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अहोई अष्टमी 2025: व्रत के दिन इन कामों से रहें दूर, नहीं मिलेगा व्रत का फल!

हिंदू धर्म में अहोई अष्टमी का व्रत बहुत विशेष माना जाता है. संतानवती महिलाओं के लिए इस व्रत का बहुत खास महत्व है. ये व्रत महिलाएं अपने बेटे की लंबी आयु, खुशहाल जीवन, तरक्की और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखती हैं. हालांकि बदलते समय में महिलाएं अपनी बेटियों के लिए भी ये व्रत करने लगी हैं. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाकों में अहोई अष्टमी का व्रत रखने का रिवाज है. अहोई अष्टमी का व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है. इसे अहोई आठें भी कहते हैं. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, ये व्रत बड़ा ही पावन होता है. जहां इस व्रत को करने से संतान के जीवन में खुशहाली आती है, तो वहीं कुछ ऐसे काम भी हैं, जो अहोई अष्टमी के व्रत में महिलाओं को नहीं करने चाहिए. मान्यता है कि इन कामों को करने से महिलाओं को पुण्य नहीं, बल्कि पाप मिलता है. कब है अहोई अष्टमी का व्रत? हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 13 अक्टूबर 2025 को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर हो रही है. जबकि 14 अक्टूबर 2025 को सुबह 11 बजकर 09 मिनट पर ये तिथि खत्म हो रही है. ऐसे में इस साल अहोई अष्टमी का व्रत 13 अक्टूबर को रखा जाएगा. अहोई अष्टमी के दिन न करें ये काम अहोई अष्टमी का व्रत महिलाएं निर्जला रखती हैं. इसमें दिन भर कुछ खाएं नहीं और जल नहीं पीएं. व्रत के दौरान महिलाएं नुकीली और धारधार वस्तुओं का उपयोग न करें. व्रत के दिन दिन मिट्टी से जुड़ा कोई काम नहीं करें. व्रत के दौरान महिलाएं बिल्कुल न सोएं. ऐसा करना अशुभ होता है. व्रत का संकल्प लेने के बाद बीच में न तोड़ें. व्रत के दौरान झूठ बोलने और झगड़ा करने से बचें. अष्टमी तिथि के आरंभ से लेकर समापन तक ब्रह्मचर्य का पालन करें. व्रत के दौरान ज्यादा बातचीत न करके मंत्रों का जाप करें. अष्टमी तिथि के आरंभ से लेकर समापन तक बिस्तर पर न बैठें. व्रत के दिन दिन बाल धोना और काटना दोनों मना है.

आज का राशिफल (7 अक्टूबर 2025): सभी 12 राशियों के लिए दिनभर की ज्योतिषीय भविष्यवाणी

