samacharsecretary.com

अपने नजरिए को बदलकर मुश्किलों को आसान बनाने का प्रभावी तरीका

5 प्रेरणादायक जीवन मंत्र 1) Jeevan Mantra – अपने विचारो को बताने से पहले थोडा सोच ले : गलत समय पर गलत बाते बोलना आपकी मुसीबतों को बढ़ा सकता है. अंततः हम सभी को आत्ममंथन की जरुरत होती ही है. ये एक साधारण उपाय है हम हमारे रवैये को बदलकर ही जिंदगी में बहोत सी मुसीबतों का सामना आसानी से कर सकते है. और प्यार भरे रिश्तो को जिंदगीभर के लिये बनाये रख सकते है. 2) Jeevan Mantra – आलोचनाओ से दूर रहे और दूसरो का मजाक न उडाये : हमारी अनुभूति और उसके प्रकोप के दो तरह के प्रभाव होते है. यदि आप प्यार, स्नेह, दया, करुणा, कल्याण के रूप में सकारात्मक विचारो को भेजते हो तो इससे आपके संबंध और भी मधुर और मजबूत बनेंगे. इसके विपरीत जो लोग गुस्सा, नफरत, चिंता, आलोचना, गलतिया ढूंडना, नकारात्मक सोचना और बुरे शब्दों का प्रयोग करते है, उनके संबंध ख़त्म होते हुए नज़र आते है. और इसी की चिंता में इंसान के जीवन से प्यार और ख़ुशी हमेशा के लिये चली जाती है. दो इंसानों में संबंध में दोनों में एक-दूजे को समझने की ताकत होनी चाहिये, ना की एक-दूजे में अहंकार और द्वेषभाव होना चाहिये. 3) Jeevan Mantra – क्या आप आसानी से दुखी होते हो और मुश्किल से खुश होते हो ? मेरा ऐसा मानना है की अच्छी और बुरी आदतों को सिमित जगह तक ही रखना आपको गलत रास्तो पर ले जा सकता है. लोगो में बुरी आदतों को जल्दी अपनाने की और उन्हें विकसित करने की आदत होती है जबकि अच्छी आदते बड़ी मुश्किल और लाख कोशिशो के बाद ही लगती है. और इसी वजह से हम एक-दुसरे से नाराज़ रहते है. हमें हमारी आंतरिक भावना को सोच-समझकर ही बाहर लाना चाहिये. आंतरिक भावना के बारे में विचार करते हुए हमें सकारात्मक भावनाओ को बाहर लाना चाहिये और नकारात्मक भावनाओ को नष्ट कर देना चाहिये. इसके विपरीत ख़ुशी का अहसास, प्यार, आकर्षण, ध्यान रखना, दया और करुणा ये सब हमें अपने स्वभाव में ही दिखाई देता है. हमारा स्वभाव ही हमारे गुणों को दर्शाता है और हमारे स्वभाव पर ही हमारा खुश रहना निर्भर करता है. रिश्तो में आयी खटास को दूर करने का शबे आसान उपाय अपने स्वभाव को नम्र बनाना और परिस्थिति चाहे आपके अनुकूल हो या विपरीत हमेशा मुस्कुराते रहना ही है. खुश रहने के लिये आपको अपने स्वभाव को बदलने की जरुरत होगी. 4) Jeevan Mantra – अपनी परीभाषा को बदले : अपनी परीभाषा को इस कदर बनाये की आप आसानी से खुश हो जाये और बड़ी मुश्किल से मायूस हो पाये. निश्चित करे की आपका सबसे अच्छा दिन आज ही है, आज ही आप आसानी से मनचाही जिंदगी जी सकते हो. इन बातो को हमेशा याद रखे तभी आपके जीवन में ख़ुशी, प्यार, आज़ादी हमेशा बनी रहेंगी. यदि आपसे कोई यह प्रश्न करता है की आप बहोत खुश और उत्साही कैसे रहते हो? तो आपका जवाब, “मै इसलिए खुश हु क्योकि मै आज में जीता हु और आसानी से सांस ले पाटा हु और आसानी से खुश हो जाता हु” होना चाहिये. आपका ये रवैया आपको एक खुशनुमा जिंदगी जीने में सहायक साबित होगा. और आप हमेशा के प्यार, आकर्षण, सहायक और दया, करुणा के वातावरण में रहने लगोगे, जिससे आपका स्वास्थ और आपकी संपत्ति दोनों ही सुरक्षित होंगे. आसानी से खुश होने के अलावा एक और बात है जो आपमें होनी चाहिये, और वह है की आसानी से दुखी न होना. किसी भी इंसान के लिये आपको दुखी कर पाना असंभव होना चाहिये. अपने मायूसी की एक सीमा निश्चित कर ले. ठान ले की आप तभी मायूस होंगे जब आपका दिन में 10 लाख डॉलर से भी ज्यादा का नुकसान होगा, यदि इस तरह की कोई घटना आपके जीवन में होती है तो आपको मायूस होना चाहिये. यदि आप इन सीमाओ को अपने जीवन में उपयोग करो तो आप कभी आसानी से मायूस नहीं हो पायेंगे. और आप जिंदगीभर खुश रह पायेंगे. 5) Jeevan Mantra – इन शर्तो को प्रयोग में लाये : आप जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिये ही सारे बदलाव करते हो. इन आदतों को बढाने के लिये आपको नम्र, इमानदार और लगातार किशिशे करते रहने की जरुरत है. हर समय आपको जीवन की इस नयी परीभाषा का ज्ञान होना चाहिये. इन सभी शर्तो को बहोत सारे पन्नो पर लिखे और उन्हें घर में अलग-अलग जगहों पर लगाये. ताकि बार-बार आपका ध्यान उनकी तरफ जाये. आप इन सभी शर्तो को अपने कंप्यूटर, लैपटॉप या मोबाइल का वॉलपेपर बनाकर भी रख सकते हो. ऐसा करने से कुछ ही दीनो में आपकी बुरी आदते अच्छी आदतों में परीवर्तित हो जाएँगी, और आप खुद को इस दुनिया का सबसे खुश इंसान पाओगे. ऐसा करने से आप हमेशा खुश रह सकते हो. और अपने रवैये से दूसरो को कैसे खुश किया जा सकता है यह भी सिख सकते हो. और इस दुनिया में गुस्सा, नफरत, मायूसी और मुसीबत के लिये कोई जगह नही होंगी.  

