samacharsecretary.com

अक्टूबर में भारत के बड़े उद्योगों की वृद्धि में कोई खास बदलाव नहीं

नई दिल्ली   वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय की ओर से  दी गई जानकारी के अनुसार, इस वर्ष अक्टूबर में आठ प्रमुख उद्योगों (आईसीआई) का संयुक्त सूचकांक 162.4 पर पिछले वर्ष अक्टूबर की तुलना में अपरिवर्तित रहा। बीते महीने फर्टिलाइजर, स्टील, सीमेंट और पेट्रोलियम रिफाइनरी उत्पादों के उत्पादन में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।    कोयले का उत्पादन अक्टूबर 2025 में बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 8.5 प्रतिशत बढ़ा। बिग-टिकट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट को लेकर बढ़ती मांग के चलते अक्टूबर में स्टील के उत्पादन में बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 6.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से अक्टूबर अवधि के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.3 प्रतिशत बढ़ा। फर्टिलाइजर का उत्पादन अक्टूबर 2025 में अक्टूबर 2024 के मुकाबले 7.4 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, अप्रैल से अक्टूबर 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.7 प्रतिशत बढ़ा। सीमेंट का उत्पादन इस वर्ष अक्टूबर में बीते वर्ष की समान अवधि की तुलना में 5.3 प्रतिशत बढ़ा। जबकि इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर तक की अवधि में इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 7.3 प्रतिशत बढ़ा। इसी तरह, पेट्रोलियम रिफाइनरी का उत्पादन भी अक्टूबर 2025 में अक्टूबर 2024 के मुकाबले 4.6 प्रतिशत बढ़ा। अप्रैल से अक्टूबर 2025-26 के दौरान इसका संचयी सूचकांक पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 0.4 प्रतिशत बढ़ा। हालांकि, कोयले, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और बिजली के उत्पादन में बीते महीने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमशः 8.5 प्रतिशत, 1.2 प्रतिशत, 5 प्रतिशत और 7.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। आईसीआई आठ प्रमुख उद्योगों के उत्पादन के संयुक्त और व्यक्तिगत प्रदर्शन को मापता है, जिसमें कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, फर्टिलाइजर, स्टील, सीमेंट और बिजली शामिल है। ये आठ प्रमुख उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के भार का 40.27 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं। सितंबर 2025 के लिए आठ प्रमुख उद्योगों के सूचकांक की अंतिम वृद्धि दर 3.3 प्रतिशत दर्ज की गई थी।

कुमार मंगलम बिड़ला को यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन की ओर से मानद डॉक्टरेट की उपाधि

