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55 रन पर ढेर हुई पाकिस्तान टीम, फिर भी कोच वहाब रियाज बोले- हम ही ट्रॉफी के सबसे बड़े दावेदार

नई दिल्ली भारत के खिलाफ पाकिस्तान को शनिवार के दिन विमेंस एशिया कप में बड़ी हार का सामना करना पड़ा. भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से शिकस्त देकर एशिया कप में जीत के सिलसिले को बरकरार रखा है l   इतनी बड़ी हार झेलने के बाद पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच वहाब रियाज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कुछ ऐसा कहा कि जिसने फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. टीम के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद कोच ने एक बड़ा दावा कर दिया है l पिछले मैच में टीम के महज 55 रनों पर ढेर हो जाने के बावजूद रियाज ने दावा किया कि इस एशिया कप को जीतने की सबसे प्रबल दावेदार उनकी टीम ही है. उन्होंने खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले मुकाबलों में पाकिस्तान के खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन करेंगे l      भारत ने पाक को 7 विकेट से हराया दुबई में खेले गए एक अहम मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों की धज्जियां उड़ा दीं. पाकिस्तान की टीम 18.1 ओवर में सिर्फ 55 रन बनाकर सिमट गई, जो महिला टी20 इंटरनेशनल में उनका सबसे शर्मनाक स्कोर है. जवाब में भारतीय टीम ने महज 8.4 ओवरों में 3 विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया l कोच का हैरान करने वाला बयान इतनी करारी हार के बाद वहाब रियाज प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए. उन्होंने इस दौरान कुछ ऐसा कहा कि सबको हैरान कर दिया. कोच रियाज ने कहा कि मेरा अब भी मानना है कि इस एशिया कप की ट्रॉफी उठाने के लिए पाकिस्तान ही सबसे बेहतरीन टीम है, क्योंकि यहां के हालात हमारे खेल के बिल्कुल अनुकूल हैं l ताश के पत्तों की तरह ढही टीम मैच की शुरुआत में पाकिस्तान की टीम बिना कोई विकेट खोए 27 रन बनाकर ठीक स्थिति में दिख रही थी. लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि पाकिस्तानी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. भारत की तरफ से श्री चरणी ने 3 विकेट चटकाए, जबकि दीप्ति शर्मा और प्रेमा रावत ने 2-2 विकेट झटके l 56 रनों के बेहद आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए हमला बोला और 68 गेंदें बाकी रहते ही 7 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज कर ली. इस जीत के साथ भारत ने अपनी ग्रुप में बढ़त और मजबूत कर ली है l

