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ED ने दायर की सहारा चिट फंड फ्रॉड चार्जशीट, जांच में कई प्रमुख लोग फंसे

नई दिल्‍ली. सहारा ग्रुप से जुड़े 1.74 लाख करोड़ रुपये के चिटफंड फ्रॉड मामले में ईडी ने आज कोलकाता की अदालत में जैसे ही चार्जशीट दाखिल की तो दो नाम काफी चर्चा में आ गए. एक नाम है अनिल वैलापरमपिल अब्राहम तो दूसरा नाम है जितेंद्र प्रसाद (जेपी) वर्मा का. दोनों शख्‍स इस पूरे फ्रॉड के जनक हैं. दोनों ही फिलहाल सलाखों के पीछे हैं. इसी साल ईडी ने दोनों को अरेस्‍ट किया है. अनिल और जेपी की क्‍या थी भूमिका? ईडी के मुताबिक अनिल अब्राहम सहारा ग्रुप के चेयरमैन कोर मैनेजमेंट (CCM) ऑफिस में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रहे. यही वो व्‍यक्ति हैं जो टॉप सर्कल में शामिल रहकर बड़े फैसलों और एसेट डील्स करते थे. दूसरी तरफ़ जेपी वर्मा को “लॉन्ग-टाइम एसोसिएट” और प्रॉपर्टी ब्रोकर बताया गया का. ईडी का दावा है कि वो फील्‍ड ऑपरेटर हैं जो सौदों को जमीन पर उतारता था. दोनों को मनी-लॉन्ड्रिंग केस में अरेस्‍ट किया गया है. दोनों ने गुपचुप बेच डाली सहारा की संपत्तियां ईडी का आरोप है कि अनिल अब्राहम ने सहारा की संपत्तियों की बिक्री कॉर्डिनेट करवाई और कई सौदों में बड़े पैमाने पर बिना हिसाब नकद घटक शामिल रहे. बाद में यह कैश फ्लो इधर-उधर कर दिया गया. जेपी वर्मा इन सौदों के एग्जिक्‍यूशन में सक्रिय रीस और नकद आय को रूट कराने में मदद की. ईडी का दावा है कि यह वही पैसा है “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (POC)” का हिस्‍सा है. तलाशी में मिले डिजिटल/दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी का ईडी का कहना है कि सहारा समूह की संपत्तिया एक-एक कर गुपचुप बेची जा रही थीं और इस प्रक्रिया में दोनों की केंद्रीय भूमिका थी. कैसे शुरू हुई ईडी की जांच? दरअसल, जब लोगों को स्‍क्रीम की समय-सीमा खत्‍म होने पर तय राशि नहीं दी गई तो देश भर में सहारा ग्रुप के खिलाफ सैकड़ों एफआईआरों दर्ज की गई. इन एफआईआर में सहारा-लिंक्ड संस्थाओं पर हाई रिटर्न के लालच में जमाकर्ताओं से पैसा लेने, मेच्योरिटी पर भुगतान टालने/जबरन री-डिपॉज़िट कराने जैसे आरोप गए हैं. जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्डिंग की जांच शुरू की. ईडी का कहना है कि HICCSL, SCCSL, SUMCS, SMCSL, SIRECL, SHICL जैसी इकाइयों के जरिए पॉन्जी ढांचा चलाया गया. बही-खाते फेरबदल कर देनदारियाँ दबाई गई, नई रकम से पुरानी देनदारियां टकी गईं. इसी केस में 2025 में अंबी वैली (707 एकड़) और सहारा प्राइम सिटी (1,023 एकड़) की जमीनें अस्थायी तौर पर ईडी ने अटैच की थी.

