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साढ़े आठ वर्षों में 15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे: मुख्यमंत्री

₹5 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं के साथ नवंबर में होगी जीबीसी@5: मुख्यमंत्री साढ़े आठ वर्षों में 15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे: मुख्यमंत्री भूमि अधिग्रहण में संवाद व समन्वय को प्राथमिकता, किसानों की संतुष्टि और उनका हित सुरक्षित करने के निर्देश बोले मुख्यमंत्री, भूमि से किसानों का भावनात्मक संबंध, अधिग्रहण पर मुआवजा दर बढ़ाने पर हो विचार औद्योगिक इकाइयों को आवंटित भूमि तीन साल में उपयोग न होने पर होगी रद्द नोएडा क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित करने पर मुख्यमंत्री का जोर, कहा बैंकिंग व निर्यात को बढ़ावा देने के हों प्रयास मुख्यमंत्री का निर्देश, और सरल व सहज बनाएं निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टल, निवेशकों को कतई न लगाना पड़े दफ्तरों का चक्कर 22 सितम्बर से लागू हो रहे जीएसटी सुधार का आम नागरिक को लाभ मिलना सुनिश्चित करायें: मुख्यमंत्री हर जिले में सरदार पटेल रोजगार ज़ोन विकसित करने की कार्ययोजना पर मंथन, उद्योग व रोजगार का नया मॉडल बनेगा यूपी 2025-26 में विनिर्माण क्षेत्र का ₹5 लाख करोड़ GVA लक्ष्य लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ₹5 लाख करोड़ से अधिक की निजी निवेश परियोजनाओं के साथ पांचवें ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के आयोजन की तैयारी के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को औद्योगिक विकास विभाग की उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म के मंत्र के साथ बीते साढ़े 08 वर्षों में अब तक चार ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी आयोजित की जा चुकी है। इसके माध्यम से 15 लाख करोड़ से अधिक की औद्योगिक परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं तथा 60 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी एवं रोजगार की गारंटी मिली। अब आगामी नवंबर माह में जीबीसी@5 के आयोजन की तैयारी की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी विभाग समयबद्ध तरीके से कार्यवाही सुनिश्चित करें और प्रत्येक निवेश प्रस्ताव की प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। विभिन्न निजी औद्योगिक इकाइयों को भूमि आवंटन के प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया सामंजस्य के साथ ही होनी चाहिए। अपनी भूमि के साथ हर किसी का एक भावनात्मक संबंध होता है। यह उसके जीवन भर की पूंजी है। यदि प्रदेश हित में उनकी भूमि का अधिग्रहण आवश्यक है तो उन्हें अच्छा मुआवजा मिलना चाहिए। कहीं से भी उत्पीड़न की शिकायत नहीं आनी चाहिए। संवाद और समन्वय से यह काम बड़ी आसानी से हो सकता है। सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अपने क्षेत्र की आवश्यकताओं के अनुरूप भूमि अधिग्रहण के लिए वर्तमान मुआवजे की दर में बढ़ोतरी पर विचार करें। यह समय की मांग है, इसी में किसानों का हित है। निर्यात प्रोत्साहन के प्रयासों को बढ़ाने की जरूरत बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी में से किसी एक क्षेत्र में फिनटेक हब विकसित किया जाए। यहां बड़े बैंकिंग संस्थाओं के कार्यालय हों। उन्होंने यह भी कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों के निर्यात को और बेहतर करने के लिए नियोजित प्रयास की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि भूमि आवंटन के उपरांत भूमि का समुचित उपयोग न करने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए भूमि आवंटन अधिकतम तीन वर्षों के उपरांत रद कर दिया जाए। वह भूमि अन्य निवेशक को आवंटित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निवेश मित्र और निवेश सारथी पोर्टलों को और अधिक सहज व सरल बनाये जाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि निवेशक छोटा हो या बड़ा, कार्यालयों के चक्कर किसी को भी न लगाना पड़े। आगामी 22 सितम्बर से प्रभावी होने जा रहे जीएसटी सुधारों का लाभ हर आम नागरिक को मिलना सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने आशा जताई कि इससे आम आदमी को सीधा लाभ होगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में सरदार वल्लभभाई पटेल को समर्पित विशेष रोजगार ज़ोन के विकास की कार्ययोजना पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि चरणबद्ध रूप से सभी जिलों में कम से कम 100 एकड़ में इस रोजगार ज़ोन का विकास किया जाना है, इसके लिए भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। यह क्षेत्र उद्योग, निवेश, उद्यमिता, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार का हब होगा। यह कार्ययोजना पूरे देश में एक मॉडल बनेगी।  बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025-26 के लिए विनिर्माण क्षेत्र का ₹5 लाख करोड़ का GVA लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए फैक्ट्री अधिनियम के अंतर्गत 8,000 नई/विद्यमान इकाइयों का पंजीकरण आवश्यक है। अभी तक 1,354 इकाइयों का पंजीकरण हो चुका है। मुख्यमंत्री ने श्रम सुधारों की प्रक्रिया को और तेज करने और अप्रयुक्त औद्योगिक भूखंडों को सक्रिय करने के निर्देश दिए।

फायरिंग केस: दिशा पाटनी के घर तक ऐसे पहुंचे हमलावर, लाल जूतों ने खोला राज, इनाम घोषित