मेष आज के दिन आप स्ट्रांग और कॉन्फिडेंट महसूस करेंगे। धन को स्मार्ट तरीके से हैन्डल करें। याद रखें की आपके पास हर वह पावर है, जिससे आप किसी भी मुश्किल को आसानी से सॉल्व कर सकते हैं। आपको मदद की जरूरत हो तो मदद मांगने से न डरें। वृषभ आज के दिन विद्यार्थियों को पढ़ाई पर फोकस करने की जरूरत है। बिजनेस में थोड़ी बहुत दिक्कतें आ सकती हैं, जिसे आप अपनी सूझबूझ के साथ आसानी से निपटा लेंगे। अपने इंट्यूशन को फॉलो करें और ओपन माइंडेड रहें। मिथुन आज के दिन लव लाइफ में चल रही उथल पुथल को सुलझाना बेहतर रहेगा। आज कार्यक्षेत्र में आप अपनी प्रतिभा चमकाएंगे। छोटी-मोटी आर्थिक समस्याएं आ सकती हैं, जिनका आप आसानी से हल निकाल लेंगे। कर्क आज के दिन खुद के प्रति सच्चे रहकर और अपने प्राकृतिक उपहारों को अपनाने से, कर्क राशि वालों को पता चलेगा की आज आकाश ही उनकी सीमा है। आज का दिन आपके लिए आश्चर्य, चुनौतियों और विकास के अवसरों से भरा रहेगा। सिंह आज के दिन सेहत दुरुस्त रहने वाली है। उत्साह और अप्रत्याशित मोड़ से भरे दिन के लिए तैयार हो जाइए। आपका इंट्यूशन हाई रहने वाला है। इसलिए अपनी गट को ट्रस्ट करें और रिस्क लें। आप रिजल्ट्स से सरप्राइज हो सकते हैं। कन्या आज के दिन रिश्तों में छोटी-मोटी समस्याएं आ सकती हैं लेकिन बात-चीत कर इन दिक्कतों को सुलझाना बेहतर रहेगा। प्रोफेशनल लाइफ में अपनी प्रोडक्टिविटी बढ़ाने के लिए चुनौतियों का बखूबी सामना करें। तुला आज के दिन पूरे दृढ़ संकल्प के साथ सफलता की राह पर चलें। चाहे वह प्यार, काम या वित्त का मामला हो, तुला राशि वालों को आत्मविश्वास और ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सितारे एक साथ हैं। खर्चों को कम करने की कोशिश करें। वृश्चिक आज के दिन स्वास्थ्य अच्छा रहने वाला है। आप चीजों में जल्दबाजी करने की इच्छा महसूस कर रहे होंगे, लेकिन अपना समय लेना और धैर्य बनाए रखना महत्वपूर्ण है। प्रक्रिया पर भरोसा करना और धैर्य बनाए रखना जरूरी है। धनु आज के दिन चाहे कुछ नया प्रयास करना हो या नया रास्ता अपनाना हो, आज का दिन बदलाव को अपनाने और नए अवसरों का स्वागत करने का है। सरप्राइज के लिए तैयार रहें और अपने कंफर्ट जोन से बाहर निकलें। मकर आज के दिन आपकी सेहत और आर्थिक स्थिति दोनों दमदार रहने वाली हैं। आप टॉप पर आएंगे। दूसरों से जुड़ने के अवसरों पर नजर रखें, चाहे वह प्यार, करियर या वित्त ही क्यों न हो। आपका दयालु स्वभाव संबंधों को बनाए रखने में मदद करेगा। कुंभ आज के दिन आपको अपने रास्ते में आने वाली किसी भी चुनौती से निपटने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग करना होगा। भले ही ऐसा लगे कि चीजें धीरे-धीरे आगे बढ़ रही हैं। आपका दृढ़ संकल्प आखिरकार रंग लाएगा। मीन आज के दिन जीवन को खुशहाल बनाने के लिए लव लाइफ में आ रही दिक्कतों को सुलझाएं। जहां, रोमांस में कुछ लोग डूबे रहेंगे वहीं, व्यावसायिक सफलता का आभास भी करेंगे। आपके जीवन में छोटी-मोटी आर्थिक परेशानियां भी रहेंगी।

वास्तु शास्त्र के अनुसार किचन में ये चीजें गलत तरीके से रखने से बढ़ती है कलह

वास्तु शास्त्र में घर के हर एक हिस्से का बहुत महत्व है। उसी तरह ही किचन केवल खाना बनाने की जगह नहीं, बल्कि घर में ऊर्जा और सुख-शांति का महत्वपूर्ण केंद्र भी है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, किचन में रखे सामान की सही दिशा और स्थिति सीधे तौर पर घर के माहौल और परिवार के रिश्तों पर असर डालती है। अगर कुछ चीज़ें उल्टी या गलत दिशा में रख दी जाएं, तो यह न केवल घर में नकारात्मक ऊर्जा ला सकती हैं बल्कि घरेलू झगड़े और तनाव को भी बढ़ा सकती है। तो आइए जानते हैं कि वो कौन सी वस्तुएं हैं, जिन्हें उल्टा करके नहीं रखना चाहिए। गैस और चूल्हा वास्तु के अनुसार, गैस या चूल्हा कभी भी उत्तर या पश्चिम दिशा की ओर नहीं रखना चाहिए। चूल्हे की दिशा और स्थिति परिवार की ऊर्जा पर गहरा असर डालती है। इसे हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में ही रखें। बर्तन और कटोरे वास्तु के अनुसार, किचन के बर्तन, खासकर तांबे और स्टील के बर्तन, उल्टे या किसी अनियमित जगह पर रखने से घरेलू ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। बर्तन हमेशा साफ और व्यवस्थित रखें। किचन शेल्फ और अलमारी किचन की अलमारी या शेल्फ में अगर खाना उल्टा या अव्यवस्थित रखा हो तो यह परिवार में विवाद और असंतोष को बढ़ा सकता है। प्रत्येक सामान को उसकी जगह पर व्यवस्थित रखें। पानी और मीठे पदार्थ पानी की बोतलें या शक्कर जैसी चीजें कभी भी दक्षिण-पश्चिम दिशा में उल्टा न रखें। इससे धन और सुख-शांति पर असर पड़ सकता है।