राज पंचक के इन 5 दिनों में भूलकर भी न करें ये गलतियां वरना होगा नुकसान

अप्रैल 2026 का महीना ज्योतिष की नजर से बेहद खास और थोड़ा सतर्क रहने वाला माना जा रहा है. इस दौरान एक ऐसा संयोग बन रहा है, जब वरुथिनी एकादशी और राज पंचक एक साथ पड़ रहे हैं. मान्यता है कि ऐसे समय में ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव तेज हो जाता है, जिससे जीवन के कई क्षेत्रों पर असर देखने को मिल सकता है. इसलिए इन दिनों में कुछ काम सोच-समझकर करने की सलाह दी जाती है. कब शुरू हो रहा है राज पंचक? पंचांग के अनुसार, राज पंचक की शुरुआत 13 अप्रैल 2026, सोमवार को सुबह 3:44 बजे से होगी. इस दिन धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, जिसके बाद शतभिषा नक्षत्र का प्रभाव शुरू होगा.यह पंचक 17 अप्रैल दोपहर 12:02 बजे तक रहेगा.यानी करीब 5 दिनों तक यह समय प्रभावी रहेगा. क्यों माना जाता है यह समय खास? ज्योतिष के अनुसार, पंचक के दौरान चंद्रमा लगातार 5 नक्षत्रों धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती से गुजरता है.हर नक्षत्र का अलग प्रभाव होता है, इसलिए इस दौरान जीवन में उतार-चढ़ाव महसूस हो सकते हैं.     धनिष्ठा नक्षत्र: इस समय आग से जुड़ी चीजों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है.     शतभिषा नक्षत्र: रिश्तों में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं, इसलिए संयम जरूरी है.     पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र: सेहत को लेकर सतर्क रहना बेहतर होता है.     उत्तराभाद्रपद नक्षत्र: पैसों से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसले लें.     रेवती नक्षत्र: खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट संभालकर चलें. क्या करें और क्या नहीं? इन 5 दिनों में बड़े और नए काम शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है.खासकर घर निर्माण, बड़ी खरीदारी या निवेश जैसे फैसले टालना बेहतर माना जाता है.वहीं, पूजा-पाठ, ध्यान और दान जैसे काम करना शुभ माना जाता है. वरुथिनी एकादशी का महत्व इसी दौरान वरुथिनी एकादशी भी पड़ रही है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है.इस दिन व्रत और पूजा करने से मन को शांति मिलती है और नकारात्मकता कम होती है.

