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फिनइन्फ्लुएंसर अवधूत साठे पर SEBI की कार्रवाई, ट्रेडिंग एकेडमी के फाउंडर को लौटाने होंगे ₹546 करोड़

मुंबई  SEBI ने अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (ASTA) के फाउंडर अवधूत साठे को सिक्योरिटीज मार्केट से बैन कर दिया है और 546 करोड़ रुपये जब्त करने का आदेश दिया है. रेगुलेटर ने कहा कि ये पैसा बिना रजिस्ट्रेशन वाली इन्वेस्टमेंट एडवाइजरी एक्टिविटी के जरिए इकट्ठा किया गया था, जिसने हजारों रिटेल इन्वेस्टर्स को गुमराह किया है. ये भारत में किसी फिनफ्लुएंसर से जब्त की गई अब तक की सबसे बड़ी रकम है. 4 दिसंबर को जारी किया गया ये आदेश, SEBI के फिनफ्लुएंसर इकोसिस्टम को साफ करने की कोशिश में एक टर्निंग पॉइंट है, जहां कई ऑनलाइन ट्रेनर एजुकेशन देने का दावा करते हैं लेकिन बिना किसी रेगुलेटरी लाइसेंस के स्पेसिफिक स्टॉक टिप्स, गाइडेंस और लाइव ट्रेडिंग कॉल देते हैं. SEBI की नजर में कैसे आया ये मामला  SEBI की जांच तब शुरू हुई जब शिकायतें मिलीं कि साठे की एकेडमी सिर्फ ट्रेडिंग कोर्स ही नहीं दे रही थी. बल्कि लाइव मार्केट सेशन के दौरान खरीदने और बेचने के कॉल भी दे रही थी. जांच शुरू होने के बाद SEBI ने वीडियो, व्हाट्सएप मैसेज, सोशल मीडिया कंटेंट, पेमेंट स्ट्रक्चर और पार्टिसिपेंट्स की गवाही का एनालिसिस किया. SEBI द्वारा बताए गए एक उदाहरण में साठे को एक लाइव ट्रेडिंग सेशन करते हुए दिखाया गया था. जहां उन्होंने पार्टिसिपेंट्स को एक खास कीमत पर बैंक निफ्टी फ्यूचर्स ट्रेड में एंट्री करने का निर्देश दिया था, साथ ही स्टॉप-लॉस और टारगेट भी बताया था.  SEBI ने कहा कि ये बात एजुकेशन से कहीं आगे की थी और ये सीधे तौर पर इन्वेस्टमेंट रिकमेंडेशन बन गया था.  गारंटीड रिटर्न का झूठा एहसास SEBI ने बताया कि एकेडमी के 'काउंसलिंग बैच' एक स्ट्रक्चर्ड सिस्टम थे जिसके जरिए साठे और उनकी टीम पार्टिसिपेंट्स को रियल ट्रेड पर गाइड करती थी. अक्सर तुरंत इंस्ट्रक्शन देने के लिए प्राइवेट व्हाट्सएप ग्रुप का इस्तेमाल करती थी. इनमें से कुछ ग्रुप में सैकड़ों मेंबर थे जो ज्यादा फीस देते थे. SEBI ने पाया कि ASTA अक्सर हाई-प्रोबेबिलिटी स्ट्रेटेजी का एडवर्टाइजमेंट करती थी और कोर्स को प्रमोट करने के लिए प्रॉफिटेबल ट्रेड के स्क्रीनशॉट का इस्तेमाल करती थी. रेगुलेटर ने कहा कि इससे 'गारंटीड रिटर्न का झूठा एहसास' पैदा होता है, ये इन्वेस्टर-प्रोटेक्शन नियमों के खिलाफ है.  कौन हैं अवधूत साठे? देश के एक मशहूर फिनइन्फ्लुएंसर अवधूत साठे, अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (ASTA) के फाउंडर हैं. वो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग से जुड़े कोर्स बेचते हैं. साठे की एकेडमी 2017 के लॉन्च हुई थी और बाद में ये बड़ी एंटिटी बनाई गई. अवधूत साठे की एकेडमी में इंट्रो सेशन से लेकर हाई-एंड मेंटरशिप तक कई तरह के कोर्स दिए जाते हैं. 

