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योगी का संदेश: नलकूपों से पानी की बर्बादी रोकने के लिए अपनाएं स्मार्ट पद्धति

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एक बयान के मुताबिक मुख्यमंत्री ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए योगी ने कहा,‘‘ किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और जलसंरक्षण की समुचित व्यवस्था की जाए। '' उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और ‘डार्क जोन' वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर कमियों को दूर किया जाए मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान होगा। नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार हो मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए, फलस्वरूप सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएं उपलब्ध होंगी। आदित्यनाथ ने कहा कि नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) के कार्यों की समीक्षा की

एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर चेकडैम, तालाब और ब्लास्टकूप निर्माण को बनाएं जनांदोलन: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) के कार्यों की समीक्षा की  जल संकट से निपटने के लिए योगी सरकार का बड़ा कदम, चेकडैम, तालाब, ब्लास्टकूप और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर    जल संकट को लेकर मुख्यमंत्री ने जताई गहरी चिंता, कहा- चेकडैम, तालाब निर्माण और ब्लास्टकूप राष्ट्रीय आवश्यकता है    बोले मुख्यमंत्री- 6,448 चेकडैमों से 1.28 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता और भूजल रिचार्ज बढ़ा    मुख्यमंत्री ने कहा- 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए  – बोले मुख्यमंत्री- 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य करें   मुख्यमंत्री ने कहा- वर्ष 2017 में 82 अतिदोहित क्षेत्र घटकर 2024 में 50, क्रिटिकल क्षेत्र 47 से घटकर 45   लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति विभाग (लघु सिंचाई) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि जल संकट आज हमारी सामूहिक चिंता का विषय बन चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप वर्षा जल को रोककर धीरे-धीरे उसे भूमि में समाहित होने देते हैं। यह केवल स्थानीय प्राथमिकता नहीं है बल्कि राष्ट्रीय आवश्यकता है। चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप केवल पानी रोकने की व्यवस्था नहीं बल्कि समेकित जल प्रबन्धन है, जो बड़े बांधों की तुलना में यह काफी किफायती है। उन्होंने निर्देशित किया कि ‘एक पेड़ मां के नाम’ की तर्ज पर जनांदोलन बनाते हुए चेक डैम, तालाब और ब्लास्टकूप का निर्माण एवं जीर्णोद्धार कराएं।  मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश विभिन्न भागों स्थानीय/बरसाती नदी/ नालों में विभाग द्वारा अद्यतन 6,448 चेकडैमों का निर्माण किया जा चुका है। प्रत्येक चेकडैम से औसतन 20 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता विकसित होती है। इस प्रकार निर्मित चेकडैमों से कुल 1,28,960 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचन क्षमता सृजित हुई है और हर साल 10 हजार हेक्टेयर मीटर से अधिक भूजल रिचार्ज हो रहा है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से अन्नदाता किसान वर्ष में दो से तीन फसल लेने में सक्षम हुए हैं।   मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा जल संचयन और ग्राउंड वाटर रिचार्जिंग की दिशा में प्रदेश सरकार लगातार कदम उठा रही है। वित्तीय वर्ष 2022-23 से अब तक 1,002 चेकडैमों की डी-सिल्टिंग और मरम्मत कर उनकी क्षमता में वृद्धि की गई है। इसी तरह प्रदेश के 1 से 5 हेक्टेयर के 16,610 तालाबों में से 1,343 का पुनर्विकास और जीर्णोद्धार किया गया है, वहीं वर्ष 2017-2025 तक 6192 ब्लास्टकूप के माध्यम से 18576 हेक्टेयर सिंचन क्षमता सृजित हुई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि बरसात से पहले यानी 1 अप्रैल से 15 जून तक कुम्हारों को तालाब से मुफ्त मिट्टी निकालने की छूट दी जाए, ताकि तालाब रिचार्ज के लिए तैयार हो सकें। बरसात के बाद इन्हें मत्स्य पालन और सिंघाड़ा उत्पादन के लिए उपयोग में लाकर बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर सृजित किए जाएं।   रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष बल देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 100 वर्ग मीटर से बड़े सभी भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जल संरक्षण के लिए यह कदम निर्णायक साबित होगा।   मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 तक प्रदेश में 82 अतिदोहित और 47 क्रिटिकल क्षेत्र थे। सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वर्ष 2024 में यह घटकर 50 अतिदोहित और 45 क्रिटिकल क्षेत्र रह गए हैं, जो संतोषजनक है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में और तेजी लाकर आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों को पूरी तरह सामान्य श्रेणी में लाने का प्रयास होना चाहिए।   उन्होंने कहा कि जैसे "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान ने वृक्षारोपण को जनांदोलन का रूप दिया है, वैसे ही चेकडैम और तालाब निर्माण भी सामूहिक प्रयासों से बड़े स्तर पर संचालित किया जाए। यह न केवल जल संकट से निपटने में सहायक होगा, बल्कि प्रदेश की कृषि, मत्स्य पालन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।   मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जिले में तालाबों, ब्लास्टकूपों और चेकडैमों की फोटोग्राफिक डॉक्यूमेंटेशन कराएं। साथ ही जनता को जागरूक करने के लिए सोशल मीडिया और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण और भूजल रिचार्जिंग को लेकर प्रदेश सरकार का संकल्प अटल है और इसे समाज की भागीदारी से एक सफल मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।

राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए दिशा-निर्देश

नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए अपनाएं वैज्ञानिक पद्धति – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार व आधुनिकीकरण को लेकर मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक में दिए दिशा-निर्देश  मुख्यमंत्री योगी बोले वाटर कंजर्वेशन की हो समुचित व्यवस्था, इससे डार्क जोन वाले क्षेत्रों में होगा सुधार  भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में वाटर कंजर्वेशन महत्वपूर्ण- मुख्यमंत्री – रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को मिले सिंचाई की सुविधा  सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए- मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजकीय नलकूपों के जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नलकूपों से पानी के दुरुपयोग को रोकने के लिए वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाए और वाटर कंजर्वेशन की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा कि वर्षा का मौसम इसके लिए सबसे उपयुक्त है। इससे भूगर्भीय जल स्तर को बनाए रखने में मदद मिलेगी और डार्क जोन वाले क्षेत्रों में सुधार होगा। मुख्यमंत्री ने सरयू नहर राष्ट्रीय परियोजना, बाण सागर, मध्य गंगा जैसी प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा कर उसमें कमियों को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के सशक्त क्रियान्वयन से ग्रामीण और शहरी इलाकों में पानी की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री ने तराई क्षेत्र के किसानों की समस्याओं पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि रिजर्व वायर को डिसिल्ट कर उसे पुनर्जीवित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को सिंचाई की सुविधा मिल सके। साथ ही, कटान रोकने के लिए सिल्ट का उपयोग करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की सिंचाई आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नलकूपों का प्राथमिकता के आधार पर जीर्णोद्धार और आधुनिकीकरण किया जाए। इससे सिंचाई क्षमता बढ़ेगी, किसानों की लागत घटेगी और उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि नलकूपों के आधुनिकीकरण व जीर्णोद्धार के कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता से कोई समझौता न किया जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव कदम उठा रही है। नलकूपों के आधुनिकीकरण और जल संरक्षण की इन पहलों से आने वाले समय में राज्य का कृषि उत्पादन बढ़ेगा और किसानों की आय में सकारात्मक वृद्धि देखने को मिलेगी।

यूपी में सपा पर सख्ती: बरेली में नो एंट्री, माता प्रसाद हाउस अरेस्ट, सांसद बर्क के घर सुरक्षा घेरे

