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महिलाओं, बच्चों सहित समाज के हर वर्ग को उपचार मुहैया कराना प्राथमिकता: ब्रजेश पाठक

स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार हमारा लक्ष्य: ब्रजेश पाठक  महिलाओं, बच्चों सहित समाज के हर वर्ग को उपचार मुहैया कराना प्राथमिकता: ब्रजेश पाठक  डिप्टी सीएम ने सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत संचालित योजनाओं का बाराबंकी के जिला अस्पताल, चिनहट के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया औचक निरीक्षण  ब्रजेश पाठक ने साफ-सफाई सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अस्पतालों के प्रबंधन को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश लखनऊ डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को बाराबंकी के जिला अस्पताल एवं चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया। मरीजों एवं उनकी तीमारदारों से अस्पताल की स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और अस्पताल प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार हमारा लक्ष्य है। हमारी सरकार गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध करा रही है। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को इलाज उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिवस पर देश भर में 17 सितंबर से 02 अक्टूबर तक आयोजित हो रहे सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत अस्पतालों में आयोजित विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों का स्थलीय निरीक्षण करने के लिए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने इन चिकित्सकीय इकाइयों पर पहुंचे। गुरुवार दोपहर वे बाराबंकी स्थित रफी अहमद किदवई जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां उन्होंने चिकित्सालय परिसर में संचालित ब्लड सेंटर का निरीक्षण किया। साथ ही डिप्टी सीएम पैथोलॉजी कलेक्शन सेंटर भी पहुंचे। उन्होंने अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में मरीजों एवं तीमारदारों से अस्पताल की चिकित्सकीय व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने अस्पताल प्रबंधन को निर्देशित किया कि परिसर में जलभराव बिलकुल न हो। साफ-सफाई का उचित ध्यान रखा जाए। अस्पताल में आने वाले हर मरीज को समुचित उपचार मिले। दवाओं की कतई कमी नहीं है, कोई भी मरीज बिना इलाज के अस्पताल से नहीं जाए।  इसके बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक चिनहट स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां भी मरीजों एवं उनके तीमारदारों से भेंट कर केंद्र की व्यवस्थाओं एवं सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। डिप्टी सीएम ने यहां पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित सेवा पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित विभिन्न कार्योंक्रमों से आमजन को सीधे लाभ पहुंचे, इस दिशा में हम बहुत तेजी से कार्य कर रहे हैं। प्रदेश भर में व्यापक स्तर पर रक्तदान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही महिलाओं, बच्चों व बुजुर्गों के लिए भी विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

लेखपाल डैशबोर्ड का हुआ शुभारंभ:सिंगल लाग-इन के माध्यम से समस्त कार्यों का सुचारू निस्तारण किया जा सकेगा

अब एक ही पोर्टल से होगा लेखपालों का कामकाज, डैशबोर्ड का हुआ औपचारिक शुभारंभ लखनऊ उत्तर प्रदेश राजस्व परिषद के अध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने आज सरोजनी नगर तहसील में लेखपाल डैशबोर्ड का शुभारंभ करते हुए कहा कि लेखपालों द्वारा किए जाने वाले समस्त कार्य अब एक ही प्लेटफार्म पर दिखाई देंगे। लेखपालों द्वारा सिंगल लॉगइन के माध्यम से समस्त कार्यों का सुचारू निस्तारण किया जा सकेगा एवं कार्यों की उच्च स्तर से सतत मॉनिटरिंग भी की जा सकेगी।  इस अवसर पर अध्यक्ष, राजस्व परिषद ने कहा कि प्रदेश के 22,000 से अधिक लेखपाल प्रतिदिन नागरिकों के सबसे निकट रहकर भूमि अभिलेख अद्यतन, प्रमाणपत्र सत्यापन और राजस्व संबंधी कार्यों का दायित्व निभाते हैं। अब “लेखपाल डैशबोर्ड” इन सभी कार्यों को ऑनलाइन और अधिक सुव्यवस्थित बनाएगा। अध्यक्ष श्री अनिल कुमार ने विस्तार से बताया कि इस डैशबोर्ड के माध्यम से भूमि अभिलेख संशोधन, आय-जाति-निवास प्रमाणपत्रों की स्थिति, धारा 34, 80, 89 एवं 98 की कार्यवाहियाँ, हल्का मैपिंग और अवकाश स्वीकृति की प्रक्रियाएँ एकल लाग-इन पर उपलब्ध होंगी। उच्चाधिकारी अपने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता को वास्तविक समय में देख सकेंगे। अध्यक्ष, राजस्व परिषद इस परियोजना को साकार करने में योगदान देने वाली एनआईसी की तकनीकी टीम, परिषद से सम्बद्ध सभी तहसीलदारों और लेखपालों की मेहनत और समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि “यह पहल केवल तकनीकी विकास नहीं, बल्कि राजस्व परिवार के हजारों कर्मचारियों के सामूहिक प्रयास और महीनों की कठिन मेहनत का परिणाम है।  श्री अनिल कुमार ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री जी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप राजस्व परिषद प्रदेश की राजस्व संबंधी सभी सेवाओं को डिजिटल माध्यम से सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि शीघ्र ही “राजस्व निरीक्षक डैशबोर्ड”, “तहसीलदार डैशबोर्ड” तथा “उपजिलाधिकारी डैशबोर्ड” भी विकसित किए जाएंगे। इनके माध्यम से राजस्व प्रशासन के प्रत्येक स्तर पर कार्य की निगरानी और दक्षता को और अधिक मजबूत किया जाएगा तथा पारदर्शिता और जवाबदेही को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया जाएगा।  इस अवसर पर जिलाधिकारी लखनऊ श्री विशाख जी, उप जिलाधिकारी (सरोजनी नगर) श्री अंकित, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी श्री गंगाराव एवं श्री अनिल यादव तहसीलदार श्री सुखबीर सहित जनपद लखनऊ के विभिन्न तहसीलों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।

