samacharsecretary.com

कमेंट्री बॉक्स में सितारों की एंट्री, Asia Cup 2025 में सहवाग-इरफान समेत कई दिग्गज

नई दिल्ली एशिया कप 2025 में सिर्फ मैदान पर ही नहीं, बल्कि कमेंट्री बॉक्स में भी दिग्गजों की जंग देखने को मिलेगी. यूएई में मंगलवार से शुरू हो रहे एशिया कप टी20 में सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के बहुभाषी कमेंट्री पैनल में भारत के क्रिकेट दिग्गज सुनील गावस्कर, रवि शास्त्री और वीरेंद्र सहवाग शामिल होंगे. पूर्व गेंदबाजी कोच भरत अरुण भी तमिल पैनल का हिस्सा बनेंगे, जिससे प्रशंसकों को हर भाषा में बेहतरीन विश्लेषण मिलेगा. 17वां एशिया कप: महाद्वीपीय क्रिकेट का महासंग्राम इस टूर्नामेंट में भारत, पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, यूएई, ओमान और हॉन्ग कॉन्ग अगले साल होने वाले आईसीसी टी20 विश्व कप से पहले महाद्वीपीय वर्चस्व के लिए भिड़ेंगे. भारत अपना अभियान बुधवार को यूएई के खिलाफ शुरू करेगा। विश्व फीड के लिए चुने गए कमेंटेटर विश्व फीड कमेंटेटरों में भारत के पूर्व मुख्य कोच रवि शास्त्री, सुनील गावस्कर, संजय मांजरेकर, रॉबिन उथप्पा, बाजिद खान, वकार यूनिस, वसीम अकरम, रसेल अर्नोल्ड और साइमन डूल शामिल हैं.  हिंदी कमेंट्री पैनल के सितारे हिंदी पैनल में वीरेंद्र सहवाग, इरफान पठान, अजय जडेजा, पूर्व बल्लेबाजी कोच अभिषेक नायर और सबा करीम मुख्य नाम हैं. उनका अनुभव और विशेषज्ञता प्रशंसकों के लिए हर मैच को और रोमांचक बना देगी. तमिल और तेलुगु कमेंट्री पैनल भरत अरुण तमिल पैनल में डब्ल्यूवी रमन जैसे पूर्व खिलाड़ियों के साथ जुड़ेंगे. तेलुगु पैनल में वेंकटपति राजू और वेणुगोपाल राव जैसी हस्तियां शामिल हैं. सुनील गावस्कर ने कहा, ‘सूर्यकुमार यादव के नेतृत्व में टीम इंडिया एशिया कप में कदम रख रही है. यह टीम अनुभव और युवा प्रतिभा का बेहतरीन मिश्रण है और भारतीय क्रिकेट के भविष्य का प्रतीक है.' रवि शास्त्री ने कहा, ‘सूर्यकुमार यादव की कप्तानी और शुभमन गिल की उप-कप्तानी टीम में अनुभव और युवा का आदर्श संतुलन पेश करती है. जसप्रीत बुमराह, अभिषेक शर्मा और हार्दिक पंड्या लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि तिलक वर्मा और हर्षित राणा जैसी युवा प्रतिभाएं टीम में जोश और विकल्प जोड़ती हैं.’ एशिया कप के लिए भारत की टीम सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा, रिंकू सिंह.

उमा केवट बनी मध्य प्रदेश टीम की बेस्ट गोलकीपर, गुजरात में होगा राष्ट्रीय महिला फुटबॉल टूर्नामेंट

