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महंगी किताबें और फीस वृद्धि पर कार्रवाई, यूपी के कई स्कूलों को नोटिस और जुर्माना

 लखनऊ  नए शिक्षण सत्र के साथ ही निजी स्कूलों में फीस वृद्धि, ड्रेस व महंगी पाठ्य पुस्तकों के नाम पर आर्थिक शोषण शुरू हो गया है। प्रदेश भर में निजी स्कूलों की मनमानी की शिकायतें सामने आते ही जिला प्रशासन लगाम लगाने को सक्रिय हो गया है। आगरा, सहारनपुर और अलीगढ़ समेत कुछ जिलों में निजी स्कूलों को नोटिस देने के साथ ही जुर्माने की कार्रवाई की तैयारी है। आगरा में निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें पाठ्यक्रम में लगाने, चिन्हित दुकान से ही पुस्तकें, स्टेशनरी, यूनिफॉर्म आदि लेने की अनिवार्यता थोपने वाले 55 स्कूलों को नोटिस दिया गया है। सेंट पीटर्स जूनियर हाईस्कूल पर डीएम और बीएसए ने पांच लाख का जुर्माना लगाते हुए नोटिस जारी किया है। चार स्कूलों के अंदर पुस्तक बिक्री के काउंटर लगे पाए गए। फिरोजाबाद के स्कूलों में पुस्तक बिक्री पर डीएम रमेश रंजन ने पांच स्कूलों को एक-एक लाख जुर्माने के नोटिस भेजे हैं। एटा में पांच स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है अलीगढ़ में कुछ दिन पहले तीन स्कूलों में हुए डीआईओएस के निरीक्षण में बच्चों के बस्तों में निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकें मिलीं। स्कूल संचालकों को नोटिस जारी किया गया है। सहारनपुर में पाठ्यपुस्तकों की बिक्री की व्यवस्था में नियमों का खुला उल्लंघन कर अभिभावकों से अधिक रुपये वसूलने के मामले में शिक्षा विभाग की ओर से दिल्ली पब्लिक, इन्टेंट जीसस स्कूल और श्री चैतन्य टेक्नो स्कूल को नोटिस दिया गया है। डीआईओएस डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि इन स्कूलों के अंदर किताब बिक्री हो रही थी। उचित जवाब न देने पर स्कूल पर पांच लाख रुपये अर्थदंड लगाने की चेतावनी दी। तीनों स्कूलों में से किसी ने भी नोटिस का जवाब नहीं दिया है। टीम की जांच रिपोर्ट संग तीनों स्कूलों पर कार्रवाई के लिए डीएम से संस्तुति की जाएगी। प्रयागराज में अधिक फीस और हर साल बदल जाने वाली महंगी किताबों के मुद्दे को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से उठाया तो जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला शुल्क नियामक समिति की बैठक हुई। इसमें पिछले पांच वर्ष में कितनी फीस बढ़ी है, इसका रिकार्ड 10 दिनों में जमा कराने को कहा गया है। स्कूलों को नोटिस देकर पूछा जाएगा कि पहली के बाद अन्य कक्षाओं में एडमिशन फीस की वसूली क्यों हो रही है? वसूली गई फीस की तुलना में शिक्षक व अन्य कर्मियों के वेतन में कितनी बढ़ोतरी की गई। स्कूल की वेबसाइट पर शुल्क का पूरा ब्योरा है या नहीं? स्कूल जिन दुकानों से पाठ्य सामग्री वितरित कराते हैं, उन्हें सूचिबद्ध किया जाए। उनकी आय, जीएसटी का लेखा-जोखा और टैक्स का विवरण जुटाते हुए कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। लखनऊ में डीएम विशाल जी तथा हरदोई में जिलाधिकारी अनन्य झा ने सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में विशेष जांच कमेटी गठित की है, जो दुकानों पर आकस्मिक छापेमारी करेगी। कार्रवाई का चाबुक     आगरा में 55 स्कूलों को नोटिस, एक पर पांच लाख का जुर्माना     फिरोजाबाद में पांच स्कूलों को एक-एक लाख जुर्माने के नोटिस     एटा में भी पांच स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया     अलीगढ़ में बस्तों में मिली निजी प्रकाशकों की किताबें, तीन स्कूलों को नोटिस  

यूपी में जनशिकायत निस्तारण रैंकिंग जारी, रामपुर पहले, हाथरस-बाराबंकी दूसरे स्थान पर

