samacharsecretary.com

जीवन के संकट में मार्गदर्शक बनेंगी चाणक्य नीति की 10 बातें: ऋण, शत्रु और रोग पर विजय का सूत्र

लाइफ में सक्सेज के साथ जीना बहुत ही मुश्किल होता है। कई बार हमें असफलता, निराशा और लोगों के विरोध का सामना करना पड़ता है। कुछ मौके ऐसे आते हैं जब लोग बिना अपने विवेक का इस्तेमाल किए बड़ी मुसीबत में फंस जाते हैं। उन सारी समस्याओं से निकलने के लिए बड़ों की बातों पर अमल करना जरूरी है। जैसे चाणक्य नीति में कही गई ये 10 बातें, जो आपको लाइफ में केवल सक्सेज नहीं देंगी बल्कि दुश्मनों से बचने और सही-गलत के पहचान का फर्क भी सिखाएगी। चाणक्य नीति की ये बात बहुत ही काम की है। अगर जीवन में सफलता और सुकून चाहिए तो कर्ज नहीं रखना चाहिए। शरीर के रोग को जड़ से खत्म करने का प्रयास करना चाहिए। नहीं तो ये बड़े दुख देते हैं। वन की अग्नि चन्दन की लकड़ी को भी जला देती है इसका मतलब है कि अगर आप गलत और नीच प्रवृत्ति का इंसान किसी का भी बुरा कर सकता है। जैसे जंगल की आग चंदन की लकड़ी को भी नहीं छोड़ती। आपातकाल में स्नेह करने वाला ही मित्र होता है मुसीबत के समय जो आपके साथ बना रहे वहीं सच्चा दोस्त होता है। ऐसे इंसान की परख जरूर करनी चाहिए। जो धैर्यवान नहीं है, उसका न वर्तमान है न भविष्य इंसान को धैर्य रखना जरूर आना चाहिए। तभी आप लाइफ में सक्सेजफुल बनेंगे। एक बिगड़ैल गाय सौ कुत्तों से ज्यादा श्रेष्ठ है। कहने का मतलब है कि सौ चापलूसी करने वाले लोगों से भला एक विपरीत स्वभाव का हितैषी है। कल के मोर से आज का कबूतर भला चाणक्य की नीति उन लोगों के लिए है जो कल के बेहतर में अपने आज को गंवा देते हैं। मतलब संतोष सबसे बड़ा धन है। आज जो भी है उसमे संतोष करना सीखें। कल क्या होगा इसके चक्कर में आज के पल को खराब ना करें। आग सिर में स्थापित करने पर भी जलाती है चाणक्य की ये नीति सिखाती है कि आप दुष्ट इंसान को कितना भी सम्मान देंगे वो आपका अहित ही करेगा। जैसे आग को सिर पर रखने पर भी वो जलाने का काम ही करेगी। भूख के समान कोई दूसरा शत्रु नहीं है चाणक्य नीति की इस लाइन का मतलब है कि भूख से बेबस होकर इंसान बड़े से बड़ा पाप कर सकता है। भूखा इंसान खुद का और दूसरों का सबसे बड़ा दुश्मन हो सकता है। विद्या ही निर्धन का धन है अगर आप गरीब हैं और पैसे कमाना चाहते हैं तो आपकी जानकारी और ज्ञान ही इस काम में सबसे ज्यादा मदद करेगी। इसलिए खुद को काबिल बनाने के लिए पढ़ना जरूरी है। संकट में बुद्धि ही काम आती है चाणक्य नीति में लिखी ये बात सिखाती है कि मुसीबत के समय सबसे पहले अपनी बुद्धि और विवेक पर भरोसा करें। बुद्धि की मदद से ही आप मुसीबत से बाहर निकल सकते हैं।  