केंद्र सरकार का दिवाली उपहार, कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में हो सकती है 3% बढ़ोतरी

नई दिल्ली त्‍योहारी सीजन में केंद्र सरकार कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दे सकती है. 8वां वेतन आयोग लागू होने से पहले एक बार फिर कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में इजाफा किया जा सकता है, जिससे 1.2 करोड़ से ज्‍यादा केंद्रीय कमचारियों और पेंशनर्स को लाभ मिल सके.  केंद्र सरकार दिवाली से ठीक पहले, अक्टूबर के पहले हफ्ते में महंगाई भत्ते में इजाफा कर सकती है. इस बदलाव के साथ कर्मचारियों के लिए DA 55 फीसदी से बढ़कर 58 फीसदी हो जाएगा, जो जुलाई 2025 से लागू होगा.  फाइनेंशियल एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को तीन महीने का बकाया भी मिलेगा, जिसका भुगतान अक्टूबर के वेतन के साथ किए जाने की उम्मीद है.  2025 में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ते में बदलाव करती है. एक बार जनवरी-जून की अवधि के लिए होली से पहले और दूसरी बार जुलाई-दिसंबर की अवधि के लिए दिवाली से पहले. पिछले साल केंद्र सरकार ने त्‍योहार से करीब 2 हफ्ते पहले 16 अक्टूबर, 2024 को महंगाई भत्ते में इजाफे का ऐलान किया थी. इस साल दिवाली 20-21 अक्टूबर को पड़ रही है.  DA का कैलकुलेशन कैसे किया जाता है? सातवें वेतन आयोग के तहत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर महंगाई भत्ते को तय किया जाता है. यह फॉर्मूला CPI-IW के 12 महीने के औसत आंकड़ों पर आधारित है. जुलाई 2024 से जून 2025 तक, औसत CPI-IW 143.6 रहा, जो 58% की महंगाई भत्ते की दर के बराबर है. इसका मतलब है कि जुलाई-दिसंबर 2025 सर्किल के दौरान केंद्र सरकार के कर्मचारियों का महंगाई भत्ता तीन प्रतिशत बढ़ जाएगा.  बढ़ जाएगी पेंशन और सैलरी अगर किसी कर्मचारी का बेसिक सैलरी 50,000 रुपये है, तो 55% की पुरानी DA पर भत्ता 27,500 रुपये होगा. वहीं बढ़ोतरी के बाद 58% के नए डीए के साथ, यह बढ़कर 29,000 रुपये हो जाएगा यानी अब कर्मचारी हर महीने 1,500 रुपये अतिरिक्त घर ले जाएगा. इसी तरह, 30000 रुपये की बेसिक पेंशन वाले पेंशनभोगी के लिए, DR 16,500 रुपये (55%) से बढ़कर 17,400 रुपये (58%) हो जाएगा, जिससे उन्हें हर महीने 900 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे. 7वें वेतन आयोग के तहत अंतिम बढ़ोतरी यह संशोधन इसलिए भी उल्लेखनीय है क्योंकि यह सातवें वेतन आयोग के तहत अंतिम डीए बढ़ोतरी होगी, जिसकी अवधि 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हो रही है. सरकार जनवरी 2025 में आठवें वेतन आयोग की घोषणा पहले ही कर चुकी है, लेकिन इसके संदर्भ की शर्तें (टीओआर), अध्यक्ष और सदस्यों को अभी अंतिम रूप दिया जाना बाकी है. 

बारामूला के सांसद इंजीनियर रशीद तिहाड़ से करेंगे उपराष्ट्रपति चुनाव में वोट

नई दिल्ली आगामी नौ सितंबर को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने की पटियाला हाउस की सत्र अदालत ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के बारामूला से लोकसभा सांसद इंजीनियर रशीद को अनुमति दे दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चंदर जीत ने रशीद की मतदान की अनुमति मांगने वाली याचिका स्वीकार कर ली। इससे पहले अदालत ने रशीद को संसद के मानसून सत्र में भाग लेने के लिए 24 जुलाई से चार अगस्त के बीच हिरासत में पैरोल दी थी। अदालत ने अनुमति देते हुए रशीद की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता विख्यात ओबेराय से कहा कि उनके मुवक्किल को हाई कोर्ट के पूर्व आदेश के अधीन एक शपथ पत्र देना होगा कि वह अपना यात्रा खर्च का भुगतान स्वयं करेंगें। रशीद ने कस्टडी पैरोल पर संसद भवन में भाग लेने के लिए यात्रा खर्च के रूप में भुगतान करने संबंधी जेल अधिकारियों के आदेश के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। रशीद को वर्ष 2017 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा दर्ज किए गए में गिरफ्तार किया गया था और वह 2019 से तिहाड़ जेल में बंद है। 2024 के लोकसभा चुनावों में रशीद ने उमर अब्दुल्ला को हराया था। रशीद पर जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों और आतंकी समूहों को धन मुहैया कराने का आरोप है। एनआईए की प्राथमिकी के अनुसार सह-आरोपित जहूर वटाली से पूछताछ के दौरान रशीद का नाम सामने आया था। अक्टूबर 2019 में आरोपपत्र दाखिल होने के बाद एनआइए की विशेष अदालत ने मार्च 2022 में रशीद और अन्य के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 121 (सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ना) और 124ए (देशद्रोह) के तहत और यूएपीए के तहत आतंकी फंडिंग से संबंधित अपराधों के लिए आरोप तय किए गए थे।  