बरेली  सिविल लाइंस में अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर दो दिन हमला हुआ था। गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा गिरोह का शूटर विजय व नकुल ने 11 सितंबर की सुबह 4.30 बजे फायरिंग की थी मगर, प्रकरण चर्चा में नहीं आ सका।  मारे गए शूटरों की पहचान रविंद्र (रोहतक) और अरुण (सोनीपत) के रूप में हुई है। इन दोनों बदमाशों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित था। एनकाउंट के दौरान शूटरों के पास से जिगाना पिस्टल बरामद हुई है। दिल्‍ली के नामी गैंगस्‍टर्स को भी यह पिस्‍टल बड़ी पसंद है। तुर्की में बनने वाली जिगाना पिस्‍टल खरीद पाना सबके बस की बात नहीं।  वे दोनों फायरिंग कर स्पलेंडर बाइक से लौटते समय झुमका चौराहा के पास पहुंचे, तभी रांग साइड में अपाचे बाइक पर लाल जूते पहने रविंद्र व अरुण शहर के अंदर प्रवेश कर रहा था।  इसके बाद विजय व नकुल दिल्ली की ओर लौट गया, जबकि आगे की घटना का जिम्मा रविंद्र व अरुण ने ले लिया था। दोनों बदमाश रेकी के बाद रामपुर के घमौरा में अपना पंजाब होटल में रुके।  इसके बाद 12 सितंबर की रात दो बजे वहां से निकलकर तड़के दिशा पाटनी के घर पहुंचे थे। फायरिंग के बाद दोनों आरोपित भागे मगर, सोमवार को गाजियाबाद में ढेर कर दिए गए। इन दोनों एवं फरार विजय व नकुल पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित हो चुका था।  2500 सीसीटीवी कैमरे खंगाले एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि शहर, हाईवे और टोल प्लाजा के 2500 सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए तो कई सुराग मिले। रविंद्र व अरुण 12 सितंबर की रात 2.32 बजे झुमका चौराहा (दिल्ली से आते समय शहर का प्रवेश द्वार) पहुंचा था। वहां 22 मिनट तक रुककर एक दुकान पर चाय पी, कैश में पेमेंट किया।  इसके बाद दोनों 3.24 बजे चौपुला चौराहा, फिर 3.33 बजे दिशा पाटनी के घर पहुंच गए। बाइक चला रहा अरुण हेलमेट लगाए था, जबकि विदेशी पिस्टल से फायरिंग करने वाला रविंद्र लाल जूते पहनकर पीछे बैठा था।  अंधेरे में नजर नहीं आ रहे थे चेहरे एसएसपी ने बताया कि अंधेरा होने के कारण कई फुटेज में शूटर्स के चेहरे स्पष्ट नहीं हो रहे थे मगर, हर जगह अरुण के लाल जूते तस्दीक करते रहे। इसी के सहारे अंधेरे वाली अस्पष्ट फुटेज की कड़ियां भी जोड़ी गईं, जिनके सहारे शूटर्स की लोकेशन पता चलती गई।  इसके बाद हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान पुलिस की मदद से गिरोह के 515 बदमाशों की एलबम बनाई। इससे मिलान करने के बाद स्पष्ट हो गया कि फायरिंग अरुण व रविंद्र ने की थी। तभी से टीमें उन दोनों के पीछे लगी थीं। बेखौफ बदमाश बिना चेहरा छिपाए आए थे।  सिविल लाइंस में अभिनेत्री दिशा पाटनी का घर है। वह मुंबई, जबकि पिता रिटायर्ड सीओ जगदीश पाटनी, मां पदमा व बहन रिटायर्ड मेजर खुशबू पाटनी यहां रहती हैं।  जगदीश ने बताया कि 11 सितंबर को फायरिंग की जानकारी उन्हें सुबह हुई, जब पड़ोसियों ने बताया। इसके बाद 12 सितंबर को तड़के आहट होने पर बालकनी में आए तो बाइक सवार बदमाश फायरिंग कर फरार हो गए थे।  उसी दोपहर को गोल्डी बराड़ गिरोह ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट लिखकर और दिल्ली में कुछ मीडिया हाउस को पुर्तगाल के फोन नंबर से वाइस मैसेज भेजकर फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी।  जगदीश की तहरीर पर बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर छह पुलिस टीमें तलाश में लगाई गईं, जिसमें चार एसपी शामिल थे। जांच के आरंभिक 24 घंटे में पुलिस को पता चल गया था कि दिल्ली की ओर से आए बदमाश फायरिंग करने के बाद नैनीताल रोड पर भागे।  यह था विवाद जुलाई में कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने ‘लिवइन रिलेशनशिप’ पर एतराज जताते हुए टिप्पणी की थी। इस पर खुशबू पाटनी ने वीडियो जारी कर तल्ख शब्दों में अनिरुद्धाचार्य का विरोध किया था।  इंटरनेट मीडिया पर बहस के बीच यह भी चर्चा उठी कि खुशबू ने संत प्रेमानंद के विरुद्ध भी बयान जारी किया। इस पर खुशबू ने सफाई दी कि उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के विरुद्ध कभी कुछ नहीं कहा।  गोल्डी बराड़ गिरोह ने खुशबू के विरोध वाले बयान से नाराज होकर हमला कराया था। उसने इंटरनेट मीडिया पर लिखा था कि दिशा पाटनी व खुशबू ने संतों का अपमान किया, इसलिए हमला कराया। इस बहाने उसने बॉलीवुड को भी धमकाया कि वहां सनातन के विरुद्ध कार्य किया जा रहा है।  

