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इजराइल को दुनिया का सख्त संदेश: अब युद्ध नहीं, गाजा में चाहिए अमन

गाजा  गाजा पट्टी में जारी खून-खराबे और मानवीय संकट को लेकर ब्रिटेन, जापान, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा समेत 28 देशों  ने मिलकर इजराइल को कड़ा संदेश दिया है। इन देशों ने साफ कहा है कि **गाजा में युद्ध अब तुरंत खत्म होना चाहिए**, ताकि मासूम नागरिकों और बच्चों की जान बचाई जा सके। इन देशों के विदेश मंत्रियों ने सोमवार को एक साझा बयान जारी किया। उन्होंने कहा- “गाजा में नागरिकों की पीड़ा अब नए स्तर तक पहुंच गई है। वहां बच्चों और आम लोगों को पीने का पानी और खाना तक नहीं मिल पा रहा। राहत सामग्री बहुत धीमी गति से पहुंच रही है और लोग बेवजह मारे जा रहे हैं।” बयान में कहा गया कि इजराइल सरकार का राहत सामग्री वितरण मॉडल न सिर्फ खतरनाक है, बल्कि इससे वहां की जनता को मानवीय सम्मान से जीने का हक  भी छिन जाता है। विदेश मंत्रियों ने आरोप लगाया कि इजराइल अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन नहीं कर रहा है।इस बयान पर ब्रिटेन, जापान, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया के अलावा कई यूरोपीय देश जैसे फ्रांस, स्पेन, आयरलैंड और नॉर्वे ने हस्ताक्षर किए हैं।हालांकि,  अमेरिका और जर्मनी  ने इस बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए।   इजराइल ने दिया सख्त जवाब इजराइल सरकार ने इस आलोचना को तुरंत खारिज कर दिया। इजराइल के विदेश मंत्रालय ने कहा कि इस बयान का ‘‘वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं’’  है और यह हमास जैसे आतंकी गुटों को गलत संदेश देता है।अमेरिका में इजराइल के राजदूत माइक हुकाबी ने तो इसे सोशल मीडिया ‘एक्स’ (पुराना ट्विटर) पर  ‘‘घृणित’’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया को इजराइल पर नहीं, बल्कि हमास पर दबाव डालना चाहिए जो ‘‘बर्बर और निर्दोष लोगों का हत्यारा’’ है। गाजा में हालात कितने गंभीर ?      गाजा पट्टी में इस समय 20 लाख से ज्यादा फिलीस्तीनी  एक भयानक मानवीय संकट का सामना कर रहे हैं।     बड़ी संख्या में लोग  घर छोड़कर राहत शिविरों में रह रहे हैं।      पानी, भोजन और दवाइयों की भारी कमी है।     गाजा  स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, अब तक इजराइली हमलों में 59,000 से ज्यादा लोग मारे गए हैं।      इनमें आधे से ज्यादा महिलाएं और बच्चे  हैं। कैसे शुरु हुई जंग ?  7 अक्टूबर 2023 को हमास ने दक्षिणी इजराइल में बड़ा हमला कर दिया था।  इस हमले में करीब 1,200 इजराइली नागरिक मारे गए।  251 लोगों को बंधक बना लिया गया जिनमें अब भी करीब 50 बंधक हमास के कब्जे में हैं लेकिन माना जाता है कि आधे से भी कम अब जीवित हैं। इसके जवाब में इजराइल ने गाजा में भीषण सैन्य अभियान शुरू किया, जो अब तक जारी है। इन देशों ने इजराइल और हमास दोनों से  तुरंत युद्धविराम  की अपील की है। उन्होंने कहा कि वे इस क्षेत्र में स्थायी शांति लाने के लिए  राजनीतिक समाधान को समर्थन देने के लिए तैयार हैं।