सात्विक-चिराग का कमाल, चीन मास्टर्स के फाइनल में तीसरी बार बनाई जगह

शेनजेन  भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शानदार रणनीतिक खेल का प्रदर्शन करते हुए मलेशिया के नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग को तीन गेम में हराकर तीसरी दफा चीन मास्टर्स के फाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही भारतीय जोड़ी इस सत्र के अपने दूसरे खिताब से अब सिर्फ एक जीत दूर है। सात्विक-चिराग की दुनिया की पांचवें नंबर की जोड़ी ने दूसरे गेम में लड़खड़ाने के बाद जोरदार वापसी की और मलेशियाई जोड़ी को एक घंटे पांच मिनट में 21-15, 18-21, 21-11 से हराया। भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 के में उपविजेता रही थी। एशियाई खेलों की चैंपियन भारतीय जोड़ी अब खिताबी मुकाबले में चीन के हे जी तिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी से भिड़ेगी। चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने शुरुआती गेम में 0-5 से पिछड़ने के बाद लगातार सात अंक हासिल किए। इसमें 34 शॉट की लंबी रैली भी शामिल थी जिससे उन्होंने 7-5 की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने भी कुछ गलतियां कीं, लेकिन ब्रेक तक वे 11-9 से आगे रहे। जब स्कोर 18-15 था तब दोनों जोड़ियों के बीच 54 शॉट की रैली हुई। इस दौरान मलेशियाई खिलाड़ी ने जमीन पर गिरने के बावजूद रैली जारी रखी, लेकिन अंत में उसका शॉट कोर्ट से बाहर चला गया। इसके बाद नूर ने एक और शॉट गलत खेला जिससे भारत को पांच गेम प्वाइंट मिले। सात्विक और चिराग ने दूसरे गेम प्वाइंट पर पहला गेम अपने नाम कर लिया। मलेशियाई जोड़ी ने फिर तेज शुरुआत करते हुए दूसरे गेम में 4-0 की बढ़त बनाई, लेकिन सात्विक और चिराग ने शानदार फ्लिक सर्व का इस्तेमाल करते हुए वापसी की और स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। नेट पर सात्विक की एक और गलती के बाद मलेशियाई जोड़ी ने ब्रेक तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली।दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा और अंक 18-18 तक बराबर रहे। इसके बाद मलेशियाई जोड़ी ने मामूली बढ़त हासिल की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। दूसरे गेम के अंतिम हिस्से में हुई चूक को भारतीय खिलाड़ियों ने पीछे छोड़ते हुए निर्णायक गेम में 5-2 की बढ़त बना ली। इसके बाद खेल भावना का शानदार उदाहरण देखने को मिला। चिराग के रैकेट के फ्रेम से लगकर एक शॉट भारत के पक्ष में जाने के बाद उन्होंने टैन से माफी मांगी और उनसे हाथ मिलाया। इस अंक के बाद भारत 7-3 से आगे था। सात्विक और चिराग ने रैलियों पर अपना दबदबा बनाए रखा और ब्रेक तक 11-4 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद सात्विक ने नूर के खिलाफ एक और जोरदार स्मैश लगाकर स्कोर 13-6 कर दिया। मलेशियाई जोड़ी धीरे-धीरे थकने लगी और उसका आत्मविश्वास भी कम होता गया। इसके बाद मुकाबला पूरी तरह भारतीय खिलाड़ियों के नियंत्रण में रहा। चिराग का शॉट बैकलाइन पर सटीक गिरने से भारत को 11 मैच प्वाइंट मिल गए। टैन ने इनमें से दो मैच प्वाइंट बचा लिए, लेकिन चिराग ने तीसरे मौके पर फ्लिक सर्व के जरिए अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर दिया। सात्विक और चिराग ने सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए किस टीम को हराया? सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने डेनमार्क के किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन को हराकर चीन मास्टर्स सुपर-750 के पुरुष डबल्स के सेमीफाइनल में जगह पक्की की। मुकाबला तीन गेम में हुआ और भारतीय जोड़ी ने 21-13, 16-21, 21-18 से जीत दर्ज की। सात्विक और चिराग की जोड़ी को किस जोड़ी ने हराया? सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में दुनिया की तीसरे नंबर की चीनी जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग ने हराया। यह मैच 36 मिनट चला।      सात्विकसाईराज और चिराग ने किस टीम को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई?     सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने मलेशिया की दुनिया की 19वें नंबर की जोड़ी जुनैदी आरिफ और याप रॉय किंग को कड़े मुकाबले में 21-23, 21-19, 21-17 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

सात्विक-चिराग खिताब से एक कदम दूर, चीन मास्टर्स सेमीफाइनल में दर्ज की शानदार जीत

शेनजेन भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष डबल्स जोड़ी ने शनिवार को शानदार रणनीतिक खेल का प्रदर्शन करते हुए मलेशिया के नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग को तीन गेम में हराकर तीसरी दफा चीन मास्टर्स के फाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही भारतीय जोड़ी इस सत्र के अपने दूसरे खिताब से अब सिर्फ एक जीत दूर है। सात्विक-चिराग की दुनिया की पांचवें नंबर की जोड़ी ने दूसरे गेम में लड़खड़ाने के बाद जोरदार वापसी की और 29वीं रैंकिंग वाली मलेशियाई जोड़ी को एक घंटे पांच मिनट में 21-15, 18-21, 21-11 से हराया। भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 के चरण में उपविजेता रही थी। मैच से पहले सात्विक और चिराग का नूर और टैन के विरुद्ध जीत का रिकार्ड 2-0 था। भारतीय जोड़ी ने मलेशियाई खिलाड़ियों को 2024 थाईलैंड ओपन और 2025 मलेशियन ओपन में हराया था। सैंतीस वर्षीय टैन अनुभवी डबल्स खिलाड़ी हैं। उन्होंने रियो ओलिंपिक में गो वी शेम के साथ रजत पदक जीता था।

