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विवाहिता की रहस्यमय मौत, पंचायत के बाद ससुराल लौटने के कुछ ही समय में हुई घटना

गोरखपुर  यूपी के गोरखपुर से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जहां शनिवार की सुबह एक नव विवाहिता का शव उसके कमरे में बेड पर संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार को महिला थाने से विवाहिता को पंचायत के बाद विदा कराकर ससुराल के लोग ले गए थे और शनिवार को उसकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शादी के बाद से विवाहिता अक्सर मायके में रहती थी। मृतक की मां ने ससुरालियों पर दहेज हत्या का केस दर्ज कराई है। गुलरिहा पुलिस मामले की जांच कर रही है। खोराबा क्षेत्र के नौवा अव्वल के रहने वाले महेंद्र गुप्ता ने 23 वर्षीय बेटी संध्या गुप्ता की शादी 8 मई 2025 को गुलरिहा क्षेत्र के जंगल नाकिन छोटका टोला के रहने वाले अवनीश गुप्ता से की थी। शादी के बाद पति-पत्नी के बीच संबंध ठीक नहीं चल रहा था। इस वजह से संध्या अक्सर मायके में रहती थी। शुक्रवार को महिला थाने में लड़का व लड़की पक्ष की पंचायत हुई और लड़की को युवक विदा कराकर अपने घर ले गया था,शनिवार की सुबह संध्या का शव बेड पर पड़ा मिला,वही कमरे का दरवाजा खुला था। सुबह मृतका के ससुराल पक्ष ने डायल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची गुलरिहा पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु मर्चरी गृह भेज दिया है। मृतका की मां ने दहेज हत्या की दी तहरीर मृतका की मां ने गुलरिहा पुलिस को लिखित तहरीर देकर बताया है कि शादी के बाद से ससुराल के लोग बेटी को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज की मांग की बात बेटी अपनी मां से बताती थी। धीरे-धीरे सब ठीक हो जाएगा इसी बात के इंतजार में शनिवार की सुबह फोन पर सूचना मिला कि बेटी संध्या को उसका पति अवनीश, ससुर ओमप्रकाश,सास सुमित्रा,ननद गुड़िया व मनीषा मिलकर दहेज के लिए हत्या कर दी। वहीं लड़का पक्ष का आरोप है कि शादी से पहले संध्या का गांव के एक युवक से प्रेम संबंध था। इस वजह से वह अक्सर मायके भागकर जाती थी। शादी के बाद से पति को कभी नजदीक नहीं आने दी थी।  

24 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, रविवार से जारी होगा नया अलर्ट

लखनऊ  यूपी में मानसून एक बार फिर से लौट आया है। मौसम विभाग ने शनिवार को 24 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।  उत्तर प्रदेश में मानसून के दोबारा सक्रिय होने से माैसम ने करवट ली है। माैसम विभाग ने 25 अगस्त तक प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रुक-रुक कर कहीं मध्यम तो कहीं भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। शुक्रवार को दक्षिणी, पूर्वी और तराई के इलाके में कहीं हल्की तो कही मध्यम बारिश देखने को मिली।  पूर्वी यूपी के जाैनपुर में सर्वाधिक 80 मिमी बारिश दर्ज की गई। वहीं लखीमपुर खीरी और महराजगंज में 70 मिमी बारिश दर्ज की गई। माैसम विभाग ने शनिवार के लिए प्रयागराज, सोनभद्र, वाराणसी, आगरा समेत प्रदेश के 24 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 59 जिलों में गरज चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने नये वेदर सिस्टम के असर से यूपी के ज्यादातर इलाकों में अच्छी बारिश के आसार हैं। 24 व 25 अगस्त को बारिश के और जोर पकड़ने के संकेत हैं।   यहां है भारी बारिश का येला अलर्ट बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, लखनऊ, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, भदोही, गाजीपुर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी, ललितपुर व आसपास के इलाकों में। यहां है वज्रपात की आशंका सीतापुर, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकरनगर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर आदि में।   राजधानी में आज से बढ़ेगा बारिश का जोर राजधानी में बीते दो दिनों से माैसम ने करवट ली है। बादलों की सक्रियता बढ़ने से यहां छिटपुट बूंदाबांदी का दाैर जारी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक अगले दो दिनों तक लखनऊ में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। 24 व 25 अगस्त को लखनऊ में मध्यम से भारी बारिश की परिस्थितियां बन सकती हैं। शुक्रवार को दोपहर में हजरतगंज, डालीबाग, गोमतीनगर, आलमबाग आदि इलाकों में हल्की फुहारें पड़ीं। दिन भर बादलों की आवाजाही बने रहने से उमस भरी गर्मी में कमी आई। इससे अधिकतम तापमान 0.2 डिग्री की मामूली गिरावट के साथ 33.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान एक डिग्री की गिरावट के साथ 26.4 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ।  

