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पुजारा की वापसी का मौका, रणजी ट्रॉफी में दिखाई देंगे दमदार खेल

नई दिल्ली राहुल द्रविड़ के बाद भारत की टेस्ट टीम की दीवार रहे चेतेश्वर पुजारा अभी के लिए भारतीय टीम से बाहर हैं, लेकिन उनकी निगाहें एक बार फिर से टेस्ट कमबैक करने पर हैं। यही कारण है कि चेतेश्वर पुजारा ने खुद को रणजी ट्रॉफी के आने वाले सीजन के लिए खुद को उपलब्ध कराया है। वे आखिरी जोर टेस्ट कमबैक के लिए लगाने वाले हैं। वहीं, उनके साथ लंबे समय तक खेलने वाले अजिंक्य रहाणे मुंबई के लिए आगामी रणजी सीजन में खेलने के लिए उपलब्ध हैं, लेकिन सीजन से ठीक पहले उन्होंने मुंबई की टीम की कप्तानी छोड़ दी है। सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन यानी एससीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुजारा की उपलब्धता की पुष्टि की। सौराष्ट्र क्रिकेट संघ के एक अधिकारी ने क्रिकबज को बताया, “उन्होंने आगामी रणजी सीजन में खेलने के लिए अपनी तत्परता का संकेत दिया है। यह निश्चित रूप से हमारे लिए अच्छी खबर है, क्योंकि उनका अनुभव टीम के लिए बहुत फायदेमंद होगा।” भारत के लिए 103 टेस्ट मैच खेल चुके दिग्गज चेतेश्वर पुजारा 37 साल के हो चुके हैं। अभी भारतीय टेस्ट टीम के आसपास नहीं है, लेकिन उनकी चाहत यही होगी कि वे एक बार फिर से टेस्ट कमबैक कर पाएं। हालांकि, वे घरेलू क्रिकेट में केवल बहु-दिवसीय मैचों में ही खेलते हैं। पुजारा ने पिछले सीजन में सात मैचों में 40.2 की औसत से 402 रन बनाए थे, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था, जिसमें सौराष्ट्र की टीम को क्वार्टर फाइनल में गुजरात से हार मिली थी। वह जून 2023 में द ओवल में हुए विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल के बाद से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर हैं, जो राष्ट्रीय टीम के लिए उनका आखिरी मैच था। हाल ही में, वेस्ट जोन के चयनकर्ताओं ने पुजारा को दलीप ट्रॉफी से बाहर रखा था, क्योंकि उनका कहना था कि वे युवाओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने वेस्ट जोन के सिलेक्टर्स ने क्रिकबज के एक प्रश्न का उत्तर नहीं दिया, लेकिन एससीए के एक अधिकारी ने कहा कि सौराष्ट्र को उनके अनुभव से लाभ मिलने की उम्मीद है। रणजी ट्रॉफी 15 अक्टूबर से शुरू हो रही है, जिसमें सौराष्ट्र का पहला मैच कर्नाटक से होगा।  

टीम इंडिया की घोषणा के साथ बदल गई अगरकर की भूमिका, क्या हिलेगी किसी की कुर्सी?

