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आज का राशिफल 19 फरवरी: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन

मेष 19 फरवरी के दिन आप एक बिजी लेकिन प्रोडक्टिव ऑफिस लाइफ के साथ-साथ एक शानदार लव लाइफ का अनुभव करेंगे। आज के दिन धन का इस्तेमाल समझदारी से करें। सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। वृषभ 19 फरवरी के दिन प्यार और ऑफिस लव दोनों में चुनौतियों को सुलझाएं। सुरक्षित भविष्य के लिए सबसे अच्छे पैसे के निवेश के विकल्पों पर विचार करें। आज के दिन आपका स्वास्थ्य भी सामान्य रहेगा। मिथुन 19 फरवरी के दिन एक चेकलिस्ट फॉलो करें। घर पर, प्यार भरे शब्द और मददगार काम शांति लाएंगे। खर्च करने में सावधानी बरतें। जब भी हो सके बचत करें। रूटीन, धैर्य और ईमानदारी से किया गया काम जल्द ही लगातार, क्लियर प्रोग्रेस देगा। कर्क 19 फरवरी के दिन सिंपल प्लान भरोसेमंद नतीजे देंगे और धैर्य से काम करें। फोकस और प्रैक्टिकल प्लान आपको अपने काम को लगातार पूरा करने में मदद करेंगे। प्रोजेक्ट्स को छोटे-छोटे स्टेप्स में बांटें। सिंह 19 फरवरी के दिन दूसरों को अपना भरोसेमंद काम देखने दें। आज आप स्टेबल और फोकस्ड महसूस करेंगे। छोटे-छोटे फैसलों से काम और घर पर क्लियर प्रोग्रेस होगी। प्यार से बात करें। कन्या 19 फरवरी के दिन आज आपका दिल छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देगा। रचनात्मकता से मददगार विचार आएंगे। भावनाओं को सावधानी से शेयर करें। ध्यान से सुनें, और शांत फैसलों को अपने कामों को गाइड करने दें। तुला 19 फरवरी के दिन जल्दबाजी में की गई टिप्पणियों से बचें, जिनसे टकराव हो सकता है। धीमे, सावधानी भरे कदम विश्वास पैदा करेंगे और क्लियर रिजल्ट देंगे। महत्वपूर्ण छोटे कामों को पूरा करने के लिए फोकस का उपयोग करें। वृश्चिक 19 फरवरी के दिन अपने रोमांटिक रिश्ते में समस्याओं को सुलझाएं। काम की जगह पर, अपने काम में ईमानदार रहें और आपके प्रयासों को पहचाना जाएगा। आप धन और स्वास्थ्य दोनों के मामले में भाग्यशाली हैं। धनु 19 फरवरी के दिन जब आप छोटी-छोटी बातों में सावधानी और धैर्य से काम करेंगे, तो शांत योजनाएं आगे बढ़ेंगी। धनु राशि वाले देखेंगे कि उनकी ताकत प्रगति में उनका मार्गदर्शन कर रही है। लक्ष्यों को मामूली रखें और सोच-ससमझकर बोलें। मकर 19 फरवरी के दिन पैसे के मामले में सावधान रहें और अचानक रिस्क लेने से बचें। छोटे, क्लियर कदम और शांत फोकस जल्द ही प्रगति लाएंगे। आप जीवन में गहरा फोकस और शांत शक्ति महसूस करेंगे। कुंभ 19 फरवरी के दिन आपकी कल्पना और ध्यान से सुनना आज नए मौके खोल सकता है। एक आसान क्रिएटिव काम की योजना बनाने के लिए शांत समय का उपयोग करें। घर पर, धैर्यवान व मददगार काम दूसरों को खुशी देंगे। मीन 19 फरवरी के दिन प्रोफेशनल सफलता के साथ-साथ एक खुशहाल लव रिलेशनशिप का आनंद लेंगे। आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन अच्छी है। आज के दिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

आज का राशिफल 18 फरवरी: किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क?