बहुत ज़्यादा टेंशन हो गई है? जानिए मन को तुरंत शांत करने के 5 आसान तरीके

रोजाना के बिजी शेड्यूल की वजह से ज्यादा तर लोग खुद के लिए समय नहीं निकाल पाते। भागदौड़ भरी जिंदगी में बहुत से लोग तनावग्रस्त हैं। तनाव की वजह से मन अशांत रहता है और बड़े फैसले लेना मुश्किल होता है। टेंशन के बीच मन को शांत रखना सरल काम नहीं है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है। छोटे-छोटे तरीकों को अपनाकर आप टेंशन में भी मन को शांत रख सकते हैं। जानें, मन शांत करने के 5 तरीके- गहरी सांस लेना अपनी नाक से गहरी सांस लें और फिर कुछ सेकंड के लिए रोककर रखें बाद में अपने मुंह से धीरे-धीरे सांस छोड़ें। ऐसा करते समय अपनी सांस की अनुभूति पर ध्यान केंद्रित करें। माइंडफुलनेस प्रेक्टिस आएगी काम अपने आस-पास के माहौल और शरीर की संवेदनाओं पर ध्यान दें। आप 5-4-3-2-1 तकनीक को आजमा सकते हैं। इसके लिए 5 ऐसी चीजें पहचानें जिन्हें आप देख सकते हैं, 4 ऐसी चीजें जिन्हें आप छू सकते हैं, 3 ऐसी चीजें जिन्हें आप सुन सकते हैं, 2 ऐसी चीजें जिन्हें आप सूंघ सकते हैं और 1 ऐसी चीज जिसे आप चख सकते हैं। टहलने से मिलेगी मदद टेंशन के बीच मन को शांत रखने का सबसे अच्छा तरीका है कुछ मिनटों के लिए बाहर निकलें और वॉक करें। इस दौरान अपने आस-पास के वातावरण पर ध्यान केंद्रित करें। शांत करने वाले म्यूजिक को सुनें बहुत ज्यादा टेंशन के बीच ऐसा करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। लेकिन अगर आप गलत फैसले लेने से बचना चाहते हैं तो मन शांत करने के लिए शांत करने वाले म्यूजिक को सुनें। म्यूजिक हृदय गति और ब्लडप्रेशर को कम करने में मदद कर सकता है। च्युइंग गम आएगी काम बहुत से लोग इसे खाना पसंद नहीं करते हैं लेकिन स्ट्रेस के बीच मन शांत करने में ये आपकी मदद कर सकती है। जब भी आपको तनाव महसूस हो तो च्युइंग गम चबाना शुरू कर दें। दरअसल च्युइंग गम चबाने से तनाव से जुड़े हार्मोन कोर्टिसोल के लेवल को कम करने में मदद मिलती है , जिससे यह तनाव को जल्दी से मैनेज करने में मदद करता है।

समृद्धि का रास्ता खोलें: दीवाली से पहले हटाएं घर से ये नकारात्मक चीजें!