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालात अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। इसी बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा में विपक्ष के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल 4 अक्टूबर को यानी आज बरेली जाने वाला है। हालांकि, प्रशासन ने इस प्रतिनिधिमंडल की बरेली में एंट्री पर रोक लगा दी। प्रशासन का आदेश बरेली के डीएम ने सभी पुलिस अधिकारियों को पत्र जारी करते हुए साफ निर्देश दिए कि बिना इजाजत किसी भी राजनीतिक प्रतिनिधि को बरेली की सीमा में प्रवेश न करने दिया जाए। आदेश में कहा गया कि यह कदम जिले की सुरक्षा और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। लखनऊ में रोके गए नेता प्रतिपक्ष डीएम के आदेश के बाद लखनऊ पुलिस ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को नोटिस दिया और उनके आवास पर ही रोक दिया। पुलिस ने उन्हें स्पष्ट कर दिया है कि बिना अनुमति बरेली जाने की इजाजत नहीं है। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव समेत कई नेता पांडेय के आवास पर पहुंचे, लेकिन पुलिस की सख्ती की वजह से प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने नहीं दिया गया। ‘अराजकता फैलाने नहीं जा रहे’ समाजवादी पार्टी के नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडे ने ‘आजतक’ से कहा, ”नेताओं-कार्यकर्ताओं को निर्देश है कि बरेली पहुंचें. हम कोई अराजकता फैलाने नहीं जा रहे हैं. हमको क्यों रोका गया है? हम सभी अधिकारियों से बात करेंगे.” उधर, समाजवादी पार्टी के अन्य सांसद हरेंद्र मलिक, इकरा हसन, जियाउर्रमान बर्क और मोहिबुल्लाह के भी बरेली पहुंचने की संभावना थी, लेकिन सभी नेताओं की गतिविधियों पर उनके जिलों में पुलिस की कड़ी नजर रखी जा रही है. बर्क के घर भी पुलिस तैनात बरेली जाने वाले समाजवादी पार्टी के 14 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में शामिल समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क के घर के बाहर भी पुलिस तैनात है. सम्भल में दो अलग-अलग स्थानों की पुलिस को सांसद बर्क के घर के बाहर तैनात किया गया है. सांसद जियाउर्रहमान बर्क को पुलिस बरेली जाने से रोकेगी. सीओ कुलदीप सिंह भी इसी इलाके में तैनात नजर रख रहे हैं. बरेली में भी सपा नेता नजरबंद सपा प्रतिनिधिमंडल के दौरे से पहले बरेली शहर के स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर लिया गया है. पूर्व राज्यसभा सांसद वीरपाल सिंह यादव और सपा जिला अध्यक्ष शिवचरण कश्यप के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगाया गया है. संभल में जिया उर रहमान वर्क हाउस अरेस्ट सपा सांसद जिया उर रहमान वर्क को बरेली जाने से रोकने के लिए हाउस अरेस्ट किया गया ।सपा सांसद बर्क के आवास के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है. अखिलेश को सौंपी जाएगी रिपोर्ट सपा नेता बरेली जाकर घटना की जानकारी लेंगे और इसकी  रिपोर्ट अखिलेश यादव को सौंपी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक सपा नेताओं  का उद्देश्य स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्या जानना है. वहीं अपने इस दौरे को लेकर माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से बरेली जाकर जनता की आवाज उठाना चाहते हैं. यह हमारा लोकतांत्रिक अधिकारी है. जुमे की नमाज के बाद हुई थी हिंसा  बता दें कि कुछ दिन पहले बरेली में आई लव मोहम्मद पोस्टर विवाद में जुमे की नमाज के बाद हिंसा फैल गई थी. पुलिस को भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए लाठी चलानी पड़ी, आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. पुलिस ने इस हिंसा मामले में मौलाना तौकीर रजा के साथ-साथ कई लोगों की गिरफ्तारी की. हिंसा को लेकर पुलिस की जांच जारी है.  माता प्रसाद पांडेय की प्रतिक्रिया उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, "मेरे नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल वहां (बरेली) जा रहा था। मुझे पुलिस की ओर से नोटिस दिया गया, और इंस्पेक्टर ने कहा कि मुझे घर पर ही रहना होगा और बाहर नहीं जाना है। अगर कलेक्टर ने लिखा होता, तो मैं मान लेता। फिर बरेली के डीएम का पत्र आया। उन्होंने भी कहा कि आपके आने से यहां का माहौल खराब हो सकता है, इसलिए आपको यहां नहीं आना चाहिए। अपनी कमियों को छुपाने के लिए वे हमें वहां जाने नहीं दे रहे हैं। अब हम अपनी पार्टी के सदस्यों से बात करेंगे और उसके बाद ही निर्णय लेंगे।"

लाभार्थियों के चयन की समय सीमा बढ़ी, पीएम आवास योजना में आवेदन करने का सुनहरा अवसर

चंदौली आयुक्त, ग्राम्य विकास की ओर से प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चल रहे आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 में नए लाभार्थियों का डाटा कैप्चर करने के लिए समय-सीमा 14 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है। यदि पात्र लाभार्थी किसी कारण से सर्वे में आने से छूट गए हो या सर्वे के समय घर पर उपलब्ध नहीं थे और वर्तमान में घर आ गए हो तो ऐसे लाभार्थियों का सर्वेक्षण कार्य (डाटा कैप्चर) 14 अक्टूबर तक सभी ग्राम पंचायतों में अनिवार्य रूप से पूर्ण किया जाएगा। आवास प्लस सर्वेक्षण-2024 के लिए पोर्टल खोल दिया गया है। खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ग्राम पंचायतों के सर्वेयर के साथ वीडियो कांफ्रेसिंग /बैठक कर छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के सर्वेक्षण (डाटा कैप्चर) का कार्य आरंभ कराएं।

दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल रामलीला: अयोध्या में 62 करोड़ श्रद्धालुओं ने देखा अद्भुत नाटक

