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उर्स मेले में भीड़ नियंत्रण के लिए काम आया अंशिका वर्मा का डिजिटल इनोवेशन

बरेली बरेली में तीन दिवसीय आला हजरत उर्स में पुलिस ने इस बार भीड़ प्रबंधन के लिए मोबाइल एप व एआई तकनीक का इस्तेमाल किया। एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा का बनाया डीडीएमएस एप पुलिसिंग का नया हथियार बना। इससे हर पुलिसकर्मी व भीड़ की लाइव लोकेशन अफसरों के मोबाइल कंट्रोल रूम में स्क्रीन पर दिख रही थी। अंशिका वर्मा ने पूर्व तैनाती के दौरान आईपीएस सोनम कुमार के साथ मिलकर डायनेमिक ड्यूटी मैनेजमेंट सिस्टम (डीडीएमएस) एप बनाया था। इसका एसएसपी अनुराग आर्य ने इस बार उर्स में इस्तेमाल किया। जिले में तैनात सभी पुलिसकर्मियों के साथ ही दूसरे जिले से बुलाकर ड्यूटी पर लगाए गए स्टाफ का ब्योरा इसमें दर्ज किया गया। इससे उनके ड्यूटी स्थल को खोजने की समस्या खत्म हुई तो अधिकारियों ने भी उनकी लोकेशन की मॉनीटरिंग कर ली। कंट्रोल रूम से अफसरों ने की निगरानी एसएसपी अनुराग आर्य ने कुल के दौरान अधूरे स्काई वॉक पर चढ़ी भीड़ को हटाया, वरना ओवरलोडिंग से हादसा हो सकता था। कमिश्नर व एडीजी समेत कई अधिकारी नगर निगम के कंट्रोल रूम में बैठे रहे। इससे शहर में भीड़ व जाम की स्थिति का जायजा लेकर संबंधित स्थान पर पुलिस टीम भेजी गई। एसएसपी ने बताया कि डीडीएमएस एप का भविष्य में होने वाले अन्य आयोजनों में इस्तेमाल किया जाएगा। अफसरों का जताया आभार बरेली में उर्स-ए-रजवी आयोजन के बाद सर्व सेवा समिति, सिविल डिफेंस वॉर्डन जहीर अहमद, सेवानिवृत्त एडीएम केएल सहगल, अश्वनी ओबेरॉय, मनोज अरोड़ा व सुरेन्द्र त्यागी ने जिला प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने एडीजी जोन रमित शर्मा, कमिश्नर सौम्या अग्रवाल, डीएम अविनाश सिंह, एसएसपी अनुराग आर्य की बेहतर प्रबंधन के लिए सराहना की है।  

टोलकर्मी पिटाई कांड: गिरफ्त में आया आरोपी रवि, कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द

मेरठ मेरठ-करनाल हाईवे के भूनी टोल प्लाजा पर जवान कपिल के साथ बर्बर मारपीट का मामला तूल पकड़ रहा है। मुख्य आरोपी रवि को पुलिस ने दबोच लिया, अब तक आठ गिरफ्तारी हो चुकी हैं। NHAI ने ठेका रद्द कर टोल प्लाजा को फ्री कर दिया, कंपनी पर 20 लाख जुर्माना भी लगाया गया है। वहीं परिवार अब भी चिंतित है। मेरठ-करनाल हाईवे पर भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान कपिल से मारपीट का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद से ही पुलिस और प्रशासन पर सख्ती की मांग हो रही थी। अब मुख्य आरोपी रवि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। अब तक कुल आठ गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं, एनएचएआई ने ठेका कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर टोल वसूली बंद कर दी है। आगे विस्तार से पढ़ें अब तक इस मामले में क्या कार्रवाई हुई है। मुख्य आरोपी रवि गिरफ्तार सरूरपुर पुलिस ने बुधवार को करनावल निवासी रवि को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वायरल वीडियो में वही पीली कमीज में जवान कपिल पर डंडा बरसाते नजर आया था। पुलिस अब तक आठ आरोपियों को पकड़ चुकी है। टोल कंपनी का ठेका निरस्त एनएचएआई ने टोल वसूली करने वाली कंपनी मैसर्स धर्म सिंह का ठेका रद्द कर दिया है। कंपनी को ब्लैकलिस्ट कर 20 लाख का जुर्माना भी लगाया गया। फिलहाल टोल प्लाजा नया ठेका मिलने तक फ्री कर दिया गया है। पोल से बांधकर की थी पिटाई जवान कपिल ने रविवार शाम टोलकर्मियों से पहचान पत्र दिखाकर जल्दी निकलने का आग्रह किया था। इसी बात पर टोलकर्मी भड़क गए और उसे पोल से बांधकर बेरहमी से पीटा। लाठी-डंडों और ईंटों से हमला किया गया। वीडियो वायरल, धरना-प्रदर्शन सोशल मीडिया पर मारपीट की वीडियो क्लिप वायरल होने के बाद गांववालों और विधायक संगीत सोम ने प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने टोलकर्मियों की गिरफ्तारी और टोल बंद करने की मांग की। कपिल का उपचार जारी जवान कपिल का इलाज मेरठ कैंट स्थित मिलिट्री अस्पताल में चल रहा है। पिता कृष्णपाल और मां सुनीता ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। भूनी टोल प्लाजा की स्थिति 7 नवंबर 2023 से शुरू हुए भूनी टोल से पहले रोजाना करीब 20,000 वाहन गुजरते थे। अब संख्या घटकर लगभग 12,000 रह गई है। टोल फ्री होने से यात्रियों को राहत मिली है।   प्रदर्शन और मांगें जारी किसानों ने भूनी टोल को बपारसी गांव शिफ्ट करने की मांग की। मवाना में पूर्व सैनिक संगठन ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर टोलकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की गुहार लगाई।

