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ओडिशा: चालक संघ ने मानी बात, आंदोलन वापस लेकर काम पर लौटे

भुवनेश्वर बसों और ट्रकों सहित वाणिज्यिक वाहन चालकों के संघ 'ओडिशा चालक महासंघ' ने रविवार को राज्य में अपना पांच दिवसीय 'काम बंद' आंदोलन वापस ले लिया। दो लाख से ज्यादा सदस्यों वाले चालक संघ ने पेंशन और विश्राम गृह सहित अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आठ जुलाई को 'काम बंद' आंदोलन शुरू किया था। संघ के राज्य सचिव मानस देबता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगामी दौरे के मद्देनजर शनिवार रात आंदोलन वापस लेने की घोषणा की। देबता ने संबलपुर जिले के रेधाखोल में मीडियाकर्मियों से कहा, '' हमारी राष्ट्रपति, जो यहां की जमीन से ताल्लुक रखती हैं वह 14 जुलाई को ओडिशा आने वाली हैं। हमने अपने विरोध प्रदर्शन को वापस लेने का फैसला किया है ताकि राष्ट्रीय स्तर पर हमारे राज्य की छवि को ठेस न पहुंचे।'' 'ओडिशा ड्राइवर्स महासंघ' के बैनर तले, बसों, ट्रकों, वैन, टैक्सियों, ऑटो रिक्शा और अन्य व्यावसायिक वाहनों के हजारों चालक राज्य में उनके लिए कल्याणकारी उपाय लागू करने की मांग को लेकर आठ जुलाई से प्रदर्शन कर रहे हैं। चालकों ने ओडिशा भर में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किए और धरने दिए। चालकों के विरोध प्रदर्शन के कारण राज्य के कई हिस्सों में निजी बस सेवा प्रभावित हुईं। चालक संघ की 60 वर्ष की आयु के बाद चालकों के लिए पेंशन, मृत्यु लाभ, प्रमुख सड़कों पर हर 100 किलोमीटर पर विश्राम गृह, ओडिशा मोटर परिवहन चालक एवं श्रमिक कल्याण बोर्ड में ऑटोरिक्शा चालकों को शामिल करने और एक सितंबर को 'चालक दिवस' घोषित करने की मांग है।  

