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ओडीओपी व डिजिटलीकरण के समन्वय से नए व्यापारिक मॉडल के प्रादुर्भाव का गढ़ बना उत्तर प्रदेश

यूपी की नई आर्थिक सोच को प्रदर्शित करने का सशक्त माध्यम बना 'भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2025' ओडीओपी व डिजिटलीकरण के समन्वय से नए व्यापारिक मॉडल के प्रादुर्भाव का गढ़ बना उत्तर प्रदेश युवा व महिला उद्यमिता तथा निवेशक साझेदारी से भविष्य की अर्थव्यवस्था को मिल रही मजबूती लखनऊ  भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2025 के माध्यम से उत्तर प्रदेश अपनी आर्थिक क्षमता व अवसरों की नई उड़ान को वैश्विक मंच पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहा है। ‘लोकल टू ग्लोबल’ की थीम पर केंद्रित इस मेले में उत्तर प्रदेश ने न केवल अपने पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक स्वरूप में पेश किया, बल्कि नए स्टार्टअप, नवाचार व डिजिटल इकोसिस्टम की ताकत को भी दुनिया के समक्ष सशक्त रूप से प्रदर्शित किया है। योगी सरकार की ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना को इस आयोजन में सबसे बड़े फोकस के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जिसके तहत 343 विशेष स्टॉल स्थापित किए गए हैं। उत्तर प्रदेश से 2,750 से अधिक प्रदर्शकों ने भाग लिया है, जो मेले में राज्य की अब तक की सबसे बड़ी भागीदारी में से एक है। इस प्रकार, भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2025 में उत्तर प्रदेश ने यह साबित किया है कि वह न सिर्फ अपनी पारंपरिक विरासत को वैश्विक पहचान दिला रहा है, बल्कि आधुनिक तकनीक, नवाचार और निवेशकों के साथ नए युग की आर्थिक क्रांति के नेतृत्व की दिशा में तेजी से अग्रसर है। राष्ट्रीय व वैश्विक पटल पर नए अवसर हो रहे सृजित मेले में युवा उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यूपी सरकार के सहयोग से 150 से अधिक युवा स्टार्ट-अप्स और महिला उद्यमियों को अपनी नवोन्मेषी पहल, डिज़ाइन और तकनीकी उत्पादों के प्रदर्शन का अवसर मिल रहा है। उनके लिए विशेष बिजनेस वर्कशॉप, नेटवर्किंग सेशन और निवेशक मंच आयोजित किए गए हैं, जहां वे प्रत्यक्ष तौर पर विदेशी व देशी खरीदारों से संवाद स्थापित कर रहे हैं। महिला उद्यमियों की बढ़ती भागीदारी को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक परिवर्तन और आत्मनिर्भर भारत के मजबूत स्वरूप के तौर पर रेखांकित किया गया है। आगरा का पेठा, भदोही की कार्पेट, बनारसी साड़ियाँ, मेरठ का खेल सामान, कानपुर का चमड़ा, फिरोजाबाद का ग्लासवेयर और सहारनपुर की लकड़ी की नक्काशी जैसे उत्पाद अंतर्राष्ट्रीय खरीदारों के मुख्य आकर्षण के रूप में उभर रहे हैं। इन उत्पादों के निर्माण, विकास व वाणिज्यिक प्रबंधन में युवाओं तथा महिलाओं की अग्रिम भूमिका उन्हें इस वृहद आयोजन के माध्यम से सीधे तौर पर राष्ट्रीय व वैश्विक पटल से जोड़कर उनके उत्पादों के लिए नए अवसर सृजित कर रही है। मेले के दौरान पारंपरिक शिल्प को आधुनिक पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज के साथ प्रस्तुत कर राज्य ने विश्व बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप खुद को और अधिक कुशल, सक्षम व प्रतिस्पर्धी राज्य के तौर पर स्थापित किया है। भविष्य की अर्थव्यवस्था के मजबूत रोडमैप की दिखी झलक सीएम योगी के कुशल मार्गदर्शन में विकसित हो रही राज्य की नई आर्थिक सोच इस मेले में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है, जहां पारंपरिक हस्तशिल्प को एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और डिजिटलीकरण से जोड़ने के प्रयासों को व्यापक सफलता मिली है। प्रदेश के पारंपरिक उत्पादों की ग्राम से ग्लोबल बाजार तक पहुंच को सहज और सार्थक बनाया गया है, जिसका प्रमाण मेले में भी देखने को मिला है। मेले में कई विदेशी प्रतिनिधिमंडलों के साथ बी2बी मीटिंग्स का आयोजन हो रहा है, जिनका उद्देश्य ओडीओपी सहित प्रदेश के उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना है। महाराष्ट्र और राजस्थान के साथ साझेदार राज्य की भूमिका में भाग लेकर उत्तर प्रदेश ने इस भव्य आयोजन में खुद को वैश्विक व्यापार केंद्र तथा एक विश्वसनीय निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित किया है। साथ ही शिक्षा, कौशल विकास और रिसर्च एंड डेवलपमेंट को प्राथमिकता में रखते हुए नई परियोजनाओं, निवेश समझौतों तथा लॉजिस्टिक्स हब आधारित आर्थिक ढांचे को भविष्य की सतत विकास यात्रा के आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

