनियर के साथ युवा और जूनियर स्तर पर वेटलिफ्टिंग तेजी से आगे बढ़ रही है। विश्व स्तर पर भारत के वेटलिफ्टर्स ने अपना नाम रोशन किया है। सीनियर्स के नक्शे कदम पर चलते हुए युवा खिलाड़ी और जूनियर स्तर के एथलीट इसमें शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जो भविष्य के लिए अच्छा आधार है। कड़ी ट्रेनिंग, बेहतरीन संसाधन, अच्छी कोचिंग और सपोर्ट के साथ ओलंपिक में भारत को इस खेल में और भी अधिक मेडल मिलने की संभावना है।

दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने भारत के खिलाफ वनडे क्रिकेट में 2,000 रन पूरे किए

विशाखापत्तनम  दक्षिण अफ्रीका के कप्तान टेंबा बावुमा ने भारत के खिलाफ विशाखापत्तनम में सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले में करियर में एक खास उपलब्धि हासिल की। बावुमा ने वनडे करियर में अपने 2,000 रन पूरे कर लिए। वह इस उपलब्धि को हासिल करने वाले दक्षिण अफ्रीका के 22वें बल्लेबाज हैं। विशाखापत्तनम वनडे में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे टेंबा बावुमा ने 67 गेंद पर 5 चौकों की मदद से 48 रन की पारी खेली। पारी के दौरान 13वां रन बनाते ही बावुमा के वनडे में 2,000 रन पूरे हो गए। बावुमा के 55 मैचों की 53 पारियों में 5 शतक और 8 अर्धशतक की मदद से 2,035 रन हो गए हैं। दक्षिण अफ्रीका के लिए वनडे में सबसे ज्यादा रन जैक कैलिस के नाम है। 1996 से 2014 के बीच 323 मैचों की 309 पारियों में 53 बार नाबाद रहते हुए 17 शतक और 86 अर्धशतक की मदद से कैलिस ने 11,550 रन बनाए हैं। दूसरे नंबर पर पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स हैं। एबी के नाम 223 मैचों में 25 शतक और 52 अर्धशतक की मदद से 9,427 रन बनाए। टेंबा बावुमा के पास बतौर कप्तान भारत में सीरीज जीतकर इतिहास दोहराने का मौका है। दक्षिण अफ्रीका की टीम ने भारत में सिर्फ 1 ही बार वनडे सीरीज जीती है। 2015-16 में 5 वनडे मैचों की सीरीज दक्षिण अफ्रीका ने 2-3 से जीती थी। उस सीरीज में दक्षिण अफ्रीका के कप्तान एबी डिविलियर्स थे। बावुमा के पास डिविलियर्स के रिकॉर्ड की बराबरी करते हुए भारत में वनडे सीरीज जीतने वाले दूसरे दक्षिण अफ्रीकी कप्तान बनने का मौका है। वनडे सीरीज से पहले 2 मैचों की टेस्ट सीरीज खेली गई थी। टेंबा बावुमा की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीका ने सीरीज 0-2 से जीती थी। 2000 के बाद ऐसा पहली बार हुआ जब दक्षिण अफ्रीका ने भारत का टेस्ट सीरीज में सूपड़ा साफ किया। ऐसे में दक्षिण अफ्रीका से तीसरे वनडे में भारतीय टीम को सावधान रहना होगा।

IND vs SA तीसरा वनडे: साउथ अफ्रीका ने दिए 271 रन, प्रसिद्ध–कुलदीप की जोड़ी ने मचाया तहलका

