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ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव करेगी शिया समिति

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। हालांकि, अब तक साफ नहीं हो सका है कि ईरान के सुप्रीम लीडर का चुनाव कब तक किया जाएगा। फिलहाल, इस पद के लिए खामेनेई के बेटे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं। आधिकारिक तौर पर इसका ऐलान नहीं किया गया है। कैसे होता है चुनाव ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' (विशेषज्ञों की सभा) नए सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' को जल्द से जल्द नए सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और 'गार्जियन काउंसिल' का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है। उत्तराधिकार से जुड़ी चर्चाएं आमतौर पर सार्वजनिक नजरों से दूर होती हैं। इससे पहले राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी खामेनेई को उनका संभावित उम्मीदवार माना जा रहा था लेकिन मई 2024 में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई। इसके बाद खामेनेई के पुत्र मोजतबा खामेनेई का नाम संभावित दावेदारों में लिया जा रहा है, हालांकि उन्होंने कोई सार्वजनिक पद नहीं संभाला है। वर्ष 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद यह दूसरी बार होगा जब सर्वोच्च नेता का उत्तराधिकारी नियुक्त किया जाएगा। वर्ष 1989 में अयातुल्ला रुहोल्लाह खोमैनी की मौत बाद खामेनेई सर्वोच्च नेता बने थे।मिलती हैं ये पावर ईरान में सर्वोच्च नेता देश की जटिल शिया धर्मतांत्रिक व्यवस्था का सर्वोच्च पद है और उसे सभी राज्य संबंधी मामलों पर अंतिम निर्णय लेने का अधिकार प्राप्त है। सर्वोच्च नेता सशस्त्र बलों और 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' के 'कमांडर-इन-चीफ' भी होता है। 'रिवोल्यूशनरी गार्ड' एक अर्द्धसैनिक बल है जिसे अमेरिका ने 2019 में एक आतंकवादी संगठन घोषित किया था और खामेनेई ने अपने शासन के दौरान इसे और सशक्त बनाया। अमेरिका और इजरायल का अटैक अमेरिका और इज़रायल ने शनिवार को तेहरान समेत ईरान के कई प्रांतों में हमले किए, जिससे काफी नुकसान हुआ और आम लोग मारे गए। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की। ईरान ने इजरायली इलाके के साथ-साथ पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी जवाबी मिसाइल हमले किए।

