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भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय रिश्ते: क्या मोदी की पहल ने ट्रंप की नीतियों को बदला?

 नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर भारत को लेकर अचानक बदल गए हैं। भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर ट्रंप ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। इसके साथ ही साथ उन्होंने पीएम मोदी को एक महान प्रधानमंत्री भी बताया है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा रखा है। इसके अलावा दो दिन पहले की डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को चीन और रूस के हाथों खो देने की बात कही थी। लेकिन अचानक से डोनाल्ड ट्रंप का सुर बदल क्यों गया है? क्या पीएम मोदी का दबाव काम करने लगा है या फिर कोई और वजह है?  आइए विस्तार से जानते हैं… ट्रंप का टैरिफ वार पिछले कुछ वक्त में चीन और भारत के संबंध बहुत अच्छे नहीं थे। लेकिन सीमा पर विवाद पर पहल के बाद से हालात कुछ सामान्य होते दिखाई दे रहे थे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पहले 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। बात सिर्फ इतने पर नहीं रुकी। रूस से तेल खरीदने की बात कहकर ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी और टैरिफ लगा दिया। यानी भारत पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया। भारत की तरफ से तमाम व्यापारिक बातचीत और कूटनीति का सहारा लिया गया, लेकिन बात बनती नजर नहीं आई। बल्कि ट्रंप भारत को लेकर उल्टे-सीधे बयान ही देते रहे। पीएम मोदी की चीन यात्रा भारत ने बातचीत और कूटनीतिक रास्ता अख्तियार किया। लेकिन ट्रंप के तेवर नर्म नहीं पड़े तो पीएम मोदी ने चीन के साथ संबंध बेहतर बनाने पर जोर दिया। एससीओ समिट में पीएम मोदी न सिर्फ शामिल हुए, बल्कि रूस और चीन के साथ तिकड़ी बनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को कड़ा संदेश भी भेजा। भारत का संदेश स्पष्ट था, कि हम अमेरिका के दबाव में आने वाले नहीं हैं। रूस से तेल खरीदने को लेकर भी भारत ने अपनी रणनीति बिल्कुल स्पष्ट रखी। अमेरिका पर दबाव भारत के अंदाज से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तिलमिलाहट बढ़ती नजर आई। एक तरफ भारत का अमेरिकी दबाव में न आना, दूसरी तरफ अपने ही देश में लगातार घिरते जाना। इसके बावजूद उन्होंने भारत को चीन और रूस के हाथों खोने की बात कह ही डाली। लेकिन आखिर दबाव काम करता नजर आया। ट्रंप ने शनिवार को कह ही दिया कि भारत और अमेरिका के बीच विशेष संबंध हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पीएम मोदी की भी तारीफ की और कहा कि मैं हमेशा नरेन्द्र मोदी का मित्र रहूंगा। वह एक महान प्रधानमंत्री हैं।  

कुरान जलाने वाली ट्रंप समर्थक की धमकी, FBI ने बताया मुस्लिमों का इरादा और हिंदुओं पर किया विवादित कमेंट

