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रेड अलर्ट के बीच हिमाचल में शिक्षा संस्थान बंद, लैंडस्लाइड में फंसी गाड़ियां

शिमला  हिमाचल प्रदेश में आज भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है. मौसम विभाग ने प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने पूर्वानुमान लगाया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक प्रदेश में 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. वहीं, 2 सितंबर तक रेड अलर्ट है. जबकि 3 सितंबर को प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा आज भारी बारिश के अलर्ट के चलते 9 जिलों में स्कूल बंद हैं. इन जिलों में रेड अलर्ट जारी हिमाचल के 6 जिलों में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. जबकि चंबा, कुल्लू, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में ऑरेंज अलर्ट है. वहीं, सोलन में बारिश का येलो अलर्ट जारी है. वहीं, 2 सितंबर को मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट किया है. जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति में भारी बारिश का ऑरेंज है. वहीं, सोलन में येलो अलर्ट जारी है. 9 जिलों में स्कूल बंद हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट के बीच 9 जिलों में सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. ये आदेश जिला प्रशासन द्वारा छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं. आज सिरमौर, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन, हमीरपुर, मंडी, ऊना और कुल्लू जिले में स्कूल-कॉलेज समेत सभी निजी और सरकारी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे. ये फैसला भारी बारिश के दौरान लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. शिमला में घर पर लैंडस्लाइड शिमला के जुन्गा में सोमवार को बुरी खबर आई और यहां पर भूस्खलन के चलते मकान जमीदोंज हो गया औऱ बाप-बेटी समेत पालतू मवेशियों की मौत हो गई. मृतक की पहचान वीरेंद्र कुमार (35)  निवासी डूब्लू और उनकी 10 साल की बेटी के तौर पर हुई है. पत्नी के घर से बाहर होने की वजह से वह बच गई. वहीं, शिमला के कोटखाई में भूस्खलन से एक घर ढहने के बाद वृद्ध महिला कलावती की मलबे में दबने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि रोहडू के दयार मोली गांव में रात में भूस्खलन से कई घरों को खतरा पैदा होने के बाद 4 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया. मणिमहेश गए में श्रद्धालु भरमौर में फंसे चंबा जिले में बीते सप्ताह हुई भारी बारिश के चलते अब भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भरमौर में फंसे हैं. यहां पर मणिमहेश यात्रा में गए लोग चंबा भरमौर नेशनल हाईवे बंद होने से फंस गए हैं. उप-मुख्यमंत्री और जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताय़ा कि चंबा जिले में जल शक्ति विभाग को इस आपदा में लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और ज़िले की कुल 487 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 394 योजनाओं को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है. शेष योजनाओं को शीघ्र बहाल करने के लिए तत्परता से कार्य किया जा रहा है. विशेषकर चंबा और भरमौर क्षेत्र में स्थानीय स्रोतों से अस्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था की जा रही है. विभागीय अनुमान के अनुसार इन योजनाओं को पूरी तरह बहाल करने में चार से पांच दिन और लग सकते हैं. मणिमहेश यात्रा के दौरान ड्यूटी पर तैनात किए गए सभी 41 कर्मचारी सुरक्षित हैं. अब तक कितने लोगों को निकाला मणिमहेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु फंसे थे. अब तक करीब 15 हजार श्रद्धालु वहां से निकल गए हैं. भरमौर से चंबा के लिए पैदल ये श्रद्धालु पहुंचे हैं और फिर एचआरटीसी की बसों के जरिये पठानकोट भेजा गया है. अब भी कुछ श्रद्धालु भरमौर में फंसे हुए हैं. फिलहाल, चम्बा से भरमौर के बीच धारवाला तक सड़क खुल गई और आगे की बहाली की कोशिश जारी है. 12 घंटे में कहां कहां बारिश हुई हिमाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बीते 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक बारिश बिलासपुर के नंगल डैम एवं आरएल बीबीएमबी क्षेत्र में 220 एमएम दर्ज की गई. इसके अलावा रायपुर मैदान में 215, नैना देवी में 192, सोलन में 187 और नाहन में 177.8 एमएम  वर्षा हुई. वहीं सिरमौर के जैतों बैराज में 170 एमएम, कसौली में 135, ददाहू में 134, मलरौं में 132 और रोहड़ू में 130 बारिश रेकॉर्ड की गई. धर्मपुर में 124.6 एमएम, ऊना 117.4, शिमला 115.8, पांवटा साहिब 109.6, कंडाघाट 108.2 और जुब्बड़हट्टी 108.0 और अन्य क्षेत्रों में बरठीं 102, ब्रह्मणी 94.6, कुफरी 89.6, करसोग 81.2, बिलासपुर 80.8, नारकंडा 75, अघाड़ 72.4, काहू 69, कोटखाई एवं शिलारू 68.4, बग्गी 62.6 और नेरी 61 एमएम वर्षा दर्ज की गई. कुल्लू में 2 दिन तक शिक्षण संस्थान बंद डीसी कुल्लू एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष तोरुल एस रवीश ने बताया, "भारी बारिश को देखते हुए और मौसम विभाग की चेतावनी के मध्यनजर जिले के विभिन्न उपमंडलों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग, शिमला ने कुल्लू में 1 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट और 2 सितंबर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है." ये संस्थान नहीं होंगे बंद वहीं, मंडी में आईआईटी व स्वास्थ्य संस्थानों को छोड़कर सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रहेंगे. मौसम विभाग ने मंडी में 1 और दो सितंबर को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं, बिलासपुर जिले में रेजिडेंट कॉलेज और स्वास्थ्य संबंधी मेडिकल संस्थानों को छोड़कर सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे. बिलासपुर के लिए मौसम विभाग ने 1 सितंबर को रेड अलर्ट और 2 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. 

