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मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी में प्रभु हनुमान के समक्ष टेका माथा, पूजा-अर्चना के साथ की अयोध्या दौरे की शुरुआत

रामकथा पार्क हेलीपैड पर मुख्यमंत्री का हुआ भव्य स्वागत अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक दिवसीय दौरे पर पहुंचे। उन्होंने अपने कार्यक्रम की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन से की, जहां उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। हनुमानगढ़ी में किया पूजन, प्रदेश के लिए मांगा कल्याण हनुमानगढ़ी में प्रभु हनुमान के समक्ष शीश नवाने तथा पूजन-दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सीधे श्रीरामलला विराजमान के दरबार पहुंचे। यहां आरती के बाद उन्होंने प्रभु श्रीराम के चरणों में शीश झुकाया और परिक्रमा करते हुए मंदिर निर्माण की प्रगति का बारीकी से निरीक्षण किया। मंदिर निर्माण कार्यों की प्रगति पर ट्रस्ट ने दी विस्तृत जानकारी दर्शन-पूजन के उपरांत राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने उन्हें मंदिर निर्माण की वर्तमान स्थिति और आगामी चरणों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से जानकारी लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। श्रद्धालुओं ने किया स्वागत, सीएम ने भी स्वीकारा अभिवादन श्रीरामलला के दर्शन के बाद जब मुख्यमंत्री बाहर निकले तो बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। मुख्यमंत्री योगी ने भी हाथ जोड़कर जनता का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान जय श्रीराम के नारे से पूरा परिसर गुंजायमान हो उठा। हेलीपैड पर हुआ भव्य स्वागत, जनप्रतिनिधियों ने किया अभिनंदन अयोध्या आगमन पर रामकथा पार्क स्थित हेलीपैड पर मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया गया। प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, महापौर गिरीशपति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायकगण वेद प्रकाश गुप्ता, अमित सिंह चौहान, रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, बीजेपी जिलाध्यक्ष संजीव सिंह, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी का यह नवंबर माह का पहला अयोध्या दौरा है।

दरिंदगी की हद: प्रेमी ने महीनों बंधक रखा, सब-इंस्पेक्टर ने भी होटल में कराए जबरन संबंध

बुलंदशहर  उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक महिला की कहानी ने पुलिस व्यवस्था की नींव को हिला दिया है। पीड़िता का कहना है कि वह गैंगरेप की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन वहां उसे न्याय नहीं, बल्कि नया जख्म मिला। आरोप इतना गंभीर है कि विभाग को दो सब-इंस्पेक्टरों को तत्काल सस्पेंड करना पड़ा है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती और फिर 48 दिन का खौफ महिला का दावा है कि नवंबर में उसकी एक युवक से सोशल मीडिया पर पहचान बनी। मुलाकात के बहाने वह उसे बहला-फुसलाकर एक बंद कमरे में ले गया, जहां उसने चार और  साथियों को बुला लिया। पीड़िता का कहना है कि उसे लगातार 48 दिनों तक बंधक बनाकर यौन शोषण किया गया। यहां तक कि उसे अलीगढ़ और बुलंदशहर के कई ठिकानों पर ले जाकर प्रताड़ित किया गया और धर्म परिवर्तन का दवाब भी डाला गया। किसी तरह वह वहां से निकलकर बची और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। थाने में 'मदद' के नाम पर नया अत्याचार? पीड़िता का आरोप है कि जब वह न्याय मांगने पहुंची, तो दो सब-इंस्पेक्टरों ने उसके साथ हैवानियत और वसूली की। एक पुलिसकर्मी ने उसे होटल में बुलाकर दो दिन तक पांच बार दुष्कर्म किया। दूसरे ने आरोपियों को पकड़ने का लालच देकर 50,000 रुपये ले लिए। इतना ही नहीं, पीड़िता के मुताबिक, उसके पति को थाने में बैठाकर झूठा केस दर्ज करने की धमकी भी दी गई। महिला ने बताया कि हाल ही में दो हमलावर बाइक पर आए और उस पर हमला कर भाग गए, लेकिन इस घटना की रिपोर्ट भी नहीं लिखी गई। पुलिस की जांच: एक आरोपी गिरफ्तार, बाकियों पर संदेह -बुलंदशहर के SSP दिनेश कुमार ने बताया कि महिला ने चार लोगों पर गैंगरेप का आरोप लगाया था। -जांच में केवल इंस्टाग्राम वाला युवक घटना में शामिल पाया गया, जिसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। -बाकी तीन आरोपियों के कॉल डिटेल और लोकेशन घटना स्थल से मेल नहीं खाते। SSP का कहना है “पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं, इसलिए दोनों सब-इंस्पेक्टरों को तुरंत निलंबित कर दिया गया है। हालांकि महिला बयान बार-बार बदल रही है और अभी तक पुलिसवालों के नाम से औपचारिक FIR दर्ज कराने को तैयार नहीं, जिससे जांच जटिल हो रही है। फिर भी कार्रवाई जारी है।”  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कोयम्बटूर से जारी करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि

उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में आएगी ‘सम्मान निधि’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को कोयम्बटूर से जारी करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि  21वीं किस्त के रूप में उत्तर प्रदेश के किसानों को मिलेंगे 4314.26 करोड़ रुपये  यूपी के किसानों के खाते में 20वीं किस्त तक आई 90,354.32 करोड़ की धनराशि  अन्नदाता किसानों की समृद्धि को बढ़ा रही मोदी-योगी सरकार लखनऊ मोदी-योगी सरकार अन्नदाता किसान की समृद्धि को बढ़ा रही है। डबल इंजन सरकार खेत से लेकर किसानों के सम्मान तक निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोयम्बटूर से किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त भेजेंगे। इससे उत्तर प्रदेश के 2.15 करोड़ से अधिक किसान लाभान्वित होंगे। इनके खाते में डीबीटी के माध्यम से सीधे 4314.26 करोड़ रुपये भेजे जाएंगे। वहीं यूपी के किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की अब तक (20वीं किस्त) 90,354.32 करोड़ रुपये की धनराशि भेजी जा चुकी है।  बुधवार को यूपी के किसानों के खाते में आएंगे 4314.26 करोड़  बुधवार को पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त से उत्तर प्रदेश के 2,15,323 किसान लाभान्वित होंगे। इन किसानों के खाते में 4314.26 करोड़ की धनराशि आएगी। योजना की धनराशि डीबीटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित की जाती है। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता वर्ष में तीन किस्त में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है।  यूपी के किसानों के खाते में आ चुकी है 90354.32 करोड़ रुपये  उत्तर प्रदेश के किसानों के खाते में 20वीं किस्त तक 90354.32 करोड़ रुपये की धनराशि आ चुकी है।  वर्ष      धनराशि  2018-19     2238.92 करोड़  2019-20      11006.87 करोड़  2020-21      14,432.14 करोड़  2021-22      15,775.52 करोड़  2022-23      12,454.32 करोड़  2023-24     13,808.48 करोड़  2024-25      15,594.74 करोड़  2025-26 (अप्रैल-जुलाई)    5043.33 करोड़  कुल- 90,354.32 करोड़ रुपये

जुए में पत्नी को दांव पर लगाया, 8 लोगों ने किया रेप, ससुराल वालों ने भी की हैवानियत