घर की रसोई में कभी खाली न रखें ये 3 चीजें, वरना बिगड़ सकता है धन-धान्य का योग

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई को घर का सबसे पवित्र स्थान माना गया है। रसोई केवल खाना बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह वह स्थान है, जहां से पूरे परिवार की सेहत और सौभाग्य जुड़ा होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। वास्तु के कुछ खास नियम बताते हैं कि रसोई में तीन ऐसी चीजें हैं, जिनका डिब्बा कभी भी खाली नहीं होना चाहिए। अगर ये चीजें पूरी तरह खत्म हो जाती हैं, तो यह न केवल नकारात्मकता लाता है, बल्कि बरकत भी रोक देता है। हल्दी रसोई में हल्दी का डिब्बा कभी खाली नहीं होना चाहिए। ज्योतिषीय दृष्टिकोण से हल्दी का संबंध बृहस्पति देव (गुरु) से माना जाता है। गुरु ग्रह हमारे जीवन में मान-सम्मान, धन और संतान सुख का कारक है। जब घर की रसोई में हल्दी पूरी तरह खत्म हो जाती है, तो इसे गुरु दोष का संकेत माना जाता है। इससे शुभ कार्यों में बाधाएं आने लगती हैं और घर के सदस्यों का भाग्य कमजोर पड़ सकता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हल्दी के खत्म होने का मतलब है कि आप अपनी समृद्धि को खतरे में डाल रहे हैं।  नमक नमक के बिना भोजन बेस्वाद है, और वास्तु के अनुसार नमक के बिना रसोई अधूरी है। नमक का संबंध राहु-केतु के प्रभाव को कम करने से माना गया है। पुरानी मान्यताओं के अनुसार, अगर नमक का डिब्बा पूरी तरह खाली हो जाता है, तो घर में वास्तु दोष बढ़ जाता है। इससे परिवार के सदस्यों के बीच अनबन और मानसिक तनाव पैदा हो सकता है। यह भी कहा जाता है कि कभी भी किसी दूसरे के घर से नमक उधार नहीं मांगना चाहिए और न ही अपने घर का नमक पूरी तरह खत्म होने देना चाहिए। नमक की कमी घर में आर्थिक तंगी का संकेत देती है। चावल चावल को 'अक्षत' कहा जाता है, जिसका अर्थ है जो कभी समाप्त न हो। इसका संबंध शुक्र ग्रह और चंद्रमा से है। शुक्र ग्रह हमारे जीवन में भौतिक सुख, ऐश्वर्य और प्रेम का प्रतीक है। रसोई के भंडार में चावल का पूरी तरह खत्म होना शुक्र के अशुभ प्रभाव को आमंत्रित करता है। इससे घर की सुख-शांति भंग हो सकती है और संचित धन में कमी आने लगती है। मां अन्नपूर्णा की कृपा बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि चावल का डिब्बा खाली होने से पहले ही उसमें नया चावल भर दिया जाए।  

आज का राशिफल 1 फरवरी: ग्रहों के बदलाव से किन राशियों पर बरसेगी किस्मत

मेष राशि- आज मेष राशि वालों का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है। कामकाज में जिम्मेदारियां बढ़ेंगी, जिससे थकान महसूस हो सकती है। गुस्से या जल्दबाज़ी में कोई फैसला लेने से बचें, नहीं तो बात बिगड़ सकती है। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन अनावश्यक खर्च से दूरी बनाकर रखें। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी करीबी से बातचीत मन को हल्का कर सकती है। सेहत सामान्य रहेगी, बस आराम का ध्यान रखें। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन संतुलन और समझदारी का है। काम में आपकी मेहनत नजर आएगी और सीनियर्स आपसे संतुष्ट रह सकते हैं। प्रेम जीवन में बातचीत से रिश्ते बेहतर होंगे। आर्थिक मामलों में कोई अच्छा निर्णय ले सकते हैं, खासकर बचत या निवेश को लेकर। घर-परिवार में माहौल शांत रहेगा। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन खान-पान पर ध्यान देना जरूरी है। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों को आज सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत है। कामकाज में दबाव रह सकता है और किसी बात को लेकर असमंजस भी बना रहेगा। रिश्तों में छोटी-छोटी गलतफहमियां हो सकती हैं, लेकिन संवाद से सब संभल जाएगा। खर्च बढ़ने की संभावना है, इसलिए बजट का ध्यान रखें। सेहत को लेकर ज्यादा चिंता की बात नहीं है, लेकिन मानसिक तनाव से बचें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए दिन भावनात्मक रह सकता है। परिवार और रिश्तों से जुड़ी बातें मन पर असर डाल सकती हैं। दफ्तर में जिम्मेदारी बढ़ेगी, लेकिन आप अपनी समझदारी से काम संभाल लेंगे। पैसों के मामले में स्थिरता बनी रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन थकान और नींद की कमी महसूस हो सकती है। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज आत्मविश्वास से भरा दिन है। कामकाज में आपकी बात सुनी जाएगी और तारीफ भी मिल सकती है। प्रेम जीवन में मधुरता रहेगी और साथी का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और कोई रुका हुआ काम पूरा हो सकता है। सेहत अच्छी रहेगी, लेकिन खान-पान में लापरवाही न करें। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा व्यस्त रह सकता है। काम में बारीकियों पर ध्यान देना पड़ेगा, नहीं तो गलती हो सकती है। रिश्तों में ज्यादा सोच-विचार से बचें और बात को सरल रखें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए गैर-जरूरी चीजों से दूरी रखें। सेहत को लेकर सावधानी बरतें, खासकर पेट से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों को आज हर मामले में संतुलन बनाकर चलना होगा। काम और रिश्तों दोनों में समझदारी की जरूरत है। दफ्तर में किसी फैसले को टालना बेहतर रहेगा। पैसों को लेकर बड़ा कदम उठाने से पहले सोच लें। मानसिक तनाव महसूस हो सकता है, इसलिए खुद को समय दें। सेहत सामान्य रहेगी। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला हो सकता है। कामकाज में धैर्य रखें और किसी से टकराव से बचें। रिश्तों में ईमानदारी जरूरी रहेगी। पैसों के मामले में सोच-समझकर खर्च करें। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन तनाव से दूर रहना फायदेमंद होगा। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन सकारात्मक संकेत लेकर आया है। कामकाज में नए मौके मिल सकते हैं। प्रेम जीवन में खुशी और अपनापन रहेगा। पैसों के मामले में दिन अच्छा है और किसी पुराने प्रयास का फल मिल सकता है। सेहत भी साथ देगी और मन उत्साहित रहेगा। मकर राशि- मकर राशि वालों को आज मेहनत ज्यादा करनी पड़ सकती है। काम में दबाव रहेगा, लेकिन परिणाम संतोषजनक मिलेंगे। रिश्तों में दूरी न आने दें और समय निकालकर बातचीत करें। खर्च बढ़ सकता है, इसलिए पैसों पर नियंत्रण रखें। सेहत पर थोड़ा ध्यान देने की जरूरत है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए आज नए विचार और योजनाओं का दिन है। काम में कुछ नया करने का मौका मिलेगा। रिश्तों में सहयोग और समझ बनी रहेगी। पैसों के मामले में सुधार के संकेत हैं। सेहत सामान्य रहेगी और मन हल्का महसूस होगा। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज भावनाओं पर नियंत्रण रखने की जरूरत है। कामकाज में खुद को साबित करने का मौका मिलेगा। पैसों में लाभ के योग हैं, लेकिन खर्च पर नजर रखना जरूरी होगा। रिश्तों में संवेदनशीलता रखें। सेहत ठीक रहेगी, बस लापरवाही न करें।

