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लखनऊ में 10 दिवसीय खादी महोत्सव, 160 से अधिक उद्यमियों के स्टॉल, हस्तशिल्प और स्वदेशी उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

लखनऊ, उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोंद्योग मंत्री राकेश सचान ने शुक्रवार को  केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमतीनगर, लखनऊ में 10 दिवसीय ‘खादी महोत्सव-2025’ का भव्य उद्घाटन किया। मंत्री सचान ने फीता काटकर तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। महोत्सव में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए 160 से अधिक उद्यमियों एवं इकाइयों द्वारा स्थापित स्टॉल में खादी एवं ग्रामोद्योग से निर्मित उत्कृष्ट उत्पादों का प्रदर्शन किया गया है। खादी को गांधीजी ने स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा कहा था। विदेशी वस्त्रों के बहिष्कार और स्वदेशी वस्त्र के रूप में खादी ने आजादी के आंदोलन में पूरे देश को एकजुट किया था। आज वही खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, रोजगार सृजन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बन चुकी है। अपने उद्बोधन में मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि खादी महात्मा गांधी के स्वावलंबन के विचार से जुड़ी हुई है और आज प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में स्वच्छता, स्वदेशी, स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भर भारत के अभियान के अंतर्गत खादी पुनः राष्ट्रीय पहचान की शान बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी 18 मंडलों में खादी एवं ग्रामोद्योगी प्रदर्शनियों का आयोजन कर ग्रामीण उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले वर्ष आयोजित कुल 20 प्रदर्शनियों में 2000 से अधिक इकाइयों की भागीदारी रही और 44.38 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गयी, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मंत्री सचान ने बताया कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा वर्तमान में 3,90,000 से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2025 में 66,640 युवाओं को टूलकिट प्रदान कर स्वरोजगार से जोड़ा गया है। दोना मेकिंग मशीन, पॉपकॉर्न मशीन, हनी बॉक्स और विद्युत चालित चाक जैसे उपकरण ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले उद्यमियों को राज्य स्तरीय पुरस्कार एवं चयनित लाभार्थियों को विभिन्न टूलकिट वितरित कर सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रमुख सचिव अनिल कुमार सागर ने कहा कि खादी अब आधुनिक डिजाइनों और तकनीकों के माध्यम से युवाओं की पहली पसंद बन रही है। फैशन शो एवं निफ्ट जैसी संस्थाओं की सहभागिता से खादी को नया स्वरूप मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट के माध्यम से खादी उत्पादों को राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, जिससे कारीगरों को अधिक आय और पहचान मिल रही है। उनका कहना था कि बेहतर गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है, ताकि उपभोक्ताओं का विश्वास लगातार मजबूत रहे। कार्यक्रम में विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर मंत्री राकेश सचान ने चयनित लाभार्थियों एवं उद्यमियों को पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। राज्य स्तरीय उत्कृष्ट इकाइयों के रूप में मेरठ के दीपक कुमार को प्रथम पुरस्कार स्वरूप 40,000 रुपये, गोण्डा की ममता को द्वितीय पुरस्कार स्वरूप 30,000 रुपये तथा हाथरस के संजय सिंह को तृतीय पुरस्कार स्वरूप 20,000 रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया।

खादी महोत्सव का शुभारम्भ: उद्यमिता, रोजगार और स्वदेशी उद्योग को बढ़ावा देने का बड़ा मंच

खादी महोत्सव के जरिये पारंपरिक और हस्तशिल्प को प्रोस्ताहित करने का प्रयास   स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ने से प्रदेश के स्थानीय उद्योगों को मिलेगा मजबूत आधार लखनऊ,  उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने स्थानीय उद्यमिता को सुदृढ़ करने और परंपरागत कला तथा खादी आधारित उद्योगों को नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य को आगे बढ़ाते हुए 21 से 30 नवंबर तक लखनऊ स्थित केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय गोमती नगर में 10 दिवसीय खादी महोत्सव 2025 का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार को महोत्सव का उद्घाटन प्रदेश के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम तथा खादी ग्रामोद्योग रेशम उद्योग और हथकरघा विभाग के मंत्री राकेश सचान ने किया। यह महोत्सव प्रदेश में रोजगार और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के साथ साथ स्वदेशी उत्पादों को एक बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में खादी ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प और पारंपरिक कला को प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं लागू की गई हैं। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट योजना पीएम एफएमई योजना और राज्य की सूक्ष्म उद्योग नीतियों के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है। खादी महोत्सव इन्हीं प्रयासों का विस्तृत प्रदर्शन है, जो उद्यमियों को बाजार विस्तार, तकनीकी विकास और व्यापार के नए अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन न केवल कारीगरों और बुनकरों का मनोबल बढ़ाता है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई ऊर्जा का भी संचार करता है। स्वदेशी उत्पादों की मांग बढ़ने से प्रदेश के स्थानीय उद्योगों को मजबूत आधार मिलेगा और उद्यमियों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी। खादी महोत्सव 2025 इस बात का प्रमाण है कि उत्तर प्रदेश सरकार स्थानीय उद्योग, परंपरागत कला और ग्रामीण रोजगार को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और इसे प्रदेश की आर्थिक प्रगति का आधार बना रही है।  इस आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 160 से अधिक उद्यमी और इकाइयां अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री करेंगी। प्रदर्शनी में सहारनपुर का नक्काशीदार फर्नीचर, भदोही की कालीन, अमरोहा के गमछे और सदरी, सीतापुर की दरी और तौलिये वाराणसी की रेशमी साड़ियां, प्रतापगढ़ के आंवला उत्पाद, लखनऊ की रॉयल हनी मिट्टी कला, बीकानेरी पापड़, लेदर वस्त्र और कई स्वदेशी उत्पाद शामिल होंगे। यह विविधता प्रदेश की समृद्ध कला और कारीगरी की पहचान को उजागर करेगी। रोजगार और स्वरोजगार को नई दिशा महोत्सव के दौरान चयनित उद्यमियों और लाभार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही राज्य स्तरीय उत्कृष्ट इकाइयों को पुरस्कार दिए जाएंगे। सरकार द्वारा पांच पांच चयनित लाभार्थियों को दोना मेकिंग मशीन पॉपकॉर्न मशीन और हनी बॉक्स दिए जाएंगे। इसके अतिरिक्त चार लाभार्थियों को विद्युत चालित चाक और एक लाभार्थी को पग मिल मशीन प्रदान की जाएगी। इन मशीनों और उपकरणों से ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और नए स्वरोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह पहल स्थानीय युवाओं को स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करेगी जिससे क्षेत्रीय रोजगार में वृद्धि होगी।

