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आय में वृद्धि और बढ़ते अवसर से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा

योगी सरकार के “मिशन शक्ति” से महिलाओं का हो रहा है सशक्तिकरण   आय में वृद्धि और बढ़ते अवसर से महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता को बढ़ावा सुरक्षा, कौशल और आत्मनिर्भरता से यूपी में महिला-नेतृत्व को बल  लखनऊ 1 दिसंबर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं।  मिशन शक्ति उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रहा है। इससे महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं राज्य में आर्थिक विकास, सामाजिक स्थिरता और सामुदायिक नेतृत्व की स्तंभ बनकर उभरी हैं।  महिलाओं को सुरक्षा, आत्मसम्मान और आत्मनिर्भरता मिशन शक्ति महिलाओं के लिए सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित कर रहा है। सरकार की नीतियां महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने और अपने भविष्य को स्वयं आकार देने में सक्षम बना रही हैं। मिशन शक्ति के माध्यम से महिलाएं सफलता की कहानी लिख रही हैं। मिशन शक्ति से महिलाएं अपराधों के प्रति सजग हो रही हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ ले रही हैं।  मिशन शक्ति से महिलाओं को मिली ताकत उत्तर प्रदेश में महिला सुरक्षा बड़ा मुद्दा रहा है। 2017 के बाद मुख्यमंत्री ने अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई। इसका नतीजा ये रहा है कि प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। गुंडे और माफिया प्रदेश छोड़ चुके हैं। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए 2020 में मिशन शक्ति लॉन्च हुआ। इसके बाद से महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव आए। सीएम योगी की नीतियों से महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा को सुनिश्चित किया गया है। बेहतर पुलिसिंग, समर्पित हेल्पलाइन और त्वरित कार्रवाई तंत्र ने सार्वजनिक स्थानों, कार्यस्थलों और यहां तक कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी महिलाओं के बीच सुरक्षा की भावना पैदा की है। यह सुरक्षा का एहसास अब उनकी नई आकांक्षाओं, शिक्षा, उद्यमिता या सामुदायिक नेतृत्व की मजबूत नींव बनता जा रहा है। आर्थिक सशक्तिकरण में मिशन शक्ति की अहम भूमिका योगी सरकार ने सुशासन और सुरक्षा का जो माहौल बनाया है उससे महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण भी हुआ है। महिला स्वयं सहायता समूहों की आय कई गुना बढ़ी है, जो अधिक अवसरों और आर्थिक गतिविधियों में महिलाओं की अभूतपूर्व भागीदारी को दर्शाती है। जो महिला स्वयं सहायता समूह पहले छोटे बचत समूह या स्थानीय व्यापार तक सीमित थे, वे अब मजबूत वित्तीय इकाइयों में बदल रहे हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़ा योगदान दे रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को विशेष लाभ ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए मिशन शक्ति वरदान साबित हुआ है। ग्रामीण महिलाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अनेकों योजनाएं चलाई जा रही हैं। बीसी सखी योजना ने महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार दिया है। हजारों बीसी सखियां गांवों में घर-घर जाकर बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं। इससे हजारों ग्रामीण परिवारों को समय पर लेनदेन, सरकारी लाभ और वित्तीय साक्षरता की सुविधा मिल रही है। ये महिलाएं अब वित्तीय सहयोगी ही नहीं, बल्कि अपने समुदायों में रोल मॉडल बन चुकी हैं। श्रम क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी में इजाफा योगी सरकार की नीतियों की वजह से उत्तर प्रदेश में महिलाओं की श्रम भागीदारी 2017 के 14% से बढ़कर 2023-24 में 36% हो गई है। वुमन इकोनॉमिक एम्पावरमेंट (WEE) इंडेक्स रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि महिलाएं पहले से बेहतर माहौल में काम कर रही हैं।  ODOP योजना से महिलाओं का स्वावलंबन योगी सरकार की ODOP योजना ने भी महिलाओं के लिए व्यापक रोजगार अवसर खोले हैं। इससे हस्तशिल्प, हैंडलूम, फूड प्रोसेसिंग और पारंपरिक कलाओं की ब्रांडिंग के साथ मार्केटिंग भी हो रही है। महिला कारीगरों और उद्यमियों को अब नए बाजार, बेहतर ब्रांडिंग और आय  के बेहतर अवसर मिल रहे हैं। ओडीओपी हर पारंपरिक कौशल को आधुनिक मंच से जोड़ता है। चाहे वह चिकनकारी का बारीक काम हो या मिट्टी के बर्तनों की कला, ताकि महिलाओं की प्रतिभा को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जोड़ा जा सके। महिलाओं के लिए मिशन शक्ति ने लिखा नया अध्याय  कुल मिलाकर मिशन शक्ति महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। महिलाएं अब  शक्तिशाली होकर निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। महिलाएं अब आश्रित नहीं बल्कि निर्णायक हैं। उपेक्षित नहीं बल्कि परिवर्तन की अगुवाई करती हैं। योगी सरकार का सशक्तिकरण मॉडल केवल कल्याण नहीं, बल्कि दीर्घकालिक क्षमता निर्माण, सुरक्षा और अर्थव्यवस्था में सार्थक भागीदारी पर केंद्रित है। उत्तर प्रदेश की महिलाएं प्रभावी शासन, समावेशी नीतियां और सुरक्षा प्रतिबद्धता से क्रांतिकारी भूमिका में हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति महिलाओं के सशक्तिकरण में महती भूमिका निभा रहा है।