ईरान पर अमेरिकी हमले से बढ़ेंगे तेल और गैस के दाम

तेहरान. अमेरिका और इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई मारे गए हैं। इस जंग का यह निर्णायक मोड़ माना जा रहा है क्योंकि ईरान में सत्ता बदलने की कोशिश में अमेरिका लंबे समय से रहा है। अब खामेनेई के मारे जाने के बाद अपनी पिट्ठू सरकार बनाने की अमेरिका की कोशिश रंग ला सकती है। इस तरह खामेनेई का 47 साल का शासन ईरान में खत्म हुआ है तो वहां काफी कुछ बदलने जा रहा है। अमेरिका को उम्मीद होगी कि वह अपने समर्थन वाली सरकार बनवा लेगा। वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद उनके अकाउंट से ही एक आयत शेयर की गई है। इसका अर्थ है कि अब भी कुछ लोग इंतजार में हैं और वे अल्लाह से किया अपना वादा निभाएंगे। तेल और गैस के दाम बढ़ेंगे: इस जंग से दुनिया भर में ऊर्जा का एक अस्थायी संकट पैदा होगा। पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतें बढ़ सकती हैं। इसके अलावा बिजली भी महंगी होने की आशंका है। महंगाई भड़कने का खतरा: ऊर्जा और ईंधन की कीमतें यदि महंगी होती हैं तो उसका सीधा असर ट्रांसपोर्ट, खाद्य वस्तुओं, दवाओं आदि पर पड़ता है। इन चीजों की महंगाई सीधे तौर पर हर देश को प्रभावित करेगी और भारत भी इससे अछूता नहीं रहेगी। पूरे मिडल ईस्ट पर संकट: यदि इस यु्द्ध का विस्तार हुआ तो इसका असर पूरे मिडल ईस्ट पर होगा। इसके लक्षण तब दिखने भी लगे, जब ईरान ने अकेले ही 8 देशों पर हमला किया है। ईरान के सहयोगी हिज़्बुल्लाह, हूती आदि सक्रिय हो सकते हैं। इसके कारण यह युद्ध इज़रायल, लेबनान, यमन तक युद्ध फैल सकता है। मिडल ईस्ट में सेना बढ़ाएगा अमेरिका: इन हालातों से साफ है कि तत्काल जंग खत्म नहीं होगी और अमेरिका को मिडल ईस्ट में अपनी उपस्थिति बढ़ानी पड़ेगी। साफ है कि अमेरिका को फिर बड़े पैमाने पर मध्य-पूर्व में फौज रखनी पड़ सकती है। ईरान का परमाणु अभियान होगा तेज: अमेरिका की ओर से लगातार यह कहा गया है कि ईरान परमाणु हथियार ना बनाए। अब ऐसे हालात हो गए हैं कि ईरान को करारा हमला झेलना पड़ा है। ऐसी स्थिति में यह भी संभावना है कि वह भविष्य में अस्तित्व की जंग के लिए परमाणु हथियार ही बनाना शुरू कर दे। इससे वह अपने लिए सुरक्षा की गारंटी महसूस करेगा। रूस, चीन और भारत पर नजर: इस जंग में अमेरिका और इजरायल तो सक्रिय हैं ही। मिडल ईस्ट के भी कई मुसलमान देश मूक समर्थन अमेरिका को दे रहे हैं। अब तक इस पूरी जंग से एशिया के तीन बड़े प्लेयर चीन, रूस और भारत थोड़ा दूरी बनाए हुए हैं। आने वाले समय में हालात कैसे होंगे। इन तीनों देशों का रुख ही यह तय करेगा। तेल की सप्लाई अटकने का खतरा: अगर होर्मुज जलडमरूमध्य बंद हुआ तो दुनिया का 20% तेल व्यापार प्रभावित होगा। भारत पर भी इसका सीधा असर देखने को मिलेगा।

स्कूल बस से गिरी बच्ची की टायर से कुचलकर मौत

अलीगढ़. यूपी के अलीगढ़ से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां दादों थाना क्षेत्र के माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल की लापरवाही ने गंगीरी गांव की एक छह साल की बच्ची की जान ले ली। स्कूल की जर्जर बस में पिछले टायरों के ऊपर वाली सीट के नीचे का फर्श टूटा हुआ था, जिसमें बड़े गड्ढे के बराबर छेद था। इसी में से बच्ची नीचे टायरों पर आ गिरी और कुचलकर उसकी मौत हो गई। घटना के बाद चालक बच्ची को लेकर गंगीरी आ रहा था, तभी लोगों ने रोककर उसकी पिटाई कर दी। गांव मलसई पर करीब तीन घंटे जाम लगाकर हंगामा किया। पुलिस ने समझाकर लोगों को शांत किया। बाद में ढोलना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना दादों क्षेत्र के गांव नाय भाय के रहने वाले रवि यादव वर्तमान में गंगीरी चौराहे पर रहते हैं। इनकी छह साल की बेटी अनन्या दादों के गांव कसेर भूडिया स्थित माउंट देव इंटरनेशनल स्कूल में यूकेजी में पढ़ती थी। छुट्टी के बाद चालक बच्चों को छोड़ने के लिए निकला। वह रोजाना पहले छिछोरा, किनावा, नगला भूड़ में बच्चों को छोड़ते हुए गंगीरी आता है। इसी रास्ते से शनिवार को भी आ रहा था। ढोलना क्षेत्र के गांव नगला साधु के पास बच्ची फर्श के छेद में से नीचे गिर गई। चालक ने बस को रोककर बच्ची को उठाया। उसे सीट पर रखकर गंगीरी लौट रहा था। इसी बीच गांव मलसई पर जन सेवा केंद्र चलाने वाले बच्ची के पिता रवि को जानकारी हो गई। उन्होंने बस को रुकवा लिया। गांव के लोगों ने चालक की पिटाई कर दी। इसके बाद मलसई पर जाम लगा दिया। इसे देख चार थानों का फोर्स मौके पर पहुंचा। सीओ छर्रा संजीव कुमार तोमर ने कार्रवाई का भरोसा दिलाकर लोगों को शांत किया। सीओ के अनुसार अग्रिम कार्रवाई कासगंज पुलिस की ओर से की जा रही है। स्कूल बस पर नकाबपोश बदमाशों का हमला, दहशत इससे पहले थाना टप्पल क्षेत्र के खेड़िया बुजुर्ग के पास बाइक सवार 6-7 नकाबपोश बदमाशों ने स्कूल बस को घेरकर हमला कर दिया। उन्होंने बस के शीशे तोड़े और अंदर घुसने की कोशिश की, जिससे छात्रों व अभिभावकों में भारी दहशत फैल गई। बस सहायक की सूझबूझ से बदमाश भाग निकले। जानकारी के अनुसार, 17 फरवरी दोपहर सवा दो बजे जट्टारी के निजी इंटरमीडिएट कॉलेज की बस लंगोटगढ़ी, खेड़िया बुजुर्ग व बुलाकीपुर के छात्रों को छोड़ रही थी। विशाल कोल्ड स्टोरेज के पास तीन बाइकों पर सवार हमलावरों ने बस रोकी, दरवाजा खोलने की कोशिश की। असफल होने पर उन्होंने पिछली खिड़कियों के शीशे तोड़ दिए। हालांकि पीछे से आते दूसरे स्कूल वाहन को देखकर फरार हो गए। वहीं, छात्रों ने एक हमलावर प्रशांत शर्मा निवासी ग्राम मांदक को पहचान लिया। पूछताछ पर उसने कबूल किया कि उसके साथ अनुराग, भरत, भारत चौहान व दो अज्ञात शामिल थे।