संजय राउत ने कहा– उद्धव और राज का साथ आना वक्त की जरूरत

मुंबई शिवसेना (उद्धव बाला साहेब ठाकरे) सांसद संजय राउत ने रविवार को कहा कि उनके पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे के बीच गठबंधन होना जरूरी है और यह गठबंधन राज्य को ''नई दिशा'' देगा। शिवसेना (उबाठा) के मुखपत्र सामना में अपने साप्ताहिक कॉलम 'रोख ठोक' में राउत ने यह भी दावा किया कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का महाराष्ट्र की एकता और मराठी ''अस्मिता'' की लड़ाई से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, ''भाजपा की नीति पहले मुंबई को लूटना, फिर मुंबई को केंद्र शासित प्रदेश बनाना और अलग विदर्भ का खेल खेलना और महाराष्ट्र का अस्तित्व ही खत्म कर देना है।'' राउत ने कहा कि लोग महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को नहीं भूले हैं, जब उन्हें नागपुर में आंदोलन के दौरान 'विदर्भ मेरा एकमात्र राज्य है' संदेश वाली तख्तियां हाथ में लिए देखा गया था। राज्यसभा सदस्य ने कहा कि अगर ठाकरे भाइयों और उनके नेतृत्व की एकता बरकरार नहीं रही तो मुंबई ''अदाणी-लोढ़ा की जेब में चली जाएगी'' और एक दिन मुंबई महाराष्ट्र का हिस्सा नहीं रहेगी। अप्रैल में मनसे नेता राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे के साथ संभावित राजनीतिक मिलन के संकेत दिए थे। राज ठाकरे ने कहा था कि उनके पिछले मतभेद ''मामूली'' थे और 'मराठी मानुष' (मराठी लोगों) के व्यापक हित के लिए एकजुट होना कोई मुश्किल काम नहीं है। इसके बाद उद्धव ठाकरे ने कहा कि वह छोटे-मोटे झगड़ों को भुलाने के लिए तैयार हैं, बशर्ते महाराष्ट्र के हितों के खिलाफ काम करने वालों को समर्थन न दिया जाए। इसके बाद दोनों ठाकरे भाइयों के साथ आने की बात को बल मिला था। पांच जुलाई को लगभग 20 वर्षों में पहली बार मनसे प्रमुख के साथ राजनीतिक मंच साझा करते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा था कि वह और उनके चचेरे भाई राज ठाकरे ''एकसाथ होने के लिए साथ आए हैं''। यह घटनाक्रम भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार द्वारा कक्षा एक में हिंदी भाषा लागू करने संबंधी दो सरकारी आदेश (जीआर) वापस लिए जाने के बाद हुआ। राउत ने दावा किया कि पांच जुलाई को चचेरे भाई राज और उद्धव के एकसाथ आने से 'मराठी मानुष' में विश्वास जगा है। उन्होंने कहा, ''इसका मतलब यह नहीं है कि मराठी मानुष के सभी मुद्दे सुलझ गए हैं। मराठी मानुष की सारी समस्याएं जस की तस हैं। ठाकरे भाई हिंदी थोपे जाने के खिलाफ एक साथ आए, लेकिन (दोनों दलों के बीच) राजनीतिक गठबंधन की घोषणा अभी बाकी है। गठबंधन होना जरूरी है। तभी महाराष्ट्र को एक नई दिशा मिलेगी।'' उन्होंने कहा कि अगर किसी को यह भ्रम है कि ठाकरे किसी भी तरह के दबाव में आ जाएंगे, तो वे मूर्ख हैं। राउत ने भाजपा की ओर इशारा करते हुए दावा किया कि ठाकरे भाइयों की एकता ने दिल्ली और महाराष्ट्र के हुक्मरानों को हिला कर रख दिया है। शिवसेना (उबाठा) नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज ठाकरे से मुलाकात करके राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। उन्होंने कहा कि मनसे अध्यक्ष इस पर बात करेंगे और भ्रम दूर करेंगे। फडणवीस और राज ठाकरे पिछले महीने मुंबई के एक होटल में मिले थे।  

बच्चे, बुजुर्ग और साधु सभी शामिल, दर्शन के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब

बालटाल श्री अमरनाथ जी यात्रा सुचारू रूप से जारी है और 3 जुलाई को शुरू हुई वार्षिक तीर्थयात्रा के बाद से पहले 10 दिनों में 1.98 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा में दर्शन किए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अकेले रविवार को 18,010 तीर्थयात्रियों ने पवित्र गुफा में दर्शन किए। इनमें 12,838 पुरुष, 4,343 महिलाएं, 223 बच्चे, 141 साधु, 8 साध्वी और 2 ट्रांसजेंडर श्रद्धालु शामिल थे। इसके अलावा, 455 सुरक्षाकर्मियों ने भी पवित्र गुफा में पूजा-अर्चना की। अब तक पवित्र यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 1,98726 हो गई है। इस वर्ष की 38-दिवसीय यात्रा 9 अगस्त को, श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन के साथ, समाप्त होगी।   अधिकारियों ने बताया कि यात्रा बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के तहत संचालित की जा रही है, जिसमें चौबीसों घंटे निगरानी, चिकित्सा सहायता और समर्पित बचाव दल तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित कर रहे हैं। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर संभावित सड़क बंद होने या देरी के दौरान तीर्थयात्रियों की सहायता के लिए, मीर बाजार और वॉलनट फैक्टी लेवडोरा (काजीगुंड) में प्रमुख पारगमन शिविर स्थापित किए गए हैं। इन शिविरों की संयुक्त क्षमता 5,000 यात्रियों की है, जिनमें मीर बाजार में 2,600 और लेवडोरा में 2,400 बिस्तर हैं, जो आवश्यक आश्रय और सेवाएं प्रदान करते हैं। 

