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योगी सरकार की सौगात 300 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा अमेठी का स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय

2026 में अमेठी को मिलेगा 550 बेड वाला आधुनिक मेडिकल कॉलेज, स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बड़ा विस्तार योगी सरकार की सौगात 300 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा अमेठी का स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय अब महानगरों का सफर खत्म, अमेठी में ही मिलेगा गंभीर से गंभीर बीमारी का इलाज 31 जनवरी 2026 तक 300 बेड का अस्पताल व क्रिटिकल केयर ब्लॉक होंगे हैंडओवर एमबीबीएस से लेकर डीएनबी तक, अमेठी मेडिकल कॉलेज बनेगा चिकित्सा शिक्षा का नया केंद्र नए साल में नर्सिंग कॉलेज समेत चिकित्सा सुविधाओं का होगा व्यापक विस्तार योगी सरकार की पहल से अमेठी बना उन्नत स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा का हब अमेठी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। अमेठी की तिलोई तहसील में स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा इस महाविद्यालय का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वर्तमान में महाविद्यालय से संबद्ध 200 बेड वाले अस्पताल में सेवाएं संचालित हैं, जबकि 31 जनवरी 2026 तक 300 बेड का नया अस्पताल और 50 बेड का क्रिटिकल केयर ब्लॉक हैंडओवर किया जाएगा। इससे कुल बेड की संख्या 550 हो जाएगी, जिससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। साथ ही नर्सिंग कॉलेज का निर्माण भी इसी तिथि तक पूरा होने की उम्मीद है। योगी सरकार की यह पहल अमेठी सहित आसपास के जिलों के लोगों के लिए वरदान साबित हो रही है। क्षेत्रवासियों का लंबे समय से चला आ रहा मेडिकल कॉलेज का सपना अब साकार हो रहा है और 2026 तक यह संस्थान पूर्ण रूप से 500 प्लस बेड वाले आधुनिक चिकित्सा केंद्र के रूप में स्थापित हो जाएगा। शैक्षणिक सुविधाओं का तेजी से विस्तार राज्य स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियां भी तेजी से बढ़ रही हैं। एमबीबीएस कोर्स में 100 सीटें स्वीकृत हैं। पैरामेडिकल क्षेत्र में 11 डिप्लोमा कोर्स चलाए जा रहे हैं, जिनमें कुल 230 सीटें हैं। इनमें एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर टेक्नीशियन, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, इमरजेंसी एवं ट्रॉमा केयर, लैब टेक्नीशियन, ऑपरेशन थियेटर टेक्नीशियन, एक्स-रे टेक्नीशियन जैसे महत्वपूर्ण कोर्स शामिल हैं। कई विभागों को मिल सकती है डीएनबी की सीटें आगामी सत्र 2026-27 से बीएससी नर्सिंग कोर्स में 60 सीटें शुरू होने की तैयारी है। पोस्टग्रेजुएट स्तर पर डीएनबी कोर्स में प्रसूति एवं स्त्री रोग, बाल रोग, एनेस्थीसिया में डिप्लोमा और मेडिसिन में डिग्री कोर्स स्वीकृत हैं। कुछ अन्य कोर्सों का निरीक्षण पूरा हो चुका है और परिणाम का इंतजार है। जानिए, अस्पताल में क्या क्या मिल रहीं चिकित्सा सुविधाएं महाविद्यालय से जुड़े अस्पताल में ओपीडी और इनडोर सेवाएं नियमित चल रही हैं। मेडिसिन, सर्जरी, गायनेकोलॉजी, पीडियाट्रिक्स, ऑर्थोपेडिक्स, ईएनटी, डर्मेटोलॉजी समेत कई विभागों में रोजाना 1000 से ज्यादा मरीजों का इलाज हो रहा हैं।आपातकालीन सेवाएं वर्तमान में 10 बेड पर चल रही हैं, जो नए अस्पताल के शुरू होने पर 30 बेड तक बढ़ जाएंगी। अस्पताल में 7 मेजर और 5 माइनर ऑपरेशन थियेटर, 20 बेड का आईसीयू और एनआईसीयू की सुविधा उपलब्ध है। 24×7 डायग्नोस्टिक सेवाएं जैसे सीटी स्कैन, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलॉजी लैब, ब्लड स्टोरेज, फार्मेसी, ईकोकार्डियोग्राफी और ईसीजी भी मरीजों को मिल रही हैं। नए वर्ष पर चिकित्सा सुविधाओं में होगा विस्तार मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ रीना शर्मा ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुसार न सिर्फ योजनाओं को लागू किया जा रहा है बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भी वृद्धि की जा रही है। कार्यदाई संस्था लोक निर्माण विभाग कार्य करा रहा है। उम्मीद है कि हम नए वर्ष में नई किरणों के साथ चिकित्सकीय सुविधाओं में विस्तार करेंगे। निर्माण पूरा अब फिनिशिंग का कार्य चल रहा लोक निर्माण विभाग सीडी टू के अधिशासी अभियंता उमेश चंद्र ने बताया कि मेडिकल कालेज का भवन अब जी प्लस सिक्स हो गया है। अब सिर्फ फिनिशिंग का कार्य चल रहा है। इसके अलावा महाविद्यालय में डायरेक्टर रूम, नर्सिंग, हॉस्टल आदि का भी कार्य चल रहा है, जिसे सिडको करा रहा है। कुल मिलाकर लगभग 300 करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट है।