नागपुर में डेटोनेटर बनाने वाली कंपनी में धमाके में 17 कर्मचारियों की मौत

नागपुर. महाराष्ट्र के नागपुर जिले के काटोल इलाके के पास रविवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। राउलगांव स्थित 'एसबीएल एनर्जी लिमिटेड' नामक विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में हुए एक शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह कंपनी खनन और औद्योगिक कार्यों के लिए डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक तैयार करती है। पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा सुबह 6:00 से 7:00 बजे के बीच हुआ। उस समय फैक्ट्री में सुबह की शिफ्ट के कर्मचारी अपना काम शुरू कर चुके थे। शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब डेटोनेटर बनाने की प्रक्रिया चल रही थी तभी अचानक एक जोरदार विस्फोट हुआ। नागपुर ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक हर्ष पोद्दार ने हताहतों की संख्या की पुष्टि करते हुए बताया कि घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कई की हालत चिंताजनक बनी हुई है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि उसकी आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनी गई, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। फैक्ट्री के उस हिस्से की छत और दीवारें ढह गईं जहां धमाका हुआ था। आसमान में धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता था। बताया जा रहा है कि धमाके के समय संबंधित यूनिट में 25 से 30 श्रमिक मौजूद थे। मलबे और आग के कारण अभी भी कुछ कर्मियों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग की कई गाड़ियां और एम्बुलेंस मौके पर पहुँच गईं। पुलिस और प्रशासन की टीमें मलबे से लोगों को निकालने और आग पर काबू पाने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रही हैं। मलबे के नीचे दबे लोगों को बचाने के लिए विशेष उपकरणों की मदद ली जा रही है। अभी तक विस्फोट के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और 'एसबीएल एनर्जी' प्रबंधन से भी संपर्क किया गया है। यह जांच की जा रही है कि क्या सुरक्षा मानकों अनदेखी की गई थी या यह किसी तकनीकी खराबी का परिणाम था।

