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ईशान किशन का तूफान, दलीप ट्रॉफी फाइनल में दोहरा शतक जड़कर रचा इतिहास

 चेन्नई दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में जारी है। दूसरे दिन का खेल शुरू हो गया है, ईस्ट जोन वर्सेस साउथ जोन लाइव स्कोर नीचे देखें। ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने डबल सेचुरी पूरी कर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर की दूसरी डबल सेंचुरी है। इससे पहले उन्होंने 2016-17 रणजी सीजन में दिल्ली के खिलाफ 273 रनों की मैराथन पारी खेली थी। बता दें, ईस्ट जोन का स्कोर 500 के पार पहुंच गया है। दूसरे दिन ईशान किशन और कुमार कुशाग्र ने शानदार शुरुआत करते हुए पांचवें विकेट के लिए डबल सेंचुरी पार्टनरशिप की। कुशाग्र ने इस दौरान अपना शतक भी पूरा किया। ईस्ट जोन को पांचवां झटका 471 के स्कोर पर कुशाग्र के रूप में ही लगा जो 101 रन बनाकर आउट हुए। ईस्ट जोन लाइव स्कोर- 570/5 ईस्ट जोन के लिए 31 साल बाद दोहरा शतक ईशान किशन ईस्ट जोन के लिए दलीप ट्रॉफी में 31 साल में दोहरा शतक जड़ने वाले पहले खिलाड़ी बने हैं। 1995/96 में सबा करीम ने आखिरी बार ऐसा किया था। ईशान किशन को दोहरा शतक ईशान किशन ने साउथ जोन के खिलाफ दलीप ट्रॉफी 2026 फाइनल में दोहरा शतक पूरा कर लिया है। यह उनके फर्स्ट क्लास करियर का मात्र दूसरा दोहरा शतक है। इससे पहले उन्होंने रणजी ट्रॉफी में दिल्ली के खिलाफ 2016-17 में डबल सेंचुरी लगाई थी। उनके दोहरे शतक के साथ ईस्ट जोन ने भी 550 रन का आंकड़ा पार कर लिया है। ईस्ट जोन 500 के पार, ईशान किशन का डबल धमाका लंच के बाद खेल फिर से शुरू हो गया है। ईस्ट जोन का स्कोर 500 के पार पहुंच गया है। ईशान किशन अपनी डबल सेंचुरी के बेहद करीब है। ऐसा लग रहा है कि साउथ जोन हथियार डाल चुका है। देवदत्त पडिक्कल तक बॉलिंग के लिए आ चुके हैं। लंच ब्रेक का ऐलान दूसरे दिन लंच ब्रेक का ऐलान हो गया है। कप्तान ईशान किशन 171 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं, वहीं ईस्ट जोन का स्कोर 5 विकेट के नुकसान पर 491 रन है। अगले सेशन में किशन की नजरें जल्द से जल्द दोहरा शतक पूरा करने पर होगी। ईस्ट जोन का 5वां विकेट गिरा ईस्ट जोन को पांचवां झटका कुमार कुशाग्र के रूप में लगा जिन्होंने कुछ ही देर पहले शतक पूरा किया था। वह 101 के निजी स्कोर पर बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में आउट हो गए। कप्तान ईशान किशन अभी भी लगे हुए हैं, उनकी नजरें दोहरे शतक पर है। कुमार कुशागर ने भी ठोका शतक ईशान किशन के बाद ईस्ट जोन के लिए कुमार कुशागर ने भी शतक ठोक दिया है। वहीं कप्तान ने 150 रन का आंकड़ा पार कर लिया है। ईस्ट जोन मैच पर लगातार अपना शिकंजा कस रही है, वहीं साउथ जोन विकेट को तरस रही है। ईस्ट जोन 500 के स्कोर के बेहद नजदीक है। ईस्ट जोन 400 के पार दूसरे दिन की शुरुआत ईस्ट जोन के लिए अच्छी रही। कप्तान ईशान किशन 124 रन बनाकर खेल रहे हैं। वहीं कुमार कुशागर 68 रन बनाकर उनका साथ दे रहे हैं। ईस्ट जोन का स्कोर 400 के पार पहुंच गया है। ईशान किशन और कुमार कुशागर के बीच 150 रन की साझेदारी दूसरे दिन का खेल शुरू हो चुका है। ईशान किशन और कुमार कुशागर के बीच 150 रनों की साझेदारी पूरी हो गई है। ईस्ट जोन का स्कोर 400 रन के करीब है। ईस्ट जोन की नजरें 500-600 के स्कोर पर भारतीय रेड बॉल डोमेस्ट क्रिकेट का नियम है कि जो टीम पहली पारी में लीड हासिल करती है वो टीम मैच ड्रॉ होने के बावजूद विजेता कहलाती है। ऐसे में ईशान किशन की टीम की नजरें पहली पारी में ज्यादा से ज्यादा स्कोर बनाकर मैच पर अपना शिकंजा कसने पर होगी। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी ईस्ट जोन की टीम को वैभव सूर्यवंशी और अभिमन्यु ईश्वरन ने ताबड़तोड़ शुरुआत दिलाते हुए पहले विकेट के लिए शतकीय साझेदारी की। ईस्ट जोन को पहला झटका वैभव सूर्यवंशी के रूप में लगा जो 44 के निजी स्कोर पर पुल शॉट माने के चक्कर में आउट हो गए। इसके बाद अभिमन्यु ईश्वरन 72 के निजी स्कोर पर रन आउट हो गए। ईस्ट जोन को तीसरा झटका लंच के बाद सुदीप के रूप में लगा। शिखर मोहन 85 रन बनाकर आउट हुए। ईशान किशन ने शतक लगाया है। ईस्ट जोन ने पहले दिन स्टंप तक 79 ओवर में 4 विकेट खोकर 385 रन बनाए हैं। ईस्ट जोन वर्सेस साउथ जोन प्लेइंग XI ईस्ट जोन (प्लेइंग XI): अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, ईशान किशन (विकेट कीपर/कप्तान), शिखर मोहन, अनुकूल रॉय, मोहम्मद कौनैन कुरैशी, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार साउथ जोन (प्लेइंग XI): रिकी भुई, नारायण जगदीसन (विकेट कीपर), देवदत्त पडिक्कल, शेख रशीद, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, श्रेयस गोपाल, त्रिपुराना विजय, मोहम्मद सिराज, चामा वी मिलिंद, एमडी निधीश ईस्ट जोन वर्सेस साउथ जोन स्क्वॉड ईस्ट जोन स्क्वॉड: अभिमन्यु ईश्वरन, वैभव सूर्यवंशी, कुमार कुशाग्र, सुदीप कुमार घरामी, विराट सिंह, ईशान किशन (विकेट कीपर/कप्तान), अनुकूल रॉय, एमडी कौनैन कुरैशी, मोहम्मद शमी, अभिजीत के सरकार, मुकेश कुमार, सुभ्रांशु सेनापति, शाहबाज अहमद, डेनिश दास, शिखर मोहन, सूरज सिंधु जायसवाल साउथ जोन स्क्वॉड: रिकी भुई, नारायण जगदीशन (विकेट कीपर), देवदत्त पडिक्कल, तिलक वर्मा (कप्तान), स्मरण रविचंद्रन, कोडिमेला हिमतेजा, श्रेयस गोपाल, तनय त्यागराजन, विध्वथ कवरप्पा, एमडी निधीश, मोहम्मद सिराज, शेख रशीद, कवुरी सैतेजा, करुण नायर, अमन खान, त्रिपुराना विजय, अभिनव तेजराना

