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चांद की तलाश: करवा चौथ पर कौन से शहरों में पूरा होगा व्रत समय पर

हिंदू धर्म में करवा चौथ के त्योहार का विशेष महत्व होता है। इस वर्ष करवा चौथ का व्रत 10 अक्तूबर को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह व्रत सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुख-समृद्धि, बेहतर जीवन, अच्छी सेहत और तरक्की के लिए रखा जाता है। करवा चौथ के दिन सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं। रात को जब चंद्रमा के दर्शन होते हैं तो चंद्रदेव की पूजा करके अर्घ्य अर्पित करते हुए अपने पति के हाथों से पानी पीकर व्रत तोड़ती हैं। चंद्रमा के निकलने से कुछ घंटे पहले शाम को करवा माता की पूजा शुरू होती है, जहां पर सभी सुहागिन महिलाएं 16 श्रृंगार के साथ एकत्रित होकर पूजा करते हैं। पूजा के दौरान करवा चौथ की कथा सुनती है। फिर चांद के निकलने पर छलनी से दर्शन करते हुए चंद्र देव की पूजा की जाती है।   करवा चौथ पर चंद्रोदय का समय 10 अक्तूबर 2025 को देशभर में करवा चौथ का व्रत मनाया जाएगा। वैदिक पंचांग के अनुसार, 10 अक्तूबर की रात को चंद्रोदय का समय रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। चंद्रोदय का यह समय देश की राजधानी दिल्ली को मानक मानकर है। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है।  करवा चौथ 2025 शुभ तिथि सुहागिन महिलाओं के लिए करवा चौथ व्रत का विशेष महत्व होता है। इस पर्व का इंतजार महिलाओं को बेसब्री से होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर करवा चौथ का त्योहार मनाया जाता है। इस बार करवा चौथ 10 अक्तूबर को है। पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 09 अक्तूबर को रात 10 बजकर 54 मिनट से आरंभ हो जाएगी जो 10 अक्तूबर को शाम 07 बजकर 38 मिनट पर समाप्त होगी।   करवा चौथ 2025 पूजा शुभ मुहूर्त 10 अक्तूबर को करवा चौथ पर पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 57 मिनट से लेकर शाम 07 बजकर 07 मिनट तक रहेगा। इस तरह से पूजा के लिए कुल अवधि 01 घंटा 9 मिनट तक रहेगा। करवा चौथ 2025 चंद्रोदय समय करवा चौथ पर चांद के दर्शन करने के बाद ही व्रत पूरा माना जाता है। पंचांग के अनुसार करवा चौथ पर चांद के निकलने का समय दिल्ली शहर को मानक मानते हुए रात 08 बजकर 13 मिनट पर होगा। लेकिन अलग-अलग शहरों में चांद के निकलने के समय में कुछ बदलाव हो सकता है। आपके शहर में चंद्रोदय का समय दिल्ली                रात 08:13 नोएडा                रात 08:13 गुरुग्राम              रात 08:14 गाजियाबाद         रात 08:11 आपके शहर में चंद्रोदय का समय चंडीगढ़             रात 08:08 लुधियाना           रात 08:11 अमृतसर           रात 08:14 शिमला              रात 08:06 आपके शहर में चंद्रोदय का समय मेरठ                  रात 08:10 आगरा                रात 08:08 पटना                 रात 07:48 देहरादून             रात 08:04 आपके शहर में चंद्रोदय का समय जयपुर                 रात 08:22 मुंबई                   रात 08:55 बेंगलुरु                रात 08:48 रांची                   रात 07:52 आपके शहर में चंद्रोदय का समय भोपाल              रात 08:26 इंदौर                रात 08:33 ग्वालियर            रात 08:15 उज्जैन                रात 08:33 देश के इन शहरों में समय पर दिखेगा चांद     मुंबई                   कोलकाता        जम्मू                        देहरादून       शिमला                     जयपुर     लखनऊ                   कानपुर     इंदौर                       भोपाल     चेन्नई                     बेंगलुरु     देश के इन शहरों में चांद के निकलने पर हो सकती है देरी     दिल्ली               नोएडा                  चंडीगढ़                  पंजाब                     लुधियाना                पटना                       रांची                       प्रयागराज                  अहमदाबाद    

अगर अपनाए ये 5 खूबियां, तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं!