शेफाली वर्मा को आउट कर फातिमा सना ने किया सेंडऑफ, विवेक राजदान ने लगा दी फटकार

नई दिल्ली विमेंस एशिया कप 2026 के मुकाबले में पाकिस्तानी कप्तान फातिमा सना ने भारतीय बल्लेबाज शेफाली वर्मा को सेंडऑफ दिया, जो अब विवाद का विषय बन चुका है. शेफाली को 12 रनों के निजी स्कोर पर आउट करने के बाद फातिमा ने बल्लेबाज की तरफ इशारा करते हुए पवेलियन जाने का संकेत दिया. इस अंदाज पर कमेंटेटर एवं पूर्व भारतीय क्रिकेटर विवेक राजदान ने फातिमा की आलोचना की l शेफाली वर्मा ने पारीकी पहली ही गेंद परछक्का जड़ा था. इसके बाद सिंगल लेकर उन्होंने महिला टी20 इंटरनेशनल में 3000 रन पूरे किए. इसके बाद शेफाली ने फातिमा सना की गेंद पर चौका लगाया, लेकिन पाकिस्तान की कप्तान ने वापसी की. उन्होंने कॉट एंड बोल्ड के जरिए शेफाली की पारी खत्म कर दी. विकेट लेने के बाद उनका सेंडऑफ ही मैच के सबसे चर्चित पलों में शामिल हो गयाl फातिमा सना के जश्न पर विवेक राजदान ने पाकिस्तान की बल्लेबाजी का हवाला देते हुए सवाल खड़ा किया. उन्होंने कहा कि पूरी पाकिस्तानी टीम सिर्फ 55 रनों पर आउट हुई और इसके बावजूद कप्तान शेफाली को बाहर जाने का इशारा कर रही थीं. राजदान ने कहा, 'अच्छा, बाहर का रास्ता दिखा रही हैं आप. आपकी पूरी टीम ने 55 रन बनाए हैं और आप शेफाली वर्मा को बाहर का रास्ता दिखा रही हैं l फातिमा सना ने झटके तीन विकेट हालांकि, गेंदबाजी में फातिमा सना ने पाकिस्तान की ओर से शानदार प्रदर्शन किया. उन्होंने शेफाली वर्मा के अलावा प्रतीका रावल और स्मृति मंधाना को भी पवेलियन भेजा. इसके बावजूद पाकिस्तान के बाकी गेंदबाज भारतीय बल्लेबाजों को रोक नहीं सके l टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पाकिस्तानी टीम ने एक समय बिना विकेट खोए 27 रन बना लिए थे, लेकिन इसके बाद भारतीय स्पिनर्स ने पूरी पारी का रुख बदल दिया. श्री चरणी और प्रेमा रावत ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि दीप्ति शर्मा ने दो विकेट झटके. पाकिस्तान के 10 विकेट सिर्फ 28 रनों के भीतर गिर गए और टीम 55 रनों पर ऑलआउट हो गई. यह उसका विमेंस टी20 इंटरनेशनल में सबसे कम स्कोर है l भारतीय टीम के सामने 56 रनों का लक्ष्य था. फातिमा समय ने तीन विकेट लेकर भारत को 29/3 तक जरूर पहुंचाया, लेकिन हरमनप्रीत कौर और दीप्ति शर्मा ने इसके बाद कोई और मौका नहीं दिया. भारत ने 8.4 ओवर्स में 57/3 का स्कोर बनाकर सात विकेट से मुकाबला जीत लिया l

इंग्लैंड दौरे पर पाकिस्तान टीम की बढ़ी मुश्किलें, PCB ने जब्त किए खिलाड़ियों के मोबाइल