मौसम का कहर: 7 सितंबर को गुजरात में भारी बारिश की संभावना, मछुआरों के लिए खतरे का संकेत

अहमदाबाद गुजरात में अगले सात दिनों तक मानसून की तेज सक्रियता का नया दौर देखने को मिल सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए अलर्ट जारी किए हैं। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने गुजरात में अगले सात दिनों तक लगातार बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों ने शनिवार को पूरे गुजरात में वर्षा का अनुमान जताया है। मौसम को देखते हुए कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किए गए हैं। आईएमडी ने बताया कि गुजरात में 6 और 7 सितंबर को अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों ने शनिवार को 30 सेमी या इससे अधिक बारिश की संभावना जताई है। बनासकांठा, साबरकांठा, मेहसाणा, अरावली, सुरेंद्रनगर, राजकोट, वलसाड, दमन और दादरा नगर हवेली में रेड अलर्ट घोषित किया गया है। वहीं द्वारका, जामनगर, पोरबंदर, जूनागढ़, बोटाद, अहमदाबाद, गांधीनगर, खेड़ा, महिसागर, पाटन, नवसारी और डांग में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों को येलो अलर्ट पर रखा गया है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। इससे पहले, मौसम विभाग ने बताया था कि शनिवार को भी बारिश का दौर जारी रहेगा। भरूच, सूरत, नवसारी, वलसाड, दमन, दादरा और नगर हवेली, भावनगर और बोटाद के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। उत्तर, मध्य और सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्रों के कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट के तहत भारी बारिश होगी। वहीं, रविवार को लेकर विभाग ने बताया कि बनासकांठा, अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, नर्मदा, भरूच, नवसारी, वलसाड, तापी, डांग और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों जैसे राजकोट, जामनगर, जूनागढ़, भावनगर, कच्छ और द्वारका सहित लगभग पूरे राज्य में व्यापक बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने बताया कि मानसून की कम दबाव रेखा वर्तमान में गंगानगर से उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी और उससे सटे म्यांमार तट पर एक ऊपरी हवा की चक्रवाती गतिविधि बनी हुई है।

