CCTV से बढ़ी निगरानी, पंचकूला में ई-चालान सिस्टम का दायरा हुआ और मजबूत
पंचकूला पंचकूला में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी वाहन चालकों पर भारी पड़ रही है। नियमों को तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ ट्रैफिक पुलिस सख्ती से निपट रही है। ट्रैफिक पुलिस के अलावा तीसरी आंख सीसीटीवी से भी ज्यादा चालान काटे जा रहे हैं। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर काटे गए चालानों के आंकड़ों में पिछले दो वर्षों के दौरान बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2024 और 2025 में हुए चालानों का आंकड़ों में खासा अंतर हैं। वर्ष 2025 में हर महीने औसतन सात हजार से ज्यादा चालान हुए हैं। आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2024 में कुल 87,618 चालान किए गए थे। इनमें 74,635 सीसीटीवी चालान और 12,983 ट्रैफिक पुलिस द्वारा किए गए (आफलाइन) चालान भी शामिल हैं। औसतन हर महीने औसतन 7301 चालान हुए हैं। वहीं वर्ष 2025 में यह आंकड़ा बढ़कर 91,709 पहुंच गया। इसमें 72,294 सीसीटीवी और 19,415 आफलाइन चालान हैं। मार्च में सबसे ज्यादा चालान वर्ष 2025 में मार्च माह में सबसे अधिक 10,301 चालान हुए थे। इनमें सीसीटीवी से 8912 और आफलाइन 1389 चालान शामिल हैं। वहीं दिसंबर में सबसे कम 4927 चालान हुए थे। फरवरी में 9,975 और जनवरी में 9,911 चालान हुए थे। वर्ष 2026 में 31 मार्च तक कुल तीन महीनों में कुल 11,750 चालान किए गए हैं। इनमें 7,819 सीसीटीवी और 3,928 आफलाइन चालान शामिल हैं। जनवरी 2026 में सबसे अधिक 5,756 चालान हुए थे, जबकि फरवरी में यह संख्या घटकर 2,566 रह गई। मार्च में 3,428 चालान किए गए हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन करने वाल वाहन चालकों पर पुलिस सीसीटीवी और सड़कों पर उतरकर निगरानी कर रही है। सीसीटीवी के जरिये ई-चालान प्रणाली का दायरा लगातार बढ़ा है। महीना सीसीटीवी (CCTV) ऑफलाइन (Offline) कुल चालान (Total) जनवरी 7,430 2,481 9,911 फरवरी 8,218 1,757 9,975 मार्च 8,912 1,389 10,301 अप्रैल 8,104 1,556 9,660 मई 7,570 370 7,940 जून 4,590 696 5,286 जुलाई 6,104 2,195 8,299 अगस्त 5,311 1,794 7,105 सितंबर 5,323 1,435 6,758 अक्टूबर 4,291 1,426 5,717 नवंबर 4,080 1,750 5,830 दिसंबर 2,361 2,566 4,927 महीना सीसीटीवी (CCTV) ऑफलाइन (Offline) कुल चालान (Total) जनवरी 4,192 1,564 5,756 फरवरी 1,249 1,317 2,566 मार्च 2,378 1,047 3,428 पंचकूला शहर में 473 सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। हालांकि इनमें से 200 से ज्यादा कैमरे खराब पड़े हैं। सीसीटीवी कैमरों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम के पास है। खराब कैमरों को लेकर बीते महीने हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए रिपोर्ट मांगी थी। वहीं कैमरों को ठीक करवाने के निर्देश दिए गए थे।