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यनी बीसीसीआई ने टीम इंडिया के हेड कोच अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव किया है। यह बदलाव एशिया कप 2025 के स्क्वॉड के ऐलान के कुछ दिन बाद ही हुआ। बीसीसीआईॉ ने चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट जून 2026 तक बढ़ा दिया है। जून 2023 में शुरू हुए उनके कार्यकाल में, भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप और इस साल की शुरुआत में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर आईसीसी ट्रॉफी का सूखा खत्म किया था। उनके रहते हैं भारतीय टेस्ट टीम में प्रभावशाली बदलाव देखने को मिले साथ ही टीम 2023 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंची थी। इन सभी उपलब्धियों को देखते हुए अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाया गया है।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईपीएल 2025 से पहले ही अजीत अगरकर के कॉन्ट्रैक्ट को बढ़ाने की बात हो गई थी, जिसे हेड कोच ने एक्सेप्ट कर लिया है। बीसीसीआई के एक अधिकारी ने बताया, "उनके (अजीत अगरकर) कार्यकाल में भारतीय टीम ने खिताब जीते और टेस्ट और टी20 में भी बदलाव देखा। बीसीसीआई ने उनका अनुबंध जून 2026 तक बढ़ा दिया था और उन्होंने कुछ महीने पहले ही यह प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था।" अजीत अगरकर के रहते ही विराट कोहली और रोहित शर्मा ने टी20 और टेस्ट से रिटायरमेंट लिया और इन दोनों फॉर्मेट में भारत को नया कप्तान मिला। टेस्ट में शुभमन गिल को तो टी20 में सूर्यकुमार यादव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। रोहित-विराट वनडे में एक्टिव है, मगर आगामी समय में यहां भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। एस शरत को हटाया जा सकता है मौजूदा समय में चयन समिति में अगरकर के अलावा एसएस दास, सुब्रतो बनर्जी, अजय रात्रा और एस शरत शामिल हैं। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि सितंबर में होने वाली वार्षिक आम सभा की बैठक के बाद सीनियर चयन समिति में कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। शरत, जो सितंबर 2021 में जूनियर चयन समिति के अध्यक्ष थे और जनवरी 2023 में सीनियर चयन समिति में प्रमोट कर दिया गया था। उन्हें अब चार साल पूरे होने को है। पता चला है कि बोर्ड उनकी जगह किसी नए चेहरे को नियुक्त कर सकता है। बीसीसीआई आगे चलकर नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करेगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि बोर्ड दास और बनर्जी को बरकरार रखेगा या नहीं। बोर्ड कथित तौर पर मौजूदा चयन समिति से संतुष्ट है और पैनल में केवल एक संभावित बदलाव किया जा सकता है।

चिन्नास्वामी में क्रिकेट की वापसी जरूरी, वेंकटेश प्रसाद ने भगदड़ पर जताई चिंता

बेंगलुरु चिन्नास्वामी स्टेडियम में क्रिकेट की वापसी एक भव्य समारोह का मुख्य विषय रहा जहां पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज वेंकटेश प्रसाद ने बुधवार को अपने पैनल का घोषणापत्र जारी करके आगामी कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) चुनावों में भाग लेने की दिशा में पहला ठोस कदम उठाया। चार जून को यहां हुई भगदड़ में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के 11 प्रशंसकों की जान चली गई थी जिसके बाद इस प्रतिष्ठित स्टेडियम में कोई मैच नहीं हुआ है। अब यहां अगले महीने होने वाले आईसीसी महिला विश्व कप के मुकाबलों पर भी खतरा मंडरा रहा है। घोषणापत्र जारी करने के बाद प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ‘‘सच कहूं तो यह (भगदड़) कुछ ऐसा है जो नहीं होना चाहिए था। हमें (राज्य) सरकार के साथ संपर्क में बहुत सक्रिय होना होगा। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि चिन्नास्वामी स्टेडियम में जल्द से जल्द मैच खेले जाएं।’’ प्रसाद ने संकेत दिया कि उनके उम्मीदवारों के पैनल में 16 सदस्य होंगे। हालांकि उन्होंने इस समय उनके नाम बताने से परहेज किया। केएससीए के चुनाव अक्टूबर या नवंबर में हो सकते हैं क्योंकि रघुराम भट के नेतृत्व वाले मौजूदा पदाधिकारी 30 सितंबर को अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा कर लेंगे। प्रसाद ने कहा, ‘‘जहां तक स्टेडियम की बात है तो हमें इसकी खोई हुई गरिमा वापस लाने की जरूरत है। हम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को वापस लाना चाहते हैं। हमने देखा है कि हर अंतरराष्ट्रीय मैच बेंगलुरु से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बहुत ही प्रतिष्ठित स्थल है – चिन्नास्वामी स्टेडियम जो पिछले 50 वर्षों से खड़ा है। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है जहां अंतरराष्ट्रीय मैच बाहर स्थानांतरित किए गए हों। यह अच्छी बात नहीं है।’’  

भारतीय बैटर पर पाक क्रिकेटर की टिप्पणी, कहा– अय्यर पाकिस्तान में होते तो होता बड़ा फर्क

