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नोबेल पुरस्कार को लेकर ट्रंप-मोदी के बीच हुई तीखी बातचीत, रिपोर्ट से खुला राज

वॉशिंगटन  अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में खटास आ गई है। टैरिफ तो एक वजह है ही साथ ही, दूसरी वजह ट्रंप का बार-बार भारत-पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने का दावा करना भी माना जा रहा। 17 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फोन कॉल हुई थी, जिसमें ट्रंप चाहते थे कि मोदी उन्हें नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करें। इस पर पीएम मोदी भड़क गए थे। दोनों नेताओं के बीच 35 मिनट तक फोन पर बात हुई थी। अमेरिकी अखबार ने खुलासा किया है कि 17 जून को ट्रंप ने मोदी से फोन कॉल पर फिर भारत-पाकिस्तान सीजफायर का मुद्दा उठाया और कहा कि उन्हें सैन्य तनाव खत्म करवाने पर कितना गर्व है। उन्होंने पीएम मोदी से कहा कि पाकिस्तान उन्हें (ट्रंप) नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट करने वाला है। इसका मतलब यह था कि पीएम मोदी भी ट्रंप को नॉमिनेट करें। भारतीय नेता (पीएम मोदी) भड़क गए और दो टूक कहा कि भारत-पाक सीजफायर में ट्रंप का कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत-पाक के बीच ही तय हुआ था। पीएम मोदी की टिप्पणियों को ट्रंप ने नजरअंदाज कर दिया, लेकिन सीजफायर पर असहमति और मोदी द्वारा नोबेल पुरस्कार पर बात करने से इनकार करने की वजह से दोनों नेताओं के बीच संबंध में खटास आ गई। जून में हुई इस फोन कॉल के कुछ समय बाद ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी एक्स्ट्रा टैरिफ लगाने का फैसला किया। उन्होंने हवाला दिया कि भारत रूस से लगातार तेल आयात कर रहा है, जिसकी वजह से अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा। भारत पर अमेरिका द्वारा कुल 50 फीसदी टैरिफ वसूला जा रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप से परिचित लोगों के अनुसार, अब ट्रंप के शरद ऋतु में भारत आने की कोई योजना नहीं है, जबकि पहले उन्होंने पीएम मोदी को बताया था कि वे इस साल के आखिरी में क्वाड शिखर सम्मेलन में भारत आएंगे। 17 जून को हुई बातचीत के बाद से अब तक दोनों नेताओं में कोई भी वार्ता नहीं हुई है, जिससे दोनों के बीच खराब होते संबंधों का पता चलता है। एनवाईटी ने अमेरिका और भारत में एक दर्जन से भी अधिक लोगों के साथ बातचीत के आधार पर रिपोर्ट तैयार की है। ज्यादातर ने नाम न प्रकाशित करने की शर्त रखी थी। उल्लेखनीय है कि ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान पीएम मोदी और उनके बीच काफी अच्छे रिश्ते थे। पीएम मोदी के अमेरिका में भव्य कार्यक्रम हुए थे, जबकि ट्रंप जब 2020 में भारत आए तब गुजरात में नमस्ते ट्रंप आयोजित किया गया था, लेकिन दूसरे कार्यकाल में अब दोनों नेताओं के बीच रिश्ते खराब हो गए हैं।  