गुजरात HC का बड़ा फैसला: महिला को 27 साल बाद मिली राहत, जानिए कारण

राजकोट 27 साल तक चली सुनवाई के बाद, एक ट्रायल कोर्ट ने बच्चे की हत्या के मामले में राजकोट की एक महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई, लेकिन गुजरात हाईकोर्ट ने ट्रायल की कार्यवाही को जल्दबाजी करार देते हुए सजा को रद्द कर दिया। इस मामले को कोर्ट तक ले जाने में दो साल लगे थे। 1996 में अपने पड़ोसी के बच्चे की हत्या की आरोपी महिला पर आरोप तय करने में ट्रायल कोर्ट को 14 साल लगे और फिर ट्रायल चलाकर उम्रकैद की सजा सुनाने में 13 साल और लग गए। रिपोर्ट के अनुसार, ताजा सुनवाई का आदेश देते हुए जस्टिस इलेश वोरा और जस्टिस पी.एम. रावल की डिविजन बेंच ने इस हफ्ते साइन किए हुए आदेश में कहा, "हमारे विचार से, ट्रायल कोर्ट ने पुराने मामलों का निपटारा करने के इरादे से, एक छोटा रास्ता अपनाया और सेशंस ट्रायल की प्रक्रिया का पालन किए बिना जल्दबाजी में ट्रायल का निपटारा कर दिया।" यह मामला अरुणा उर्फ अनीता देवमुरारी से जुड़ा है, जिस पर फरवरी 1996 में राजकोट जिले के धोराजी शहर में एक पड़ोसी के 7 साल के बेटे की हत्या का आरोप लगा था। वह 1998 तक जेल में रही, जब हाईकोर्ट ने उसे नियमित जमानत दी। तब से वह फरार थी। जब हाईकोर्ट ने अदालतों को लंबे समय से लंबित मामलों का निपटारा करने का निर्देश दिया, तो धोराजी की एक ट्रायल कोर्ट ने 2024 में देवमुरारी के खिलाफ कार्यवाही शुरू की। चूंकि पुलिस उसे कोर्ट में पेश नहीं कर सकी, इसलिए उसकी अनुपस्थिति में ही मुकदमा चला। मुख्य रूप से उसके पति की गवाही के आधार पर कि उसने बच्चे की हत्या की बात कबूल की थी, साथ ही 16 गवाहों के बयानों के आधार पर, कोर्ट ने उसे दोषी पाया और जून, 2025 में उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के कुछ ही घंटों के भीतर, पुलिस ने उसे वडोदरा से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसने हाईकोर्ट में सजा को चुनौती देते हुए कहा कि उसे अपना बचाव करने का कभी मौका नहीं दिया गया। हालांकि, अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि सजा उचित थी, क्योंकि आरोपी इन सभी सालों से फरार थी। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद, जस्टिस वोरा और जस्टिस रावल की एक बेंच ने बुधवार को धोराजी की सेशंस कोर्ट को देवमुरारी के खिलाफ फिर से सुनवाई करने और छह महीने के भीतर इसे पूरा करने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 299 की ट्रायल कोर्ट की व्याख्या में गलती पाई। इसी के तहत कोर्ट ने 17 गवाहों की जाँच की और आरोपी की अनुपस्थिति में फ़ैसला सुनाया था। इसके अलावा, हाईकोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने CrPC की धारा 313 के चरण को नज़रअंदाज़ कर दिया, जो गवाहों से जिरह पूरी होने के बाद आरोपी को सुनवाई का मौका देती है। हाईकोर्ट ने कहा, "ऐसी परिस्थितियों में, कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मुकदमा नहीं चलाया गया, और निष्पक्ष सुनवाई के सिद्धांत की पूरी तरह से अवहेलना करते हुए मुकदमे का समापन किया गया।" कोर्ट ने कहा कि इस तरह की लापरवाही आरोपी के अधिकार के लिए गंभीर पूर्वाग्रह का कारण बनी, क्योंकि सजा अग्राह्य (inadmissible) सबूतों के आधार पर दर्ज की गई थी और वह भी आरोपी को बचाव का मौका दिए बिना।" इन प्रक्रियात्मक चूकों (procedural lapses) के लिए, हाईकोर्ट ने कहा कि इसे वास्तविक सुनवाई नहीं कहा जा सकता और इसलिए इन असाधारण परिस्थितियों को देखते हुए मामले को फिर से सुनवाई (de novo or anew) के लिए ट्रायल कोर्ट में वापस भेज दिया गया है, ताकि देवमुरारी को उचित मौका दिया जा सके। हाईकोर्ट ने पुलिस की भी आलोचना की कि वह इतने लंबे समय तक आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई और सजा सुनाए जाने के तुरंत बाद उसे ढूंढ लिया। बेंच ने कहा, "यह ध्यान देना जरूरी है कि वारंट को थोड़े ही समय में पूरा कर लिया गया। यह दिखाता है कि धोराजी पुलिस, जो 1998 से 2025 तक वारंट को पूरा नहीं कर पाई थी, उसने सजा के बाद गिरफ्तारी वारंट को पूरा कर लिया।" बेंच ने आगे कहा, "तब, अभियोजन पक्ष के साथ-साथ कार्रवाई एजेंसी की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठता है।"  

ट्रंप के ताजा बयान पर बड़ा खुलासा, पूर्व राजनयिक बोले – ज्यादा विश्वसनीय नहीं हैं