 जयपुर   यूपी सरकार शिकायतों के निस्तारण को लेकर लगातार दूसरी आर रामपुर ने बाजी मारी है। फरवरी में भी रामपुर शिकायतों के निस्तारण के मामले में पहले स्थान पर था। मार्च महीने के आईजीआरएस रिपोर्ट में 139 अंक प्राप्त कर रामपुर ने पहला स्थान प्राप्त किया है। जबकि हाथरस और बाराबंकी ने बराबर अंक प्राप्त कर दूसरा, शाहजहांपुर और पीलीभीत ने बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। बतादें कि आईजीआरएस द्वारा हर माह जिलों के राजस्व कार्यों, विकास कार्यों और जन शिकायत की सुनवाई की रिपोर्ट जारी की जाती है। आईजीआरएस द्वारा प्रदेशभर के जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की विभिन्न मानकों के आधार पर समीक्षा होती है। इसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। आईजीआरएस की फरवरी माह की रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने मानक पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 139 अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसका रेश्यो 99.29 प्रतिशत है। क्या बोले रामपुर डीएम जिलाधिकारी रामपुर अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि आईजीआरएस की रिपोर्ट उन जिलों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करती है, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों और राजस्व प्रबंधन में उल्लेखनीय कार्य किए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप रामपुर में विकास कार्यों को गुणवत्तापूर्ण समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा रहा है। इसके साथ ही आईजीआरएस के जरिये मिलने वाली शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। जिले में प्राथमिकता के आधार पर होता है शिकायतों का निस्तारण हाथरस जिलाधिकारी अतुल वत्स ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिले में प्राथमिकता के आधार पर जनसुनवाई में शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। यही वजह है कि पिछले चार माह में जिले में जनशिकायतों के निस्तारण दर में सुधार हुआ है। इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई अन्य कार्य किये जा रहे हैं। इतना ही नहीं, विकास परियोजनाओं के गुणवत्तापूर्ण और तय समय सीमा में पूरा करने के लिए हर हफ्ते अधिकारियों के साथ बैठक कर समीक्षा की जाती है। साथ ही आम जनमानस की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। उनकी समस्या के निस्तारण के संतोषजनक फीडबैक पर ही आईजीआरएस की रिपोर्ट जारी की जाती है। ऐसे में आईजीआरएस की मार्च माह की रिपोर्ट में हाथरस पूरे प्रदेश में दूसरे स्थान पर है। हाथरस ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 137 अंक प्राप्त किये। इसी तरह बाराबंकी ने भी 137 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। टॉप टेन में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने बनाई जगह शाहजहांपुर और पीलीभीत ने पूर्णांक 140 नंबर के सापेक्ष 136 बराबर-बराबर अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है। वहीं सोनभद्र, कन्नौज, अंबेडकरनगर और हापुड़ ने बराबर-बराबर 135 अंक प्राप्त कर चौथा स्थान प्राप्त किया है। इसके अलावा बरेली, आजमगढ़, लखीमपुर खीरी ने 134 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। वहीं टॉप टेन जिलों में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा ने जगह बनाई है।

अब खेला नहीं, विकास होगा—बंगाल पर योगी आदित्यनाथ का तीखा हमला

सोनामुखी (बांकुड़ा).  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। उन्होंने कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़े प्रहार किए। सोनामुखी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल के शासन में यहां बहुत तांडव हुआ है। हमारे कार्यकर्ता सुमन को गोली मार दी गई। स्वरूप घोष, पलाश घोष, उत्पल दास जैसे कार्यकर्ताओं के घर उजाड़ दिए गए। सुशोभन का हाथ काट दिया। तृणमूल की गुंडागर्दी के ऐसे अनगिनत उदाहरण भरे पड़े हैं। सीएम ने बंगालवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली में मोदी जी हैं, पश्चिम बंगाल में भी आप भाजपा सरकार लाइए, डबल इंजन सरकार दंगाइयों का इलाज कर देगी। तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार के पास है। सीएम योगी ने स्थानीय भाषा में संवाद स्थापित करते हुए कहा कि अब बंगाल में ‘खेला’ बंद और भाजपा की जीत से विकास शुरू होगा। उन्होंने मंच से भाजपा प्रत्याशियों सोनामुखी से दिबाकर घरामी, इंडास से निर्मल धारा व बरजोड़ा से बिलेश्वर सिंघा को जिताने की अपील की। बांग्लादेश में दलित हिंदू की हत्या पर ममता दीदी मौन सीएम योगी ने कहा कि कुछ दिन पहले बांग्लादेश में एक दलित हिंदू की निर्मम हत्या हुई। इसके खिलाफ भाजपा ने आंदोलन किया, लेकिन बंगाल की मुख्यमंत्री ममता दीदी मौन रहीं। भय था कि बोलने पर उनका मुस्लिम वोट न खिसक जाए। वोटबैंक के सौदागर बंगाल की डेमोग्रॉफी को बदलना चाहते