जीवन में हर व्यक्ति सफलता का स्वाद चखना चाहता है। लेकिन इसे हासिल करने का सही रास्ता बहुत कम ही लोगों को पता होता है। कई लोग अपने लक्ष्य के करीब पहुंचकर बीच में ही थककर हार मानकर अपना रास्ता बदलने की गलती कर बैठते हैं। जिसकी वजह से वो सफलता से और दूर हो जाते हैं। अगर आप भी अपने लक्ष्य को हासिल करके जल्द ही सफलता की सीढ़ी चढ़ना चाहते हैं तो ये 5 खूबियां अपने भीतर तुरंत उतार लें। अपना फैसला खुद लें अगर आप जीवन में सफलता का स्वाद चखना चाहते हैं तो अपने लिए फैसले दूसरों की मदद से नहीं बल्कि खुद के विवेक से लें। अपने जीवन में शामिल दोस्तों और रिश्तेदारों को अहमियत दें लेकिन अपना हर फैसला लेने के लिए उन पर निर्भर न रहें। अपनी जरूरतों को देखते हुए अपने फैसले खुद लेने का प्रयास करें। आत्मविश्वास की ना होने दें कमी सफल जीवन के लिए सबसे जरूरी चीज, व्यक्ति का खुद पर आत्मविश्वास का होना है। जो व्यक्ति के भीतर जीवन से मिले अनुभवों से पैदा होता है। याद रखें खुद में आत्मविश्वास पैदा करने के लिए आपके पास जीवन में एक मकसद का होना जरूरी होता है। जिसे पूरा करने के लिए आप पूरे विश्वास के साथ मेहनत करते हैं। हार्ड वर्क के साथ स्मार्ट वर्क भी जरूरी कई बार व्यक्ति दिन रात मेहनत तो करता है लेकिन अपना लक्ष्य हासिल नहीं कर पाता है। इसका सबसे बड़ा कारण होता है गलत दिशा में मेहनत करना। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो किसी को करने के लिए कम समय लेते हैं और आगे बढ़ जाते हैं। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो आपको अपने काम करने के तरीके पर गौर करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बार सफलता हार्ड वर्क से नहीं बल्कि स्मार्ट वर्क से भी मिल जाया करती है। अपनी कमियों को भी स्वीकार करें सफल होने के लिए व्यक्ति को अपनी खूबियों के साथ अपनी कमियों की जानकारी भी पूरी होनी चाहिए। अगर आप जीवन में आगे बढ़कर नई उपलब्धियों को हासिल करना चाहते हैं, तो अपनी कमियों का पता करके न सिर्फ उन्हें स्वीकार करें बल्कि उन्हें सुधारने की दिशा में भी काम करें। समय की कीमत समझें जो व्यक्ति अपने जीवन में समय की कदर नहीं करता, उसे सफलता कभी नहीं मिलती है। जीवन में सफल होने के लिए व्यक्ति को समय का पाबंद होना जरूरी होता है।  

घर की नकारात्मक ऊर्जा को करें खत्म, जानें कपूर से जुड़ा खास वास्तु टोटका

वास्तु शास्त्र में यह माना जाता है कि अगर आप अपने घर में वास्तु नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे आप कई तरह की समस्याओं से बचे रहते हैं। वास्तु शास्त्र में कपूर को नकारात्मकता से मुक्ति पाने के लिए एक अच्छा उपाय बताया गया है। ऐसे में चलिए जानते हैं कि आप किस तरह कपूर की मदद से जीवन की कई समस्याओं से छुटकारा पा सकते हैं। रोजाना करें ये काम अगर आपका कोई काम बार-बार बिगड़ रहा है, तो इसका कारण घर में मौजूद नेगेटिव एनर्जी हो सकती है। ऐसे में आपको रोजाना सुबह और शाम के समय कपूर  जलानी चाहिए। इससे नकारात्मकता दूर बनी रहती है और घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। साथ ही आपके बिगड़े काम भी बनने लगते हैं। इसके साथ ही अगर आपको धन से संबंधित समस्या बनी हुई है, तो इसके लिए कपूर में लौंग डालकर जलाना चाहिए। इससे आपको अपनी स्थिति में लाभ देखने को मिल सकता है।   मिलेगा वास्तु दोष से छुटकारा यदि आपके घर में वास्तु दोष की समस्या बनी हुई है, तो ऐसे में आप इसे दूर करने के लिए भी कपूर से जुड़े कुछ उपाय कर सकते हैं। इसके लिए घर के अलग-अलग कोनों में कपूर के टुकड़े रख दें। जब ये टुकड़े गल जाएं, तो इनकी जगह नए टुकड़े रख सकते हैं। ऐसा करने से आपको वास्तु दोष से निजात मिल सकती है। इस स्थानों पर रखें कपूर वास्तु के अनुसार, आप घर के मुख्य द्वार, पूजा घर और तिजोरी में भी कपूर का टुकड़ा रख सकते हैं। इसके अलावा बेडरूम में भी कपूर रखने से आपको गृह क्लेश की स्थिति में लाभ देखने को मिलता है। वहीं अगर आप सोते समय तकिए के नीचे एक कपूर का टुकड़ा रखकर सोते हैं, तो इससे मानसिक शांति का अनुभव होता है और अच्छी नींद आती है। घर के इन स्थानों पर कपूर का टुकड़ा रखने से आपको वास्तु दोष और नकारात्मक ऊर्जा से छुटकारा मिल सकता है।  