 लंदन देश के दिग्गज उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला को यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन ने मानद उपाधि से सम्मानित किया है. इस उपाधि से नवाजे गए चार अन्य विशिष्ट व्यक्तियों में प्रोफेसर सर हिलरी बेकल्स, सर टेरी वेट, सुज़ाना स्कोफील्ड MBE और रेवरेण्ड फिलिप गोफ के साथ वे भी इस सम्मान की लिस्ट में शामिल हो गए हैं. कुमार मंगलम बिड़ला आदित्य बिड़ला समूह के चेयरमैन हैं. यह सौ साल पुराना लीडिंग भारतीय मल्टीनेशनल ग्रुप विदेश में कदम रखने वाला पहला भारतीय बिज़नेस हाउस भी माना जाता है. आज यह समूह छह महाद्वीपों के 41 देशों में सक्रिय है, जिसकी वार्षिक कमाई लगभग 67 अरब डॉलर और मार्केट कैपिटलाइजेशन 110 अरब डॉलर से ज्यादा है. बिड़ला परिवार की छठी पीढ़ी से आने वाले कुमार मंगलम बिड़ला के परदादा जी.डी. बिड़ला महात्मा गांधी के करीबी थे और उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी. शिक्षा के बड़े समर्थक बिड़ला, BITS पिलानी के चांसलर हैं और IIM अहमदाबाद व IIT दिल्ली का भी नेतृत्व कर चुके हैं. वह लंदन बिजनेस स्कूल के गवर्निंग बोर्ड में भी शामिल हैं, जहां उन्होंने 15 मिलियन पाउंड की स्कॉलरशिप दी है- जो यूरोप की सबसे बड़ी स्कॉलरशिप में से एक है. इन हस्तियों को मिला सम्मान कुमार मंगलम बिड़ला को Doctor of Science (Economics) की उपाधि प्रदान की गई है. यह पुरस्कार यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन की चांसलर, हर रॉयल हाइनेस द प्रिंसेस रॉयल की ओर से 19 नवंबर को लंदन स्थित सीनेट हाउस में आयोजित फाउंडेशन डे समारोह में प्रदान किया गया. फाउंडेशन डे पर जिन्हें मानद डिग्री और फेलोशिप दी गई, वे हैं- -कुमार मंगलम बिड़ला, चेयरमैन, आदित्य बिड़ला समूह- Doctor of Science (Economics) -प्रोफेसर सर हिलरी बेकल्स, प्रोफेसर ऑफ इकोनॉमिक हिस्ट्री और वाइस-चांसलर, यूनिवर्सिटी ऑफ द वेस्ट इंडीज- Doctor of Science (Social Sciences) -सर टेरी वेट KCMG CBE, ट्रिनिटी हॉल कैंब्रिज के मानद फेलो और मानवीय कार्यों से जुड़े कई चैरिटी संगठनों के संरक्षक- Doctor of Science (Social Sciences) -सुज़ाना स्कोफील्ड MBE, जिन्होंने अपने पति जॉन स्कोफील्ड (जो क्रोएशिया में रिपोर्टिंग करते समय मारे गए) की स्मृति में John Schofield Trust की स्थापना की- Doctor of Literature -रेवरेण्ड फिलिप गोफ, अकादमिक ड्रेस पर विशेषज्ञ- Honorary Fellowship 'उन्होंने लाखों लोगों के जीवन में सुधार किया' यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज़ की चेयर कविता रेड्डी ने कहा, 'हमें बेहद खुशी है कि हम कुमार मंगलम बिड़ला को उद्योग और परोपकार में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए मानद डिग्री से सम्मानित कर रहे हैं. उनकी सामाजिक पहलों ने लाखों लोगों के जीवन में सुधार किया है. भारत और यूके में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को अधिक लोगों तक पहुंचाने के उनके प्रयास यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के मूल्यों से मेल खाते हैं- दूसरों की मदद करने का जज्बा, शिक्षा का महत्व और विभाजन के बजाय एकता का संदेश.' उन्होंने कहा, 'हमारे सभी सम्मानित व्यक्तियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं और वे इन मूल्यों को आगे बढ़ाते हैं. फाउंडेशन डे पर उन्हें सम्मानित करना हमारे लिए सौभाग्य की बात है.' 'यह मेरे लिए गर्व की बात है' कुमार मंगलम बिड़ला ने कहा, 'यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन से यह सम्मान पाकर मैं बेहद कृतज्ञ महसूस कर रहा हूं. विशेष रूप से यह मेरे लिए गर्व की बात है कि यह सम्मान हर रॉयल हाइनेस, प्रिंसेस ऐन, द प्रिंसेस रॉयल की ओर से प्रदान किया गया. लंदन बिजनेस स्कूल के पूर्व छात्र के रूप में मैंने देखा है कि यह विश्वविद्यालय कैसे महत्वाकांक्षा को उपलब्धियों में बदलता है. मेरा परिवार हमेशा मानता आया है कि शिक्षा प्रगति का सबसे सशक्त साधन है, जो अवसरों का विस्तार करती है और समाज को बदलने की क्षमता रखती है. ऐसी संस्था की ओर से सम्मानित होना, जो इन मूल्यों को जीती है और नई पीढ़ियों को अप्रत्याशित दुनिया का सामना करने के लिए तैयार करती है, मेरे लिए प्रेरणादायक है.' हर साल यूनिवर्सिटी मनाती है फाउंडेशन डे हर साल यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन फाउंडेशन डे मनाती है. यह दिन विश्वविद्यालय के वार्षिक कैलेंडर की एक महत्वपूर्ण तिथि है, जो 28 नवंबर 1836 को किंग विलियम IV की ओर से दिए गए संस्थान के पहले रॉयल चार्टर की याद दिलाती है. इस समारोह का मुख्य हिस्सा मानद उपाधियों और फैलोशिप प्रदान करना होता है. इस परंपरा की शुरुआत 1903 में हुई थी. इसके शुरुआती सम्मानित व्यक्तियों में वेल्स के प्रिंस और प्रिंसेस (जो बाद में किंग जॉर्ज V और क्वीन मैरी बने) शामिल थे. फाउंडेशन डे 2025 के कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के छात्र और स्टाफ, इसकी 17 फेडरेशन मेंबर संस्थाओं के प्रतिनिधि, दुनिया भर में बने इसके रीजनल टीचिंग सेंटर्स के सदस्य और विश्वविद्यालय से लंबे समय से जुड़े लोग शामिल हुए.