बागपत  यूपी के बागपत से एक शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां पर एक महिला के साथ इस तरह की दरिंदगी की गई, जिसके बारे जानकर आपके होश उड़ जाएगे। दरअसल, महिला का पति नशेड़ी था। वो शराब पीने के साथ जुआ खेलने का भी आदि था। इसी लत ने उसके और उसकी पत्नी के जीवन को नरक बना दिया। पीड़िता का आरोप है कि एक दिन जुए में हारने के बाद उसके पति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसे ही दांव पर लगा दिया। इसके बाद वो हार गया और 8 लोगों ने महिला के साथ बारी-बारी रेप की वारदात को अंजाम दिया।  8 लोगों ने किया रेप  ये दर्द भरी कहानी बागपत जिले में मौजूद एक गांव की पीड़िता की है। उसकी शादी 24 अक्टूबर 2024 को मेरठ जिले के खिवाई गांव निवासी दानिश से हुई थी।शादी के बाद से ही उसका वैवाहिक जीवन यातना में बदल गया। युवती का कहना है कि उसका पति शराब और जुए का आदी था और इसी लत ने उसके जीवन को नरक बना दिया। पीड़िता का आरोप है कि एक दिन जुए में हारने के बाद उसके पति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए उसे ही दांव पर लगा दिया. युवती ने बताया कि पति के हारने के बाद 8 लोगों ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया।   ससुराल के कई सदस्यों ने भी बनाए जबरन संबंध  पीड़िता ने बताया कि उसके ससुराल वालों ने भी उसके साथ हैवानियत की और कई कई सदस्यों ने उसके साथ जबरन संबंध बनाए। उसका आरोप है कि उसके जेठ शाहिद, ननदोई शौकीन और उसके ससुर यामीन ने दहेज लाने का दबाव डालते हुए उसका शोषण किया। पीड़िता ने कहा कि जब वो गर्भवती हो गई तो उसका जबरन गर्भपात भी करा दिया गया। उसने ये भी आरोप लगाया कि उसकी जान लेने के लिए दरिंदों ने उसके शरीर पर तेजाब डाला और फिर नदी में धकेल दिया। महिला ने किसी तरह अपनी जान बचाई और घर पहुंची। अब वो शिकायत लेकर एसपी कार्यालय पहुंची और न्याय की गुहार लगाई है। उसने 3 आरोपी उमेश गुप्ता, मोनू और अंशुल के नाम भी बताए जो गाज़ियाबाद में रहते है। अन्य आरोपियों के नाम पीड़िता नहीं जानती। मामला दर्ज कर लिया है और जांच की जा रही है।    

फर्जी वर्दी वाला दूल्हा! अमीर परिवार में शादी का सपना दिखाकर करता था ठगी, हुआ गिरफ्तार

शाहजहांपुर यूपी के शाहजहांपुर जिले में पुलिस ने एक फर्जी दारोगा को गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) दिक्षा भवरे ने बताया कि खुटार थाना क्षेत्र में सोमवार रात वाहनों के निरीक्षण के दौरान पुलिस ने एक कार में दारोगा का बैज लगी वर्दी टंगी देखी। उनके अनुसार, संदेह होने पर कार चला रहे गौरव शर्मा से पूछताछ की गयी, तो उसने बताया कि वह लखीमपुर खीरी में दारोगा के पद पर तैनात है। जांच में हुआ खुलासा  लखीमपुर खीरी पुलिस से इस बारे में पड़ताल किये जाने पर खुलासा हुआ कि शर्मा झूठ बोल रहा है। उन्होंने बताया कि इसके बाद शर्मा को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में शर्मा ने बताया कि वह मथुरा का मूल निवासी है और खुटार में किराये पर रह रहा है। उसकी शादी नहीं हो रही थी इसीलिए उसने दारोगा की वर्दी बनवाई और उसे पहनकर लोगों को रौब दिखाने लगा ताकि लोग समझें कि वह सरकारी नौकरी में है और उसकी किसी अमीर परिवार में शादी हो जाए। जब भी जरूरत होती पहल लेता वर्दी  पुलिस ने कहा कि आरोपी ने यह भी बताया कि जब भी उसे जरूरत होती थी, वह वर्दी पहन लेता था। इससे उसके टोल टैक्स की भी बचत हो जाती थी। उन्होंने बताया कि पुलिस ने आरोपी गौरव शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया है। 