साउथ अफ्रीका टेस्ट सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलियाई टीम घोषित, लाबुशेन पर बरकरार रहा भरोसा

 मेलबर्न साउथ अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने 16 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया. खराब फॉर्म के बावजूद मार्नस लाबुशेन को चयनकर्ताओं ने टीम में बनाए रखा है. बांग्लादेश के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ रही टेस्ट सीरीज में लाबुशेन का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा था. टीम में कूपर कोनोली, मैथ्यू कुह्ननमैन और माइकल नेसर को शामिल किया गया है।  बांग्लादेश के खिलाफ मार्नस लाबुशेन ने 1, 31 और 4 रन बनाए थे. टेस्ट क्रिकेट में उनका आखिरी शतक जून 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर में आया था. उस मैच में उन्होंने नाबाद 111 रन बनाकर ऑस्ट्रेलिया को हार से बचाने में अहम भूमिका निभाई थी. इसके बाद से लाबुशेन 43 टेस्ट पारियों में 24.69 की औसत से ही रन बना पाए हैं. 2019 की एशेज सीरीज के बाद से लाबुशेन ऑस्ट्रेलिया के लिए नंबर तीन पर 95 पारियां खेल चुके हैं. इस पोजीशन पर उनका लंबा अनुभव भी उनके पक्ष में गया है।  23 वर्षीय कूपर कोनोली पर सबकी निगाहें होंगी. इस साल जून में बांग्लादेश के खिलाफ ओडीआई मैच में 149 रनों की शानदार पारी खेलने के बाद उनके चयन की संभावनाएं मजबूत हुई थीं. कोनोली ने 2025 में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था. उस समय उन्होंने नंबर आठ पर बल्लेबाजी की थी. कोलोन ने तब नाथन लायन और मैथ्यू कुह्नमैन के साथ स्पिन विकल्प के तौर पर भूमिका निभाई थी. हालांकि, पीठ की समस्या के कारण कुछ समय से गेंदबाजी नहीं कर पा रहे हैं।  लायन-कुह्नमैन की जोड़ी ढाएगी कहर दूसरे स्पिनर के लिए ऑस्ट्रेलिया ने मैथ्यू कुह्नमैन को टॉड मर्फी से आगे रखा है. नाथन लायन के साथ कुह्नमैन की जोड़ी को साउथ अफ्रीका की परिस्थितियों में आजमाया जा सकता है. खास तौर पर गकेबरहा में होने वाले दूसरे टेस्ट में स्पिनरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है. कोविड-19 महामारी के बाद से इस मैदान पर तेज गेंदबाजों की तुलना में स्पिनर्स ने अधिक विकेट हासिल किए हैं।  माइकल नेसर को बांग्लादेश सीरीज से पहले लगी पिंडली की चोट के कारण बाहर होना पड़ा था. अब फिट होने के बाद उन्हें टीम में जगह मिल गई है. नेसर का जन्म साउथ अफ्रीका में हुआ था, इसलिए वहां टेस्ट खेलने का मौका उनके लिए खास होगा. मैथ्यू रेनशॉ को भी टीम में बरकरार रखा गया है. वह ट्रेविस हेड के साथ ओपनिंग विकल्प के तौर पर टीम में शामिल हैं।  साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच सीरीज का पहला टेस्ट 9 अक्टूबर से डरबन में खेला जाएगा. फिर दूसरा मुकाबला 18 अक्टूबर से गकेबरहा में आयोजित होना है. तीसरा एवं आखिरी टेस्ट 27 अक्तूबर से केपटाउन में निर्धारित है।  साउथ अफ्रीका दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया का टेस्ट स्क्वॉड: पैट कमिंस (कप्तान), स्कॉट बोलैंड, एलेक्स कैरी, कूपर कोनोली, कैमरन ग्रीन, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मैथ्यू कुह्नेमैन, मार्नस लाबुशेन, नाथन लायन, माइकल नेसर, मैथ्यू रेनशॉ, स्टीव स्मिथ, मिचेल स्टार्क और ब्यू वेबस्टर। 