ग्राहकों के फोन नंबर रेस्टोरेंट को देगा Zomato, नई डेटा शेयरिंग पॉलिसी पर विवाद

 नई दिल्ली फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म Zomato ने रेस्टोरेंट उद्योग के साथ चल रही वर्षों पुरानी खींचतान को खत्म करते हुए, ग्राहकों का डेटा (फोन नंबर) रेस्टोरेंट्स के साथ साझा करने का फैसला किया है. इस कदम से ग्राहकों के इनबॉक्स में जल्द ही प्रचार संदेशों (जैसे 'कोड XXX का उपयोग करें और ₹200 की छूट पाएं') की बाढ़ आ सकती है. इस कदम ने डेटा प्राइवेसी और ग्राहक सूचना के संभावित दुरुपयोग को लेकर राजनीतिक और उद्योग विशेषज्ञों के बीच हंगामा खड़ा कर दिया है. Zomato, 5 लाख से ज़्यादा रेस्टोरेंट्स की संयुक्त संस्था, नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया (NRAI) के साथ ग्राहकों का डेटा रेस्टोरेंट्स के साथ साझा करने के लिए बातचीत कर रहा है.रिपोर्ट के अनुसार, Zomato के प्रतिद्वंद्वी Swiggy के साथ भी इसी तरह की बातचीत चल रही है. Zomato क्या कर रहा है? वर्तमान में, डिलीवरी प्लेटफॉर्म ग्राहक डेटा को मास्क करते हैं, यानी रेस्टोरेंट्स के पास फोन नंबर या अन्य व्यक्तिगत विवरण की जानकारी नहीं होती है. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर Zomato ने ग्राहकों को पॉप-अप भेजना शुरू कर दिया है, जिसमें उन्हें मार्केटिंग और प्रचार संदेशों के लिए रेस्टोरेंट्स के साथ अपना फोन नंबर साझा करने की अनुमति मांगी जा रही है. पॉप-अप में स्पष्ट है कि एक बार जानकारी साझा करने के बाद, यूजर इसे वापस नहीं ले सकता. संदेश में लिखा है, "मैं रेस्टोरेंट को प्रमोशनल गतिविधियों के लिए मुझसे संपर्क करने की अनुमति देता हूं." रेस्टोरेंट्स क्यों चाहते हैं डेटा? रेस्टोरेंट्स लंबे समय से यह शिकायत कर रहे थे कि डेटा मास्किंग उन्हें ग्राहकों के साथ सीधे जुड़ने से रोकती है. NRAI ने इस मुद्दे पर Zomato और Swiggy के खिलाफ CCI (भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग) में "प्रतिस्पर्धा-विरोधी प्रथाओं" के लिए शिकायत भी दर्ज कराई थी. रेस्टोरेंट्स का कहना है कि यह उन्हें उपभोग पैटर्न को बेहतर ढंग से समझने, मार्केटिंग लागत को सही ढंग से चैनलाइज़ करने और ग्राहकों के लिए सेवाओं को पर्सनलाइज़ करने में मदद करेगा.उदाहरण के लिए, यदि भोजन के ऑर्डर में कोई समस्या हो या वे किसी प्राथमिकता की पुष्टि करना चाहें तो रेस्तरां सीधे उपयोगकर्ता को कॉल कर सकते हैं. गोपनीयता जोखिम और राजनीतिक विरोध इस कदम ने तत्काल एक गोपनीयता विवाद को जन्म दिया है, क्योंकि सोशल मीडिया यूजर्स इसे स्पैम मैसेजेज के लिए गेट खोलने वाला बता रहे हैं.शिवसेना (यूबीटी) की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'ज़ोमैटो भले ही इसे पारदर्शिता बढ़ाने वाला कदम समझती हो, लेकिन एक ग्राहक के लिए यह डेटा गोपनीयता का उल्लंघन है.  अगर ज़ोमैटो और ऐप्स एकतरफ़ा ऐसा रुख़ अपनाते हैं, तो आईटी पर स्थायी समिति की सदस्य होने के नाते मैं डेटा गोपनीयता क़ानूनों के उल्लंघन की जांच करने का अनुरोध करूंगी.' मिलिंद देवड़ा (राज्यसभा सांसद), ने कहा,  "ज़ोमैटो और स्विगी ग्राहकों के मोबाइल नंबर रेस्टोरेंट के साथ साझा करने की योजना बना रहे हैं. इससे निजता के जोखिम और बेहतर सेवा की आड़ में स्पैम बढ़ने का खतरा है. हमें नए डीपीडीपी नियमों के अनुरूप स्पष्ट और स्पष्ट ऑप्ट-इन दिशानिर्देशों की आवश्यकता है, ताकि उपभोक्ताओं के डेटा का सम्मान किया जा सके." मार्केटिंग विशेषज्ञ और व्यवसायी सुहेल सेठ ने कहा कि ऐसा कदम "पूरी तरह अस्वीकार्य" है. सेठ ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि सरकार इसकी बिल्कुल भी इजाज़त नहीं देगी. आगे चलकर, वे हमारी खान-पान की आदतों को सबके साथ साझा करेंगे!" विवाद के बीच, ज़ोमैटो के सीईओ आदित्य मंगला ने चिंताओं को कम करने की कोशिश की है. उन्होंने लिंक्डइन पर एक पोस्ट में कहा, "अगर सहमति मिल जाती है, तो रेस्टोरेंट के साथ सिर्फ़ फ़ोन नंबर ही साझा किया जाएगा. कोई और जानकारी साझा नहीं की जाएगी."

