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आज का राशिफल 20 फरवरी: किन राशियों के लिए शुभ रहेगा दिन? पढ़ें पूरा भविष्यफल

मेष राशि- पर्सनल ग्रोथ पर फोकस रखें। पॉजिटिव विचार रखना और अपनी स्किल्स पर भरोसा करना आपके के लिए महत्वपूर्ण होगा। आज खुशहाली भरा दिन रहने वाला है। समझदारी के साथ समृद्धि को संभालें। प्रेम जीवन को रोमांटिक बनाएं। वृषभ राशि- अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। आज का दिन कई सरप्राइज लाएगा। महत्वपूर्ण परिवर्तनों के लिए तैयार हो जाएं क्योंकि कई अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं। मिथुन राशि- समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आज का दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। कर्क राशि- आज का दिन कर्क राशि के लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। सिंह राशि- आज काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। कन्या राशि- इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। तुला राशि- समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। बाहर के खाने से परहेज करें। आज का दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। वृश्चिक राशि- सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें। दिन रोमांटिक रहेगा। आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। धनु राशि- प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। आज का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। धन का आगमन होगा। मकर राशि- किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। कुंभ राशि- अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। खर्च को इस वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। मीन राशि- आज का आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है।

होलिका दहन की पूजा विधि: कौन-कौन सी वस्तुएँ चढ़ती हैं और प्रसाद घर लाना शुभ है या नहीं?

हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन पूरे देश रंग और गुलाल बिखरे नजर आते हैं. होली के दिन आपसी मतभेद भूलकर लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं. साथ ही एक दूसरे को लगे लगाते हैं. पूरा देश होली के पर्व का इंजार बेसब्र होकर करता है. वहीं हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा की रात को होलिका दहन का भी पर्व मनाया जाता है. रात को हालिका दहन के बाद ही सुबह रंगों की होली खेली जाती है. बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि में जीवन के सभी दुख और नकारात्मकता जलकर भस्म हो जाती है. फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि होलका दहन में क्या-क्या चीजें अर्पित की जाती हैं? साथ ही जानते हैं कि होलिका दहन का प्रसाद घर ला सकते हैं या नहीं होलिका दहन 2026 कब है? द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत 02 मार्च 2026 की शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर होगी. इस तिथि का समापन 03 मार्च की शाम 5 बजकर 07 मिनट तक रहेगी. ऐसे में होलिका दहन का पर्व 3 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. 04 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी. होलिका दहन में क्या चीजें की जाती हैं अर्पित? पूजा के दौरान जलती हुई अग्नि यानी होलिका में नारियल, उपले, नई फसल, गेंहू, गुलाल, चावल, जौ, रोली, अक्षत, बताशे, फूल, हल्दी की गांठ और कपूर आदि पूजा सामग्री अर्पित की जाती है. साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का आशीर्वाद मांगा जाता है. होलिका दहन का प्रसाद क्या है? जो चीजें होलिका में अर्पित की जाती हैं, वही होलिका दहन का प्रसाद होता है. इसके अलावा अंत में बची हुई होलिका की राख भी बेहद शुभ मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका की राख को घर के मंदिर या तिजोरी में रखना चाहिए. साथ ही माथे पर लगाना चाहिए. इससे सेहत अच्छी रहती है. क्या होलिका दहन का प्रसाद घर ला सकते हैं? धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका दहन का प्रसाद घर लाया जा सकता है. गेहूं, चने, नारियल, बताशे, नई फसल, चावल और जौ आदि प्रसाद को दोस्तों और परिवार वालों के बीच वितरित करना चाहिए. इससे नकारात्मकता दूर रहती है.

भाग्य और सफलता का योग: इस नक्षत्र में जन्मे बच्चों को मिलता है शनि का आशीर्वाद

ज्योतिष शास्त्र में ग्रह और नक्षत्रों का वर्णन विस्तार पूर्वक किया गया है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि नौ ग्रह हैं. ज्योतिष शास्त्र में ग्रह और नक्षत्र का बहुत महत्व है. ज्योतिषविद ग्रह और नक्षत्र देखकर ही कुंडली बनाते हैं. लोगों के भविष्य भाग्य और स्वभाव आदि के बारे में ग्रह, नक्षत्र और राशि देखकर ही अंदाजा लगया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्र बताए गए हैं. सभी नक्षत्रों का स्वामित्व किसी न किसी ग्रह के पास है. ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हर नक्षत्र का अपनी एक विशेषता है. 27 में से कुछ नक्षत्र अति विशेष और महत्वपूर्ण माने गए हैं. आज हम आपको उस नक्षत्र के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें जन्मे बच्चों को हमेशा भाग्य का साथ मिलता है. साथ ही इन पर शनि देव का विशेष आशीर्वाद बना रहता है. आइए जानते हैं इस नक्षत्र के बारे में. अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बच्चे ज्योतिष शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि अनुराधा नक्षत्र में जन्में बच्चे बहुत ही भाग्यशाली होते हैं. अनुराधा ज्योतिष शास्त्र का 17वां नक्षत्र माना जाता है. अनुराधा नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं. शनि को देवताओं में न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है. शनि देव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार, फल और दंड प्रदान करते हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चों का साथ किस्मत कभी नहीं छोड़ती. मंगल की भी रहती है कृपा अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बच्चों पर ग्रहों के सेनापति मंगल की भी कृपा देखने को मिलती है. इसके कारण इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे बहुत साहसी, उत्साही और ऊर्जावान होते हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे दूसरों के सामने अपनी बातों को बिना किसी डर के रखते हैं. इन्हें कोई बात घुमा फिराकर कहना नहीं आता है. इनका स्वभाव बहुत धार्मिक होता है. ये अवसर का पूरा लाभ उठाते हैं. ये अनुशासन के पक्के होते हैं, इसलिए बड़ी सफलता हासिल करते हैं. ये दूसरी की सहायता करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.

अगर रात को अपनाईं ये 5 आदतें, तो लक्ष्मी खुद चलकर आएंगी घर

जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।

सोने से पहले किचन से इन चीजों को हटाना क्यों है जरूरी

वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर केवल खाना बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह घर की सुख-समृद्धि का मुख्य केंद्र भी है। अक्सर हम दिनभर की थकान के बाद रात को रसोई को वैसे ही छोड़ देते हैं, लेकिन आपकी यह एक छोटी सी लापरवाही घर की बरकत को रोक सकती है। जूठे बर्तन: दरिद्रता का मुख्य कारण रात के समय सिंक में जूठे बर्तन छोड़ना वास्तु में सबसे बड़ा दोष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जूठे बर्तन घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को आकर्षित करते हैं। यह माना जाता है कि रसोई को गंदा छोड़ने से मां लक्ष्मी (Laxmi Ji) रुष्ट हो जाती हैं और घर में आर्थिक तंगी आने लगती है। वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो जूठे बर्तनों में बैक्टीरिया पनपते हैं, जो घर के सदस्यों की सेहत बिगाड़ सकते हैं। खाली पानी के बर्तन अक्सर लोग रात को रसोई में रखे बाल्टी या मटके को खाली छोड़ देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में पानी के बर्तन खाली रखना शुभ नहीं होता। खाली बर्तन जीवन में रिक्तता और तनाव का प्रतीक माने जाते हैं। सोने से पहले कम से कम एक बाल्टी या जग भरकर जरूर रखना चाहिए, ताकि घर में खुशहाली और संपन्नता बनी रहे। बिखरा हुआ सामान और कूड़ा रसोई के स्लैब पर फैला हुआ आटा, मसाले या सब्जियों के छिलके राहु और केतु के दोष को बढ़ाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, रात को रसोई की सफाई न करने से व्यक्ति की कुंडली में ग्रह नक्षत्रों की स्थिति कमजोर होने लगती है, जिसका सीधा असर मानसिक शांति और करियर पर पड़ता है। गूंथा हुआ आटा कई घरों में महिलाएं सुबह की जल्दी के चक्कर में रात को ही आटा गूंथकर रख देती हैं। लेकिन, पुराणों और शास्त्रों के अनुसार, गूंथा हुआ आटा एक 'पिंड' के समान माना जाता है। इसे रात भर रखने से घर में नकारात्मक शक्तियां आने लगती हैं और यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी हानिकारक है क्योंकि खमीर उठने से इसमें विषैले तत्व पैदा हो सकते हैं।  

आज का राशिफल 19 फरवरी: मेष से मीन तक जानें कैसा रहेगा आपका दिन

मेष 19 फरवरी के दिन आप एक बिजी लेकिन प्रोडक्टिव ऑफिस लाइफ के साथ-साथ एक शानदार लव लाइफ का अनुभव करेंगे। आज के दिन धन का इस्तेमाल समझदारी से करें। सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। वृषभ 19 फरवरी के दिन प्यार और ऑफिस लव दोनों में चुनौतियों को सुलझाएं। सुरक्षित भविष्य के लिए सबसे अच्छे पैसे के निवेश के विकल्पों पर विचार करें। आज के दिन आपका स्वास्थ्य भी सामान्य रहेगा। मिथुन 19 फरवरी के दिन एक चेकलिस्ट फॉलो करें। घर पर, प्यार भरे शब्द और मददगार काम शांति लाएंगे। खर्च करने में सावधानी बरतें। जब भी हो सके बचत करें। रूटीन, धैर्य और ईमानदारी से किया गया काम जल्द ही लगातार, क्लियर प्रोग्रेस देगा। कर्क 19 फरवरी के दिन सिंपल प्लान भरोसेमंद नतीजे देंगे और धैर्य से काम करें। फोकस और प्रैक्टिकल प्लान आपको अपने काम को लगातार पूरा करने में मदद करेंगे। प्रोजेक्ट्स को छोटे-छोटे स्टेप्स में बांटें। सिंह 19 फरवरी के दिन दूसरों को अपना भरोसेमंद काम देखने दें। आज आप स्टेबल और फोकस्ड महसूस करेंगे। छोटे-छोटे फैसलों से काम और घर पर क्लियर प्रोग्रेस होगी। प्यार से बात करें। कन्या 19 फरवरी के दिन आज आपका दिल छोटी-छोटी बातों पर ध्यान देगा। रचनात्मकता से मददगार विचार आएंगे। भावनाओं को सावधानी से शेयर करें। ध्यान से सुनें, और शांत फैसलों को अपने कामों को गाइड करने दें। तुला 19 फरवरी के दिन जल्दबाजी में की गई टिप्पणियों से बचें, जिनसे टकराव हो सकता है। धीमे, सावधानी भरे कदम विश्वास पैदा करेंगे और क्लियर रिजल्ट देंगे। महत्वपूर्ण छोटे कामों को पूरा करने के लिए फोकस का उपयोग करें। वृश्चिक 19 फरवरी के दिन अपने रोमांटिक रिश्ते में समस्याओं को सुलझाएं। काम की जगह पर, अपने काम में ईमानदार रहें और आपके प्रयासों को पहचाना जाएगा। आप धन और स्वास्थ्य दोनों के मामले में भाग्यशाली हैं। धनु 19 फरवरी के दिन जब आप छोटी-छोटी बातों में सावधानी और धैर्य से काम करेंगे, तो शांत योजनाएं आगे बढ़ेंगी। धनु राशि वाले देखेंगे कि उनकी ताकत प्रगति में उनका मार्गदर्शन कर रही है। लक्ष्यों को मामूली रखें और सोच-ससमझकर बोलें। मकर 19 फरवरी के दिन पैसे के मामले में सावधान रहें और अचानक रिस्क लेने से बचें। छोटे, क्लियर कदम और शांत फोकस जल्द ही प्रगति लाएंगे। आप जीवन में गहरा फोकस और शांत शक्ति महसूस करेंगे। कुंभ 19 फरवरी के दिन आपकी कल्पना और ध्यान से सुनना आज नए मौके खोल सकता है। एक आसान क्रिएटिव काम की योजना बनाने के लिए शांत समय का उपयोग करें। घर पर, धैर्यवान व मददगार काम दूसरों को खुशी देंगे। मीन 19 फरवरी के दिन प्रोफेशनल सफलता के साथ-साथ एक खुशहाल लव रिलेशनशिप का आनंद लेंगे। आपकी फाइनेंशियल सिचूऐशन अच्छी है। आज के दिन स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।

आज का राशिफल 18 फरवरी: किस राशि को मिलेगा लाभ और किसे रहना होगा सतर्क?

मेष 18 फरवरी के दिन पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। एक प्रोडक्टिव प्रोफेशनल लाइफ जीने की कोशिश करें। सेहत से कोई समझौता न करें। धन की कमी नहीं होगी। वृषभ 18 फरवरी के दिन वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आपका दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। मिथुन 18 फरवरी के दिन तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। कुछ लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। कर्क 18 फरवरी के दिन बाहर के खाने से परहेज करें। आपका दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। सिंह 18 फरवरी का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। धन का आगमन होगा लेकिन खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। कन्या 18 फरवरी के दिन इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। बदलाव जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रचनात्मकता को नए-नए तरीकों से दर्शाने की कोशिश करें। इन परिवर्तनों का अधिकतम लाभ उठाने के लिए पॉजिटिव रहें। तुला 18 फरवरी के दिन एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। खर्च कम करें। वृश्चिक 18 फरवरी के दिन सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें। दिन रोमांटिक रहेगा। आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। धनु 18 फरवरी के दिन किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। मकर 18 फरवरी के दिन खर्च को शाम के वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आपको आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। कुंभ 18 फरवरी के दिन आप आलस भरा महसूस कर सकते हैं। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। मीन 18 फरवरी के दिन मीन राशि आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है।

पंचक काल आज से लागू: इन गलतियों से बचें, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियाँ

 हिंदू धर्म में पंचक काल को विशेष सावधानी बरतने वाला समय माना जाता है. पंचांग के अनुसार 17 फरवरी 2026 से पंचक की शुरुआत हो गई है, जो 21 फरवरी 2026 तक रहेगा. इस बार पंचक मंगलवार से शुरू हो रहा है, इसलिए इसे अग्नि पंचक कहा जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ विशेष कार्य करने से बचना चाहिए, वर्ना जीवन में परेशानियां और नुकसान बढ़ सकता है. कब से कब तक रहेगा पंचक? पंचांग के अनुसार पंचक की शुरुआत 17 फरवरी 2026, मंगलवार सुबह 09:05 बजे से हो गई है और इसका समापन 21 फरवरी 2026, शनिवार शाम 07:07 बजे होगा. इस बार पंचक का समय इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसी दिन फाल्गुन अमावस्या और सूर्य ग्रहण भी पड़ रहे हैं, जिससे इसका धार्मिक महत्व और बढ़ गया है. क्या होता है पंचक? ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र में रहता है, तब पंचक काल बनता है. यह कुल पांच दिनों का समय होता है. मान्यता है कि इन दिनों में किए गए कुछ कार्य अशुभ फल दे सकते हैं. मंगलवार से शुरू होने के कारण इसे अग्नि पंचक के नाम से जाना जाता है. इस दौरान आग लगने का भय, दुर्घटनाओं की आशंका और विवादों का खतरा अधिक रहता है. भूलकर भी न करें ये काम शास्त्रों के अनुसार, पंचक के इन दिनों में कुछ विशेष कार्यों को करने की सख्त मनाही है. दक्षिण दिशा की यात्रा: पंचक के दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा करना वर्जित है. इसे यम की दिशा माना जाता है, जिससे दुर्घटना या भारी हानि का भय रहता है. घर की छत डलवाना: यदि आप घर बनवा रहे हैं, तो ध्यान रखें कि पंचक के दौरान लेंटर या छत नहीं डलवानी चाहिए. इससे घर में क्लेश और धन की हानि हो सकती है. लकड़ी का काम और चारपाई: पंचक के दौरान लकड़ी इकट्ठा करना, फर्नीचर खरीदना या चारपाई/पलंग बनवाना अशुभ माना जाता है. मशीनरी का कार्य: अग्नि पंचक होने के कारण औजारों और मशीनों से जुड़े काम सावधानी से करें या टाल दें. आग से जुड़ी दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है. नए निवेश या व्यापार: किसी भी नए बड़े निवेश या व्यापार की शुरुआत से इन 5 दिनों तक बचना चाहिए. क्यों खास है इस बार का अग्नि पंचक? इस बार का पंचक ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. 17 फरवरी को ही साल का पहला सूर्य ग्रहण भी लग रहा है और साथ ही फाल्गुन अमावस्या भी है. ग्रहों की यह स्थिति मानसिक तनाव और विवाद पैदा कर सकती है. विद्वानों का मानना है कि ग्रहण और पंचक का एक साथ होना प्रकृति और जनजीवन पर गहरा प्रभाव डाल सकता है. पंचक में अनहोनी से बचने के उपाय     यदि कोई कार्य करना बहुत अनिवार्य हो, तो ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं:     यदि दक्षिण दिशा में जाना जरूरी हो, तो हनुमान जी के मंदिर में गुड़-चना चढ़ाकर यात्रा शुरू करें.     लकड़ी का काम शुरू करने से पहले गायत्री मंत्र का जाप करें या गायत्री हवन करें.  

सूर्य ग्रहण 2026: आपकी राशि के लिए सौभाग्य या संकट? पूरी भविष्यवाणी

कुंभ राशि में लगने वाला साल का पहला ग्रहण सामूहिक चेतना, नवाचार और भविष्य की योजनाओं में बड़े बदलाव का संकेत दे रहा है. भले ही यह ग्रहण भारत में दृश्यमान नहीं है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का गोचर और उनकी स्थिति प्रत्येक जातक के लिए महत्वपूर्ण होती है. आइए विस्तार से समझते हैं कि इस ग्रहण का विभिन्न राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने की संभावना है. राशियों पर ग्रहण का प्रभाव मेष राशि यह ग्रहण आपके सामाजिक जीवन और बड़े सपनों को प्रभावित कर सकता है. देखा जाए तो आप अपनी दोस्ती और काम-काज के रिश्तों को नए नजरिए से देख सकते हैं. पैसों को लेकर थोड़ी अस्थिरता महसूस हो सकती है, इसलिए निवेश या खर्च का कोई भी फैसला जल्दबाजी में न लें. वृषभ राशि करियर को लेकर यह समय थोड़ा संभलकर चलने का है. हो सकता है ऑफिस में काम का दबाव बढ़े या मेहनत का फल मिलने में थोड़ी देरी हो. अधिकारियों से उलझने के बजाय धैर्य रखें. ध्यान रहे, धीरे-धीरे ही सही लेकिन आपकी निरंतरता आपको बड़ी सफलता दिलाएगी. मिथुन राशि आपकी पढ़ाई, लंबी यात्राओं और भविष्य की सोच में कुछ बदलाव आ सकते हैं. मुमकिन है कि बनी-बनाई योजनाओं में फेरबदल करना पड़े. विशेष रूप से, इस दौरान आपकी आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी, जो आपको खुद को बेहतर तरीके से समझने में मदद करेगी. कर्क राशि ग्रहण के प्रभाव से आपकी भावनाएं काफी गहरी हो सकती हैं. पैसों के लेन-देन, लोन या पैतृक संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी बरतें. बेमतलब की चिंताओं में न उलझें और मुश्किल समय में परिवार के साथ पर भरोसा रखें. सिंह राशि आपके रिश्तों और पार्टनरशिप के लिए यह समय धैर्य की परीक्षा जैसा है. अगर बातचीत में अहंकार आया, तो गलतफहमियां बढ़ सकती हैं. दूसरों की बातों को ध्यान से सुनें और शांति से जवाब दें; यही आपकी समझदारी होगी. कन्या राशि अपनी सेहत और रोजमर्रा के काम पर ध्यान दें. काम के बोझ को खुद पर हावी न होने दें, नहीं तो तनाव बढ़ सकता है. अनुशासन बनाए रखें और काम के साथ-साथ आराम के लिए भी वक्त निकालें. सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है. तुला राशि आपका मन रचनात्मक कामों में लगेगा, लेकिन भावनात्मक रूप से ध्यान भटक सकता है. प्रेम संबंधों में एक-दूसरे से बहुत ज्यादा उम्मीदें न पालें. अपनी बात को साफ और स्पष्ट रखें ताकि किसी भी तरह के भ्रम की गुंजाइश न रहे. वृश्चिक राशि यह समय आपके घर और परिवार के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. घर की चर्चाओं में धैर्य बनाए रखें, क्योंकि पुरानी बातें फिर से उभर सकती हैं. कड़वी भाषा का प्रयोग करने से बचें और घर के माहौल को शांत रखने की कोशिश करें. धनु राशि बातचीत करने और नई चीजें सीखने के मामले में सावधानी जरूरी है. किसी को कुछ भी बोलने से पहले सोच लें ताकि गलतफहमी न हो. छोटे भाई-बहनों या पड़ोसियों के साथ व्यवहार में नरमी बरतें और सकारात्मक रहें. मकर राशि पैसों के मामले में अनुशासन बनाए रखना ही आपके लिए सबसे बड़ा मंत्र है. फिजूलखर्ची या रिस्की निवेश से फिलहाल दूर रहें. यह ग्रहण आपको अपनी बचत और खर्च करने के तरीकों को सुधारने का एक अच्छा मौका दे रहा है. कुंभ राशि यह ग्रहण आपकी ही राशि में है इसलिए यह समय ‘खुद को पहचानने’ का है. आप अपने स्वास्थ्य, करियर और रिश्तों को लेकर दोबारा सोच सकते हैं. मन थोड़ा अशांत रह सकता है, इसलिए फिलहाल कोई बड़ा बदलाव न करें और खुद को समय दें. मीन राशि आपका झुकाव अध्यात्म की ओर ज्यादा रहेगा. आप अकेलापन महसूस कर सकते हैं, लेकिन इसे नकारात्मक न होने दें. यह पुराने जख्मों को भरने और प्रार्थना व ध्यान के जरिए खुद को शांत करने का बहुत अच्छा समय है. ग्रहण के दौरान नकारात्मक प्रभाव कम करने के उपाय शास्त्रों में ग्रहण के प्रभाव को संतुलित करने के लिए कुछ विशेष मार्गदर्शन दिए गए हैं, जो सभी जातकों के लिए लाभकारी हैं:     मंत्रों का आलंबन: स्पष्टता और सुरक्षा के लिए गायत्री मंत्र या महामृत्युंजय मंत्र का निरंतर जप करें.     दान और सेवा: चावल, दूध, तिल, पीले वस्त्र या अन्य वस्तुओं का दान करना सकारात्मकता लाता है.     आध्यात्मिक साधना: ध्यान, मौन और प्रार्थना को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं.     संयम: अनावश्यक विवादों से बचें और मानसिक शांति बनाए रखने का प्रयास करें.  

सूर्य ग्रहण के समय क्यों आवश्यक है तुलसी और गंगाजल? जानिए शास्त्रों में वर्णित कारण

पंचांग के अनुसार, साल 2026 का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी को लगने जा रहा है. सूर्य ग्रहण के दौरान तुलसी के पत्तों और गंगाजल का इस्तेमाल बहुत जरूरी माना गया है. शास्त्रों की मानें तो ग्रहण के समय जब सूर्य की रोशनी कम होती है, तो पूरी दुनिया में एक तरह की नकारात्मक ऊर्जा फैलने लगती है. ऐसे में तुलसी और गंगाजल दो ऐसी पवित्र चीजें हैं, जो इस बुराई को सोख लेती हैं और आसपास के माहौल को शुद्ध रखती हैं. माना जाता है कि इनके इस्तेमाल से घर और रसोई की पवित्रता बनी रहती है और हम पर ग्रहण का बुरा असर पड़ने की आशंका बहुत कम हो जाती है. यह हमारी प्राचीन परंपरा का एक अटूट हिस्सा है. खाने-पीने की चीजों में तुलसी का महत्व शास्त्रों और युर्वेद के अनुसार, तुलसी एक ऐसा पौधा है जिसमें कुदरती तौर पर हानिकारक किरणों को खत्म करने की अद्भुत शक्ति होती है. ग्रहण के समय हवा में कुछ ऐसे बारीक कीटाणु और अशुद्ध तरंगें बढ़ जाती हैं, जो खाने और पानी को खराब कर सकती हैं. अगर हम पके हुए खाने, दूध और पीने के पानी में तुलसी का पत्ता डाल दें, तो वह खाना पूरी तरह सुरक्षित रहता है. माना जाता है कि तुलसी की उपस्थिति से भोजन शुद्ध बना रहता है और ग्रहण खत्म होने के बाद भी हम उसे बिना किसी डर के इस्तेमाल कर सकते हैं. यह विधि हमारे आहार की सात्विकता का संचालन करती है. गंगाजल के छिड़काव से वातावरण की शुद्धि गंगाजल को हमारे धर्म में सबसे पवित्र जल माना गया है, जो कभी अशुद्ध नहीं होता. शास्त्रों के अनुसार, ग्रहण के समय घर के हर कोने और मंदिर में गंगाजल छिड़कने से वहां मौजूद नकारात्मक ऊर्जा तुरंत खत्म हो जाती है. गंगाजल में वातावरण को साफ-सुथरा रखने और मन में अच्छे विचार लाने की अद्भुत शक्ति होती है. ग्रहण के समय जब हम थोड़े डरे या परेशान होते हैं, तब गंगाजल का स्पर्श हमारे मन को शांत और पवित्र रखने में बड़ी मदद करता है. इससे घर में सुख-शांति बनी रहती है और तनाव कम होने की संभावना बढ़ जाती है. गंगाजल का प्रयोग घर के वातावरण में सकारात्मकता भर देता है. ग्रहण समाप्ति के बाद शुद्धि का विधान जैसे ही ग्रहण खत्म हो, खुद को और घर को शुद्ध करने के लिए भी इनका बहुत बड़ा महत्व है. नहाने के पानी में गंगाजल की कुछ बूंदें डालकर स्नान करने से शरीर की सारी सुस्ती और दोष दूर हो जाते हैं. इसके बाद पूरे घर और भगवान की मूर्तियों पर भी गंगाजल छिड़कना चाहिए. ग्रहण के दौरान जिन चीजों में आपने तुलसी के पत्ते डाले थे, उन्हें इस्तेमाल करने से पहले पत्ते निकालकर किसी पौधे या साफ जगह पर रख दें. यह छोटी सी विधि आपके जीवन में फिर से सकारात्मकता लाने में मदद करती है.