अपराध करने वालों को चुकानी ही होगी कीमत : सीएम योगी

अपराध कतई स्वीकार नहीं करता नया यूपी : मुख्यमंत्री अपराध करने वालों को चुकानी ही होगी कीमत : सीएम योगी बी से ए क्लास में उच्चीकृत हुई गोरखपुर स्थित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला 72.78 करोड़ रुपये की परियोजना का मुख्यमंत्री ने किया लोकार्पण मॉडर्न पुलिस के लिए गेम चेंजर बनेगी फॉरेंसिक साइंस लैब – मुख्यमंत्री आठ वर्षों में की 2.19 लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती- मुख्यमंत्री 2017 से पहले महज 4 फॉरेंसिक लैब थे अब 12 हैं और 6 छह लैब निर्माणाधीन – सीएम गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2017 के बाद का नया उत्तर प्रदेश अपराध को कतई स्वीकार नहीं करता है। यदि किसी ने यहां अपराध करने की जुर्रत की तो उसे हर हाल में उसकी कीमत भी चुकानी होगी। वह दौर खत्म हो गया जब पीड़ित तड़पता, भटकता था और अपराधी मौज-मस्ती करते थे। अब प्रदेश सरकार ने जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत साक्ष्य संकलन और फॉरेंसिक साइंस लैब्स (विधि विज्ञान प्रयोगशाला) के जरिए इसके प्रमाणन की ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित कर दी है कि कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। उन्होंने कहा कि आज प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति, वैज्ञानिक साक्ष्यों पर आधारित जांच और आधुनिक फॉरेंसिक साइंस लैब्स के जरिए ऐसी व्यवस्था विकसित हुई है कि अपराधी अब बच नहीं सकते। सटीक, त्वरित और पारदर्शी जांच के कारण पीड़ित को सहज, सुगम और समयबद्ध न्याय उपलब्ध हो रहा है। सीएम योगी मंगलवार को बी से ए क्लास में उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला (आरएफएसएल) गोरखपुर के नवीन उच्चीकृत भवन के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। छह मंजिला हाईटेक नवीन भवन के निर्माण पर 72.78 करोड़ रुपये की लागत आई है। उच्चीकृत आरएफएसएल का फीता काटकर उद्घाटन करने और यहां की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने फॉरेंसिक जांच की अत्याधुनिक सौगात के लिए पूर्वी उत्तर प्रदेश की जनता को बधाई देते हुए कहा कि आबादी के लिहाज से देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में सिर्फ चार फॉरेंसिक साइंस लैब थे। सरकार बनने के बाद यह तय किया गया कि कम से कम हर कमिश्नरी में एक फॉरेंसिक साइंस लैब होनी चाहिए। इससे आठ वर्षों में इनकी संख्या बढ़कर 12 हो गई है। छह लैब निर्माणाधीन हैं। जल्द ही सभी कमिश्नरी में फॉरेंसिक साइंस लैब होंगे। इन लैब्स में हर प्रकार की फॉरेंसिक जांच होगी जो साक्ष्य को प्रमाणित कर अपराधियों को कठोर दंड दिलाने का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि कमिश्नरी स्तर पर फॉरेंसिक साइंस लैब स्थापित करने के साथ सरकार ने हर जिले में फॉरेंसिक साक्ष्य संकलन के लिए दो-दो मोबाइल वैन उपलब्ध कराए हैं। इससे कुछ ही घंटों में पुख्ता साक्ष्य संकलन हो जा रहा है और लैब में उसकी जांच के बाद पीड़ित को सहज और सुगम न्याय मिल जाएगी। अब कोई भी अपराधी बच नहीं पाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले साक्ष्य इकट्ठे होने पर भी अच्छी फॉरेंसिक साइंस लैब के अभाव में अपराधी बच जाते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में गत वर्ष जुलाई से तीन नए कानून (भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 और भारतीय साक्ष्य संहिता 2023) लागू होने के बाद फॉरेंसिक साइंस लैब्स की उपयोगिता और बढ़ गई है। नए कानून में सात वर्ष से अधिक कारावास वाले अपराधों में फॉरेंसिक जांच को अनिवार्य कर दिया है। इन कानूनों के लागू होने से काफी पहले ही यूपी सरकार ने लैब्स स्थापित करने की तैयारी शुरू कर दी थी। फॉरेंसिक साइंस लैब्स से रोजगार का सृजन भी होगा सीएम योगी ने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब्स से युवाओं के लिए नए रोजगार का सृजन भी होगा। इसके लिए सरकार ने लखनऊ में यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस की स्थापना की है। यहां लैब टेक्नीशियन के लिए सर्टिफिकेट, लैब में साक्ष्य मिलान करने वालों के लिए डिप्लोमा और विशेषज्ञ के लिए डिग्री कोर्स शुरू किए गए हैं। फॉरेंसिक साइंस लैब्स नए समय में नए अपराधों को रोकने के लिए वैज्ञानिक साक्ष्य उपलब्ध कराने के प्रयासों का हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस में एडवांस डीएनए डायग्नोस्टिक, एआई, ड्रोन, रोबोटिक लैब उपलब्ध है। यहां नैनो से लेकर 40 किलो वजनी ड्रोन संचालित किए जा सकते हैं। मॉडर्न पुलिस के लिए गेम चेंजर बनेगी फॉरेंसिक साइंस लैब सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर में अपग्रेडेड फॉरेंसिक साइंस लैब में सभी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी जो सटीक जांच करेंगी। यह लैब मॉडर्न पुलिस के लिए गेम चेंजर साबित होगी। त्वरित और पुख्ता जांच होने से लोगों को समय से सुसंगत न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि फॉरेंसिक साइंस लैब अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति का ही हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर की यह उच्चीकृत लैब उन चुनिंदा संस्थानों में शामिल होगी जहां बैलेस्टिक, नार्कोटिक्स, सेरोलॉजी, साइबर फॉरेंसिक, डीएनए प्रोफाइलिंग, डाक्यूमेंट विश्लेषण से लेकर सभी उन्नत फॉरेंसिक परीक्षण संभव होंगे। ऐसी क्षमता से पुलिस के कार्य में गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य साइबर फॉरेंसिक को वैश्विक मानक तक पहुंचाना है ताकि भविष्य में होने वाले हाईटेक अपराधों पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सके। आठ वर्षों में की 2.19 लाख पुलिस कार्मिकों की भर्ती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूल ऑफ लॉ को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि इसे लागू करने प्रयासों के तहत आठ सालों में प्रदेश में 2 लाख 19 हजार पुलिस कार्मिकों की भर्ती की गई है। इसमें 60244 कार्मिकों की भर्ती हाल ही में संपन्न हुई है। उन्होंने कहा कि आठ वर्षों में यूपी में जितनी पुलिस भर्ती हुई है, उतनी कई राज्यों की कुल पुलिस फोर्स नहीं है। सीएम ने भर्ती के साथ ट्रेनिंग क्षमता विस्तार का भी उल्लेख किया। कहा कि 2017 में पुलिस ट्रेनिंग की कुल क्षमता 6000 की थी। तब 30000 भर्ती होने पर किराए पर ट्रेनिंग सेंटर लेने पड़े थे। आज प्रदेश में पुलिस ट्रेनिंग की क्षमता दस गुने से अधिक बढ़ चुकी है। अभी जितनी भर्ती हुई, सबको ट्रेनिंग राज्य के ही सेंटर्स से मिल रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस महकमे में सरकार कार्य के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार कर रही … Read more

