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‘किसी बाबा के पीछे न भागें’, धीरेंद्र शास्त्री का सनातन धर्म पर जोर

बरसाना बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार को प्रिया कुंज आश्रम पर ब्रज के विरक्त संत विनोद बाबा के दर्शन करने पहुंचे। इस दौरान विनोद बाबा ने कहा कि कुछ लोग जाति-पात के नाम पर सनातन धर्म को खत्म करना चाहते हैं। सनातन धर्म हर वर्ग से मिलकर बना है। समझ में नहीं आता कि हम क्यों जाति के नाम पर अपने ही भाइयों का खून बहाते हैं, जबकि अन्य धर्मों में कोई भी जाति के नाम पर बांटा नहीं है। अगर हम सबकी कोई जाति है, तो सिर्फ हिंदू है। जातियां कर्म के आधार पर बनी थी। भगवान ने कोई जाति नहीं बनाई। भगवान सिर्फ मनुष्य बनाए। जाति धर्म के नाम पर हम लोगों ने ही खुद को बांटा है।   हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए- धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि राधारानी मेरी मां है तो कृष्ण मेरे पिता हैं। बरसाना आने की प्रेरणा मुझे राधारानी से ही प्राप्त होती है, लेकिन विनोद बाबा में मुझे साक्षात राधारानी के दर्शन होते हैं। कहा कि जब धर्म के नाम पर पाकिस्तान इस्लामिक देश बन सकता है तो क्या धर्म के नाम पर भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बन सकता। इसलिए हम सभी को जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषावाद से परे उठकर हिंदू राष्ट्र का निर्माण करना चाहिए। हमारी बहन बेटियों को लव जिहाद के नाम पर मतांतरण कराया जा रहा है, जिससे सनातन धर्म विलुप्त हो जाए।   'सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन अद्भुत धर्म' इसके साथ ही उन्हों ने कहा कि सबसे बड़े दुर्भाग्य की बात तो यह कि हमारे ही सनातन धर्म के लोग चादर-फादर में अपने देवता को देखते है, जबकि सनातन धर्म दुनिया का सबसे प्राचीन अद्भुत धर्म है। अन्य धर्मों के लोगों ने आज तक अपने भगवान को नहीं देखा सिर्फ भगवान के दूत को ही पूजते हैं। सनातन धर्म में 33 करोड़ देवी-देवता हैं। मजारों व मौलवी पास क्यों जातें है लोग- बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर श्रीमद्भागवत गीता में स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कहा कि मैं ही ब्रह्म हूं, पूरा ब्रह्मांड मुझसे उत्पन्न है। चराचर जगत में मेरी ही सत्ता चलती है। उसके बावजूद सनातन धर्म के सबसे ज्यादा लोग मजारों व मौलवी के यहां अपने दुख-दर्द मिटाने जाते है। यह बात बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने ब्रज के विरक्त संत विनोद बाबा से मुलाकात के दौरान लोगों से कही।

CM योगी का फैसला सिद्धार्थनगर में फागू शाह की मजार ध्वस्त, हर हफ्ते लगने वाला मेला भी खत्म