नई दिल्ली  पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासित अली ने एक बड़ा बयान उन भारतीय खिलाड़ियों को लेकर दिया है, जिन्हें टी20 एशिया कप 2025 के लिए टीम में जगह नहीं मिली है। इनमें श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों का नाम शामिल है। बासित अली ने श्रेयस अय्यर को लेकर निराशा जाहिर की और कहा कि उनको बाहर किया जाना न्यायपूर्ण नहीं है। उनका कहना है कि अगर ये खिलाड़ी पाकिस्तान में होते तो ए कैटेगरी के प्लेयर होते। आईपीएल 2025 में 604 रन 50 से ज्यादा के औसत और 175 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से बनाने वाले श्रेयस अय्यर बाहर हैं। पंजाब किंग्स को इस सीजन फाइनल तक का सफर तय कराने वाले कप्तान का नाम रिजर्व प्लेयर्स के पूल में भी शामिल नहीं है। यहां तक कि यशस्वी जायसवाल टी20 वर्ल्ड कप 2024 टीम का हिस्सा थे, लेकिन अब वे एशिया कप की टीम में नहीं हैं। उनको रिजर्व ओपनर के तौर पर रखा है। गेम टाइम शो में कामरान अकमल के साथ बात करते हुए बासिल अली ने कहा, “श्रेयस अय्यर, यशस्वी जयसवाल, मोहम्मद सिराज और मोहम्मद शमी अगर पाकिस्तान में होते ना ये लोग ए कैटेगरी में होते।” बासित अली ने आगे कहा, "श्रेयस अय्यर के साथ ज्यादती हो गई है। उनको टीम में होना चाहिए था।" बासित अली ने यह भी बताया कि कौन सी टीम भारत को कड़ी टक्कर दे सकती है? हैरान करने वाली बात ये है कि बासित अली ने अपने देश पाकिस्तान का नाम नहीं लिया है। बासित अली ने कहा, "उनके पास बहुत ही विस्फोटक टीम है और मुझे लगता है कि केवल श्रीलंका ही उनसे मुकाबला कर सकता है।" बता दें कि हाल ही में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया, जिसमें कोई भी खिलाड़ी ए कैटेगरी में शामिल नहीं है। उन्होंने एक तरह से पाकिस्तान पर तंज भी कसा है।  

टीम सिलेक्शन पर विवाद, चोपड़ा ने हर्षित राणा की जगह पर उठाए सवाल

नई दिल्ली एशिया कप के लिए टीम इंडिया का स्क्वाड घोषित होते ही चयन को लेकर बहस तेज हो गई है। श्रेयस अय्यर, यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों को 15 सदस्यों वाले स्क्वाड में नहीं चुनने पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल कुछ खिलाड़ियों का चयन होने पर भी उठ रहे हैं। पूर्व क्रिकेटर और कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कोलकाता नाइट राइडर्स के तेज गेंदबाज हर्षित राणा को एशिया कप के लिए चुने जाने पर प्रश्न चिन्ह खड़ा किया है। चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर पूछा, 'हर्षित राणा का केस बहुत ही दिलचस्प है। उनके मामले में चर्चा की जरूरत है क्योंकि वह बार शिवम दुबे के रिप्लेसमेंट के तौर पर आए थे और तीन विकेट भी चटकाए। प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। लेकिन उससे पहले और उसके बाद क्या हुआ?' चोपड़ा ने आगे कहा, 'उनका पिछला आईपीएल सीजन बहुत ही साधारण रहा। उनका प्रदर्शन बहुत अच्छा नहीं रहा। उनके आंकड़े ठीक नहीं हैं। ऐसा नहीं लगता कि उनके आंकड़े इतने दमदार हैं कि उन्हें स्क्वाड में जगह मिलनी चाहिए।' पूर्व क्रिकेटर ने कहा, 'यह भी सच है कि उन्हें सभी मैच खेलने का मौका मिलने से रहा। हो सकता है कि उन्हें एक मैच का मौका मिल जाए अगर बुमराह उपलब्ध नहीं रहेंगे तब। अगर उन्हें खेलने का मौका नहीं मिलने जा रहा तो आप कहेंगे कि बाहर ही तो बैठना है, क्या ही फर्क पड़ रहा है।।' आकाश चोपड़ा ने प्रसिद्ध कृष्णा और मोहम्मद सिराज के ऊपर हर्षित राणा को तरजीह दिए जाने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'अगर आप उनके हालिया प्रदर्शन को देखें तो पाएंगे कि यार ये तो प्रसिद्ध कृष्णा को मौका मिलना चाहिए था या फिर मोहम्मद सिराज को इनाम मिलता। लेकिन वे एक बार फिर हर्षित राणा की तरफ गए हैं।'  