15-16 फरवरी महाशिवरात्रि: पूजा का सही समय, विधि और मंत्र की पूरी जानकारी

 इस साल महाशिवरात्रि का त्योहार सर्वार्थ सिद्धि योग में मनाया जाएगा. फाल्गुन माह की शिवरात्रि व्रत का यह दुर्लभ संयोग आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सनातन धर्म की शाश्वत परंपरा में महाशिवरात्रि को एक ऐसा दिव्य पर्व माना गया है जिसमें अज्ञान का अंधकार विलीन हो सकता है. साधक के भीतर ज्ञान का दीप प्रज्वलित होता है और जीवन शिव तत्व की अनुभूति से आलोकित हो उठता है. महाशिवरात्रि की तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में ज्योतिषाचार्य डॉ. श्रीपति त्रिपाठी ने विस्तार से जानकारी दी है. महाशिवरात्रि की तिथि फाल्गुन कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि का आरंभ 15 फरवरी को दोपहर 05:04 बजे होगा और इसका समापन 16 फरवरी को दोपहर 05:34 बजे होगा.  ऐसे में महाशिवरात्रि का त्योहार 15 फरवरी 2026 को मनाया जाएगा और व्रत का पारण 16 फरवरी को किया जाएगा. श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि का संयोग इस बार महाशिवरात्रि का पर्व श्रवण नक्षत्र और सर्वार्थ सिद्धि के दुर्लभ संयोग में आ रहा है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब कोई महापर्व सिद्ध योग में पड़ता है तो उसमें किए गए जप, तप, दान और पूजा असाधारण फल प्रदान करती है. सर्वार्थ सिद्धि योग का अर्थ ही है सभी कार्यों की सिद्धि कराने वाला योग. ऐसे में महाशिवरात्रि का यह दुर्लभ संयोग साधकों के लिए सांसारिक सुख ही नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की दिशा में अग्रसर होने का स्वर्णिम अवसर लेकर आई है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव और माता पार्वती का पावन विवाह संपन्न हुआ था. कठोर तपस्या के पश्चात माता पार्वती ने शिव को पति के रूप में प्राप्त किया और वैराग्य में लीन शिव ने गृहस्थ जीवन स्वीकार कर लोक कल्याण का मार्ग अपनाया. यह प्रसंग केवल विवाह कथा नहीं बल्कि प्रेम त्याग और समर्पण की पराकाष्ठा का प्रतीक है. इसी कारण महा शिवरात्रि को दांपत्य सुख-सौभाग्य और पारिवारिक स्थिरता का महापर्व भी माना जाता है. 1. ओम नमः शिवाय 2. ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्। 3. ॐ हौं जुं स: मृत्युंजयाय नम:॥ 4. ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥ 