मेष 18 फरवरी के दिन पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। एक प्रोडक्टिव प्रोफेशनल लाइफ जीने की कोशिश करें। सेहत से कोई समझौता न करें। धन की कमी नहीं होगी। वृषभ 18 फरवरी के दिन वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। मिथुन 18 फरवरी के दिन तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। कुछ लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। कर्क 18 फरवरी के दिन बाहर के खाने से परहेज करें। आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। सिंह 18 फरवरी का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। कन्या 18 फरवरी के दिन इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। बदलाव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रचनात्मकता को नए-नए तरीकों से दर्शाने की कोशिश करें। इन परिवर्तनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए पॉजिटिव रहें। तुला 18 फरवरी के दिन एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। खर्च कम करें। वृश्चिक 18 फरवरी के दिन सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें। दिन रोमांटिक रहेगा। आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। धनु 18 फरवरी के दिन किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। मकर 18 फरवरी के दिन खर्च को शाम के वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आपको आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। कुंभ 18 फरवरी के दिन आप आलस भरा महसूस कर सकते हैं। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। मीन 18 फरवरी के दिन मीन राशि आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है।

पंचक काल आज से लागू: इन गलतियों से बचें, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियाँ

 हिंदू धर्म में पंचक काल को विशेष सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है. पंचांग के अनुसार 17 फरवरी 2026 से पंचक की शुरुआत हो गई है, जो 21 फरवरी 2026 तक रहेगा. इस बार पंचक मंगलवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे अग्नि पंचक कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए, वर्ना जीवन में परेशानियां और नुकसान बढ़ सकता है. कब से कब तक रहेगा पंचक? पंचांग के अनुसार पंचक की शुरुआत 17 फरवरी 2026, मंगलवार सुबह 09:05 बजे से हो गई है और इसका समापन 21 फरवरी 2026, शनिवार शाम 07:07 बजे होगा. इस बार पंचक का समय इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसी दिन फाल्गुन अमावस्या और सूर्य ग्रहण भी पड़ रहे हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है. क्या होता है पंचक? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में रहता है, तब पंचक काल बनता है. यह कुल पांच दिनों का समय होता है. मान्यता है कि इन दिनों में किए गए कुछ कार्य अशुभ फल दे सकते हैं. मंगलवार से शुरू होने के कारण इसे अग्नि पंचक के नाम से जाना जाता है. इस दौरान आग लगने का भय, दुर्घटनाओं की आशंका और विवादों का खतरा अधिक रहता है. भूलकर भी न करें ये काम शास्त्रों के अनुसार, पंचक के इन दिनों में कुछ विशेष कार्यों को करने की सख्त मनाही है. दक्षिण दिशा की यात्रा: पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना वर्जित है. इसे यम की दिशा माना जाता है, जिससे दुर्घटना या भारी हानि का भय रहता है. घर की छत डलवाना: यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि पंचक के दौरान लेंटर या छत नहीं डलवानी चाहिए. इससे घर में क्लेश और धन की हानि हो सकती है. लकड़ी का काम और चारपाई: पंचक के दौरान लकड़ी इकट्ठा करना, फर्नीचर खरीदना या चारपाई/पलंग बनवाना अशुभ माना जाता है. मशीनरी का कार्य: अग्नि पंचक होने के कारण औजारों और मशीनों से जुड़े काम सावधानी से करें या टाल दें. आग से जुड़ी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. नए निवेश या व्यापार: किसी भी नए बड़े निवेश या व्यापार की शुरुआत से इन 5 दिनों तक बचना चाहिए. क्यों खास है इस बार का अग्नि पंचक? इस बार का पंचक ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. 17 फरवरी को ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है और साथ ही फाल्गुन अमावस्या भी है. ग्रहों की यह स्थिति मानसिक तनाव और विवाद पैदा कर सकती है. विद्वानों का मानना है कि ग्रहण और पंचक का एक साथ होना प्रकृति और जनजीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है. पंचक में अनहोनी से बचने के उपाय     यदि कोई कार्य करना बहुत अनिवार्य हो, तो ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं:     यदि दक्षिण दिशा में जाना जरूरी हो, तो हनुमान जी के मंदिर में गुड़-चना चढ़ाकर यात्रा शुरू करें.     लकड़ी का काम शुरू करने से पहले गायत्री मंत्र का जाप करें या गायत्री हवन करें.  