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक और टेक्सास से रिपब्लिकन पार्टी की कांग्रेस उम्मीदवार वालेंटीना गोमेज ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वालेंटीना ने दावा किया कि उन्हें 'मुस्लिम समुदाय के लोग जान से मारना चाहते हैं।' उन्होंने ये भी कहा कि खुद अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एफबीआई ने उन्हें इसकी जानकारी दी है। इस वीडियो में उन्होंने हिंदुओं के बारे में भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। क्या बोलीं वालेंटीना गोमेज? वीडियो में वालेंटीना गोमेज एक लाल शर्ट पहने हुए हैं, जिस पर 1776 और अमेरिकी ध्वज का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एफबीआई ने उन्हें बताया कि मुस्लिम उन्हें मारना चाहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि वे सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि यहूदियों, हिंदुओं और यहां तक कि ड्रैगन के अनुयायियों को भी मारना चाहते हैं, जो कुरान के अलावा अन्य धर्मग्रंथों में विश्वास करते हैं। हिंदुओं के लिए क्या कहा? वालेंटीना गोमेज ने कहा कि इस्लामिक कट्टरपंथी यहूदियों, ईसाइयों, हिंदुओं और अन्य धर्मों के लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिशिगन में मुस्लिम आतंकवादियों को आधिकारिक पुलिस बैज दिए गए हैं, जिससे वे इस्लामिक कानून के तहत किसी को भी गिरफ्तार कर सकते हैं जो इसके अधीन नहीं होता। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "अगर मुसलमान बहुसंख्यक हो गए, तो वे आपकी बेटियों का उनकी मासूमियत से बलात्कार करेंगे और आपके समुदायों को ब्रिटेन की तरह ही गुलामी में लाएंगे। एफबीआई जानती है कि इस्लाम का युद्ध मेरे खिलाफ नहीं है- यह अमेरिका के खिलाफ है, और मैं यहूदियों और हिंदुओं के साथ बस बीच में खड़ी हूं। कांग्रेस इन आतंकवादियों से अमेरिका की रक्षा नहीं करेगी, इसलिए मुझे भेज दो- क्योंकि मैं करूंगी।" वालेंटीना गोमेज ने कहा कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर अमेरिकी जीवनशैली की रक्षा कर रही हैं और कांग्रेस में पहुंचने के लिए लोगों से प्रार्थना और दान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम का टेक्सास में कोई स्थान नहीं है और "जीसस किंग" है। वीडियो के अंत में उन्होंने खुद को "वालेंटीना गोमेज फॉर कांग्रेस, टेक्सास 31वीं" के रूप में पेश किया और "पावर्ड बाय जीसस क्राइस्ट" लिखा हुआ दिखाया। विवादास्पद बयान और कार्य वालेंटीना गोमेज पहले भी विवादों में रही हैं। उन्होंने कुरान जलाने का वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था, "मैं टेक्सास में इस्लाम को समाप्त कर दूंगी, हे ईश्वर, मेरी मदद करो।"  

186 यात्रियों की सांसें थमीं, इंडिगो का फ्लाइट तकनीकी समस्या के कारण वापस कोच्चि

नई दिल्ली इंडिगो के एक विमान में शुक्रवार देर रात तकनीकी खराबी देखने को मिली। फ्लाइट कोच्चि से अबू धाबी के लिए रवाना हुई थी, लेकिन दिक्कत के बाद इसे वापस कोच्चि की ओर मोड़ दिया गया। इसके बाद यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से अबू धाबी के लिए रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि फ्लाइट में 180 से ज्यादा यात्री सवार थे। इसके अलावा 6 क्रू मेंबर भी फ्लाइट में मौजूद थे। प्लेन करीब दो घंटे तक हवा में थे। सूत्रों ने बताया कि फ्लाइट संख्या 6E-1403 शुक्रवार की रात करीब 11.10 बजे कोच्चि से रवाना हुई। दो घंटे तक हवा में रही फ्लाइट दो घंटे से ज्यादा समय तक फ्लाइट हवा में थी। तभी क्रू मेंबर्स को इसमें तकनीकी खराबी का पता चला। इसके बाद शनिवार की रात 1.44 बजे फ्लाइट को कोच्चि की ओर मोड़ दिया गया। ड्यूटी के घंटे पूरे होने के कारण फ्लाइट के क्रू मेंबर्स को भी बदला गया और नए दल के साथ दूसरी फ्लाइट को रवाना किया गया। इंडिगो ने एक बयान में कहा, '6 सितंबर 2025 को कोच्चि से अबू धाबी के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 1403 में तकनीकी खराबी का पता चला। एहतियाती कदम उठाते हुए, पायलटों ने विमान को वापस मोड़ने का फैसला किया और विमान कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतार लिया गया।' एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया गया और उन्हें दूसरी फ्लाइट से रात 3.30 बजे अबू धाबी रवाना किया गया। फ्लाइट का ऑपरेशन फिर से शुरू करने से पहले उसे मेंटेनेंस के लिए भेज दिया गया है।  

विदेश नीति पर फडणवीस का ठोस रुख: मोदी को मान्यता या न मान्यता, भारत चलता अपनी दिशा में