जालालाबाद के पास 10 किमी गहराई पर भूकंप, अफगानिस्तान में तबाही का अंदेशा

जालालाबाद अफगानिस्तान के दक्षिणी-पूर्वी इलाके में रविवार रात भयंकर के भूकंप झटके महसूस हुए. संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रत 6.3 दर्ज की गई. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप की वजह से 250 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. अफगानिस्तान के साथ-साथ पाकिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस हुए. भूकंप के बाद अभी भी लोग दहशत में हैं. भूकंप रविवार रात 12.47 बजे आया, पहले 6.0 की तीव्रता थी और इसके बाद 6.3 की तीव्रता का झटका लगा. अफगानिस्तान के नांगरहार जन स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने बताया कि भूकंप की वजह से नौ लोगों की मौत हुई है. घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. हालांकि इसके बाद जान गंवाने वालों की संख्या काफी बढ़ गई. अब कुल 250 लोगों की जान जा चुकी है. भूकंप को लेकर तालिबान प्रवक्ता ने क्या कहा तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दुख जाहिर किया है. उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, ''दुर्भाग्य से, आज रात आए भूकंप से हमारे कुछ पूर्वी प्रांतों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. स्थानीय अधिकारी प्रभावित लोगों के बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. केंद्र और आस-पास के प्रांतों से सहायता दल भी पहुँच रहे हैं.'' USGS ने कहा कि भूकंप का केंद्र नंगरहार प्रांत के जलालाबाद के पास था और इसकी गहराई जमीन की सतह से 8 किलोमीटर नीचे थी. यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 11:47 बजे आया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार प्रांत के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता अजमल दरवैश के अनुसार, पूर्वी प्रांत नंगाहार में नौ लोग मारे गए और 25 अन्य घायल हो गए. गौरतलब है कि अफगानिस्तान में भयानक भूकंप का इतिहास रहा है. 7 अक्टूबर, 2023 को अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद तेज झटके आए. तालिबान सरकार का अनुमान है कि कम से कम 4,000 लोग मारे गये. वहीं संयुक्त राष्ट्र ने मरने वालों की संख्या लगभग 1,500 कम बताई थी. यह हाल की स्मृति में अफगानिस्तान पर आई सबसे घातक प्राकृतिक आपदा थी. 500 लोगों की मौत अफगान के नांगरहार जन स्वास्थ्य विभाग ने प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने भी भूकंप की पुष्टि की है। रहीमी का कहना है कि भूकंप के तेज झटकों से कई घर धराशायी हो गए। शुरुआत में 9 लोगों की मौत और 15 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। मगर, अब 500 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है और कई लोग घायल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। दिल्ली NCR तक हुआ असर भूकंप का असर दिल्ली एनसीआर तक देखने को मिला। आधी रात को अचानक धरती हिलने से कई लोग अपने घरों से निकालकर बाहर भागे। लोगों में दहशत का माहौल था। हालांकि, अफगानिस्तान की तुलना में दिल्ली एनसीआर में भूकंप के झटके हल्के थे, जिससे कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। क्यों आता है भूकंप? बता दें कि हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र में टैक्टॉनिक गतिविधिया काफी सक्रिय हैं। भारतीय प्लेट और यूरोशियन प्लेट के खिसकने के कारण इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इससे पहले 2 अगस्त को भी इस इलाके में 5.5 की तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र जमीन से 87 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया था। वहीं, 6 अगस्त को यहां 4.2 की तीव्रता वाला भूकंप महसूस किया गया था। अफगानिस्तान में इससे पहले भी कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं. 28 मई को 4.7 की तीव्रता का भूकंप आया था. हालांकि किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था. वहीं 16 अप्रैल को 5.9 की तीव्रता का भूकंप आया था. इसके साथ ही भारत, नेपाल और चीन में भी बीते महीनों में भूकंप आ चुका है.  