मुख्यमंत्री योगी ने भरा एसआईआर फॉर्म, नागरिकों को जागरूक रहने की दी प्रेरणा

मुख्यमंत्री योगी ने भरा एसआईआर प्रक्रिया का फॉर्म, जागरूक और जिम्मेदार नागरिक होने की दी प्रेरणा मतदाता सूची अद्यतन अभियान बना जागरूकता और सहभागिता का माध्यम  SIR 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नागरिक जिम्मेदारी और लोकतांत्रिक चेतना का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर के बैठक कक्ष में मतदाता सूची के एसआईआर यानी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया का फॉर्म भरकर इसे पूर्ण किया। मुख्यमंत्री गोरखपुर शहर विधानसभा क्षेत्र के झूलेलाल मंदिर के पास स्थित कन्या प्राथमिक विद्यालय मतदान केंद्र के बूथ संख्या 223 में पंजीकृत मतदाता हैं। बता दें कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची को अधिक सटीक, अद्यतन और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से, SIR 28 अक्टूबर 2025 से शुरू होकर 7 फरवरी 2026 तक चलाया जाएगा। उत्तर प्रदेश सहित देश के 12 राज्य और केंद्रशासित प्रदेश इस प्रक्रिया में शामिल हैं। इसी क्रम में मंगलवार को गोरखपुर में बीएलओ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे और मुख्यमंत्री को एसआईआर फॉर्म उपलब्ध कराया, जिसे मुख्यमंत्री ने भरकर उन्हें सौंप दिया।  SIR मतदाता सूची को शुद्ध और सटीक बनाने और साथ ही संविधान के अनुच्छेद 326 के तहत मतदाता अधिकारों के सही से इस्तेमाल के लिए कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं इस प्रक्रिया में शामिल होना यह संदेश देता है कि मतदाता सूची को सही और अद्यतन रखना केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक का अधिकार और कर्तव्य है। ऐसी पहल मतदाता जागरूकता को मजबूती देती है और लोकतंत्र को और अधिक सहभागी बनाती है। इस अवसर पर जिलाधिकारी दीपक मीणा, तहसीलदार सदर ज्ञान प्रताप सिंह, भाजपा महानगर संयोजक राजेश गुप्ता, नगर निगम बोर्ड के उपसभापति एवं पार्षद पवन त्रिपाठी तथा जीडीए बोर्ड सदस्य दुर्गेश बजाज उपस्थित रहे।