जनता दरबार में ड्रामा: पूर्व फौजी ने जहर खाकर लगाया बीजेपी विधायक पर गंभीर आरोप

लखनऊ राजधानी लखनऊ में गुरुवार को एक रिटायर्ड फौजी जहरीला पदार्थ खाकर सीएम योगी के जनता दरबार में पहुंच गया। उसने वहां पर तैनात सिक्योरिटी स्टॉफ को यह बात बताई। इसके बाद उसे तत्काल सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। फौजी का आरोप है कि उसने गाजियाबाद से भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के उत्पीड़न से तंग आकर यह कदम उठाया है। बताया गया कि गाजियाबाद के लोनी थाना क्षेत्र के सिरौली निवासी रिटायर्ड फौजी सतबीर गुर्जर सीएम जनता दरबार में पहुंचे थे। यहां सुरक्षा में तैनात स्टाफ को उन्होंने बताया कि वह जहरीला पदार्थ खाकर आए हैं। इससे मौके पर अफरातफरी मच गई। इस दौरान सतबीर ने भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर पर कई गंभीर आरोप लगाए। रिटायर्ड फौजी के पास से एक शिकायती पत्र मिला। इसमें उन्होंने लिखा था कि विधायक ने बीते अप्रैल महीने में कलश यात्रा निकाली थी। उनका उद्देश्य सरकार गिराना था। इसकी जानकारी होने पर रिटायर्ड फौजी ने साजिश को पहचानकर सोशल मीडिया पर खुलासा कर दिया था। इसके बाद से विधायक उन पर अत्याचार कर रहे हैं। इंस्पेक्टर गौतम पल्ली रत्नेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल सतबीर की हालत ठीक है। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

एटा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किया करारा वार

पहले मुगलों ने लूटा, अंग्रेजों ने तबाह किया, फिर कांग्रेस-सपा ने पहचान मिटाई : सीएम योगी एटा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किया करारा वार  सीएम बोले- कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का कियाः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने कहा- डबल इंजन सरकार ने माफिया के अड्डे को बनाया निवेश का हब डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाः सीएम   मुख्यमंत्री ने एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित श्री सीमेंट प्लांट का किया उद्घाटन एटा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर करारा वार करते हुए कहा कि पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। सीएम योगी ये यह बातें जनपद एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित श्री सीमेंट प्लांट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं।  कांग्रेस-सपा पर सीधा हमला सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। माफिया का गढ़ अब बना निवेश का केंद्र सीएम योगी ने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी? यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में श्री सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। रोजगार और व्यापार के नए अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिर्फ सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला। सीएम योगी ने कांग्रेस काल को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब सीमेंट कंट्रोल से मिलता था। अगर पहुंच है तो एक बोरा मिल जाएगा, वरना चोरी-छिपे खरीदना पड़ता था। घर बनाना मुश्किल था। यही कांग्रेस की नीयत और नीति थी। विकास कैसे होता?  भारत की अर्थव्यवस्था की कहानी सीएम योगी ने कहा कि भारत 17वीं–18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था। 1947 से 1960 तक छठे स्थान पर रहा, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीतियों ने इसे 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास” का मंत्र दिया और आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगले दो वर्षों में यह तीसरे स्थान पर होगा। दुनिया के सामने भारत का नया गौरवशाली चेहरा उभरेगा। योगी ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश देश की सातवीं अर्थव्यवस्था था। आज यूपी दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह तब हुआ जब सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कार्रवाई हुई, दंगाइयों के खिलाफ कठोर कदम उठे और निवेशकों में विश्वास पैदा हुआ। 45 लाख करोड़ का निवेश, 60 लाख युवाओं को रोजगार सीएम ने कहा कि यूपी अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुका है, जिनमें से 15 लाख करोड़ जमीनी धरातल पर उतारे गए हैं। इससे अब तक 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई है, जिसमें एटा के भी युवा शामिल हैं। नौकरी बिना भेदभाव, बिना चेहरा देखे, सिर्फ योग्यता के आधार पर दी जा रही है।  साथ ही मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 70,000 युवाओं को ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण तथा मार्जिन मनी दी गई है ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर सकें। ओडीओपी से एटा की परंपरागत पहचान सीएम ने कहा कि आज एटा की पहचान न सिर्फ सीमेंट और पावर प्लांट से है, बल्कि अपने परंपरागत उद्यम जलेसर के घंटा और घुंघरू से भी है। देवस्थान की पूजा और संगीत की महफिल, दोनों जलेसर के बिना अधूरी हैं। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में यूपी को भी विकसित करना होगा। विधानसभा और विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई, सेक्टर और थीम तय किए गए। अब विशेषज्ञ हर जिले में जाकर युवाओं को तैयार करेंगे और जनता के सुझावों से रोडमैप बनेगा। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र सीएम ने कहा कि श्री सीमेंट सिर्फ उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय उत्तरदायित्व भी निभा रहा है। अकेले एटा यूनिट ने अब तक 183 शहीद परिवारों को मुफ्त सीमेंट उपलब्ध कराया है। सीएम योगी ने कहा कि जब भारतीय जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए, तो यह तभी संभव हुआ जब पूरा देश एकजुट खड़ा रहा। श्री सीमेंट का योगदान इसी राष्ट्रीय भावना को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर और एटा के बाद, चित्रकूट में श्री सीमेंट ने 40 मेगावाट का ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाया है। सरकार ने उन्हें ओपन एक्सेस की सुविधा दी है ताकि वहां बनी बिजली का उपयोग यहीं हो सके। सीएम ने श्री सीमेंट को … Read more