बांकेबिहारी मंदिर में बदलाव: नई व्यवस्था के साथ भक्तों को मिलेगा सुगम दर्शन

 मथुरा वृंदावन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशी की खबर है। अब जल्द ही वे अपने घर बैठकर भी श्री बांकेबिहारी जी के दर्शन कर सकेंगे। वहीं मंदिर के आसपास खड़े भक्तों के लिए भी बड़ी स्क्रीन के माध्यम से ठाकुरजी के लाइव दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही मंदिर में आने वाले भक्तों को मोहनभोग का प्रसाद भी वितरित किया जाएगा। हाईपावर्ड प्रबंध कमेटी ने इन व्यवस्थाओं को लागू करने की अनुमति दे दी है। कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया बृहस्पतिवार को आयोजित कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। कमेटी के अध्यक्ष अशोक कुमार ने लाइव स्ट्रीमिंग की मंजूरी देते हुए निर्देश दिए कि मंदिर के पास स्थित तिराहों और चौराहों पर बड़ी स्क्रीन लगाई जाएंगी, ताकि अधिक संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को ठगौरजी के दर्शन हो सकें। इसके लिए सुयोग्य मीडिया के पदाधिकारियों ने स्क्रीन पर लाइव प्रस्तुति का प्रदर्शन भी किया। सेवायतों से विचार-विमर्श किया जाएगा कमेटी अध्यक्ष ने बताया कि मोहनभोग प्रसाद की व्यवस्था को लेकर अभी मंदिर के अन्य सेवायतों से विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि हलवाई किस प्रकार प्रसाद तैयार करेंगे, खर्च का निर्धारण कैसे होगा और वितरण की प्रक्रिया क्या होगी। इसके संबंध में अंतिम निर्णय आगामी बैठक में लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ चीफ जस्टिसेस ऑफ वर्ल्ड (आईसीसीजेडब्ल्यू) के उद्घाटन समारोह में दिया बड़ा संदेश

अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए अराजकता का वातावरण पैदा करने वालों के खिलाफ संवाद महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए संवाद को बाधित किया जाता रहा हैः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री बोले: बस्ते के बोझ से बच्चे डिप्रेस्ड न हों, इसके बारे में भी हमें करना होगा विचार लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वसुधैव कुटुम्बकम् यानी 'होल वर्ल्ड इज वन फैमिली, हैज बीन बेसिक फिलॉसफी ऑफ इंडिया फॉर थाउजैंड्स ऑफ ईयर्स' की भावना से विश्व को अवगत कराते हुए इसे भारत की हजारों वर्षों की परंपरा करार दिया। उन्होंने कहा कि संकट के समय शरण देने और आगे बढ़ाने में भारत ने हमेशा योगदान दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को सिटी मॉन्टेसरी स्कूल द्वारा आयोजित 26वें इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ चीफ जस्टिसेस ऑफ वर्ल्ड (आईसीसीजेडब्ल्यू) के उद्घाटन समारोह में अपनी बातें रखीं।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें यूएन की उस घोषणा को भी स्मरण करना होगा, जिसमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के बारे में दुनिया के देशों से आह्वान किया गया था। सस्टेनेबल गोल्स शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, जल संसाधन, रोजगार-कौशल विकास, पर्यावरण और वन संपदा की रक्षा के विषयों पर आधारित हैं। इन 16 गोल्स में शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। कभी न भूलें क्या है वास्तविक समस्या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हमें ये कभी विस्मृत नहीं करना चाहिए कि विश्व की वास्तविक समस्या क्या है। उन्होंने कहा कि जब हम इसकी तह में जाते हैं तो लगता है कि डायलॉग एक-दूसरे के बीच में नहीं है। स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए डायलॉग को बाधित किया गया। ये कॉन्फ्रेंस अपने आप में डायलॉग का एक माध्यम है। दुनिया के न्यायाधीशों के माध्यम से यह मानवता और उन लोगों के लिए भी एक उद्घोषणा है कि जिन्होंने अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए अराजकता का वातावरण पैदा करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि जब हम दुनिया के अंदर शिक्षा की बात करते हैं तो 250 करोड़ से अधिक बच्चों के लिए क्वॉलिटी एजुकेशन पर फोकस करते हैं। हमें विचार करना होगा कि बस्ते के बोझ से बच्चे डिप्रेस्ड न हों। यह महत्वपूर्ण भाव है, क्योंकि शिक्षा किसी भी व्यवस्था का, फिर चाहे व्यक्ति हो, समाज हो या राष्ट्र हो, डायलॉग की स्थापना, मैन टू मैन, सोसाइटी टू सोसाइटी या फिर कंट्री टू कंट्री, यह स्थापित तभी हो सकती है जब हम उसके बेसिक भाव पर विचार करें। यह बेसिक भाव एजुकेशन के माध्यम से हम प्रत्येक छात्र-छात्राओं के मन में पैदा कर सकते हैं, लेकिन आज भी यह चुनौती बनी हुई है। समस्याओं के समाधान के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने कहा दुनिया में जहां अशांति व अराजकता है, वर्चस्व को लेकर एक-दूसरे की संप्रभुता को हड़पने की होड़ हो, वहां पर एजुकेशन, हेल्थ तथा सस्टेनेबल डेवलपमेंट की बात बेमानी सी दिखती है। उन स्थितियों में हम सभी को इस बारे में विचार करना चाहिए कि कैसे इन समस्याओं के समाधान के लिए हर एक स्तर पर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगर एक संस्था अपने स्तर पर पिछले 25 वर्षों से इस प्रयास को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है, तो क्यों नहीं अन्य स्तर पर यह प्रयास आगे बढ़ाया जा सकता है?  सीएम योगी ने प्रदेश की राजधानी में अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि आज जब हम दुनियाभर से जुड़े न्यायविदों के इस सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में उपस्थित हुए हैं, ऐसे में सीएमएस लखनऊ के संस्थापक डॉ. जगदीश गांधी की स्मृतियों को नमन करते हुए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं, जिन्होंने विश्व की एकता, अखंडता व न्याय के लिए इंटरनेशनल कॉन्फ्रेस ऑफ चीफ जस्टिसेस के कार्यक्रम का लंबे समय से आयोजन किया तथा इसके माध्यम से एक-दूसरे को समझने व नया संदेश देने का काम किया था। बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका का करना होगा निर्वहन सीएम योगी ने कहा कि एक ओर हमारे सामने दुनिया के अंदर की प्रतिस्पर्धा चुनौती के रूप में है, तो वहीं हमारे सामने जलवायु परिवर्तन और उससे उत्पन्न होने वाला संकट भी नई चुनौती के रूप में हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सामने इमर्जिंग टेक्नोलॉजी जीवन को सहज और सरल करने में जहां उपयोगी भूमिका का निर्वहन कर रही है, वहीं इसके द्वारा उत्पन्न अभूतपूर्व कानूनी चुनौतियां भी हम सभी के सामने खड़ी हुई हैं, जिसमें साइबर क्राइम, डेटा चोरी और अन्य समस्याएं प्रमुख हैं। ऐसे अस्थिर समय में न्याय, नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून विश्व शांति और मानव सभ्यता के लिए बड़ी लकीर खींचने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन कर सकते हैं। यूएन के द्वारा 80 वर्ष पहले जिन बातों की घोषणा की गई थी, हम सभी को उस पर फिर से विचार करना चाहिए, उन्होंने उस समय कहा था कि दुनिया को अब एक अधिक न्यायपूर्ण, समावेशी और जवाबदेही वैश्विक प्रणाली की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस घोषणा की सार्थकता आज भी उसी रूप में बनी हुई है। भारत की सोच निकाल सकती है वैश्विक चुनौतियों का रास्ता मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि हम केवल उन पुरानी बातों तक सीमित न रहें, बल्कि आज की उन ज्वलंत समस्याओं के बारे में भी हमें विचार करते हुए जलवायु परिवर्तन, साइबर सुरक्षा, स्वास्थ्य के संकट, वैश्विक आतंकवाद जैसे मुद्दों पर भी मुखर होकर यूएन जैसे प्लेटफॉर्म का बेहतर उपयोग करना चाहिए। एक ऐसे व्यावहारिक और उद्देश्यपरक गठबंधन को जो और भी प्रभावी हो सके, इसे आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस बारे में हमें भारत की उस प्राचीन व्यवस्था पर विचार जरूर करना चाहिए, जहां पर हमने इस पूरी व्यवस्था को पांच अव्यवों पर आधारित माना, जिसमें पृथ्वी, जल, अग्नि, वायु और आकाश, इन सभी की उपासना को इसका आधार मानकर भारत की परंपरा ने सदैव इसे अपने जीवन का अंग माना। न केवल इनकी पवित्रता, बल्कि सुरक्षा और संरक्षण को सदैव प्राथमिकता दी गई। उन्होंने कहा कि दुनिया के लिए वर्तमान में जलवायु परिवर्तन की चुनौती हो या फिर इसके माध्यम से उत्पन्न उन वैश्विक संकट के समाधान का रास्ता, भारत की सोच के माध्यम से समाधान का रास्ता निकाल सकती है। आंख बंद करने से नहीं मिलेगा हल, मिलकर निकालना होगा समाधान मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि दुनिया ने इस युग की … Read more

