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AI समिट में पीएम मोदी का संदेश: इंसान केंद्रित तकनीक जरूरी, दुनिया को दी अहम चेतावनी

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एआई समिट से दुनिया को खास संदेश दिया है. एआई इम्पैक्ट समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के लिए भारत का MANAV विजन प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि एआई का विकास ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए, जहां इंसान केवल डेटा पॉइंट न बने. प्रधानमंत्री ने एआई के लोकतंत्रीकरण, समावेशन और ग्लोबल साउथ के सशक्तीकरण पर जोर दिया. MANAV विजन नैतिक व एथिकल सिस्टम, जवाबदेह गवर्नेंस और डेटा पर व्यक्ति के अधिकार की वकालत करता है. उन्होंने कहा कि एआई को ओपन, सुरक्षित और मानव केंद्रित बनाकर वैश्विक कल्याण का माध्यम बनाया जा सकता है. एआई ट्रांसफॉर्मेटिव पावर – पीएम मोदी  पीएम मोदी ने कहा, ‘आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है और व्यापक भी है. इसलिए हमें विजन भी बड़ा रखना है और जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी निभानी है. साथ ही हमें इस बात की भी चिंता करनी है कि आने वाली पीढ़ियों के हाथों में हम AI का क्या स्वरूप सौंप कर जाएंगे. इसलिए आज असली प्रश्न यह नहीं कि भविष्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्या कर सकती है, प्रश्न यह है कि वर्तमान में हम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ क्या करते हैं. ऐसे प्रश्न मानवता के सामने पहले भी आए हैं. सबसे सशक्त उदाहरण है न्यूक्लियर पावर. हमने उसका डिस्ट्रक्शन भी देखा है और सकारात्मक कंट्रीब्यूशन भी देखा है. एआई भी एक ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी पीएम मोदी ने एआई समिट में बोलते हुए कहा कि मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है. वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है. सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं. पीएम मोदी ने कहा, ‘किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेटिव पावर है. आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत हैं. एआई मशीनों को इंटेलिजेंट बना रही हैं, लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है.’ भारत दुनिया का बड़ा टेक टैलेंट पूल – पीएम मोदी  एआई समिट में पीएम मोदी ने कई बातों का उल्‍लेख किया. उन्‍होंने कहा, ‘भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है…सबसे बड़े टेक टैलेंट पूल का केंद्र है. भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है. इस समिट का भारत में होना भारत के साथ ही पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है. दुनिया के 100 से ज्यादा देशों का रिप्रेजेंटेशन दुनिया के कोने-कोने से यहां आए महानुभाव इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं. इसमें यंग जनरेशन की जो उपस्थिति हमने देखी है वो एक नया विश्वास पैदा करती है. नई टेक्नोलॉजी को लेकर कुछ लोगों में शुरुआती में संदेह होता है, लेकिन जिस तेजी और भरोसे के साथ दुनिया की युवा पीढ़ी एआई को स्वीकार कर रही है, उसकी ओनरशिप ले रही है और एआई का इस्तेमाल कर रही है वह अभूतपूर्व है.’ सुंदर पिचाई ने बताया भारत में इन्‍वेस्‍टमेंट का प्‍लान गूगल के सीईओ Sundar Pichai ने भारत दौरे के दौरान देश में तेज बदलाव की सराहना करते हुए कहा कि दुनिया हाइपर-प्रोग्रेस के दौर में प्रवेश कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को साहसिक रूप से अपनाने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि AI अरबों लोगों के जीवन में सुधार ला सकता है और दवा अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में क्रांति ला रहा है. पिचाई ने बताया कि Google 15 अरब डॉलर के बुनियादी ढांचा निवेश के तहत भारत में फुल-स्टैक AI हब स्थापित करेगा. साथ ही कंपनी भारत की व्यस्त सड़कों के लिए Waymo तकनीक पर भी काम कर रही है. डिजिटल क्रांति केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन – मैक्रों एआई समिट में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत की डिजिटल क्रांति की सराहना करते हुए कहा कि यह केवल तकनीक नहीं, बल्कि सभ्यता का परिवर्तन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि एक समय मुंबई का स्ट्रीट वेंडर बैंक खाता नहीं खोल पाता था, लेकिन आज वही व्यक्ति मोबाइल से तुरंत डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहा है. मैक्रों ने भारत की 1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान व्यवस्था, हर महीने 20 अरब लेनदेन करने वाली भुगतान प्रणाली और 50 करोड़ डिजिटल हेल्थ आईडी जारी करने वाली स्वास्थ्य संरचना को दुनिया के लिए मिसाल बताया.  पीएम मोदी पहुंचे भारत मंडपम, अश्विनी वैष्‍णव ने सेट किया टोन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एआई समिट को संबोधित करने के लिए भारत मंडपम पहुंच चुके हैं. उससे पहले भारत में आयोजित पहले ग्लोबल साउथ एआई समिट को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक आधारभूत तकनीक है, जो काम करने, सीखने और निर्णय लेने के तरीकों में व्यापक बदलाव ला रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. समिट में 118 देशों की भागीदारी को ऐतिहासिक बताते हुए वैष्णव ने कहा कि भारत एआई स्टैक की पांचों परतों पर काम कर रहा है. इसका उद्देश्य तकनीक का लोकतंत्रीकरण करना और इसे बड़े पैमाने पर सभी के लिए सुलभ बनाना है. पीएम मोदी की 4 देशों के प्रमुखों संग अहम बैठकें  एआई सम्मेलन के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi आज चार देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकों में शामिल होंगे. ये बैठकें Bharat Mandapam में आयोजित होंगी. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दोपहर 14:30 बजे पीएम मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस Sheikh Khaled bin Mohamed bin Zayed Al Nahyan से मुलाकात करेंगे. इसके बाद 15:10 बजे नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री Dick Schoof, 15:45 बजे स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति Guy Parmelin और 16:25 बजे ग्रीस के प्रधानमंत्री Kyriakos Mitsotakis से वार्ता होगी. इससे पहले बुधवार 18 फरवरी को पीएम मोदी सात वैश्विक नेताओं से भी मुलाकात कर चुके हैं.  