अभियान की सफलता तभी, जब बेटियों में हो सुरक्षा का भाव और कानून के भय से आतंकित हों अपराधी: मुख्यमंत्री

शारदीय नवरात्र से होगा मिशन शक्ति के 5वें चरण का शुभारंभ: मुख्यमंत्री अभियान की सफलता तभी, जब बेटियों में हो सुरक्षा का भाव और कानून के भय से आतंकित हों अपराधी: मुख्यमंत्री 01 माह के विशेष अभियान की तैयारियों पर मुख्यमंत्री ने दिए दिशा-निर्देश, कहा, सड़क पर उतरें एडीजी, आईजी/डीआईजी व अन्य अधिकारी पुलिस पेट्रोलिंग और पीआरवी-112 गाड़ियों की सक्रियता को और प्रभावी बनाने के निर्देश महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलम्बन के लिए 57 हजार ग्राम पंचायतों और 14 हजार वार्डों में भ्रमण करेंगी महिला बीट पुलिस अधिकारी बोले मुख्यमंत्री, महिला हो या पुरुष, कानून का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई में भेदभाव न हो त्योहारों और धार्मिक स्थलों पर महिला पुलिस की विशेष तैनाती के निर्देश एंटी रोमियो स्क्वाड को और सक्रिय करने तथा शोहदों पर नजीर बनाने वाली कार्रवाई के आदेश सभी नगर निगमों में स्थापित होंगे पिंक बूथ, आपात स्थिति में महिलाओं और बेटियों के लिए होगा मददगार विद्यालयों, महाविद्यालयों और औद्योगिक संस्थानों में महिला सुरक्षा संवाद एवं लघु फिल्मों के प्रदर्शन के निर्देश मुख्यमंत्री का निर्देश, जेल में बंद असहाय महिलाओं को दिलाएं विधिक सहायता और महिला अपराधों के त्वरित निस्तारण की ठोस व्यवस्था के आदेश पिछले चरण की उपलब्धियों पर भी हुई चर्चा, 3.44 लाख कार्यक्रम, 2.03 करोड़ महिलाओं की सहभागिता, लाखों को रोजगार विशेष अभियानों (गरुड़, बचपन, मजनू, नशा मुक्ति, रक्षा और ईगल) की सफल कार्रवाई से बदला माहौल, आगे और प्रभावी संचालन के निर्देश सभी विभागों को निर्देश, परंपरा समन्वय से सुनिश्चित करें महिला सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बन लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगामी शारदीय नवरात्र से महिला सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलम्बन को समर्पित ‘मिशन शक्ति’ के 05वें चरण के शुभारंभ की घोषणा की है। बुधवार को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2020 से प्रारम्भ हुआ इस अभियान से प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण की दिशा में आशातीत परिणाम मिले हैं। अब तक इसके चार चरण पूरे हो चुके हैं और आगामी 22 सितम्बर से प्रारम्भ होकर यह पांचवा चरण 30 दिनों तक सतत रूप से संचालित होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इस चरण में विभागीय समन्वय के साथ व्यापक कार्यक्रम चलाए जाएँ। उन्होंने कहा कि पुलिस बल की फुट पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाया जाए। पीआरवी-112 की सभी गाड़ियाँ लगातार सड़कों पर सक्रिय रहें। जोनल एडीजी, आईजी, डीआईजी जैसे वरिष्ठ अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर आमजन से संवाद करें, पुलिस लाइनों का निरीक्षण करें और गश्त में शामिल हों, ताकि जनता को यह विश्वास हो सके कि सरकार और प्रशासन 24×7 उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन में सुरक्षा का भाव और अपराधी कानून के भय से आतंकित दिखाई देना चाहिए। कानून का दुरुपयोग करने वाला पुरुष हो अथवा महिला, किसी के साथ भी कार्रवाई में भेदभाव नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में 44,177 महिला कार्मिकों के साथ प्रदेश की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में महिला पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान के 30 दिनों के भीतर सभी 57 हजार ग्राम पंचायतों और 14 हजार नगरीय वार्डों में महिला बीट पुलिस अधिकारियों को चरणबद्ध ढंग से भेजा जाए। ग्राम प्रधान, सभासद, आशा, एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री आदि के साथ यह महिला पुलिस अधिकारी भ्रमण कर महिलाओं और बालिकाओं से संवाद करें, उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं को समझें तथा उन्हें उनके अधिकारों और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दें। आपात स्थिति में सहायता कहाँ और कैसे प्राप्त की जा सकती है, इसकी जानकारी भी उन्हें उपलब्ध कराई जाए। मुख्यमंत्री ने दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि नवरात्र व अन्य पर्व-त्योहारों की अवधि में मंदिरों, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर महिला पुलिस की विशेष तैनाती सुनिश्चित की जाए। एंटी रोमियो स्क्वाड को और अधिक सक्रिय करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि शोहदों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने अपराध करने का साहस न कर सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई में संवेदनशीलता आवश्यक है। यह सुनिश्चित करें कि कार्रवाई जिसके विरुद्ध हो रही वह शोहदा ही है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि महिला अपराधों में संलग्न अपराधियों पर इस प्रकार की सख्त कार्यवाही की जाए कि वे दोबारा मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में महिला सुरक्षा से जुड़े संवाद और कॉन्फ्रेंस आयोजित किए जाएँ, जिनमें अस्पतालों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों, विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाए। विद्यालयों और महाविद्यालयों में लघु फिल्मों का प्रदर्शन कर छात्र-छात्राओं को महिला सुरक्षा और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जेल में बंद असहाय महिलाओं को विधिक सहायता उपलब्ध कराने के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जाए। महिला संबंधी अपराधों के निस्तारण के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लक्ष्य तय कर अभियोजन की व्यवस्थित कार्यवाही की जाए, ताकि अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई हो और तेजी से सजा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि महिला हेल्पलाइन 1090 पर आने वाली प्रत्येक कॉल को पूरी गंभीरता से लिया जाए और हर स्थिति में उसका संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित हो। सभी नगर निगमों में पिंक बूथ की स्थापना के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मिशन शक्ति केन्द्रों पर कार्यरत पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिलाया जाए। इस प्रशिक्षण में जेंडर सेंसिटाइजेशन, डिजिटल एविडेंस कलेक्शन, केस मैनेजमेंट और वित्तीय सहायता योजनाओं की जानकारी अनिवार्य रूप से शामिल हो। पिंक बूथों पर 24×7 सहायता उपलब्ध रहे और मिशन शक्ति केन्द्रों को 360 डिग्री मॉडल पर विकसित किया जाए, जहाँ शिकायत पंजीकरण, काउंसलिंग, लीगल एड, फीडबैक और फॉलो-अप जैसी सभी सेवाएँ एक ही छत के नीचे उपलब्ध हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान तभी सफल होगा जब हर गाँव, हर वार्ड और हर परिवार तक इसकी पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मिशन शक्ति केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने का एक व्यापक सामाजिक अभियान है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इस चरण को मिशन मोड में सफल बनाया जाए और प्रदेश की हर बेटी को सुरक्षा एवं सम्मान का भरोसा दिलाया जाए। बैठक में मिशन शक्ति के पिछले चरण की उपलब्धियों पर भी एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई। अवगत कराया गया … Read more

