samacharsecretary.com

पहलगाम हमले पर SCO का सख्त रुख, गिरिराज ने बताया कूटनीतिक सफलता

नई दिल्‍ली  प्रधानमंत्री मोदी ने एससीओ शिखर सम्मेलन में आतंकवाद को लेकर कड़ा रुख अपनाया। वहीं, एससीओ सदस्य देशों ने घोषणापत्र में पहलगामआतंकवादी हमले की निंदा की। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यह भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि भारत की कूटनीति की इससे बड़ी कोई जीत नहीं हो सकती। जब भी पीएम मोदी को मौका मिला, उन्होंने भारत के हित में बात की। आज जो प्रस्ताव पारित हुआ है, वह भारत की जीत है, सभी देशों ने पाकिस्तान की मौजूदगी में पाकिस्तान को दरकिनार कर दिया। सभी देशों ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की है। इसके साथ ही, गिरिराज सिंह ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सलाहकार पीटर नवारो के 'मुनाफा कमाने वाले ब्राह्मण' बयान पर पलटवार किया। उन्‍होंने कहा कि यह देश का दुर्भाग्य है कि राहुल गांधी भारत में विपक्ष के नेता हैं। जब भी राहुल गांधी विदेश जाकर भारत का अपमान करते हैं, ऐसे लोग भी देश को कमजोर करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी को इस बात का दुख है कि भारत अपनी कूटनीति में सफल रहा है। उन्‍होंने 'वोटर अधिकार यात्रा' पर कहा कि क्या राहुल गांधी और तेजस्वी यादव यह उम्मीद करते हैं कि अगर वे बिहार के लोगों का अपमान करेंगे, तो भी उन्हें वोट मिलेंगे? वे रेवंत रेड्डी को लाए, जो बिहार के लोगों के डीएनए का अपमान करते हैं, और तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, जिन्होंने हिंदुओं के खिलाफ बोला है। वे रोहिंग्या और मुसलमानों का समर्थन करने गए थे, इसलिए उनकी रैली में केवल मुसलमान थे। बिहार में पीएम मोदी पर अभद्र टिप्‍पणी की गई। उन्‍होंने कहा कि कांग्रेस, राजद और एआईएमआईएम के असली वोटरों को चुनाव आयोग ने सूची से निकाल दिया। इनके असली वोटर रोहिंग्या और बांग्लादेशी थे। इन लोगों को संविधान और लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है।

ट्रंप को बड़ा झटका: SCO में दुनिया में डंका बजा रही भारत-चीन-रूस की तिकड़ी

नई दिल्ली चीन के तियानजन शहर में SCO समिट ने इस बार पूरी दुनिया का ध्यान खींचा। सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिंफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन। तीनों नेताओं ने एक-दूसरे से हाथ मिलाया, बातचीत की और कई मौकों पर साथ चलते भी दिखे। ये पल यूं तो सामान्य थे, लेकिन असल में यह अमेरिका और खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है। ऐसे वक्त में जब ट्रंप भारत, चीन और रूस तीनों पर दबाव डाल रहे हैं, यह एकजुटता साफ संकेत देती है कि देश अब 'अमेरिका फर्स्ट' नीति के आगे झुकने को तैयार नहीं। सात साल बाद चीन गए पीएम मोदी पीएम मोदी सात साल के बाद चीन पहुंचे थे। शनिवार को SCO के 25वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद रविवार को उन्होंने शी चिनफिंग के साथ द्विपक्षीय मुलाकात की। दोनों नेताओं ने सीमा विवाद को पीछे छोड़ व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। यह मुलाकात वैश्विक व्यापार को स्थिर करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है। सोमवार को समिट का दूसरा दिन सबसे अहम रहा। पीएम मोदी, चिनफिंग और पुतिन की गर्मजोशी ने माहौल ही बदल दिया। कभी प्रतिद्वंदी रहे देश अब ट्रंप की नीतियों से परेशान होकर साथ आते नजर आए। पीएम मोदी और पुतिन कार में गए साथ सोमवार का सबसे यादगार पल रहा पीएम मोदी और पुतिन का एक ही कार में बैठकर जाना। पुतिन अपनी सुरक्षा को लेकर काफी सख्त माने जाते हैं, लेकिन उन्होंने कार में बैठकर पीएम मोदी का थोड़ा इंतजार भी किया। यह कदम खास संदेश माना गया है। दूसरी तरफ, शी चिनफिंग और पुतिन ने अपने भाषणों में पश्चिमी देशों को आड़े हाथों लिया। शी चिनफिंग ने धौंस दिखाने वाले देशों की आलोचना की और पुतिन ने यूक्रेन युद्ध के लिए पश्चिमी देशों को जिम्मेदार बताया। अलग-थलग पड़ा पाकिस्तान इस समिट का एक और दिलचस्प सीन यह भी रहा जब पीएम मोदी और पुतिन साथ चलते दिखे और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक किनारे खड़े होकर देखते रह गए।