स्पीच से ठीक पहले बड़ा बदलाव: बिल गेट्स नहीं होंगे AI समिट में, अंकित वोरा को जिम्मेदारी

नई दिल्ली मशहूर अमेरिकी कारोबारी बिल गेट्स दिल्ली में आयोजित हो रहे एआई समिट में नहीं आएंगे। उन्हें आज ही कार्यक्रम में अपनी स्पीच देनी थी और उससे ठीक पहले ही उनके कार्यालय की ओर से इसकी जानकारी दी गई है। पहले भी कयास लग रहे थे कि शायद वह कार्यक्रम में नहीं रहेंगे, लेकिन उनके गेट्स फाउंडेशन की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई थी। अब इस संबंध में जानकारी दी गई है। इसके अलावा यह भी बताया गया है कि बिल गेट्स के स्थान पर अंकुर वोरा स्पीच देंगे। वह भी बिल गेट्स फाउंडेशन से ही जुड़े हैं। माना जा रहा है कि एपस्टीन फाइल्स में उनका नाम था और वह विवादों में थे। इसी के चलते ऐसी स्थिति पैदा हुई है। गेट्स फाउंडेशन की ओर से जारी बयान में कहा गया, 'गंभीरता से विचार करने के बाद और AI समिट की प्राथमिकताओं को देखते हुए मिस्टर गेट्स ने तय किया है कि वह अपनी स्पीच नहीं देंगे। AI समिट में गेट्स फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व अंकुर वोरा करेंगे। वह अफ्रीका और भारतीय कार्यालयों के प्रेसिडेंट हैं। वही आज AI समिट में गेट्स फाउंडेशन की ओर से अपनी स्पीच देंगे।' फाउंडेशन ने कहा कि हम भारत में हेल्थ और डिवेलपमेंट में योगदान को लेकर अपने लक्ष्यों के प्रति पूरी तरह से समर्पित हैं। दिल्ली के भारत मंडपम में AI समिट का आयोजन हो रहा है। इसमें बिल गेट्स को कीनोट स्पीकर के तौर पर रहना था। उनका 19 फरवरी को भाषण था। बिल गेट्स सोमवार को ही भारत आ गए थे। इसके बाद कहा जा रहा था कि वह गुरुवार को AI समिट में रहेंगे। उन्हें 12 मिनट की स्पीच देनी थी। बिल गेट्स भारत आने के बाद सबसे पहले आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा पहुंचे थे। यहां उन्होंने आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू से मुलाकात की थी। इसके अलावा डिप्टी सीएम पवन कल्याण से भी उनकी मीटिंग हुई थी। इस दौरान कई सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे। इस सप्ताह हो रही AI समिट को दुनिया के कुछ प्रमुख आयोजनों में माना जा रहा है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर हो रहे हैं। AI समिट से कुछ विवाद भी जुड़े, गलगोटिया की सबसे ज्यादा चर्चा भारत में हो रहे इस आयोजन को टेक कंपनियां एक अवसर के तौर पर देख रही हैं। कंपनियों का कहना है कि यह बूमिंग सेक्टर है और भारत के लिए यह अहम है। बता दें कि इस समिट से कुछ विवाद भी जुड़े हैं। जैसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने जिन दो प्रोडक्ट्स को तैयार करने का दावा किया था, उन्हें चीन और कोरिया में बनाया गया था। यही नहीं खबरें हैं कि गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्टॉल को AI समिट से हटाने का भी आदेश दिया गया है।