बजरंग बली की कृपा पाने के लिए हनुमान जयंती पर जरूर करें इन 7 मंत्रों का पाठ

 हनुमान जन्मोत्सव हर वर्ष चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। साल 2026 में हनुमान जन्मोत्सव 2 अप्रैल के दिन है। इस दिन राम जी के परम भक्त बजरंग बली की पूजा के साथ ही कुछ मंत्रों का जप भी आपको अवश्य करना चाहिए। इन मंत्रों का जप करने से आपको हनुमान जी की कृपा तो प्राप्त होती ही है साथ ही बल-बुद्धि और ज्ञान भी आपको प्राप्त होता है। इसके साथ ही पारिवारिक और सामजिक जीवन में भी आप सुखद फल प्राप्त करते हैं। आइए जान लेते हैं इन मंत्रों के बारे में। हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जप 1. 'ॐ नमो भगवते हनुमते नम:' हनुमान जी के इस मंत्र का जप करने से आपको मानसिक शांति और पारिवारिक जीवन में सुख की प्राप्ति होती है। हनुमान जन्मोत्सव के दिन कम-से-कम 108 बार इस मंत्र का जप आपको करना चाहिए। 2. 'महाबलाय वीराय चिरंजिवीन उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये' इस मंत्र को मनोकामनाओं को पूरा करने वाला माना जाता है। इसका जप आपको एकांत स्थान पर बैठकर करना चाहिए और मंत्र जप करने के बाद हनुमान जी से अपनी मनोकामना कहनी चाहिए। 3. 'ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं ह्रैं ह्रौं ह्रः, हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' ये हनुमान जी का मूल मंत्र है। इस मंत्र का जप करने से आपको बल की प्राप्ति होती है। मानसिक विकास और शारीरिक बल प्राप्त करने के लिए आपको हनुमान जयंती के दिन इस मंत्र का जप करना चाहिए। 4. 'ॐ नमो हनुमते रुद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा' अगर आप शारीरिक, मानसिक या किसी भी तरह के कष्ट का सामना कर रहे हैं तो आपको हनुमान जन्मोत्सव के दिन इस मंत्र का जप करना चाहिए। यह हनुमान जी का कष्ट निवारण मंत्र है जिसका जप करने से आपको आपके जीवन की दुख-विपादाएं टल जाती हैं। 5. 'ऊँ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा' अगर आप आर्थिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं, पैसा आपके हाथ में नहीं रुकता तो हनुमान जयंती के दिन इस मंत्र का जप आपको करना चाहिए। धन प्राप्ति के लिए इस मंत्र को बेहद शुभ माना जाता है। 6. 'ॐ आञ्जनेयाय विद्महे वायुपुत्राय धीमहि। तन्नो हनुमत् प्रचोदयात्' बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के लिए इस मंत्र का जप करना बेहद लाभदायक माना जाता है। कम से कम 108 बार इस मंत्र का जप आपको करना चाहिए। विद्यार्थियों को इस मंत्र का जप करने से शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्धियां प्राप्त होती हैं। 7. 'ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट्' अगर किसी भी तरह का भय आपको परेशान कर रहा है तो इस मंत्र का जप करने से आपको भय से मुक्ति मिल सकती है। हनुमान जयंती के साथ ही प्रतिदिन भी आप इस मंत्र का जप कर सकते हैं।

वास्तु शास्त्र के अनुसार रसोई में पानी रखने की सही दिशा बदल देगी आपके जीवन की दशा और दिशा

