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अमेरिका ने लगाया रूस पर नया तेल प्रतिबंध, वैश्विक बाजार पर होगा असर

वाशिंगटन  व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा रूस की दो प्रमुख तेल कंपनियों रोसनेफ्ट और लुकोइल  पर नए प्रतिबंध लगाना "उचित और आवश्यक" था। यह कदम रूस-यूक्रेन शांति समझौते पर हो रही धीमी प्रगति के प्रति अमेरिका की निराशा को दर्शाता है। लेविट ने कहा, "राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प हमेशा कहते रहे हैं कि जब उन्हें उचित और आवश्यक लगेगा, तब वे रूस पर प्रतिबंध लगाएंगे। कल वही दिन था। राष्ट्रपति लंबे समय से पुतिन और इस युद्ध के दोनों पक्षों के प्रति अपनी निराशा व्यक्त कर रहे हैं।" उन्होंने यह भी कहा कि शांति वार्ता तभी सफल हो सकती है जब दोनों पक्ष उसमें वास्तविक रुचि और कार्रवाई दिखाएँ। हालांकि ट्रम्प और पुतिन के बीच संभावित बैठक "पूरी तरह असंभव नहीं" है, लेकिन व्हाइट हाउस चाहता है कि इस बैठक का कोई ठोस सकारात्मक परिणाम निकलें और राष्ट्रपति का समय सही दिशा में इस्तेमाल हो। लेविट ने बताया कि ये नए प्रतिबंध "काफी कठोर" हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत और चीन ने रूस से तेल की खरीद कम कर दी है। इसके अलावा, अमेरिका ने यूरोपीय सहयोगियों पर भी रूस का तेल न खरीदने का दबाव डाला है। लेविट ने कहा, "ये प्रतिबंध निश्चित रूप से रूस के लिए नुकसानदेह होंगे।"   मास्को ने इन प्रतिबंधों को "अमित्र कदम" करार दिया है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि ये प्रतिबंध रूस की अर्थव्यवस्था पर बहुत कम प्रभाव डालेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका बार-बार दबाव बनाने के लिए प्रतिबंधों का इस्तेमाल कर रहा है और इसे नाकाम किया जाएगा। पुतिन ने यह भी कहा कि कोई भी स्वाभिमानी देश दबाव में आकर काम नहीं करता। लेविट ने जोर दिया कि राष्ट्रपति ट्रम्प सिर्फ़ बातचीत नहीं, बल्कि कार्रवाई और ठोस परिणाम चाहते हैं। उन्होंने अमेरिकी मध्य पूर्व शांति समझौते की सफलता का उदाहरण देते हुए कहा कि राष्ट्रपति चाहते हैं कि रूस-यूक्रेन युद्ध भी जल्द समाप्त हो।  