पुणे में शिवाजी महाराज जयंती के मौके पर अफरा-तफरी, भगदड़ में घायल हुए कई लोग

मुंबई  महाराष्ट्र में शिवाजी उत्सव के दौरान बड़ा हादसा हो गया है। यहां छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाने के लिए जुटी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से कई लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। पुलिस ने बताया कि गुरुवार सुबह पुणे के शिवनेरी किले में ज्यादा भीड़ होने के कारण कम से कम तीन लोग घायल हुए हैं। घटना तब हुई जब यहां हजारों की तादाद में भीड़ जुटी थी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह करीब साढ़े 3 बजे हुई जब मशाल लेकर एक समूह मीना दरवाजा के पास किले से नीचे उतर रहा था। पुणे ग्रामीण के पुलिस सुपरिटेंडेंट संदीप सिंह गिल ने मीडिया को बताया, "भारी भीड़ के बीच एक ग्रुप मशाल लेकर तेजी से किले से नीचे आ रहा था। वहां मौजूद हमारी पुलिस टीम ने उन्हें धीरे चलने की सलाह दी।" लेकिन तभी वहां धक्का मुक्की होने लगी। उन्होंने बताया, "इस बीच, ऊपर से किसी ने एक शख्स को धक्का दिया, जिसके बाद समूह के कुछ लोग नीचे गिर गए। तीन लोगों के पैर में चोटें आईं हैं।" अधिकारी ने कहा कि मौके पर मौजूद पुलिसवालों ने तुरंत घायलों की मदद की और यह सुनिश्चित किया कि लोगों की सुविधाजनक आवाजाही बने रहे। गौरतलब है कि छत्रपति शिवाजी महाराज का 19 फरवरी, 1630 को पुणे जिले के शिवनेरी किले में हुआ था। गुरुवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी छत्रपति शिवाजी महाराज को श्रद्धांजलि देने के लिए किले का दौरा करेंगे।

ऑपरेशन सिंदूर का खुलासा: SU-30, राफेल और ब्रह्मोस की ताकत ने किया किराना हिल्स पर भारी हमला

नई दिल्ली ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने पाकिस्तान को किस तरह रणनीतिक रूप से झटका दिया, इस पर लंबे समय से बहस होती रही है. अब जाने-माने एरियल वॉरफेयर विश्लेषक और इतिहासकार टॉम कूपर ने दावा किया है कि भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के किराना हिल्स पर सटीक हमला कर उसकी कमर तोड़ दी थी. टॉम कूपर के मुताबिक यही वह निर्णायक वार था, जिसके बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया था और सीजफायर की भीख मांगने लगा. हालांकि भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक तौर पर किराना हिल्स को निशाना बनाने से इनकार किया है, लेकिन टॉम कूपर का कहना है कि सबूत साफ हैं. टॉम कूपर ने NDTV को दिए इंटरव्यू में बताया कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया पर कई वीडियो सामने आए, जिनमें मिसाइलों के धुएं के निशान पहाड़ियों की ओर जाते और टकराते दिखाई देते हैं. इसके अलावा एक अन्य वीडियो में पाकिस्तानी वायुसेना के 4091वें स्क्वाड्रन के रडार स्टेशन से धुआं उठता दिखा. कूपर के मुताबिक भारत ने पहले इन रडार स्टेशनों को निशाना बनाकर पाकिस्तान की जवाबी क्षमता को निष्क्रिय किया और फिर अंडरग्राउंड स्टोरेज सुविधाओं के कम से कम दो प्रवेश द्वारों पर हमला किया. पाकिस्तानी लड़ाकू विमान भी मारे गए?     टॉम कूपर ने दावा किया कि उस समय पाकिस्तान का ऑपरेशन ‘बुनियान-उन-मार्सूस’ फेल हो चुका था. भारत की एकीकृत वायु रक्षा प्रणाली ने पाकिस्तानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों को बड़े पैमाने पर नाकाम कर दिया.     कई पाकिस्तानी लड़ाकू विमान मार गिराए गए. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई में 12-13 एयरबेस पर हमला किया. अंत में किराना हिल्स पर स्ट्राइक ने पाकिस्तान को रणनीतिक रूप से घेर लिया.     हमले के समय कूटनीतिक स्तर पर भी हलचल तेज थी. पाकिस्तान, अमेरिका और भारत से संपर्क कर युद्धविराम के रास्ते तलाश रहा था. कूपर के शब्दों में यह साफ संकेत था कि पाकिस्तान अब आगे बढ़ने की स्थिति में नहीं था. क्यों पाकिस्तान की कमजोर नस है किराना हिल्स? किराना हिल्स को पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम का अहम केंद्र माना जाता है. यहां 20 से ज्यादा परमाणु परीक्षण किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में हार्डन शेल्टर व भूमिगत सुरंगें मौजूद हैं. टॉम कूपर का तर्क है कि ऐसी जगह पर हमला तभी किया जाता है जब स्पष्ट संदेश देना हो- ‘हम जब चाहें, जहां चाहें, जितनी ताकत से चाहें, वार कर सकते हैं.’ कूपर ने यह भी सवाल उठाया कि जब सबूत इतने स्पष्ट हैं तो भारत आधिकारिक तौर पर हमले से इनकार क्यों करता है. वो इसे लेकर इतने आश्वस्त हैं कि बोलते हैं कि इससे इनकार करना वैसा ही जैसे कोई कहे कि सूरज पूरब से नहीं उगता. रूसी फाइटर जेट और ब्रह्मोस ने किया तांडव हथियारों की बात करें तो कूपर के अनुसार भारत को किसी विशेष गुप्त तकनीक की जरूरत नहीं पड़ी. सुखोई-30 विमानों से ब्रह्मोस और रैम्पेज मिसाइलें दागी गईं, जगुआर ने रैम्पेज लॉन्च किए और राफेल ने स्कैल्प मिसाइलों का इस्तेमाल किया. इतना पाकिस्तान के लिए काफी था. उन्होंने भारत की इंटीग्रेटेड एयर डिफेंस सिस्टम की खास तारीफ की, जिसने रक्षात्मक और आक्रामक दोनों मोर्चों पर अहम भूमिका निभाई. कुल मिलाकर टॉम कूपर का आकलन है कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की स्पष्ट रणनीतिक जीत थी. किराना हिल्स पर कथित हमले ने पाकिस्तान को यह संदेश दिया कि भारत की सैन्य क्षमता और एडवांस तकनीक के सामने उसकी जवाबी ताकत सीमित है.