ऑपरेशन के बाद भी रिश्तों में तल्ख़ी, भारत-पाक सीमा पर तनाव की नई परतें

नई दिल्ली  भारत और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुई सीमा पार झड़पों के बाद दोनों देश फिर से एक-दूसरे के खिलाफ रणनीतिक ‘शैडो बॉक्सिंग’ कर रहे हैं। इसके तहत दोनों देशों ने अपनी-अपनी सीमाओं के पास एयरस्पेस रिजर्व करने के लिए  नोटम्स  (Notice to Airmen) जारी किए हैं ताकि वायुसेना अभ्यास किए जा सकें। भारतीय वायुसेना की दक्षिण पश्चिमी एयर कमान 23 जुलाई से 25 जुलाई के बीच राजस्थान-गुजरात के इलाके में, जो कि अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास है,  एयर कॉम्बैट ड्रिल यानी हवाई युद्धाभ्यास करने जा रही है। इसके जवाब में पाकिस्तान ने अपने मध्य क्षेत्र के लिए 23 जुलाई तक और दक्षिणी क्षेत्र के लिए 22-23 जुलाई तक नोटम जारी किया है। गौरतलब है कि मई में दोनों देशों के बीच चार दिन तक तीव्र संघर्ष हुआ था। यह संघर्ष 7 मई को भारत द्वारा पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में  चार आतंकवादी ठिकानों और  पांच आतंकी अड्डों पर सटीक हमलों के बाद शुरू हुआ था। इस ऑपरेशन को भारत ने  ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया था। भारत ने साफ कहा था कि उसका मकसद केवल आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था, लेकिन पाकिस्तान ने इस पर पलटवार करते हुए ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू कर दिए। पाकिस्तान ने भारतीय वायुसेना के अड्डों, सैन्य ठिकानों और कुछ नागरिक इलाकों को भी निशाना बनाया।   इसके जवाब में भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के कम से कम नौ एयरबेस और  तीन रडार साइटों पर हमला किया। इनमें कुछ ठिकाने पाकिस्तान के परमाणु प्रतिष्ठानों और कमांड एंड कंट्रोल ढांचे के पास भी थे। भारतीय वायुसेना ने इसमें  Su-30MKI ,  राफेल और  मिराज-2000 जैसे लड़ाकू विमान इस्तेमाल किए। हमलों में  ब्रह्मोस,  क्रिस्टल मेज़-2,  रैम्पेज और  स्कैल्प जैसी सटीक मिसाइलों का इस्तेमाल हुआ। ये हमले बहुत ही सटीक तरीके से, तय निशानों पर किए गए थे। अब दोनों देश फिर से सीमाओं के पास एयरस्पेस ब्लॉक कर हवाई अभ्यास कर रहे हैं, जिससे साफ है कि हालिया तनाव के बाद भी दोनों देश एक-दूसरे पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं और अपनी रणनीतिक ताकत दिखा रहे हैं।

जम्मू-कश्मीर में मौसम का अलर्ट, बारिश के चलते स्कूलों पर ताला

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में पिछले 12 घंटों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जिला प्रशासन ने मंगलवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद रखने का फैसला किया है। यह निर्णय छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सुबह 9:30 बजे जारी एक आधिकारिक निर्देश में रियासी के मुख्य शिक्षा अधिकारी ने कहा, “खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल 22 जुलाई को बंद रहेंगे।” राजौरी जिले में भी हालात ऐसे ही हैं। भारी बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है। धरहाली और साकतोह नदियों के जलस्तर में वृद्धि के कारण कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राजौरी के जिला मजिस्ट्रेट ने घोषणा की कि “खराब मौसम के कारण राजौरी जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल मंगलवार को बंद रहेंगे।” प्रशासन स्थिति पर नजर रख रहा है, क्योंकि लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। सांबा जिले में भी भारी बारिश के कारण प्रशासन ने सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी की है। सांबा के उपायुक्त ने लोगों से भूस्खलन और जलभराव की आशंका को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। एडवाइजरी में कहा गया है कि लोगों को उन क्षेत्रों में जाने से बचना चाहिए जहां भूस्खलन की आशंका ज्यादा है। यात्रा करने से बचना चाहिए और बहते हुए नालों, नदियों या जलमार्गों को पार करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। स्कूलों से कहा गया है कि यदि कोई स्कूल भवन असुरक्षित पाया जाता है, तो कक्षाएं स्थगित कर दी जाएं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और सुरक्षा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। भारी बारिश के कारण जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में सड़कें ब्लॉक हो गई हैं और निचले इलाकों में जलभराव की समस्या बढ़ गई है।  

