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विकसित यूपी @2047: ग्रामीण क्षेत्र से आए सबसे ज्यादा फीडबैक, शिक्षा और कृषि क्षेत्र पर सबसे अधिक राय

आगरा के राकेश बोले, सरकारी स्कूलों को बनाओ सबके लिए अनिवार्य हरदोई से सौरभ ने खेल और स्वास्थ्य पर दिया जोर, सीतापुर के योगेश बोले- हर गांव तक पहुंचे शिक्षा व इंटरनेट लखनऊ, उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक 'समर्थ' और 'विकसित' राज्य बनाने के संकल्प के साथ चल रहे 'समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान' को अभूतपूर्व जनसमर्थन मिल रहा है। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों और प्रबुद्ध जनों ने छात्र, शिक्षक, व्यवसायी, उद्यमी, कृषक, स्वयंसेवी संगठन, श्रमिक संघटन, मीडिया और आम जनमानस के बीच संवाद स्थापित कर राज्य की 8 वर्षों की विकास यात्रा साझा करने के साथ ही भविष्य की रूपरेखा पर चर्चा कर जनसुझाव प्राप्त कर रहे हैं। अभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक करीब 24.5 लाख फीडबैक प्राप्त हुए हैं। इनमें से लगभग 19 लाख ग्रामीण क्षेत्रों से और करीब 5.5 लाख शहरी क्षेत्रों से सुझाव आए हैं। आयु वर्ग के अनुसार देखें तो लगभग 11.5 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, समान संख्या 31 से 60 वर्ष के आयु वर्ग से और करीब 1.2 लाख सुझाव वरिष्ठ नागरिकों से प्राप्त हुए हैं। क्षेत्रवार सुझावों में शिक्षा क्षेत्र सबसे आगे रहा, जिससे करीब 7.5 लाख सुझाव मिले। कृषि क्षेत्र से लगभग 6 लाख, नगरीय व ग्रामीण विकास से 4 लाख से अधिक, जबकि स्वास्थ्य और समाज कल्याण से करीब 1.8 लाख-1.9 लाख सुझाव आए। साथ ही आईटी, उद्योग, संतुलित विकास और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में भी हजारों सुझाव मिले हैं। संभल, महाराजगंज, जौनपुर, सोनभद्र और हरदोई जिले फीडबैक में शीर्ष पाँच में रहे, जबकि फिरोजाबाद, महोबा, ललितपुर, इटावा और बुलंदशहर से सबसे कम सुझाव प्राप्त हुए। अभियान में जनता की सक्रिय भागीदारी भी देखने को मिली। हरदोई के सौरभ सिंह ने कहा कि कृषि व्यवस्था को सतत और पर्यावरण-संतुलित बनाते हुए युवाओं के लिए खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने हर ग्राम पंचायत में खेल मैदान, सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जरूरत बताई। आगरा के राकेश कुमार सोनी ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव दिया कि यदि सरकारी कर्मचारियों, जनप्रतिनिधियों और प्रधानों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ें तो सरकारी शिक्षा व्यवस्था स्वतः बेहतर हो जाएगी। उन्होंने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी रोकने और सरकारी-प्राइवेट स्कूलों की किताबें समान करने का प्रस्ताव रखा। वहीं सीतापुर के योगेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, कृषि, महिला सशक्तिकरण और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर पर व्यापक काम हो रहा है। हर गाँव में शिक्षा, सड़क, बिजली और इंटरनेट की सुविधा होनी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र भी विकास की मुख्यधारा में जुड़ सकें। सरकार का मानना है कि जनता की ओर से मिल रहे सुझाव प्रदेश के भविष्य की विकास नीतियों के लिए मील का पत्थर साबित होंगे।