 बर्मिंघम पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का इंग्लैंड दौरा एक और विवाद में घिर गया है. एजबेस्टन में होने वाले सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए. ये फोन आखिरी टेस्ट खत्म होने तक बोर्ड के पास ही रहेंगे. हालांकि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं और बोर्ड ने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसे लेकर अभी तक कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।  पाकिस्तानी समाचार चैनल 365 News की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि टीम के सदस्यों के मोबाइल फोन पीसीबी को सौंप दिए गए हैं. पीसीबी ने भी अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि फोन लेना किसी टीम प्रोटोकॉल, अनुशासनात्मक प्रक्रिया या किसी अन्य वजह से जुड़ा है. कहीं ये तो नहीं कि पीसीबी को अब मैच फिक्सिंग का डर सता रहा है।  इस घटनाक्रम ने सबसे बड़ा सवाल खिलाड़ियों की निजता को लेकर खड़ा किया है. खास तौर पर यह जानना अहम है कि किसी खिलाड़ी का फोन कितने समय तक अपने पास रखा जा सकता है और किन परिस्थितियों में उसमें मौजूद निजी जानकारी तक पहुंच बनाई जा सकती है।  ICC का नियम काफी सख्त इंटरनेशनल क्रिकेट में खिलाड़ियों के मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के नियम काफी सख्त हैं. मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम समेत प्रतिबंधित क्षेत्रों में खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ मोबाइल फोन या किसी अन्य कम्युनिकेशन डिवाइस का इस्तेमाल नहीं कर सकते. ऐसे इलाकों में जाने से पहले खिलाड़ियों को अपने फोन सुरक्षित स्थान पर जमा करने होते हैं. इस नियम का मकसद मैच की अखंडता बनाए रखना और खिलाड़ियों या सपोर्ट स्टाफ के अनधिकृत संचार को रोकना है. लेकिन मैच के दौरान फोन रखने पर रोक का मतलब यह नहीं है कि बोर्ड किसी खिलाड़ी का निजी मोबाइल कई दिनों तक अपने पास रखे. दोनों परिस्थितियां अलग-अलग हैं।  हालंकि आईसीसी के एंट्री करप्शन कोड में इंटीग्रिटी जांच के दौरान अधिकृत अधिकारियों को फोन से जुड़ी व्यापक जानकारी मांगने का अधिकार है. अगर अधिकारियों के पास उचित आधार हो कि किसी डिवाइस में जांच के लिए जरूरी सामग्री मौजूद है, तो खिलाड़ी से मोबाइल सौंपने या उसमें मौजूद जानकारी उपलब्ध कराने को कहा जा सकता है।  ऐसी जांच में फोन के कॉल रिकॉर्ड, इंटरनेट रिकॉर्ड, मैसेज, चैट, फोटो, वीडियो, ऑडियो और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक दस्तावेज तक शामिल हो सकते हैं. कुछ परिस्थितियों में खिलाड़ी से फोन का पासवर्ड या एक्सेस कोड भी मांगा जा सकता है. वैध मांग का पालन नहीं करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी है. अभी तक ना तो पीसीबी ने ऐसी किसी जांच की पुष्टि की है और ना ही किसी खिलाड़ी पर सट्टेबाजी, मैच फिक्सिंग या भ्रष्टाचार से जुड़ा आरोप लगाया गया है।  आईसीसी के एंटी करप्शन कोड और पीसीबी के अपने अधिकार क्षेत्र में भी अंतर है. पीसीबी के पास खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट, टीम नियमों या आंतरिक अनुशासन व्यवस्था के तहत अलग प्रावधान हो सकते हैं. लेकिन बोर्ड ने फिलहाल यह नहीं बताया है कि आखिर किस नियम के तहत खिलाड़ियों के फोन कब्जे में लिए गए हैं। 