कतर्नियाघाट वन्य जीव अभ्यारण्य में बोट सफारी की क्षमता दोगुनी करने का प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म को मिलेगा बूस्ट, थारू-थाली और चंदन चौकी शिल्पग्राम को किया जाएगा विकसित  कतर्नियाघाट वन्य जीव अभ्यारण्य में बोट सफारी की क्षमता दोगुनी करने का प्रस्ताव दुधवा राष्ट्रीय उद्यान में ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अनुभव-थारू संस्कृति योजना के क्रियान्वयन का प्रस्ताव       लखनऊ  उत्तर प्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड की हालिया बैठक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। दुधवा राष्ट्रीय उद्यान और कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य जैसे क्षेत्रों को इको टूरिज्म का हब बनाने के उद्देश्य से थारू जनजाति की सांस्कृतिक विरासत, स्थानीय व्यंजनों और वन्यजीव सफारी को बढ़ावा देने वाली योजनाओं के प्रस्ताव पेश किए गये। इसके साथ ही पर्यटकों को विशेष अनुभव के लिए 'अनुभव – थारू संस्कृति' योजना के तहत शिल्पग्राम को विकसित करने व  व थारू-थाली का विशेष प्रचार करने का प्रस्ताव भी पेश किया गया है। यूपी इको टूरिज्म की इन पहलों से न केवल पर्यटकों को अनोखा अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय समुदायों के आर्थिक उत्थान व समावेशी विकास को भी नई दिशा मिलेगी।   कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य में नदी सफारी की क्षमता होगी दोगुनी उत्तर प्रदेश, नेपाल सीमा क्षेत्र में स्थित कतर्नियाघाट वन्यजीव अभ्यारण्य में गेरुआ नदी पर बोट या नदी सफारी का विस्तार करने का प्रस्ताव रखा गया है। वर्तमान में वन विभाग द्वारा गेरूआ नदी में दो बोटों का संचालन किया जा रहा है। नदी सफारी के लिए पर्यटकों की बढ़ती हुई मांग को देखते हुए इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड ने दो अतिरिक्त बोटों के संचालन की योजना पेश की है।इससे वन्यजीव अभ्यारण्य में नदी सफारी की क्षमता दोगुनी हो जाएगी और पर्यटकों को अधिक सुविधा मिलेगी। बोर्ड ने वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर इन बोटों को पर्यावरण-अनुकूल तकनीक से लैस करने पर जोर दिया है, ताकि नदी तट पर कोई नकारात्मक प्रभाव न पड़े।  'अनुभव – थारू संस्कृति' व थारू-थाली योजना के संचालन से बढ़ेगा स्थानीय पर्यटन  यूपी इको टूरिज्म विकास बोर्ड दुधवा राष्ट्रीय उद्यान व कतर्निया घाट के तराई क्षेत्र में रहने वाली थारू जनजाति की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करने वाली 'अनुभव – थारू संस्कृति' योजना का भी प्रस्ताव भी पेश किया है। जो न केवल इन अभ्यारण्य एवं राष्ट्रीय उद्यान में आने वाले पर्यटकों को एक विशेष अनुभव प्रदान करेगा साथ ही थारू समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान व समावेशी विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसी क्रम में बोर्ड 'थारू थाली' को सक्रिय रूप से प्रचारित कर रहा है। यह थाली, थारू जनजाति के पारंपरिक व्यंजनों से युक्त है, जो स्थानीय जड़ी-बूटियों, अनाज और मसालों से तैयार की जाती है। क्षेत्र के होटलों और रिसॉर्ट्स संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने मेन्यू में थारू थाली को अनिवार्य रूप से शामिल करें। साथ ही टूरिज्म बोर्ड ने ट्रेनिंग प्रोग्राम्स की भी योजना बनाई है, जहां थारू समुदाय के युवाओं व महिलाओं को खान-पान और आतिथ्य कला सिखाई जाएगी। जिससे न केवल प्रदेश में जनजातिय सांस्कृतिक संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा बल्कि समुदाय के लोगों को आय व रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे।  चंदन चौकी शिल्पग्राम के पुनर्विकास का रखा गया प्रस्ताव समीक्षा बैठक में एक अन्य प्रस्ताव चंदन चौकी शिल्पग्राम के विकास के लिए भी पेश किया गया है। जनजातीय विकास विभाग द्वारा निर्मित यह शिल्पग्राम पूरी तरह तैयार है, लेकिन वर्तमान में बंद पड़ा है। दुधवा क्षेत्र में स्थित यह केंद्र थारू और अन्य जनजातीय संस्कृति के कौशल व कला के प्रदर्शन स्थल के रूप में पुनः विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यहां हस्तशिल्प प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रम और कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। बोर्ड ने सुझाव दिया कि जनजातीय विकास विभाग की सहमति से पर्यटन विभाग, इकोटूरिज्म बोर्ड या पर्यटन निगम इसे निजी निवेश के माध्यम से संचालित करेगा। इससे पर्यटकों की सुविधाएं बढ़ेंगी और इको-टूरिज्म को नया आयाम मिलेगा। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से सीएम योगी आदित्यनाथ की उत्तर प्रदेश को इको टूरिज्म का हब बनाने की कार्ययोजना को बल मिलेगा साथ ही राजस्व वृद्धि व जैव विविधता संरक्षण के साथ-साथ थारू जनजाति के विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।