रियल एस्टेट क्षेत्र में योगी सरकार ने स्थापित किया नया कीर्तिमान

 ई-नीलामी में लखनऊ, कानपुर, आगरा समेत 7 से अधिक जिलों की संपत्तियां शामिल पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन व पारदर्शी होने से बढ़ा निवेशकों का भरोसा, ई-नीलामी में जमकर लिया हिस्सा विकास कार्यों और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा धन का उपयोग लखनऊ, विजयदशमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद ने योगी सरकार के कुशल नेतृत्व में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। परिषद द्वारा 30 सितंबर 2025 को आयोजित मेगा ई-नीलामी ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस नीलामी के माध्यम से परिषद को लगभग ₹1168.43 करोड़ की आय प्राप्त होने की संभावना है, जो अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। यह सफलता योगी सरकार की पारदर्शी नीतियों और निवेशकों के बीच बढ़ते विश्वास का प्रमाण है। इस मेगा ई-नीलामी में उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा, अलीगढ़, मुरादाबाद, गाजियाबाद, और कासगंज आदि महत्वपूर्ण जिलों में स्थित कुल 992 संपत्तियों (391 आवासीय और 601 अनावासीय) को प्रस्तावित किया गया था। इनमें व्यावसायिक भूखंड, ग्रुप हाउसिंग प्लॉट्स, संस्थागत भूखंड, और आईटी सिटी प्लॉट्स के साथ-साथ आवासीय संपत्तियां शामिल थीं। नीलामी की पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया। पंजीकरण प्रक्रिया 18 सितंबर 2025 से शुरू होकर डिजिटल ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से सुगम बनाई गई थी। योगी सरकार के प्रभावी प्रचार-प्रसार और तकनीकी पारदर्शिता के कारण निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रतिस्पर्धात्मक बोलियां लगाईं। इस नीलामी में निवेशकों का भारी उत्साह न केवल परिषद की विश्वसनीयता को मजबूत किया है, बल्कि प्रदेश में निवेश के अनुकूल माहौल को भी दर्शाता है। मेगा ई-नीलामी से प्राप्त होने वाली ₹1168.43 करोड़ की संभावित आय का उपयोग परिषद द्वारा नई आवासीय योजनाओं, आधारभूत संरचना विकास और जनता के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में किया जाएगा। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस नीति को बल देती है, जो प्रदेश को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्यरत है। उत्तर प्रदेश में निवेशकों का बढ़ रहा विश्वास नीलामी न केवल परिषद की आम जनमानस एवं निवेशकों के बीच लोकप्रियता एवं विश्वास का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में निवेश वातावरण को और अधिक प्रोत्साहन देने वाली है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि सरकारी आवासीय / अनावासीय योजनाएं अब निवेशकों के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प बन चुकी हैं। इस प्रकार उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद द्वारा विजयदशमी के अवसर पर संपन्न कराई गई यह मेगा ई-नीलामी आर्थिक दृष्टि से ऐतिहासिक सफलता है, जिससे संभावित ₹1168 करोड़ की आय परिषद और प्रदेश दोनों की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी । प्रदेश में दिख रहा योगी सरकार की नीतियों का असर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पारदर्शी प्रशासन और निवेश-अनुकूल नीतियों का असर साफ दिख रहा है। यह वजह है कि योगी सरकार ने रियल एस्टेट क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए हैं। यह मेगा ई-नीलामी न केवल परिषद की लोकप्रियता का प्रतीक है, बल्कि प्रदेश में आर्थिक समृद्धि और विकास के नए द्वार खोलने वाली है। विजयदशमी के अवसर पर प्राप्त यह उपलब्धि योगी सरकार की प्रतिबद्धता और जनकल्याणकारी योजनाओं की सफलता का एक और उदाहरण है। यह नीलामी न केवल परिषद के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो राज्य की आर्थिक सुदृढ़ता को नई दिशा प्रदान करेगा।

भीषण विस्फोट से दहला यूपी का कोचिंग सेंटर, मलबे में दबे कई छात्र

फर्रुखाबाद  उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में शनिवार दोपहर एक कोचिंग सेंटर में भीषण विस्फोट हो गया। धमाके में दो लोगों की मौत हो गई है और छह लोग घायल हैं। घटना थाना कादरी गेट क्षेत्र के सातनपुर मंडी के पास स्थित कोचिंग सेंटर में हुई। विस्फोट इतना भीषण था कि कोचिंग सेंटर की इमारत का एक हिस्सा ध्वस्त हो गया और मलबा 20 से 30 मीटर दूर तक बिखर गया। इससे आसपास के कई मकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे हैं। फिलहाल धमाके का कारण नहीं पता चल सका है। फोरेंसिक टीम भी जांच में जुटी है। सीएम योगी ने भी घटना का संज्ञान लिया है। घटना को दुखद बताते हुए अधिकारियों को मौके पर पहुंचने और बचाव राहत कार्य का निर्देश दिया है। सातनपुर मंडी रोड पर स्थित कटियार कोल्ड स्टोरेज के निकट द सन क्लासेज लाइब्रेरी संचालित है। शनिवार दोपहर करीब 3.30 बजे क्लास के अंदर ही जोरदार विस्फोट हो गया। इससे एक युवक के चीथड़े उड़ गए। इस दौरान कोचिंग पढ़ रहे पांच छात्रों समेत छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास के लोगों ने घायलों को डा. राममनोहर लोहिया अस्पताल भेजा। धमाका इतना तेज था कि पूरा भवन हिल गया। वहां रखा फर्नीचर, बाहर लगा टीनशेड, खंभे गिर गए। बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। मौके पर बारूद जैसी गंध महसूस की गई। मौके पर सिटी मजिस्ट्रेट संजय बंसल, सीओ सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय फोर्स के साथ पहुंच गए हैं। धमाके के कारणों को तलाशा जा रहा है।  

