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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश हुई जुलाई माह की आईजीआरएस रिपोर्ट

गौतमबुद्धनगर और श्रावस्ती आईजीआरएस संतुष्ट फीडबैक में सबसे आगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने पेश हुई जुलाई माह की आईजीआरएस रिपोर्ट जनसुनवाई में जनता की संतुष्टि पर योगी सरकार का फोकस, अफसरों की जवाबदेही और पारदर्शिता पर जोर लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जनसुनवाई प्रणाली (IGRS) को बेहतर और पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जुलाई माह की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में बताया गया कि पुलिस कमिश्नर, एसएसपी और एसपी स्तर पर गौतमबुद्धनगर ने सबसे अधिक संतुष्ट फीडबैक हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि जिलाधिकारी स्तर पर श्रावस्ती जिले ने बाजी मारी। पुलिस स्तर पर टॉप-5 गौतमबुद्धनगर 98.72 प्रतिशत संतुष्ट फीडबैक के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद पीलीभीत (98.23%), बलिया (96.04%), बस्ती (95.43%) और श्रावस्ती (95.14%) का स्थान रहा। इन जिलों ने शिकायतों के समयबद्ध और प्रभावी निस्तारण में बेहतर कार्य किया है। जिलाधिकारी स्तर पर टॉप-5 जिलाधिकारी स्तर पर श्रावस्ती जिला 90.2 प्रतिशत संतुष्ट फीडबैक के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद शाहजहांपुर (89.08%), बलरामपुर (83.44%), हमीरपुर (82.15%) और बरेली (80.11%) रहे। इन जिलों में डीएम स्तर पर की गई कार्यवाही से शिकायतकर्ताओं को संतुष्टि मिली है। मुख्यमंत्री योगी का सख्त संदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायत जिस अधिकारी से संबंधित हो, उसकी जांच उसी अधिकारी को न दी जाए। शिकायतों की जांच उच्चाधिकारियों से कराना अनिवार्य किया जाए ताकि न्याय और पारदर्शिता बनी रहे। सीएम योगी ने यह भी कहा कि यदि स्पेशल क्लोज अनुचित पाया जाता है तो प्रस्तावित करने वाले अधिकारी/कर्मचारी पर विभागीय कार्यवाही की जाए। जिलास्तर पर एडीएम/अतिरिक्त मजिस्ट्रेट, एएसपी, डीसीपी या अन्य वरिष्ठ अधिकारी को नामित किया जाए, जो स्पेशल क्लोज करने से पहले शिकायतकर्ता से वार्ता कर उसे संतुष्ट करने का प्रयास करे। योगी सरकार की प्राथमिकता – पारदर्शी और जवाबदेह शासन मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जनसुनवाई प्रणाली को जनता और सरकार के बीच सीधा संवाद बनाने के लिए सशक्त किया जा रहा है। शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता योगी सरकार की प्राथमिकता है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर जनता का भरोसा बढ़ा है।    

नौकरानी ने 10 साल तक घर में किया यह कुकर्म, रोज बर्तनों पर छिड़कती थी संदिग्ध पदार्थ