करवा चौथ पर करें सावधानी! इस समय न करें पूजा-पाठ

पंचांग के अनुसार, इस साल सुहागिनों का पावन पर्व करवा चौथ 10 अक्टूबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा. इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सौभाग्य के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को शुभ मुहूर्त में पूजा कर, चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं. हालांकि, व्रत के दिन एक ऐसा समय राहुकाल भी रहेगा जब आपको किसी भी तरह का शुभ कार्य या पूजा-पाठ करने से बचना चाहिए. क्योंकि राहुकाल में किए गए शुभ कार्यों का फल नहीं मिलता, बल्कि कई बार विपरीत परिणाम भी देखने को मिलते हैं. ज्योतिष शास्त्र राहुकाल के समय को बहुत ही अशुभ माना गया है. आइए जानते हैं करवा चौथ के दिन राहुकाल का समय क्या रहेगा क्यों इस अवधि में पूजा-पाठ क्यों वर्जित होता है. करवा चौथ 2025: राहुकाल का समय पंचांग के अनुसार, 10 अक्टूबर, शुक्रवार को करवा चौथ के दिन राहुकाल सुबह 10 बजकर 41 मिनट से दोपहर 12 बजकर 08 मिनट तक रहेगा. इस अवधि में कोई भी नया या शुभ कार्य, जैसे कि पूजा-पाठ, कथा सुनना, नई खरीदारी करना या यात्रा शुरू करना उचित नहीं माना जाता है. व्रत रखने वाली महिलाओं को इस समय के दौरान करवा चौथ की पूजा या कथा सुनने से बचना चाहिए. राहुकाल को अशुभ क्यों माना जाता है? ज्योतिष में राहु एक छाया ग्रह है, जिसका प्रभाव शुभ कार्यों पर नकारात्मक माना गया है. राहुकाल के दौरान ग्रहों की चाल ऐसी मानी जाती है कि उस समय किए गए कार्यों में बाधा, विलंब या असफलता की संभावना बढ़ जाती है. यह हर दिन लगभग 90 मिनट (डेढ़ घंटे) की एक अवधि होती है, जिसे अशुभ या हानिकारक माना जाता है. राहुकाल का संबंध भ्रम, वासना, लालच और मोह से जोड़ा जाता है. राहु का प्रभाव ज्योतिष में राहु को एक छाया ग्रह और असुर माना गया है. जो सूर्य और चंद्रमा पर भी अपना नकारात्मक प्रभाव डालता है. माना जाता है कि राहुकाल के दौरान राहु का प्रभाव पृथ्वी पर सबसे अधिक होता है, जिसके कारण यह समय नकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता है. शुभ कार्यों का फल नहीं मिलना यह मान्यता है कि राहुकाल के समय शुरू किए गए किसी भी शुभ कार्य, मांगलिक कार्य या नए कार्य में बाधाएं आती हैं और उसका शुभ फल नहीं मिलता है. कुछ मान्यताओं के अनुसार, इस काल में की गई पूजा-अर्चना का फल देवी-देवताओं को प्राप्त न होकर राक्षसों को मिलता है, इसलिए पूजा-पाठ करने की मनाही होती है. किन कार्यों से बचें?     पूजा-पाठ: करवा चौथ की कथा सुनना, पूजा शुरू करना, या हवन करना.     नए काम की शुरुआत: व्यवसाय शुरू करना, नौकरी जॉइन करना, या कोई नया प्रोजेक्ट आरंभ करना.     खरीद-बिक्री: विशेष रूप से सोना, वाहन या संपत्ति से संबंधित महत्वपूर्ण लेन-देन.     यात्रा: किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए लंबी दूरी की यात्रा शुरू करना.     मांगलिक कार्य: विवाह, सगाई या गृह प्रवेश जैसे संस्कार. क्या कर सकते हैं? जो कार्य पहले से चल रहे हैं, उन्हें जारी रखा जा सकता है. इसके अलावा, राहुकाल में भक्ति, ध्यान और साधना करना उत्तम होता है. आप अपने इष्टदेव का मंत्र जप कर सकती हैं. इसलिए सुहागिन महिलाओं को चाहिए कि वे करवा चौथ के दिन राहुकाल को ध्यान में रखें और अपनी पूजा की तैयारी इस अशुभ समय के पहले या बाद में करें, ताकि उनके व्रत और पूजन का पूरा और सही फल मिल सके.