उजड़े घर-परिवार, कटड़ा हादसे में अपनों के शव देखकर फूट-फूटकर रोए परिजन

जम्मू  कटड़ा त्रासदी में सभी 34 मृतकों की पहचान हो चुकी है, जिनमें कई परिवारों के कई सदस्य शामिल थे, शव देख परिजन रो पड़े। श्राइन बोर्ड ने शवों को ले जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा और मृतकों का सामान परिजनों को सौंपने की व्यवस्था की है। कटड़ा त्रासदी के सभी 34 मृतकों की पहचान हो गई है। शुक्रवार को 19 शवों की पहचान की गई। वीरवार को 15 शवों की पहचान हुई थी। अपनों के शव देखकर परिजन फफक उठे। शव लेने के लिए परिजन सुबह से ही जम्मू जीएमसी पहुंचने लगे थे। हर तरफ बेबसी के आंसू थे। दिल पर पत्थर रख उन्होंने शव देख अपने प्रियजनों को पहचाना।शव लेने के लिए उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, दिल्ली के बुराड़ी, गाजियाबाद, पंजाब के अमृतसर से परिजन पहुंचे थे। परिजनों की चीखों से पोस्टमार्टम हाउस का हर कोना कराह उठा। हर आंख नम थी। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने शवों को ले जाने के लिए निशुल्क एंबुलेंस सेवा की व्यवस्था की है। पत्नी व बेटी के शव को रो पड़े मुज्जफरनगर के इंद्रपालमुज्जफरनगर के गांव रामपुरी निवासी इंद्रपाल पर दुखों का पहाड़ टूटा है। पत्नी रामवीरी व बेटी आकांक्षा के शव को देख वह कराह उठे। इंद्रपाल ने बताया कि क्या पता था कि जीवनसंगिनी व बेटी का साथ इस तरह छूटेगा। कैसे आगे की जिंदगी कटेगी। रुंधे गले से कहा कि जब मौसम खराब था तो प्रशासन को चाहिए था कि यात्रा रोक देता। उन्होंने बताया कि त्रासदी में भाई रविंद्र की पत्नी ममता, भतीजी अंजलि, भाई अजय घायल हुए हैं जबकि अज्य के बेटे दीपेश की भी मौत हो गई है। परिवार के छह शवों देखकर फफक उठे परिजन दिल्ली के बुराड़ी के एक परिवार ने छह लोगों को खोया है। अभिषेक ने बताया कि उनकी भतीजी दीपांशी, बहन पिंकी, भाई राजा व अजय की मौत हो गई है। रिश्तेदारों में तान्या व पुकार निवासी खेड़ा धर्मपुरा (गाजियाबाद) की भी जान गई है। अभिषेक की मां रामकुमारी शवों को देखकर दहाड़ मारकर रो पड़ीं। बेटे अभिषेक व मनोहर ने उनको संभाला।  श्राइन बोर्ड बरामद सामान भी कर रहा सुपुर्दश्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने मृतकों के परिजनों को शवों के पास से बरामद सामान भी सुपुर्द किया। बोर्ड के डिप्टी सीईओ पवन कुमार ने बताया कि बरामद सामान में नगदी व आभूषण शामिल हैं। शवों को ले जाने के लिए एंबुलेंस की निशुल्क व्यवस्था की है। 

ऐतिहासिक चीन यात्रा पर PM मोदी, SCO शिखर सम्मेलन में रखेंगे भारत का पक्ष

तियानजिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक यात्रा पर चीन पहुंच चुके हैं। वे 31 अगस्त को चीन के तियानजिन शहर में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25वें शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा 2020 के गलवान घाटी संघर्ष के बाद उनकी पहली चीन यात्रा है और इसे भारत-चीन संबंधों में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह दौरा 1 सितंबर तक चलेगा और इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। यात्रा का महत्व है बेहद खास प्रधानमंत्री मोदी सात साल बाद चीन यात्रा पर पहुंचे हैं। 2018 में उन्होंने उनकी आखिरी बार चीन की यात्रा की थी। यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और चीन, 2020 के गलवान घाटी में हुए सैन्य टकराव के बाद तनाव कम करने की दिशा में कदम उठा रहे हैं। पिछले साल अक्टूबर 2024 में रूस के कजान में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हुई मुलाकात ने दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार की नींव रखी थी। विदेश मंत्रालय ने बताया कि सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें भी करेंगे जिनमें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मुलाकात भी होगी। SCO शिखर सम्मेलन का एजेंडा SCO की स्थापना 2001 में हुई थी और इसके 10 सदस्य देश हैं, जिनमें भारत, चीन, रूस, पाकिस्तान, कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान, ईरान और बेलारूस शामिल हैं। इस साल का शिखर सम्मेलन तियानजिन में 31 अगस्त से 1 सितंबर तक आयोजित हो रहा है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा SCO सम्मेलन माना जा रहा है। इसमें 20 से अधिक देशों के नेता और 10 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का मुख्य एजेंडा क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी सहयोग, और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देना है। भारत ने विशेष रूप से सीमा पार आतंकवाद पर कड़ा रुख अपनाने की बात कही है। विदेश मंत्रालय के सचिव तन्मय लाल ने कहा कि SCO का उद्देश्य आतंकवाद, उग्रवाद, और अलगाववाद से लड़ना है, और भारत चाहता है कि सभी सदस्य देश इस मुद्दे पर एक साझा बयान जारी करें। अमेरिकी टैरिफ का असर यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर रूसी तेल और हथियारों की खरीद के कारण 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाया है। ट्रंप ने ब्रिक्स देशों पर भी निशाना साधा है, जिनमें भारत और चीन दोनों शामिल हैं। इस पृष्ठभूमि में SCO समिट को वैश्विक मंच पर अमेरिकी नीतियों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह सम्मेलन भारत, चीन, और रूस को एकजुट होकर वैश्विक दक्षिण के हितों को बढ़ावा देने का अवसर देगा। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि चीन पीएम मोदी का इस सम्मेलन में स्वागत करता है और उम्मीद करता है कि यह समिट दोस्ती, एकता, और सहयोग की मिसाल बनेगा।  