दिल्ली में मैच के चलते आज 10 घंटे तक कई रास्तों पर नो एंट्री

नई दिल्ली. दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में रविवार को जिम्बाब्वे और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाले टी20 विश्व कप मैच को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने विशेष एडवाइजरी जारी की है। ट्रैफिक प्रतिबंध रविवार दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेंगे, जिससे स्टेडियम और उसके आसपास के इलाकों में यातायात प्रभावित होने की संभावना है। पुलिस ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे असुविधा से बचने के लिए अपनी यात्रा की योजना पहले से बना लें और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करें। मुख्य रूप से राजघाट से दिल्ली गेट तक जेएलएन मार्ग, तुर्कमान गेट से दिल्ली गेट तक आसफ अली रोड और बहादुर शाह जफर मार्ग पर आवाजाही प्रभावित रहेगी। इसके अलावा, दरियागंज से बहादुर शाह जफर मार्ग और गुरु नानक चौक से आसफ अली रोड तक भारी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। स्टेडियम जाने वाले दर्शकों के लिए गेट नंबर के आधार पर प्रवेश मार्ग निर्धारित किए गए हैं। गेट नंबर 1 से 8 और 16 से 18 के लिए बहादुर शाह जफर मार्ग से प्रवेश होगा, जबकि गेट नंबर 10 से 15 के लिए अंबेडकर स्टेडियम के पास जेएलएन मार्ग से प्रवेश दिया जाएगा। आम जनता के लिए स्टेडियम के पास पार्किंग की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी; केवल लेबल वाले वाहनों को ही निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों जैसे जेपी पार्क और विक्रम नगर पार्किंग में जाने की अनुमति मिलेगी। अन्य दर्शकों के लिए माता सुंदरी रोड, राजघाट पावर हाउस रोड और वेलोड्रोम रोड से 'पार्क-एंड-राइड' की मुफ्त बस सेवा उपलब्ध कराई गई है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों को भी सलाह दी गई है कि वे आईटीओ चौक और बहादुर शाह जफर मार्ग पर संभावित भीड़ को देखते हुए योजना पहले से बनाकर निकलें। पुलिस ने साफ किया है कि जेएलएन मार्ग और रिंग रोड (राजघाट से आईपी फ्लाईओवर) पर सड़क किनारे वाहन खड़े करने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को क्रेन से उठा लिया जाएगा और उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टैक्सी और ऑटो के लिए मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज और राजघाट चौक के पास पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट बनाए गए हैं।

ईरान में जंग के बीच पाकिस्तान ने भारत में भेजे ड्रोन

नई दिल्ली. ईरान में जारी इजरायली हमले के बीच जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर पाकिस्तानी ड्रोन की संदिग्ध गतिविधि देखी गई। रविवार सुबह तड़के पुंछ के दिगवार सेक्टर में एक पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय सीमा के भीतर प्रवेश करते देखा गया। भारतीय सेना के मुस्तैद जवानों ने मुस्तैदी दिखाते हुए ड्रोन को मार गिराने के लिए भारी गोलीबारी की, जिसके बाद वह वापस पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की ओर भाग गया। न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से कहा, रविवार सुबह करीब 6:10 बजे सीमा पर तैनात एक अग्रिम चौकी के जवानों ने आसमान में एक संदिग्ध उड़ती हुई वस्तु देखी। जैसे ही पुष्टि हुई कि यह सीमा पार से आया एक दुश्मन ड्रोन है, भारतीय जवानों ने उसे निशाना बनाते हुए एक दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग की। जवानों की इस जवाबी कार्रवाई के बाद ड्रोन दिगवार इलाके में कुछ देर मंडराने के बाद वापस PoK की दिशा में लौट गया। 3 दिन में दूसरी घटना चिंता की बात यह है कि पिछले तीन दिनों के भीतर पुंछ सेक्टर में ड्रोन घुसपैठ की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 27 फरवरी को भी इसी तरह एक पाकिस्तानी ड्रोन को भारतीय क्षेत्र में देखा गया था, जिस पर सुरक्षाबलों ने गोलियां चलाई थीं। पाकिस्तान के द्वारा सीमा पार से ड्रोन का इस्तेमाल किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने के लिए किया जा रहा है। ड्रोन के वापस लौटने के तुरंत बाद भारतीय सेना ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर पूरे दिगवार और आसपास के जंगली इलाकों में एक व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों को अंदेशा है कि ड्रोन के जरिए सीमा पार से हथियार, गोला-बारूद, नकदी या नशीले पदार्थों की खेप गिराई गई हो सकती है। सुरक्षाबल यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इलाके में कोई भी संदिग्ध पैकेट न छूटा हो। आपको बता दें कि पुंछ और राजौरी जिलों में हाल के महीनों में ड्रोन की हलचल बढ़ी है, जिसे देखते हुए भारतीय सेना ने अपनी एंटी-ड्रोन प्रणालियों और निगरानी तंत्र को 'हाई अलर्ट' पर रखा है। वर्तमान में एलओसी पर स्थिति तनावपूर्ण लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में है।