तीन नेताओं की हाथों में हाथ की तस्वीरें, ट्रंप का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती हैं!

नई दिल्ली/ तियानजिन चीन के तियानजिन में सोमवार सुबह नए वर्ल्ड ऑर्डर के तीन दिग्गजों की मुलाकात हुई. SCO मीटिंग के दौरान आज सुबह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मेजबान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति पुतिन मिले. तीन नेताओं की गर्मजोशी भरी मुलाकात की ये तस्वीरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ब्लड प्रेशर बढ़ा सकती है.  तियानजिन में सोमवार सुबह 11 बजे महाशक्तियों का महामिलन देखने को मिला. इससे जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर खूब शेयर हो रहा है. इस वीडियो में राष्ट्रपति शी जिनपिंग, और राष्ट्रपति पुतिन पीएम मोदी के आस-पास खड़े हैं. इस दौरान पीएम मोदी सेंटर में घिर रहे हैं. तीनों राष्ट्राध्यक्ष अपने ट्रांसलेटर के साथ हल्के-फुल्के माहौल में बात कर रहे हैं.  इस दौरान इन तीनों नेताओं की भाव-भंगिमा काफी पॉजिटिव दिख रही है.  मुलाकात की इन तस्वीरों को जारी करते हुए पीएम मोदी ने अपने एक्स अकाउंट पर तस्वीरें शेयर की हैं. उन्होंने लिखा, "तियानजिन में बातचीत जारी! एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान राष्ट्रपति पुतिन और राष्ट्रपति शी के साथ विचारों का आदान-प्रदान." एक दूसरे पोस्ट में पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की तस्वीरें जारी की है और कहा है कि राष्ट्रपति पुतिन से मिलना हमेशा आनंददायक होता है. चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित 20 से अधिक विश्व नेताओं की उपस्थिति में वर्ल्ड ऑर्डर में 'धमकाने' वाले व्यवहार की कड़ी आलोचना की.  शी जिनपिंग ने एससीओ शिखर सम्मेलन के उद्घाटन पर प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की. उन्होंने कहा कि एससीओ देशों की संयुक्त अर्थव्यवस्थाएं 30 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच रही हैं और इस संगठन का वैश्विक आर्थिक प्रभाव बढ़ रहा है. शी ने सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए एक नए केंद्र के साथ-साथ शीघ्रता से एक एससीओ विकास बैंक के निर्माण का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि एससीओ के अन्य सदस्य देशों में चीन का निवेश पहले ही 84 बिलियन डॉलर से अधिक हो चुका है. उन्होंने कहा कि सभी एससीओ सदस्य "मित्र और साझेदार" हैं. शी ने सदस्यों से मतभेदों का सम्मान करने, रणनीतिक संचार बनाए रखने, आम सहमति बनाने और एकजुटता को मजबूत करने का आग्रह किया.  उन्होंने कहा कि संयुक्त सहयोग सभी संस्कृतियों को "समृद्धि और सद्भाव में फलने-फूलने" का अवसर देता है.  चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि एससीओ सदस्यों को गुट बनाकर धमकी देने वालों को और टकराव पैदा करने वालों का विरोध करने की जरूरत है. जिनपिंग ने एक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था का समर्थन किया जिसमें संयुक्त राष्ट्र वैश्विक शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाए. शी ने बढ़ते भू-राजनीतिक तनावों के बीच बहुपक्षवाद और सहयोग पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन ने क्षेत्रीय सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. जिनपिंग ने कहा कि चीन जरूरतमंद एससीओ सदस्य देशों में आजीविका में सुधार के लिए 100 लघु-स्तरीय परियोजनाओं को लागू करने की योजना बना रहा है. 

सस्ता गैस, हॉलमार्किंग और टैक्स रिटर्न: जानें 1 सितंबर से लागू होने वाले 7 अहम नियम, आपके रोजमर्रा पर होगा प्रभाव