नई दिल्ली  आज भारत और साउथ अफ्रीका के बीच वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला खेला जा रहा है। दोनों टीमें विशाखापट्टनम के मैदान पर आमने-सामने हैं। साउथ अफ्रीका ने भारत को 271 रनों का टारगेट दिया है। भारत ने टॉस जीतने के बाद 47.5 ओवर में मेहमान टीम को 270 पर ढेर कर दिया। तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा और स्पिनर कुलदीप यादव ने 'चौका' लगाया। प्रसिद्ध ने 66 रन देकर चार विकेट चटकाए जबकि कुलदीप ने 41 रन खर्च करने के बाद चार शिकार किए। अर्शदीप सिंह और रवींद्र जडेजा ने एक-एक विकेट हासिल किया।   साउथ अफ्रीका के लिए विकेटकीपर क्विंटन डिकॉक ने शतक ठोका। उन्होंने 89 गेंदों में 106 रन बनाए, जिसमें आठ चौके और छह सिक्स हैं। उन्होंने कप्तान टेम्बा बावुमा (67 गेंदों में 48) के साथ दूसरे विकेट के लिए 113 और मैथ्यू ब्रीट्जके (23 गेंदों में 24) के संग तीसरे विकेट के लिए 54 रनों की पार्टनरशिप की। डेवाल्ड ब्रेविस ने 29 और मार्को जानसेन ने 17 रनों का योगदान दिया। केशव मराहाज 20 रन बनाकर नाबाद रहे। साउथ अफ्रीका के पांच खिलाड़ी दहाई अंक में नहीं पहुंचे। ओपनर रयन रिकेल्टन का खात नहीं खुला। पिछले मैच के 'शतकवीर' एडेन मार्करम के बल्ले से सिर्फ एक रन निकला। साउथ अफ्रीकी की टीम हुई ढेर साउथ अफ्रीका की ओर से आउट होने वाले आखिरी प्लेयर ओटनील बार्टमैन (3) रहे। उन्हें प्रसिद्ध ने 48वें ओवर की पांचवीं गेंद पर बोल्ड किया। महराज 20 रन बनाकर नाबाद लौटे। लुंगी एनगिडी हुए एलबीडब्ल्यू साउथ अफ्रीका का नौवां विकेट लुंगी एनगिडी की तौर पर गिरा है। उन्हें कुलदीप ने 45वें ओवर में एलबीडब्ल्यू किया। एनगिडी ने 10 गेंदों में 1 रन बनाया। कुलदीप के स्पेल का आखिरी ओवर मेडन रहा। महाराज 12 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। बॉश बने कुलदीप का शिकार साउथ अफ्रीका का आठवां विकेट कॉर्बिन बॉश के रूप में गिरा है। उन्हें कुलदीप ने 43वें ओवर में कॉट एंड बोल्ड किया। पिछले दो मैचों अच्छी बल्लेबाजी करने वाली बॉश ने 12 गेंदों में सिर्फ 9 रन बनाए। महाराज 7 रन बनाकर क्रीज पर हैं। उनका साथ देने लुंगी एनगिडी आए हैं। कुलदीप ने भी दिया डबल झटका स्पिनर कुलदीप यादव ने भी डबल झटका दिया है। उन्होंने 39वें ओवर की पहली गेंद पर डेवाल्ड ब्रेविस और तीसरी गेंद पर मार्को जानसेन का शिकार किया। दोनों ने छठे विकेट के लिए 35 रनों की साझेदारी की। ब्रेविस ने 29 गेंदों में 29 रन बनाए, जिसमें दो चौके और एक छक्का है। जानसेन ने 15 गेंदों में दो चौको के जरिए 17 रन जुटाए। केशव महाराज 2 और कॉर्बिन बॉश 2 रन बनाकर क्रीज पर हैं। क्विंटन डिकॉक हुए आउट साउथ अफ्रीका की आधी टीम ढेर हो गई है। प्रसिद्ध के जाल में बड़ी मछली फंसी है। उन्होंने 33वें ओवर में 'शतकवीर' क्विंटन डिकॉक को बोल्ड किया। डिकॉक ने 89 गेंदों में 8 चौकों औ 6 छक्कों की मदद से 106 रनों की पारी खेली। ब्रेविस (13)* का साथ देने के लिए मार्को जानसेन आए हैं। डिकॉक ने लगाया शतक डिकॉक ने 80 गेंदों में शतक जड़ा है। यह उनके वनडे करियर की 23वें सेंचुरी है। डिकॉक ने हर्षित के 30वें ओवर में छक्का लगाकर यह आंकड़ा छुआ। उन्होंने भारत के खिलाफ सातवां शतक जमाया है। डिकॉक 101 और डेवाल्ड ब्रेविस 4 रन बनाकर क्रीज पर हैं।

सुपर लीग मैचों का वेन्यू बदला: अब पुणे में होंगे सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के मुकाबले, जानें क्यों लिया गया फैसला