अयोध्या मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या ने एक बार फिर विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष प्रयासों और मार्गदर्शन में अयोध्या की रामलीला आज विश्व की सबसे बड़ी और भव्य रामलीला बन चुकी है। डिजिटल क्रांति के दौर में यह आयोजन केवल भारत तक सीमित न रहकर विश्वव्यापी सांस्कृतिक उत्सव में बदल गया है। इस वर्ष 50 से अधिक देशों में ऑनलाइन माध्यमों से प्रसारित हुई इस रामलीला को कुल 62 करोड़ से अधिक रामभक्तों ने देखा। भव्य मंचन और फिल्मी कलाकारों की भागीदारी दिल्ली और मुंबई से आए 250 से अधिक फिल्मी कलाकारों ने इस रामलीला को भव्य स्वरूप दिया। थ्री-डी तकनीक और आधुनिक मंच सज्जा ने इस धार्मिक आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। न केवल मंच पर बल्कि पर्दे पर भी यह आयोजन एक नया इतिहास रच रहा है। 10 करोड़ से अधिक खर्च सिर्फ लाइव प्रसारण पर रामलीला को अधिक से अधिक रामभक्तों तक पहुँचाने के लिए लाइव प्रसारण पर ही इस वर्ष 10 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किया गया। यह प्रसारण आराधना टाटा प्ले, शेमारू मी, VI ऐप, एयरटेल, शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल, फेसबुक पेजों और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर हुआ। अकेले शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल पर 8 करोड़ से अधिक लोगों ने इसे देखा। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर दर्शक संख्या (लाइव) आराधना टाटा प्ले – 2 करोड़ शेमारू मी – 4 करोड़ VI ऐप – 5 करोड़ शेमारू भक्ति (यूट्यूब) – 8 करोड़ शेमारू भक्ति धाम (यूट्यूब) – 7 करोड़ फेसबुक पेज – 5 करोड़ अन्य यूट्यूब प्लेटफॉर्म – 5 करोड़ शेमारू आराधना टीवी – 7 करोड़ टाटा प्ले – 7 करोड़ Videocon – 5 करोड़ एयरटेल – 3 करोड़ डिश टीवी – 4 करोड़ लगातार बढ़ती लोकप्रियता गौरतलब है कि कोरोना काल से शुरू हुई अयोध्या की डिजिटल रामलीला ने हर वर्ष दर्शकों के नए कीर्तिमान बनाए हैं। 2020 – 16 करोड़ 2021 – 20 करोड़ 2022 – 25 करोड़ 2023 – 40 करोड़ 2024 – 41 करोड़ 2025 – 62 करोड़ (Google के आंकड़ों के अनुसार) योगी सरकार और संस्कृति मंत्रालय का योगदान इस सपने को साकार करने में उत्तर प्रदेश सरकार की अहम भूमिका रही। 2020 में जब रामलीला शुरू हुई थी, उस समय के पर्यटन व संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी ने इस भव्य आयोजन का शुभारंभ किया था, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे वैश्विक स्तर तक पहुँचाने का मार्ग प्रशस्त किया। रामलीला समिति के संस्थापक सुभाष मलिक और शुभम मलिक ने इस आयोजन को डिजिटल क्रांति का प्रतीक बना दिया। अयोध्या बनी विश्व की सांस्कृतिक राजधानी रामनगरी अयोध्या में मंचित यह रामलीला अब केवल भारत की नहीं रही बल्कि पूरी दुनिया की रामलीला बन चुकी है। भारत, नेपाल, श्रीलंका, पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान, भूटान, म्यांमार, थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, वियतनाम, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, मंगोलिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, यूएई, सऊदी अरब, क़तर, ओमान, बहरीन, कुवैत, मॉरीशस, फ़िजी, त्रिनिदाद एंड टोबैगो, केन्या, नाइजीरिया, इंग्लैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, नीदरलैंड्स, रूस, कनाडा, अमेरिका और ब्राज़ील जैसे देशों में करोड़ों रामभक्तों ने इसे देखा। वैश्विक स्तर पर रामभक्ति का संदेश अयोध्या की रामलीला ने साबित कर दिया कि श्रीराम की कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि विश्व को जोड़ने वाला सांस्कृतिक सेतु है। योगी सरकार के सहयोग और डिजिटल तकनीक के संगम ने रामलीला को विश्व स्तर पर पहुँचाकर भारतीय संस्कृति की अद्भुत ध्वजा फहराई है। अयोध्या की रामलीला में सितारों का चमका जादू, अद्भुत अभिनय से बना यादगार आयोजन श्रीराम की नगरी अयोध्या में आयोजित भव्य रामलीला इस वर्ष सितारों की जगमगाहट से और भी खास बन गई। बॉलीवुड और टीवी जगत के दिग्गज कलाकारों ने अपने अद्भुत अभिनय से इस आयोजन को यादगार बना दिया। प्रमुख भूमिकाओं में दिग्गज कलाकार मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री ने माता सीता की भूमिका निभाई। विंदू दारा सिंह ने अपनी दमदार अदाकारी से हनुमानजी का किरदार जीवंत कर दिया। खलनायकी अंदाज के लिए प्रसिद्ध शाहबाज खान ने रावण की भूमिका निभाई।वरिष्ठ अभिनेता अनिल धवन ने विभीषण का किरदार निभाया। हास्य अभिनेता सुनिल पाल ने नारदमुनि बनकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अलावा मनोज तिवारी, रवि किशन, राकेश बेदी, रजा मुराद, अशरानी, अवतार गिल, रितु शिवपुरी, शीबा और अरुण बक्शी ने भी अपने-अपने किरदारों से रामलीला को और भव्यता प्रदान की। मिस यूनिवर्स का भी विशेष योगदान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बनी इस रामलीला में मिस यूनिवर्स 2024 और 2025 ने भी विशेष प्रस्तुति देकर इस आयोजन को नई ऊँचाइयाँ दीं। प्रधानमंत्री मोदी का आशीर्वाद गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर वर्ष चिठ्ठी लिखकर अयोध्या की रामलीला समिति को अपना आशीर्वाद और शुभकामनाएँ भेजते हैं। इस परंपरा ने इस आयोजन के महत्व और पवित्रता को और बढ़ा दिया हैं।

समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान को जबरदस्त समर्थन, मिले 21.5 लाख सुझाव

विकसित यूपी @2047 समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान : प्रदेशवासियों से मिले 21.5 लाख सुझाव  ग्रामीण क्षेत्रों से आए सबसे अधिक सुझाव  संभल, महाराजगंज और जौनपुर फीडबैक में अव्वल  शिक्षा और कृषि क्षेत्र पर सबसे अधिक राय  10 लाख से ज्यादा युवाओं ने दिया अपना सुझाव  नगरीय विकास और स्वास्थ्य पर भी बड़ी संख्या में राय  कासगंज की अंगूरी देवी ने पर्यावरण संतुलन पर दिया जोर रामपुर के विकास पाण्डेय ने सुझाए कृषि सुधार के उपाय  अभियान बनेगा प्रदेश के भविष्य की विकास रूपरेखा लखनऊ  उत्तर प्रदेश को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047 अभियान” को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। अभियान के तहत प्रदेश के सभी 75 जनपदों में नोडल अधिकारियों एवं प्रबुद्ध जनों ने भ्रमण कर छात्रों, शिक्षकों, व्यवसायियों, उद्यमियों, कृषकों, स्वयंसेवी संगठनों, श्रमिक संघों, मीडिया और आम जनता से संवाद स्थापित किया है। इस दौरान लोगों को पिछले 8 वर्षों की विकास यात्रा से अवगत कराया जा रहा है और भविष्य के रोडमैप पर चर्चा कर बहुमूल्य सुझाव प्राप्त किए जा रहे हैं। अभियान के लिए बनाए गए पोर्टल samarthuttarpradesh.up.gov.in पर अब तक लगभग 21.5 लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें से करीब 16.5 लाख सुझाव ग्रामीण क्षेत्रों से और लगभग 5 लाख सुझाव शहरी क्षेत्रों से आए हैं। आयु वर्ग के आधार पर देखें तो करीब 10 लाख सुझाव 31 वर्ष से कम आयु वर्ग से, 10 लाख से अधिक 31 से 60 वर्ष आयु वर्ग से और एक लाख से अधिक 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग से प्राप्त हुए हैं। क्षेत्रवार सुझावों में शिक्षा क्षेत्र से करीब 6.7 लाख, कृषि क्षेत्र से 5 लाख, नगरीय एवं ग्रामीण विकास से 3.5 लाख, स्वास्थ्य से 1.6 लाख और समाज कल्याण से 1.6 लाख सुझाव सामने आए हैं। इसके अलावा आईटी एवं टेक, उद्योग, संतुलित विकास और सुरक्षा से संबंधित हजारों सुझाव प्राप्त हुए हैं। जनपदवार फीडबैक में संभल, महाराजगंज, जौनपुर, सोनभद्र और हरदोई शीर्ष पांच जिलों में शामिल रहे, जबकि फिरोजाबाद, इटावा, ललितपुर, महोबा और संतकबीर नगर से सबसे कम सुझाव आए। इस अभियान के दौरान जनता ने अपने विचार भी साझा किए। रामपुर के विकास पाण्डेय ने कृषि सुधार के लिए जल प्रबंधन, ड्रिप सिंचाई, वर्षा जल संचयन और जैविक खेती को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। वहीं कासगंज की अंगूरी देवी ने सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने की अपील की। बाराबंकी की तृप्ति सिंह ने सरकारी स्कूलों में संसाधनों और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। प्रदेश सरकार का मानना है कि इस अभियान से प्राप्त सुझाव न केवल नीति निर्माण में सहायक होंगे, बल्कि विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में मील का पत्थर साबित होंगे।  

मिशन शक्ति 5.0 के तहत देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिये शुरू की गई अनूठी पहल

"मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" से महिलाओं और बेटियों के सपनों को लगेंगे पंख – मिशन शक्ति 5.0 के तहत देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिये शुरू की गई अनूठी पहल  – सीएम योगी के मार्गदर्शन में मंडल कार्यालय में हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष रूप से आयोजित किया जाएगा जनसुनवाई संवाद  –  मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" कार्यक्रम को तीन मुख्य हिस्सों में किया गया विभाजित, महिला अधिकारी और कर्मचारी समस्याओं का करेंगी निस्तारण –  पहला जनसुनवाई, दूसरा सम्मान और तीसरा सशक्तिकरण के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा – बेटियों और महिलाओं को उत्कृष्ट कार्य के लिए किया जाएगा सम्मानित, विकसित देवीपाटन मंडल-2047 की बनेंगी ब्रांड एंबेसडर  – सीएम योगी ने पहल की सराहना की, देवीपाटन मंडलायुक्त बोले, मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को 12 बजे से 2 बजे तक महिलाओं एवं बेटियों की होगी सुनवाई  लखनऊ योगी सरकार द्वारा प्रदेश भर में महिलाओं और बेटियों को आत्मनिर्भर, स्वावलंबी बनाने एवं सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के लिए मिशन शक्ति 5.0 अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सीएम योगी के मार्गदर्शन में देवीपाटन मंडल में महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण उत्थान एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए अनूठी पहल "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसकी शुरुआत राम नवमी के अवसर पर बेटियों के साथ संवाद से हुई। वहीं, हर सोमवार को देवीपाटन मंडल कार्यालय में विशेष रूप से महिलाओं और बेटियों की "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" कार्यक्रम में सुनवाई की जाएगी। इतना ही नहीं उनकी समस्याओं के निस्तारण के लिए एक विशेष टीम बनायी गयी है, जिसमें महिला अधिकारियों को शामिल किया गया है, जो प्राथमिकता के आधार पर उनकी समस्याओं को निस्तारण करेंगी। इस पहल की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी सराहना की। बता दें कि पूरे प्रदेश में देवीपाटन मंडल पहला मंडल है, जहां पर महिलाओं के लिए विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसके अलावा रामनवमी के अवसर पर कार्यक्रम के तहत बेटियों को मंडलायुक्त ने अपने आवास पर पत्नी के साथ कन्या पूजन किया और उनका आर्शीवाद प्राप्त किया।  महिलाओं और बेटियों के सर्वांगीण विकास के लिए शुरू की गई मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद की पहल देवीपाटन मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि मंडल की बेटियों और महिलाओं को समाज के मुख्यधारा से जोड़ने, योगी सरकार की योजनाअों का लाभ देने, उनकी समस्याओं के त्वरित निस्तारण एवं सर्वांगीण विकास के लिए ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम की पहल की गयी है। इसके तहत हर सोमवार को महिलाओं और बेटियों के लिए विशेष जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इन दौरान प्राथमिकता के अाधार पर उनके सर्वांगीण विकास के साथ हर समस्या के समाधान पर विशेष फोकस किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम को तीन भागों में विभाजित किया गया है। इसका पहला मुख्य अंग जनसुनवाई है। इसके तहत मंडल मुख्यालय में हर सोमवार को 12 बजे से 2 बजे महिलाओं एवं बच्चों की समस्याओं पर महिला अधिकारी के साथ कर्मचारी की उपस्थिति में विशेष सुनवाई की जाएगी। वहीं मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए यथासंभव महिला अधिकारी एवं कर्मचारी को नामित किया जाएगा। साथ ही आवश्यकता होने पर समस्या के निराकरण के लिए संबंधित अधिकारी और जांच टीमें उसी दिन स्थलीय निरीक्षण के लिए भेजी जाएगी। इसके अलावा समस्या के निराकरण के लिए महिला हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी। महिला हेल्प डेस्क पर मोबाइल फोन कॉल एवं व्हाट्सएप मैसेज के जरिये भी शिकायतें प्राप्त की जाएंगी।    