AQI रिपोर्ट में गाजियाबाद ने Delhi को छोड़ा पीछे, वैज्ञानिक ने बताई प्रदूषण की वजह

गाजियाबाद गाजियाबाद एक बार फिर देश का सबसे प्रदूषित शहर बन गया है. सीपीसीबी के हालिया आंकड़े बताते हैं कि इस शहर ने दुनिया में सबसे प्रदूषित शहर का तमगा हासिल कर चुके दिल्ली को भी खराब एक्यूआई के मामले में पीछे छोड़ दिया है. गाजियाबाद की हवा इस कदर जहरीली हो चुकी है कि यहां रहने वाले स्वस्थ लोग भी इस हवा में सांस लेने के बाद बीमार हो रहे हैं, जिसके चलते अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़े बताते हैं कि 20 नवंबर को एक बार फिर गाजियाबाद का एक्यूआई बेहद खराब श्रेणी में पहुंचकर 430 हो गया. जो कि दिल्ली और नोएडा से कहीं ज्यादा रहा. इससे पहले गाजियाबाद 17 और 19 नवंबर को भी प्रदूषित शहरों की लिस्ट में टॉप पर पहुंच गया था. 17 नवंबर को प्राइवेट एक्यूआई मॉनीटर एजेंसियों ने यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स 800 से भी ऊपर दर्ज किया था. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल है कि यह शहर सबसे प्रदूषित शहर क्यों बन गया. गाज‍ियाबाद में सड़कों पर धूल और वाहनों से प्रदूषण स्‍तर लगातार बढ़ रहा है. इस बारे में भारतीय मौसम विभाग के पूर्व डीजीएम और दिल्ली के जाने-माने वैज्ञानिक के जे रमेश ने बताया कि गाजियाबाद का हाल बेहद खराब है. तीन दिन पहले भी यह प्रदूषित शहरों में टॉप पर था, एक बार फिर यहां प्रदूषण स्तर सबसे ज्यादा रिकॉर्ड हुआ है. यहां पीएम 2.5 और पीएम 10 की मात्रा हवा में बहुत ज्यादा है. इसके सबसे प्रदूषित शहर बनने की कई वजहें हैं. धूल है सबसे बड़ा प्रदूषक गाजियाबाद में धूल सबसे प्रमुख प्रदूषक है. इस शहर के किसी भी इलाके, यहां तक कि मेट्रो स्टेशनों के अंदर तक धूल का अंबार लगा होता है. यहां बड़ी संख्या में सड़कें टूटी हुई हैं. चाहे रिहाइशी हो या कमर्शियल यहां लगातार कंस्ट्रक्शन चलता रहता है. पूरे दिन बड़े और छोटे वाहन सड़कों पर दौड़ते हैं और धूल उड़ाते हैं. बारिश न होने और हवा की गति सर्दियों में सुस्त पड़ने के चलते ये धूल हवा में घूमती रहती है, जो प्रदूषण स्तर को बढ़ाती है. औद्योगिक इलाके और उनसे उत्सर्जन गाजियाबाद में बड़ी संख्या में फैक्ट्रीज हैं. इसके साहिबाबाद, भोपुरा और लोनी जैसे इलाकों पूरी तरह इंस्ट्रीज के लिए ही बने हैं. यहां कारखानों से खतरनाक गैसों का उत्सर्जन होता रहता है. ग्रैप की पाबंदिया लागू जरूर होती हैं लेकिन कितनी सफलता से ये काम करती हैं, इसका कोई व्हाइट पेपर कभी नहीं आया है. वाहनों और कूड़े को जलाने से निकलने वाला धुआं गाज‍ियाबाद में खुले में कूड़ा जलाने से हवा की गुणवत्‍ता पर असर पड़ रहा है. इस शहर में छोट से लेकर बड़े वाहनों की संख्या बहुत ज्यादा है. इलेक्ट्रिक के मुकाबले पेट्रोल और डीजल की गाड़ियां काफी हैं, साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की मॉनिटरिंग और उन पर सख्ती भी कम है, लिहाजा ये हवा की गुणवत्ता में जहर घोलते रहते हैं. इस शहर में खुले में कूड़ा जलाने से धुआं होने के भी मामले देखे गए हैं, जिनसे हवा में जहरीली गैसें बढ़ती हैं. दिल्ली से नजदीकी और उपायों की कमी गाजियाबाद दिल्ली और नोएडा के नजदीक है, जिसका असर भी इसकी जलवायु पर पड़ता है. इन शहरों में जब प्रदूषण का स्तर बढ़ता है तो वह आगे बढ़कर गाजियाबाद को भी गिरफ्त में लेता है. इसके अलावा इस शहर में प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए स्थाई तो दूर अस्थाई उपाय भी नहीं किए जाते हैं, जैसे सड़कों पर पानी का छिड़काव, पेड़-पौधों की संख्या बढ़ाना, ग्रैप को सख्ती से लागू करना आदि. वैज्ञानिक के जे रमेश कहते हैं कि जब तक गाजियाबाद के स्थानीय कारणों को जानकर वहां के लिए अलग नियम नहीं बनाए जाएंगे, सभी अथॉरिटीज मिलकर प्रदूषण से निपटने के लिए सामूहिक रूप से काम नहीं करेंगी, गाजियाबाद क्या किसी भी शहर की हवा को साफ कर पाना मुश्किल है. इस शहर में फैक्ट्री और कारखानों से उत्सर्जन पर तत्काल रोक लगनी चाहिए. यहां कूड़ा जलाने को भी प्रतिबंधित करने की जरूरत है, साथ ही सड़कों की मरम्मत एक बड़ा मुद्दा है.