दिल दहला देने वाली घटना: पिता को दिखाई बेटी से मारपीट का वीडियो, मौत के बाद भाई की आत्मदाह की कोशिश

कानपुर  कानपुर में एक विवाहिता के साथ ससुरालियों ने जुल्म की इंतहा कर दी। विवाहिता के पिता को कॉल कर बेटी से मारपीट का लाइव वीडियो दिखाया। पिता से यह भी कहा कि बेटी को बचा सको तो बचा लो। परेशान पिता तत्काल बेटी के ससुराल पहुंचे तो देर हो चुकी थी। बेटी का शव फांसी के फंदे पर लटक रहा था। पिता और परिजनों ने ससुरालियों पर हत्या कर शव को लटकाने का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। केशवपुरम के अशोक वाटिका चौराहे के पास शव रखकर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान बहन की मौत से आहत भाई ने आत्मदाह का भी प्रयास किया। मौके पर मौजूद एडीसीपी वेस्ट ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसके बाद भी घंटों लोग सड़क पर ही जमे रहे। पनकी थाने में तैनात होमगार्ड रामप्रसाद ने दो साल पहले अपनी बेटी पूजा की शादी बारासिरोही निवासी हिमांशु तिवारी के साथ की थी। शादी के बाद से ही प्लॉट और बुलेट की मांग को लेकर ससुरालियों ने पूजा को प्रताड़ित कर रहे थे। शुक्रवार को पूजा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। विवाहिता के परिजनों ने ससुरालियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाकर शनिवार को केशवपुरम के अशोक वाटिका चौराहे पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। इस दौरान ससुरालियों पर कार्रवाई न होने और बहन की मौत से आहत भाई ने आत्मदाह का प्रयास भी किया। एडीसीपी वेस्ट कपिल देव सिंह ने बताया कि ससुरालियों के खिलाफ परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है। मौके पर परिजनों को समझा-बुझाकर शांत करने का प्रयास किया जा रहा है। विवाहिता के पिता ने बताया कि शुक्रवार को ससुरालियों ने उन्हें कॉल कर बेटी के साथ मारपीट का लाइव वीडियो दिखाया था। साथ ही धमकी दी थी कि इसे बचा सको तो बचा लो। आनन-फानन में घर पहुंचे पिता को उनकी बेटी फंदे पर लटकी मिली। परिजनों का आरोप है कि उनकी बेटी की हत्या कर उसे लटकाया गया है।  

अब सहकारी बैंकों में भी क्यूआर कोड से होगा भुगतान, किसानों को खाद वितरण में बढ़ोतरी