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के 27 जिलों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम

योगी सरकार रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा से फालेरिया काे दे रही मात   सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के 27 जिलों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम सीएम की अपील, अभियान से जुड़े प्रदेश का हर नागरिक, खुद खाएं दवा और दूसरों को भी करें प्रेरित  प्रधान लगा रहे रात्रि चौपाल तो बच्चे नुक्कड़ नाटक से फैला हरे जागरूकता, अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता  लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी के तहत योगी सरकार के निर्देश पर  फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान के तहत 27 जिलों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में यह अभियान जनमानस को फाइलेरिया से बचाव के उपायों और दवा सेवन के महत्व के प्रति जागरूक कर रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासी शत-प्रतिशत दवा का सेवन करें। इसके लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग और जनहित के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं की मदद से भी ग्रामीण क्षेत्रों में फाइलेरिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। बता दें कि फाइलेरिया उन्मूलन योगी सरकार की  प्राथमिकता में शामिल है। यही वजह है कि प्रदेश में लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी भी बढ़ाई जा रही है। योगी सरकार ने इस अभियान के जरिए राज्य के हर कोने में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया है। रात्रि चौपाल लगा फाइलेरिया के बारे में कर रहे जागरुक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप कानपुर, रायबरेली समेत कई जिलों में प्रधान रात्रि चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को फाइलेरिया के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें यह समझा रहे हैं कि फाइलेरिया के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को दवाओं के सेवन से रोका जा सकता है। कानपुर के बिधनु ब्लॉक के मटियारा गांव में पीएसपी सदस्य प्रधान राहुल चौबे और फाइलेरिया रोगी राकेश ने कई दिनों से रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को वीडियो के माध्यम से फाइलेरिया के बारे में बताया और दवाइयों के सेवन का महत्व बताया। इसी तरह सरसौल ब्लॉक के तिलशहरी बुजुर्ग गांव में सीएचओ आशीष ने लोगों की भ्रांतियां दूर करते हुए उन्हें दवा लेने के फायदे समझाए। घाटमपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भी पीएसपी सदस्य प्रधान जयनारायण सिंह और पंचायत सहायक ने लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित किया। नुक्कड़ नाटक से बच्च्चे बता रहे दवा के फायदे फाइलेरिया के प्रति नवयुवकों को जागरूक करने के लिए रायबरेली के राजदुलारी तालुकेदारी इंटर कॉलेज के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। कक्षा 12 की छह छात्राओं ने शिक्षकों और पीएसपी सदस्यों के सहयोग से प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक में एक फाइलेरिया रोगी की यात्रा और उस व्यक्ति के परिवार द्वारा सामना किए गए संघर्षों को दर्शाया गया। नाटक में यह संदेश दिया गया कि साधारण दवाइयां वर्षों की पीड़ा से लोगों की जान बचा सकती हैं और इससे फाइलेरिया से बचाव संभव है। अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए एमडीए यात्रा भी निकाली गई। इस यात्रा के जरिए पीएसपी सदस्यों ने जनमानस को फाइलेरिया के बारे में जागरूक किया। यात्रा का पहला चरण उन्नाव से रायबरेली तक रहा, जहां पीएसपी सदस्यों ने स्थानीय लोगों से गहन चर्चा की और फाइलेरिया के प्रति जागरूक किया। इस यात्रा के दौरान ग्राम प्रधान, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, संगिनी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से शामिल हुए। एमडीए यात्रा का दूसरा चरण बाराबंकी से सीतापुर के लिए रवाना हुआ। अभियान से ग्रामीण इलाकों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इसके लिए योगी सरकार द्वारा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की सफलता के लिए जनसहयोग को आवश्यक बताया है और प्रदेश के हर नागरिक से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में अपनी भूमिका निभाएं और दवाइयां जरूर खाएं। राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि अभियान के तहत अब तक काफी सफलता प्राप्त हुई है, और उम्मीद जताई है कि इस बार एमडीए अभियान में हम शत-प्रतिशत लोगों को दवा खाने में सफल होंगे। अभियान से न केवल फाइलेरिया की समस्या को समाप्त करने की दिशा में काम हो रहा है, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ रही है। इस प्रयास को हर नागरिक का समर्थन मिल रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे फाइलेरिया जैसी गंभीर समस्या का समाधान किया जा सकेगा।    