अचानक मौतें चौंकाती हैं, जीवन अनिश्चित है: रवि किशन की संवेदनात्मक अपील

नई दिल्ली  जगदीप धनखड़ के उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने को लेकर तमाम कयास लग रहे हैं। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने अचानक उनके इस्तीफे पर सवाल उठाए हैं। वहीं भाजपा सांसद रवि किशन ने विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कब कौन बीमार पड़ जाए। किसे पता है। उन्होंने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारण बताया है तो उस पर भरोसा करना चाहिए। सांसद रवि किशन ने कहा कि आखिर कैसे किसी की हेल्थ को भी राजनीति का मसला बनाया जा सकता है। रवि किशन ने कहा, 'विपक्ष किसी की सेहत का मजाक बना रहा है और उस पर राजनीति कर रहा है। आप देख सकते हैं कि स्वस्थ लोग भी अचानक गिर पड़ते हैं मौत हो जाती है।' रवि किशन ने कहा किसे पता है कि कौन कब बीमार हो जाए। डॉक्टर ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है। यदि किसी को आराम करने की जरूरत है तो ये लोग उस पर भी राजनीति कर रहे हैं। यह कितना सही है। वहीं भाजपा की सांसद कंगना रनौत ने कहा कि हम देश के लिए उनकी सेवाओं के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने तो सीधे तौर पर किसी गड़बड़ी का आरोप लगा दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और उपराष्ट्रपति के बीच कभी ऐसे रिश्ते नहीं देखे गए। आखिर अचानक कैसे इस्तीफा हो सकता है। उन्होंने दिन में राज्यसभा की कार्यवाही में हिस्सा लिया और रात को इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कि सोमवार शाम को कार्य मंत्रणा समिति की मीटिंग थी। इसमें केंद्रीय मंत्री नहीं आए थे। शायद दोपहर में ऐसा कुछ हुआ था, जिससे चीजें खराब होती चली गईं। गोगोई ने धनखड़ के इस्तीफे को अप्रत्याशित बताते हुए कहा कि जो कुछ हो रहा है, वह चिंताजनक है। इसके अलावा शिवसेना उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा कि सितंबर में कुछ बड़ा होने वाला है। उसके लिए ही यह तैयारी की जा रही है। बता दें कि कई नेताओं ने जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को बिहार चुनाव से जीता है। इन लोगों का कहना है कि बिहार से जुड़े किसी व्यक्ति को उपराष्ट्रपति बनाने की तैयारी है ताकि चुनाव में फायदा उठाया जा सके।  

ब्रिटिश रॉयल नेवी का F-35B तिरुवनंतपुरम से उड़ा, लंबा इंतजार खत्म, 14 जून को केरल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग की थी