14वीं किस्त पर बड़ा अपडेट, अगस्त में होगी जारी – जानें कब और कैसे मिलेगा फायदा

मुंबई  महाराष्ट्र की 'लाडकी बहनों' को मिलने वाली 1500 रुपये की मासिक सहायता राशि का इंतजार अब जल्द ही खत्म हो सकता है। सरकार की लाडकी बहन योजना की अगस्त 2025 की किस्त अभी तक लाभार्थियों के खातों में नहीं पहुंची है, जिससे करीब 14 लाख महिलाएं असमंजस की स्थिति में हैं। अगस्त की किस्त कब आएगी? रिपोर्ट्स के अनुसार, अगस्त 2025 की किस्त सितंबर के पहले हफ्ते में महिलाओं के खातों में आने की संभावना है। हालाँकि, सरकार की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब योजना की किस्तों में देरी हुई है। जब यह योजना जुलाई 2024 में शुरू हुई थी, तब पहली तीन किस्तें (जून, जुलाई और अगस्त) भी एक साथ अगस्त में ही जारी की गई थीं। पिछले साल भी जुलाई की किस्त रक्षाबंधन के मौके पर ही मिली थी, जिससे पहले ही देरी हो गई थी। 26 लाख महिलाएं क्यों हुईं अपात्र? किस्त में देरी की एक बड़ी वजह लाभार्थियों के डेटा का सत्यापन भी हो सकता है। हाल ही में, महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे ने एक बड़ा अपडेट दिया है। उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 26 लाख ऐसी महिलाएं हैं, जिन्हें अपात्र पाया गया है। इन अपात्र महिलाओं का डेटा जिला प्रशासन को भेजा गया है, जहाँ उनका फिजिकल वेरिफिकेशन किया जाएगा। यह सत्यापन पूरा होने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो महिलाएं योजना के लिए पात्र हैं, उन्हें बिना किसी रुकावट के लाभ मिलता रहेगा।  