मारिया कोरिना मचाडो को मिलेगा नोबेल, लेकिन सम्मान के साथ अपमान का साया भी

वाशिंगटन  नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया कोरिना मचाडो व्यक्तिगत रूप से अवॉर्ड लेने जाने पर रोक लग सकती है। खबर है कि अगर वह पुरस्कार लेने नॉर्वे गईं, तो उन्हें वेनेजुएला सरकार भगोड़ा घोषित कर सकती है। पुरस्कार वितरण समारोह 10 दिसंबर को होना है। लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रचार के लिए उन्हें नोबेल से नवाजा गया है। मचाडो के खिलाफ आतंकवाद संबंधी कई मामले दर्ज हैं। एएफपी से बातचीत में गुरुवार के वेनेजुएला के एटॉर्नी जनरल तारिक विलियम साब ने कहा है कि विपक्ष की नेता मचाडो अगर नॉर्वे जाती हैं, तो उन्हें भोगाड़ा माना जाएगा। मचाडो का कहना है कि वह वेनेजुएला में छिपी हुई हैं और पुरस्कार लेने के लिए 10 दिसंबर को ओस्लो जाना चाहती हैं। साब ने कहा, 'कई आपराधिक जांचें चलने के बाद वेनेजुएला से बाहर जाने पर उन्हें भगोड़ा माना जाएगा।' एजी ने कहा कि कैरेबियन में सैन्य तैनाती के लिए अमेरिका की मदद करने के मामले में भी मचाडो के खिलाफ जांच चल रही है। खास बात है कि मचाडो ने सैन्य मौजूदगी का स्वागत किया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर, युद्धपोत और लड़ाकू विमानों को तैयार किया है। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के आरोप हैं कि इसके जरिए उनकी सरकार गिराने की कोशिश की जा रही है। ट्रंप का किया समर्थन अक्तूबर में मचाडो ने कहा था कि वेनेजुएला की जनता की संप्रभु इच्छा को सम्मान दिलाने के लिए हम 'दृढ़ संकल्पित' हैं और इस समय संघर्ष में 'हमारे मुख्य सहयोगी' अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हैं। अवॉर्ड विजेता नॉर्वे की नोबेल समिति के अध्यक्ष जॉर्गन वात्ने फ्रिडनेस ने मारिया की जमकर तारीफ की थी। उन्होंने कहा था कि वेनेजुएला में राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए विपक्ष की उम्मीदवार रहीं मारिया को राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार के खिलाफ 'कभी गहराई तक विभाजित विपक्ष को एकजुट करने वाली महत्वपूर्ण शख्सियत' के रूप में सराहा गया है। फ्रिडनेस ने कहा, 'मारिया पिछले एक साल से छिपकर रहने के लिए मजबूर हैं। जान को गंभीर खतरे के बावजूद वह देश में ही हैं और इस फैसले ने लाखों लोगों को प्रेरित किया है।' नहीं लड़ सकीं चुनाव मारिया को राष्ट्रपति चुनाव में मादुरो के खिलाफ लड़ना था, लेकिन सरकार ने उन्हें अयोग्य घोषित कर दिया। इसके बाद मारिया के करीबी एडमंडो गोंजालेज को राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार के तौर पर उतारा गया। यह उनके जीवन का पहला चुनाव था। चुनावी प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर दमन देखा गया, जिसमें विरोधी उम्मीदवारों को अयोग्य ठहराया जाना, उनकी गिरफ्तारी और मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन शामिल था। खबर है कि मारिया अज्ञात स्थान पर चली गईं थीं और उन्हें जनवरी से किसी सार्वजनिक मंच पर नहीं देखा गया है। वेनेजुएला की एक अदालत ने चुनाव नतीजों के प्रकाशन को लेकर गोंजालेज के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके बाद वह स्पेन में निर्वासन में चले गए, जहां उन्हें शरण मिल गई।