सनातन धर्म में दीवाली के त्योहार का बेहद खास महत्व है। इस पर्व के आने का हर कोई बेसब्री से इंतजार करता है। दीवाली से पहले लोग अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं। ऐसे में सफाई करते समय ध्यान रखें कि अशुभ चीजों को घर से बाहर करें। वास्तु (Vastu Tips) शास्त्र के अनुसार, अशुभ चीजों को घर से बाहर करने से मां लक्ष्मी की कृपा बरसती है। साथ ही सुख-शांति बनी रहती है। ऐसे में चलिए इस आर्टिकल में जानेंगे कि दीवाली से पहले किन चीजों को घर से बाहर करना चाहिए, जिससे धन की देवी मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा। कब है दीवाली हर साल कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पर दीवाली मनाई जाती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार दीवाली का पर्व 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इन चीजों को घर से करें बाहर     वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में टुटा हुआ शीशा रहना शुभ नहीं माना जाता है। इसको घर में रखने से नकारात्मकता ऊर्जा का वास होता है और व्यक्ति को जीवन में कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए दीवाली से पहले टूटे हुए शीशे को घर से बाहर करें। ऐसा माना जाता है कि इस काम को करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।     अगर आपके घर में फटे-पुराने जूते चप्पल है, तो उन्हें भी दीवाली की सफाई के दौरान घर से बाहर करें। वास्तु शास्त्र के अनुसार, फटे-पुराने जूते चप्पल को घर में रखने से दुर्भाग्य आता है और मां लक्ष्मी का आगमन नहीं होता है। इसलिए इस दीवाली पर घर में भूलकर भी फटे-पुराने जूते चप्पल न रखें।     इसके अलावा घर में बंद घड़ी को नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि बंद घड़ी का नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। इससे व्यक्ति को करियर और आर्थिक तंगी का समस्या का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए दीवाली से पहले बंद घड़ी को घर से बाहर करें या फिर उसे सही करवाएं।     अगर आपके मंदिर में किसी देवी-देवता की खंडित प्रतिमा (टूटी हुई) है, तो उसे मंदिर में न रखें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, खंडित प्रतिमा की पूजा करने से साधक को पूजा का शुभ फल प्राप्त नहीं होता है। ऐसे में खंडित प्रतिमा को किसी पवित्र नदी में विसर्जत कर दें।  

धनतेरस 2025: सोना-चांदी के अलावा कौन-कौन सी चीज़ें लाती हैं खुशहाली?

दिवाली के महापर्व की शुरुआत धनतेरस से होती है. इस दिन खरीदारी का विशेष महत्व है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे. यही कारण है कि इस दिन बर्तन और धातु की चीजें खरीदना बेहद शुभ माना जाता है. आमतौर पर लोग इस दिन सोना और चांदी खरीदना शुभ मानते हैं, लेकिन अगर आप सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं, तो घबराएं नहीं. ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ अन्य वस्तुएं भी हैं, जिन्हें धनतेरस के दिन खरीदना बहुत मंगलकारी होता है और यह आपके घर में सुख-समृद्धि लाती हैं. साल 2025 में कब है धनतेरस? द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 18 अक्टूबर, शनिवार को दोपहर 12 बजकर 18 मिनट पर होगी और इसका समापन 19 अक्टूबर, रविवार को दोपहर 1 बजकर 51 मिनट पर होगा. हिंदू धर्म में उदयातिथि को विशेष महत्व दिया जाता है, इसलिए,धनतेरस का पर्व शनिवार, 18 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा. सोना-चांदी के अलावा, धनतेरस पर ये चीज़ें खरीदना भी है शुभ! धनतेरस पर नए बर्तन खरीदना सबसे पुरानी और महत्वपूर्ण परंपरा है. यह दिन भगवान धन्वंतरि के अमृत कलश के साथ प्रकट होने का प्रतीक है, इसलिए बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है. पीतल: पीतल को भगवान धन्वंतरि की धातु माना जाता है. मान्यता है कि पीतल के बर्तन खरीदने से घर में आरोग्य, सौभाग्य और 13 गुना धन लाभ होता है. तांबा या कांसा: इन धातुओं के बर्तन खरीदना भी शुभ फलदायी होता है. झाड़ू धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि नया झाड़ू घर से दरिद्रता को दूर करता है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है. इस झाड़ू को घर लाकर उसका उपयोग करने से पहले उसकी पूजा अवश्य करें. धनिया के बीज धनतेरस पर धनिया खरीदना और उसे मां लक्ष्मी को अर्पित करना शुभ माना जाता है. धनिया को धन का प्रतीक भी कहा जाता है. पूजा के बाद इन बीजों को अपनी तिजोरी या धन के स्थान पर रखने से बरकत आती है. लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति दिवाली की पूजा के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की नई मूर्ति धनतेरस के दिन खरीदना बेहद शुभ होता है. इन मूर्तियों को धनतेरस पर घर लाकर दिवाली के दिन विधि-विधान से पूजा करने पर धन-वैभव की प्राप्ति होती है और सभी बाधाएं दूर होती हैं. श्री यंत्र और कुबेर यंत्र अगर आप सोना-चांदी नहीं खरीद पा रहे हैं तो इस दिन श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र खरीदना बहुत शुभ माना जाता है. इन यंत्रों को घर या दुकान की तिजोरी में स्थापित करने से धन की देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की कृपा बनी रहती है. गोमती चक्र गोमती चक्र को बहुत पवित्र और चमत्कारी माना जाता है. धनतेरस के दिन 11 गोमती चक्र खरीदकर उन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से धन की कमी दूर होती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होती है. कौड़ी पीली कौड़ी को मां लक्ष्मी से जुड़ा माना जाता है. धनतेरस के दिन कौड़ी खरीदकर लाएं और उन्हें हल्दी में रंग कर (अगर पहले से रंगी हुई न हो तो) दिवाली की रात पूजा करने के बाद अपनी तिजोरी में रखें. इससे घर में धन का प्रवाह बना रहता है. खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान     काले रंग की वस्तुएं: धनतेरस के दिन काले रंग की कोई भी वस्तु या वस्त्र खरीदने से बचें. इसे अशुभ माना जाता है.     लोहा: इस दिन लोहे से बनी नुकीली चीजें, जैसे कैंची या चाकू, खरीदने से बचना चाहिए.  