आईएमसी नेता की इमारत धराशायी: बरेली में बुलडोजर ने रजा पैलेस को किया तबाह

बरेली  बरेली में 26 सितंबर को जुमा नमाज के बाद हुए बवाल के आरोपियों के खिलाफ ऐक्शन पर ऐक्शन हो रहा है। पुलिस और प्रशासन की टीम उपद्रवियों और उनके करीबियों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। शनिवार को जखीरा स्थित रज़ा पैलेस पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। यह इमारत आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस खां और उनके पार्टनर शोहेब बेग की बताई जा रही है। कार्रवाई से पहले बिजली कनेक्शन काट दिए गए। उसके बाद प्रशासन, पुलिस और बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) की टीम तीन बुलडोज़रों के साथ मौके पर पहुंची और अवैध हिस्से को गिराने की कार्रवाई शुरू कर दी। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल और पीएसी तैनात की गई है। प्रशासन का कहना है कि उपद्रवियों की अवैध संपत्तियों पर यह अभियान जारी रहेगा। मुख्य आरोपी पहले ही जेल में बरेली बवाल के मुख्य आरोपी मौलाना तौकीर रजा, आईएमसी महासचिव डॉ. नफीस खां और नदीम खान को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह उपद्रवियों और हिंसा के साजिशकर्ताओं की अवैध रूप से अर्जित की गई संपत्तियों को निशाना बनाएगा। तौकीर को शरण देने वाले फरहत का मकान सील बरेली में बवाल के दौरान तौकीर रजा खां को शरण देने के आरोप में चर्चा में आए फरहत खां के फाइक इंक्लेव स्थित मकान पर शनिवार को कार्रवाई की गई। बीडीए ने गुरुवार तक का समय देते हुए फरहत खां को मकान खाली करने का नोटिस दिया था। शनिवार को जिला प्रशासन और बीडीए की टीम फरहत के घर पहुंची। मकान खाली पड़ा हुआ था। टीम ने मुख्य गेट पर ताला को तोड़कर अपना ताला लगा दिया। इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई पूर्ण की गई। इस दौरान सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री आदि मौजूद रहे। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई शनिवार को हुई बुलडोजर कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस फोर्स, पीएसी (PAC) और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) तैनात रही। ताकि किसी भी तरह की अशांति को रोका जा सके। रजा पैलेस को अवैध निर्माण मानते हुए जिला प्रशासन और बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने यह ध्वस्तीकरण अभियान चलाया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, रजा पैलेस को अवैध रूप से वक्फ की संपत्ति पर या सरकारी जमीन पर कब्ज़ा करके बनाया गया था। डॉ. नफीस खां पहले ही बवाल के मास्टरमाइंड मौलाना तौकीर रजा के साथ जेल भेजे जा चुके हैं। उपद्रवियों पर सख्त संदेश डॉ. नफीस की गिरफ्तारी के बाद अब उनके व्यापारिक पार्टनर शोएब बेग की संपत्ति पर यह कार्रवाई हुई है। इस बुलडोजर कार्रवाई को उपद्रवियों और हिंसा के साजिशकर्ताओं को एक कड़ा संदेश देने के रूप में देखा जा रहा है कि अवैध रूप से अर्जित संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इससे पहले भी प्रशासन तौकीर रजा के अन्य करीबियों और उनके रिश्तेदारों के अवैध कब्ज़ों को हटा चुका है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वह इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई होगी।  