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहें या नहीं पर वास्तविकता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक महान नेता हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत अपनी विदेश नीति खुद बनाता है, जिसे कोई अन्य देश निर्धारित नहीं कर सकता। फडणवीस का यह बयान ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा के बाद आया है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘मैं हमेशा (नरेन्द्र) मोदी का दोस्त रहूंगा, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। वह महान हैं। मैं हमेशा उनका दोस्त रहूंगा, लेकिन मुझे इस समय वह जो कर रहे हैं, वह पसंद नहीं आ रहा है।’’ ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में भारी गिरावट आई है। अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण’’ बताया है। फडणवीस ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ट्रंप कहें या न कहें, प्रधानमंत्री मोदी महान हैं। सभी विश्व नेताओं को लगता है कि वह एक महान नेता हैं। इन दिनों अमेरिका का रुख यह है… कुछ लोग हमारी प्रशंसा करते हैं और कुछ हमें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह एक नया भारत है… मोदीजी का भारत। हम अपनी विदेश नीति खुद तय करते हैं और कोई भी हमें निर्देशित नहीं कर सकता।’’ उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनने की दिशा में देश का प्रयास जारी रहेगा। फडणवीस दक्षिण मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को वहां एक कृत्रिम तालाब में विसर्जित करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।  

सैनिक सहायता की बड़ी खेप: अमेरिका ने पाकिस्तान भेजे कई विमान

रावलपिंडी पाकिस्तान में आई विनाशकारी बाढ़ से प्रभावित लोगों की सहायता के लिए अमेरिका ने कई विमानों में भरकर राहत सामग्री भेजी है। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी। इसने कहा कि पाकिस्तानी सेना के अनुरोध पर अमेरिकी सैन्य विमानों से राहत सामग्री पाकिस्तान में लाई गई है। ये विमान शुक्रवार, 6 सितंबर को रावलपिंडी के नूर खान एयर बेस पर उतरे, जहां पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों और अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नेटली बेकर ने राहत सामग्री रिसीव की। दूतावास ने लिखा, "विनाशकारी बाढ़ से निपटने के लिए पाकिस्तानी सेना के अनुरोध पर अमेरिकी सैन्य विमानों ने आवश्यक सामग्री पहुंचाई। नूर खान एयर बेस पर, सीडीए बेकर ने पाकिस्तान के लोगों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की, जिनका जीवन व्यापक, विनाशकारी बाढ़ से उजड़ गया है।" अमेरिकी सेना के सेंट्रल कमांड (US ARCENT) के तहत कुल छह विमानों के जरिए राहत सामग्री पाकिस्तान पहुंचाई जाएगी। इनमें तंबू, जल शोधन पंप, जनरेटर और अन्य आवश्यक उपकरण शामिल हैं। पाकिस्तान सेना के जनसंपर्क विभाग (ISPR) के अनुसार, पहली खेप को औपचारिक रूप से पाकिस्तानी सेना को सौंप दिया गया है। पाकिस्तान में भारी मॉनसूनी बारिश के कारण पंजाब प्रांत बुरी तरह प्रभावित हुआ है। लाखों लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, उनके घर पानी में डूब गए हैं, फसलें नष्ट हो गई हैं, और बड़ी संख्या में लोग अस्थायी शिविरों में रहने को मजबूर हैं। सिंध सरकार ने अनुमान लगाया है कि बाढ़ का पानी पंजाब से सिंध में प्रवेश करने के कारण 16 लाख से अधिक लोग प्रभावित हो सकते हैं। अगर सिंध में उच्च स्तर की बाढ़ आती है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है, जिससे पाकिस्तान पर आर्थिक दबाव बढ़ सकता है। अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का दौरा राहत कार्यों के साथ-साथ, अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स नेटली बेकर और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के आपदा प्रतिक्रिया समूह ने नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (NEOC) का दौरा किया। बेकर ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) के आधुनिक आपदा प्रबंधन मॉडल की सराहना की और इसे क्षेत्र के लिए एक उदाहरण बताया। उन्होंने तकनीकी विशेषज्ञों और कल्याण संगठनों के माध्यम से निरंतर अमेरिकी समर्थन का आश्वासन दिया। अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता पाकिस्तान सरकार बाढ़ प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान कर रही है, लेकिन अधिकारियों ने जोर दिया कि देश को अपनी क्षमताओं से परे अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता है। संयुक्त राष्ट्र और यूनाइटेड किंगडम के बाद अब अमेरिका ने भी बाढ़ पीड़ितों के लिए राहत सामग्री भेजी है। अमेरिकी चार्ज डी’अफेयर्स का बयान नूर खान एयर बेस पर राहत सामग्री सौंपते समय नेटली बेकर ने बाढ़ से हुई तबाही पर गहरा दुख व्यक्त किया और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की। उन्होंने कहा, “हम इस मानवीय संकट में पाकिस्तान के साथ खड़े हैं।” अमेरिकी दूतावास ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी इस सहायता का जिक्र किया गया और प्रभावित लोगों के प्रति अपनी एकजुटता दोहराई। भारत ने उड़ा दिया था नूर खान एयरबेस बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नूर खान बेस खूब चर्चा में था। दरअसल मई में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान के नूर खान एयर बेस पर सटीक हवाई हमले किए, जो रावलपिंडी के चकलाला में स्थित एक रणनीतिक सैन्य अड्डा है। मैक्सार टेक्नोलॉजीज की हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों के अनुसार, भारतीय वायु सेना ने रनवे, हैंगर, और 7,000 वर्ग फुट के ऑपरेशन कम्प्लेक्स को पूरी तरह नष्ट कर दिया, साथ ही दो विशेष सैन्य वाहनों को भी क्षति पहुंचाई। इस हमले ने पाकिस्तान की हवाई रक्षा और परिवहन क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया, क्योंकि नूर खान बेस में साब एरिए AWACS, C-130 हरक्यूलिस विमान, और IL-78 हवाई ईंधन टैंकर जैसे महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण मौजूद थे। हालांकि अब प्रतीत होता है कि पाकिस्तान ने रनवे की मरम्मत कर ली है।  