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई को सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी 2025 के सुपर लीग फेज के मैचों को शिफ्ट करना पड़ा है। इंदौर में इन मैचों का आयोजन होना था, लेकिन अब ये मैच पुणे में आयोजित होंगे। बीसीसीआई ने जानकारी दी है कि ‘लॉजिस्टिक कारणों’ के चलते सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के फाइनल सहित सुपर लीग चरण के मैचों को पुणे में आयोजित करना पड़ेगा। बीसीसीआई सचिव सचिव देवजीत सैकिया ने शुक्रवार को पीटीआई को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय टी20 चैंपियनशिप का ग्रुप लीग चरण अभी हैदराबाद, लखनऊ, अहमदाबाद और कोलकाता में चल रहा है। सुपर लीग चरण और फाइनल का आयोजन इंदौर में होना था, लेकिन अब नॉकआउट मैचों को पुणे में शेड्यूल किया जा रहा है। सुपर लीग फेज के मैच 12 दिसंबर से शुरू होंगे, जबकि टूर्नामेंट का फाइनल 18 दिसंबर को पुणे में खेला जाएगा। बीसीसीआई सचिव सैकिया ने कहा, ‘‘हां, हमने सुपर लीग चरण के मैचों का स्थल इंदौर से पुणे स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है।’’ जानकारी मिली है कि यह कदम मध्य प्रदेश क्रिकेट संघ के अनुरोध पर उठाया गया जिसने उस समय होटल कमरों की कमी का हवाला दिया, क्योंकि आठ टीम के बड़े सहयोगी सदस्यों और ब्रॉडकास्ट क्रू को एक साथ आवास देना मुश्किल हो रहा था। भारी संख्या में कमरे चाहिए थे, जो उपलब्ध नहीं हैं। साथ ही उस समय कुछ शादी समारोहों और डॉक्टरों के सम्मेलन (13 से 16 दिसंबर) के कारण पांच सितारा होटलों में पर्याप्त कमरे उपलब्ध नहीं थे। सुपर लीग में आठ टीमें शामिल होंगी (प्रत्येक एलीट ग्रुप से शीर्ष दो) जिन्हें दो समूहों में बांटा गया है और शीर्ष दो टीमें फाइनल में आमने-सामने होंगी। पुणे में कुल 13 मैच खेले जाएंगे, जिसमें 12 सुपर लीग मैच और एक फाइनल होगा। ये मैच दो स्थल गहुंजे स्टेडियम और पुराने एमसीए मैदान हैं।  

T20 सीरीज में साउथ अफ्रीका की परेशानी बढ़ी, 2 मुख्य खिलाड़ी हुए बाहर, नई गेंदबाज की एंट्री

 नई दिल्ली साउथ अफ्रीकी टीम को 9 दिसंबर (मंगलवार) से भारत के खिलाफ पांच मैचों की टी20 सीरीज भी खेलनी है. टी20 सीरीज से पहले साउथ अफ्रीका की टेंशन खिलाड़ियों की इंजरी ने बढ़ा दी है. बल्लेबाज टोनी डी जोरजी और तेज गेंदबाज क्वेना म्फाका आगामी टी20 सीरीज में भाग नहीं ले पाएंगे. टोनी डी जोरजी को भारत के खिलाफ रायपुर वनडे में बल्लेबाजी करते समय दाईं जांघ के हिस्से में दर्द हुआ और उन्हें मैदान छोड़ना पड़ा था. टोनी डी जोरजी की चोट ज्यादा गंभीर है और वह घर वापस लौटेंगे. उनकी जगह किसी नए खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया है. युवा तेज गेंदबाज क्वेना मफाका भी अपनी लेफ्ट हैमस्ट्रिंग की चोट से पूरी तरह नहीं उबर पाए हैं. इसलिए वो भी टी20 सीरीज से बाहर हो गए हैं उनकी जगह फास्ट बॉलर लुथो सिपामला (Lutho Sipamla) को टीम में शामिल किया गया है. उधर टोनी डी जोरजी के अलावा नांद्र बर्गर भारत के खिलाफ 6 दिसंबर को विशाखापत्तनम में सेलेक्शन के लिए अनुपलब्ध थे. रायपुर वनडे के दौरान बर्गर को गेंदबाजी करते समय दाईं जांघ में दर्द महूसस हुआ. शुक्रवार को दोनों खिलाड़ियों की स्कैन रिपोर्ट आई थी, जिसमें चोट की पुष्टि हुई. इसलिए दोनों को तीसरे ODI से बाहर कर दिया गया. भारत के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए साउथ अफ्रीकी टीम:एडेन मार्करम (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, डेवाल्ड ब्रेविस, क्विंटन डिकॉक, डोनोवन फरेरा, रीजा हेंड्रिक्स, मार्को जानसेन, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, डेविड मिलर, लुंगी एंगिडी, एनरिक नॉर्किया, लुथो सिपामला और ट्रिस्टन स्टब्स. भारत और साउथ अफ्रीका के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला 9 दिसंबर को कटक के बाराबती स्टेडियम में खेला जाएगा, जो दोनों टीमों के लिए लय बनाने का मौका होगा. इसके बाद दोनों टीम्स के बीच 11 दिसंबर को दूसरा टी20 मुल्लांपुर (न्यू चंडीगढ़) में आयोजित किया जाना है. तीसरा मुकाबला 14 दिसंबर को धर्मशाला के खूबसूरत मैदान पर होगा, जो हमेशा खिलाड़ियों और फैन्स दोनों को रोमांचित करता है. सीरीज का चौथा मैच 17 दिसंबर को लखनऊ में खेला जाएगा, जहां पिच और हालात दोनों टीमों की रणनीति में बड़ा रोल निभाएंगे. इसके बाद 19 दिसंबर को अहमदाबाद में अंतिम टी20 मुकाबला होगा. साउथ अफ्रीका के खिलाफ टी20 सीरीज के लिए भारत का स्क्वॉड : सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उप-कप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर) , संजू सैमसन (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, हर्षित राणा और वॉशिंगटन सुंदर.