तिरुवनंतपुरम  केरल के तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से मंगलवार को ब्रिटिश रॉयल नेवी के लड़ाकू विमान ने स्वदेश वापसी की उड़ान भरी। यह लड़ाकू विमान तकनीकी खराबी के कारण के एक महीने तक एयरपोर्ट पर रहा। एयरपोर्ट के सूत्रों ने बताया कि ब्रिटिश लड़ाकू विमान F-35B विमान को सोमवार को पूरी तरह से ठीक लिया था। इसके बाद विमान ने स्वदेश वापसी के लिए क्लियरेंस ली। महीने भर पहले तिरुवनंतपुरम के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग हुई थी। दुनिया के उन्नत लड़ाकू विमानों में शामिल F-35B के खराब होने से यह घटना सुर्खियों में आ गई थी। विमान को 14 जून को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी।   ब्रिटेन ने भारत को बोला 'थैंक यू' लड़ाकू विमान के ठीक होकर स्वदेश वापसी की उड़ान भरने पर ब्रिटिश उच्चायोग का बयान सामने आया है। उच्चायोग के प्रवक्ता ने कहा कि ब्रिटिश एफ-35बी विमान 14 जून को आपातकालीन मार्ग परिवर्तन के बाद उतरा था। मंगलवार को तिरुवनंतपुरम अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से रवाना हुआ। प्रवक्ता ने कहा कि 6 जुलाई से तैनात ब्रिटिश इंजीनियरिंग टीम ने मरम्मत और सुरक्षा जांच पूरी कर ली थी, जिससे विमान को फिर से सक्रिय सेवा प्रदान करने की अनुमति मिल गई। उच्चायोग ने कहा है कि विमान की मरम्मत और उसे उड़ान भरने में सक्षम बनाने में ब्रिटेन भारतीय अधिकारियों और हवाई अड्डे की टीमों के समर्थन और सहयोग के लिए बहुत आभारी है। हम भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को और मज़बूत करने के लिए तत्पर हैं। वापसी से पहले कब क्या हुआ? ब्रिटिश लड़ाकू विमान ने सुबह 10 बजकर 50 मिनट पर एफ-35बी लाइटनिंग लड़ाकू विमान ने ऑस्ट्रेलिया के डार्विन के लिए उड़ान भरी। इससे पहले सोमवार को विमान को हैंगर से बाहर निकालकर एयरपोर्ट के बे में रखा गया था। तब यह माना गया था कि विमान अब जल्द ही उड़ान भरेगा। ब्रिटिश रॉयल नेवी का F-35B लाइटनिंग लड़ाकू विमान ब्रिटेन के सबसे उन्नत स्टील्थ बेड़े का हिस्सा है। दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में शामिल एफ 35B की कीमत काफी ज्यादा है। एक अनुमान के अनुसार इकी कीमत 110 मिलियन अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा है। एयरक्राफ्ट F-35B 14 जून की रात जॉइंट समुद्री अभ्यास के तहत अरब सागर के ऊपर नियमित उड़ान पर था। खराब मौसम और कम ईंधन की वजह से केरल के तिरुवनंतपुरम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। लैंडिंग के बाद जेट में तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण यह वापस नहीं जा सका। 918 करोड़ रुपए का यह विमान ब्रिटेन की रॉयल नेवी के HMS प्रिंस ऑफ वेल्स कैरियर स्ट्राइक ग्रुप का हिस्सा है। इसे दुनिया भर में सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट में से एक माना जाता है। ब्रिटिश हाई कमीशन ने भारत का आभार जताया ब्रिटिश हाई कमीशन के प्रवक्ता ने कहा, 'F-35B विमान आज रवाना हुआ। 6 जुलाई से तैनात ब्रिटिश इंजीनियरिंग टीम ने मरम्मत और सिक्योरिटी चेकिंग पूरी करके विमान को एक्टिव सर्विस की इजाजत दे दी। मरम्मत और रिकवरी प्रोसेस के दौरान भारतीय अधिकारियों के सहयोग के लिए ब्रिटेन बहुत आभारी है। हम भारत के साथ अपनी रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं।' लाइटनिंग के नाम से मशहूर है F-35 जेट ब्रिटिश सेवा में लाइटनिंग के नाम से जाना जाने वाला F-35 मॉडल, फाइटर जेट का शॉर्ट टेक ऑफ/वर्टिकल लैंडिंग (STOVL) वैरिएंट है। इसे शॉर्ट-फील्ड बेस और एयर कैपेबल जहाजों से ऑपरेट करने के लिए डिजाइन किया गया है। F-35B पांचवीं पीढ़ी का एकमात्र लड़ाकू जेट है, जिसमें छोटी हवाई पट्‌टी से उड़ान और वर्टिकल लैंडिंग की कैपेसिटी है। जो इसे छोटे डेक, साधारण ठिकानों और जहाजों से संचालन के लिए आदर्श बनाती हैं। F-35B को लॉकहीड मार्टिन कंपनी ने डेवलप किया है। इस प्लेन को 2006 से बनाना शुरू किया गया था। 2015 से यह अमेरिकी वायुसेना में शामिल है। ये पेंटागन के इतिहास का सबसे महंगा विमान है। अमेरिका एक F-35 फाइटर प्लेन पर औसतन 82.5 मिलियन डॉलर (करीब 715 करोड़ रुपए) खर्च करता है।