बड़ा खुलासा! 2025 में कब मनाई जाएगी दिवाली — भ्रम दूर हुआ!

नई दिल्ली देशभर में रोशनी और खुशियों का त्योहार दीपावली बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस बार दीपावली की तारीख को लेकर काफी भ्रम और कन्फ्यूजन देखने को मिल रहा है। अलग-अलग पंचांगों में दीपावली की तारीख अलग-अलग बताई जा रही है। कहीं इसे 20 अक्टूबर को तो कहीं 21 अक्टूबर को मनाने की बात कही जा रही है। इस कन्फ्यूजन के बीच काशी विद्वत परिषद ने इस मामले में साफ-साफ अपनी राय रख दी है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, काशी विद्वत परिषद के महामंत्री रामनारायण द्विवेदी ने बताया कि साल 2025 में अमावस्या की तिथि 20 अक्टूबर से शुरू हो रही है। इसी दिन अमावस्या प्रदोषकाल पूरा होता है, जो लक्ष्मी पूजन के लिए जरूरी माना जाता है। वहीं 21 अक्टूबर को अमावस्या तीन प्रहर (लगभग आधी रात तक) तक बनी रहती है। उस दिन प्रतिपदा की तिथि भी शुरू हो जाती है, जिससे नए अन्न का पारण (भोजन) नहीं हो पाता है। शास्त्र के अनुसार दीपावली का महापर्व तभी पूरी तरह से माना जाता है जब यह अमावस्या तिथि और प्रदोषकाल के बीच मनाया जाए। इसलिए पूरे देश में इस बार दीपावली 20 अक्टूबर को ही मनाना सही रहेगा। कैसे हुआ फैसला? पंचांग में तारीखों को लेकर चल रहे मतभेदों को सुलझाने के लिए काशी विद्वत परिषद ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। यह बैठक ऑनलाइन हुई और परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रो. रामचन्द्र पाण्डेय की अध्यक्षता में संपन्न हुई। इस बैठक में दीपावली की सही तिथि को लेकर गहन चर्चा हुई। विद्वानों ने शास्त्र, गणित और पंचांग के आधार पर अपने तर्क प्रस्तुत किए। अंत में दीपावली की तिथि को स्पष्ट करते हुए प्रेस रिलीज जारी की गई और पूरे देश को जानकारी दी गई। बैठक में शामिल हुए विद्वान इस महत्वपूर्ण बैठक में कई नामी विद्वान मौजूद रहे, जिनमें प्रोफेसर वशिष्ठ नाथ त्रिपाठी, प्रोफेसर विनय पांडेय, प्रोफेसर रामनारायण द्विवेदी, प्रोफेसर सदाशिव द्विवेदी, डॉ. सुभाष पांडेय, प्रोफेसर चंद्रमौली उपाध्याय, विद्वान राम किशोर त्रिपाठी और पंचांगकार अमित कुमार मिश्र शामिल थे। इन सभी ने मिलकर दीपावली की सही तिथि तय की।