सीएसए का 27वां दीक्षांत समारोह सम्पन्न, 63 मेडल और 649 उपाधियों से चमके छात्र

सीएसए का 27वां दीक्षांत समारोह संपन्न,  वितरित हुए 63 पदक एवं 649 उपाधियां, छात्र हुए प्रफुल्लित कानपुर चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर के ऑडिटोरियम हॉल (कैलाश भवन) में आज कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की श्री राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी की अध्यक्षता में 27वें दीक्षांत समारोह का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर 63 मेधावियों को पदक एवं पुरस्कार दिए गए।कुल 649 छात्र छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गई।उपाधियां और मेडल पाकर छात्र-छात्राएं झूम उठे। सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 14 छात्र छात्राओं को कुलाधिपति स्वर्ण पदक , 14 छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय रजत पदक, 14 छात्र छात्राओं को विश्वविद्यालय कांस्य पदक एवं 21 छात्र छात्राओं को प्रायोजित स्वर्ण पदक से नवाजा गया। कुल 49 छात्र छात्राओं को 63 पदक दिए गए।प्रदेश की राज्यपाल और कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल, मुख्य अतिथि आईसीएआर  के  महानिदेशक डॉ एम एल जाट और विशिष्ट अतिथि श्री बलदेव सिंह औलख मा. राज्यमंत्री कृषि,कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान उत्तर प्रदेश सरकार एवं विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर आनंद कुमार सिंह ने मेधावियों को पदक दिए।  इस दौरान पदक धारकों की तस्वीर कुलाधिपति महोदया एवं अतिथियों के साथ ली गई। इस अवसर पर एक से अधिक पदक कई छात्र छात्राओं को मिले। राज्यपाल एवं कुलाधिपति महोदया द्वारा इस अवसर पर संबिलियन विद्यालय/माध्यमिक विद्यालय कानपुर नगर,कानपुर देहात, रायबरेली एवं फतेहपुर के विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजयी 03 छात्र-छात्राओं सहित 13 को प्रमाणपत्र,पुस्तकें, पेन, एवं बैग आदि भेंट की। तथा सभी को चॉकलेट भी दी ।तथा 05 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को किट भेंट की। इन आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में एक को मोमेंटो एवं प्रमाण पत्र प्रथम स्थान प्राप्त करने पर दिया गया। जबकि रावतपुर प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक को गवर्नर हाउस से आई पुस्तके भी भेंट की गई। तथा पांच पुस्तके जिला प्रशासन को भी दी गई।सर्व प्रथम कुलपति ने विश्वविद्यालय की प्रगति आख्या प्रस्तुत की। तथा शिक्षण, शोध एवं प्रसार कार्यों के नवाचारो के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य अतिथि आईसीएआर के महानिदेशक डॉ एम एल जाट ने छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दी। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि इस विश्वविद्यालय द्वारा दलहन, तिलहन एवं खाद्यान्न फसलों की 300 से अधिक प्रजातियां निकालकर कृषि क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित किया है। तथा हरित क्रांति में इस विश्वविद्यालय का बड़ा योगदान रहा है। उन्होंने उपस्थित वैज्ञानिकों तथा छात्रों से कहा कि हमें मांग के अनुरूप शोध करने की आवश्यकता है तथा दलहन और तिलहन फसलों में आत्मनिर्भर होना जरूरी है,साथ ही वैज्ञानिकों से आवाहन किया कि जलवायु अनुकूल प्रजातियां का विकास करें।उन्होंने गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद के लिए कृषि विविधीकरण पर बल दिया। इस अवसर पर कुलाधिपति एवं श्रीराज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल जी ने डिजिलॉकर में 649 डिग्रियों को अपलोड किया। तथा सभी उपाधि धारक छात्र छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की रैंकिंग सुधारने की अति आवश्यकता है। इसके लिए वैज्ञानिकों/अधिकारियों/छात्र छात्राओं को अथक मेहनत करनी होगी। उपाधि धारक छात्र छात्राओं का आवाहन करते हुए कहा कि देश में आपके नवाचारों की अति आवश्यकता है साथ ही उन्होंने उपस्थित वैज्ञानिकों से कहा कि श्रीअन्न (मिलेट्स)  के क्षेत्रफल को बढ़ावा दिया जाए। डिग्री धारक छात्र छात्राओं से कहा कि वह अपने गांव में अपने खेतों पर जैविक और प्राकृतिक खेती करें। उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कृषि लागत को कम किया जाए तथा गौ आधारित प्राकृतिक खेती एवं जैविक खेती को अपनाया जाए।  उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में ड्रोन दीदी एवं कृषि सखियों के भी चयन से  कृषि उत्पादकता  में वृद्धि होगी। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ विनीता सिंह ने किया। इस अवसर पर विधायक एव बोर्ड के सदस्य, श्री सुरेन्द्र मैथानी जी,अवधेश कुमार सिंह , विधायक नीलिमा कटियार जी,जिला प्रशासन के अधिकारी गण,सभी अधिष्ठाता गण, निदेशक गण, विभागाध्यक्ष एवं सभी संकाय सदस्य उपस्थित रहे।