इंडिगो की फ्लाइट्स कैंसिल होने से मुंबई-हैदराबाद सहित कई एयरपोर्ट्स पर पड़ा असर, 550 फ्लाइट्स रद्द

 नई दिल्ली   देश की प्रमुख एयरलाइंस इंडिगो के परिचालन संकट ने गुरुवार को भी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ा दीं. एयरलाइन ने पूरे देश में 550 से अधिक उड़ानें रद्द कीं, जिनमें अकेले दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद और हैदराबाद में 191 उड़ानें प्रभावित हुईं. हजारों यात्रियों को लंबी कतारों, इंतजार और अनिश्चितता का सामना करना पड़ा. अब हालात बिगड़ने और डीजीसीए की सख्ती के बीच इंडिगो ने आधिकारिक बयान जारी कर मौजूदा स्थिति पर माफी मांगी और जल्द सामान्य संचालन बहाल करने का भरोसा दिया. एयरलाइन ने कहा, “पिछले दो दिनों में इंडिगो के नेटवर्क और संचालन में व्यापक व्यवधान आया है. हम सभी यात्रियों और हितधारकों से खेद प्रकट करते हैं. हमारी टीमें MOCA, DGCA, BCAS, AAI और एयरपोर्ट ऑपरेटरों के साथ समन्वय कर स्थिति को सामान्य करने में जुटी हैं. ग्राहकों को लगातार अपडेट दिया जा रहा है और उनसे अपने उड़ानों की स्थिति जांचने की अपील की गई है.” नवबंर महीने में 1200 से अधिक फ्लाइट्स रद्द बता दें कि इंडिगो, जो प्रतिदिन लगभग 3.8 लाख यात्रियों को सेवा देती है, पिछले कुछ दिनों से गंभीर परिचालन चुनौतियों से जूझ रही है. देश की सबसे बड़ी एयरलाइन मानी जाने वाली इंडिगो सामान्य दिनों में करीब 2,300 उड़ानें संचालित करती है. आंकड़ों के अनुसार, नवंबर महीने में ही एयरलाइन को 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं, जबकि कई उड़ानें घंटों देरी से चलीं. डीजीसीए ने लगाई फटकार इस प्रदर्शन में गिरावट के बाद डीजीसीए ने जांच का आदेश दिया और एयरलाइन से विस्तृत कारण बताए जाने को कहा. जवाब में इंडिगो ने बताया कि 1,232 उड़ानों में से 755 उड़ानें स्टाफ की कमी के कारण रद्द हुईं. 92 ATC फेलियर, 258 एयरपोर्ट प्रतिबंध और 127 अन्य कारणों के कारण रद्द हुईं. डीजीसीए ने सेवा गुणवत्ता में सुधार के लिए नए कदम उठाने, अधिक क्रू भर्ती, बेहतर योजना और निगरानी की सलाह दी है. सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई नाराजगी बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन के कारण हजारों यात्रियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई, वीडियो और तस्वीरें शेयर करके एयरलाइन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए. कई यात्रियों ने टिकट रिफंड, रीबुकिंग में देरी और जानकारी की कमी को लेकर शिकायतें कीं. इस बीच, इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्ट ने कर्मचारियों के नाम भेजे ईमेल में स्थिति पर चिंता जताई और इसे कई परिचालन चुनौतियों का मिश्रित परिणाम बताया. यह ईमेल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. उन्होंने लिखा, “हम रोजाना 3.8 लाख यात्रियों की सेवा करते हैं और चाहते हैं कि हर ग्राहक को अच्छा अनुभव मिले. पिछले दिनों हम यह वादा पूरा नहीं कर सके और हमने सार्वजनिक रूप से इसके लिए माफी मांगी है.” उन्होंने परिचालन संकट के कारण गिनाए, जिनमें शामिल हैं- मामूली तकनीकी खामियां, शेड्यूल बदलाव, खराब मौसम, एविएशन सिस्टम में भीड़भाड़ और नई FDTL नॉर्म्स का प्रभाव. संकट से उबरने की कवायद इंडिगो ने दावा किया है कि परिचालन सुधार के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है. एयरलाइन का कहना है कि वह DGCA के निर्देशों का पालन करेगी और स्टाफ तथा प्रबंधन की कमी से जुड़ी समस्याओं को शीघ्र सुलझाएगी. फिलहाल यात्रियों को उड़ान स्थितियों की लगातार जांच करने और आवश्यक यात्रा दस्तावेजों के साथ समय से पहले एयरपोर्ट पहुंचने की सलाह दी गई है.

रेपो रेट पर RBI के संभावित फैसले से बाजार में हलचल, निवेशकों की घबराहट से गिरावट तेज़