अगस्त में हिमाचल में 68% ज्यादा बारिश, पंजाब तक प्रभावित, संपत्ति का भारी नुकसान

शिमला  हिमाचल प्रदेश में इस साल अगस्त की बारिश ने 76 साल के रिकॉर्ड तोड़ डाला हैं। अगस्त में सामान्य से 68 प्रतिशत ज्यादा बादल बरसे हैं। 1949 से आज तक अगस्त में कभी भी इतनी बारिश नहीं हुई। एक से 31 अगस्त के बीच 256.8 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है. मौसम विभाग के अनुसार, 1948 में 456.5 मिलीमीटर रिकॉर्ड बारिश थी। 1949 के बाद कभी भी इतनी भारी बारिश नहीं हुई। बीते 15 सालों में रिकॉर्ड बारिश 2019 में नॉर्मल से 23 प्रतिशत ज्यादा थी। अगस्त में आज तक की रिकॉर्ड बारिश 98 साल पहले यानी 1927 में 542.4 मिलीमीटर है। कुल्लू जिला में तो सामान्य से 165 प्रतिशत अधिक यानी डबल से भी 65 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई है। कुल्लू में अगस्त में 180.2 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, इस बार 477.5 मिलीमीटर बादल बरसे हैं। कुल्लू के बाद शिमला जिला में भी सामान्य से 123% ज्यादा बादल बरसे हैं। शिमला में इस अवधि में 196.4 मिलीमीटर सामान्य बारिश होती है, लेकिन इस बार 438 मिलीमीटर बारिश हुई है। ऊना जिला में सामान्य से 119% ज्यादा और सोलन में सामान्य से 118% ज्यादा बारिश हुई। 4 जिलों में डबल से भी ज्यादा बारिश प्रदेश में 4 जिले ऐसे हैं, जहां डबल से भी ज्यादा बारिश रिकॉर्ड की गई। यही भारी बारिश तबाही का बड़ा कारण है। मानसून सीजन यानी 1 जून से 31 अगस्त तक भी सामान्य से 35 प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है। इस अवधि में प्रदेश में औसत सामान्य बारिश 613.8 मिलीमीटर होती है, लेकिन इस बार 826.8 मिलीमीटर बादल बरस चुके हैं। इस साल अगस्त में ऊना जिला 2 अगस्त को सर्वाधिक 222.8 मिलीमीटर बारिश हुई है। 3056 करोड़ की संपत्ति नष्ट, 844 घर जमीदोंज प्रदेश में इससे 3056 करोड़ रुपए की सरकारी व प्राइवेट प्रॉपर्टी नष्ट हो चुकी है। मानसून सीजन में 320 लोगों की मौत, 844 घर पूरी तरह जमींदोज, 3254 घरों को आंशिक नुकसान, 472 दुकानें और 3710 घर टूट चुके हैं। बादल फटने की 45 घटनाओं से तबाही प्रदेश में इस सीजन में लैंडस्लाइड की 95 बड़ी घटनाओं, बाढ़ की 91 और बादल फटने की 45 घटनाओं से बड़े पैमाने पर जान व माल का नुकसान हुआ है। इससे न केवल हिमाचल बल्कि पड़ोसी राज्य पंजाब पर भी असर पड़ा है। पंजाब के कई इलाके इससे जलमग्न हो गए और भारी नुकसान हुआ। हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू ने कहा कि इस मानसून सीजन में जानी नुकसान कम हुआ है। मगर संपत्ति को साल 2023 की आपदा से भी ज्यादा का नुकसान हो चुका है।