यूपी में सेक्स रैकेट का पर्दाफाश, बरेली में पुलिस छापे के बाद मची अफरा-तफरी

 बरेली उत्तर प्रदेश के बरेली में पुलिस ने छापेमारी कर सेक्स रैकेट पकड़ा है. दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि एक होटल में जिस्मफरोशी का धंधा चल रहा है. पुलिस ने टीम बनाकर होटल पर छापा मारा. इस दौरान पुलिस ने एक लड़की को पकड़ लिया. वहीं उसके साथ 6 अन्य लोगों को भी अरेस्ट किया गया है. इनमें गोलीकांड का एक आरोपी भी शामिल है. लड़की के साथ पकड़े गए पांचों युवकों को गिरफ्तार कर पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है. बारादरी थाना क्षेत्र के महेंद्रनगर कॉलोनी के एक फ्लैट में देह व्यापार का धंधा चल रहा था. पिछले लंबे समय से पुलिस को इसकी जानकारी मिल रही थी. टीम बनाकर पुलिस ने रात में छापा मारा तो पूरी कहानी सामने आ गई. छापेमारी के दौरान जब पुलिस फ्लैट पर पहुंची तो दरवाजा अंदर से बंद था. जैसे ही पुलिस ने छापा मारा, फ्लैट के अंदर अफरा-तफरी मच गई. होटल के कमरों से निकलकर लोग भागने लगे. गेट पर तैनात पुलिसकर्मियों ने एक-एक कर सभी को गिरफ्तार कर लिया. पूरी कॉलोनी में अफरा तफरी मच गई. एक के बाद एक होटल के अलग-अलग कमरों से पांच लड़कों को पकड़ा गया. इस मामले में कॉलगर्ल ने पुलिस को पूछताछ में बताया कि जिस्मफरोशी के धंधे को आगे बढ़ाने के लिए बाइपास को पॉइंट बनाया हुआ था. यहां पर वह इशारों से लोगों को फंसाती थी और फिर होटल ले जाती थी. गोलीकांड का आरोपी गिरफ्तार इस मामले में गोलीकांड का आरोपी भी अरेस्ट हुआ है. पुलिस ने पहले से ही प्लानिंग बनाकर होटल को घेर लिया था. आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया गया. हालांकि कुछ ने भागने की भी कोशिश की, लेकिन वे पकड़े गए. इस मामले में थाना अध्यक्ष धनंजय सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में बिचपुरी निवासी रोहित ठाकुर शामिल है, जो पीलीभीत बाइपास गोलीकांड में भी शामिल रह चुका है. इसके अलावा सोनू, बसंत, अभय विक्रम, सुधांशु और एक कॉलगर्ल को अरेस्ट किया गया है. छापेमारी के दौरान होटल के कमरों से भारी मात्रा में आपत्तिजनक चीजें भी मिली हैं. इसमें कुछ दवाइयां भी शामिल हैं. तलाशी के दौरान पुलिस ने फ्लैट से छह मोबाइल, 4100 रुपये कैश और कई आपत्तिजनक चीजें बरामद कीं. ये सभी चीजें सील कर आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया.

भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कही बड़ी बात

संस्कृति में होती है राष्ट्र की आत्माः योगी आदित्यनाथ भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कही बड़ी बात राष्ट्र से अगर उसकी संस्कृति को अलग कर दिया जाए तो वह हो जाता है निस्तेजः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी बोलेः भारत की कला, स्वर व लय ने अपनी इस पहचान को विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए भी दी निरंतरता एक संस्कृति कर्मी भी राष्ट्र निर्माण में देता है योगदानः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, कलाकार की कला है एक ईश्वरीय गुण जिसकी नहीं होनी चाहिए अवमानना लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्र की आत्मा उसकी संस्कृति में होती है। उन्होंने कहा कि जैसे किसी मनुष्य की आत्मा उसके शरीर से संबंध तोड़ देती है तो शरीर निस्तेज हो जाता है, उसी प्रकार राष्ट्र के जीवन में भी होता है। किसी भी राष्ट्र की संस्कृति को उससे अलग कर दिया जाए तो राष्ट्र निस्तेज हो जाता है। वह खंडहर में परिवर्तित हो जाता है और अपनी पहचान को खो देता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि यह अवसर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, भारत की कला, स्वर व लय ने अपनी पहचान को विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए जो निरंतरता दी उसी के बदौलत हमारी सनातन संस्कृति विश्व में खुद को स्थापित करने और आगे बढ़ाने में सफल हुई है। उन्होंने कहा कि कलाकार की कला एक ईश्वरीय गुण है जिसकी हमें अवमानना नहीं करनी चाहिए। कलाकार किसी भी विधा से जुड़ा हो, उसे प्रोत्साहित करना चाहिए। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का सम्बोधन    "आज मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जहां से सांसद के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी जी स्वयं देश की संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं।  यहां पर अभी हमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सोनल मान सिंह ने कहा कि यहां जब नृत्य करते हैं तो नटराज के रूप में भगवान शिव हमारे सामने दिखाई देते हैं। जब हम वीणा में अपने स्वर को लय दे रहे होते हैं तो साक्षात सरस्वती माता सरस्वती हमारे सामने होती है।  हम जब कोई संवाद किसी नाटक में कर रहे होते हैं तो राम की मर्यादा हमारे सामने उस समय देखने को मिलती है और जब हम किसी रस में डूबे होते हैं तो कृष्ण की रस धारा भी हमारे साथ जुड़ती हुई दिखाई देती है। ये कहां मिलेगा सब कुछ तो उत्तर प्रदेश के अंदर मौजूद है" एक संस्कृति कर्मी भी राष्ट्र निर्माण में देता है योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी भारत की सांस्कृतिक चेतना, स्वर, लय और संस्कार को इस संस्थान ने एक नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने पिछले 100 वर्षों में भारतीय संगीत, नृत्य, नाट्य और ललित कलाओं को न केवल संरक्षित किया है, बल्कि उन्हें आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था से जोड़कर प्रतिष्ठित भी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक संस्कृति कर्मी भी राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दिशा में भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय से जुड़े सभी महानुभावों के योगदान के लिए उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर की चिट्ठी का उल्लेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1940 में गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर ने एक पत्र जारी कर इस संस्थान को विश्वविद्यालय के रूप में संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे की भावनाओं के अनुरूप इस संस्थान को विश्वविद्यालय का स्वरूप प्रदान किया जा सका। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में देश आज़ाद हुआ और वर्ष 1950 में संविधान लागू हुआ। इसके बाद वर्ष 2017 तक अनेक सरकारें आईं और गईं, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने भातखण्डे संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के विषय में उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रस्ताव आने में देर हुई, विभाग से निरंतर संवाद हुआ और अंततः वर्ष 2022 में सरकार ने इसे विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दी। यह उत्तर प्रदेश का पहला संस्कृति विश्वविद्यालय है। उन्होंने कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा विश्वविद्यालय का कुलगीत और लोगो ‘नादाधीनं जगत्’ थीम पर आधारित किया गया, जिसका अर्थ है-पूरा जगत नाद के अधीन है। यह जीवन की सच्चाई को दर्शाता है। ओंकार है सृष्टि का पहला स्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस सृष्टि का पहला स्वर ओंकार है। उन्होंने नाद योग का उल्लेख करते हुए कहा कि विज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति तीनों ही इसकी पुष्टि करते हैं। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय का विजन भी यही है कि नाद के अधीन पूरा जगत है। उन्होंने कहा कि संगीत की विभिन्न विधाओं के माध्यम से इसी नाद की पहचान करना साधना का विषय है। विश्वविद्यालय से जुड़े पूर्व कलाकारों को सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा कि ये कलाकार न केवल भातखण्डे की परंपरा, बल्कि उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित कर रहे हैं। कॉफी टेबल बुक के विमोचन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आने वाले समय में यह पुस्तक प्रेरणा का कार्य करेगी। देश की आज़ादी के शताब्दी महोत्सव के साथ जब विश्वविद्यालय जुड़ रहा होगा, तब यह कॉफी टेबल बुक अत्यंत प्रासंगिक सिद्ध होगी। पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे के योगदान को किया याद मुख्यमंत्री योगी ने पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 1926 में देश औपनिवेशिक शासन के अधीन था। उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित थी और संगीत तथा कला के लिए मंच उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में पंडित भातखण्डे ने भारतीय संगीत को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया। शास्त्रीय अनुशासन, सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, राग-ताल का वर्गीकरण, क्रमिक पद्धति और गुरु-शिष्य परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना उनका ऐतिहासिक योगदान था। यह कार्य केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति को आत्मसम्मान, आत्मगौरव और स्थायित्व देने का प्रयास था। कुम्भ 2019 … Read more