पीड़ितों की सहायता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री

पुलिस से जुड़े मामलों में करें सख्त कार्रवाई : मुख्यमंत्री पीड़ितों की सहायता में लापरवाही पर होगी कार्रवाई : मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सुनीं 300 लोगों की समस्याएं गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दो टूक हिदायत दी है कि पुलिस से जुड़े मामलों में सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। पीड़ितों की मदद में विलंब और लापरवाही कतई नहीं होनी चाहिए। जनता की समस्याओं के समाधान में  किसी तरह की लापरवाही हुई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी तय है। किसी पीड़ित की समस्या के समाधान में अगर कहीं भी कोई दिक्कत आ रही है तो उसका पता लगाकर निराकरण कराया जाए और किसी स्तर पर जानबूझकर कर प्रकरण को लंबित रखा गया है तो संबंधित की जवाबदेही तय की जाए।  मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मंगलवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में जनता जनता दर्शन के दौरान लोगों की समस्याएं सुनने के दौरान दिए। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन सभागार में आयोजित जनता दर्शन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 300 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सीएम योगी ने सभी को आश्वस्त किया कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का वह प्रभावी निस्तारण कराएंगे। इसे लेकर उन्होंने प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों को मौके पर ही दो टूक समझाया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें। कुछ प्रकरणों पर उन्होंने अफसरों को निर्देशित किया कि यह भी पता लगाएं कि यदि किसी को प्रशासन का सहयोग नहीं मिला है तो ऐसा क्यों और किन कारणों से हुआ। हर पीड़ित की त्वरित मदद की जाए। उन्होंने जमीन कब्जाने की शिकायतों पर विधि सम्मत कठोर कदम उठाने का निर्देश दिया।  हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में कुछ लोग इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। इस पर सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा कि जल्द से जल्द अस्पताल के इस्टीमेट की प्रक्रिया पूर्ण कराकर शासन को उपलब्ध करा दें। इलाज के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को प्यार-दुलारकर सीएम योगी ने उन्हें चॉकलेट दिया।  सीएम ने की गोसेवा, मोर को भी दुलारा गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मंगलवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। गुरु गोरखनाथ का दर्शन पूजन करने तथा अपने गुरुदेव ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा समक्ष शीश झुकाने के बाद वह मंदिर परिसर के भ्रमण पर निकले। मंदिर की गोशाला में पहुंचकर गोसेवा की। गायों और गोवंश को स्नेहिल भाव से गुड़-रोटी खिलाया। गोशाला में सीएम योगी के पहुंचने पर प्रायः एक मोर भी उनके पास आ जाता है। मुख्यमंत्री ने उसे भी दुलारा और अपने हाथों से रोटी खिलाया।

मुख्यमंत्री योगी देंगे आधुनिक क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात

सीएम योगी देंगे उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात 72.78 करोड़ रुपये की परियोजना का मंगलवार को लोकार्पण करेंगे मुख्यमंत्री गोरखपुर  पुलिसिंग को अत्याधुनिक बनाने में जुटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर को उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला की सौगात देंगे। वह मंगलवार (18 नवंबर) को गोरखपुर में शास्त्री चौक के समीप, जिला अस्पताल रोड पर 72.78 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के नवीन उच्चीकृत भवन का लोकार्पण करेंगे। अब यह प्रयोगशाला बी श्रेणी से अपग्रेड होकर ए श्रेणी की हो गई है। लोकार्पण का समारोह पूर्वाह्न 11 बजे से होगा।  गोरखपुर में स्थापित क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के भवन को उच्चीकृत कर छह मंजिला बनाया गया है। इसके साथ ही अब यहां फोरेंसिक जांच सुविधाओं का विस्तार हो जाएगा। उच्चीकृत लैब की बिल्डिंग में लैपटॉप, मोबाइल, सीसीटीवी के डाटा स्टोरेज की रिकवरी के साथ आवाज संबंधी फोरेंसिक जांच भी होगी। आग्नेय अस्त्र और विस्फोटक पदार्थों की जांच की भी मॉडर्न सुविधा उपलब्ध होगी। गृह विभाग के इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम ने कराया है।