वॉशिंगटन पूर्व राजनयिक टी.पी. श्रीनिवासन ने शनिवार को भारत-अमेरिका संबंधों के ताजा घटनाक्रम पर टिप्पणी की और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति रुख में संभावित बदलाव का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा कि ताजा खबरें अच्छी हैं। राष्ट्रपति ट्रंप का नजरिया बदलता दिख रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के बारे में कुछ बेहद सकारात्मक बयान दिए हैं, जिससे संकेत मिलता है कि इन मुद्दों पर सहमति बन सकती है। बेशक, ट्रंप इस मामले में ज्यादा विश्वसनीय नहीं हैं क्योंकि उनके बयान अलग-अलग होते हैं। जब वह नरम रुख अपनाते हैं, तब भी उनके सलाहकार सख्त रुख अपनाते हैं। उन्होंने आगे कहा, "तो, यह अभी भी बहुत अनिश्चित है, लेकिन मुझे यह देखकर खुशी हो रही है कि हम अमेरिका को छोड़कर चीन और रूस की ओर नहीं जा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में यही धारणा बनी थी…आज, कुछ सुलह की उम्मीद दिख रही है। यह क्या होगा, हमें नहीं पता।" अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों के बीच बेहद खास रिश्ते की फिर से पुष्टि की। भारत-अमेरिका संबंधों को "बेहद खास रिश्ता" बताते हुए, उन्होंने कहा कि वह और प्रधानमंत्री मोदी हमेशा दोस्त रहेंगे और इस बात पर ज़ोर दिया कि चिंता की कोई बात नहीं है। हालांकि, ट्रंप ने इस बात पर नाखुशी जताई कि "वह (प्रधानमंत्री मोदी) इस समय क्या कर रहे हैं"। एएनआई द्वारा यह पूछे जाने पर कि क्या वह भारत के साथ संबंधों को फिर से सुधारने के लिए तैयार हैं, ट्रंप ने कहा, "मैं हमेशा ऐसा करूंगा। मैं हमेशा (प्रधानमंत्री) मोदी का दोस्त रहूंगा। वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। मैं हमेशा दोस्त रहूंगा, लेकिन मुझे इस समय वह जो कर रहे हैं, वह पसंद नहीं है। लेकिन भारत और अमेरिका के बीच एक बेहद खास रिश्ता है। चिंता की कोई बात नहीं है। बस कभी-कभी हमारे बीच कुछ पल ऐसे आते हैं।"  

भारत के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय रिश्ते: क्या मोदी की पहल ने ट्रंप की नीतियों को बदला?

 नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सुर भारत को लेकर अचानक बदल गए हैं। भारत और अमेरिका के संबंधों को लेकर ट्रंप ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है। इसके साथ ही साथ उन्होंने पीएम मोदी को एक महान प्रधानमंत्री भी बताया है। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगा रखा है। इसके अलावा दो दिन पहले की डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को चीन और रूस के हाथों खो देने की बात कही थी। लेकिन अचानक से डोनाल्ड ट्रंप का सुर बदल क्यों गया है? क्या पीएम मोदी का दबाव काम करने लगा है या फिर कोई और वजह है?  आइए विस्तार से जानते हैं… ट्रंप का टैरिफ वार पिछले कुछ वक्त में चीन और भारत के संबंध बहुत अच्छे नहीं थे। लेकिन सीमा पर विवाद पर पहल के बाद से हालात कुछ सामान्य होते दिखाई दे रहे थे। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर पहले 25 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। बात सिर्फ इतने पर नहीं रुकी। रूस से तेल खरीदने की बात कहकर ट्रंप ने भारत पर 25 फीसदी और टैरिफ लगा दिया। यानी भारत पर कुल 50 फीसदी का टैरिफ लगा दिया। भारत की तरफ से तमाम व्यापारिक बातचीत और कूटनीति का सहारा लिया गया, लेकिन बात बनती नजर नहीं आई। बल्कि ट्रंप भारत को लेकर उल्टे-सीधे बयान ही देते रहे। पीएम मोदी की चीन यात्रा भारत ने बातचीत और कूटनीतिक रास्ता अख्तियार किया। लेकिन ट्रंप के तेवर नर्म नहीं पड़े तो पीएम मोदी ने चीन के साथ संबंध बेहतर बनाने पर जोर दिया। एससीओ समिट में पीएम मोदी न सिर्फ शामिल हुए, बल्कि रूस और चीन के साथ तिकड़ी बनाते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति को कड़ा संदेश भी भेजा। भारत का संदेश स्पष्ट था, कि हम अमेरिका के दबाव में आने वाले नहीं हैं। रूस से तेल खरीदने को लेकर भी भारत ने अपनी रणनीति बिल्कुल स्पष्ट रखी। अमेरिका पर दबाव भारत के अंदाज से अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की तिलमिलाहट बढ़ती नजर आई। एक तरफ भारत का अमेरिकी दबाव में न आना, दूसरी तरफ अपने ही देश में लगातार घिरते जाना। इसके बावजूद उन्होंने भारत को चीन और रूस के हाथों खोने की बात कह ही डाली। लेकिन आखिर दबाव काम करता नजर आया। ट्रंप ने शनिवार को कह ही दिया कि भारत और अमेरिका के बीच विशेष संबंध हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने पीएम मोदी की भी तारीफ की और कहा कि मैं हमेशा नरेन्द्र मोदी का मित्र रहूंगा। वह एक महान प्रधानमंत्री हैं।  