घर में सुख-शांति, स्वास्थ्य और समृद्धि बनाए रखना किसी की भी प्राथमिकता होती है. हम रोज़मर्रा की जिंदगी में छोटी-छोटी चीजों को लेकर सतर्क रहते हैं चाहे वो सेहत, धन, बच्चों की पढ़ाई हो या फिर कामकाज. लेकिन अक्सर हम घर के छोटे-छोटे कोनों और आदतों पर ध्यान नहीं देते. वास्तु और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यही छोटी चीजें कभी-कभी हमारे जीवन में बड़े प्रभाव डालती हैं. रसोई का कोना और वहां रखा पानी इसका सबसे बढ़िया उदाहरण है. आप सोच सकते हैं कि पानी तो बस रोज़मर्रा का इस्तेमाल होता है, इसमें क्या वास्तु महत्व है? विशेषज्ञ कहते हैं कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं है, बल्कि यह घर में सकारात्मक ऊर्जा, सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक भी है. यदि पानी को सही दिशा और स्थान पर रखा जाए, तो यह घर में सुख-शांति बढ़ाता है, नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है. रसोई में पानी कहां रखें? उत्तर-पूर्व कोना: यह दिशा शुभ और देवताओं की दिशा मानी जाती है.  यहां पानी का गिलास रखने से घर में समृद्धि और ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है. उत्तर दिशा: अगर उत्तर-पूर्व कोने में जगह नहीं है, तो उत्तर दिशा में पानी रख सकते हैं. यह कुबेर की दिशा है. जो नई आर्थिक संभावनाओं को जन्म देती है. पानी  का वास्तु उपाय रात को सोने से पहले रसोई का उत्तर-पूर्व कोना साफ करें. वहां साफ गिलास में ताजा पानी भरें. सुबह इसे किसी पौधे में डाल दें.  ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा खत्म होती है और घर में खुशहाली बढ़ती है. ध्यान रखने योग्य बातें चूल्हे के पास पानी न रखें: आग और जल विरोधी तत्व हैं.  इनके पास पानी रखने से घर में कलह और सेहत से जुड़ी परेशानियां बढ़ सकती हैं. साफ और सही बर्तन का करें इस्तेमाल: तांबे, पीतल या मिट्टी के पात्र में पानी रखें. स्थान पूरी तरह साफ होना चाहिए: गंदगी या अव्यवस्था वास्तु दोष पैदा कर सकती है. पानी रोज़ बदलें: ताज़ा पानी हमेशा शुभ माना जाता है. ऊर्जा बढ़ाने के लिए दीपक या हल्की लाइट: पानी के पास छोटी रोशनी रखना सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है.

2 अप्रैल को मीन राशि में बनेगा त्रिग्रही योग मेष धनु और मीन वालों को मिलेगा बंपर लाभ