हमला मत करना, नहीं तो ऐसा मारेंगे कि दुनिया ने कभी नहीं देखा होगा: ट्रंप

तेहरान. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को एक बार फिर चेतावनी दे दी है। रविवार को उन्होंने कहा कि अगर ईरान अटैक करता है, तो अमेरिका और ज्यादा ताकत से हमला करेगा। यह चेतावनी ईरान की वॉर्निंग के बाद आई है, जिसमें अमेरिका पर सबसे बड़े हमले की चेतावनी दी थी। इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई की मौत हो चुकी है। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अमेरिका और भी बड़ा जवाबी हमला करेगा। उन्होंने लिखा, 'ईरान ने अभी बयान दिया है कि वे आज बहुत जोरदार हमला करने जा रहे हैं, इतना बड़ा हमला जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं किया। लेकिन उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए, क्योंकि अगर वे ऐसा करते हैं, तो हम उन पर ऐसी ताकत से हमला करेंगे जो पहले कभी नहीं देखी गई होगी!' सुप्रीम लीडर की मौत अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की 86 वर्ष की उम्र में मौत हो गई। खामेनेई ने 1989 से इस्लामी गणराज्य का नेतृत्व किया। खामेनेई ने ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में दशकों तक धार्मिक सत्ता स्थापित करने और देश को एक क्षेत्रीय महाशक्ति बनाने का प्रयास किया। उनका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर इजरायल और अमेरिका के साथ टकराव रहा तथा उन पर देश में लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारियों को कुचलने के भी आरोप लगे। ईरान में 88 सीट वाली विशेषज्ञ सभा खामेनेई के उत्तराधिकारी का चुनाव करेगी। इस विशेषज्ञ सभा में अधिकतर कट्टरपंथी धर्मगुरु शामिल हैं। हालांकि अब तक कोई स्पष्ट उत्तराधिकारी तय नहीं हुआ है। UN में गूंजा मुद्दा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों की शनिवार को निंदा की और 'क्षेत्र और पूरी दुनिया को संकट से निकालने' के लिए तत्काल फिर से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया। गुतारेस ने आपातकालीन बैठक में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। गुतारेस ने कहा कि अमेरिका और इजरायल के हवाई हमलों ने संयुक्त राष्ट्र चार्टर सहित अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन किया है। उन्होंने बहरीन, इराक, जॉर्डन, कुवैत, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करने के लिए ईरान के जवाबी हमलों की भी निंदा की।अमेरिका ने किया हमले के फैसले का बचाव संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई वैध थी। उन्होंने सुरक्षा परिषद को बताया, 'ईरान परमाणु हथियार नहीं रख सकता। यह सिद्धांत राजनीति का विषय नहीं है। यह वैश्विक सुरक्षा का विषय है और इसी उद्देश्य से अमेरिका कानूनी कार्रवाई कर रहा है।' इजरायल के राजदूत डैनी डैनन ने इन हवाई हमलों का बचाव करते हुए कहा कि अस्तित्व पर आए संकट को रोकने के लिए ये हमले आवश्यक थे। ईरान ने बताया अपराध संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने परिषद को बताया कि हवाई हमलों में सैकड़ों ईरानी नागरिक मारे गए और घायल हुए हैं और इसे उन्होंने युद्ध अपराध एवं मानवता के खिलाफ अपराध बताया। रूस के राजदूत ने अमेरिका-इजरायल के हवाई हमलों की निंदा की, जबकि चीन के राजदूत ने अपनी आलोचना में अधिक संयम बरता।