कृषि उपकरणों पर 90% तक बंपर सब्सिडी, सरकार की मेगा स्कीम से किसानों को बड़ा फायदा

बांदा केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-कुसुम) योजना किसानों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आई है। इस योजना के तहत सोलर पंप लगाने पर किसानों को 68 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक का भारी अनुदान दिया जा रहा है। उदाहरण के लिए, 2 एचपी के सरफेस पंप का निर्धारित मूल्य ₹1,64,322 है, जिस पर किसानों को ₹1 लाख तक का अनुदान दिया जाएगा। यह योजना 2 एचपी से लेकर 10 एचपी तक के सबमर्सिबल सोलर पंप पर लागू है, जिसमें अधिकतम ₹2,54,983 तक का अनुदान मिल सकता है। इसका मुख्य लक्ष्य निजी नलकूप कनेक्शन धारक किसानों को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान करना, सिंचाई को अबाधित बनाना और फसलों की उत्पादकता बढ़ाना है।   योजना के लाभ और लक्ष्य सोलर पंप लगाने से किसानों की डीजल और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम होगी और बिजली की खपत में भी कमी आएगी, जिससे उनका खर्च घटेगा। इसके अतिरिक्त, किसान अपने इस्तेमाल के बाद बची हुई अधिशेष सौर ऊर्जा को ग्रिड में बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकते हैं। बांदा मंडल के चारों जिलों में करीब दो हजार सोलर पैनल स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, और पंजीकरण "पहले आओ, पहले पाओ" की तर्ज पर किया जा रहा है। आवेदन और चयन प्रक्रिया इस योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को विभाग की आधिकारिक वेबसाइट upagriculture.up.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है। सोलर पंप की ऑनलाइन बुकिंग भी इसी वेबसाइट से की जाएगी। किसानों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। ऑनलाइन बुकिंग के साथ ही किसानों को ₹5,000 रुपये की टोकन मनी ऑनलाइन जमा करनी होगी। बुकिंग कंफर्म होने पर, शेष धनराशि चालान के माध्यम से इंडियन बैंक की किसी भी शाखा या ऑनलाइन जमा करनी होगी, अन्यथा आवेदन स्वतः निरस्त हो जाएगा और टोकन मनी जब्त कर ली जाएगी। बोरिंग की अनिवार्यता और नियम सोलर पंप पर अनुदान पाने के लिए बोरिंग की गहराई और व्यास (Diameter) की अनिवार्यता रखी गई है। उदाहरण के लिए, 2 एचपी के लिए 4 इंच और 3 व 5 एचपी के लिए 6 इंच की बोरिंग होना अनिवार्य है। सत्यापन के समय यदि उपयुक्त बोरिंग नहीं पाई जाती है, तो भी आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा और टोकन मनी जब्त हो जाएगी। सोलर पंप स्थापित होने के बाद, स्थल परिवर्तन की अनुमति नहीं होगी, अन्यथा संपूर्ण अनुदान राशि किसान से वसूल ली जाएगी।

यूपी को टेक्नोलॉजी ड्रिवन अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर स्टेकहोल्डर के साथ मंथन