विकसित उत्तर प्रदेश-2047 पर सबसे अच्छा फीडबैक देने वाली महिलाओं को किया जाएगा पुरस्कृत कार्यक्रम का दूसरा अंग सम्मान है। इसमें विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के उद्​देश्य से बनायी गयी 3 थीम और 12 सेक्टरों के संबंध में https://samarthuttarpradesh.up.gov.in पर मंडल में सबसे अच्छा फीडबैक देने वाली महिलाअों और बेटियों को मंडल स्तर पर पुरस्कृत किया जाएगा। साथ ही चिन्हित 12 सेक्टर्स में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को विकसित देवीपाटन मंडल-2047 के ब्रांड एंबेसडर के रूप में प्रस्तुत करते हुए उन्हे पुरस्कृत किया जाएगा। कार्यक्रम का तीसरा अंग सशक्तिकरण है। इसमें मंडल स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाली महिलाओं द्वारा मंडल में महिला जागरूकता एवं सशक्तिकरण के लिए योगदान दिया जाएगा। मंडल प्रशासन की ओर से पात्र महिलाअों एवं बेटियों को प्राथमिकता के आधार पर शासन की योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। उन्हे विधिसम्मत अधिकार दिलाने के लिए कार्य किये जाएंगे। महिलाओं को कौशल विकास, स्वयं सहायता समूह, जीरो पावर्टी अभियान, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान समेत विभिन्न योगी सरकार की योजनाओं से स्वावलंबी बनाया जाएगा।  20 से अधिक छात्राओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर की शुरुआत मंडलायुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने बताया कि "मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद" संवाद से सशक्तिकरण की ओर कार्यक्रम का शुभारंभ रामनवमी के अवसर पर किया गया, जिसमें मंडल कार्यालय में विभिन्न विद्यालयों की  20 से अधिक छात्राओं ने प्रतिभाग किया। इस दौरान उन्होंने नारी सशक्तिकरण तथा विकसित भारत 2047 को लेकर अपने विचार और सुझाव आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किए। कई छात्राओं ने महिला सुरक्षा, शिक्षा में समान अवसर, तकनीकी कौशल विकास, ग्रामीण क्षेत्रों में कैरियर मार्गदर्शन केंद्र तथा बेटियों के लिए विशेष प्रतिभा प्रोत्साहन योजनाओं जैसे नवोन्मेषी प्रस्ताव रखे। उनके इन सुझावों पर आयुक्त सहित उपस्थित अधिकारियों ने तालियां बजाकर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में श्रेष्ठ विचार एवं सुझाव प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को सम्मानित भी किया गया। आयुक्त और उनकी पत्नी गरिमा भूषण ने विजेता बालिकाओं को नकद पुरस्कार प्रदान किए। एससीपीएम कॉलेज की नंदिनी को प्रथम पुरस्कार 5000 रुपये, भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की आकांक्षा द्विवेदी को द्वितीय पुरस्कार 3000 रुपये तथा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की रूपा, कंपोजिट विद्यालय पथवालिया की महक और भैया राघव राम पाण्डेय श्री गांधी इंटर कॉलेज की हुनैजा को दो-दो हजार रुपये का तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके अतिरिक्त सभी प्रतिभागी छात्राओं को आकांक्षा समिति की ओर से एक-एक हजार रुपये का प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किया गया। आयुक्त दंपत्ति ने कन्या पूजन के बाद कन्याओं के पखारे पांव कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाली बेटियों का मंडलायुक्त आवास पर कन्या पूजन किया गया। आयुक्त दंपत्ति ने कन्या पूजन के बाद कन्याओं … Read more

