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सुप्रीम कोर्ट में गूंजी जोजरी नदी की पुकार, प्रदूषण से ग्रामीण परेशान

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को राजस्थान की जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। नदी में प्रदूषण की वजह से यहां की कृषि योग्य भूमि बंजर हो गई है। इसके चलते स्थानीय लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को मामले का स्वत: संज्ञान लिया था और कहा था कि नदी में औद्योगिक कचरे से सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। आरोप है इनसे निकलने वाला औद्योगिक कचरा नदी में डाला जा रहा है। इसका असर सैकड़ों गांवों पर पड़ा है। कचरे की वजह से जहरीले हो चुके जोजरी नदी के पानी ने पर्यावरण और आम जनमानस को नुकसान पहुंचाया है। नदी का पानी जानवरों के लिए भी जहरीला हो गया है, जिससे न केवल स्वास्थ्य बल्कि पूरा पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है। पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा कही जाने वाली जोजरी नदी आज जहरीली हो गई है। जोधपुर से पाली और बालोतरा तक बहने वाली इस नदी में लगभग 400 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों का प्रदूषित पानी और कचरा डाला जा रहा है। इसकी वजह से नदी का पानी पीने योग्य नहीं है। जोजरी नदी राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित 83 किलोमीटर लंबी मौसमी नदी है। इसका उद्गम नागौर जिले से होता है। यह उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहते हुए जोधपुर जिले के खेड़ालदा खुर्द के पास लूनी नदी में मिलती है। नदी का जलग्रहण क्षेत्र लगभग 3,600 वर्ग किलोमीटर तक में फैला हुआ है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

भारी बारिश ने ली जानें: कोलकाता में करंट की चपेट में आए 5, शहर में हाई अलर्ट जारी

कोलकाता  पश्चिम बंगाल के कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया गया है. कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में रात भर भारी बारिश देखने को मिली. कई जगहों पर घुटनों तक पानी भर गया और यातायात ठप हो गया. बारिश सोमवार आधी रात के बाद शुरू हुई. बारिश के कारण सड़कों पर जलभराव हो गया. कोलकाता में कई घरों एवं आवासीय परिसरों में बारिश का पानी घुस गया. कोलकाता में बारिश के कारण हादसा भी हुआ है. कोलकाता में बारिश के कारण कई बिजली की तारें पानी में गिर गईं. उनमें से करंट उतरने के कारण अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है. सीईएससी को कोलकाता के कुछ खास इलाकों में बिजली लाइनें काटने का निर्देश दिया गया है. शहर में और अधिक बारिश होने की आशंका रात भर हुई भारी बारिश के कारण, महानायक उत्तम कुमार और रवींद्र सरोबर स्टेशनों के बीच मध्य खंड में जलभराव हो गया है. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, शहीद खुदीराम से मैदान स्टेशन के बीच मेट्रो सेवाएं स्थगित कर दी गई हैं. दक्षिणेश्वर और मैदान स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं सीमित कर दी गई हैं. शहर में और अधिक बारिश होने की आशंका है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पूर्व में कम दबाव का क्षेत्र बना है. ये उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ सकता है, जिससे दक्षिण बंगाल के कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. बुधवार तक दक्षिण बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर और पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झारग्राम और बांकुड़ा जिलों में भारी बारिश की संभावना है. कोलकाता नगर निगम ने दी जानकारी 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उससे सटे उत्तरी बंगाल की खाड़ी में एक और नया निम्न दबाव का क्षेत्र बन सकता है. वहीं कोलकाता नगर निगम (केएमसी) ने बताया कि शहर के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में ज्यादा तेज बारिश हुई. गरिया कामदहारी में कुछ ही घंटों में 332, जोधपुर पार्क में 285, कालीघाट में 280, तोपसिया में 275 , बल्लीगंज में 264, उत्तरी कोलकाता के थंटानिया में 195 मिलीमीटर बारिश हुई.