विजन 2047 : विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की होगी बड़ी भूमिका : प्रमुख सचिव आईटी एंड इलेक्ट्रोनिक्स यूपी को टेक्नोलॉजी ड्रिवन अर्थव्यवस्था बनाने को लेकर स्टेकहोल्डर के साथ मंथन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से किसान से लेकर शहरी स्टार्टअप और सरकारी कार्यप्रणाली तक में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को मिली गति लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर की मजबूत डिजिटल बुनियाद तैयार की जा रही है। सोमवार को लखनऊ स्थित होटल द सेंट्रम में स्टेकहोल्डर कंसल्टेशन बैठक में प्रदेश सरकार और निजी क्षेत्र के प्रमुख विशेषज्ञों के बीच भविष्य की रणनीतियों पर व्यापक चर्चा हुई। इस मौके पर आईटी एंड इलेक्ट्रोनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव ने कहा कि 2047 के विकसित भारत में उत्तर प्रदेश की बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इस बैठक में प्राप्त मुख्य सुझावों के आधार पर सरकार अपनी प्राथमिकताओं को तय करेगी। उत्तर प्रदेश अब डिजिटल आधारित शासन व्यवस्था और टेक्नोलॉजी ड्रिवन अर्थव्यवस्था की ओर तेज गति से बढ़ रहा है। बैठक में सबसे पहले डिजिटल कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण पर जोर देते हुए विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि किसानों के लिए एकीकृत डिजिटल इकोसिस्टम विकसित किया जाए। जिससे उन्हें बाजार की जानकारी, वित्तीय सहायता और कृषि परामर्श आसानी से उपलब्ध हो सके। टेक आधारित लॉजिस्टिक और ट्रेसिंग सिस्टम से कृषि आपूर्ति श्रृंखला में होने वाली बर्बादी कम होगी और इससे किसानों की आय बढ़ेगी। साथ ही ग्रामीण इंटरनेट और डिजिटल सुविधाओं को मजबूत करते हुए कृषि तकनीकों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। योगी सरकार की ग्रामीण विकास और डिजिटल इंडिया के सिद्धांतों को जोड़ने की यह मंशा प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगी। एमएसएमई के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को प्रदेश की आर्थिक रीढ़ मानते हुए इसे राज्यव्यापी स्तर पर बढ़ाने की रणनीति पर चर्चा हुई। प्रदेश सरकार ने पहले ही कई अवसर प्रदान किए हैं और अब इसे और सशक्त बनाने के लिए डिजिटल टूल्स प्रशिक्षण और सरल डिजिटल प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की दिशा में तेज कदम उठाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। बैठक में राज्य स्तरीय मार्केट लिंकेज प्लेटफॉर्म बनाने का सुझाव दिया गया जिससे यूपी के उत्पाद वैश्विक बाजारों तक पहुंच सकें। साथ ही औद्योगिक क्लस्टर के लिए मांग पूर्वानुमान प्रणाली स्थापित करने का सुझाव भी दिया गया जिससे उत्पादन की योजना अधिक वैज्ञानिक और सटीक हो सके। नीतिगत स्तर पर प्रदेश सरकार की सशक्त योजनाओं क्रियान्वयन की गति और तेज करने पर भी चर्चा हुई । डाटा सेंटर्स, आईटी सिटी और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में हाल ही में आए लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का स्वागत करते हुए बैठक में वैश्विक स्तर के टेक एंकरों को आकर्षित करने के लिए शहरी सुविधाओं और जीवन गुणवत्ता को बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। पर्यावरण हितैषी ढांचे के विकास पर बल देते हुए यह सुनिश्चित करने की बात हुई कि विकास के साथ हरित तकनीकों का उपयोग भी अग्रणी भूमिका में हो। युवा शक्ति और प्रतिभा निर्माण पर सरकार का विशेष ध्यान रहा है और इसी दिशा में डिजिटल शिक्षा को प्रदेश के हर स्कूल में अनिवार्य बनाने की सिफारिश सामने आई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों से संबंधित कौशल विकास केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। आईआईटी बीएचयू और विभिन्न इंजीनियरिंग संस्थानों को डीप टेक प्रतिभा निर्माण के केंद्र के रूप में सशक्त बनाने का सुझाव भी दिया गया। स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई उड़ान देने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के नेतृत्व में स्टार्टअप उत्पादों के लिए बाजार सुविधाएं उपलब्ध कराने और सरकारी खरीद में इनोवेटिव कंपनियों को विशेष प्रावधान देने का प्रस्ताव भी शामिल रहा। साथ ही नवाचार और शोध प्रयोगशालाओं का बेहतर उपयोग करते हुए पेटेंट और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर जोर दिया गया। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के संबंध में भी विशेषज्ञों ने चर्चा की। बैठक में शामिल विशेषज्ञों ने योगी आदित्यनाथ सरकार की प्रौद्योगिकी केंद्रित सोच की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश विकसित भारत के पथ पर डिजिटल नेतृत्व प्रदान करने के लिए तैयार है। तीन शक्तियों पर केंद्रित है डिजिटल प्रदेश की परिकल्पना उत्तर प्रदेश को डिजिटल प्रदेश बनाने की परिकल्पना तीन मुख्य शक्तियों पर केंद्रित है। पहली अर्थ शक्ति है। इसके अंतर्गत कृषि, निर्माण, पर्यटन और अन्य मुख्य क्षेत्रों में आर्थिक परिवर्तन को गति देने का लक्ष्य रखा गया है। दूसरी सृजन शक्ति है, इसके माध्यम से भौतिक इंफ्रास्ट्रक्चर और हरित इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करते हुए नगरीय विकास, लॉजिस्टिक्स, उपयोगिताओं और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में सतत उच्च विकास की नींव तैयार की जा रही है। वहीं जीवन शक्ति का केंद्र राज्य की जनता है जहां स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, लैंगिक सशक्तिकरण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण के माध्यम से नागरिकों के जीवन स्तर को समृद्ध बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। विजन 2047 इस बात पर स्पष्ट जोर देता है कि तकनीक और डिजिटल इनोवेशन के बल पर शासन व्यवस्था और आर्थिक ढांचे में दक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। जिससे उत्तर प्रदेश नए भारत के विकास मॉडल में अग्रणी भूमिका निभा सके। विजन 2047 पर विशेषज्ञों से मागें परामर्श विकसित उत्तर प्रदेश विजन 2047 की स्टेकहोल्डर बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी ने उपस्थित प्रतिभागियों से अपील किया कि वह सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, स्टार्टअप और अन्य क्षेत्रों में प्रदेश सरकार और अधिक प्रभावी कदम उठा सके इससे संबंधित अपने सुझाव और फीडबैक साझा करें। इस महत्वपूर्ण बैठक में आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग के प्रमुख सचिव पंधारी यादव और नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार भी शामिल रहे। बैठक के दौरान इन वरिष्ठ अधिकारियों ने आईटी कंपनियों, स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों के प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का विस्तार से उत्तर दिया और उनकी ओर से आए विभिन्न सुझावों पर सकारात्मक चर्चा हुई। प्रतिनिधियों से यह भी अनुरोध किया गया कि वे अपने सुझावों को विस्तृत रूप में लिखित ड्राफ्ट के रूप में प्रस्तुत करें ताकि उन पर विधिवत विचार कर प्रदेश सरकार उन्हें क्रियान्वित करने के लिए सर्वोत्तम निर्णय ले सके। इस अवसर पर नीति आयोग से रमा सहित कई अन्य विशिष्ट लोग उपस्थित रहे। 1 ट्रिलियन की … Read more