यूपी के सभी जिलों में विशेष अभियान की शुरुआत, सीएम योगी ने दिए सख्त निर्देश

लखनऊ  योगी सरकार किसानों के हित में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रदेश में फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान 16 सितम्बर, 2025 से शुरू होगा. इस अभियान का उद्देश्य किसानों के भूमि अभिलेखों को आधार से जोड़ना और किसानों को योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराना है. सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिलाधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी और उन्हें रोजाना अभियान की प्रगति पर रिपोर्ट देनी होगी. हर जिले में प्रगति की समीक्षा प्रतिदिन की जाएगी ताकि कहीं भी ढिलाई न बरती जाए. फार्मर रजिस्ट्री क्यों है जरूरी राज्य सरकार का मानना है कि किसान को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ तभी मिलेगा, जब उसकी जमीन का रिकॉर्ड पूरी तरह सही और अपडेटेड होगा. कई बार जमीन के कागजों में मालिकों के नाम अधूरे या गलत पाए जाते हैं. इसी वजह से किसानों को योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत आती है. यही कारण है कि मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग को निर्देश दिया है कि सभी किसानों के अधिकार अभिलेख में नामों का आधार से मिलान कर सही-सही दर्ज किया जाए. इसके लिए राजस्व अधिकारियों को एक मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि हर जिले में एक जैसी प्रक्रिया अपनाकर रजिस्ट्री पूरी की जा सके. आधे से ज्यादा किसान जुड़े न्यूज एजेंसी की खबर के मुताबिक प्रदेश में कुल 2.88 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री का लक्ष्य रखा गया है. इनमें से अब तक 1.45 करोड़ किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, यानी 50 प्रतिशत से अधिक कार्य हो चुका है. यह सरकार के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है, लेकिन शेष किसानों को जोड़ना भी कम चुनौती नहीं है. बिजनौर सबसे आगे अब तक की प्रगति में बिजनौर जिला सबसे आगे है. यहां 58% से अधिक किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है. इसके बाद हरदोई (57.84%), श्रावस्ती (57.47%), पीलीभीत (56.89%) और रामपुर (56.72%) टॉप-5 जिलों में शामिल हैं. इन जिलों के अधिकारियों को सीएम योगी ने सराहा है और अन्य जिलों को भी इसी तरह तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं. पिछड़ रहे जिलों पर खास नजर हालांकि कई जिलों ने सराहनीय काम किया है, लेकिन कुछ जिले अभी पीछे चल रहे हैं. सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि ऐसे जिलों पर विशेष नजर रखी जाएगी. जो जिले लक्ष्य से काफी दूर हैं, वहां अतिरिक्त टीमें लगाई जाएंगी और अधिकारियों को व्यक्तिगत स्तर पर जवाबदेह बनाया जाएगा. यही नहीं, जिन जिलों में किसानों का 100% डाटा वेरिफिकेशन पूरा हो चुका है, उनमें अमरोहा, आजमगढ़, बलरामपुर, एटा और जौनपुर शामिल हैं. यह एक अहम उपलब्धि मानी जा रही है क्योंकि बिना वेरिफिकेशन के रजिस्ट्री अधूरी है. पीएम किसान योजना से जोड़ने की तैयारी सीएम योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों का पंजीकरण हर हाल में 100% होना चाहिए. सरकार चाहती है कि अगली किस्त जारी होने से पहले कोई भी पात्र किसान वंचित न रह जाए. इसके लिए जिलाधिकारियों को दोहरी जिम्मेदारी दी गई है पहली, फार्मर रजिस्ट्री को समय पर पूरा करना और दूसरी, पीएम किसान योजना में 100% पंजीकरण सुनिश्चित करना. अभियान के दौरान आईईसी गतिविधियां सरकार का जोर केवल डेटा एंट्री पर नहीं बल्कि जागरूकता पर भी है. सभी जिलों में आईईसी (सूचना, शिक्षा और संचार) गतिविधियां चलाई जाएंगी. पोस्टर, पंपलेट, स्थानीय मीडिया और गांव-गांव जाकर किसानों को समझाया जाएगा कि रजिस्ट्री उनके लिए क्यों जरूरी है और कैसे इससे उन्हें योजनाओं का लाभ जल्दी और आसानी से मिल पाएगा. सीएम योगी का कड़ा संदेश मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह अभियान प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर है. जो भी जिले पिछड़ेंगे, वहां सीधे डीएम जिम्मेदार होंगे. उन्होंने अफसरों से कहा है कि किसानों से जुड़ा यह कार्य किसी भी कीमत पर टलना नहीं चाहिए. अधिकारियों का कहना है कि योगी सरकार लगातार किसानों को योजनाओं का लाभ देने के लिए डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली पर जोर देती रही है. पहले फसल बीमा योजना हो या फिर खाद्यान्न वितरण, सरकार ने रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज करने पर फोकस किया. अब फार्मर रजिस्ट्री उसी दिशा में एक और बड़ा कदम है. किसानों की प्रतिक्रिया कई किसानों का मानना है कि यह प्रक्रिया थोड़ी समय लेने वाली जरूर है, लेकिन लंबे समय में इससे बहुत फायदा होगा. अभी तक जिन किसानों को कागजों की गड़बड़ी की वजह से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में मुश्किल होती थी, उन्हें अब राहत मिलेगी. बिजनौर के एक किसान ने कहा, पहले हमारी जमीन के रिकॉर्ड में नाम अधूरा दर्ज था. सुधार कराने में महीनों लग जाते थे. अब सीधा आधार से मिलान हो रहा है तो उम्मीद है कि जल्दी सब ठीक हो जाएगा.