बिजनौर  यूपी के बिजनौर में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसके बाद घर में काम करने वालीं घरेलू सहायकों के ऊपर से आपका विश्‍वास उठ सकता है। व्‍यापारी के घर में पिछले 10 सालों से काम कर रही नौकरानी ने ऐसा कारनामा किया जिसके बारे में सोचा भी नहीं जा सकता। महिला ने गिलास में पेशाब किया और उसे किचन में धुले हुए बर्तनों पर छिड़क दिया। ऐसा वह कब से कर रही थी, इसका पता नहीं चल पाया। नौकरानी की सारी करतूत सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर यूजर्स तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। बिजनौर जिले के नगीना में एक ऐसी घटना सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई हैरान है. यहां एक बड़े व्यापारी परिवार के घर में काम करने वाली महिला की हरकत ने घरवालों को परेशानी में डाल दिया. यह घटना किसी आम चोरी या अनबन की नहीं है, बल्कि रसोई में रखे बर्तनों पर पेशाब छिड़कने जैसी अमानवीय हरकत की है. यह पूरी करतूत घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होकर चर्चा का विषय बनी हुई है. दस वर्षों से काम कर रही थी महिला नगर के एक प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार के घर पर यह महिला पिछले करीब दस वर्षों से घरेलू काम कर रही थी. इतने लंबे समय तक परिवार के साथ काम करने के कारण घर वालों का उस पर भरोसा बना हुआ था. घर की महिला सदस्यों को इधर कुछ महीनों से उसके व्यवहार में परिवर्तन दिखाई दिया. लेकिन कभी ठोस सबूत न होने के कारण कोई कुछ कह नहीं सका. पिछले दिनों संदेह बढ़ने पर घर की महिला ने चुपचाप रसोई और आस-पास के हिस्सों में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए. इसका मकसद केवल यह पता लगाना था कि आखिर काम करने वाली महिला कुछ गड़बड़ तो नहीं कर रही. कैमरे में कैद हुई घिनौनी हरकत दोपहर में जब महिला घर पर काम करने पहुंची तो पहले वह हमेशा की तरह रसोई में बर्तन धोने लगी. इस दौरान कैमरे में जो दृश्य सामने आए, उन्हें देखकर परिवार के लोग सन्न रह गए. वीडियो में साफ दिखाई दिया कि महिला ने पहले एक गिलास में पेशाब किया और फिर उसी पेशाब को रसोई में रखे अन्य बर्तनों पर छिड़क दिया. यह घटना देखकर घरवालों ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को देने का मन बना लिया. घरवालों को लंबे समय से नौकरानी पर था संदेह घरवालों का कहना है कि बहुत समय से उन्‍हें नौकरानी की हरकतों पर संदेह था पर उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं था। इसलिए उन्‍होंने नौकरानी को बगैर बताए किचन और आसपास के कमरों में सीसीटीवी लगवा दिया। नौकरानी 10 सालों से उनके यहां काम कर रही थी इसलिए उसके ऊपर पूरा विश्‍वास था पर वह ऐसा करेगी कभी सोचा नहीं था। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले गाजियाबाद से भी एक नौकरानी की ऐसी ही घिनौनी हरकत सामने आई थी। उस मामले ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो घटना का वीडियो घर के ही एक सदस्य द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया. देखते ही देखते यह वीडियो वायरल हो गया. लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. कोई इसे अमानवीय हरकत बता रहा है तो कोई इसे मानसिक विकृति से जोड़कर देख रहा है. पुलिस ने किया गिरफ्तार शाम के समय जब महिला फिर से घर पर काम करने आई तो परिवार के सदस्यों ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. पुलिस ने महिला को थाने लाकर पूछताछ की. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला ने अपनी गलती स्वीकार की है, लेकिन उसने यह क्यों किया, इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया. पुलिस ने किया शांतिभंग में चालान इस मामले में पीड़ित परिवार की ओर से अब तक कोई तहरीर पुलिस को नहीं दी गई है. ऐसे में पुलिस ने प्राथमिक कार्रवाई करते हुए महिला का शांतिभंग में चालान किया. पुलिस का कहना है कि अगर परिवार लिखित शिकायत देता है तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. पड़ोसियों और स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया घटना के बाद नगीना कस्बे में इस घटना की चर्चा जोरों पर है। लोग अपने घरों में काम करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखने की बात कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना सबके लिए चेतावनी है कि घरेलू कर्मचारियों के व्यवहार और गतिविधियों की समय-समय पर निगरानी जरूरी है। विश्वास पर चोट और सबक इस घटना ने घरेलू कर्मचारियों और मालिकों के बीच विश्वास के संबंध पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। व्यापारी परिवार का कहना है कि वे सुमित्रा को परिवार के सदस्य की तरह मानते थे, लेकिन उसकी इस हरकत ने सभी को हिलाकर रख दिया। पुलिस की अपील और सतर्कता के सुझाव पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में काम करने वालों की गतिविधियों पर ध्यान दें और किसी भी संदिग्ध व्यवहार को नजरअंदाज न करें। पुलिस का कहना है कि तकनीक की मदद से ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है, जैसे सीसीटीवी कैमरे का प्रयोग। घटना की खास बातें      नौकरानी की पहचान: सुमित्रा, 52 वर्षीय महिला, जो 10 साल से व्यापारी के घर में काम कर रही थी।     घटना का विवरण: गिलास में पेशाब करके धुले हुए बर्तनों पर डालना, सीसीटीवी में कैद।     परिवार की प्रतिक्रिया: सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज।     पुलिस की कार्रवाई: आरोपी की गिरफ्तारी, शांतिभंग की धाराओं में मामला दर्ज। वरिष्ठों की राय  यह घटना न केवल व्यापारी परिवार के लिए बल्कि पूरे इलाके के लिए एक बड़ा सबक है। यह स्पष्ट करता है कि घरेलू कामकाज के दौरान भी सतर्कता बरतना कितना जरूरी है। पुलिस अब मामले की गहराई से जांच कर रही है और आरोपी महिला के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी में है।