22 सितंबर से लागू हो रही नई जीएसटी दरों को लेकर सीएम योगी ने की प्रेस वार्ता

जीएसटी रिफॉर्म देशवासियों के लिए मोदी जी का दीवाली गिफ्ट : मुख्यमंत्री 22 सितंबर से लागू हो रही नई जीएसटी दरों को लेकर सीएम योगी ने की प्रेस वार्ता  जीएसटी रिफॉर्म्स के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का जताया आभार  मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के निर्णय को महंगाई से राहत और व्यापार को गति देने वाला बताया  सीएम बोले- जीएसटी रिफॉर्म्स रोजगार सृजन की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा उपभोक्ताओं, किसानों, कारोबारियों और आम परिवारों तक सभी को मिलेगी राहतः मुख्यमंत्री  स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने की टैक्स रिफॉर्म की घोषणा और 20 दिनों में आ गए उसके परिणामः सीएम  2017 से पहले थे कई जटिल कर, जीएसटी ने इन्हें समाहित कर वन नेशन, वन टैक्स की व्यवस्था दीः योगी आदित्यनाथ  देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार होने के नाते उत्तर प्रदेश को जीएसटी सुधारों का मिलेगा सबसे ज्यादा लाभः मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को प्रेस वार्ता करते हुए हालिया जीएसटी रिफॉर्म्स को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों के लिए एक बड़ा दीवाली गिफ्ट करार दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी का यह निर्णय देशवासियों को महंगाई से राहत और व्यापार को गति देने वाला है। यह केवल टैक्स सुधार नहीं बल्कि हर नागरिक के जीवन को सरल बनाने वाला दीपावली का उपहार है। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं, किसानों, कारोबारियों और आम परिवारों तक सभी को राहत देने वाले इन सुधारों का लाभ 22 सितम्बर से, यानी शारदीय नवरात्रि के प्रथम दिन से मिलने लगेगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति आभार व्यक्त किया। घोषणा के 20 दिनों के अंदर सामने आए परिणाम  मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री जी ने जिस टैक्स रिफॉर्म की घोषणा की थी, उसके परिणाम महज 20 दिनों में सामने आ गए। जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में 3 सितम्बर को लिए गए फैसले अब लागू हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक टैक्स सुधार नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई देने वाला व्यापक अभियान है। जीएसटी में अब तक का सबसे बड़ा रिफॉर्म मुख्यमंत्री ने कहा कि जुलाई 2017 में जीएसटी लागू होने से पहले देश में अलग-अलग कर लागू थे जिनमें वैट, सेल टैक्स, सेवा कर, उत्पाद शुल्क, एंट्री टैक्स और मनोरंजन कर जैसे जटिल कर उपभोक्ताओं और कारोबारियों पर भारी पड़ते थे। जीएसटी ने इन्हें समाहित कर देश को वन नेशन, वन टैक्स की व्यवस्था दी। अब जीएसटी में सबसे बड़ा सुधार किया गया है। पहले चार स्लैब—5%, 12%, 18% और 28% लागू थे। लेकिन अब सिर्फ दो स्लैब—5% और 18%—को रखा गया है। 12% और 28% की दरें समाप्त कर दी गई हैं। कुछ विलासिता की वस्तुओं पर 40% टैक्स यथावत रहेगा। इससे आम उपभोक्ता को सीधी राहत मिलेगी। रसोई से लेकर कृषि, मकान निर्माण से लेकर बड़े हाईवे और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, उद्योग और व्यापार—हर क्षेत्र को लाभ मिलेगा। घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सामान्य गृहस्थ परिवार को अब घरेलू खर्चों में सीधी राहत मिलेगी। दूध, दही, पनीर, शैम्पू, टूथपेस्ट, साबुन, साइकिल और बच्चों से जुड़े सामान पर केवल 5% या 0% टैक्स लगेगा। इससे न सिर्फ रोज़मर्रा के खर्च कम होंगे बल्कि उपभोक्ता की क्रय क्षमता भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति ज्यादा खरीद सकेगा तो खपत बढ़ेगी और बाजार में मांग बढ़ने से उत्पादन में तेजी आएगी। किसानों और ग्रामीण भारत को फायदा मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुधार किसानों और ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था के लिए भी ऐतिहासिक है। ट्रैक्टर, टायर, कीटनाशक और सिंचाई उपकरणों पर टैक्स घटाकर 5% कर दिया गया है। इससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादन क्षमता में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि यह कदम न केवल किसानों को राहत देगा बल्कि ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। बीमा और इलाज होगा सस्ता मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा पर लगने वाला जीएसटी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा दवाइयों, ऑक्सीजन और जांच किट पर भी टैक्स घटाया गया है। इससे इलाज सस्ता होगा और हर सामान्य नागरिक को राहत मिलेगी। सरकार ने वाहनों की खरीद-फरोख्त पर भी राहत दी है। पहले कार और बाइक पर 28% जीएसटी लगता था, अब इसे घटाकर 18% कर दिया गया है। यानी सीधे 10% की कटौती। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न केवल आम नागरिक की गाड़ी खरीदने की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि ऑटोमोबाइल सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा। उत्पादन बढ़ेगा, नए रोजगार उत्पन्न होंगे और अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। शिक्षा क्षेत्र को भी फायदा मुख्यमंत्री ने बताया क नोटबुक, पेंसिल और अन्य शिक्षण सामग्री पर टैक्स पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। यह फैसला छात्रों और अभिभावकों के लिए बड़ी राहत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने जहां एक ओर आम उपभोक्ताओं और विद्यार्थियों को छूट दी है, वहीं तंबाकू और पान मसाला जैसे उत्पादों पर टैक्स दर बढ़ाकर 40% कर दी गई है। टैक्स प्रणाली हुई और पारदर्शी मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यापार में आसानी (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) के लिए टैक्स रजिस्ट्रेशन ऑटो-अप्रूव कर दिया गया है। टैक्स रिफंड की प्रक्रिया भी तेज की गई है। साथ ही रिस्क-आधारित कंप्लायंस और श्रम सुधार भी लागू किए गए हैं। उन्होंने बताया कि जीएसटी से पहले देश का टैक्स संग्रह केवल 7 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 22.8 लाख करोड़ रुपये हो गया है। टैक्स पेयर्स की संख्या भी 65 लाख से बढ़कर 1.51 करोड़ हो गई है। टैक्स सुधार से मजबूत हुई अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में टैक्स संग्रह की ऐतिहासिक वृद्धि से देश के हाईवे, रेलवे, एयरपोर्ट और रक्षा उत्पादन में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। 2014 के पहले देश में केवल 74 एयरपोर्ट थे, अब 160 हैं। मेट्रो नेटवर्क 248 किमी से बढ़कर 1,013 किमी हो गया। वंदे भारत ट्रेनों की संख्या 144 तक पहुंची है। रक्षा उत्पादन 46,000 करोड़ से बढ़कर 1,27,000 करोड़ रुपये हो गया। रक्षा निर्यात 686 करोड़ से बढ़कर 23,600 करोड़ रुपये तक पहुंचा। गरीब कल्याणकारी योजनाओं तक सीधा लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स सुधारों का लाभ गरीब कल्याणकारी योजनाओं में भी … Read more