नई दिल्ली आज एक सितंबर 2025 से 7 बड़े वित्तीय बदलाव हो गए हैं, जो लोगों की जेब पर असर डाल सकते हैं। LPG रेट, पेंशन, क्रेडिट कार्ड, इनकम टैक्स रिटर्न, भारतीय डाक के नियम, FD स्कीम आदि से जुड़े बदलाए हुए हैं, जो लोगों के महीनेभर के बजट को बिगाड़ सकते हैं। आइए इन बदलावों के बारे में जानते हैं… कमर्शियल सिलेंडर के आज से घटे दाम बता दें कि आज से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम घट गए हैं। रात 12 बजे से ही नए दामों की लिस्ट आ गई थी और रात को ही नए दाम लागू हो गए थे। सिलेंडर के दामों में 51 रुपये की कटौती है, जिसके बाद आज से कमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1581 रुपये, कोलकाता में 1683 रुपये, मुंबई में 1531 रुपये और चेन्नई में 1737 रुपये में मिलेगा। भारतीय डाक व्यवस्था आज से बदली बता दें कि आज एक सितंबर से भारतीय डाक व्यवस्था भी बदल गई है। आज से डाक सर्विस और स्पीड पोस्ट सर्विस मर्ज हो गई है। ऐसे में अब साधारण डाक सेवा बंद हो गई है। अब डाक से नहीं, बल्कि स्‍पीड पोस्‍ट से लोग कुछ भी भेज सकेंगे। क्रेडिट कार्ड नियम भी आज से बदले बता दें कि आज से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने क्रेडिट कार्ड का नियम बदल दिया है। बैंक ने जारी किए जाने वाले कुछ क्रेडिट कार्ड्स के लिए रिवॉर्ड पॉइंट्स प्रोग्राम चेंज किया है। अब क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को डिजिटल गेमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और गवर्नमेंट वेबसाइट पर लेन-देन करने पर रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं मिलेंगे। 2 बैंकों की FD स्कीम में बदलाव बता दें कि आज से 2 बड़े बैंकों की फिक्स्ड डिपोजिट (FD) भी बदल गई है। इंडियन बैंक और IDBI बैंक ने FD स्कीम लेने की डेडलाइन खत्म हो गई है। आज से इंडियन बैंक की 444 और 555 दिन वाली स्कीम लोग नहीं ले सकेंगे। IDBI बैंक की 444, 555 और 700 दिन वाली स्कीम भी आज से बंद हो गई है। UPS यानी पेंशन की डेडलाइन बढ़ी बता दें कि आज से नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के तहत आने वाली यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) सेलेक्ट करने की डेडलाइन बढ गई है। यह नियम केंद्रीय कर्मचारियों के लिए है, जिनके लिए नई पेंशन स्कीम लागू हुई है। पहले स्कीम सेलेक्ट करने की तारीख 30 जून थी, जिसे बढा़कर पहले 30 अगस्त किया गया था और अब 30 सितंबर कर दिया गया है। ATM से ट्रांजेक्शन के नियम लागू रहेंगे बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने दूसरे बैंक के ATM से पैसे निकालने पर लगने वाली फीस बढ़ाई थी। यह नियम एक मई 2025 से लागू हुआ था, जो आज एक सितंबर 2025 से भी लागू रहेगा। इस नियम में कटौती या बढ़ोतरी अभी तक नहीं हुई है। कई बैंकों ने फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट भी बदली थी, जो एक अप्रैल को जारी नियमों के अनुसार ही रहेगी। चांदी की हॉलीमार्किंग होगी अनिवार्य बता दें कि सितंबर महीने में चांदी की हॉलमार्किंग अनिवार्य हो सकती है। ऐसा होने के बाद चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसा होने से चांदी खरीदने में रुचि रखने वालों को फायदा हो सकता है। दाम बढ़े तो झटका भी लग सकता है।  सिल्वर ज्वेलरी हॉलमार्किंग: चांदी के गहनों के लिए छह शुद्धता ग्रेड तय किए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने घोषणा की है कि सोने की तरह ही 1 सितंबर से चांदी के गहनों की हॉलमार्किंग की जाएगी। ये गुणवत्ता नियंत्रण में एक बड़ा कदम है। इस कदम का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना है। हॉलमार्किंग से शुद्धता की गारंटी मिलती है। हॉलमार्क साबित करता है कि ज्वेलरी में दी गई चांदी कितनी शुद्ध है। इससे ग्राहक का भरोसा बढ़ता है।     स्वैच्छिक लागू करना: 1 सितंबर से चांदी के गहनों की हॉलमार्किंग स्वैच्छिक होगी, जैसा कि पहले सोने के लिए स्वैच्छिक लागू किया गया था।     शुद्धता के ग्रेड: BIS ने चांदी के गहनों के लिए छह शुद्धता ग्रेड तय किए हैं: 800, 835, 900, 925, 970, और 990।     हॉलमार्किंग प्रक्रिया: हर गहने को एक 6-अंकीय HUID मिलेगा, जो इसकी प्रामाणिकता और शुद्धता को दर्शाएगा।     कंज्यूमर प्रोटेक्शन: ग्राहक BIS Care एप के 'Verify HUID' फीचर का इस्तेमाल करके हॉलमार्क किए गए गहनों की प्रामाणिकता की जांच कर सकते हैं।

पहलगाम का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने SCO में आतंकवाद पर चेताया