मुंबई  भारतीय रिजर्व बैंक आज रेपो रेट पर फैसले का ऐलान करेगे. इससे पहले ही शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव दिखाई दे रहा है. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्‍स 150 अंक टूट गया, जबकि निफ्ट में 40 अंकों की गिरावट आई थी. लेकनि अभी तेजी के साथ निफ्टी 26000 के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि सेंसेक्‍स 85283 पर बना हुआ है.  बीएसई सेंसेक्‍स के 14 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 16 शेयरों में शानदार उछाल आई है. बैंकिंग, डिफेंस और आईटी शेयर  इस तेजी को लीड कर रहे हैं. सबसे ज्‍यादा उछाल जोमैटो, बीईएल और बजाज फाइनेस जैसे शेयरों में देखी जा रही है. रिलायंस, ट्रेंट, भारती एयरटेल और टाटा मोटर्स के श्‍ेयरों में करीब 1 फीसदी की गिरावट है.  ये शेयर सबसे ज्‍यादा टूटे  हिंदुस्‍तान कंस्‍ट्रक्‍शन कंपनी के शेयरों में आज करीब 8 फीसदी की गिरावट आई है, जो अभी 20 रुपये पर कारोबार कर रहा है. इसी तरह, Kaynes Technology India के शेयर 4 फीसदी से ज्‍यादा टूटे हैं. इंडिया सीमेंट और राउट मोबाइल के शेयर में 4 फीसदी की कमी आई है.  इन सेक्‍टर्स में उछाल  सेक्‍टर की बात करें तो मीडिया, मेटल, फार्मा, पीएययू बैंक, हेल्‍थकेयर, कंज्‍यूमर्स को छोड़कर आईटी, एफएमसीजी और ऑटो सेक्‍टर्स में उछाल आई है. इस सेक्‍टर्स के शेयर तेजी दिखा रहे हैं. वहीं डिफेंस शेयर भी अच्‍छी तेजी दिखा रहे है. बीएसई पर आज 3,342 शेयर एक्टिव हैं, जिसमें से 1326 शेयरों में उछाल दिख रही है और 1847 शेयरों में गिरावट आई है. वहीं 169 शेयर अनचेंज हैं. 42 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई पर है और 140 शेयर 52 सप्‍ताह के न‍िचले स्‍तर पर हैं. 72 शेयरों में अपर सर्किट और 66 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है. आरबीआई के फैसले का इंतजार  गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक की 2 दिनों तक चली मोनिटरी पॉलिसी की बैठक में लिए गए फैसले का आज ऐलान होगा. आरबीआई गवर्नर संजय मल्‍होत्रा आरबीआई के फैसले का ऐलान करेंगे, जिसमें रेपो रेट में कटौती का अनुमान लगाया जा रहा है. उम्‍मीद की जा रही है कि रेपो रेट में आरबीआई 25 बेसिस पॉइंट की कटौती कर सकता है. हालांकि अभी इस उम्‍मीद पर शेयर बाजार रिएक्‍ट नहीं कर रहा है. 

इलेक्ट्रिक व्हीकल बिक्री नवंबर में 61% बढ़ी, बावजूद इसके महीने-दर-महीने सेल्स में आई गिरावट

मुंबई   भारत का इलेक्ट्रिक पैसेंजर कार मार्केट नवंबर में साल-दर-साल 61 प्रतिशत बढ़ा है. बीते माह कार निर्माता कंपनियों ने कुल 14,739 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, जिससे यह साल 2025 का पांचवां सबसे अच्छा महीना बन गया. वहीं Tata Motors ने 42 प्रतिशत EV शेयर के साथ पहला स्थान हासिल किया है, जबकि JSW MG Motor और Mahindra टॉप तीन में अपनी जगह बनाए हुए हैं. नवंबर 2025 का महीना नई कार निर्माता कंपनियों के लिए भी एक खास महीना रहा. वियतनामी कार निर्माता VinFast भारत में मौजूद 16 EV कंपनियों में सातवें नंबर पर पहुंच गई, जबकि Tesla ने रिटेल एक्टिविटी का अपना तीसरा महीना पूरा किया. पुरानी कार निर्माताओं के पोर्टफोलियो बढ़ाने और नए ब्रांड्स के पॉपुलर होने के साथ, नवंबर के आंकड़ों से पता चलता है कि EV सेगमेंट मज़बूती से मज़बूत हो रहा है, भले ही अक्टूबर के पीक के बाद कुल PV सेल्स स्थिर हो गई हो. मास-मार्केट EV निर्माता Tata Motors की बिक्री: नवंबर में Tata Motors ने 42 प्रतिशत शेयर के साथ मास-मार्केट EV सेगमेंट में अपना दबदबा कायम रखा है. कंपनी के पोर्टफोलियो में Tata Punch EV और Nexon EV की ज़बरदस्त डिमांड सबसे आगे रही. वहीं Tiago EV ने भी लगातार वॉल्यूम बनाए रखा, जिससे कंपनी को दूसरे मेनस्ट्रीम प्लेयर्स पर अपनी बढ़त बनाने में मदद मिली. JSW MG Motor की बिक्री: नवंबर में MG Motor की EV सेल्स की बात करें तो यह स्टेबल रही. e-PV मार्केट में कंपनी ने 25 प्रतिशत शेयर पर कब्ज़ा किया, जिसे ज़्यादातर MG Windsor EV से सपोर्ट मिला. फरवरी (3,489 यूनिट्स) के बाद नवंबर 2025 का दूसरा सबसे कम बिक्री का महीना रहा, जबकि जुलाई में सालाना सबसे ज्यादा 5,350 यूनिट्स दर्ज किया गया. Mahindra Auto की बिक्री: Mahindra की बिक्री की बात करें तो कंपनी ने अपनी पकड़ बनाकर रखी है और Mahindra BE 6 और XEV 9e की डिमांड मज़बूत रही. कंपनी ने अपनी पहली मास-मार्केट तीन-रो वाली इलेक्ट्रिक SUV, Mahindra XEV 9S को भी लॉन्च किया है, जिससे इसकी लाइनअप बढ़ गई है. महिंद्रा ने पिछले महीने 2,940 इलेक्ट्रिक SUV बेचीं, जिससे उसे e-PV सेगमेंट में 20 प्रतिशत शेयर मिला. Kia India की बिक्री: Kia India की बात करें तो बीते माह कंपनी ने 463 यूनिट्स की बिक्री दर्ज की है, और इस बिक्री के साथ कंपनी बाजार में चौथा स्थान हासिल किया है. इस सफलता का मुख्य श्रेय पॉपुलर Kia Carens Clavis EV MPV को जाता है. पिछले महीने कंपनी का कुल EV शेयर 3 प्रतिशत था. BYD India की बिक्री: दुनिया की सबसे बड़ी EV बनाने वाली कंपनी की लोकल ब्रांच BYD India पांचवें नंबर पर आ गई है. कंपनी जनवरी से अपने Sealion 7 मॉडल की कीमत बढ़ाने का प्लान बना रही है. हालांकि, जो कस्टमर 31 दिसंबर से पहले बुकिंग करेंगे, उन्हें अभी की कीमतें ही मिलेंगी. Hyundai Motor India की बिक्री: Hyundai Motor ने नवंबर में 372 EV बेचीं, जो साल-दर-साल 1,671 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी है और कंपनी को 2.52 प्रतिशत EV मार्केट शेयर मिला. इस बढ़ोतरी में ज़्यादातर Hyundai Creta Electric का हाथ रहा है, हालांकि इस साल की शुरुआत में शुरुआती बढ़त के बाद बिक्री कम हो गई है. कुल मिलाकर, मास-मार्केट EV सेगमेंट में महीने-दर-महीने अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली, जिसमें बेहतर अवेलेबिलिटी, बढ़ते चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सस्ते व मिड-रेंज इलेक्ट्रिक मॉडल्स में बढ़ती दिलचस्पी ने मदद की.

