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ब्रह्मोस सिस्टम इंजीनियर आकाशदीप की लखनऊ में मौत, DRDO में मचा शोक

लखनऊ राजधानी लखनऊ के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में कार्यरत ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम इंजीनियर आकाशदीप गुप्ता की मंगलवार रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई. अचानक तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उन्हें लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई.  अस्पताल प्रशासन की सूचना पर आलमबाग पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया मौत का कारण हार्ट अटैक माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. डीआरडीओ (DRDO) में ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट में सिस्टम इंजीनियर के पद पर कार्यरत आकाशदीप गुप्ता अपनी पत्नी भारती गुप्ता के साथ दिल्ली में रहते थे. लखनऊ के ओमनगर, आलमबाग के मूल निवासी आकाशदीप की पत्नी भारती दिल्ली में केनरा बैंक में कार्यरत हैं. दोनों की शादी इसी साल अप्रैल में हुई थी. दीपावली के अवसर पर यह दंपति दिल्ली से लखनऊ अपने पैतृक घर आए थे. आकाशदीप के पिता कुलदीप गुप्ता जनवरी में उत्तर प्रदेश होम गार्ड के विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं. परिवार में एक विवाहित बहन भी है. इस पूरे मामले में आलमबाग इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र ने बताया कि मामले की जांच जारी है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है. फिलहाल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असल वजह सामने आ पाएगी.  वहीं, आकाशदीप के पिता कुलदीप गुप्ता के मुताबिक, छुट्टी पर बेटा घर आया हुआ था. दिल्ली में उसकी पोस्टिंग थी. उन्होंने अच्छे से दिवाली मनाई. खेलने का शौकीन था. 21 अक्टूबर की शाम को आकाशदीप खेलने गया. रात में जब आया तो खाना खाने के बाद उसे थोड़ी दिक्कत सी महसूस हुई. इसके बाद उसे अस्पताल ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया. 

मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में ये सेटेलाइट ऑफिस देंगे राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार

5 शहर, 5 रणनीतियां, एक लक्ष्य — यूपी में निवेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विज़न पर 5 महानगरों में खुलेंगे ‘इन्वेस्ट यूपी’ के सैटेलाइट निवेश प्रोत्साहन ऑफिस मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली में ये सेटेलाइट ऑफिस देंगे राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार मुंबई से लेकर चेन्नई तक हर सैटेलाइट ऑफिस का होगा अपना इंडस्ट्री-फोकस हर सैटेलाइट ऑफिस में जीएम से लेकर उद्यमी मित्र तक की समर्पित टीम संभालेगी निवेश संवर्धन की कमान सीएम योगी दे चुके हैं ‘इन्वेस्ट यूपी’ के पुनर्गठन को मंजूरी, अब देशभर में पहुंचेगी यूपी की निवेश ताकत लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। अब देश के पांच प्रमुख महानगरों—मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, चेन्नई और नई दिल्ली—में ‘इन्वेस्ट यूपी’ के सैटेलाइट इन्वेस्टमेंट प्रमोशन ऑफिस खोले जाएंगे। इसका उद्देश्य देश के बड़े औद्योगिक केंद्रों से पूंजी निवेश को सीधे उत्तर प्रदेश तक लाना और निवेशकों को राज्य की नीतियों एवं संभावनाओं से जोड़ना है।  प्रत्येक ऑफिस में होगा समर्पित स्टॉफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही इन्वेस्ट यूपी के पुनर्गठन प्रस्ताव को हरी झंडी दे चुके हैं। इसी क्रम में इन सैटेलाइट ऑफिसों की स्थापना किए जाने का प्रस्ताव है, जो राज्य में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देंगे। प्रत्येक ऑफिस में एक जनरल मैनेजर, एक असिस्टेंट जनरल मैनेजर, दो उद्यमी मित्र, दो एग्जिक्यूटिव और दो ऑफिस असिस्टेंट की टीम कार्य करेगी। सभी पांचों कार्यालयों पर कुल 12 करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक धनराशि व्यय होने का अनुमान है। रणनीतिक क्षेत्रों पर होगा फोकस सरकार की योजना के अनुसार, प्रत्येक शहर का सैटेलाइट ऑफिस अपनी भौगोलिक और औद्योगिक विशेषता के अनुरूप रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। मुंबई ऑफिस वित्तीय सेवाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक और ईएसजी फंड पर ध्यान देगा। बेंगलुरु ऑफिस जीसीसी, एयरोस्पेस, सेमीकंडक्टर, ईवी और डीपटेक सेक्टर पर फोकस करेगा। हैदराबाद ऑफिस फार्मा, डेटा सेंटर, हेल्थटेक और एंटरप्राइज SaaS उद्योगों पर केंद्रित रहेगा। चेन्नई ऑफिस ऑटोमोटिव, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और हार्डवेयर निर्माण उद्योगों में निवेश आकर्षित करेगा। नई दिल्ली ऑफिस समर्पित इन्वेस्ट यूपी एवं एशिया-यूरोपीय संघ सुविधा कार्यालय के रूप में कार्य करेगा। ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ की छवि होगी और मजबूत  योगी सरकार का यह कदम निवेशकों से नजदीकी संवाद बढ़ाने और राज्य की ‘ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस’ की छवि को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि उत्तर प्रदेश अब केवल उपभोक्ता राज्य नहीं, बल्कि निवेशकों का पसंदीदा गंतव्य बन चुका है। सैटेलाइट ऑफिस इस दिशा में सेतु का काम करेंगे। इन सैटेलाइट ऑफिसों के माध्यम से उत्तर प्रदेश देश के शीर्ष औद्योगिक केंद्रों में अपनी स्थायी मौजूदगी दर्ज करेगा और वैश्विक निवेश मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जन समस्याओं के प्रति संवेदनशील होकर त्वरित समाधान का निर्देश दिया