आबकारी विभाग लखनऊ द्वारा अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की गई

लखनऊ आबकारी आयुक्त महोदय उत्तर प्रदेश व जिलाधिकारी लखनऊ द्वारा दिए गए आदेश के अंतर्गत एवं संयुक्त आबकारी आयुक्त लखनऊ जोन तथा उप आबकारी आयुक्त लखनऊ प्रभार के निर्देशन व जिला आबकारी अधिकारी लखनऊ के नेतृत्व में अवैध रूप से मदिरा की बिक्री के रोकथाम  के दृष्टिगत चलाए जा रहे दैनिक प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत दिनांक 16.09.2025 को आबकारी विभाग लखनऊ द्वारा अवैध विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की गई। आबकारी निरीक्षक विवेक सिंह , राहुल सिंह , शिखर मल्ल तथा अभिषेक सिंह मय स्टाफ द्वारा थाना गोसाईगंज क्षेत्र में चेकिंग के दौरान एक किआ सोनट (KIA SONET) वाहन संख्या PB27L1428 से 473 बोतल गैर प्रांत की अवैध शराब बरामद की गई।   उपरोक्त वाहन को नाका लगाकर किसान पथ पर रोक गया किंतु वाहन चालक मौके से भागने का प्रयास करते हुए गोसाईगंज के ग्रामीण क्षेत्र में घुस गया तब गोसाईगंज पुलिस व सर्विलांस टीम की मदद ली गई और अंदर कासिमपुर ग्राम के पास अभियुक्तों को कार में अवैध गैर प्रांत की मदिरा के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में चालक मोहन ने स्वीकार किया कि शराब हरियाणा से बिहार तस्करी हेतु ले जाई जा रही थी। मौके से तीन मोबाइल फोन तथा 2030 रुपये नकद भी बरामद किए गए।   बरामद शराब में रॉयल स्टैग, ब्लेंडर्स प्राइड व अन्य ब्रांड्स शामिल हैं जिन पर “FOR SALE IN HARYANA ONLY" अंकित था। वाहन एवं शराब को कब्जे में लेकर संबंधित धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।   आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के खिलाफ लगातार सघन चेकिंग व छापेमारी की कार्यवाही की जा रही है ताकि अवैध शराब की तस्करी एवं बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। अभी कुछ दिनों पूर्व ही राजधानी लखनऊ आबकारी टीम ने कृष्णा नगर व छितवापुर क्षेत्र में दो ठिकानों में छापेमारी कर निम्न ब्रांड की शराब हाई ब्रांड की बोतलों में भरकर बेचने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया तथा डालीगंज क्षेत्र में एक लाइसेंसी कम्पोजिट शॉप में अवैध मिलावटी शराब बिक्री किये जाने पर दुकान के बिक्रेताओं को जेल भेजा गया साथ ही दुकान के लाइसेन्स को निरस्त करने की कार्यवाही की जा रही है एवं एक अन्य कार्यवाही में हजरतगंज क्षेत्र में संचालित टनाटन रेस्टोरेंट में बिना बार लाइसेन्स के अवैध रूप से शराब पिलाये जाने के कारण पांच व्यक्तियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