जब किसी राशि में एक से ज्यादा ग्रह एक साथ होते हैं, तो इसे ग्रह युति कहते हैं. ग्रह युति का प्रभाव व्यक्ति के जीवन में शुभ या चुनौतीपूर्ण हो सकता है. कुछ युति राजयोग का निर्माण कर सफलता और लाभ देती हैं, जबकि कुछ सामान्य फल देती हैं. वर्तमान समय में मीन राशि में शनि देव विराजमान हैं और वे सूर्य के साथ युति में हैं.   अब इस राशि में तीसरे ग्रह के रूप में मंगल का प्रवेश होने वाला है. मंगल को ग्रहों का सेनापति माना जाता है. यह ऊर्जा, साहस और नई गतिविधियों का कारक होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार, 2 अप्रैल 2026 को मंगल कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश करेगा.  इस गोचर के साथ मीन राशि में त्रिग्रही योग बनेगा. त्रिग्रही योग का प्रभाव राशि अनुसार अलग-अलग होगा और जीवन के कई क्षेत्रों पर असर डाल सकता है. जानते हैं इस खास योग से किन राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होगा मेष राशि: मेष राशि वालों के लिए मंगल का मीन राशि में गोचर कामकाज और व्यावसायिक क्षेत्रों में नई चुनौतियां और जिम्मेदारियां लेकर आएगा. यह समय आपकी नेतृत्व क्षमता और साहस को बढ़ाएगा. पुराने प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलने की संभावना है और कार्यस्थल पर आपकी मेहनत को सराहा जाएगा.  स्वास्थ्य के मामले में हल्की सावधानी जरूरी है, लेकिन मानसिक ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ेगा. परिवार में सहयोग और घर में सुख-शांति बनी रहेगी.  इस समय आप वित्तीय योजनाओं और निवेश के अच्छे अवसर भी देख सकते हैं. धनु राशि: धनु राशि वालों के लिए यह गोचर आर्थिक स्थिरता, करियर में प्रगति और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन लाने वाला है. आप परिवार और सामाजिक जीवन में सहयोग महसूस करेंगे. धन और संपत्ति के मामलों में लाभ मिलने की संभावना है. इस समय आप नए अवसरों और नए संपर्कों से फायदा उठा सकते हैं. स्वास्थ्य में हल्की थकान या तनाव आ सकता है, लेकिन ध्यान और योग से इसे संतुलित किया जा सकता है. परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताने से मानसिक शांति भी प्राप्त होगी. मीन राशि: मीन राशि वालों के लिए मंगल का गोचर उत्साह, ऊर्जा और नई शुरुआत का संकेत देता है.  कार्यक्षेत्र में नए अवसर और सफलता मिलने की संभावना है. स्वास्थ्य और फिटनेस में सुधार होगा, और आप मानसिक रूप से अधिक सक्रिय और प्रेरित महसूस करेंगे. यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने, नए लक्ष्यों को निर्धारित करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए उत्तम है. परिवार और घर के मामलों में सहयोग और सुख-शांति बनी रहेगी. धन-धान्य और करियर में उन्नति के योग भी बनेंगे.

राशिफल 28 मार्च 2026: मेष से मीन तक, जानें किसका होगा शुभ दिन और कौन सा राशी हो सकता है प्रभावित

मेष राशि- मेष राशि वालों के लिए दिन ठीक-ठाक रहेगा। सुबह से काम का दबाव रह सकता है, लेकिन धीरे-धीरे स्थिति आपके पक्ष में आती दिखेगी। नौकरी करने वालों को किसी जरूरी काम में सफलता मिल सकती है। अगर लंबे समय से कोई फाइल या प्रोजेक्ट अटका हुआ है तो उसमें आज प्रगति हो सकती है। घर के माहौल में भी सुधार रहेगा। पैसों को लेकर राहत मिलने के संकेत हैं। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन सामान्य रहेगा। काम में जल्दबाजी से बचें। ऑफिस में किसी बात को लेकर चर्चा हो सकती है। कारोबार करने वालों को छोटा लेकिन जरूरी लाभ मिल सकता है। परिवार में किसी सदस्य की बात को गंभीरता से सुनना बेहतर रहेगा। खर्च थोड़ा बढ़ सकता है, इसलिए पैसे सोच-समझकर खर्च करें। मिथुन राशि- मिथुन राशि के लोगों के लिए दिन अच्छा रहने वाला है। नौकरी और कारोबार दोनों में कुछ नए मौके सामने आ सकते हैं। किसी पुराने जानने वाले से संपर्क बन सकता है, जिससे आगे फायदा हो सकता है। परिवार में माहौल हल्का और सामान्य रहेगा। अगर किसी नई योजना पर काम शुरू करना चाहते हैं तो समय ठीक है। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा भावुक रह सकता है। घर और परिवार की बातों में समय ज्यादा जा सकता है। ऑफिस में काम बढ़ सकता है, लेकिन आप उसे संभाल लेंगे। आर्थिक मामलों में कोई बड़ा फैसला आज टालना बेहतर रहेगा। शाम तक मन हल्का महसूस होगा। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा संकेत दे रहा है। नौकरी में आपकी मेहनत नोटिस की जा सकती है। वरिष्ठ अधिकारी आपकी बात सुन सकते हैं। कारोबार में भी फायदा होने के आसार हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। किसी शुभ समाचार से दिन बेहतर हो सकता है। कन्या राशि- कन्या राशि वालों को आज मेहनत का फायदा मिल सकता है। लंबे समय से जिस काम को पूरा करने की कोशिश कर रहे थे, उसमें आज सफलता मिल सकती है। छात्रों के लिए भी दिन अच्छा है। परिवार में किसी जरूरी विषय पर बातचीत हो सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन थकान महसूस हो सकती है। तुला राशि- तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन संतुलन बनाए रखने का है। कामकाज में स्थिति बेहतर रहेगी। ऑफिस में किसी जरूरी जिम्मेदारी को पूरा करने का मौका मिल सकता है। परिवार और जीवनसाथी का सहयोग रहेगा। पैसों को लेकर राहत मिल सकती है, लेकिन अनावश्यक खर्च से बचना होगा। वृश्चिक राशि- वृश्चिक राशि वालों के लिए दिन व्यस्त रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। कारोबार करने वालों को पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। परिवार में किसी सदस्य की सलाह काम आ सकती है। शाम के समय थोड़ा आराम करने की जरूरत महसूस होगी। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज भाग्य का साथ मिल सकता है। नया काम शुरू करने या किसी जरूरी फैसले के लिए दिन अच्छा माना जा सकता है। यात्रा का योग भी बन रहा है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा। मकर राशि- मकर राशि वालों के लिए आज का दिन कामकाज के लिहाज से अच्छा है। ऑफिस में आपकी मेहनत का असर दिखेगा। कारोबार में लाभ हो सकता है। घर में सामान्य माहौल रहेगा। किसी पुराने काम को पूरा करने का मौका मिल सकता है। कुंभ राशि- कुंभ राशि वालों के लिए दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी की बात हो सकती है। कारोबार में भी स्थिति बेहतर रहेगी। घर के लोगों के साथ समय अच्छा बीतेगा। खर्च पर थोड़ा नियंत्रण रखने की जरूरत है। मीन राशि- मीन राशि वालों के लिए आज का दिन राहत भरा रह सकता है। लंबे समय से रुका काम पूरा हो सकता है। नौकरी और कारोबार दोनों में लाभ के संकेत हैं। परिवार में शांति बनी रहेगी। मन भी आज पहले से बेहतर रहेगा।