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! 47 ट्रेनें रद्द, टिकट बुकिंग भी बंद

जम्मू  भारतीय रेलवे ने जम्मू की रेल लाइन में समस्या आने के कारण 47 ट्रेनों को पूरी तरह से रद्द कर दिया है, इसके अलावा 4 ट्रेनों के शॉर्ड टर्मनेट किया गया है। रेल यात्रियों को किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े इसके लिए रेलवे ने वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों को भी निर्देश दिए हैं। बताते चलें कि इसी प्रक्रिया के चलते रेलवे द्वारा अंबाला छावनी स्टेशन पर 300 से ज्यादा यात्रियों को करीब अढ़ाई लाख रुपए वापस किए हैं। ऐसा फैसला जम्मू रेल लाइन में पुल टूटने की वजह से लिया गया है जैसे ही मुरम्मत का काम पूरा हो जाएगा ट्रेनों का संचालन दोबारा से शुरू किया जाएगा।  Cancel हुई ट्रेनों का विवरण इस प्रकार है : ट्रेन नंबर 12425, 14661, 14803, 12413, 12355, 19223, 03309, 19027, 13151, 11077, 12331, 74909, 74907, 22401, 22431, 22439, 26405, 22477, 22461, 12588, 11078, 74906, 74910, 22478, 26406, 12920, 12472, 22440, 14610, 14504, 12446,16032, 22462, 12473, 14691 को पूर्ण तौर पर रद रखा गया। जबकि ट्रेन 12237 को अंबाला कैंट स्टेशन पर और 18309 अमृतसर स्टेशन पर रद रखा गया। जबकि ट्रेन नंबर 12238 बेगमपुरा का संचालन अंबाला 14609, 12445, 20433, 19803, छावनी से और 18102 जम्मूतवी- टाटा नगर का संचालन अमृतसर से किया गया। Jammu की टिकटें नहीं मिल रही  रेल यात्रियों को बता दें कि फिलहाल छावनी रेलवे स्टेशन पर जम्मू व कटरा के लिए टिकट बुकिंग को बंद कर दिया गया है। जल्द ट्रेनों का संचालन शुरू होने की उम्मीद अंबाला डिवीजन के वरिष्ठ ने बताया है कि जम्मू रेल लाइन में पुल टूटने की वजह से 47 ट्रेनों को पूरी से तरह रद्द हैं। उन्होंने बताया है कि 2 ट्रेनों को अंबाला सहित अमृतसर में रद्द किया गया और दो ट्रेनों को इन्हीं दो रेलवे स्टेशनों से संचालित किया गया है। उन्होंने कहा कि पुल मुरम्मत के बाद ट्रेनें फिर से शुरू की  जाएंगी। 