कार्यालय गिराने पर भड़के अखिलेश, बीजेपी सरकार पर साधा निशाना

लखनऊ  सपा कार्यालय पर बुलडोजर चालने की बात पर बुधवार को सपा मुखिया अखिलेश यादव ने यूपी की भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा है. इस दौरान उन्होंने कहा है कि आज हमारा पार्टी कार्यालय गिरा रहे हैं. याद रखिए जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है. वह खुद एक दिन उस ही गड्ढे में गिरता है. यदि हमारी पार्टी का कार्यालय गिराया गया, तो सपा सरकार बनने पर बुलडोजर चलेगा.   एनकाउंटर करने से कुछ नहीं होगा अखिलेश यादव ने कहा कि आज हमारा जिला पार्टी कार्यालय गिरा रहे हैं. सपा सरकार में भी बड़े-बड़े काम हुए, अगर वहां पर कब्जा करके कुछ बनवाया गया होगा, सरकार बनने पर वहां बुलडोजर चलेगा. इसके साथ ही अखिलेश ने कहा एनकाउंटर करने से कुछ नहीं होगा. क्या एनकाउंटर करने से डकैती रुक गई, क्या एनकाउंटर करने से हत्याएं रुक गई. यह सरकार अपनी नाकामी छुपाने के लिए एनकाउंटर कर रही है. सरकार को चाहिए लॉ एंड आर्डर बेहतर करें. सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति फेल हो गई है और सरकार पूरी तरह से जीरो हो गई है.   भागजा के लोग कीमती जमीनों पर कर रहे कब्जा सरकार के अंदर ही तस्करी करने वाले लोग बैठे हैं. यह सरकार ऐसे गोरखधंधे को बढ़ावा दे रही है. इसके साथ ही अखिलेश यादव ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्री राम की पावन धरती सहित मथुरा, वृंदावन, वाराणसी की कीमती जमीनों पर भाजपा के लोग लगातार कब्जा कर रहे हैं. मुख्यमंत्री की नगरी गोरखपुर में भी इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार कैसे वोट चोरी कर रही है, वह इसी बात से पता चलता है कि महोबा के एक ही घर के पते पर 4000 वोट बना दिए गए उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है. कहा कि भारतीय जनता पार्टी के झूठे प्रचार से बचें. इनके पास एक बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर है. जो झूठा प्रचार करने के लिए है।

राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में तीन दिवसीय विश्वकर्मा एक्सपो-2025 का मुख्यमंत्री ने किया शुभारंभ