असम चुनाव की तैयारी तेज, SIR पूरा; CEC बोले—EVM में होगा अहम बदलाव

नई दिल्ली असम में चुनाव की तैयारियों और हाल ही में खत्म हुई SIR प्रक्रिया पर, चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, प्योर इलेक्टोरल रोल लोकतंत्र की नींव हैं. असम में हाल ही में खत्म हुई SIR का मकसद था कि कोई भी योग्य वोटर बाहर न हो और कोई भी अयोग्य वोटर शामिल न हो. फाइनल इलेक्टोरल रोल में, लगभग 2.49 करोड़ लोगों को शामिल किया गया है. घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गए: ज्ञानेश कुमार असम में SIR समाप्त हो चुका है. यहां का स्पेशल रिविजन 12 अन्य राज्यों से अलग है. बाकी 12 राज्यों के 51 करोड़ मतदाताओं के SIR का अंतिम चरण सामने आ चुका है और कई के समाप्त हो चुके हैं. असम में SIR पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, असम में SIR करने का सिर्फ एक ही मकसद था – सभी एलिजिबल वोटर्स को शामिल करना और इनएलिजिबल वोटर्स को बाहर करना. अवैध घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट से कटे हैं और नये वोटर जो युवा हैं, जो पहली बार वोट करेंगे उनके नाम जोड़े गए हैं. EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई जाएंगी : ज्ञानेश कुमार असम में चुनाव की तैयारियों के रिव्यू पर चीफ इलेक्शन कमिश्नर ज्ञानेश कुमार ने कहा, इस बार, EVM पर उम्मीदवारों की रंगीन फोटो दिखाई जाएंगी, और उनके नाम और सीरियल नंबर बड़े फॉन्ट में दिखाए जाएंगे. हमने हर पोलिंग सेंटर पर 1,200 वोटरों की लिमिट भी तय की है. पहली बार, असम में वोटर वोटिंग सेंटर के एंट्री पॉइंट पर अपने मोबाइल फोन रख सकेंगे. चुनाव कार्यक्रम मार्च के मध्य में हो सकता है जारी पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर विधानसभा चुनाव हो सकते हैं, जिससे संबंधित कार्यक्रम मार्च के मध्य में घोषित किए जाने की संभावना है. चुनाव अप्रैल में अलग-अलग तारीखों पर हो सकते हैं. पांचों विधानसभाओं का कार्यकाल मई और जून में अलग-अलग तारीखों पर खत्म हो रहा है. पुडुचेरी विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल 15 जून को खत्म होगा, वहीं असम का 20 मई, केरल का 23 मई, तमिलनाडु का 10 मई और पश्चिम बंगाल विधानसभा का कार्यकाल 7 मई को खत्म हो रहा है.