दुर्गम इलाकों में अब ड्रोन से पहुंचेगी दवा, AFMS कर रहा योजना पर मंथन

पुणे सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन ने कहा कि एएफएमएस पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रक्त की थैलियों, दवाओं और अन्य चिकित्सा सामग्री पहुंचाने के लिए ड्रोन के इस्तेमाल की संभावना तलाश रहा है। सरीन ने यह भी कहा कि एएफएमएस ने उन सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों की स्वास्थ्य जरूरतों का जिम्मा संभाला है जो वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के लिए ' एक्सिओम-4' मिशन का हिस्सा हैं। वाइस एडमिरल सरीन शनिवार को पुणे स्थित सशस्त्र सेना चिकित्सा महाविद्यालय (एफएफएमसी) में पांच मेडिकल कैडेट्स की पासिंग आउट परेड के मौके पर आयोजित समारोह से इतर बोल रही थीं। उन्होंने कहा कि एएफएमएस स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए टेलीमेडिसिन, कृत्रिम मेधा (एआई), और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीकों को जोड़ रहा है। उन्होंने कहा, ''हम रक्त की थैलियों, दवाओं और अन्य चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के लिए ड्रोन का इस्तेमाल करने पर विचार कर रहे हैं। दरअसल, हम उस दिन की उम्मीद कर रहे हैं जब आपात स्थिति में मरीजों को निकालने (मेडिकल इवैक्यूएशन) का काम भी ड्रोन की मदद से किया जा सकेगा।'' उन्होंने कहा कि यह तकनीक फिलहाल प्रायोगिक परियोजना के तौर उन दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में इस्तेमाल करने पर विचार किया जा रहा है, जहां पहुंचना मुश्किल है। उन्होंने कहा, ''ऐसी प्रौद्योगिकी पहले से ही गैर-सैन्य एजेंसियों द्वारा इस्तेमाल की जा रही है।'' एएफएमसी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल पंकज राव ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में रोकथाम से लेकर इलाज तक, हर स्तर पर प्रौद्योगिक प्रगति को अपनाया जा रहा है। 'एक्सिओम-4' मिशन के तहत अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर गए अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर वाइस एडमिरल सरीन ने कहा कि एएफएमएस इस मिशन के सभी चार अंतरिक्ष यात्रियों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की जिम्मेदारी संभाल रहा है।  

कर्नाटक की पहाड़ियों में गुफा से मिला पूरा परिवार, रूसी महिला और दो बच्चों को पुलिस ने बचाया

कर्नाटक उत्तर कन्नड़ जिले के कुमता तालुक स्थित दुर्गम रामतीर्थ पहाड़ियों की एक गुफा से शुक्रवार को एक 40 वर्षीय रूसी महिला और उसके दो बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। यह महिला, नीना कुटीना उर्फ मोही, अपने दो छोटे बच्चों के साथ लगभग दो सप्ताह से एकांतवास में रह रही थी। पुलिस ने शनिवार को इसकी पुष्टि की। पूजा, ध्यान और आत्मिक शांति की तलाश में गुफा में बिता रही थी दिन पुलिस के अनुसार, मोही बीते कुछ समय से गुफा में आत्मिक शांति की तलाश में रह रही थी। उसने गुफा को एक आध्यात्मिक स्थल में परिवर्तित कर दिया था, जहां रुद्र मूर्ति स्थापित कर वह दिनभर पूजा और ध्यान में लीन रहती थी। वह अपने दो बच्चों प्रेया (6) और अमा (4) के साथ गोकर्ण के घने जंगलों और पहाड़ी इलाके में रह रही थी। भूस्खलन के बाद गश्त के दौरान मिला सुराग हाल ही में हुए भूस्खलन के बाद पुलिस की एक टीम नियमित गश्त पर थी, जब उन्होंने गुफा के पास कपड़े सूखते हुए देखे। यह सुराग मिलने पर जब टीम ने गुफा की ओर रुख किया, तो उन्हें मोही और उसके बच्चे वहां मिले। पुलिस अधीक्षक एम. नारायण ने बताया, "यह आश्चर्यजनक था कि एक महिला दो छोटे बच्चों के साथ इतने दुर्गम स्थान पर रह रही थी। सौभाग्य से वे सभी सुरक्षित थे और अच्छे स्वास्थ्य में पाए गए।" 2017 में खत्म हो गया था वीजा जानकारी के अनुसार, मोही भारत में बिजनेस वीजा पर आई थी, जिसकी वैधता वर्ष 2017 में समाप्त हो चुकी थी। वह कब से देश में रह रही है, इसका स्पष्ट विवरण नहीं है, लेकिन अधिकारियों का मानना है कि वह गोवा से गोकर्ण आई और फिर पहाड़ियों में एकांतवास का जीवन शुरू कर दिया। उसने हिंदू धर्म और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं से प्रेरित होकर यह निर्णय लिया था। रेस्क्यू के बाद, पुलिस ने मोही और उसके बच्चों के लिए गोकर्ण स्थित एक साध्वी द्वारा संचालित आश्रम में अस्थायी आवास की व्यवस्था की है। एक स्थानीय एनजीओ की मदद से रूसी दूतावास से संपर्क किया गया है और आधिकारिक निर्वासन (deportation) प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही कानूनी प्रक्रियाओं के तहत इस परिवार को बेंगलुरु लाया जाएगा।

मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 6 दिन तक भारी बारिश, सतर्क रहें

मुंबई पिछले एक महीने में महाराष्ट्र समेत देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई है। कुछ राज्यों में बारिश बहुत ज़्यादा हुई है और बाढ़ आ गई है। इससे नागरिकों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट भी आई है। लेकिन एक बार फिर भारत मौसम विज्ञान विभाग ने देशभर में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। विभाग द्वारा दी गई चेतावनी के अनुसार, अगले 6 दिनों तक कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 6 दिनों तक कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए 12 से 17 जुलाई के बीच बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है। महाराष्ट्र में भी अगले छह दिनों तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस बीच, महाराष्ट्र में भी बारिश के बादल छाने वाले हैं। पिछले कुछ दिनों से थमी बारिश के वापस लौटने की संभावना है। महाराष्ट्र के कोंकण और विदर्भ में भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं मराठवाड़ा में बारिश की मात्रा कम थी, लेकिन पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश से मराठवाड़ा में यह कमी भी पूरी हो गई है, वहीं दूसरी ओर विदर्भ में बारिश से भारी नुकसान हुआ है। बहरहाल अगले 6 दिनों तक महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना है, इसी के मद्देनजर अलर्ट जारी किया गया है।  

श्रद्धा की पराकाष्ठा: 351 लीटर गंगाजल लेकर 306 दिन तक चला ये अद्भुत शिवभक्त

नई दिल्ली  सावन महीने की शुरूआत से कड़ी सुरक्षा के बीच कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। कांवड़ यात्रा के दौरान कांवड़ियों की भक्ति देखने को मिलती है। ऐसा ही एक भक्त सहारनपुर जनपद के नकुड़ के गांव नयागांव निवासी मनोज कुमार है। जो इस साल की सबसे भारी कांवड को लेकर चल रहे है। मनोज कुमार 306 दिनों से लगातार कांवड़ यात्रा पर हैं।  हरिद्वार से शुरू की थी यात्रा  जानकारी के अनुसार, मनोज कुमार ने हरिद्वार से 351 लीटर गंगाजल अपने कंधों पर लेकर सफर शुरू किया था। उन्होंने लगातार 306 दिनों तक यात्रा की अब वो सहारनपुर रोड स्थित हरि कॉलेज के पास पहुंच चुके हैं। उनका कहना है कि उन्होंने ये यात्रा किसी दिखावे के लिए नहीं शुरू की। बल्कि भोले बाबा का नाम लेकर शुरू की है। वो भोलेनाथ का नाम लेकर चल रहे है।  अब तक अकेले किया सफर  मनोज ने बताया कि उन्होंने न तो कोई अभ्यास किया, न ही कोई पूर्व योजना बनाई थी। न ही किसी मन्नत या दिखावे के लिए ये यात्रा शुरू की। उसने बताया कि हर केन में लगभग 175 लीटर जल है और इसका कुल वजन इतना अधिक है कि वो एक दिन में सिर्फ एक किलोमीटर तक ही चल पाते है। इस गंगाजल को अपने कंधों पर अकेले उठाकर हरिद्वार से लेकर अब तक सफर किया है। गांव तक पहुंचने में अभी लगभग 6-7 दिन और लग सकते हैं। उनकी इस भक्ति को देखकर सब लोग खुश हो रहे है और हैरान भी रह जाते है।  