शंघाई चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई शिखर सम्मेलन का आज (1 सितंबर, 2025) दूसरा दिन है. इस समिट में भारत की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद शामिल होने पहुंचे हैं. चीन के तियानजिन शहर में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट चल रहा है. इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चीन के दौरे पर हैं. रविवार को तियानजिन में उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. अब आज सोमवार को इस समिट का सबसे अहम सत्र हुआ, जिसमें सभी सदस्य देशों के नेता साझा हितों और चुनौतियों पर चर्चा की. समिट के आखिर में साझा प्रेस नोट पर दुनिया की नजर है, जिसमें यह पता चलेगा कि सभी देशों ने किन मुद्दों पर चर्चा की, किन मुद्दों पर सहमति बनी और आने वाले समय में उनका फोकस क्या होगा.  अलास्का समिट में यूक्रेन शांति का रास्ता- पुतिन रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'मैं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अपनी अलास्का बैठक के विवरण द्विपक्षीय बैठकों के दौरान नेताओं को बताऊंगा. मैं मास्को के इस रुख को दोहराता हूं कि यूक्रेन में संकट किसी 'आक्रमण' के कारण नहीं, बल्कि यूक्रेन के पश्चिमी सहयोगियों द्वारा समर्थित कीव में तख्तापलट के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन में बनी सहमति यूक्रेन में शांति का मार्ग प्रशस्त करती है.' एससीओ समिट की आज अहम बैठक हो रही है। तमाम बड़े देशों ने इसमें हिस्सा लिया है। कई मुद्दों पर चर्चा हो रही है, राष्ट्रपति ट्रंप की नीतियों से कैसे निपटा जाए, इस पर भी मंथन हो रहा है। पीएम मोदी भी आज राष्ट्रपति पुतिन से मिलने जा रहे हैं, वहां भी कई मुद्दों पर चर्चा संभव है। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर भी बातचीत हो सकती है। माना जा रहा है कि कई मुद्दों पर सहमति बनेगी। पीएम मोदी की रविवार को राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी द्विपक्षीय बैठक हुई थी। कई सालों बाद हुई इस बैठक में भारत-चीन रिश्तों पर खास फोकस किया गया। दोनों ही नेताओं ने आपसी साझेधारी की अहमियत को समझा और भविष्य में सहयोग बढ़ाने की बात कही। अब डिप्लोमेसी के उस चैप्टर के बाद आज दूसरा चैप्टर शुरू होने जा रहा है।  पुतिन ने भारत और चीन का जताया आभार शंघाई सहयोग परिषद (SCO) के मंच से रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि मैं यूक्रेन में संकट को हल करने के लिए चीन और भारत के प्रयासों की सराहना करता हूं.  : हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की- मोदी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज भारत रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है. हमने हर चुनौती को अवसर में बदलने की कोशिश की है. मैं आप सभी को भारत की विकास यात्रा का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करता हूं."  SCO समय की बदलती जरूरतों के साथ विकसित हो रहा है- मोदी शंघाई सहयोग संगठन के मंच से पीएम मोदी ने कहा कि यह खुशी की बात है कि SCO समय की बदलती जरूरतों के साथ विकसित हो रहा है. संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए चार नए केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. हम इस सुधारोन्मुखी सोच का स्वागत करते हैं. आतंकवाद पूरी मानवता के लिए साझा चुनौती- पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा, 'सुरक्षा, शांति और स्थिरता किसी भी देश के विकास का आधार हैं, लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और अतिवाद बड़ी चुनौतियां हैं. आतंकवाद केवल किसी किसी देश की सुरक्षा के लिए ही नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए एक साझा चुनौती है. कोई देश, कोई समाज, कोई नागरिक इससे खुद को सुरक्षित नहीं समझ सकता. इसलिए, भारत ने आतंकवाद से लड़ाई में एकता पर ज़ोर दिया है. भारत ने संयुक्त सूचना अभियान का नेतृत्व करके अल-कायदा और उससे जुड़े आतंकवादी संगठनों से लड़ने की पहल की. हमने आतंकवाद के वित्तपोषण के खिलाफ आवाज़ उठाई. इसमें मिले समर्थन के लिए मैं आभार व्यक्त करता हूं.'   PM मोदी ने नए अवसरों के बारे में एससीओ नेताओं को बताया पीएम मोदी ने कहा कि अवसर का मतलब सहयोग और सुधार दोनों है. 2023 में भारत की अध्यक्षता के दौरान एससीओ में नई ऊर्जा और विचार लाए गए. स्टार्ट-अप्स और इनोवेशन, पारंपरिक चिकित्सा, युवा सशक्तिकरण, डिजिटल समावेशन और साझा बौद्ध धरोहर जैसे नए विषयों को सहयोग में शामिल किया गया. भारत का प्रयास रहा कि एससीओ सिर्फ सरकारों तक सीमित न रहे बल्कि आम लोगों, युवा वैज्ञानिकों, विद्वानों और स्टार्ट-अप्स तक पहुंचे. लोगों के बीच संपर्क को और मजबूत करने के लिए मोदी ने सुझाव दिया कि एससीओ के तहत एक "सभ्यतागत संवाद मंच" बनाया जाए, जहां प्राचीन सभ्यताओं, कला, साहित्य और परंपराओं को वैश्विक मंच पर साझा किया जा सके. PM मोदी ने कनेक्टिविटी बढ़ाने पर दिया जोर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का मानना है कि मजबूत कनेक्टिविटी सिर्फ व्यापार ही नहीं बल्कि विश्वास और विकास के दरवाजे भी खोलती है. इसी सोच के साथ भारत चाबहार पोर्ट और इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी पहलों पर काम कर रहा है. इनके जरिए अफगानिस्तान और मध्य एशिया से कनेक्टिविटी को बढ़ाया जा सकता है. भारत का मानना है कि हर कनेक्टिविटी के प्रयास में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए. यह एससीओ चार्टर के मूल सिद्धांतों में भी शामिल है. ऐसी कनेक्टिविटी, जो संप्रभुता को दरकिनार करे, वह विश्वास और महत्व दोनों खो देती है. PM मोदी ने आतंकवाद पर बिना नाम लिए पाकिस्तान को घेरा पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के विकास का आधार सुरक्षा, शांति और स्थिरता है. लेकिन आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद इस राह में बड़ी चुनौतियां हैं. आतंकवाद किसी एक देश की सुरक्षा चुनौती नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए खतरा है. कोई भी देश, कोई भी समाज और कोई भी नागरिक इससे सुरक्षित नहीं रह सकता. भारत ने आतंकवाद के खिलाफ एकता पर जोर दिया है. एससीओ-आरएटीएस (SCO-RATS) ने इस दिशा में अहम योगदान दिया है. इस वर्ष भारत ने "अल-कायदा" और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ संयुक्त सूचना अभियान की अगुवाई की. हमने कट्टरपंथ से निपटने और समन्वय बढ़ाने के लिए संयुक्त कदमों का प्रस्ताव रखा. साथ ही, आतंकवाद … Read more