शहडोल  मध्य प्रदेश का शहडोल जिला अब अपनी पहचान मिनी ब्राजील के नाम से बना रहा है, जिसकी ख्याति अब देश विदेश तक फैल रही है. साथ ही साथ यहां के खिलाड़ी भी अपना जलवा लगातार बिखेर रहे हैं. अभी हाल ही में शहडोल की बेटी उमा केवट ने मध्य प्रदेश की महिला सीनियर टीम में अपनी जगह पक्की कर ली है. जिसके बाद वो एक बार फिर से सुर्खियों में आ गई हैं. शहडोल की बेटी का कमाल शहडोल के विचारपुर में सांई सब सेंटर की कोच लक्ष्मी सहीस ने बताया कि "शहडोल जिले की रहने वाली उमा केवट का सिलेक्शन राष्ट्रीय ओपन सीनियर महिला फुटबॉल टूर्नामेंट के लिए हो गया है. उमा केवट का मध्य प्रदेश टीम में सिलेक्शन होने के बाद उनके चाहने वालों के बीच खुशी का ठिकाना नहीं है. शहडोल के लिए ये एक बड़ा एचीवमेंट है." बेस्ट गोलकीपर हैं उमा केवट कोच लक्ष्मी सहीस बताती हैं कि "उमा केवट की उम्र लगभग 22 साल है और वो वर्तमान में मध्य प्रदेश की बेस्ट गोलकीपर में से एक हैं. उनके खेल में एक अलग ही टैलेंट है. उमा केवट के खेलने का अंदाज जिस तरह का है. अगर उन्हें प्रॉपर सुविधाएं मिलती रहीं और अच्छे कोच मिलते रहे सही मार्गदर्शन मिलता रहा तो वो दिन दूर नहीं जब उमा केवट मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि भारतीय महिला टीम से भी खेलती नजर आएंगी." मिला बेस्ट गोलकीपर का अवॉर्ड उमा केवट ने अभी हाल ही में खेल दिवस के मौके पर खेले गए सद्भभावना मैच में बेस्ट गोलकीपिंग कर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था. ये मुकाबला भोपाल के टीटीनगर स्टेडियम में खेला गया था. मैच शहडोल जिले के विचारपुर मिनी ब्राजील और सरदारपुर के बीच खेला गया था, जहां उन्हें बेस्ट गोलकीपर चुना गया था, जिसमें 21 हजार रुपए की राशि भी प्रदान की गई थी. कहां और कब खेले जाएंगे मैच नेशनल ओपन सीनियर महिला फुटबॉल टूर्नामेंट ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन करा रहा है. इस टूर्नामेंट के मुकाबले गुजरात के भावनगर में खेले जाएंगे. जिस पर शहडोल वालों की भी नजर रहेगी क्योंकि इस टूर्नामेंट में मध्य प्रदेश महिला टीम से शहडोल की उमा केवट भी अपना जौहर दिखाती नजर आएंगी. मिनी ब्राजील से जर्मनी तक का सफर बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले मन की बात के 103वें एपिसोड में शहडोल के मिनी ब्राजील का जिक्र किया था. उसके बाद पीएम मोदी ने मार्च 2025 में अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्सफ्रिडमैन के साथ चर्चा के दौरान फिर से मिनी ब्राजील के नाम से फेमस विचारपुर गांव के फुटबॉल खिलाड़ियों के बारे में जिक्र किया. बीते रविवार 31 अगस्त को मन की बात कार्यक्रम में पीएम ने मिनी ब्राजील के फुटबॉल खिलाड़ियों को लेकर अच्छी खबर सुनाई थी. इस पॉडकास्ट को जब जर्मनी के फुटबॉल कोच डायटमार बेयर्सडॉर्फर ने सुना तो इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने कुछ फुटबॉल खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने की पेशकश की है, साथ ही जर्मनी के लिए बुलावा भेजा है. अक्टूबर महीने में जर्मनी की उड़ान भरेंगे 4 खिलाड़ी विचारपुर के खिलाड़ी अब अक्टूबर महीने में जर्मनी की उड़ान भरेंगे. 4 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक ये खिलाड़ी जर्मनी में ही रहेंगे. बाकायदा सिलेक्शन प्रोसेस से इनमें से 4 खिलाड़ियों का सिलेक्शन किया जाएगा. जिसमें 2 बालक और 2 बालिका होंगी. चयन के अलग-अलग क्राइटेरिया में इन खिलाड़ियों को जांचा परखा जाएगा. इसके बाद विचारपुर की पूरी टीम में से 2 मेल और 2 फीमेल प्लेयर्स को जर्मनी जाने का मौका मिलेगा.  