ईरान के खामेनेई के मारे जाने पर भारत में शिया मुसलमान कर रहे प्रदर्शन

लखनऊ. इजरायल और अमेरिका के हमले के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई है। इसके बाद ईरान में लोग सड़कों पर उतर पड़े हैं। खामेनेई के समर्थक सड़कों पर मातम मना रहे हैं और अमेरिका-इजरायल का विरोध कर रहे हैं। खामेनेई की मौत के मातम से भारत भी अछूता नहीं है। यहां कश्मीर में कई जगहों पर लोग खामेनेई की तस्वीरों के साथ सड़कों पर उतरे और इजरायल-अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की। लोग 'खामेनेई जिंदाबाद' जैसे नारे भी लगा रहे थे। कश्मीर में प्रदर्शन की वजह यह है कि खामेनेई को फिलिस्तीन समर्थक नेता के तौर पर जाना जाता था। इसके अलावा शिया समुदाय के मुसालमान खामेनेई से काफी हमदर्दी रखते थे। कश्मीर के शिया मुसलमानों में खामेनेई की काफी लोकप्रियता थी और इसीलिए लोग उनकी मौत का मातम मनाने सड़कों पर उतर पड़े हैं। वहीं बेंगलुरु के पास शिया बहुल एक गांव में सन्नाटा पसरा है। लोगों का कहना है कि वे खामेनेई की मौत से बेहद दुखी हैं। पुलवामा और श्रीनगर में सड़कों पर उतरे लोग मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कश्मीर के पुलवामा और श्रीनगर में शिया बहुल इलाकों में लोग काले झंडे और बैनर लेकर सड़कों पर निकल पड़े और इजरायल-अमेरिका विरोधी नारे लगाने लगे। रविवार को ही ईरान ने अली खामेनेई की मौत की पुष्टि की है। इसके बाद ईरान ने अपने नए सुप्रीम लीडर का ऐलान भी कर दिया है। अली खामेनेई के बेटे मोर्तजा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर बनाने की तैयारी है। लखनऊ में भी प्रदर्शन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी शिया मुसलमानों की संख्या काफी है। यहां भी लोगों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किए। लोगों ने इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी की। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, अमेरिका बात भी कर रहा था और युद्ध की धमकी भी दे रहा था। हमारे नेता ने घुटने नहीं टेके। एक हजार खामेनेई खड़े हो जाएंगे और जंग होकर रहेगी। लखनऊ में शिया समुदाय ने तीन दिन के शोक का भीऐलान किया है। कांग्रेस ने भी की इजरायल-अमेरिका के हमले की निंदा जम्मू कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक जताया और रविवार के लिए तय सभी राजनीतिक गतिविधियां स्थगति कर दीं।अमेरिका और इजराइल के संयुक्त हवाई हमले में खामेनेई की मौत हो गई है। पीसीसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि पार्टी ईरान के सर्वोच्च नेता पर किए गए इन हवाई हमलों की कड़ी निंदा करती है और इसे अमेरिका व इजराइल की ओर से अमानवीय, बर्बर और कायरतापूर्ण कृत्य करार देती है।

खामेनेई की मौत के बाद ईरान का इजरायल पर मिसाइल अटैक

तेहरान. ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत के बाद ईरान में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। ईरान ने अपना नया कमांडर इन चीफ नियुक्त किया है। ईरान ने खामेनेई की मौत के बगाद 40 दिन का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। वहीं इजरायल और अमेरिका के इस हमले की निंदा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने भी की है। वहीं ईरान ने नए सुप्रीम लीडर का भी ऐलान किया है। हमलों के बाद भड़के हुए ईरान ने भी पड़ोसी देशों में स्थित अमेरिकी एयरबेसों को निशाना बनाया। ये हमले ऐसे समय में हुए जब हाल के हफ्तों में तनाव काफी बढ़ गया है। अमेरिकी युद्धपोत क्षेत्र में तैनात किए जा चुके थे और डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सीमित करने के लिए एक समझौता चाहते थे। यह उस समय हो रहा है जब देश के भीतर भी हालात चुनौतीपूर्ण हैं और राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बाद सरकार के खिलाफ असंतोष बढ़ रहा है। ईरान के हमलों की वजह से कतर, सऊदी अरब, ईराक और अन्य देशों में भी उसका विरोध हो रहा है। वहीं खबर के मुताबिक यूएई में ईरान के हमले में एक शख्स की मौत भी हो गई है। IRGC ने ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहीदी को नया कमांडर इन चीफ चुन लिया है। ऐसे में युद्ध अभी लंबा खिंचने की संभावना नजर आ रही है। खामेनेई के मारे जाने पर प्रदर्शन की आग भारत तक पहुंच गई है। भारत में कश्मीर, यूपी और कई अन्य जगहों पर शिया मुसलमान सड़कों पर उतर रहे हैं। यूएन ने की हमले की निंदा संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुतारेस ने ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों की शनिवार को निंदा की और ''क्षेत्र और पूरी दुनिया को संकट से निकालने'' के लिए तत्काल फिर से बातचीत शुरू करने का आह्वान किया। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने आपातकालीन बैठक में कहा कि स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, ''वरना व्यापक संघर्ष होने की आशंका है जिसके नागरिकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिहाज से गंभीर परिणाम हो सकते हैं।'' यहां पढ़ें ईरान-इजरायल युद्ध का पूरा मामला… कैसे चुना जाएगा ईरान का सुप्रीम लीडर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत ने देश के भविष्य को लेकर बेहद महत्वपूर्ण सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मौलवियों की एक समिति को उनके स्थान पर नए नेता के चयन का काम सौंपा गया है। ईरान के संविधान के तहत 88 सदस्यीय समिति 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' (विशेषज्ञों की सभा) नये सर्वोच्च नेता का चयन करेगी। इस निकाय में केवल शिया धर्मगुरु शामिल होते हैं, जिन्हें हर आठ वर्ष में जनमत के आधार पर चुना जाता है। कानून के अनुसार, 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' को जल्द से जल्द नये सर्वोच्च नेता का चयन करना होगा। यदि चयन में देरी होता है तो एक नेतृत्व परिषद कार्यभार संभाल सकती है, जिसमें राष्ट्रपति, न्यायपालिका प्रमुख और 'गार्जियन काउंसिल' का एक वरिष्ठ सदस्य शामिल होता है।