राज्य ग्राम्य विकास संस्थान में विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी

लखनऊ उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन में दीन दयाल उपाध्याय ग्राम्य विकास संस्थान बख्शी का तालाब, लखनऊ में विभिन्न सरकारी, अर्धसरकारी  विभाग /संस्थाओ के अधिकारियों व कर्मचारियों व  रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को प्रशिक्षण देकर उन्हें और अधिक दक्ष व सक्षम बनाने का कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, बख्शी का तालाब, लखनऊ द्वारा महानिदेशक संस्थान  श्री एल० वेंकटेश्वर लू के संरक्षण व  प्र0अपर निदेशक सुबोध दीक्षित के मार्ग निर्देशन में संस्थान प्रांगण में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18- 22 अगस्त, तक   भारत सरकार के लगभग 18 मंत्रालयों के 77 सहायक अनुभाग अधिकारियों हेतु, " विलेज अटैचमेंट कार्यक्रम " विषयक पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम,  18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, ग्रामीण आजीविका मिशन कार्यक्रम के अन्तर्गत, सम्बन्धित प्रतिभागियों हेतु, " लोक- ओ एस पर आन लाइन ट्रांजैक्शन विषयक " प्रशिक्षण कार्यक्रम, दिनांक 18-20 अगस्त, 2025 तक , क्षेत्रीय/जिला प्रशिक्षण केन्द्रों के अधिकारियों/ कर्मचारियों हेतु, " राज्य स्तरीय ई-आफिस ट्रेनिंग मैनेजमेंट, मानव सम्पदा एवं जेम पोर्टल विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम " दिनांक 18-20 अगस्त,2025 की अवधि में, विभिन्न विभागों के सम्बन्धित अधिकारियों हेतु, " ग्राम पंचायत विकास योजनाओं में आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं जलवायु परिवर्तन – जलवायु जनित आपदाओं के अनुकूलन का समावेशीकरण " विषयक राज्य स्तरीय तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा दिनांक 20-22 अगस्त 2025 की अवधि में, आई सी डी एस, स्वास्थ्य, ग्राम्य विकास तथा पंचायतीराज विभाग के क्षेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत स्तरीय कर्मचारियों हेतु, " पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता आधारित सहभागी कार्यक्रम" विषयक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।        महानिदेशक संस्थान एल० वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में आज उपर्युक्त पांच प्रशिक्षण कार्यक्रमों में से तीन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का समापन समारोह, राज्य स्तरीय प्रबुद्ध अतिथि वार्ताकारों यथा – डा० किशन वीर सिंह शाक्य, प्रख्यात शिक्षाविद् एवं पूर्व वरिष्ठ सदस्य लोक सेवा आयोग उ०प्र० तथा संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन की गरिमामई उपस्थिति में आयोजित किया गया।         डा० किशन वीर सिंह शाक्य द्वारा जातक कथाओं व पंचतंत्र की कथाओं के माध्यम से प्रासंगिक उदाहरणों को उद्धृत करते हुए प्रतिभागी अधिकारियों/कर्मचारियों को अभिप्रेरित किया। सूचना प्रौद्योगिकी के विषय में मुख्य रूप से अर्जुन देव भारती , संयुक्त सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग उ०प्र० शासन द्वारा साइबर सिक्योरिटी प्लान के विषय में विस्तार से बताया गया।        अध्यक्षीय उद्बोधन के अन्तर्गत महानिदेशक संस्थान श्री एल० वेंकटेश्वर लू द्वारा प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि हम लोग जहां पर भी हैं और चाहे जिस पद पर कार्यरत हैं, तो अपनी सीमाओं और दायित्वों का ज्ञान होना आवश्यक है। हम सम्पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी के साथ तभी कार्य कर सकते हैं, जब हम मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ होंगे। इसलिए आवश्यक यह है कि शारीरिक प्रबंधन हमारा प्राकृतिक रूप से अनुकूल हो , तभी मानसिक प्रबंधन अत्यधिक सक्षम होगा। ऋषि मुनियों की परम्पराओं का भी उल्लेख किया। कहा कि विकसित राष्ट्र बनाने के उद्देश्य से हम सभी को आदर्श कर्मयोगी बनने की आवश्यकता है।        कार्यक्रम का संचालन डा० नवीन कुमार सिन्हा द्वारा किया गया तथा संस्थान के उप निदेशक डा० बी एल मौर्य द्वारा सभी को  धन्यवाद ज्ञापित किया गया।   आयोजन एवं प्रबंधन के दृष्टिगत संस्थान की उप निदेशक सरिता गुप्ता, सहायक निदेशक डॉ राजकिशोर यादव, डा० सीमा राठौर, डा० सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, डा० विनीता रावत, डा० शिवबचन सिंह यादव, डा० अल्का शर्मा, सहायक निदेशक संजय कुमार, सहायक निदेशक डा० वरूण चतुर्वेदी, आपदा प्रबंधन सलाहकार कुमार दीपक, उपेन्द्र कुमार दूबे , मो० शाहरूख तथा मोहम्मद शहंशाह का उल्लेखनीय योगदान रहा है।