‘मुझ पर फेंको ऐसी गेंद…’ ऋषभ पंत की डिमांड सुनकर हैरान रह गए गेंदबाज: संजय बांगर

मुंबई  भारतीय टीम के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत का 2022 में भयानक कार एक्सीडेंट हुआ था, जिसके कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थी और कईयों को लगा था कि पंत का करियर लगभग खत्म हो गया है। हालांकि पंत ने कुछ महीने के अंदर ही वापसी करते हुए सभी को चौंका दिया। ऋषभ पंत भारतीय टीम के तीनों फॉर्मेट के अहम सदस्य हैं और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी आक्रमक बल्लेबाजी से एक अलग पहचान भी बनाई है। इस बीच भारत के पूर्व बैटिंग कोच संजय बांगर ने ऋषभ पंत के शुरुआती दिनों का एक किस्सा शेयर किया है, जहां पर ऋषभ पंत गेंदबाजों से उन्हें तेज गेंदबाजी और शरीर पर गेंद करने के लिए कहते थे। ऋषभ पंत ने 2017 में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। जिसके बाद से वह टीम के महत्वपूर्ण सदस्य बने हुए हैं। ऋषभ पंत अपनी आक्रमक बल्लेबाजी की वजह से विपक्षी पर भारी पड़ते हैं, उनके सामने चाहे तेज गेंदबाज हो या स्पिनर, पंत दोनों के खिलाफ बेहतर बल्लेबाजी करने में समर्थ हैं। हाल ही में संजय बांगर ने अपने शुरुआती दिनों में पंत की निडरता की पहली झलक को याद किया। संजय बांगर ने दूरदर्शन स्पोर्ट्स से कहा, ''मैंने आशीष नेहरा से सुना कि ऋषभ पंत बहुत अच्छा खिलाड़ी, जोकि काफी जल्दी आगे बढ़ने वाला है। वह नेचुरली गिफ्टेड खिलाड़ी है। लेकिन वह निडर भी है। मैंने खुद उसकी निडरता की पहली झलक नेट्स में देखी थी। वह गेंदबाजों को तेज गेंदबाजी करने और अपने शरीर पर आक्रमण करने के लिए कहते थे। बहुत कम बल्लेबाजों की ऐसी मानसिकता रही है। उस समय उन्होंने आईपीएल खेलना शुरू ही किया था। इसलिए नेहरा का आकलन सही था। लंबे समय के बाद, हमें एक ऐसा विकेटकीपर मिला है जो टॉप-5 में बल्लेबाजी कर सकता है।''

कार्लोस अल्कारेज का धमाका, सिनर को हराकर बने यूएस ओपन चैंपियन और दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी

न्यूयॉर्क कार्लोस अल्कारेज ने रविवार को यूएस ओपन फाइनल में जैनिक सिनर को 6-2, 3-6, 6-1, 6-4 से हराकर खिताब अपने नाम किया. यह लगातार तीसरा ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट रहा जिसमें दोनों खिलाड़ी खिताबी मुकाबले में आमने-सामने आए. इस जीत के साथ अल्कारेज ने फ्लशिंग मीडोज पर अपना दूसरा और कुल मिलाकर छठा ग्रैंड स्लैम खिताब जीता. फाइनल मुकाबले में मौजूद रहे ट्रंप फाइनल के दौरान आर्थर ऐश स्टेडियम में स्पॉन्सर के सुइट में मौजूद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दर्शकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली. कुछ ने उनके लिए तालियां बजाईं तो कुछ ने हूटिंग की. मैच शुरू होने में लगभग आधा घंटा इसलिए भी देरी हुई क्योंकि हजारों दर्शक सुरक्षा जांच की लंबी कतार में फंसे थे. अमेरिकी राष्ट्रपति की मौजूदगी के चलते सुरक्षा बेहद कड़ी थी.  बेहद रोमांचक मुकाबला आखिरी बार साल 2000 में बिल क्लिंटन यूएस ओपन में मौजूद रहे थे. बारिश की वजह से बंद छत के नीचे खेला गया फाइनल शुरुआत से ही रोमांचक रहा. कार्लोस अल्कारेज ने मौजूदा चैंपियन सिनर पर शुरुआत से दबाव बनाए रखा. करीब दो महीने पहले विम्बलडन में सिनर से मिली हार का बदला अल्कारेज ने इस बार जीत दर्ज करके चुका लिया. अल्कारेज ने छीनी नंबर-1 की रैंकिंग इस जीत के साथ अल्कारेज और सिनर के बीच आमने-सामने का रिकॉर्ड अब 10-5 हो गया है. ग्रैंड स्लैम खिताबों की गिनती में भी अल्कारेज 6-4 से आगे निकल गए हैं, जबकि यूएस ओपन फाइनल्स में उनका पलड़ा 2-1 हो गया है. इस खिताबी जीत के साथ 22 वर्षीय अल्कारेज ने 24 वर्षीय सिनर से विश्व नंबर-1 की रैंकिंग भी छीन ली. पुरुष टेनिस में कायम दोनों का जलवा फिलहाल पुरुष टेनिस में अल्कारेज और सिनर का दबदबा कायम है. पिछले आठ ग्रैंड स्लैम खिताबों में से सभी इन्हीं दोनों ने जीते हैं. पिछले 13 ग्रैंड स्लैम में से 10 खिताब इनके नाम रहे, जबकि बाकी तीन नोवाक जोकोविच ने जीते. रविवार का फाइनल टेनिस इतिहास में पहला मौका बना, जब एक ही सीजन में लगातार तीन ग्रैंड स्लैम फाइनल्स में वही दो खिलाड़ी आमने-सामने उतरे.