हर्षिता समरविक्रमा की शानदार पारी से श्रीलंका की रोमांचक जीत, सेमीफाइनल में एंट्री

दुबई भारत के बाद श्रीलंका ने भी महिला एशिया कप 2026 के सेमीफाइनल में जगह बना ली है। डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका ने अपने तीसरे मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ रोमांचक जीत हासिल की। ग्रुप के मुकाबले में पहले बैटिंग करते हुए बांग्लादेश ने 8 विकेट पर 114 रन बनाए। श्रीलंका ने आखिरी ओवर में मैच को 4 विकेट से अपने नाम करके सेमीफाइनल में एंट्री मार ली। बांग्लादेशी महिला टीम की धीमी बैटिंग दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में टॉस हारने के बाद बांग्लादेश की टीम पहले बैटिंग करने उतरी। सलामी बल्लेबाज दिलारा अख्तर ने जुवैरिया फिरदौस के साथ मिलकर टीम को अच्छी शुरुआत दिलाई। दोनों ने पहले विकेट के लिए 31 रन जोड़े लेकिन तेजी से रन नहीं बना पाईं। इस दौरान उन्होंने 29 गेंदों का सामना किया। चमुदी प्रबोधा ने फिरदौस के रूप में बांग्लादेश को पहला झटका दिया। वह 10 गेंदों में 14 रन बनाकर आउट हुईं। इसके बाद दिलारा (26) ने शोभना मोस्तरी के साथ दूसरे विकेट के सिर्फ 13 रन जुटाए। 9.5 ओवरों तक टीम का स्कोर 52/3 था। इसके बाद शोभना मोस्तरी ने शोर्ना अख्तर (9) के साथ चौथे विकेट के लिए 40 गेंदों में 41 रन की साझेदारी करते हुए टीम को शतक के बेहद करीब पहुंचाया। शोभना ने टीम के लिए 34 रन बनाए। 41 गेंदों की पारी में उनके बल्ले से 4 चौके निकले। श्रीलंका के लिए चमुदी प्रबोधा ने 4 ओवरों में 21 रन देकर 3 विकेट निकाले। उनके अलावा, सुगंधिका कुमारी ने 2 विकेट चटकाए। कप्तान चमारी अट्टूापट्टू और कविशा दिलहारी को 1-1 विकेट हाथ लगा। श्रीलंकाई टीम के 44 रन पर 5 विकेट थे इसके जवाब में श्रीलंका ने 19.2 ओवरों में मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस टीम को 7 के स्कोर पर कप्तान चमारी अट्टापट्टू (1) के रूप में बड़ा झटका लगा। इसके बाद टीम ने 44 के स्कोर तक अपने 5 विकेट गंवा दिए थे। यहां से निलाक्षिका सिल्वा ने हर्षिता समरविक्रमा के साथ छठे विकेट के लिए 38 रन की साझेदारी करते हुए टीम को 82 के स्कोर तक पहुंचाया। निलाक्षिका 18 रन बनाकर आउट हुईं, जिसके बाद हर्षिता ने कौशानी नुथ्यांगना के साथ सातवें विकेट के लिए 18 गेंदों में 33 रन जुटाकर टीम को जीत दिलाई। हर्षिता 37 गेंदों में 2 छक्कों और 4 चौकों के साथ 48 रन बनाकर नाबाद रहीं, जबकि कौशानी ने 9 गेंदों में नाबाद 11 रन बनाए। विपक्षी खेमे से मारुफा अख्तर ने 21 रन देकर 3 विकेट चटकाए। सुल्ताना खातून और रितु मोनी को 1-1 सफलता हाथ लगी।

वेस्ट जोन बैडमिंटन में मध्यप्रदेश का जलवा, राज्य अकादमी ने जीते 2 रजत और 3 कांस्य-रजत पदक