सूर्य ग्रहण 2026: आपकी राशि के लिए सौभाग्य या संकट? पूरी भविष्यवाणी

कुंभ राशि में लगने वाला साल का पहला ग्रहण सामूहिक चेतना, नवाचार और भविष्य की योजनाओं में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है. भले ही यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का गोचर और उनकी स्थिति प्रत्येक जातक के लिए महत्वपूर्ण होती है. आइए विस्तार से समझते हैं कि इस ग्रहण का विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने की संभावना है. राशियों पर ग्रहण का प्रभाव मेष राशि यह ग्रहण आपके सामाजिक जीवन और बड़े सपनों को प्रभावित कर सकता है. देखा जाए तो आप अपनी दोस्ती और काम-काज के रिश्तों को नए नजरिए से देख सकते हैं. पैसों को लेकर थोड़ी अस्थिरता महसूस हो सकती है, इसलिए निवेश या खर्च का कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें. वृषभ राशि करियर को लेकर यह समय थोड़ा संभलकर चलने का है. हो सकता है ऑफिस में काम का दबाव बढ़े या मेहनत का फल मिलने में थोड़ी देरी हो. अधिकारियों से उलझने के बजाय धैर्य रखें. ध्यान रहे, धीरे-धीरे ही सही लेकिन आपकी निरंतरता आपको बड़ी सफलता दिलाएगी. मिथुन राशि आपकी पढ़ाई, लंबी यात्राओं और भविष्य की सोच में कुछ बदलाव आ सकते हैं. मुमकिन है कि बनी-बनाई योजनाओं में फेरबदल करना पड़े. विशेष रूप से, इस दौरान आपकी आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी, जो आपको खुद को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगी. कर्क राशि ग्रहण के प्रभाव से आपकी भावनाएं काफी गहरी हो सकती हैं. पैसों के लेन-देन, लोन या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें. बेमतलब की चिंताओं में न उलझें और मुश्किल समय में परिवार के साथ पर भरोसा रखें. सिंह राशि आपके रिश्तों और पार्टनरशिप के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा जैसा है. अगर बातचीत में अहंकार आया, तो गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. दूसरों की बातों को ध्यान से सुनें और शांति से जवाब दें; यही आपकी समझदारी होगी. कन्या राशि अपनी सेहत और रोजमर्रा के काम पर ध्यान दें. काम के बोझ को खुद पर हावी न होने दें, नहीं तो तनाव बढ़ सकता है. अनुशासन बनाए रखें और काम के साथ-साथ आराम के लिए भी वक्त निकालें. सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. तुला राशि आपका मन रचनात्मक कामों में लगेगा, लेकिन भावनात्मक रूप से ध्यान भटक सकता है. प्रेम संबंधों में एक-दूसरे से बहुत ज्यादा उम्मीदें न पालें. अपनी बात को साफ और स्पष्ट रखें ताकि किसी भी तरह के भ्रम की गुंजाइश न रहे. वृश्चिक राशि यह समय आपके घर और परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. घर की चर्चाओं में धैर्य बनाए रखें, क्योंकि पुरानी बातें फिर से उभर सकती हैं. कड़वी भाषा का प्रयोग करने से बचें और घर के माहौल को शांत रखने की कोशिश करें. धनु राशि बातचीत करने और नई चीजें सीखने के मामले में सावधानी जरूरी है. किसी को कुछ भी बोलने से पहले सोच लें ताकि गलतफहमी न हो. छोटे भाई-बहनों या पड़ोसियों के साथ व्यवहार में नरमी बरतें और सकारात्मक रहें. मकर राशि पैसों के मामले में अनुशासन बनाए रखना ही आपके लिए सबसे बड़ा मंत्र है. फिजूलखर्ची या रिस्की निवेश से फिलहाल दूर रहें. यह ग्रहण आपको अपनी बचत और खर्च करने के तरीकों को सुधारने का एक अच्छा मौका दे रहा है. कुंभ राशि यह ग्रहण आपकी ही राशि में है इसलिए यह समय ‘खुद को पहचानने’ का है. आप अपने स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों को लेकर दोबारा सोच सकते हैं. मन थोड़ा अशांत रह सकता है, इसलिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव न करें और खुद को समय दें. मीन राशि आपका झुकाव अध्यात्म की ओर ज्यादा रहेगा. आप अकेलापन महसूस कर सकते हैं, लेकिन इसे नकारात्मक न होने दें. यह पुराने जख्मों को भरने और प्रार्थना व ध्यान के जरिए खुद को शांत करने का बहुत अच्छा समय है. ग्रहण के दौरान नकारात्मक प्रभाव कम करने के उपाय शास्त्रों में ग्रहण के प्रभाव को संतुलित करने के लिए कुछ विशेष मार्गदर्शन दिए गए हैं, जो सभी जातकों के लिए लाभकारी हैं:     मंत्रों का आलंबन: स्पष्टता और सुरक्षा के लिए गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप करें.     दान और सेवा: चावल, दूध, तिल, पीले वस्त्र या अन्य वस्तुओं का दान करना सकारात्मकता लाता है.     आध्यात्मिक साधना: ध्यान, मौन और प्रार्थना को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.     संयम: अनावश्यक विवादों से बचें और मानसिक शांति बनाए रखने का प्रयास करें.  