उपराष्ट्रपति धनखड़ के इस्तीफे पर नया सियासी तूफान, कांग्रेस ने लगाए सनसनीखेज आरोप

देहरादून उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने तमाम तरह की अटकलों को जन्म दे दिया है। भले ही खुद धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया लेकिन कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों के नेता अलग-अलग तरह की आशंकाएं जाहिर कर रहे हैं। टाइमिंग पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने उनके इस्तीफे को बिहार चुनाव से जोड़ दिया है। उन्होंने यहां तक कहा कि एक नेता को स्थान देने के लिए धनखड़ को इस्तीफा देने के लिए कहा गया। बातचीत में कहा कि बिहार के एक नेता के लिए धनखड़ से इस्तीफा लिया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस्तीफे के तुरंत बाद कई नामों की चर्चा चल रही है और सभी नाम किसी ना किसी तरह से बिहार से जुड़े हैं। रावत ने कहा, ‘इस्तीफे की आकस्मिकता ने चौंका दिया है, बल्कि बहुत गहरी बात लगती है।’ बिहार के व्यक्ति विशेष को करना है अकोमडेट: रावत उन्होंने कहा, ‘कुछ सूत्रों से जो नाम चल रहे हैं, उनमें से अधिकांश नाम वो हैं जो किसी ना किसी रूप में बिहार चुनाव को प्रभावित करते हैं। कहा तो यह जा रहा है कि वहां जो उनका गठबंधन है भाजपा का वह असहज हो रहा है एक ’व्यक्ति विशेष' के कारण, उसको अकोमडेट करने के लिए संकेत दिया गया जगदीप धनखड़ जी को कि महाराज बहुत हो गया, अब आप उतर जाइए। क्योंकि उनके इस्तीफे की स्टाइल वही है, जिसमें संदेश आता है और भाजपा में इस्तीफा हो जाता है।' कहा- लगता है पूरा प्लेटफॉर्म सेट था रावत ने कहा कि इस्तीफे के पीछे कई कहानियां हैं। उन्होंने कहा, 'धनखड़ जी की त्यागपत्र की जो आकस्मिकता है और जो समय का चयन है वो दोनों कई कहानियां, कई बातें कहती हैं और क्या कारण है इस इस्तीफे के पीछे वो बहुत गहरा है और उस गहराई का स्पष्टीकरण केवल पीएम या जगदीप धनखड़ जी दे सकते हैं।' उन्होंने धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि यह पूरा सेट प्लेटफॉर्म जैसा लगता है। वह दिनभर सक्रिय रहे, उनके दो-तीन दिन के कार्यक्रम निश्चित थे। बिजनेस अडवाइजरी कमिटी की बैठक लेनी थी, उपराष्ट्रपति के तौर पर राजस्थान जाना था। सात-साढ़े सात बजे तक विपक्षी नेताओं से मुलाकात करते हैं और 9 बजे इस्तीफा आ जाता है।  

ट्रेन में सफर कर रहीं 56 लड़कियां, टिकट चेकिंग में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