हैं। कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस को भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट न दीजिए। ये लोग नवरात्रि आयोजन में व्यवधान पैदा करते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हम सब मिलकर बंगाल का पुराना वैभव लौटा सकते हैं। मैं इसी आह्वान के साथ आपके बीच आया हूं। परिवर्तन की राह पर चल पड़ा है बंगाल  सीएम योगी ने बंगाल की धरती पर राष्ट्रगान के रचयिता गुरुदेव रविंद्र नाथ ठाकुर व राष्ट्रगीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को भी याद किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम ने जनचेतना को जागरूक कर हर भारतवासी के मन में स्वाधीनता की अलख जगाई। स्वाधीनता में अमर मंत्र बनकर वंदे मातरम ने भारत को एकता के सूत्र में जोड़ा। राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर मैं विश्वास से कह रहा हूं कि बंगाल परिवर्तन की नई राह पर चल पड़ा है।  बंगाल की दुर्दशा को देखकर होता है दुख  मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की दुर्दशा को देखकर दुख होता है। बंगाल भारत के अध्यात्म, संस्कृति, कला-शिक्षा की धरती है। इस धरती ने उच्चकोटि के आध्यात्मिक साधक दिए हैं। अपनी उद्यमिता, परिश्रम, कल-कारखानों, युवाओं की प्रतिभा, श्रमिकों के श्रम से बंगाल एक समय भारत की जीडीपी का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता था, लेकिन पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और 15 वर्ष से तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।  बंगाल की धरती पर राष्ट्रनायकों का किया स्मरण  मुख्यमंत्री ने खुदीराम बोस को याद कर कहा कि देश की आजादी के लिए उन्होंने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमा था। नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने उद्घोष किया था कि तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा। बंगाल ने स्वामी विवेकानंद जैसा संन्यासी दिया, जिन्होंने ‘गर्व से कहो, मैं हिंदू हूं’ का भाव जगाया। बंगाल रामकृष्ण परमहंस व भारत सेवाश्रम संघ के संस्थापक स्वामी प्रणवानंद की धरती है, लेकिन भारत की संस्कृति की आत्मा और राष्ट्रवाद की धरती बंगाल को तृणमूल कांग्रेस ने तुष्टिकरण, लूट-खसोट, अराजकता की धरती बनाकर रख दिया।  जो हाल आज बंगाल का, 9 साल पहले वही हाल यूपी का था मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अराजकता, अव्यवस्था, गुंडागर्दी आज पश्चिम बंगाल में है, 9 वर्ष पहले वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां त्योहारों के पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। गुंडे-माफिया समानांतर सत्ता संचालन करते थे। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में जनता-जनार्दन ने डबल इंजन सरकार बनाई तो आज यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सरकार नौजवान, गरीब, महिला, किसान, श्रमिक समेत सभी वर्गों के सम्मान के लिए कार्य कर रही है। यूपी में नो कर्फ्यू-नो दंगा, वहां सब है चंगा। यूपी के सभी गुंडे-माफिया जहन्नुम की यात्रा पर चले गए। यूपी में सुरक्षा का अहसास है। यूपी भारत की इकॉनमी में ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है। अयोध्या के रामजन्मभूमि आंदोलन में बंगाल से भी कारसेवक गए थे। डबल इंजन सरकार आई तो बुलेट स्पीड से भव्य राम मंदिर का निर्माण भी हो गया।  तृणमूल कांग्रेस सरकार में किसानों का शोषण सीएम योगी ने कहा कि बंगाल का अन्नदाता किसान भारत का पेट भरने वाला है, लेकिन दुख है कि उसे दाम नहीं मिल पा रहा। उत्तर प्रदेश में आलू किसान को 15-16 रुपये किलो का दाम मिल रहा है, जबकि यहां सिर्फ एक से डेढ़ रुपये। यहां किसान कर्ज लेने को मजबूर है, डिप्रेशन का शिकार है। टीएमसी सरकार बंगाल को फिर से उस त्रासदी की ओर ले जाने का कार्य कर रही है, जिसका उल्लेख आनंद मंठ के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने किया था। उस समय अकाल था, लेकिन आज सरकार द्वारा पाले गए गुंडे शोषण कर रहे हैं। शोषण, पलायन, बेरोजगारी के कारण किसान हताश-निराश होकर अन्याय-अत्याचार सहने को मजबूर हैं।  जहां भी है भाजपा सरकार, वहां हर वर्ग का सम्मान  सीएम योगी ने बंगाल के मतदाताओं से कहा कि जिस भी राज्य में भाजपा की डबल इंजन सरकार आई है, वहां इंफ्रास्ट्रक्चर, नौकरी, रोजगार, बेटियों व व्यापारियों की सुरक्षा हुई है। हर किसी को सुरक्षा की गारंटी है। किसानों का सम्मान, गरीब के आगे बढ़ने की संभावनाएं हैं। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश में सरकारी योजनाओं से लाभान्वित लोगों का भी जिक्र किया। कहा कि बंगाल में सारी संभावनाएं हैं, बस मतदाताओं के समर्थन व आशीर्वाद की आवश्यकता है। 1905 में जब ब्रिटिशर द्वारा बंगाल विभाजन की साजिश रची गई थी, तब बंगाल ने आह्वान किया था कि हम विभाजित नहीं होंगे। उस समय बंगाल से स्वदेशी की हुंकार निकली थी और पूरे भारत को स्वाधीनता आंदोलन से जोड़ने का कार्य किया था।