जापान दौरे के बाद पीएम मोदी चीन रवाना, SCO शिखर सम्मेलन में करेंगे शिरकत

टोक्यो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जापान की दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए शनिवार को चीन रवाना हो गए। मोदी की यात्रा के दौरान, भारत और जापान ने 13 प्रमुख समझौतों एवं घोषणाओं को अंतिम रूप दिया तथा कई परिवर्तनकारी पहलों की शुरुआत की घोषणा की। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘जापान की यह यात्रा उन उपयोगी परिणामों के लिए याद रखी जाएगी जिनसे हमारे देश के लोगों को लाभ होगा। मैं (जापान के) प्रधानमंत्री (शिगेरू) इशिबा, जापानी जनता और सरकार को उनकी गर्मजोशी के लिए धन्यवाद देता हूं।'' चीन रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी शनिवार को जापान में मियागी प्रांत के सेंडाई स्थित सेमीकंडक्टर संयंत्र गए। इससे एक दिन पहले भारत एवं जापान ने महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने का संकल्प लिया था। मोदी अपने जापानी समकक्ष इशिबा के साथ बुलेट ट्रेन से सेंडाई पहुंचे। सेंडाई तोक्यो से 300 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित है। प्रधानमंत्री इशिबा ने सेंडाई में मोदी के सम्मान में दोपहर भोज की मेजबानी की जिसमें मियागी प्रांत के गवर्नर और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल हुए। एक भारतीय विज्ञप्ति में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी की सेंडाई स्थित ‘तोक्यो इलेक्ट्रॉन मियागी लिमिटेड' (TEL मियागी) की यात्रा ने भारत के विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र और इस क्षेत्र में जापान की ताकत के बीच पूरकता को उजागर किया। सेमीकंडक्टर क्षेत्र की अग्रणी जापानी कंपनी टीईएल मियागी भारत के साथ सहयोग की योजनाओं पर काम कर रही है। मोदी को वैश्विक सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में टीईएल की भूमिका, उसकी उन्नत विनिर्माण क्षमताओं और भारत के साथ उसके जारी एवं नियोजित सहयोग की जानकारी दी गई। विदेश मंत्रालय (NEA) ने एक बयान में कहा कि इस यात्रा से दोनों देशों के नेताओं को सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला, निर्माण और परीक्षण के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए दोनों देशों के बीच मौजूद अवसरों की व्यावहारिक समझ मिली।   मंत्रालय ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने इस क्षेत्र में सहयोग को गहरा करने, जापान-भारत सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला साझेदारी पर सहयोग ज्ञापन के साथ-साथ भारत-जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मकता साझेदारी एवं आर्थिक सुरक्षा संवाद के अंतर्गत साझेदारियों को आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।'' इसमें कहा गया कि मोदी और इशिबा के इस संयंत्र के संयुक्त दौरे ने मजबूत, लचीली और विश्वसनीय सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाएं विकसित करने के भारत और जापान के साझा दृष्टिकोण को भी रेखांकित किया। विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ने उनके साथ (संयंत्र का) दौरा करने के लिए जापान के प्रधानमंत्री इशिबा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और इस रणनीतिक क्षेत्र में जापान के साथ मिलकर काम करने की भारत की तत्परता की पुष्टि की।'' मोदी और इशिबा ने शुक्रवार को व्यापक चर्चा की, जिसमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। मोदी शुक्रवार को दो दिवसीय यात्रा पर तोक्यो पहुंचे थे। जापान ने शुक्रवार को भारत में एक दशक में 10 हजार अरब येन (करीब 60,000 करोड़ रुपए) के निवेश का लक्ष्य रखा और दोनों पक्षों ने कई बड़े समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें रक्षा संबंधों के लिए एक रूपरेखा और आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने के लिए 10-वर्षीय खाका शामिल है। यह निर्णय अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की व्यापार और शुल्क संबंधी नीतियों के कारण पैदा हुई आर्थिक उथल-पुथल के बीच लिया गया। भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी के विस्तार की घोषणाएं प्रधानमंत्री मोदी और उनके जापानी समकक्ष इशिबा के बीच शिखर वार्ता के बाद की गईं। दोनों पक्षों ने 13 प्रमुख समझौतों और दस्तावेजों को अंतिम रूप दिया तथा कई परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत की घोषणा की, जिनमें सेमीकंडक्टर, स्वच्छ ऊर्जा, दूरसंचार, फार्मास्यूटिकल्स, महत्वपूर्ण खनिजों और नयी एवं उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन को बढ़ावा देने के लिए एक आर्थिक सुरक्षा ढांचा शामिल है।    