हॉकी एशिया कप 2025: भारत ने जीता खिताब, PM मोदी बोले- गर्व का पल, खिलाड़ियों को मिली लाखों की इनामी राशि

नईदिल्ली  हॉकी एशिया कप 2025 के फाइनल मुकाबलें में भारतीय टीम ने साउथ कोरिया को करारी शिकस्त दी. बिहार के राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खेले गए इस मुकाबले में भारतीय हॉकी टीम ने साउथ कोरिया को 4-1 के अंतर से पटखनी दी. इस जीत के साथ ही टीम ने अगले साल यानी 2026 में बेल्जियम और नीदरलैंड द्वारा संयुक्त मेजबानी में आयोजित होने वाले विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर लिया है. भारत ने चौथी बार हॉकी एशिया कप के खिताब पर अपना कब्जा जमाया है. ये जीत इसलिए भी खास है क्योंकि भारत ने 5 बार की चैम्पियन साउथ कोरिया को शिकस्त दी है. इससे पहले 2017 में मलेशिया को हराकर भारत ने एशिया कप जीता था.  ऐसे रहा दोनों टीमों के बीच मुकाबला इस फाइनल मुकाबले के पहले क्वार्टर के पहले ही मिनट में भारत के सुखजीत सिंह ने गोल दागा. पहला क्वार्टर खत्म होने के बाद भारत 1-0 से आगे रहा. भारत ने दोनों क्वार्टर में 1-1 गोल दागा और 2-0 की बढ़त बना ली. हाफ टाइम तक भारत का स्कोर 2-0 रहा. साउथ कोरिया ने अटैकिंग खेल दिखाया लेकिन वो गोल नहीं कर सके.  तीसरे क्वार्टर के आखिरी मिनट में भारत ने फिर गोल दागा और बढ़त 3-0 की कर ली. चौथे क्वार्टर के 50वें मिनट में भारत को पेनल्टी कॉर्नर मिला. रोहिदास ने मौके को भुनाया और गोल दाग दिया. लेकिन इसी क्वार्टर में साउथ कोरिया ने भी एक गोल दागा. लेकिन भारत की बढ़त 4-1 की हो चुकी थी. इसके बाद भारतीय टीम ने साउथ कोरिया को गोल नहीं दागने दिया और डिफेंसिव अप्रोच अपनाया. आखिरकार भारत ने जीत हासिल कर ली. दोनों टीमों ने ऐसे हासिल किया था फाइनल का टिकट भारतीय हॉकी टीम ने अपने आखिरी सुपर-4 मैच में चीन को 7-0 से हराया और फाइनल में जगह बनाई. लीग में भारत का सफर अजेय रहा था. वहीं दूसरी तरफ कोरिया ने आखिरी सुपर-4 मैच में मलेशिया को 4-3 से हराकर दूसरे स्थान पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई थी. ऐसा रहा है एशिया कप में भारत का इतिहास भारत ने अब तक 2003, 2007, 2017 के बाद अब 2025 में चौथी बार एशिया कप का टाइटल अपने नाम किया है. टीम 1982, 1985, 1989, 1994 और 2013 में 5 बार उपविजेता भी रही है. 

