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पूर्ण पीठ बैठक की अपील, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार केस पर चर्चा के संके

प्रयागराज इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के एक समूह ने न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार को निशाना बनाने वाले उच्चतम न्यायालय के हाल के आदेश को लेकर मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली से एक पूर्ण बैठक (फुल कोर्ट मीटिंग) आहूत करने का आग्रह किया है। न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा द्वारा लिखे इस पत्र में उच्चतम न्यायालय द्वारा चार अगस्त, 2025 को पारित आदेश को लेकर खेद व्यक्त किया गया है। इस पत्र पर सात न्यायाधीशों ने हस्ताक्षर किए हैं। उच्चतम न्यायालय ने चार अगस्त को दिए अपने निर्णय में न्यायमूर्ति कुमार के न्यायिक तर्क को लेकर गंभीर टिप्पणी की थी और उच्च न्यायालय प्रशासन को उन्हें आपराधिक रोस्टर से हटाने का निर्देश दिया था। साथ ही उच्चतम न्यायालय ने न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार को उनकी सेवानिवृत्ति तक एक वरिष्ठ न्यायाधीश के साथ एक खंडपीठ में रखने को भी कहा था। ये निर्देश न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने 'मेसर्स शिखर केमिकल्स' द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया था। कंपनी ने एक वाणिज्यिक विवाद को लेकर शुरू किए गए आपराधिक मुकदमे को रद्द करने का अनुरोध करते हुए उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। इससे पूर्व, इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार ने कहा था कि शिकायतकर्ता को दीवानी उपाय के लिए बाध्य करना ''बहुत अनुचित'' होगा और बकाया वसूली के लिए आपराधिक मुकदमा चलाने की अनुमति दी जा सकती है। उच्चतम न्यायालय ने इस तर्क को यह कहते हुए पलट दिया, ''हम इस आदेश के पैरा 12 में दिए गए तर्क को लेकर हैरान हैं… न्यायाधीश यहां तक कह गए कि शिकायतकर्ता को दीवानी मुकदमा चलाने के लिए कहना बहुत अनुचित होगा क्योंकि दीवानी मुकदमों में लंबा समय लगता है इसलिए शिकायतकर्ता को बकाया वसूली के लिए आपराधिक मुकदमा दायर करने की अनुमति दी जा सकती है।'' उच्चतम न्यायालय ने इस दृष्टिकोण को ''अस्थिर'' पाते हुए उच्च न्यायालय के आदेश को दरकिनार कर दिया और निर्देश दिया कि इस मामले को एक दूसरे न्यायाधीश द्वारा नए सिरे से सुना जाए।  

प्रयागराज: बदमाशों का आतंक जारी, पूर्व पार्षद पर जानलेवा हमला

प्रयागराज उत्तर प्रदेश क प्रयागराज जिले में पूर्व पार्षद अशोक सोनकर को सरेआम गोली मारी दी गई। अज्ञात हमलावरों ने मार्निंग वॉक पर गए पूर्व पार्षद अशोक सोनकर को परेड मैदान में गोली मारी। गोली अशोक सोनकर के हाथ और पैर में लगी है। उन्हें आनन फानन में SRN हॉस्पिटल में एडमिट किया गया है। मॉर्निंग वॉक पर निकले थे पूर्व पार्षद यह पूरा मामला जिले के दारागंज थाना क्षेत्र का है। जहां, मॉर्निंग वॉक पर निकले पूर्व पार्षद अशोक कुमार सोनकर को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। बदमाश कई दिनों तक उनकी रेकी कर रहे थे। घटना के बाद बाइक सवार बदमाश भाग निकले। आस-पास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। इलाके में दहशत फैल गई बताया जा रहा है कि दिन दहाड़े हुई घटना से इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस ने किसी प्रकारी की लूट की बात को इंकार कर दिया है। डीसीपी अभिषेक भारती का कहना है कि प्रथम दृष्टया रंजिश में वारदात को अंजाम देने बात सामने आ रही है। फिलहाल मामले की जांच पड़ताल चल रही है। आस-पास लगे सारे सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे है।