सरकारी एजेंसी का दावा: प्राइवेट फोटो से ब्लैकमेल रोकने के लिए ये हैं बचाव के तरीके

 नई दिल्ली ब्लैकमेलिंग की आपने कई खबरें पढ़ीं होंगी, जिसमें विक्टिम को परेशान किया जाता है. यहां तक की रुपये तक की डिमांड करते हैं. कुछ मामले में विक्टिम आत्महत्या तक कर लेते हैं. आम लोगों की सेफ्टी के लिए गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाली एजेंसी साइबर दोस्त I4C ने एक पोस्ट किया है.  X प्लेटफॉर्म पर साइबर दोस्त I4C ने पोस्ट किया है. पोस्ट में बताया है  कि अगर आपको कोई प्राइवेट फोटो के नाम पर ब्लैक मेल कर रहा है तो उसको कैसे रोका जा सकता है. इसके लिए बड़ा ही सिंपल प्रोसेस फॉलो करना होगा.  साइबर दोस्त ने बताया है कि अगर आपको भी धमकी दे रहा है और प्राइवेट फोटो को इंटरनेट पर शेयर करने को कहता है. तो उसको रोका जा सकता है. इसके लिए एक खास प्रोसेस को फॉलो करना होगा.  साइबर दोस्त का पोस्ट      साइबर दोस्त ने बताया है कि StopNCCI.org पर विजिट करें.      वहां अपनी इमेज या वीडियो से जुड़ा एक डिजिटल फिंगरप्रिंट (HASH) बनाएं.     HASH या कोड प्राइवेट फोटो या वीडियो को रिप्रजेंट करता है.      ये पूरा प्रोसेस आपके डिवाइस पर होता है. इसकी वजह से फोटो और वीडियो सेफ रहती हैं और वे कहीं अपलोड नहीं होती हैं.  StopNCII.org क्या है?  StopNCII.org, एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां आप बिना सहमति के शेयर की गई प्राइवेट या वीडियो के मिसयूज को रोक सकेंगे. इसको एक इंटरनेशनल एजेंसी ऑपरेट करती है.  StopNCII Dot org असल में प्राइवेट फोटो या वीडियो कोड में कन्वर्ट करता है. यह कोड पार्टनर सोशल मीडिया कंपनियों को शेयर किया जाता है और उससे संबंधित फोटो को पहचानकर उनको रिमूव किया जाता है. गलत इरादे से अगर कोई फोटो या वीडियो अपलोड भी करने की कोशिश करता है तो उसको तुरंत ब्लॉक किया जाता है.  StopNCII Dot org के साथ कई बड़े-बड़े प्लेटफॉर्म मिलकर काम करते हैं. इसमें Meta (फेसबुक और इंस्टाग्राम), टिकटॉक, रेडिट, स्नैपचैट आदि के नाम शामिल हैं.