बदल सकता है खेल… इस टीम की कमान संभाल सकते हैं श्रेयस अय्यर

नई दिल्ली श्रेयस अय्यर को इंडिया ए टीम का कप्तान बनाया जा सकता है. दाएं हाथ के बल्लेबाज श्रेयस इस समय दलीप ट्रॉफी में खेल रहे हैं. हालांकि वह सेमीफाइनल मुकाबले की पहली पारी में सस्ते में आउट हो गए. ऑस्ट्रेलिया ए टीम भारत के दौरे पर इस महीने आएगी. भारतीय दौरे पर इंडिया ए और ऑस्ट्रेलिया ए के बीच 2 अनौपचारिक टेस्ट और 3 मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी. इंडिया ए टीम के चयन के लिए जब भारतीय चयनकर्ता बैठेंगे तो उनके सामने श्रेयस अय्यर का नाम सबसे पहले होगा. भारतीय सेलेक्टर्स के सामने सबसे बड़ा सवाल ये होगा कि वो उन्हें किस भूमिका में देखना चाहेंगे. वेबसाइट क्रिकबज के मुताबिक, श्रेयस अय्यर (Shreyas Iyer) को ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ बड़ी भूमिका दी जा सकती है. इसमें कप्तानी भी हो सकती है. ऑस्ट्रेलियाई ए टीम अगले सप्ताह भारत के दौरे पर आएगी. दाएं हाथ के बल्लेबाज श्रेयस दलीप ट्रॉफी में वेस्ट जोन की ओर से खेल रहे हैं.सेंट्रल जोन के खिलाफ पहली पारी में वह 25 रन बनाकर आउट हो गए थे. श्रेयस अय्यर के अलावा मौजूदा दलीप ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले नितीश रेड्डी, ए ईश्वरन और साई सुदर्शन जैसे कुछ अन्य खिलाड़ियों पर भी चयन के लिए विचार किया जा सकता है. एन जगदीशन, रुतुराज गायकवाड़ और रजत पाटीदार जैसे खिलाड़ी भी चयनकर्ताओं के रडार में हो सकते हैं. इंडिया ए बनाम ऑस्ट्रेलिया-ए के बीच सीरीज का पहला चार दिवसीय मैच 16 सितंबर से लखनऊ में होगा. दूसरा मैच 23 सितंबर को उसी मैदान पर शुरू होगा. उसके बाद 30 सितंबर से तीन वनडे मैचों की सीरीज खेली जाएगी. वनडे के सभी मैच कानपुर में होंगे. पूरी संभावना है कि सेलेक्टर्स 7 सितंबर के बाद इंडिया ए टीम का चयन करेंगे. चयनकर्ता दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल खत्म होने के बाद और 11 सितंबर को होने वाले फाइनल से पहले टीम की घोषणा कर सकते हैं.  श्रेयस का इंडिया ए टीम में चुना जाना तय है.