धान खरीद में किसी किसान की अनदेखी नहीं होगी: मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को धान खरीद की प्रगति की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि क्रय केंद्रों पर पहुंचे हर किसान का धान अवश्य खरीदा जाए और भुगतान समय पर सीधे किसानों के बैंक खातों में पहुंचे। एमएसपी में ₹69 की बढ़ोतरी, 4,227 केंद्रों पर खरीद जारी बैठक में बताया गया कि इस वर्ष कॉमन धान का एमएसपी ₹2369/क्विंटल, ग्रेड-A धान का एमएसपी ₹2389/क्विंटल तय किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में ₹69 अधिक है। वर्तमान में 4,227 खरीद केंद्र संचालित हैं। सीएम योगी ने निर्देश दिया कि किसानों की सुविधा के लिए खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 5,000 की जाए, ताकि उन्हें अपने गांव या कस्बे के पास ही धान बेचने की सुविधा मिल सके।   9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा, ₹1,984 करोड़ का भुगतान 30 नवंबर तक 1,51,030 किसानों से 9.02 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसके बदले ₹1,984 करोड़ से अधिक की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि भुगतान में देरी किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई सुनिश्चित करें सीएम योगी ने निर्देश दिया कि स्कूलों में मिड-डे मील और आंगनबाड़ी केंद्रों में फोर्टिफाइड चावल की सप्लाई निर्बाध रहे। बैठक में बताया गया कि अब तक 2,130 मीट्रिक टन एफआरके गुणवत्ता परीक्षण में सफल रहा है। उन्होंने एफआरके सप्लाई में सुधार के लिए वेंडरों की संख्या बढ़ाने और तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर करने को कहा। भीड़ रोकने के लिए केंद्रों पर मैनपावर बढ़े मुख्यमंत्री ने क्रय केंद्रों पर जरूरत के अनुसार मैनपावर बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े और कोई भी किसान धान लेकर वापस न लौटे। उन्होंने धान उठान, मिल-मैपिंग और अन्य प्रक्रियाओं को और सरल बनाने पर जोर दिया।   खाद और बीज की उपलब्धता पर निगरानी बैठक में खाद और बीज की उपलब्धता पर भी चर्चा हुई। योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसी भी जिले में खाद या बीज की कमी नहीं होनी चाहिए, और किसानों को दोनों वस्तुएं आसानी से उपलब्ध कराई जाएं। विभागों को स्टॉक और सप्लाई की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। 