दुनिया की नज़रें कैरेबियन पर: अमेरिका का भयानक सैन्य प्रदर्शन, बढ़ी वैश्विक तनाव

वाशिंगटन  वेनेजुएला के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कैरेबियन क्षेत्र में  अपनी सैन्य उपस्थिति को जबरदस्त तरीके से बढ़ा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एयरक्राफ्ट कैरियर ग्रुप ‘यूएसएस जेराल्ड फोर्ड’ को लैटिन अमेरिका भेजने का आदेश दिया, जो अब तक के किसी भी एंटी-नारकोटिक्स मिशन से बड़ा कदम माना जा रहा है। इसे वॉशिंगटन की अब तक की सबसे सशक्त सैन्य कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।  इस तैनाती में शामिल हैं      5,000 से अधिक नाविक और कर्मी     75 फाइटर जेट     8 अतिरिक्त युद्धपोत     1 परमाणु पनडुब्बी     एफ-35 लड़ाकू विमान विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम क्षेत्रीय देशों के लिए चिंता का विषय बन सकता है और अमेरिका के इरादों पर सवाल खड़े कर सकता है। ट्रम्प प्रशासन लंबे समय से निकोलस मादुरो की सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि वे मादक पदार्थों के तस्करों को संरक्षण दे रही है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। पेंटागन की प्रतिक्रिया  पेंटागन के प्रवक्ता सीन पर्नेल ने X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि “यूएसएस साउथकॉम क्षेत्र में बढ़ी हुई अमेरिकी सैन्य उपस्थिति हमारी क्षमता बढ़ाएगी, ताकि हम अवैध गतिविधियों का पता लगा सकें, उन्हें रोक सकें और समाप्त कर सकें, जो अमेरिका और पश्चिमी गोलार्ध की स्थिरता के लिए खतरा हैं।” हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि एयरक्राफ्ट कैरियर कब लैटिन अमेरिका पहुंचेगा। कुछ दिनों पहले तक यह पोत यूरोप में जिब्राल्टर की खाड़ी से गुजर रहा था। पिछली कार्रवाइयां सितंबर 2025 की शुरुआत से अमेरिकी सेना ने कैरेबियन सागर में कथित ड्रग तस्करी जहाजों पर 10 हवाई हमले किए, जिनमें लगभग 40 लोग मारे गए। इनमें से कुछ मृतक वेनेजुएला के नागरिक थे। वेनेजुएला का रिएक्शन वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने बार-बार आरोप लगाया है कि अमेरिका उनकी सत्ता से हटाने की साजिश कर रहा है। अगस्त में, अमेरिकी प्रशासन ने मादुरो की गिरफ्तारी में मदद करने वाले सूचना प्रदाता के लिए पुरस्कार राशि को 2.5 करोड़ डॉलर से बढ़ाकर 5 करोड़ डॉलर कर दिया। कोलंबिया के साथ तनाव अमेरिका और कोलंबिया के रिश्ते भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। ट्रम्प ने कोलंबियाई राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो को ‘ड्रग लीडर’ और ‘बुरा इंसान’ कहकर संबोधित किया, जिस पर बोगोटा ने कड़ी आपत्ति जताई। यह कदम अमेरिका की वेनेजुएला और लैटिन अमेरिका में नीति और सुरक्षा रणनीति में नए सिरे से बदलाव का संकेत है, जिससे क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति में हलचल मच सकती है।  

UN में भारत का तीखा हमला, पाकिस्तान पर लगाया लोकतंत्र का ठप्पा

न्यूयॉर्क  न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में शुक्रवार को आयोजित सुरक्षा परिषद की खुली बहस “United Nations Organization: Looking into Future” के दौरान भारत ने पाकिस्तान को कड़ी फटकार लगाई। पाकिस्तान की दलीलों का जवाब देते हुए भारत के स्थायी प्रतिनिधि और राजदूत पर्वतनेनी हरीश ने कहा कि “जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा।”हरीश ने पाकिस्तान पर तीखा प्रहार करते हुए कहा-“हम जानते हैं कि लोकतंत्र जैसी अवधारणाएं पाकिस्तान के लिए विदेशी हैं।” उन्होंने आगे कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक ढांचे के तहत अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं, जबकि पाकिस्तान अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों में मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन कर रहा है। पाक कब्जे वाले इलाकों में दमन का आरोप राजदूत हरीश ने संयुक्त राष्ट्र से आह्वान किया कि वह पाकिस्तान से अवैध रूप से कब्जाए गए क्षेत्रों (PoJK) में मानवाधिकार हनन, दमन, सैन्य उत्पीड़न और संसाधनों के दोहन को रोकने की मांग करे। उन्होंने कहा कि वहां की जनता पाकिस्तानी कब्जे और क्रूरता के खिलाफ विद्रोह कर रही है। हरीश ने कहा कि अब समय आ गया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की संरचना में व्यापक सुधार किया जाए, क्योंकि 1945 की व्यवस्था अब 2025 की चुनौतियों के अनुरूप नहीं है।“80 साल पुरानी परिषद की संरचना आज की भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को नहीं दर्शाती। ग्लोबल साउथ की आवाज़ को वैश्विक निर्णय लेने की प्रक्रिया में स्थान मिलना चाहिए।”उन्होंने कहा कि सुधारों को टालना ग्लोबल साउथ के देशों के साथ अन्याय होगा, क्योंकि वे बड़ी आबादी और विकास, जलवायु तथा वित्तपोषण जैसी विशेष चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। 