पाकिस्तान की शर्मनाक हार, भारतीय गेंदबाजों के आगे 55 रन पर सिमटी पूरी टीम

दुबई दुबई के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में भारतीय शेरनियों के सामने पाकिस्तान ने पूरी तरह से सरेंडर कर दिया. श्री चरणी और प्रेमा रावत ने स्पिन जाल का पड़ोसी बल्लेबाजों के खिलाफ कोई जवाब नहीं था. आलम यह था कि टीम के 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाए. पाकिस्तान पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल पाई और 18.1 ओवर में सिर्फ 55 पर ऑल-आउट हो गई.  इस मुकाबले में निराशाजनक प्रदर्शन के साथ ही पाकिस्तान के नाम शर्मनाक रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया है. 55 रन पाकिस्तान का टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में अब तक का न्यूनतम स्कोर है।  इससे पहले, साल 2024 में न्यूजीलैंड के खिलाफ पाकिस्तान की पूरी टीम 56 रन बनाकर ऑलआउट हुई थी. जबकि 2009 में टीम इंग्लैंड के खिलाफ 60 के स्कोर पर पूरी टीम सिमट गई थी. भारत के लिए श्री चरणी ने 4 ओवर में 7 रन देकर 3 विकेट झटके, जबकि प्रेमा रावत ने 4 ओवर में 9 रन देकर 3 विकेट निकाले।  T20I में PAK-W के सबसे कम ऑल-आउट स्कोर     55 बनाम भारत दुबई, 2026     56 बनाम न्यूजीलैंड, दुबई, 2024     60 बनाम इंग्लैंड, टॉनटन, 2009     63 बनाम भारत, ग्वांगझू, 2012     65 बनाम वेस्टइंडीज, सेंट एंड्रयूज, 2011     72 बनाम श्रीलंका, कोलंबो (NCC), 2018 महामुकाबले में पाकिस्तान ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया, लेकिन टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही. मुनीबा अली और शवाल जुल्फिकार ने पहले विकेट के लिए 27 रन जोड़े. मुनीबा 13 रन बनाकर आउट हुईं, जबकि जुल्फिकार 14 रन के निजी स्कोर पर पवेलियन लौट गईं. इसके बाद पाकिस्तान की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ा गई. गुल फिरोजा बिना खाता खोले आउट हुईं. आयशा जफर सिर्फ 2 रन बना सकीं, जबकि सदाफ शमास 3 रन पर क्लीन बोल्ड हुईं. कप्तान फातिमा सना भी कोई रन नहीं बना पाईं और दीप्ति शर्मा का शिकार बनीं।  मध्यक्रम में भी कोई बल्लेबाज ज्यादा देर टिक नहीं सकी. एमान फातिमा ने 5 रन और उम्म-ए-हानी ने 6 रन बनाए. तूबा हसन 9 रन बनाकर पवेलियन लौटीं. टीम की 9 बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा तक पार नहीं कर सकीं. और पूरी टीम सिर्फ 55 रन पर सिमट गई।  भारत की स्पिन गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। श्री चरणी ने 4 ओवर में सिर्फ 7 रन देकर 3 विकेट लिए. प्रेमा रावत ने भी 3 बल्लेबाजों को आउट किया और 9 रन दिए. दीप्ति शर्मा ने 3.1 ओवर में केवल 5 रन देकर 2 विकेट झटके. शेफाली वर्मा ने भी 1 विकेट चटकाया. भारतीय टीम ने 56 रनों के लक्ष्य को 8.4 ओवर में 3 विकेट गंवाकर हासिल किया. भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत कौर 18 और दीप्ति शर्मा 12 रन बनाकर नाबाद रहीं।  इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ निराशाजनक रिकॉर्ड इस मुकाबले ने पाकिस्तान महिला टीम के टी20 इतिहास के सबसे निराशाजनक अध्यायों को एक बार फिर ताजा कर दिया. पाकिस्तान के महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास में अब सबसे कम स्कोर के आंकड़े कुछ इस प्रकार दर्ज हो चुके हैं. भारत के खिलाफ 55 रन (18.1 ओवर) का यह स्कोर अब पाकिस्तान का टी20 अंतरराष्ट्रीय में सबसे कम स्कोर बन चुका है. इससे पहले, 14 अक्टूबर 2024 को इसी दुबई के मैदान पर न्यूजीलैंड की महिला टीम के खिलाफ पाकिस्तान की पूरी टीम 11.4 ओवर में केवल 56 रन बनाकर आउट हो गई थी और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।  अगर और पीछे जाएं, तो 16 जून 2009 को टॉन्टन के मैदान पर इंग्लैंड महिला टीम के खिलाफ पाकिस्तान की टीम 16.5 ओवर में 60 रन पर सिमट गई थी. इसी तरह, 31 अक्टूबर 2012 को एशियाई खेलों के दौरान गुआंगझू (Guangzhou) में भी भारत के खिलाफ पाकिस्तान की टीम 19.1 ओवर में महज 63 रन पर ऑलआउट हो गई थी. वहीं, 25 सितंबर 2023 को हांग्झू (Hangzhou) में बांग्लादेश की महिला टीम के खिलाफ पाकिस्तान ने पूरे 20 ओवर खेलकर 9 विकेट के नुकसान पर 64 रन बनाए थे। 

अफगानिस्तान के खिलाफ T20 सीरीज में वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी नजरें, वर्ल्ड रिकॉर्ड से महज एक कदम दूर