कश्मीरी हिंदुओं के लिए नौकरी छूट मामला: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया

जम्मू-कश्मीर  विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के लिए ग्रुप C और D की नौकरियों में छूट की मांग की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार किया है. केंद्र सरकार की नौकरियों की भर्ती के लिए आयु में छूट की मांग की गई थी. इस मामले पर सुनवाई से इनकार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने याचिककर्ता से पूछा कि हमें इसमें हस्तक्षेप क्यों करना चाहिए? ये सभी नीतिगत निर्णय हैं. विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के एक संगठन पनुन कश्मीर ट्रस्ट ने की ओर से ये याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया था कि जहां सिख विरोधी दंगों और 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों को इस तरह की छूट दी गई थी. उसी तरह की छूट इन्हें भी दी जानी चाहिए. याचिका में क्या कहा गया? पनुन कश्मीर ने सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की थी. ये याचिका भारत के संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई थी. विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं के लिए ग्रुप सी और डी की आने वाली केंद्र सरकार की नौकरियों में भर्तियों में उम्र सीमा में छूट को लेकर ये याचिका दायर की गई थी.याचिका में कहा गया है कि 1984 के सिख विरोधी दंगों और 2002 के गुजरात दंगों के पीड़ितों को ऐसी छूट दी गई है,लेकिन विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं को इस तरह की कोई भी छूट नहीं मिली. याचिका में यह भी कहा गया कि 1990 में घाटी में लक्षित नस्लीय सफाई और जबरन विस्थापन की वजह से बहुत से कश्मीरी उपेक्षित रहे. ऐसे में उपेक्षित कश्मीरी हिंदुओं को अभी तक इस तरह केसमान सकारात्मक उपायों का लाभ नहीं मिल सका और इससे वंचित रहे. याचिका में उल्लेख किया गया है कि कश्मीरी हिंदुओं को जनवरी 1990 में अपनी पैतृक भूमि से भागने के लिए मजबूर किया गया था. इस वजह से तीन दशकों से ज्यादा समय तक उनके मौलिक अधिकारों का हनन हुआ है. याचिका में यह भी कहा गया कि विस्थापित कश्मीरी हिंदुओं की दूसरी पीढ़ी, जिन्होंनेशरणार्थी शिविरों और जगह-जगह बस्तियों में अपना समय बिताया है. अब उन्हें सरकारी नौकरियों में आयु सीमा के प्रतिबंधों की वजह से रोजगार में बाधाएं झेलनी पड़ रही हैं और उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में उन्हें ग्रुप सी और डी की नौकरियों में छूट दिया जाना चाहिए.

दिवाली-छठ पर बढ़ाई गई 12,000 स्पेशल ट्रेनें, अब हर मार्ग पर सफर होगा तेज़ और सुविधाजनक