पहले ही मैच में झटका! एक्शन विवाद के चलते अफ्रीकी स्पिनर पर बैन

नई दिल्ली  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बुधवार को बताया कि दक्षिण अफ्रीकी ऑफ स्पिनर प्रेनेलन सुब्रायन की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले वनडे अंतरराष्ट्रीय मैच के दौरान संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन के लिए रिपोर्ट की गई। आईसीसी ने एक बयान में कहा, ‘‘मैच अधिकारियों की रिपोर्ट में सुब्रायन के गेंदबाजी एक्शन की वैधता को लेकर चिंता व्यक्त की गई है। ’’  सुब्रायन ने मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपने पहले एकदिवसीय मैच में 46 रन देकर एक विकेट लिया जिससे दक्षिण अफ्रीका ने 98 रन से जीत हासिल कर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली। इकतीस वर्षीय सुब्रायन के पास आईसीसी से मान्यता प्राप्त परीक्षण प्रयोगशाला में अपने गेंदबाजी एक्शन का स्वतंत्र मूल्यांकन कराने के लिए 14 दिन का समय है। जांच के परिणाम आने तक उन्हें गेंदबाजी करने की अनुमति है। नियम के अनुसार गेंदबाज को क्रिकेट गेंद फेंकते समय अपनी कोहनी को 15 डिग्री तक मोड़ने की अनुमति है। यह पहली बार नहीं है जब यह ऑफ स्पिनर जांच के दायरे में आया है। क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका ने 2012 में दो अलग जांच करने के बाद उनके गेंदबाजी एक्शन को अवैध घोषित किया था। इसके बाद 2013 में सुधारात्मक कार्रवाई के बाद उन्हें गेंदबाजी करने की अनुमति दी गई और उनके गेंदबाजी एक्शन का दोबारा परीक्षण किया गया। बाद में 2014 में भारत में चैंपियंस लीग टी20 टूर्नामेंट के दौरान और फिर 2015 में एक घरेलू टी20 टूर्नामेंट के दौरान उनकी गेंदबाजी एक्शन की रिपोर्ट की गई। वह 2016 की शुरुआत में उनके गेंदबाजी एक्शन के पुनर्मूल्यांकन में विफल रहे लेकिन क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका के हाई परफॉरमेंस सेंटर से मंजूरी मिलने के बाद उन्हें मंजूरी दे दी गई और मार्च 2016 में उन्होंने गेंदबाजी फिर से शुरू कर दी। सुब्रायन ने इस साल बुलावायो में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना टेस्ट पदार्पण किया था और पहली पारी में चार विकेट झटके थे।  