मुख्यमंत्री का जिलाधिकारियों को निर्देश, घुसपैठियों को चिन्हित करें, बनाए जाएं अस्थायी डिटेंशन सेंटर

मुख्यमंत्री का निर्देश, अवैध घुसपैठ पर होगी सख्त कार्रवाई   मुख्यमंत्री का जिलाधिकारियों को निर्देश, घुसपैठियों को चिन्हित करें, बनाए जाएं अस्थायी डिटेंशन सेंटर   डिटेंशन सेंटर में रखे घुसपैठियों को भेजा जाएगा वापस- मुख्यमंत्री योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को अवैध घुसपैठ पर त्वरित और सख्त कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समरसता सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक जिला प्रशासन अपने क्षेत्र में रहने वाले अवैध घुसपैठियों की पहचान सुनिश्चित करे और नियमानुसार कार्रवाई शुरू करे।   मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि घुसपैठियों को रखने के लिए प्रत्येक जनपद में अस्थायी डिटेंशन सेंटर बनाए जाएं। इन केंद्रों में विदेशी नागरिकता के अवैध व्यक्तियों को रखा जाएगा और आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने तक वहीं आवास सुनिश्चित किया जाएगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि डिटेंशन सेंटर में रखे गए अवैध घुसपैठियों को तय प्रक्रिया के तहत उनके मूल देश भेजा जाएगा।

जौनपुर में बड़ी कार्रवाई: 42 करोड़ की कोडीन सिरप जब्त, ड्रग माफिया पकड़ा गया

 जौनपुर उत्तर प्रदेश में कोडीन युक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी का नेटवर्क लगातार बड़ा होता जा रहा है, और अब जौनपुर में भी शुभम जायसवाल सिंडिकेट का नाम सामने आया है. वाराणसी, सोनभद्र और गाजियाबाद में कार्रवाई के बाद, जौनपुर खाद्य-औषधि विभाग ने जिले में भारी मात्रा में कोडीन मिश्रित कफ सिरप बरामद कर हढ़कंप मचा दिया है. शैली इंटरप्राइजेज के जरिए कोडीन सिरप की सप्लाई अधिकारियों ने बताया कि जौनपुर में संचालित 12 फार्मों को झारखंड की राजधानी रांची से संचालित हो रही शैली इंटरप्राइजेज के जरिए करोड़ों रुपये की कोडीन सिरप सप्लाई की जा रही थी. शैली इंटरप्राइजेज शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद के नाम पर रजिस्टर्ड है और जांच में सामने आया है कि इसी फर्म के माध्यम से अवैध कोडीन सिरप की तस्करी का पूरा नेटवर्क जमा हुआ था. खाद्य-औषधि विभाग की टीम ने जौनपुर में छापा मारकर 1,89,000 कोडीन मिश्रित कफ सिरप की बोतलें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 42 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है. यह अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक है. अधिकारियों का कहना है कि इस अवैध कारोबार की जड़ें उत्तर प्रदेश, झारखंड, बिहार, नेपाल और यहां तक कि बांग्लादेश तक फैली हुई हैं. 12 फर्मों पर FIR दर्ज जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि जौनपुर की 12 दवा कंपनियों ने शैली इंटरप्राइजेज से लाखों बोतलें खरीदीं, जिसके बदले उन्हें नकद भुगतान किया गया था. ड्रग इंस्पेक्टर की तहरीर पर जौनपुर कोतवाली में शैली इंटरप्राइजेज समेत 12 फर्मों पर FIR दर्ज कर ली गई है. मामले में आगे की कार्रवाई और संभावित गिरफ्तारियों की संभावना जताई जा रही है. सूत्रों के अनुसार, शुभम जायसवाल इस पूरे अवैध नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा है, जिसका सिंडिकेट कोडीन कफ सिरप की सप्लाई को नशे के बाजार में करोड़ों रुपये कमाने के लिए उपयोग करता था. जांच एजेंसियां अब फाइनेंशियल ट्रेल और बैंक खातों की जांच में जुटी हुई हैं, ताकि नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों की भी पहचान की जा सके.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज पहुंचकर माघ मेले की तैयारियों का भी लिया जायजा