विकसित भारत-विकसित यूपी विजन 2047 पर मुख्यमंत्री योगी ने की उच्च स्तरीय बैठक

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक भवन में प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान उन्होंने ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ विजन डॉक्यूमेंट, प्रदेश में बाढ़ की स्थिति एवं राहत कार्य, रक्षाबंधन के अवसर पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा सुविधा और आगामी विधानमंडल सत्र की तैयारियों को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार एक दीर्घकालिक विकास योजना ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047’ तैयार कर रही है, जो उत्तर प्रदेश के भविष्य की दिशा और विकास के रोडमैप को निर्धारित करेगी। यह दस्तावेज़ राज्य के भविष्य की दिशा तय करेगा और आने वाले वर्षों में किन क्षेत्रों में कैसे काम होगा, इसका रोडमैप बनेगा। विधानमंडल सत्र में 24 घंटे की चर्चा, विभागों को 8 साल का लेखा-जोखा देने के निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बताया कि ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश-2047′ के तहत आगामी विधानमंडल सत्र में इस दस्तावेज पर 24 घंटे की विशेष चर्चा प्रस्तावित है। इसके लिए सभी विभागों को बीते आठ वर्षों के काम का सारांश तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जनता को बताया जा सके कि किस विभाग ने क्या काम किया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस विजन डॉक्यूमेंट में जनता की राय को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए जल्द ही एक क्यू-आर कोड जारी किया जाएगा, जिसे कार्यालयों, अस्पतालों और बस अड्डों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाया जाएगा ताकि आम लोग भी अपनी राय दे सकें। बाढ़ प्रभावित जिलों में समुचित राहत और बचाव के निर्देश दिए बैठक में मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जिलों में चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंट्रोल रूम हर समय सक्रिय रहें और हर बाढ़ पीड़ित तक राहत सामग्री पहुंचे। इसके साथ ही पर्याप्त संख्या में नावों की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने को कहा। रक्षाबंधन पर महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन के अवसर पर घोषणा की है कि 8 अगस्त की सुबह से लेकर 10 अगस्त के रात बाहर बजे तक माताओं-बहनों को यूपी रोडवेज और नगरीय बस सेवाओं में मुफ्त यात्रा की सुविधा दी जाएगी। उन्होंने परिवहन विभाग को पर्याप्त और फिट बसों के संचालन के निर्देश दिए। साथ ही आरटीओ और एआरटीओ को फील्ड में रहकर व्यवस्था संभालने को कहा गया है ताकि ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति न बने। अधिकारियों को जवाबदेही सुनिश्चित करने और बेहतर संवाद के निर्देश मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विधानमंडल सत्र में विधायकों के प्रश्नों के उत्तर तार्किक, सटीक और संतुलित होने चाहिए। उन्होंने कहा है कि विभाग प्रमुख अपने मंत्रियों के साथ बेहतर संवाद स्थापित करें और समय पर निर्णय लेकर कार्यों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाएं। इस बैठक में मुख्य सचिव एसपी गोयल, कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार, प्रमुख सचिव संजय प्रसाद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग स्कॉलरशिप योजना को हरी झंडी, यूपी के छात्र कर सकेंगे UK में मास्टर्स