Yamaha Jog E: नया इलेक्ट्रिक स्कूटर, एक बार चार्ज करें तो चले 53 किलोमीटर

टोक्यो  जापान के बाज़ार में Yamaha मोटरसाइकिल ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी नई इलेक्ट्रिक स्कूटर Yamaha Jog E को पेश किया है. यह इलेक्ट्रिक स्कूटर खासतौर पर शहरी आवागमनकी ज़रूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, जो कॉम्पैक्ट और किफायती है. यह नया इलेक्ट्रिक मॉडल, Yamaha की लोकप्रिय ICE पावर्ड 'Jog' स्कूटर की लेगसी को आगे बढ़ाएगा और शहरी ग्राहकों को एक हाइटेक और ईको-फ्रेंडली ऑप्शन करेगा. स्वैपेबल बैटरी सिस्टम Yamaha Jog E में स्वैपेबल बैटरी सिस्टम दिया गया है, इस टेक्नोलॉजी को Honda, Suzuki, Yamaha और Kawasaki ने मिलकर तैयार किया है. Jog E में 1.5 kWh का सिंगल स्वैपेबल बैटरी पैक लगाया गया है. हालांकि, इसकी रेंज थोड़ी कम है; फुल चार्ज होने पर यह मात्र 53 किमी की रेंज (30 किमी/घंटा की स्थिर गति पर) प्रदान करती है. इसमें AC सिंक्रोनस मोटर लगी हुई है, जो 2.3 PS की मैक्सिमम पावर और दमदार 90 Nm का टॉर्क जनरेट करती है. यह टॉर्क इसे शहर के ट्रैफिक में तेज़ी से पिक-अप देने में मददगार होगा. डिज़ाइन और फीचर्स Yamaha Jog E का डिज़ाइन काफी सिम्पल, क्लीन और हाइटेक है. इसे दो आकर्षक रंगों – डार्क ग्रे मैटेलिक और लाइट ग्रे – में पेश किया गया है. इसके डिज़ाइन में ऑल-LED लाइटिंग, पॉलीगोनल हेडलैंप, सर्कुलर मिरर्स और फ्लैट बॉडी पैनल जैसे फीचर्स शामिल हैं. सुविधाओं की बात करें तो, इसमें 500 ml का फ्रंट यूटिलिटी पॉकेट, एक USB Type-A चार्जिंग स्लॉट, सामान टाँगने के लिए बड़ा हुक, सीट के नीचे स्टोरेज और एक उल्टी (Inverted) LCD इंस्ट्रूमेंट स्क्रीन दी गई है. राइडिंग को बेहतर बनाने के लिए इसमें तीन अलग-अलग राइडिंग मोड्स भी दिए गए हैं. व्हील, ब्रेक और सस्पेंशन का सेटअप सवारी को आरामदायक और नियंत्रित बनाने के लिए Jog E में उचित सेटअप दिया गया है. इसके अगले पहिये का साइज़ 12-इंच है, जबकि पिछले पहिये का साइज़ 10-इंच रखा गया है. ब्रेकिंग सिस्टम में आगे की तरफ डिस्क ब्रेक और पीछे की तरफ ड्रम ब्रेक दिया गया है, जो कॉम्बी ब्रेक सिस्टम (CBS) के साथ आता है. सस्पेंशन के लिए, स्कूटर में आगे की तरफ टेलिस्कोपिक फोर्क और पीछे की तरफ डुअल शॉक एब्जॉर्बर का इस्तेमाल किया गया है, जो शहर की सड़कों पर झटकों को प्रभावी ढंग से झेलने में मदद करेंगे. कॉम्पैक्ट डिजाइन  Jog E को कॉम्पैक्ट बनाने पर जोर दिया गया है, जिसकी कुल लंबाई 1795 मिमी, चौड़ाई 680 मिमी और ऊँचाई 1140 मिमी है, जबकि इसका व्हीलबेस 1300 मिमी है. इसकी सीट की ऊँचाई 740 मिमी है, जो इसे छोटे कद के राइडर्स के लिए भी सुविधाजनक बनाती है. बैटरी सहित इसका कुल वज़न मात्र 93 किग्रा है, जो इसे हैंडल करने में बहुत हल्का बनाता है. हालांकि, यह स्कूटर सिर्फ़ एक यात्री (Single Rider) की क्षमता के साथ आती है, जो इसकी कॉम्पैक्ट शहरी प्रकृति को दर्शाता है. इसका ग्राउंड क्लीयरेंस 135 मिमी है. कीमत  Yamaha Jog E इलेक्ट्रिक स्कूटर की कीमत 10% कंज्यूमर टैक्स सहित 159,500 जापानी येन रखी गई है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग ₹90,000 के आसपास है. यह कीमत केवल स्कूटर के लिए है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि ग्राहकों को बैटरी पैक और स्वैपिंग सर्विस का खर्च अलग से वहन करना होगा. यह स्वैपेबल बैटरी मॉडल उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो लंबे चार्जिंग टाइम से बचना चाहते हैं.  

23 नवंबर से फ्लिपकार्ट सेल का धमाका, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य उत्पादों पर भारी डिस्काउंट

मुंबई  कार्ट की ब्लैक फ्राइडे सेल में स्मार्टफोन, लैपटॉप, टीवी, होम एंटरटेनमेंट, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर सहित कई प्रोडक्ट्स भारी छूट देखने को मिलेगी। इस सेल में बैंक डेबिट/क्रेडिट कार्ड व UPI से एक्स्ट्रा डिस्काउंट भी मिल जायेगा। वहीं अमेजन भी जल्द ब्लैक फ्राइडे सेल की घोषणा कर सकती है। Flipkart Black Friday Sale 2025 की तारीख और तैयारी Flipkart ने घोषणा की है कि उनकी Black Friday Sale 2025 की शुरुआत 23 नवंबर 2025 से होगी। उम्मीद है कि डिस्काउंट और बैंक ऑफर्स इस बार पहले से भी आकर्षक होंगे। Microsite पर टैगलाइन दी गई है “Bag The Biggest Deals" जिसका संकेत है कि सीमित स्टॉक में बम्पर छूट हो सकती है। कौन-कौन से प्रोडक्ट पर मिलेगी तगड़ी छूट इस सेल में प्रमुख रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स पर जोर है जैसे स्मार्टफोन, स्मार्टवॉच, टीवी, लैपटॉप, पीसी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर आदि पर 70% तक की बड़ी छूट मिलेगी। इसके अलावा, होम डेकोर, एप्पेयरल, डेली एसेन्शल्स भी डिस्काउंट के दायरे में होंगे। स्मार्टफोन-लैपटॉप की डील पर फोकस हालांकि ट्रेंडिंग गैजेट्स की डील्स हमेशा आकर्षित करती हैं, लेकिन इस साल के Black Friday में खास तौर पर स्मार्टफोन और लैपटॉप मॉडल्स पर विशेष छूट देखी जा सकती है। Microsite में ‘Asus Chromebook’ जैसी लिस्टिंग पहले ही दिखी है। खरीददारों को सलाह है कि नये या पिछले जनरेशन के मॉडल्स पर नजर रखें क्योंकि बैंक ऑफर्स और डिस्काउंट मिलकर कीमत को काफी कम कर सकते हैं। Home Appliances पर सेल सर्दियों के मद्देनज़र, हीटर, गीजर, वाशिंग मशीन जैसे होम एप्लायंस की डिमांड बढ़ जाती है। Flipkart ने बताया है कि इस बार ऐसे प्रोडक्ट्स को भी सेल में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ घरेलू जरूरतों की चीजों में भी बजट-फ्रेंडली अवसर मिल सकते हैं।

भोपाल में 21–23 नवंबर तक फेड एक्सपो 2025, 100+ MSME इकाइयाँ प्रस्तुत करेंगी नवाचार, विदेशी प्रतिनिधियों की होगी भागीदारी