उत्तर प्रदेश समेत इन राज्यों में आएंगे ओले, मौसम विभाग ने जारी किया चेतावनी

लखनऊ  देशभर से मॉनसून की वापसी भले ही हो गई हो, लेकिन अब भी विभिन्न वजहों से भारी बारिश जारी है। उत्तर भारत में एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस आने वाला है, जिसकी वजह से यूपी समेत कई राज्यों में तीन दिनों तक भारी बारिश होगी। इसके अलावा, यूपी, दिल्ली आदि में ओले गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। वहीं, उत्तर बिहार में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही, आज चार अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अत्यधिक भारी बारिश होने जा रही है। वहीं, एक नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस पांच से सात अक्टूबर के दौरान उत्तर पश्चिम भारत में भारी बारिश और ओलावृष्टि लाने वाला है। पूर्वी भारत की बात करें तो चार अक्टूबर को उत्तरी बिहार में अत्यधिक भारी बारिश व अलग-अलग स्थानों पर असाधारण रूप से भारी बारिश की संभावना है। पांच अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होगी। इसके अलावा, उप हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। झारखंड में चार और पांच अक्टूबर को बिहार में छह अक्टूबर को अधिकांश जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तर पूर्वी भारत की बात करें तो चार, पांच और सात से नौ अक्टूबर के दौरान अरुणाचल प्रदेश, चार और पांच, आठ और नौ अक्टूबर के दौरान असम, मेघालय, 7-10 के दौरान नगालैंड, 8-9 को मणिपुर, 8 अक्टूबर को मिजोरम में भारी बारिश होगी। दक्षिण भारत की बात करें तो तमिलनाडु में चार और पांच अक्टूबर को, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में चार अक्टूबर को, केरल, माहे में पांच और छह अक्टूबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होगी। अगले पांच दिनों तक तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा में तेज सतही हवाओं की संभावना है। कर्नाटक में चार और पांच अक्टूबर को, तेलंगाना में चार से आठ अक्टूबर तक तूफान के साथ तेज हवाओं की संभावना है। यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट उत्तर पश्चिमी भारत की बात करें तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में चार अक्टूबर को अलग अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा, उत्तर पश्चिम भारत में चार अक्टूबर को अलग-अलग बारिश के बाद पांच से सात अक्टूबर तक तूफान और बिजली के साथ व्यापाक बारिश की संभावना है उत्तराखंड में छह और सात अक्टूबर को अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होगी। जम्मू कश्मीर, लद्दाख और पश्चिमी राजस्थान में पांच और छह अक्टूबर को, हिमाचल प्रदेश, पंजाब में पांच से सात अक्टूबर तक, पूर्वी राजस्थान और हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली में छह और सात अक्टूबर को, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छह अक्टूबर को अलग अलग जगहों पर भारी बारिश होगी। जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में छह अक्टूबर को बहुत भारी बारिश होगी। हिमाचल प्रदेश और पंजाब में पांच और छह अक्टूबर को, हरियाणा, चंडीढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड और राजस्थान में छह अक्टूबर को अलग अलग जगहों पर ओलावृष्टि होगी। वहीं, जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पांच से सात अक्टूबर तक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में चार अक्टूबर को तूफान के साथ तेज हवाओं के चलने की संभावना है।  

पुजारी को धमकी देने वाले दो आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार, लाउडस्पीकर विवाद बना मामला

वाराणसी उत्तर प्रदेश के वाराणसी के मदनपुरा इलाके में लाउडस्पीकर पर हनुमान चालीसा बजाने पर एक मंदिर के पुजारी को धमकाने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी। पुजारी संजय प्रजापति ने पुलिस को बताया कि शुक्रवार को हनुमान मंदिर में पूजा करने के बाद, उन्होंने टेप रिकॉर्डर पर भक्ति गीत चलाए, तभी अब्दुल नासिर और उसका बेटा वहां आए और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने लाउडस्पीकर बंद करने को कहा और चेतावनी दी कि अगर दोबारा भक्ति गीत बजाया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसके बाद, कई लोग पुजारी को घेरकर धमकाने लगे, जिसके बाद पुजारी ने पुलिस को शिकायत दी। काशी ज़ोन के पुलिस उपायुक्त गौरव बंसल ने कहा कि मामला दर्ज कर लिया गया है और दोनों आरोपियों को शुक्रवार रात गिरफ्तार कर लिया गया।  

इतिहास में पहली बार! अयोध्या में संतों और भक्तों का महाकुंभ, 8 राज्यों के मुख्यमंत्री देंगे शुभारंभ