गैंग लीडर बच निकला, किसान की संपत्ति कुर्क; प्रशासन ने पत्नी का घर किया सील

फिरोजाबाद  यूपी के फिरोजाबाद में प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के अशोक कुमार की संपत्ति को बुधवार की देर शाम कुर्क करना था। इसकी जमीन पर पुलिस को कुर्की का बोर्ड भी लगाना था। कार्रवाई करने के बाद गुरुवार को पता चला कि जिस संपत्ति को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कुर्क किया है वह तो गैंगस्टर के आरोपी की बजाए किसान की है। अब पुलिस इसे कार्रवाई से मुक्त करने के लिए धारा 15/1 की कार्रवाई करते हुए आरोपी की सही संपत्ति को कुर्क करने की कार्रवाई में जुटी है। जिला मजिस्ट्रेट फिरोजाबाद ने फरिहा पुलिस को एक आदेश जारी किया कि गैंगस्टर एक्ट के आरोपी अशोक कुमार पुत्र रामशरण निवासी शेखूपुर नैपई थाना रामगढ़ की संपत्ति को कुर्क किया जाए। यह आरोपी गैंग लीडर गोल्डी उर्फ बबलू राठौर के गैंग का सदस्य है। जब पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बुधवार की शाम को कार्रवाई की तो अशोक की संपत्ति की जगह रामशरन यादव निवासी नगला मोती थाना दक्षिण की संपत्ति को कुर्क करते हुए उस पर बोर्ड लगा दिया। गुरुवार को पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों तक मामला पहुंचा तो अपनी गलती का अहसास हुआ। अब मामले में गैंगस्टर एक्ट के आरोपी अशोक कुमार की सही संपत्ति को कुर्क करने की तैयारी की जा रही है। वहीं गलत तरीके से जब्त की गई रामशरण यादव की संपत्ति से कुर्क का बोर्ड हटाने और धारा 15/1 के तहत कार्रवाई कर इसको कार्रवाई से मुक्त करने की तैयारी चल रही है। सीओ सिटी प्रवीन तिवारी ने बताया कि कुर्क की कार्रवाई उपनिबंधक सदर तहसील की रिपोर्ट के आधार पर की थी। अब मामले में अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। थाना फरिहा पुलिस ने बुधवार की दोपहर में ढोल नगाड़े बजाकर थाना दक्षिण के सुहागनगर स्थित गैंग लीडर अभियुक्त गोल्डी उर्फ बबलू की लाखों रुपये की संपत्ति के रूप में बने मकान को सील कर दिया। कार्रवाई करके तहसील और थाना पुलिस के अधिकारी चले गए लेकिन देर शाम जब कोर्ट से घर पहुंची गैंग लीडर की पत्नी ने प्रशासनिक अधिकारियों को बताया कि पति की बजाए वह उसके मकान को सील करके चले गए हैं तो अधिकारी देर रात फिर दौड़े। देर रात महिला के मकान की सील तोड़ी और बोर्ड को हटाया। फिर सामने के मकान को सील करने की कार्रवाई की गई। फरिहा पुलिस ने गैंग लीडर गोल्डी राठौर की 2 करोड़ 01 लाख 28 हजार पन्द्रह रुपये की अचल सम्पत्ति को बुधवार को कुर्क करने की कार्रवाई की थी। उसके खिलाफ जसराना में मुकदमा दर्ज था। गोल्डी की अन्य संपत्तियों में सुहागनगर थाना दक्षिण में स्थित मकान भी शामिल था। मकान को सील करने की कार्रवाई करते समय ढोल नगाड़े बजाए गए। मकान के मुख्य गेट पर सील करते हुए जंजीर से ताला डाला गया और पास में ही एक कुर्की का बोर्ड लगा दिया। पुलिस और तहसील के अधिकारी अपनी कार्रवाई करके चले गए।  

CM योगी का संदेश: न्याय प्रत्येक नागरिक के लिए सुरक्षा और बेहतर भविष्य सुनिश्चित करे

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखनऊ में आयोजित विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 26वें अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शामिल हुए, उन्होंने कहा वसुधैव कुटुम्बकम् यानी ‘पूरा विश्व एक परिवार है’ ( ‘The whole world is one family’ has been a basic philosophy of India for thousands of years.) यह हजारों वर्षों से भारत का मूल दर्शन रहा है। उन्होंने विश्व भर से आये मुख्य न्यायाधीशों का स्वागत करते हुए कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह सम्मेलन भारतीय संस्कृति के अनुरूप ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव को फिर से पूरी दुनिया में मूर्त रूप से प्रस्तुत करने में सफल होगा। योगी आदित्यनाथ ने कहा ये सम्मेलन दुनिया के न्यायविदों के बीच दुनिया की मानवता के लिए संवाद का एक माध्यम है, जिन लोगों ने अपना वर्चस्व स्थापित करने के लिए और दुनिया में अशांति और अराजकता का वातावरण पैदा करना का सहस किया है उनके लिए भी एक माध्यम है। विश्व के न्यायाधीशों के सम्मेलन में बोले सीएम योगी, न्याय प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा, स्वावलंबन और उनके उन्नत भविष्य का आधार बनना चाहिए योगी ने कहा हमें हमें UN की उस घोषणा को कभी भूलना नहीं चाहिए की दुनिया की वास्तव में समस्या क्या है? और जब हम इसकी गहराई में जाते हैं तो हमें लगता है कि संवाद एक दूसरे के बीच में नहीं है, किन्हीं कारणों से स्वयं के वर्चस्व को स्थापित करने के लिए उस संवाद को बाधित किया गया। दुनिया कई चुनौतियों से जूझ रही है, समाधान संवाद से संभव  सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा हमने इस युग की सबसे बड़ी महामारी कोविड को झेला है , एक पुरानी कहावत है कि कहीं आग लगी हो और व्यक्ति उससे अपने आप को निश्चिन्त पाता है तो याद रखना वो आग एक दिन आपको भी नुकसान पहुंचा सकती है दुनिया आज जिस चुनौती से जूझ रही है चाहे जलवायु परिवर्तन हो , साइबर सुरक्षा हो या फिर आतंकवाद हो  यदि कोई भी देश कोई भी समाज इन मुद्दों से आँखें बंद कर दुनिया की मानवता के सामने संकट खड़ा करता है तो यह मानकर चलें कि ये संकट उसको भी एक दिन अवश्य निगल सकता है। मानवता की समस्या के समाधान का सन्देश यहां से देन संभव है   कोविड ने बता दिया कि आज की कोई भी समस्या एक देश की समस्या  ये दुनिया की समस्या होती है इसलिए दुनिया को मिलकर ही इसके समाधान का रास्ता निकालना पड़ेगा। दुनियाभर के न्यायविद जब यहाँ एकत्रित हुए हैं तो मानवता की समस्या के समाधान का रास्ता कैसे निकले इसका वे सन्देश इस सम्मेलन से दे सकते हैं  न्याय न केवल समता का, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा का उनके स्वावलंबन का और उनके उन्नत भविष्य का आधार बनना चाहिए।