सरकार का नया आदेश: पान मसाला के सभी आकार के पैकेटों पर MRP और जरूरी सूचनाएं देना अनिवार्य

 नई दिल्ली  पान मसाला उपभोक्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने एक नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी तरह के पान मसाला पैकेटों (चाहे उनका आकार और वजन कुछ भी हो) के ऊपर खुदरा बिक्री मूल्य (Retail Sale Price) और दूसरी जरूरी उपभोक्ता सूचनाएं प्रदर्शित करनी होंगी। यह नियम अगले साल 1 फरवरी से लागू करना अनिवार्य होगा। खुदरा मूल्य प्रदर्शित करना होगा इससे पहले, 10 ग्राम या उससे छोटे पान मसाला पैकेटों को कुछ अनिवार्य घोषणाएं नहीं करने से छूट मिली हुई थी। अक्सर इन छोटे पैकेटों पर कीमत नहीं लिखी होती थी, जिससे ग्राहकों को गुमराह किया जा सकता था। हालांकि, अब इस नए आदेश के बाद, इन छोटे पैक वाले पान मसाला पैकेटों के ऊपर भी खुदरा मूल्य प्रदर्शित करना होगा और उपभोक्ता संरक्षण (पैकेजिंग और लेबलिंग) नियम 2011 के तहत सभी आवश्यक घोषणाएं प्रदर्शित करनी होंगी। उत्पाद की बेहतर और स्पष्ट जानकारी उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि छोटे पैकेटों पर गुमराह करने वाली या धोखा देने वाली कीमतों को रोका जा सके। मंत्रालय को उम्मीद है कि इस पहल से ग्राहक को उत्पाद की बेहतर और स्पष्ट जानकारी मिलेगी, जिससे वे खरीदने का सही फैसला ले सकेंगे। यह आदेश सीधे तौर पर ग्राहकों के हितों की रक्षा करेगा।

GST राहत पर रुपये की मार, रोजमर्रा की चीज़ों के दाम होंगे बढ़े हुए: फोन से लिपस्टिक तक