UP के एक्सप्रेसवे: FASTag Annual Pass पर रोक, टोल भुगतान जारी रहेगा सामान्य तरीके से

नई दिल्‍ली 15 अगस्त, 2025 को FASTag Annual Pass को शुरू कर दिया गया है। यह पास एक साल या 200 टोल क्रॉस के लिए मान्य है। इस को केवल गैर-व्यावसायिक वाहनों, जैसे निजी कारों, जीपों और वैन के लिए ही वैध है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के मुताबिक, 3,000 रुपये वाले इस एनुअल पास को यूजर्स से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली है। सरकारी NHAI के मुताबिक, पाल लागू होने के पहले दिन करीब 1.2 लाख यूजर्स ने इसे एक्टिव किया। हम यहां पर आपको बता रहे हैं कि यह FASTag एनुअल पास उत्तर प्रदेश के किन एक्सप्रेसवे पर काम नहीं करेगा। उत्तर प्रदेश के इन एक्सप्रेसवे पर काम नहीं करेगा FASTag Annual Pass FASTag एनुअल पास उत्तर प्रदेश के चार प्रमुख एक्सप्रेसवे पर लागू नहीं होगा। ये चार एक्स्प्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे है। इन चारों एक्सप्रेसवे पर टोल का पैसा आपके रेगुलर FASTag अकाउंट से ही कटेगा। दरअसल उत्तर प्रदेश के ये चारों एक्सप्रेसवे राज्य सरकार के अधीन राज्य राजमार्ग है, जबकि FASTag एनुअल पास केवल केंद्र सरकार के अधीन राष्ट्रीय राजमार्ग पर ही लागू होता है। जब आप इन एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे, तो आपको टोल का पैसा आपके नियमित FASTag खाते से ही काटा जाएगा। FASTag एनुअल पास एक्टिवेट होने पर बनेंगे दो अकाउंट जब आप FASTag एनुअल पास को एक्टिव करने के लिए 3000 रुपये का भुगतान करेंगे, तो यह कुछ समय में ही एक्टिवेट हो जाएगा एक्टिवेट होने के बाद, आपके वाहन के FASTag में दो अकाउंट बन जाएंगे। इसमें से एक अकाउंट एनुअल पास के लिए होगा और दूसरा अकाउंट रेगुलर FASTag अकाउंट होगा, जो पहले से चालू है। सालाना कितनी होगी बचत? सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, FASTag एनुअल पास के जरिए लोगों की काफी ज्यादा बचत होगी। जो लोग सालाना 10,000 रुपये टोल के रूप में देते थे, वे अब 7,000 रुपये तक बचा सकेंगे। इसका कारण यह है कि वे एक साल में सिर्फ 3,000 रुपये में 200 यात्राएं कर पाएंगे।  