मौसम विभाग की बड़ी अपडेट: सितंबर में झमाझम बारिश, ऑरेंज अलर्ट जारी

मुंबई  मुंबई और आसपास के जिलों में बुधवार से बारिश का जोर बढ़ने की भविष्यवाणी भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने की है। मौसम विभाग ने बुधवार और गुरुवार को मुंबई और ठाणे में भारी बारिश का अनुमान जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। पालघर, रायगढ़, रत्नागिरी और सिंधुदुर्ग के साथ ही पुणे, कोल्हापुर, सतारा के घाट क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें मूसलाधार बारिश का अनुमान जताया गया है। इससे गणेशोत्सव पर्व पर लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मराठवाड़ा, विदर्भ और उत्तर महाराष्ट्र के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। इसके साथ ही हवाएं 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलने का अनुमान हैं। लेकिन कोंकण और दक्षिण महाराष्ट्र के अधिकांश इलाकों में अगले चार दिन बारिश तीव्रता राज्य के अन्य हिस्सों से अधिक रहेगी। विदर्भ और आसपास के क्षेत्रों में बने चक्रवाती परिसंचरण (cyclonic circulation) की वजह से कोंकण में लगातार बारिश हो रही है।   सितंबर में होगी अच्छी बारिश सितंबर में देशभर में मानसून का रुख कैसा रहेगा, इसे लेकर मौसम विभाग ने संभावित अनुमान जारी किया है। आईएमडी के अनुसार, इस महीने देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से लेकर सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है। इससे किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सितंबर 2025 में झमाझम बारिश की संभावना- हालांकि, पूर्वोत्तर और पूर्व भारत के कुछ हिस्सों में, दक्षिण भारत के कई इलाकों में और उत्तर भारत के कुछ क्षेत्रों में बारिश सामान्य से कम रहने की आशंका जताई गई है। इसका असर इन इलाकों में खेती-किसानी और जलस्रोतों पर पड़ सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, सितंबर में महाराष्ट्र के कोंकण और मराठवाडा के अधिकांश हिस्सों को छोड़कर राज्य के बाकि हिस्सों में सामान्य से ज्यादा बारिश होने का अनुमान जताया गया है। कुल मिलाकर देखा जाए तो सितंबर का महीना ज्यादातर राज्यों के लिए बेहतर बारिश वाला साबित हो सकता है, जबकि कुछ चुनिंदा क्षेत्रों को कम बारिश से जूझना पड़ सकता है।