जोस बटलर को चाहिए महज 43 रन, बड़ी उपलब्धि अपने नाम करने से बस एक कदम दूर

साउथेम्प्टन (यूके)  इंग्लैंड के विकेटकीपर-बल्लेबाज जोस बटलर साउथेम्प्टन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपने तीसरे वनडे से पहले अपने देश के लिए 12,000 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने से 43 रन दूर हैं। अगर बटलर इस मुकाम तक पहुंच जाते हैं, तो वह ऐसा करने वाले केवल सातवें अंग्रेजी बल्लेबाज होंगे। वर्तमान में 387 मैचों में बटलर ने 36.12 की औसत, 95.49 के स्ट्राइक रेट, 14 शतकों और 73 अर्द्धशतकों के साथ 11,957 रन बनाए हैं। वह इंग्लैंड के अब तक के सातवें सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मौजूदा श्रृंखला में बटलर ने पिछले दो वनडे मैचों में 15 और 61 रन बनाए थे। इस साल 20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में बटलर ने 35.50 की औसत, 113 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट, 4 अर्धशतकों और 96 के सर्वश्रेष्ठ स्कोर के साथ 639 रन बनाए हैं। इंग्लैंड के लिए 57 टेस्ट मैचों में बटलर ने 100 पारियों में 31.94 की औसत, 2 शतकों और 18 अर्द्धशतकों के साथ 2,907 रन बनाए हैं जिसमें 152* का सर्वश्रेष्ठ स्कोर शामिल है। इंग्लैंड के लिए उनका आखिरी टेस्ट 2022 में आया था, लेकिन वह हमेशा से ही सीमित ओवरों के क्रिकेट में थ्री लायंस के लिए लगातार रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे हैं।  उन्होंने 193 एकदिवसीय मैचों में 39.05 की औसत और 115 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 5,350 रन बनाए हैं जिसमें 11 शतक और 28 अर्द्धशतक शामिल हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 162* है। इसके अलावा बटलर टी20आई में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं, जो उनके सबसे महान सीमित ओवरों के दिग्गजों में से एक होने की उनकी स्थिति को और पुख्ता करता है। 137 मैचों और 126 पारियों में उन्होंने 35.92 की औसत और 147.05 के स्ट्राइक रेट से 3,700 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 27 अर्द्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 101* है। वह टी20आई इतिहास में चौथे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी हैं।  इंग्लैंड के रन-स्कोरिंग चार्ट में सबसे ऊपर जो रूट हैं जिनके नाम 49.62 की औसत, 57 शतक और 114 अर्धशतकों के साथ 21,637 अंतर्राष्ट्रीय रन हैं। श्रृंखला की बात करें तो इंग्लैंड पहले ही इसे 2-0 से हार चुका है और अपने सम्मान के लिए अंतिम वनडे जीतने का लक्ष्य रखेगा।  तीसरे वनडे के लिए प्लेइंग इलेवन इंग्लैंड : जेमी स्मिथ, बेन डकेट, जो रूट, हैरी ब्रुक (कप्तान), जोस बटलर (विकेट कीपर), जैकब बेथेल, विल जैक्स, जेमी ओवरटन, ब्रायडन कार्स, जोफ्रा आर्चर, आदिल राशिद  दक्षिण अफ्रीका : एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन (विकेट कीपर), टेम्बा बावुमा (कप्तान), मैथ्यू ब्रीट्ज़के, ट्रिस्टन स्टब्स, डेवाल्ड ब्रेविस, वियान मुल्डर, कॉर्बिन बॉश, केशव महाराज, कोडी यूसुफ, नंद्रे बर्गर   