सीएम योगी ने किया मां गंगा का पूजन, बड़े हनुमान के चरणों में झुकाया शीश  सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज पहुंचकर माघ मेले की तैयारियों का भी लिया जायजा  मुख्यमंत्री ने रामबाग में की हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण-प्रतिष्ठा विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  प्रयागराज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को प्रयागराज दौरे पर रहे। यहां उन्होंने विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी के आवास पर आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में पहुंचे। यहां उन्होंने संकट मोचन हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की। फिर संगम नोज पहुंचकर 'त्रिवेणी पूजन' किया व मां गंगा की आरती उतारी। मुख्यमंत्री ने बड़े हनुमान मंदिर पहुंचकर उनके चरणों में शीश झुकाया। मुख्यमंत्री ने माघ मेले की तैयारियों का भी जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आमजन का अभिवादन भी स्वीकार किया।  मुख्यमंत्री ने की हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे पहले रामबाग स्थित शहर उत्तरी के भाजपा विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी के आवास पहुंचे। यहां आयोजित धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया। सीएम योगी आदित्यनाथ ने श्रीविजय प्रद हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की। सीएम ने यहां पूजन-अर्चन, आरती भी उतारी। आयोजक व विधायक हर्षवर्धन वाजपेयी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को स्मृति चिह्न भेंट किया।  सीएम योगी ने संगम नोज पर पहुंचकर किया मां गंगा का पूजन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यहां से संगम गए। यहां वे वीआईपी घाट से बोट में बैठकर संगम नोज पहुंचे। उन्होंने बोट से ही यमुना नदी में कलरव कर रहे पक्षियों को दाना भी खिलाया। मुख्यमंत्री ने संगम नोज पर पहुंचकर त्रिवेणी संगम पर पूजन-अर्चन किया, फिर मां गंगा की आरती उतारी। उन्होंने मां गंगा के चरणों में शीश झुकाकर माघ मेले की सफलता की कामना की। सीएम बोट में ही बैठकर वापस आए, फिर हनुमान कॉरिडोर की तरफ रवाना हुए। मुख्यमंत्री ने आमजन का अभिवादन भी किया।  बड़े हनुमान के चरणों में झुकाया शीश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हनुमान कॉरिडोर का भी निरीक्षण किया। सीएम यहां बड़े हनुमान मंदिर भी गए। वहां हनुमान जी के चरणों के समक्ष बैठकर दर्शन-पूजन कर आरती उतारी और विधि-विधान से पूजा की। धार्मिक कार्यक्रमों में कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, नंदगोपाल गुप्त ‘नंदी’, सांसद प्रवीण पटेल, विधान परिषद सदस्य महेंद्र सिंह, सुरेंद्र चौधरी, विधायक सिद्धार्थ नाथ सिंह,  दीपक पटेल, पूजा पाल, पीयूष निषाद, गुरु प्रसाद मौर्य, राजमणि कोल आदि मौजूद रहे।

साइबर अपराध-आतंकवाद पर सख्त संदेश: CM योगी बोले, अब वैश्विक एकता ही समाधान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि साइबर क्राइम, अच्छे स्वास्थ्य और वैश्विक आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी मुखर होकर यूएन जैसे प्लेटफार्म का उपयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समय संवाद, सहयोग और आपसी समझ को मजबूत करने का है, क्योंकि दुनिया की मूल समस्या एक-दूसरे के साथ संवाद की कमी है। ऐसे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन वैश्विक स्तर पर संवाद को बढ़ावा देते हैं और साझा समाधान की राह खोलते हैं। सीएम योगी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र ने कुछ समय पहले दुनिया के सामने 16 वैश्विक लक्ष्य रखे थे, जिनमें शिक्षा सर्वोपरि है। तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके कारण अभूतपूर्व कानूनी चुनौतियां भी खड़ी हुई हैं।  साइबर क्राइम, डाटा चोरी और डिजिटल दुरुपयोग आज सबसे बड़ी वैश्विक चिंताओं में शामिल हैं। जलवायु परिवर्तन और उससे उत्पन्न होने वाले संकट भी हमारे सामने एक नई चुनौती हैं। साइबर क्राइम, डाटा चोरी जैसी समस्याएं भी हमारे सामने खड़ी हैं। ऐसी स्थिति में न्याय, नैतिकता और अतंरराष्ट्रीय कानून, विश्व शांति और मानव सभ्यता के लिए एक बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुनिया के अंदर जब हम शिक्षा की बात करते हैं तो 250 करोड़ से अधिक बच्चों के लिए बेहतरीन शिक्षा के साथ-साथ, वे अपने बस्ते के बोझ से गायब न हों, हमें इस बारे में भी विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत ने हजारों वर्षों से दुनिया को एक परिवार के रूप में देखा है। यह सिर्फ भारत की सोच नहीं, बल्कि एक ऐसी परंपरा है जिसमें संकट के समय किसी भी मत, मजहब या संप्रदाय को भारत ने शरण देने और सहयोग करने में कभी हिचकिचाहट नहीं दिखाई। इसलिए शिक्षा, संवाद और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने के प्रयासों पर दुनिया को एकजुट होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक ऐसे दौर में, जहां वैश्विक स्तर पर अशांति, अराजकता और वर्चस्व की लड़ाई चल रही है, वहां शिक्षा, विकास और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर काम करना और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। योगी ने कहा कि भारत की प्राचीन विचारधारा हमेशा पंचतत्वों- पृथ्वी, जल, आकाश, अग्नि और वायु-की सुरक्षा और संरक्षण को प्राथमिकता देती रही है। यही आधुनिक दुनिया को भी सतत समाधान की दिशा में मार्गदर्शन दे सकती है। सीएम ने कहा कि आज जब दुनियाभर के न्यायविद एक जगह एकत्र हुए हैं, तो न्याय मानवता की समस्या के समाधान का रास्ता कैसे निकाल सकता है? इस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दुनियाभर में यह संदेश देने की आवश्यकता है।

रामनगरी में तैयारियों को रफ्तार: मंदिर परिसर के एग्ज़िट रूट को मिला ‘सुग्रीव पथ’ नाम

