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साम्प्रदायिक तनाव को नियंत्रित करने फ्लैग मार्च, बक्सर में एसएसपी और पुलिस तैनात

मेरठ मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के बक्सर गांव में पिकअप वाहन चलाने को लेकर विवाद बढ़कर साम्प्रदायिक तनाव में बदल गया। मारपीट में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए। वीडियो वायरल होने पर SSP विपिन ताड़ा ने भारी पुलिस बल के साथ फ्लैग मार्च किया और आरोपियों की गिरफ्तारी की। मेरठ के भावनपुर थाना क्षेत्र के लू-बक्सर गांव में शुक्रवार को मामूली विवाद साम्प्रदायिक तनाव का कारण बन गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी सारिक अपनी महिंद्रा पिकअप तेज गति से चला रहा था, जिसका बेगराज ने विरोध किया। इस बात पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई।   मारपीट के दौरान धारदार हथियार भी चले, जिसमें एक पक्ष से ललिन, सौरभ, आदेश और गौरव घायल हो गए, जबकि दूसरे पक्ष से फारूख, इकराम और अनस को चोटें आईं। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल भेजा। दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करते हुए पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।  इस बीच, मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे गांव में तनाव और बढ़ गया। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए एसएसपी विपिन ताड़ा भारी पुलिस बल के साथ बक्सर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित पक्ष से बातचीत की और गांव में पुलिस बल की तैनाती कर दी।

विधायक की नाराजगी पर भड़के डॉक्टर, बोले- आपके जैसे कई आए-गए

गाजीपुर उत्तर प्रदेश के गाजीपुर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें एमएलए और डॉक्टर के बीच जमकर कहासुनी हुई। दोनों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि डॉक्टर ये कहते हुए कुर्सी से उठ गए कि आपके जैसे विधायक आए और गए। हालांकि लाइव हिन्दुस्तान वायरल पुष्टि नहीं करता है। ये मामला शुक्रवार का है। जखनिया स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर विधायक बेदी राम औचक निरीक्षण करने पहुंचे। सुबह 11 बजे तक कई कर्मचारी अनुपस्थित रहे तो कइयों ने उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर नहीं किया था। इस दौरान विधायक और सीएसची अधीक्षक डॉ. योगेंद्र यादव के बीच कहासुनी हो गई। डॉक्टर विधायक पर बिना वजह दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए कुर्सी छोड़कर केबिन से बाहर चले गए। इसके बाद विधायक ने मरीजों से बातचीत की और उसने मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। जानकारी के अनुसार जखनिया विधायक बेदी राम सुबह करीब 11 बजे सीएचसी पहुंचे। इस दौरान अधीक्षक डॉ. योगेंद्र यादव ने बताया कि 19 कर्मचारी कार्यरत है। जबकि संविदा पर 29 हैं। एएनएम की ड्यूटी तीन शिफ्ट में लगाई जाती है इसलिए उनके हस्ताक्षर रजिस्टर पर नहीं हुए हैं। सुभाषपा विधायक ने प्रभारी डॉक्टर से कहा कि अस्पताल पर जो भी कर्मचारी कार्यरत हैं उन्हें स्पष्ट निर्देश दीजिए कि वे आने के बाद उपस्थिति पंजिका पर हस्ताक्षर करने के बाद ही काम शुरू करें। पूछताछ के दौरान प्रभारी चिकित्साधिकारी और विधायक में नोकझोक होने पर डॉक्टर अपनी कुर्सी छोड़कर बाहर चले गए। कहा कि सम्मान से और शासन की मंशा के अनुरूप ही कार्य कर रहा हूं। नाजायज ऊपर दबाव बनाया जाएगा तो मैं इस्तीफा दे दूंगा। इस दौरान विधायक ने वार्डो में भर्ती मरीजों से दवा,भोजन,नास्ता मिलने की पूछताछ की। मरीजों ने बताया कि उन्हें भोजन हो या नास्ता बाहर से मंगवाना पड़ता है। विधायक के भड़कने पर डॉक्टर ने कहा, "आप जिस तरह चिल्लाकर बात कर रहे हैं। ऐसा मुझे बिलकुल पसंद नहीं है। मैं नौकरी करूं या नहीं…मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं सरकार की मंशा के अनुरूप से काम कर रहा हूं। मैं इस्तीफा भेज दूंगा। आपके जैसे कई विधायक आए और गए।"  