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने विदेश में पढ़ाई का सपना देख रहे मेधावी छात्रों को बड़ी सौगात दी है। अब प्रदेश के होनहार छात्रों को यूनाइटेड किंगडम (UK) में मास्टर डिग्री के लिए छात्रवृत्ति दी जाएगी। गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना समेत कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसके अलावा दो सप्लीमेंटरी प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। स्कॉलरशिप योजना को मंजूरी कैबिनेट ने ‘भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी-चिवनिंग उत्तर प्रदेश राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना’ को हरी झंडी दी। इस योजना के तहत हर साल प्रदेश के पांच मेधावी छात्रों को UK के किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय में एक साल की मास्टर्स डिग्री के लिए स्कॉलरशिप दी जाएगी। यूपी सरकार देगी UK में मास्टर्स के लिए स्कॉलरशिप, कैबिनेट ने दी मंजूरी इस योजना को यूके के फॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) के सहयोग से चलाया जाएगा। लाभार्थियों का चयन यूपी सरकार और एफसीडीओ के बीच होने वाले एमओयू के तहत किया जाएगा। खर्च का ब्योरा     प्रति छात्र कुल खर्च: 38,048 पाउंड से 42,076 पाउंड (लगभग ₹40 लाख)     राज्य सरकार का योगदान: 19,800 पाउंड (करीब ₹23 लाख)     शेष राशि एफसीडीओ द्वारा वहन की जाएगी     खर्च में शामिल: ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, शोध शुल्क, मासिक भत्ता, और आने-जाने का हवाई किराया (इकोनॉमी क्लास) कब से लागू होगी योजना? यह छात्रवृत्ति योजना शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी और तीन साल तक (2025-26, 2026-27, 2027-28) प्रभावी रहेगी। 2028-29 के लिए योजना को जारी रखने हेतु 30 मार्च 2028 तक नवीनीकरण करना होगा। अब ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की गई घरौनी को संपत्ति का वैध दस्तावेज माना जाएगा। इसके आधार पर बैंक लोन भी लिया जा सकेगा लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी गई। प्रदेश के 62 जिलों में खराब राजकीय नलकूपों के रीबोर का प्रस्ताव पास किया गया। FRBM एक्ट की सीमा 3 से बढ़ाकर 3.5 कर दी गई। राज्य में दो नए निजी विश्वविद्यालयों को स्थापित करने की अनुमति दी गई है। यूपी सरकार के ये फैसले शिक्षा, ग्रामीण विकास और अधोसंरचना सुधार की दिशा में बड़ा कदम माने जा रहे हैं। खासकर चिवनिंग स्कॉलरशिप योजना के जरिए प्रदेश के मेधावी छात्रों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने सपने साकार करने का अवसर मिलेगा।

मौर्य की बढ़ी परेशानी, कोर्ट ने दिए FIR के आदेश, जानिए क्या है मामला

वाराणसी  उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे स्वामी प्रसाद मौर्य की मुश्किलें करने का नाम नहीं ले रही हैं. वर्ष 2023 में रामचरितमानस और तुलसीदास जी पर की गई विवादित टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश कोर्ट ने दिया है. मामले की शिकायत वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए कोर्ट में की गई थी. जिसपर वाराणसी के कैंट थाने में मौर्य के खिलाफ 156(3) के तहत मुकदमा पंजीकृत करके विवेचना शुरू करने का आदेश थाना प्रभारी को दिया गया है.   दरअसल, 22 जनवरी 2023 को स्वामी प्रसाद मौर्य ने एक टीवी चैनल पर दिए इंटरव्यू में कहा था कि रामचरितमानस को तुलसीदास ने अपनी प्रसन्न्ता के लिए लिखा था. यह सब बकवास है. सरकार को इसे बैन कर देना चाहिए. इसी बयान को लेकर उनपर एफआईआर दर्ज करने का आदेश हुआ है.    गौरतलब है कि मौर्य अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं. कई मौकों पर उन्होंने हिंदू, सनातन और ब्राह्मणों को लेकर विवादित टिप्पणी की. इस क्रम में बीते दिन उनपर रायबरेली में हमला भी हुआ था. आरोपी का कहना था कि वो मौर्य द्वारा ब्राह्मणों, हिंदुओं पर दिए गए बयान से खफा था. हालांकि, मौर्य समर्थकों ने हमलावार को जमकर पीटा था और पुलिस के हवाले कर दिया था.  फिलहाल, वाराणसी के अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एमपी एमएलए कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ सुसंगत धाराओं में वाराणसी के कैंट थाने में 156(3)के तहत मुकदमा पंजीकृत करके थाना प्रभारी को विवेचना शुरू करने का आदेश दे दिया है. इससे मौर्य की मुश्किलें बढ़ सकती हैं.   मामले में उनके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी काशी क्षेत्र उपाध्यक्ष और पेशे से वकील अशोक कुमार ने वाराणसी के कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था. अक्टूबर 2023 में इस प्रार्थना पत्र को खारिज भी कर दिया गया था, लेकिन रिवीजन दाखिल करने के बाद पुनः वाराणसी के एमपी-एमएलए कोर्ट ने स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने का आदेश गुरुवार को दिया है. 