अयोध्या  अयोध्या में राम मंदिर परिसर के शिखर पर 'ध्वजारोहण' के कार्यक्रम की तैयारियां जोरों पर हैं। सफाई से लेकर सुरक्षा के खास बंदोबस्त किए गए हैं। 25 नवंबर को लगभग चार घंटे चलने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई बड़े नेता शामिल होंगे। अयोध्या में तैयारियों के बीच राम जन्मभूमि परिसर के निकास मार्ग पर 'सुग्रीव पथ' नाम का साइनबोर्ड लगाया गया है। लोक निर्माण विभाग ने ध्वजारोहण समारोह से पहले यह बोर्ड लगाया। इसी बीच, अयोध्या नगर निगम ने 'ध्वजारोहण' कार्यक्रम से पहले खास सफाई अभियान चलाया। मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने आईएएनएस से कहा, "हमने शहर के अलग-अलग कॉलेजों के स्टूडेंट्स को इकट्ठा किया है और आज हम एक सफाई रैली निकाल रहे हैं।" उन्होंने कहा कि 25 नवंबर को भव्य कार्यक्रम है। अयोध्या में अभी स्वच्छता और उत्सव का वातावरण है। लोग स्वच्छता के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। मेयर ने लोगों से अपील की कि वे अपने घर, अपने आसपास और अपने पर्यावरण को अच्छा रखें। उन्होंने कहा कि हम लगातार सफाई कैंपेन चला रहे हैं। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से अयोध्या नगर निगम की तरफ से स्वच्छता सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को स्वच्छता रैली निकाली गई। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के 25 नवंबर को अयोध्या के दौरे से पहले भारत-नेपाल बॉर्डर तक सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। महाराजगंज के एसपी सोमेंद्र मीणा ने कहा, "आने वाले सभी बड़े इवेंट्स को देखते हुए, पूरे बॉर्डर एरिया में अलर्ट जारी कर दिया गया है और सभी बॉर्डर गांवों में लोकल कमेटियों की मीटिंग्स ऑर्गनाइज की गई हैं। एहतियात के तौर पर, सभी फुटपाथों पर चेकपॉइंट्स बनाए गए हैं और एसएसबी के साथ, लोकल पुलिस लगातार बॉर्डर पर कड़ी निगरानी रख रही है।" उन्होंने बताया कि होटल, सराय और सड़क किनारे खाने की जगहों की चेकिंग की जा रही है। सभी जगहों पर चेकपॉइंट्स लगाए गए हैं। सुरक्षा के तौर पर फुटपाथ बनाए गए हैं और अधिकारियों को भी बॉर्डर इलाकों में लगातार एक्टिव रहने का निर्देश दिया गया है।

भारत का लॉजिस्टिक्स पॉवर हाउस’ बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा उत्तर प्रदेश

योगी सरकार में राष्ट्रीय और वैश्विक सप्लाई चेन के मजबूत गेटवे के रूप में परिवर्तित हो रहा उत्तर प्रदेश 'लैंड-लॉक्ड स्टेट' की परिभाषाओं को तोड़कर सीएम योगी के कुशल मार्गदर्शन में कनेक्टिविटी के नए आयाम स्थापित कर रहा उत्तर प्रदेश राज्य के ग्रोथ ग्राफ को ऊपर उठाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी-2024 योगी सरकार में यूपी का विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर विकास रोजगार के नए अवसरों को दे रहा है गति लखनऊ उत्तर प्रदेश को उत्तम और उद्यम प्रदेश में बदलने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार उन्नति के नए प्रतिमान स्थापित कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की नीतियां उत्तर प्रदेश को देश के सबसे बड़े लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार कर रही हैं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर का तीव्र विस्तार हो रहा है, जिसमें एक्सप्रेसवे, फ्रेट कॉरिडोर, एयरपोर्ट और मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क प्रमुख रूप से शामिल हैं।  जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट और दादरी लॉजिस्टिक्स हब जैसे प्रोजेक्ट सड़क, रेल और हवाई मार्ग से माल ढुलाई की प्रक्रिया को और सुगम बना रहे हैं। यही कारण है कि भौगोलिक रूप से लैंड-लॉक्ड कहे जाने वाले उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट कनेक्टिविटी के आधार पर देश और दुनिया में नई पहचान कायम की है। निवेश आकर्षित करने का माध्यम बन रही है कनेक्टिविटी उत्तर प्रदेश की बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल नीतियों ने बड़े पैमाने पर उद्योगों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया है। रोजगार, कौशल विकास और डिजिटल लॉजिस्टिक्स सिस्टम पर फोकस ने दक्षता बढ़ाने, व्यापार को गति देने और यूपी को राष्ट्रीय एवं वैश्विक सप्लाई चेन के मजबूत गेटवे के रूप में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई है। लॉजिस्टिक्स पावरहाउस के रूप में उभर रहा है यूपी उत्तर प्रदेश तेजी से एक उभरते हुए लॉजिस्टिक्स पावरहाउस का रूप ले रहा है और दादरी में विकसित किया जा रहा मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क राज्य की आर्थिक प्रगति को नई रफ्तार देगा। यूपी मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी-2024 के तहत तैयार किया गया यह प्रोजेक्ट क्षेत्र में बड़े पैमाने पर रोजगार, निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। रणनीतिक लोकेशन बनाती है लॉजिस्टिक्स पार्क को विशेष लॉजिस्टिक्स पार्क का सबसे बड़ा लाभ इसकी रणनीतिक लोकेशन में निहित है। जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट की निकटता और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से जुड़ाव इसे देश के सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक्स ज़ोन में बदल देता है। इससे उद्योगों को सड़क, रेल और हवाई मार्ग से माल ढुलाई की निर्बाध सुविधा मिलेगी। यात्रा समय, परिवहन लागत और देरी में कमी आएगी। तेज कार्गो हैंडलिंग और बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता के साथ उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय और वैश्विक विनिर्माण कंपनियों के लिए पसंदीदा गंतव्य बनेगा। रोजगार सृजन का व्यापक अवसर यह प्रोजेक्ट हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा करेगा। पार्क के भीतर प्रस्तावित स्किल डेवलपमेंट सेंटर में युवाओं को आधुनिक लॉजिस्टिक्स, डिजिटल कार्गो हैंडलिंग, वेयरहाउस ऑटोमेशन और संबंधित तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे एक कुशल और आधुनिक कार्यबल तैयार होगा, जिससे स्थानीय समुदायों को व्यापक लाभ मिलेगा। यह मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क न केवल उत्तर प्रदेश को एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब में बदल देगा, बल्कि व्यापारिक अवसरों के नए मार्ग खोलेगा, निर्यात को गति देगा और दीर्घकालिक आर्थिक विकास को सुदृढ़ बनाएगा। कई सुविधाओं के विकास का माध्यम बन रहा प्रोजेक्ट यूपी मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स पार्क पॉलिसी-2024 के तहत शुरू की गई यह पहल राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता का प्रमाण है, जिसके केंद्र में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण और उत्तर प्रदेश को एक शीर्ष निवेश गंतव्य बनाना शामिल है। इस प्रोजेक्ट का प्रभाव लॉजिस्टिक्स से कहीं आगे तक जाएगा। जैसे-जैसे उद्योग और निवेशक क्षेत्र में बढ़ेंगे, वैसे-वैसे आवास, कमर्शियल रियल एस्टेट और बिजनेस इंफ्रास्ट्रक्चर की मांग बढ़ेगी। नए होटल, सर्विस अपार्टमेंट और हॉस्पिटैलिटी सुविधाएं विकसित होंगी, जो बढ़ते वर्कफोर्स और बिजनेस ट्रैवलर्स की जरूरतों को पूरा करेंगी। निर्माण कार्य आगे बढ़ने के साथ यह पूरा इलाका एक उभरते हुए आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित होगा, जहां लॉजिस्टिक्स उत्कृष्टता, कारोबारी विस्तार और नए अवसर मिलकर करोड़ों लोगों के भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे।