चैत्र पूर्णिमा 2026,1 अप्रैल को व्रत और 2 को स्नान-दान का शुभ संयोग, देखें पूजा के खास मुहूर्त

साल 2026 में चैत्र पूर्णिमा कब है? हिंदू पंचांग के मुताबिक, चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली यह पूर्णिमा तिथि व्रत, स्नान और दान के लिए काफी पुण्य मानी जाती है. इस साल यह तिथि दो दिन 1 और 2 अप्रैल तक है. इससे पहले सवाल यह उठता है कि, व्रत और धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए कौन-सा दिन सबसे अच्छा है. ऐसे में पंचांग देखना बेहद जरूरी है. आमतौर पर पूर्णिमा तिथि सूर्योदय के समय पड़ने पर स्नान और दान-पुण्य किया जाता है, जबकि चंद्रोदय के समय पड़ने पर व्रत रखा जाता है. आइए इस विषय में विस्तार पर चर्चा करें. चैत्र पूर्णिमा तिथि का समय द्रिक पंचांग के मुताबिक, चैत्र पूर्णिमा बुधवार 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी और गुरुवार 2 अप्रैल को सुबह 7.41 बजे तक चलेगी. अनुष्ठानिक स्नान और दान 1  अप्रैल को पूर्णिमा तिथि सूर्योदय के बाद शुरू होती है, जबकि 2 अप्रैल को यह सूर्योदय के समय  मौजूद रहेगी.  इसलिए उदयतिथि के नियम के मुताबिक, 2 अप्रैल को स्नान करना दान करना और ज्यादा शुभ होता है. उपवास की तिथि 1 अप्रैल को पूर्णिमा की तिथि सक्रिय रहने के कारण शाम को 6 बजकर 11 मिनट पर चंद्रोदय होगा. हालांकि 2 अप्रैल को शाम 7.07 मिनट पर चंद्रोदय होगा, जो प्रतिपदा में होगा. इसलिए 1 अप्रैल को ही चैत्र पूर्णिमा का व्रत रखा जाएगा. शुभ मुहूर्त और उपासना का समय 2 अप्रैल को ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4.38 बजे से 5.24 मिनट तक रहेगा, जो स्नान के लिए आदर्श समय है. अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजे से 12.50 मिनट तक रहेगा.1 अप्रैल को भगवान सत्यानारायण की पूजा करने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह 6.11 बजे से लेकर 9.18 बजे के बीच है. शाम को सूर्यास्त के बाद (शाम 6.39 बजे), प्रदोष काल (गोधूलि बेला) के दौरान देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है, जिसके बाद उसी रात चंद्रमा को अर्घ्य किया जाता है. शुभ योगों का संगम 1 अप्रैल को कई शुभ योग प्रभावी रहेंगे. रवि योग सुबह 6.11  बजे से शाम 4.17 बजे तक रहेगा. इसके बाद सर्वार्थ सिद्धि योग शुरू होगा और अगले दिन सुबह 6.10 बजे तक जारी रहेगा. इसके अलावा वृद्धि योग दोपहर 2.51 बजे तक सक्रिय रहेगा, जिसके बाद ध्रुव योग का प्रभाव शुरू हो जाएगा.