नईदिल्ली   आजकल रुपया जिस रफ्तार से गिर रहा है, उसने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ने ही वाला है. असर सीधा उन चीज़ों पर पड़ने वाला है, जिन्हें आप और हम रोज़मर्रा में इस्तेमाल करते हैं, जैसे मोबाइल फोन, टीवी, लैपटॉप, एसी, फ्रिज, मेकअप और यहां तक कि गाड़ियां भी. हाल ही में सरकार ने जीएसटी कम किया था, जिससे ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन रुपये की यह गिरावट से वह भी कम होती दिख रही है. रुपये की कमजोरी सबसे ज्यादा उन कंपनियों को दिक्कत दे रही है, जो अपने प्रोडक्ट्स के पुर्ज़े या पूरा प्रोडक्ट विदेश से मंगाती हैं. पिछले कुछ महीनों से कच्चे माल की लागत बढ़ रही थी, फिर भी कंपनियां दाम बढ़ाने से हिचक रही थीं, क्योंकि जीएसटी घटने के बाद सरकार का रुख सख्त था. लेकिन अब जब डॉलर मजबूत और रुपया कमजोर हो गया है, तो कंपनियां इस नुकसान को और ज़्यादा झेल नहीं पा रही हैं. इकॉनमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और बड़े घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियों ने साफ़ कर दिया है कि दिसंबर से जनवरी के बीच वे कीमतों में 3 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेंगी. इसका कारण मेमोरी चिप, कॉपर और दूसरे जरूरी हिस्सों के दाम काफी बढ़ जाना बताया जा रहा है. कई चीज़ों की लागत का 30 से 70 प्रतिशत तक हिस्सा विदेशों पर निर्भर है, इसलिए रुपये की कमजोरी सीधे लागत को बढ़ा देती है. GST का फायदा रुपये ने खाया सुपर प्लास्ट्रोनिक्स (Super Plastronics) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनीत सिंह मारवाह ने कहा, “GST में कटौती का जो फायदा मिला था, वह पूरा का पूरा रुपये की कमजोरी और पुर्जों की बढ़ी कीमतों से खत्म हो जाएगा.” उन्होंने यह भी बताया कि मेमोरी चिप्स के दाम चार महीनों में छह गुना बढ़ गए हैं. उनके अनुसार, “हमें डर है कि जीएसटी कटौती से जो मांग बढ़ी थी, वह फिर से कमजोर पड़ सकती है.” कंपनियां पहले रुपये को 85–86 रुपये प्रति डॉलर के बीच मानकर अपनी प्लानिंग बना रही थीं, लेकिन सीधा 90 रुपये का स्तर पार कर जाने से स्थिति बिगड़ गई है. हैवल्स (Havells) ने LED टीवी पर लगभग 3 फीसदी, सुपर प्लास्ट्रोनिक्स ने 7–10 फीसदी, और गोदरेज एप्लायंसेज़ ने एसी और फ्रिज पर 5–7 फीसदी बढ़ोतरी का संकेत दिया है. कंपनियों ने सरकार को निजी तौर पर यह भी बताया है कि लगातार बढ़ती लागत को अब वे खुद से झेलना संभव नहीं है. ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी प्रभावित रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स के बाद सौंदर्य उत्पादों का क्षेत्र भी प्रभावित होगा. शिसेडो (Shiseido), मैक (MAC), बॉबी ब्राउन (Bobbi Brown), क्लीनिक (Clinique) और द बॉडी शॉप (The Body Shop) जैसे विदेशी ब्रांडों के उत्पाद पहले से ही महंगे थे, और अब रुपये की कमजोरी इन्हें और अधिक महंगा बना देगी. शॉपर्स स्टॉप ब्यूटी (Shoppers Stop Beauty) के मुख्य अधिकारी बीजू कासिम ने कहा कि कमजोर रुपया हमारे विदेश से मंगाए जाने वाले सौंदर्य उत्पादों की लागत बढ़ा देता है. इसलिए कुछ महंगे आयातित उत्पादों में कीमत बढ़ाना आखिरकार आवश्यक हो ही जाता है. वाहन सेक्टर भी इससे अछूता नहीं है. हाल ही में दोपहिया और छोटी कारों पर जीएसटी घटा था, जिससे बिक्री में अक्टूबर में 17 फीसदी और नवंबर में 19 फीसदी उछाल आया. लेकिन रुपये की गिरावट इस गति को फिर से रोक सकती है. Mercedes-Benz India के प्रमुख संतोष अय्यर ने कहा, “लग्जरी वाहनों की कीमतें आगे बढ़ेंगी… हम 26 जनवरी से कीमतों में बदलाव पर विचार कर रहे हैं.” ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों का कहना है कि रुपये की गिरावट का सीधा और पूरा असर लागत पर पड़ता है… हालांकि कंपनी अभी बढ़ोतरी का स्तर तय नहीं कर पाई है.