GIA Exhibition Center में तीन दिवसीय आयोजन; BHEL, BEML, रेलवे, रक्षा प्रतिष्ठान सहित बड़ी औद्योगिक इकाइयों की मौजूदगी—MSME को वेंडर रजिस्ट्रेशन, B2B–B2G मीटिंग और निवेशकों से जुड़ने का बड़ा अवसर भोपाल फेडरेशन ऑफ एम.पी. चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FMPCCI) आगामी 21 नवंबर से 23 नवंबर 2025 तक GIA Exhibition Center, भोपाल में फेड एक्सपो 2025 का आयोजन करने जा रहा है। तीन दिनों तक चलने वाली इस औद्योगिक प्रदर्शनी में 100 से अधिक MSME इकाइयाँ अपने उत्पाद और तकनीकी नवाचारों का प्रदर्शन करेंगी। यह आयोजन न सिर्फ उद्योगों और सरकारी उपक्रमों के बीच संवाद को बढ़ावा देगा, बल्कि नए व्यापारिक अवसरों के सृजन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। सरकारी व बड़ी औद्योगिक कंपनियों की सक्रिय भागीदारी एक्सपो में भारत की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ—BHEL, BEML, रेलवे, रक्षा प्रतिष्ठान, HEG, बीना रिफायनरी, सहित कई बड़ी औद्योगिक इकाइयाँ भाग ले रही हैं। इसके अलावा राज्य शासन के विभिन्न विभागों एवं क्षेत्रीय औद्योगिक संस्थान भी कार्यक्रम में अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराएंगे। MSME को वेंडर बनने का अवसर इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य MSME उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराना है। प्रदर्शनी के दौरान MSME कंपनियों को सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों के सामने अपने उत्पाद प्रस्तुत करने और वेंडर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया समझने का मौका मिलेगा। विशेष सत्रों में सरकारी क्रय नीतियों, ‘मेक इन इंडिया’ अभियान, तकनीकी नवाचार और सप्लाई चेन मॉडल पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। बायर-सेलर मीट और बड़ी कंपनियों के प्रोक्योरमेंट प्लान साझा होंगे कार्यक्रम के दौरान आयोजित वेंडर डेवलपमेंट और बायर-सेलर मीट में बड़ी सार्वजनिक एवं निजी कंपनियाँ अपने प्रोक्योरमेंट प्लान, वेंडर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया और सप्लाई चेन अवसरों को साझा करेंगी। साथ ही वर्कशॉप एवं सेमिनार में नवाचार, तकनीकी उन्नयन, MSME फाइनेंस और निर्यात प्रोत्साहन जैसे विषयों पर विशेषज्ञ मार्गदर्शन दिया जाएगा। 15 देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी—अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक अवसरों के लिए उपयुक्त मंच फेड एक्सपो 2025 में अंतरराष्ट्रीय भागीदारी भी आकर्षण का केंद्र बनेगी। कार्यक्रम में रूस से 10, ओमान से 4, ताइवान से 1, तथा अन्य देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। विदेशी उद्यमियों की उपस्थिति से प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों को प्रत्यक्ष अंतरराष्ट्रीय संपर्क, साझेदारी और निर्यात के नए अवसर प्राप्त होंगे। इससे भारत और सहभागी देशों के बीच औद्योगिक संबंध मजबूत होंगे और बाइलैटरल ट्रेड को बढ़ावा मिलेगा। स्टार्टअप और शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी बड़ा मंच प्रदेश की कई शैक्षणिक संस्थाएँ और स्टार्टअप भी इस एक्सपो में हिस्सा ले रहे हैं। स्टार्टअप्स के लिए विशेष पिचिंग सेशन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें उन्हें देश के प्रख्यात वेंचर कैपिटलिस्ट्स— यज्ञेश संघराजका, पुरुषोत्तम मोदानी, विवेक कृष्ण, अनन्या सरकार, नितिन देशवाल और चाहत अग्रवाल के सामने अपने आइडिया, विजन और प्रोडक्ट प्रस्तुत करने का मौका मिलेगा। इन निवेशकों का संयुक्त टर्नओवर करीब 1000 करोड़ रुपये है, जो स्टार्टअप्स के लिए बड़ी संभावना लेकर आता है। B2B–B2G मीटिंग्स और निवेशकों से सीधा संपर्क तीन दिवसीय एक्सपो के दौरान स्थानीय उद्योग, अंतरराष्ट्रीय खरीदारों, निवेशकों, विभिन्न बैंकों और MSME सहायता एजेंसियों के साथ नेटवर्किंग सत्र और B2B–B2G मीटिंग्स आयोजित होंगी। इससे प्रदेश के उद्यमियों को निर्यात, निवेश और सहयोग के कई नए रास्ते मिलेंगे। उद्यमियों से अधिक संख्या में भाग लेने का आग्रह फेडरेशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि यह एक्सपो MSME क्षेत्र के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने उद्यमियों से अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर इस अवसर का लाभ उठाने और अपने व्यवसाय को नई दिशा देने का अनुरोध किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गोविंदपुरा एसोसिएशन के अध्यक्ष श्विजय गौर, फेडरेशन के प्रबंध समिति सदस्य योगेश गोयल,  सी.बी. मालपानी, राजीव जैन सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।

Porsche Cayenne Electric की एंट्री: क्या है कीमत और क्या-क्या मिलेंगे नए फीचर्स?