करियर में सफलता के लिए जानें 7 दौड़ते घोड़ों की फोटो लगाने की सही दिशा और वास्तु नियम

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखी हर वस्तु और दीवार पर लगी हर तस्वीर हमारे जीवन पर सकारात्मक या नकारात्मक प्रभाव डालती है। इन्हीं में से एक सबसे प्रभावशाली प्रतीक है 7 दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर। अक्सर लोग इसे केवल सजावट की वस्तु समझते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार, यह तस्वीर सफलता, शक्ति, साहस और प्रगति का प्रतीक है। अगर आप भी अपने करियर या बिजनेस में दिन दोगुनी रात चौगुनी तरक्की चाहते हैं, तो इस तस्वीर को लगाने की सही दिशा और नियम जरूर जान लें, जो इस प्रकार हैं – क्यों है 7 की संख्या और घोड़ों का महत्व? हिंदू धर्म और अंक ज्योतिष में 7 की संख्या को बहुत शुभ माना गया है। जैसे कि सप्तर्षि, इंद्रधनुष के सात रंग, सात फेरे आदि। वहीं, घोड़ा सौर ऊर्जा का प्रतीक है, जो सूर्य के रथ से भी जुड़ा है। दौड़ते हुए घोड़े जीवन में कभी न रुकने वाली सफलता को दिखाते हैं। किस दिशा में लगाएं यह तस्वीर? पूर्व दिशा (East) – अगर आप अपने करियर में उन्नति और सामाजिक सम्मान चाहते हैं, तो यह तस्वीर घर की पूर्व दिशा की दीवार पर लगाएं। इससे सरकारी कामों में सफलता और मान-सम्मान मिलता है। दक्षिण दिशा (South) – कारोबार में नाम कमाने के लिए यह तस्वीर दक्षिण दिशा की दीवार लगाएं। इससे आपके कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमती है।उत्तर दिशा (North) – अगर आप आर्थिक समृद्धि और आय के नए स्रोत चाहते हैं, तो इसे उत्तर दिशा में लगा सकते हैं। तस्वीर लगाते समय इन 5 नियमों का रखें ध्यान घोड़ों का मुख हमेशा घर के अंदर की ओर होना चाहिए। अगर मुख मुख्य द्वार की ओर होगा, तो धन और अवसर बाहर की ओर चले जाएंगे। तस्वीर में घोड़े आक्रामक या डरावने नहीं दिखने चाहिए। उनके चेहरे पर प्रसन्नता और ऊर्जा का भाव होना चाहिए। घोड़ों की छवि पूरी होनी चाहिए। पैर कटे हुए या आधी-अधूरी तस्वीर वास्तु दोष पैदा करती है।हमेशा बिना लगाम के स्वतंत्र दौड़ते हुए घोड़ों की तस्वीर चुनें। लगाम बंधे हुए घोड़े रुकावट का प्रतीक होते हैं। तस्वीर में पीछे की ओर उगता हुआ सूर्य या खुले मैदान हों तो यह और भी अधिक शुभ फल देती है। घोड़ों को कभी भी पानी या कीचड़ में दौड़ते हुए नहीं दिखाना चाहिए।  