नई दिल्ली देश में दिवाली की तैयारियां जोरों पर हैं और साथ ही लोग छठ पूजा पर भी अपने घर जाने के लिए निकलने की के लिए ट्रेन-बस बुकिंग करने में लगे हैं. इन त्योहारों लोग अपने घर आराम से और सुरक्षित पहुंचें इसके लिए भारतीय रेलवे ने भी बड़ी तैयारी की है और इसके तहत पिछले साल के मुकाबले इस साल और ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी इससे जुड़ी जानकारी शेयर की है.  पिछले साल से 4500 ट्रेनें ज्यादा छठ और दिवाली के लिए ट्रेन संचालन पर बात करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि इन पर्वों पर पिछले साल हमने 7,500 स्पेशल ट्रेनें संचालित की थीं और इस बार हम अपनी क्षमता को और भी बढ़ा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस बार छठ और दिवाली पर यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए इंडियन रेलवे का लक्ष्य करीब 12000 स्पेशल ट्रेनें चलाने का है. गौरतलब है कि दिवाली और छठ पूजा के मौके पर दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े मेट्रो शहरों से उत्तर प्रदेश और बिहार समेत अन्य राज्यों में बड़ी संख्या में लोग जाते हैं और इस दौरान ट्रेनों में भारी भीड़ नजर आती है. स्टेशनों पर उमड़ने वाली इस भीड़ को देखते हुए ही रेलवे ने इस साल बीते साल से ज्यादा ट्रेनें चलाने की तैयारी की है.  1 अक्टूबर से 15 नवंबर तक चलेंगी ट्रेनें अश्विनी वैष्णव ने आगे इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि इंडियन रेलवे की ओर से अभी तक 10,000 स्पेशल ट्रेनों की अधिसूचना जारी की जा चुकी है. छठ-दिवाली के लिए चलाई जाने वाली इन स्पेशल ट्रेनों में 150 ट्रेनें पूरी तरह से अनारक्षित कैटेगरी की होंगी और ये ट्रेनें अंतिम समय में चलाई जाएंगी. टाइमलाइन के बारे में बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इन स्पेशल ट्रेनों का संचालन अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 अक्टूबर से शुरू होगा और 15 नवंबर तक किया जाएगा. वंदे भारत स्लीपर पर बड़ा अपडेट रेल मंत्री ने देश भर में भारतीय रेलवे के संचालन में तमाम प्रयासों के चलते आए सुधारों के बारे में बात करते हुए बताया कि अब देश के 70 में से 29 डिवीजनों में हमारी समयपालनता 90% से ज्यादा है. इसके साथ ही उन्होंने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन पर भी बड़ा अपडेट दिया है और बताया कि इसे लेकर काम कहां तक आगे बढ़ा है.  अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, वंदे भारत स्लीपर तैयार है और उसका परीक्षण भी पूरा हो चुका है. उन्होंने आगे कहा कि हम एक साथ दो Vande Bharat Sleeper रेक शुरू करेंगे और हम दूसरे रेक का ही इंतजार कर रहे हैं, जो 15 अक्टूबर तक आ जाएगा. इन रूट पर वंदे भारत और अमृत भारत रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक्स अकाउंट पर लखनऊ जंक्शन और सहारनपुर के बीच नई वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर कहा कि ये यात्रा के समय को कम करेगी और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं भी प्रदान करेगी, जिससे यात्रा अधिक सुविधाजनक और आरामदायक होगी. इसके अलावा मदार जंक्शन (अजमेर) और दरभंगा के बीच नई साप्ताहिक अमृत भारत एक्सप्रेस को लेकर उन्होंने कहा कि ये निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए सहायक होगी.

सिनेमा प्रेमियों के लिए राहत या झटका? हाई कोर्ट ने कर्नाटक के टिकट दाम नियम पर लगाया ब्रेक

बेंगलुरु  मूवी टिकट के दाम अधिकतम 200 रुपये तक सीमित करने के कर्नाटक सरकार के फैसले पर हाई कोर्ट ने रोक लगा दी है। जस्टिस रवि वी होसमानी ने एक अंतरिम आदेश जारी करते हुए मल्टीप्लेक्स के मालिकों को राहत दी है। मल्टीप्लेक्स असोसिएशन ने एक याचिका फाइल कर कर्नाटक सिनेमा रेग्युलेशन रूसल 2025 को चुनौती दी थी। इस नियम में कहा गया था कि फिल्म के टिकट की कीमत 200 रुपये से ज्यादा नहीं बढ़ाई जा सकती। फिल्म प्रड्यूसर्स, मल्टीप्लेकस एसोसिएशन ऑफ इंडिया औ पीवीआर आईनॉक्स के शेयरहोल्डर्स ने मिलकर हाई कोर्ट में अपील की थी। याचिका में कहा गया था कि सभी थिएटर में इस तरह से टिकट की कीमतों को सीमित कर देने से नुकसान होगा। याचिका में कहा गया कि सिंगल स्क्रीन थिएटर के मुकाबले मल्टीप्लेक्सेज में सुविधाएं ज्यादा होती हैं। ऐसे में वहां फिल्म दिखाने का खर्च भी ज्यादा आता है। याचिका में कहा गया था कि कि ओटीटी प्लैटफॉर्म, सैटलाइट टीवी और मनोरंजन के अन्य साधनों पर कड़े नियम नहीं हैं। वहीं इस तरह के नियम केवल थिएटर पर ही लगाए जा रहे हैं। एसोसिएशन ने कहा कि सरकार के ये नियम संविधान के आर्टिकल 19 (1) (g) का उल्लंघन करते हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि मल्टीप्लेक्स में टेक्नॉलजी, इनवेस्टमेंट, फॉर्मेट पर ज्यादा खर्च होता है और इसका बिना ध्यान दिए ही नियम बनाना गलत है। नियम में 75 सीट या उससे कम सीट वाले मल्टी स्क्रीन प्रीमियम सिनेमा को छूट दी गई थी। हालांकि इसको पारिभाषित नहीं किया गया था। राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि सभी को मनोरंजन का अधिकार है और ऐसे में जनता के हित में यह फैसला लिया गया है। एसोसिएशन की तरफ से पेश हुए वकील अदया होला ने कहा कि इस तरह से 200 रुपये का कैप निर्धारित कर देना मनमाना रवैया है। उन्होंने कहा कि ग्राहक ज्यादा पैसे खर्च करके भी लग्जरी सिनेमा देखना चाहता है। ऐसे में एग्जिबिटर्स को भी लग्जरी चीजें उपलब्ध करवाने के लिए कीमत निर्धारित करने की छूट मिलनी चाहिए। कोर्ट में याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि इसी तरह का मामला एक अन्य राज्य में भी था। कर्ट में जाने के बाद नियम बदलना पड़ा था। एक अन्य वकील ने कहा कि इस मामले में राज्य सरकार को पड़ना ही नहीं चाहिए। यह मामला ग्राहकों और थिएटर मालिकों के बीच का है।  