यूपी रोडवेज: यात्रियों को अब मिलेगा 7.5 लाख रुपये तक का दुर्घटना बीमा

लखनऊ  यूपी परिवहन निगम द्वारा यात्रियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती यात्रा उपलब्ध कराने के लिए लगातार कई महत्वपूर्ण सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में बड़ी संख्या में लोग रोडवेज बसों के बजाय प्राइवेट वाहनों से यात्रा कर रहे हैं, जिससे वे अनावश्यक रूप से अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं। टिकट लेते ही बीमा कवर स्वतः प्राप्त हो जाता है परिवहन निगम के अनुसार, रोडवेज बस का टिकट लेते ही यात्री को साढ़े सात लाख रुपये तक का बीमा कवर स्वतः प्राप्त हो जाता है। किसी भी प्रकार की दुर्घटना की स्थिति में इस बीमा योजना का लाभ यात्रियों या उनके परिजनों को दिया जाता है। वर्तमान में रायबरेली स्थित डिपो में कुल 174 बसें उपलब्ध हैं, जो दिल्ली, लखनऊ, हरिद्वार, अयोध्या, सुलतानपुर, प्रयागराज सहित अन्य प्रमुख रूटों पर प्रतिदिन संचालित की जा रही हैं। इन बसों के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 25 से 28 हजार यात्री यात्रा करते हैं। इसके बावजूद भी हजारों यात्रियों की प्राथमिक पसंद आज भी प्राइवेट वाहन, ई-रिक्शा और अन्य साधन बने हुए हैं, जबकि इन वाहनों में यात्रियों की सुरक्षा की कोई ठोस जिम्मेदारी तय नहीं होती। शिकायत निवारण प्रणाली भी उपलब्ध कराई जाती है रोडवेज बसों में यात्रा करने पर न केवल सुरक्षित सफर मिलता है, बल्कि टिकट के साथ ही बीमा सुविधा भी स्वतः लागू हो जाती है। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना परिवहन निगम की पूर्ण जिम्मेदारी होती है। इसके साथ ही आपात स्थिति के लिए हेल्पलाइन, दुर्घटना के समय तत्काल राहत तथा प्रभावी शिकायत निवारण प्रणाली भी उपलब्ध कराई जाती है। क्या कहना है चालकों का? डिपो पर मौजूद चालक-परिचालकों का कहना है कि जागरूकता की कमी के कारण यात्री प्राइवेट वाहनों का चयन कर लेते हैं, जबकि इनमें न तो सुरक्षा की गारंटी होती है और न ही किसी प्रकार का बीमा कवर। कई प्राइवेट वाहन ओवरलोडिंग और अवैध संचालन के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ा देते हैं। घायल यात्रियों को 25 से 50 हजार तक की सहायता क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. त्रिपाठी ने बताया कि दुर्घटना में घायल यात्रियों को 25 से 50 हजार रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। वहीं, दुर्घटना के बाद 100 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर यात्री को साढ़े सात लाख रुपये और मृत्यु की स्थिति में मृतक के परिजनों को भी साढ़े सात लाख रुपये का मुआवजा प्रदान किया जाता है। उन्होंने बताया कि पहले यह राशि पांच लाख रुपये थी, जिसे अब बढ़ाकर साढ़े सात लाख रुपये कर दिया गया है।  

गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे परिवारों के लिए राहत, यूपी सरकार की योजना

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे 19,225 परिवारों को राशन कार्ड तथा रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई तेज कर दी गई है। इसके तहत परिवार के मुखिया के नाम से जारी राशन कार्ड और आधार कार्ड का मिलान कराया जा रहा है। साथ ही ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है, जो आज भी लकड़ी अथवा अन्य परंपरागत ईंधन से भोजन पकाने को मजबूर हैं। पिछले सात दिनों में 7,873 परिवारों की जांच पूरी की जा चुकी है। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि इनमें से कई परिवारों को पूर्व में उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन प्रदान किया जा चुका है। जीरो पावर्टी लाइन के तहत सर्वेक्षण जीरो पावर्टी लाइन अभियान के अंतर्गत जिला पूर्ति कार्यालय द्वारा उज्ज्वला योजना से वंचित परिवारों का सत्यापन किया जा रहा है। सर्वेक्षण में सबसे अधिक 2,093 परिवार परशुरामपुर ब्लॉक में चिन्हित किए गए हैं, जबकि सबसे कम 842 परिवार कप्तानगंज ब्लॉक में पाए गए हैं। बनकटी ब्लॉक में 1,500, बस्ती सदर में 1,584, बहादुरपुर में 1,371 तथा दुबौलिया ब्लॉक में 1,022 परिवार चिन्हित हुए हैं। इसी तरह गौर में 1,618 और हर्रैया में 1,201 परिवार गरीबी रेखा के नीचे जीवनयापन कर रहे हैं। अन्य ब्लॉकों में भी एक हजार से अधिक ऐसे परिवार पाए गए हैं। सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा सरकार का उद्देश्य इन परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना, विकलांग पेंशन, निराश्रित पेंशन, वृद्धा पेंशन तथा उज्ज्वला गैस योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़कर मुख्यधारा में लाना और गरीबी के आंकड़ों को समाप्त करना है। पात्र परिवारों को राशन कार्ड भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सर्वेक्षण के दौरान इस बात पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है कि संबंधित परिवार के मुखिया के नाम से पहले कोई गैस कनेक्शन न जारी हुआ हो और परिवार खाना पकाने के लिए लकड़ी अथवा अन्य ठोस ईंधन का उपयोग करता हो। इसके आधार पर टीम पात्र और अपात्र परिवारों का चिन्हांकन कर रही है। आधार और राशन कार्ड का ऑनलाइन मिलान जिला पूर्ति अधिकारी विमल शुक्ल ने बताया कि जीरो पावर्टी लाइन में चिन्हित उज्ज्वला योजना से वंचित परिवारों के राशन कार्ड और आधार कार्ड का ऑनलाइन मिलान कराया जा रहा है। पात्र पाए गए परिवारों को शासन की मंशा के अनुरूप खाद्यान्न तथा उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे।  