सिलीगुड़ी पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में 56 लड़कियों को रेलवे पुलिस ने बचाया है और दो लोगों को अरेस्ट किया गया है। इन लड़कियों को न्यू जलपाईगुड़ी स्टेशन से बचाया गया। अधिकारियों ने बताया कि इन युवतियों को टिकट चेकिंग के दौरान पकड़ा गया तो पता चला कि इन्हें जानकारी भी नहीं है कि आखिर इन्हें कहां ले जाया जा रहा है। इनती सारी लड़कियों को एक साथ यात्रा करते देखकर संदेह हुआ। जांच पर पता चला कि इन लोगों को बेंगलुरु में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था। ऐसे में सवाल है कि बेंगलुरु में नौकरी का वादा था तो फिर बिहार क्यों ले जाया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इन युवतियों को सोमवार देर रात न्यू जलपाईगुड़ी-पटना कैपिटल एक्सप्रेस से बचाया गया। बचाई गई इन युवतियों की आयु 18 से 31 वर्ष के बीच है। अधिकारियों ने बताया कि ये महिलाएं पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी, कूचबिहार और अलीपुरद्वार जिलों की रहने वाली हैं और उन्हें बेंगलुरु की एक कंपनी में नौकरी दिलाने का कथित तौर पर झूठा वादा करके बहकाया गया था। उन्होंने बताया कि उन्हें ट्रेन से बिहार भेजा जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि किसी भी महिला के पास वैध टिकट नहीं था और उनके हाथों पर केवल कोच एवं बर्थ संख्या की मुहर लगी हुई थी। एक महिला और एक पुरुष को किया गया गिरफ्तार उन्होंने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) कर्मियों को ट्रेन की नियमित जांच के दौरान इतनी सारी युवतियों को एक साथ यात्रा करते देखकर संदेह हुआ। इसके बाद में पूछताछ हुई तो गंभीर विसंगतियां सामने आईं। अधिकारियों ने बताया कि एक पुरुष और एक महिला को विरोधाभासी बयान देने पर मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपी यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि जब महिलाओं को बेंगलुरु में नौकरी दिलाने का वादा किया गया था तो उन्हें बिहार क्यों भेजा जा रहा था। मानव तस्करी का संदेह, जांच में जुटा रेलवे प्रशासन अधिकारियों ने बताया कि वे नौकरी की पेशकश या यात्रा के वैध कारणों की पुष्टि करने वाले कोई भी दस्तावेज पेश करने में विफल रहे। उन्होंने बताया कि जीआरपी और राजकीय रेलवे पुलिस (आरपीएफ) खासकर मानव तस्करी के पहलू से मामले की संयुक्त रूप से जांच कर रहे हैं। आरपीएफ ने बताया कि लड़कियों को उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।  

भारत-मालदीव रिश्तों में गर्माहट: स्वतंत्रता समारोह में प्रधानमंत्री मोदी होंगे मुख्य अतिथि