नई दिल्ली पोर्शे ने भले ही अपनी बड़ी ईवी योजनाओं को धीमा कर दिया हो, लेकिन कंपनी ने भारत में अपना तीसरा और अब तक का सबसे पावरफुल इलेक्ट्रिक मॉडल पोर्शे कैयेन इलेक्ट्रिक लॉन्च कर दिया है। Porsche Cayenne Electric की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत 1.75 करोड़ रुपये रखी गई है। यह कंपनी की दूसरा इलेक्ट्रिक एसयूवी है। और 1,100 bhp से ज्यादा पावर वाली Turbo (टर्बो) ट्रिम कंपनी का अब तक का सबसे पावरफुल प्रोडक्शन मॉडल भी है। पावरट्रेन और परफॉर्मेंस Cayenne Electric में रेंज के सभी मॉडल्स में डुअल इलेक्ट्रिक मोटर सेटअप मिलता है, यानी ऑल-व्हील ड्राइव स्टैंडर्ड है। स्टैंडर्ड मॉडल 402 bhp देता है, जो लॉन्च कंट्रोल के साथ बढ़कर 435 bhp और 835 Nm तक पहुंच जाता है। इस सेटअप के साथ बेस Cayenne EV 0-100 किमी प्रति घंटा सिर्फ 4.8 सेकंड में पूरा करता है और 230 किमी प्रति घंटा की टॉप स्पीड हासिल करता है। वहीं, सबसे ज्यादा ध्यान खींचती है Cayenne Turbo Electric, जिसकी पावर पोर्शे की Taycan से भी ज्यादा है। इलेक्ट्रिक कार होने के बावजूद टर्बो नाम भले अजीब लगे, लेकिन 845 bhp और पुश-टू-पास फीचर से 173 bhp का अतिरिक्त बूस्ट इसे बेहद खास बनाता है। लॉन्च कंट्रोल एक्टिव होते ही कुल पावर 1,139 bhp और 1,500 Nm तक पहुंचती है। जिससे कार 0-100 किमी प्रति घंटा केवल 2.5 सेकंड में और 0-200 किमी प्रति घंटा सिर्फ 7.4 सेकंड में कर लेती है। इसकी टॉप स्पीड 260 किमी प्रति घंटा है। ब्रेकिंग और हैंडलिंग इतनी पावर को संभालने के लिए ब्रेकिंग भी उसी स्तर की चाहिए। पोर्शे का दावा है कि 97 प्रतिशत तक ब्रेकिंग केवल इलेक्ट्रिक मोटर्स द्वारा ही रिकुपरेटिव ब्रेकिंग से की जा सकती है। यह सिस्टम 600 kW तक ऊर्जा वापस खींच सकता है, लगभग Formula E के स्तर पर। टर्बो मॉडल में ग्राहक चाहें तो सेरामिक कंपोजिट ब्रेक्स भी जोड़ सकते हैं। दोनों वेरिएंट पोर्शे एक्टिव सस्पेंशन मैनेजमेंट (PASM) सिस्टम के साथ आते हैं। टर्बो में अतिरिक्त पोर्शे टॉर्क वेक्टरिंग प्लस लिमिटेड-स्लिप डिफरेंशियल भी मिलता है। साथ ही, दोनों मॉडल्स में रियर-एक्सल स्टीयरिंग और एक्टिव राइड सिस्टम विकल्प के रूप में उपलब्ध हैं। जो तेज एक्सेलेरेशन, ब्रेकिंग या कॉर्नरिंग के दौरान बॉडी रोल, डाइव और लिफ्ट को कम करते हैं। बैटरी, रेंज और चार्जिंग Cayenne EV में 800V आर्किटेक्चर के साथ 113 kWh की हाई-वोल्टेज बैटरी दी गई है, जो 400 kW तक की फास्ट चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसके जरिए बैटरी 10-80 प्रतिशत सिर्फ 16 मिनट से भी कम समय में चार्ज हो सकती है। इस दौरान स्टैंडर्ड मॉडल 325 किमी, जबकि Turbo मॉडल 315 किमी रेंज दोबारा पा लेते हैं। कुल ड्राइविंग रेंज की बात करें तो:     स्टैंडर्ड वेरिएंट – 642 km (WLTP)     Turbo वेरिएंट – 623 km (WLTP) इस एसयूवी की सबसे अनोखी बात यह है कि यह वायरलेस इंडक्टिव चार्जिंग को सपोर्ट करती है। मालिक बस गाड़ी को 11 kW के फ्लोर प्लेट पर पार्क कर दें और बिना किसी केबल के चार्जिंग शुरू हो जाती है। पोर्शे का दावा है कि पैड और रिसीवर के बीच 4 इंच तक का मिसअलाइन्मेंट भी चलेगा। कीमत और बुकिंग डिटेल्स भारत में Cayenne Electric की कीमत स्टैंडर्ड वेरिएंट के लिए 1.75 करोड़ रुपये है। और Cayenne Turbo Electric की कीमत 2.26 करोड़ रुपये रखी गई है। दोनों कीमत एक्स-शोरूम हैं। इस इलेक्ट्रिक एसयूवी की बुकिंग शुरू हो चुकी हैं और डिलीवरी 2026 की दूसरी छमाही से शुरू होने की उम्मीद है।