हिमाचल में आपदा का एलान, राज्य के लिए क्या बदलेंगे नियम और सुविधाएं

शिमला हिमाचल प्रदेश को मौजूदा बरसात और आपदा की गंभीर स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित प्रदेश घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को विधानसभा में आपदा से नुकसान पर एक विशेष वक्तव्य में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि जब तक बरसात का दौर चलता रहेगा, तब तक हिमाचल आपदा प्रभावित राज्य रहेगा और मौसम सामान्य होने पर इस आदेश को वापस लिया जाएगा। आपदा प्रभावित राज्य घोषित होने से अब आपदा से जुड़े नियम लागू हो जाएंगे। साथ ही आपदा राहत पैकेज पूरे प्रदेश को मिलेगा। अब तक 3,056 करोड़ का नुकसान मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सदन में जानकारी दी कि प्रदेश में भारी बारिश, भूस्खलन, बादल फटने और बाढ़ से अब तक 3,056 करोड़ रुपये का प्रारंभिक नुकसान आंका गया है। इसमें सबसे अधिक क्षति सड़कों, पुलों, पेयजल और बिजली की संरचनाओं को हुई है। सबसे प्रभावित जिलों में चंबा, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर शामिल हैं। हेलीकॉप्टर से निकाले जाएंगे श्रद्धालु चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु फंस गए थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 15 हजार यात्रियों में से अब तक 10 हजार को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचा दिया गया है। शेष यात्रियों के लिए भी लगातार निकासी अभियान चलाया जा रहा है। सरकार ने हेलीकॉप्टर, बसों और अन्य माध्यमों से राहत व बचाव कार्य तेज किए हैं। उन्होंने कहा कि 500 श्रद्धालु जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं, उन्हें विशेष व्यवस्था के तहत हेलीकॉप्टर से निकाला जाएगा। एनडीआरएफ और SDRF तैनात मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने यह भी बताया कि राहत व बचाव कार्यों को तेजी देने के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा मोचन बल, पर्वतारोहण संस्थान मनाली की टीम, पुलिस बल और स्वयंसेवी संगठन तैनात किए गए हैं। चंबा-पठानकोट मार्ग खोला सीएम ने बताया कि चंबा के भरमौर और अन्य क्षेत्रों में आवश्यक राशन, दवाइयां और सामग्री भी पहुंचाई गई है। चंबा-पठानकोट मार्ग को खोल दिया गया है और भरमौर की तरफ 25 किलोमीटर तक सड़क बहाल कर दी गई है। मंडी-कुल्लू एनएच की बहाली बयान के मुताबिक, कुल्लू जिले में मंडी-कुल्लू राष्ट्रीय राजमार्ग की बहाली युद्ध स्तर पर जारी है। वैकल्पिक तौर पर कमांद-कटौला मार्ग पर छोटे वाहनों को चलाया जा रहा है। अधिकांश स्थानों पर बिजली और संचार सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। पुराना मनाली पुल भी छोटे वाहनों के लिए खोल दिया गया है। पांच मरीज एयरलिफ्ट लाहौल-स्पीति में भी स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं। यहां मोबाइल नेटवर्क बहाल किया गया है, बिजली उत्पादन शुरू हो गया है और भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से राशन व दवाइयां पहुंचाई गई हैं। पांच मरीजों को हेलीकॉप्टर से सुरक्षित कुल्लू लाया गया, जिनमें एक गर्भवती महिला और एक बच्चा भी शामिल है। प्रभावित लोगों को होटल, होमस्टे, महिला मंडलों और विश्राम गृहों में ठहराया गया है। राहत, बचाव के लिए दिए निर्देश मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जिलों, राज्य और केंद्र सरकार के विभागों को युद्ध स्तर पर राहत, बचाव और पुनर्निर्माण कार्य करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि हर प्रभावित परिवार को पुनः बसाने और उन्हें आर्थिक तंगी से उबारने के लिए सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। इस ऐलान से क्या बदलेगा? आपदा प्रभावित राज्य घोषित होने से अब आपदा से जुड़े नियम लागू होंगे। इसके तहत आपदा राहत पैकेज पूरे प्रदेश को मिलेगा। राज्य सरकार ने आपदा पीड़ितों के लिए पैकेज दिया है जो साल 2023 में भी दिया गया था। इस बार पैकेज के तहत राहत की राशि को 70 हजार रुपये बढ़ाया गया है। पहले जिस प्रभावित का घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो जाता था, उसे सात लाख दिया जाता था, अब प्रभावित को सात लाख 70 हजार रुपये की राहत राशि रखी गई है। अब प्रदेश में कहीं भी आपदा से नुकसान होता है, उसे ये राशि दी जाएगी।  

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने की बड़ी घोषणा: कालेश्वरम परियोजना पर होगी CBI जांच

हैदराबाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) की पूर्ववर्ती राज्य सरकार के दौरान निर्मित कालेश्वरम परियोजना में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की घोषणा की है। कलेश्वरम परियोजना पर न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर रविवार देर रात लगभग दो बजे समाप्त हुई चर्चा के अंत में रेड्डी ने विधानसभा में कहा कि इस परियोजना की जांच सीबीआई को सौंपना उचित है, क्योंकि यह अंतरराज्यीय मामला है, केंद्रीय एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभाग और एजेंसियां इस परियोजना में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि परियोजना के डिजाइन, निर्माण और वित्तपोषण में केंद्र सरकार के संगठन और वित्तीय संस्थान भी शामिल हैं, ‘‘इसलिए अध्यक्ष की अनुमति से सदन इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का निर्णय ले रहा है। इसमें कई मुद्दे शामिल हैं जिनकी जांच कराए जाने की आवश्यकता है इसलिए हमारी सरकार सीबीआई जांच के आदेश जारी कर रही है।’’ उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय बांध सुरक्षा प्राधिकरण (एनडीएसए) और न्यायिक आयोग की रिपोर्ट ने परियोजना से संबंधित विभिन्न मुद्दों की गहन और अधिक व्यापक जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि न्यायिक आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कई खामियों और अनियमितताओं को चिह्नित किया है जिन पर आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनडीएसए की रिपोर्ट के अनुसार योजना, डिजाइन और गुणवत्ता नियंत्रण में खामियां कालेश्वरम परियोजना के मेदिगड्डा बैराज की विफलता का कारण पाई गई हैं। उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार ने परियोजना के लिए अत्यधिक ब्याज दरों पर ऋण लिया था। न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) पिनाकी घोष आयोग ने सुझाव दिया है कि तेलंगाना सरकार को पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। आयोग ने तेलंगाना में कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना के निर्माण में अनियमितताओं को लेकर अपनी रिपोर्ट रविवार को प्रस्तुत की। इससे पहले, बीआरएस ने विधानसभा से बहिर्गमन किया और आरोप लगाया कि पार्टी को न्यायिक आयोग की रिपोर्ट पर अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘तत्कालीन सिंचाई मंत्री ने मनमाने ढंग से निर्देश दिए और वित्त एवं योजना मंत्री ने राज्य के वित्त और आर्थिक स्वास्थ्य के प्रति उदासीनता बरती। यह तत्कालीन मुख्यमंत्री ही हैं, जिन्हें तीनों बैराज की योजना, निर्माण, पूर्णता, संचालन और रखरखाव में अनियमितताओं के लिए सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से जवाबदेह बनाया जा सकता है। हालांकि, यह सरकार का काम है कि वह जांच करे और कानून के अनुसार उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करे।’’ उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश पी.सी. घोष की अध्यक्षता वाले आयोग ने 31 जुलाई को अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी। विधानसभा में आयोग की रिपोर्ट पर रविवार को चर्चा हुई।  

भगवान जगन्नाथ के श्रद्धालुओं को ऑनलाइन ठगने वाली वेबसाइट पर केस दर्ज

भुवनेश्वर ओडिशा के पुरी में साइबर पुलिस थाने ने भगवान जगन्नाथ के भक्तों को कथित रूप से गुमराह करने और 12वीं शताब्दी के मंदिर में दर्शन कराने का वादा करके उनसे पैसे ऐंठने के लिए एक वेबसाइट पर मामला दर्ज किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) द्वारा रविवार को दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर ‘इंडिया थ्रिल’ वेबसाइट के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। आरोपों की जांच का जिम्मा पुलिस उपाधीक्षक संघमित्रा नायक को सौंपा गया है।’’ उन्होंने बताया कि शिकायत एसजेटीए के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) हेमंत कुमार पाढ़ी ने दर्ज कराई है। एसजेटीए ने स्पष्ट किया कि मंदिर प्रशासन दर्शन या पूजा के लिए श्रद्धालुओं से कोई शुल्क नहीं लेता है। मंदिर प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं से ऐसे धोखाधड़ी वाले पोर्टलों के बहकावे में न आने की अपील की है। एसजेटीए के एक अन्य अधिकारी ने दावा किया कि वेबसाइट कथित तौर पर समय और श्रेणी के आधार पर दर्शन के लिए 50 रुपये, 100 रुपये और 500 रुपये का शुल्क ले रही है। पुरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) प्रतीक सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं को सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि कुछ फर्ज़ी वेबसाइट उन्हें गुमराह कर रही हैं। एसपी ने कहा, ‘‘ऑनलाइन झूठी और भ्रामक सामग्री फैलाने वालों के ख़िलाफ़ क़ानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’  