स्वयं सहायता समूहो ने हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए दो करोड़ झण्डे तैयार करने मे किया योगदान

स्वयं सहायता समूहो ने हर घर तिरंगा अभियान को  सफल बनाने के लिए दो करोड़ झण्डे तैयार करने मे किया योगदान लखनऊ उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व व निर्देशन मे हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने व  स्वयं  सहायता समूहो  की दीदियो की आमदनी बढ़ाने के लिए समूहो की दीदियो को झण्डा तैयार करने की बड़ी जिम्मेदारी दी गयी थी, जिसका बखूबी निर्वहन किया गया। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस अभियान के अंतर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को कुल 2 करोड़ झण्डो को तैयार कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके अंतर्गत 75 जनपदों में 2 करोड़ तिरंगों का निर्माण सफलतापूर्वक किया गया है, इसके लिए कुल 40 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों में वितरित की जानी है, जिसमें से महिला समूहों को लगभग 10 करोड़ रुपये की आय प्राप्त होगी। यह न केवल उनके लिए आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनेगा, बल्कि उन्हें दीर्घकालिक रूप से आजीविका अर्जित करने में भी सहायता करेगा। यह पहल न केवल राष्ट्रीय गौरव को प्रबल करने वाली सिद्ध हुई, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम रही। SHG की सामूहिक भागीदारी ने हर घर तिरंगा अभियान को जनपद स्तर पर सफलतापूर्वक क्रियान्वित करने में अहम भूमिका निभाई। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन निदेशक श्रीमती दीपा रंजन ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत विभिन्न जनपदों की महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को सक्रिय रूप से जोड़ा गया। जिलास्तर पर SHG की महिलाओं द्वारा तिरंगा सिलाई का कार्य किया गया, जिससे उन्हें आजीविका के अवसर प्राप्त हुए और समुदाय की सहभागिता सुनिश्चित हुई।

यात्रियों पर नई पाबंदी: अब रेलवे स्टेशन पर भी लागू होंगे एयरपोर्ट रूल्स, भारी सामान ले जाना पड़ेगा महंगा