लखनऊ  मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकारी बैंकों में क्यूआर कोड से भुगतान का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस बार पहले से अधिक खाद बांटी गई है। किसान सहकारी समितियों से खाद ले रहे हैं। राजधानी लखनऊ में शनिवार को सहकारिता मंत्री जेपीएस राठौर ने सहकारी बैंकों में क्यूआर कोड के जरिये भुगतान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम महात्मा गांधी मार्ग स्थित यूपी को-आपरेटिव बैंक लिमिटेड में हुआ। इस मौके पर मंत्री ने किसानों को हो रही खाद समस्या से लेकर विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि किसान सहकारी समिति पर खाद ले रहे हैं। इस बार पहले से ज्यादा खाद बांटी गई है।  मंत्री ने आगे कहा कि समितियों की मरम्मत भी कराई जा रही है। अब तक 980 सहकारी समिति की मरम्मत की गई। सपा शासनकाल में बंद समिति को चालू किया गया है। सभी को 10 लाख की मदद की गई है। हर जगह इंटरनेट की सुविधा दी जा रही है। बिजली के लिए हम लोग सोलर लाइट लगवा रहे हैं। सभी बंद समितियां खोली जा रही हैं। दूसरी जगह से भी मैन पवार का इंतजाम किया जा रहा है। 

उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यायिक व्यवस्था सुगम और त्वरित होना जरूरी- सीएम योगी – उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन में सम्मिलित हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ – सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा की – न्यायपालिका के सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है- मुख्यमंत्री – हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा- मुख्यमंत्री – विकसित उत्तर प्रदेश का सपना तभी साकार होगा, जब न्यायिक व्यवस्था और मजबूत हो- मुख्यमंत्री – समय पर सस्ता और सुगम न्याय मिले, सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है- सीएम योगी  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब हमारी न्यायिक व्यवस्था सुगम, त्वरित और सुलभ हो। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण आवश्यक है और इसके लिए एक मजबूत और त्वरित न्यायिक व्यवस्था अनिवार्य है। सीएम योगी शनिवार को उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को संबोधित कर रहे थे। लखनऊ में आयोजित इस भव्य सम्मेलन में सीएम योगी ने न्यायिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका को सुशासन का रक्षक बताया और कहा कि इसके सुदृढ़ीकरण के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर सीएम ने संघ की स्मारिका का अनावरण भी किया। इस दौरान सीएम योगी ने न्यायिक सेवा संघ के लिए 50 करोड़ रुपये का कॉर्पस फंड देने की घोषणा भी की। न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ एकता और दक्षता का प्रतीक- सीएम योगी सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ के 42वें अधिवेशन को 'न्यायिक अधिकारियों का महाकुंभ' बताते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल एकता और परस्पर सहयोग का प्रतीक है, बल्कि व्यावसायिक दक्षता और बेस्ट प्रैक्टिस को बढ़ावा देने का भी मंच है। सीएम ने इस अवसर पर सभी उपस्थित न्यायमूर्तियों, अवकाश प्राप्त न्यायमूर्तियों और प्रदेश भर से आए न्यायिक अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह अधिवेशन ऐसे समय में आयोजित हुआ, जब भारत अपने संविधान के अमृत महोत्सव वर्ष में प्रवेश कर चुका है। सीएम ने कहा कि संविधान की मूल थीम ‘न्याय, स्वतंत्रता और बंधुता’ इस आयोजन का आधार है। उन्होंने प्रयागराज के महाकुंभ का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह महाकुंभ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, उसी तरह यह अधिवेशन न्यायिक अधिकारियों की एकता और उनकी पेशेवर दक्षता को प्रदर्शित करता है। देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय उत्तर प्रदेश का गौरव है- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उत्तर प्रदेश में देश का सबसे बड़ा उच्च न्यायालय मौजूद है। प्रयागराज में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की मुख्य पीठ और लखनऊ में इसकी बेंच प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। यह न केवल हमारे लिए, बल्कि देश और दुनिया के सामने उत्तर प्रदेश की छवि को विश्वास के रूप में प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि 102 वर्षों के अपने इस इतिहास में उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने अनेक उपलब्धियां हासिल की है और मुझे विश्वास है कि यहां मौजूद सभी न्यायिक अधिकारी न केवल न्यायिक सेवा से जुड़े हुए हैं बल्कि, परस्पर सहयोग, एकता और व्यावसायिक दक्षता का भी एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करने में सफल होंगे। एक वर्ष में 72 लाख मामलों का निस्तारण बड़ी उपलब्धि है- सीएम योगी  सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि सुशासन का लक्ष्य तभी प्राप्त हो सकता है, जब न्यायिक व्यवस्था समयबद्ध, सस्ती और सुलभ हो। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में जनपद और ट्रायल कोर्ट में 72 लाख मामलों का निस्तारण हुआ, जो एक बड़ी उपलब्धि है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अभी भी 1.15 करोड़ से अधिक मामले लंबित हैं, जो एक चुनौती है। सीएम योगी ने कहा कि हमारी गति जितनी तेज होगी, आम जनमानस में विश्वास उतना ही मजबूत होगा। इसके लिए सरकार हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है। सीएम ने नए आपराधिक कानूनों, भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के लागू होने का उल्लेख किया, जो 1 जुलाई 2024 से प्रभावी हुए। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक आशंकाओं के बावजूद, न्यायिक अधिकारियों ने इन्हें तत्परता से लागू किया, जिससे ये कानून दंड पर आधारित न होकर न्याय की सुदृढ़ व्यवस्था पर केंद्रित साबित हुए। सीएम योगी ने विश्वास जताते हुए कहा कि ये कानून भारत की न्यायपालिका और लोकतंत्र को और मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होंगे। सीएम योगी ने न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से किया उल्लेख  मुख्यमंत्री ने योगी सरकार द्वारा न्यायिक व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि सरकार ने उच्च न्यायालय के लिए आवासीय और अन्य सुविधाओं के लिए व्यापक धनराशि स्वीकृत की है। इसमें प्रयागराज में उच्च न्यायालय के न्यायमूर्तियों के आवास के लिए निर्माण 62.41 करोड़ रुपये, लखनऊ बेंच के लिए 117 करोड़ रुपये। उच्च न्यायालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए: 99 करोड़ रुपये। प्रयागराज में 896 आवासीय इकाइयों के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति। वाणिज्यिक खंड के निर्माण के लिए 112.06 करोड़ रुपये। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के हेरिटेज भवन के रखरखाव के लिए: 44.91 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति प्रमुख हैं। इसके अलावा, सरकार ने 10 जनपदों में इंटीग्रेटेड कोर्ट परिसर की स्थापना के लिए 1,645 करोड़ रुपये स्वीकृत किए, जिनमें से 6 जनपदों में कार्य शुरू हो चुका है। ये परिसर जनपद न्यायालयों, मोटर दुर्घटना दावों, परिवार न्यायालयों और वाणिज्यिक अदालतों को एकीकृत सुविधा प्रदान करेंगे। महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों पर सख्ती महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि 381 पॉक्सो और फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार के सहयोग से कोर्ट रूम और आवासीय निर्माण के लिए 2023-24 में 148 करोड़, 2024-25 में 239 करोड़ और 2025-26 में 75 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि जारी की गई है।  डिजिटल और आधुनिक तकनीक का उपयोग के लिए सरकार प्रयासरत- सीएम योगी सीएम ने डिजिटल बुनियादी ढांचे और आधुनिक तकनीक … Read more