चुनावी मैदान में उतरे योगी आदित्यनाथ, तीन विधानसभा क्षेत्रों में रैलियों से बढ़ाया सियासी तापमान

सोनामुखी/पूर्वी मेदिनीपुर. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में उतरे। सोनामुखी, नंदकुमार व कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित तीन जनसभाओं में कांग्रेस, वामपंथी दलों व तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर कड़े प्रहार किए। उन्होंने टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है। बंगाल में तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार सिर्फ भाजपा के पास है। टीएमसी का पूरा मतलब तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी है। सीएम ने कोलकाता के मेयर को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि बंगाल की जनता उर्दू नहीं, बांग्ला ही बोलेगी। यहां कठमुल्लापन की संस्कृति नहीं चलने दी जाएगी। सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल के शासन में यहां बहुत तांडव हुआ है। हमारे कार्यकर्ता सुमन को गोली मार दी गई, सुशोभन का हाथ काट दिया गया। कई कार्यकर्ताओं के घर उजाड़ दिए गए। तृणमूल की गुंडागर्दी के ऐसे अनगिनत उदाहरण भरे पड़े हैं। सीएम ने बंगालवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि दिल्ली में मोदी जी हैं, पश्चिम बंगाल में भी आप भाजपा सरकार लाइए, डबल इंजन सरकार दंगाइयों का इलाज कर देगी। तृणमूल व वामपंथी गुंडों का उपचार केवल भाजपा सरकार के पास है। बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या पर ममता मौन सीएम योगी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता दीदी मौन रहीं। भय था कि बोलने पर उनका मुस्लिम वोट न खिसक जाए। वोटबैंक के सौदागर बंगाल की डेमोग्रॉफी को बदलना चाहते हैं। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है। लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। कांग्रेस, वामपंथी दलों और तृणमूल कांग्रेस को भावी पीढ़ी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जा सकती। ये लोग नवरात्रि आयोजन में व्यवधान पैदा करते हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए। हम सब मिलकर बंगाल का पुराना वैभव लौटा सकते हैं। मैं इसी आह्वान के साथ आपके बीच आया हूं। बंगाल की दुर्दशा को देखकर होता है दुख  मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल की दुर्दशा को देखकर दुख होता है। बंगाल भारत के अध्यात्म, संस्कृति, कला-शिक्षा की धरती है। इस धरती ने उच्चकोटि के आध्यात्मिक साधक दिए हैं। अपनी उद्यमिता, परिश्रम, कल-कारखानों, युवाओं की प्रतिभा, श्रमिकों के श्रम से बंगाल एक समय भारत की जीडीपी का बड़ा हिस्सा उपलब्ध कराता था, लेकिन पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और 15 वर्ष से तृणमूल कांग्रेस ने बंगाल को कंगाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। उत्तर प्रदेश में आलू उत्पादक किसानों को 15-16 रुपये किलो का दाम मिल रहा है, जबकि यहां सिर्फ एक से डेढ़ रुपये। यहां किसान कर्ज लेने को मजबूर है। टीएमसी सरकार बंगाल को फिर से उसी त्रासदी की ओर ले जा रही है, जिसका उल्लेख आनंद मंठ के माध्यम से बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने किया था। उस समय अकाल था, लेकिन आज सरकार द्वारा पाले गए गुंडे शोषण कर रहे हैं। तृणमूल ने खड़ा किया बंगाल की पहचान का संकट सीएम योगी ने कहा कि तृणमूल ने बंगाल की पहचान को संकट में लाकर खड़ा कर दिया। पीएम मोदी गरीबों के मकान, राशन, स्वास्थ्य, किसान, गांव के विकास के लिए जो पैसा भेजते हैं, वो पैसा टीएमसी के गुंडे हजम कर जाते हैं। आज यूपी में 40 हजार बड़े उद्योग व 96 लाख एमएसएमई यूनिट कार्यरत हैं। हमने एमएसएमई में 3 करोड़, बड़े उद्योगों में 65 लाख और सरकारी विभागों में 9 लाख से अधिक नौजवानों को नौकरी दी है। बंगाल की तृणमूल सरकार बताए, 15 वर्ष में कितने नौजवानों को नौकरी दी। 12 हजार एमएसएमई यूनिट बंद होने के साथ ही बड़े पैमाने पर बंगाल से उद्योग पलायन कर रहे हैं।  9 साल पहले यही हाल यूपी का था मुख्यमंत्री ने कहा कि जो अराजकता, अव्यवस्था, गुंडागर्दी आज पश्चिम बंगाल में है, 9 वर्ष पहले वही स्थिति उत्तर प्रदेश में भी थी। वहां त्योहारों के पहले दंगे होते थे, महीनों कर्फ्यू रहता था। गुंडे-माफिया समानांतर सत्ता संचालन करते थे। 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर उत्तर प्रदेश में जनता-जनार्दन ने डबल इंजन सरकार बनाई तो आज यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सरकार नौजवान, गरीब, महिला, किसान, श्रमिक समेत सभी वर्गों के सम्मान के लिए कार्य कर रही है। यूपी में नो कर्फ्यू-नो दंगा, वहां सब है चंगा। यूपी के सभी गुंडे-माफिया जहन्नुम की यात्रा पर चले गए। यूपी भारत की इकॉनमी में ग्रोथ इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभा रहा है।  माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। भारत में मां काली-मां गंगा की पूजा होगी और बंगाल का हर नागरिक भी जय श्रीराम का उद्घोष करेगा। बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा। यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है। और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है। हर घर पर भगवा लहराता दिखाई देगा सीएम योगी ने कहा कि यूपी में अब सड़कों पर नमाज नहीं पढ़ी जाती। मस्जिदों से शोरगुल नहीं होता। गोहत्या पर प्रतिबंध है। यूपी में अब लव जेहाद-लैंड जेहाद नहीं है। वह रामराज्य की स्थापना भूमि है। कांग्रेस, टीएमसी, सपा व राजद ने राम मंदिर का विरोध किया, लेकिन रामभक्तों के कारण अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया। जिस दिन 145 करोड़ का भारत मोदी जी की आवाज में आवाज मिलाकर चलेगा, भारत विरोधी ताकतों के हौसले पस्त हो जाएंगे और हर घर पर भगवा लहराता दिखाई देगा।  बंगाल की धरती पर राष्ट्रनायकों … Read more