 लखनऊ क्या आपने कभी सोचा था कि रेलवे स्टेशन पर भी एयरपोर्ट जैसी सख्ती देखने को मिलेगी? अब यह हकीकत बनने जा रही है. भारतीय रेलवे यात्रियों के लगेज को लेकर नए नियम लागू करने की तैयारी में है. पहले भी वजन और साइज को लेकर नियम मौजूद थे, लेकिन उन्हें उतनी सख्ती से लागू नहीं किया जाता था. अब हालात बदलने वाले हैं. स्टेशन पर प्रवेश से पहले यात्रियों को अपने बैग का वजन इलेक्ट्रॉनिक मशीन पर कराना होगा. अगर बैग तय सीमा से ज्यादा भारी निकला या साइज बहुत बड़ा हुआ—तो सीधा अतिरिक्त चार्ज या जुर्माना देना पड़ेगा. किन स्टेशनों से होगी शुरुआत? रेलवे ने पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उत्तर रेलवे और उत्तर मध्य रेलवे के कुछ बड़े स्टेशनों को चुना है.     लखनऊ चारबाग     प्रयागराज जंक्शन     बनारस     कानपुर सेंट्रल     अलीगढ़     मिर्जापुर     गोविंदपुरी     इटावा इन जगहों पर इलेक्ट्रॉनिक लगेज मशीनें लगाई जा रही हैं. नियम साफ है- प्लेटफॉर्म पर वही यात्री जाएंगे जिनके बैग सीमा के अंदर होंगे. चलिए नियमों को आसान भाषा में समझते हैं: बेसिक नियम: हर बैग पर यात्री का नाम और पता साफ लिखा होना चाहिए. बैग मजबूती से पैक होना चाहिए, वरना रेलवे जिम्मेदारी से बच सकता है. अगर चाहते हैं कि लगेज उसी ट्रेन से जाए, तो डिपार्चर से कम से कम 30 मिनट पहले बुकिंग ऑफिस में जमा करना होगा. मुफ्त अलाउंस: हर क्लास के हिसाब से सामान की मुफ्त सीमा तय है. 5–12 साल के बच्चों को आधा अलाउंस मिलता है. ज्यादा वजन पर सामान्य रेट से 1.5 गुना चार्ज लगेगा. अगर बैग बिना बुकिंग पकड़ा गया, तो 6 गुना जुर्माना देना पड़ेगा (न्यूनतम ₹50). भारी या बड़े सामान: 100 किलो से ज्यादा या तय साइज़ से बड़ा सामान “बल्की” कहलाएगा. ऐसे सामान पर डबल रेट का सरचार्ज लगेगा. इसे सिर्फ ब्रेक वैन में भेजा जा सकता है. मना किए गए सामान: विस्फोटक, ज्वलनशील पदार्थ, गैस सिलेंडर, बदबूदार या खतरनाक चीजें बिल्कुल मना हैं. पर्सनल लगेज: ट्रंक या सूटकेस का माप 100x60x25 सेमी से ज्यादा नहीं होना चाहिए. AC 3-टियर और चेयर कार में यह सीमा और भी कम है. बिजनेस का सामान “पर्सनल लगेज” के नाम पर नहीं ले जा सकते. ऑक्सीजन सिलेंडर: मरीज मेडिकल सर्टिफिकेट के साथ ऑक्सीजन सिलेंडर मुफ्त ले जा सकते हैं. चोरी या नुकसान: चोरी होने पर FIR फॉर्म भरकर तुरंत शिकायत की जा सकती है. अगर सामान पहले से डिक्लेयर नहीं किया गया, तो रेलवे की जिम्मेदारी सिर्फ ₹100/किलो तक होगी. पालतू जानवर: कुत्तों को ब्रेक वैन या तय नियमों के हिसाब से ले जाया जा सकता है. AC फर्स्ट क्लास में तभी ले जाएंगे, जब बाकी यात्री राजी हों. गलत पाए जाने पर 6 गुना पेनल्टी. अतिरिक्त वजन: सीमा से ज्यादा लेकिन बुकिंग के साथ 1.5 गुना रेट. बिना बुकिंग पकड़े जाने पर 6 गुना रेट. साइकिल और स्कूटर: इन पर फ्री अलाउंस नहीं है. इन्हें अलग से बुक कर चार्ज देना होगा. भारतीय रेलवे अब सफर को और अनुशासित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. यानी अगर आप ट्रेन पकड़ने जा रहे हैं, तो सिर्फ टिकट ही नहीं, बैग का वजन और साइज भी आपके पासपोर्ट की तरह चेक होगा.