भयानक शार्क अटैक: लॉन्ग रीफ बीच पर सर्फिंग के दौरान हुई जानलेवा घटना

सिडनी  ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर के नॉर्दर्न बीचेस इलाके में स्थित लॉन्ग रीफ बीच पर शनिवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना हुई, जब एक 57 वर्षीय व्यक्ति की शार्क हमले में मौत हो गई। यह व्यक्ति कुछ दोस्तों के साथ समुद्र की लहरों का आनंद लेने सर्फिंग के लिए गया था, लेकिन महज 30 मिनट में ही एक भयानक हादसे का शिकार हो गया। घटना का विवरण यह घटना शनिवार सुबह करीब 10 बजे की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति अपने दोस्तों के साथ समुद्र में सर्फिंग कर रहा था। मौसम साफ था और समुद्र की लहरें सर्फिंग के लिए उपयुक्त थीं। लेकिन कुछ ही समय बाद समुद्र में हलचल मची और एक शार्क ने उस व्यक्ति पर हमला कर दिया। हमले के बाद उसके दोस्तों ने उसे तुरंत किनारे पर लाया और आपातकालीन सेवाओं को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और पैरामेडिक्स ने उसे बचाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। यह बताया जा रहा है कि शार्क ने उसके निचले शरीर पर हमला किया, जिससे वह अत्यधिक रक्तस्राव का शिकार हो गया। पुलिस और अधिकारियों की प्रतिक्रिया NSW पुलिस ने इस घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि मृतक की उम्र 57 वर्ष थी और वह एक पिता था। पुलिस ने बताया कि घटना की जांच जारी है, और समुद्र में संभावित खतरों को ध्यान में रखते हुए लॉन्ग रीफ बीच को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। साथ ही, समुद्र में ड्रोन और अन्य उपकरणों की सहायता से शार्क की पहचान और गतिविधि की निगरानी की जा रही है। स्थानीय समुदाय में शोक की लहर यह घटना स्थानीय समुदाय के लिए गहरा सदमा है। मृतक व्यक्ति को एक अनुभवी सर्फर और एक जिम्मेदार पिता के रूप में जाना जाता था। उसके दोस्त और परिवार वाले पूरी तरह से टूट गए हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस त्रासदी को लेकर संवेदनाएं जता रहे हैं और स्थानीय प्रशासन से समुद्री सुरक्षा के लिए और ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। शार्क हमले: एक बढ़ता खतरा? ऑस्ट्रेलिया में शार्क हमले दुर्लभ जरूर हैं, लेकिन जब भी ऐसा कोई हादसा होता है, तो यह समुद्र में जाने वाले लोगों के मन में डर और चिंता पैदा कर देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन, समुद्री जीवन की बदलती आदतें और मानवीय गतिविधियों के कारण शार्क के व्यवहार में बदलाव देखा जा रहा है। पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के तटीय इलाकों में शार्क की उपस्थिति अधिक देखी गई है, जिससे कई बार समुद्रतटीय क्षेत्रों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। सरकार और स्थानीय प्रशासन अब इस दिशा में ड्रोन निगरानी, चेतावनी प्रणाली और सुरक्षित तैराकी क्षेत्रों जैसे उपायों पर काम कर रहे हैं। सुरक्षा के लिए सुझाव समुद्र में जाने से पहले लोगों को कुछ एहतियाती उपाय अपनाने चाहिए: हमेशा लाइफगार्ड की निगरानी में तैरें या सर्फिंग करें। सुबह और शाम के समय शार्क की गतिविधि अधिक होती है — इन समयों में पानी में जाने से बचें। अकेले सर्फिंग या तैराकी करने से बचें। चेतावनी संकेतों और निर्देशों का पालन करें।  