सूर्य ग्रहण के समय क्यों आवश्यक है तुलसी और गंगाजल? जानिए शास्त्रों में वर्णित कारण

पंचांग के अनुसार, साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. सूर्य ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्तों और गंगाजल का इस्तेमाल बहुत जरूरी माना गया है. शास्त्रों की मानें तो ग्रहण के समय जब सूर्य की रोशनी कम होती है, तो पूरी दुनिया में एक तरह की नकारात्मक ऊर्जा फैलने लगती है. ऐसे में तुलसी और गंगाजल दो ऐसी पवित्र चीजें हैं, जो इस बुराई को सोख लेती हैं और आसपास के माहौल को शुद्ध रखती हैं. माना जाता है कि इनके इस्तेमाल से घर और रसोई की पवित्रता बनी रहती है और हम पर ग्रहण का बुरा असर पड़ने की आशंका बहुत कम हो जाती है. यह हमारी प्राचीन परंपरा का एक अटूट हिस्सा है. खाने-पीने की चीजों में तुलसी का महत्व शास्त्रों और युर्वेद के अनुसार, तुलसी एक ऐसा पौधा है जिसमें कुदरती तौर पर हानिकारक किरणों को खत्म करने की अद्भुत शक्ति होती है. ग्रहण के समय हवा में कुछ ऐसे बारीक कीटाणु और अशुद्ध तरंगें बढ़ जाती हैं, जो खाने और पानी को खराब कर सकती हैं. अगर हम पके हुए खाने, दूध और पीने के पानी में तुलसी का पत्ता डाल दें, तो वह खाना पूरी तरह सुरक्षित रहता है. माना जाता है कि तुलसी की उपस्थिति से भोजन शुद्ध बना रहता है और ग्रहण खत्म होने के बाद भी हम उसे बिना किसी डर के इस्तेमाल कर सकते हैं. यह विधि हमारे आहार की सात्विकता का संचालन करती है. गंगाजल के छिड़काव से वातावरण की शुद्धि गंगाजल को हमारे धर्म में सबसे पवित्र जल माना गया है, जो कभी अशुद्ध नहीं होता. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के समय घर के हर कोने और मंदिर में गंगाजल छिड़कने से वहां मौजूद नकारात्मक ऊर्जा तुरंत खत्म हो जाती है. गंगाजल में वातावरण को साफ-सुथरा रखने और मन में अच्छे विचार लाने की अद्भुत शक्ति होती है. ग्रहण के समय जब हम थोड़े डरे या परेशान होते हैं, तब गंगाजल का स्पर्श हमारे मन को शांत और पवित्र रखने में बड़ी मदद करता है. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और तनाव कम होने की संभावना बढ़ जाती है. गंगाजल का प्रयोग घर के वातावरण में सकारात्मकता भर देता है. ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धि का विधान जैसे ही ग्रहण खत्म हो, खुद को और घर को शुद्ध करने के लिए भी इनका बहुत बड़ा महत्व है. नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान करने से शरीर की सारी सुस्ती और दोष दूर हो जाते हैं. इसके बाद पूरे घर और भगवान की मूर्तियों पर भी गंगाजल छिड़कना चाहिए. ग्रहण के दौरान जिन चीजों में आपने तुलसी के पत्ते डाले थे, उन्हें इस्तेमाल करने से पहले पत्ते निकालकर किसी पौधे या साफ जगह पर रख दें. यह छोटी सी विधि आपके जीवन में फिर से सकारात्मकता लाने में मदद करती है.