टाइम-लैप्स और पांच साल की मेहनत: राम मंदिर निर्माण पर बनेगी विशेष डॉक्यूमेंट्री

अयोध्या  उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बन रहा भव्य राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुसार, मंदिर निर्माण का अधिकांश कार्य अक्टूबर तक पूरा कर लिया जाएगा. दिसंबर तक शेष काम भी समाप्त कर दिया जाएगा. इसके साथ ही जनवरी में होने वाले भव्य उद्घाटन के लिए तैयारियां तेजी से चल रही हैं. राम मंदिर निर्माण की यह ऐतिहासिक यात्रा करीब पांच साल की रही है. खास बात यह है कि इस पूरे निर्माण कार्य को पांच टाइम-लैप्स कैमरों के माध्यम से लगातार रिकॉर्ड किया जा रहा है. खुदाई से लेकर सॉइल टेस्टिंग और चरणबद्ध निर्माण की यह पूरी कहानी भविष्य में डॉक्यूमेंट्री के रूप में दुनिया के सामने लाई जाएगी. ट्रस्ट ने इस रिकॉर्डिंग को बौद्धिक संपदा घोषित किया है और इसे कुछ शर्तों के साथ सीबीआरआई (रुड़की) को सौंपा जाएगा. डॉक्यूमेंट्री का उद्देश्य आगे की पीढ़ियों को यह दिखाना है कि कैसे तकनीकी विशेषज्ञता, वास्तुशिल्पी विशेषताएं और श्रमिकों का समर्पण मिलकर इस भव्य धरोहर को साकार कर पाया. मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप को बनाए रखना ट्रस्ट की प्राथमिकता है. इसी को ध्यान में रखते हुए सजावट और अन्य तकनीकी काम किए जा रहे हैं. मंदिर परिसर में फसाड लाइटिंग पर विशेष जोर दिया जा रहा है. अनुमानित 8 से 10 करोड़ रुपये की लागत से इस लाइटिंग का काम होगा. तीन प्रमुख कंपनियों ने प्रजेंटेशन दी है और चयन प्रक्रिया अंतिम दौर में है. रात के समय इन लाइट्स से मंदिर की अद्भुत नक्काशी और वास्तुकला और भी भव्य दिखाई देगी. इसके साथ ही मंदिर की कलात्मकता को और विशेष बनाने के लिए थ्री-डी म्यूरल्स लगाए जा रहे हैं. कुल 90 म्यूरल्स में से 85 अयोध्या पहुंच चुके हैं. इनमें से 70 से अधिक को मंदिर की दीवारों पर स्थापित कर दिया गया है. शेष म्यूरल्स लगाने का काम 15 सितंबर तक पूरा कर लिया जाएगा. राम मंदिर न सिर्फ आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह भारतीय शिल्प, संस्कृति और इंजीनियरिंग का भी उदाहरण बनेगा. नृपेंद्र ने बताया कि सुबह 9:30 बजे तीन कंपनियों की ओर से फसाड लाइटिंग का प्रजेंटेशन किया गया। इसमें हाइब्रिड मॉडल, प्रोजेक्टर और लीनियर लाइटिंग जैसे विकल्प प्रस्तुत किए गए। अंतिम चयन के बाद इस पूरी व्यवस्था पर लगभग आठ से 10 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है। इस लाइटिंग से रात में भी मंदिर की अद्भुत नक्काशी झलकेगी। थ्री डी म्यूरल के निर्माण में एक माह की हुई देरी उन्होंने बताया कि राम मंदिर के लोअर प्लिंथ में लगने वाले 90 म्यूरल्स में से 85 तैयार होकर अयोध्या पहुंच चुके हैं। इनमें से 70 से अधिक लगाए भी जा चुके हैं। थ्री डी मूर्तियों के निर्माण में तकरीबन 15 से 30 दिन की देरी दर्ज की गई है। यह काम अब 15 सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है।  दिसंबर तक सभी काम पूरा कर लेने का लक्ष्य निर्माण समिति के अध्यक्ष ने बताया कि समीक्षा के दौरान अस्थायी मंदिर और शहीदों की स्मृति में लगाए गए ग्रेनाइट पिलर के स्वरूप पर भी विस्तार से विचार किया गया। ट्रस्ट का स्पष्ट मत है कि मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप पर किसी भी प्रकार का प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए अनुमान है कि अक्तूबर के अंत तक अधिकांश काम पूरे हो जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि दिसंबर तक शेष काम भी लक्ष्य के अनुसार पूरा कर लिया जाएगा। अयोध्या राम मंदिर; शेषावतार और परकोटा के 6 मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे श्रद्धालु, 15 अक्टूबर से व्यवस्था लागू   राम मंदिर परिसर में सभी 6 मंदिरों के साथ सप्त मंडप, कुबेर टीला और शेषावतार मंदिर के दर्शन की व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू हो जाएगी. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक 9 सितंबर को आयोजित होगी, जिसमें एक नए ट्रस्टी के नाम को भी शामिल करने पर मुहर लग सकती है. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर निर्माण समिति की भी बैठक 7, 8 और 9 सितंबर को होगी. मंदिर निर्माण समिति की बैठक में इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. पूरी उम्मीद है कि मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्य इस वर्ष पूरे कर लिए जाएंगे. मंदिर निर्माण समिति की तीन दिवसीय बैठक के दूसरे दिन आगामी तैयारियों को देखते हुए निर्माण कार्य को पूरा करने और दर्शन व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर मंथन किया गया. लगभग 6 घंटे तक लगातार चल इस बैठक के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र टेस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह तय कर लिया गया है कि परकोटा के 6 मंदिर और शेषावतार मंदिर में दर्शन की व्यवस्था अक्टूबर माह से प्रारम्भ हो जाएगी. लेकिन सप्त मंडपम में दर्शन की व्यवस्था शुरू किए जाने पर विचार किया जा रहा है. राम मंदिर परिसर में निर्माण. हालांकि, इसके पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के लिए श्रद्धालुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने की व्यवस्था में सुरक्षा बड़ी चुनौती बन सकती है. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र टेस्ट की मानें तो दर्शन व्यवस्था प्रारंभ होने के बाद प्रतिदिन सुरक्षा के जवानों को परिसर में हर कोने की तलाशी न करनी पड़े, इसके लिए ट्रस्ट सुरक्षा एजेंसी के साथ अध्ययन कर रहा है. वृद्ध श्रद्धालुओं के लिए लगेंगी तीन लिफ्ट: राम मंदिर में आने वाले अतिरिक्त श्रद्धालुओं के लिए लिफ्ट की व्यवस्था भी सितंबर तक पूरा कर की ली जाएगी. ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि मंदिर में तीन लिफ्ट लगाई जानी हैं. इसमें उत्तर दिशा में दो और एक पश्चिम दिशा में होगी. अक्टूबर में इसे प्रारंभ कर दिया जाएगा. एक दिन में एक लाख श्रद्धालु करेंगे शू सेंटर का उपयोग: राम मंदिर में दर्शन करने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को गर्मी में तेज धूप का जलना पैरों में बर्दाश्त नहीं हो पता इसके चलते अब आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के पास परकोटा के बाहर शू सेंटर का निर्माण कराया गया. चंपत राय ने बताया कि इसमें एक साथ लगभग 12000 से अधिक लोग एक साथ इसके अंदर अपने जूता और चप्पल को रख सकेंगे. एक दिन लगभग एक लाख श्रद्धालु इस सुविधा … Read more