आतंकवाद पर PM मोदी के तीखे तेवर, PAK को मिली सख्त नसीहत

बीजिंग  शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद पर सीधा हमला बोला और पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए पाकिस्तान को कड़ा संदेश दिया. खास बात यह रही कि मोदी का यह भाषण उस वक्त हुआ जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी वहीं मौजूद थे. क्या बोले पीएम मोदी? पीएम मोदी ने कहा, 'हाल ही में हमने पहलगाम में आतंकवाद का बहुत ही घिनौना रूप देखा. इस दु:ख की घड़ी में, जो मित्र देश हमारे साथ खड़े रहे, मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं. यह हमला केवल भारत की अंतरात्मा पर ही आघात नहीं था, यह मानवता में विश्वास रखने वाले हर देश, हर व्यक्ति को खुली चुनौती थी. ऐसे में सवाल उठना स्वाभाविक है, क्या कुछ देशों द्वारा आतंकवाद का खुलेआम समर्थन हमें स्वीकार्य हो सकता है?' 'SCO को लेकर भारत की नीति के तीन स्तंभ' प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में SCO को लेकर भारत की नीति के तीन स्तंभ बताए- S यानी Security (सुरक्षा), C यानी Connectivity (कनेक्टिविटी) और O यानी Opportunity (अवसर). उन्होंने कहा कि सुरक्षा, शांति और स्थिरता विकास की नींव हैं, लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद इस राह की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं.  मोदी का भाषण सुन उड़ा शहबाज के चेहरे का रंग उन्होंने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद पर किसी भी तरह के डबल स्टैंडर्ड स्वीकार्य नहीं होंगे और सभी देशों को एकजुट होकर इसका हर रूप में विरोध करना होगा. पीएम मोदी जब आतंकवाद पर भाषण दे रहे थे तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनके सामने ही बैठे थे. जैसे ही पीएम ने पहलगाम हमले का जिक्र किया शहबाज के चेहरे की हवाइयां उड़ गईं.

रूसी तेल पर भारत का स्टैंड साफ, अमेरिका को दो टूक जवाब

नई दिल्ली  भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद पर स्थिति स्पष्ट किए जाने के बावजूद अमेरिका इसे लेकर भारत को लगातार निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सहयोगी बेतुके तर्क देकर भारत पर मुनाफाखोरी तक के आरोप लगा चुके हैं। अब केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने अमेरिका को सख्त संदेश दे दिया है। हरदीप पुरी ने कहा है कि भारत ने रूसी तेल खरीदने में किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है, बल्कि यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत के ऊर्जा व्यापार ने वैश्विक बाजारों को स्थिर करने और कीमतों को काबू में रखने में मदद की है। पुरी ने वाइट हाउस के ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो की हालिया टिप्पणी पर जवाब देते हुए यह बातें कहीं हैं। नवारो ने हाल ही में यह बयान दिए हैं कि भारत रूस की आर्थिक मदद कर पुतिन की ‘युद्ध मशीन’ को वित्तपोषित कर रहा है। नवारो ने बीते दिनों दूसरे कुछ बयानों में भी इस तरह की बातें कही हैं। पिछले सप्ताह उन्होंने रूस-यूक्रेन युद्ध को ‘मोदी का युद्ध’ तक बता दिया था। वहीं सोमवार को उन्होंने कहा है कि रूस से तेल खरीदने का फायदा भारत के ब्राह्मणों को हो रहा है। भारत का जवाब इस पर जवाब देते हुए ‘द हिंदू’ के लिए लेख में केंद्रीय मंत्री पुरी ने कहा कि भारत लंबे समय से और फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर आक्रमण से बहुत पहले से पेट्रोलियम उत्पादों का दुनिया का चौथा सबसे बड़ा निर्यातक रहा है। इसके निर्यात की मात्रा और मुनाफे मोटे तौर पर समान रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने नवारो का नाम लिए बिना लिखा कि कुछ आलोचकों का आरोप है कि भारत रूसी तेल को खरीद कर ‘युद्ध मशीन’ को वित्तपोषित कर रहा है। यह पूरी तरह से गलत और असत्य है।" भारत ने नहीं तोड़े कोई नियम पुरी ने अमेरिका को संदेश देते हुए कहा कि ईरान या वेनेजुएला के कच्चे तेल की तरह रूसी तेल खरीद पर कभी प्रतिबंध नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा, ‘‘ रूसी तेल G-7 और यूरोपीय संघ की मूल्य सीमा प्रणाली के अंतर्गत आता है जिसे तेल की आपूर्ति जारी रखने और राजस्व की सीमा निर्धारित करते हुए तैयार किया गया है।’’ केंद्रीयमंत्री ने कहा, ‘‘ऐसे ‘पैकेज’ के 18 दौर हो चुके हैं और भारत ने हर एक का पालन किया है। भारत द्वारा किया गया हर लेन-देन कानूनी है। हर लेन-देन में वैध निर्यात एवं बीमा, अनुपालन करने वाले व्यापारी और ‘ऑडिट’ माध्यमों का इस्तेमाल किया गया है। भारत ने कोई नियम नहीं तोड़े हैं। भारत ने बाजारों को स्थिर किया है और वैश्विक कीमतों को बढ़ने से रोका है।’’  