मोदी-मैक्रों वार्ता: वैश्विक तनाव और द्विपक्षीय संबंधों पर हुई गहन चर्चा

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के बीच फोन पर बात हुई। दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध सहित कई अहम मुद्दों पर बात हुई। फ्रांसीसी राष्ट्रपति से बात करने के बाद पीएम मोदी 'एक्स' पर बताया, "राष्ट्रपति मैक्रों के साथ बहुत अच्छी बातचीत हुई। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की प्रगति की समीक्षा और सकारात्मक मूल्यांकन किया।" पीएम मोदी ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों से की बात पीएम मोदी ने कहा कि यूक्रेन में संघर्ष को शीघ्र समाप्त करने के प्रयासों सहित अंतर्राष्ट्रीय और क्षेत्रीय मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी वैश्विक शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रहेगी।  

यूक्रेन में तबाही: रूस ने पहले हफ्ते में 1300 ड्रोन से किया जोरदार हमला

कीव  पिछले कई सालों से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध को रोकने की कोशिश में लगे हुए हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही। इस बीच, रूस ने सितंबर के पहले हफ्ते में यूक्रेन पर हमले बढ़ाते हुए कई इलाकों को धुआं-धुआं कर दिया। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने शनिवार को जानकारी दी कि रूस ने सितंबर के पहले छह दिनों में ही यूक्रेन के खिलाफ 1,300 से ज्यादा हमलावर यूएवी ड्रोन और लगभग 900 गाइडेड हवाई बमों, साथ ही विभिन्न प्रकार की 50 मिसाइलें दागी हैं, जो चल रहे संघर्ष में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत है। 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक विस्तृत बयान में, जेलेंस्की ने रूसी हमलों की लगातार हो रही घटनाओं की निंदा की और स्थायी शांति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबंधों में वृद्धि, मजबूत सैन्य समर्थन और दीर्घकालिक सुरक्षा गारंटी का आह्वान किया। जेलेंस्की ने कहा, "सितंबर की शुरुआत से ही, रूस ने यूक्रेन के खिलाफ 1,300 से ज़्यादा हमलावर यूएवी, लगभग 900 निर्देशित हवाई बम और विभिन्न प्रकार की पचास से ज़्यादा मिसाइलें दागी हैं। कल रात, नागरिक बुनियादी ढांचे पर फिर से हमला हुआ। सभी आवश्यक सेवाएं प्रभावित स्थलों पर काम कर रही हैं।" उन्होंने कहा कि सितंबर के पहले सप्ताह के दौरान यूक्रेन के लगभग हर क्षेत्र में विस्फोटों की सूचना मिली थी, जिसमें चेर्निहाइव, खार्किव, ओडेसा, खेरसॉन, कीव, ज़ापोरिज़िया, डीनिप्रो, किरोवोह्रद, खमेलनित्सकी, ज़ाइटॉमिर, वोलिन, इवानो-फ्रैंकिव्स्क, रिव्ने और लविव क्षेत्रों को निशाना बनाकर हमले किए गए थे। जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस टिप्पणी का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने रूसी तेल और गैस व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लगाने की जरूरत बताई थी, जो अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, कीव के खिलाफ मास्को के युद्ध प्रयासों को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा, ''रूस इस युद्ध को लगातार लंबा खींच रहा है और कूटनीति को पूरी तरह से तमाशा बनाना चाहता है। और इसका जवाब एकजुट होकर दिया जाना चाहिए, हमलों और विनाश के खिलाफ, कूटनीतिक प्रयासों और सभ्य संवाद की अवहेलना के खिलाफ। राष्ट्रपति ट्रंप बिल्कुल सही कह रहे हैं कि कूटनीति को पटरी पर लाने के लिए रूसी तेल और गैस व्यापार पर प्रभावी प्रतिबंध जरूरी है।  

पावागढ़ शक्तिपीठ त्रासदी: रोपवे गिरा, 6 श्रद्धालुओं की जान गई

नई दिल्ली गुजरात के पंचमहल में शनिवार बड़ा हादसा हो गया। मध्य गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ पावागढ़ में एक माल रोपवे का तार टूटने से 6 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस रोपने का इस्तेमाल पावागढ़ के मांची इलाके से निज मंदिर तक निर्माण सामग्री को आसानी से पहुंचाने के लिए किया जाता था। शनिवार को भी रोपवे से सामान ले जाया जा रहा था। लेकिन इसी दौरान तार टूट गया और हादसा हो गया। इस घटना में दो लिफ्ट ऑपरेटर, दो मजदूर और दो अन्य लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहत और बचाव का कार्य किया जा रहा है। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी गई है। बता दें कि यह शक्तिपीठ मध्य गुजरात में स्थित है।  

ड्रग माफिया पर बड़ी कार्रवाई, मुंबई में 12 गिरफ्तार और 12 हजार करोड़ का खुलासा

मुंबई  मुंबई से सटे मिरा-भायंदर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हैदराबाद में चल रही अब तक की सबसे बड़ी एमडी ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस फैक्ट्री से 32,000 लीटर ड्रग्स का कच्चा माल, खतरनाक केमिकल, और मशीनें भी जब्त की है। बताया जा रहा है कि पुलिस द्वारा जब्त की गई इस खेप की कीमत अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 12 हजार करोड़ रुपये बताई जा रही है। 12 हजार करोड़ का माल बरामद पुलिस ने दावा किया है कि ड्रग्स का ये बड़ा नेटवर्क महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से ऑपरेट किया जा रहा था। इस नेटवर्क का पर्दाफाश होने से देश भर में ड्रग्स की सप्लाई चेन को तगड़ा झटका लगेगा। बता दें कि पुलिस मिरा रोड में दर्ज एक मामले की जांच में जुटी थी, महज 25 लाख कीमत के 200 ग्राम ड्रग्स की जड़ें जब खंगाली गई तो पुलिस इसके सुराग तलाशते हुए हैदराबाद की इस फैक्ट्री तक जा पहुंची और 32 हजार लीटर का कच्चा माल आदि बरामद किया। पुलिस ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत 12 हजार करोड़ रुपए है। फल बेचने की आड़ में तस्‍करी मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कुछ दिनों पहले बांद्रा इलाके में केले बेचने की आड़ में ठेले पर एमडी ड्रग्स बेचने के आरोप में एक बुजुर्ग को गिरफ्तार किया है. इस आरोपी की पहचान 60 वर्ष के मोहम्मद अली अब्दुल गफ्फार शेख के रूप में हुई है और आरोपी के पास से 35 लाख रुपये कीमत की 153 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई है. इसके बाद मोहम्मद अली अब्दुल के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लियागया था. नेवी को मिली थी बड़ी सफलता इस साल भारतीय नौसेना के अग्रणी युद्धपोत आइएनएस तरकश ने पश्चिमी हिंद महासागर में 2,500 किलोग्राम से अधिक ड्रग्स जब्त की थी. 31 मार्च को नौसेना को कुछ जहाजों की संदिग्ध गतिविधियों के बारे में सूचना मिली थी. इसके बाद अभियान चलाकर ये ड्रग्स जब्त किए गए थे. इस ड्रग्स में 2,386 किलोग्राम हशीश और 121 किलोग्राम हेरोइन था. यह सीलबंद पैकेटों में भरी हुई थी. पुलिस को शक है कि इस नेटवर्क का कनेक्शन अंडरवर्ल्ड के किसी गैंग या पड़ोसी मुल्क समेत किसी इंटरनेशनल माफिया से जुड़ा हो सकता है। इस जड़ें खंगाली जा रही है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। बता दें कि पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान 13 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में शामिल अन्य लोगों को भी जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। मुंबई भेजे जाते थे ड्रग्स यह ड्रग्स फैक्ट्री में तैयार किए जाते थे और फिर स्थानीय आरोपियों और एजेंट्स के द्वारा यह ड्रग्स मुंबई भेजे जाते थे। कैमिकल फैक्ट्री के नामपर इस जगह बड़े पैमाने पर ड्रग्स का कारोबार हो रहा था। 