चार दिन की गिरावट खत्म! भारतीय शेयर बाजार में तेजी, निफ्टी पहली बार 26,000 के ऊपर बंद

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद हरे निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 158.51 अंक या 0.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 85,265.32 और निफ्टी 47.75अंक या 0.18 प्रतिशत की मजबूती के साथ 26,033.75 पर था। बाजार में तेजी का नेतृत्व आईटी शेयरों ने किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स 1.41 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा ऑटो, पीएसयू बैंक, फार्मा, एफएमसीजी, मेटल और रियल्टी हरे निशान में बंद हुए। दूसरी तरफ एनर्जी,मीडिया, इन्फ्रा, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और ऑयल एंड गैस लाल निशान में बंद हुआ। लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में सपाट कारोबार हुआ। इस कारण से बाजार में बढ़ने वाले शेयरों की अपेक्षा गिरने वालों की संख्या अधिक थी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 15.85 अंक की मामूली कमजोरी के साथ 60,299.80 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 41.60 अंक की गिरावट के साथ 17,607.85 पर बंद हुआ। सेंसेक्स पैक में टीसीएस,टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, एचसीएल टेक, भारती एयरटेल, सन फार्मा, बीईएल, ट्रेंट,आईटीसी, बजाज फाइनेंस, एमएंडएम, एक्सिस बैंक, एचयूएल, पावर ग्रिड और एशियन पेंट्स गेनर्स थे। मारुति सुजुकी,इटरनल (जोमैटो), कोटक महिंद्रा बैंक, टाइटन, एसबीआई,आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, टाटा स्टील, एनटीपीसी और एलएंडटी लूजर्स थे। एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह ने कहा कि सत्र के दौरान निफ्टी ने 160 अंकों के एक सीमित दायरे में कारोबार किया। हालांकि, इंडेक्स 26,000 के स्तर से ऊपर बंद होने में कामयाब रहा है। उन्होंने आगे कहा कि निफ्टी के लिए सपोर्ट जोन 25,900 से लेकर 25,870 है। तेजी की स्थिति में इंडेक्स के लिए रुकावट का स्तर 26,140 से लेकर 26,160 है। अगर यह इस स्तर के पार निकलता है तो और मजबूती देखने को मिल सकती है। भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत सपाट हुई थी। सेंसेक्स 5 अंक की मामूली गिरावट के साथ 85,101 और निफ्टी 2 अंक की कमजोरी के साथ 25,984 पर था।

सोने के रेट में बदलाव: 4 दिसंबर का नया 10 ग्राम भाव, देखें अपने शहर के 22-24 कैरेट रेट

इंदौर  दिसंबर के महीने में परिवार में शादी या कोई विशेष फंक्शन है ऐसे में सोने व चांदी खरीदने का प्लान बना रहे है और बाजार जाने की सोच रहे है तो पहले ताजा चेक कर लीजिए। आज 4 दिसंबर को सोने के दाम में 220 रूपए प्रति 10 ग्राम की गिरावट आई है लेकिन चांदी की कीमतों में कोई विशेष परिवर्तन नहीं हुआ है। गुरूवार को 22 कैरेट सोने के दाम (Gold Rate Today) 1, 19,650 , 24 कैरेट का भाव 1, 30,510 और 18 ग्राम सोने का रेट 98,930 रुपए पर ट्रेंड कर रहे है। वहीं 1 किलो चांदी का रेट (Silver Rate Today) 1, 91,000 रुपए चल रहा है। आईए जानते है आपके शहर का 18, 22 और 24 कैरेट सोने का भाव…… गुरूवार का 18 कैरेट सोने का ताजा भाव     दिल्ली व जयपुर सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 97,930/- रुपये।     कोलकाता और मुंबई सराफा बाजार में 97,780/- रुपये।     इंदौर और भोपाल में सोने का भाव 97,830 चल रहा है।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 10,025/- रुपये पर ट्रेड कर रही है। गुरूवार का 22 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold Rate Today) 1,19,550/- रुपये ।     जयपुर, लखनऊ, दिल्ली सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत (Gold price Today) 1,19, 650/- रुपये ।     हैदराबाद, केरल, कोलकाता, मुंबई सराफा बाजार में 1 19,500/- रुपये ट्रेंड कर रहा है। गुरूवार का 24 कैरेट सोने का ताजा भाव     भोपाल और इंदौर में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1,30,410 रुपये     दिल्ली जयपुर लखनऊ और चंडीगढ़ सराफा बाजार में आज 10 ग्राम सोने की कीमत 1, 30, 510/- रुपये।     हैदराबाद, केरल, बैंगलुरू और मुंबई सराफा बाजार में 1,30, 360/- रुपये ।     चेन्नई सराफा बाजार में कीमत 1,31, 130 /- रुपये पर ट्रेंड कर रहा है। पढ़िए गुरूवार का आपके शहर का चांदी का लेटेस्ट रेट     जयपुर कोलकाता अहमदाबाद लखनऊ मुंबई दिल्ली सराफा बाजार में 01 किलोग्राम चांदी की कीमत (Silver Rate Today) 1,91,000 /- रुपये     चेन्नई, मदुरै , विजयवाड़ा, विशाखापटनम, हैदराबाद और केरल सराफा बाजार में कीमत 2,01,000/- रुपये।     भोपाल और इंदौर में 1 किलो चांदी की कीमत 1,91,000/ रुपए ट्रेंड कर रही है। कैसे चेक करें प्योरिटी? सोना खरा है या नहीं?     ISO (Indian Standard Organization) द्वारा सोने की शुद्धता पहचानने के लिए हॉल मार्क दिए जाते हैं।     24 कैरेट गोल्ड 99.9 प्रतिशत शुद्ध होता है और 22 कैरेट लगभग 91 प्रतिशत शुद्धता होती है।     24 कैरेट सोने में 1.0 शुद्धता (24/24 = 1.00) होनी चाहिए।     22 कैरेट गोल्ड में 9% अन्य धातु जैसे तांबा, चांदी, जिंक मिलाकर जेवर तैयार किए जाते हैं।     22 कैरेट सोने में 0.916 शुद्धता (22/24 = 0.916) होनी चाहिए।     24 कैरेट सोने के आभूषण पर 999, 23 कैरेट पर 958, 22 कैरेट पर 916, 21 कैरेट पर 875 और 18 कैरेट पर 750 लिखा होता है।     24 कैरेट में कोई मिलावट नहीं होती, इसके सिक्के मिलते है, लेकिन 24 कैरेट सोने के आभूषण नहीं बनाए जा सकते, इसलिए ज्यादातर दुकानदार 18, 20 और 22 कैरेट सोना बेचते हैं और इसी के आभूषण बनाते है। चांदी पर हॉलमार्किंग का नियम     सोने के बाद अब 1 सितंबर 2025 से चांदी की ज्यूलरी पर हॉलमार्किंग का नियम लागू कर दिया है।     चांदी के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं है। आप बिना हॉलमार्क वाली चांदी भी खरीद सकते हैं।     हॉलमार्किंग के नियमों के तहत, चांदी पर 6 अंकों का यूनिक HUID कोड होगा। इससे तुरंत पता चल जाएगा कि गहना किस शुद्धता का है और वह असली है या नहीं।     भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने चांदी की शुद्धता के लिए 6 नए स्टैंडर्ड 800, 835, 900, 925, 970 और 990 तय किए हैं। 925 या 9250 अंक का मतलब है कि चांदी 92.5% शुद्ध है।  