रात 10 बजे के बाद ट्रेन में लागू हो जाते हैं ये नियम, 99% लोग होंगे अनजान

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे देश की सबसे बड़ी परिवहन सेवाओं में से एक है और हर दिन करोड़ों यात्री इससे सफर करते हैं। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कई नियम बनाए हैं। खासकर रात के समय यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए कुछ विशेष नियम लागू किए जाते हैं। अगर आप रात में ट्रेन से सफर कर रहे हैं, तो इन नियमों की जानकारी होना जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि रात के 10 बजे के बाद ट्रेन में कौन-कौन से नियम लागू हो जाते हैं और यात्रियों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। रात 10 बजे के बाद टिकट चेकिंग का नियम रेलवे के नियमों के मुताबिक रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) सो रहे यात्रियों को टिकट दिखाने के लिए परेशान नहीं कर सकता। यह नियम स्लीपर और एसी दोनों कोच पर लागू होता है। हालांकि, जो यात्री रात 10 बजे के बाद ट्रेन में चढ़ते हैं, उनसे टिकट जांच की जा सकती है। यदि कोई अधिकारी बिना कारण बार-बार परेशान करता है, तो यात्री रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। शोर-शराबे पर सख्ती रात के समय ट्रेन में शांति बनाए रखना अनिवार्य है। तेज आवाज में बात करना, मोबाइल पर लाउडस्पीकर चलाना या बिना हेडफोन गाने सुनना नियमों के खिलाफ है। यदि किसी यात्री की वजह से दूसरों की नींद या आराम में बाधा आती है, तो उस पर कार्रवाई हो सकती है। रेलवे एक्ट 1989 की धारा 145 के तहत शांति भंग करने पर 500 से 1000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। लाइट और अन्य सुविधाओं के नियम रात 10 बजे के बाद कोच की मुख्य लाइट बंद कर दी जाती है और केवल नाइट लाइट चालू रहती है। समूह में यात्रा कर रहे लोग भी ऊंची आवाज में बातचीत नहीं कर सकते। कुछ ट्रेनों में देर रात भोजन सेवा बंद कर दी जाती है। जरूरत हो तो पहले से खाना बुक किया जा सकता है।     सफाई कर्मचारियों की आवाजाही रात में सीमित रहती है।  सुरक्षा कारणों से कई ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चार्जिंग पॉइंट बंद किए जा सकते हैं। मिडिल बर्थ से जुड़ा नियम स्लीपर कोच में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक मिडिल बर्थ वाला यात्री अपनी सीट खोल सकता है। इस दौरान लोअर बर्थ पर बैठे यात्री उसे रोक नहीं सकते। सुबह 6 बजे के बाद मिडिल बर्थ को वापस बंद करना होता है, ताकि नीचे बैठने वाले यात्रियों को सुविधा मिल सके। क्यों जरूरी हैं ये नियम? इन नियमों का उद्देश्य यात्रियों को रात के समय शांत और सुरक्षित यात्रा का अनुभव देना है। सही जानकारी होने से आप अनावश्यक विवाद और असुविधा से बच सकते हैं। अगर आप अगली बार रात में ट्रेन से सफर करें, तो इन नियमों का ध्यान रखें और दूसरों की सुविधा का भी सम्मान करें।

पीएफ निवेशकों के लिए खबर: EPFO ब्याज दर पर 11 दिन में फैसला होने वाला