सिद्धार्थनगर  यूपी के सिद्धार्थनगर जिले में स्थित फागू शाह की 105 वर्ष पुरानी मजार पर बुलडोजर एक्शन हुआ है. मंगलवार सुबह प्रशासन व पुलिस की टीम ने बुलडोजर से इस मजार को ध्वस्त करा दिया. इस दौरान ADM गौरव श्रीवास्तव, ASP प्रशांत कुमार समेत भारी पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा.  दरअसल, यह मजार चारागाह की जमीन पर करीब 105 वर्ष पहले बनाई गई थी. यहां प्रत्येक गुरुवार को मेला लगता था. इसमें हिंदू, मुसलमान दोनों धर्म के लोग अपनी मुरादों को पूरा करने की लिए पहुंचते थे और चादर चढ़ाते थे.  बीते 26 जून को डुमरियागंज के पूर्व बीजेपी विधायक ने इस मजार पर धन उगाही का आरोप लगाकर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही थी. जिसके बाद प्रशासन ने मजार पर लगने वाले मेले पर रोक लगा दी. साथ ही वहां चादर आदि चढ़ाने पर भी रोक लगा दी. अवैध कब्जा हटाने का आदेश जारी हुआ था, मगर कब्जा नहीं हटा.  इसके बाद आज सुबह लगभग 5 बजे कई थानों की पुलिस व प्रशासन के अधिकारी कई बुलडोजर के साथ पहुंचे और ध्वस्तीकरण की कार्यवाही शुरू कर दी. इस दौरान लगभग 1 किलोमीटर की दूरी से ही पुलिस मजार तक जाने वाले रास्तों पर खड़ी होकर लोगों को रोक रही थी. मामले में डीएम सिद्धार्थनगर, डॉ राजा गणपति आर ने कहा कि थाना डुमरियागंज तहसील क्षेत्र के चौखड़ा गांव का मामला है, जहां 105 साल पुरानी एक मजार थी. ये  पशुचर की जमीन पर स्थापित है. इसको लेकर पहले एक विवाद हुआ था. इस विवाद को सुलझाने के लिए धारा 144 की कार्रवाई की गई. चारागाह की जमीन होने के कारण तहसीलदार के द्वारा फिर धारा-67 की कार्रवाई की गई.  इस कार्रवाई के बाद आदेश भी पारित किया गया. बावजूद उसके जमीन कब्जा मुक्त नहीं की गई. ऐसे में आज सुबह 5:00 बजे पीएसी व पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर और बल का उपयोग करते हुए उसे कब्जा मुक्त कराया गया. ला एंड आर्डर की समस्या नहीं है. स्थिति सामान्य है. मौके पर किसी प्रकार का विरोध नहींन हुआ, ना ही कोई झड़प हुई. कुछ ही घंटों में मजार को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया. 

यूपी की नून नदी में फिर उमड़ा जीवन, हरियाली के संग लौटी उम्मीद

लखनऊ/कानपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल से कानपुर में सूख चुकी नून नदी अब फिर से बहने लगी है। एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई। बयान में कहा गया है कि एक समय कानपुर की नून नदी का अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो चुका था, यह नक्शे से गायब हो गई थी, गाद से भरी रहती थी, अतिक्रमण की जद में थी लेकिन अब इसकी जलधारा फिर से बहने लगी है। इसमें कहा गया, ‘‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता के कारण ऐसा हुआ है जिन्होंने 'एक जिला-एक नदी' पहल के माध्यम से राज्य की मृतप्राय नदियों को पुनर्जीवित करने के लिये अभियान शुरू कराया।'' बयान के मुताबिक नून नदी न केवल कानपुर नगर के लिए, बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक आदर्श बन चुकी है। इसमें कहा गया, ‘‘नून नदी कभी बिल्हौर, शिवराजपुर और चौबेपुर के खेतों को सींचती थी, ग्रामीण संस्कृति का अभिन्न हिस्सा थी लेकिन उपेक्षा की शिकार इस नदी में न तो पानी बचा था, न कोई पहचान रह गई थी। अतिक्रमण और गाद ने जलधारा को पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया था।'' मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर नून नदी को 'एक जिला-एक नदी' योजना में शामिल किया गया। कानपुर के जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह और मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन के नेतृत्व में इस कार्य को एक सरकारी योजना से अधिक जनभागीदारी अभियान बनाया गया। बयान में कहा गया, ‘‘करीब 48 किलोमीटर लंबी नून नदी का पुराना रास्ता खोजने में राजस्व अभिलेख, ग्रामीणों की यादें, ड्रोन सर्वेक्षण और उपग्रह की तस्वीरों का सहारा लिया गया। मनरेगा योजना के तहत सफाई, खुदाई, गाद निकासी और तटबंध निर्माण का कार्य फरवरी से आरंभ हुआ।'' इसमें कहा गया कि 6,000 श्रमिकों ने 58 ग्राम पंचायतों से मिलकर करीब 23 किलोमीटर की खुदाई और सफाई का कार्य किया तथा इस पूरी प्रक्रिया में लगभग 57 लाख रुपये खर्च हुए। बयान के अनुसार मुख्यमंत्री की अपेक्षा के अनुरूप जुलाई के पहले सप्ताह में नदी के दोनों तटों पर 40,000 से अधिक पौधे रोपे गए जिनमें नीम, पीपल, पाकड़, सहजन जैसे वृक्ष प्रमुख हैं।  

पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस को ठहराया जिम्मेदार

फर्रुखाबाद यूपी के फर्रुखाबाद पुलिस का रवैया एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल पुलिस की कथित पिटाई और रिश्वत लेने से आहत युवक ने फांसी की लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में युवक ने ससुरालीजनों के साथ ही दो पुलिसकर्मियों को भी जिम्मेदार ठहराया। उधर, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए एसपी ने दो सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। ये मामला आदर्श थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का है। पुलिस सूत्रों के अनुसार थाना क्षेत्र के नगला छेदा गुतासी के रहने वाले दिलीप कुमार का अपनी पत्नी नीरज के साथ विवाद हो गया था। जिसकी शिकायत नीरज ने पुलिस से की। इस मामले को लेकर पुलिस ने दिलीप कुमार को पुलिस चौकी बुलाया तो वह अपने पिता राम रहीश के साथ पुलिस चौकी समझौते के लिए पहुंचा। रामरहीश का आरोप है कि सिपाही यशवंत यादव ने उनसे 50 हजार रुपये रिश्वत की मांग की, फिर सिपाही महेश उपाध्याय उसके पुत्र को अंदर ले गए और पिटाई की। बाद में 40 हजार रुपये लेकर समझौता कराया गया।इस घटना से आहत होकर दिलीप कुमार ने सोमवार- मंगलवार की रात में किसी समय फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने उसे आज सुबह फांसी के फंदे पर लटका पाया। उधर, सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच पड़ताल में जुट गई। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। जिसमें उसने अपने ससुर बनवारी, साला राजू, आलूपुर के रहने वाले रजनेश राजपूत, हथियापुर पुलिस चौकी के सिपाही यशवंत यादव और महेश उपाध्याय को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, इस मामले में ऐक्शन लेते हुए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने तत्काल प्रभाव से दोनों सिपाहियों को लाइन हाजिर कर दिया। एसपी के इस ऐक्शन से थाने में हड़कंप मच गया।  

विवादित वीडियो से मचा बवाल, कांवड़ यात्रा को लेकर शिक्षक पर दर्ज हुई प्राथमिकी

बरेली बरेली जिले की बहेड़ी थाना पुलिस ने कथित तौर पर कांवड़ यात्रा को लेकर एक विवादित गीत का वीडियो सामने आने पर एक इंटर कॉलेज के शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, एमजीएम इंटर कॉलेज के शिक्षक रजनीश गंगवार द्वारा कांवड़ यात्रा को लेकर विवादित गीत गाने पर मामला पंजीकृत कर लिया गया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए वीडियो में शिक्षक गंगवार को कॉलेज में बच्चों के सामने गीत गाकर कांवड़ न लाने और ज्ञान का दीप जलाने की बात कहते सुना जा सकता है। वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठनों ने इस पर नाराजगी जतायी है। महाकाल सेवा समिति के पदाधिकारियों, एक सभासद और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने पुलिस से मिलकर शिक्षक के ख़िलाफ़ तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की, जिस पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर ली। थाना बहेड़ी के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) संजय तोमर ने बताया कि शिक्षक रजनीश गंगवार के खिलाफ सोमवार की रात भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 353 (2) (धार्मिक भावनाओं को आहत करना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। बहेड़ी के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार सिंह ने सोमवार को आधी रात जारी एक बयान में कहा कि थाना बहेडी क्षेत्र के तहत आने वाले एमजीएम इंटर कॉलेज के अध्यापक का एक वीडियो सार्वजनिक होने के संबंध में पुलिस ने प्राप्त तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई शुरू कर दी है। उधर, बरेली के जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अजीत कुमार सिंह ने बताया कि वीडियो के बारे में जांच कराई गई और इसमें शिक्षक से भी स्पष्टीकरण लिया गया है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की मंशा खराब नहीं है, वीडियो पहले का है और किसी ने तूल देने के लिए जानबूझकर सावन के दिनों में इसे प्रसारित किया है। पुलिस से इस मामले में शिकायत करने वालों में भाजपा नेता राहुल गुप्ता, महाकाल सेवा समिति के अध्यक्ष शक्ति गुप्ता, नगर पालिका सभासद दिनकर गुप्ता, महंत धर्मेंद्र रस्तोगी और कई अन्य लोग शामिल हैं।  