काम के दौरान बेहोश हुईं BLO अधिकारी: ब्रेन हेमरेज के बाद वेंटिलेटर पर भर्ती

मुरादाबाद  मुरादाबाद से BLO ड्यूटी में लगे कर्मचारियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर एक और चिंताजनक खबर सामने आई है. हाल ही में मुरादाबाद में एक टीचर BLO सर्वेश सिंह ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने पत्नी ने आरोप लगाया कि SIR के काम के दबाव के चलते उन्होंने ये कदम उठाया. वहीं अब एक महिला BLO को ब्रेन हेमरेज होने की जानकारी सामने आई है. महिला की पहचान 57 साल की आभा सोलोम के रूप में हुई है. आभा पाकबड़ा के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापिका हैं और वर्तमान में SIR (चुनाव संबंधी पंजीकरण कार्य) में लगी हुई थीं. इसी बीच उनकी तबीयत बिगड़ गई. उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है.हालांकि, परिवार ने आभा सोलोम ने अभी तक उनकी तबीयत के पीछे SIR के कार्य के दबाव का सीधा आरोप नहीं लगाया है. उनके पति और बेटा शहर से बाहर हैं. इसलिए वह मुरादाबाद में अपने भाई-बहनों के साथ रहती हैं. काम करते हुए हो गईं बेहोश रविवार को जब उनके परिवार के लोग चर्च गए हुए थे. तब वह घर पर अकेले ही SIR के फॉर्म अपलोड करने का कार्य निपटा रही थीं. दोपहर लगभग दो बजे, जब उनकी बहन चर्च से वापस लौटीं, तो उन्होंने आभा को बिस्तर पर लेटा हुआ पाया. उन्हें दवाई देने के लिए उठाने पर आभा बेहोशी की हालत में मिलीं, जिसके बाद तुरंत बाकी घरवालों को बुलाकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया ​अस्पताल में आभा सोलोमन की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है. डॉक्टरों ने कहां कि उनका ब्लड प्रेशर काफी कम है और साथ ही ब्रेन हेमरेज की आशंका भी जताई गई है. परिजनों ने पुष्टि की है कि आभा सोलोमन बीपी की पुरानी मरीज हैं और उनका इलाज चल रहा है. हालांकि, परिवार ने अभी तक इस उनकी तबीयत खराब होने के पीछे SIR के कार्य के दबाव का सीधा आरोप नहीं लगाया है. हालांकि, उनकी तबीयत काम करते हुए ही बिगड़ी थी.