रेलवे का बड़ा कारनामा: 4.5 किमी लंबी मालगाड़ी ने यूपी से दौड़ लगाकर रचा नया इतिहास

चंदाैली पूर्व मध्य रेल के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू मंडल) ने एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए 4.5 किलोमीटर लंबी मालगाड़ी 'रुद्रास्त्र' का सफल संचालन किया है। यह अब तक भारतीय रेल की सबसे लंबी मालगाड़ी बन गई है। सात अगस्त 2025 को दोपहर 2:20 बजे, डीडीयू मंडल के गंजख्वाजा स्टेशन से ‘रुद्रास्त्र’ को गढ़वा रोड के लिए रवाना किया गया। यह अभूतपूर्व मालगाड़ी छह खाली बॉक्सन रेक को जोड़कर तैयार की गई, जिसमें कुल 354 वैगन और सात इंजन लगाए गए। ट्रेन ने पहले डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर और फिर भारतीय रेल के सामान्य ट्रैक पर सफर किया। ‘रुद्रास्त्र’ के सफल संचालन से यह साबित होता है कि डीडीयू मंडल सिर्फ संचालन नहीं बल्कि नवाचार में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह मॉडल भविष्य में भारतीय रेल की अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक्स को नई दिशा दे सकता है। क्या है ‘रुद्रास्त्र’? ‘रुद्रास्त्र’ नामक यह सुपर लॉन्ग मालगाड़ी डीडीयू मंडल की नवाचार और क्षमता निर्माण की नई पहल है। आमतौर पर इस तरह की रेकें अलग-अलग चलाई जाती हैं, लेकिन इन्हें एक साथ जोड़कर चलाना प्रबंधन दक्षता, समय की बचत, और मार्ग की अधिकतम उपयोगिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। डीडीयू मंडल की भूमिका डीडीयू मंडल भारतीय रेल के अहम माल परिवहन केंद्रों में से एक है, जो विशेष रूप से धनबाद मंडल को कोयला और अन्य आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई में सहयोग करता है। यहां से खाली मालगाड़ियों को जांच और मरम्मत के बाद समय पर भेजा जाता है। ‘रुद्रास्त्र’ की प्रमुख विशेषताएं     लंबाई: 4.5 किलोमीटर     कुल रेक: 6 बॉक्सन रेक     कुल वैगन: 354     इंजन: 07     शुरुआत बिंदु: गंजख्वाजा स्टेशन (डीडीयू मंडल)     गंतव्य: गढ़वा रोड (सोननगर से होकर) अन्य उपयोगिता     6 मालगाड़ियों को एक साथ चलाकर ट्रैक की अधिकतम क्षमता का उपयोग     समय और संसाधनों की बचत (चालक दल, मार्ग योजना आदि)     माल ढुलाई की गति और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि     रेलवे के कार्बन फुटप्रिंट को घटाने में सहायक  

अमेठी में CRPF जवान की संदिग्ध मौत, पुलिस हर एंगल से कर रही जांच

अमेठी  जिले के रामगंज स्थित सीआरपीएफ कैंप में तैनात महाराष्ट्र के जवान की गुरुवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान खड़गे अमोलदास (24) के रूप में हुई है। वह महाराष्ट्र के बुलडाना जिले के अलंद गांव का रहने वाला था। गुरुवार दोपहर सुल्तानपुर राजकीय मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में सीआरपीएफ के जवान अपने साथी को लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने जवान को देखते ही मृत घोषित कर दिया। कई दिनों से डिप्रेशन में था जवान साथी जवानों ने बताया कि खड़गे अपने रूम में था, जहां उसने यह कदम उठाया। वह घरेलू मामलों को लेकर कई दिनों से डिप्रेशन में था। जवान स्पोर्ट्स कोटे से सीआरपीएफ में भर्ती हुआ था। नगर कोतवाल धीरज कुमार ने बताया कि जवान को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया था। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि उसने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों से तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। छानबीन में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलने के बाद सीआरपीएफ के जवान बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे।पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा भरा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचित कर दिया है। मामले की छानबीन जारी है।

नोएडा से हरदोई पहुंचे शूटर, कांवड़ियों के वेश में एसओजी ने किया पीछा और किया एनकाउंटर