अयोध्या  भगवान राम की नगरी में एक बार फिर से सनातन के महाकुंभ का जैसा नजारा होने वाला है. अयोध्या धाम में एक बड़े अनुष्ठान का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें आठ राज्यों के मुख्यमंत्री समेत देश के बड़े-बड़े साधु संत शामिल होंगे. आयोजन को लेकर राम नगरी के सभी प्रमुख मठ मंदिरों में राम भक्तों का जमावड़ा शुरू हो गया है. राम मंदिर में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के भव्य आयोजन के बाद अयोध्या में ये दूसरा सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन होने जा रहा है. कल सुबह 10 बजे करीब 20 हजार राम भक्त कलश यात्रा निकालकर इस धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ करेंगे. इसको लेकर जिला प्रशासन ने भी तैयारियां पूरी कर ली है. भव्य आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनेगा अयोध्या जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री वल्लभाचार्य जी महाराज की माने तो देश में ऐसा पहली बार हो रहा है कि एक स्थान पर एक साथ 501 विद्वान 501 श्री रामार्चा महायज्ञ का अनुष्ठान करेंगे. यह पहली बार है जब भारत की धरती पर इतने विशाल स्तर पर श्री रामार्चा महायज्ञ का आयोजन होने जा रहा है. अयोध्या धाम एक ऐतिहासिक और भव्य आध्यात्मिक आयोजन का साक्षी बनने जा रहा है. कल से 14 अक्टूबर 2025 तक अयोध्या में श्रीरामहर्षण मैथिली सख्य पीठ धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट एवं श्रीराम हर्षणम चारुशीला मंदिर, जानकी घाट द्वारा एक भव्य राम महायज्ञ, रामार्चा पूजन एवं राम नाम जप अनुष्ठान का आयोजन किया जाने वाला है. महायज्ञ में विशेष रूप से 151 श्रीमद्भागवत महापुराण पारायण भी होगा, जिसके लिए देशभर से 151 विद्वान अयोध्या आएंगे. वृन्दावन के विख्यात संत मालूक पीठाधीश्वर स्वामी राजेंद्र दास जी महाराज अपने मुखारबिंद से राम नगरी में श्रीमद्भागवत की कथा सुनाएंगे. संत समाज का दिव्य संगम होगा वहीं वृंदावन से स्वामी बिहारी दास जी महाराज भक्तमाल जी की कथा का अमृतपान कराएंगे. राम नगरी में इस दौरान संत समाज का दिव्य संगम होगा, जहां देश के महान महापुरुष अपनी वाणी से भक्तों को लाभान्वित करेंगे. योग गुरु बाबा रामदेव सहित अनेक प्रतिष्ठित संत और महापुरुष इस आयोजन में आने वाले हैं. यही नहीं देश के राजनीतिक जगत के दिग्गज राज नेताओं का भी इस अनुष्ठान में आगमन होगा. आठ राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रण भेजा गया है. यूपी के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ 8 या 9 अक्टूबर को इस अनुष्ठान में शामिल होंगे, जिसकी पुष्टि जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी श्री वल्लभाचार्य महाराज ने की है. वहीं मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आगमन 11 अक्टूबर को होगा. भगवान श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से सीएम विष्णु देव सहाय भी इस आयोजन का हिस्सा बनेंगे. हिंदू परंपरा की प्राचीन से आधुनिक यात्रा पर मंथन प्रतिदिन संत सम्मेलन (शाम 5 से 8 बजे तक) आयोजित होगा, जिसमें सनातन धर्म के विस्तार, अयोध्या धाम के विकास और हिंदू परंपरा की प्राचीन से आधुनिक यात्रा पर विशेष मंथन होगा. अयोध्या में यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सनातन धर्म का महाकुंभ सिद्ध होगा. पहली बार भारत में इस स्तर का संत-समागम, राम भक्तों का महासंग्रह और राजनीतिक-धार्मिक महापुरुषों का संगम होने जा रहा है.

राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर

सबसे अधिक राजस्व मामले निस्तारित कर लखनऊ अव्वल, जनपदीय न्यायालयों में जौनपुर ने मारी बाजी      राजस्व वादों के मामलों के तेजी से निस्तारण के सीएम योगी के निर्देशों का दिख रहा असर      सीएम योगी की मॉनीटरिंग से प्रदेश में मामले के निस्तारण में आया खासा सुधार     – कुल राजस्व मामले के निस्तारण में प्रयागराज दूसरे, शाहजहांपुर तीसरे और जाैनपुर चौथे स्थान पर     – जनपद स्तरीय न्यायालयाें में राजस्व मामलों के निस्तारण में जौनपुर पहले, लखीमपुर खीरी दूसरे और बस्ती तीसरे स्थान पर      – पिछले एक साल से जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में जौनपुर टॉप फाइव में     लखनऊ प्रदेश में राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त मॉनीटरिंग का असर साफ नजर आ रहा है। सीएम योगी खुद हर माह जिलावार मामलों की समीक्षा भी करते रहते हैं। योगी सरकार की विशेष पहल के तहत तेजी से मामलों के निपटारे की रणनीति को अपनाया गया, जिससे राजस्व विवादों के मामलों में बड़ा सुधार देखने को मिला है। इसी का नतीजा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश भर में राजस्व वादों के निस्तारण में तेजी देखी गयी है। राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) द्वारा सितंबर माह की जारी रिपोर्ट में पूरे प्रदेश में सबसे अधिक राजधानी में मामलों को निस्तारित किया गया है जबकि जनपद स्तरीय न्यायालय में राजस्व के मामले निपटाने में एक बार फिर जौनपुर ने बाजी मारी है। बता दें कि जनपद स्तरीय न्यायालयों में राजस्व वादों के निस्तारण में पिछले एक साल से जौनपुर टॉप फाइल जिलों में बना हुआ है।    राजधानी में सबसे अधिक कुल 21,296 मामले निस्तारित किये गये  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि राजस्व विवादों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए। उनकी इस पहल का उद्देश्य न केवल जनता को त्वरित न्याय दिलाना है, बल्कि प्रशासन में पारदर्शिता और उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देना है। इसी के तहत प्रदेश के जिलाधिकारी और अन्य संबंधित अधिकारी पूरी तत्परता से मामलों का निस्तारण कर रहे हैं। राजस्व परिषद की आरसीसीएमएस की सितंबर माह की रिपोर्ट के अनुसार सितंबर में पूरे प्रदेश में कुल 3,88,145 राजस्व मामलों का निस्तारण किया गया। लखनऊ जिलाधिकारी विशाख जी अय्यर ने बताया कि सबसे अधिक राजधानी लखनऊ में 21,296 मामले निस्तारित किये गये, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। इसके बाद प्रयागराज में कुल 11,396 मामलों को निस्तारित कर पूरे प्रदेश में दूसरा, शाहजहांपुर 9,075 मामलों को निस्तारित कर तीसरे स्थान पर है। इसी तरह जाैनपुर ने 8,856 मामले निस्तारित कर चौथा और गोरखपुर ने 8,448 मामलों का निस्तारण कर पांचवां स्थान प्राप्त किया है।     जनपद स्तरीय न्यायालयाें में जौनपुर ने मारी बाजी, सबसे अधिक 704 मामले किये निस्तारित  जौनपुर डीएम डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुसार राजस्व मामलों को निस्तारित किया जा रहा है। बोर्ड ऑफ रेवन्यू की सितंबर माह की राजस्व न्यायालय कंप्यूटरीकृत प्रबंधन प्रणाली (आरसीसीएमएस) की रिपोर्ट के अनुसार जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के निर्धारित मानक निस्तारण से अधिक मामलों का निस्तारण किया है। जौनपुर की पांच राजस्व न्यायालयों ने बोर्ड के प्रति माह निस्तारण के मानक 250 के सापेक्ष 704 मामलों का निस्तारण किया है। इसका रेश्यो 281.60 प्रतिशत है। इसी के साथ जनपदीय न्यायायल में राजस्व मामलों के निस्तारण में प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जबकि मानक 300 के सापेक्ष 415 मामलों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर लखीमपुर खीरी और मानक 300 के सापेक्ष 412 मामले निस्तारित कर तीसरे स्थान पर बस्ती है। इसी तरह सितंबर में फतेहपुर के जिलाधिकारी न्यायालय ने निर्धारित 30 मामलों के मानक के मुकाबले 79 मामलों का निस्तारण कर 263.33 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की, जो की प्रदेश भर में सबसे अधिक है और फतेहपुर प्रदेश भर में पहले स्थान पर है। वहीं जौनपुर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 77 मामले निस्तारित किये गये। वहीं कुशीनगर के जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा 67 मामले निस्तारित किये गये। इसी तरह जिलाधिकारी न्यायालय द्वारा निस्तारित किये गये मामलों में जाैनपुर दूसरे और कुशीनगर तीसरे स्थान पर है।     भू राजस्व संबंधित मामलों के निस्तारण में भी जौनपुर अव्वल  इसी प्रकार अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व जौनपुर निर्धारित मानक 50 के सापेक्ष कुल 251 वादों का निस्तारण कर प्रदेश में प्रथम स्थान पर हैं। वहीं अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व गाजीपुर कुल 30 वादों का निस्तारण कर दूसरे स्थान पर हैं तथा अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व मीरजापुर कुल 24 वादों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर हैं। इसके साथ ही अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने 50 के मानक के मुकाबले 21 मामलों का निस्तारण कर तीसरे स्थान पर है।    