वेस्ट जोन बैडमिंटन में मध्यप्रदेश राज्य बैडमिंटन अकादमी का दमदार प्रदर्शन दो टीम स्पर्धाओं में रजत, तीन व्यक्तिगत स्पर्धाओं में कांस्य-रजत पदक U-19 और मेंस टीम इवेंट में उपविजेता बना मध्यप्रदेश भोपाल योनेक्स सनराइज वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप-2026 में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न टीम एवं व्यक्तिगत स्पर्धाओं में पदक अर्जित किए। प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा और राज्य ने ओवरऑल द्वितीय स्थान हासिल किया। U-19 बॉयज टीम और मेंस टीम इवेंट में सिल्वर प्रतियोगिता के U-19 बॉयज टीम इवेंट में मध्यप्रदेश की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया। वहीं मेंस टीम इवेंट में भी मध्यप्रदेश की टीम ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया। दोनों ही टीम स्पर्धाओं के फाइनल में मध्यप्रदेश को महाराष्ट्र के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा। U-19 बॉयज डबल्स में रु्द्र प्रताप और नैवेद्य की जोड़ी उपविजेता व्यक्तिगत स्पर्धाओं में मध्यप्रदेश के रुद्र प्रताप ठाकुर और नैवेद्य टोंडे की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए U-19 बॉयज डबल्स में रजत पदक जीता। दोनों खिलाड़ियों ने मेंस डबल्स (MD) इवेंट में भी सिल्वर मेडल हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। महिला खिलाड़ियों का भी शानदार प्रदर्शन U-19 गर्ल्स टीम इवेंट में मध्यप्रदेश ने कांस्य पदक हासिल किया। वहीं वुमेंस टीम इवेंट में भी मध्यप्रदेश की टीम ने कांस्य पदक अपने नाम किया। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में U-19 गर्ल्स डबल्स में पाखी गुप्ता और संस्कृति अग्रवाल की जोड़ी ने कांस्य पदक जीता। U-19 गर्ल्स सिंगल्स में पाखी गुप्ता ने क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर प्रभावी प्रदर्शन किया। वुमेंस डबल्स में अशिता और स्वाति सोलंकी की जोड़ी ने कांस्य पदक अर्जित किया। मध्यप्रदेश राज्य खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने भी बढ़ाया मान प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश राज्य खेल अकादमी के खिलाड़ियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। U-19 बॉयज टीम एवं मेंस टीम में रुद्र प्रताप ठाकुर, मृदुल बिरयानी और अगद बावेजा ने मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। U-19 गर्ल्स टीम में संस्कृति अग्रवाल और पाखी गुप्ता तथा वुमेंस टीम में अशिता दुबे, पाखी गुप्ता और संस्कृति अग्रवाल ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। खेल मंत्री सारंग ने दी खिलाड़ियों को बधाई खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने योनेक्स सनराइज वेस्ट जोन इंटर स्टेट बैडमिंटन चैंपियनशिप-2026 में प्रदेश के खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और पदक उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मंत्री सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी निरंतर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं। राज्य सरकार खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अंतर्राष्ट्रीय अनुभव वाले कोचों के मार्गदर्शन में तैयार हो रहे खिलाड़ी मध्यप्रदेश राज्य बैडमिंटन अकादमी के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय अनुभव वाले प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में उच्चस्तरीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अकादमी के खिलाड़ियों को कोच अगुस द्वी सैंटोसो (Agus Dwi Santoso) और कोच सोफियान (Sofian) के अनुभव का लाभ मिल रहा है। अगुस द्वी सैंटोसो लंबे समय तक इंडोनेशिया और कोरिया की राष्ट्रीय टीमों के साथ कोच के रूप में कार्य कर चुके हैं। उनके प्रशिक्षण में खिलाड़ियों ने ओलंपिक, एशियन गेम्स, वर्ल्ड चैंपियनशिप, थॉमस कप और सुदीरमन कप जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। वहीं कोच सोफियान को भारत और इंडोनेशिया में बैडमिंटन प्रशिक्षण का लंबा अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2003 से इंडोनेशिया में विभिन्न बैडमिंटन अकादमियों में कोचिंग की तथा वर्ष 2017 से भारत में विभिन्न अकादमियों में हेड कोच के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 2023 से वे बेंगलुरु स्थित लेवल अप स्पोर्ट्स में हेड कोच के रूप में कार्यरत हैं। कोच सोफियान के मार्गदर्शन में प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने ऑल इंडिया जूनियर एवं सब-जूनियर रैंकिंग प्रतियोगिताओं, राष्ट्रीय चैंपियनशिप तथा अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक हासिल किए हैं। उनके प्रशिक्षित खिलाड़ियों की उपलब्धियों में जूनियर एवं सब-जूनियर वर्ग के कई राष्ट्रीय विजेता और पदक विजेता शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण का प्रदेश के खिलाड़ियों को मिल रहा लाभ अंतर्राष्ट्रीय अनुभव वाले प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतर निखार देखने को मिल रहा है। वर्ष 2025 में अकादमी के खिलाड़ियों को तीन माह का एडवांस प्रशिक्षण सपोर्ट दिए जाने के बाद खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं। अकादमी के खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक अर्जित किए। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी खिलाड़ियों ने पदक हासिल किए। अगस्त 2026 में ग्वालियर में आयोजित सीनियर स्टेट प्रतियोगिता में अकादमी के खिलाड़ियों ने चैंपियनशिप हासिल की, जिसके बाद इन खिलाड़ियों ने बिलासपुर में आयोजित वेस्ट जोन प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और मध्यप्रदेश को द्वितीय स्थान दिलाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।  

पहला गेम हारने के बाद पलटा मैच, सात्विक-चिराग ने चीन की जोड़ी को हराकर जीता गोल्ड