फिक्की फ्लो के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

जब हम सत्ता में आए थे तो वीमेन वर्कफोर्स महज 12 से 15 फीसदी था, आज यह संख्या 35-36 फीसदी हो गईः सीएम योगी  बोले सीएमः रेडिमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट, भारत बना सकता है पकड़  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज आत्मनिर्भर और प्रगति तभी करता है, जब ऐसे संगठन नेतृत्व करते हैं और सरकार उन्हें पीछे से सपोर्ट करती है। सीएम ने फिक्की फ्लो के कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आधी आबादी बढ़ेगी तो समाज बढ़ेगा। आधी आबादी आत्मनिर्भर होगी तो देश-प्रदेश भी आत्मनिर्भर होगा। आधी आबादी विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए संकल्पित होगी तो भारत को विकसित होने से कोई रोक नहीं सकता। जितनी सशक्त भागीदारी पुरुषों की है, उससे भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी महिलाएं निर्वहन कर सकती हैं। महिलाएं आज हर क्षेत्र में समाज का नेतृत्व कर रही हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित फिक्की फ्लो के राष्ट्रीय अधिवेशन में शामिल हुए। सीएम योगी ने फिक्की फ्लो के कार्यों की प्रशंसा की।  आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता  सीएम ने कहा कि 20 चैप्टर में 16 हजार से अधिक प्रोफेशनल्स आपके साथ जुड़े हैं, लेकिन 140 करोड़ के भारत में यह संख्या कम है। आपने 11 वर्ष में बदलते हुए भारत को देखा है। देश ने अलग-अलग क्षेत्र में प्रगति की है। भारत की अभूतपूर्व प्रगति दुनिया को आकर्षित करती है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत ने खुद को चौथी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है। नया भारत सबसे तेज गति से उभरती हुई अर्थव्यवस्था के रूप में है। हम बहुत जल्द तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेंगे। इसमें पीएम का मार्गदर्शन, नेतृत्व है, लेकिन अर्थव्यवस्था को लीड वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कर रही हैं, उनके नेतृत्व में भारत नई गति दे रहा है। आधी आबादी को नजरंदाज करके समाज स्वावलंबी व आत्मनिर्भर नहीं हो सकता।  यूपी की कानून व्यवस्था देश में मॉडल के रूप में जानी जाती सीएम योगी ने कहा कि साढ़े 8 वर्ष पहले हमें जब सत्ता मिली थी, तबके यूपी की स्थिति किसी से छिपी नहीं हैं। असुरक्षा का वातावरण, कानून व्यवस्था तार-तार, दंगे होते थे। बेटी, बाजार, व्यापारी, उद्यमी भी सुरक्षित नहीं थे। यूपी की बागडोर जब हमारे हाथ में आई, तब हमने सुरक्षा को प्राथमिकता दी और प्रदेश सरकार ने अपराध व अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्य प्रारंभ किया। आज देश में यूपी की कानून व्यवस्था मॉडल के रूप में जानी जाती है। जिस प्रदेश में निवेश आता नहीं था और पुराने निवेश भी बाइंडअप करके लोग बाहर निकलना चाहते थे। वहां सुरक्षा के अहसास और सरकार के ईमानदारी से किए गए प्रयास का परिणाम है कि उस प्रदेश में पिछले 8 वर्ष में 45 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव लाने में सफलता हासिल हुई। 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव की सफलतापूर्वक ग्राउंड ब्रेकिंग करा चुके हैं। बहुत जल्द 5 लाख करोड़ के नए निवेश प्रस्तावों को धरातल पर उतारने की कार्रवाई को बढ़ाएंगे। निवेश आया तो रोजगार भी बढ़ा।  