मुंबई रणजी टीम की कप्तानी छोड़ेंगे अजिंक्य रहाणे, जानें फैसले के पीछे की वजह

नई दिल्ली  टीम इंडिया के अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने आगामी डोमेस्टिक सीजन से पहले मुंबई की कप्तानी छोड़ने का बड़ा फैसला लिया है। 37 साल के रहाणे ने यह फैसला अपनी उम्र और नए कप्तान को तैयार करने को ध्यान में रखते हुए लिया है। वह बतौर खिलाड़ी मुंबई की टीम का हिस्सा होंगे। रहाणे ने कप्तानी छोड़ने का यह ऐलान सोशल मीडिया पर किया। रहाणे का मानना ​​है कि मुंबई के लिए एक नए कप्तान को तैयार करने का यह सही समय है और उन्होंने यह भी दोहराया है कि वह टीम के लिए खेलना जारी रखेंगे।   रहाणे ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा, “मुंबई टीम की कप्तानी करना और चैंपियनशिप जीतना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात रही है। आने वाले घरेलू सत्र को देखते हुए, मेरा मानना ​​है कि एक नए कप्तान को तैयार करने का यह सही समय है, इसलिए मैंने कप्तानी की भूमिका जारी न रखने का फैसला किया है। मैं एक खिलाड़ी के रूप में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हूं और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन के साथ अपनी यात्रा जारी रखूंगा ताकि हम और अधिक ट्रॉफी जीत सकें। इस सीजन का बेसब्री से इंतजार है।” रहाणे की कप्तानी में मुंबई ने जीते दो खिताब रहाणे की कप्तानी में मुंबई ने 2023-24 सीजन में खिताब जीतकर रणजी ट्रॉफी के सात साल के इंतज़ार को खत्म किया। टीम ने 2024-25 के सीजन में ईरानी ट्रॉफी भी हासिल की। कप्तानी छोड़ने के बावजूद, रहाणे ने स्पष्ट किया कि उनका संन्यास लेने का कोई इरादा नहीं है और वे सभी फॉर्मेट में बल्लेबाज के रूप में मुंबई की सेवा करते रहेंगे। कौन होगा मुंबई का अगला कप्तान? मुंबई की टीम में श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, यशस्वी जायसवाल और सरफराज खान जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं। जायसवाल और सरफराज को छोड़कर, बाकी सभी की कप्तानी काबिले तारीफ है – अय्यर तीन आईपीएल फ्रेंचाइजी का नेतृत्व कर चुके हैं, जबकि सूर्यकुमार भारत के वर्तमान टी20 कप्तान हैं। जायसवाल की टेस्ट प्रतिबद्धताओं को देखते हुए, चयनकर्ता घरेलू सत्र के अधिकांश समय के लिए उपलब्ध कप्तान को प्राथमिकता दे सकते हैं। अय्यर और सूर्यकुमार दोनों ही रहाणे की जगह मुंबई के कप्तान बनने के प्रबल दावेदार हैं।  

टीम इंडिया के चयन पर दिग्गज का सवाल, 1983 वर्ल्ड कप विजेता बोले- हैरान करने वाले फैसले

नई दिल्ली एशिया कप के लिए टीम इंडिया के स्क्वाड पर 1983 वर्ल्ड कप के हीरो मदन लाल ने हैरानी जताई है। उन्होंने कहा कि कुछ खिलाड़ियों के शामिल नहीं किए जाने से उन्हें आश्चर्य है। उन्होंने हार्दिक पांड्या पर भी चयन समिति पर सवाल उठाए। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि भारतीय टीम एशिया कप जीत सकती है। बातचीत में पूर्व चयनकर्ता मदन लाल ने कहा, 'कभी-कभी आप यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ियों के शामिल नहीं किए जाने पर हैरान महसूस करते हैं…मुझे नहीं पता हार्दिक पांड्या को क्यों हटाया गया।' उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन गिल एक अच्छी पसंद हैं क्योंकि वह बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं। आने वाले समय में यह संभव है कि गिल तीनों ही फॉर्मेट में खेलेंगे…वे खिलाड़ी जो मैच जिताते हैं, उन्हें बाहर नहीं किया जाना चाहिए…हमारे पास इतनी अच्छी टीम है कि हम एशिया कप जीत सकते हैं।’ मदन लाल ने भले ही कहा कि हार्दिक पांड्या को क्यों हटाया गया, लेकिन वह एशिया कप के स्क्वाड का हिस्सा हैं। पूर्व चयनकर्ता का इशारा पांड्या को उपकप्तान नहीं बनाए जाने की तरफ था। वैसे भी ऑलराउंडर को पहले ही उपकप्तानी से हटा दिया गया था और पिछली सीरीज में अक्षर पटेल इस भूमिका में थे। पांड्या ने 2024 के वर्ल्ड कप में उपकप्तानी की थी। एशिया कप के लिए ये जिम्मेदारी शुभमन गिल को मिली है। यशस्वी जायसवाल 15 खिलाड़ियों के स्क्वाड में नहीं हैं, लेकिन उन्हें रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर रखा गया है। अजीत अगरकर की अगुआई वाली चयनसमिति ने मंगलवार को एशिया कप के लिए 15 सदस्यों वाले भारतीय दल का ऐलान किया। यशस्वी जायसवाल को इसमें जगह नहीं मिली। इसी तरह चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की जीत के हीरो और टूर्नामेंट में टीम के टॉप स्कोरर रहे श्रेयस अय्यर को भी नजरअंदाज किया गया। अय्यर ने आईपीएल 2025 और पिछले साल घरेलू सीजन में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया था। जायसवाल को तो स्क्वाड में जगह नहीं मिली लेकिन रिजर्व खिलाड़ियों की लिस्ट में उन्हें जरूर रखा गया है। दूसरी तरफ अय्यर को रिजर्व खिलाड़ी के लायक भी नहीं समझा गया। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं।  