 शेन्ज़ेन भारतीय जोड़ी ने रविवार को चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू को तीन गेम के मुकाबले में 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। सात्विक और चिराग ने एक घंटे 10 मिनट चले मुकाबले में शानदार वापसी की। सात्विक-चिराग ने पहली बार इस टूर्नामेंट में चैंपियन बने यह इस टूर्नामेंट के फाइनल में उनकी तीसरी कोशिश थी। वे 2023 और 2025 के फाइनल में रनर-अप रहे थे। यह इस सीजन में भारतीय जोड़ी का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 जीता था। वे थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी पहुंचे थे। यह खिताब विश्व नंबर-5 भारतीय जोड़ी के लिए बड़ी बढ़त है। दोनों 19 सितंबर से जापान में होने वाले एशियन गेम्स में अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेंगे। चीनी जोड़ी की रैंकिंग विश्व नंबर-70 हुई थी भारतीय जोड़ी का सामना चीन की ऐसी जोड़ी से था, जिसकी रैंकिंग लंबे समय तक इंटरनेशनल सर्किट से दूर रहने के बाद विश्व नंबर-70 हो गई थी। हे जी टिंग पूर्व विश्व नंबर-4 रह चुके हैं। चीनी बैडमिंटन एसोसिएशन (CBA) की टीम की ओर से लगाई गई अनुशासनात्मक सजा पूरी करने के बाद हे जी टिंग ने प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है। यह उनका वापसी के बाद सिर्फ तीसरा टूर्नामेंट था। सात्विक और चिराग ने इससे पहले दोनों जोड़ियों के बीच हुए दो मुकाबलों में चीनी जोड़ी को हराया था। फाइनल तक पहुंचने के दौरान भारतीय जोड़ी ने तीन मुकाबले तीन गेम में जीते थे। इन सभी मैचों में उन्होंने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया था। पहला गेम चीन के नाम साल के अपने 10वें टूर्नामेंट में तीसरा फाइनल खेल रही सात्विक-चिराग की जोड़ी ने टॉस जीतकर रिसीव करने के बजाय कोर्ट का छोर चुनना पसंद किया। भारतीय जोड़ी रैलियों पर शुरुआती नियंत्रण नहीं बना सकी। हे जी टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स के दम पर 5-0 की बढ़त बना ली। चीनी खिलाड़ियों ने सर्विस को टाइट और फ्लैट रखा और एंगल बनाकर हमला किया। हे जी टिंग के जंप स्मैश से चीन की बढ़त 8-3 हो गई। भारतीय खिलाड़ी चीनी जोड़ी के डिफेंस को तोड़ने की कोशिश करते रहे, लेकिन तेज और आक्रामक खेल के कारण चीन ने इंटरवल तक छह अंकों की बढ़त बना ली। भारतीय जोड़ी की रफ्तार चीनी खिलाड़ियों से मेल नहीं खा सकी और स्कोर 14-7 हो गया। हे जी टिंग लगातार तेज स्मैश लगा रहे थे, जिससे भारतीय खिलाड़ियों का डिफेंस दबाव में आ गया। चिराग की सर्विस गलती से चीन की बढ़त 17-9 हो गई। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर चला गया और चीनी जोड़ी ने पहला गेम जीत लिया। दूसरे गेम में भारतीय जोड़ी की वापसी दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने डिफेंस मजबूत किया और रैलियों को लंबा खींचा। सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया, जिससे चीनी खिलाड़ी असमंजस में रहे और उन्हें फ्रंट कोर्ट में बार-बार खेलने का मौका नहीं मिला। करीबी मुकाबले के बाद भारतीय जोड़ी ने 7-6 की बढ़त बनाई। चिराग के बॉडी स्मैश और लगातार पांचवें अंक से भारत 9-6 से आगे हुआ, लेकिन सात्विक की सर्विस गलती से उनका लगातार बढ़त बनाने का सिलसिला रुक गया। चिराग के तेज इंटरसेप्शन और इसके बाद लगाए गए स्मैश से भारत ने इंटरवल तक चार अंकों की बढ़त बना ली। पिछले आठ में से सात अंक भारतीय जोड़ी ने जीते थे। पहले गेम की शुरुआत में ज्यादातर रैलियां 15 शॉट से कम की थीं। दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियां लंबी कीं और चीनी खिलाड़ियों को हर अंक के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ी। भारतीय जोड़ी ने 45 शॉट की रैली जीती और अपनी बढ़त 12-8 कर ली। इसके बाद वे 17-11 से आगे हो गए। चीनी खिलाड़ियों के नेट में शॉट मारने से भारत को गेम प्वाइंट के सात मौके मिले। सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर दूसरा गेम भारत के नाम कर दिया। निर्णायक गेम में भी नहीं छोड़ा पीछा निर्णायक गेम में चीनी जोड़ी ने फिर लय हासिल की और 4-0 की बढ़त बनाई। स्कोर 7-3 होने के बाद चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट से भारत ने अंतर 5-7 कर दिया। लगातार चौथा अंक जीतकर सात्विक और चिराग ने स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ फ्लैट रैलियों के बाद चीन ने इंटरवल तक दो अंकों की बढ़त बनाए रखी। अपने पसंदीदा कोर्ट साइड पर लौटने के बाद भारतीय जोड़ी 11-13 से पीछे रहते हुए भी मुकाबले में बनी रही। दोनों जोड़ियों के बीच फ्लैट और तेज रैलियों में बढ़त बनाने के लिए लगातार संघर्ष चलता रहा। रैलियों के दौरान चीनी खिलाड़ी शटल को नेट के नीचे रखने में बेहतर रहे और उन्हें इसका फायदा मिला। इसके बावजूद चीन की सर्विस गलती के बाद भारतीय जोड़ी 13-15 के स्कोर पर उनके करीब बनी रही। सात्विक की छोटी सर्विस से स्कोर 14-16 हो गया। इसके बाद भारतीय जोड़ी ने लगातार अंक लेकर 16-16 से बराबरी कर ली। हे जी टिंग के नेट में शॉट मारने से भारत 18-17 से आगे हो गया। इसके बाद नेट कॉर्ड से मिले भाग्यशाली अंक ने भारतीय जोड़ी को मैच प्वाइंट के तीन मौके दिए। चिराग ने स्मैश लगाकर मैच और चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब भारत के नाम कर दिया।

US Open में बड़ा उलटफेर: आगर-एलियासिम हारे, ज्वेरेव ने बचाई लाज; ओसाका और गफ भी आगे