निर्दय हत्या से दहला गांव: घर में घुसकर पुरोहित को मारा, पुलिस जांच में जुटी

देवरिया यूपी के देवरिया में एक पुरोहित की घर में घुसकर निर्मम हत्या कर दी गई है। कमरे में पुरोहित की खून से लथपथ लाश मंगलवार की सुबह मिली। उनके शरीर पर जगह-जगह चाकू के जख्म हैं। माना जा रहा है कि कातिल ने बड़ी बेरहमी से चाकुओं से गोदकर पुरोहित को मार डाला। पुरोहित घर पर अकेले ही रहते थे। उनका इकलौता बेटा इन दिनों पश्चिम बंगाल में रहता है। यह वारदात देवरिया के बरहज थाना क्षेत्र के धौला पंडित गांव में हुई है। सोमवार की रात घर में घुसकर पुरोहित की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी गई। आसपास के लोगों को घटना की जानकारी मंगलवार की सुबह हुई। सूचना मिलते ही एएसपी समेत अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। एसओजी समेत तीन टीमें घटना के पर्दाफाश की कोशिशों में जुटी हैं। धौला पंडित गांव के रहने वाले रामाशीष पांडेय पुत्र स्व.रामनिवास पांडेय पुरोहित थे। घर पर अकेले ही रहते थे, जबकि उनका इकलौता बेटा इन दिनों पश्चिम बंगाल में है। मंगलवार की सुबह वह पड़ोसियों को बाहर नहीं दिखे तो उन्हें कुछ संदेह हुआ। इसके बाद जब वह अंदर जाकर देखे तो अवाक रह गए। कमरे में खून से लथपथ रामाशीष पांडेय का शव पड़ा था। दूर तक खून के छींटे पड़े थे। शरीर पर जगह-जगह चाकू से घाव था। यह देख लोगों ने शोर किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना के बाद पुलिस तुरंत ऐक्टिव हो गई। सीओ अंशुमन श्रीवास्तव, एएसपी सुनील कुमार सिंह भी मौके पर पहुंचे और जांच की। डाग स्क्वायड टीम भी आई हत्या जैसे जघन्य अपराध की सूचना मिलते ही एएसपी, सीओ समेत अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। एसओजी, फोरेंसिक और डाग स्क्वायड टीम ने भी मौके पर पहुंच जांच की। पुलिस इलेक्ट्रानिक सर्विलांस का सहारा ले रही है। कमरे में बिखरा पड़ा है सामान जिस कमरे में पुरोहित की हत्या की गई है, उस कमरे में सामान बिखरा पड़ा है। ऐसा लग रहा है कि पहले लूटपाट हुई है और फिर विरोध करने पर उनकी हत्या कर दी गई है। यह भी हो सकता है नीयत हत्या की ही रही हो और पुलिस का ध्यान भटकाने के लिए सामान बिखेर दिया गया हो। फिलहाल पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।  

बरेली में 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण कराने का आरोपी गिरफ्तार