यूक्रेन संकट: भारत बेदाग, ट्रंप प्रशासन के अधिकारी अमेरिकी मीडिया में घिरे

वाशिंगटन  अमेरिकी यहूदियों के एक समर्थक समूह ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत की आलोचना करने के लिए अमेरिकी अधिकारियों पर निशाना साधा और कहा कि रूस-यूक्रेन संकट के लिए भारत जिम्मेदार नहीं है। समूह ने अमेरिका-भारत संबंधों को बेहतर बनाने का आह्वान किया। ट्रंप प्रशासन के अधिकारी रूस के तेल खरीदने को लेकर भारत की आलोचना कर रहे हैं। उनका कहना है कि तेल से अर्जित पैसों से रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध जारी रखने में मदद मिल रही है। अमेरिका ज्यूइश कमेटी (एजेसी) ने शुक्रवार को इस मामले पर टिप्पणी की। इससे पहले व्हाइट हाउस के व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने रूस-यूक्रेन संकट को “मोदी का युद्ध” करार देते हुए कहा था कि “शांति का मार्ग आंशिक रूप से नयी दिल्ली से होकर जाता है।” एजेसी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि वह "अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भारत पर किये गए जुबानी हमलों से बहुत हैरान और चिंतित है।" समूह ने नवारो की टिप्पणी को "अपमानजनक आरोप" करार दिया। पोस्ट में कहा गया है, "हमें ऊर्जा के जरूरतमंद भारत की रूसी तेल पर निर्भरता पर खेद है, लेकिन भारत पुतिन के युद्ध अपराधों के लिए जिम्मेदार नहीं है, यह एक सहयोगी लोकतांत्रिक देश और अमेरिका का एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है। महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।" पोस्ट में कहा गया है, “यह महत्वपूर्ण संबंधों को पुन: स्थापित करने का समय है।”  

टैरिफ विवाद पर केंद्र का रुख साफ, पीयूष गोयल ने कहा—भारत कभी झुकेगा नहीं

नई दिल्ली  अमेरिका के साथ जारी टैरिफ विवाद पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने खुलकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए टैरिफ के सामने नहीं झुकेगा और न ही कमजोर पड़ेगा। इसके बजाय वह दुनिया की नई उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बाजारों में अपनी पैठ बनाने पर अपना ध्यान केंद्रित करेगा। एक निजी कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने भारत के निर्यात को बढ़ाने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा आने वाले कुछ समय में केंद्र सरकार सभी क्षेत्रों को सपोर्ट करने और निर्यात के लिए तमाम फैसले लेगी। भारत हमेशा केंद्रीय मंत्री ने कहा, "मैं आपको यकीन दिलाता हूं कि इस साल हमारा निर्यात पिछले वित्त वर्ष की तुलना में ज्यादा होगा।" 27 अगस्त को भारत पर टैरिफ लागू होने के बाद अपनी पहली टिप्पणी में केंद्रीय मंत्री ने कहा, "भारत हमेशा से ही मुक्त व्यापार समझौते के लिए तैयार है। लेकिन अगर कोई हमारे साथ भेदभाव करता है, तो मैं समझता हूं कि भारत के 140 करोड़ आबादी के आत्मसम्मान और आत्मविश्वास की बात है। इसको ध्यान में रखते हुए हम कभी नहीं झुकेंगे। इसका सामना करते हुए एक साथ आगे बढ़ते रहेंगे। आपको बता दें केंद्रीय मंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका के ट्रंप प्रशासन ने भारत के ऊपर व्यापार को लेकर 25 फीसदी और रूस से तेल खरीदने के नाम पर 25 फीसदी का अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है। ऐसे में भारत से अमेरिका जाने वाले निर्यात में भारी कमी आने की आवश्यकता है। इसकी वजह से हमारे देश में हजारों लोगों की नौकरी पर खतरा मंडराना शुरू हो गया है। एक तरफ अमेरिका का कहना है कि भारत के ऊपर लगाए गए प्रतिबंध रूस के ऊपर यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए दबाव बनाने का एक प्रयास है। वहीं दूसरी ओर अमेरिका खुद भी रूस से साथ व्यापार में लगा हुआ है और चीन, जो कि रूसी तेल का सबसे बड़ा खरीददार है, उससे कुछ भी कहने में डर रहा है। जहां तक व्यापारिक क्षेत्र में लगे 25 प्रतिशत टैरिफ की बात है, तो भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह डेयरी और कृषि उत्पादों में किसी भी प्रकार की छूट नहीं देगा। अमेरिका की मांग है कि भारत डेयरी क्षेत्र में उसके प्रोडक्ट्स को भी बाजार में आने का मौका दे, लेकिन यह भारतीय किसानों और डेयरी क्षेत्र के लोगों के लिए बहुत बड़ा आत्मघाती कदम साबित होगा। अपने दूसरे कार्यकाल में ट्रंप ने लगातार टैरिफ को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू किया है। इसका असर यह है कि पूरी ग्लोबल सप्लाई चैन अस्त-व्यस्त हो गई है।  