रामलला VIP दर्शन अपडेट: 25 नवंबर समेत कई दिनों में प्रवेश प्रतिबंध, यात्रा से पहले जानें नई सूची

अयोध्या यूपी के अयोध्या स्थित राम मंदिर में 25 नवंबर को होने वाले ध्वजारोहण समारोह के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। इसको देखते हुए राम मंदिर ट्रस्ट ने यह निर्णय लिया है कि ध्वजारोहण समारोह के एक दिन पहले यानी 24 नवंबर और एक दिन बाद यानी 26 नवंबर को राम मंदिर में वीआईपी दर्शन पर रोक रहेगी। भीड़ नियंत्रण के लिए यह योजना बनाई गई है। ट्रस्ट की ओर से यह पहले ही बताया जा चुका है कि 25 नवंबर को राम मंदिर में आम श्रद्धालु दर्शन नहीं कर पाएंगे। इस दिन केवल ध्वजारोहण समारोह में आने वाले आठ हजार से अधिक मेहमानों को ही दर्शन कराया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में होने वाले ध्वजारोहण समारोह के बाद दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक मेहमानों को रामलला और राम दरबार के दर्शन कराए जाएंगे। पीएम मोदी के आगमन को लेकर तैयारियां तेज 25 नवंबर को ध्वजारोहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या आगमन को लेकर महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर तैयारियां तेज हो गई हैं। एयरपोर्ट प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एयरपोर्ट निदेशक धीरेंद्र सिंह ने बताया कि एयरपोर्ट पर कुल आठ पार्किंग उपलब्ध हैं, जिनमें से चार पार्किंग वीआईपी मूवमेंट के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि बाकी चार पार्किंग शेड्यूल और नॉन-शेड्यूल फ्लाइट्स के लिए उपयोग होंगी। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट पर फ्लाइट रिफ्यूलिंग को न्यूनतम रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सुरक्षा और सुगमता दोनों बनी रहे। 25 नवंबर को लगभग 50 फ्लाइट्स के लैंड होने की संभावना जताई जा रही है। इस बढ़ते दबाव को देखते हुए आसपास के जनपदों के एयरपोर्ट्स को भी अलर्ट पर रखा गया है। वीआईपी मेहमानों को उतारने के बाद कई फ्लाइट्स पास के जिलों की हवाई पट्टियों पर पार्क की जाएंगी। सुरक्षा को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सीआईएसएफ जवानों को दी गई विशेष जिम्मेदारी एयरपोर्ट पर सीआईएसएफ के 48 जवान स्थायी तौर पर तैनात हो चुके हैं। उन्हें इस कार्यक्रम के दौरान विशेष जिम्मेदारी दी गई है। 24 नवंबर को एक विशेष सुरक्षा ऑपरेशन भी चलाया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित चुनौती का तुरंत समाधान किया जा सके। निदेशक का कहना है कि प्रधानमंत्री के दौरे को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए सभी विभागों के बीच समन्वय लगातार जारी है।  

उत्तर प्रदेश में अब तक 4.25 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड हो चुके हैं जारी, बरेली बना प्रदेश में नंबर वन