मंदिर निर्माण में निकली चमकीली ईंटें, पूजा के बाद फिर जमीन में दबाने का दावा

 ललितपुर यूपी के ललितपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मंदिर निर्माण के लिए खुदाई हो रही थी। खुदाई के दौरान ही जमीन से कुछ चमकीली चीज दिखी। मिट्टी को जब पूरी तरह से साफ किया गया तो नजारा हैरान कर देने वाला था। देखते ही देखते जमीन से खजाना निकलने की खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों का कहना था कि जमीन से 16 सोने की ईंटें निकली हैं। इसके बाद पूजा-पाठ करके दोबारा से उसे जमीन में दबा दिया गया। हालांकि इस मामले में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासनिक अफसरों को इस संबंध में कोई जानकारी दी गई है। फिलहाल क्षेत्र में जमीन से खजाना मिलने की चर्चा जोरों पर है। तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुनौरी स्थित सवालखिया गौड़ बब्बा स्थान पर मंदिर निर्माण के दौरान खुदाई करवाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार शाम करीब छह बजे मंदिर निर्माण के लिए पिलर की खुदाई के दौरान जेसीबी मशीन के पंजे में कपड़े से बंधी एक पीतल की पैली निकली। मौके पर मौजूद लोगों ने जब कपड़ा हटाकर देखा तो उसमें करीब 16 छोटी-छोटी सोने जैसी ईंटें रखी थीं। पूजा-पाठ के बाद वापस जमीन में दबा दी गईं ईंटें बताया जाता है कि ईंटों को साफ कर गौड़ बाबा के समक्ष रखकर विधि-विधान से पूजन किया गया।फिर बाद में उनको उसी स्थान पर पुन: गहराई में दबा दिया गया। लेकिन, रात में रहस्यमय तरीके से ईंटें गायब होने की बात सामने आई। जब ग्रामीण दोबारा मौके पर पहुंचे तो ईंटें नदारद थीं, जिससे ग्रामीणों में खलबली मची हुई है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि ईंटों पर ‘6965’ अंकित था। वहीं, मौके पर एक कथित तांत्रिक के मौजूद होने की भी चर्चा है, जिससे मामले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल, यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिरोजाबाद के खेत से निकला था चांदी के सिक्कों से भरा मटका पांच महीने पहले फिरोजाबाद जिले के जसराना में भट्ठे के लिए मिट्टी की खुदाई के लिए शिवप्रताप के खेत में जेसीबी चल रही थी। खुदाई करते वक्त अचानक जेसीबी के सामने आ गई थी। जेसीबी से जब मटकी को उठाने का प्रयास किया तो मटकी फूट गई थी। मटकी फूटते ही उसमें से काफी सिक्के बाहर बिखर गए। जेसीबी चालक द्वारा बताए जाने पर आसपास से ग्रामीण एवं बच्चे भी पहुंच गए थे। सिक्कों को पाने के लिए उनमें छीना झपटी भी शुरू हो गई थी। खबर मिलने पर खेत मालिक भी पहुंच गए थे।

सोनामुखी रैली में गरजे योगी, बोले- बंगाल में खत्म होगी गुंडागर्दी

लखनऊ यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को बंगाल में बीजेपी के लिए चुनाव प्रचार करने पहुंचे। इस दौरान उन्होने ममता के गढ़ सोनामुखी में रैली को संबोधित किया। योगी के निशाने पर टीएमसी रही। उन्होने कहा कि टीएमसी के लोग चाहते हैं कि आधी आबादी उर्दू बोले, उनसे कहिए कि जहां उर्दू बोली जाती है, वहां चले जाएं। बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। बंगाल में गुंडों का इलाज यूपी का बुलडोजर करेगा। बुलडोजर सिर्फ सड़कें नहीं बनाता, माफियाओं का भी इलाज करता है। बेटियों की इज्जत से खिलवाड़ करने वालों की पसलियों को मसल डालता है। उन्होने टीएमसी को मुस्लिम वोटबैंक की सौदागर करार दिया। बंगाल में जो अभी गुंडागर्दी है, वो 9 साल पहले यूपी में थी- योगी योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में अब सड़कों पर नमाजें नहीं पढ़ी जाती हैं। मस्जिदों से चिल्लाने की आवाज नहीं आती है। लव जिहाद के लिए सख्त कानून है। गौ-हत्या नहीं हो सकती है। हर बेटी, हर व्यापारी सुरक्षित है। हर हाथ को काम है, हर खेत में पानी है। यूपी के विकास को कांग्रेस और सपा भी नहीं रोक पाई है। उन्होने कहा कि जो गुंडागर्दी आज बंगाल में है, वही 9 साल पहले यूपी में थी। अब यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है- योगी हर पर्व और त्योहार पर दंगे होते थे। महीनों-महीनों कर्फ्यू लगता था। व्यवसाय ठप पड़े रहते थे। सरकार के समानांतर (पैरलल) गुंडे-माफिया शासन करते थे। 2017 में यूपी में डबल इंजन की सरकार आई। अब यूपी में तुष्टिकरण नहीं, संतुष्टिकरण है। सीएम योगी ने बांकुड़ा जिले के सोनमुखी, पूर्व मेदिनीपुर के नंदकुमार और कांथी दक्षिण में जनसभा की। एनडीए के प्रत्याशियों के लिए जनता से समर्थन मांगा। बंगाल की दुर्दशा देख दुख होता है- योगी मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बंगाल की दुर्दशा देखकर दुख होता है। इसे पहले कांग्रेस, फिर वाम दल और अब TMC ने बर्बाद किया। ममता बनर्जी की सरकार ने तो बंगाल को कंगाल बना दिया। बंगाल की राष्ट्रवाद की धरती को टीएमसी ने तुष्टिकरण की धरती बना दिया। लूट-खसोट और अराजकता की धरती बना दिया। बंगाल का नाम आते ही राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत देने वाले दो महापुरुषों की याद आ जाती है। अयोध्या में कई सौ साल तक राम जन्मभूमि के लिए आंदोलन चला। बंगाल से भी बड़ी संख्या में कारसेवक गए थे। लोग कहते थे कि मंदिर नहीं बन पाएगा, लेकिन जब डबल इंजन की सरकार आई तो मंदिर बन गया। भाषण के दौरान योगी ने बंगाली बोली अपने भाषण के दौरान योगी ने बंगाली भी बोली और कहा 'बांग्लार चुप थाकबे न' यानी बंगाल अब चुप नहीं बैठेगा। अब खेला बंद होगा, विकास शुरू होगा। इसके लिए भाजपा की डबल इंजन जरूरी है। योगी ने रविवार को सोनामुखी, नंदकुमार और कांथी दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में चुनावी रैलियां कीं।