सख्त एक्शन: J&K SSP ने 8 पुलिसकर्मियों को किया निलंबित, वजह ने सबको चौंकाया

कठुआ   राजबाग थाना के अंतर्गत जखोल पुलिस चौकी के जुथाना क्षेत्र में एक वाहन में सवार लोगों पर स्थानीय कुछ गांववासियों द्वारा किए गए तेजधार हथियारों से हमले के वायरल हुए वीडियो के बाद उस समय मौके पर मौजूद सब इंस्पैक्टर सहित 8 पुलिस कर्मियों को एस.एस.पी. मोहिता शर्मा ने सस्पैंड कर दिया है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी जारी किए हैं। एक आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और अन्य की तलाश जारी है। राजबाग थाना में इस मामले में दर्ज एफ.आई.आर. में मुख्य आरोपी रवींद्र सिंह उर्फ ठेला है, जिसके साथ अन्य भी हमले के आरोपी हैं। राजबाग पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी रवींद्र सिंह ठेला पर पहले भी कई ऐसे आपराधिक मामले दर्ज हैं, गत वीरवार की वायरल वीडियो में साफ दिख रहा था कि हमलावर गांव में एक वाहन को रोक कर उसमें सवार लोगों पर तेजधार हथियारों से हमला करना शुरू कर देते हैं और मौके पर मौजूद जखोल चौकी के प्रभारी सहित अन्य 7 पुलिस कर्मी उनको हमला करने से रोकने में पूरी तरह से असमर्थ दिख रहे हैं। हमले के दौरान वाहन में सवार महिलाएं और अन्य बचाव के लिए चिल्लाते रहे ,लेकिन पुलिस कुछ भी नहीं कर पाई। जिसका एस.एस.पी. ने कड़ा संज्ञान लिया और तत्काल प्रभाव से 8 पुलिस कर्मियों को सस्पैंड कर दिया है। हालांकि बाद में कुछ गांववासियों ने हमलावरों के समर्थन में प्रदर्शन करते हुए इस हमले के पीछे का कारण दक्षिण भारत के केरल से इसाई प्रचारकों के जहां धर्म परिवर्तन का मामला बताया, जिसके कारण गुस्साए गांववासियों ने उन पर हमला किया है। हालांकि पुलिस के अनुसार उनके पास धर्म परिवर्तन का कोई मामला अभी तक दर्ज नहीं है। राजबाग पुलिस के अनुसार कुछ दूसरे राज्य के लोग किसी के घर में आए थे और गांव से वापस जा रहे थे, जिन पर धर्म परिवर्तन का शक होने पर हमलावरों ने उन पर हमला कर मारपीट की। पुलिस के अनुसार इस मामले में 8 से 10 लोगों की पहचान करके उन पर मामला दर्ज किया गया है,  जिनमें मुख्य आरोपी रवींद्र सिंह ठेला और जखोल के रोहित शर्मा की पहचान कर ली गई है,रो हित शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया है। रवींद्र सिंह ठेला कुछ माह पहले स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार पर भी हमले का आरोपी है और उसके बाद घाटी औद्योगिक क्षेत्र में इकाई के प्रबंधन को स्थानीय लोगों को रोजगार न देने पर पुलिस के समक्ष धमकाने का भी वीडियो वायरल हो चुका है।

सैन्य अभ्यास से पहले पाकिस्तान ने बंद किए हवाई मार्ग, भारतीय ‘त्रिशूल’ से बढ़ा तनाव