मोटे अनाज (श्रीअन्न) मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद के लिए चल रहा किसानों का पंजीकरण

पहली अक्टूबर से शुरू होगी मोटे अनाज की खरीद  मोटे अनाज (श्रीअन्न)  मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद के लिए चल रहा किसानों का पंजीकरण  डबल इंजन सरकार ने मक्का का 2400, बाजरा का 2775,  ज्वार (हाईब्रिड) का 3699 व ज्वार (मालवांडी) का न्यूनतम समर्थन मूल्य 3749 रुपये प्रति कुंतल किया है निर्धारित  31 दिसंबर तक किसानों से सुबह 9 से शाम पांच बजे तक की होगी खरीद  लखनऊ डबल इंजन सरकार एक तरफ जहां श्रीअन्न के फायदों के प्रति प्रदेशवासियों को प्रेरित कर रही है तो वहीं किसानों को भी इसकी खेती के फायदे से जोड़ रही है। वर्ष 2025-26 के लिए मोटे अनाजों की खरीद पहली अक्टूबर से प्रारंभ होगी, जो 31 दिसंबर तक चलेगी। 'मोटे अनाज' में शामिल मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद के लिए किसानों का पंजीकरण व नवीनीकरण चल रहा है। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक इसके लिए किसानों को fcs.up.gov.in या ऐप UP KISAN MITRA पर पंजीकरण/नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। खरीद पंजीकृत किसानों से ही की जाएगी।   टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं किसान किसान अपनी किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं। इसके अलावा वे जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। वहीं बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी।  सरकार ने बढ़ाया है न्यूनतम समर्थन मूल्य  श्रीअन्न को बढ़ावा देने के साथ ही सरकार ने इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य भी बढ़ाया है। मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति कुंतल,  बाजरा का 2775 रुपये प्रति कुंतल, ज्वार (हाइब्रिड) का 3699 व ज्वार (मालवांडी) का 3749 रुपये प्रति कुंतल निर्धारित किया गया है।  इन जिलों में होगी मक्का खरीद   बदायूं,  बुलंदशहर, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर-देहात, कन्नौज, औरैया, इटावा, बहराइच, गोंडा, बलिया, जौनपुर, फर्रुखाबाद, मीरजापुर, सोनभद्र, देवरिया व ललितपुर में मक्का की खरीद की जाएगी।   बाजरा खरीद वाले जनपद निर्धारित  बदायूं,  बुलंदशहर, आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, संभल, रामपुर, अमरोहा, कानपुर नगर-देहात, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, इटावा, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, गाजीपुर, जौनपुर, प्रयागराज, फतेहपुर, कौशांबी, मीरजापुर, बलिया, हरदोई व उन्नाव  इन जिलों में होगी ज्वार की खरीद  बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर व जालौन में ज्वार की खरीद होगी।  