इत्र की खुशबू और आध्यात्मिक सर्किट से महका उत्तर प्रदेश पर्यटन

पुरी में आईएटीओ सम्मेलन में उत्तर प्रदेश बना आकर्षण का केंद्र विगत साढ़े 8 वर्षों में योगी सरकार ने पर्यटन को दिया नया आयाम कन्नौज के इत्र और अयोध्या के दीपोत्सव ने सम्मेलन में बटोरीं सुर्खियां  2030 तक यूपी को भारत का सबसे विविध पर्यटन गंतव्य बनाने का लक्ष्य आस्था, संस्कृति और आधुनिकता का संगम है उत्तर प्रदेश काशी विश्वनाथ धाम, श्रीराम मंदिर व कुंभ से अंतरराष्ट्रीय पहचान इको-टूरिज्म, वेलनेस और परफ्यूम टूरिज्म पर मुख्यमंत्री का फोकस लखनऊ/पुरी (ओडिशा), मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने एक बार फिर राष्ट्रीय मंच पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। ओडिशा के पुरी में चल रहे भारतीय पर्यटन ऑपरेटर संघ (आईएटीओ) के 40वें वार्षिक सम्मेलन में उत्तर प्रदेश चर्चा का मुख्य केंद्र रहा। 22 से 25 अगस्त तक आयोजित इस सम्मेलन का विषय “रीजुवेनेट इनबाउंड @2030” है और इसमें लगभग 1000 प्रतिनिधि (टूर ऑपरेटर, ट्रैवल मीडिया, होटल उद्योग और नीति निर्माता) शामिल हुए हैं। सम्मेलन के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश पर्यटन का स्टॉल सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र बना, जहां कन्नौज की सैकड़ों साल पुरानी इत्र बनाने की परंपरा, काशी-अयोध्या-प्रयागराज का आध्यात्मिक त्रिकोण और दीपोत्सव व रंगोत्सव जैसे भव्य सांस्कृतिक आयोजनों की झलक प्रस्तुत की गई। विशेष रूप से कन्नौज के इत्र और परफ्यूम टूरिज्म ने प्रतिनिधियों का मन मोह लिया। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य स्टॉल का उद्घाटन ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रावती परिदा ने किया। सम्मेलन में भाग लेते हुए पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आईएटीओ सम्मेलन हमारे लिए बड़ा अवसर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश को भारत का सबसे विविधतापूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाया जा रहा है। कन्नौज का इत्र, दीपोत्सव जैसे सांस्कृतिक आयोजन और धार्मिक धरोहर हमारे पर्यटन की खास पहचान हैं। हमारा लक्ष्य है कि 2030 तक यहां आने वाला हर पर्यटक यूपी की संस्कृति और आध्यात्मिकता से गहरा जुड़ाव महसूस करे। पर्यटन और संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने कहा कि उत्तर प्रदेश केवल अपनी धरोहर और स्मारकों को दिखाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां नई पर्यटन सुविधाएं, निजी निवेश और नए अनुभवों पर भी तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने बताया कि नदी पर्यटन, वेलनेस, एग्रो टूरिज्म और परफ्यूम टूरिज्म जैसे क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे प्रदेश आने वाले पर्यटकों को एक संपूर्ण अनुभव मिलेगा। यूपी टूरिज्म पर विशेष चर्चा सम्मेलन के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और नेटवर्किंग सत्रों में रामायण सर्किट, वाराणसी के रिवरफ्रंट और दुधवा-बुंदेलखंड के इको-टूरिज्म पर विशेष चर्चा हुई। इन चर्चाओं ने यह साफ किया कि उत्तर प्रदेश पर्यटन केवल धार्मिक धरोहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक और सतत पर्यटन मॉडल की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यटन ने बीते वर्षों में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। काशी विश्वनाथ धाम का भव्य पुनर्निर्माण, अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण, प्रयागराज में कुंभ का सफल आयोजन, मथुरा-वृंदावन में विकास कार्य, नए हवाईअड्डों और स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स ने प्रदेश को न केवल राष्ट्रीय बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है। आज यूपी में आने वाला हर पर्यटक यहां की आस्था, संस्कृति और आधुनिकता का संगम देखता है।  यूपी का प्रयास, पर्यटक न केवल यादें, बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़ाव की भावना भी लेकर जाए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि आईएटीओ सम्मेलन हमें उत्तर प्रदेश को भारत के सबसे बहुमुखी पर्यटन स्थल के रूप में प्रस्तुत करने का एक सुनहरा अवसर प्रदान करता है। कन्नौज में इत्र पर्यटन से लेकर दीपोत्सव जैसे विश्वस्तरीय सांस्कृतिक उत्सवों तक, हम ऐसे अनुभव निर्मित कर रहे हैं जो विरासत को नवीनता के साथ जोड़ते हैं। हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि वर्ष 2030 तक, उत्तर प्रदेश आने वाला प्रत्येक पर्यटक न केवल यादें, बल्कि हमारी संस्कृति और आध्यात्मिकता से जुड़ाव की भावना भी लेकर जाए। अगले दो दिन तक जारी रहेगा कार्यक्रम अगले दो दिनों तक उत्तर प्रदेश पर्यटन सम्मेलन में अपने कार्यक्रम जारी रखेगा और निवेशकों व साझेदारों को प्रदेश में पर्यटन की नई संभावनाएं दिखाएगा। यह सम्मेलन साबित करता है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश न केवल भारत के पर्यटन का भविष्य गढ़ रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है। इस अवसर पर पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के महानिदेशक सुमन बिल्ला, छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड की चेयरमैन नीलू शर्मा और उत्तर प्रदेश पर्यटन के अधिकारी मौजूद थे।

मंत्री ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में नगर विकास विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक संपन्न

सामान्य जल भराव व बाढ़ प्रभावित जनपदों में जलस्तर कम होने के साथ ही सभी क्षेत्रों में व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाए 100% डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण और अपशिष्ट निस्तारण पर जोर अगले 3 महीने व्यापक सफाई अभियान करने के निर्देश संचारी रोग फैलने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों पर होगी कड़ी कार्रवाई नगरों के आसपास कूड़े के पहाड़ और गलियों में परंपरागत कूड़े के ढेर अब नगरों की शब्दावली से होंगे दूर बड़े निकाय छोटे निकायों का कूड़ा लेकर उन्हें प्रोसेस करें बाढ़ प्रभावित जिलों में फ्लड मैन्युअल बनाने के निर्देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन से दो अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाया जाए :मंत्री   के शर्मा लखनऊ, नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री  ए.के. शर्मा की अध्यक्षता में नगर विकास विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में जल स्तर कम होते ही स्वच्छता अभियान चलाने, बाढ़ प्रभावित जिलों में नगर विकास विभाग द्वारा अपना फ्लड मैन्युअल बनाने एवं प्रधानमंत्री जी के जन्मदिन से दो अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान मंत्री शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ का पानी कम होने के साथ ही नगर निकायों में व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाए।उन्होंने अगले तीन महीने तक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाए जाने के दिशा निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव वाले क्षेत्रों में संचारी रोग फैलने की आशंका अधिक रहती है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी एवं निकायकर्मी इसकी विशेष निगरानी रखें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी क्षेत्र में लापरवाही बरती गई और संचारी रोग फैलने की स्थिति उत्पन्न हुई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। मंत्री शर्मा ने सभी बाढ़ प्रभावित जिलों के लिए फ्लड मैनुअल तैयार करने के निर्देश दिए ताकि बाढ़ प्रबंधन एवं राहत कार्य समयबद्ध और प्रभावी ढंग से किए जा सके। उन्होंने कहा कि अक्सर अधिकारियों के स्थानांतरण होते रहते हैं, फ्लड मैन्युअल से किसी भी अधिकारी को बाढ़ की चुनौतियों से निपटने के लिए अग्रिम कार्य योजना बनाने एवं आवश्यक कार्यवाही करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही नगर विकास मंत्री ने सामान्य जल भराव के संबंध में भी स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी जनपदों के अधिकारी सामान्य जल भराव वाले क्षेत्रों में जाएं, वहां कारण पता करें और ऐसे स्थाई उपाय करें कि भविष्य में वहां जल भराव की स्थिति उत्पन्न ना हो।इसके साथ ही संपूर्ण कार्य का डॉक्यूमेंटेशन भी करें।उन्होंने लखनऊ विधानसभा परिसर का उदाहरण देते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया की जो भी उपाय हो वह स्थाई और ऐसे हो कि अगले वर्ष वहां जल भराव किसी भी कीमत पर ना हो। इसके अतिरिक्त, नगर विकास मंत्री ने स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष बल देते हुए कहा कि सभी नगर निकाय यह सुनिश्चित करें कि 100% डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण हो तथा 100% अपशिष्ट निस्तारण की व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में लखनऊ मॉडल को अपनाते हुए सभी नगर निकाय प्रभावी ढंग से कार्य करें।बैठक में नगर विकास मंत्री ने यह भी कहा कि स्वच्छता और अपशिष्ट निस्तारण की गुणवत्ता में सुधार के लिए तकनीक और नवीन उपायों का उपयोग किया जाए। नगर विकास मंत्री ने कहा की नगरों के पास आसपास कूड़े के पहाड़ और गलियों में परंपरागत कूड़े के जो देर हैं अब नगरों के शब्दावली से दूर होने चाहिए उन्होंने बड़े निकायों को छोटे निकायों का कूड़ा लेकर प्रोसेस करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वे अपने-अपने स्तर से स्वच्छता अभियान में सहयोग करें और कूड़ा इधर-उधर न फेंके।नगर विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिन से दो अक्टूबर तक विशेष स्वच्छता पखवाड़ा चलाए जाने के निर्देश दिए। बैठक में वाराणसी,प्रयागराज के साथ ही विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति की जानकारी दी।मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की शहरी निकायों को स्वच्छ, स्वस्थ और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जाए।इस बैठक में राजधानी लखनऊ से वरिष्ठ अधिकारी अजय कुमार शुक्ला,अनुज झा,ऋतु सुहास सहित सभी संबंधित जिलों के अधिकारी वर्चुअल जुड़े रहे।

31 अगस्त को भागीदारी भवन में आयोजित होगा ‘विमुक्त जाति दिवस’

– सीएम योगी के नेतृत्व में प्रदेश में सामाजिक समावेश को बढ़ावा दे रही राज्य सरकार – विमुक्त जातियों के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कई योजनाएं संचालित कर रही है योगी सरकार लखनऊ, योगी सरकार समाज के हाशिए पर रहे विमुक्त जाति समुदाय को मुख्यधारा में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में 31 अगस्त को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में ‘विमुक्त जाति दिवस’ का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बताया कि इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से विमुक्त जाति समुदाय के लोग हिस्सा लेंगे, जो सामाजिक समावेश और सशक्तीकरण का प्रतीक होगा। ‘विमुक्त जाति दिवस’ का ऐतिहासिक महत्व है। 31 अगस्त 1952 को भारत सरकार ने अंग्रेजों द्वारा थोपे गए काले कानून ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ को समाप्त किया था, जिसने कई समुदायों को अपराधी घोषित कर उनके अधिकार छीन लिए थे। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार इस दिन को ‘विमुक्त जाति दिवस’ के रूप में मनाकर इन समुदायों को सम्मान और नई पहचान दे रही है। योगी सरकार विमुक्त जातियों के उत्थान के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में कई योजनाएं संचालित कर रही है। इसके तहत विमुक्त जाति के लोगों को पट्टे पर भूमि आवंटन की सुविधा भी प्रदान की जा रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने विमुक्त जातियों के लिए समावेशी विकास को प्राथमिकता दी है। समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाएं इन समुदायों को शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान कर रही हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और आवासीय योजनाओं के माध्यम से इनके जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का प्रयास किया जा रहा है। मंत्री असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य है कि विमुक्त जाति के लोग समाज की मुख्यधारा में शामिल हों और उनके बच्चे उच्च शिक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में अपनी जगह बनाएं। यह कार्यक्रम न केवल सामाजिक समरसता को बढ़ावा देगा, बल्कि विमुक्त जातियों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करेगा। योगी सरकार की यह पहल विमुक्त जाति समुदाय के लिए नई आशा और अवसरों का प्रतीक है, जो उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

प्रोटोकॉल विवाद में फंसे यूपी मंत्री का बेटा, निजी सचिव को पद से हटाया गया

लखनऊ योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह के पुत्र अभिषेक सिंह को प्रोटोकॉल दिलाने का पत्र जारी करना मंत्री के निजी सचिव को महंगा पड़ा। इस मामले नाराजगी जताते हुए स्वतंत्रदेव सिंह ने अपने निजी सचिव आनंद शर्मा को हटा दिया है। कहा जा रहा है कि मंत्री की बिना जानकारी में लाए निजी सचिव द्वारा यह पत्र जालौन के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक को जारी किया गया था। हालांकि इस मामले के तूल पकड़ने और मीडिया में आने के बाद आनंद शर्मा ने पत्र को फर्जी करार दिया। बता दें कि मंत्री पुत्र अभिषेक सिंह को जालौन में आयोजित तिरंगा यात्रा में भाग लेने जाना था। कोई आधिकारिक पद न होने के बावजूद मंत्री के निजी सचिव द्वारा जालौन के डीएम-एसपी को मंत्री पुत्र को प्रोटोकॉल दिलाने के लिए पत्र जारी कर दिया गया था। यह पत्र गत दिवस वायरल हो गया था। शुक्रवार को जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह द्वारा बिना जानकारी में लाए इस तरह का पत्र जारी करने पर पद से हटा दिया। विपक्ष साध रहा था निशाना जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के बेटे को प्रोटोकॉल देने को लेकर जारी हुए पत्र के वायरल होते ही विपक्ष सरकार पर हमलावर हो गया था। सपा और कांग्रेस के नेता इस पर सवाल खड़े कर रहे थे। 14 अगस्त को मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के निजी सचिव आनंद कुमार द्वारा जालौन के डीएम और एसपी को भेजे गए पत्र में अभिषेक सिंह को स्वतंत्रता दिवस यानी 15 अगस्त के दिन प्रोटोकॉल दिए जाने का उल्लेख था। यह पत्र सोशल मीडिया में वायरल हो गया था। इसके बाद सवाल उठाया जाने लगा कि आखिर किस आधार पर मंत्री के परिवार के किसी सदस्य को प्रशासनिक प्रोटोकॉल दिया जा सकता है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को तत्काल घेरना शुरू कर दिया। कांग्रेस नेता विश्वविजय सिंह ने ‘एक्स’ पर लिखा- ‘वंशवाद को लेकर सर्वाधिक शोर मचाने वाली भाजपा के सरकार में अब मंत्री पुत्र को भी प्रोटोकॉल! जलशक्ति मंत्री के पुत्र को बिना किसी पद पर रहते प्रोटोकॉल देना यूपी भाजपा सरकार के नैतिक पतन की पराकाष्ठा है।’ सोशल मीडिया पर कई अन्य लोगों ने यह पत्र साझा करते हुए सवाल उठाए थे।  

भीषण सड़क दुर्घटना से कोहराम: टेंपो के परखच्चे उड़ने से 5 लोगों की गई जान

पीलीभीत पीलीभीत जिले के जहानानाबाद क्षेत्र में शनिवार दोपहर भीषण सड़क हादसा हुआ। कार और टेंपो की टक्कर से टेंपो में सवार मासूम समेत पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को जहानाबाद सीएचसी पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने घायलों का उपचार शुरू किया। हादसा जहानाबाद क्षेत्र के बिसेन गांव के पास हरिद्वार नेशनल हाईवे पर हुआ। राहगीरों के अनुसार टेंपो पीलीभीत की ओर से आ रहा था। टेंपों में करीब 10 लोग सवार थे। इस दौरान अमरिया की ओर से आई कार से टेंपो की आमने-सामने की भिंड़त हो गई। जोरदार टक्कर में टेंपो क्षतिगस्त होकर पलट गया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। चीख पुकार के बीच मौके पर भारी भीड़ एकत्र हो गई। चालक कार छोड़कर फरार हो गया। सूचना पर जहानाबाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को जहानाबाद सीएचसी ले जाया गया। जहां मासूम समेत पांच लोगों को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। जबकि घायल पांच अन्य लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया है। जहां उनका उपचार जारी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचायतनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी। हादसे में इनकी हुई मौत हादसे में नगर पंचायत नौगवां पकड़िया निवासी राजदा (45 वर्ष) पत्नी अल्ताफ, उनकी दो वर्षीय नातिन हमजा पुत्री सुल्तान, जानिसार पुत्र जागीर शाह निवासी पश्चिम बंगाल, टेंपो चालक विजय (30 वर्ष) पुत्र लीलाधर निवासी खमड़िया दलेलगंज और फरीदा की मौत हुई है। घायलों में मृतक मासूम की मां मुस्कान, फरजंद अली, सहरीना व फैजुल आदि शामिल हैं। इनका उपचार चल रहा है। अस्पताल पहुंचे डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि पांच लोगों की मौत हुई है। बाकी लोग घायल हैं। उनका उपचार चल रहा है। एक गंभीर घायल को बरेली रेफर किया गया है। 

सिर्फ 16 महीने बाद यूपी की सियासी परीक्षा, नए गुणा-गणित में जुटी पार्टियां

लखनऊ सियासी मंचों से भले ही लोक कल्याणकारी उद्देश्यों की बातें की जाएं, सियासत की धुरी को लोगों के अच्छे और सरल जीवन यापन पर केंद्रित करने के दावे हों लेकिन फिलहाल यूपी की राजनीतिक हकीकत इससे बिलकुल इतर नज़र आ रही है। यूपी में नेताओं की ‘परीक्षा’ यानी विधानसभा चुनाव अभी 16 महीने दूर हैं लेकिन कमोबेश सभी सियासी दल खासतौर पर राजग में सहयोगी दल से लेकर खुद भाजपा के विधायक जातीय जोड़-घटाना करने में जुट गए हैं। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव वर्ष 2027 के फरवरी-मार्च में होने हैं। ऐसे में विपक्षी दल सपा पीडीए को मजबूत करने में जुटी है। सपा जिलों-जिलों में ‘पीडीए’ सम्मेलन शुरू कर रही है। कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष हिन्दवी कहते हैं कि मंडल हो या फिर जिला स्तर पर कांग्रेस ‘संगठन सृजन’ के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि संगठन में 60 फीसदी हिस्सेदारी दलितों, मुस्लिमों और अन्य पिछड़ों की हो। प्रदेश कांग्रेस कमेटी में ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल गठित की गई है और 14 जुलाई को भागीदारी न्याय सम्मेलन किया गया। खुद भाजपा में जातीय जोड़-घटाना जोरों पर है। प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया अटकी होने के मद्देनज़र जातीय खेमे प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष अपनी दावेदारी के संकेत दे रहे हैं। पहले आंवला में भाजपा के कद्दावर मंत्री धर्मपाल सिंह के जरिये लोध सम्मेलन किया गया। वहीं कुर्मियों की ओर से ‘सरदार पटेल बौद्धिक मंच’ के बैनर तले लखनऊ में सम्मेलन किया गया। इसके कर्ताधर्ता इंजीनियर अवनीश सिंह थे। उन्हें जलशक्ति मंत्री का सबसे करीबी माना जाता है। इस सम्मेलन में अपना दल के नेता आशीष पटेल ने भी जोरशोर से शिरकत की। इसके जरिये भी सियासी संदेश देने की कोशिश की गई। इसी तर्ज पर अलीगढ़ में गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर ‘हिन्दू गौरव दिवस’ के रूप में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित कर ताकत दिखाई गई। वैसे यह कार्यक्रम हर वर्ष होता रहा है लेकिन चुनावों के मद्देनज़र इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दूसरी ओर अति अन्य पिछड़ी जातियों की सियासत करने वाले निषाद पार्टी के मुखिया संजय निषाद ने भी पुरानी मांग उठाना शुरू कर दी है। ‌उन्होंने दिल्ली में ताकत दिखाकर भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को संदेश देने का प्रयास किया है कि अति पिछड़ी जातियों को एससी का दर्जा देने की उनके दल की मांग पर ध्यान दिया जाए। क्षत्रिय विधायकों में भी लामबंदी के प्रयास क्षत्रिय विधायकों ने भी लखनऊ के एक होटल में कुटुंब सम्मेलन कर अपनी ताकत दिखाने की कोशिश की। इसमें सपा से हटाए गए क्षत्रिय विधायकों अभय सिंह व राकेश सिंह ने भी शिरकत की थी। राजनीतिक विश्लेषक पूर्व आईजी अरुण कुमार गुप्ता कहते हैं-‘छोटे दलों ने यह कवायद विधानसभा चुनाव में टिकटों की दावेदारी के मद्देनज़र की है। इसे ताकत दिखाने और सत्तारूढ़ दल व विपक्ष के बीच तवज्जो मिलने की सौदेबाजी के रूप में भी देखा जा रहा है। वहीं सत्तारूढ़ दल के धड़ों की यह मशक्कत प्रदेश अध्यक्ष के पद पर चयन की दावेदारी के रूप में भी देखी जा रही है।  

इंद्रेश कुमार का कांग्रेस पर हमला: देश को तोड़ा, बचा भारत स्वतंत्रता के नाम पर सौंपा

नई दिल्ली आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस भाषण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि "संघ जोड़ने का काम करता है, तोड़ने का नहीं." इंद्रेश कुमार के अनुसार, पिछले 100 वर्षों में भारत के विकास में आरएसएस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. प्रधानमंत्री द्वारा लाल किले से संघ के कार्यों की सराहना करना, उनके मुताबिक, एक बड़ा संकेत है. आरएसएस नेता इंद्रेश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, "वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व ने स्वतंत्रता के लिए कुछ नहीं किया, वे उनके पूर्वज थे. जैसे हमारे पूर्वजों ने भी स्वतंत्रता संग्राम लड़ा. सच यह है कि कांग्रेस ने देश का बंटवारा किया और जो बचा, उसे स्वतंत्र घोषित किया गया." इंद्रेश कुमार ने हिमालय की अहमियत पर जोर देते हुए कहा कि हिमालय केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया का पोषण करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कभी चीन, कभी पाकिस्तान और कभी पश्चिमी ताकतें हिमालय के सांस्कृतिक संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश करती हैं.  बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा, दलाई लामा वापस जाएंगे! आरएसएस नेता ने कहा, "हिमालय परिवार इस संकल्प के साथ काम कर रहा है कि हिमालय की सुरक्षा हो, वह भारत को सुरक्षा का आश्वासन दे और चीन के अतिक्रमण से मुक्त हो. हमारा लक्ष्य है कि कैलाश मानसरोवर को चीन के कब्जे से मुक्त कराएं." इंद्रेश कुमार ने आगे कहा कि बहुत जल्द तिब्बत आजाद होगा और दलाई लामा वहां वापस लौटेंगे. साथ ही, भारत यह सुनिश्चित करेगा कि चीन ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाकर उत्तर-पूर्व को संकट में न डाले. ऑपरेशन सिंदूर और भारत की स्थिति इंद्रेश कुमार ने पाकिस्तान और चीन पर भी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारत ने पाकिस्तान, अमेरिका और चीन को सबक सिखाया. उन्होंने कहा, "भारत ने पाकिस्तान में बने चीनी एयरबेस तबाह कर दिए, जिन्हें भारत को नुकसान पहुंचाने के लिए बनाया गया था. चीन कुछ नहीं कर पाया. पाकिस्तान को मिले तुर्की के ड्रोन्स भी नष्ट कर दिए गए." आरएसएस नेता ने दोहराया कि भारत ने केवल आतंकी और सैन्य ढांचे को निशाना बनाया, नागरिकों को नहीं. साथ ही, उन्होंने साफ कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच कभी कोई मध्यस्थ था, न है, न होगा. उन्होंने कहा, "पीओके वापस लेना ही बाकी है और हम इसे भी पूरा करेंगे. आज भारत अमेरिका, चीन, रूस और यूरोप के बराबर खड़ा है. भारत दुनिया से संघर्ष खत्म करेगा और शांति और सद्भावना लाएगा."  

उमर अंसारी पर कार्रवाई, गाजीपुर से कासगंज जेल में भेजा गया

गाजीपुर  यूपी में आईएस-191 गैंग के सरगना रहे मुख्तार अंसारी के छोटे बेटे उमर अंसारी को शनिवार की सुबह गाजीपुर से कासगंज जेल भेज दिया गया। अलसुबह छह बजे कड़ी सुरक्षा में उमर को कासगंज के लिए रवाना कर दिया गया। माना जा रहा है कि देर शाम तक उमर कासगंज पहुंच जाएंगे। उमर को 50 हजार की इनामी अपनी मां आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर कर कोर्ट में अर्जी दाखिल करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। करीब एक महीने से उमर जेल में बंद है। उमर का बड़ा भाई अब्बास अंसारी भी चित्रकूट जेल में अवैध रूप से पत्नी से मुलाकात के दौरान पकड़े जाने के बाद लंबे समय तक कासगंज की जेल में ही बंद था। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद अब्बास बाहर आया और इन दिनों जमानत पर है। मुख्तार अंसारी की पत्नी आफ्शा अंसारी के नाम से शहर कोतवाली के देवड़ी बल्लभ दास में दर्ज संपत्ति कुछ साल पहले कुर्क की गई थी। गैंगस्टर एक्ट में कुर्क संपत्ति को छुड़ाने के लिए मुख्तार के छोटे बेटे उमर अंसारी ने कोर्ट में अधिवक्ता लियाकत अली के जरिए याचिका दाखिल की थी। आरोप है उमर ने इस याचिका में अपनी मां और 50 हजार की इनामी आफ्शा अंसारी का फर्जी हस्ताक्षर किया था। मामला प्रकाश में आने पर मुहम्मदाबाद कोतवाली में उमर अंसारी और उसके अधिवक्ता लियाकत अली के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उमर को लखनऊ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में एडीजे कोर्ट ने जमानत अर्जी भी खारिज कर दी थी। इसके बाद उमर को गाजीपुर की जिला जेल में रखा गया था। इसी बीच गाजीपुर जेल से कासगंज शिफ्ट करने का फरमान लखनऊ से आया। इसके बाद शनिवार की सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच उमर को गाजीपुर से कासगंज जेल के लिए रवाना कर दिया गया। इस मामले में शुक्रवार को वकील लियाकत अली की भी अग्रिम जमानत अर्जी एडीजे शक्ति सिंह की कोर्ट ने खारिज कर दी थी। लियाकत को अभी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकी है।