खूंखार अपराधी का अंतः पुलिस मुठभेड़ में मारा गया 1 लाख का इनामी

लखनऊ यूपी एसटीएफ ने एक लाख के इनामी बदमाश शंकर कन्नौजिया को मुठभेड़ में मार गिराया है. इसके पहले खूंखार बदमाश ने एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी. जवाबी कार्रवाई में वह वहीं ढेर हो गया. पुलिस को मौके से एक कार्बाइन, नाइन एमएम की पिस्टल, एक खुखरी और भारी मात्रा में कारतूस बरामद हुए हैं. शंकर पर लूट और हत्या जैसी संगीन वारदातों के मामले चल रहे थे. शंंकर 2011 से फरार चल रहा था, जिसने सिर काटकर हत्या की थी. बता दें कि आतंक का पर्याय बने आजमगढ़ जिले के रौनापार थाना क्षेत्र स्थित हाजीपुर गांव निवासी कुख्यात बदमाश शंकर कन्नौजिया पुत्र लालचन्द्र कन्नौजिया की तलाश में रौनापार सहित जिले के थानों की पुलिस जुटी हुई थी, लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था. इसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस के आलाधिकारियों ने शंकर कनौजिया पर एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था. ऐसे में शनिवार को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि खूंखार इनामी बदमाश शंकर कन्नौजिया आजमगढ़ जिले के जहानागंज थाना क्षेत्र में अपने कुछ साथियों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में मंडरा रहा है. मुखबिर से मिली सूचना के बाद एसटीएफ टीम और स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और मुखबिर द्वारा बताए गए स्थान पर पहुंची. बताया जा रहा है कि पुलिस की टीमें उसे पकड़ने के लिए जैसे ही घेराबंदी की वैसे ही इनामी बदमाश शंकर ने पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू की, जिससे गोली लगने से शंकर कन्नौजिया जख्मी होकर गिर पड़ा. उसे जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

सरकार ने मुरादाबाद कमिश्नर आन्जनेय सिंह को किया रिलीव, फिलहाल नहीं लेंगे नई जिम्मेदारी

लखनऊ यूपी सरकार ने मुरादाबाद के कमिश्नर आन्जनेय सिंह को मूल कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। हालांकि अभी वह ज्वॉइन नहीं करेंगे। दरअसल प्रतिनियुक्ति समाप्ति पर 60 दिन के अवकाश का नियम है। नियुक्ति विभाग ने आन्जनेय सिंह का भी 60 दिन का अवकाश स्वीकृत किया है। इस कारण वह तुरंत नहीं ज्वॉइन करेंगे।  यूपी सरकार ने मुरादाबाद के मंडलायुक्त आन्जनेय सिंह को उनके मूल सिक्किम कैडर के लिए रिलीव कर दिया है। नियुक्ति विभाग ने प्रतिनियुक्ति की समाप्ति पर नियमानुसार मिलने वाले 60 दिन का अवकाश भी उनके लिए स्वीकृत कर दिया है।  बताते चलें कि आन्जनेय सिंह करीब 10 साल यूपी में प्रतिनियुक्ति पर रहे। वर्ष 2005 बैच के आईएएस अधिकारी आन्जनेय सिंह फरवरी 2015 में प्रतिनियुक्ति पर यूपी आए थे। वे यहां बुलंदशहर, फतेहपुर और रामपुर के डीएम रहे।  2 मार्च 21 से मुरादाबाद के कमिश्नर थे। नियुक्ति विभाग ने मुरादाबाद के कमिश्नर का चार्ज वहां के जिलाधिकारी को दे दिया है। शासन के सूत्रों के मुताबिक, अब यह केंद्र पर निर्भर करेगा कि उनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि बढ़ाता है या नहीं।

सीएम योगी ने न्यायिक सेवा सम्मेलन में कहा- जनता तक आसान और तेज पहुंचे न्याय

लखनऊ  यूपी न्यायिक सेवा संघ के सम्मेलन में सीएम योगी शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सुशासन का लक्ष्य पाना है तो न्याय को सुगम और त्वरित बनाना होगा।  राजधानी लखनऊ में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी न्यायिक सेवा संघ के 42वें सम्मेलन में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा संघ ने 102 वर्षों के अपने इतिहास में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों को एक विकसित भारत के संकल्प के साथ जोड़ा है।  सीएम ने कहा कि हम राज्य में कार्य कर रहे हैं, तो विकसित भारत का विकसित उत्तर प्रदेश बनेगा। हम जनपद में कार्य कर रहे हैं, तो विकसित उत्तर प्रदेश का विकसित जनपद बनेगा। यदि हमें सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त करना है तो हमें न्याय को सुगम और त्वरित बनाना पड़ेगा।  