भाजपा के नए अध्यक्ष पर सस्पेंस, विपक्ष ने साधा निशाना

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष के चुनाव में देरी पर अब विपक्ष निशाना साध रहा है। विपक्षी गठबंधन INDIA के सदस्य दल शिवसेना (UBT) ने आरोप लगाए हैं कि देश को चलाने वाली पार्टी अपने खुद के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव नहीं कर पा रही है। उनका दावा है कि किसी एक नेता के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही है। फिलहाल, इसे लेकर भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। शिवसेना (यूबीटी) से राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा, 'एकमत नहीं हो रहा है नाम के ऊपर यह भी सच है। एक पार्टी देश चला रही है, लेकिन अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन नहीं कर पा रही है। यह क्या मामला है, क्या मसला है किसी को नहीं पता। आप चुनाव आयोग को बदल सकते हो, आप सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश को बदल सकते हो, आप किसी को भी बदल सकते हो।' उन्होंने आगे कहा, 'आप देश के उपराष्ट्रपति को घर भेज सकते हो, लेकिन आपकी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन नहीं कर सकती। यह क्या मामला है, देश को पता होना चाहिए। आप कल राष्ट्रपति को भी घर भेजेंगे, जैसे धनखड़ साहब को भेजा है, लेकिन आप अपनी पार्टी का अध्यक्ष नहीं चुन सकते।' पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था। हाल ही में हुए उपराष्ट्रपति चुनाव में सीपी राधाकृष्ण ने जीत हासिल की है। भाजपा अध्यक्ष फिलहाल, केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा भाजपा की कमान संभाल रहे हैं और इससे पहले उन्हें कार्यकाल विस्तार दिया जा चुका है। यह साफ नहीं है कि भाजपा कब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करेगी, लेकिन अटकलें लगाई जा रही हैं कि बिहार विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी नया कप्तान चुन सकती है। हालांकि, इसे लेकर भी आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। रेस में कौन भाजपा ने अब तक संभावित उम्मीदवारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन अटकलें हैं कि इस रेस में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव, धर्मेंद्र प्रधान का नाम शामिल है। साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नाम की भी अटकलें जारी हैं। फिलहाल, पार्टी ने या किसी भी नेता ने इस बात की पुष्टि नहीं की है।  

सरेआम कत्ल! बस स्टैंड पर पति ने पत्नी की हत्या की, बेटी के सामने दिल दहला देने वाला हादसा