नई दिल्ली  भारत की ओर से पाकिस्तान सीमा के पास सेना के तीनों अंगों (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) का संयुक्त युद्धाभ्यास 'त्रिशूल' शुरू करने की तैयारी के बीच, पाकिस्तान ने अपने केंद्रीय और दक्षिणी हवाई क्षेत्र में कई हवाई मार्गों पर प्रतिबंध लगा दिया है. इस कदम को लेकर इस्लामाबाद ने कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि यह या तो किसी सैन्य अभ्यास से जुड़ा कदम हो सकता है या फिर किसी हथियार परीक्षण की तैयारी. 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक अभ्यास करेंगी भारत की सेनाएं यह कदम तब उठाया गया है जब भारत ने 30 अक्टूबर से 10 नवंबर तक पाकिस्तान सीमा के पास सर क्रीक इलाके में बड़े पैमाने पर तीनों सेनाओं के संयुक्त अभ्यास के लिए NOTAM (Notice to Airmen) जारी किया था. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच इस तरह की सैन्य 'तनातनी' आम हो गई है, जिसमें दोनों देश सीमाई इलाकों में सैन्य अभ्यास के लिए NOTAM जारी करते हैं. ‘त्रिशूल’ अभ्यास का महत्व रक्षा विश्लेषक डेमियन साइमोन की ओर से शेयर की गई सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक, ‘त्रिशूल’ अभ्यास के लिए आरक्षित हवाई क्षेत्र 28,000 फीट की ऊंचाई तक फैला हुआ है. उन्होंने ट्वीट में कहा कि अभ्यास का क्षेत्र और इसका पैमाना 'असामान्य' है. रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभ्यास में थलसेना, नौसेना और वायुसेना की संयुक्त भागीदारी होगी. इसका उद्देश्य सेनाओं की संयुक्त अभियान क्षमता, ‘आत्मनिर्भरता’ और इनोवेशन का प्रदर्शन करना है. भारत की सीमाई गतिविधियों पर पाकिस्तान की नजर मंत्रालय ने बयान में कहा, 'दक्षिणी कमान के सैनिक विभिन्न चुनौतीपूर्ण इलाकों में संयुक्त अभियानों को परखेंगे, जिनमें क्रीक और रेगिस्तानी इलाकों में आक्रामक रणनीतियां, सौराष्ट्र तट पर उभयचर (amphibious) ऑपरेशन और बहु-क्षेत्रीय संयुक्त अभ्यास शामिल हैं.' हालांकि ऐसे अभ्यास सामान्य सैन्य तैयारी का हिस्सा होते हैं, लेकिन पाकिस्तान की ओर से NOTAM जारी करना यह दर्शाता है कि वह ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत की सीमाई गतिविधियों पर करीबी नजर रख रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान के भीतर 9 आतंकी ठिकाने और 11 सैन्य ठिकाने व एयरबेस को निशाना बनाया था.

पाकिस्तान को FATF का सख्त संदेश: ग्रे लिस्ट से बाहर होना आतंकवाद की छूट नहीं

पेरिस  वैश्विक आतंक वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था FATF ने पाकिस्तान को फिर से चेतावनी दी है। FATF की चेयरमैन एलिसा डी अंडा माद्राजो ने कहा कि डिजिटल फाइनेंसिंग का दुरुपयोग कर आतंक नेटवर्क्स को समर्थन दिया जा रहा है और यह वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। FATF ने स्पष्ट किया कि अक्टूबर 2022 में पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर करना आतंकवाद और मनी लॉन्ड्रिंग की गतिविधियों से सुरक्षा की गारंटी नहीं है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि जैश-ए-मोहम्मद (JeM) महिलाओं को संगठन में शामिल करने के लिए ऑनलाइन जिहाद क्लासेज चला रहा है, जिससे वे आगे जाकर आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हों।   FATF ने पाकिस्तान को चेतावनी दी कि डिजिटल वित्तीय लेन-देन और फिनटेक कंपनियों की निगरानी और तेज़ की जाए। पाकिस्तान के आतंक नेटवर्क अब क्रिप्टो प्लेटफॉर्म्स, प्रीपेड वॉलेट्स और नकली NGO खातों का इस्तेमाल करके धन का प्रवाह कर रहे हैं। ये फंड्स दुबई और अन्य देशों के वॉलेट्स से होकर पाकिस्तान पहुँच रहे हैं, और कई खातों को ISI के ऑपरेटिव्स द्वारा नियंत्रित किया जा रहा है।   