निजी ऐप्स के हाइपर लोकल AQI मानकों पर भरोसा न करें, जनता से अपील

लखनऊ का AQI (वायु गुणवत्ता इंडेक्स) 174 निजी ऐप्स का हाइपर लोकल मानक अपनाने से फैल रहा भ्रम जनता से अपील: भ्रामक खबरों से रहें सावधान लखनऊ  लखनऊ का AQI (वायु गुणवत्ता इंडेक्स) 174 है जो हवा की मॉडरेट क्वालिटी को प्रमाणित करता है। सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफार्म पर  AQI से संबंधित भ्रामक आंकड़े प्रचारित और प्रसारित किए जा रहे हैं जो वायु गुणवत्ता बताने वाले निजी एप से लिए गए हैं।  अधिकतर विदेशी प्लेटफॉर्म US-EPA मानकों का उपयोग करते हैं, जबकि भारत में National Air Quality Index (NAQI) का पालन किया जाता है। दोनों के मापदंड अलग-अलग हैं। साथ ही सरकारी स्टेशन (जैसे लालबाग, तालकटोरा, अलीगंज) प्रमाणित और कैलिब्रेटेड उपकरणों का उपयोग करते हैं। निजी संस्थाएं अक्सर सैटेलाइट डेटा या अनकैलिब्रेटेड सेंसर का प्रयोग करती हैं, जिनमें त्रुटि की संभावना अधिक होती है। सीपीसीबी का डेटा 24 घंटे के औसत पर आधारित सीपीसीबी द्वारा जारी AQI आंकड़े पिछले 24 घंटों के औसत वैज्ञानिक मूल्यांकन पर आधारित होते हैं, जिससे शहर की वास्तविक और समग्र वायु गुणवत्ता की स्थिति सामने आती है। इसके विपरीत, कई निजी ऐप्स क्षणिक और स्थानीय धूल और कणों को दिखाते हैं, जो किसी एक चौराहे, ट्रैफिक जाम या सीमित गतिविधि के कारण हो सकते हैं और पूरे शहर की स्थिति को प्रतिबिंबित नहीं करते। तकनीकी अंतर से पैदा होता है भ्रम वायु गुणवत्ता मापने की तकनीक और मानकों में अंतर के कारण निजी ऐप्स पर दिखाई देने वाले आंकड़े अक्सर भ्रामक हो जाते हैं। सीपीसीबी का मॉडल भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप विकसित किया गया है, जबकि अधिकतर निजी ऐप विदेशी परिस्थितियों पर आधारित होते हैं, जो भारत की भौगोलिक, मौसमी और पर्यावरणीय स्थितियों को सही तरीके से आंकने में सक्षम नहीं हैं। धूल और धुएं में अंतर नहीं कर पाते निजी ऐप्स विशेषज्ञों के अनुसार कई निजी ऐप धूल कण और धुएं के बीच अंतर नहीं कर पाते। भारतीय शहरों में धूल की मात्रा स्वाभाविक रूप से अधिक होती है, लेकिन विदेशी मॉडल इसे सीधे प्रदूषण मान लेते हैं। इसी कारण AQI को वास्तविकता से अधिक दिखाया जाता है और अनावश्यक डर का माहौल बनता है। एक ही शहर के लिए अलग-अलग आंकड़े, भरोसेमंद नहीं निजी डेटा यह भी सामने आया है कि निजी ऐप्स एक ही शहर के अलग अलग इलाकों के लिए अलग अलग AQI दिखाते हैं, जो समग्र शहरी स्थिति नहीं बताते। ऐसे आंकड़े न तो प्रमाणिक होते हैं और न ही किसी आधिकारिक एजेंसी द्वारा सत्यापित, जिससे आमजन में भ्रम और चिंता फैलती है। भ्रामक आंकड़ों से फैलाई जा रही चिंता निराधार निजी ऐप के आधार पर फैलाया जा रहा डर तथ्यहीन और निराधार है। लखनऊ की वायु गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में है, स्थिति नियंत्रण में है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। नागरिकों से अनुरोध है कि केवल सीपीसीबी और सरकारी स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें।

पूर्व डीजीपी डॉ. प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया

पूर्व डीजीपी डॉ. प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की कमान अब पूर्व डीजीपी डॉ. प्रशांत कुमार के हाथों में लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा सेवा चयन प्रक्रिया को मजबूत और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से राज्य के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) डॉ. प्रशांत कुमार को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। डॉ. प्रशांत कुमार 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी रहें हैं, जो हाल ही में डीजीपी पद से रिटायर हुए हैं। उनके प्रशासकीय अनुभव को देखते हुए प्रदेश सरकार ने उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है। डॉ. प्रशांत कुमार ने उत्तर प्रदेश पुलिस सेवा में  विभिन्न अहम पदों पर अपनी प्रशानिक कुशलता का परिचय दिया है, जिसमें प्रदेश के एडीजी (एल ओ) और कार्यकारी डीजीपी के रूप में राज्य की कानून-व्यवस्था को दुरुस्त करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका प्रशासनिक और शासकीय अनुभव सराहनीय रहा है। शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका से शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और शिक्षक बहाली को नई गति मिलने की उम्मीद है। डॉ. प्रशांत कुमार की नियुक्ति से न केवल भर्ती परीक्षाओं की निष्पक्षता सुनिश्चित होगी, बल्कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को भी गति मिलेगी।

सूर्या अपार्टमेंट में स्थापित 15 किलोवाट सोलर संयंत्र से हर माह 20 हजार रुपये तक की हो रही बचत