आज़म खान के पक्ष में आया हाईकोर्ट का फैसला, मिली जमानत की मंजूरी

इलाहाबाद  इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सपा नेता आजम खान को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है। रामपुर क्वालिटी बार पर कब्जे के मामले में हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार की है। बता दें कि आजम खान को अब सभी मामलों में जमानत मिल चुकी है। जल्द ही वह अब जेल से बाहर आ जाएंगे। 16 सितंबर को भी एक केस में हुए थे बरी सपा के वरिष्ठ नेता और यूपी सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान को मुरादाबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 16 सितंबर को अवमानना के एक मामले में बरी कर दिया था। मामला साल 2020 में छजलैट थाना क्षेत्र का था। कथित तौर पर रोड जाम करने के आरोप में सपा नेता आजम खान उनके बेटे अब्दुल्ला आजम और अन्य सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 2-2 साल की सजा हुई थी। अब्दुल्ला आजम की विधायकी भी गई थी। इसी केस में कोर्ट में बार बार पेश नहीं होने पर आजम खान पर अवमानना का मुकदमा दर्ज किया गया था।

सीएम योगी आदित्यनाथ का मानवीय पहलू, आपदा पीड़ितों के लिए मदद का हाथ

लखीमपुर खीरी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है. सीएम योगी की मंशा के अनुरूप आपदा में जनसहभागिता का अनोखा उदाहरण देखने को मिला है. जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी द्वारा बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है. यह किट योगी सरकार द्वारा सरकारी वित्तीय सहायता, मुआवजा और राहत किट के अतिरिक्त वितरित की जा रही है. इस किट को जिलाधिकारी की पहल पर 45 लाख रुपये की लागत से कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से तैयार किया गया. इसी के साथ खीरी पूरे प्रदेश में ऐसा पहला जिला हैं, जहां पर बाढ़ पीड़ितों के लिए सीएसआर स्पेशल किट वितरित की जा रही है. एक किट की लागत करीब 900 रुपये है. बता दें कि पिछले वर्ष भी आपदा की घड़ी में सीएम योगी के मार्गदर्शन में सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया गया था. निराश्रितों, दिव्यागों, बुजुर्गों को मदद जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा आपदा के समय प्रदेशवासियों के साथ खड़े रहते हैं. उनके द्वारा न केवल आपदा की घड़ी में पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध करायी जाती है बल्कि वह खुद पीड़ितों पर दर्द साझा करने के लिए उनसे मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछते रहते हैं. इसी क्रम में सीएम योगी की दूरदर्शी सोच को आत्मसात करते हुए सरकारी सहायता के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि किट को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए जिले की पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों के सभी बाढ़ प्रभावित गांव में निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगों और 70 वर्ष से ऊपर के वृद्धजनों को चिन्हित किया गया है. इसके साथ ही हर जरूरतमंद को स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है. जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने गुरुवार को सदर तहसील में विधायक योगेश वर्मा के साथ जरूरतमंदों को सीएसआर स्पेशल किट वितरित की. जरूरत पड़ने पर और भी स्पेशल किट जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की निघासन, धौरहरा, गोला गोकर्णनाथ औा पलिया तहसीलों में चिन्हित दिव्यांगजन, निराश्रित महिला एवं 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले वृद्धजनों को स्पेशल सीएसआर किट का वितरण किया गया. उन्होंने बताया कि फिलहाल बाढ़ पीड़ितों को पांच हजार स्पेशल किट उपलब्ध करायी जा रही है. वहीं जरूरत पड़ने पर और भी सीएसआर स्पेशल किट को बनवाया जाएगा. किट में मच्छरदानी, छाता, बैटरी सहित टॉर्च, सेनेटरी पैड (2 पैकेट) और गर्म पानी रखने के लिए 2 लीटर की थर्मस शामिल है.

शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से ओबीसी उत्थान की नई राह पर योगी सरकार

ओबीसी वर्ग के उत्थान के लिए योगी सरकार ने तैयार किया मजबूत खाका   शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा से ओबीसी उत्थान की नई राह पर योगी सरकार  2047 तक 7 करोड़ ओबीसी छात्रों को 80,000 करोड़ की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति देने का लक्ष्य – शादी अनुदान योजना में 24 लाख बेटियों को 14,400 करोड़ रुपये का लाभ देने का लक्ष्य, अनुदान बढ़ाकर 60,000 रुपये करने की है तैयारी  – कंप्यूटर प्रशिक्षण से रोजगार के नए अवसर, 11 लाख युवाओं को कौशल विकास का लक्ष्य – छात्रावासों का अनुरक्षण और नए निर्माण से ओबीसी छात्रों की शिक्षा को मिलेगा सहारा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को ‘विकसित यूपी’ के रूप में स्थापित करने का दूरदर्शी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस महत्त्वाकांक्षी विजन की आधारशिला ग्रामीण युवाओं, खासकर पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान करना, साथ ही ग्राम स्वच्छता और अवसंरचना को मजबूत बनाना है। सरकार का मानना है कि अगले 22 वर्षों में इन क्षेत्रों में व्यापक सुधार से यूपी न केवल 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है, बल्कि भारत की विकास यात्रा में भी निर्णायक भूमिका निभा सकता है। इस दिशा में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ओबीसी समुदाय के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए ठोस कदम उठा रहा है, जो प्रदेश के 52% से अधिक आबादी वाले इस वर्ग के लिए नई उम्मीद लेकर आया है। ओबीसी उत्थान में योगी सरकार ने की अभूतपूर्व प्रगति प्रदेश में ओबीसी वर्ग की आबादी 52% से अधिक है, और उनके सशक्तिकरण के बिना ‘विकसित यूपी’ का सपना अधूरा रहेगा। पिछले आठ वर्षों में विभाग ने ओबीसी कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्ष 2024-25 में 32,22,499 ओबीसी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई, जबकि पिछले आठ सालों में कुल 2,07,53,457 छात्रों को 13,535.33 करोड़ रुपये का लाभ मिला। यह राशि पूर्ववर्ती सरकार के 4,197 करोड़ रुपये के व्यय से चार गुना अधिक है, जो योगी सरकार की ओबीसी समुदाय के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। विभाग का लक्ष्य 2047 तक 7 करोड़ से अधिक ओबीसी छात्रों को 80,000 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति देकर शिक्षा के माध्यम से सामाजिक बराबरी सुनिश्चित करना है। यह कदम ग्रामीण ओबीसी युवाओं को उच्च शिक्षा तक पहुंचाने में मददगार साबित होगा। शादी अनुदान योजना बना है गरीब बेटियों का सहारा ओबीसी समुदाय की गरीब बेटियों के लिए शादी अनुदान योजना एक क्रांतिकारी कदम है। पिछले आठ वर्षों में 1,221 करोड़ रुपये खर्च कर 6,10,483 बेटियों की शादी कराई गई, जबकि पूर्ववर्ती सरकार में यह संख्या महज 2,75,311 और व्यय 344 करोड़ रुपये था। अब अनुदान राशि को 20,000 रुपये से बढ़ाकर 60,000 रुपये करने का प्रस्ताव विचाराधीन है, जो ओबीसी परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगा। 2047 तक 24 लाख बेटियों को 14,400 करोड़ रुपये का लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है, जो न केवल सामाजिक उत्थान को बढ़ावा देगा, बल्कि गरीबी उन्मूलन में भी योगदान देगा। यह योजना ओबीसी बेटियों को आत्मसम्मान और आर्थिक स्वावलंबन की दिशा में महत्वपूर्ण है।  तकनीकी प्रशिक्षण से युवाओं के लिए खुल रहे रोजगार के द्वार पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत पिछले आठ वर्षों में 1,39,698 ओबीसी युवाओं को सीसीसी और ओ-लेवल प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे हजारों को सरकारी और निजी क्षेत्र में रोजगार मिला। यह कदम ग्रामीण ओबीसी युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। विभाग का लक्ष्य 2047 तक 11 लाख युवाओं को प्रशिक्षित करना और 3,850 करोड़ रुपये व्यय करना है। यह पहल न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी, बल्कि ओबीसी समुदाय को डिजिटल युग में आगे बढ़ाने में मदद करेगी। ओबीसी छात्रों के लिए छात्रावासों का विस्तार देगी योगी सरकार ओबीसी छात्रावासों के अनुरक्षण और नए निर्माण को 2047 तक प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि निःशुल्क आवास सुविधा से अधिक से अधिक ओबीसी छात्र लाभान्वित हों। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की कमी को दूर करने के लिए यह कदम अहम है। नई छात्रावास सुविधाएं ओबीसी छात्रों को बेहतर माहौल में पढ़ाई करने का अवसर प्रदान करेंगी, जो ‘विकसित यूपी’ के विजन का अभिन्न हिस्सा है। विभाग का प्रयास है कि हर जिले में ओबीसी छात्रों के लिए आधुनिक छात्रावास बनें, ताकि शिक्षा उनकी पहुंच से बाहर न रहे। यूपी को राष्ट्रीय विकास में अग्रणी राज्य बनाने में ओबीसी वर्ग का विकास अहम ग्रामीण शिक्षा, स्वच्छता और अवसंरचना को मजबूत करने से ओबीसी समुदाय का सशक्तीकरण संभव है। पिछले आठ वर्षों में विभाग ने शिक्षा, विवाह और रोजगार में जो प्रगति की, वह ओबीसी कल्याण की दिशा में मील का पत्थर है। छात्रवृत्ति, शादी अनुदान और तकनीकी प्रशिक्षण जैसी योजनाओं ने ओबीसी युवाओं और बेटियों को नई दिशा दी है। 2047 तक यह प्रयास ओबीसी समुदाय को समृद्ध बनाएगा और यूपी को राष्ट्रीय विकास में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा। पिछड़ा वर्ग कल्याण व दिव्यांग सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में ओबीसी समुदाय की भागीदारी के बिना विकास अधूरा है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की इन पहलों से न केवल ओबीसी युवाओं को अवसर मिल रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा। 6 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य तभी साकार होगा, जब ओबीसी समुदाय को शिक्षा, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के समान अवसर मिलें। विभाग का यह विजन ओबीसी समुदाय को मुख्यधारा में लाकर यूपी को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने की दिशा में अग्रसर है।  