बेंगलुरु  कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक सनसनीखेज कांड सामने आया है, जिसमें एक शख्स ने बस स्टैंड पर ही पत्नी को मार डाला। लोहिताश्व नाम के शख्स ने पत्नी को बस स्टैंड पर ही सरेआम एक दर्जन पर चाकू से मारा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उसकी 12 साल की बेटी भी मौके पर थी। पुलिस का कहना है कि लोहिताश्व और रेखा ने तीन महीने पहले ही शादी की थी और वे काफी समय से साथ हैं। रेखा की यह दूसरी शादी है और पहले विवाह से उसकी दो बेटियां है। रेखा की एक बेटी उसके मां-बाप के पास यानी अपने ननिहाल में रहती है। वहीं 12 साल की बड़ी बेटी उसके साथ थी। पुलिस का कहना है कि रेखा ने अपने पहले पति से अलग होकर शादी की थी। इसके अलावा लोहिताश्व भी तलाकशुदा था। दोनों शादी के बाद किराये के एक घर में ही रहते थे। कर्नाटक के सिरा कस्बे से ये लोग बेंगलुरु आकर रहने लगे थे। इस दौरान रेखा एक कॉल सेंटर में नौकरी कर रही थी। लोहिताश्व बेरोजगार था तो उसने उसकी भी नौकरी लगवाने में मदद की। उसे ड्राइवर की नौकरी दिला दी थी। लेकिन लोहिताश्व को उसका घर से बाहर जाना अच्छा नहीं लगता था। उसे शक होने लगा था कि रेखा के किसी और से संबंध हैं। इसी को लेकर दोनों के बीच तकरार होने लगी थी। लोहित अकसर आरोप लगाता था कि रेखा का किसी और पुरुष से संबंध है। इसी टकराव के बीच उसने सोमवार को सुबह बस का इंतजार कर रही रेखा पर स्टैंड पर ही हमला बोल दिया। लोहित ने लगातार एक दर्जन बार चाकू से वार किया और लहूलुहान कर दिया। रेखा की मौके पर ही मौत हो गई। इस दौरान उसकी बड़ी बेटी भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस और स्थानीय लोगों की ओर से रेखा को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी पहले ही मौत हो गई। एक निजी अस्पताल में रेखा को मृत घोषित किया गया। घटना को अंजाम देने के बाद वह फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने अब लोहित को अरेस्ट कर लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है।  