मिशन शक्ति-5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान

मिशन शक्ति- 5.0: खतरनाक स्थिति में चुप न रहें, उठाएँ सुरक्षा के ठोस कदम मिशन शक्ति-5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह में बालिकाओं और महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू हुआ विशेष अभियान मिशन शक्ति- 5.0: स्कूल से गांव तक पहुंचा सुरक्षा संदेश, आत्मरक्षा से मिली आत्मविश्वास की सीख  योगी सरकार ने बालिकाओं को बताया, कैसे करें सरकारी और सामाजिक सहायता का सही इस्तेमाल  योगी सरकार का संकल्प, नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन से ही बनेगा सुरक्षित समाज – मिशन शक्ति से मजबूत हुई महिलाओं की आवाज, सुरक्षा और स्वाभिमान बना जनआंदोलन लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में मिशन शक्ति 5.0 अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नई दिशा दे रही है। 90 दिवसीय विशेष अभियान के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग ने अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह (3-11 अक्टूबर 2025) के अवसर पर प्रदेश के सभी जिलों में "सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप" का भव्य आयोजन किया। इसमें बताया गया कि यदि कोई बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए। प्रदेश के सभी जिला, ब्लॉक और गांव स्तर पर आयोजित कार्यशालाओं और समूह सत्रों में बालिकाओं और महिलाओं को उनकी सुरक्षा से जुड़े अधिकारों और तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी गई। स्कूलों में आयोजित विशेष सत्रों में विशेषज्ञों ने छात्राओं को सिखाया कि विभिन्न सामाजिक और व्यक्तिगत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करें। इसके माध्यम से योगी सरकार का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा, अधिकारों और कानूनी प्रावधानों से जोड़ना है, ताकि वे आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जी सकें। योगी सरकार की इस पहल ने नारी सशक्तिकरण को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इन सत्रों में आत्मरक्षा के व्यावहारिक प्रशिक्षण, संकट की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के तरीके, हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी और साइबर सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आयोजित इन कार्यक्रमों में बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपनी जिज्ञासाएं साझा की। अपने अधिकारों और आत्मरक्षा की जानकारी पाकर उत्साहित छात्राओं ने कहा कि यह प्रशिक्षण उन्हें आत्मविश्वास दिया है और परिवार व समाज में सुरक्षा के प्रति सकारात्मक सोच विकसित किया है।  योगी सरकार इन कार्यक्रमों का संचालन विषय विशेषज्ञों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और प्रशिक्षकों की मौजूदगी में कर रही है। इसमें बताया गया कि यदि कोई बालिका या महिला किसी प्रतिकूल स्थिति का सामना करे, तो उसे चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए और सरकारी व सामाजिक सहायता तंत्र का उपयोग करना चाहिए। यह अभियान नारी सम्मान को मजबूत करते हुए महिलाओं को आत्मरक्षा और जागरूकता की ताकत दे रहा है, जो योगी सरकार के मिशन शक्ति 5.0 का मूल आधार है। महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव लीना जौहरी ने कहा कि  अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह के तहत यह अभियान बालिकाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सेल्फ डिफेंस वर्कशॉप से जुड़ी जानकारी हर लड़की के लिए उतनी ही जरूरी है, जितनी शिक्षा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल बालिकाओं की व्यक्तिगत सुरक्षा को बढ़ाएगी, बल्कि पूरे प्रदेश में महिलाओं और बच्चों के लिए सुरक्षित और समावेशी माहौल के निर्माण को गति देगी।

विपक्षी सांसदों और नेताओं के बरेली दौरे को लेकर योगी सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर का बड़ा बयान