महाशिवरात्रि 2026: बन रहे हैं विशेष योग, चार प्रहर पूजा से मिलेगा महाफल

फरवरी महीने में इस बार महाशिवरात्रि पड़ रही है, जो भगवान भोलेनाथ का बहुत ही विशेष दिन है. इस दिन भगवान भोलेनाथ के भक्त विशेष पूजा अर्चना करते हैं. आखिर फरवरी में किस दिन महाशिवरात्रि मनाई जाएगी, कितने बजे से शुरू हो रही है और साथ ही इस बार के महाशिवरात्रि में कौन से तीन विशेष योग बन रहे हैं, जो भोलेनाथ के भक्तों के लिए काफी फलदाई साबित हो सकते हैं. महाशिवरात्रि कब है ? ज्योतिष आचार्य पंडित सुशील शुक्ला शास्त्री बताते हैं कि "इस बार महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण पक्ष त्रयोदशी 15 फरवरी 2026 को है. महाशिवरात्रि यानी त्रयोदशी और चतुर्दशी के मध्य का जो समय होता है, वो बहुत शुभ माना जाता है. दिन में 3 बजके 59 मिनट के बाद महाशिवरात्रि का पर्व प्रारंभ हो रहा है. महाशिवरात्रि का पर्व जैसे ही शुरू होगा. इसमें उदया तिथि नहीं लिया जाता है. उदित पारण करना चाहिए. महाशिवरात्रि में ऐसे करें दिन की शुरुआत ज्योतिष आचार्य पंडित सुशील शुक्ला शास्त्री कहते हैं कि महाशिवरात्रि के दिन प्रातकालीन उठें स्नान करें, एक पवित्र कलश में शुद्ध जल भर लें, साथ में शहद, शक्कर, घी, गुड और कुछ प्रसाद ले लें. किसी शिवालय में जाकर भगवान भोलेनाथ को स्नान कराएं. दूध, दही, गंगाजल, शहद और शक्कर से स्नान कराएं, बेलपत्र धतूर का पत्ता धतूर के फल, फूल, आम के बौर और तरह-तरह के ऐसे फूल जो भगवान भोलेनाथ को बहुत प्रिय हैं, ओम नमः शिवाय का जाप करते हुए उन्हें अर्पित करें. फिर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना-आरती करें, जिससे भगवान भोलेनाथ बहुत प्रसन्न होते हैं. बन रहे तीन योग इस बार महाशिवरात्रि में 3 प्रकार के विशेष योग भी बन रहे हैं, जो इस महाशिवरात्रि को बहुत विशेष बनाती है. इस बार की महाशिवरात्रि में जो योग बन रहा है, उसमें पहला व्यतिपात योग है. ये विशेष योग होने के कारण जो भी भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं, इस दौरान साधना, दान, पूजा के लिए अत्यंत फलदाई माना गया है. आध्यात्मिक शक्ति बढ़ती है. ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करने के लिए यह सर्वश्रेष्ठ समय होता है. इस योग में मन को एकाग्र करना आसान होता है, इसलिए ध्यान के लिए उत्तम समय है. महाशिवरात्रि में दूसरा योग अमृत सिद्धि योग का बन रहा है. इस दिन शिवजी की कृपा बरसती है. समुद्र, पवित्र नदियों, गंगा या घर में स्नान करें और शिवजी की पूजन कर लें तो अमृत की प्राप्ति होती है. इसके अलावा इसी दिन सर्वार्थ सिद्ध योग भी बन रहा है. मतलब इस दिन कोई भी शुभ कार्य करने के लिए बेहतर समय होता है. कोई नया व्यापार, दुकान शुरू करना है, सोना-चांदी, जमीन खरीदना है, मकान बनाना है तो यह बहुत ही शुभ समय माना जाता है. चार प्रहर की पूजा से भोलेनाथ होंगे प्रसन्न ज्योतिष आचार्य कहते हैं कि महाशिवरात्रि में 4 प्रहर की जो पूजा होती है. जो विशेष मानी गई है. बहुत लोग दिन-रात मिलाकर चार पहर पूजा करना पसंद करते हैं, ऐसे लोग सुबह 15 तारीख की सुबह 6:00 से लेकर के 12:00 तक प्रथम प्रहर की पूजन करें, दोपहर में 12:00 से लेकर के शाम को 6:00 तक दूसरे प्रहर की पूजा करें, इसके बाद शाम 6:00 बजे से 12:00 बजे रात तक तृतीय प्रहर की पूजा करें और फिर रात को 12:00 से सुबह 6:00 बजे तक चतुर्थ प्रहर की पूजा करें. शास्त्रों में यह भी वर्णित है कि अगर रात्रि के समय चार प्रहर की पूजा करते हैं, तो यह विशेष फलदाई होता है. जो रात्रि कालीन चार प्रहर की पूजा करना चाहते हैं, वो शाम के समय लगभग 6:00 से लेकर के 9:00 बजे के बीच में प्रथम प्रहर की पूजा करें. 9:00 से लेकर के 12:00 के बीच में दूसरे प्रहर की पूजा करें, 12:00 रात्रि से लेकर के सुबह 3:00 बजे तक तृतीय प्रहर की पूजा करें और तड़के 3:00 से लेकर के सुबह 6:00 बजे तक चौथे प्रहर की पूजा करें. चार प्रहर की पूजा के बाद आरती, हवन करें और ब्राह्मण भोज कराएं. इसके बाद खुद का भी पारण करें. जिससे भगवान शिव की कृपा आप पर बरसती है. मन को शांति मिलती है घर में शांति आती है. 