1 महीने की निगरानी के बाद छापेमारी अनुमान के अनुसार, अब तक हजारों किलोग्राम मेफेड्रोन नामक ड्रग्स बनाकर बाजार में सप्लाई किए जा चुके हैं। मुंबई पुलिस ने टिप के आधार पर मिया भयंदर पुलिस, वसाई विरार पुलिस और क्राइम ब्रांच के साथ मिलकर पिछले 1 महीने से इस पूरे प्रकरण पर नजर रखी थी। जानकारी पुख्ता होने के बाद पुलिस ने 60 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की। 12 लोग हिरासत में पुलिस ने एक बांग्लादेशी महिला समेत 12 लोगों को हिरासत में लिया है। महिला का नाम फातिमा मुराद शेख अलियास मोल्लाह है, जिसकी उम्र 23 वर्ष के आसपास है। आरोपी महिला के पास 24 लाख रुपये के ड्रग्स भी बरामद हुए हैं। कौन है मुख्य आरोपी? वहीं, इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी एक आईटी एक्सपर्ट है, जो कैमिकल फैक्ट्री के नाम पर इसका दुरुपयोग कर रहा था। इस ड्रग रैकेट में विदेशियों के भी शामिल होने की आशंका है। पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है। कैसे हुआ ड्रग फैक्ट्री का खुलासा पुलिस को पिछले कई दिनों से जानकारी मिल रही थी कि मीरा-भायंदर इलाके में बड़ी मात्रा में ड्रग्स तैयार की जा रही है. इसके बाद पुलिस की एक टीम ने जाल बिछाकर छापेमारी की. पुलिस की गाड़ी देखते ही वहां मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर 12 लोगों को धर दबोचा. 32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस को करीब 32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स मिली. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इन ड्रग्स को प्रोसेस करके अंतरराष्ट्रीय बाजार साथ-साथ देश के दूसरे हिस्सों में बेचने की तैयारी की जा रही थी. बरामद ड्रग्स की कीमत करीब ₹12,000 करोड़ आंकी गई है. जोकि ड्रग्स बहुत बड़ी खेप है. मीरा-भायंदर पुलिस ने कहा कि यह हाल के समय की सबसे बड़ी कार्रवाई है. ₹12,000 करोड़ की ड्रग्स जब्त करना बड़ी सफलता है. उन्होंने बताया कि जांच अभी जारी है और जल्द ही इस गिरोह से जुड़े और लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा. ड्रग्स के खिलाफ सरकार सख्त पिछले कुछ महीनों में महाराष्ट्र पुलिस और एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) ने कई जगहों पर बड़ी ड्रग्स फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया है. महाराष्ट्र सरकार भी लगातार कह रही है कि ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी. ये ड्रग्स माफिया अक्सर युवाओं को अपना शिकार बनाते है. जिसको लेकर सरकार लगातार एक्शन मोड में है. पहले भी पकड़ी जा चुकी है ड्रग्स की खेप बता दें बीते अप्रैल के महीने में साकीनाका पुलिस ने वसई की एमके ग्रीन फैक्ट्री में छापेमारी कर 8 करोड़ रुपये का 4 किलो एमडी ड्रग्स जब्त की थी. इस मामले में 3 आरोपियों सादिक शेख, सिराज पंजवानी और सय्यद ईरानी की गिरफ्तारी हुई थी. वहीं बार्शी में भी ड्रग्स रैकेट पकड़ा गया था, जिसमें 7 लोगों को हिरासत में लिया गया था.