योगी सरकार का बड़ा कदम: 49 बस स्टेशनों का होगा विश्वस्तरीय पुनर्विकास

लखनऊ. योगी सरकार ने प्रदेश की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) की पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर फेज-2 बस स्टेशन विकास परियोजना को स्वीकृति मिल गई है, जिसके तहत प्रदेश के 49 प्रमुख बस स्टेशनों का पुनर्विकास किया जाएगा। इन बस स्टेशनों को आधुनिक, विश्वस्तरीय एवं बहुउद्देश्यीय बस टर्मिनल के रूप में विकसित किया जाएगा, जहां यात्रियों को उन्नत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना के अंतर्गत शीघ्र ही डेवलपर्स के चयन के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक होगी। स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि पीपीपी मॉडल के तहत बनने वाले इन बस स्टेशनों में स्वच्छता, सुरक्षा और डिजिटल सूचना प्रणाली की बेहतर व्यवस्था होगी। इसके साथ ही सुव्यवस्थित पार्किंग, वाणिज्यिक परिसर और सहायक सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा, जिससे स्मार्ट और टिकाऊ अवसंरचना विकसित की जा सके। उन्होंने बताया कि यह परियोजना डीबीएफओटी (डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) ढांचे पर आधारित होगी, जिसमें राज्य सरकार पर कोई प्रत्यक्ष पूंजीगत व्यय नहीं आएगा। निजी निवेश के माध्यम से बस स्टेशनों का विकास किया जाएगा, जबकि भूमि का स्वामित्व निगम के पास रहेगा। आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा परिवहन मंत्री ने कहा कि योगी सरकार की इस पहल से प्रदेश में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और शहरी विकास को नई गति मिलेगी। साथ ही यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और गुणवत्तापूर्ण परिवहन सेवाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने इसे उत्तर प्रदेश में आधुनिक परिवहन अवसंरचना के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इन बस अड्डों का होगा कायाकल्प आगरा में फाउंड्री नगर, अम्बेडकरनगर में अकबरपुर (डिपो कार्यशाला) अमेठी में अमेठी, अयोध्या में अयोध्या (ओल्ड बस स्टेशन) आजमगढ़ में तरवा, बलिया में रसड़ा और बेल्थरा रोड, बलरामपुर में बलरामपुर (डिपो कार्यशाला) बाराबंकी में हैदरगढ़, बस्ती में बस्ती (डिपो कार्यशाला) बिजनौर में नहटौर, बदायूं में बदायूं, बुलंदशहर में बुलंदशहर (पुराना) और खुर्जा, देवरिया में देवरिया, एटा में एटा, फिरोजाबाद में फिरोजाबाद और शिकोहाबाद, गौतमबुद्धनगर में नोएडा (डिपो कार्यशाला) गाजियाबाद में गढ़ और लोनी, गोंडा में गोंडा (डिपो कार्यशाला) हरदोई में हरदोई बस स्टेशन को आधुनिक तरीके से विकसित किया जाएगा। द्वितीय चरण में लखनऊ के जानकीपुरम में भी बनेगा बस स्टेशन इसके अलावा हाथरस में हाथरस, जौनपुर में जौनपुर, मछलीशहर और बादशाहपुर, झांसी में झांसी (नयी भूमि) कानपुर देहात में माती, कौशांबी में सराय आकिल, लखीमपुर खीरी में गोला, लखनऊ में कैसरबाग और जानकीपुरम, महाराजगंज में सुनौली और निचलौल, मिर्जापुर में विंध्याचल, मुरादाबाद में मुरादाबाद (पीतल नगरी) मुजफ्फरनगर में मुजफ्फरनगर (नई भूमि) पीलीभीत में पीलीभीत, प्रतापगढ़ में कुंडा, रामपुर में रामपुर, श्रावस्ती में भिनगा, सीतापुर में नैमिषारण्य और सिधौली, सोनभद्र में रॉबर्टसगंज (सोनभद्र) अमेठी में जगदीशपुर, उन्नाव में उन्नाव, वाराणसी में काशी (गोलगड्ढा) और चंदौली में चंदौली बस स्टेशन द्वितीय चरण के अंतर्गत विकसित किया जाएगा।