विपक्ष पर योगी का निशाना, कहा—कांग्रेस और सपा ने परिवारवाद को बढ़ावा दिया

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को एटा में कहा कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी (सपा) ने सत्ता के लिये सबका साथ लिया मगर विकास सिफर् अपने अपने परिवारों का किया है। एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित  सीमेंट प्लांट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुये उन्होने कहा कि पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिफर् अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। उन्होने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी। यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है। सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में  सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिफर् सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोटर्, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला। भारत 17वीं-18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था सीएम योगी ने कांग्रेस काल को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब सीमेंट कंट्रोल से मिलता था। अगर पहुंच है तो एक बोरा मिल जाएगा, वरना चोरी-छिपे खरीदना पड़ता था। घर बनाना मुश्किल था। यही कांग्रेस की नीयत और नीति थी। विकास कैसे होता। योगी ने कहा कि भारत 17वीं-18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था। 1947 से 1960 तक छठे स्थान पर रहा, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीतियों ने इसे 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ‘‘सबका साथ, सबका विकास'' का मंत्र दिया और आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगले दो वर्षों में यह तीसरे स्थान पर होगा। सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कार्रवाई हुई दुनिया के सामने भारत का नया गौरवशाली चेहरा उभरेगा। योगी ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश देश की सातवीं अर्थव्यवस्था था। आज यूपी दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह तब हुआ जब सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कारर्वाई हुई, दंगाइयों के खिलाफ कठोर कदम उठे और निवेशकों में विश्वास पैदा हुआ। पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई उन्होंने कहा कि यूपी अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुका है, जिनमें से 15 लाख करोड़ जमीनी धरातल पर उतारे गए हैं। इससे अब तक 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई है, जिसमें एटा के भी युवा शामिल हैं। नौकरी बिना भेदभाव, बिना चेहरा देखे, सिफर् योग्यता के आधार पर दी जा रही है। साथ ही मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 70,000 युवाओं को ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण तथा मार्जिन मनी दी गई है ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर सकें।   

नई बस सेवा: यूपी से बिहार के लिए अब रोजाना सीधी यात्रा, जानें ठहराव वाले शहर

लखनऊ आलमबाग बस टर्मिनल से मुजफ्फरपुर की बस सेवा शुरू होने के बाद अब वाराणसी से गया के लिए विशेष बस सेवा का संचालन होगा। सरकार ने पितृपक्ष के दौरान पिंडदान व तर्पण के लिए गया बिहार जाने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बस शुरू कर रही है। बस सप्ताह में सातों दिन चलेगी। इनमें यात्रियों की सुरक्षा व सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा गया है। परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया, बस सेवा से पितृपक्ष में लोग गया आसानी से पहुंच सकेंगे। वाराणसी (कैंट) से संचालित बस चंदौली-सासाराम-औरंगाबाद-शेरघाटी-गया (बिहार) तक के लिए चलेगी। रूट के अन्य यात्रियों को भी लाभ मिलेगा। वाराणसी स्टेशन से रात्रि आठ बजे चलकर बस गया, बिहार सुबह चार बजे पहुंचेगी। वाराणसी से बिहार तक का 465 रुपये निर्धारित किया गया है। परिवहन मंत्री ने बताया, इस बस के संचालन से निजी वाहनों पर श्रद्धालुओं की निर्भरता कम होगी, जो कि उनके खर्च और समय को भी बचाएगी। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पितृपक्ष में गया जाते हैं। उनकी सुविधा को देखते हुए परिवहन निगम ने मंथन किया। यदि सब कुछ ठीक रहा तो इस बस संचालन को नियमित करने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने व श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा देने का प्रयास कर रही है। हरियाणा के लिए भी अंतरराज्यीय बस सेवा अंतरराज्यीय बस संचालन के तहत सारनाथ वाराणसी से बोधगया बिहार के लिए भी बस सेवा संचालित होगी। लखनऊ से मुजफ्फरपुर के लिए व मेरठ से सोनीपत (हरियाणा) के लिए भी बसों का संचालन शुरू किया गया है। लखनऊ (आलमबाग बस टर्मिनल) से मुजफ्फरपुर का किराया 862 रुपये निर्धारित किया गया है। बस सेवा लखनऊ से रात्रि दो बजे चलकर बाराबंकी, अयोध्या, गोरखपुर, तुमकुही, गोपालगंज होते हुए अगले दिन सुबह चार बजे मुजफ्फरपुर पहुंचती है। मेरठ से सोनीपत के लिए चलने वाली बसें दिन में तीन फेरे लगाएंगी। यह बस बड़ौत डिपो से सुबह 06ः30 बजे, 10ः50 बजे व 15ः50 बजें चलकर सोनीपत जाएगी। यात्रियों को आवागमन में आ रही परेशानियों को देखते हुए परिवहन निगम ने सोनीपत (हरियाणा) के लिए बस संचालन शुरू करने का निर्णय लिया है।