आरक्षण नीति में बदलाव की तैयारी, उमर अब्दुल्ला के कदम से छिड़ा विवाद

जम्मू-कश्मीर  जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) सरकार के कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर आरक्षण नीति की समीक्षा प्रदेश की सबसे बड़ी राजनीतिक बहस बन गई है। साल 2024 में जब जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के रूप में सीधे दिल्ली के प्रशासनिक नियंत्रण में था तब उपराज्यपाल (LG) ने पहाड़ी समुदाय को 10 प्रतिशत आरक्षण देने की मंजूरी दी थी। यह समुदाय की लंबे समय से लंबित मांग मानी जा रही थी। इस निर्णय के बाद प्रदेश में कुल आरक्षण लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गया। राजनीतिक विश्लेषकों ने उस समय माना था कि यह कदम बीजेपी के लिए संसदीय और विधानसभा चुनावों में राजनीतिक समर्थन जुटाने का प्रयास था। वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में अनुसूचित जाति (SC) को 8%, अनुसूचित जनजाति (गुज्जर-बकरवाल) को 10%, अनुसूचित जनजाति (पहाड़ी) को 10%, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को 8%, नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्र के निवासियों के लिए 4%, पिछड़े क्षेत्र के निवासी के लिए 10% और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 10% आरक्षण की व्यवस्था है। सामान्य वर्ग के छात्रों का विरोध नीति में बदलाव के बाद सामान्य वर्ग के छात्रों में नाराजगी फैल गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण बढ़ने से खुली प्रतिस्पर्धा (ओपन मेरिट) के लिए नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में सीटें बहुत कम हो गई हैं। 2011 की जनगणना के अनुसार, जम्मू-कश्मीर की लगभग 69 प्रतिशत आबादी सामान्य वर्ग से है। चुनाव बाद बढ़ी सियासी गर्मी 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद 2024 में पहली बार विधानसभा चुनाव हुए। नेशनल कॉन्फ्रेंस ने अपने घोषणापत्र में वादा किया था कि वह आरक्षण नीति की समीक्षा करेगी और किसी भी अन्याय या असंतुलन को दूर करेगी। अक्टूबर 2024 में सत्ता में आने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को इस मुद्दे पर भारी दबाव का सामना करना पड़ा। सरकार ने एक कैबिनेट उप-समिति का गठन किया, जिसने छह महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपी। पिछले हफ्ते मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कैबिनेट ने रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है और अब इसे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के पास अंतिम विचार के लिए भेजा गया है। सड़क से सदन तक विरोध दिसंबर 2024 में श्रीनगर में मुख्यमंत्री के आवास के बाहर बड़ा प्रदर्शन हुआ। इसमें विपक्षी नेताओं के साथ एनसी सांसद आगा रुहुल्लाह भी शामिल हुए, जिन्होंने खुद आंदोलन की अगुवाई की। इस घटना के बाद से रुहुल्लाह और पार्टी नेतृत्व के बीच मतभेद सामने आए हैं। अब 11 नवंबर को होने वाला बडगाम विधानसभा उपचुनाव सरकार के लिए लोकप्रियता की परीक्षा माना जा रहा है। हालांकि, आगा रुहुल्लाह ने साफ कर दिया है कि वे इस चुनाव में प्रचार नहीं करेंगे। रुहुल्लाह ने हाल ही में सामान्य वर्ग के छात्रों से मुलाकात की और कहा, “बडगाम उपचुनाव पर कोई भी निर्णय लेने से पहले आरक्षण उप-समिति की रिपोर्ट सार्वजनिक की जानी चाहिए।” मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “हमारी सरकार दबाव में काम नहीं करती। इस मुद्दे पर प्रक्रिया के अनुसार ही कदम उठाए जा रहे हैं।” इस बीच आरक्षण नीति से जुड़ी कई याचिकाएं जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट में दायर की गई हैं, जिन पर सुनवाई जारी है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले महीनों में जम्मू-कश्मीर की राजनीति का सबसे निर्णायक चुनावी विषय बन सकता है।  

महिला डॉक्टर की मौत में ट्विस्ट, मकान मालिक का बेटा अब आरोपी

मुंबई  महाराष्ट्र पुलिस ने सतारा में महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान प्रशांत बांकर के तौर पर हुई। पुलिस के अनुसार, महिला को फलटण क्षेत्र के एक होटल के कमरे में फांसी पर लटका हुआ पाया गया था। सतारा पुलिस के एसपी तुषार दोशी ने बताया कि बांकर को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में दूसरा आरोपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर गोपाल बडने है जो अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। मृतक के हाथ पर मराठी में लिखे नोट के जरिए गंभीर आरोप लगाए गए। इसमें कहा गया कि फलटण सिटी पुलिस स्टेशन के सब-इंस्पेक्टर गोपाल बडने ने उसका 4 बार बलात्कार किया। उसके मकान मालिक के बेटे प्रशांत बांकर ने पिछले पांच महीनों से उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। फिलहाल इस मामले में शामिल पीएसआई को निलंबित कर दिया गया है। मेडिकल ऑफिसर के रूप में तैनात थी पीड़िता पुलिस के अनुसार, पीड़िता सतारा के फलटण क्षेत्र में एक सरकारी अस्पताल में संविदा पर मेडिकल ऑफिसर के रूप में तैनात थी। उसे गुरुवार रात होटल के कमरे में फांसी पर लटके हुए पाया गया था। पुलिस ने बताया कि डॉक्टर ने अपने नोट में एक सब-इंस्पेक्टर पर कई बार बलात्कार करने, एक अन्य व्यक्ति पर पिछले चार से पांच महीनों तक मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया था। जांच में शामिल अधिकारी ने बताया कि पीड़िता और सस्पेंड पीएसआई दोनों बीड के रहने वाले हैं और रिश्तेदार हैं।  

सुसाइड नोट में सामने आया सांसद का नाम, लेडी डॉक्टर केस में 4 बार रेप और फेक सर्टिफिकेट के आरोपों का खुलासा

 सातारा महाराष्ट्र के सातारा में लेडी डॉक्टर सुसाइड केस में नया मोड़ आया है. महाराष्ट्र के सतारा में सुसाइड करने वाली डॉक्टर ने एक पुलिस ऑफिसर पर चार बार रेप का आरोप लगाया था. उसने अपनी हथेली पर पुलिस ऑफिसर का जिक्र किया था. अब नई जानकारी सामने आई है कि उसने एक चार पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें एक सांसद का भी नाम है. मरने से पहले लिखे सुसाइड नोट में उसने कहा है कि उस पर पुलिस केस में आरोपियों के फेक फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव डाला जा रहा था. जब उसने मना किया तो उसे परेशान किया गया. उसने अपने लेटर में कहा है कि यह दबाव सिर्फ पुलिस अधिकारियों ने ही नहीं, बल्कि एक मामले में एक सांसद और उसके दो पर्सनल असिस्टेंट ने भी डाला था. दरअसल, 26 साल की यह लेडी डॉक्टर सतारा के फलटन सब-डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर काम करती थी. उसने अपनी हथेली पर लिखा था कि सब-इंस्पेक्टर गोपाल बडने ने उसके साथ चार बार रेप किया और पांच महीने से अधिक समय तक उसे मानसिक और शारीरिक तौर पर परेशान किया. यह महिला 23 महीनों से हॉस्पिटल में काम कर रही थी और उसका बॉन्ड पीरियड खत्म होने में बस एक महीना बाकी था. इसके तहत उसे ग्रामीण इलाके में सर्विस देनी थी. इसके बाद वह पोस्ट-ग्रेजुएट डिग्री करना चाहती थी. चार पेज के सुसाइड नोट में दर्द एनडीटीवी के मुताबिक, उस चार पेज के लेटर में लेडी डॉक्टर ने बताया कि कैसे पुलिस ऑफिसर उस पर आरोपियों के लिए नकली फिटनेस सर्टिफिकेट जारी करने का दबाव डाल रहे थे. इनमें से कई को तो मेडिकल जांच के लिए लाया भी नहीं जाता था. जब उसने मना किया तो उसे परेशान किया जाने लगा. एक खास घटना का जिक्र करते हुए उसने कहा कि उसने एक सर्टिफिकेट जारी करने से मना कर दिया था और एक सांसद के दो पर्सनल असिस्टेंट हॉस्पिटल में आ गए थे. उसने सांसद को फोन लगाया और उनसे बात करवाई और सांसद ने उन्हें इशारों-इशारों में धमकी दी. सीएम ने क्या आदेश दिया बहरहाल, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने घटना का संज्ञान लेते हुए सातारा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) तुषार दोशी से फोन पर बात की और ‘सुसाइड नोट’ में जिस पुलिस उपनिरीक्षक का जिक्र किया गया है, उसे तत्काल निलंबित करने का आदेश दिया. पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बीड जिले से ताल्लुक रखने वाली 28 वर्षीय महिला चिकित्सक फलटण तहसील के एक सरकारी अस्पताल में काम करती थी. उन्होंने बताया कि महिला चिकित्सक का शव गुरुवार देर रात फलटण में एक होटल के कमरे में फंदे से लटका हुआ मिला. पुलिस क्या बोली पुलिस के अनुसार, महिला चिकित्सक ने अपनी हथेली पर लिखे ‘सुसाइड नोट’ में आरोप लगाया है कि पिछले पांच महीनों में सातारा के एक पुलिस उपनिरीक्षक ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया, जबकि एक अन्य व्यक्ति उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था. पुलिस ने बताया कि ‘सुसाइड नोट’ में महिला चिकित्सक ने लिखा है कि उपनिरीक्षक गोपाल बदाने ने उसके साथ कई बार बलात्कार किया, जबकि पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत बांकर ने उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. इसने कहा कि बदाने और बांकर के खिलाफ बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है.  