आंखों में आंसू और लफ्जों में दर्द… हार के बाद लवलीना का फूटा दर्द

नई दिल्ली  ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप के पहले दौर से बाहर होने के बाद ट्रेनिंग के कम अवसरों पर निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा वह ट्रेनिंग नहीं मिलती जो उन्हें वास्तव में चाहिए। एक साल से अधिक समय बाद अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वापसी करने वाली टोक्यो ओलंपिक की कांस्य पदक विजेता लवलीना शनिवार को 75 किग्रा वर्ग के राउंड ऑफ 16 मुकाबले में तुर्की की बुसरा इस्लिदार के खिलाफ 0-5 की हार के दौरान लय में नहीं दिखी। लवलीना ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘एक साल बाद मैंने अपनी पहली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। मैं अपने पहले ही मुकाबले में हार गई… इससे पीड़ा पहुंचती है। मुझे खेद है कि मैं इस बार ऐसा नहीं कर पाई। लेकिन सभी जानते हैं – मैं कभी भी किसी और चीज के लिए नहीं लड़ती, सिर्फ अपनी ट्रेनिंग के लिए। मैं कभी विलासिता की चीजें नहीं मांगती। मैं सिर्फ अच्छी ट्रेनिंग मांगती हूं।’’ इस 27 वर्षीय भारतीय मुक्केबाज ने पेरिस ओलंपिक और उसके बाद के मुकाबलों के लिए तैयारी के दौरान कम अनुभव मिलने पर अफसोस जताया और टोक्यो खेलों से पहले मिली सहयोग प्रणाली से तुलना की। उन्होंने कहा, ‘‘टोक्यो ओलंपिक से पहले हमारे पास अच्छे अंतरराष्ट्रीय शिविर थे। मैं ट्रेनिंग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्परिंग जोड़ीदार के लिए अनुरोध करती थी लेकिन पेरिस ओलंपिक से पहले मुझे बहुत कम प्रतियोगिताएं और बहुत कम अंतरराष्ट्रीय शिविर का मौका मिला।’’ लवलीना ने कहा, ‘‘अच्छे जोड़ीदार के बिना मैं खुद को कैसे बेहतर बना सकती हूं? पेरिस ओलंपिक में भी मैं अकेली थी। मुझे खुद को बार-बार साबित करना पड़ता है। और सभी जानते हैं कि खेल में मानसिक शक्ति उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी शारीरिक शक्ति।’’ उन्होंने कहा, ‘‘फिर भी अपने देश के लिए सब कुछ देने के बाद भी मुझे हमेशा वह ट्रेनिंग या कोच नहीं मिलता जो मुझे सच में चाहिए। मैं हर लड़ाई में अकेले ही मुश्किलों का सामना करती हूं। मुझे बताओ… क्या यह सही है कि मैं हमेशा अपना सिर झुकाए रखूं, सब कुछ होने के बावजूद चुपचाप ट्रेनिंग करती रहूं?’’ लवलीना ने हालांकि स्पष्ट किया कि वह मौजूदा कोच की आलोचना नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा, ‘‘मैं मौजूदा कोच और टीम के सदस्यों को दोष नहीं दे रही। उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया है और मेरी मदद करने की कोशिश की है। लेकिन हां… कुछ नया सीखने में हमेशा थोड़ा और समय लगता है।’’ इस साल लवलीना ने अनुरोध किया था कि राष्ट्रीय शिविर में उनके निजी कोच को शामिल किया जाए और यूरोप में ट्रेनिंग का मौका दिया जाए लेकिन दोनों अनुरोध खारिज कर दिए गए।

ऋतुराज गायकवाड़ की बड़ी पारी और बड़ा दर्द: 184 रन के बावजूद टीम लक्ष्य से दूर

नई दिल्ली   ऋतुराज गायकवाड़ ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने चोट के कारण मिले करीब पांच महीने के ब्रेक का फायदा उठाया और लाल गेंद के क्रिकेट पर काम किया लेकिन इस भारतीय बल्लेबाज का मानना ​​है कि सत्र की शानदार शुरुआत के बावजूद उन्हें खेल के पारंपरिक प्रारूप में अभी लंबा रास्ता तय करना है। सलामी बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ को अप्रैल की शुरुआत में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलते हुए कोहनी में चोट लग गई थी, जिसके कारण वह चेन्नई सुपर किंग्स के लिए आईपीएल 2025 में नहीं खेल पाए और फिर एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी से पहले इंग्लैंड लायंस के खिलाफ भारत ए टीम का हिस्सा नहीं बन पाए। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए यॉर्कशर के साथ काउंटी अनुबंध से भी हटने का फैसला किया। गायकवाड़ ने मध्य क्षेत्र के खिलाफ दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन पश्चिम क्षेत्र के लिए 184 रन बनाने के बाद कहा, ‘‘मेरे पास तैयारी के लिए अच्छा समय था, विशेषकर भारत ए सीरीज का हिस्सा नहीं होने के बाद और उसके बाद वापस आकर मैंने लाल गेंद के क्रिकेट में अपने खेल पर काम करने का फैसला किया। इसे कुछ समय दिया और मैं अब भी इस पर काम कर रहा हूं, अभी भी लंबा रास्ता तय करना है। ’’ लेकिन उन्होंने अपने खेल में जो भी मेहनत की है, उसका फल उन्हें मिलता दिख रहा है। गायकवाड़ ने चेन्नई में बुची बाबू आमंत्रण टूर्नामेंट में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ शतक जड़कर लगातार दूसरा शतक जड़ा। ऋतुराज गायकवाड़ ने की शतकीय पारी के दम पर पश्चिम क्षेत्र ने गुरुवार को दलीप ट्रॉफी सेमीफाइनल के पहले दिन मध्य क्षेत्र के खिलाफ छह विकेट पर 363 रन बनाकर वापसी की।दिन के स्टार गायकवाड़ रहे जिन्होंने पिछले महीने बुची बाबू टूर्नामेंट में हिमाचल प्रदेश के खिलाफ महाराष्ट्र के लिए 133 रन की पारी खेलने के बाद लगातार दूसरा शतक जड़ा। उन्होंने अपनी पारी में 206 गेंद का सामना किया। गायकवाड़ मध्यक्रम में तब बल्लेबाजी के लिए आए जब पश्चिम क्षेत्र की टीम जायसवाल (04 रन) और हार्विक देसाई (01) के विकेट गंवाने के बाद दो विकेट पर 10 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी। जायसवाल को तेज गेंदबाज खलील अहमद ने आउट किया जबकि हार्विक ने दीपक चाहर की गेंद पर पहली स्लिप में यश राठौड़ को आसान कैच थमा दिया। गायकवाड़ ने इसके बाद आर्य देसाई के साथ तीसरे विकेट के लिए 90 रन की उपयोगी साझेदारी की और पश्चिम क्षेत्र की टीम को वापसी दिलाने की कोशिश की। गायकवाड़ ने अर्धशतक 85 गेंद में पूरा किया लेकिन दोपहर के सत्र में उन्होंने 131 गेंद में 100 रन पूरे किए और इस तरह दूसरा अर्धशतक केवल 51 गेंद में पूरा हुआ।