जन समस्याओं के प्रति बनें संवेदनशील, कराएं त्वरित समाधान: मुख्यमंत्री जनता दर्शन में 300 लोगों की समस्याएं सुनीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने लोगों से बोले – चिंता मत करिए, होगी प्रभावी कार्रवाई गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। सबकी समस्या सुनते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं। समस्या से जुड़ी शिकायत पर तेजी से कार्रवाई करते हुए गुणवत्तापूर्ण व संतुष्टिपरक समाधान सुनिश्चित कराएं। समस्या लेकर पहुंचे लोगों को मुख्यमंत्री ने आश्वस्त करते हुए कहा, चिंता मत करिए। सरकार हर समस्या पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराएगी।  दीपावली के दिन से गोरखपुर प्रवास कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान करीब 300 लोगों से मिले। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर लगी कुर्सियों पर बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। इत्मीनान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए। पास में खड़े अधिकारियों को समस्या समाधान हेतु आवश्यक दिशानिर्देश दिए। अलग-अलग मामलों से जुड़े समस्याओं के निस्तारण के लिए उन्होंने संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए।  जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथने पुलिस अधिकारियों को भू माफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा यदि कोई दबंग, माफिया किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए। गरीबों को उजाड़ने वाले कतई न बख्शे जाएं। जहां पैमाइश की जरूरत हो, वहां पैमाइश कराकर विवाद का निस्तारण कराया जाए।  जनता दर्शन में हर बार की तरह कुछ लोग इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी।

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोपूजन के बाद सीएम ने गायों-गोवंश को खिलाया गुड़-केला

गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में मुख्यमंत्री ने की गोवर्धन पूजा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गोपूजन के बाद सीएम ने गायों-गोवंश को खिलाया गुड़-केला प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की शुभकामनाएं दीं सीएम ने, कहा- भारत की समृद्धि का आधार रहा है गोवंश गोरखपुर  दीपावली के पंच दिवसीय महापर्व की श्रृंखला के महत्वपूर्ण पर्व गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार प्रातः गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में विधि विधान से गोवर्धन पूजा की। गोपूजन के बाद मुख्यमंत्री ने गोसेवा की और प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गोवंश भारत की समृद्धि का आधार रहा है। सरकार गो संरक्षण और संवर्धन के लिए कई योजनाओं के जरिये सतत प्रयास कर रही है।  दीपावली के दिन सोमवार से ही गोरखपुर प्रवास कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में गोवर्धन पूजा की। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन की प्रक्रिया पूर्ण की। गायों और गोवंश को माला पहनाई, तिलक लगाया और गोमाता का आशीर्वाद लेकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। गो पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने गायों और गोवंश को अपने हाथों से गुड़ और केला खिलाया। इस दौरान वह गायों और गोवंश को उनका नाम लेकर पुकारते रहे और उनके पास जाकर उन्हें खूब दुलार भी किया।  गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए चल रहे अभिनव कार्यक्रम : मुख्यमंत्री गोवर्धन पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेशवासियों, अन्नदाता किसानों और पशुपालकों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए कई अभिनव कार्यक्रम संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिर्फ गोपूजन ही नहीं हो रहा है बल्कि  गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के लिए योजनाएं भी चलाई जा रही हैं।  सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में 16 लाख गोवंश ऐसे हैं जिनका भरण पोषण प्रदेश सरकार अनुदानित कर रहे है। अन्नदाता किसानों की फसल को इनसे नुकसान न हो, इस दृष्टि से यह एक प्रयास प्रारंभ किया गया है। उन्होंने कहा कि गोवंश के लिए प्रदेश में तीन प्रकार की विशेष  योजनाएं हैं। एक योजना निराश्रित गोवंश स्थल की है जिसमें हर गोवंश के लिए सरकार के स्तर पर प्रतिमाह 1500 रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे ही सहभागिता योजना है। इसमें कोई भी अन्नदाता किसान गोवंश के संरक्षण और संवर्धन के साथ जुड़ता है तो उसे चार निराश्रित गोवंश की देखभाल के लिए प्रति गोवंश 1500 रुपये की दर से 6000 रुपये तक।दिए जाते हैं। तीसरी योजना कुपोषित परिवारों के लिए है। जो कुपोषित माताएं हैं, बच्चे हैं, उन परिवारों में उन्हें निराश्रित गो आश्रय स्थल से ब्याई हुई गाय दी जाती है। वह सेवा करें और गाय का दूध भी लें। साथ ही उन्हें 1500 रुपये प्रति महीना गाय की देखभाल के लिए दिया जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रसन्नता है कि बड़ी संख्या में लोगों ने इस योजना का लाभ लिया है और कुपोषण से सुपोषण की ओर बढ़े हैं।  गोवर्धन योजना से समृद्धि की ओर बढ़े हैं अन्नदाता किसान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से प्रदेश में संचालित गोवर्धन योजना से अन्नदाता किसान समृद्धि की ओर बढ़े हैं। प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस और इथेनॉल बनाने से अन्नदाता किसानों को गोबर का भी दम प्राप्त हो रहा है। साथ जी ग्रीन ईंधन के माध्यम से प्रदेश के अंदर नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने और पेट्रोल डीजल में खर्च होने वाले भारत धन को बचाने में भी मदद मिल रही है।  गोवर्धन पूजा भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था का प्रतीक सीएम योगी ने कहा कि गोवर्धन पूजा भारत की कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था का प्रतीक है। भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गोवंश का महत्व क्या है, यह गोवर्धन पूजा जैसे आयोजन इसे बताते हैं। दीपावली जैसे महापर्व के साथ इस आयोजन को जोड़कर इसकी महत्ता को और भी प्रभावी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे गो पूजन और गोसेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ है।