एक दर्जन से अधिक गरीबों के आशियाने ध्वस्त, लोगों ने महिला बीजेपी नेता को जिम्मेदार ठहराया

झांसी यूपी के झांसी में गरीबों के घरों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर कर दिया गया है। नगर निगम की अतिक्रमण टीम ने उनके घरों पर बुलडोजर चला दिया और करीब एक दर्जन से अधिक घरों और झोपड़ियों को तोड़ दिया गया। जो लोग अपने घरों से बेघर हुए है, उनका कहना है कि उनके पास राशन कार्ड, वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी है। लेकिन, फिर भी निगर ने बुलडोजर कार्रवाई करते हुए उनके घरों को गिरा दिया।  जानिए पूरा मामला  ये पूरा मामला झांसी में सीपरी बाजार थाना क्षेत्र का है। यहां पर खालसा स्कूल के पास स्थित इन्द्रा नगर में करीब 20 सालों से गरीब परिवार अपनी झोपडी और घर बनाकर रह रहे थे। बुधवार को झांसी नगर निगम की अतिक्रमण टीम बुलडोजर लेकर यहां पहुंच गई। टीम ने इन गरीबों के घरों पर बुलडोजर चला दिया और करीब 12 घरों और झोपड़ियों को तोड़ दिया और उन्हें घरों से बेघर कर दिया।  'सरकारी जमीन को कराया मुक्त…' नगर निगम की टीम का कहना था कि ये सरकारी जमीन है, जिस पर कब्जा कर लिया गया था। जिस पर बुलडोजर चलाकर मुक्त कराया गया है।  महिला भाजपा नेता पर आरोप अपने घरों से बेघर हुए लोगों का कहना था कि ये कार्रवाई एक महिला भाजपा नेता के कहने पर की गई है। उनका कहना था कि वो जमीन बेचने का काम कर रहीं थी। इस लिए हमारे घरों पर कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि हमारे पास राशन कार्ड, वोटर कार्ड और आधार कार्ड भी है, फिर भी बुलडोजर चला दिया गया। 

एटा में सीमेंट प्लांट का उद्घाटन, CM योगी बोले- नीति स्पष्ट होने पर मिलते हैं विकास के नतीजे

एटा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटा में सीमेंट प्लांट का सीएम योगी ने उद्घाटन किया। सीएम ने कहा कि आज एटा की पहचान न सिर्फ सीमेंट और पावर प्लांट से है, बल्कि अपने परंपरागत उद्यम जलेसर के घंटा और घुंघरू से भी है। देवस्थान की पूजा और संगीत की महफिल, दोनों जलेसर के बिना अधूरी हैं। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में यूपी को भी विकसित करना होगा। विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई विधानसभा और विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई, सेक्टर और थीम तय किए गए। अब विशेषज्ञ हर जिले में जाकर युवाओं को तैयार करेंगे और जनता के सुझावों से रोडमैप बनेगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री सीमेंट सिर्फ उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय उत्तरदायित्व भी निभा रहा है। अकेले एटा यूनिट ने अब तक 183 शहीद परिवारों को मुफ्त सीमेंट उपलब्ध कराया है। जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे किए  सीएम योगी ने कहा कि जब भारतीय जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए, तो यह तभी संभव हुआ जब पूरा देश एकजुट खड़ा रहा। श्री सीमेंट का योगदान इसी राष्ट्रीय भावना को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर और एटा के बाद, चित्रकूट में श्री सीमेंट ने 40 मेगावाट का ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाया है। सरकार ने उन्हें ओपन एक्सेस की सुविधा दी है ताकि वहां बनी बिजली का उपयोग यहीं हो सके। औद्योगिक नीति के तहत किए गए सभी वायदे समय पर पूरे कर रही सरकार  सीएम ने श्री सीमेंट को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार अपनी औद्योगिक नीति के तहत किए गए सभी वायदे समय पर पूरे करेगी। एटा आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, चार-लेन कनेक्टिविटी और लोक कल्याणकारी योजनाओं के साथ विकास की नई बुलंदियों पर पहुंचेगा।  इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, पूर्व मंत्री विधानपरिषद के सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक सत्यपाल सिंह राठौर, संजीव कुमार दिवाकर, वीरेंद्र सिंह लोधी, विपिन कुमार डेविड, आशीष यादव, श्री सीमेंट के चेयरमैन हरि मोहन बांगड़ और मैनेजिंग डायरेक्टर नीरज अखौरी उपस्थित रहे। सीएम योगी ने प्लांट परिसर में पौधारोपण किया योगी आदित्यनाथ ने एटा में श्री सीमेंट के प्लांट के उद्घाटन से पूर्व पूरे प्लांट की विजिट की। इस दौरान उन्होंने प्लांट में मशीनरी और इसकी कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी ली। उन्हें साइट मैप के माध्यम से भी पूरे प्लांट के विषय में जानकारी दी गई। इस दौरान सीएम योगी ने प्लांट परिसर में पौधारोपण भी किया।   