कब है दिवाली 2025? 20 या 21 अक्टूबर – यहां जानिए सही तिथि और वजह

एक बार फिर सनातन पर्व दीपावली की तिथि को लेकर लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई है. कुछ ज्योतिषी 20 अक्टूबर को तो कुछ 21 अक्टूबर 2025 को दीपावली मनाने की सलाह दे रहे हैं. इस असमंजस के बीच काशी विद्वत परिषद, जो देश के प्रमुख विद्वानों का संगठन है, ने स्पष्ट किया है कि इस वर्ष दीपावली 20 अक्टूबर 2025 (सोमवार) को ही मनाई जाएगी. किस दिन मनाया जाएगा दीपावली का पर्व? परिषद ने इस विषय पर एक विशेष बैठक आयोजित की, जिसमें दीपावली से संबंधित तिथि निर्धारण पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया. धर्मशास्त्रीय व्यवस्था और शास्त्र सम्मत गणना के अनुसार यह निष्कर्ष निकला कि पूर्ण प्रदोष काल व्यापिनी तिथि 20 अक्टूबर को ही प्राप्त हो रही है. वहीं, 21 अक्टूबर को तीन प्रहर से अधिक अमावस्या और साढ़े तीन प्रहर से अधिक वृद्धि गामिनी प्रतिपदा होने के कारण नक्त व्रत पारण का काल (जो लक्ष्मी पूजन का आवश्यक अंग है) उस दिन उपलब्ध नहीं हो रहा है. इसी कारण परिषद ने सर्वसम्मति से 20 अक्टूबर को ही दीपावली पर्व मनाने का निर्णय लिया. साल 2024 में भी बना था ऐसा संयोग काशी विद्वत परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि सनातन धर्म में व्रत-त्योहारों की तिथि निर्धारण की प्रक्रिया गणितीय गणना और धर्मशास्त्रीय नियमों पर आधारित होती है. लेकिन कभी-कभी गणितीय भिन्नता या किसी एक मत के कारण व्रत-पर्वों की तिथियों में अंतर दिखने लगता है. ऐसी ही स्थिति साल 2024 में भी बनी थी, जिसका निर्णय परिषद ने शास्त्र सम्मत रूप से किया था और पूरे देश ने उसी के अनुसार दीपावली मनाई थी. इस बार भी कुछ पंचांगों में 20 अक्टूबर तो कुछ में 21 अक्टूबर को दीपावली लिखे जाने के कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई है. इस पर परिषद के धर्मशास्त्र एवं ज्योतिष प्रकोष्ठ की ऑनलाइन बैठक 4 अक्टूबर 2025 को परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो. रामचंद्र पांडेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई. बैठक में उपस्थित सभी विद्वानों ने शास्त्रीय आधार पर बताया की कि 20 अक्टूबर 2025 को ही दीपावली मनाई जानी चाहिए, क्योंकि उस दिन ही लक्ष्मी पूजन के लिए प्रदोषकाल का संयोग बन रहा है. अंत में परिषद ने स्पष्ट रूप से कहा है कि ''सभी सनातन धर्मावलंबियों को शास्त्रवचनों का पालन करते हुए एक मत से 20 अक्टूबर 2025 को ही दीपावली मनानी चाहिए.'' दिवाली का शुभ मुहूर्त  ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस साल 20 अक्टूबर को ही दिवाली मनाई जाएगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अमावस्या तिथि की शुरुआत 20 अक्टूबर को दोपहर 3 बजकर 44 मिनट पर होगी और तिथि का समापन 21 अक्टूबर की रात 9 बजकर 03 मिनट पर होगा.  दिवाली के दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन का सबसे शुभ समय शाम 7 बजकर 08 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. इस अवधि को प्रदोष काल और स्थिर लग्न का संयोग कहा गया है, जो मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम माना जा रहा है. यानी लोगों को पूजा के लिए करीब 1 घंटा 11 मिनट का समय मिलेगा.