नई दिल्ली भारत और अफगानिस्तान के बीच टी-20 सीरीज का पहला मैच 13 सितंबर को खेला जाएगा. तीन टी-20 मैचों की सीरीज में भारत के 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी के पास एक बड़ा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का मौका होगा. वैभव सूर्यवंशी के पास टी-20 इंटरनेशनल में सबसे कम उम्र में शतक जमाने का मौका होगा. इस समय  यह रिकॉर्ड साउथ अफ्रीका के लुआन ड्रे प्रीटोरियस के नाम है जिन्होंने  नामीबिया के खिलाफ महज 52 गेंदों में शतक ठोककर सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने,  प्रीटोरियस की उम्र इस समय 20 साल और 161 दिन है. ऐसे में अगर वैभव सूर्यवंशी अफगानिस्तान के खिलाफ शतक लगाने में सफल रहे तो वह टी-20 इंटरनेशनल में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन जाएंगे।  T20I में सबसे कम उम्र में शतक: (फ़ुल-मेंबर टीमें)     साउथ अफ्रीका- 20 साल 161 दिन – लुआन-ड्रे प्रेटोरियस बनाम नामीबिया, 2026     अफगानिस्तान- 20 साल 337 दिन – हज़रतुल्लाह ज़ज़ई बनाम आयरलैंड, 2019     भारत- 21 साल 279 दिन – यशस्वी जायसवाल बनाम नेपाल, 2023     जिम्बाब्वे- 21 साल 324 दिन – ब्रायन बेनेट बनाम तंजानिया , 2025     भारत- 22 साल 5 दिन – तिलक वर्मा बनाम साउथ अफ्रीका, 2024 बता दें कि हाल ही में वैभव सूर्यवंशी दलीप ट्रॉफी में अर्धशतक जमाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बने थे, ऐसा कर वैभव ने 57 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा था. जिस अंदाज में वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं. उससे कहीं न कहीं यह उम्मीद जरूर बंधी है कि 15 साल का यह बैटर टी-20 इंटरनेशनल में सबसे कम उम्र में शतक लगाने वाला बल्लेबाज बन सकता है।  अबतक वैभव ने 6 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेलकर कुल 193 रन बनाए हैं जिसमें उनके नाम दो अर्धशतक दर्ज है. वैभव ने टी-20 इंटरनेशनल में 189.21 के स्ट्राइक रेट के साथ रन बनाने का कमाल कर दिखाया है।  टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल     पहला टी20 मैच: 13 सितंबर 2026 (शाम 7:00 बजे) – अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली      दूसरा टी20 मैच: 15 सितंबर 2026 (शाम 7:00 बजे) – अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली     दूसरा टी20 मैच: 15 सितंबर 2026 (शाम 7:00 बजे) – अरुण जेटली स्टेडियम, नई दिल्ली

नीरज चोपड़ा की राह पर कृष्ण चंद्र, 79.92 मीटर थ्रो से U-18 में दुनिया के दूसरे नंबर के जैवलिन थ्रोअर

नई दिल्ली भारत के युवा जैवलिन थ्रोअर्स ने वर्ल्ड लेवल पर अपनी मजबूत छाप छोड़ रहे हैं. नीरज चोपड़ा और रोहित यादव के बाद अब  कृष्ण चंद्र जैसे जैवलिन थ्रोअर अपने परफॉर्मेंस से सबके ध्यान अपनी ओर खींच रहे हैं. हाल ही में भारत में आयोजित यूथ चैंपियनशिप में  कृष्ण चंद्र ने गोल्ड मेडल जीता,  कृष्ण चंद्र ने 79.92 मीटर का थ्रेो किया जिससे वह 2026 में दुनिया के टॉप पांच U18 जैवलिन थ्रोअर में शामिल हो गए हैं. टॉप 5 जैवलिन थ्रोअर में तीन भारतीय एथलीट भी शामिल हैं. भारत के कृष्ण चंद्र जिन्होंने 3 सितंबर को 79.92 मीटर का शानदार थ्रो करके U18 कैटेगरी में वर्ल्ड नंबर 2 का स्थान हासिल किया है।  उनसे आगे सिर्फ फिनलैंड के जेरे मुर्टो हैं, जिन्होंने 22 अगस्त को 82.88 मीटर का थ्रो किया था. कृष्ण के इस प्रदर्शन ने 700 ग्राम वाले जैवलिन के साथ एक नया भारतीय U18 रिकॉर्ड भी बनाया, जो उनकी जबरदस्त क्षमता को दिखा रहा है. भारत का दबदबा यहीं खत्म नहीं हुआ हैं. अंडर 19 में पुष्पक नेलवाड़े 76.09 मीटर के साथ तीसरे नंबर पर हैं, जबकि मंजीत कुमार 74.45 मीटर के साथ चौथे नंबर पर अपनी जगह बना पाने में सफल रहे हैं.  इटली के एंटोनियो डि पाल्मा 73.28 मीटर के साथ टॉप पांच में शामिल हैं।  दुनिया के टॉप पांच खिलाड़ियों में तीन भारतीयों का होना देश में जैवलिन थ्रो के तेजी से बढ़ते चलन को दिखाता है, यह ट्रेंड नीरज चोपड़ा की इंटरनेशनल लेवल पर मिली सफलता के बाद और तेज़ हुआ है. कृष्ण चंद्र, पुष्पक नेलवाड़े और मंजीत कुमार जैसे होनहार खिलाड़ियों के सामने आने से, पुरुषों के जैवलिन थ्रो में भारत का भविष्य पहले से कहीं ज़्यादा उज्ज्वल दिख रहा है।  अंडर 18 में साल 2026 में सबसे दूर भाला फेंकने वाले दुनिया के टॉप 5 जैवलिन थ्रोअर     जेरे मुर्तो, फिनलैंड- 82.88 22 AUG 2026     कृष्ण चंद्रा, भारत 79.92 03 SEP 2026     पुष्पक नेलवाडे, भारत 76.09 03 SEP 2026     मनजीत कुमार, भारत 74.45 03 SEP 2026     एंटोनियो डि पाल्मा, इटली, 73.28 18 JUL 2026 इन सबके अलावा रोहित यादव और यशवीर सिंह  सीनियर लेवल पर नीरज चोपड़ा के बाद अपना परचम लहरा रहे हैं. वहीं, अब एशियन गेम्स में यशवीर सिंह और रोहित यादव नीरज चोपड़ा की जगह भारत के लिए गोल्ड मेडल लाने की कोशिश करेंगे. 