यात्रियों के लिए खुशखबरी! यूपी रोडवेज की बसें अब दिन-रात करेंगी सफर आसान

मेरठ भैया-दूज पर्व पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रोडवेज विभाग ने 300 किलोमीटर की दूरी वाले जनपदों के लिए विशेष रूप से बसों की व्यवस्था की है। इन बसों को बुधवार से चला दिया गया है। शुक्रवार तक यह बसें 24 घंटे चलेंगी। इसी कारण एक बस पर दो चालकों एवं दो परिचालकों की नियुक्ति की गई है। मेरठ डिपो के स्टेशन प्रभारी आसिफ ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के लिए आनंद विहार से बसों को संचालित किया जाएगा। सोहराब गेट डिपो से 28 बसें दिल्ली आनंद विहार भेजी गई हैं। मेरठ से दिल्ली के लिए 35 बसों को बुधवार को संचालित किया गया। वहीं देहरादून के लिए 22, बिजनौर के लिए 35, नोएडा के लिए 20 और शामली के लिए 30 बसें चलाई गई है। भैसाली अड्डे इन बसों को चलाया जाएगा। सोहराब गेट डिपो से, 20 बसे मुरादाबाद, बरेली, 47 बसें बुलंदशहर खुर्जा, 50 बसों को आगरा अलीगढ़ मार्ग पर बुधवार को चलाया गया है। डिपो प्रभारी आसिफ ने बताया यह बसें लगातार मेरठ और 300 किमी के दायरे वाले जनपदों के बीच शटलिंग करेंगी। क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप नायक ने बताया कि भैया दूज पर आसपास के जनपदों के लिए यात्री बड़ी संख्या में निकलते हैं, इसलिए बुधवार से बसों का संचालन शुरू कर दिया है। शुक्रवार तक बसों का 24 घंटे का शेड्यूल जारी रहेगा। 

बुजुर्ग से चटवाई गई पेशाब की घटना ने मचाई खलबली, CM योगी ने लिया संज्ञान

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से इंसानियत को झकझोर कर देने वाली घटना सामने आई है,, जहां एक दलित बुजुर्ग को पेशाब चाटने पर मजबूर किया गया,,इस अमानवीय घटना ने एक बार फिर समाज के उस विकृत रुप को उजागर किया है,,जिसका सामना दलित लोग अक्सर करते आ रहे हैं। ये किसी से छिपा नहीं है कि भारत में दलितों पर अत्याचार अब भी जारी है, लेकिन, इस घटना में जिस तरीके से दबंग आरोपी ने सारी हदों को पार किया है, उसने मानवता पर कई सवाल खड़े दिए है। जानकारी के लिए बता दें, 70 साल के बुजुर्ग के साथ पेशाब चटवाने की शर्मसार घटना काकोरी नगर पंचायत के शीतला देवी मंदिर परिसर में हुई है। बताया जा रहा है,,70 साल के रामपाल ने गलती से मंदिर परिसर में पेशाब कर दी,,इसी से गुस्साए दबंग ने दलित व्यक्ति को मूत्र चटवाई,,जमीन को धुलवाया और आइंदा से मंदिर के अंदर न जाने की धमकी तक दी,,दबंग इतने में नहीं रुका और उसने बुजुर्ग को जातिसूचक गालियां तक दी। ‘अस्मिता के साथ खिलवाड़ वाली घटना’ बता दें कि, पीड़ित रामपाल रावत की शिकायत पर अब पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट में मामला दर्ज कर लिया है इस मामले का सीएम योगी ने भी संज्ञान लिया है,,वहीं, दलित अस्मिता के साथ खिलवाड़ वाली इस घटना पर पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री कौशल किशोर की अगुवाई में एक प्रतिनिधि मंडल ने पीड़ित से उसके घर पहुंचकर मुलाकात की है,,इसके अलावा, सपा सांसद आरके चौधरी ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात कर दलित अस्मिता पर किसी भी प्रकार के समझौता न करने की बात कही। दलित बुजुर्ग के साथ हुई इस घटना पर अब सियासत भी शुरु हो गई,,वहीं इस घटना ने समाज में व्याप्त जातिगत भेदभाव की पोल खोल दी है,,और समाज की उस विकृत मानसिकता को उजागर किया है,, जिसका सामना अक्सर समाज में दलितों को करना पड़ता है।  