घर के आंगन में तुलसी कब लगाएं? खाली तिजोरी भरने का अचूक उपाय

सनातन धर्म में तुलसी का पौधा पूजनीय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, तुलसी की पूजा-अर्चना करने से घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है। साथ ही सुख-शांति की प्राप्ति होती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, गलत दिन या गलत दिशा में तुलसी को लगाने से जीवन में वास्तु दोष का सामना करना पड़ सकता है और मां लक्ष्मी नाराज हो सकती हैं। आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि तुलसी लगाने के लिए कौन-सा दिन है शुभ? किस दिन लगाएं तुलसी?     अगर आप घर में तुलसी लगाना चाहते हैं, तो इसके लिए गुरुवार का दिन शुभ माना जाता है, क्योंकि यह दिन भगवान विष्णु को समर्पित है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गुरुवार के दिन तुलसी लगाने से परिवार के सदस्यों को जगत के पालनहार भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही घर में सुख-शांति बनी रहती है।     इसके अलावा तुलसी लगाने के लिए शुक्रवार का दिन शुभ माना जाता है। इस दिनमां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन घर में तुलसी लगाने से आर्थिक तंगी की समस्या से मुक्ति मिलती है और घर में मां लक्ष्मी का आगमन होता है।     तुलसी लगाने के लिए कार्तिक माह को बेहद शुभ माना जाता है। इस माह में तुलसी पूजा करने का विशेष महत्व है। इसलिए इस माह में तुलसी लगाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। साथ ही घर में खुशियों का आगमन होता है। किस दिशा में लगाएं तुलसी?     घर में तुलसी का पौधा उत्तर या उत्तर-पूर्व में लगाना चाहिए। वास्तु के अनुसार, इस दिशा को देवताओं का स्थान माना जाता है। इसलिए इस दिशा में तुलसी लगाने से शुभ परिणाम मिलते हैं।     इसके अलावा पूर्व दिशा में भी तुलसी का पौधा लगा सकते हैं।     एक बात का विशेष ध्यान रखें कि तुलसी को भूलकर भी दक्षिण दिशा में न लगाएं। इस दिशा को यम की दिशा मानी जाती है। इससे घर में वास्तु दोष की समस्या बन सकती है। तुलसी के नियम     तुलसी के पास भूलकर भी जूते-चप्पल या झाड़ू नहीं रखनी चाहिए।     इसके अलावा पौधे के पास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।     रोजाना सुबह और शाम पौधे के देसी घी का दीपक जलाएं।     गंदे हाथों से तुसली को स्पर्श न करें।  

आज का राशिफल 17 फरवरी: इन राशियों के लिए शुभ संकेत, किस्मत देगी साथ

मेष आज आपको एक नई ऊर्जा महसूस होगी। हल्की एक्सरसाइज या कार्डियो करना फायदेमंद रहेगा। आर्थिक मामलों की बात करें, तो आय बढ़ाने के तरीके सोचें। काम में अपनी हाल की सफलता पर विचार करें और आगे की योजना बनाएं। परिवार के साथ समय बिताएं, इससे आपको खुशी मिलेगी। पास की किसी जगह घूमने जा सकते हैं। प्रॉपर्टी के मामलों में लंबी योजना बनाना अच्छा रहेगा। वृषभ परिवार के साथ मिलना-जुलना या कुछ रचनात्मक करने से मन प्रसन्न रहेगा। संतुलित खाना खाएं और पानी ज्यादा पिएं। पैसों की योजना दोबारा देखें और नए निवेश के बारे में सोचें। काम में समस्याओं को समझदारी से हल करेंगे। सेहत का ध्यान दें। हल्की सैर पर निकलें, यह आपको सुकून देगी। प्रॉपर्टी में सोच-समझकर फैसला लें। मिथुन आज आपके लिए दिन सही रहेगा। हालांकि पैसों के मामले में सतर्क रहें। अपने बजट पर दोबारा ध्यान दें और निवेश बढ़ाने के बारे में सोचें। परिवार के साथ रचनात्मक काम करें या बातें करें। ऑफिस में टीमवर्क से फायदा होगा। हल्की एक्सरसाइज से ताजगी मिलेगी। पास की सुंदर जगह घूम सकते हैं। प्रॉपर्टी के रुझानों पर नजर रखें। कर्क आज अच्छा खाना खाएं और पानी पिएं। इससे एनर्जी बनी रहेगी। पैसों की योजना सुधारें। अपने करियर के लक्ष्य साफ रखें। परिवार के साथ समय बिताएं। किसी ऐतिहासिक या खास जगह पर जाना अच्छा लगेगा। प्रॉपर्टी में सुधार या बदलाव फायदेमंद हो सकता है। सिंह आज थकान ज्यादा महसूस हो सकती है। अगर थकान लगे तो योग या मेडिटेशन करें। खर्चों पर नजर रखें। आज काम थोड़ा सामान्य लगेगा, लेकिन नए तरीके अपनाने से सफलता मिलेगी। परिवार के साथ वक्त बिताएं, उनके साथ बैठकर खाना खाएं। मन में कुछ बेचैनी उठ रही हो, तो परिवार के साथ शेयर करें। छोटी यात्रा मन बदल देगी। प्रॉपर्टी में धैर्य से फैसला लें। कन्या परिवार को समझने की जरुरत है, उनसे आराम से बात करें। प्रकृति के बीच समय बिताना सुकून देगा। हल्की एक्सरसाइज करें और पानी पिएं। निवेश के नए मौके देख सकते हैं। काम में नई स्किल सीखना फायदेमंद रहेगा। प्रॉपर्टी में सोच-समझकर कदम उठाएं। तुला आज सेहत का ध्यान रखें। तनवा बढ़ सकता है। आउटडोर गतिविधियां सेहत के लिए अच्छी रहेंगी। पैसों की योजना दोबारा देखें। काम में टीमवर्क से सफलता मिलेगी। परिवार के साथ खुश समय बिताएं। नई जगह घूमने जा सकते हैं। प्रॉपर्टी में समझदारी से निवेश करें। वृश्चिक कोई भी अधूरा कार्य हो उसे पूरा करेंगे। परिवार के साथ क्वालिटी टाइम बिताएं और अपनी बातें खुलकर साझा करें। साथ ही उनकी भी सुनें। इससे परिवार में आपकी विश्वसनीयता और बढ़ेगी। साथ ही रिश्ते मजबूत होंगे। हल्की स्ट्रेचिंग या मेडिटेशन करें। फालतू खर्च से बचें। यात्रा की योजना बदल सकती है। प्रॉपर्टी में सही जानकारी लेकर निवेश करें। धनु आज सेहत का ध्यान रखें। अच्छी सेहत के लिए वॉक या एक्सरसाइज करें। नए निवेश के मौके मिल सकते हैं। करियर में नई योजना बनाएं। परिवार के साथ खुशी के पल मिलेंगे। नई जगह घूमने जा सकते हैं। प्रॉपर्टी के सौदे फायदेमंद हो सकते हैं। मकर काम में समझदारी से फैसले लें। जल्दबादी में लिया फैसला सही नहीं होता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताएं। हल्की एक्सरसाइज और गहरी सांस लें। बचत की योजना बनाएं। यात्रा से पहले तैयारी करें। प्रॉपर्टी में सोच-समझकर फैसला लें। कुंभ आज हल्की एक्सरसाइज करें। पैसों के मामले में योजनाओं को दोबारा देखें। ऑफिस में मिलकर काम करें। परिवार के साथ बाहर जाएं। नई जगह घूमने से प्रेरणा मिलेगी। घर में सुधार फायदेमंद रहेगा। मीन आज योग या वॉक करना सेहत के लिए अच्छा रहेगा। खर्चों पर ध्यान दें। काम में साझेदारी से फायदा होगा। परिवार के साथ समय बिताएं। पास की सुंदर जगह घूमने जा सकते हैं। प्रॉपर्टी में धीरे-धीरे प्रगति होगी।