बारिश ने रोकी रफ्तार: हावड़ा स्टेशन पानी में डूबा, मेट्रो पर भी असर

कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में मंगलवार को पूरी रात हुई मूसलाधार बारिश ने सामान्य जनजीवन को अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश के बाद कई इलाकों में पानी भर गया है, जिसमें करंट भी उतरने की बात सामने आई है. बिजली का करंट लगने की वजह से अब तक कुल 5 लोगों की मौत हुई है. पिछले 6 घंटों में शहर में 250 मिलीमीटर से ज्यादा बारिश हुई, जिससे शहर के कई हिस्सों में घुटनों तक पानी भर गया है. इलाकों से पंप के जरिए निकाला जा रहा पानी रात भर हुई भारी बारिश के कारण, महानायक उत्तम कुमार और रवींद्र सरोबर स्टेशनों के बीच जलभराव हो गया है. यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, शहीद खुदीराम से मैदान स्टेशन के बीच मेट्रो सेवाएं रोक दी गई हैं. दक्षिणेश्वर और मैदान स्टेशनों के बीच मेट्रो सेवाएं कम संख्या में चलाई जा रही हैं. पानी को पंप से बाहर निकाला जा रहा है. मेट्रो रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने के लिए मौके पर पहुंच गए हैं. अचानक मौसम में बदलाव की वजह से ट्रैफिक पर बुरा असर पड़ा है और कई जगहों पर वाहनों की आवाजाही थम गई है. मेट्रो और रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं. मौसम विभाग ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यह बारिश हुई है. रात भर हुई बारिश की वजह से शहर की कई सड़कों में पानी भर गया. कई घरों और आवासीय परिसरों में भी पानी घुस गया है.  कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के मुताबिक, गरिया कामदाहरी में 332 मिमी, जोधपुर पार्क में 285 मिमी, कालीघाट में 280 मिमी, टॉप्शिया में 275 मिमी, और बालीगंज में 264 मिमी बारिश दर्ज की गई. कोलकाता में पांच घंटे के अंदर रिकॉर्ड बारिश     कामदहारी-332 मिमी     जोधपुर पार्क- 285 मिमी     कालीघाट- 280.2 मिमी     टैप्सिया- 275 मिमी     बालीगंज- 264 मिमी     चेतला- 262 मिमी     मोमिनपुर- 234 मिमी     चिंगरीहाटा- 237 मिमी     पामर बाज़ार- 217 मिमी     धापा- 212 मिमी     सीपीटी नहर- 209.4 मिमी     उल्टाडांगा- 207 मिमी     कुदघाट- 203.4 मिमी     पागलडांगा (टंगरा)- 201 मिमी     कुलिया (टंगरा)-  196 मिमी     थन्थानिया- 195 मिमी हावड़ा और सियालदह यार्ड और कार-शेड में जलभराव  रात में हुई मूसलाधार बारिश के बाद, हावड़ा स्टेशन यार्ड, सियालदह दक्षिण स्टेशन यार्ड, चितपुर उत्तर केबिन, विभिन्न कार-शेड और सियालदह यार्ड के विभिन्न स्थानों पर जलभराव देखा गया. हावड़ा और सियालदह मंडलों की रेलवे लाइनों पर पानी भर गया है. जमा हुए पानी को निकालने के लिए कई जगहों पर पानी के पंप लगाए गए हैं, लेकिन आस-पास के सिविल क्षेत्र से भी पानी भर जाने के कारण, पानी वापस रेलवे यार्ड में बह रहा है, जिससे और भी मुश्किलें पैदा हो रही हैं. आज यानी मंगलवार सुबह कुछ उपनगरीय ट्रेनों को बीच में ही रोक दिया गया और बीच में ही शुरू कर दिया गया.  रेलवे सेवाएं प्रभावित…     सियालदह उत्तर और मुख्य: उपनगरीय खंड में प्लेटफार्म नंबर-7 से आंशिक सेवाएं शुरू हुईं.     13113 यूपी हज़ारद्वारी एक्सप्रेस को कोलकाता से रद्द कर दिया गया है.     13177 सियालदह जंगीपुर एक्सप्रेस को सियालदह से रद्द कर दिया गया है.     सियालदह दक्षिण खंड में जलभराव के कारण ट्रेनों का परिचालन स्थगित कर दिया गया है.     ट्रैक और चितपुर यार्ड में जलभराव के कारण सर्कुलर रेलवे लाइन पर ट्रेनों का ऑपरेशन स्थगित कर दिया गया है. मौसम विभाग की चेतावनी… भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बना है, जिसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है. इससे दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. बुधवार तक पूर्ब मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, दक्षिण 24 परगना, झाड़ग्राम और बांकुरा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है. मौसम विभाग ने यह भी बताया कि 25 सितंबर के आसपास पूर्व-मध्य और उत्तर बंगाल की खाड़ी के आस-पास एक और नया कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में और बारिश हो सकती है.