आज का राशिफल (9 अक्टूबर 2025): जानें आपकी राशि के लिए कैसा रहेगा दिन

मेष: आज का दिन आपको परिवर्तन को अपनाने के लिए मोटिवेट कर रहा है। पर्सनल और प्रोफेशनल क्षेत्र दोनों ही चुनौतियों के रूप में छिपे हुए अवसर प्रस्तुत कर सकते हैं। कामकाज में किसी प्रोजेक्ट पर रचनात्मक खूबी की आवश्यकता हो सकती है। वृषभ: आज के दिन उन लोगों के प्रति खुला दिमाग रखें, जो आपके सामान्य प्रकार में फिट नहीं बैठते। अपनी प्रोफेशनल क्षमता साबित करने के लिए ऑफिस में नए काम भी शुरू करें। धन का आगमन होगा। सेहत संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। मिथुन: आज के दिन आज ग्रहों की स्थिति आपके स्वास्थ्य के संबंध में अच्छी खबर लेकर आ रही है। रोमांस के मामले में सरप्राइज की उम्मीद करें। कुछ फाइनेंशियल स्किल्स सीखने के लिए भी यह बुरा दिन नहीं है। तनाव कम लें। कर्क: आज अपने इनोवेटिव विचार को आगे बढ़ाने के लिए कदम उठाने का सही दिन है। व्यायाम को अपने दिन का हिस्सा बनाएं। अपनी फाइनेंशियल स्ट्रैटिजी पर फोकस करें। टास्क से जुड़ी मुश्किलों को पार करने के लिए स्ट्रैटिजी बनाएं। सिंह: आज का दिन अपने सपनों की ओर आगे बढ़ने का दिन है। शारीरिक स्वास्थ्य को अनदेखा न करें। किसी बड़े निवेश पर विचार कर रहे हैं तो पहले फायदे और नुकसान के बारे में जान लें। अभी दिल के मामले में जल्दबाजी मत करें। कन्या: आज के दिन आपको अपने सपनों को वास्तविकता में बदलने में मदद मदद मिलेगी। अपनी फाइनेंशियल योजनाओं पर दोबारा विचार करें। दिल के मामलों में ज्यादा दिमाग न लगाएं। अपने पार्टनर को अच्छे मूड में रखें। तुला: आज के दिन आप नए लोगों से मिलेंगे और यह आपके करियर के लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। आपको पैसों से जुड़े कुछ नए मौके भी मिल सकते हैं। आपका कोई पुराना दोस्त आपको कुछ प्रभावशाली लोगों से मिलवा सकता है या कोई अच्छी डील दिलवाने में आपकी मदद कर सकता है। वृश्चिक: आज के दिन आपका इंट्यूशन आपका सबसे अच्छा दोस्त है। सितारे आपसे अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस करने की सलह दे रहे हैं। संतुलन महत्वपूर्ण है। सपने देखना और अपनी भावनाओं में डूबना बहुत अच्छा है। धनु: आज के दिन अगर आप सिंगल हैं तो आप किसी खास व्यक्ति के साथ समय बिताने का आनंद ले सकते हैं। इस दौरान कपल्स एक-दूसरे के करीब आएंगे। आपका स्वास्थ्य और एनर्जी भी पॉजिटिव रहेगी। धन के मामले में नए रास्ते खुलेंगे। मकर: आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। आज पैसों के मामले में आपको सावधान रहने जरूरत है। सितारे आपके पक्ष में हैं। आपकी रचनात्मकता आज लोगों को इस तरह आकर्षित करेगी, जैसे शहद की ओर मधुमक्खियां आकर्षित होती हैं। कुंभ: आज के दिन आपकी वित्तीय स्थिति में कुछ उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। प्रोफेशनल तौर पर आज प्रोग्रेस की लहर आपकी ओर आगे बढ़ रही है। प्यार के जादू को अपने ऊपर हावी होने दें। सोच-समझकर डीसीजन लें। मीन: आज आपका दिन उतार-चढ़ाव भरा रहने वाला है। ऑफिस की गपशप और दफ्तर की राजनीति से दूर रहें। चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाने के लिए संतुलित आहार बनाए रखें।