नई दिल्ली कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO वित्त वर्ष 2026 के लिए पीएफ अकाउंट होल्डर्स के लिए ब्याज में संशोधन करके इसे बढ़ाएगा या फिर PF Interest Rate यथावत रहेंगे, इस पर ऐलान महज 11 दिन बाद होने वाला है. इसे लेकर अगले महीने की शुरुआत में 2 मार्च को समिति की अगली बैठक होगी, जिसमें पीएफ ब्याज दर को लेकर अंतिम फैसला लिए जाने की उम्मीद है.  स्थिर रह सकता है ब्याज! बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, 2 मार्च को होने वाली बैठक में PF Interest Rates पर फैसला होने की उम्मीद है.फिलहाल, पीएफ खाते पर सरकार की ओर से 8.25% का ब्याज दिया जा रहा है और ऐसे उम्मीद जताई जा रही है कि EPFO इसे इसी स्तर पर बनाए रख सकता है. अगर ऐसा होता है, तो ये लगातार तीसरी बार होगा, जब मेंबर्स को उनके भविष्य निधि जमा पर 8.25% का ही ब्याज मिलेगा. रिपोर्ट की मानें, तो EPFO ब्याज को स्थिर रखने का उद्देश्य बाजार में उतार-चढ़ाव होने पर भी ग्राहकों को स्थिर और निरंतर ब्याज दर देते रहना है. ईपीएफओ के पास इस फाइनेंशियल ईयर में 8.25% ब्याज दर बनाए रखने के लिए अपने निवेश से पर्याप्त अधिशेष होगा.  मनसुख मंडाविया करेंगे बैठक का नेतृत्व  PF Interest Rate के प्रस्ताव पर ईपीएफओ के सर्वोच्च निर्णय लेने वाले केंद्रीय न्यासी बोर्ड (CBT) द्वारा चर्चा करते हुए निर्णय लिया जाएगा. इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे. इससे पहले सीबीटी की आखिरी बैठक बीते साल 15 अक्तूबर को हुई थी. उसमें कई बड़े ऐलान किए गए थे, जिनमें पीएफ के पैसों की निकासी को आसान आसान बनाने के उद्देश्य से कई सुधारों की घोषणा की थी. सूत्रों के अनुसार, इस बार भी बोर्ड सदस्यों के लिए लेन-देन को सरल बनाने के लिए और अधिक सुधारों पर विचार किया जा सकता है. इनमें EPFO वेबसाइट को अपग्रेड करना, विद्ड्रॉल में तेजी और क्लेम सेटलमेंट में तेजी जैसे उपाय शामिल हो सकता हैं. हालांकि, अभी तक ईपीएफओ की ओर से अगली बैठक का एजेंडा जारी नहीं किया गया है. अगले वित्त वर्ष के लिए ये अनुमान एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले सालों में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन को निवेश के नए रास्तों की तलाश करनी पड़ सकती है. मतलब साफ है कि अगर इनकम पर दबाव पड़ता है तो इससे अगले वित्तीय वर्ष से कम रिटर्न पर विचार-विमर्श देखने को मिल सकता है.  ईपीएफओ कहां-कहां करता है निवेश?  गौरतलब है कि EPFO करीब 28 लाख करोड़ रुपये के कोष मैनेज करता है. संगठन नए निवेश का 45 से 65% हिस्सा सरकारी प्रतिभूतियों (Govt Securities) में निवेश करता है. इसके अलावा करीब 20 से 45% अन्य ऋण साधनों (Debt Instruments) में निवेश किया जाता है. वहीं 5 से 15% तक एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों के जरिए इक्विटी में लगाया जाता है, जबकि 5% तक शॉर्ट टर्म कर्ज साधनों में निवेश किया जाता है. निवेश का यह मैनेजमेंट ईपीएफओ बैलेंस को सुरक्षा और रिटर्न के बीच संतुलन बनाने में मदद करता है, क्योंकि अधिकांश रकम अपेक्षाकृत स्थिर ऋण साधनों में ही निवेश की जाती है. इस तरह से आरक्षित कोष उन वर्षों में रिटर्न को सुचारू रखने में मददगार साबित होता है, जबकि निवेश से होने वाली इनकम कम होती है. 