योगी के शहर की सबसे बड़ी परेशानी दूर करने आ रहा मास्टर प्लान

गोरखपुर  सीएम योगी आदित्यनाथ के शहर गोरखपुर में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए नगर निगम ने ‘इंटीग्रेटेड अर्बन स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान’ (आईयूएसडब्ल्यूडीएमपी) तैयार कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए निगम ने निविदा आमंत्रित की है। परियोजना को चार महीने में पूरा किया जाना है। यह मास्टर प्लान शहर की मौजूदा जल निकासी व्यवस्था का आधुनिक तकनीक से आकलन कर उसे सुदृढ़ और भविष्य के लिए सक्षम बनाएगा। इसके तहत पूरे महानगर में ड्रेनेज नेटवर्क का सर्वेक्षण, अद्यतन आंकड़े एकत्र करना, चालू परियोजनाओं का नए प्रस्तावों के साथ एकीकरण और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जाएगी। योजना के तहत नगर सीमा से बाहर स्थित कैचमेंट एरिया को ध्यान में रखते हुए ड्रेनेज बेसिन मानचित्र तैयार किए जाएंगे। परियोजना प्रभाव क्षेत्र में व्यापक स्थलाकृतिक सर्वेक्षण , हाइड्रोलिक विश्लेषण, ज़ोनिंग तथा कैचमेंट/उप-कैचमेंट क्षेत्रों का विभाजन किया जाएगा। वर्षा की अधिकतम तीव्रता को ध्यान में रखते हुए सिमुलेशन मॉडल तैयार होंगे। अंतिम जल निकासी बिंदु पर प्रभाव का आकलन करते हुए जान-माल की क्षति और प्रमुख सड़कों पर यातायात में व्यवधान को न्यूनतम करने हेतु प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली का प्रस्ताव किया जाएगा। बता दें, 17 दिसंबर 2024 को कैबिनेट बैठक में l सीएम योगी ने इंटीग्रेटेड अर्बन स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान बनाने का निर्णय लिया था। प्रथम चरण में परियोजना में 17 शहर शामिल किए गए थे, जिसके लिए इसके लिए पूर्व में ही वित्तीय बजट में 1000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई थी। 6.80 करोड़ से हुआ लेडार सर्वेक्षण, लेकिन इस्तेमाल नहीं महानगर में वर्षा जल निकासी प्रणाली पर अर्बन स्ट्रॉम वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान पहले से ही उपलब्ध है। नगर निगम और जीडीए ने 6.80 करोड़ रुपये से लेडार सर्वेक्षण कराया था। 16 नवंबर 2023 को फर्म ने अपनी फाइनल रिपोर्ट प्राधिकरण को सौंप दी थी। लेकिन इस सर्वेक्षण का महानगर में हजारों करोड़ रुपये से अधिक के जलनिकासी कार्यो में नगर निगम समेत किसी कार्यदायी एजेंसी ने इस्तेमाल नहीं किया। अब नगर निगम अपने 220 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र का सर्वेक्षण करना चाहते हैं। क्या बोले नगर आयुक्त नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल ने बताया कि इंटीग्रेटेड अर्बन स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान एक समग्र योजना होगी जिसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में वर्षा जल के प्रभावी और टिकाऊ प्रबंधन के लिए व्यवस्थित और दीर्घकालिक रणनीति विकसित करना है। जीडीए द्वारा कराया गया लेडार सर्वेक्षण हमारे पास है, लेकिन इंटीग्रेटेड अर्बन स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज मास्टर प्लान का वह पार्ट है। इससे शहरी बाढ़, जलभराव और जल प्रदूषण की समस्याओं को हल करने में भी मदद करेगी।  