आज का राशिफल 31 जनवरी: ग्रह-नक्षत्र बताएंगे किसे मिलेगा लाभ, किसे रहना होगा सतर्क

मेष राशि– आज का दिन ऊर्जा से भरा रहेगा। कामकाज में आपकी मेहनत साफ दिखेगी और सीनियर्स भी इसे नोटिस करेंगे। लव लाइफ में थोड़ा धैर्य रखने की जरूरत है, क्योंकि छोटी बात पर बहस हो सकती है। पैसों के मामले में स्थिति ठीक रहेगी, लेकिन फालतू खर्च से बचें। सेहत सामान्य रहेगी, बस थकान महसूस हो सकती है। वृषभ राशि- आज रिश्तों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। प्रेम संबंधों में अहंकार बीच में न आने दें। करियर में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन आप उन्हें अच्छे से निभाएंगे। पैसों को लेकर थोड़ा सतर्क रहने की जरूरत है। सेहत में खानपान पर ध्यान दें। मिथुन राशि- आज का दिन पॉजिटिव रहने वाला है। लव लाइफ में खुशियां रहेंगी और सिंगल लोगों की जिंदगी में कोई खास आ सकता है। करियर में नए मौके मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। सेहत भी ठीक रहेगी, लेकिन ज्यादा भागदौड़ से बचें। कर्क राशि- आज भावनाओं पर काबू रखना जरूरी होगा। रिश्तों में गलतफहमियां हो सकती हैं, इसलिए खुलकर बात करें। करियर में काम का दबाव रहेगा और सीनियर्स सवाल उठा सकते हैं। पैसों के मामले में बड़ा फैसला टालें। सेहत को लेकर सतर्क रहें। सिंह राशि- आज आत्मविश्वास से भरे रहेंगे। लव लाइफ में साथी का पूरा साथ मिलेगा। करियर में आपकी लीडरशिप नजर आएगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक स्थिति ठीक रहेगी। सेहत सामान्य रहेगी, लेकिन गुस्से से बचें। कन्या राशि- आज जिम्मेदारियों से भरा दिन रहेगा। लव लाइफ में समय की कमी महसूस हो सकती है। करियर में मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी, लेकिन नतीजा अच्छा मिलेगा। पैसों में स्थिरता रहेगी। सेहत में थकान संभव है। तुला राशि- आज सोच-समझकर फैसले लेने का दिन है। रिश्तों में जरूरत से ज्यादा आलोचना करने से बचें। कामकाज में धैर्य जरूरी होगा। पैसों के मामले में दिन सामान्य रहेगा। सेहत में पेट से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। वृश्चिक राशि- आज आपकी सोच और आइडिया लोगों को पसंद आएंगे। प्रेम जीवन में आज खुलापन जरूरी होगा। करियर में बदलाव के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर रहेगी। सेहत अच्छी रहेगी। धनु राशि- आज का दिन संतुलन बनाने का है। लव लाइफ में रोमांस रहेगा और रिश्ते मजबूत होंगे। करियर में नए मौके मिल सकते हैं। पैसों के मामले में सुधार होगा। सेहत अच्छी रहेगी और मन भी शांत रहेगा। मकर राशि- आज आपकी मेहनत रंग लाएगी। प्रेम जीवन में गहराई बढ़ेगी, लेकिन शक से बचें। करियर में कोई अहम काम मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। सेहत में सुधार रहेगा। कुंभ राशि- आज नए मौके आपके सामने आएंगे। लव लाइफ में खुलकर बात करेंगे तो रिश्ते बेहतर होंगे। करियर में यात्रा के योग बन सकते हैं। पैसों के मामले में दिन अच्छा रहेगा। सेहत सामान्य रहेगी। मीन राशि- आज भावनात्मक रूप से थोड़ा संवेदनशील रह सकते हैं। लव लाइफ में भरोसा बनाए रखें। करियर में काम धीरे-धीरे आगे बढ़ेगा। पैसों को लेकर सतर्क रहें। नींद और तनाव पर ध्यान दें।