8 वर्ष में वीमेन वर्कफोर्स में हुई तीन फीसदी की बढ़ोतरी  सीएम योगी ने कहा कि जब हम सत्ता में आए थे तो वीमेन वर्कफोर्स महज 12 से 15 फीसदी था। आज यह संख्या 35-36 फीसदी (8 वर्ष में तीन फीसदी बढ़ोतरी) हुई। 2017 में यूपी पुलिस में महिलाओं की संख्या केवल 10 हजार थी। उनमें से कुछ रिटायर भी हुई होंगी। आज यूपी पुलिस में 44,000 महिला कार्मिक हैं। हमने 20 फीसदी महिलाओं की भर्ती अनिवार्य की। स्कूली शिक्षा, आंगनबाड़ी केंद्रों आदि सेक्टरों में महिलाओं का कार्य काफी बेहतरीन है। 8 वर्ष में यूपी में बेसिक शिक्षा को सुधारने के लिए ऑपरेशन कायाकल्प, निपुण आदि योजनाएं प्रारंभ की गईं। बच्चों को स्कूल चलो अभियान से जोड़ा गया। जनसहभागिता के जरिए स्कूलों का कायाकल्प करके उन्हें हर सुविधाओं से आच्छादित किया गया। आज यूपी के बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में 1.60 करोड़ से अधिक बच्चे अध्ययनरत हैं। इसमें बालिकाओं की संख्या अधिक है। इन बच्चों को यूपी सरकार हर वर्ष दो यूनिफॉर्म, बैग, स्वेटर, मोजा, बुक, शूज आदि उपलब्ध कराती है। स्कूलों के अंदर पठन-पाठन का बेहतर माहौल बने, ड्राप आउट रेट को न्यूनतम स्तर पर लेकर जाएं। इस दिशा में फिक्की फ्लो बेहतर योगदान कार्य कर सकता है।  कोरोना में आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम ने घर-घर जाकर स्क्रीनिंग की  सीएम योगी ने कहा कि कोरोना के दौरान जब दुनिया पस्त और हर व्यक्ति सशंकित था तो आंगनबाड़ी, आशा वर्कर और एएनएम ने प्रदेश सरकार के आह्वान पर डोर टू डोर जाकर हर घर की स्क्रीनिंग की। बीमार को अस्पताल या जरूरतमंद के घर तक दवा पहुंचाई गई। जिससे 25 करोड़ के उत्तर प्रदेश को हम कोरोना से बचाने में सफल रहे। आंगनबाड़ी, आशा वर्कर व एएनएम में शत-प्रतिशत महिलाएं कार्य करती हैं। इन्होंने 25 करोड़ की आबादी को महामारी से बचाने में बेहतरीन कार्य किया। प्रथम चरण में लॉकडाउन प्रारंभ हुआ तो उद्योग, काम-धंधे बंद हुए। प्रवासी कामगार, श्रमिक यूपी व अपने राज्यों की तरफ गए। कई राज्यों ने अपने श्रमिकों को लेने से इन्कार कर दिया तो हमने उनकी भी व्यवस्था यूपी में की। क्वारंटीन सेंटर बनाए गए। काम-धंधा लगभग बंद हो गया था। प्रधानमंत्री जी ने रोजगार भत्ता देना प्रारंभ किया, लेकिन चैलेंज था कि जिसके खाते में पैसा जाता था, वह अगले दिन बैंक में लाइन लगाकर खड़ा हो जाता था। कोविड में भीड़ एकत्र न हो, यह जरूरी था। उस समय यूपी के अंदर हम लोगों ने हर ग्राम पंचायत में बीसी सखी योजना लागू की। गांव की ही बेटी बीसी सखी के रूप में कार्य करेगी।   रेडिमेड गारमेंट्स में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट, भारत बना सकता है इस पर पकड़  सीएम योगी ने रेडिमेड गारमेंट्स का जिक्र किया और कहा कि ग्लोबल मार्केट में बांग्लादेश की स्थिति में लगातार गिरावट है। रेडिमेड गारमेंट्स में उसकी पकड़ छूट रही है। भारत उस मार्केट पर पर पकड़ बना सकता है। रेडिमेड गारमेंट्स में फ्लैटेड फैक्ट्री के मॉडल के माध्यम से आधी आबादी को आगे बढ़ाने में फिक्की फ्लो बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। ग्लोबल मार्केट की डिमांड के अनुसार डिजाइन, … Read more

लखनऊ की मेहमाननवाज़ी के साथ वैश्विक मंच पर ‘ग्रीन और क्लीन जम्बूरी’ का अभिनव आयोजन

