samacharsecretary.com

कानपुर प्रशासनिक तनातनी में नया मोड़, नेमी फिर बने सीएमओ

कानपुर  कानपुर में डीएम और सीएमओ विवाद में फिर नया मोड़ आ गया है। हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में कानपुर सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी के निलंबन आदेश को स्थागित कर दिया गया है। इसके बाद डॉ. नेमी को कुर्सी फिर मिल गई है। इस संबंध में शासन से आदेश जारी हो गया है। वहीं सीएमओ डॉ. नेमी की जगह चार्ज लेने वाले डॉ. उदयनाथ को फिलहाल श्रावस्ती भेज दिया गया है। 19 जून को हुए थे निलंबित आपको बता दें कि डॉ. हरिदत्त नेमी दिसंबर 2023 में कानपुर के सीएमओ बनाए गए थे। इसके बाद जनवरी 2024 में जितेन्द्र प्रताप सिंह कानपुर के जिलाधिकारी बनाए गए। फरवरी में डीएम जितेंद्र ने अस्पतालों का निरीक्षण शुरू कर दिया। इसमें कई खामियां मिलीं। सीएमओ समेत कई गैरहाजिर मिले थे। इसके अलावा डीएम को एक और गड़बड़ी मिली थी। इसके बाद डीएम ने सीएमओ के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश कर दी। इसके बाद सीएमओ और डीएम में तनातनी हो गई। इसके बाद शासन ने 19 जून को सीएमओ डॉ. हरिदत्त को निलंबित कर महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ कार्यालय से संबद्ध कर दिया। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी श्रावस्ती के पद पर तैनात डॉ. उदय नाथ को कानपुर सीएमओ का चार्ज मिल गया। हाईकोर्ट से स्टे के बाद विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई इसके बाद डॉ. नेमी हाईकोर्ट पहुंच गए। हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश पर रोक लगा दी। हाईकोर्ट से राहत पाते ही सीएमओ की कुर्सी पर कब्जा करने पर ऑफिस पहुंचे। नेमी की मुश्किलें फिर बढ़ गई। इस दौरान सीएमओ ऑफिस में हाईवोल्टेज ड़ामा हुआ। इस पर उनके खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। शासन ने उन्हें प्रथम दृष्टया गंभीर आरोपों में दोषी पाया। नेमी पर लगे ये आरोप चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं के निदेशक (प्रशासन) को जांच अधिकारी नियुक्त करते हुए एक माह के भीतर रिपोर्ट मांगी गई। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा की तरफ से जारी आदेश के अनुसार ,डॉ. नेमी पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की चयन प्रक्रिया में निर्धारित दिशा-निर्देशों का अनुपालन नहीं करने, शासनादेशों की अनदेखी कर वित्तीय शक्तियों का अनुचित प्रयोग करने, नियमों के विरुद्ध स्थानांतरण आदेश जारी करने के आरोप लगे। इसके अलावा अधीनस्थ अधिकारियों पर प्रशासनिक नियंत्रण में शिथिलता बरतने, उच्चाधिकारियों के निर्देशों का अनुपालन न करने और अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही जैसे गंभीर आरोप लगे है। अब निलंबन का आदेश स्थागित अब इस मामले में शासन ने हाईकोर्ट के स्टे आदेश के अनुपालन में उनका निलंबन आदेश स्थागित कर दिया है। डॉ. नेमी की जगह लेने वाले डॉ.उदयनाथ को श्रावस्ती भेज दिया है। डॉ .नेमी को फिर सीएमओ की कुर्सी मिल गई।  

सोच से परे प्रेम कहानी: शादीशुदा महिला ने छोड़ा परिवार, प्रेमी के लिए सब कुछ कुर्बान