सीएम योगी के मार्गदर्शन में लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल पर बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमी और स्वयंसेवी संस्थाएं

योगी सरकार ने खीरी में पेश की जनसहभागिता की मिसाल, 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट बनीं बाढ़ पीड़ितों का संबल   सीएम योगी के मार्गदर्शन में लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल की पहल पर बाढ़ पीड़ितों की मदद को आगे आए कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमी और स्वयंसेवी संस्थाएं  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप बाढ़ पीड़ितों को सरकारी सहायता के साथ उपलब्ध करायी जा रही स्पेशल किट  – 45 लाख रुपये की लागत से तैयार की गयी किट, जरूरत पड़ने पर और भी किट की जाएंगी तैयार – किट में मच्छरदानी, छाता, बैटरी सहित टॉर्च, सेनेटरी पैड और गर्म पानी के थर्मस का किया जा रहा वितरण  – एक किट की कीमत है करीब 9 सौ रुपये, पिछले वर्ष भी सीएसआर स्पेशल किट बाढ़ पीड़ितों को की गयी थीं वितरित      लखनऊ/लखीमपुर खीरी   कौन कहता है आसमां में सुराख नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारों।                           ये पंक्तियां याेगी सरकार के लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन पर पूरी तरह से चरितार्थ होती हैं। यहां पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप आपदा में जनसहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिला, जहां पर जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी द्वारा बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है। यह किट योगी सरकार द्वारा सरकारी वित्तीय सहायता, मुआवजा और राहत किट के अतिरिक्त वितरित की जा रही है। इस किट को जिलाधिकारी की पहल पर 45 लाख रुपये की लागत से कॉरपोरेट सेक्टर, उद्यमियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से तैयार किया गया। इसी के साथ खीरी पूरे प्रदेश में ऐसा पहला जिला हैं, जहां पर बाढ़ पीड़ितों के लिए सीएसआर स्पेशल किट वितरित की जा रही है। एक किट की लागत करीब 900 रुपये है। बता दें कि पिछले वर्ष भी आपदा की घड़ी में सीएम योगी के मार्गदर्शन में सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया गया था।  निराश्रित महिलाओं, दिव्यागों और 70 वर्ष से ऊपर के वृद्धजनों को उपलब्ध करायी जा रही किट जिलाधिकारी लखीमपुर खीरी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हमेशा अापदा के समय प्रदेशवासियों के साथ खड़े रहते हैं। उनके द्वारा न केवल आपदा की घड़ी में पीड़ितों को हर संभव मदद उपलब्ध करायी जाती है बल्कि वह खुद पीड़ितों पर दर्द साझा करने के लिए उनसे मुलाकात कर कुशलक्षेम पूछते रहते हैं। इसी क्रम में सीएम योगी की दूरदर्शी सोच को आत्मसात करते हुए सरकारी सहायता के साथ बाढ़ प्रभावित इलाकों में 5 हजार सीएसआर स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि किट को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए जिले की पांच बाढ़ प्रभावित तहसीलों के सभी बाढ़ प्रभावित गांव में निराश्रित महिलाओं, दिव्यांगों और 70 वर्ष से ऊपर के वृद्धजनों को चिन्हित किया गया है। इसके साथ ही हर जरूरतमंद को स्पेशल किट का वितरण किया जा रहा है। जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने गुरुवार को सदर तहसील में विधायक योगेश वर्मा के साथ जरूरतमंदों को सीएसआर स्पेशल किट वितरित की।  बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए जरूरत पड़ने पर और भी स्पेशल किट करायी जाएगी तैयार जिलाधिकारी ने बताया कि जिले की निघासन, धौरहरा, गोला गोकर्णनाथ औा पलिया तहसीलों में चिन्हित दिव्यांगजन, निराश्रित महिला एवं 70 वर्ष से अधिक उम्र वाले वृद्धजनों को स्पेशल सीएसआर किट का वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि फिलहाल बाढ़ पीड़ितों को पांच हजार स्पेशल किट उपलब्ध करायी जा रही है। वहीं जरूरत पड़ने पर और भी सीएसआर स्पेशल किट को बनवाया जाएगा। किट में मच्छरदानी, छाता, बैटरी सहित टॉर्च, सेनेटरी पैड (2 पैकेट) और गर्म पानी रखने के लिए 2 लीटर की थर्मस शामिल है।   