जगद्गुरु रामभद्राचार्य का संभल में प्रवचन: कल्कि अवतार और सतयुग पर बड़ा वक्तव्य

संभल अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक और विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भगवान कल्कि के अवतार लेने के बाद सतयुग का आरंभ होगा और उसमें केवल सनातनी ही रहेंगे. टीवी9 डिजिटल से बात करते हुए जगतगुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि भगवान कल्कि के अवतार के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा. थोड़ी देर लगेगी, लेकिन भगवान विष्णु के 10वें और अंतिम कल्कि अवतार के साथ सतयुग का आरंभ होगा. अगर मुसलमानों की कन्वर्ट होने की इच्छा नहीं हुई तो? जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आगे कहा कि संभल में कल्कि पुराण व्याख्यान का आयोजन हो रहा है. विश्व में पहली बार कल्कि भगवान की कथा हो रही है. सतयुग की अवधारणा में कौन-कौन रहेंगे, क्या उसमें मुसलमानों सिख और ईसाइयों के लिए भी जगह होगी? इस सवाल पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि नहीं… जो सनातन धर्म का होगा, वही सतयुग में रहेगा. मौजूदा मुसलमानों का क्या होगा, इस सवाल पर उन्होंने कहा या तो कन्वर्ट होंगे या फिर गोविंदा नमो नमः होंगे. अगर मुसलमानों की कन्वर्ट होने की इच्छा नहीं हुई तो? इस पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अपने आप कल्कि भगवान इच्छा जगा देंगे. SC-ST के आरक्षण पर क्या बोले रामभद्राचार्य? वहीं जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने एक बार फिर से दोहराया कि जाति आधार पर कहीं भी आरक्षण नहीं होना चाहिए, बल्कि आर्थिक आधार पर आरक्षण होना चाहिए. SC और ST को जाति के आधार पर आरक्षण न देने के बयान पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मैंने सरकार से SC और ST को जाति के आधार पर आरक्षण न देने की मांग कर दी है. जाति के आधार पर आरक्षण नहीं मिलना चाहिए. यदि आप जातिवाद को नष्ट करना चाहते हैं तो जाति के आधार पर आरक्षण क्यों होगा? ‘गुड़ खाओ और गुलगुले से परहेज करो’. मीडिया ने जब उनसे पूछा कि क्या आपकी मांग पर सरकार ने कोई आश्वासन दिया है? इस पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि सरकार क्या आश्वासन देगी. सरकार तो वोट बैंक चाहती है, लेकिन हमने कहा है. क्या मौजूदा सरकार आरक्षण को हटाने के पक्ष में नहीं है. इस सवाल पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि कोई बात नहीं. हमारा कोई न कोई पक्ष जीतेगा. संभल में कल्कि महोत्सव का आगाज दरअसल, संभल जिले में आज 1 से 7 दिसंबर तक चलने वाले कल्कि महोत्सव का आगाज हुआ है. कल्कि महोत्सव के आयोजक कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम के विशेष आमंत्रण पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ‘विश्व की पहली’ कल्कि कथा करेंगे. कल्कि कथा शुरू होने से पहले महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली और यज्ञशाला की परिक्रमा की. ‘WIFE’ को लेकर दिया था विवादित बयान इस मौके पर जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मैं कोई विवादित वक्तव्य नहीं देता. मैं कोई भी अशास्त्रीय और अप्रामाणिक वक्तव्य नहीं देता. धर्माचार्यों को संस्कृत पढ़नी चाहिए, इसमें मैने कुछ भी गलत नहीं बोला. ‘WIFE’ की परिभाषा को लेकर उठे विवाद परजगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि ‘WIFE’ को लेकर मैने जो बोला, वो मैं नहीं अंग्रेज बोलते हैं. ये बात विदेशी कहते हैं. हमारी भारतीय संस्कृति में औरत को पत्नी, मां और बहन माना गया, जबकि वहां पत्नी को ‘WIFE’ और ‘बेबी’ कहा जाता है. हमारी संस्कृति में महिलाओं को देवी कहा गया- रामभद्राचार्य जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आगे कहा कि जो पतन से बचा ले, वही पत्नी होती है. विदेशी संस्कृति में महिलाओं को ‘बेबी’ और ‘बीवी’ कहा गया, जबकि हमारी संस्कृति में देवी कहा गया है. हमारे यहां डाइवोर्स नहीं है, जबकि विदेशी संस्कृति में डायवोर्स होता है. हमारे यहां पत्नी नहीं धर्मपत्नी कहा जाता है. टीवी9 डिजिटल से बात करते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि यह व्याख्या मेरी नहीं विदेशियों की है. शेक्सपियर का भी मैंने उदाहरण दिया, मैंने सबके उदाहरण दिए. जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया. बिना संस्कृत ज्ञान के उपदेश देना गलत जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने आगे कहा कि मैं जगद्गुरु हूं. आज की तारीख में जितने भी जगद्गुरू गुरु हैं, किसी भी जगद्गुरू ने तीन भाष्य नहीं लिखा, लेकिन मैंने लिखा. मैं सभी सनातनी को गीता दिवस की बधाई देता हूं. जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मैं आज फिर से कहता हूं कि सभी आचार्यों को संस्कृत आनी चाहिए, उसका ज्ञान उन्हें होना चाहिए. बिना संस्कृत ज्ञान के उपदेश देना गलत है. मैं जगद्गुरू भी हूं और आचार्य भी हूं. मैं ये अहंकार में नहीं बोल रहा हूं. मैंने विदेशी संस्कृति और भारतीय संस्कृत का अंतर बताया. अपने विरोधियों को जवाब देते हुए जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि मेरी प्रतिभा को धुमिल करने के लिए जयचंद मुझे बदनाम करते हैं. ‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार’.  

कृषि के डिजिटल इकोसिस्टम के विकास से विदेशी बाजारों तक अन्नदाता के उत्पादों की पहुंच- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