मंत्री सारंग: शूटिंग में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनने की राह पर

शूटिंग में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में अग्रसर- मंत्री सारंग मंत्री सारंग: शूटिंग में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनने की राह पर मध्यप्रदेश शूटिंग में अग्रणी बनने की दिशा में, मंत्री सारंग ने दी जानकारी मंत्री सारंग ने राज्य शूटिंग अकादमी का किया निरीक्षण भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने बुधवार को मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी का निरीक्षण कर वहाँ की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अकादमी में अभ्यासरत प्रदेश के प्रतिभावान शूटिंग खिलाड़ियों से संवाद किया और उनका उत्साहवर्धन किया। मंत्री सारंग ने कहा कि यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश शूटिंग में देश को अग्रणी राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय खेल अधोसंरचना, प्रशिक्षित कोचिंग स्टाफ और उत्कृष्ट अवसर उपलब्ध करा रही है। हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि हमारे खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। मंत्री सारंग ने खिलाड़ियों से बातचीत के दौरान उनकी आवश्यकताओं और सुझावों को भी गंभीरता से सुना और भरोसा दिलाया कि सरकार हर संभव सहयोग करेगी। सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को निखारने और उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने अकादमी परिसर की विभिन्न सुविधाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को खिलाड़ियों की सुविधाओं में बेहतरी के निर्देश दिए।  

डल झील में खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल-2025 का आयोजन

डल झील में पहले खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल-2025 का आयोजन डल झील में खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल-2025 का आयोजन वाटर स्पोर्ट्स क्याकिंग केनोइंग और रोइंग के 44 खिलाड़ी करेंगे प्रतिभागिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री सारंग ने दीं शुभकामनाऐं भोपाल प्रथम 'खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल-2025' का आयोजन 21 से 23 अगस्त तक जम्मू-कश्मीर स्थित प्रतिष्ठित डल झील में किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस आयोजन में प्रदेश के 44 प्रतिभाशाली खिलाड़ी एवं 10 सहायक स्टाफ सहित कुल 54 सदस्यो का दल शामिल होगा। दलबीर सिंह, मुख्य प्रशिक्षक, वॉटर स्पोर्ट्स रोइंग अकादमी भी दल में शामिल हैं। खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल 2025 में 3 खेलों का अभियान किया जा रहा हैं, जिसमें मध्यप्रदेश के खिलाड़ी दो खेलों रोइंग और क्याकिंग-केनोइंग में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने खेलो इंडिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल- 2025 जम्मू-कश्मीर में प्रतिभागिता करने जा रहे मध्यप्रदेश के सभी वॉटर स्पोर्ट्स के प्रतिभावन खिलाड़ियों को शानदार खेल का प्रदर्शन कर विजेता बनने के लिए उत्साहित करते हुये शुभकामनाऐं दी हैं। 'खेलो इण्डिया वॉटर स्पोर्ट्स फेस्टिवल' राष्ट्रीय स्तर की महत्वपूर्ण खेल प्रतियोगिता है। प्रतियोगिता में 5 खेलों रोइंग, क्याकिंग केनोइंग (पदकीय स्पर्धा), वॉटर स्कींग, डेगन बोट और शिकारा स्प्रिंट (डेमो खेल) शामिल किये गये हैं। आयोजन में देश के 36 राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के लगभग 400 खिलाड़ी प्रतिभागिता कर रहे हैं।