मुरादाबाद यूपी के संभल में दो बच्चियों की मां को जाने क्या हुआ। न उम्र का ख्याल रहा न समाज की चिंता। उसने अपनी उम्र से 20 साल छोटे लड़के से संबंध बनाए और फिर एक दिन अपनी दोनों बच्चियों को लेकर उसी के घर मुरादाबाद के छजलैट पहुंच गई। यही नहीं महिला ने उम्र में काफी छोटे उस युवक से कथित रूप से शादी भी कर ली। बाद में पति उसे खोजते-खोजते अपनी मां के साथ वहां पहुंचा तो अपनी पत्नी का रुख देखकर दंग रह गया। पति और सास ने महिला को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसने उनके साथ जाने से साफ इनकार कर दिया। बाद में वह अपने प्रेमी और दोनों बच्चियों के साथ मां थाने पहुंच गई। वहां देर शाम तक विवाद चलता रहा। महिला के परिजन भी संभल से छजलैट पहुंच गए, विवाहिता ने वापस जाने से इंकार कर दिया। वह दो बेटियों को लेकर प्रेमी के साथ चली गई। मुरादाबाद के छजलैट थाना क्षेत्र के गांव भैंडी फरीदपुर का रहने वाला युवक का फेसबुक के जरिए संभल के असमोली थाना क्षेत्र के गांव निवासी विवाहिता से प्रेम प्रसंग हो गया। पहले तो दोनों में फोन पर ही बातें चलीं, लेकिन कई बार युवक और विवाहिता मुरादाबाद में एक-दूसरे से भी मिले। इस दौरान युवक ने विवाहिता को अपने साथ अपने घर शादी करके ले जाने की बात कही। जिस पर विवाहिता ने बच्चों को साथ लाने की बात कही। युवक ने बच्चों को भी अपनाने की बात कही। विवाहिता 10 दिन पहले एक 16 वर्ष और 13 वर्ष की बेटी को साथ लेकर छजलैट के गांव में आ गई। यही नहीं उसने युवक के साथ कथित तौर शादी भी कर ली। जब विवाहिता को पति और अन्य ने तलाश किया तो छजलैट क्षेत्र के गांव का पता लगा। मंगलवार को विवाहिता के परिजन थाने पहुंचे। विवाहिता अपने 20 वर्षीय प्रेमी और बेटियों के साथ थाने पहुंच गई। विवाहिता का पति और सास विवाहिता को ले जाने की जिद पर अड़े रहे, लेकिन उसने जाने से साफ इंकार कर दिया। वह प्रेमी और दो बेटियों के साथ वापस प्रेमी के घर चली गई।  

कांवड़ यात्रा का असर: गाजियाबाद के सभी स्कूल 7 दिन रहेंगे बंद, पूरी जानकारी यहां

गाजियाबाद आज गाजियाबाद में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कांवड़ यात्रा को लेकर शैक्षिक संस्थान बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। 17 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक सभी बोर्ड के शिक्षण संस्थानों में छुट्टी की घोषणा की है। इस दौरान प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थान सभी बंद रहेंगे। कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, गाजियाबाद द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि सावन महीना के 11 जुलाई से शुरू होने तथा जलाभिषेक 23 जुलाई को होने के कारण गाजियाबाद की सीमा से लेकर बड़ी संख्या में शिव भक्त हरिद्वार से जल लेकर विभिन्न राज्यों जैसे राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और सीमावर्ती में जाने वाले हैं। इसको ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी गाजियाबाद द्वारा बच्चों और स्कूल बसों के आवागमन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गाजियाबाद में बेसिक शिक्षा के अंतर्गत आने वाले सभी प्राथमिक, माध्यमिक से लेकर सभी बोर्ड के स्कूलों को पूरी तरह से बंद करने का निर्देश दिया गया है। ये सभी स्कूल 17 जुलाई से लेकर 23 जुलाई तक पूरी तरह से बंद रहेंगे।

मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को मिलेगा सेवा विस्‍तार? रिटायरमेंट से पहले योगी सरकार ने उठाया ये कदम

लखनऊ  मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह को सेवा विस्तार मिल सकता है। प्रदेश सरकार ने उनके एक वर्ष के सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार को पत्र भेज दिया है। वे इसी माह 31 को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उनको सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव के साथ ही उनके प्रदेश हित में किए गए कार्यों का भी जिक्र किया गया है।  इसमें लिखा गया है कि उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक वातावरण बनाने में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक ले जाने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वर्ष 1988 बैच के आईएएस अधिकारी मनोज कुमार के सेवा विस्तार की संभावना इसलिए भी प्रबल बताई जा रही है क्योंकि हाल ही में कई राज्यों के मुख्य सचिव को सेवा विस्तार मिल चुका है। इनमें हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा चुका है।  वहीं, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव अमिताभ जैन को तीन माह का सेवा विस्तार दिया गया है। इससे पहले मार्च में हिमाचल प्रदेश के मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना को छह महीने का सेवा विस्तार केंद्र सरकार दे चुकी है। चूंकि मुख्य सचिव के पास अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त का पद भी है। उन्हें 30 जून 2024 को मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी मिली थी। योगी सरकार में नगर विकास, पंचायती राज, ग्राम विकास विभाग और कृषि उत्पादन आयुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं।  वे मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारी माने जाते हैं। ऐसे में उन्हें एक वर्ष का सेवा विस्तार मिल सकता है। केंद्र सरकार को भेजे गए पत्र में वैश्विक निवेश सम्मेलन और भूमि पूजन समारोह इसी वर्ष कराने का जिक्र किया गया है। वर्ष 2019 में मुख्य सचिव रहे अनूप चंद्र पांडेय काे छह माह का सेवा विस्तार केंद्र सरकार ने इसी आधार पर दिया था।  