कैंसर, किडनी और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के निःशुल्क इलाज के लिए वर्ष 2023-24 में 700 करोड़ रुपये से अधिक किए गए खर्च 'वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज' पहल के तहत यूपी में स्थापित हो चुके हैं 80 से अधिक सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज मिशन इंद्रधनुष के तहत यूपी में 10 लाख से अधिक छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण सम्पन्न आगरा जिला अस्पताल में संचालित निःशुल्क हीमोडायलिसिस यूनिट, गरीब किडनी रोगियों के लिए बनी वरदान  यूपी में 28,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सुविधा उपलब्ध, ग्रामीणों को मिल रही विशेषज्ञ सलाह लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ गरीब और वंचित वर्गों को प्राथमिकता दी है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में आयुष्मान भारत योजना से लेकर पेंटावैलेंट वैक्सीनेशन जैसी योजनाएं प्रदेश में लाखों परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रही हैं। साथ ही सीएम के विजन के अनरूप चल रही कई राज्य स्तरीय योजनाओं के सफल क्रियान्वयन ने 2017 के बाद प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था के परिदृश्य में अमूलचूल बदलाव लाया है। इसी क्रम में बरेली मंडल ने आयुष्मान योजना में प्रदेश में नंबर वन का रिकॉर्ड कायम किया है, जबकि आगरा के जिला अस्पताल में निशुल्क हीमोडायलिसिस यूनिट गुर्दा रोगियों के लिए वरदान बनी हुई है। आंकड़ों से साफ है कि सरकार का फोकस न केवल उपचार पर, बल्कि रोकथाम और पहुंच पर भी है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार की वर्ष 2017 से प्राथमिकता रही है कि राज्य के  गरीब एवं वंचित वर्ग के मरीजों का न केवल अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो साथ ही इलाज के कारण पड़ने वाले वित्तीय बोझ को न्यूनतम किया जाए। इसी क्रम में सीएम योगी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना का सफल क्रियान्वयन हुआ है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) डैशबोर्ड के अनुसार, उत्तर प्रदेश में अब तक 4.25 करोड़ से अधिक आयुष्मान कार्ड जारी हो चुके हैं, जो राज्य की एक-चौथाई आबादी को 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान करता है। यूपी स्वास्थ्य विभाग की नवंबर 2024 की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023-24 में गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, किडनी और हृदय रोगों के निःशुल्क इलाज पर 700 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। जिसमें प्रमुख हिस्सा प्रदेश के गरीब परिवारों को इलाज के लिए मिली प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता का है। इसके अलावा सीएम योगी की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज' पहल के तहत 80 जिलों में वर्तमान में 80 से अधिक अब सरकारी या निजी मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। यह पहल ग्रामीण और छोटे शहरों के मरीजों को आसानी से सुपर-स्पेशियलिटी इलाज मुहैया करा रही है। बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देते हुए योगी सरकार ने टीकाकरण अभियान में अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। इस क्रम में राज्य में पेंटावैलेंट वैक्सीन (पेंटा वैक्सीन) का कवरेज राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के अनुसार 92 प्रतिशत से अधिक तक पहुंच गया है। 2017 में यह 50 प्रतिशत से कम था, लेकिन अब प्रदेश के अधिकांश बच्चों को इस टीकाकरण अभियान से कवर किया जा चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में प्रति माह 20,000 से अधिक नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित हो रहे हैं। इसके साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार मिशन इंद्रधनुष के तहत यूपी में 10 लाख से अधिक छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण भी किया चुका है। सीएम योगी की टीकाकरण की ये आक्रामक नीति के तहत विशेष रूप से वंचित परिवारों के बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है। आयुष्मान योजना में प्रदेश के बरेली मंडल का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहा है। पीएमजेएवाई पोर्टल के अनुसार नवंबर 2025 तक बरेली में योजना के तहत जारी किये गये 900 करोड़ रुपये के क्लेम में से 90 प्रतिशत राशि का भुगतान किया जा चुका है, जो प्रदेश में सर्वोच्च है। कुल 4.53 लाख से अधिक क्लेम सेटल किये जा चुके हैं। बरेली स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार योजना के तहत बरेली में 1 लाख से अधिक गरीब मरीजों को निःशुल्क इलाज हुआ है। तो वहीं लक्ष्य के 95 प्रतिशत से अधिक गोल्डन कार्ड का वितरण किया जा चुका है। इस योजना के तहत  5.14 लाख मरीजों का फ्री इलाज कर बरेली ने प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया। 12 लाख से अधिक कार्ड बनाए गए, जिसमें छह सदस्यीय पात्र परिवारों और 60 वर्ष से ऊपर के बुजुर्गों की 100 प्रतिशत कवरेज की गई है। जिसके चलते बरेली अब आयुष्मान का सुपर मॉडल बन चुका है। इसी क्रम में आगरा जिला अस्पताल में पीपीपी मॉडल पर संचालित निःशुल्क हीमोडायलिसिस यूनिट ने जनवरी से अक्टूबर 2025 तक 726 मरीजों को 8,712 बार डायलिसिस की सुविधा प्रदान की है। 10 अत्याधुनिक मशीनों से लैस यह यूनिट गुर्दा रोगियों के लिए जीवन रेखा बन चुकी है। योगी सरकार की यह सुविधा राज्य के गरीब मरीजों को निजी अस्पतालों की महंगी दरों से मुक्ति दिलाती है साथ ही उन्हें अत्याधुनिक और जरूरी इलाज आसानी से उपलब्ध करवा रही है।   सीएम योगी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे का तेजी से आधुनिकीकरण किया है। जिसके तहत प्रदेश में वर्तमान में 80 से अधिक सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेज बन चुके हैं। जिनमें 3,500 आईसीयू बेड और 2,000 वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध हैं। साथ ही प्रदेश में 28,000 से अधिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सुविधा ग्रामीणों को विशेषज्ञ सलाह दे रही है।