6 अक्टूबर राशिफल: क्या कहते हैं आज आपके सितारे

मेष आज आप अपना मूड बदलने के लिए किसी पार्टी में शामिल हो सकते हैं। किसी करीबी की मदद से घरेलू कार्यों को निपटाने में सफल रहेंगे। धन की स्थिति अच्छी होगी। पार्टनर का साथ मिलेगा। जीवनसाथी के साथ बहस से बचें, वरना स्ट्रेस हो सकता है। खानपान पर नजर रखें। व्यापारिक स्थिति अच्छी रहने वाली है। वृषभ आज वृषभ राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा। आत्मविश्वास भी भरपूर रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। लाभ के अवसर मिलेंगे। धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। हालांकि शिक्षा से जुड़े कार्यों में मुश्किलें आ सकती हैं। धन लाभ के संकेत हैं। संतान से किसी अच्छी खबर की प्राप्ति हो सकती है। मिथुन आज आपको किए गए प्रयासों में सफलता मिलेगी, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। अपनों का साथ होगा। मौजूदा उत्साह को बरकरार रखने के लिए कड़ी मेहनत करते रहें। जो लोग छोटे स्तर का कारोबार करते हैं उन्हें आज अपने करीबी लोगों से कोई सलाह मिल सकती है। जीवनसाथी अपने पार्टनर के साथ अच्छा समय बिताएंगे। कर्क आज कर्क राशि वालों का मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आपके धैर्य व आत्मविश्वास में कमी हो सकती है। परिवार के सहयोग से कारोबार में वृद्धि हो सकती है। काम के सिलसिले में यात्रा करनी पड़ सकती है। ऑफिस में काम का बोझ तनाव दे सकता है। सेहत का ध्यान रखें। सिंह आज कुछ महत्वपूर्ण फैसले लेने पड़ सकते हैं। धन के मामले में आप अच्छे रहेंगे लेकिन अपने खर्च पर कंट्रोल रखने की कोशिश करें। जीवनसाथी के साथ यात्रा पर जा सकते हैं। किसी व्यक्तिगत परेशानी को हल करने के लिए करीबी व्यक्ति की सलाह काम आ सकती है। कारोबार की स्थिति पहले से बेहतर होगी। कन्या आज आपको अपने खर्चों पर नजर रखना चाहिए, वरना खर्च की अधिकता मन को परेशान कर सकते हैं। लुभाने वाली खरीदारी से दूर रहें। लव लाइफ उतार-चढ़ाव भरी रहने वाली है। आपका आकर्षण और व्यक्तित्व आपको कुछ नए दोस्त बनाने में मदद करेगा। आज अचानक यात्रा व्यस्त और तनाव से भरी साबित होती है। तुला आज आपको लिखने-पढ़ने में समय बिताना चाहिए। सामाजिक मान-सम्मान की प्राप्ति हो सकती है। संतान की ओर से सुखद समाचार मिल सकते हैं। कारोबार में वृद्धि होगी। धन लाभ के अच्छे अवसर सामने आएंगे। निवेश के अच्छे अवसर मिल सकते हैं, लेकिन निवेश से पहले मार्केट की रिसर्च जरूर करें। वृश्चिक आज आप रोमांटिक मूड में रह सकते हैं, जिससे जीवनसाथी प्रभावित होगा। आप अपने कारोबार को मजबूत करने के लिए कुछ अहम फैसले ले सकते हैं। बेकार की परेशानियों और विवादों से दूर रहें और खुद के साथ एकांत में समय बिताएं। व्यापार करने वालों को पार्टनरशिप के नए अवसर मिलेंगे। धनु आज भावुकता में आकर कोई फैसला न लें। बड़े-बुजुर्गों की सलाह से आर्थिक लाभ हो सकता है। भूमि, भवन व वाहन की खरीदारी के संकेत हैं। प्रभावशाली लोगों से मुलाकात हो सकती है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। आज ऑफिस में आपके काम करने का स्टाइल सहकर्मियों को प्रभावित कर सकता है। मकर आज आपके फैसला लेने की क्षमता दूसरों को आकर्षित करेगी। मानसिक रूप से आप सतर्क रहें। व्यापार करने वालों को आज अच्छे समाचार की प्राप्ति हो सकती है। सिंगल जातकों की किसी खास व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। आपके जीवनसाथी का व्यवहार आज आपके प्रोफेशनल संबंधों में खटास ला सकता है। सेहत पर नजर रखें। कुंभ आज का दिन आपके लिए आनंददायक रहने वाला है, आप छुट्टी सा महसूस करेंगे। आर्थिक रूप से आप अच्छे रहेंगे। किसी पुराने मित्र से मुलाकात हो सकती है। जीवनसाथी के साथ फिर से प्यार में पड़ सकते हैं। आर्थिक व व्यावसायिक स्थिति दोनों ही अच्छी रहने वाली है। मीन आज आपकी किसी पुरानी बीमारी से राहत मिल सकती है। किसी सरप्राइज के मिलने से मन प्रसन्न होगा। धन लाभ के संकेत हैं। निवेश करने से पहले किसी सलाहकार से सलाह जरूर लें। शाम तक ऑफिस में आपको आपकी मेहनत का पूरा फल मिल सकता है। माता-पिता की सेहत पर नजर रखें।