डाक विभाग की नई सुविधा: सिर्फ 10 रुपये में सुरक्षित पहुंचेगी राखी वाटरप्रूफ लिफाफे में

प्रतापगढ़ मानसून के महीने में रक्षाबंधन के अवसर पर डाक द्वारा बहनों को भेजी जाने वाली राखी वर्षा के पानी से खराब न हो इसके लिए डाक विभाग द्वारा अच्छी पहल शुरू की गई है। डाक विभाग द्वारा वाटरप्रूफ लिफाफे मंगवाए गए हैं। इन लिफाफे में केवल बहने अपने भाइयों के लिए प्रेम का धागा भेज सकती है। प्रधान डाकघर में लिफाफे का स्टॉक आ गया है। जल्द ही उप डाकघरों में भी भेजा जाएगा।   9 अगस्त को है रक्षाबंधन रक्षाबंधन पर्व को लेकर बहनों व भाइयों का उत्साह रहता है। रक्षा सूत्र कलाई पर सजाने के लिए बहनें भाई के घर पहुंचती है। परदेश में रहने वाली बहनें भाई अपने भाई राखी डाक के जरिए भेजती हैं। समय से ही वह राखी की खरीदकर उसे सुरक्षित कर भाई के पते पर पोस्ट करती हैं। रक्षाबंधन का पर्व इस बार नौ अगस्त को है। इसके दृष्टिगत डाक विभाग ने अभी से ही तैयारी शुरू कर दी है।   लिफाफे की कीमत है 10 रुपये डाक विभाग ने राखी के लिए स्पेशल वॉटर प्रूफ लिफाफे की व्यवस्था की है। इसकी 10 रुपये है। लिफाफे में राखी सुरक्षित रहेगी। बारिश के मौसम में रखरखाव में भी दिक्कत नहीं होगी। प्रधान डाकघर में 10 हजार लिफाफा आया है। अब इसे सभी 44 उप डाकघरों में पहुंचाया जाएगा, ताकि गांव से जुड़ी बहनें भी इसका उपयोग कर सकें। प्रवर डाक अधीक्षक हिमांशु तिवारी ने बताया कि सभी प्रधान डाकघर के साथ ही उप डाकघरों में लिफाफे की उपलब्धता रहेगी। लिफाफे को पहुंचाया को जल्द ही पहुंचाया जाएगा। स्पीड पोस्ट के लिए बनाएं जाएंगे काउंटर प्रधान डाकघर के साथ ही जिले के सभी 44 उप डाकघरों में रक्षाबंधन के पर्व के दृष्टिगत स्पीड पोस्ट के लिए काउंटर बनाएं जाएंगे। वाटर प्रूफ लिफाफा भी काउंटर मिलेगा। अफसरों के मुताबिक प्रधान डाकघर पर दो काउंटर व उप डाकघरों में एक-एक काउंटर अतिरिक्त रहेगा। ऐसे में भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की की स्थिति नहीं रहेगी।