यूपी में EV खरीदना हुआ फायदेमंद, सरकार दे रही रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन शुल्क में छूट

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदारी को बढ़ावा देने के लिए ग्राहकों को एक तगड़ी सौगात दी है. अब यूपी में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारी और भी किफायती होगी. लखनऊ में धनतेरस और दीपावली पर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने वालों को अब रोड टैक्स और पंजीकरण शुल्क वापस मिलेगा. सरकार ने ईवी खरीदारों को अगले दो साल तक इन शुल्कों से छूट देने का फैसला किया है. औद्योगिक विकास विभाग ने 17 अक्टूबर को वित्तीय प्रोत्साहन बढ़ाने का आदेश जारी किया, अब परिवहन विभाग पोर्टल में संशोधन करेगा. इससे पहले भी नीति लागू होने के समय खरीदारों को रिफंड मिल चुका है. 14 अक्टूबर से पहले तक ईवी खरीदने वालों को 10 लाख रुपये तक के वाहन पर 9% और 10 लाख से ऊपर के वाहन पर 11% रोड टैक्स देना पड़ रहा था. दोपहिया वाहन मालिकों से 300 रुपये और चारपहिया वाहन स्वामियों से 600 रुपये पंजीकरण शुल्क लिया गया था. अब फेस्टिवल मे गाड़ी लेने वालो को यह पूरा शुल्क वापस किया जाएगा और भविष्य में भी दो साल तक ईवी पर रोड टैक्स या पंजीकरण शुल्क नहीं देना होगा. नीति लागू होने के समय यानी 13 अक्टूबर 2022 को भी इसी तरह रिफंड की प्रक्रिया अपनाई गई थी. उस समय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट ने ईवी नीति को मंजूरी दी थी. किस वाहन पर कितनी सब्सिडी आदेश व पोर्टल अपडेट में समय लगने के बावजूद सभी खरीदारों को छूट का लाभ मिला था. इस बार भी आदेश लागू होने के बाद टैक्स रिफंड प्रक्रिया जल्द शुरू होगी. इस नीति के तहत दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों पर 5 हजार, चारपहिया पर 1 लाख और इलेक्ट्रिक बस पर 20 लाख रुपये की सब्सिडी दी जा रही है. नीति में तय वाहनों की बिक्री पूरी न होने पर जुलाई 2024 में संशोधन हुआ था, अब सब्सिडी 2027 तक सशर्त जारी रहेगी. नीति के तहत 25 हजार चारपहिया, 2 लाख दोपहिया, 400 ई-बस और 1000 ई-गुड्स कैरियर को सब्सिडी दी जानी है. अब तक लगभग 17 हजार चारपहिया ईवी को सब्सिडी मिल चुकी है और त्योहारों में बिक्री बढ़ने से यह संख्या और बढ़ गयी है.