कुरान जलाने वाली ट्रंप समर्थक की धमकी, FBI ने बताया मुस्लिमों का इरादा और हिंदुओं पर किया विवादित कमेंट

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कट्टर समर्थक और टेक्सास से रिपब्लिकन पार्टी की कांग्रेस उम्मीदवार वालेंटीना गोमेज ने एक वीडियो पोस्ट करते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। वालेंटीना ने दावा किया कि उन्हें 'मुस्लिम समुदाय के लोग जान से मारना चाहते हैं।' उन्होंने ये भी कहा कि खुद अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी एफबीआई ने उन्हें इसकी जानकारी दी है। इस वीडियो में उन्होंने हिंदुओं के बारे में भी एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। क्या बोलीं वालेंटीना गोमेज? वीडियो में वालेंटीना गोमेज एक लाल शर्ट पहने हुए हैं, जिस पर 1776 और अमेरिकी ध्वज का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि एफबीआई ने उन्हें बताया कि मुस्लिम उन्हें मारना चाहते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि वे सिर्फ उन्हें ही नहीं, बल्कि यहूदियों, हिंदुओं और यहां तक कि ड्रैगन के अनुयायियों को भी मारना चाहते हैं, जो कुरान के अलावा अन्य धर्मग्रंथों में विश्वास करते हैं। हिंदुओं के लिए क्या कहा? वालेंटीना गोमेज ने कहा कि इस्लामिक कट्टरपंथी यहूदियों, ईसाइयों, हिंदुओं और अन्य धर्मों के लोगों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिशिगन में मुस्लिम आतंकवादियों को आधिकारिक पुलिस बैज दिए गए हैं, जिससे वे इस्लामिक कानून के तहत किसी को भी गिरफ्तार कर सकते हैं जो इसके अधीन नहीं होता। उन्होंने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "अगर मुसलमान बहुसंख्यक हो गए, तो वे आपकी बेटियों का उनकी मासूमियत से बलात्कार करेंगे और आपके समुदायों को ब्रिटेन की तरह ही गुलामी में लाएंगे। एफबीआई जानती है कि इस्लाम का युद्ध मेरे खिलाफ नहीं है- यह अमेरिका के खिलाफ है, और मैं यहूदियों और हिंदुओं के साथ बस बीच में खड़ी हूं। कांग्रेस इन आतंकवादियों से अमेरिका की रक्षा नहीं करेगी, इसलिए मुझे भेज दो- क्योंकि मैं करूंगी।" वालेंटीना गोमेज ने कहा कि वे अपनी जान जोखिम में डालकर अमेरिकी जीवनशैली की रक्षा कर रही हैं और कांग्रेस में पहुंचने के लिए लोगों से प्रार्थना और दान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इस्लाम का टेक्सास में कोई स्थान नहीं है और "जीसस किंग" है। वीडियो के अंत में उन्होंने खुद को "वालेंटीना गोमेज फॉर कांग्रेस, टेक्सास 31वीं" के रूप में पेश किया और "पावर्ड बाय जीसस क्राइस्ट" लिखा हुआ दिखाया। विवादास्पद बयान और कार्य वालेंटीना गोमेज पहले भी विवादों में रही हैं। उन्होंने कुरान जलाने का वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें उन्होंने कहा था, "मैं टेक्सास में इस्लाम को समाप्त कर दूंगी, हे ईश्वर, मेरी मदद करो।"  