राज्यसभा नामांकन पर बोले जेपी नड्डा – ‘गौरव का क्षण’, दी शुभकामनाएं

नई दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने राज्यसभा के लिए नामित देश के 4 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को शुभकामनाएं दी हैं। भाजपा अध्यक्ष ने उनके योगदान की भी सराहना की। राज्यसभा के लिए नामित सदस्यों में वरिष्ठ राजनयिक हर्षवर्धन श्रृंगला, प्रसिद्ध इतिहासकार मीनाक्षी जैन, वरिष्ठ अधिवक्ता उज्ज्वल निकम और सामाजिक कार्यकर्ता सी. सदानंदन मास्टर शामिल हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय संविधान के अनुच्छेद-80 के तहत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए सभी चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए नामित किया। उनकी यह नियुक्तियां खाली सीटों के लिए हुईं। जेपी नड्डा ने मीनाक्षी जैन को शुभकामनाएं देते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर मीनाक्षी जैन को बधाई। उन्होंने वर्षों तक हमारे इतिहास, राजनीति और साहित्य का अध्ययन और लेखन किया है। उनका कार्य लोगों को गहराई से सोचने और सीखने में मदद करता है। राज्यसभा में उनकी उपस्थिति राष्ट्र के लिए एक बड़ी संपत्ति होगी। संसद में उनकी भूमिका के लिए शुभकामनाएं।" उज्ज्वल निकम के लिए अपने संदेश में नड्डा ने कहा, "उज्ज्वल निकम को राष्ट्रपति की ओर से राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई। अपने पूरे कार्यकाल में उन्होंने न्याय को बनाए रखने और सभी लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए कड़ी मेहनत की है। कानून और संविधान के प्रति उनका समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है। संसद में उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं।" हर्षवर्धन श्रृंगला को बधाई देते हुए जेपी नड्डा ने लिखा, "हर्षवर्धन श्रृंगला को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने पर बधाई। एक अनुभवी राजनयिक के रूप में उन्होंने पूरे समर्पण के साथ भारत की सेवा की और जी-20 अध्यक्षता को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई। वैश्विक मामलों में उनके विशाल अनुभव से उच्च सदन को मूल्यवान दृष्टिकोण मिलेगा। संसद में इस नई यात्रा के लिए उन्हें शुभकामनाएं।" सी. सदानंदन मास्टर को लेकर अपने संदेश में भाजपा अध्यक्ष ने कहा, "सी. सदानंदन मास्टर को राज्यसभा के लिए नामित किए जाने पर बधाई। समाज कल्याण और शिक्षा के प्रति आपकी निडर सेवा ने अनेक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। डर और धमकियों के बावजूद आप देश की प्रगति के लिए अडिग रहे। युवाओं को मार्गदर्शन और प्रेरित करने का उनका जुनून सराहनीय है। संसद में उनकी नई भूमिका के लिए शुभकामनाएं।"