बिना सूचना लगातार गायब सात डॉक्टर सेवा से होंगे बर्खास्त

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने दिए निर्देश, कहा- कार्यों के प्रति लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई  लखनऊ बिना किसी सूचना के लगातार गायब डॉक्टरों पर गाज गिरेगी। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लगातार गैरहाजिर सात डॉक्टरों को बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। झांसी जिला चिकित्सालय में तैनात हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. मुकुल मिश्र, अमेठी के बाजार शुक्ल न्यू सीएचसी के डॉ. विकास कुमार मिश्र, अमेठी के जगदीशपुर न्यू सीएचसी के डॉक्टर विकलेश कुमार शर्मा, बरेली सीएमओ के अधीन डॉ. दीपेश गुप्ता, सीतापुर मिश्रिख सीएचसी में गायनी की डॉ. श्वेता सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विक्रांत आनंद और हाथरस जिला चिकित्सालय के पैथोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद राफे लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे थे। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने संपर्क किया लेकिन जवाब नहीं आया। डिप्टी सीएम ने मामले को गंभीरता से लिया। गैरहाजिर डॉक्टरों को सेवा से बर्खास्त करने के निर्देश दिए हैं। गैरहाजिर शिक्षक को आरोप पत्र बदायूं राजकीय मेडिकल कॉलेज में ईएनटी विभाग के सहायक आचार्य डॉ. अभिषेक कुमार शाह वर्ष 2023 से लगातार अनुपस्थित चल रहे हैं। उन्हें आरोप पत्र देकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। समुचित इलाज न मिलने की शिकायत पर होगी कार्यवाही  पीलीभीत जिला महिला चिकित्सालय में मरीज को समुचित इलाज न मिलने की शिकायत को डिप्टी सीएम ने गंभीरता से लिया है। शिकायत के प्रथम दृष्टया मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश कुमार को आरोप पत्र देकर उनके खिलाफ विभागीय कार्यवाही की जाएगी। निविदा शर्तों में नियमों की अनदेखी पड़ी भारी निविदा प्रक्रिया के नियम और शर्तों की अनदेखी करना हमीरपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी को महंगा पड़ा। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने हमीरपुर के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. गीतम सिंह के खिलाफ आरोप पत्र देकर विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

अखिलेश यादव भड़के, कहा—स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार खतरनाक