सीतापुर पत्रकार राघवेंद्र बाजपेयी की आठ मार्च को हुई हत्या के मामले में आखिरकार पुलिस को सफलता मिल गई। जेल भेजे गए तीन आरोपियों से पूछताछ में दो शूटरों के नाम सामने आए थे। करीब पांच माह की मेहनत के बाद एसओजी व एसटीएफ शूटरों का मूवमेंट ट्रैक कर सके। एसओजी टीम सावन में कांवड़ियों के वेश में घूमी। इसी टीम ने बृहस्पतिवार भोर करीब 4:30 बजे दोनों के हरदोई से पिसावां की ओर मूवमेंट की जानकारी दी। पुलिस टीमों ने घेराबंदी की और मुठभेड़ में शूटरों को ढेर कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार 8 मार्च को वारदात के बाद से ही एसओजी की स्वॉट, सर्विलांस और नारकोटिक्स टीमें शूटरों की तलाश में जुट गईं। शूटरों के नोएडा के एक इलाके में होने की जानकारी मिली थी। हत्याकांड से '8' अंक का खास नाता राघवेंद्र की हत्या में आठ अंक का अजब संयोग है। आठ मार्च को उनकी हत्या हुई। राघवेंद्र की हत्या से लेकर शूटरों के एनकाउंटर तक आठ ही गोलियों का इस्तेमाल हुआ। चार गोलियां राघवेंद्र को लगीं और चार ही गोलियों में दोनों शूटर भी ढेर हो गए। राघवेंद्र की बाइक का नंबर भी 8005 है। आठवें महीने में पुलिस ने आरोपियों को मार गिराया। आठ अगस्त को ही शूटरों का अंतिम संस्कार होगा। नाजिमा से शादी कर कृष्ण गोपाल तिवारी बन गए थे करीम खान अटवा निवासी 95 वर्षीय रामप्रसाद शुक्ला ने बताया कि शूटरों के पिता कृष्ण गोपाल तिवारी को नाजिमा से प्रेम हो गया था। नाजिमा के प्यार में पड़ कर उन्होंने अपना नाम करीम खान रख लिया था। कृष्ण गोपाल ने नाजिमा से विवाह नहीं किया था। बस दोनों साथ रहते थे। दोनों से तीन पुत्र संजय, राजू व राहुल हुए। पुत्री की मौत हो गई थी। टीम को मिलेगा सवा लाख का इनाम एसपी सीतापुर अंकुर अग्रवाल का कहना है कि एसओजी व एसटीएफ की संयुक्त टीम को अपर पुलिस महानिदेशक लखनऊ जोन की ओर से 50 हजार रुपये, आईजी रेंज की ओर से 25 हजार रुपये व मेरी ओर से 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा। सभी को सम्मानित किया जाएगा। राघवेंद्र हत्याकांड में यह दोनों शूटर पुलिस के लिए चुनौती थे। यह पुलिस टीम के लिए बड़ी कामयाबी है।  