पीएम सूर्यघर योजना में लखनऊ की एक रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन में पहली बार सामुदायिक सोलर रूफटॉप संयंत्र की स्थापना सूर्या अपार्टमेंट में स्थापित 15 किलोवाट सोलर संयंत्र से हर माह 20 हजार रुपये तक की हो रही बचत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ऊर्जा नीति को मिल रही मजबूती लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि दर्ज की गई है। केंद्र सरकार की पीएम सूर्यघर योजना के तहत लखनऊ की किसी रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) में पहली बार सामुदायिक सोलर रूफटॉप संयंत्र की सफल स्थापना की गई है। गोखले मार्ग स्थित सूर्या अपार्टमेंट आरडब्ल्यूए में लगाए गए 15 किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र से न केवल बिजली बिल में हर माह ₹20 हजार तक की बचत हो रही है, बल्कि यह पहल योगी सरकार की हरित ऊर्जा नीति को भी मजबूती प्रदान कर रही है। यह लखनऊ की किसी भी आरडब्ल्यूए में पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत सामुदायिक क्षेत्र के लिए स्थापित पहला सोलर रूफटॉप संयंत्र है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा को प्रोत्साहन देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के तहत केंद्र सरकार की पीएम सूर्यघर योजना को प्रदेश में प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्रुप हाउसिंग सोसायटी (GHS) एवं रेजीडेण्ट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के कामन एरिया की विद्युत आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु सोलर रूफटॉप संयंत्रों की स्थापना को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के अंतर्गत सामुदायिक लाइटिंग, पंखे, वाटर पंप, लिफ्ट आदि के लिए अधिकतम 500 किलोवाट क्षमता तक सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाने का प्रावधान है, जिस पर भारत सरकार द्वारा ₹18,000 प्रति किलोवाट की दर से केंद्रानुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के ऊर्जा विभाग एवं डिस्कॉम के सहयोग से आरडब्ल्यूए को इस योजना का लाभ लेने में सुविधा प्रदान की जा रही है।   इस परियोजना पर कुल ₹8.10 लाख की लागत आई, जिसके सापेक्ष आरडब्ल्यूए को ₹2.70 लाख का केंद्रानुदान प्राप्त हुआ। संयंत्र के चालू होने से वर्तमान में विद्युत बिल में ₹15,000 से ₹20,000 प्रति माह तक की बचत हो रही है। इससे सामुदायिक सुविधाओं पर होने वाला खर्च कम होने के साथ-साथ निवासियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना भी संभव हो सका है। यह पहल योगी सरकार की हरित ऊर्जा, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और स्वच्छ पर्यावरण की नीति को धरातल पर साकार करती है। यह लखनऊ सहित प्रदेश की अन्य आरडब्ल्यूए एवं ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है। सभी आरडब्ल्यूए से अपील की गई है कि वे योगी सरकार के सहयोग से पीएम सूर्यघर योजना का लाभ उठाते हुए अपने कामन एरिया में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित करें और हरित ऊर्जा की दिशा में भागीदार बनें।

उत्तर प्रदेश सरकार का बड़ा कदम: अब पेट्रोल और डीजल पंप खोलने के लिए 10 विभागों की NOC की जरूरत नहीं

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में पेट्रोल पंप खोलना अब पहले की तुलना में आसान होने जा रहा है. प्रदेश सरकार ने कारोबारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है. अब पेट्रोल और डीजल पंप खोलने के लिए पहले की तरह कई विभागों से एनओसी लेने की जरूरत नहीं होगी. सरकार के नए फैसले के तहत अब पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और वन विभाग समेत चार विभागों की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) अनिवार्यता खत्म कर दी गई है. इस संबंध में खाद्य एवं रसद विभाग ने आदेश जारी कर दिया है. नहीं लेनी पड़ेगी 10 विभागों की एनओसी अब तक पेट्रोल और डीजल पंप के लाइसेंस के लिए जिलाधिकारी को 10 विभागों राजस्व, एनएसएआई, लोक निर्माण विभाग, विकास प्राधिकरण या नगर निकाय, जिला पंचायत, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पुलिस, वन विभाग, विद्युत सुरक्षा और बिजली विभाग से एनओसी लेनी पड़ती थी. इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था, जिससे आवेदकों को अनावश्यक देरी का सामना करना पड़ता था. नई व्यवस्था के तहत अब पेट्रोल पंप खोलने के लिए मुख्य रूप से राजस्व, बिजली, लोक निर्माण विभाग और विकास प्राधिकरण-आवास विकास परिषद- औद्योगिक विकास प्राधिकरण से ही एनओसी ली जाएगी. शेष विभागों के लिए आवेदक का स्वघोषणा पत्र ही मान्य होगा. ऑनलाइन उपलब्ध होगी एनओसी इसके साथ ही जिलाधिकारी की ओर से डिजिटल हस्ताक्षरित एनओसी आवेदक के यूजर लॉग-इन पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध कराई जाएगी. आवेदक अपने आवेदन की स्थिति को ऑनलाइन ट्रैक भी कर सकेगा. यह कदम प्रदेश में निवेश और कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