मां बगलामुखी का पीला वस्त्र और सामग्री: इसका रहस्य और महत्व

हिंदू धर्म में, प्रत्येक देवी-देवता का एक विशेष रंग होता है, जो उनकी शक्ति और स्वरूप को दर्शाता है. लेकिन जब बात मां बगलामुखी की आती है, तो उनके जीवन और पूजा में पीले रंग का महत्व अतुलनीय हो जाता है. मां के वस्त्र से लेकर हर पूजा सामग्री तक, सब कुछ पीला होता है. उन्हें पीतांबरा देवी के नाम से भी जाना जाता है. देवभूमि हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के बनखंडी में स्थित मां बगलामुखी का सिद्धपीठ, पीले रंग के इसी अद्भुत महत्व को दर्शाता है. यह एक ऐसा पवित्र स्थल है, जहां हर वर्ष देश-विदेश से भक्त अपने कष्टों के निवारण और शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने के लिए आते हैं. आइए जानते हैं कि मां बगलामुखी और पीले रंग का यह गहरा संबंध क्यों है और इस रंग की महत्ता क्या है. मां बगलामुखी और पीले रंग का पौराणिक रहस्य मां बगलामुखी दस महाविद्याओं में से आठवीं हैं. उन्हें ‘स्तंभन शक्ति’ की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है, यानी वे अपने भक्तों के शत्रुओं की बुद्धि और बल को स्तम्भित (रोक) कर देती हैं. मां को पीला रंग अत्यंत प्रिय होने के पीछे मुख्य रूप से दो पौराणिक मान्यताएं हैं: उत्पत्ति का रहस्य: पौराणिक कथाओं के अनुसार, मां बगलामुखी की उत्पत्ति हल्दी के रंग वाले जल से हुई थी. चूंकि हल्दी का रंग पीला होता है, इसलिए उन्हें पीताम्बरा देवी कहा गया और यह रंग उनकी पहचान बन गया. उनका संपूर्ण स्वरूप स्वर्ण के समान पीला और दिव्य है, जो समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक है. स्वरूप और शक्ति: पीला रंग ज्ञान, प्रकाश, दिव्यता और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है. मां का यह स्वर्ण-सा पीला रंग न केवल उनके अलौकिक सौंदर्य को दर्शाता है, बल्कि उनकी शक्ति को भी प्रदर्शित करता है, जो भक्त को हर क्षेत्र में विजय दिलाती है. बनखंडी मंदिर में पीले रंग का महत्व हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में रानीताल-देहरा सड़क के किनारे बनखंडी में स्थित मां बगलामुखी का भव्य मंदिर देश के दो मुख्य सिद्ध शक्तिपीठों में से एक है. इस मंदिर की वास्तुकला और वातावरण में पीला रंग हर जगह दिखाई देता है: पीले वस्त्र और आभूषण: मंदिर में मां बगलामुखी पीले वस्त्र, पीले आभूषण और पीले पुष्पों की माला धारण करती हैं. पीली पूजा सामग्री: मां की पूजा में मुख्य रूप से पीले वस्त्र, हल्दी की माला, पीले फूल और पीले रंग के फल एवं मिठाई (नैवेद्य) का इस्तेमाल किया जाता है. पीले रंग के आसन और पंडाल: हवन और अनुष्ठान के लिए हवन कुंड से लेकर आसन और पंडाल तक, सब कुछ पीले रंग का ही रखा जाता है. पीले वस्त्र में साधक: मां की आराधना करने वाले साधकों को भी अनिवार्य रूप से पीले वस्त्र ही धारण करने चाहिए. यह नियम पूजा में एकाग्रता और शुभता बनाए रखने के लिए आवश्यक माना जाता है. पूजा से मिलती है सफलता और समृद्धि मां बगलामुखी की साधना शत्रुओं पर विजय प्राप्त करने, कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता पाने, व्यापार में वृद्धि और जीवन को निष्कंटक बनाने के लिए की जाती है. मां की पूजा-पाठ और मंत्र जप (जैसे “ॐ ह्लीं बगलामुखी नमः”) सच्चे मन से करने पर भक्त को कई विशेष लाभ मिलते हैं: शत्रु नाश: मां भक्तों के भय को दूर कर उनके शत्रुओं और उनकी बुरी शक्तियों का नाश करती हैं. यहाँ ‘शत्रुओं’ से आशय काम, क्रोध, लोभ, मद और मोह जैसे आंतरिक विकारों से भी है. अखंड सफलता: माता अपने भक्तों को विद्या, लक्ष्मी, यश, कीर्ति, ऐश्वर्य और संतान सुख प्रदान करती हैं. उनकी कृपा से भक्त जीवन के हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त करता है. हवन का विशेष महत्व: बनखंडी धाम में हवन का विशेष महत्व है. मान्यता है कि यहां किया गया हवन कभी निष्फल नहीं होता और माता भक्तों को 36 दिनों के भीतर ही फल प्रदान कर देती हैं. मां बगलामुखी का पीला रंग सिर्फ एक रंग नहीं है, बल्कि यह उनकी दिव्य शक्ति, शुभता और समृद्धि का प्रतीक है. यही कारण है कि इस सिद्धपीठ में हर वस्तु और हर विधान में पीले रंग को सबसे अधिक महत्व दिया जाता है.