– मुख्यमंत्री की मौजूदगी में एमएसएमई क्षेत्र के लिए ₹1.32 लाख करोड़ का मेगा ऋण हुआ वितरित – विश्वकर्मा जयंती पर प्रदेश के 12 हजार कारीगरों को दिया गया टूलकिट – प्रदेश में निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से हुई 111 कनिष्ठ सहायकों की भर्ती के बाद सौंपा गया नियुक्ति पत्र – 23 कंपनियां यूपी के कारीगरों को देंगी प्रशिक्षण, तीन महत्वपूर्ण एमओयू का हुआ आदान-प्रदान लखनऊ, राजधानी लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में भगवान विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर ‘विश्वकर्मा एक्सपो-2025’ का शुभारंभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि परंपरागत 11 कारीगर ट्रेड्स के साथ अब 12 नए ट्रेड्स को जोड़ा गया है। इनमें मोबाइल रिपेयरिंग, ऑटोमोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिकल गुड्स रिपेयरिंग, प्लंबर, कंप्यूटर रिपेयरिंग, सोलर पैनल रिपेयरिंग, डिजिटल फोटोग्राफी, ब्यूटी एंड वेलनेस सहित अन्य शामिल हैं। सीएम योगी ने कहा कि इन नए क्षेत्रों को जोड़कर युवाओं को आत्मनिर्भरता, आधुनिक तकनीक और वैश्विक बाजार से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े आठ साल में हमारे कारीगरों, शिल्पकारों ने यूपी को बीमारू राज्य से बाहर निकालकर इसे विकास का ग्रोथ इंजन बना दिया है। अब कोई मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति ही इसे बीमारू राज्य कहता होगा, अन्यथा पूरे देश की धारणा उत्तर प्रदेश को लेकर बदल चुकी है। यूपी अब अनलिमिटेड पोटेंशियल वाला प्रदेश हो चुका है। एमएसएमई सेक्टर के लिए ₹1.32 लाख करोड़ का ऋण कार्यक्रम में प्रदेशभर के कारीगरों, शिल्पकारों और उद्यमियों के लिए बैंकों द्वारा ₹1,32,000 करोड़ का ऋण वितरण किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह राशि कई राज्यों के वार्षिक बजट से भी अधिक है। मंच से सीएम योगी ने सीतापुर की शशि देवी को ₹2 लाख और लखनऊ की अंशु शर्मा को ₹9.5 लाख का ऋण प्रदान किया। 12 हजार कारीगरों को टूलकिट वितरण विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के अंतर्गत प्रदेशभर के 12,000 कारीगरों को टूलकिट वितरण किया गया। इनमें लखनऊ के ऋत्विक कनौजिया और प्रियंका कुमारी को मंच से टूलकिट प्रदान कर मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया। युवाओं को जॉब सीकर नहीं, जॉब प्रोवाइडर बनाना लक्ष्य मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी अब बीमारू प्रदेश नहीं, बल्कि देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है। 2017 में जहां 100 रुपये जमा पर केवल 44 रुपये का ऋण मिलता था, वहीं आज यह अनुपात 62 प्रतिशत हो गया है। लक्ष्य है कि अगले वित्तीय वर्ष तक इसे 75 प्रतिशत तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब प्रोवाइडर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। ओडीओपी से मिली नई पहचान मुख्यमंत्री ने कहा कि परंपरागत उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) योजना अब पूरे देश के लिए मॉडल बन गई है। इस योजना ने यूपी को 1 लाख 86 हजार करोड़ रुपये का निर्यात करने वाला राज्य बना दिया है। इससे लाखों युवाओं को रोजगार और प्रदेश को नई पहचान मिली है। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है ग्रामीण भारत अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विचार को याद किया। उन्होंने कहा कि पहले गांव आत्मनिर्भर हुआ करते थे और वहां के कारीगर और शिल्पकार ही सामाजिक और आर्थिक व्यवस्था को मजबूती देते थे। उन्होंने आह्वान किया कि आज भी कारीगर अपनी विशेषज्ञता और हुनर से प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाएं। उन्होंने कहा कि हमारे कारिगरों के पास सबकुछ है। आज क्रिकेट और फुटबॉल दुनियाभर में खेला जाता है, मगर उसकी सामग्री तैयार होती है मेरठ में। चमड़े का कार्य आगरा में होता है। कार्पेट में वाराणसी, मीरजापुर और भदोही के कारीगरों का हुनर पूरी दुनिया में पसंद किया जाता है। एमओयू से नई तकनीकी ट्रेनिंग का रास्ता खुला इस अवसर पर विभिन्न कंपनियों और संगठनों के साथ 3 महत्वपूर्ण एमओयू साइन किए गए। इन कंपनियों में रेलटेल इंडिया, जीएमआर, शाही एक्सपोर्ट्स, यदुपति, ऊषा इंटरनेशनल, लक्मे, मिस्टर ब्राउन, राधेलाल, धोबीलाइट, मेसर्स ऐप्टेक, लाउंड्री लेजेंड, समाधान, महेश नमकीन, मिंडा सिल्का, केयर स्किल एकेडमी, अपैरल ट्रेनिंग एंड डिजाइन सेंटर, रॉयल इम्पैक्ट, विजय इंडस्ट्रीज, श्याम सन्स, अजिमुत बिजनेस ऑन व्हील्स, जेडी वेलफेयर, ब्लैक पॉटरी फाउंडेशन, एचसीएल फाउंडेशन, इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टेड अकाउंटेंट ऑफ इंडिया के सीए चरनजीत सिंह नंदा, सीए ज्ञानचंद मिश्रा मौजूद रहे। ये कंपनियां परंपरागत कारीगरों को नई तकनीक से प्रशिक्षित करेंगी। कनिष्ठ सहायकों को सीएम ने सौंपा नियुक्ति पत्र प्रदेश के 111 कनिष्ठ सहायकों को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने मंच से 11 अभ्यर्थियों को स्वयं नियुक्ति पत्र सौंपा। इनमें औरैया की शिवा दीक्षित, मथुरा की ज्योति सिंह, हमीरपुर के रोहित कुमार, बांदा के नंदबाबू पटेल, देवरिया के अमित कुमार गोंड, बहराइच के रजनीश कुमार तिवारी, अंबेडकर नगर संध्या वर्मा, लखनऊ की श्वेता श्रीवास्तव, कानुपर की कविता मौर्या, उन्नाव के शशांक यादव, हापुड़ के रविन्द्र निगम को नियुक्ति पत्र वितरित किया। एक्सपो और ट्रेड शो से मिलेगा बड़ा बाजार सीएम योगी ने बताया कि विश्वकर्मा एक्सपो 17 से 19 सितंबर तक चलेगा। इसके बाद ग्रेटर नोएडा में 25 से 29 सितंबर तक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का आयोजन होगा, जिसमें दुनिया भर के खरीदार आएंगे। उन्होंने कारीगरों और उद्यमियों से अपील की कि वे इस मौके का लाभ उठाएं और अपने प्रोडक्ट को वैश्विक मंच तक पहुंचाएं। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर बड़ा तोहफा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की जयंती के साथ ही आज देश के सबसे लोकप्रिय नेता और नए भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी जन्मदिन है। उन्होंने इस अवसर को “दोगुनी खुशी का दिन” बताते हुए कहा कि पीएम मोदी ने विकसित भारत 2047 का जो लक्ष्य रखा है, उसे पूरा करने में उत्तर प्रदेश की अहम भूमिका होगी। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, पूर्व एमएलसी मोहसिन रजा, अपर मुख्य सचिव एमएसएमई आलोक कुमार, सचिव प्रांजल यादव, विजयेन्द्र पांडियन, शैलेन्द्र कुमार सिंह, दीपक कुमार डे समेत विभिन्न उपकरणों के सप्लायर्स, 22 प्रशिक्षण दाता संस्थानों के सीएमडी सीईओ, ऋण और टूलकिट प्राप्त करने वाले कारिगर और शिल्पकार, बैंकर्स और बड़ी संख्या में चार्टेड अकाउंटेंट्स मौजूद रहे।

UP पुलिस में बदला सितारा: ममता रानी चौधरी को मिली लखनऊ की DC की कमान, 7 IPS को नई जिम्मेदारियां