तुलसी के संग ये पौधे लगाते ही बदल जाएगा माहौल, नकारात्मक ऊर्जा होगी खत्म

माना जाता है कि तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी का वास होता है। घर में तुलसी का पौधा लगाने से नकारात्मकता दूर होती है। इसमें कई तरह के औषधीय गुण पाए जाते हैं इसलिए यह सेहत के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। वास्तु के अनुसार घर में सुख-समृद्धि लाने के लिए केवल तुलसी का पौधा ही काफी होता है लेकिन अगर आप इसके साथ कुछ और पौधे भी लगाते हैं तो इनसे मिलने वाले फायदे दोगुने हो जाते हैं। अगर आपके घर में भी तुलसी का पौधा है तो उसके साथ इन पौधों को भी जरूर लगाएं- शमी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। इसका संबंध शनिदेव से है। शनिवार के दिन इसकी पूजा करने से शनिदेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अगर इस पौधे को तुलसी के साथ लगाया जाए तो इससे मिलने वाले फायदे दोगुने हो जाते हैं। माना जाता है कि काले धतूरे के पौधे में शिव जी का वास होता है। ऐसे में इसे घर पर लगाना काफी शुभ माना जाता है। तुलसी के साथ काले धतूरे का पौधा लगाने से भगवान शिव की खास कृपा मिलती है। केले का पेड़ लगाना भी शुभ माना जाता है। इससे घर की नैगेटिव एनर्जी दूर होती है। घर की दक्षिण पूर्व दिशा में तुलसी का पौधा लगाने से वास्तुदोष दूर होता है। घर के सभी सदस्यों को नियमित रूप से सुबह के समय तुलसी को जल देना चाहिए और शाम को शुद्ध गाय के घी या तिल के तेल का दीप जलाना चाहिए।

कामदा एकादशी 2026: इन वस्तुओं का दान दिलाएगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

सनातन धर्म में एकादशी तिथि का बहुत महत्व है. हर मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी के दिन व्रत किया जाता है. ये व्रत जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित किया गया है. हर एकादशी व्रत का अपना एक अलग महत्व है. चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन कामदा एकादशी का व्रत रखा जाता है. इस दिन व्रत के साथ-साथ विष्णु जी का विशेष पूजन किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कामदा एकादशी के दिन व्रत और श्रीहरि विष्णु का पूजा-पाठ करने से जाने अनजाने में किए गए सभी पाप नष्ट हो जाते हैं. भगवान का आशीर्वाद प्राप्त होता है. कामदा एकादशी के दिन व्रत और पूजा-पाठ के साथ दान भी किया जाता है. मान्यता है कि अगर कोई सच्चे मन से इस दिन व्रत रखे या दान-पुण्य करे, तो उसकी हर अधूरी इच्छा पूर्ण होती है. घर में धन धान्य बढ़ता है. कामदा एकादशी 2026 कब है? एकादशी तिथि का समापन: 29 मार्च रविवार को सुबह 07 बजकर 46 मिनट पर होगा. उदया तिथि के अनुसार, 29 मार्च के दिन कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा. इसका पारण 30 मार्च को सोमवार सुबह 06 बजकर 14 मिनट से 07 बजकर 09 मिनट के बीच किया जाएगा. कामदा एकादशी के दिन करें इन चीजों का दान     कामदा एकादशी के दिन मिट्टी के घड़े या मटके में पानी भरकर दान करना सबसे उत्तम होता है.     इस दिन गेहूं, चावल या मौसमी फल जैसे खरबूजा और आम का दान करना बहुत शुभ रहता है.     इस दिन जरूरतमंदों को छतरी (छाता) या जूते-चप्पल देना बहुत पुण्य काम माना जाता है.     इस दिन शाम के समय मंदिर में या फिर तुलसी के पौधे के पास दीपदान करने से जीवन का अंधकार दूर होता है.     इस दिन धार्मिक पुस्तकों का दान भी बेहद फलदायी होता है.