KGBV में गुणवत्ता सुधार पर जोर, योगी आदित्यनाथ सरकार कर रही ठोस बदलाव

लखनऊ. योगी सरकार ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) व्यवस्था में व्यापक और ठोस सुधार सुनिश्चित किया है। हालिया आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश में एक ओर जहां रिक्त पदों को तेजी से भरने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, वहीं दूसरी ओर आधारभूत ढांचे और छात्राओं की दैनिक सुविधाओं के विस्तार में भी प्रगति दर्ज की गई है। इतना ही नहीं, टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता लाने के लिए राज्य परियोजना कार्यालय द्वारा स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं। अब बेसिक शिक्षा विभाग खाद्यान्न, दैनिक उपयोग सामग्री एवं स्टेशनरी की आपूर्ति सुनिश्चित कर रहा है। योगी सरकार की नीतिगत सख्ती, सतत निगरानी और परिणाम आधारित कार्यप्रणाली के चलते केजीबीवी अब आवासीय विद्यालय के साथ-साथ सुरक्षित, सुसज्जित और आधुनिक शैक्षिक परिसरों के रूप में विकसित हो रहे हैं। यह परिवर्तन प्रदेश की बेटियों को बेहतर अवसर, सुविधाएं और सशक्त भविष्य प्रदान करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। आधारभूत सुविधाओं में तेजी से विस्तार प्रदेश के विभिन्न जनपदों में केजीबीवी के अंतर्गत एकेडमिक हॉस्टल, अतिरिक्त डॉरमेट्री, कंप्यूटर लैब और टॉयलेट ब्लॉक जैसी आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। आंकड़ों के अनुसार कई जिलों में इन कार्यों को पूर्ण कर छात्राओं को बेहतर आवासीय एवं शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। तेजी से भरे जा रहे रिक्त पद केजीबीवी के रिक्त पदों में सुधार की प्रक्रिया तेज है। आंकड़े बताते हैं कि प्रयागराज (43), बलिया (42), उन्नाव (39) और एटा (35) जैसे जनपदों में उच्च रिक्तियों को चिह्नित कर उनकी पूर्ति की प्रक्रिया तेज की गई है। ऐसे जनपदों में आवेदकों की स्क्रीनिंग प्रगति पर है। वहीं श्रावस्ती, रायबरेली, आजमगढ़, ललितपुर जैसे कई जनपदों में कोई भी पद रिक्त नहीं। ऐसे जिलों में रिक्तियों की संख्या शून्य होना प्रभावी मॉनिटरिंग और जवाबदेही आधारित व्यवस्था का संकेत है। सुगम बनाया जा रहा छात्राओं का दैनिक जीवन छात्राओं के दैनिक जीवन को सुगम बनाने के लिए रोटी मेकिंग मशीन, सोलर गीजर, जेनसेट एवं वाशिंग मशीन जैसी सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही फोक म्यूजिक इंस्ट्रूमेंट, ओपन जिम और 'एक केजीबीवी-एक खेल' जैसी पहलें भी छात्राओं के समग्र विकास को ध्यान में रखते हुए लागू की जा रही हैं। भवन मरम्मत का भी तेजी से हो रहा कार्य भवन मरम्मत कार्यों में भी तेजी आई है। वर्ष 2025-26 में बलरामपुर में 80% कार्य प्रगति दर्ज की गई है। अन्य जनपदों में भी मरम्मत एवं सुदृढ़ीकरण कार्य निरंतर प्रगति पर हैं। निर्माण कार्यों से जुड़े आंकड़े बता रहे हैं कि प्रदेश में केजीबीवी के अंतर्गत आधारभूत ढांचे का विस्तार तेज गति से हुआ है और अब अधिकांश कार्य हैंडओवर की अंतिम प्रक्रिया में हैं। आंकड़ों के मुताबिक बाराबंकी में कुल 34 कार्य (20 अतिरिक्त डॉरमिटरी, 13 कंप्यूटर लैब, 1 टॉयलेट ब्लॉक), हरदोई में 33 कार्य (4 हॉस्टल, 16 डॉरमिटरी, 6 कंप्यूटर लैब, 7 टॉयलेट ब्लॉक) तथा लखीमपुर खीरी में 27 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी क्रम में बरेली (25), गोंडा (22), देवरिया (18) और लखनऊ (17) सहित कई जनपदों में भी निर्माण कार्य पूरे कर लिए गए हैं। यानी बड़ी संख्या में निर्माण कार्य धरातल पर पूर्ण हो चुके हैं और अब हैंडओवर की प्रक्रिया प्रगति पर है। योगी सरकार ने पहले चरण में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है और अब उसे व्यवस्थित रूप से विद्यालयों को सौंपकर छात्राओं के उपयोग में लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे शीघ्र ही इन सुविधाओं का पूर्ण लाभ बालिकाओं को मिल सकेगा।

प्रख्यात गायिका आशा भोंसले के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया शोक

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारतीय संगीत जगत की स्वर-साम्राज्ञी एवं महान गायिका पद्मविभूषण आशा भोंसले के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने इसे कला और संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया हैंडल ‘एक्स’ पर अपने शोक संदेश में कहा कि आशा भोंसले की अद्वितीय गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनके मधुर स्वर सदैव देशवासियों के मन में गूंजते रहेंगे और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों एवं प्रशंसकों को इस कठिन समय में धैर्य व संबल प्रदान करने की कामना की। उन्होंने कहा कि आशा भोंसले का योगदान भारतीय संगीत की अमूल्य धरोहर के रूप में सदैव याद किया जाएगा।

नंदकुमार रैली में योगी आदित्यनाथ का बड़ा हमला, बोले— TMC का मतलब तुष्टिकरण, माफियाराज और कट मनी की राजनीति