ग्रामीण अंचल से कॉलेज कैंपस तक बेटियों ने थामी स्टीयरिंग, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम

मिशन शक्ति 5.0 ड्राइविंग माय ड्रीम्स से बेटियों को स्वावलंबन की नई उड़ान दे रही योगी सरकार ग्रामीण अंचल से कॉलेज कैंपस तक बेटियों ने थामी स्टीयरिंग, आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाया कदम  7500 बालिकाओं को प्रशिक्षण लक्ष्य, पहले दिन 3000 से अधिक ने कराया पंजीकरण – प्रदेश भर में अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की हुई शुरुआत, 11 अक्टूबर तक विभिन्न कार्यक्रमों का होगा आयोजन – नारी सुरक्षा से स्वाभिमान तक, योगी सरकार की पहल बनी महिला सशक्तीकरण का प्रेरक मॉडल – बालिकाओं की प्रगति, परिवार की समृद्धि और प्रदेश की उन्नति की नई राह पर योगी सरकार  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश भर में चल रहे मिशन शक्ति 5.0 के तहत अंतरराष्ट्रीय बालिका सप्ताह की शुरुआत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' कार्यक्रम के साथ हुई। शुक्रवार को पूरे प्रदेश में आयोजित इस अभिनव पहल ने नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को नया आयाम दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा शुरू किए गए इस कार्यक्रम में पहले दिन 3,000 से अधिक बालिकाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया, जिनमें ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की बेटियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। विभाग का लक्ष्य पूरे महीने में 7,500 बालिकाओं को निशुल्क ड्राइविंग प्रशिक्षण देकर उन्हें ड्राइविंग लाइसेंस दिलाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' पहल 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' केवल वाहन चलाने का प्रशिक्षण नहीं, बल्कि बेटियों के सपनों को पंख देने का सशक्त मंच है। प्रत्येक जनपद में दूरस्थ क्षेत्रों से चयनित 100-100 बालिकाओं और महिलाओं को न्यूनतम एक माह का ड्राइविंग कोर्स प्रदान किया जा रहा है। प्रशिक्षण में सड़क सुरक्षा, ट्रैफिक संकेत, आपातकालीन परिस्थितियों में वाहन नियंत्रण और महिला सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। यह पहल बालिकाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के साथ-साथ दैनिक जीवन में स्वतंत्रता प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार संभाली स्टीयरिंग  प्रदेश के विभिन्न जनपदों से ड्राइविंग प्रशिक्षण की प्रेरक झलकियां भी सामने आईं हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों ने पहली बार स्टीयरिंग संभालकर आत्मविश्वास की नई अनुभूति की तो वहीं महाविद्यालयों की छात्राओं ने इसे अपने करियर के लिए गेम-चेंजर बताया। कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षकों ने बताया कि बालिकाओं में सीखने की ललक और उत्साह देखकर यह स्पष्ट होता है कि वे इस पहल से अपने जीवन में बड़ा परिवर्तन लाएंगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि मिशन शक्ति 5.0 के तहत 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का एक क्रांतिकारी कदम है। यह कार्यक्रम केवल ड्राइविंग सिखाने तक सीमित नहीं, बल्कि बेटियों को उनके सपनों की उड़ान देने का संकल्प है। वहीं विभाग की निदेशक संदीप कौर ने बताया कि आज पूरे प्रदेश में जिस तरह बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक इस कार्यक्रम में भाग लिया, उससे यह संदेश गया है कि उत्तर प्रदेश में अब बेटियाँ हर राह पर आत्मविश्वास से आगे बढ़ेंगी। मिशन शक्ति 5.0 ने 22 सितंबर से 3  अक्टूबर तक 13.50 लाख लोगों तक पहुंच बनाकर नारी सशक्तिकरण का संदेश दिया है। कन्या पूजन, नुक्कड़ नाटक और अब ड्राइविंग प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रमों ने बेटियों को सम्मान और स्वावलंबन की नई राह दिखाई है। यह पहल न केवल बेटियों की व्यक्तिगत प्रगति को बल दे रही है, बल्कि उत्तर प्रदेश को सामाजिक और आर्थिक उन्नति के पथ पर अग्रणी बना रही है। 'ड्राइविंग माय ड्रीम्स' यूपी की बेटियों की नई उड़ान का प्रतीक है, जो मिशन शक्ति के विजन को साकार कर रहा है।

कथा वाचिका के बिगड़े बोल ने बढ़ाई लड़ाई की आग, यूपी के कई गांवों में धार्मिक प्रतिबंध

आगरा उत्तर प्रदेश में आगरा जिले के शमशाबाद के गांव खेड़ा में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथावाचिका बाल विदुषी लक्ष्मी का बयान विवादों में आ गया है। कथा के दौरान कथावचिका लक्ष्मी ने मंच से मुसलमानों के गांवों में प्रवेश पर रोक लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि हर गांव में बोर्ड लगना चाहिए जिस पर लिखा हो कि यहां पर मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है। उन्होंने कहा कि क्योंकि ये आएंगे तो क्या करेंगे। हमें कैसे पता चलेगा कि कौन अच्छा और कौन बुरा है। उन्होंने सनातनी को सावधान रहने की बात कही। लक्ष्मी का यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लक्ष्मी ने सड़क पर आई लव मोहम्मद, लेकिन पैसा कमाने के लिए हिंदू नामों और देवी-देवताओं के नाम से ढाबे चलाते हैं। उन्होंने कहा कि देश-दुनिया से समाचार में कैसी-कैसी खबरें आ रही हैं। कथावाचिका ने कहा कि कहा कि मुसलमान खाने-पीने की वस्तुओं में और फलों में थूक मिलाकर हिंदुओं का धर्म भ्रष्ट करते हैं। इसलिए सर्तक रहना चाहिए। उनसे कुछ भी नहीं खरीदना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने कहा कि व्यास पीठ से लक्ष्मी ने यह भी आरोप लगाया कि मुसलमान आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं। हमारी बहन-बेटियों को झांसा देने की कोशिश करते हैं। इसलिए उनसे सावधान रहना जरूरी है। यह कार्यक्रम योगी यूथ ब्रिगेड धर्म रक्षा ट्रस्ट की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का हिस्सा था। आयोजन स्थल पर ग्रामीणों की बड़ी भीड़ जुटी और कथावाचिका के बयानों पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। फिलहाल, लक्ष्मी के इस विवादित बयान को लेकर सोशल मीडिया पर कड़ी आलोचना और चर्चा हो रही है।