गुजरात का सोमनाथ मंदिर: क्यों माना जाता है इसे 12 ज्योतिर्लिंगों में प्रथम?

गुजरात का सोमनाथ मदिर देवों के देव भगवान शिव शंकर को समर्पित है। यह गुजरात के वेरावल बंदरगाह से कुछ ही दूरी पर प्रभास पाटन में स्थित है। शिव महापुराण में सभी ज्योतिर्लिंगों के बारे में बताया गया है। इस ज्योतिर्लिंग के संबंध में मान्यता है कि सोमनाथ के शिवलिंग की स्थापना खुद चंद्र देव ने की थी। चंद्र देव के द्वारा स्थापित करने की वजह से इस शिवलिंग का नाम सोमनाथ पड़ा है। आइए जानते हैं इस प्रचीन मंदिर से जुड़ी कुछ खास बातें… ऐसा है मंदिर का स्वरूप सोमनाथ मंदिर की ऊंचाई लगभग 155 फीट है। मंदिर के शिखर पर रखे हुए कलश का वजन करीब 10 टन है और इसकी ध्वजा 27 फीट ऊंची और 1 फीट परिधि की है। मंदिर के चारों ओर विशाल आंगन है। मंदिर का प्रवेश द्वार कलात्मक है। मंदिर तीन भागों में विभाजित है। नाट्यमंडप, जगमोहन और गर्भगृह, मंदिर के बाहर वल्लभभाई पटेल, रानी अहिल्याबाई आदि की मूर्तियां भी लगी हैं। समुद्र किनारे स्थित ये मंदर बहुत ही सुंदर दिखाई देता है। ऐसे पड़ा मंदिर का नाम शिवपुराण के अनुसार चंद्र देव ने यहां राजा दक्ष प्रजापति के श्राप से मुक्ति पाने के लिए भगवान शिव की तपस्या की थी और उन्हें यहीं ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजमान रहने की प्रार्थना की थी। बता दें कि सोम, चंद्रमा का ही एक नाम है और शिव को चंद्रमा ने अपना नाथ स्वामी मानकर यहां तपस्या की थी। इसी के चलते ही इस ज्योतिर्लिंग को सोमनाथ कहा जाता है। बाण स्तंभ का अनसुलझा रहस्य मंदिर के दक्षिण में समुद्र के किनारे बाण स्तंभ है, जो बहुत प्राचीन है, लगभग 6वीं शताब्दी से बाण स्तंभ का उल्लेख इतिहास में मिलता है, लेकिन ये कोई नहीं जानता कि इसका निर्माण कब हुआ था, किसने कराया था और क्यों कराया था। जानकार बताते हैं कि बाण स्तंभ एक दिशादर्शक स्तंभ है, जिसके ऊपरी सिरे पर एक तीर (बाण) बनाया गया है। जिसका मुंह समुद्र की ओर है। इस बाण स्तंभ पर लिखा है, आसमुद्रांत दक्षिण ध्रुव, पर्यंत अबाधित ज्योतिमार्ग, इसका मतलब ये है कि समुद्र के इस बिंदु से दक्षिण ध्रुव तक सीधी रेखा में एक भी अवरोध या बाधा नहीं है। इस पंक्ति का सरल अर्थ यह है कि सोमनाथ मंदिर के उस बिंदु से लेकर दक्षिण ध्रुव तक अर्थात अंटार्टिका तक एक सीधी रेखा खिंची जाए तो बीच में एक भी पहाड़ या भूखंड का टुकड़ा नहीं आता है। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या उस काल में भी लोगों को ये जानकारी थी कि दक्षिणी ध्रुव कहां है और धरती गोल है? कैसे उन लोगों ने इस बात का पता लगाया होगा कि बाण स्तंभ के सीध में कोई बाधा नहीं है? ये अब तक एक रहस्य ही बना हुआ है। 17 बार हुए थे मंदिर पर आक्रमण सोमनाथ मंदिर का इतिहास बताता है कि समय-समय पर मंदिर पर कई आक्रमण हुए और तोड़-फोड़ की गई। मंदिर पर कुल 17 बार आक्रमण हुए और हर बार मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया। लेकिन मंदिर पर किसी भी कालखंड का कोई प्रभाव देखने को नहीं मिलता। मान्यता है कि सृष्टि की रचना के समय भी यह शिवलिंग मौजूद था ऋग्वेद में भी इसके महत्व का बखान किया गया है।