शरद पूर्णिमा कल! जानें पूजा के सही तरीके, आरती और शुभ समय

शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहते हैं, इस वर्ष 6 अक्टूबर 2025, सोमवार को है। पूर्णिमा तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है। इस दिन चंद्र देव, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व है। इस रात्रि में चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं के साथ पूर्ण रूप से प्रकाशित होता है, जिससे अमृतमयी चांदनी पृथ्वी पर बरसती है। हिंदू धर्म में शरद पूर्णिमा का विशेष स्थान है। मान्यता है कि इस दिन देवी लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और जो भक्त जागकर उनकी पूजा करते हैं, उन्हें समृद्धि और सुख-शांति का आशीर्वाद मिलता है। इसके अलावा, यह दिन भगवान श्री कृष्ण के रास लीला के लिए भी प्रसिद्ध है। इसी दिन उन्होंने इस गोपियों के साथ रास रचाया था। तिथि और शुभ मुहूर्त पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ – अक्टूबर 06, 2025 को 12:23 पी एम बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त – अक्टूबर 07, 2025 को 09:16 ए एम बजे शरद पूर्णिमा के दिन चन्द्रोदय – 05:47 पी एम पूजा का शुभ मुहूर्त ब्रह्म मुहूर्त 04:53 ए एम से 05:42 ए एम अभिजित मुहूर्त 12:03 पी एम से 12:50 पी एम विजय मुहूर्त 02:25 पी एम से 03:13 पी एम गोधूलि मुहूर्त 06:23 पी एम से 06:47 पी एम अमृत काल 11:40 पी एम से 01:07 ए एम, अक्टूबर 07 निशिता मुहूर्त 12:02 ए एम, अक्टूबर 07 से पूजा विधि स्नान और शुद्धता: स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। मंदिर या पूजास्थल की सफाई: पूजा स्थल को स्वच्छ करें और दीपक लगाएं। पंचोपचार पूजन: चंदन, दीपक, धूप, नैवेद्य और पुष्प अर्पित करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। रात्रि में चंद्र देव की पूजा: चंद्र देव को जल, दूध और अक्षत अर्पित करें। खीर अर्पण: रात्रि में खीर को चांदनी में रखें और अगले दिन उसे देवी लक्ष्मी को अर्पित करें। आरती और भोग: आरती करने के बाद भगवान को भोग अर्पित करें और प्रसाद वितरण करें। चंद्र देव की पूजा और अर्घ्य विधि चंद्र देव को जल, दूध और अक्षत अर्पित करें। माला फेरते हुए "ॐ सोम सोमाय नमः" मंत्र का जाप करें। चंद्र देव को खीर अर्पित करें। उपाय और व्रत इस दिन व्रत रखें और रातभर जागरण करें। गरीबों को भोजन और वस्त्र दान करें। चांदी की कटोरी में खीर रखें और चांदनी रात में रखें। मंत्र- माँ लक्ष्मी के मंत्र "ॐ महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णुपत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी: प्रचोदयात्" का जाप करें। स्वास्थ्य लाभ- शरद पूर्णिमा की रात की चांदनी को आयुर्वेद में औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है, जो विशेषकर अस्थमा जैसी बीमारियों के उपचार में उपयोगी होती है। इस दिन चांदनी में रखी खीर को रोगियों विशेषकर अस्थमा से पीड़ित लोगों को खिलाना अत्यंत लाभकारी माना गया है।