कुख्यात समंदर चाचा मारा गया, आतंकियों को सीमा पार कराता था ‘ह्यूमन GPS’

 श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में सुरक्षा बलों ने बड़ी सफलता हासिल की. एनकाउंटर में बागू खान उर्फ समंदर चाचा मारा गया है, जिसे आतंकियों की दुनिया में 'ह्यूमन जीपीएस' कहा जाता था. सूत्रों के मुताबिक, समंदर चाचा के साथ एक और पाकिस्तानी घुसपैठिया भी ढेर हुआ है. बागू खान उर्फ समंदर चाचा 1995 से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में रह रहा था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, वो पिछले तीन दशकों से गुरेज सेक्टर और आसपास के इलाकों से 100 से ज्यादा घुसपैठी प्रयासों को अंजाम दिलाने में शामिल रहा, जिनमें से ज्यादातर सफल रहे. इलाके के कठिन पहाड़ी और गुप्त रास्तों की गहरी जानकारी उसे आतंकी संगठनों के लिए बेहद खास बनाती थी. आतंकी संगठनों की करता था मदद हालांकि, वो हिजबुल कमांडर था, लेकिन समंदर चाचा सिर्फ एक आतंकी संगठन तक सीमित नहीं था. उसने लगभग हर आतंकी संगठन को घुसपैठ की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में मदद की. इसी वजह से आतंकी उसे 'ह्यूमन जीपीएस' कहकर बुलाते थे. एनकाउंटर में ढेर सूत्रों ने बताया कि 28 अगस्त की रात जब वो नौशेरा नार इलाके से एक और घुसपैठ की कोशिश कर रहा था, तभी सुरक्षा बलों ने उसे घेर लिया. मुठभेड़ में समंदर चाचा और उसके साथ मौजूद एक और आतंकी मारा गया. अगले दिन यानी 29 अगस्त की सुबह तक इलाके में गोलीबारी और तलाशी अभियान जारी रहा. आतंकियों के नेटवर्क को बड़ा झटका सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, समंदर चाचा की मौत आतंकी संगठनों के लॉजिस्टिक नेटवर्क को करारा झटका है. उसके मारे जाने से घुसपैठ की कई संभावित योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं. समंदर चाचा वर्षों तक सुरक्षा बलों की पकड़ से बचता रहा है.