आर्थिक क्रांति के ध्वजवाहक बन रहे किसान-  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  कृषि के डिजिटल इकोसिस्टम के विकास से विदेशी बाजारों तक अन्नदाता के उत्पादों की पहुंच-  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियों से अन्नदाता की आय में वृद्धि, एकीकृत प्लेटफॉर्म से किसानों को मिल रही सटीक जानकारी उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा कोल्ड स्टोरेज, गांवों में भी हो रहा है प्रोसेसिंग पार्क का निर्माण लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अन्नदाताओं की सहूलियत और उनकी समृद्धि के लिए लगातार प्रयासरत रहते हैं और समय समय पर कार्यों और योजनाओं की समीक्षा करते रहते हैं। यही वजह है कि उत्तर प्रदेश में किसान अब पहले की तुलना में लगातार समृद्धि के वाहक बन रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के मिशन से किसानों को भी जोड़ने का काम किया है। मुख्यमंत्री के दिशा निर्देश से डिजिटल कृषि नीति पर जोरों से काम हो रहा है। अन्नदाता किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी माने जाते हैं। वो न केवल नागरिकों का पेट पालते हैं बल्कि अर्थव्यवस्था में भी योगदान करते हैं। वर्तमान डिजिटल क्रांति के युग में किसान पीछे न छूट जाएं इसके लिए डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम के विकास के लिए विस्तृत योजना बनाई गई है।  अन्नदाता की आय में डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम से वृद्धि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार अन्नादाता को कृषि संबंधित डाटा एकीकृत प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध करा रही है। किसान अब बीज, उर्वरक, मौसम, सिंचाई, बीमा, बाजार, लॉजिस्टिक और फसल से संबंधित डाटा आसानी से प्राप्त कर रहे हैं। डिजिटल कृषि नीति को अतंराष्ट्रीय तकनीक से जोड़ा गया है। उत्तर प्रदेश में डिजिटलीकरण, ई-मार्केट लिंकिंग, वेयरहाउसिंग, प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट उन्मुख नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई जान दे रही हैं। डिजिटल कृषि के विकास पर योगी सरकार द्वारा 4000 करोड़ की परियोजना को तेज गति से लागू करने के निर्देश दिए गए है।  कृषि मंडियों को तकनीक से जोड़ने पर किसानों को लाभ  उत्तर प्रदेश में पहले कृषक मंडियां पुराने ढर्रे पर चलती थीं जिसमें तकनीक का कोई विशेष योगदान नहीं था। इसकी वजह से अन्नदाता और खरीदारों के बीच पारदर्शी प्लेटफॉर्म की कमी थी। पुरानी व्यवस्था में बिचौलिये सारा फायदा उठा ले जाते थे और किसानों को अपनी फसल का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था। योगी आदित्यनाथ सरकार की नीतियों का परिणाम है कि मंडियों का अब डिजिटलीकरण कर दिया गया है कि जिससे अन्नदाता को फसल और मौसम की सटीक जानकारी मिल रही है। इससे किसानों की आय में भी वृद्धि हो रही है।   ग्रामीण क्षेत्रों में कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस सुविधाओं का विकास उत्तर प्रदेश में 2017 से पहले ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की पहुंच कोल्ड स्टोरेज तक सीमित थी। 2017 में यूपी की बागडोर संभालने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउस को बढ़ाने पर जोर दिया। देश के कुल स्टोरेज में से 40% कोल्ड स्टोरेज उत्तर प्रदेश में हैं। इस समय प्रदेश में लगभग 2500 कोल्ड स्टोर हैं। इसकी कुल भंडारण क्षमता 1.55 करोड़ मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। वर्तमान सरकार कोल्ड स्टोरेज के आधुनिकीकरण पर जोर दे रही है और इसे किसानों की आय से भी जोड़ा गया है। प्रदेश में पीपीपी मॉडल से बड़ी संख्या में नए कोल्डस्टोरेज बन रहे हैं।  प्रोसेस्ड कृषि उत्पादों से वैल्यू एडिशन और नई मार्केटिंग संभावनाएं बढ़ी उत्तर प्रदेश में कृषि प्रसंस्करण कृषि सेक्टर की नई संभावना बनकर उभर रही है। योगी सरकार का अन्नदाता की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान है। किसानों का उत्पादन अब खेतों से सीधे विदेश तक पहुंच रहा है। छोटे-छोटे गांवों में भी एग्रो प्रोसेस यूनिट, फूड पार्क और ODOP आधारित कृषि उत्पादों पर विशेष ध्यान है। खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अनुसार प्रदेश में लगभग 75 हजार खाद्य प्रसंस्करण इकाईयां स्थापित हैं। वहीं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति के तहत 428 इकाइयां लगाई जा चुकी हैं। सरकार ने हर जिले में एक हजार से अधिक प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के लक्ष्य के साथ खाद्य प्रसंस्करण विभाग हर गांव में कम से कम इकाई की स्थापना की योजना बना रहा है। इससे अन्नदाता को अपने कृषि उत्पादों का उचित दाम मिलेगा साथ ही किसानों-ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी मिल सकेगा।  

परीक्षा केंद्रों पर बड़ा अपडेट: 4 दिसंबर तक दर्ज होंगी आपत्तियाँ, 30 दिसंबर को फाइनल सूची होगी जारी