हाई कोर्ट की कड़ी टिप्पणी: मराठा आंदोलन में तोड़ी गईं सभी शर्तें, सरकार पर उठे सवाल

मुंबई मराठा आरक्षण आंदोलन पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी की है। हाई कोर्ट ने कहा है कि मनोज जरांगे के नेतृत्व वाला विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण नहीं है। इसमें सभी शर्तों का उल्लंघन किया गया है। कोर्ट ने आगे कहा कि पूरा शहर थम गया है और दक्षिण मुंबई के महत्वपूर्ण स्थान प्रदर्शनकारियों से घिरे हुए हैं। उच्च न्यायालय ने मुंबई में सामान्य स्थिति बहाल करने को कहा। इसके अलावा महाराष्ट्र सरकार से भी सवाल पूछे गए हैं। अदालत ने पूछा कि हालात से निपटने की क्या योजना है। आगे कहा कि कानून का पालन सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाए जाएं। जरांगे और समर्थकों को मंगलवार तक समय उच्च न्यायालय ने जरांगे और उनके समर्थकों को स्थिति सुधारने और मंगलवार तक मुंबई की सभी सड़कें खाली करने का मौका दिया। इससे पहले जरांगे ने कहा था कि अगर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मराठों की मांग नहीं सुनी तो पांच करोड़ से ज्यादा लोग मुंबई आएंगे। मनोज जरांगे ने मराठा आरक्षण प्रदर्शनकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि मुंबई में आम आदमी को उनके कारण असुविधा का सामना न करना पड़े। गौरतलब है कि मनोज जरांगे पाटिल मराठा आरक्षण आंदोलन को लेकर आमरण अनशन कर रहे हैं। रविवार को उन्होंने कहा कि भले ही गोलियां चल जाएं, लेकिन वह अपना प्रदर्शन खत्म नहीं करेंगे। मनसे ने क्या मांग की इस बीच महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के नेता बाला नंदगांवकर ने सोमवार को सुझाव दिया कि राज्य सरकार को कार्यकर्ता मनोज जरांगे के नेतृत्व में आरक्षण आंदोलन के लिए मुंबई आए मराठा समुदाय के लोगों के लिए वानखेड़े स्टेडियम जैसा स्थल उपलब्ध कराना चाहिए। नंदगांवकर ने पत्रकारों से कहा कि मराठा प्रदर्शनकारी शहर में घूम रहे हैं, इसलिए लोगों को लगता है कि इससे असुविधा हो रही है। चूंकि आज़ाद मैदान की जगह छोटी है, इसलिए सरकार से मेरा अनुरोध है कि प्रदर्शनकारियों को वानखेड़े स्टेडियम जैसा स्थान दिया जाए, ताकि वे एक जगह बैठकर अपना आंदोलन जारी रख सकें।