राष्ट्र नायकों को समर्पित ‘राष्ट्र प्रेरणा स्थल’ का 25 दिसंबर को उद्घाटन, सीएम योगी ने किया स्थलीय निरीक्षण

लखनऊ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रेरणा के प्रतीक राष्ट्र नायकों डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उद्घाटन करेंगे। इस संबंध में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल का दौरा कर उद्घाटन समारोह की तैयारियों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने उद्घाटन समारोह के लिए हो रही तैयारियों, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था के बारे में संज्ञान लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी प्रथमेश‌ कुमार, लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत और सुरक्षा व्यवस्था देख रहे पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र कुमार सेंगर उपस्थित रहे। राष्ट्र प्रेरणा स्थल के निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने और दीवारों पर फेंसिंग को और ऊंचा करने के निर्देश दिए। उन्होंने उद्घाटन समारोह में किसी तरह की आवाजाही और ट्रैफिक की समस्या पैदा न हो इसके लिए चाक-चौबंद पार्किंग व्यवस्था को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पार्किंग की संख्या और लोगों के आने-जाने के मार्गों पर डायवर्जन और साइनेज की व्यवस्था को जल्द ही पूरा करने को कहा। म्यूजियम परिसर के निरीक्षण के दौरान उन्होंने क्यूरेशन और फिनिशिंग के कार्यों को जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा। निरीक्षण के दौरान सीएम योगी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर हो रहे पेंटिंग के कार्य के बारे में भी संज्ञान लिया। एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार ने बताया कि पेंटिंग का कार्य दो दिन में पूरा हो जाएगा, और क्यूरेशन का कार्य उद्घाटन समारोह के दो दिन पूर्व पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि लखनऊ नगर निगम उद्घाटन समारोह के दिन साफ-सफाई, अस्थायी टायलेट और पेयजल की व्यवस्था कर रहा है। मुख्यमंत्री के निरीक्षण के दौरान एलडीए वीसी ने उद्घाटन समारोह की सभी गतिविधियों से भी अवगत करवाया।  उन्होंने बताया कि उद्घाटन समारोह के दिन प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले राष्ट्र नायकों की प्रतिमाओं का अनावरण कर श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगे। इस अवसर पर राष्ट्रीयता की भावना के संचार के लिए तिरंगे गुब्बारे छोड़े जाएंगे। प्रतिमा अनावरण के बाद प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल में राष्ट्र नायकों को समर्पित म्युजियम का उद्घाटन करेंगे। यहां वो डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी, दीन दयाल उपाध्याय और श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित गैलरियों और कोर्टयार्ड का अवलोकन करेंगे। पहली गैलरी के ओरियेंटेशन रूम में वीडियो और एवी के माध्यम से राष्ट्र नायकों के संक्षिप्त जीवन परिचय को दिखाया जाएगा। इसके बाद प्रधानमंत्री म्यूजियम परिसर में ही बने भारत माता कोर्टयार्ड, जन संघ के प्रतीक चिह्न दीपक कोर्टयार्ड, और सुदर्शन चक्र कोर्टयार्ड जाएंगे और राष्ट्र नायकों से जुड़ी हुई वस्तुओं का अवलोकन करने के लिए फर्स्ट फ्लोर पर बने कोर्टयार्ड जाएंगे। म्यूजियम से बाहर निकल कर प्रधानमंत्री प्रेरणा स्थल पर बने मंच से गणमान्य अतिथियों और उद्घाटन समारोह के साक्षी बनने वाले लाखों की संख्या में प्रत्यक्षदर्शियों को संबोधित करेंगे।