माघ पूर्णिमा 2026: कब है पावन तिथि? स्नान-दान के शुभ योग जानें

 नई दिल्ली Magh Purnima 2026: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि बहुत ही महत्वपूर्ण और विशेष कहलाती है. शास्त्रों की मानें तो, पूर्णिमा तिथि के स्वामी चंद्रदेवता माने जाते हैं. इस दिन सूर्य और चंद्रमा आमने-सामने की स्थिति में होते हैं, जिससे चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में दिखाई देता है और समसप्तक राजयोग बनता है. इसी कारण पूर्णिमा के दिन चंद्र देव के दर्शन का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इस समय वातावरण और जल तत्व में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिसका लाभ पवित्र नदियों या सरोवरों में स्नान करने से मिलता है. यदि किसी कारणवश नदी में स्नान करना संभव न हो, तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल या किसी पवित्र नदी का जल मिलाकर भी स्नान किया जा सकता है. शास्त्रों में बताया गया है कि माघ पूर्णिमा पर स्नान, दान, ध्यान, जप और तप करने से कई गुना पुण्य फल की प्राप्ति होती है. माघ पूर्णिमा 2026 तिथि और स्नान-दान मुहूर्त  द्रिक पंचांग के अनुसार, माघ पूर्णिमा की तिथि 1 फरवरी 2026, रविवार की सुबह 5 बजकर 52 मिनट से शुरू होकर 2 फरवरी 2026, सोमवार को सुबह 3 बजकर 38 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि के आधार पर माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026 को ही मनाई जाएगी. स्नान-दान का मुहूर्त- शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा के दिन स्नान और दान करने का सबसे शुभ समय ब्रह्म मुहूर्त होता है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5 बजकर 24 मिनट से शुरू होकर सुबह 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा. हालांकि, इसके बाद भी स्नान किया जा सकता है लेकिन, ब्रह्म मुहूर्त के बाद के स्नान को राक्षस स्नान कहा जाता है. शुभ योग और पूजा विधि  इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, प्रीति योग, आयुष्मान योग और रवि पुष्य योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं. रवि पुष्य योग सुबह 7 बजकर 11 मिनट से रात 11 बजकर 59 मिनट तक रहेगा, जिसे बेहद शुभ माना गया है. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, संकल्प लें और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित करें. 'ऊं नमो नारायण' मंत्र का जप करें और सूर्य भगवान की विधिपूर्वक पूजा करें. जल में काले तिल डालकर पितरों के लिए तर्पण करना भी शुभ माना जाता है. माघ पूर्णिमा पर देवताओं का आगमन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन देवता पृथ्वी लोक पर विचरण करने आते हैं. इस दिन गंगा स्नान और दान करने से देवगण प्रसन्न होते हैं और साधक को शुभ फल प्रदान करते हैं. विशेष रूप से प्रयागराज में संगम स्नान को अत्यंत फलदायी माना गया है. पूर्णिमा पर लक्ष्मी पूजन का महत्व माघ पूर्णिमा के दिन माता लक्ष्मी की पूजा करने से धन-धान्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इस दिन फल-जल पर उपवास रखने का विधान है. यदि पूर्ण उपवास संभव न हो, तो एक समय सात्विक भोजन किया जा सकता है. चंद्रोदय के बाद चंद्र देव को जल अर्पित करना भी शुभ फल देता है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, माघ माह में श्रीहरि विष्णु गंगा नदी में वास करते हैं, इसलिए गंगा स्नान का विशेष महत्व बताया गया है. ऐसा भी माना जाता है कि इस दिन किए गए दान-पुण्य से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है. ग्रह शांति और संतान सुख के उपाय जो लोग ग्रह दोष या गृह शांति चाहते हैं, वे माघ पूर्णिमा के दिन संबंधित ग्रहों के अनुसार दान करके शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं. वहीं, संतान सुख की कामना रखने वाले दंपती इस दिन विशेष दान, हवन और मंत्र जप कर लाभ पा सकते हैं.