पर्यटक आकाशवाणी के जरिए धर्म, आध्यात्म और संस्कृति से होगें अवगत

योगी सरकार की पहल से काशी में मंदिर मार्ग पर गुंजेगी ऊं नम: शिवाय की ध्वनियां पर्यटक आकाशवाणी के जरिए धर्म, आध्यात्म और संस्कृति से होगें अवगत आकाशवाणी के जरिये वैदिक मंत्रोच्चार से गुंजायमान होगी मंदिर की गलियां कालभैरव मंदिर के मार्ग पर ॐ तथा ॐ नमः शिवाय की ध्वनि पहले से गूंज रही है  वाराणसी    काशी में आने वाले पर्यटक आकाशवाणी के माध्यम से यहाँ के धर्म, अध्यात्म, संस्कृति और ऐतिहासिक महत्व की जानकारियां सुन सकेंगे। योगी सरकार द्वारा इस योजना के तहत, काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर से होते हुए गोदौलिया चौराहा से दशाश्वमेध घाट तक एक विशेष ऑडियो सिस्टम स्थापित किए जाने की योजना है।  मंदिर मार्ग पर गुंजेगी ऊं नम: शिवाय की ध्वनियां इस प्रणाली के माध्यम से अनवरत मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियाँ एवं काशी से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रसारित की जाएंगी। जबकि काल भैरव मंदिर के मार्ग पर ॐ तथा ॐ नमः शिवाय की ध्वनि गूंज रही है। यह परियोजना न केवल श्रद्धालुओं को एक आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराएगी बल्कि काशी की प्राचीन परंपराओं को भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से जीवंत बनाए रखने का कार्य करेगी। वाराणसी शहर के 18 चिन्हित स्थानों के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव काशी में उत्तरवाहिनी गंगा के किनारे द्वादश ज्योतिर्लिंगों में प्रधान ज्योतिर्लिंग श्री काशी विश्वनाथ विराजमान है। शिव की त्रिशूल पर बसी काशी का कण-कण पौराणिक कथा से जुड़ा हैं, अब काशी की प्रमुख कथा व जानकारियां ऑडियो सिस्टम से प्रसारित की जाएगी। वाराणसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष पूर्ण बोरा ने बताया कि सरकार द्वारा निर्धारित एक्शन प्लान फॉर काशी एण्ड सारनाथ के अंतर्गत वाराणसी शहर के 18 चिन्हित स्थानों के सौंदर्यीकरण एवं सार्वजनिक अनुभव को बेहतर करने के लिए कई कार्य प्रस्तावित हैं। इसमें से एक काल भैरव मंदिर चौराहा से मैदागिन चौराहा, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर गेट सं-4 वाया गोदौलिया चौराहा, दशाश्वमेध घाट तक स्थापित होना है। सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक होगा मंत्रोच्चार सुबह 6 बजे से रात्रि 9 बजे तक ॐ एवं  नमः शिवाय ध्वनि, मंत्रोच्चारण, धार्मिक ध्वनियां एवं काशी से सम्बन्धित जानकारियाँ प्रसारित की जाएँगी। वीडीए के अपर सचिव डॉ गुडाकेश शर्मा ने बताया कि काल भैरव चौराहे से मंदिर जाने के मार्ग तक ऑडियो सिस्टम लग चुका है, इसमें 3 बार ॐ की ध्वनि और 1 बार ॐ नमः शिवाय बजता है। इस योजना का उद्देश्य पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को काशी के प्रमुख मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों की जानकारी देना जिससे उन्हें शहर की धार्मिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व को समझने में सहायता मिले सके। स्थानीय नागरिकों एवं आगंतुकों को आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव कराना है। मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक ध्वनियों के माध्यम से क्षेत्रीय वातावरण को विशिष्ट धार्मिक स्वरूप देना, जो काशी की प्राचीन परम्पराओं एवं मान्यताओं को संजोए रखे।