नई दिल्ली मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार दो दिवसीय मालदीव की यात्रा पर जा रहे हैं। वह मालदीव की आजादी की 60वीं सालगिरह के जश्न में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। प्रधानमंत्री 25 और 26 जुलाई को मालदीव में रहगें। राष्ट्रपति मुइज्जू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मालदीव आने का न्योता दिया था। अपने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि बनाना इस बात की ओर संकेत करता है कि मालदीव और भारत के रिश्ते फिर से पटरी पर लौट रहे हैं। वहीं मालदीव को अपनी पिछली गलतियों का अहसास भी हो गया है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। मुक्त व्यापार समझौते से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 60 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करने का मार्ग प्रशस्त होगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी पहले चरण में दो दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन जाएंगे और फिर मालदीव की यात्रा करेंगे। क्यों अहम है पीएम मोदी की यह यात्रा प्रधानमंत्री की 25 से 26 जुलाई तक होने वाली मालदीव यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह द्विपक्षीय संबंधों को पुनः स्थापित करने का प्रतीक है। चीन समर्थक माने जाने वाले मोहम्मद मुइज्जू के नवंबर 2023 में सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के पहले चरण में मोदी 23 से 24 जुलाई को ब्रिटेन की यात्रा पर जाएंगे और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की लंदन यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन द्वारा मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किये जाने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन ने समझौते पर हस्ताक्षर करने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। मई में भारत और ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया था, जिससे 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात को टैरिफ से लाभ मिलने की उम्मीद है और इससे ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में व्हिस्की, कार और अन्य उत्पादों का निर्यात आसान हो जाएगा, साथ ही समग्र व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यूरोपीय संघ छोड़ने के बाद ब्रिटेन द्वारा किए गए सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के साथ-साथ, दोनों पक्षों ने दोहरे योगदान समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। यह भारतीय कामगारों के नियोक्ताओं को ब्रिटेन में सामाजिक सुरक्षा अंशदान देने से छूट प्रदान करता है। अधिकारियों के अनुसार, तीन वर्षों की बातचीत के बाद तय हुए इस व्यापार समझौते से सभी क्षेत्रों में भारतीय वस्तुओं के लिए व्यापक बाजार पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद है और भारत को लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइन (उत्पाद श्रेणियों) पर टैरिफ हटने से लाभ होगा, जो लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्यों को कवर करेगा। ब्रिटेन सरकार के एक बयान में कहा गया था कि भारतीय टैरिफ में कटौती की जाएगी, जिससे 90 प्रतिशत टैरिफ लाइन में कटौती सुनिश्चित हो जाएगी, तथा इनमें से 85 प्रतिशत एक दशक के भीतर पूरी तरह टैरिफ मुक्त हो जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक वर्तमान 60 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना हो जाएगा। विदेश मंत्रालय ने  दो देशों की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, स्टॉर्मर के साथ भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन की चौथी यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के महाराजा चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यात्रा के दौरान दोनों पक्ष व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान देते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।" लंदन से मोदी मालदीव जाएंगे। वह मुख्य रूप से 26 जुलाई को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में शामिल होंगे। यह मोदी की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी तथा नवंबर 2023 में राष्ट्रपति मुइज्जू के पदभार ग्रहण करने के बाद भारतीय शासनाध्यक्ष की पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और 'व्यापक आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा साझेदारी' के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का जायजा लेंगे। यह संयुक्त दृष्टिकोण पिछले साल अक्टूबर में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान अपनाया गया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह यात्रा भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसी, मालदीव को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है, जो भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और ‘विजन महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) में एक विशेष स्थान रखता है।” मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों पक्षों को घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा तथा मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

देवेंद्र फडणवीस को उनके जन्मदिन पर देश के शीर्ष नेताओं और सहयोगियों ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं

मुंबई महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को उनके जन्मदिन पर देश के शीर्ष नेताओं और सहयोगियों ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे सहित कई प्रमुख नेताओं ने देवेंद्र फडणवीस के योगदान की सराहना की और उनके दीर्घायु व स्वस्थ जीवन की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वे महाराष्ट्र की प्रगति और गरीबों व वंचितों के सशक्तिकरण के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। ईश्वर उन्हें दीर्घायु और स्वस्थ जीवन प्रदान करे।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फडणवीस के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा, “मोदी जी के नेतृत्व में आप महाराष्ट्र में जनकल्याण और सांस्कृतिक विरासत के पुनरोत्थान के लिए प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं। आप पारदर्शी तरीके से गरीबों और वंचितों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचा रहे हैं। गणपति बाप्पा आपको लंबी आयु और स्वस्थ जीवन दें।” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने संदेश में कहा, “महाराष्ट्र के यशस्वी मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। मैं ईश्वर से उनके स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की प्रार्थना करता हूं।” महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने फडणवीस को “महाराष्ट्र की विकास यात्रा का गुमनाम नायक” बताते हुए कहा, “आप एक कुशल प्रशासक, अर्थशास्त्र और कानून के जानकार, दूरदर्शी नेता और महायुति के मजबूत सहयोगी हैं। आप जनता की आवाज बुलंद करते हुए महाराष्ट्र की समृद्धि के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। ईश्वर आपको दीर्घायु और स्वस्थ जीवन दे।” देवेंद्र फडणवीस का जन्म 22 जुलाई 1970 को नागपुर, महाराष्ट्र में हुआ। उन्होंने नागपुर विश्वविद्यालय से कानून और व्यवसाय प्रबंधन की पढ़ाई की। राजनीतिक यात्रा की शुरुआत 1992 में नागपुर नगर निगम के पार्षद के रूप में हुई। 1999 में वे पहली बार नागपुर दक्षिण-पश्चिम से विधायक बने और लगातार चार बार जीते। 2014 में वे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने, जो 2019 तक रहे। 2022 में वे फिर से मुख्यमंत्री बने। फडणवीस ने बुनियादी ढांचा, ग्रामीण विकास और पारदर्शी शासन पर जोर देकर महाराष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को उनके जन्मदिन पर देश के शीर्ष नेताओं और सहयोगियों ने हार्दिक शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) नेता सुप्रिया सुले ने उनके योगदान की सराहना की और दीर्घायु की कामना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “अजित पवार जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। वे महाराष्ट्र में एनडीए के सुशासन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ईश्वर उन्हें स्वस्थ और दीर्घायु रखे।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में कहा, “महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को जन्मदिन की शुभकामनाएं। आप महायुति सरकार के कार्यों को जमीन पर उतारने में सराहनीय भूमिका निभा रहे हैं। मैं आपके उत्तम स्वास्थ्य और लंबी आयु की कामना करता हूं।” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा, “आप दीर्घायु हों।” उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अजित पवार को जन्मदिन की बधाई दी और कहा, “महायुति के मजबूत सहयोगी अजित दादा पवार को जन्मदिन की शुभकामनाएं। अर्थशास्त्र में उनकी गहरी समझ और महाराष्ट्र के विकास के प्रति समर्पण अनुकरणीय है। मैं उनके स्वस्थ और दीर्घ जीवन की प्रार्थना करता हूं।” सुप्रिया सुले ने अपने संदेश में कहा, “अजित दादा को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। आने वाला वर्ष आपके लिए खुशहाली लाए।” अजित पवार महाराष्ट्र के प्रमुख राजनेता और वर्तमान उपमुख्यमंत्री हैं। उनका जन्म 22 जुलाई 1959 को अहमदनगर के देवलाली प्रवरा में हुआ था। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता हैं और अपने चाचा शरद पवार के साथ लंबे समय तक जुड़े रहे। लेकिन, 2023 में उन्होंने एनसीपी से अलग होकर महायुति गठबंधन में शामिल हो गए। वे 1991 से बारामती विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। अजित पवार ने वित्त, जल संसाधन मंत्री के रूप में भी कार्य किया है।  

उप राष्ट्रपति के इस्तीफे पर पीएम मोदी का भावुक संदेश: आपकी सेहत बनी रहे उत्तम

नई दिल्ली जगदीप धनखड़ के एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की है। पीएम मोदी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री धनखड़ को उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है । पीएम ने क्या लिखा प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने सोमवार देर शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहे हैं। हाल ही में हुई थी एंजियोप्लास्टी धनखड़ (74) ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक था। राज्यसभा के सभापति धनखड़ का इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आया। हाल में उनकी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एंजियोप्लास्टी हुई थी और इस वर्ष मार्च में उन्हें कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ अवसरों पर उनकी हालत ठीक नहीं दिखी थी, लेकिन संसद सहित सार्वजनिक कार्यक्रमों में वह अक्सर ऊर्जावान ही दिखे। वहीं, विपक्ष उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर सवाल उठा रहा है। कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ सोमवार को कार्यकाल के बीच में पद से इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बन गए। इससे पहले, वीवी गिरि ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिन्होंने तीन मई 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला था। वहीं, भैरों सिंह शेखावत ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद 21 जुलाई 2007 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया।