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Jio IPO पर बड़ा ऐलान, आकाश-ईशा और अनंत अंबानी संभालेंगे जिम्मेदारी; SEBI में आज होगी फाइलिंग

मुंबई   रिलायंस इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आरआईएल) के चेयरमैन और एमडी मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को रिलायांस की 49वीं सालाना महासभा में जियो के आईपीओ पर सबसे बड़ा अपडेट दिया. उन्‍होंने बताया कि आकाश, ईशा और अनंत मिलकर जियो के आईपीओ की जिम्‍मेदारी संभालेंगे. इसका DRHP आज सेबी के पास जमा करा दिया जाएगा. मुकेश अंबानी ने कहा कि 10 साल पहले जियो की शुरुआत ऐसे माहौल में हुई थी, जब डाटा महंगा था और इंटरनेट की स्‍पीड काफी खराब. आज डाटा तो सस्‍ता हुआ ही है, स्‍पीड भी दुनिया के अन्‍य देशों को टक्‍कर दे रही है।  मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो प्‍लेटफॉर्म के आईपीओ को बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है और इसका DRHP बाजार नियामक सेबी के पास 19 जून को ही जमा भी कर दिया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि जियो को आईपीओ रिलायंस की मूल्‍य वृद्धि के लिहाज से इस साल का सबसे बड़ा कदम होगा. यह रिलायंस के शेयरधारकों के लिए भी काफी महत्‍वपूर्ण साबित होने वाला है, जो हमारे निवेशकों को बेहतरीन निवेशक का अवसर दिलाएगा।  इस बार की रिलायंस एजीएम को लेकर निवेशकों और जानकारों के बीच भारी उत्सुकता है. माना जा रहा है कि इस बैठक में मुकेश अंबानी कई बड़े ऐलान कर सकते हैं. इस बैठक के दौरान निवेशकों और शेयर होल्डर्स की नजर जिन सबसे बड़े ऐलानों पर रहेगी, उनमें जियो आईपीओ समेत रिलायंस का एआई प्लान शामिल हैं. अपने संबोधन में उन्होंने कहा रिलायंस बोर्ड की ओर से Jio IPO को मंजूरी दे दी गई है और इसके दस्तावेज सेबी के पास आज जमा कराए जाएंगे।  Jio Platforms का IPO: बाजार को सबसे बड़ी उम्मीद जियो के लगभग 4 बिलियन डॉलर (33,000 करोड़ रुपये से अधिक) के मेगा आईपीओ की डिटेल्स को लेकर है. यह भारत के अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में से एक हो सकता है।  5G नेटवर्क और सब्सक्राइबर बेस: जियो के 50 करोड़ से अधिक के मजबूत यूजर बेस और देशव्यापी 5G नेटवर्क के विस्तार पर बड़ा अपडेट मिल सकता है. दिग्गज टेक कंपनी मेटा (Meta) के साथ डेटा सेंटर पार्टनरशिप को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रगति साझा होने की उम्मीद है।  रिटेल और ग्रीन एनर्जी: रिलायंस रिटेल के भविष्य के प्लान और कंपनी के महत्वाकांक्षी ग्रीन एनर्जी बिजनेस को लेकर नए रोडमैप की घोषणा हो सकती है।  डिविडेंड की मंजूरी: 49वीं आम बैठक में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज 2026 के लिए अपने शेयर होल्डर्स के लिए 6 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड की मंजूरी को औपचारिक रूप दे सकती है।  Reliance Retail Listing: शेयरधारक रिलायंस रिटेल की संभावित लिस्टिंग को लेकर चेयरमैन अंबानी द्वारा किए जाने वाले ऐलानों पर भी रिलायंस एजीएम 2026 के दौरान बारीकी से नजर रखेंगे, जो समूह के लिए एक बड़ा ग्रोथ इंजन बना हुआ है।  AGM से रिलायंस शेयर का हाल :सालाना आम बैठक की शुरुआत से पहले देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर पर नजर डालें, तो ये मामूली गिरावट के साथ रेड जोन में कारोबार कर रहा है. शुक्रवार को Reliance Share 1328 रुपये पर ओपन हुआ था और खबर लिखे जाने तक 1323 रुपये के लेवल पर कारोबार कर रहा था. कंपनी के मार्केट कैप की बात करें, तो ये 17.93 लाख करोड़ रुपये है।  Jio IPO: रिलायंस जियो का आईपीओ निवेशकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण है. इससे पिछली यानी 48वीं एजीएम में के दौरान, मुकेश अंबानी ने 2026 की पहली छमाही इस आईपीओ की शेयर मार्केट में लिस्टिंग का टारगेट तय किया था।  ग्लोबल टेक एलीट में शामिल: Reliance Jio की ओर से हाल ही में ऐलान किया गया था कि वह ग्लोबल टेक एलीट में शामिल हो गया है और WIPO के टॉप-20 में भारत की एकमात्र कंपनी बन गई है. जियो प्लेटफॉर्म्स ने ग्लोबल इनोवेशंस रैंकिंग में सबसे बड़ी छलांगों में से एक लगाई है।  मुकेश अंबानी AGM की शुरुआत की. मुकेश अंबानी ने अपने शेयरधारकों को 'नमस्ते' करते हुए उनका 49वीं सालाना आम बैठक में स्वागत किया. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सबसे लंबे समय तक देश का पीएम होने पर बधाई दी।  चुनौतियों से भरे रहे छह साल: बीते 6 साल कोविड, जियो पॉलिटिकल तनाव और सप्लाई चेन में रुकावट, एनर्जी प्राइस में उछाल से चुनौतियों भरे रहे हैं. वेस्ट एशिया में जंग ने इसे और बढ़ाने का काम किया, लेकिन भारत इन चुनौतियों के बीच भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व आगे बढ़ता रहा।  Jio IPO के डॉक्युमेंट जमा : मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो आईपीओ के लिए ड्राफ्ट रेड हियरिंग पेपर  आज ही मार्केट रेग्युलेटर सेबी के पास जमा कराए गए हैं. उन्होंने कहा जियो प्लेटफॉर्म बोर्ड की ओर से Jio IPO को मंजूरी दे दी गई है. रिलायंस चेयरमैन ने कहा कि 19 जून को रिलायंस जियो सेबी के पास अपने आईपीओ के लिए ड्राफ्ट पेपर्स को फाइल करेगा. ये डिजिटल सर्विस सेक्टर के लिए माइलस्टोन बनेगा।  मुकेश अंबानी ने कहा कि ईशा अंबानी, आकाश अंबानी और अनंत अंबानी जियो आईपीओ प्रोसेस को लीड कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि Jio IPO की मार्केट लिस्टिंग भारत की ताकत दिखाएगा।  आकाश अंबानी बोले- Jio आगे बढ़ रहा: जियो प्लेटफॉर्म के एमडी आकाश अंबानी ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि जियो लगातार आगे बढ़ रहा है और अब इसका यूजर बेस 534 मिलियन के पार निकल चुका है. जियो का 5जी सब्सक्राइबर बेस 268 मिलियन से ज्यादा हो गया है. उन्होंने Jio का टागरेट बताते हुए कहा कि ये 2030 तक सभी सब्सक्राइबर्स को 5 जी में माइग्रेट करना है।  Jio प्लेटफॉर्म का प्रॉफिट: आकाश अंबानी ने बताया की जियो प्लेटफॉर्म्स का टैक्स के बाद प्रॉफिट पहली बार 30,000 करोड़ रुपये के पार निकला है, जो 15 फीसदी का सालाना उछाल है. कंपनी का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2026 में 1,46,885 करोड़ रुपये रहा है।  दुनिया के लिए नजीर होगा आईपीओ मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो का आईपीओ दुनिया के लिए नजीर साबित होगा. यह दुनिया को दिखा देगा कि भारत विश्‍व स्‍तरीय और वैश्विक क्षमता वाली तकनीक कंपनी बनाने में सक्षम है. इस आईपीओ की अगुवाई आकाश, ईशा और अनंत अंबानी करेंगे, जबकि तीनों ही नेक्‍स जेनरेशन के तौर पर कंपनी को आगे बढ़ाने का भी … Read more

सोना-चांदी खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले, चांदी ₹22,000 लुढ़की; गोल्ड रेट में भी बड़ी गिरावट

नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों में एक बार फिर से बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है और दोनों कीमती धातुएं दो दिनों से क्रैश (Gold-Silver Price Crash) हो रही हैं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही अचानक चांदी की वायदा कीमत में फिर बड़ी गिरावट आ गई. महज दो दिनों में ही ये कीमती धातु 22000 रुपये सस्ती हो गई है. दूसरी ओर से सोना भी काफी सस्ता हो गया है और 10 Gram 24 Karat Gold Rate गिरकर 1.46 लाख रुपये पर आ गया है।  खुलते ही 8000 रुपये टूटी चांदी MCX पर चांदी की कीमत में आई गिरावट पर नजर डालें, तो 3 जुलाई की एक्सपायरी वाली सिल्वर का प्राइस बीते कारोबारी दिन टूटते हुए 2,37,572 रुपये प्रति किलो पर क्लोज हुआ था और शुक्रवार को कारोबार की ओपनिंग के साथ ही ये फिसलकर 2,29,561 रुपये प्रति किलो पर आ गया. ऐसे में एक झटके में 1 Kg Silver 8,011 रुपये सस्ती हो गई।  Silver दो दिन में 22000 रुपये सस्ती  चांदी की वायदा कीमत में बीते कारोबारी दिन गुरुवार को भी बड़ी गिरावट आई थी और ये कारोबार के अंत तक फिसलती रही थी. इस हिसाब से अगर दो दिनों में आई गिरावट को देखें, तो चांदी की कीमत बुधवार को 2,51,807 रुपये पर क्लोज हुई थी और ये गुरुवार को 2,37,572 रुपये, जबकि शुक्रवार को 2,29,561 रुपये पर आ गई. ऐसे में चांदी दो दिन में ही 22,246 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ती हो गई है।  Gold Rate में इतनी गिरावट चांदी के बाद बात करें सोने की वायदा कीमत के बारे में, तो ये भी Silver Price के कदम से कदम मिलाकर चल रही है और लगातार टूटती नजर आई है. 5 अगस्त की एक्सपायरी वाला 10 Gram 24 Karat Gold का भाव खुलने के साथ ही गिरकर 1,46,252 रुपये के लेवल पर आ गया, जो बीते कारोबारी दिन 1,49,309 रुपये प्रति 10 ग्राम पर क्लोज हुआ था. यानी सोना अचानक 3,057 रुपये सस्ता हो गया।  हाई से कितना टूट गया सोना?  बीते दो कारोबारी दिनों में सोने की कीमत में आई गिरावट की बात करें, तो 17 जून को 10 ग्राम सोने का भाव 1,53,879 रुपये था और यहां से ये कीमती पीली धातु 7,627 कमजोर हो गई है. वहीं अगर हाई लेवल से तुलना करें, तो बीते जनवरी महीने में वायदा सोने की कीमत पहली बार 2 लाख रुपये के पार निकली थी और इस एक्सपायरी वाले वायदा सोना का हाई 2,04,375 रुपये है, जिससे अब गोल्ड 58,123 रुपये सस्ता मिल रहा है।  अचानक क्यों बिखरने लगे सोना-चांदी?  Gold Silver Rate Crash के पीछे के कारणों की बात करें, तो ये अमेरिका से जुड़ा हुआ है. दरअसल, US Fed ने जून 2026 की बैठक रेपो रेट को स्थिर रखने का ऐलान किया है यानी ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया और ये 3.50% से 3.75% के दायरे में हैं. ही बरकरार रखा है, लेकिन फेड अधिकारियों ने महंगाई बढ़ने की चिंता जताते हुए आगे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका जताई है, जिसका असर सोने चांदी की कीमतों पर भी देखने को मिला है।  (नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ईटीएफ में निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लें.)

शेयर बाजार में मचा हड़कंप, IT स्टॉक्स की गिरावट से सेंसेक्स 800 अंक लुढ़का

मुंबई  शेयर मार्केट में सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली. ओपनिंग के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 800 अंक से ज्यादा का गोता लगा गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी करीब 200 अंक की बड़ी गिरावट लेकर ओपन हुआ. बाजार में इस गिरावट के बीच सबसे बुरा हाल आईटी और टेक कंपनियों के शेयरों का रहा. Infosys, Tech Mahindra, TCS से लेकर HCL Tech तक के शेयर खुलते ही धड़ाम हो गए।  खुलते ही धड़ाम हुए Sensex-Nifty शुक्रवार को शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही दोनों इंडेक्स बिखर गए. BSE Sensex अपने पिछले बंद 77,409 की तुलना में बड़ी गिरावट लेकर 76,852 पर खुला और फिर अचानक ये गिरावट तेज हो गई और 30 शेयरों वाला इंडेक्स गिरकर 76,605 के लेवल पर आ गया. इस हिसाब से सेंसेक्स में 804 अंक से ज्यादा की गिरावट आई।  सेंसेक्स के जैसा ही हाल NSE Nifty का रहा और ये 50 शेयरों वाला इंडेक्स अपने पिछले कारोबारी बंद 24,168 की तुलवा में गिरावट लेकर 23,991 पर खुला और फिर करीब 220 अंक की गिरावट लेकर 23,939 पर आ गया।  IT शेयरों में मचा कोहराम शेयर मार्केट में इस गिरावट को सपोर्ट करने में सबसे बड़ा रोल आईटी और टेक शेयरों का रहा, जो ओपनिंग के साथ ही धराशायी हो गए. बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Infosys Share (8.50%), TCS Share (6.20%), Tech Mahindra Share (5.60%), HCL Tech Share (5.40%) की बड़ी गिरावट लेकर कारोबार कर रहे थे।  गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत करने वाले अन्य बड़े शेयरों की बात करें, तो HDFC Bank Share (2.30%), Mphasis Share (6.60%), Presistent Share (5%), Coforge Share (4.20%), Dixon Share (2.20%) फिसलकर ट्रेड करता नजर आया।  1324 शेयर बड़ी गिरावट लेकर खुले ग्लोबल मार्केट से मिले-जुले संकेतों के बीच शुक्रवार को खुलते ही निफ्टी 24,000 के नीचे आ गया. मार्केट की ओपनिंग के दौरान करीब 956 कंपनियों के शेयरों ने तेजी के साथ ट्रेड शुरू किया, तो वहीं 1324 कंपनियों के स्टॉक्स ऐसे थे, जो बड़ी गिरावट के साथ रेड जोन में ओपन हुए. इसके अलावा 178 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।  शेयर बाजार में यह गिरावट ग्लोबल आईटी सर्विस कंपनी एक्सेंचर की ओर से FY2026 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान में कटौती के बाद देखने को मिली है, जो वेस्ट एशिया से से राजस्व से जुड़ी चुनौतियों के चलते हैं. इसका शेयर रातोरात करीब 18 फीसदी टूट गया था, तो वहीं Infosys ADR में करीब 10 फीसदी, तो Wipro ADR में 3.6 फीसदी की गिरावट आई। 

कार खरीदारों के लिए खुशखबरी, 15 जुलाई से लागू होगा नया नियम, टैरिफ सिर्फ 10%

 नई दिल्ली 15 जुलाई से भारत-यूके फ्री ट्रेड एग्रीमेंट प्रभाव में आएगा. इस एफटीए (FTA) के तहत भारत और यूके के बीच कई सामानों पर टैरिफ कम या जीरो होगा. ऑटोमोबाइल वर्ल्ड के लिए भी ये ट्रेड एग्रीमेंट बहुत मायने रखता है. क्योंकि इस एफटीए के बाद कई प्रीमियम कारों पर भारत में टैरिफ कम हो जाएगा।  इसका सीधा का मतलब है कि भारत में प्रीमियम कारें सस्ती होंगी. यूनाइटेड किंगडम के डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस एंड ट्रेड के मुताबिक ब्रिटिश ऑटोमोबाइल कंपनियों की भारत में पहुंच आसान हो जाएगी. इन कारों पर कोटा के तहत टैरिफ 100 फीसदी से घटकर 10 फीसदी पहुंच जाएगी।  इस एग्रीमेंट के बाद ब्रिटिश कार कंपनियों को भारत में बेहतर एक्सेस मिलेगा. वहीं कई भारतीय कंपनियों के लिए यूके में तमाम मौके खुल जाएंगे. भारतीय कंपनियों के लिए टेक्सटाइल, लेदर, फुटवियर, इलेक्ट्ऱ़ॉनिक्स, फार्मा और दूसरे सेक्टर में एक बड़ा बाजार मिलेगा।  सस्ती होंगी कारें फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को लागू करने का ऐलान 17 जून को किया गया है और बिजनेसेस को 28 दिनों का वक्त तैयारी करने के लिए दिया गया है, जिससे वे अपने सिस्टम को तैयार कर लें और जरूरी रजिस्ट्रेशन कर लें. यूके सरकार इसको भारत का अब तक का सबसे व्यापक व्यापार समझौता बता रही है।  यूके सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक ऑटोमोबाइल टैरिफ कोटा के तहत 100 फीसदी से घटकर 10 फीसदी आएगा. हालांकि, ये कोटा क्या और कितना होगा, इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई है. यानी इस टैरिफ कटौती के साथ ब्रिटिश कंपनियां कितनी गाड़ियां एक साल में भारत ला  भारत और यूके की इस डील का असर काफी पहले से दिखने लगा है. कंपनियों ने अपनी गाड़ियों की कीमतें कम करनी शुरू कर दी हैं. जगुआर लैंड रोवर (JLR) ने 5 मई को दो रेंज रोवर मॉडल्स की कीमतों में कटौती का ऐलान किया था, जो यूके से इंपोर्ट की जाती हैं।  कई कारें हुईं सस्ती कंपनी ने रेंज रोवर एसवी (Range Rover SV) की कीमत 75 लाख रुपये घटाकर 3.50 करोड़ रुपये कर दी है. पहले ये कार 4.25 करोड़ रुपये की कीमत पर आती थी. वहीं रेंज रोवर स्पोर्ट एसवी की कीमतों में 40 लाख रुपये की कटौती की गई थी. इस कार की कीमत 2.75 करोड़ रुपये से घटाकर 2.35 करोड़ रुपये कर दी गई है।  इसके अलावा ब्रिटिश सुपरकार निर्माता कंपनी मैकलारेन (McLaren) भी अपनी कारों की कीमतों को 38 फीसदी तक कम करने की तैयारी कर रही है. मैकलारेन 750एस कूपे की कीमत 3 करोड़ रुपये कम होने की उम्मीद है. ये कार पहले 7.94 करोड़ रुपये की कीमत पर आती थी, जो घटकर 4.94 करोड़ रुपये हो सकती है।  इसके अलावा 750एस स्पाइडर की कीमत 3.32 करोड़ रुपये घटकर 5.46 करोड़ रुपये हो सकती है. दूसरी कंपनियों ने अभी कीमतों में कटौती का ऐलान नहीं किया है. आने वाले दिनों में हमें इनके बारे में भी जानकारी मिल सकती है।  टैक्स कटौती और कोटा एफटीए के तहत पहले साल 3000सीसी के ऊपर के इंजन वाली पेट्रोल और 2500सीसी के ऊपर वाली डीजल कारों पर टैरिफ को 110 परसेंट से घटाकर 30 परसेंट किया जाएगा. ये रेट 10 हजार गाड़ियों के लिए होगा।  वहीं 1500सीसी से 3000सीसी तक वाली पेट्रोल और 2500सीसी तक इंजन वाली डीजल कारों पर टैरिफ 66 फीसदी से घटकर 50 फीसदी हो जाएगा. इसके लिए 5000 कारों का कोटा होगा. 1500सीसी इंजन तक वाली कारों पर भी 50 परसेंट टैरिफ पहले साल होगा. इसमें भी 5000 कारों का कोटा होगा। 

आज सस्ता हुआ सोना-चांदी, कितने रुपये घटे रेट? चेक करें अपने शहर के नए भाव

मुंबई  अगर आप सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आज का दिन आपके लिए राहत लेकर आया है.  18 जून गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली. अमेरिका और ईरान के बीच हुए  शांति समझौते और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसले के बाद निवेशकों का रुख बदला, जिससे गोल्ड-सिल्वर की कीमतों पर दबाव बढ़ गया. चांदी में 2.5 प्रतिशत से ज्यादा और सोने में करीब 1.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।  MCX पर चांदी में बड़ी गिरावट, 7,000 रुपये से ज्यादा टूटा भाव गुरुवार के कारोबार में एमसीएक्स सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स अपने पिछले बंद 2,51,807 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर दिन के निचले स्तर 2,44,495 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया. चांदी ने आज 2,48,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार की शुरुआत की थी.  सुबह करीब 11:43 बजे जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 7,057 रुपये यानी 2.80 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,44,750 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।  सोने की चमक भी फीकी, 1.5% से ज्यादा गिरा MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना भी दबाव में रहा. खबर लिखे जाने तक गोल्ड फ्यूचर्स 2,378 रुपये यानी 1.55 प्रतिशत गिरकर 1,51,501 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखाई दिया.कारोबार के दौरान सोना अपने पिछले बंद 1,53,879 रुपये प्रति 10 ग्राम से फिसलकर 1,51,348 रुपये प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंच गया।  आज आपके शहर में सोने और चांदी का क्या है भाव? दिल्ली में सोने-चांदी का रेट दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,340 रुपये प्रति 10 ग्राम है. वहीं 22 कैरेट सोना 1,39,645 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. चांदी का भाव 2,47,170 रुपये प्रति किलोग्राम है।  मुंबई में सोने-चांदी का रेट मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,883 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है. चांदी का भाव 2,47,600 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज किया गया।  पटना में सोने-चांदी का रेट पटना में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,52,520 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 22 कैरेट सोना 1,39,810 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है. वहीं चांदी का भाव 2,47,470 रुपये प्रति किलोग्राम है।  जयपुर में सोने-चांदी का रेट जयपुर में 24 कैरेट सोना 1,52,580 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,865 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है. चांदी का भाव 2,47,570 रुपये प्रति किलोग्राम है।  कानपुर में सोने-चांदी का रेट कानपुर में 24 कैरेट सोने का भाव 1,52,640 रुपये प्रति 10 ग्राम है. 22 कैरेट सोना 1,39,920 रुपये प्रति 10 ग्राम पर मिल रहा है. चांदी का भाव 2,47,660 रुपये प्रति किलोग्राम है।  लखनऊ में सोने-चांदी का रेट लखनऊ में भी 24 कैरेट सोना 1,52,640 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोना 1,39,920 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बिक रहा है. चांदी का भाव 2,47,660 रुपये प्रति किलोग्राम है।  आखिर क्यों गिर रहे सोना और चांदी के दाम? जानें वजह कमोडिटी मार्केट के जानकारों के मुताबिक सोना और चांदी पर कई वजहों से दबाव बना।  सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच हुआ अंतरिम शांति समझौता रहा. इससे वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ी और सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के तौर पर सोने की मांग कमजोर पड़ी।  इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने लगातार चौथी बैठक में ब्याज दरों को 3.5-3.75 प्रतिशत के दायरे में स्थिर रखा, लेकिन साथ ही आगे और ब्याज दर बढ़ाने के संकेत भी दिए. बढ़ती ब्याज दरें आमतौर पर सोने और चांदी जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों के लिए नकारात्मक मानी जाती हैं।  एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती ने भी कीमती धातुओं की चमक कम की है।  COMEX पर भी गोल्ड-सिल्वर लुढ़के अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी कमजोर कारोबार करते दिखाई दिए.COMEX पर चांदी करीब 3 प्रतिशत गिरकर 68.76 डॉलर पर कारोबार कर रही थी. वहीं COMEX गोल्ड 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरावट के साथ 4,318.90 डॉलर पर ट्रेड करता नजर आया।  हालांकि एक्सपर्ट का कहना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर, रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स और एनर्जी स्टोरेज सिस्टम में बढ़ते निवेश के कारण चांदी की इंडस्ट्रियल डिमांड मजबूत बनी हुई है. खासकर चीन से मांग बढ़ने की उम्मीद के चलते चांदी में गिरावट सीमित रही। 

Stock Market में उतार-चढ़ाव का खेल, अमेरिका की चेतावनी और ट्रंप के गुड सिग्नल ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन

मुंबई  शेयर मार्केट में सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भारी कन्फ्यूजन देखने को मिला है. सेंसेक्स-निफ्टी दोनों इंडेक्स की चाल बदली-बदली नजर आई. शुरुआती कारोबार के दौरान कभी ये ग्रीन जोन में ट्रेड करते हुए दिखाई दिए, तो अचानक ही गिरावट के साथ रेड जोन में आ गए. हालांकि, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 77000 के पार, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 24,000 के पार बना हुआ है।  सेसेंक्स-निफ्टी की बदली-बदली चाल  शेयर मार्केट में कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स अपने गुरुवार को अपने पिछले बंद 77,155 की तुलना में मामूली गिरावट लेकर 77,131 के लेवल पर खुला और फिर अचानक रेड जोन से ग्रीन जोन में छलांग लगाकर 77,281 पर कारोबार करता नजर आया. ये तेजी भी अगले ही पल चली गई और सेंसेक्स गिरकर 77,044 पर ट्रेड करने लगा।  बात 50 शेयरों वाले इंडेक्स NSE Nifty की करें, तो इसकी चाल भी सेंसेक्स के जैसे ही देखने को मिली है. अपने पिछले बंद 24,085 की तुलना में गिरकर निफ्टी 24,073 पर ओपन हुआ और फिर कभी रेड तो कभी ग्रीन जोन में कारोबार करता दिखा।  बाजार में कन्फ्यूजन की वजह क्या?  शेयर बाजार में भारी कन्फ्यूजन की वजह पर गौर करें, तो अमेरिका से आई Good Or Bad News को माना जा सकता है. दरअसल अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) ने नीतिगत ब्याज दरों (US Fed Rate) को बिना किसी बदलाव के 3.50% से 3.75% पर स्थिर रखा है. फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श की अध्यक्षता वाली पहली बैठक में ये फैसला लिया गया है और उन्होंने किसी तरह की राहत नहीं दी है. इसके बाजार का सेंटीमेंट बिगड़ा है।  वहीं दूसरी ओर गुड न्यूज ये आई है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता डन हो गया है और दोनों के बीच एग्रीमेंट पर साइन भी कर दिए गए हैं. इसका असर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के रूप में दिखा है, जो महंगाई का जोखिम कम होने का संकेत है और बाजार को इसका सपोर्ट मिल सकती है।  उथल-पुथल के बीच ये 10 शेयर चमके  शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच जो शेयर अपने निवेशकों को फायदा कराते हुए नजर आए. उनमें बीएसई लार्जकैप कंपनियों में शामिल टाटा ग्रुप की Trent Share (1.50%), BEL Share (1.20%), HDFC Bank Share (1.10%) की बढ़त में ट्रेड कर रहे थे।  इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में देखें, तो Nykaa Share (1.20%), Yes Bank Share (1.10%) की बढ़त में कारोबार करता हुआ दिखाई दिया. स्मॉलकैप सेक्शन में शामिल शेयरों की बात करें, तो यहां पर Carboruniv Share (7%), Redington Share (5.50%), ABREL Share (2.50%), WockPharma Share (2.10%), HSCL Share (1.90%) की बढ़त में कारोबार कर रहा था।  

Tata Sierra.ev की धमाकेदार एंट्री तय, लंबी रेंज और लग्जरी फीचर्स से EV बाजार में मचाएगी हलचल

मुंबई Tata Motors अपनी सबसे आइकॉनिक SUV Sierra को बिल्कुल नए अवतार में वापस ला रही है. कंपनी 30 जून 2026 को अपनी मोस्ट-अवेडेट 'Tata Sierra.ev' के प्रोडक्शन मॉडल को पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है. साल 2020 और 2023 के ऑटो एक्सपो में कॉन्सेप्ट के तौर पर दिखने के बाद से ही फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. आइए जानते हैं कि इस नए जमाने की सिएरा में आपको क्या कुछ खास मिलने वाला है।  नई Tata Sierra.ev का बाहर का लुक नई टाटा सिएरा ईवी बेहद मॉडर्न और फ्यूचरिस्टिक नजर आएगी. इसके फ्रंट लुक में ईवी-स्पेसिफिक बदलाव किए गए हैं जैसे इसमें पूरी तरह से बंद फ्रंट ग्रिल और एक नया स्पोर्टी बंपर देखने को मिलेगा. इसके अलावा कार के चारों तरफ खास '.ev' की बैजिंग दी जाएगी जो इसे इसके पेट्रोल-डीजल मॉडल से अलग बनाएगी।  केबिन के अंदर स्क्रीन की भरमार इसके टॉप-स्पेक वेरिएंट्स में कंपनी Triple-Screen Layout सेटअप दे सकती है. इसमें ड्राइवर के लिए 10.25-इंच का डिजिटल इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर, बीच में 12.3-इंच का मुख्य टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम और सबसे मजेदार बात यह है कि आगे बैठने वाले पैसेंजर के लिए भी अलग से 12.3-इंच का डिस्प्ले दिया जा सकता है. इसके निचले वेरिएंट्स में ग्राहकों को ड्यूल-स्क्रीन के साथ हेड-अप डिस्प्ले का ऑप्शन मिलेगा।  नई सिएरा ईवी के अंदर एक बड़ा पैनोरमिक सनरूफ, वेंटिलेटेड और इलेक्ट्रिकली एडजस्टेबल फ्रंट सीट्स, कई सारे ड्राइविंग मोड्स और एक प्रीमियम ऑडियो सिस्टम मिलेगा. इसका केबिन स्पेस और कम्फर्ट इस तरह डिजाइन किया गया है कि लंबी दूरी के सफर में भी आपको थकान का अहसास नहीं होगा।  बैटरी, पावर और धांसू परफॉर्मेंस यह दमदार इलेक्ट्रिक एसयूवी टाटा के एडवांस्ड 'acti.ev+' प्लेटफॉर्म पर बेस्ड है जिस पर हैरियर ईवी को भी तैयार किया जा रहा है. ताकत के लिए इसमें ग्राहकों को 65 kWh और 75 kWh के दो बड़े बैटरी पैक के विकल्प मिल सकते हैं।  सबसे बड़ी बात यह है कि टाटा ने पुष्टि की है कि सिएरा ईवी रियर-व्हील-ड्राइव (RWD) और ऑल-व्हील-ड्राइव (AWD) दोनों कॉन्फिगरेशन में आएगी. हालांकि इसका ऑल-व्हील-ड्राइव (4X4) वर्जन सिर्फ बड़े बैटरी पैक के साथ ही उपलब्ध कराया जाएगा।  नई Tata Sierra.ev की कीमत उम्मीद जताई जा रही है कि इसकी एक्स-शोरूम कीमत ₹18 लाख से शुरू होकर ₹25 लाख के बीच हो सकती है. भारतीय बाजार में कदम रखते ही इसका सीधा मुकाबला Mahindra BE 6, हुंडई क्रेटा इलेक्ट्रिक, एमजी जेडएस ईवी, टोयोटा एबेला और मारुति की आने वाली e Vitara जैसी दिग्गज गाड़ियों से होने वाला है। 