 न्यूयॉर्क  यूएस ओपन में जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव को लगातार दूसरे मैच में कड़े संघर्ष का सामना करना पड़ा। हालांकि शीर्ष वरीय ज्वेरेव ने आखिरकार फ्रांस के क्वेंटिन हैलिस को हराकर तीसरे दौर में जगह बनाई। इस दिन के अन्य महत्वपूर्ण मुकाबलों में मैडिसन कीज, नाओमी ओसाका और कोको गफ ने भी संघर्ष करते हुए जीत हासिल की। वहीं बीच मैच में अस्वस्थ हुए तीसरे वरीय खिलाड़ी कनाडा के फेलिक्स आगर-एलियासिम टूर्नामेंट के उथल-पुथल भरे शुरुआती सप्ताह के एक और बड़े शिकार बने। फ्रेंच ओपन चैंपियन ज्वेरेव एक बार फिर हार के कगार से बाल-बाल बचे और हैलिस के विरुद्ध 6-4, 4-6, 7-6(3), 6-7(3), 6-3 से जीत हासिल कर अपना दूसरा बड़ा खिताब जीतने की उम्मीद बनाए रखी। ज्‍वेरेव ने क्‍या कहा उनकी फिटनेस तो ठीक है, लेकिन उनके फॉर्म पर सवाल उठ सकते हैं। जीत के बाद ज्वेरेव ने कहा कि शारीरिक रूप से मैं ठीक महसूस कर रहा हूं। हैलिस के साथ मुकाबले और शुरुआती दौर में लोरेंजो सोनेगो के विरुद्ध एक और मैराथन मैच सहित मैंने कोर्ट पर नौ घंटे से ज्यादा समय बिताया है। इसलिए मुझे गर्व है कि मैं शारीरिक रूप से काफी मजबूत हूं। उन्होंने कहा कि खराब खेल के बावजूद जीतना भी एक हुनर है, खासकर तब जब आप बहुत अच्छा टेनिस नहीं खेल रहे हों। फेलिक्स को आने लगे चक्कर पिछले साल सेमीफाइनल तक पहुंचे फेलिक्स आगर-एलियासिम ने पहला सेट तो जीत लिया, लेकिन मैच के बीच में चक्कर आने की वजह से करेन खाचानोव से 6-7(5), 6-3, 6-2, 6-2 से हार गए। मैच के बाद फेलिक्स ने कहा कि डेढ़ सेट के बाद मुझे ठीक नहीं लग रहा था, चक्कर आ रहे थे। आंखों के सामने अंधेरा छा रहा था और मैं उबर नहीं पाया। मैडिसन कीज का संघर्ष जारी अमेरिकी खिलाड़ी मैडिसन कीज ने हंगरी की अन्ना बोंडर के विरुद्ध शानदार वापसी करते हुए 5-7, 6-4, 7-6(5) से जीत हासिल की और घरेलू प्रशंसकों को खुश कर दिया। 2017 की उपविजेता कीज ने जीत हासिल करने के लिए 34 शानदार फोरहैंड विनर लगाए और मैच प्वाइंट पर बोंडर को नेट पर गलती करने पर मजबूर करने के बाद अपने प्रशंसकों को पूरा श्रेय दिया। हालांकि उनके हमवतन टेलर फ्रिट्ज ने इटली के मटिया बेलुची को आसानी से 6-0, 6-1, 6-1 से हरा दिया। जबकि पिछले साल की उपविजेता अमेरिकी खिलाड़ी अमांडा अनिसिमोवा ने आस्ट्रिया की लिली टैगर को 6-3, 3-6, 6-1 से हराया। आगे बढ़ीं ओसाका दो बार की चैंपियन नाओमी ओसाका ने कई गलतियों के बावजूद चेक गणराज्य की कैटरीना सिनियाकोवा को 6-2, 5-7, 6-1 से हराकर यूएस ओपन के तीसरे दौर में जगह बना ली। 13वीं वरीय खिलाड़ी ओसाका ने खुद को कोसने की अपनी आदत को काबू करने में कई साल बिताए हैं। आर्थर ऐश स्टेडियम में तीसरे सेट से पहले बाथरूम ब्रेक लेकर खुद को शांत करने के दौरान उन्होंने अपने करियर के प्रति नए नजरिए का बेहतरीन उदाहरण पेश किया। ओसाका ने कहा कि मुझे लगता है कि मैं खुद पर कुछ ज्यादा ही सख्त हो रही थी, इसलिए मैंने बाथरूम ब्रेक लिया, खुद को संभालने की कोशिश की और कोई पछतावा नहीं रखा। अब वह बेल्जियम की एलिस मर्टेंस के विरुद्ध खेलेंगी। पूर्व चैंपियन गफ ने बडोसा को दी शिकस्त पूर्व चैंपियन कोगो गफ ने भीषण गर्मी वाली शाम में स्पेन की पाउला बडोसा को 6-4, 7-6(5) से हराया। वहीं चोट के कारण दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी जानिक सिनर के बिना हो रहे इस टूर्नामेंट में इटली की सबसे बड़ी उम्मीद पांचवें वरीयता प्राप्त फ्लेवियो कोबोली ने आस्ट्रेलिया के ट्रिस्टन स्कूलकेट को 3-6, 6-3, 6-4, 7-5 से हराया। प्रमुख मुकाबलों के परिणाम     पुरुष वर्ग में आस्ट्रेलिया के एलेक्स डी मिनौर डच खिलाड़ी बोटिक वैन डी जैंडशुल्प से 6-4, 7-5, 6-2 से हार गए।     पुरुष वर्ग में इटली के लोरेंजो मुसेटी आस्ट्रेलियाई खिलाड़ी डेन स्वीनी से 3-6, 6-1, 6-2, 6-2 से हार गए।     महिला वर्ग में इगा स्वियातेक ने अर्जेंटीना की नादिया पोडोरोस्का के विरुद्ध 6-3, 6-2 से आसान जीत हासिल की।     महिला वर्ग में आस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन एलिना रिबाकिना ने जेसिका बौजास मानेइरो को आसानी से 6-2, 6-4 से हरा दिया।  

नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी में रुमेश का जलवा, 89.04 मीटर थ्रो से जीता ब्रुसेल्स डायमंड लीग खिताब

नई दिल्ली 89.04 मीटर का थ्रो फेंक कर श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागे ने ब्रुसेल्स डायमंड लीग 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। इसी के साथ वे पहले श्रीलंकाई भाला फेंक खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने ये खिताब अपने नाम किया है। पथिरागे का इस सीजन ये दूसरा बड़ा खिताब है। इससे पहले उन्होंने ग्लासगो में खेले गए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल अपने नाम किया था। गौरतलब हो कि भारत के भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा चोट की वजह से इस लीग में भाग नहीं ले सके। वे जापान में होने वाले एशियन गेम्स 2026 से भी बाहर हो चुके हैं। रुमेश ने डायमंग लीग में जीत के साथ अल्टीमेट चैंपियनशिप के लिए भी सीधे क्वालीफाई कर लिया है। रुमेश थरंगा पथिरागे का शुरुआती संघर्ष पथिरागे इस साल डायमंड लीग सर्किट पर छाए हुए थे। फाइनल में अपना पहला मौका मिलने पर उन्होंने शुरुआत में दो साधारण थ्रो किए। पहला 80.42 मीटर और दूसरा 79.73 मीटर रहा। तीसरे प्रयास में उन्होंने अपनी असली क्षमता दिखाई और 89.04 मीटर फेंककर लीड संभाल ली। यही थ्रो उनके जीत का आधार बना। पोलैंड के दाविद वेगनर ने 87.47 मीटर का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ थ्रो करके दूसरा स्थान हासिल किया। विश्व चैंपियन केशॉर्न वॉलकॉट तीसरे स्थान पर रहे। उन्होंने सीजन का अपना सर्वश्रेष्ठ 83.99 मीटर थ्रो किया। पूरे सीजन में छाए रहे पथिरागे यह खिताब पथिरागे के लिए इस साल का दूसरा बड़ा सम्मान है। इससे पहले उन्होंने ग्लासगो में कॉमनवेल्थ गेम्स का स्वर्ण पदक जीता था। उस मुकाबले में वे पूर्व ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा से आगे रहे थे। डायमंड लीग सर्किट में उन्होंने चार मुकाबले जीते और एक में दूसरा स्थान हासिल किया। रोम में उन्होंने 92.62 मीटर का थ्रो करके विश्व में सबसे आगे की दूरी हासिल की। दोहा, लॉजेन और ज्यूरिख में भी उन्होंने जीत दर्ज की। इस समय पथिरागे विश्व रैंकिंग में नंबर 1 पर हैं। उन्होंने इस सीजन में दो बार 92 मीटर से ज्यादा दूरी फेंकी है। दुनिया के टॉप 10 थ्रो में से आठ उनके नाम हैं। इससे साफ है कि वे इस साल भाला फेंक में सबसे मजबूत खिलाड़ी रहे हैं एशियन गेम्स पर होंगी रुमेश की नजरें नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में पथिरागे को ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम, कॉमनवेल्थ कांस्य पदक विजेता यशवीर सिंह और रोहित यादव जैसे खिलाड़ियों का मुकाबला करना होगा। पुरुष भाला फेंक की क्वालीफिकेशन 26 सितंबर और फाइनल 28 सितंबर को होने वाला है।  

ईशान किशन ने बरसाए चौके-छक्के, ईस्ट जोन ने पहले दिन बनाए 385 रन

नई दिल्ली  दलीप ट्रॉफी 2026 के खिताबी मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने कप्तानी पारी खेलते हुए मैदान पर चौके-छक्कों की बरसात कर दी। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे इस फाइनल मैच के पहले ही दिन ईशान ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए महज 122 गेंदों में शानदार शतक जड़ा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी अपनी टीम के लिए वे पांचवें नंबर पर क्रीज पर आए और श्रेयस गोपाल के ओवर की पहली गेंद पर चौका जड़कर अपना शतक पूरा किया। अपनी इस आक्रामक पारी में वे अब तक 14 चौके और 1 छक्का जमा चुके हैं। ईशान किशन की शानदार पारी ईशान किशन का यह शतक न सिर्फ दलीप ट्रॉफी के इतिहास में उनका दूसरा शतक है बल्कि फर्स्ट क्लास क्रिकेट में उनके करियर की 10वीं शतकीय पारी भी है। टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में अपने बल्ले से बड़ा योगदान न दे पाने की कसर ईशान ने इस सबसे अहम मुकाबले में पूरी कर दी। उन्होंने अपने राज्य झारखंड के साथी बल्लेबाज कुमार कुशाग्र के साथ मिलकर पांचवें विकेट के लिए महज 146 गेंदों में 133 रनों की बहुमूल्य साझेदारी निभाई जिससे ईस्ट जोन मजबूत स्थिति में पहुंच गया। शिखर मोहन ने भी बनाए 85 रन ईशान के इस विस्फोटक शतक से पहले 21 वर्षीय युवा बल्लेबाज शिखर मोहन ने भी अपने डेब्यू मैच को बेहद खास बनाया। रांची के रहने वाले इस बाएं हाथ के बल्लेबाज को विराट सिंह की जगह प्लेइंग इलेवन में मौका मिला था, जिसका उन्होंने पूरा फायदा उठाया। शिखर ने 120 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 85 रनों की शानदार पारी खेली। ईस्ट जोन ने पहले दिन बनाए 385 रन ईस्ट जोन की पारी को शुरुआती मजबूती देने में ओपनिंह बल्लेबाज अभिमन्यु ईश्वरन का भी अहम योगदान रहा, जिन्होंने 86 गेंदों पर 72 रनों की तेजतर्रार पारी खेली। उनके अलावा केवल 15 साल के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने भी अपनी आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। सेमीफाइनल में चौके-छक्कों की बारिश करने वाले वैभव ने इस पारी में 37 गेंदों पर 44 रन बनाए। ईस्ट जोन ने शानदार बल्लेबाजी के दम पर पहले दिन सिर्फ 4 विकेट खोकर 385 रन बोर्ड पर लगा दिए। इस तरह से ईस्ट जोन इस मुकाबले में पहले दिन से काफी दमदार पोजीशन में है।