त्योहारों पर आसान सफर: रेलवे की सुविधा से मिलेगा कन्फर्म टिकट

लखनऊ  दिवाली और छठ पर्व पर यूपी-बिहार अगर आप जाना चाहते हैं और आप को कन्फर्म टिकट नहीं मिली रहा है तो आप चिंता न करें क्योंकि यात्रियों की सुविधा के लिए भारतीय रेलवे Indian Railways 12 हजार से अधिक ट्रेन चलाने जा रहा है। ऐसे में आप को परेशान होने की जरूरत नहीं। इन 12 हजार ट्रेनों आप को जरूर ही कन्फर्म टिकट मिल सकता है। 12 हजार से अधिक विशेष ट्रेन चलाई जाएंगी रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दीपावली और छठ पर्व पर बिहार के यात्रियों की सुविधा के लिए 12 हजार से अधिक विशेष ट्रेन चलाई जाएंगी। वैष्णव ने बताया कि बिहार के नेताओं से यात्रियों की जरूरतों को लेकर चर्चा के बाद मंत्रालय ने न सिर्फ नयी ट्रेन चलाने की योजना बनाई है, बल्कि कई अन्य योजनाएं और आधारभूत बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी तैयार की हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए चार नयी अमृत भारत ट्रेन शुरू की जाएगी वैष्णव के अनुसार, सामान्य श्रेणी के यात्रियों की सुविधा के लिए चार नयी अमृत भारत ट्रेन शुरू की जाएंगी, जो दिल्ली-गया, सहरसा-अमृतसर, छपरा-दिल्ली और मुजफ्फरपुर-हैदराबाद मार्गों पर चलेंगी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, पूर्णिया और पटना के बीच बहुत जल्द एक वंदे भारत ट्रेन शुरू की जाएगी, जिससे समाज के सभी वर्गों को लाभ मिलेगा। रेल मंत्री ने बताया कि मंत्रालय ने बुद्ध से जुड़े स्थलों जैसे नालंदा और राजगीर तक पहुंच बढ़ाने के लिए बुद्ध सर्किट ट्रेन चलाने की योजना बनाई है। आवागमन किराये पर 20 प्रतिशत की छूट भी देगा रेलवे उन्होंने रेलवे बोर्ड की नयी प्रायोगिक योजना का भी जिक्र किया, जिसके तहत यदि यात्री 13 से 26 अक्टूबर 2025 के बीच प्रस्थान यात्रा करेंगे और 17 नवंबर से एक दिसंबर 2025 के बीच वापसी यात्रा करेंगे, तो उन्हें आवागमन किराये पर 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। वैष्णव ने पटना के लिए एक रिंग रेलवे परियोजना और राज्य के लिए कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की भी घोषणा की। इनमें पैदल पार पथ (फुट ओवर ब्रिज), पैदल भूमिगत पार पथ (फुट अंडरब्रिज), बक्सर-लखीसराय के बीच तीसरी और चौथी लाइन तथा सुल्तानगंज-देवघर रेल संपर्क जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। यूपी विहार जाने वाली ट्रेनों में 144 की वेटिंग  रेलवे की आईआरसीटीसी एप के अनुसार आगरा फोर्ट से गया की ओर चलने वाली सियालदह सुपरफास्ट एक्सप्रेस में 18 अक्टूबर के लिए कोई भी सीट उपलब्ध नहीं है। आगरा कैंट-कोलकाता ट्रेन में 18 अक्टूबर को वेटिंग 100 के पार है, स्लीपर कोच में 144 की वेटिंग है। आगरा कैंट से लखनऊ जाने वाली कोटा पटना एक्सप्रेस में 18 अक्टूबर के लिए वेटिंग की सीट भी उपलब्ध नहीं है। इसके साथ ही आगरा कैंट से जाने वाली मुजफ्फरपुर एक्सप्रेस में भी 18 अक्टूबर के लिए कोई सीट उपलब्ध नहीं है। आगरा रेल मंडल की जनसंपर्क अधिकारी प्रशस्ति श्रीवास्तव का कहना है कि त्योहार पर रेलवे की ओर से कई स्पेशल ट्रेन चलाई जाएंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए कई ट्रेन में कोच भी बढ़ाए जाएंगे।