राम मंदिर से लेकर दिवाली तक नफरत — सीएम योगी ने अखिलेश पर बोला जोरदार हमला

लखनऊ  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी समारोह के तहत गोरखपुर के बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में मंगलवार को आयोजित कुटुम्ब स्नेह मिलन और दीपोत्सव के राष्ट्रोत्सव कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस व सपा पर जमकर हमला किया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव के अयोध्या में दीवाली को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए योगी ने कहा कि अखिलेश यादव के बयान से साफ हो गया है कि उनको अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर और देवी-देवताओं से ही नहीं, दिवाली से भी नफरत है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि गद्दी विरासत में मिल सकती है पर बुद्धि नहीं। बिना विवेक वाले लोग ही दीवाली का विरोध कर सकते हैं। बबुआ ने प्रजापति समाज के लोगों का अपमान किया है। उन्हें नहीं मालूम है कि दो करोड़ लोग मिट्टी के दीयों से लेकर बर्तन के कारोबार से जुड़े हुए हैं। मिट्टी के उत्पाद आर्थिक निर्भरता व स्वावलंबन का प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सपा के लोग अयोध्या में प्रभु राम के मंदिर का विरोध करते हैं। ये लोग कंस और दुर्योधन की प्रतिमा लगाने चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साल 6 करोड़ लोगों ने अयोध्या में प्रभु राम का दर्शन किया। प्रयागराज में महाकुंभ के 66 करोड़ से अधिक लोग साझी बने। लेकिन सपा और कांग्रेस के लोग इसमें शुरुआत से ही खोट निकाल रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने कोर्ट में कहा था कि भगवान राम और कृष्ण मिथक हैं। सपा ने निर्ममता के साथ राम भक्तों पर गोलियां चलाई थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या में मंदिर को लेकर कांग्रेस और सपा के लोग सवाल करते थे तो संघ का स्वयंसेवक कहता था कि राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे। संघ और रामभक्तों का संकल्प ही है कि अयोध्या में प्रभु राम का भव्य मंदिर दिव्य और भव्य रूप में दिख रहा है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक ने सरकार की प्रताड़ना से उफ तक नहीं किया। वह विचलित नहीं हुए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर एक संदेश है कि प्रयास जारी रखिए सफलता जरूर मिलेगी। हलाल उत्पाद खरीदने से बचें मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने ब्रिटिश और फ्रांस के उपनिवेश के खिलाफ ही लड़ाई नहीं लड़ी, राजनीतिक इस्लाम को लेकर भी मोर्चा लिया था। अब भी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर के रूप में राजनीतिक इस्लाम को बढ़ाने का काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि हलाल उत्पाद पर प्रदेश में रोक लगाई गई है। हलाल उत्पाद खरीद से मिलने वाले रुपये से ही धर्मांतरण, लव जिहाद और आतंकवाद को बढ़ावा मिला है। मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वदेशी उत्पाद खरीदने पर जोर दिया। इसके पूर्व प्रांत प्रचारक रमेश ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि सनातन, भारत और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में कोई फर्क नहीं है। तीनों एक ही हैं। यह दुनिया का पहला संगठन है जो स्वावलंबी है। इस दौरान गोरक्षप्रांत के संघ प्रमुख डॉ. महेंद्र अग्रवाल ने भी लोगों को संबोधित किया। जीवन के विभिन्न अंग में काम कर रहा संघ मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ ने जीवन के विभिन्न अंग में काम किया। जहां सरकार नहीं पहुंच सकी वहां संघ ने काम किया। पूर्वोत्तर राज्यों में संघ को अपने स्वयंसेवकों को खोना पड़ा। लेकिन वह अपने मिशन पर लगे रहे। अस्सी के दशक में गोरखपुर वनवासी आश्रम की स्थापना की। पूर्वोत्तर के राज्यों से आने वाले बच्चे पढ़कर निकले को मुख्यधारा से जुड़े। उन्होंने कहा कि संघ की यात्रा दूरदर्शी है। इसका दूरगामी परिणाम मिला है। नक्सलवाद को लेकर संघ का काम अच्छा है। शिक्षा के क्षेत्र में संघ ने सनातन के साथ पीढ़ी को आगे बढ़ाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि राजनीति के क्षेत्र में संघ के स्वयंसेवक को देश का नेतृत्व मिला तो दुनिया उसके पराक्रम और दूरदर्शी सोच को देख रही है।  