जरूरी सामान की खरीददारी को लेकर हड़कंप, हांगकांग एयरपोर्ट हुआ आज से सील

हांगकांग एशिया के प्रमुख वित्तीय केंद्र हांगकांग में आने वाले सुपर टाइफून साओला के कारण हांगकांग अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा 36 घंटे के लिए सभी यात्री उड़ानों के लिए बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने यह जानकारी दी।हवाई अड्डा 23 सितंबर शाम 8 बजे (1200 GMT) से  25 सितंबर सुबह 8 बजे  तक बंद रहेगा। क्वांटास एयरवेज ने प्रभावित यात्रियों से संपर्क करने का भी वादा किया है।  सुपर टाइफून साओला तेज बारिश, मजबूत हवाएँ और खतरनाक परिस्थितियाँ लेकर आने की उम्मीद है। हांगकांग वेधशाला ने बताया कि मौसम में तेजी से गिरावट आने की संभावना है। मंगलवार को दोपहर में  न्यूनतम स्तर का टाइफून सिग्नल जारी किया गया, जिसे शाम 8 से 10 बजे के बीच दूसरे उच्चतम स्तर तक बढ़ाया जाएगा। मंगलवार से तेज हवाएँ और तूफानी हालत शहर में पहुंच सकती हैं। समुद्र से आने वाली हवाएँ उच्च इलाकों में हरिकेन जैसी ताकत तक पहुँच सकती हैं। लोग आवश्यक सामान का स्टॉक कर रहे हैं; सुपरमार्केट में लंबी कतारें लग रही हैं, दूध जैसे जरूरी सामान तेजी से बिक रहे हैं। हवाई अड्डा प्रशासन ने यात्रियों को अपने एयरलाइन से उड़ानों की स्थिति की पुष्टि करने की सलाह दी है। उड़ानों की निलंबन केवल सुरक्षा के लिए है ताकि यात्री और एयरपोर्ट स्टाफ सुरक्षित रहें।  अन्य तैयारियां     आपातकालीन सेवाएँ हाई अलर्ट पर हैं।     तूफान के दौरान स्कूल और व्यवसाय बंद रहने की संभावना है।     तूफान के गुजरने के बाद ही हवाई अड्डा सामान्य संचालन फिर से शुरू करेगा।     यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे  अधिकारिक चैनलों और एयरलाइन अपडेट्स  से नियमित जानकारी लेते रहें।  

पाक सेना ने अपने ही नागरिकों पर बरसाए बम, 30 की मौत! भारत-पाक में फर्क नहीं समझ पाई मुनीर की फौज