लखनऊ,  "विकसित युवा, विकसित भारत" की थीम के साथ, उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 23 से 29 नवम्बर 2025 तक एक ऐतिहासिक आयोजन की मेज़बानी के लिए तैयार है। अपनी तहज़ीब और शानदार मेहमाननवाज़ी के लिए मशहूर यह शहर, भारत स्काउट्स एंड गाइड्स के 19वें राष्ट्रीय जम्बूरी के भव्य हीरक जयंती समारोह का गवाह बनेगा। डिफेंस एक्सपो ग्राउंड, वृंदावन योजना में आयोजित इस वैश्विक मंच पर देश-विदेश से 30,000 से अधिक स्काउट्स एंड गाइड्स कैडेट्स एक साथ आएंगे। लखनऊ की संस्कृति और आतिथ्य सत्कार की विरासत इन हजारों युवाओं को एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करेगी। यह आयोजन न केवल युवाओं की ऊर्जा और अनुशासन का उत्सव होगा, बल्कि भारत के विकास, नवाचार और सांस्कृतिक गौरव का भी जीवंत प्रतीक बनेगा। पहली बार आयोजित हो रहे ड्रोन शो, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) हब, और ग्लोबल विलेज के रूप में स्थापित यह मिनी सिटी इसे एक आधुनिक रूप देंगी। कैडेट्स लखनऊ के मशहूर खानपान के साथ बनारस, पूर्वांचल और बुंदेलखंड के मशहूर पकवानों के स्वाद का आनंद ले सकेंगे । करीब 32,000 भारतीय और 1500 विदेशी प्रतिभागी इस जम्बूरी में शामिल होंगे। 300 एकड़ में फैले इस आयोजन स्थल पर 3,500 से अधिक टेंट, 2,200 शौचालय, 1,700 स्नानघर और 100 से अधिक रसोई की व्यवस्था की गई है। 30,000 दर्शकों की क्षमता वाला विशाल स्टेडियम, 12 प्रवेश द्वार, अत्याधुनिक एलईडी स्क्रीन और जर्मन हैंगर से सुसज्जित वीवीआईपी गैलरी इस आयोजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर का रूप देती है। सुरक्षा और सुविधा के लिए पुलिस नियंत्रण कक्ष, फायर स्टेशन, 100-बेड का अस्पताल और 16 डिस्पेंसरी उपलब्ध होंगी। साथ ही, ओवरसीज़ कैफेटेरिया, प्रशासनिक कार्यालय, कॉन्फ्रेंस हॉल और प्रदर्शनी क्षेत्र प्रतिभागियों को वैश्विक अनुभव प्रदान करेंगे। जम्बूरी में प्रदर्शनी और नवाचार का विशेष आकर्षण होगा। ग्लोबल विलेज, आर्मी प्रदर्शनी, एयर अग्निवीर प्रदर्शनी, यूपी का ओडीओपी (ODOP) एक्सपो, रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स प्रदर्शनी जैसी पहल युवाओं को प्रेरित करेंगी। इसके अलावा, पहली बार आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हब स्थापित किया जा रहा है, जहाँ युवा नेतृत्व, नवाचार और डिजिटल इंडिया की झलक पाएंगे। युवाओं के लिए रोमांच और मनोरंजन की भरपूर गतिविधियाँ होंगी। हाई रोप एडवेंचर, स्काई साइकिल, ज़िपलाइन, वॉल क्लाइम्बिंग, कमांडो ब्रिज, आर्चरी, शूटिंग, ज़ॉर्बिंग और सेल्फी पॉइंट्स जैसी गतिविधियाँ न केवल अनुशासन और टीमवर्क सिखाएंगी बल्कि मनोरंजन और आत्मविश्वास भी बढ़ाएंगी। इस बार जम्बूरी को ग्रीन और क्लीन जम्बूरी का रूप दिया गया है। प्लास्टिक और गीले कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण, ई-कार्ट्स, ग्रीन वॉरियर्स प्रोग्राम और ग्रीन प्लेज वॉल जैसी पहलें पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगी। यह आयोजन सतत विकास की दिशा में एक प्रेरक कदम होगा। पहली बार कई विशेष पहल भी की जा रही हैं। दो दिवसीय ड्रोन शो 75 वर्षों की स्काउटिंग यात्रा को रोशनी और अनुशासन की कहानी में बदल देगा। RFID स्मार्ट आईडी कार्ड प्रतिभागियों की सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे। व्हाट्सएप नेटवर्क सभी प्रतिभागियों को रियल-टाइम अपडेट और सूचना उपलब्ध कराएगा। ई-मैगज़ीन "युवाम्बरी" पेपरलेस और पर्यावरण-अनुकूल संचार की दिशा में कदम है। साथ ही, स्किल वर्कशॉप्स एआई, टेक्नोलॉजी और नेतृत्व पर आधारित प्रशिक्षण युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करेंगे। पूरे परिसर में 24×7 सीसीटीवी निगरानी उन्नत कैमरों से सुरक्षा का पुख्ता इंतज़ाम करेगी। उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी प्रतिभागियों के लिए भोजन व्यय की प्रतिपूर्ति की घोषणा की है, जिससे यह आयोजन और भी समावेशी और प्रेरणादायी बन गया है। 19वाँ राष्ट्रीय जम्बूरी केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि “विकसित युवा – विकसित भारत” के संकल्प का जीवंत रूप है। यह मंच युवाओं को आत्मनिर्भरता, नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक गौरव से जोड़ते हुए भारत को एक नई दिशा देगा।