खुशहाल जीवन का राज़: ओशो के 5 मंत्र जिन्हें आज से अपनाना चाहिए

ओशो ने अपने जीवन में व्यक्ति को खुश और टेंशन फ्री रहने के लिए कई गहरे और व्यावहारिक सबक दिए हैं। ओशो के सरल विचार व्यक्ति को मन के भीतर की शांति और आनंद खोजने में मदद करते हैं। ऐसे में अगर आप जीवन में खुद को तनाव और समस्याओं से घिरा हुआ देखते हैं तो ओशों के ये 7 सीक्रेट मंत्र आपको खुश, संतुष्ट और टेंशन फ्री रहने में मदद कर सकते हैं। जीवन का आनंद लेते हुए वर्तमान में जिएं ओशो के अनुसार व्यक्ति की खुशी का रहस्य उसके वर्तमान क्षण में छिपा हुआ है। अतीत की चिंता या भविष्य की योजना बनाने में समय बर्बाद करने की जगह वर्तमान समय को पूर्णता से जिएं। इसके लिए रोजना कुछ पल सिर्फ अपने लिए निकालें। जिसमें आप सिर्फ अपनी सांसों, आसपास की प्रकृति या छोटी-छोटी चीजों का आनंद ले सकें। स्वयं को स्वीकार करें ओशो का कहना है कि सच्ची खुशी तब मिलती है जब आप खुद को पूरी तरह स्वीकार करते हैं। अपनी कमियों, गलतियों और खूबियों को प्यार से अपनाएं। आप जैसे भी हैं, खुद से प्यार करें। अपनी आलोचना करना छोड़ें और खुद को स्वीकारना सीखें। मेडिटेशन करें ओशो के अनुसार, ध्यान मन को शांत करके हमारी आंतरिक खुशी से जोड़ता है। यह व्यक्ति को बाहरी परिस्थितियों पर निर्भरता से मुक्त करता है।रोजाना 10-15 मिनट के लिए शांत बैठें, अपनी सांसों पर ध्यान दें। इच्छाओं का बोझ कम करें ओशो कहते हैं कि अनंत इच्छाएं दुख का कारण बनती हैं। खुशी के लिए अपनी जरूरतों को सरल बनाएं। आपके पास जो है, उसमें संतुष्ट रहना सीखें। अपनी जरूरतों और ख्वाहिशों की एक लिस्ट बनाकर चेक करें कि आपके लिए वास्तव में क्या जरूरी है। अनावश्यक चीजों के लिए खुद को परेशान करना छोड़ दें। खुद को अभिव्यक्त करें ओशो कहते हैं कि रचनात्मकता और स्वतंत्र अभिव्यक्ति खुशी का स्रोत है। अपनी भावनाओं, विचारों और रचनात्मकता को दबाएं नहीं। जीवन में कोई एक शौक जरूर अपनाएं। ऐसा करते हुए अपनी भावनाओं को स्वतंत्र रूप से व्यक्त करें।