तूफान की दस्तक : मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी, इन क्षेत्रों में रहे सतर्क

नई दिल्ली बंगाल की खाड़ी में बन रहे चक्रवाती तूफान के कारण ओडिशा में आपदा मैनेजमेंट टीमें हाई अलर्ट पर हैं। इस तूफान के 27 अक्टूबर से राज्य में भारी बारिश लाने की संभावना है। हालांकि, चक्रवात के ओडिशा में सीधे तट से टकराने की उम्मीद नहीं है। इसके बावजूद जोरदार बरसात और तेज हवाएं चल सकती हैं। राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने आश्वासन दिया कि राज्य आने वाले चक्रवाती तूफान के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, जल संसाधन, ऊर्जा और कृषि विभाग स्थिति से निपटने के लिए तैयारी कर ली गई है। सुरेश पुजारी ने कहा, 'ओडिशा प्राकृतिक आपदाओं जैसे भारी बारिश, बाढ़, नदियों में उफान और चक्रवातों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है। हम 22 या 29 अक्टूबर को तट से टकराने वाले संभावित चक्रवाती तूफान की तैयारी कर रहे हैं। स्वास्थ्य, जल संसाधन, ऊर्जा और कृषि विभाग पूरी तरह तैयार हैं। ओडिशा के स्थानीय प्रशासन विशेष रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में राहत केंद्रों, निकासी और आवश्यक आपूर्ति की व्यवस्था कर चुके हैं। हम लोगों से घबराने की बजाय शांत रहने की अपील करते हैं, क्योंकि हम पूरी तरह तैयार हैं।' चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 24 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र की पहचान की। इस सिस्टम के 25 अक्टूबर तक डिप्रेशन, 26 अक्टूबर तक गहरा डिप्रेशन और 27 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि यह तूफान संभवतः आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ेगा। ओडिशा में 27 से 29 अक्टूबर तक तटीय और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश की उम्मीद है। आईएमडी ने पूरे राज्य के लिए यलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें कुछ क्षेत्रों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। 27 अक्टूबर से दक्षिण ओडिशा तट पर 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं और 60 किमी प्रति घंटे तक की झोंकेदार हवाएं चलने की उम्मीद है।