ग्लोबल मार्केट में निवेश करने वालों के लिए खुशखबरी, ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म्स को मिली हरी झंडी

मुंबई  विदेश के शेयर बाजारों में निवेश करने की चाहत रखते हैं तो ये खबर आपके लिए है। दरअसल, भारत के चार बड़े रिटेल ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म जेरोधा, ग्रो, एंजल वन और Upstox को GIFT सिटी के जरिए अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी शेयरों में निवेश की सुविधा शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। इन कंपनियों को इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर्स अथॉरिटी (IFSCA) से जरूरी मंजूरी मिली है। बता दें कि IFSCA, GIFT सिटी के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर (IFSC) में काम करने वाले फाइनेंशियल प्रोडक्ट्स, सेवाओं और संस्थानों के लिए रेगुलेटर है। कब से शुरू होगी सुविधा? मनीकंट्रोल की एक खबर के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय और अमेरिकी शेयरों में निवेश की सुविधा अगले दो से तीन महीनों में शुरू होने की उम्मीद है। जानकारी के मुताबिक ब्रोकरेज कंपनियां टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन, टेस्टिंग और कंप्लायंस की प्रक्रियाएं पूरी कर रही हैं। इसी के साथ ये ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म उन कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएंगे जो GIFT सिटी के जरिए विदेशी इक्विटी में निवेश की सुविधा देती हैं। रिपोर्ट के अनुसार जेरोधा और Upstox ब्रोकर-डीलर के तौर पर काम करेंगे जबकि ग्रो और एंजेल वन ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर (GAP) फ्रेमवर्क के तहत यह सेवा देंगे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जेरोधा और Upstox के विदेशी पार्टनर्स – जैसे ViewTrade इंटरनेशनल, Interactive ब्रोकर्स और Alpaca सिक्योरिटीज के जरिए ट्रेड करने की उम्मीद है। धन को मिल चुकी है मंजूरी ये मंजूरी धन (Dhan) द्वारा US स्टॉक में निवेश की सुविधा शुरू करने के कुछ दिनों बाद मिली है, जो यह दिखाता है कि भारतीय निवेशकों को ग्लोबल मार्केट तक एक्सेस देने में ब्रोकरेज फर्मों की दिलचस्पी बढ़ रही है। ब्रोकरेज कंपनियां अगले कुछ महीनों में इसे लॉन्च करने की तैयारी कर रही हैं। बता दें कि स्मॉलकेस, INDmoney और HDFC सिक्योरिटीज जैसे कई प्लेटफॉर्म पहले से ही अलग-अलग तरीकों से अंतरराष्ट्रीय स्टॉक तक एक्सेस दे रहे हैं। अब जेरोधा, ग्रो, एंजल वन और Upstox के आने से रिटेल निवेशकों की विदेशी बाजारों तक एक्सेस और बढ़ सकती है। बता दें कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय निवेश की मांग बढ़ी है क्योंकि भारतीय निवेशक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में निवेश करना चाहते हैं। GIFT सिटी क्या है? गुजरात में स्थित GIFT सिटी भारत के इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज सेंटर का घर है, जो एक खास फाइनेंशियल जो है और इसे सीमा-पार फाइनेंशियल सेवाओं और ट्रांजैक्शन को आसान बनाने के लिए बनाया गया है। विदेशी सिक्योरिटीज तक एक्सेस बढ़ाने के लिए IFSCA ने ग्लोबल एक्सेस प्रोवाइडर (GAP) फ्रेमवर्क शुरू किया है। इसके तहत, GIFT सिटी से काम करने वाली रेगुलेटेड कंपनियां निवेशकों को भारत-आधारित रेगुलेटरी स्ट्रक्चर के जरिए विदेशी स्टॉक, दूसरी अंतरराष्ट्रीय सिक्योरिटीज तक एक्सेस दे सकती हैं।

ईंधन संकट रोकने की तैयारी, केंद्र ने तेल कंपनियों पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया

नई दिल्ली ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है. इसी बीच भारत में सरकार ने डीजल और हवाई ईंधन के एक्सपोर्ट पर लगने वाले विंडफाल टैक्स को बढ़ा दिया है. हालांकि आम नागरिकों के लिए राहत की बात ये है कि मार्केट में पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार स्थिर बने हुए हैं. वित्त मंत्रालय के नोटिफिकेश के अनुसार ये नए रेट्स मंगलवार से लागू हो चुके हैं।  सरकार हर 15 दिन में विंडफाल टैक्स रेट का रिव्यू करती है. अब इन बदलाव के बाद डीजल के एक्सपोर्ट पर स्पेशन एडिशनल एक्साइज ड्यूटी को 13.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14 रुपये प्रति लीटर कर दिया है. वहीं दूसरी तरफ हवाई ईंधन के एक्सपोर्ट पर ड्यूटी 9.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 12.5 रुपये रुपये प्रति लीटर हो गई है. हालांकि पेट्रोल के एक्सपोर्ट ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ।  ड्यूटी बढ़ाने का फैसला क्यों? दरअसल मिडिल ईस्ट क्राइसिस से वैश्विक मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें महंगी हो गईं. जब इंटरनेशनल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ती हैं तो लोकल तेल कंपनियां मुनाफा कमाने के लिए ऑयल को देश के बाहर एक्सपोर्ट करने लगती हैं. इसे रोकने के लिए सरकार विंडफाल टैक्स लगाती है. इस टैक्स के जरिए देश के अंदर पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को कंट्रोल किया जाता है।  आम आदमी पर इसका क्या असर? देखिए, अगर आप सोच रहे हैं कि ये टैक्स बढ़ जाने की वजह से आपके लिए फ्यूल महंगा हो जाएगा, तो ऐसा बिल्कुल भी नहीं है. सरकार ने साफ किया है कि देश के अंदर बिकने वाले पेट्रोल-डीजल की ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं हुआ. यानी आपकी जेब पर इसका सीधा कोई असर नहीं पड़ेगा. हां, हवाई ईंधन पर टैक्स बढ़ने से एयरलाइन कंपनियों के खर्च जरूर बढ़ सकते हैं।  देश में पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं महीनो से चल रहे अमेरिका-ईरान के बीज जंग पर आखिरकार विराम लगता दिखा रहा है. इसी वजह से कच्चे तेल की कीमतें लगातार नीचे आ रही हैं. सप्लाई सुधरने की उम्मीद से मंगलवाल को ब्रेंट क्रूड पुराने सेशन से 5% टूटकर 81 डॉलर प्रति बैरल के लेवल पर आया गया. ऐसे में भारतीय तेल कंपनियों ने 16 जून को पेट्रोल-डीजल के दामों में कोई बदलाव नहीं किया है. देश के बड़े शहरों में ईंधन के दाम पुराने लेवल पर ही स्टेबल बने हुए हैं।  देश में ईंधन की कोई कमी नहीं पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा किसी प्रकार की ईंधन कमी की स्थिति नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों और उद्योगों से ऊर्जा का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करने की अपील की है। अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि, औद्योगिक और वाणिज्यिक क्षेत्र के बड़े उपभोक्ता डीजल की खरीद अपने उपभोक्ता पंपों (कंज्यूमर पंप) से करें, ताकि खुदरा पेट्रोल पंपों पर दबाव कम किया जा सके। ईंधन आपूर्ति पूरी तरह सामान्य… सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। सभी रिफाइनरियां अपनी क्षमता के अनुसार सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) का पर्याप्त भंडार भी उपलब्ध है।उन्होंने कहा कि, हाल में कुछ स्थानों पर आपूर्ति संबंधी दबाव इसलिए देखा गया क्योंकि मई महीने में लगभग 42 करोड़ लीटर डीजल, जो पहले बड़े उपभोक्ताओं या कंज्यूमर पंपों के माध्यम से वितरित होता था, वह खुदरा पेट्रोल पंपों से उठाया जाने लगा। इससे कुछ क्षेत्रों में अस्थायी दबाव की स्थिति बनी। खुदरा बिक्री पर अस्थायी सीमा लागू… सामान्य उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सरकार ने 11 जून को एक अस्थायी अधिसूचना जारी की है। इसके तहत खुदरा पेट्रोल पंपों पर डीजल की बिक्री प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 200 लीटर तक सीमित कर दी गई है। औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति सीधे अपने उपभोक्ता पंपों से करें।सुजाता शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था लगभग 90 दिनों के लिए लागू की गई है और इसका उद्देश्य केवल आम उपभोक्ताओं को परेशानी से बचाना है। उन्होंने दोहराया कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। एलपीजी आपूर्ति भी हुई सामान्य… मंत्रालय के अनुसार, एलपीजी आपूर्ति की स्थिति भी अब पूरी तरह संतुलित हो गई है। पिछले चार दिनों के दौरान देशभर में 1.66 करोड़ एलपीजी बुकिंग प्राप्त हुईं, जबकि 1.84 करोड़ सिलेंडरों की डिलीवरी की गई। इससे लंबित बुकिंग का समय घटकर केवल 3.3 दिन रह गया है।इसी अवधि में 24,184 टन वाणिज्यिक एलपीजी की बिक्री हुई। इसके अलावा 2.18 लाख पांच किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर बेचे गए, जिनमें से 14,500 सिलेंडर विशेष शिविरों के माध्यम से वितरित किए गए। पीएनजी नेटवर्क का तेजी से विस्तार… मंत्रालय ने बताया कि, मार्च से अब तक 9.76 लाख घरेलू पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शनों में गैस आपूर्ति शुरू की जा चुकी है। इसके अलावा 3.19 लाख नए कनेक्शनों के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है और 9.72 लाख नए उपभोक्ताओं का पंजीकरण किया गया है। अवैध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई… पेट्रोलियम मंत्रालय ने ईंधन और एलपीजी से जुड़ी अवैध गतिविधियों के खिलाफ भी अभियान तेज कर दिया है। मार्च से अब तक एलपीजी से जुड़े मामलों में 1,330 एफआईआर दर्ज की गई हैं, 311 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 75,960 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।वहीं, 27 मई से अब तक 12,303 लीटर पेट्रोल और 91,263 लीटर डीजल जब्त किया गया है। इस संबंध में 50 एफआईआर दर्ज की गईं और 49 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। उद्योगों को सीधे आपूर्ति की सलाह… सुजाता शर्मा ने कहा कि यह कदम पूरी तरह अस्थायी है और इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोपहिया वाहन चालकों, कार मालिकों और किसानों को खुदरा पंपों पर आसानी से ईंधन उपलब्ध हो सके।उन्होंने बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की कि वे फिर से सीधे आपूर्ति व्यवस्था का उपयोग करें, जिससे खुदरा ईंधन केंद्रों पर भीड़ और दबाव कम हो सके।