साल के अंत में मारुति वैगनआर पर भारी ऑफर, देश की नंबर-1 हैचबैक बनी और भी किफायती

मुंबई  साल के अंतिम महीने में मारुति सुजुकी ने ग्राहकों के लिए आकर्षक ऑफरों की घोषणा की है, जो खासकर उन खरीदारों के लिए बेहद लाभकारी है जो कम बजट में भरोसेमंद फैमिली कार खरीदना चाहते हैं। कंपनी ने अपनी लोकप्रिय हैचबैक वैगनआर पर इस दिसंबर भारी बचत का मौका दिया है, जिसके तहत ग्राहक कार खरीदते समय कुल ₹58,100 तक की राहत पा सकते हैं। साल के अंत की यह स्कीम सीमित समय के लिए है और कंपनी के एरिना नेटवर्क पर लागू की गई है। वैगनआर पर मिल रहा अब तक का सबसे बड़ा लाभ मारुति सुजुकी की वैगनआर लंबे समय से देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली फैमिली हैचबैक में शामिल है। इस कार की लोकप्रियता कम मेंटेनेंस खर्च, बेहतर माइलेज और विशाल केबिन स्पेस के कारण लगातार बनी हुई है। कंपनी ने बताया कि इस महीने वैगनआर के सभी वैरिएंट्स पर भारी राहत लागू की गई है। ग्राहक कैश डिस्काउंट, एक्सचेंज ऑफर और अतिरिक्त लाभ के माध्यम से कुल मिलाकर ₹58,100 तक की बचत कर सकते हैं। यह ऑफर उन खरीदारों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा जो लंबे समय से इस मॉडल को खरीदने का प्लान बना रहे थे। कीमत और खरीदारी का आकर्षक मौका मारुति वैगनआर की कीमतें बाजार में पहले से ही किफायती मानी जाती हैं। इसका बेस मॉडल करीब ₹4.99 लाख से शुरू होता है, जबकि टॉप वैरिएंट की कीमत लगभग ₹6.95 लाख तक जाती है। ऐसे में जब इस पर ₹58,100 तक का लाभ मिल रहा हो, तो यह डील स्वभाविक रूप से और भी आकर्षक बन जाती है। कम कीमत और बेहतर फीचर्स के चलते वैगनआर शहरी तथा उपनगरीय दोनों प्रकार के ग्राहकों की पसंद में लंबे समय से बनी हुई है। माइलेज, स्पेस और फीचर्स बनाते हैं इसे खास वैगनआर अपनी मजबूत माइलेज परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती है। कंपनी ने इसे एक ऐसी फैमिली कार के रूप में विकसित किया है जो शहर और हाईवे दोनों जगह संतुलित ड्राइविंग अनुभव देती है। इसके बड़े केबिन और पर्याप्त हेडरूम की वजह से यह छोटे परिवारों के लिए आदर्श विकल्प मानी जाती है। साथ ही, मारुति का विस्तृत सर्विस नेटवर्क इसे रखरखाव के मामले में और भी सुविधाजनक बनाता है। सुरक्षा के लिहाज से इसमें 6 एयरबैग शामिल किए गए हैं, जो इस सेगमेंट में बड़ी बात मानी जाती है। ऑफर की उपलब्धता और जरूरी सावधानियां कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि ये ऑफर हर शहर में एक समान नहीं हो सकते। डिस्काउंट की वास्तविक राशि डीलरशिप, शहर और स्टॉक की उपलब्धता के आधार पर बदल सकती है। इसलिए खरीदारों को सलाह दी जाती है कि वे कार की बुकिंग से पहले अपने नजदीकी मारुति एरिना डीलर से ऑफर की सही स्थिति की पुष्टि अवश्य करें। स्टॉक सीमित होने की वजह से इन ऑफरों का लाभ पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर मिलेगा। फैमिली कार खरीदने का बेहतरीन समय अगर आप इस महीने किसी भरोसेमंद, किफायती और वैल्यू-फॉर-मनी फैमिली कार की तलाश में हैं, तो वैगनआर इस समय सबसे आकर्षक विकल्प बनकर सामने आई है। 34 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज, 6 एयरबैग जैसे सुरक्षा फीचर्स और ₹58,100 तक की बचत इसे साल की सबसे शानदार डील बना देते हैं। दिसंबर 2025 कार खरीददारों के लिए निश्चित रूप से एक फायदे का समय साबित हो रहा है।