186 यात्रियों की सांसें थमीं, इंडिगो का फ्लाइट तकनीकी समस्या के कारण वापस कोच्चि

नई दिल्ली इंडिगो के एक विमान में शुक्रवार देर रात तकनीकी खराबी देखने को मिली। फ्लाइट कोच्चि से अबू धाबी के लिए रवाना हुई थी, लेकिन दिक्कत के बाद इसे वापस कोच्चि की ओर मोड़ दिया गया। इसके बाद यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से अबू धाबी के लिए रवाना किया गया। बताया जा रहा है कि फ्लाइट में 180 से ज्यादा यात्री सवार थे। इसके अलावा 6 क्रू मेंबर भी फ्लाइट में मौजूद थे। प्लेन करीब दो घंटे तक हवा में थे। सूत्रों ने बताया कि फ्लाइट संख्या 6E-1403 शुक्रवार की रात करीब 11.10 बजे कोच्चि से रवाना हुई। दो घंटे तक हवा में रही फ्लाइट दो घंटे से ज्यादा समय तक फ्लाइट हवा में थी। तभी क्रू मेंबर्स को इसमें तकनीकी खराबी का पता चला। इसके बाद शनिवार की रात 1.44 बजे फ्लाइट को कोच्चि की ओर मोड़ दिया गया। ड्यूटी के घंटे पूरे होने के कारण फ्लाइट के क्रू मेंबर्स को भी बदला गया और नए दल के साथ दूसरी फ्लाइट को रवाना किया गया। इंडिगो ने एक बयान में कहा, '6 सितंबर 2025 को कोच्चि से अबू धाबी के लिए उड़ान भरने वाली इंडिगो की उड़ान संख्या 6E 1403 में तकनीकी खराबी का पता चला। एहतियाती कदम उठाते हुए, पायलटों ने विमान को वापस मोड़ने का फैसला किया और विमान कोचीन अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षित रूप से उतार लिया गया।' एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया गया और उन्हें दूसरी फ्लाइट से रात 3.30 बजे अबू धाबी रवाना किया गया। फ्लाइट का ऑपरेशन फिर से शुरू करने से पहले उसे मेंटेनेंस के लिए भेज दिया गया है।  

विदेश नीति पर फडणवीस का ठोस रुख: मोदी को मान्यता या न मान्यता, भारत चलता अपनी दिशा में

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि भले ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कहें या नहीं पर वास्तविकता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एक महान नेता हैं। उन्होंने साथ ही कहा कि भारत अपनी विदेश नीति खुद बनाता है, जिसे कोई अन्य देश निर्धारित नहीं कर सकता। फडणवीस का यह बयान ट्रंप द्वारा प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा के बाद आया है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा था, ‘‘मैं हमेशा (नरेन्द्र) मोदी का दोस्त रहूंगा, वह एक महान प्रधानमंत्री हैं। वह महान हैं। मैं हमेशा उनका दोस्त रहूंगा, लेकिन मुझे इस समय वह जो कर रहे हैं, वह पसंद नहीं आ रहा है।’’ ट्रंप द्वारा भारतीय वस्तुओं पर शुल्क को दोगुना कर 50 प्रतिशत कर दिए जाने के बाद भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में भारी गिरावट आई है। अमेरिका द्वारा लगाए गए शुल्क में भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भी शामिल है। भारत ने अमेरिकी कार्रवाई को ‘‘अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण’’ बताया है। फडणवीस ने अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बारे में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ट्रंप कहें या न कहें, प्रधानमंत्री मोदी महान हैं। सभी विश्व नेताओं को लगता है कि वह एक महान नेता हैं। इन दिनों अमेरिका का रुख यह है… कुछ लोग हमारी प्रशंसा करते हैं और कुछ हमें नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं। लेकिन यह एक नया भारत है… मोदीजी का भारत। हम अपनी विदेश नीति खुद तय करते हैं और कोई भी हमें निर्देशित नहीं कर सकता।’’ उन्होंने कहा कि विकसित भारत बनने की दिशा में देश का प्रयास जारी रहेगा। फडणवीस दक्षिण मुंबई स्थित अपने आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति को वहां एक कृत्रिम तालाब में विसर्जित करने के बाद संवाददाताओं से बात कर रहे थे।