नेम प्लेट में छिपी है सफलता—घर से समाज तक चमकेगा नाम

घर की सबसे पहली खूबसूरती मुख्य प्रवेश द्वार पर लगी नेम प्लेट होती है, जो आगंतुक को आपके व आपके परिवार के बारे में जानकारी देती है। वर्तमान में कमोबेश हर घर के मुख्य प्रवेश द्वार पर एक नेम प्लेट दिखाई दे ही जाती है। भिन्न-भिन्न आकार व डिजाइन में लगी ये नेमप्लेटें घर की खूबसूरती में चार चांद लगाने का काम करती हैं। वास्तु में घर के हर एक कोने और घर में रखी हर एक चीज का खास महत्व होता है। वास्तु शास्त्र में कई ऐसे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें अपनाकर जीवन में सुख-समृद्धि और खुशहाली लाई जा सकती है। घर के बाहर लगी नेम प्लेट को लेकर भी कुछ बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है, ताकि घर में यश, र्कीत और सुख-समृद्धि का आगमन हो। नेम प्लेट हमेशा घर के मुख्य प्रवेश द्वार के दाईं ओर लगाई जानी चाहिए। इसे हमेशा साफ-सुथरा रखना चाहिए। अधिकांश घरों के बाहर लगी नेम प्लेट पर धूल के परतें देखी जाती हैं। कोशिश करके नेमप्लेट को रोज प्रात: उठते ही साफ करना चाहिए। नेम प्लेट का आकार सही होना चाहिए। इस पर कम से कम दो लाइन लिखी हुई होनी चाहिएं। कई घरों के बाहर केवल घर का पता लिखी नेम प्लेट लगी होती है, यह वास्तु शास्त्र के अनुसार सही नहीं है। पते से पहले घर के मालिक का नाम लिखा होना चाहिए। नेम प्लेट पर लिखे जाने वाले अक्षरों की बनावट ऐसी हो जो पढ़ने में साफ हो। नेम प्लेट पर फॉन्ट न तो बड़े और न ही बहुत छोटे आकार में होना चाहिए। नेम प्लेट की लिखावट ऐसी हो जिसे हर उम्र का व्यक्ति आसानी से पढ़ सके। नेम प्लेट पर नाम इस तरीके से लिखा हो कि वह ज्यादा भरी हुई न लगे। नेम प्लेट हमेशा दीवार या दरवाजे की बीच में लगानी चाहिए। वास्तु के अनुसार वृत्ताकार, त्रिकोण और विषम आकृति की नेम प्लेट घर के लिए सबसे अच्छी होती है। वास्तु के अनुसार लगी नेम प्लेट घर के भीतर वास्तु दोष को आने से रोकती है। इससे घर पर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और गृह क्लेश तथा बीमारियां दूर होती हैं। नेम प्लेट कहीं से टूटी-फूटी नहीं होनी चाहिए और न ही इसमें छेद होना चाहिए। इससे घर में नकारात्मकता आती है। नेम प्लेट का रंग घर के मुखिया की राशि के आधार पर ही चुना जाना चाहिए। नेम प्लेट पर सफेद, हल्का पीला, केसरिया आदि जैसे मिलते-जुलते रंगों का इस्तेमाल करें। भूलकर भी इस पर नीले, काले, ग्रे या फिर इसी तरह से मिलते-जुलते गहरे रंगों का इस्तेमाल न करें। प्रयास करके तांबा, स्टील या पीतल की धातु से बनी नेम प्लेट लगानी चाहिए। यदि इन धातुओं की प्लेट नहीं मिले तो फिर लकड़ी और पत्थर की बनी नेम प्लेट भी लगाई जा सकती है। नेम प्लेट के एक ओर गणपति या फिर स्वास्तिक का चिन्ह बनवाना भी शुभ माना जाता है। रात में नेम प्लेट पर रोशनी के लिए आप एक छोटा-सा बल्ब भी लगवा सकते हैं।