फ्री बिजली की सौगात: यूपी सरकार की नई योजना से इन लाभार्थियों को राहत

मेरठ योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश को अंडा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुक्कुट विकास नीति 2022 को लागू किया है। इस नीति के तहत जनपद के युवाओं को व्यापारी बनाना भी उद्देश्य है। इसलिए सरकार मुर्गी फार्म बनाने के लिए पांच साल के लिए बिजली का कनेक्शन फ्री दे रही है, जिसका कोई बिल भी नहीं देना होगा। व्यापार में सरकार ही लोन कराकर देगी और सात प्रतिशत तक ब्याज भी सरकार ही देगी। मेरठ में इस व्यापार को करने के लिए तीन लोग अभी तक आगे आए है। जिन्होंने आवेदन कर दिया है। उनके लोन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 10 मुर्गी वाला फार्म बनाएंगे तो खर्च होंगे एक करोड़ पशु चिकित्साधिकारी डा. संदीप कुमार ने बताया कि इस नीति के तहत यदि कोई 10 हजार मुर्गी का फार्म बनाना चाहता है तो उसका लगभग 99.53 लाख रुपये खर्च होगा। जिसमें से लगभग 70 लाख का लोन हो जाएगा। व्यापारी, किसान, उद्यमी को केवल 30 लाख रुपये अपने से खर्च करने होंगे। 70 लाख रुपये का लोन सात प्रतिशत ब्याज तक होगा है तो पशुपालन विभाग इस ब्याज को भरेगा। यदि अधिक होता है तो खुद भरना होगा। 90 हजार मुर्गियों का फार्म बनाने तक है योजना पशु चिकित्साधिकारी डा. संदीप कुमार ने बताया कि 10 से लेकर 90 हजार मुर्गियों तक का फार्म बनाने के लिए यह योजना है। 10 हजार मुर्गियों पर एक करोड़ खर्च हो रहे हैं तो 20 हजार पर लगभग दो करोड़ खर्च होंगे। इसी तरह से 90 हजार मुर्गियों तक खर्च बढ़ जाएगा। 10 हजार मुर्गियों का फार्म बनाना चाहते हैं तो इसके लिए एक एकड़ जमीन का होना जरूरी है। पशुपालन विभाग में कर सकते हैं आवेदन जनपद के विकास भवन में स्थित पशुपालन विभाग के आफिस में पहुंचकर मुर्गी फार्म के लिए आवेदन कर सकते हैं। यहां पर पशु चिकित्साधिकारी इस योजना के बारे में पूरी जानकारी देंगे। खरीदी गई जमीन पर नहीं लगेगा स्टांप शुल्क पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि यदि किसी के पास जमीन नहीं है और वह जमीन खरीदना चाहता है तो इस पर स्टांप शुल्क नहीं लगेगा। इसके स्टांप शुल्क का खर्च पशुपालन विभाग ही उठाएगा।

अंतरिक्ष मिशन से लौटे शुभांशु, भावुक हुए माता-पिता – ‘गर्व है हमारे बेटे पर’

लखनऊ  भारतीय अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के सकुशल पृथ्वी पर लौट आने से देशवासियों में खुशी की लहर है। उनके पिता शंभू दयाल शुक्ला और माता आशा शुक्ला ने इस ऐतिहासिक क्षण पर अपनी भावनाएं साझा कीं। शंभू दयाल शुक्ला ने गर्व से कहा, "मेरे बेटे की अंतरिक्ष यात्रा मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व का विषय है। यह देशवासियों के आशीर्वाद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन से ही संभव हुआ।" उन्होंने बताया कि त्रिवेंद्रम में जब मेरे बेटे शुभांशु को 'एस्ट्रोनॉट विंग' प्रदान किया गया था, तब से ही उसे गगनयात्री की उपाधि मिली थी। प्रधानमंत्री ने शुभांशु की तारीफ की और आशीर्वाद भी दिया था, जिससे उसका उत्साह और बढ़ गया। मैं उनका दिल से धन्यवाद करता हूं। शुभांशु की माता आशा शुक्ला ने भावुक होकर कहा, "जब त्रिवेंद्रम में मेरे बेटे को एस्ट्रोनॉट विंग मिला, तो हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजी थी। सभी लोग भावुक थे। पिछले चार साल से शुभांशु ने कड़ी मेहनत और ट्रेनिंग की थी। जब प्रधानमंत्री ने उनके नाम का ऐलान किया, तो वह मेरे लिए गर्व का पल था।" उन्होंने आगे कहा, "शुभांशु अब केवल मेरा बेटा नहीं, बल्कि पूरे देश का बेटा है। देश की हर मां उसे आशीर्वाद दे रही हैं। मुझे अपने बेटे पर बहुत गर्व है। एक्सिओम-4 मिशन में शुभांशु ने 60 प्रयोगों में हिस्सा लिया, जिनमें से सात इसरो के थे। ” बता दें कि शुभांशु शुक्ला समेत चार अंतरिक्ष यात्री 20 दिन बाद स्पेस से पृथ्वी पर लौट आए हैं। 23 घंटे के सफर के बाद ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट ने कैलिफोर्निया के समुद्र में लैंड किया। वहीं, स्पेसएक्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "ड्रैगन के सुरक्षित उतरने की पुष्टि हो गई है। पृथ्वी पर आपका स्वागत है!"