शेयर बाजार में दूसरे दिन भी हरियाली, सेंसेक्स 262 अंक उछला, डॉलर के मुकाबले रुपया चमका

मुंबई  अमेरिका-ईरान में शांति समझौता होने का असर लगातार दूसरे दिन भारतीय शेयर बाजार पर देखने को मिल रहा है और दोनों इंडेक्स ने तेजी के साथ ओपनिंग की है. कच्चे तेल का तेल निकलते ही शेयर मार्केट का जोश भी हाई नजर आ रहा है. मंगलवार को कारोबार की शुरुआत होते ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज की 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 76,500 का स्तर पार कर दिया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी इंडेक्स भी 24,000 के करीब ओपन हुआ।  सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत  शेयर मार्केट में सप्ताह के लगातार दूसरे कारोबार स्टार्ट होते ही BSE Sensex अपने पिछले बंद 76,264 के मुकाबले तेज रफ्तार के साथ खुला और 76,586 के लेवल पर पहुंच गया. NSE Nifty की चाल भी सेंसेक्स के जैसी ही रही और ये अपने सोमवार के बंद 23,853 की तुलना में उछाल के साथ 23,944 पर पहुंच गया।  शेयर मार्केट के लिए ये हफ्ता शानदार रहा है. अमेरिका-ईरान के बीच जंग खत्म होते देख बाजार में लगातार लिवाली का दौर बना हुआ है. सोमवार के बाद लगातार हफ्ते के दूसरे दिन बढ़त के साथ बाजार की शुरुआत हुई. सेंसेक्स जहां 262 अंकों की तेजी के साथ 76,526 पर खुला, वहीं निफ्टी में 70 अंकों की ग्रोथ के साथ 23,923 पर रहा. बीते दिन सोमवार को कारोबारी सत्र के आखिर में सेंसेक्स और निफ्टी शानदार बढ़त के साथ बंद हुए थे।  बैंक निफ्टी का आगाज शानदार रहा है. 57,198 के मुकाबले आज 57,320 अंक पर खुला. नतीजन बैंकिंग शेयरों में लगातार तेजी दिख रही है. सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी आईटी 28,237 और निफ्टी एफएमसीजी 49,158 के लेवल पर खुला है. पिछले सेशन के मुकाबले इसमें लगातार ग्रोथ कायम है।  बड़े इंडेक्स में लगातार हो रही खरीदारी मार्केट के शुरुआती समय में एचसीएल टेक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फाइनेंस और एलटी जैसे शेयर कमाल का प्रदर्शन करते दिखाई दिए. हलांकि दूसरी तरफ टाटा स्टील, पावर ग्रिड और एक्सिस बैंक के शेयर प्रेशर में दिखाई दे रहे हैं. कहा जा सकता है कि दूसरे दिन मार्केट का आगाज पॉजिटिव रहा है. और बड़े इंडेक्स में निवेशक खरीदारी कर रहे हैं।  गिफ्ट निफ्टी ने दिए थे अच्छे संकेत शुरुआत में GIFT Nifty भी 23,894 के स्तर पर ट्रेड कर रहा था, जिसने पहले ही संकेत दे दिए थे कि बाजार में तेजी का रुख बना रहेगा. दो दिन में बाजार के पॉजिटिव रुखने निवेशकों की जमकर कमाई कराई है।  इधर क्रैश, उधर बाजार का सुधरा मूड  शेयर बाजार में लगातार जारी इस तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण कच्चा तेल है, जिसका दो दिन में ही 'तेल' निकल गया. डोनाल्ड ट्रंप ने जैसे ही ईरान के साथ शांति समझौते पर सहमति बनने और होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोलने का ऐलान किया, अंतरराष्ट्री बाजार में क्रूड का दाम भरभराकर क्रैश होने लगा और ये सिलसिला मंगलवार को भी जारी है।  ब्रेंट क्रूड की कीमत (Brent Crude Price) 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रही है, तो वहीं WTI Crude Oil Price गिरते हुए इसी स्तर के आसपास आ गया है. मर्बन क्रूड (Murban Crude Oil Price) की अगर बात करें, तो ये मंगलवार को करीब 7 फीसदी की गिरावट के साथ 77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।  कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई का जोखिम कम हुआ है. दुनिया की कुल तेल जरूरत के करीब 20 फीसदी की आपूर्ति के लिए जरूरी समुद्री रूट होर्मुज स्ट्रेट ओपन होने से तेल-गैस संकट कम होता नजर आने लगा है और इनसे शेयर बाजार निवेशकों की धारणा में अचानक बदलाव देखने को मिला है।   इन शेयर ने खुलते ही लगाई छलांग  मंगलवार को शेयर मार्केट में कारोबार शुरू होने के साथ ही जिन स्टॉक्स में जोरदार तेजी देखने को मिली. उनमें बीएसई लार्जकैप कैटेगरी में शामिल HCL Tech Share (3%), Bajaj Finance Share (2.10%), Bajaj Finance Share (2%) शामिल हैं. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में Suzlon Share (3%), GMR Airport Share (3%), Dixon Share (2.10%), Yes Bank Share (1.90%) शुरुआती कारोबार में सबसे तेज भागते हुए नजर आए. वहीं स्मॉलकैप कैटेगरी में शामिल Lal Path Lab Share (7%), PGEL Share (4%) और IIFL Share (3.60%) उछला।  तेल फिसला, तो रुपया भी मजबूत  कच्चे तेल की कीमतें क्रैश (Crude Oil Price Crash) होने से सिर्फ शेयर बाजार में ही तेजी नहीं देखने को मिल रही है, बल्कि भारतीय करेंसी रुपया की स्थिति में भी सुधार हुआ है और ये मजबूत हुआ है. मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 8 पैसे बढ़त के सात 94.63 पर खुला, जबकि सोमवार को यह 94.71 पर बंद हुआ था।