अफगानिस्तान सीरीज से बाहर हुए बुमराह तो इन 3 गेंदबाजों पर लगेगा दांव

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह इस समय अपनी इंजरी से उबर रहे हैं और 13 सितंबर से अफगानिस्तान के खिलाफ शुरू हो रही तीन मैचों की T20I सीरीज के लिए उन्हें टीम इंडिया के स्क्वाड में शामिल किया गया है। हालांकि, बुमराह का खेलना पूरी तरह 9 सितंबर को बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में होने वाले फिटनेस ट्रायल मैच पर निर्भर करेगा। अगर बुमराह इस फिटनेस टेस्ट में पूरी तरह खरे नहीं उतरते हैं, तो चयनकर्ताओं को उनके बैकअप के रूप में एक मजबूत विकल्प चुनना होगा। ऐसे में आइए जानते हैं कि वे तीन खिलाड़ी कौन हैं जो बुमराह को रिप्लेस कर सकते हैं। प्रिंस यादव IPL 2026 में अपनी घातक गेंदबाजी और सटीक लाइन-लेंथ से सुर्खियों में आए प्रिंस यादव बुमराह के रिप्लेसमेंट के रूप में सबसे प्रबल दावेदार माने जा रहे हैं। भारत के लिए अब तक खेले 6 T20I मैचों में 9 विकेट चटकाकर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उपयोगिता साबित की है। शुरुआती स्क्वाड से बाहर रहने के बावजूद, अपनी मौजूदा फॉर्म और टी20 फॉर्मेट में विकेट चटकाने की क्षमता के कारण चयनकर्ता बुमराह के बाहर होने पर प्रिंस यादव को सबसे पहले मौका दे सकते हैं। मोहम्मद सिराज अगर चयनकर्ता बुमराह जैसे दिग्गज गेंदबाज की जगह किसी युवा खिलाड़ी के बजाय एक स्थापित और अनुभवी गेंदबाज पर दांव लगाना चाहते हैं, तो मोहम्मद सिराज सबसे मजबूत नाम हैं। हालांकि सिराज हाल के दिनों में टी20 प्रारूप से बाहर चल रहे हैं, लेकिन उनके पास नई गेंद को दोनों तरफ स्विंग कराने का बेहतरीन अनुभव है। बड़े मैचों का अनुभव और पावरप्ले में शुरुआती झटके देने की काबिलियत सिराज को बुमराह का सबसे भरोसेमंद बैकअप बनाती है। मयंक यादव अपनी तूफानी रफ्तार और आक्रामक यॉर्कर के लिए जाने जाने वाले मयंक यादव भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को अतिरिक्त गति प्रदान करते हैं। हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली गई T20I सीरीज में मयंक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 मैचों में 5 विकेट झटके थे और अपनी तेजी से विरोधी बल्लेबाजों को खासा परेशान किया था। अगर टीम प्रबंधन बुमराह की अनुपस्थिति में पावरप्ले और डेथ ओवरों के लिए एक विशुद्ध एक्सप्रेस पेसर तलाशता है, तो मयंक यादव एक परफेक्ट विकल्प साबित होंगे।