सावधान! घर में रखी ये मूर्तियां कर सकती हैं आपकी खुशियों को खराब

घर में छोटे-छोटे वास्तु नियमों का ध्यान रखने से आपको जीवन में कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। साथ ही आपको वास्तु दोष का भी सामना नहीं करना पड़ता। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार, आपको अपने घर में किन मूर्तियों को रखने से बचना चाहिए, वरना आपकी कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। मंदिर में न रखें ऐसी मूर्ति घर में कभी भी नटराज, शनिदेव, राहु-केतु और उग्र रूप वाले देवी-देवताओं जैसे मां काली, काल भैरव देव की मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। ऐसा करने से घर में नकारात्मकता और अशांति फैल सकती है। इसके स्थान पर भगवान की शांत और सौम्य रूप वाली मूर्तियां ही मंदिर में रखनी चाहिए। इसके साथ ही आपके मंदिर में एक से अधिक शिवलिंग भी नहीं होने चाहिए, वरना आपको शुभ परिणाम नहीं मिलते। वास्तु शास्त्र में माना गया है कि आपको अपने घर के मंदिर ऐसी मूर्तियां बिल्कुल भी नहीं रखनी चाहिए, जो खंडित हो, क्योंकि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ने लगता है, जिससे घ में लड़ाई-झगड़े की स्थिति बनने लगती है। ऐसे में आप इन मूर्तियों को क्षमायाचना करते हुए किसी बहते हुए जल में प्रवाहित कर सकते हैं, इससे आपको दोष नहीं लगता। या फिर इन मूर्तियों को किसी पीपल के पेड़ के नीचे भी रख सकते हैं। ऐसी मूर्तियां रखना भी है अशुभ वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर के मंदिर में ऐसी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए, जो युद्ध या हिंसा को दर्शाती हैं। इन मूर्तियों से घर में नकारात्मक ऊर्जा फैल सकती है, जिससे जीवन में कई तरह की परेशानियां आ सकती हैं। ऐसे में अगर आप अपने घर में मूर्ति से संबंधित इन नियमों का ध्यान रखते हैं, तो इससे जीवन में सुख-शांति का वास बना रहता है।  

करवा चौथ पर बन रहे हैं खास योग: ‘शिववास योग’ में पूजा करने से मिटेंगे जीवन के संकट

सुहागिनों का सबसे प्रिय और महत्वपूर्ण पर्व करवा चौथ इस साल शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत का पारण करती हैं. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस बार करवा चौथ पर कई अत्यंत शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिनमें सिद्धि योग और शिववास योग प्रमुख हैं. माना जा रहा है कि इन शुभ संयोगों में की गई पूजा और व्रत से वैवाहिक जीवन के सभी संकट दूर होंगे और मनोकामनाएं पूरी होंगी. करवा चौथ पर बन रहे हैं ये दो महासंयोग कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पर पड़ रहा करवा चौथ इस वर्ष दो विशेष शुभ योगों के साथ आ रहा है. सिद्धि योग ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, करवा चौथ की तिथि यानी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है. महत्व: यह योग किसी भी कार्य में सफलता और सिद्धि दिलाने वाला माना जाता है. इस योग में की गई पूजा और साधना विशेष फलदायी होती है. माना जाता है कि करवा चौथ के दिन सिद्धि योग में व्रत रखने और पूजा करने से व्रत का पूर्ण फल मिलता है और जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं. अवधि: पंचांग के अनुसार, सिद्धि योग का संयोग शाम 05 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. शिववास योग करवा चौथ पर शिववास योग का बनना बहुत ही शुभ माना गया है. शिववास का अर्थ है भगवान शिव का निवास. महत्व: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जब शिववास कैलाश पर होता है, तो वह काल पूजा-पाठ, रुद्राभिषेक और व्रत के लिए बेहद शुभ माना जाता है. शिववास योग में पूजा करने से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद शीघ्र प्राप्त होता है. करवा चौथ के दिन यह संयोग सुहागिनों के वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और सौभाग्य बढ़ाता है. इस योग में की गई पूजा से पति-पत्नी के बीच प्रेम और अटूट बंधन बना रहता है. शुभ योगों में पूजा करने से मिलेंगे ये लाभ करवा चौथ पर सिद्धि योग और शिववास योग जैसे शुभ संयोगों का बनना भक्तों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. इन शुभ योगों में विधि-विधान से पूजा करने पर जीवन में खुशहाली आती है. सौभाग्य की वृद्धि: शिववास योग के कारण माता पार्वती और भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है. संकटों से मुक्ति: मान्यता है कि सिद्धि योग में की गई पूजा वैवाहिक जीवन और अन्य निजी संकटों को दूर करने में सहायक होती है. मनोकामना पूर्ति: यह शुभ संयोग आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना जाता है, खासकर पति की लंबी उम्र, स्वास्थ्य और सफलता के लिए की गई प्रार्थनाएं. अखंड प्रेम: इन शुभ योगों में व्रत रखने से पति-पत्नी के रिश्ते में प्रगाढ़ता आती है और उनका प्रेम अटूट बना रहता है. करवा चौथ व्रत का महत्व करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के बीच के प्रेम, समर्पण और विश्वास का प्रतीक है. इस दिन स्त्रियां सूर्योदय से चंद्रोदय तक निराजला (पानी भी न पीकर) व्रत रखती हैं. शाम को सोलह श्रृंगार करके पूरे विधि-विधान से करवा माता, भगवान शिव, माता पार्वती और गणेश जी की पूजा की जाती है. रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत का पारण किया जाता है. वहीं इस साल बन रहे शुभ योग इस पावन पर्व के महत्व को और भी बढ़ा रहे हैं.