खैबर पख्तूनख्वा पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में बीती रात जो मंजर देखने को मिला, उसने पूरे मुल्क को दहला दिया। तिराह घाटी के मात्रे दारा गांव में आधी रात को जब लोग गहरी नींद में थे, तब आसमान से मौत बरसी। पाकिस्तानी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने अपने ही नागरिकों पर बम बरसाए – और सुबह जब धुआं छंटा, तो ज़मीन पर सिर्फ लाशें थीं। चारों तरफ चीख-पुकार, जले हुए मकान, और मलबे के नीचे दबे मासूम बच्चों के शव… गांव का हर कोना मानो किसी कब्रिस्तान में तब्दील हो चुका था। 30 से ज़्यादा निर्दोष लोगों की जान चली गई – जिनमें महिलाएं और छोटे-छोटे बच्चे भी शामिल हैं। और सबसे चौंकाने वाली बात ये कि यह हमला पाकिस्तान की सेना ने खुद किया – उस "ऑपरेशन" के तहत, जिसे आतंकी ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई बताया गया, लेकिन निशाना बने सिर्फ आम लोग। एएमयू टीवी की रिपोर्ट – घर बने कब्रगाह एएमयू टीवी ने स्थानीय लोगों के हवाले से बताया कि खैबर जिले के तिराह इलाके में नागरिकों के घरों को निशाना बनाकर पाकिस्तानी आर्मी ने हमला किया. धमाकों के बाद कई घर ढह गए. सोते हुए लोग मलबे के नीचे दब गए. हमले के करीब 10 घंटे बाद भी स्थानीय लोग और बचाव दल शवों की तलाश में मलबे को खंगाल रहे थे. सोमवार दोपहर तक राहत और रेस्क्यू का काम जारी था. आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है. घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है.  ‘सेना ने नरसंहार किया’ स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि खैबर पख्तूनख्वा के लोगों ने इस बमबारी को “पाकिस्तानी सेना का क्रूर नरसंहार” करार दिया है. सबसे ज्यादा तबाही मत्रे दारा गांव में हुई. वहां के लोग अब भी सदमे में हैं. खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान, ये दोनों प्रांत पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बने हुए हैं. यहां के लोग लंबे समय से सरकार और सेना से नाराज हैं. वजह है अधिकार और संसाधनों पर ज्यादा हक की मांग. इन इलाकों में कई सशस्त्र गुट सक्रिय हैं. वे खुद को आंदोलनकारी कहते हैं, जबकि पाकिस्तान सरकार और सेना उन्हें आतंकवादी बताती है. रात 2 बजे गिराए गए बम घटना तिराह घाटी के पास बसे मात्रे दारा गांव की है। रात करीब दो बजे, जब लोग नींद में थे, तभी पाकिस्तान की वायुसेना ने चीन में बने JF-17 थंडर फाइटर जेट से कम से कम 8 LS-6 बम बरसाए। पूरा इलाका धमाकों से दहल उठा और कई घर मलबे में तब्दील हो गए। मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। सेना की दोहरी नीति यह घटना पाकिस्तान की दोहरी नीति को उजागर करती है. एक ओर पाकिस्तानी सरकार और सेना खैबर पख्तूनख्वा में जैश-ए-मोहम्मद जैसे वैश्विक आतंकी संगठनों को पुलिस सुरक्षा में रैली और भर्ती अभियान चलाने देती है, वहीं दूसरी ओर निर्दोष नागरिकों के घरों पर बम बरसाती है. पिछले हफ्ते ही खबर सामने आई थी कि पाकिस्तान पुलिस की निगरानी में जैश-ए-मोहम्मद का एक बड़ा मजमा आयोजित किया गया था. आतंकवादियों को पनाह पाकिस्तानी सेना आतंकवादियों को पनाह देती है, उन्हें पालती-पोसती है, और निर्दोष नागरिकों के खून से अपने गुनाहों को ढकने की कोशिश करती है. अब यह हकीकत छिपी नहीं है कि इस्लामाबाद के हुक्मरान और रावलपिंडी की फौज आतंकवाद की जननी और इंसानियत की दुश्मन है. मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी सबसे चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान में लगातार हो रहे इन हवाई हमलों और आम नागरिकों की हत्याओं पर न तो अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन (Human rights violation in Pakistan) कोई प्रतिक्रिया दे रहे हैं और न ही संयुक्त राष्ट्र इस विषय पर कोई संज्ञान ले रहा है. यह एक खतरनाक संकेत है कि जब एक परमाणु शक्ति संपन्न देश अपने ही नागरिकों के खिलाफ हवाई हमले करता है और दुनिया चुप रहती है. सबसे क्रूर उदाहरण यह घटना पाकिस्तान और उसके नेतृत्व की दोहरी मानसिकता का सबसे क्रूर (Pakistan Army atrocities) उदाहरण है. एक तरफ जैश-ए-मोहम्मद जैसे वैश्विक आतंकी संगठन पुलिस की सुरक्षा में रैली करते हैं, और दूसरी तरफ वही सेना अपने ही नागरिकों पर चीनी फाइटर जेट से बम बरसाती है. मुनीर और शहबाज शरीफ का यह कदम न केवल अमानवीय है, बल्कि यह भी साबित करता है कि पाकिस्तान की सरकार और सेना आतंकवाद को पालने और उसे अपनी जमीन पर फैलाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है. यह पाकिस्तान की बर्बादी की एक और कहानी है, जहां आंतरिक संघर्ष ने उसे खुद ही तबाह कर दिया है. आतंक के नाम पर आम जनता निशाने पर पाकिस्तानी सेना ने दावा किया कि यह एयर स्ट्राइक तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन का हिस्सा थी। लेकिन स्थानीय लोग और प्रत्यक्षदर्शी बता रहे हैं कि हमले का शिकार आतंकियों के ठिकाने नहीं, बल्कि आम नागरिकों के घर बने। इस हमले ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए निर्दोष नागरिकों को निशाना बना रहा है? स्थानीय नेताओं ने की निंदा इस बर्बर कार्रवाई पर स्थानीय विधायक इकबाल अफरीदी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, "तिराह अकाखेल घाटी में मासूम बच्चों और महिलाओं की शहादत इंसानियत पर सबसे बड़ा धब्बा है। यह क्रूरता बर्दाश्त के बाहर है।" दोहरी नीति की खुली पोल पाकिस्तान की नीति अब किसी से छिपी नहीं है। एक ओर वही सरकार खैबर पख्तूनख्वाह में जैश-ए-मोहम्मद जैसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठनों को पुलिस सुरक्षा में भर्ती अभियान चलाने देती है, तो दूसरी ओर अपने ही निर्दोष नागरिकों पर बम गिराकर खून की होली खेलती है।