फाल्गुन अमावस्या की रात की ये गलतियाँ बन सकती हैं दुर्भाग्य का कारण, जान लें समय रहते

हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. खासतौर पर फाल्गुन अमावस्या को पितरों की शांति, नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति और आध्यात्मिक साधना के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या की रात कुछ ऐसे काम होते हैं जिन्हें भूलकर भी नहीं करना चाहिए. ऐसा माना जाता है कि इन गलतियों से जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं और नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. आइए जानते हैं फाल्गुन अमावस्या की रात किन कामों से बचना चाहिए. सुनसान जगहों पर जाने से बचें अमावस्या की रात को सबसे अधिक भारी माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस रात नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ जाता है. इसलिए कोशिश करें कि रात के समय किसी सुनसान रास्ते, श्मशान घाट या खंडहरों के पास न जाएं. तामसिक भोजन का त्याग करें फाल्गुन अमावस्या पर शुद्धता का पालन करना अनिवार्य है. इस दिन और रात में मांस, मदिरा या लहसुन-प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए. ऐसा करने से पितृ दोष लग सकता है और घर की बरकत रुक सकती है. देर रात तक न जागें अमावस्या की रात को जल्दी सोना बेहतर माना जाता है. बिना वजह देर रात तक बाहर घूमना या जागना आपकी सेहत और मानसिक स्थिति पर बुरा असर डाल सकता है. इस रात मन को शांत रखें और ईश्वर का ध्यान करें. लड़ाई-झगड़े से रहें दूर जिस घर में अमावस्या के दिन क्लेश या वाद-विवाद होता है, वहां दरिद्रता का वास होने लगता है. इस रात विशेष रूप से बड़े-बुजुर्गों का अपमान न करें, क्योंकि अमावस्या पितरों को समर्पित होती है और उनकी नाराजगी परिवार पर भारी पड़ सकती है. ब्रह्मचर्य का पालन शास्त्रों के अनुसार, अमावस्या की तिथि पर संयम और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. इस दिन शारीरिक संबंध बनाने से बचना चाहिए, ताकि मन की एकाग्रता और आध्यात्मिक शक्ति बनी रहे. शुभ फल के लिए क्या करें?     पीपल के नीचे दीया: शाम के समय पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे पितृ प्रसन्न होते हैं.     दान पुण्य: अगले दिन सुबह किसी जरूरतमंद को अन्न या काले तिल का दान करें.     हनुमान चालीसा का पाठ: चूंकि इस बार अमावस्या मंगलवार को है, इसलिए हनुमान चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी होगा और सभी नकारात्मक शक्तियों से रक्षा करेगा.