सरकार ने दी चेतावनी: जनधन खाते में पैसा नहीं आएगा, तुरंत करें ये काम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2014 में प्रधानमंत्री जनधन योजना की शुरुआत की थी। इस योजना के तहत देश के गरीब लोगों को बैंकिंग सुविधा से जोड़ना था। इस योजना ने रिकॉर्ड तोड़ लोकप्रियता हासिल की। करोड़ों गरीबों ने कुछ वर्षों में करोड़ों नए खाते खुलवाए। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बैंक में खाता खुलवाने के लिए कोई रकम जमा नहीं करनी पड़ी। इसमें जीरो बैलेंस सुविधा दी गई थी। यह योजना उनके लिए बहुत बड़ा वरदान साबित हुई, क्योंकि सरकारी योजना का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में आने लगा। अब जनधन खातों के लिए जरूरी KYC अपडेट हाल ही में जनधन खाताधारकों को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। सभी खाताधारकों को अपने खाते की दोबारा से KYC (Know Your Customer) करवानी होगी। विशेष रूप से वे खाते, जो 10 साल से पुराने हैं। उनमें यह प्रक्रिया अनिवार्य है। KYC न कराने पर हो सकता है खाता इनएक्टिव बैंकों की शर्तों के अनुसार अगर समय पर KYC अपडेट नहीं की गई, तो खाता इनएक्टिव हो सकता है। इसका असर यह होगा कि खाताधारक लेन-देन नहीं कर पाएंगे। इससे सरकारी योजनाओं की रकम भी खाते में नहीं पहुंचेगी। कई बार ऐसे खाते अस्थायी रूप से बंद भी कर दिए जाते हैं। समय पर KYC कराना बहुत जरूरी जनधन खाताधारकों को सलाह दी गई है कि वे समय पर KYC अपडेट जरूर करवाएं। ऐसा न करने पर सरकारी लाभ रुक सकता है। पैसों की दिक्कत झेलनी पड़ सकती है। बैंक समय-समय पर खाताधारकों से जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने को कहता है, इसलिए सतर्क रहना और नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

सेप्टेंबर में मणिपुर जा सकते हैं पीएम मोदी, पहले दौरे में स्थिति का जायजा

भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सितंबर में हिंसाग्रस्त मणिपुर का दौरा कर सकते हैं। यह मई 2023 से जारी कुकी-मैतेई हिंसा के बाद उनका पहला दौरा होगा। सूत्रों के अनुसार, 13 सितंबर को मिजोरम दौरे के साथ वे मणिपुर भी जा सकते हैं। विपक्ष लंबे समय से हिंसा को नियंत्रित करने में नाकामी और दौरा न करने को लेकर सरकार की आलोचना करता रहा है। मणिपुर में चार घंटे का संभावित दौरा मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री 12 या 13 सितंबर को मणिपुर में लगभग चार घंटे बिता सकते हैं। इस दौरान वे मैतेई और कुकी बहुल इलाकों का दौरा करेंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मिजोरम यात्रा तय है, जबकि मणिपुर दौरे पर अभी चर्चा चल रही है। इस यात्रा से हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विश्वास बहाली की उम्मीद है।   मिजोरम में रेल नेटवर्क का ऐतिहासिक उद्घाटन प्रधानमंत्री मिजोरम में 51.38 किलोमीटर लंबी बैराबी-सैरांग रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे। यह रेल लाइन बांग्लादेश-म्यांमार सीमा के करीब है और मिजोरम को आजादी के बाद पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ेगी। यह लाइन आइजोल को असम के सिलचर और देश के अन्य हिस्सों से जोड़ेगी। इसमें 48 सुरंगें और 150 से ज्यादा पुल हैं, जिनमें 104 मीटर ऊंचा एक पुल कुतुबमीनार से भी 42 मीटर ऊंचा है। मणिपुर में स्थिति धीरे-धीरे सामान्य मणिपुर में हाल के महीनों में स्थिति शांत हुई है। भारी सुरक्षा बलों की तैनाती के बीच स्कूल और बाजार खुल रहे हैं, और विस्थापित परिवार घर लौट रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है, हालांकि हाल ही में एक पत्रकार पर हमले की घटना सामने आई। मई 2023 से शुरू हुई हिंसा में 300 से ज्यादा लोगों की मौत और 1,500 से अधिक घायल हुए हैं। राष्ट्रपति शासन लागू हिंसा को नियंत्रित न कर पाने के दबाव में तत्कालीन मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने 9 फरवरी को इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद 13 फरवरी 2025 से मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू है। प्रधानमंत्री का संभावित दौरा राज्य में शांति और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