पूर्वी मेदिनीपुर. पश्चिम बंगाल के नंदकुमार विधानसभा क्षेत्र में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज टीएमसी का मतलब “तुष्टिकरण, माफिया राज और कट मनी” बनकर रह गया है, जिसने बंगाल की विकास यात्रा को बाधित किया है। मुख्यमंत्री ने टीएमसी के ‘मां-माटी-मानुष’ के नारे पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आज बंगाल में मां-बहन असुरक्षित हैं, माटी घुसपैठियों के कब्जे में और मानुष भयभीत व असहाय है। उन्होंने जनता से आह्वान किया कि बंगाल को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान, सुरक्षा और विकास के मार्ग पर लाने के लिए परिवर्तन आवश्यक है।  तुष्टिकरण, लूट, अराजकता की चुनौतियों से जूझता बंगाल मुख्यमंत्री ने बंगाल की महान सांस्कृतिक धरा को नमन करते हुए कहा कि बंगाल प्रेरणा की भूमि है, जिसने भारत को दिशा दी है। यहां से स्वामी विवेकानंद ने विश्व मंच पर सनातन का परचम लहराते हुए कहा कि गर्व से कहो कि हम हिंदू हैं। इसी भूमि पर खुदीराम बोस ने देश के लिए हंसते-हंसते बलिदान दिया और सुभाष चंद्र बोस ने आजादी का बिगुल फूंका। रामकृष्ण परमहंस, स्वामी विवेकानंद और लाहिड़ी महाशय जैसे संतों की परंपरा तथा श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसे राष्ट्रनायकों ने इस भूमि को गौरव प्रदान किया। इसी धरती ने गुरुदेव रवीन्द्रनाथ ठाकुर द्वारा रचित “जन गण मन” और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के “वंदे मातरम्” जैसी अमर धरोहरें दीं, जो भारत की स्वतंत्रता का मंत्र बनीं। लेकिन आज वही बंगाल तुष्टिकरण, लूट, अराजकता और गुंडागर्दी की चुनौतियों से जूझ रहा है, जहां कृषि प्रधान क्षेत्र का किसान अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं पा रहा और सरकार आवश्यक सुविधाएं देने में विफल साबित हो रही है। बंगाल में डेमोग्राफी बदलने का कुत्सित प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में डेमोग्राफी बदलने के कुत्सित प्रयास और तुष्टिकरण की राजनीति विकास में बाधा बन रही है। स्वतंत्रता के समय बंगाल देश की अर्थव्यवस्था का लगभग एक-तिहाई हिस्सा था, लेकिन धीरे-धीरे उद्योग, कल-कारखाने और एमएसएमई सेक्टर कमजोर होते गए तथा कला, संस्कृति और शिक्षा पर राजनीति हावी हो गई। पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और बीते वर्षों में टीएमसी शासन में स्थिति और बिगड़ी। कभी आर्थिक शक्ति का केंद्र रही यह उर्वर भूमि आज भ्रष्टाचार और कुप्रबंधन के कारण कमजोर पड़ती दिख रही है। मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि मां महाकाली और मां दुर्गा की इस पावन धरा को तुष्टिकरण और अराजकता का प्रतीक नहीं बनने देना है, बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ कर अवैध गतिविधियों पर रोक लगानी होगी।  बंगाल से भी गंभीर स्थिति कभी यूपी में थी मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार की अराजकता, गुंडागर्दी, लूट और तुष्टिकरण आज बंगाल में देखने को मिल रहा है, उससे मिलती-जुलती बल्कि उससे भी गंभीर स्थिति 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में थी, जब हर तीसरे दिन दंगे होते थे, त्योहारों से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे और प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य के रूप में जाना जाता था। 2017 में नरेंद्र मोदी के आह्वान पर प्रदेश में डबल इंजन सरकार बनने के बाद हालात पूरी तरह बदले और अब न कर्फ्यू न दंगा, यूपी में सब चंगा। कानून व्यवस्था सुदृढ़ हुई, दंगे रुके, महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बने और अवैध गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई हुई, जिससे उद्योगों को बढ़ावा मिला और हर वर्ग के लिए विकास की योजनाएं लागू हुईं। सीएम ने अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण को इस परिवर्तन का प्रतीक बताते हुए कहा कि अब जरूरत है बंगाल में विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने की।  माफिया का इलाज भी करता है यूपी का बुलडोजर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज कोलकाता का मेयर चुनौती देता है, कहता है कि बंगाल की आधी आबादी उर्दू बोलेगी, यानी बांग्ला और बंगाली पहचान को समाप्त करने की कोशिश की जा रही है। यह एक साजिश है और इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। जो लोग कहते हैं कि यहां उर्दू बोली जाएगी, उन्हें स्पष्ट कर दो कि उर्दू जहां बोली जाती है, वहीं बोली जाएगी, बंगाल में बांग्ला ही बोली जाएगी। बंगाल की कला, संस्कृति, आध्यात्मिक विरासत, बहन-बेटियों की सुरक्षा और युवाओं के रोजगार के साथ जो भी खिलवाड़ करेगा, उसे उत्तर प्रदेश का बुलडोजर सख्त जवाब देगा। यूपी का बुलडोजर केवल सड़कें बनाने तक सीमित नहीं है, यह माफिया का इलाज भी करता है। और, यह बुलडोजर वहीं प्रभावी ढंग से चलता है, जहां डबल इंजन सरकार की रफ्तार और संकल्प मौजूद होता है। हिंदुओं के कत्लेआम पर चुप रहती हैं ममता मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल में डेमोग्राफी बदलने की साजिश की जा रही है। मालदा, मुर्शिदाबाद, उत्तर दिनाजपुर, नादिया, बीरभूम व हावड़ा जैसे जिलों में सामाजिक संतुलन बिगाड़ने की चेष्टा हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस सरकार ने रामनवमी जैसे अवसरों पर शोभायात्राओं को रोकने का प्रयास किया और अवैध घुसपैठ सिंडिकेट को बढ़ावा दिया। सीएम योगी ने बांग्लादेश में हिंदुओं के कत्लेआम पर ममता बनर्जी समेत तमाम राजनीतिक दलों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति स्वीकार नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री ने सीमा सुरक्षा को अहम बताते हुए कहा कि लगभग 570 किमी सीमा पर फेंसिंग जरूरी है, ताकि अवैध गतिविधियों व घुसपैठ पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।  बंगाल को उसकी सांस्कृतिक पहचान व गौरव दिलाना होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि बंगाल, जो कभी “कल्चरल कैपिटल ऑफ इंडिया” के रूप में देश को दिशा देता था, आज अपराध व अराजकता का केंद्र बनता जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ब्रिटिश सरकार द्वारा 1905 में बंगाल विभाजन का षड्यंत्र रचने और इसके बाद स्वदेशी आंदोलन का स्मरण करते हुए कहा कि “वंदे मातरम्” जैसी प्रेरणा देने वाली इस भूमि को फिर से उसकी सांस्कृतिक पहचान और गौरव दिलाना होगा। उन्होंने तमलुक से सांसद बने अभिजीत गांगुली के चयन पर जनता का अभिनंदन करते हुए अपील की कि भाजपा प्रत्याशी निर्मल खानरा को समर्थन देकर विकास और परिवर्तन के प्रतीक कमल को विजय दिलाएं, ताकि बंगाल को फिर समृद्धि और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ाया जा सके।