राहुल गांधी को लखनऊ कोर्ट से जमानत, सेना पर टिप्पणी को लेकर दर्ज है केस

लखनऊ लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट ने भारतीय सैनिकों के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी मामले में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जमानत दे दी है। कोर्ट ने 20 हजार के मुचलके पर जमानत दी है। राहुल गांधी भारत जोड़ो यात्रा के दौरान दिए गए बयान को लेकर दर्ज इस मामले में पहले पांच सुनवाइयों में हाजिर नहीं हुए थे। मंगलवार को उन्होंने एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होकर सरेंडर किया और जमानत याचिका दाखिल की। लाइव लॉ के मुताबिक राहुल गांधी पांच सुनवाइयों में अनुपस्थित रहने के बाद इस बार एडिशनल चीफ ज्यूडिशल मजिस्ट्रेट आलोक वर्मा के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। दरअसल मई में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी थी जिसके बाद वह पेश हुए। यह याचिका उन्होंने मानहानि मामले और लखनऊ की एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा फरवरी 2025 में पारित समन आदेश दोनों को चुनौती दी थी। सीमा सड़क संगठन के सेवानिवृत्त निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव ने कोर्ट के समक्ष राहुल गांधी के ख़िलाफ़ मानहानि का परिवाद दायर किया था उन्होंने बताया था राहुल गांधी 16 दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान भारतीय सेना का अपमान किया था उन्होंने 9 दिसंबर 2022) को अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच हुई झड़प का ज़िक्र करते मीडिया और लोगों को संबोधित करते हुए कहा था कि लोग भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूछेंगे लेकिन चीनी सैनिकों द्वारा हमारे सैनिकों की पिटाई के बारे में एक बार भी सवाल नहीं पूछेंगे। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि चीनी सैनिकों द्वारा भारतीय सैनिकों की कथित पिटाई के बारे में गांधी के बयान से उनकी भावनाएँ आहत हुई हैं। वहीं, राहुल गांधी के इस बयान के बाद भारतीय सेना ने आधिकारी बयान भी जारी किया था। सेना ने कहा कि चीनी सेना भारतीय सीमा में अतिक्रमण कर रही थी जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। जिसके बाद चीनी सेना वापस चली गई।  

सुप्रीम कोर्ट की यूपी सरकार को फटकार, कांवड़ मार्ग पर QR कोड क्यों जरूरी?

नई दिल्ली यूपी और उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा मार्ग पर दुकानों और रेस्तरां संचालकों को आदेश दिया गया है कि वे क्यूआर कोड लगाएं और नाम भी लिखें। यह मामला मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा तो अदालत ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। शीर्ष अदालत ने पूछा कि आखिर इसकी जरूरत क्या है। अब इस केस की अगली सुनवाई 22 जुलाई तय की गई है। न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी किया और शिक्षाविद अपूर्वानंद झा व अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की अगली तारीख तय की। शीर्ष अदालत ने पिछले साल भाजपा शासित उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश द्वारा जारी इसी तरह के निर्देशों पर रोक लगा दी थी, जिसमें कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों को अपने मालिकों, कर्मचारियों के नाम और अन्य विवरण प्रदर्शित करने के लिए कहा गया था। उत्तर प्रदेश प्रशासन द्वारा 25 जून को जारी एक प्रेस रिलीज का हवाला देते हुए झा ने कहा, ‘नए उपायों में कांवड़ मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों पर क्यूआर कोड प्रदर्शित करना अनिवार्य है, जिससे मालिकों के नाम और पहचान का पता चलता हो। इस तरह उसी भेदभावपूर्ण तरीके से पहचान की बात हो रही है जिस पर पहले इस अदालत ने रोक लगा दी थी।’ याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार का निर्देश, जिसमें दुकान मालिकों को ‘कानूनी लाइसेंस आवश्यकताओं’ के तहत धार्मिक और जातिगत पहचान बताने के लिए कहा गया है, दुकान, ढाबा और रेस्टोरेंट मालिकों की निजता के अधिकार का उल्लंघन है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण महीने में शिवलिंगों का जलाभिषेक करने के लिए बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगा और अन्य नदियों से जल लेकर आते हैं। कई श्रद्धालु इस महीने में मांसाहार से परहेज करते हैं। कई लोग तो प्याज और लहसुन युक्त भोजन भी नहीं खाते। कांवड़ यात्रा का प्रचलन पश्चिम उत्तर प्रदेश के अलावा सूबे के अन्य हिस्सों और कुछ और राज्यों में भी बढ़ा है।  