शानदार टूर पैकेज के साथ चार धाम यात्रा होगी आसान, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली भारत में ऐसे कई सारे धार्मिक स्थल हैं, जहां हर साल लोग भगवान के दर्शन करने जाते हैं। इन्हीं दार्शनिक स्थलों में चार धाम मंदिर भी शामिल है, जहां देश-विदेश से लोग दर्शन करने आते हैं। इस साल होने वाली चार धाम यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन पहले भी शुरू हो चुके हैं। वहीं, अब आईआरसीटीसी लोगों को चार धाम के दर्शन कराने के लिए अपने नए टूर पैकेज का एलान किया है। तो चलिए जानते हैं इस पैकेज से जुड़ी सभी जरूरी डिटेल्स- यहां से शुरू होगी यात्रा आईआरसीटीसी (IRCTC Tour Package) ने यात्रा की शुरुआत दिल्ली से तय की है। कुल 12 दिन और 11 रातों का यह पैकेज सड़क मार्ग से पूरा होगा। यात्रियों को कंफर्ट वेरिएंट की सुविधा दी जाएगी और प्रत्येक प्रस्थान पर 20 श्रद्धालुओं का समूह यात्रा करेगा। यह यात्रा 01, 12, 24 सितम्बर और अक्टूबर में 01, 15 से शुरू होगी।   पैकेज का किराया (प्रति यात्री) सिंगल ऑक्युपेंसी : ₹79,000 डबल ऑक्युपेंसी : ₹54,000 ट्रिपल ऑक्युपेंसी : ₹49,000 बच्चा (5-11 वर्ष, बिस्तर सहित) : ₹30,000 बच्चा (5-11 वर्ष, बिना बिस्तर) : ₹22,000 यह यात्रा दिल्ली से शुरू होकर हरिद्वार, बरकोट, यमुनोत्री, उत्तरकाशी, गंगोत्री, गुप्तकाशी, केदारनाथ, बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग/श्रीनगर होते हुए वापस हरिद्वार और फिर दिल्ली पर समाप्त होगी। श्रद्धालु मार्ग में यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ व बद्रीनाथ धामों के दर्शन करेंगे। पैकेज में शामिल सुविधाएं सभी स्थानों पर होटल आवास मिलेगा। दिल्ली से लेकर वापसी तक एसी टेम्पो ट्रैवलर द्वारा यात्रा (हरिद्वार के बाद पहाड़ी क्षेत्र में एसी बंद रहेगा) होगी। इसके साथ नाश्ता और रात का भोजन शामिल होगा। पैकेज में कौन-कौन सी सेवाएं शामिल नहीं हेलीकॉप्टर चार्ज, पोनी-पालकी शुल्क, गाइड फीस, व्यक्तिगत खर्च, अतिरिक्त भोजन या दर्शनीय स्थल आदि को यात्री को स्वयं वहन करना होगा।

नया टोल प्लाजा लॉन्च, रुकावट के बिना होगा सफर

नई दिल्ली  अगर आप टोल प्लाजा पर लंबे जाम से परेशान हैं, तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने देश का पहला 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) टोल सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत अब टोल प्लाजा पर आपको रुकने या बैरियर पर इंतजार करने की ज़रूरत नहीं होगी। देश का पहला टोल प्लाजा NHAI की इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड ने ICICI बैंक के साथ मिलकर एक समझौता किया है। इसके तहत गुजरात के NH-48 पर स्थित चोरयासी टोल प्लाजा देश का पहला ऐसा टोल प्लाजा बनेगा, जहाँ बिना किसी रुकावट के टोल वसूला जाएगा। इसके अलावा, हरियाणा के NH-44 पर घरौंडा टोल प्लाजा में भी यह सिस्टम लागू किया जाएगा। क्या है यह नया सिस्टम? मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) सिस्टम एक ऐसी तकनीक है, जिसमें गाड़ी को टोल प्लाजा पर रुकने की ज़रूरत नहीं होती। हाई-टेक कैमरे: इस सिस्टम में खास तरह के RFID रीडर और ANPR कैमरे लगे होते हैं। ऑटोमैटिक टोल कलेक्शन: ये कैमरे आपकी गाड़ी के FASTag और रजिस्ट्रेशन नंबर को स्कैन करके अपने आप टोल काट लेते हैं। फायदे: इससे टोल प्लाजा पर लगने वाला जाम खत्म होगा, यात्रा का समय बचेगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण भी कम होगा। 25 टोल प्लाजा पर लागू होगी यह तकनीक NHAI ने बताया कि उनकी योजना है कि वित्त वर्ष 2025-26 में लगभग 25 टोल प्लाजा पर इस नई MLFF तकनीक को लागू किया जाएगा। NHAI के चेयरमैन संतोष कुमार यादव ने इस समझौते को भारत की टोलिंग व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह तकनीक टोल वसूली को और भी पारदर्शी और सुविधाजनक बनाएगी।