यूपी: राखी पर्व पर महिलाओं के लिए फ्री बस सेवा, सहयात्री को भी मिलेगा लाभ

लखनऊ  उत्तर प्रदेश में रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए निशुल्क यात्रा की परंपरा इस साल भी जारी है. परिवहन विभाग की ओर से 8 से 10 अगस्त तक रोडवेज बसों में महिलाओं और बालिकाओं को मुफ्त यात्रा सुविधा दी जाएगी. इसके साथ ही प्रत्येक महिला के साथ आने वाले एक सहयात्री को भी बिना टिकट यात्रा की छूट दी गई है, यह सुविधा रोडवेज व नगरीय बस सेवा की बसों में मिलेगी. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चार अगस्त को बताया था कि हमारी सरकार ने तय किया है, 'रक्षाबंधन' के पावन अवसर पर (8-10 अगस्त) उ.प्र. राज्य सड़क परिवहन निगम और नगर विकास की बसों में नि:शुल्क यात्रा की सुविधा बहन-बेटियों को देने जा रहे हैं. यह पहल 2017 में शुरू हुई थी, जब रक्षाबंधन पर बहनों को आर्थिक बोझ से मुक्त रखते हुए अपने घर या भाइयों के पास पहुंचने का अवसर देने के लिए सरकार ने रोडवेज में मुफ्त सफर का ऐलान किया था. सरकार की ओर से जारी आकंड़ों के मुताबिक आठ साल में इस योजना के तहत 1.23 करोड़ से अधिक महिलाएं लाभ ले चुकी हैं. इस दौरान परिवहन निगम ने टिकटों के रूप में 101 करोड़ रुपये से अधिक का खर्च खुद वहन किया. यात्रा की अवधि और नियम अवधि: 8 अगस्त की मध्यरात्रि से 10 अगस्त की रात 12 बजे तक लाभार्थी: सभी आयु वर्ग की महिलाएं और बालिकाएं अतिरिक्त लाभ: प्रत्येक महिला के साथ एक सहयात्री का टिकट भी माफ लागू बसें: साधारण, जनरथ और कुछ अन्य श्रेणियां रक्षाबंधन पर यात्रा का सुरक्षित और सम्मानजनक माहौल परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक रक्षाबंधन जैसे पारिवारिक और भावनात्मक पर्व पर महिलाओं की सुविधा के लिए शुरू हुई यह योजना अब एक सामाजिक परंपरा बन गई है. शुरुआत में इसे केवल एक दिन के लिए लागू किया जाता था, लेकिन समय के साथ यात्रा की अवधि और लाभार्थियों की संख्या बढ़ी. आंकड़ों के अनुसार, 2017 में लगभग 11 लाख महिलाओं ने इस सुविधा का लाभ लिया, जबकि 2023 में यह संख्या बढ़कर 29 लाख से अधिक हो गई. 2022 में भी 22 लाख से ज्यादा यात्रिणियों ने मुफ्त सफर किया. परिवहन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इस अवधि में बसों की संख्या और रूट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जाती है, ताकि भीड़ के कारण किसी को असुविधा न हो. सुरक्षा के मद्देनज़र संवेदनशील रूटों पर पुलिस या होमगार्ड के जवान भी तैनात किए जाते हैं. ग्रामीण और दूरदराज की महिलाओं को सबसे अधिक लाभ इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण इलाकों और छोटे कस्बों में रहने वाली महिलाओं को मिलता है, जहां से बड़े शहरों तक की यात्रा का किराया कई बार उनकी सामर्थ्य से अधिक होता है. मुफ्त बस सेवा के कारण वे न सिर्फ भाइयों के पास राखी बांधने जा सकती हैं, बल्कि त्योहार के दिन बिना आर्थिक चिंता के वापसी भी कर पाती हैं. सहयात्री के लिए भी राहत इस बार की घोषणा में महिलाओं के साथ एक सहयात्री के टिकट माफ करने का प्रावधान भी चर्चा में है. कई मामलों में महिलाएं छोटे बच्चों या वृद्ध परिजनों के साथ यात्रा करती हैं, जिनका किराया पहले अलग से देना पड़ता था. यह बदलाव कई परिवारों के लिए सुविधा और बचत दोनों लेकर आया है. हालांकि, यह छूट केवल चुनिंदा बस श्रेणियों में ही लागू होगी, ताकि राजस्व पर अनावश्यक दबाव न पड़े.

बाराबंकी में दर्दनाक हादसा, चार महिलाओं समेत पांच की मौत

बाराबंकी बाराबंकी जिला मुख्यालय से नौ किलोमीटर दूर हैदरगढ़ मार्ग पर रोडवेज की अनुबंधित बस पर गूलर का पेड़ गिर गया। पेड़ बस के अगले हिस्से पर गिरा। हादसे में चार महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हो गई। एक महिला की पहचान शहर के मोहल्ला गुलरिया गार्दा की निवासी शिक्षा मेहरोत्रा (53) के रूप में हुई है। तीन अन्य महिलाओं की आयु 40 से 45 साल के मध्य है। पेड़ काटकर लोगों को निकाला गया। बताया जा रहा है कि हादसे के समय बस में 40 लोग सवार थे। हादसे के बाद कई यात्री खिड़की से कूदकर निकले। बारिश के दौरान हुए हादसे के कारण राहत व बचाव कार्य में देर लगी। सवारियां लेकर बाराबंकी से हैदरगढ़ जा रही बस पर करीब साढ़े 10 बजे जैदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम हरख में स्थित राजा बाजार के पास पेड़ गिर पड़ा। पेड़ इतनी तेज गिरा कि बस के आगे का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। बारिश के बीच में पहुंचे ग्रामीणों ने पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। बस के अंदर फंसे लोगों की चीख-पुकार दिल को दहला देने वाली थी। पेड़ काटने का काम वन विभाग के कर्मचारियों ने किया। ग्रामीण सहयोग में लगे रहे।