बरेली बरेली जिले की फरीदपुर थाना पुलिस ने 200 से अधिक लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर उनका धर्मांतरण कराने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।बरेली दक्षिणी क्षेत्र की अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अंशिका वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी की  पहचान लालजी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से मऊ जिले का निवासी है। उन्होंने बताया कि लालजी के पास से जो कागजात व पुस्तकें मिली हैं, उनसे लग रहा है कि वह लोगों का धर्म परिवर्तन कर रहा था। एएसपी ने कहा कि आरोपी के संपर्कों और आर्थिक स्रोत की जानकारी के लिए पुलिस सघन जांच कर रही है और जल्द सच्चाई सामने आएगी। पुलिस के अनुसार लालजी योजनाबद्ध तरीके से अब तक 200 से अधिक लोगों का धर्मांतरण करा चुका था, जिनके नाम उसने डायरी में नोट किए थे। इसके अलावा पुलिस ने उसके कमरे से बाइबिल और चार डायरी आदि भी बरामद की है। पुलिस आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल पर लोगों से हुई बातचीत की भी जानकारी हासिल कर रही है। एएसपी ने बताया कि सोमवार को पुलिस ने विधिक प्रक्रिया पूरी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार लालजी पर आरोप है कि वह हिंदू धर्म के आर्थिक रूप से कमजोर व अशिक्षित महिलाओं, बच्चों और पुरुषों को रुपये, नौकरी, मकान और विवाह जैसे प्रलोभन देकर उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित करता था। हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता सुनील कुमार को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने खुद आरोपी की सभा में जाकर इसकी पुष्टि की और पुलिस से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने इस संबंध में कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से मिली चार डायरी से और भी राज सामने आने की संभावना है। इन डायरियों में क्षेत्र के तमाम लोगों के नाम लिखे हैं और हर नाम के आगे लिखा है, ‘‘उपदेश दे दिया गया।'' फरीदपुर के थाना प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) राधेश्याम ने बताया कि इससे पुलिस अनुमान लगा रही है कि डायरी में जितने भी नाम लिखे गए हैं, आरोपी ने उन सभी का धर्मांतरण करा दिया है। लालजी 2002 में फरीदपुर रहने आया था। वह मूल रूप से मऊ जिले के मुंगेश्वरी गांव का निवासी है। उसने पुलिस को बताया कि पहले वह इधर-उधर मेहनत मजदूरी कर अपने परिवार का गुजर-बसर करता था, लेकिन 2008 में 'ब्रेन हेमरेज' होने पर वह दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हुआ, जहां के एक डॉक्टर और नर्स (ईसाई) से वह काफी प्रभावित हुआ।  

योगी सरकार की ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत एक नई योजना की हो रही शुरुआत, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को ऊर्जा-संपन्न बनाया जाएगा