डिग्री से आगे स्किल की पहचान: 50 हजार युवाओं को CM युवा योजना से लाभ

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुशल युवा ही आत्मनिर्भर भारत की असली ताकत हैं। अगर प्रदेश को विकसित बनाना है, तो यहां के युवाओं को उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षित कर सक्षम बनाना होगा। मंगलवार को विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर उन्होंने इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में आयोजित दो दिवसीय कौशल मेला एवं प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। कार्यक्रम में प्रदेश के 75 जिलों से आए युवाओं ने अपनी प्रतिभा और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर 15 अभ्यर्थियों को ‘यूथ आइकान’ सम्मान और पांच स्किल रथों को रवाना किया। युवाओं को प्रोत्साहित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलाजी और थ्री डी प्रिंटिंग जैसे क्षेत्रों में खुद को साबित कर रहा है। इस दिशा में सरकार ने अब तक 50 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन वितरित कर उन्हें डिजिटल रूप से सशक्त बनाया है। 150 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आइटीआइ) को न्यू-एज टेक्नोलाजी से जोड़ा गया है। इसके अलावा 400 से अधिक सरकारी और 3000 निजी आइटीआइ में युवाओं को कम शुल्क में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिल रहा है। निजी आइटीआइ में पढ़ने वाले छात्रों को छात्रवृत्ति और अन्य प्रोत्साहन भी मिल रहे हैं। योगी ने कहा कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार ने ‘सीएम युवा योजना’ शुरू की है। इसके तहत आइटीआइ, पालिटेक्निक और डिग्रीधारी युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याजमुक्त कर्ज दिया जा रहा है। अब तक 50,000 से अधिक युवा इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। कर्ज का मूलधन युवा लौटाएंगे जबकि ब्याज सरकार वहन करेगी। साथ ही 7.5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त कर्ज भी मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। इससे लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। नई पहल के तहत अब युवा इंडस्ट्री में प्रोजेक्ट वर्क करेंगे। उन्हें पीएम व सीएम इंटर्नशिप योजना के तहत 5000 रुपये मासिक स्टाइपेंड भी मिलेगा। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना के माध्यम से 1.5 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। वहीं ‘मुख्यमंत्री विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ के अंतर्गत एक लाख से ज्यादा पारंपरिक कारीगरों को प्रशिक्षण और टूलकिट प्रदान की गई है। आइटीआइ में विदेशी भाषाओं का मिले प्रशिक्षण मुख्यमंत्री ने विदेश में यूपी के कुशल युवाओं के लिए बढ़ते अवसर को देखते हुए सुझाव दिया कि आइटीआइ में जर्मनी, जापानी जैसे विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण देने की व्यवस्था होनी चाहिए। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) से अब छात्र सामान्य शिक्षा के साथ व्यावसायिक प्रशिक्षण भी प्राप्त कर सकते हैं। डुअल डिग्री और सर्टिफिकेट कोर्स युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर रूप से तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित युवाओं की सफलता की कहानियों को प्रेरणादायक बताया और कहा कि यदि युवा सही दिशा में प्रयास करें, तो रोजगार की कोई कमी नहीं है। सम्मान और साझेदारी का संदेश कार्यक्रम में उद्योग प्रतिनिधियों को ‘इंडस्ट्री एम्बेसडर’ सम्मान भी दिया गया। साथ ही मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, प्रयागराज के साथ नालेज पार्टनर के रूप में एमओयू किया गया। व्यावसायिक शिक्षा व कौशल विकास राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि उद्योगों की मांग के अनुसार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है, सही से प्रशिक्षण लेने के बाद कोई भी युवा बेरोजगार नहीं रहेगा। कार्यक्रम में कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शााही, सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्यम मंत्री राकेश सचान, श्रम व सेवायोजन राज्य मंत्री मनोहर लाल मन्नु, मुख्य सचिव मनोज सिंह, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव डा. हरिओम सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।