फ्लाइट कैंसिलेशन पर यात्रियों में नाराज़गी, पायलटों की शिकायतें सामने आने पर DGCA सक्रिय

 नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों के बड़े पैमाने पर रद्द होने और देरी के बाद नागर विमानन महानिदेशालय DGCA ने सख्त रुख अपनाया है. नागर विमानन मंत्रालय MoCA के तहत आने वाले DGCA ने इंडिगो के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब कर बैठक बुलाई है. यह कदम उस वक्त उठाया गया है, जब देशभर के हवाई अड्डों पर उड़ानें रद्द होने से अफरातफरी का माहौल बना हुआ है. इस बीच पायलट एसोसिएशन ALPA इंडिया ने भी DGCA से अपील की है कि स्लॉट देने और उड़ान शेड्यूल मंजूर करते समय एयरलाइन के पास उपलब्ध पायलटों की संख्या और उनकी पर्याप्तता को भी गंभीरता से देखा जाए, खासकर हाल ही में लागू हुए फैटीग रिस्क मैनेजमेंट सिस्टम (FRMS) को ध्यान में रखते हुए. 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द बुधवार को इंडिगो की 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो गईं, जबकि कई सेवाएं घंटों देरी से चलीं. सूत्रों के मुताबिक, बेंगलुरु एयरपोर्ट से 42, दिल्ली से 38, मुंबई से 33 और हैदराबाद से 19 उड़ानें रद्द हुईं. एयरलाइन रोजाना करीब 2,300 घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का संचालन करती है. DGCA ने एयरलाइन से मांगी रिपोर्ट DGCA ने कहा है कि वह इंडिगो की उड़ान बाधाओं की जांच कर रहा है और एयरलाइन से मौजूदा हालात के कारणों के साथ उड़ान रद्द होने और देरी को कम करने की विस्तृत योजना मांगी गई है. इंडिगो ने बयान जारी कर कहा कि पिछले दो दिनों से 'कई तरह की अचानक आई परिचालन दिक्कतों' के कारण नेटवर्क पर गंभीर असर पड़ा है. इसमें तकनीकी खामियां, सर्दियों के शेड्यूल में बदलाव, खराब मौसम, एयर ट्रैफिक में बढ़ी भीड़ और नई फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) व्यवस्था को जिम्मेदार बताया गया है. पायलट एसोसिएशन की अपील वहीं पायलट संघ ALPA India ने DGCA से अपील की है कि स्लॉट देने और उड़ान शेड्यूल मंजूर करते समय एयरलाइंस के पास उपलब्ध पायलटों की वास्तविक संख्या को गंभीरता से देखा जाए. ALPA ने कहा कि नई FDTL व्यवस्था को जनवरी 2024 में जारी किया गया था और इसके बावजूद कई एयरलाइंस ने समय रहते तैयारी नहीं की. कुछ विमानन विशेषज्ञों का यह भी आरोप है कि लगातार रद्द हो रहीं उड़ानों और देरी को नियमों में ढील दिलाने के दबाव हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है.