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है. बुधवार को जारी आदेश में राज्य सरकार ने सात आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं. इससे पहले मंगलवार को सरकार ने 16 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के ट्रांसफर का फैसला लिया था, जिससे प्रदेश प्रशासन में व्यापक फेरबदल देखने को मिला. गृह विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, डीआईजी स्थापना पद पर कार्यरत देव रंजन वर्मा को अब पुलिस उप महानिरीक्षक प्रशिक्षण निदेशालय, लखनऊ में भेजा गया है. वहीं ममता रानी चौधरी को पुलिस उपायुक्त लखनऊ कमिश्नरेट का दायित्व सौंपा गया है. लखनऊ कमिश्नरेट में उनकी तैनाती को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राजधानी में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में यह एक अहम कदम है. अभिजीत कुमार को मेरठ भेजा गया इसके अतिरिक्त, सतीश कुमार को पुलिस महानिदेशक मुख्यालय से संबद्ध किया गया है. वहीं, अभिजीत कुमार को अपर पुलिस अधीक्षक, मेरठ की जिम्मेदारी सौंपी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश का मेरठ जिला संवेदनशील क्षेत्रों में गिना जाता है, ऐसे में उनकी तैनाती काफी मायने रखती है. आईपीएस अतुल कुमार श्रीवास्तव को पुलिस उपायुक्त, कानपुर नगर कमिश्नरेट नियुक्त किया गया है. औद्योगिक और राजनीतिक दृष्टि से अहम शहर कानपुर में कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी. इसी तरह, शैलेंद्र कुमार सिंह को पुलिस उपायुक्त, गौतम बुध नगर पुलिस कमिश्नरेट भेजा गया है. गौतम बुध नगर (नोएडा-ग्रेटर नोएडा) क्षेत्र आईटी हब और कारोबारी गतिविधियों का बड़ा केंद्र है, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन हमेशा सक्रिय रहता है. आईपीएस त्रिगुण बिसेन को गाजियाबाद की जिम्मेदारी इसके अलावा, आईपीएस त्रिगुण बिसेन को गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट में पुलिस उपायुक्त बनाया गया है. दिल्ली से सटे गाजियाबाद जिले में अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन दोनों ही बड़ी चुनौतियां मानी जाती हैं. इन तबादलों को सरकार के उस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, जिसके तहत लगातार पुलिस और प्रशासनिक तंत्र को नए सिरे से संगठित किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में यह देखा गया है कि सरकार समय-समय पर बड़े स्तर पर तबादले करती रही है, ताकि बेहतर समन्वय और सख्त कानून-व्यवस्था लागू की जा सके.  

आरपी-संजीव गोएनका ग्रुप 3,000 करोड़ से 3 GW सोलर सेल और इंटीग्रेटेड सोलर हब लगाएगा

दोनों परियोजनाओं से 7,000 से अधिक रोजगार होंगे सृजित और स्वदेशी विनिर्माण को मिलेगा बढ़ावा योगी सरकार के निवेश-फ्रेंडली माहौल से यूपी बन रहा है औद्योगिक हब ग्रेटर नोएडा/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश लगातार बड़े निवेश का गढ़ बनता जा रहा है। प्रदेश के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा, जब दो बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को हरी झंडी मिली। आरपी-संजीव गोएनका ग्रुप ने यीडा (यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में 3 GW सोलर सेल और इंटीग्रेटेड सोलर ईकोसिस्टम हब स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इसके साथ ही 60 मेगावाट कैप्टिव सोलर और एनर्जी स्टोरेज (ESS) प्लांट भी लगेगा। करीब 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से बनने वाली यह परियोजना न केवल भारत की नवीकरणीय ऊर्जा ट्रांजिशन को गति देगी, बल्कि उत्तर प्रदेश को सोलर मैन्युफैक्चरिंग में लीडर बनाएगी। दूसरी तरफ, मिंडा कॉर्पोरेशन लि. ने यीडा के सेक्टर 10 में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ वायरिंग हार्नेस, सेंसर और कनेक्टर्स प्रोजेक्ट स्थापित करने की घोषणा की है। ऑटोमोबाइल सेक्टर की जरूरतों के लिए यह यूनिट क्लस्टर्स और कॉस्ट-इफेक्टिव इंजीनियरिंग समाधान विकसित करेगी। यह प्रोजेक्ट 2,200 से अधिक प्रत्यक्ष और 5,000 अप्रत्यक्ष रोजगार देगा। दोनों निवेश उत्तर प्रदेश में स्वदेशी निर्माण, रोजगार सृजन और वैश्विक तकनीक को बढ़ावा देंगे और कुल 7 हजार से अधिक रोजगार के अवसर सृजित करेंगे। विकसित होंगी अत्याधुनिक तकनीकें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश-फ्रेंडली नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर के कारण आज यूपी ग्लोबल कंपनियों के लिए पसंदीदा निवेश गंतव्य बन चुका है। आरपी-संजीव गोएनका ग्रुप द्वारा स्थापित किए जा रहे इंटीग्रेटेड सोलर ईकोसिस्टम हब में TOPCon और Perovskite-Tandem सेल टेक्नोलॉजी जैसी अत्याधुनिक तकनीकें विकसित होंगी, जिनकी क्षमता 28–30% तक दक्षता देने की है। इससे बिजली की लागत 10–15% तक घटने की उम्मीद है। परियोजना से 1,200 से अधिक प्रत्यक्ष और 4,000 अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेंगे। यीडा ने इसके लिए सेक्टर-8D में 100 एकड़ जमीन आवंटित करते हुए लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है। दूसरी ओर, मिंडा का निवेश खासतौर से इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs), ऑटोनॉमस ड्राइविंग और ADAS टेक्नोलॉजी के तेजी से बढ़ते बाजार को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।