आज का राशिफल 30 जनवरी: सितारों की स्थिति बदलेगी इन राशियों की किस्मत

मेष राशि- 30 जनवरी के दिन अपनी खामियों का सामना करें और उन पर विजय पाना शुरू करें। इस बारे में सोचें कि प्यार या माफी के बारे में बेहतर ढंग से बोलने के लिए आप क्या कर सकते हैं। सपोर्ट देकर छोटे कदमों से शुरुआत करें। वृषभ राशि- 30 जनवरी के दिन खुद के प्रति धैर्यवान रहने का अभ्यास करें। कुछ टाइम लें और न केवल कार्यों की बल्कि इमोशनल हेल्थ की भी एक लिस्ट बनाएं। लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाना शुरू करें। मिथुन राशि- 30 जनवरी के दिन जीवन में संतुलन का आनंद लें। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका दिन कैसा गुजर रहा है, सीमाएं स्थापित करना महत्वपूर्ण है। जान लें कि स्किल्स ही आपका सबसे तेज हथियार हो सकती है। कर्क राशि- 30 जनवरी के दिन सम्मान पाने के लिए हकदार हैं। आपकी ये स्किल्स आपके होने वाले पार्टनर को आपकी ओर अट्रैक्ट कर सकती हैं। अपने आस-पास के लोगों की तारीफ करें। सिंह राशि- 30 जनवरी के दिन आज ही अपने करियर की आकांक्षाओं में समय और प्रयास लगाकर अपने लक्ष्य की ओर कदम बढ़ाना शुरू करें। काम के प्रति आपके जुनून और प्रोफेशनल दुनिया में योगदान देने के साथ आप सफलता पाएंगे। कन्या राशि- 30 जनवरी के दिन समय पर विश्वास करें और खुला दिमाग रखें। अगर आपके पास कोई प्रेम समस्या है, जिसे आपको सॉल्व करने की आवश्यकता है, तो सोल्यूशन निकालने पर फोकस करें। तुला राशि- 30 जनवरी के दिन जब आप अपने रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती से निपट रहे हों तो धैर्य दिखाएं। प्यार पर अपना विश्वास रखें। बातचीत में शामिल होना आपको सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। वृश्चिक राशि- 30 जनवरी के दिन काम के प्रेशर के बावजूद, आपके पार्टनर के साथ आपका रिश्ता मजबूत होगा, जो आपको परेशानियों से बचाएगा। जान लें कि आप दोनों के पास कई ऐसे लोग हैं, जिन पर आप भरोसा कर सकते हैं। धनु राशि- 30 जनवरी के दिन सहयोग की शक्ति का लाभ उठाएं और किसी रोमांचक और इनोवेटिव दौर में प्रवेश करने के लिए तैयार रहें। रियल बने रहें। आपका पार्टनर जो सोचता है और महसूस करता है, उसमें रुचि दिखाएं। मकर राशि- 30 जनवरी के दिन अपने दोस्तों को अपना सपोर्ट और मार्गदर्शन का नेटवर्क मानें। सामाजिक दायरे का हिस्सा होने के बारे में सबसे अविश्वसनीय चीजों में से एक है किसी ऐसे व्यक्ति से मिलने का मौका, जिससे आप नहीं मिल पाते है। कुंभ राशि- 30 जनवरी के दिन करियर में कोई आपको जरूरी सपोर्ट दे सकता है,और साथ मिलकर आप किसी भी प्रॉब्लम से बच सकते हैं। भले ही दिन कठिन हो लेकिन आपके कनेक्शन को और ज्यादा स्ट्रॉंग बनाने का अवसर मौजूद है। मीन राशि- 30 जनवरी के दिन आपका रवैया शानदार है। किसी नए व्यक्ति के साथ बातचीत करने से लेकर कुछ नया आजमाने तक, कदम आगे बढ़ाना शुरू करें और दिल के मामलों में खुद को तलाशें।

घर का मुख्य द्वार किस दिशा में हो तो मिले अपार धन और खुशहाली?

वास्तु शास्त्र में सभी दिशाओं का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि वास्तु के नियम का पालन करने से जातक का जीवन खुशियों से भरा रहता है। वास्तु की दृष्टि से घर के मुख्य द्वार एक अहम हिस्सा होता है, इसलिए मुख्य द्वार सही दिशा में होना चाहिए, जिससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होगा। शुभ दिशा में घर का मुख्य द्वार होने से सकारात्मकता और मानसिक शांति बनी रहती है। साथ ही तनाव की समस्या दूर होती है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि किस दिशा में होना चाहिए घर का मुख्य द्वार। कौन-सी दिशा मुख्य द्वार के लिए है शुभ?     वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार लिए उत्तर दिशा शुभ माना जाता है। इस दिशा को धन के देवता कुबेर का स्थान माना जाता है। इससे घर में धन का प्रभाव बना रहता है।     इसके अलावा पूर्व दिशा को भी घर के मुख्य द्वार के लिए उत्तम माना जाता है। यह दिशा सूर्य देव की है। इस दिशा में मुख्य द्वार होने से जातक को मान-सम्मान मिलता है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।     अगर आप घर में शांति का माहौल चाहते हैं, तो घर का मुख्य द्वार ईशान कोण में होना चाहिए। इससे जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इन बातों का रखें ध्यान     मुख्य द्वार घर के अंदर की तरफ खुलना चाहिए। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा आती है।     इसके अलावा मुख्य द्वार घर के सभी दरवाजों से बड़ा चाहिए।     मुख्य पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। ऐसा माना जाता है कि मुख्य द्वार पर गंदगी होने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन नहीं होता है।     मुख्य द्वार पर स्वास्तिक का चिन्ह लगाना शुभ माना जाता है। इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती है     मुख्य द्वार पर पेड़-पौधें लगाएं। इससे गेटिविटी दूर रहती है।     द्वारा पर हमेशा पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए।     अगर आप वास्तु के इन नियम का पालन करते हैं, तो आपक घर में हमेशा खुशहाली और सकारात्मकता का वास होगा।