जहां दफन था पाकिस्तान का गुरूर, वहीँ भारत का ‘निस्तार’ सीना ताने खड़ा

विशाखापत्तनम  इंडियन नेवी के इतिहास में कुछ तारीखें और कुछ जगहें ऐसी हैं, जो दुश्मन के कलेजे में हमेशा खौफ पैदा करती हैं. इस साल का इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (IFR) और ‘मिलन’ एक्सरसाइज एक बार फिर उसी इतिहास को जिंदा करने जा रहा है. इस आयोजन का सबसे बड़ा संदेश विशाखापत्तनम के उस समंदर से निकल रहा है, जहां आज से ठीक 55 साल पहले पाकिस्तान की अकड़ और उसका गुरूर पीएनएस गाजी (PNS Ghazi) हमेशा के लिए दफन हो गया था. गर्व की बात यह है कि जहां गाजी की कब्र है, आज ठीक उसी जगह भारत का अपना स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल (DSV) ‘निस्तार’ सीना ताने खड़ा है. यह सिर्फ एक जहाज की मौजूदगी नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान के लिए एक ऐसा ट्रॉमा है जिसे वह कभी भूल नहीं पाएगा. 1971 की वो घटना, जब गाजी शिकार बन गया     बात 1971 की है, जब पाकिस्तान ने भारत के सबसे ताकतवर एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत (INS Vikrant) को डुबोने के लिए अपनी सबसे घातक अमेरिकी सबमरीन पीएनएस गाजी को भेजा था. पाकिस्तान को लगा था कि गाजी चुपचाप आएगी और विशाखापत्तनम के पास विक्रांत का काम तमाम कर देगी. लेकिन इंड‍ियन नेवी की रणनीति के आगे गाजी की एक न चली.     आईएनएस राजपूत ने विशाखापत्तनम के तट के पास ही गाजी को ट्रैक किया और समंदर की गहराइयों में उसे हमेशा के लिए सुला दिया. उस वक्त जब गाजी के मलबे को खोजने और समंदर के नीचे डाइविंग ऑपरेशन चलाने की बारी आई, तो यह काम नेवी के तत्कालीन आईएनएस निस्तार ने बखूबी अंजाम दिया था. आज उसी ‘निस्तार’ का आधुनिक और स्वदेशी अवतार उसी जगह मौजूद है, जो पाकिस्तान के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा है. आईएनएस निस्तार यानी समंदर का बादशाह भारतीय नौसेना को 18 जुलाई 2025 को अपना पहला स्वदेशी डाइविंग सपोर्ट वेसल मिला. इससे पहले नौसेना के पास ऐसे जहाजों की भारी कमी थी, लेकिन अब निस्तार और निपुण के आने से भारत इस क्षेत्र में सेल्फ-रिलायंट बन गया है. न‍िस्‍तार की खूब‍ियां ऐसी हैं, ज‍िससे इसे समंदर के बादशाह के नाम से भी जाना जाता है. ‘निस्तार’ क्यों है इतना खास?     संस्कृत में ‘निस्तार’ का अर्थ होता है ‘मुक्ति’ या ‘उद्धार’. इससे आप न‍िस्‍तार की ताकत का अंदाजा लगा सकते हैं. वैसे तो इसका मुख्य काम किसी भी सबमरीन इमरजेंसी के दौरान नौसैनिकों का रेस्क्यू करना है. लेकिन यह बहुत काम की चीज है.     यह जहाज अपने साथ डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हीकल ले जाता है, जो गहरे समंदर में जाकर फंसी हुई सबमरीन से लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल सकता है. हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाया गया यह जहाज लगभग 80 प्रतिशत स्वदेशी है.     निस्तार 120 मीटर लंबा और 10,000 टन वजनी है. यह 18 नॉटिकल मील प्रति घंटा की रफ्तार से सफर करता है. यह अत्याधुनिक डाइविंग उपकरणों और सबमरीन रेस्क्यू सपोर्ट सिस्टम से लैस है. विशाखापत्तनम में पाकिस्तान के लिए ‘डेथ जोन’ इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू में चीन और पाकिस्तान को कभी नहीं बुलाया जाता, लेकिन भारत की यह सामरिक तैयारी उनके लिए सबसे बड़ी चेतावनी है. जिस जगह गाजी डूबा था, आज वहां सिर्फ निस्तार ही नहीं, बल्कि भारत का स्वदेशी आईएनएस विक्रांत भी मौजूद है. यह वही विक्रांत है जिसे डुबोने का सपना लेकर गाजी आया था. आज विक्रांत का नया अवतार उसी जगह खड़ा होकर दुनिया को बता रहा है कि भारत की समुद्री सीमाएं अब अभेद्य हैं. निस्तार और निपुण की जोड़ी अभेद्य नेवी के इस प्रोजेक्ट के तहत दो डाइविंग सपोर्ट वेसल तैयार किए जा रहे हैं. निस्तार के बाद अब ‘निपुण’ पर काम तेजी से चल रहा है. ये दोनों जहाज भारतीय नौसेना को दुनिया की उन चुनिंदा नौसेनाओं की कतार में खड़ा कर देंगे जिनके पास अपनी सबमरीन रेस्क्यू क्षमता है. कुल मिलाकर, विशाखापत्तनम में आईएफआर (IFR) का यह आयोजन केवल एक प्रदर्शन नहीं है. यह पाकिस्तान की उस हार का जश्न है जिसने 1971 में दक्षिण एशिया का भूगोल बदल दिया था. जहां पाकिस्तान का गुरूर दफन हुआ था, आज वहां भारत का ‘निस्तार’ खड़ा होकर नए भारत की बुलंद तस्वीर पेश कर रहा है.