बरेली में अब अमन-चैन, विपक्षी नेता सिर्फ माहौल बिगाड़ना चाहते हैंः जेपीएस राठौर  विपक्षी सांसदों और नेताओं के बरेली दौरे को लेकर योगी सरकार के मंत्री जेपीएस राठौर का बड़ा बयान मंत्री जेपीएस राठौर बोले – किसी को भी बरेली का माहौल खराब करने की अनुमति नहीं दी जाएगी बरेली जाकर माहौल खराब कर राजनीतिक रोटियां सेंकना चाहते हैं विपक्षी सांसद और नेताः राठौर   कहाः ‘सर तन से जुदा’ के नारे और हिंसा के बाद पुलिस ने लिया उचित एक्शन  पुलिस ने ससमय कार्रवाई कर उपद्रव फैलाने की साजिश नाकाम कीः मंत्री   लखनऊ योगी सरकार में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने कहा है कि बरेली में अब पूरी तरह अमन और चैन है, पुलिस ने जिस तरह से ससमय कार्रवाई की, उसने उपद्रव फैलाने की हर साजिश को विफल कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि जो भी विपक्षी सांसद या नेता बरेली जाने की बात कर रहे हैं, वे सिर्फ माहौल खराब करने की साजिश के तहत ऐसा कर रहे हैं। सरकार किसी को भी बरेली का अमन चैन बिगाड़ने की इजाजत नहीं देगी। उन्होंने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के सांसद और नेता अब बरेली जाकर उन्हीं उपद्रवियों के लिए आंसू बहाने की तैयारी में हैं, जिन्होंने पुलिस और निर्दोष लोगों की जान लेने की कोशिश की। उन्होंने सवाल किया कि वे किसके लिए बरेली जा रहे हैं, उन लोगों के लिए जिन्होंने कानून तोड़ा, पत्थर फेंके और पुलिस पर हमला किया? उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ, केवल कानून तोड़ने वालों को जेल भेजा गया है।  कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा राठौर ने कहा कि विपक्षी दलों को लगा था कि बरेली आग में झुलसेगा और उन्हें राजनीतिक फायदा मिलेगा, लेकिन प्रशासन की सख्त कार्रवाई ने उनकी मंशा पर पानी फेर दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग दूसरों की लाशों पर राजनीतिक रोटियां सेंकते हैं, अब जनता उन्हें अच्छी तरह पहचान चुकी है। जो पहले संविधान की दुहाई देते थे, वही आज संविधान तोड़ने और हिंसा फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार की नीति साफ है,“कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और शांति भंग करने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी।” उन्होंने कहा कि बरेली के लोग शांति और सद्भाव के साथ अपने घरों में अमन चैन से हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बाहरी ताकत उस माहौल को खराब न कर सके। वर्तमान में बरेली में स्थिति पूरी तरह सामान्य है। बाजार खुले हैं, यातायात सामान्य है और पुलिस सतर्कता के साथ निगरानी कर रही है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में पूरा माहौल पूर्णतः शांत हो जाएगा। पुलिस ने ससमय और संयमित एक्शन लिया राज्य मंत्री राठौर ने बताया कि जिस तरह से कुछ लोगों ने रातों-रात माहौल को भड़काने की कोशिश की, उसमें मुख्य रूप से तौकीर रजा और उनके समर्थकों का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि लगातार प्रशासन उनसे बातचीत करता रहा, लेकिन रात करीब 11 बजे एक लेटर वायरल किया गया, जिसमें कहा गया कि आंदोलन नहीं होगा, जुलूस नहीं निकलेगा। फिर देर रात डेढ़ बजे दावा किया गया कि पत्र फर्जी है। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर आ गए और ‘आई लव मुहम्मद’ के साथ ‘सर तन से जुदा’ जैसे भड़काऊ नारे लगाने लगे। राठौर ने कहा कि इसके बाद उपद्रवियों ने ईंट-पत्थर और पेट्रोल बम चलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए स्थिति को तुरंत नियंत्रण में ले लिया। पुलिस ने ससमय और संयमित एक्शन लिया, जिससे किसी निर्दोष को नुकसान नहीं हुआ। अगर पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो हालात और बिगड़ सकते थे। पुलिस ने उपद्रवियों को रोका, निर्दोषों की जान बचाई उन्होंने कहा कि पूर्व की सरकारों में ऐसे ही अराजक तत्व शहरों को जलाने का काम करते थे। 2010 में बरेली में महीनों कर्फ्यू जलता रहा था, लेकिन आज हमारी सरकार में ऐसी अराजकता को सहन नहीं किया जाएगा। जो ‘सर तन से जुदा’ के नारे लगाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। योगी सरकार में शांति और कानून सर्वोपरि है। जेपीएस राठौर ने बताया कि उपद्रवियों के पास से पेट्रोल बम, असलहा और विस्फोटक पदार्थ बरामद हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह सब उन्होंने पहले से घरों में जमा कर रखा था, ताकि पुलिस और निर्दोष लोगों पर हमला किया जा सके, लेकिन पुलिस ने न केवल उपद्रवियों को रोका बल्कि आम नागरिकों की जान भी बचाई।