पर्यटन विभाग का पवेलियन होगा इमर्सिव, डिजिटल और सांस्कृतिक विविधता का दर्पण

डिजिटल स्टोरीटेलिंग, एआर/वीआर डिस्प्ले, ऑटो-नेविगेशन कियोस्क और सेल्फी जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी ब्रज का मयूर नृत्य, सोनभद्र-लखीमपुर के जनजातीय नृत्य, झांसी का बुंदेली नृत्य और लखनऊ घराने की कथक प्रस्तुतियां बटोरेंगी आकर्षण योगी सरकार पर्यटन को बना रही है एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था का इंजन लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट में आयोजित होने वाले उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2025 (यूपीआईटीएस-2025) में एक भव्य और आधुनिक पवेलियन प्रदर्शित करेगा। इसमें प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर, पर्यटन निवेश संभावनाएं और आर्थिक प्रगति को दुनिया के सामने पेश किया जाएगा। इस बार पवेलियन को इमर्सिव और पर्यावरण-अनुकूल रूप में तैयार किया जा रहा है। इसमें डिजिटल स्टोरीटेलिंग, एआर/वीआर डिस्प्ले, ऑटो-नेविगेशन कियोस्क और सेल्फी जोन जैसी आधुनिक सुविधाएं होंगी। सांस्कृतिक अनुभव के लिए ब्रज का मयूर नृत्य, सोनभद्र और लखीमपुर के जनजातीय नृत्य, झांसी का बुंदेली नृत्य और लखनऊ घराने की कथक प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र होंगी। यूपीआईटीएस-2025 में नीति-निर्माता, वैश्विक निवेशक, कारोबारी, शैक्षणिक प्रतिनिधि और अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल सहित पर्यटन क्षेत्र की प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी। इस दौरान राज्य में निवेश और पर्यटन के नए अवसरों पर व्यापक विमर्श होगा। मोबाइल ऐप और ओडीओपी को मिलेगा बढ़ावा पर्यटन और संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र को राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में एक अहम भागीदार के रूप में प्रस्तुत करना है। पर्यटन विभाग अपने मोबाइल ऐप का प्रचार भी करेगा। ऐप के जरिए आगंतुकों को आध्यात्मिक, बौद्ध, ग्रामीण और वेलनेस पर्यटन से जुड़ी खास यात्राओं की जानकारी मिलेगी। वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ओडीओपी), हस्तशिल्प, मंदिर वास्तुकला और ग्रामीण पर्यटन के नवाचार भी पवेलियन का हिस्सा होंगे। निवेशकों के लिए पीपीपी-रेडी हेरिटेज प्रोजेक्ट्स, पूंजी सब्सिडी, भूमि आवंटन, टैक्स छूट और सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसी सुविधाओं का विवरण उपलब्ध कराया जाएगा। व्यापार और निवेश के लिए खास इंतज़ाम पवेलियन में आरामदायक लाउंज, बी-टू-बी संवाद के लिए विशेष क्षेत्र और मीडिया किट्स की व्यवस्था होगी। यह मंच निवेशकों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने का अवसर देगा। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन को योगी सरकार ने विकसित भारत 2047 की दृष्टि के केंद्र में रखा है। यूपीआईटीएस केवल सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का उत्सव ही नहीं होगा, बल्कि यह प्रदर्शित करेगा कि उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों और उद्यमियों के लिए कैसे नए द्वार खोल रहा है। समग्र अनुभव प्रदान करेगा पवेलियन प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि यह पवेलियन केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि एक समग्र अनुभव होगा। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नीतिगत संवादों के माध्यम से उत्तर प्रदेश को प्रतिस्पर्धी वैश्विक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाएगा। उनका कहना है कि इस पहल से रोजगार सृजन होगा, विरासत आय का श्रोत बनेगी और सतत पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

एनकाउंटर पर बवाल: गोरखपुर छात्र हत्या मामले में आरोपी को पुलिस ने किया ढेर, अखिलेश यादव भड़के

गोरखपुर  गोरखपुर में 19 साल के छात्र की हत्या करने वाले एक गौतस्कर का पुलिस ने एनकाउंटर किया है. पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में आरोपी घायल हो गया, उसके पैर में पुलिस की गोली लगी थी. इसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है. वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई है. गोरखपुर के एसएसपी राज करण नय्यर ने बताया कि गोरखपुर की घटना का एक आरोपी रहीम गोरखपुर की पिपराइच पुलिस और कुशीनगर के संयुक्त अभियान के दौरान पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया. कुल चार आरोपी गिरफ्तार किए गए. एक अन्य आरोपी अजब हुसैन को ग्रामीणों ने पकड़कर घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया. दो अन्य आरोपी छोटू और राजू को भी गिरफ्तार कर लिया गया. घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है. जांच जारी है. घटना को लेकर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि क्या एनकाउंटर से उस बेटे को वापस लाया जा सकेगा जिसने अपनी जान गंवा दी? क्या माता-पिता को उनका बेटा वापस मिलेगा, जिसे पशु तस्करों ने मार डाला था?