AMCA प्रोजेक्ट में बड़ा कदम! टाटा के हाथ में 5th Gen जेट बनाने की जिम्मेदारी

मुंबई  भारत ने पांचवीं पीढ़ी के देसी स्टेल्थ फाइटर जेट (5th Gen Fighter Jet) एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) के लिए बड़ा कदम उठाया है. रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने इस 5th जेन फाइटर जेट का प्रोटोटाइप डिजाइन करने के लिए तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है. इनमें टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड सबसे बड़ी दावेदार के तौर पर उभरी है, जबकि लार्सन एंड टुब्रो–भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का कंसोर्टियम और भारत फोर्ज (BEML लिमिटेड) डेटा पैटर्न्स का संयुक्त समूह शामिल है. एएमसीए प्रोजेक्ट के तहत भारत का स्वदेशी सिंगल-सीटर, ट्विन-इंजन स्टेल्थ फाइटर जेट विकसित किया जाना है, जिसमें एडवांस्ड स्टेल्थ कोटिंग और इंटरनल वेपन बे जैसी अत्याधुनिक खूबियां होंगी. इस परियोजना के अंतर्गत 125 से अधिक फाइटर जेट तैयार किए जाने की योजना है, जिनके 2035 तक भारतीय वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद है. इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो जाएगा, जिनके पास पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट हैं. ये विमान अमेरिका के पांचवी पीढ़ी के विमान F-35 और रूसी फिफ्थ जेन फाइटर जेट Su-57 की टक्कर के होंगे. इस 5th जेनरेशन स्टेल्थ फाइटर जेट एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) का पहला प्रोटोटाइप 2028 के आखिर तक रोल आउट होने वाला है, और पहली उड़ान 2029 में प्लान की गई है. इस प्रोजेक्ट का मकसद पांच उड़ने वाले प्रोटोटाइप डेवलप करना है, जिसका पूरा डेवलपमेंट 2034 तक पूरा होने और शुरुआती प्रोडक्शन 2035 तक होने का टारगेट है. HAL और अडाणी डिफेंस ने भी लगाई थी बोली रिपोर्ट के मुताबिक, डीआरडीओ ने अपनी एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी के जरिये जुलाई 2025 में इस परियोजना के लिए टेंडर जारी किए थे. शुरुआत में सात कंसोर्टियम ने बोली लगाई थी, जिनमें हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और अडाणी डिफेंस जैसे नाम शामिल थे. शॉर्टलिस्ट किए गए दावेदारों को अब सरकार की ओर से फंडिंग सहायता मिलने की संभावना है, ताकि वे एएमसीए के प्रोटोटाइप विकसित कर सकें. इसके बाद ही उत्पादन अधिकार दिए जाएंगे. सूत्रों के हवाले से बताया कि, HAL शुरुआती स्क्रीनिंग में एक अनिवार्य दस्तावेजी मानदंड में त्रुटि के कारण बाहर हो गया. हालांकि कंपनी को बाद में लाइसेंस निर्माण के लिए बोली लगाने का अवसर मिल सकता है. HAL के सीएमडी डीके सुनील ने हाल ही में कहा था कि एएमसीए एक 10 साल की परियोजना है और भले ही उनकी कंपनी शुरुआती चरण में चयनित न हो, वह आगे लाइसेंस मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूर बोली लगाएगी. भारत के 5th Gen फाइटर जेट प्रोजेक्ट की खास बातें… भारत का AMCA प्रोग्राम क्या है? AMCA यानी Advanced Medium Combat Aircraft भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट प्रोग्राम है, जिसे डीआरडीओ विकसित कर रहा है. AMCA की सबसे बड़ी खासियत क्या होगी? यह एक सिंगल-सीटर, ट्विन-इंजन स्टेल्थ फाइटर जेट होगा, जिसमें एडवांस्ड स्टेल्थ कोटिंग, इंटरनल वेपन बे और आधुनिक एवियोनिक्स सिस्टम शामिल होंगे. AMCA के लिए किन कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया गया है? डीआरडीओ ने तीन दावेदारों को शॉर्टलिस्ट किया है— टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (स्टैंडअलोन), लार्सन एंड टुब्रो और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का कंसोर्टियम और भारत फोर्ज, बीईएमएल लिमिटेड और डेटा पैटर्न्स का संयुक्त समूह AMCA प्रोजेक्ट के तहत कितने फाइटर जेट बनाए जाएंगे? इस प्रोजेक्ट के तहत 125 से अधिक फाइटर जेट बनाए जाने की योजना है. AMCA कब तक भारतीय वायुसेना में शामिल हो सकता है? AMCA के 2035 तक भारतीय वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद है. भारत में बनेंगे 90 राफेल जेट एएमसीए परियोजना भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण की व्यापक योजना का हिस्सा है. इसी क्रम में रक्षा अधिग्रहण परिषद ने हाल ही में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिनमें से 90 विमान भारत में बनाए जाएंगे. यह मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के 17 से 19 फरवरी के भारत दौरे से कुछ दिन पहले दी गई. इसके अलावा, रक्षा अधिग्रहण परिषद ने नौसेना के लिए अमेरिका से छह अतिरिक्त पी-8आई समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी विमानों की खरीद को भी मंजूरी दी है. यह सभी फैसले भारत की सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने और स्वदेशी रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं.  

गोलियों से दहला खैबर पख्तूनख्वा, आतंकियों ने पुलिस व कस्टम कार्यालय पर बोला हमला

खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान का खैबर पख्तूनख्वा प्रांत एक बार फिर भीषण आतंकी हमले से दहल उठा है। बुधवार को डेरा इस्माइल खान जिले में विद्रोहियों ने यारिक पुलिस स्टेशन और उसके पास स्थित कस्टम्स ऑफिस को निशाना बनाया। इस सुनियोजित हमले में एक कस्टम्स अधिकारी और एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई, जबकि दो अन्य सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हैं। विद्रोहियों ने अत्याधुनिक ऑटोमैटिक हथियारों से पुलिस स्टेशन और कस्टम्स ऑफिस पर एक साथ धावा बोला। हमले की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आतंकियों ने न केवल सरकारी इमारतों को निशाना बनाया, बल्कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) रूट पर चल रही यात्री बसों पर भी अंधाधुंध फायरिंग की। इस दौरान आतंकियों ने कस्टम्स विभाग के एक वाहन को आग के हवाले कर दिया, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के अनुसार, मरने वालों में कस्टम्स अधिकारी इसरार खान और पुलिस कांस्टेबल मोहम्मद बिलाल शामिल हैं। घायल सुरक्षाकर्मियों, हजरत उमर और खयाल मोहम्मद को जिला मुख्यालय अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई के बाद हमलावर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। यह हमला सामरिक रूप से महत्वपूर्ण CPEC रूट पर हुआ है, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील माना जाता है। बता दें कि इसी महीने की शुरुआत में एक पुलिस पार्टी पर हुए हमले में SHO समेत चार पुलिसकर्मी मारे गए थे। वहीं, 18 जनवरी को एक सुसाइड अटैक में पांच लोगों की जान चली गई थी।