लखनऊ  यूपी के गांवों की तस्वीर अब बदलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में ग्राम-ऊर्जा मॉडल के तहत एक नई योजना की शुरुआत हो रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर और ऊर्जा-संपन्न बनाया जाएगा। इस योजना से न केवल घरेलू रसोई गैस की खपत में भारी कमी आएगी, बल्कि जैविक/ प्राकृतिक खाद के उत्पादन से कृषि को भी नई दिशा मिलेगी। यूपी गोसेवा आयोग के ओएसडी डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि गांवों में घरेलू बायोगैस यूनिटों की स्थापना से रसोई में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी की खपत में करीब 70% तक की कमी आएगी। इससे न केवल ग्रामीण परिवारों की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। किसानों के दरवाजे पर स्थापित होंगी बायोगैस यूनिट योगी सरकार की योजना है कि केवल गोशालाओं तक सीमित न रहते हुए यह मॉडल किसानों के दरवाजे तक पहुंचे। बायोगैस यूनिटों की स्थापना सीधे किसानों के घरों या खेतों के पास की जाएगी, जिससे वे स्वयं के उपयोग के लिए गैस और खाद दोनों का उत्पादन कर सकें। इससे खेती की लागत में भारी कमी आएगी और उत्पादकता में वृद्धि होगी। किसानों को मिलेगा पशुशाला निर्माण का लाभ इस योजना को मनरेगा से भी जोड़ा गया है, जिसके तहत ग्रामीण किसानों को व्यक्तिगत पशुशाला (इंडिविजुअल कैटल शेड) निर्माण का लाभ मिलेगा। इन पशुशालाओं से उत्पादित गोबर का उपयोग बायोगैस यूनिट में कर किसान खुद की रसोई के लिए गैस बना सकेंगे। साथ ही, इससे निकलने वाली स्लरी को वे आसपास के जैविक खेती करने वाले किसानों को बेचकर अतिरिक्त आय भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे वे गैस व खाद दोनों में आत्मनिर्भर बनेंगे। 43 गोशालाओं में शुरू होंगे बायोगैस और जैविक खाद संयंत्र योगी सरकार 43 चयनित गोशालाओं में बायोगैस और जैविक खाद संयंत्रों को चालू करने जा रही है। इन संयंत्रों से न सिर्फ गैस का उत्पादन होगा, बल्कि गोबर से तैयार स्लरी से जैविक/प्राकृतिक खाद भी बनेगी। हर गोशाला से प्रतिमाह 50 क्विंटल स्लरी तैयार होने की संभावना है, जिसे आसपास के किसान उपयोग में ला सकेंगे। ग्राम-ऊर्जा मॉडल से मिलेगा युवाओं को रोजगार इस योजना से एक ओर जहां पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। संयंत्रों के संचालन, रखरखाव, खाद वितरण, तकनीकी सहायता जैसे कार्यों में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों को जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुसार यह मॉडल ‘आत्मनिर्भर ग्राम, सशक्त किसान’ के सपने को साकार करेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ग्राम-ऊर्जा मॉडल उत्तर प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाला साबित होगा। जैविक खेती, स्वच्छ ऊर्जा और स्थानीय रोजगार सृजन की त्रिस्तरीय रणनीति के तहत यह योजना ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हो सकती है।  

उत्तर प्रदेश में 7 साल बाद असिस्टेंट टीचर के 7666 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली गई

लखनऊ  सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने एलटी ग्रेड टीचर का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, इस प्रक्रिया के माध्यम से एलटटी ग्रेड टीचर के कुल 7466 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। जिसमें, महिलाओं के लिए 2525 पद, पुरुषों के लिए 4860 पद और पीडब्ल्यूडी के लिए 81 पद शामिल हैं। योग्य अभ्यर्थी इन पदों पर भर्ती के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर 28 जुलाई से ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन की आखिरी तारीख 28 अगस्त है। वहीं, अभ्यर्थी 4 सितंबर तक आवेदन में करेक्शन कर सकेंगे। एलटी ग्रेड टीचर पदों पर भर्ती के लिए अभ्यर्थी की आयु 21 साल से 40 साल के बीच होनी चाहिए। हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी। इसके अलावा मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संबंधित विषय में बैचलर्स और बीएड डिग्री होनी चाहिए। सरकारी टीचर बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन (UPPSC) की ओर से राज्य में सहायक अध्यापक, प्रशिक्षित स्नातक श्रेणी परीक्षा 2025 (UP LT Grade Teacher recruitment) के लिए नोटिफिकेशन जारी कर भर्ती का एलान हुआ है। अधिसूचना के मुताबिक इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 जुलाई से शुरू हो जाएगी जो निर्धारित अंतिम तिथि 28 अगस्त 2025 तक जारी रहेगी। जो भी उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्रता पूरी करते हैं वे केवल ऑनलाइन माध्यम से कमीशन की ऑफिशियल वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर फॉर्म भर सकेंगे। अन्य किसी भी प्रकार से आवेदन स्वीकार नहीं होंगे। भर्ती विवरण अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती के जरिये इस भर्ती के जरिये कुल 7666 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें से राजकीय विद्यालयों के अंतर्गत पुरुष शाखा हेतु 4860 पद और महिला शाखा हेतु 2525 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांगजन सशक्तिकरण के अंतर्गत कुल 81 पदों पर भर्ती की जाएगी। पात्रता एवं मापदंड इस भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता का विवरण आज विस्तृत नोटिफिकेशन जारी कर साझा कर दी जाएगी। इस भर्ती में संबंधित विषयों से ग्रेजुएशन के साथ बीएड करने वाले अभ्यर्थी भाग ले पाएंगे। कई विषयों के लिए बीएड में छूट दी गई है। इसके अलावा उम्मीदवार की न्यूमतम आयु 21 वर्ष एवं अधिकतम आयु 40 साल तय की गई है अर्थात अभ्यर्थी का जन्म 2 जुलाई 1985 से पहले एवं 1 जुलाई 2024 के बाद न हुआ हो। आरक्षित वर्गों से आने वाले उम्मीदवारों को ऊपरी उम्र में नियमानुसार छूट दी जाएगी। 7 साल बाद हो रही भर्ती आपको बता दें कि यूपी में एलटी ग्रेड टीचर के पदों पर भर्ती 7 साल बाद निकाली गई है। इससे पहले वर्ष 2018 में कुल 10768 रिक्त पदों पर भर्ती की गई थी।       सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।     फिर ऑनलाइन एप्लीकेशन लिंक पर क्लिक करें।     इसके बाद रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करें।     फिर आवेदन के लिए मांगी गई जानकारी दर्ज करें।     सभी आवश्यक दस्तावेज अपलोड करके सबमिट कर दें।     फॉर्म जमा करने के बाद एक कॉपी संभाल कर रख लें। UPPSC LT Grade Teacher Vacancy 2025: ऐसे होगा चयन यूपी एलटी ग्रेड टीचर पदों पर भर्ती के लिए चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। योग्य अभ्यर्थी 28 जुलाई से 28 अगस्त तक ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। इसके लिए जनरल/ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को 125 रुपये शुल्क का भुगतान करना होगा। अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर भी चेक कर सकते हैं।