ISL में फिर लौटेगा होम-अवे फॉर्मेट, 13 टीमें और 163 मैचों के साथ अक्टूबर में शुरू होगा नया सीजन

 नई दिल्ली  इंडियन सुपर लीग (ISL) की शुरुआत 10 अक्टूबर से होगी और यह मई 2027 तक चलेगी। आठ महीने तक चलने वाली इस लंबी लीग में पारंपरिक होम-एंड-अवे प्रारूप की वापसी होगी। पिछले सत्र में प्रशासनिक और व्यावसायिक अनिश्चितताओं के कारण देरी के बाद आईएसएल का आयोजन सीमित अवधि में सिंगल-लेग प्रारूप में किया गया था। 2026-27 का सत्र क्लब-नेतृत्व वाले नए दौर में खेला जाएगा। इस दौरान आठ महीने की प्रतियोगिता में कुल 163 मैच निर्धारित किए गए हैं। आगामी सत्र में चर्चिल ब्रदर्स की भागीदारी क्लब द्वारा आवश्यक नियामकीय शर्तें पूरी करने और जरूरी मंजूरियां हासिल करने पर निर्भर करेगी। चर्चिल ब्रदर्स को किया जाएगा शामिल चर्चिल ब्रदर्स को जमशेदपुर एफसी की जगह शामिल किया जाना है। आईएसएल पारंपरिक राउंड-रॉबिन और होम-एंड-अवे प्रारूप में लौटेगा। लीग चरण के अंत में अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम को शील्ड विजेता घोषित किया जाएगा। वही टीम आईएसएल की आधिकारिक चैंपियन होगी और उसे एशियाई प्रतियोगिता में खेलने का स्थान भी मिलेगा। प्लेऑफ प्रारूप की भी वापसी होगी, जिसमें शीर्ष छह टीमें आईएसएल कप के लिए मुकाबला करेंगी। लीग में 13 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं।

55 रन पर ढेर हुई पाकिस्तान टीम, फिर भी कोच वहाब रियाज बोले- हम ही ट्रॉफी के सबसे बड़े दावेदार

नई दिल्ली भारत के खिलाफ पाकिस्तान को शनिवार के दिन विमेंस एशिया कप में बड़ी हार का सामना करना पड़ा. भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से शिकस्त देकर एशिया कप में जीत के सिलसिले को बरकरार रखा है l   इतनी बड़ी हार झेलने के बाद पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच वहाब रियाज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कुछ ऐसा कहा कि जिसने फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. टीम के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद कोच ने एक बड़ा दावा कर दिया है l पिछले मैच में टीम के महज 55 रनों पर ढेर हो जाने के बावजूद रियाज ने दावा किया कि इस एशिया कप को जीतने की सबसे प्रबल दावेदार उनकी टीम ही है. उन्होंने खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले मुकाबलों में पाकिस्तान के खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन करेंगे l      भारत ने पाक को 7 विकेट से हराया दुबई में खेले गए एक अहम मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों की धज्जियां उड़ा दीं. पाकिस्तान की टीम 18.1 ओवर में सिर्फ 55 रन बनाकर सिमट गई, जो महिला टी20 इंटरनेशनल में उनका सबसे शर्मनाक स्कोर है. जवाब में भारतीय टीम ने महज 8.4 ओवरों में 3 विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया l कोच का हैरान करने वाला बयान इतनी करारी हार के बाद वहाब रियाज प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए. उन्होंने इस दौरान कुछ ऐसा कहा कि सबको हैरान कर दिया. कोच रियाज ने कहा कि मेरा अब भी मानना है कि इस एशिया कप की ट्रॉफी उठाने के लिए पाकिस्तान ही सबसे बेहतरीन टीम है, क्योंकि यहां के हालात हमारे खेल के बिल्कुल अनुकूल हैं l ताश के पत्तों की तरह ढही टीम मैच की शुरुआत में पाकिस्तान की टीम बिना कोई विकेट खोए 27 रन बनाकर ठीक स्थिति में दिख रही थी. लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि पाकिस्तानी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. भारत की तरफ से श्री चरणी ने 3 विकेट चटकाए, जबकि दीप्ति शर्मा और प्रेमा रावत ने 2-2 विकेट झटके l 56 रनों के बेहद आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए हमला बोला और 68 गेंदें बाकी रहते ही 7 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज कर ली. इस जीत के साथ भारत ने अपनी ग्रुप में बढ़त और मजबूत कर ली है l