विशेष सत्र बुलाया, ममता बनर्जी की SIR पर सेंसर मोशन की तैयारी

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए सत्तारूढ़ टीएमसी और बीजेपी दोनों ने जोरदार तैयारियां शुरू कर दी हैं। पश्चिम बंगाल की सरकार 1 से 4 सितंबर तक विधानसभा का विशेष सत्र बुला रही है। इसमें बीजेपी शासित राज्यों में बंगालियों के साथ कथित अत्याचार को लेकर सेंसर मोशन लाया जा सकता है। इसके अलावा स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के खिलाफ भी विधानसभा में प्रस्ताव किया जा सकता है। बता दें कि चुनाव आयोग ने बिहार में एसआईआर करवाया है जिसका विपक्ष पुरजोर विरोध कर रहा है। बंगाल में तीन दिन विधानसभा का विशेष सत्र चलेगा। ममता बनर्जी ने कई बार राजस्थान से ओडिशा तक बंगालियों पर होने वाले अत्याचार को लेकर बीजेपी पर हमला किया है। ममता बनर्जी ने दूसरे राज्यों से वापसे आने वाले बंगालियों के लिए श्रमश्री योजना की भी शुरुआत की है। इसके तहत मजदूरों को 5 रुपये प्रति महीने की आर्थिक सहायता दी जाएगी। जानकारी के मुताबिक विधानसभा में टीएमसी एसआईआर का विरोध करेगी। कई जानकारों का कहना है कि चुनाव आयोग बंगाल में भी विधानसभा चुनाव से पहले एसआईआर करवा सकता है। उधर राहुल गांधी बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' निकाल रहे हैं। टीएमसी नेता यूसुफ पठान और ललितेश त्रिपाठी बिहार में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के अंतिम चरण में सोमवार को हिस्सा लेकर अपनी पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे। पार्टी सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस दोनों ही ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक हैं। बिहार में जारी कांग्रेस की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के तहत शुक्रवार को सीवान में एक जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया था कि केंद्र की नरेन्द्र मोदी सरकार ‘‘निर्वाचन आयोग की मिलीभगत से वोट चोरी करते पकड़ी गई है’, इसलिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता घबरा गए हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची से 65 लाख लोगों के नाम हटाना उनके मताधिकार पर हमला है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा 17 अगस्त को शुरू की गई इस यात्रा का उद्देश्य बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के माध्यम से लोगों के मतदान के अधिकार पर कथित हमले को उजागर करना है।  

पुतिन भारत आ रहे हैं दिसंबर में, क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया

नई दिल्ली रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिसंबर में भारत की यात्रा पर आने वाले हैं। इस बात की पुष्टि क्रेमलिन के वरिष्ठ अधिकारी यूरी उशाकोव ने की है। उन्होंने बताया कि आगामी सोमवार को चीन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पुतिन की मुलाकात होगी, जहां दोनों नेता पुतिन की दिसंबर यात्रा की तैयारियों पर चर्चा करेंगे। इससे पहले भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी संकेत दिया था कि पुतिन जल्द ही भारत आएंगे, हालांकि उस समय यात्रा की तारीखें तय नहीं हुई थीं। डोभाल ने भारत-रूस के विशेष और पुराने रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देश इस संबंध को बहुत महत्व देते हैं। रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने जताई नाराजगी पुतिन की भारत यात्रा की घोषणा ऐसे समय आई है जब अमेरिका ने भारत पर रूस से तेल आयात को लेकर अतिरिक्त 25% टैरिफ लगाने का फैसला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस कदम को रूस के खिलाफ दबाव बनाने के प्रयास के तौर पर लिया है। ट्रंप का आरोप है कि भारत डिस्काउंट पर रूस से तेल खरीदकर उसे उच्च दाम पर वैश्विक बाजार में बेचकर भारी मुनाफा कमा रहा है। उन्होंने ट्वीट में कहा था कि ‘भारत को इससे फर्क नहीं पड़ता कि यूक्रेन में रूस की मशीनरी से कितने लोग मारे जा रहे हैं।’ भारत ने अमेरिकी आरोपों को ठुकराया भारत ने अमेरिकी टैरिफ को अनुचित, गैर-न्यायसंगत और अस्वीकार्य करार दिया है। भारत का कहना है कि जब अमेरिका और यूरोप भी रूस से ऊर्जा खरीद रहे थे, तो भारत पर ऐसे आरोप लगाना उचित नहीं है। फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद पश्चिमी देशों ने रूस की कमाई पर रोक लगाने की कोशिश की, लेकिन यूरोप के बाजार बंद होने के कारण रूस ने अपना तेल भारत और चीन जैसे देशों की ओर मोड़ दिया। इसके कारण रूस की अरबों डॉलर की कमाई जारी है।