शरद पूर्णिमा पर खीर खाने की परंपरा: सेहत के लिए जानें 5 अद्भुत फायदे

हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा 2025 का त्योहार मनाया जाता है। इस साल शरद पूर्णिमा 6 अक्टूबर 2025, सोमवार को पड़ रही है। शरद पूर्णिमा के दिन खीर बनाकर चंद्रमा की रोशनी में रखने का विशेष महत्व बताया गया है। माना जाता है कि ऐसा करने से खीर में अमृत के सामान गुण शामिल हो जाते हैं। इस गुण का सेवन करने से व्यक्ति को सेहत से जुड़े कई लाभ मिलते हैं। आइए जानते है शरद पूर्णिमा की खीर से जुड़े धार्मिक और सेहत से जुड़े कई कारण। शरद पूर्णिमा की खीर से जुड़ा धार्मिक महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन भगवान श्री कृष्ण ने द्वापर युग में चांदनी रात में महारास किया था। जिससे प्रसन्‍न होकर चंद्रमा ने अमृत वर्षा की थी। मान्‍यता है कि शरद पूर्णिमा की रात को चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से परिपूर्ण होकर अमृत वर्षा करते हैं। यही वजह है कि शरद पूर्णिमा की चांदनी रात में खीर रखने से उसमें अमृत घुल जाता है। इसके अलावा शरद पूर्णिमा यानी कि मां लक्ष्‍मी के जन्‍मोत्‍सव पर उन्हें उनकी प्रिय खीर का भोग लगाकर प्रसाद के रूप में खाने से मां लक्ष्‍मी प्रसन्‍न होकर आशीर्वाद प्रदान करती हैं। शरद पूर्णिमा की खीर खाने से सेहत को मिलते हैं ये फायदे मजबूत पाचन तंत्र खीर में मौजूद दूध और चावल हल्के और सुपाच्य होते हैं, जो पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखते हैं। दरअसल, दूध में मौजूद लैक्टोज और प्रोटीन, पेट को शांत रखते हैं और चावल में मौजूद स्टार्च आसानी से पचकर कब्ज या अपच जैसी समस्याओं को दूर रखता है। प्रतिरक्षा प्रणाली रखें अच्छी खीर में डाले जाने वाले मेवे जैसे बादाम, काजू, पिस्ता और केसर इम्यूनिटी को बूस्ट करने में मदद कर सकते हैं। बता दें, मेवों में मौजूद विटामिन ई, जिंक और एंटीऑक्सिडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखते हैं। जबकि केसर में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण रोगों से लड़ने में मदद करते हैं। एनर्जी खीर एक हाई एनर्जी फूड है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है। खीर बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले चावल में कार्बोहाइड्रेट और दूध में प्रोटीन और फैट होता है, जो शरीर को ताकत और ऊर्जा देता है। चीनी तुरंत ग्लूकोज प्रदान करती है, जिससे थकान कम होती है। त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद खीर में मौजूद दूध और मेवे त्वचा को ग्लोइंग और बालों को मजबूत बनाते हैं। दूध में मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन त्वचा को पोषण देते हैं, जबकि मेवों में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ई त्वचा को नमी और बालों को मजबूती प्रदान करते हैं। मानसिक स्वास्थ्य में सुधार खीर का सेवन तनाव और चिंता को कम करने में मदद करता है। दूध में ट्रिप्टोफैन नामक अमीनो एसिड होता है, जो सेरोटोनिन के उत्पादन को बढ़ाता है, जिससे मूड बेहतर होता है। केसर भी मूड को बेहतर करने और अवसाद को कम करने में मदद करता है।