महिलाओं-बच्चों के लिए खुशखबरी! यूपी के सभी जिलों में फ्री सुविधा की शुरुआत, मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर फोकस

लखनऊ  यूपी के सभी 75 जिलों में एक साथ सीएम योगी के आदेश पर एक बड़ा अभियान शुरू हुआ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर और केजीएमयू में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम में बटन दबाकर 75 जिलों में एक साथ स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की. खास बात यह रही कि इन शिविरों का केंद्रबिंदु महिलाएं और बच्चे है. 75 जिलों में एक साथ 20,000 से अधिक स्वास्थ्य शिविर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पूरे प्रदेश के 75 जनपदों में कुल 20,324 स्वास्थ्य शिविरों की शुरुआत की गई है. इन शिविरों में रक्तचाप, मधुमेह, रक्त जांच, एनीमिया, ओरल कैंसर, स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर और टीबी जैसी गंभीर बीमारियों की निःशुल्क जांच की जाएगी. यह सिर्फ जांच तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उपचार और परामर्श की सुविधाएं भी वहीं पर उपलब्ध कराई जाएंगी. कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा हुई कि पूरे अभियान के अंतर्गत 507 रक्तदान शिविर लगाए जाएंगे. मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे इस अभियान का हिस्सा बनें और रक्तदान कर किसी की जान बचाने के पुण्य से जुड़ें. मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर जोर न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक योगी ने कहा कि यह अभियान खासतौर से गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व देखभाल, बच्चों के टीकाकरण और कुपोषण दूर करने पर केंद्रित है. उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की कोशिश है कि किसी भी गर्भवती महिला या बच्चे को समय पर इलाज और देखभाल से वंचित न रहना पड़े. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बच्चों को गोद में लेकर अन्नप्राशन संस्कार कराया, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की और स्वयं पोषाहार वितरण भी किया. यह दृश्य कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा, जहां मुख्यमंत्री ने मातृत्व और बचपन के सम्मान को अपनी संवेदनाओं से जोड़ा. आंगनबाड़ी बहनों के लिए बड़ी सौगात मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए मानदेय वृद्धि और स्मार्ट फोन वितरण की घोषणा की. उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी बहनों ने कोरोना काल से लेकर पोषण अभियान तक जिस समर्पण से काम किया है, वह काबिल-ए-तारीफ है. उनकी मेहनत और सेवा का सम्मान करते हुए सरकार ने उनके मानदेय में वृद्धि करने और हर कार्यकर्ता को स्मार्ट फोन देने का निर्णय लिया है. योगी ने कहा कि इससे न केवल आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कार्यकुशलता बढ़ेगी, बल्कि समय पर मानदेय और प्रशिक्षण से वे और आत्मनिर्भर बनेंगी. महिलाओं के सशक्तिकरण पर फोकस मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, मातृ वंदना योजना, कन्या सुमंगला और नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे कदम आज के भारत को एक नई पहचान दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि यूपी सरकार ने पिछले 8 वर्षों में बेटियों की निशुल्क शिक्षा से लेकर कन्या सुमंगला योजना के तहत 25,000 रुपये का पैकेज, और सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत हर बेटी की शादी पर 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है. सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश की 1.89 लाख आंगनबाड़ी केंद्रों और 10 लाख महिला स्वयं-सहायता समूहों की मदद से 1 करोड़ से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं. वहीं THR प्लांट्स से जुड़ी 60,000 महिलाएं प्रतिमाह लगभग 8,000 रुपये की आय अर्जित कर रही हैं. स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव सीएम योगी ने बताया कि पिछले आठ सालों में प्रदेश में 41 नए मेडिकल कॉलेज बने हैं. हाल ही में अमेठी में मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन इसका उदाहरण है. उन्होंने कहा कि शिशु मृत्यु दर 45 से घटकर 37 और मातृ मृत्यु दर 141 तक आ गई है. उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि एनीमिया के स्तर में 5.1% सुधार, स्टंटिंग में 6.6% सुधार, अल्पवजन में 7.4% सुधार, और कुपोषण में 0.6% सुधार दर्ज किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जब नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो, तो परिणाम आने में देर नहीं लगती. इंसेफेलाइटिस पर विजय सीएम योगी ने बड़ी उपलब्धि गिनाते हुए कहा कि प्रदेश से इंसेफेलाइटिस पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है. यह वही बीमारी है जिसने 40 सालों में 50,000 से अधिक मासूम बच्चों की जान ले ली थी. अब सरकार का ध्यान मलेरिया, डेंगू, कालाजार और टीबी उन्मूलन पर केंद्रित है. सामुदायिक प्रयासों को मिली सराहना मुख्यमंत्री ने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में महिला स्वयं-सहायता समूहों की भूमिका को सराहा. उन्होंने कहा कि 10 लाख ग्रामीण और 1 लाख शहरी महिला समूहों ने लगभग 1 करोड़ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान दिया है. योगी ने रक्तदान शिविरों और पोषण पोटली वितरण जैसे सामुदायिक प्रयासों की भी तारीफ की और कहा कि यही सहयोग उत्तर प्रदेश को आत्मनिर्भर और सशक्त राज्य बनाएगा.