फिर संकट में अमरनाथ यात्रा, कुलगाम में बस टक्कर में 10 से ज्यादा श्रद्धालु जख्मी

जम्मू-कश्मीर अमरनाथ यात्रा के दौरान एक और बड़ा हादसा सामने आया है। जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के खुडवानी इलाके में बालटाल की ओर जा रहे अमरनाथ यात्रा काफिले की तीन बसें आपस में टकरा गईं। इस हादसे में 10 से अधिक श्रद्धालु घायल हो गए। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में प्राथमिक इलाज देने के बाद अनंतनाग के सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार सभी यात्रियों की हालत स्थिर है और उन्हें मामूली चोटें आई हैं। कैसे हुआ हादसा यह हादसा रविवार को सुबह के समय हुआ जब अमरनाथ यात्रियों का एक काफिला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित टचलू क्रॉसिंग के पास से गुजर रहा था। कुलगाम जिले के खुडवानी क्षेत्र में जैसे ही बसें टचलू क्रॉसिंग के पास पहुंचीं, तीन बसें एक-दूसरे से टकरा गईं। माना जा रहा है कि बसों की रफ्तार और ब्रेकिंग में हुई चूक के कारण यह टक्कर हुई। हालांकि हादसे की असली वजह की जांच की जा रही है। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों और प्रशासन की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया। घायलों को पास के अस्पताल में ले जाया गया जहां नौ लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद अनंतनाग के GMC अस्पताल में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने दी राहत की खबर GMC अनंतनाग के डॉक्टरों ने बताया कि घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत अब स्थिर है। किसी को गंभीर चोट नहीं लगी है। डॉक्टरों की एक टीम लगातार सभी घायलों की निगरानी कर रही है और जरूरत के अनुसार इलाज जारी है।   प्रशासन और पुलिस सतर्क हादसे की जानकारी मिलते ही कुलगाम पुलिस और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि हादसे के पीछे का कारण जल्द ही स्पष्ट किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सभी जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं और बसों की नियमित जांच भी की जा रही है। यात्रियों के लिए एडवाइजरी प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि वाहन चालकों के पास वैध लाइसेंस हो और वे तय गति सीमा का पालन करें।  

लावरोव और किम की मुलाकात से बढ़ी रूस-उत्तर कोरिया की दोस्ती, पश्चिमी देशों पर तीखा संदेश

उत्तर कोरिया  रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की और अमेरिका, दक्षिण कोरिया तथा जापान को उत्तर कोरिया के खिलाफ सुरक्षा साझेदारी बनाने के सिलसिले में चेतावनी दी। लावरोव रूस तथा उत्तर कोरिया के बीच बढ़ते सैन्य व अन्य सहयोग को और प्रगाढ़ करने के वास्ते बातचीत के लिए उत्तर कोरिया के दौरे पर हैं। उन्होंने शनिवार को उत्तर कोरिया के पूर्वी शहर वोनसान में देश के नेता किम जोंग उन से मुलाकात की और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की ओर से उन्हें शुभकामनाएं दीं। बैठक के दौरान किम ने यूक्रेन के खिलाफ संघर्ष में रूस द्वारा उठाए गए ‘‘सभी कदमों का बिना शर्त समर्थन और प्रोत्साहन'' देने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उत्तर कोरिया की सरकारी समाचार समिति ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी' ने अपनी एक खबर में कहा कि किम ने कहा कि प्योंगयांग और मॉस्को गठबंधन के स्तर के अनुरूप सभी रणनीतिक मुद्दों पर समान विचार रखते हैं। केसीएनए की रिपोर्ट के अनुसार, लावरोव ने दोनों देशों से अंतरराष्ट्रीय मामलों में अपने ‘‘रणनीतिक एवं सामरिक सहयोग को और मजबूत करने तथा संयुक्त कार्रवाई को तेज करने'' का आह्वान किया। हाल के वर्षों में रूस और उत्तर कोरिया के संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं।   उत्तर कोरिया ने यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध में समर्थन देने के लिए सैनिकों और गोला-बारूद की आपूर्ति की है, जिसके बदले में उसे सैन्य और आर्थिक सहायता मिली है। उत्तर कोरिया की विदेश मंत्री चो सोन हुई के साथ बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में लावरोव ने अमेरिका, दक्षिण कोरिया और जापान पर उत्तर कोरिया के चारों ओर सैन्य जमावड़ा करने का आरोप लगाया। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी ‘तास' के अनुसार, लावरोव ने कहा, ‘‘हम इन संबंधों का इस्तेमाल उत्तर कोरिया और निश्चित रूप से रूस सहित किसी के भी खिलाफ गठबंधन बनाने को लेकर चेतावनी देते हैं।''