दलीप ट्रॉफी फाइनल में आज होगा महामुकाबला, केएल राहुल नहीं खेलेंगे; सिराज उतरेंगे मैदान पर

 नई दिल्ली दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल में ईस्ट जोन और साउथ जोन की टीम्स भिड़ने के लिए तैयार हैं. 6 सितंबर (रविवार) से चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में ये हाई वोल्टेज मुकाबला खेला जाएगा. खिताबी मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और तिलक वर्मा भी मैदान पर उतरेंगे. वहीं साउथ जोन के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल केएल राहुल फाइनल का हिस्सा नहीं हैं. तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज और युवा बल्लेबाज देवदत्त पडिक्कल को जरूर साउथ जोन की टीम में शामिल किया गया है और वो खिताबी मैच में नजर आएंगे l ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने फाइनल से पहले अपनी टीम के सभी प्रमुख खिलाड़ियों की उपलब्धता की पुष्टि की. उधर साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा ने भी साफ कर दिया कि केएल राहुल इस मुकाबले का हिस्सा नहीं होंगे. वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और तिलक वर्मा के दलीप ट्रॉफी फाइनल में खेलने को लेकर असमंजस बना हुआ था क्योंकि ये तीनों खिलाड़ी अफगानिस्तान के खिलाफ आगामी टी20 सीरीज का भी हिस्सा हैं l 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के लिए दलीप ट्रॉफी का खिताबी मुकाबला बेहद खास होगा. आईपीएल और इंटरनेशनल क्रिकेट में अपनी धाक जमा चुके वैभव ने दलीप ट्रॉफी में भी अपनी बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोरी हैं. ईस्ट जोन के लिए ईशान किशन और वैभव की मौजूदगी टीम की बल्लेबाजी को मजबूत करेगी. दूसरी तरफ तिलक वर्मा की अगुवाई में साउथ जोन के पास भी मजबूत बल्लेबाजी लाइनअप है. दोनों टीमों ने सेमीफाइनल में शानदार प्रदर्शन कर फाइनल का टिकट हासिल किया है l अजीत अगरकर भी फाइनल देखेंगे दलीप ट्रॉफी के इस मुकाबले पर चयनकर्ताओं की भी नजर रहेगी. भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर चेन्नई में फाइनल देखने पहुंचेंगे. अगरकर की मौजूदगी इसलिए भी अहम है क्योंकि बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड) में उनके भविष्य को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है. हालिया बीसीसीआई समीक्षा बैठक में वह पारिवारिक कारणों से शामिल नहीं हो सके थे. उनका मौजूदा अनुबंध 4 अक्टूबर तक है. ऐसे में चेन्नई में बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया के साथ उनकी संभावित बातचीत भी अहम मानी जा रही है l दलीप ट्रॉफी के साथ ही बीसीसीआई एशियन गेम्स को लेकर भी अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है. भारतीय मेन्स टीम के अभ्यास के लिए मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहसिन खान को नेट गेंदबाज के तौर पर जापान भेजने की तैयारी है. यह योजना मुख्य कोच वीवीएस लक्ष्मण के सुझाव के बाद बनाई गई है. टीम मैनेजमेंट चाहता है कि जापान में अभ्यास के दौरान भारतीय बल्लेबाजों को अलग-अलग तरह के तेज गेंदबाजों के खिलाफ पर्याप्त तैयारी का मौका मिले l मयंक यादव, कार्तिक त्यागी और मोहसिन खान भारतीय एशियन गेम्स दल में शामिल नहीं होंगे. उन्हें सिर्फ नेट गेंदबाज के तौर पर टीम के साथ रखा जाएगा. भारतीय टीम के 20 सितंबर को दिल्ली से जापान रवाना होने की उम्मीद है, जबकि मेन्स टीम का पहला मुकाबला 28 सितंबर को निर्धारित है. बीसीसीआई ने तीनों तेज गेंदबाजों के जापानी वीजा के लिए आवेदन भी कर दिया है l