आज का राशिफल (8 अक्टूबर 2025): किस राशि के दिन में होगी सफलता, किसे रखना होगा संयम?

मेष आज के दिन आप लव के मामले में भाग्यशाली रहें। आपको विभिन्न स्रोतों से आज धन प्राप्त होगा। उम्रदराज लोगों को आज ज्यादा सीढ़ियों का उपयोग नहीं करना चाहिए। किसी नए प्रोजेक्ट को लॉन्च करने के लिए आज का दिन अच्छा है। वृषभ आज के दिन भाई-बहन हो या मित्र किसी को भी बड़ी रकम देने से बचें। आज ऑफिस की पॉलिटिक्स को इग्नोर न करें। खुद को स्ट्रांग रखें और डिप्लोमेटिक तरीके से परिवार की नाराजगी का सामना करें। खर्च कम करें। मिथुन आज के दिन कोई बड़ी बीमारी आपको टस से मस नहीं कर पाएगी। ऑनलाइन लॉटरी जैसे फ्रॉड धंधे में पैसे ना लगाएं। आपको अपने सहकर्मियों और सिनीयर्स के साथ अच्छे संबंध बनाने का सुझाव दिया जाता है। कर्क आज के दिन कोई स्पेशल पर्सन आपकी लाइफ में एंट्री करेगा। ऑफिस में आज आपके परिश्रम और समर्पण की सराहना की जा सकती है। आप भाग्यशाली हैं कि आप स्वस्थ महसूस करेंगे। सिंह आज के दिन अपने भीतर की आग को जलाएं और विजय पाने के लिए तैयार हो जाएं। आपका संकल्प और उत्साह अपनी चरम सीमा पर होगा। कार्यभार संभालें और सशक्त बनें। आज का दिन अपने सपनों को हकीकत में बदलने का दिन है। कन्या आज के दिन का अधिकतम लाभ उठाना आप पर निर्भर करता है। अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलने और नई चुनौतियों का सामना करने से न डरें। खुद पर विश्वास रखें और दुनिया आपके कदमों पर चलेगी। तुला आज के दिन नेटवर्किंग और नए लोगों से मिलने के लिए भी समय अच्छा रहेगा। आपका स्वास्थ्य दिन भर अच्छा रहेगा। नौकरी बदलने का मन बना लिया है तो अपने स्किल्स पर ध्यान दें और खुद को इंटरव्यू के लिए तैयार करें। वृश्चिक आज के दिन अपनी दृढ़ता और मेहनती रवैये के लिए जाने जाते हैं। आज आपके सितारे आपके परिश्रम का फल प्राप्त करने के लिए अनुकूल माने जा रहे हैं। यूनिवर्स सपनों को हासिल करने के लिए आज आपका हौसला बढ़ा रहा है। धनु आज के दिन सुखी प्रेम जीवन के लिए रिश्ते में आने वाली समस्याओं को समझदारी से हल करें। प्रोफेशनल तौर पर आज आपका दिन प्रोडक्टिव रहने वाला है। हालांकि, फाइनेंशियल डिसिजन लेते समय आज थोड़ी दिक्कतें आ सकती हैं। मकर आज के दिन आपको नई परियोजनाएं शुरू करने का मोटिवेशन मिलेगा। अपने विचारों को अपने साथियों तक पहुंचाने और अपने काम को बेहतर बनाने के लिए प्रतिक्रिया और जानकारी प्राप्त करने की इच्छा महसूस हो सकती है। कुंभ आज के दिन रोमांचक और उत्पादक रहने वाला है। आपकी बुद्धिमत्ता और आकर्षण से आप बातचीत और ग्रुप एक्टिविटी में अपना जलवा बिखेरेंगे। यदि आप छोटी-मोटी यात्रा करने पर विचार कर रहे हैं, तो समय शुभ है। मीन आज के दिन याद रखें, आपके तेज से कुछ भी संभव है। पॉजिटिव एटीट्यूड और सेल्फ केयर अपनाकर आप अपनी स्किल्स को निखार सकते हैं। इसे आपको चीजों को नए नजरिए से देखने में भी मदद मिलेगी।