25 हजार का इनाम: कौशांबी पुलिस ने बढ़ाया सिपाहियों का हौसला

कौशांबी उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की पुलिस व्यवस्था में "गुडवर्क" यानी उत्कृष्ट कार्य को लेकर नया संदेश सामने आया है। आमतौर पर किसी भी केस की कामयाबी का श्रेय थानेदार को ही दिया जाता है, लेकिन करारी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने एक मिसाल कायम की है। क्षेत्र में लाखों की चोरी की दो बड़ी घटनाओं का खुलासा करने में अहम भूमिका निभाने वाले आरक्षी कुलदीप और धर्मेंद्र को सामने लाया गया। इंस्पेक्टर विनीत सिंह ने खुद क्रेडिट लेने के बजाय दोनों आरक्षियों के कार्यों की सराहना कर उन्हें एसपी राजेश कुमार के सामने लाया। एसपी ने दोनों सिपाहियों को 25-25 हजार रुपये नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया और स्पष्ट संदेश दिया कि मेहनती पुलिसकर्मी ही इनाम के पात्र होंगे, जबकि लापरवाहों पर कार्रवाई की जाएगी। यह पहल प्रयागराज जोन के प्रतापगढ़ जिले में बीट पुलिसिंग के माध्यम से शुरू हुई थी, जहां एसपी डॉ. अनिल कुमार ने सटीक जांच व कार्रवाई करने वाले आरक्षियों को सम्मानित किया था। वारंट की तामीला में भी कौशांबी जिला आगे इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए। उसी दिशा में अब कौशांबी पुलिस भी आगे बढ़ रही है। इसके अलावा, ई-साक्ष्य प्रणाली के जरिये कोर्ट से जारी वारंट की तामीला में भी कौशांबी जिला राज्य में आगे रहा है। यह उपलब्धि भी बीट आरक्षियों की सक्रियता और ई-साक्ष्य ऑफिस की नियमित मॉनीटरिंग से ही संभव हुआ है, जिसकी जिम्मेदारी सीओ सिटी शिवांक सिंह को सौंपी गई है।