लखनऊ यूपी बोर्ड ने 10वीं और 12वीं परीक्षा के लिए प्रस्तावित परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी है। जारी सूची के मुताबिक 7448 परीक्षा केन्द्रों पर बोर्ड परीक्षा होगी। जिसकी जानकारी upmsp.edu.in पर अपलोड कर दी गई है। शिक्षा विभाग ने परीक्षा केंद्रों को लेकर 4 दिसंबर तक आपत्ति मांगी है। 30 दिसंबर को विभाग द्वारा फाइनल परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दी जाएगी। 30 दिसंबर को आएगी फाइनल सूची यूपी बोर्ड ने जिन 7448 परीक्षा केंद्रों की सूची जारी की गई है। उनमें 3054 वित्त पोषित (फाइनेंस नॉन-गवर्नमेंट) स्कूल 910 सरकारी स्कूल और 3484 सहायता प्राप्त (एडेड) स्कूल शामिल हैं। आपको बताते चले कि पिछले साल बोर्ड परीक्षा के लिए 7657 केंद्र प्रस्तावित किए (UP Board 10th 12th Exam) गए थे। जिनमें 3512 स्कूल एडेड, 3205 वित्त पोषित और 940 सरकारी स्कूलों शामिल किया गया था। इसका मतलब यह है कि विभाग ने इस बार 209 परीक्षा केंद्रों की संख्या कम कर दी है। बता दें कि हाई स्कूल और इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाएं एक साथ 18 फरवरी 2026 से शुरू होंगी, जो कि 12 मार्च 2026 तक चलेंगी। ये परीक्षाएं दो पालियों में होगी। पहली पाली में (8:30 से 11:45 बजे तक) – हाईस्कूल की हिंदी और प्रारंभिक हिंदी परीक्षा होगी। दूसरी पाली (2:00 से 5:15 बजे तक) – इंटरमीडिएट की हिंदी और सामान्य हिंदी परीक्षा होगी। इंटरमीडिएट की संस्कृत परीक्षा 12 मार्च 2026 को दूसरी पाली में आयोजित होगी।

UP बिजली बिल राहत: 100% तक छूट का लाभ लेने के लिए जानें जरूरी स्टेप्स

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में एक दिसंबर से शुरू हुई बिजली बिल राहत योजना (UP Electricity Bill Relief Scheme) उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने जा रही है। इस योजना के तहत घरेलू और छोटे व्यापारिक उपभोक्ताओं को उनके बकाया बिजली बिलों पर 100 प्रतिशत तक ब्याज माफी का लाभ मिलेगा। योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को केवल दो हजार रुपये जमा कर पंजीकरण कराना होगा। मुख्य अभियंता मुनीश चोपड़ा ने बताया कि प्रदेश भर के 33 केवी उपकेंद्रों पर उपभोक्ताओं को योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही अधिक से अधिक लोगों तक योजना की जानकारी पहुंचाने के लिए जगह-जगह प्रचार कैंप भी लगाए जाएंगे। इन कैंपों के माध्यम से उपभोक्ताओं को योजना की प्रक्रिया, पात्रता और लाभों के बारे में जागरूक किया जाएगा। पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पविविनिलि) के प्रबंध निदेशक रवीश गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एक दिसंबर से शुरू हो रही इस योजना का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पहली बार प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को बिजली बिल के ब्याज पर 100% छूट प्रदान कर रही है, इसलिए अधिक से अधिक लोगों को इसका फायदा दिलाने के लिए मुहिम चलानी जरूरी है। यह योजना मुख्य रूप से एलएमवी-1 श्रेणी के दो किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं और एलएमवी-2 श्रेणी के एक किलोवाट तक के वाणिज्यिक उपभोक्ताओं के लिए लागू की गई है। पंजीकरण के बाद उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं, जिसके तहत एक दिसंबर 2023 से 31 दिसंबर 2025 तक भुगतान करने वालों को मूलधन में 25 प्रतिशत की विशेष छूट भी मिलेगी।  

दिल्ली धमाके में गिरफ्तारी के बाद NIA की बड़ी कार्रवाई, डॉक्टर शाहीन के घर छापा—परिजनों से सख्त पूछताछ

लखनऊ  राजधानी लखनऊ के खंदारी बाजार क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब सोमवार सुबह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम दिल्ली विस्फोट कांड की मुख्य आरोपी डॉ शाहीन के घर पहुंची। एनआईए के अधिकारियों ने डॉ शाहीन के आवास पर करीब छह घंटे तक छापेमारी की और घर की गहन तलाशी ली। घर में मौजूद शाहीन के पिता और भाई शोएब से पूछताछ भी की। कुछ दस्तावेज और इलेक्ट्रानिक डिवाइस कब्जे में लेने की बात कही जा रही है। टीम के बाहर निकलने पर मीडिया ने बात करने की भी कोशिश की लेकिन किसी सदस्य ने कोई जवाब नहीं दिया।   दिल्ली में पिछले महीने लाल किले पर हुए कार ब्लास्ट में डॉ शाहीन को मुख्य साजिशकर्ता बताया जा रहा है। इस मामले में पहले ही कई गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और जांच के दौरान नाम सामने आने के बाद एटीएस ने शाहीन के भाई परवेज को भी लखनऊ से गिरफ्तार किया था। परवेज अलग घर लेकर रहता था। तब उसके घर से दस्तावेज, लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की गई थी। आज एनआईए के पहुंचने पर इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। खंदारी बाजार की कई गलियों में आम लोगों की आवाजाही भी रोक दी गई। बताया जा रहा है कि टीम में फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी शामिल हैं। अलसुबह करीब छह बजे टीम शाहीन के घर पहुंची और एक-एक कोने की गहन तलाशी ली है।