ED ने अनिल अंबानी के ग्रुप की संपत्ति 9,000 करोड़ रुपये जब्त की, कार्रवाई जारी

मुंबई     देश के सबसे अमीर इंसान मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) के छोटे भाई अनिल अंबानी (Anil Ambani) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. बीते कुछ समय में प्रवर्तन निदेशालय यानी ED ने उनके नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों पर तगड़ा एक्शन लिया है और ये कार्रवाई लगातार जारी है. मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अब तक ईडी द्वारा की गई कुर्की की कार्रवाई में करीब 9000 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां जब्त की जा चुकी हैं. मुंबई से चेन्नई तक ईडी का एक्शन एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) ने अनिल अंबानी ग्रुप ऑफ कंपनीज से जुड़ी 1400 करोड़ रुपये वैल्यू के एसेट्स को लेकर नए प्रोविजनल अटैचमेंट का ऑर्डर दिया है. इससे पहले ED Action के तहत करीब 7500 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई थी और नए ऑर्डर के साथ अब अनिल अंबानी के रिलायंस ग्रुप की जब्त की गई संपत्ति की कुल वैल्यू 9000 करोड़ रुपये हो चुकी है. अटैच किए गए एसेट्स नवी मुंबई, चेन्नई, पुणे और भुवनेश्वर में फैले हुए हैं.   बता दें कि बीते 31 अक्टूबर 2025 को PMLA की धारा 5(1) के तहत कुर्की के आदेश जारी किए गए थे. उस समय रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) द्वारा जुटाए गए सार्वजनिक धन के कथित दुरुपयोग से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundring) के मामले में 40 से ज्यादा संपत्तियां अस्थायी रूप से जब्त की गई थीं. ईडी ने जिन 7,500 करोड़ रुपये की संपत्तियों को कुर्क किया था, उनमें मुंबई के बांद्रा वेस्ट, पाली हिल में स्थित उनका एक आवास भी शामिल था. वहीं अब नए एसेट्स भी जब्त किए गए हैं.  14 नवंबर को ED ने किया था तलब Anil Ambani Reliance Group पर ईडी की लगातार कार्रवाई के बीच हालांकि, उनकी कंपनियों की ओर से सफाई भी जारी की जा चुकी है. इसमें साफ किया गया कि इससे उनके बिजनेस पर कोई असर नहीं पड़ा है. कंपनी ने बीते दिनों स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा था कि ईडी द्वारा कुर्क की गईं ज्यादातर संपत्तियां रिलायंस कम्युनिकेशन (Reliance Communication) की हैं, जो 6 साल से कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) से गुजर रही है. रिलांयस पावर और रिलायंस इंफ्रा की परफॉर्मेंस पर भविष्य में भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय ने अनिल अंबानी को 14 नवंबर को ईडी कार्यालय में भी बुलाया था.  ED ने की अनिल अंबानी ग्रुप की 7500 करोड़ की संपत्त‍ि जप्त  अनिल अंबानी की मुश्किलों को बढ़ाने वाला मनी लॉन्ड्रिंग केस उन आरोपों से संबंधित है, जिनमें कहा गया कि आरएचएफएल और आरसीएफएल के जरिए जुटाए गए सार्वजनिक धन को अनिल अंबानी समूह से जुड़ी संस्थाओं से जुड़े लेन-देन के दौरान डायवर्ट और लॉन्ड्रिंग किया गया था. अनिल अंबानी के शेयरों पर एक नजर अनिल अंबानी की कंपनियों के शेयरों (Anil Ambani Shares) पर नजर डालें, तो सप्ताह के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को उनकी कंपनी रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर का शेयर (Reliance Infra Share) खबर लिखे जानें तक 4.10 फीसदी की गिरावट लेकर 172 रुपये पर ट्रेड कर रहा था. वहीं दूसरी ओर Reliance Power Share मामूली तेजी के साथ 40 रुपये पर ट्रेड कर रहा है.   

इंडिया-US ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल स्टेज पर, टैरिफ में बड़ी कटौती की उम्मीद

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है, और अब बस इसकी घोषणा का इंतजार है। यह वही समझौता है जिसके तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय सामान पर लगाए गए 50% तक के भारी शुल्क को दोबारा से रिव्यू किया जा सकता है। क्या भारत को आखिरकार राहत मिलने वाली है? अभी अमेरिका ने भारत पर कितना ट्रैफिक लगा रखा है? पिछले कुछ सालों में अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर भारी शुल्क लगने से व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है। रूसी तेल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव के बाद अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25% पारस्परिक शुल्क और 25% अतिरिक्त पेनल्टी लगा दी थी। इससे भारत के निर्यात की प्रतिस्पर्धा काफी कम हो गई थी। लेकिन अब ऐसी खबरें हैं कि भारत और अमेरिका दोनों इस टैरिफ मुद्दे को हल करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि, “ट्रेड डील का पहला पैकेज लगभग अंतिम चरण में है। यह पैकेज पारस्परिक शुल्कों को संबोधित करेगा।” इसका मतलब साफ है कि इस डील का पहला चरण भारी शुल्कों में बड़ी राहत दे सकता है, जो भारतीय उद्योग और किसानों के लिए बड़ी खबर है। क्या ट्रंप के भारी टैरिफ अब हट जाएंगे? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका भारत पर लगाए गए भारी जुर्माने (25% पेनल्टी) को वापस लेगा? अधिकारी का कहना है कि “अगर यह 25% पेनल्टी नहीं हटती, तो इस समझौते का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।” यानी भारत साफ संकेत दे चुका है कि बिना टैरिफ रिलीफ के वह यह डील आगे नहीं बढ़ाएगा। कृषि उत्पादकों को क्या मिलेगा बड़ा फायदा? अमेरिका ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए चाय, कॉफी, मसाले, कोको, उष्णकटिबंधीय फल, जूस, टमाटर, केले, संतरे और बीफ़ जैसे उत्पादों पर से पारस्परिक शुल्क हटा दिए हैं। भारत इन वस्तुओं का 1 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात करता है। यानि इस फैसले से भारतीय किसानों और कृषि निर्यातक कंपनियों को बड़ी राहत मिल सकती है। क्या अमेरिका 500% टैरिफ लगाने की तैयारी में है? यहीं कहानी और रोचक हो जाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि “अगर कोई देश रूस के साथ व्यापार करता है, तो अमेरिका 500% तक टैरिफ लगाने में हिचकेगा नहीं।” यानी अमेरिका अब एक नया कड़ा कानून लाने पर विचार कर रहा है, जिसमें रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी प्रतिबंध होंगे। यहां सवाल उठता है-     क्या भारत भी इस नीति की चपेट में आ सकता है?     क्या इस वजह से भारत-अमेरिका व्यापार डील और तेज की जा रही है? इस मुद्दे ने पूरी चर्चा को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया है। क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील रिश्तों में बड़ा मोड़ साबित होगी? भारत और अमेरिका लंबे समय से व्यापारिक मतभेदों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर पहला चरण सफल होता है, तो आने वाले महीनों में और भी कई पैकेज लाए जा सकते हैं। यह डील न सिर्फ भारतीय उद्योगों को फायदा देगी बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।