अयोध्या राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में भर्ती न मिलने के कारण 12 वर्षीय बच्चे मोहम्मद आरिफ की मौत हो गई। इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर योगी सरकार पर हमला बोला है। यादव ने एक्स पर लिखा इस दुखद घटना के लिए बस इतना ही कहना है कि बदइंतजामी और भ्रष्टाचार में लिप्तता इतनी भी न हो कि किसी की जान चली जाए।  स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में ये बात अगर आए तो पीड़ित परिवार को उनका बेटा तो वापस नहीं करवा सकते लेकिन मुआवजा देकर कुछ तो पश्चाताप कर सकते हैं। और कुछ नहीं कहना है। दशरथ मेडिकल कॉलेज से बच्चे को रेफर करने का अरोप  आप को बता दें कि आरोप है कि राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज अयोध्या में एक बच्चे को बेड और ऑक्सीजन न होने का हवाला देकर प्राइवेट अस्पताल ले जाने की बात कह कर रेफर कर दिया गया। मजबूर पिता मौके पर बेटे को कंधे पर लेकर पिता दूसरे अस्पताल की तरफ बढ़ा कि उसकी रास्ते में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने बेड और ऑक्सीजन की कमी बताकर बच्चे को भर्ती करने से इनकार कर दिया। बेटे को कंधे पर लेकर दौड़े पिता, रास्ते में हुई मौत हैरिंग्टनगंज निवासी मोहम्मद मुनीर का बेटा मोहम्मद आरिफ दो दिन से तेज बुखार से जूझ रहा था। पहले उसे स्थानीय डॉक्टर और फिर सीएचसी ले जाया गया, जहां से मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। लेकिन इमरजेंसी वार्ड में मौजूद डॉक्टरों ने बेड और ऑक्सीजन की कमी का हवाला देकर इलाज से मना कर दिया। निराश पिता बेटे को कंधे पर उठाकर निजी अस्पताल की ओर ले जा रहे थे, तभी रास्ते में ही बच्चे ने दम तोड़ दिया। परिजनों का आक्रोश मृतक के रिश्तेदार मेराज ने कहा “बच्चे की हालत बेहद गंभीर थी, उसे तुरंत इलाज चाहिए था। लेकिन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मदद करने की बजाय मना कर दिया। मजबूर होकर हमें निजी अस्पताल जाना पड़ा, पर वहां तक पहुंचने से पहले ही सब खत्म हो गया।” तीन डॉक्टर निलंबित, जांच समिति गठित घटना के बाद मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. सत्यजीत वर्मा ने लापरवाही मानते हुए तीन डॉक्टरों को निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए। उन्होंने कहा “यह अक्षम्य लापरवाही है। इमरजेंसी वार्ड में अतिरिक्त डॉक्टर तैनात हैं, फिर भी मरीज को मना करना अस्वीकार्य है। मामले की जांच के लिए समिति बनाई गई है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।”

देश की प्रगति पर रोक, शिवपाल यादव ने भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया

इटावा समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा है कि केन्द्र की मौजूदा भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार देश का न सिर्फ बंटाधार करने में लगी है, बल्कि देश को विकास के मामले में काफी पीछे धकेल दिया गया है। शिवपाल ने कहा कि प्रजातंत्र का गला घोटने वाले बिलों का सपा हर हाल में विरोध करेगी, ऐसे बिल लाने वालों का विरोध ही किया जायेगा।  'शिक्षा स्वास्थ्य सिंचाई का बहुत बुरा हाल है' शिवपाल यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है जो वादे सरकार ने किए थे वह आज तक पूरे नहीं हुए हैं। शिक्षा स्वास्थ्य सिंचाई का बहुत बुरा हाल है। महंगाई चरम पर पहुंच गई है। रिश्वत वसूली और भ्रष्टाचार इन दिनों चरम पर है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सरकार में रिश्वत महंगाई और भ्रष्टाचार बहुत बढा है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं। इन्होंने किसानों की आज दोगुनी करने का वादा किया था और एमएसपी भी लेकर आए थे। बेरोजगारों को दो करोड़ नौकरी देने के लिए कहा था वह भी नहीं दे पाये। इस देश को इन लोगों ने बहुत पीछे कर दिया है और इस देश को केवल दो गुजराती व दो पैसे वाले लोग चला रहे हैं।        'गोला बारूद रखना और फेंकने का काम सपा का नहीं' शिवपाल यादव ने कहा कि वर्तमान सरकार में केवल पूंजीपतियों के काम हो रहे हैं। गरीब, छात्र, बेरोजगार नौजवान इन लोगों के काम नहीं हो रहे है। ओमप्रकाश राजभर द्वारा सपा पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि सपा के लोग गोरा बारूद रखने व सिखाने का काम करती है , इस पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि क्या कभी समाजवादी पार्टी के नेताओं के पास गोला बारूद पकड़ा गया या कभी किसी ने फेंकते हुए देखा है। गोला बारूद रखना और फेंकने का काम समाजवादी पार्टी नहीं करती।