एशिया कप 2025: आकाश चोपड़ा की भविष्यवाणी – जानिए कौन करेगा ट्रॉफी अपने नाम

नई दिल्ली एशिया कप 2025 का आगाज 9 सितंबर से यूएई में होने जा रहा है। मेजबान यूएई और भारत के अलावा इस टूर्नामेंट में पाकिस्तान, श्रीलंका, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, ओमान और हॉन्ग-कॉन्ग की टीमें हिस्सा ले रही हैं। टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले क्रिकेट पंडित तरह-तरह की भविष्यवाणियां कर रहे हैं। इस कड़ी में पूर्व भारतीय सलामी बल्लेबाज और मौजूदा एक्सपर्ट आकाश चोपड़ा ने टूर्नामेंट के विजेता उप-विजेता से लेकर हाईएस्ट रन स्कोरर और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी को लेकर बड़ी भविष्यवाणी कर दी है। एशिया कप 2025 में इन 8 टीमों को 4-4 के ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-ए में भारत-पाकिस्तान के साथ यूएई और ओमान है। वहीं ग्रुप-बी में श्रीलंका-अफगानिस्तान के साथ बांग्लादेश और हॉन्ग-कॉन्ग की टीमें हैं। आकाश चोपड़ा के अनुसार इस बार भी एशिया कप का खिताब टीम इंडिया ही जीतेगी, मगर फाइनल में श्रीलंका और पाकिस्तान जैसी बड़ी टीमें नहीं होगी, बल्कि भारत का खिताबी मुकाबले के लिए सामने अफगानिस्तान से होगा। अफगानिस्तान ने पिछले कुछ मल्टी नेशनल टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। आकाश चोपड़ा का मानना है कि सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहेंगे, वहीं सबसे ज्यादा विकेट वरुण चक्रवर्ती चटकाएंगे। रही बात प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट की तो इसके लिए भी उन्होंने एक भारतीय खिलाड़ी चुना है। यह खिलाड़ी और कोई नहीं बल्कि स्टार हरफनमौला हार्दिक पांड्या है। बता दें, आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 को देखते हुए एशिया कप 2025 टी20 फॉर्मेट में खेला जा रहा है। यह मात्र तीसरा मौका है जब एशिया कप इस फॉर्मेट में खेला जाएगा। 2016 में पहली बार जब एशिया कप 20-20 ओवर का हुआ था तो एमएस धोनी की अगुवाई में टीम इंडिया चैंपियन बनी थी, वहीं दूसरी बार 2022 में श्रीलंका ने खिताब उठाया था। एशिया कप 2025 के लिए भारतीय स्क्वॉड- सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शुभमन गिल (उपकप्तान), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, संजू सैमसन (विकेटकीपर), हर्षित राणा और रिंकू सिंह। स्टैंडबाय खिलाड़ी: यशस्वी जयसवाल, प्रसिद्ध कृष्णा, वॉशिंगटन सुंदर, रियान पराग, ध्रुव जुरेल।