देखते ही ग्राहकों को भा गई Kawasaki W230, रॉयल एनफील्ड के लिए चुनौती बढ़ी

नई दिल्ली Kawasaki w230: कावासाकी ने हाल ही में यूके बाज़ार में अपनी नई 2026 मॉडल की W230 रेट्रो-रोडस्टर मोटरसाइकिल को पेश किया है, जिसकी कीमत और डिलीवरी साल 2026 में शुरू होने की उम्मीद है. यह बाइक Kawasaki के प्रतिष्ठित 'W' लाइनअप का विस्तार है और इसका डिज़ाइन क्लासिक रेट्रो-रोडस्टर थीम पर आधारित है. भारत के संदर्भ में यह लॉन्च काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि विशेषज्ञ यह अनुमान लगा रहे हैं कि कंपनी आने वाले वर्षों में भारतीय बाज़ार में बिक रही W175 की जगह W230 को पेश कर सकती है. यह 233cc की बाइक अपनी इंजन क्षमता और स्टाइल के साथ सीधे तौर पर भारत में Royal Enfield Hunter 350 जैसी लोकप्रिय रेट्रो बाइक्स को कड़ी टक्कर देगी. 2. डिज़ाइन और स्पेसिफिकेशन्स  Kawasaki W230 एक बेहद आकर्षक रेट्रो डिज़ाइन के साथ आती है, जिसमें गोल हेडलाइट, क्रोम-फिनिश्ड फ्यूल टैंक और क्लासिक साइड पैनल का उपयोग किया गया है, जो इसे एक एलिगेंट लुक देते हैं. इस बाइक में 233cc का 4-स्ट्रोक, सिंगल-सिलेंडर, SOHC, 2 वाल्व, एयर-कूल्ड इंजन दिया गया है, जो लगभग 17 hp की हॉर्सपावर और 14.0 lb-ft का टॉर्क जनरेट करता है. यह इंजन 6-स्पीड ट्रांसमिशन के साथ जुड़ा हुआ है और इसमें एंटी-लॉक ब्रेक सिस्टम (ABS) जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीक भी मौजूद है. अपनी रेट्रो अपील के बावजूद, W230 का ग्राउंड क्लीयरेंस 5.9 इंच और व्हीलबेस 55.7 इंच है, जो इसे सड़कों पर स्थिर बनाता है. 3. इंजन और राइडिंग एक्सपीरियंस  W230 में इस्तेमाल किया गया 233cc का एयर-कूल्ड इंजन वही है जो कंपनी अपनी KLX230 में उपयोग करती है. हालांकि, रेट्रो-रोडस्टर होने के कारण W230 का गियरिंग (Gearing) लेडबैक और आरामदायक राइडिंग स्टाइल के अनुकूल अलग तरह से ट्यून किया जाएगा, जबकि KLX230 का गियरिंग ऑफ-रोड उपयोग के लिए अधिक आक्रामक होता है. इंजन की शक्ति शहरी यातायात और हल्की हाईवे राइडिंग दोनों के लिए पर्याप्त है. फ्रंट में 37mm टेलिस्कोपिक फोर्क और रियर में स्प्रिंग प्रीलोड एडजस्टेबिलिटी के साथ ट्विन शॉक्स मिलते हैं, जो आरामदायक सस्पेंशन सेटअप प्रदान करते हैं. 4. हल्का वज़न  Kawasaki W230 की सबसे बड़ी खूबी इसका कम वज़न और आसान हैंडलिंग है. इसका अनुमानित कर्ब वज़न (Kerb Weight) लगभग 143 किलोग्राम (315.3 lb) है, जो इसे अपने सेगमेंट की अन्य भारी बाइक्स की तुलना में काफी हल्का बनाता है. इसके अलावा, इसकी सीट की ऊँचाई केवल 745mm (29.3 इंच) है. यह कम सीट हाइट और हल्का वज़न इस बाइक को नए राइडर्स, छोटे कद वाले सवारों और शहर में रोज़ाना आवागमन करने वालों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाती है, क्योंकि इसे ट्रैफिक में संभालना बहुत आसान होगा. बाइक में 12-लीटर का फ्यूल टैंक दिया गया है, जो छोटे सफर के लिए पर्याप्त है. 5. भारत में लोकलाइज़ेशन भारत में, Kawasaki W175 को उसके फीचर्स और कीमत के अनुपात में महंगा माना जाता है, जिससे वह बाज़ार में अपनी मज़बूत पकड़ नहीं बना पाई है. इसी को देखते हुए, W230 भारत के लिए एक गेम चेंजर साबित हो सकती है. चूंकि Kawasaki ने अपनी KLX230 के कुछ हिस्सों का भारत में लोकलाइज़ेशन किया है, जिससे उसकी कीमत काफी कम हुई है, यह उम्मीद की जा रही है कि W230 को भी बड़े पैमाने पर लोकलाइज़ किया जाएगा. अगर इसकी कीमत W175 के मुकाबले आकर्षक रखी जाती है, तो यह न केवल Yamaha XSR 155 जैसे उभरते रेट्रो सेगमेंट को चुनौती देगी, बल्कि रॉयल एनफील्ड हंटर 350 को भी कड़ी टक्कर देने की क्षमता रखेगी, जिससे यह भारतीय रेट्रो-रोडस्टर सेगमेंट में एक मजबूत दावेदार बन जाएगी.