गायों संग गोवर्धन पूजा: सीएम योगी ने गोशाला में की सेवा, कराया विशेष पूजन

गोरखपुर  सीएम योगी आदित्यनाथ ने गोरखनाथ मंदिर की गोशाला में गोवर्धन पूजा की। उन्होंने गायों की सेवा की और उन्हें गुड़-रोटी खिलाई। गोवर्धन पूजा के मौके पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भारत जैसे कृषि प्रधान देश में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा हमारी सांस्कृतिक परंपरा के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और गौसंवर्धन की भावना का प्रतीक है। बुधवार की सुबह गोरखनाथ मंदिर स्थित गोशाला में पहुंचे सीएम योगी ने गायों की विधिवत पूजा-अर्चना की। उन्होंने कहा कि भारत की समृद्धि का आधार सदैव भारतीय गोवंश रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से गोवर्धन योजना के तहत गाय के गोबर से बायो-कम्पोस्ट, कंप्रेस्ड बायोगैस और एथेनॉल उत्पादन के अभिनव कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। यह न केवल गौसंवर्धन का माध्यम हैं बल्कि ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में भी नई दिशा दे रहे हैं। सीएम योगी ने बताया कि प्रदेश में लगभग 16 लाख गोवंश को संरक्षण प्रदान किया जा रहा है। इसके लिए सरकार तीन स्तरों पर योजनाएं संचालित कर रही है निराश्रित गोस्थल योजना, सहभागिता योजना और कुपोषित परिवार सहायता योजना। निराश्रित गोस्थल योजना के अंतर्गत प्रति गाय 1500 रु प्रतिमाह की सहायता दी जाती है। वहीं, सहभागिता योजना में ऐसे किसानों को चार गायें उपलब्ध कराई जाती हैं जो गौसंवर्धन से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें सरकार 6000 रुपए की सहायता राशि भी प्रदान करती है। इसके अलावा कुपोषित माताओं और बच्चों को भी गाय उपलब्ध कराई जाती है, साथ ही 1500 रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है ताकि वे गाय के दूध से पोषण प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से न केवल गोवंश संरक्षण को बढ़ावा मिला है, बल्कि कुपोषण से सुपोषण की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। सीएम योगी ने कहा कि गोवर्धन योजना के तहत बायो गैस और एथेनॉल उत्पादन से गोबर का भी मूल्य किसानों को मिल रहा है। इससे प्रदेश को नेट जीरो कार्बन एमिशन के लक्ष्य की ओर बढ़ाने और पेट्रोल-डीजल पर खर्च होने वाले धन की बचत में मदद मिल रही है।  

पुलिस कमिश्नर ने दी चेतावनी: ये काम न किया तो थानेदारों के लिए मुश्किलें बढ़ेंगी

वाराणसी  मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत, बालिकाओं को सशक्त बनाने और उनमें आत्मविश्वास पैदा करने के उद्देश्य से सरकार की ओर से तरह-तरह की पहल की जा रही है। इसी के चलते प्रदेश के जिलों में बच्चियों और महिलाओं को सशक्त करने के तरह-तरह के मौके दिए जा रहे हैं। वहीं महिला सुरक्षा, सम्मान और सशक्तीकरण के उद्देश्य से चलाए जा रहे मिशन शक्ति 5.0 अभियान में सभी थानों के थानेदारों के योगदान का भी विश्लेषण किया जा रहा। वाराणसी पुसिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने महिला अपराध की रोकथाम, पीड़ितों को न्याय व सहायता, जागरूकता कार्यक्रमों के प्रभाव और भविष्य की रणनीतिक योजनाओं पर जोर दिया है। मंशा है कि शोहदों पर पुलिस मौके पर ही ऐसी कड़ी कार्रवाई करे, जिससे समाज में सकारात्मक संदेश जाए।  वहीं वाराणसी पुसिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने हिदायत दी है कि अगर महिला सुरक्षा, सम्मान और मिशन शक्ति अभियान में थानेदारों का शत प्रतिशत योगदान नहीं रहा तो उन्हें अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ सकती है। यही नहीं, विभागीय कार्रवाई तक भी हो सकती है। मोहित अग्रवाल ने यह हिदायत तीन जोन काशी, गोमती और वरुणा के थानेदारों को दी है।  मिशन शक्ति 5.0 के अभियान और उपलब्धियों की समीक्षा में थानेदारों की रुचि और भागीदारी नहीं लेने की रिपोर्ट पुलिस आयुक्त के पास पहुंची थी। अभियान के दौरान सभी थानेदारों का अंतिम रिपोर्ट कार्ड पुलिस आयुक्त के पास भेजा जाएगा। जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, बेहतर काम करने वाले थानेदारों को मंच से सम्मानित भी किया जाएगा।